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- - महाराष्ट्र मंडल में भानूराव (नाना) गोरे की जन्म शताब्दी पर डाक विभाग ने जारी किया विशेष आवरण- बैस के साथ महापौर मीनल चौबे, डाक विभाग के हरीश महावर ने नाना गोरे स्मरण पत्रिका का भी किया विमोचनरायपुर। नाना गोरे का व्यक्तित्व हमें बताता है कि जहां भी जाओ, वहीं के होकर रह जाओ। यही ब्रह्म वाक्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक सरसंघचालक केशव बलीराम हेडगेवार ने भी महाराष्ट्र मंडल के पांचवें स्थापना दिवस पर कहे थे। मुख्य अतिथि की आसंदी से इस आशय के विचार पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने कहे। अवसर था महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में भानूराव (नाना साहब) गोरे के जन्म शताब्दी समारोह का। इस अवसर पर नाना साहब के जन्म शताब्दी वर्ष पर भारतीय डाक विभाग छत्तीसगढ़ परिमंडल की ओर से नाना साहब पर विशेष आवरण का लोकार्पण और स्मरण पत्रिका का विमोचन रमेश बैस, विशेष अतिथि महापौर मीनल चौबे, डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी हरीश महावर ने किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रमेश बैस ने कहा कि नाना साहब गोरे और उनका परिवार रायपुर में अपने सेवाभावी कार्यों के साथ ऐसा रच बस गया कि आज भी उनके कार्यों को याद किया जाता है। पेशे से सेल्समैन नाना साहब जिससे भी मिलते, उसी के होकर रह जाते और उन्हें कभी नहीं भूलते थे। आरएसएस, बाल समाज, वनवासी कल्याण आश्रम से लेकर महाराष्ट्र मंडल तक उनके किये कार्यों को आज भी याद किया जाता है।बैस ने पुरानी याद का स्मरण करते हुए बताया कि सन् 1964 में आरएसएस का एक वर्ग रायपुर में लगा था। जिसमें शामिल होने वाले स्वयंसेवकों को लड्डू परोसने की योजना बनीं। तय हुआ कि रायपुर के स्वयंसेवक अपने घरों से लड्डू बनाकर वर्ग स्थल पर लाएंगे। नाना गोरे ने इस विचार का यह कहकर विरोध किया कि वर्ग में शामिल किसी स्वयंसेवक को मोतीचूर का लड्डू मिलेगा तो किसी को बेसन और सूजी का। इसमें समानता नहीं रहेगी। अच्छा होगा कि वर्ग स्थल पर आकर ही श्रमदान कर एक ही तरह का लड्डू बनाकर परोसा जाए। कहने सुनने को यह विचार छोटा लगे, लेकिन इसमें समानता का विचार बहुत बड़ा है।महापौर मीनल चौबे ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि पुराने महान व्यक्तियों को लेकर इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए। इनसे न केवल हम प्रेरित हो, बल्कि अपनी नई पीढ़ी को भी जोड़े। गोरे परिवार के निकटस्थ चंद्रकांत शितूत ने अपने संक्षिप्त संबोधन में बताया कि सिर्फ एक बार उन्होंने नाना गोरे से कहा था कि उन्हें डाक टिकट संग्रहण का शौक है। उसके बाद से नाना साहब जहां भी जाते, उनके लिए देश-विदेश से ढेरों डाक टिकट लाकर घर पहुंचाकर देते थे।महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि नाना साहब गोरे 1973-74 में महाराष्ट्र मंडल के कार्यकारिणी के प्रभावी सदस्य हुआ करते थे। जबकि 1974 से 80 तक महाराष्ट्र मंडल के ट्रस्टी के रूप में चौबे कालोनी स्थित मंडल भवन के निर्माण में सुप्रसिद्ध आर्किटेक्ट टीएम घाटे के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।25 से 40 की उम्र अतिरिक्त योग्यता बढ़ाने कीनाना गोरे के सुपुत्र आशीष गोरे ने अपने संबोधन में कहा कि उनके पिता कहा करते थे कि इंसान की 15 से 24 वर्ष की आयु स्वयं के स्कील डेवलपमेंट की होती है, जबकि 25 से 40 वर्ष की आयु में उसे अपने स्कील को बहुआयामी बनाने यानी अतिरिक्त योग्यता हासिल करने की होती है। पिता की इस सीख के आधार पर ही उन्होंने छह साल चीन में और चार-चार साल जापान और सिंगापुर में नौकरी की और अपनी स्कील को बहुआयामी बनाया। आशीष ने बताया कि जब वे आठवीं कक्षा में थे और उनके घर पर जनसंघ के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी ठहरे हुए थे। उन्होंने अपने आटोग्राफ संकलन की डायरी उनकी ओर बढ़ाई। अटल बिहारी वाजपेयी का हिंदी में आटोग्राफ देखकर वे आश्चर्यचकित हुए और पूछा हिंदी में हस्ताक्षर क्यों? वाजपेयी ने कहा कि यह हमारी भाषा है। तब से लेकर आज तक आशीष गोरे विभिन्न कार्पोरेट सेक्टर में क्लास वन अफसर के पदों पर कार्य करते हुए हिंदी में ही अपने हस्ताक्षर करते हैं। कार्यक्रम का संचालन पल्लवी गोरे और आभार प्रदर्शन नाना गोरे की पुत्री शुभांगी आप्टे ने किया।
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-पुरैना तालाब के पास सड़क पर फैली भवन निर्माण सामग्री जप्त कर 11 हजार रूपये जुर्माना किया
रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 10 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग और नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता की टीम द्वारा सम्बंधित अभियंताओं और कर्मचारियों की उपस्थिति में नगर निगम जोन 10 के रविंन्द्रनाथ टैगोर वार्ड नम्बर 55 के क्षेत्र के तहत राधाविहार शिव मन्दिर के समीप शासकीय भूमि पर किये गए अवैध कब्जे को हटाने की कार्यवाही की गयी. वहीं बिना अनुमति किये जा रहे अवैध निर्माण को हटाने की कार्यवाही की गयी. वार्ड क्रमांक 52 के क्षेत्र अमलीडीह सड़क मार्ग में 6 ठेलों को हटाकर सड़क मार्ग को अतिक्रमण से मुक्त करवाया गया.वहीं वार्ड क्रमांक 50 के क्षेत्र में पुरैना तालाब के समीप सड़क पर फैलाकर रखी गयी भवन निर्माण सामग्रियों को जप्त कर सम्बंधित भवन निर्माणकर्त्ताओं से 11 हजार रूपये जुर्माना वसूला गया.
- -सामग्रियों की गुणवत्ता जांच करने एकत्र किए सैंपल-जिला कोर्ट बिल्डिंग में लेबर कैंप अन्यत्र स्थापित करने के निर्देश-निर्माण स्थल पर जाकर करें ऑटो क्लब ईंट की जांच-निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं : श्री पुरामबिलासपुर /मुख्य तकनीकी परीक्षक आर पुराम के नेतृत्व में टीम बिलासपुर सहित मुंगेली और जीपीएम जिले में विभिन्न विभागों द्वारा कराई जा रहे दर्जन भर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया ।उन्होंने सबसे पहले डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बिल्डिंग का मुआयना किया ।भवन में प्रयुक्त किये जा रहे सामग्रियों के परीक्षण हेतु नमूने एकत्र किया ,जिसे रायपुर के प्रयोगशाला में जांच कर संबंधित विभाग को रिपोर्ट प्रेषित किया जाएगा ।नमूने के रूप में मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जा रहे ईंट , छड़ और स्टील के नमूने लिए गए। भवन में कालम तथा कंक्रीट की गुणवत्ता की जांच एनडीटी उपकरणों के द्वारा किया गया । प्रत्येक तल में बीम और कालमका परीक्षण किया गया, जिसका रिपोर्ट मानक स्तर पर पाया गया। स्थल पर स्थापित लैब का भी निरीक्षण सतर्कता परीक्षा द्वारा किया गया। सुरक्षा उपकरण सूची ठेकेदार से ली गई। कब-कब कैलिब्रेशन किया गया, इसकी जानकारी भी ली गई । ठेकेदारों द्वारा नियुक्त तकनीकी अमलों की सूची भी ली गई। स्थल पर सुरक्षा के लिए प्रयुक्त सामग्रियों की सूची मांगी गई । भवन में उपयोग हो रहे ऑटो क्लव्ड ईंट और कंक्रीट ब्लॉक के संबंध में जानकारी ली गई। इस ब्लॉक का टेस्ट जो निर्माण कर रहा है, उसके रिपोर्ट को रख रखे जाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि तिल्दा स्थित इस कंपनी के कारखाने में जाकर ब्लॉकों का परीक्षण करें। निर्माण अधीन कार्यों में सुरक्षा का उपाय सही तरीके से नहीं होना पाया गया जिससे दुर्घटना की संभावना व्यक्त की गई। अधिकारियों को सुरक्षा का पालन करने अन्यथा ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिला बिल्डिंग में लेबर कैंप को हटाकर सुरक्षित जगह पर करने के निर्देश दिए ।श्री पुराण ने इसके बाद बहतराई स्थित हॉकी स्टेडियम निर्माण कार्य का निरीक्षण किया । गैलरी में बैठने के लिए जो बीम डाला जा रहा है, वह स्वीकृत ड्राइंग के अनुरूप नहीं है। उन्होंने डिजाइनर की सलाह लेकर इसे सुधारने के निर्देश दिए। ईंट और रॉड का सैंपल भी लिया गया। कंक्रीट की जांच उपकरणों से की गई। प्रयोगशाला अलग से स्थापित करने के निर्देश दिए गए।मुख्य सतर्कता आयुक्त ने इसके बाद मुंगेली से पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य का निरीक्षण किया ।चल रहे डामरीकरण कार्य को चेक किया। डामर के सैंपल लिए । रोड में डामर का तापमान भी नापा गया । रोड में एक स्थान परमाइनर ब्रिज का निर्माण हो रहा है, इसके अबेटमेंट में उखड़ा हुआ डामर वेस्ट को डाला जा रहा था , इसके बदले सिलेक्टेड सॉइल डालने के निर्देश दिए गए।मुख्य सतर्कता आयुक्त की टीम ने पेंड्रा रोड में जल संसाधन विभाग के निर्माण अधीन मुख्य नहर का भी जांच किया। नहर में मिट्टी के कंप्रेशन ठीक से करने के निर्देश दिए । कंक्रीट की गुणवत्ता सुधारने कहा गया। इसी तरह खग़ड़ी जलाशय नहर लाइनिंग का काम भी देखा। कोटा सबडिवीजन में गोसारी एनीकट व खारंग डिवीजन में चिल्हाटी स्टाप डैम का निरीक्षण किया गया । समय अवधि में गुणवत्ता पूर्वक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए । जल जीवन मिशन के अंतर्गत मुंगेली के मटकू समूह जल प्रदाय योजना का निरीक्षण भी किया ।कंक्रीट गुणवत्ता की जांच की गई ।स्रोत की उपलब्धता के संबंध में कड़े निर्देश दिए गए ।भैंसाझर सामूहिक जलप्रदाय योजना के कार्य में उपयोगी उपयोग किए जाने वाले सामग्रियों की गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिए। श्री पुराम ने कहा कि इन निरीक्षण किए गए कामों का प्रतिवेदन जारी किया जाएगा और 15 दिवस में विभागीयअधिकारियों को उपलब्ध कराकर उसे पर पालन प्रतिवेदन लिया जाएगा।
- -कलेक्टर के निर्देश पर की गई कार्रवाईबिलासपुर / भ्रष्टाचार का आरोप प्रारंभिक जांच में सही पाये जाने पर कोटा बीईओ सहित एक क्लर्क के विरूद्व कठोर कार्रवाई की गई है। बीईओ को जहां पद से हटाकर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, वहीं क्लर्क को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर ने ये कार्रवाई की है। कोटा बीईओ का प्रभार खुरदूर के प्राचार्य नरेन्द्र प्रसाद मिश्रा को सौंपा गया है।दरअसल कोटा विकासखण्ड की शिक्षिका श्रीमती नीलम भारद्वाज ने पखवाड़े भर पहले कलेक्टर द्वारा आयोजित कर्मचारी जनदर्शन में एक शिकायत पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि उनके शिक्षक पति के देहावसान उपरांत उनके स्वत्वों के भुगतान के लिए 1.24 लाख रूपये का रिश्वत मांगा जा रहा है। बीईओ को जानकारी देने के बाद उनके द्वारा भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके शिकायत को टीएल पंजी में दर्ज किया और जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए। जांच में महिला द्वारा लगाया गया आरोप सही पाया गया। बीईओ श्री विजय पाण्डे एवं लिपिक एकादशी पोर्ते ने मिलकर महिला शिक्षिक को परेशान किया। बिना रिश्वत लिए उनके वास्तविक स्वत्वों को भुगतान नहीं किया जा रहा था। जान बूझकर विलंबित एवं परेशान किया जा रहा था। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर बीईओ विजय टाण्डेय को हटा दिया गया है। उनके विरूद्ध विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तब तक के लिए उन्हे खुरदूर कोटा में प्राचार्य पद पर कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया हैं। वहीं सहायक वर्ग 2 श्री एकादशी पोर्ते को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन काल में श्री पोर्ते को रतनपुर हायर सेकेण्डरी स्कूल में मुख्यालय नियत किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दी जायेगी। (प्रतीकात्मक फोटो)
- - नगर निगम के "अरपा उत्थान" अभियान में उमड़ा जन सैलाब,2 हजार से अधिक लोग हुए शामिल- कुलपति,महापौर, कलेक्टर,एसपी सभी ने कहा स्वच्छता को दिनचर्या में शामिल करें,अरपा का जतन हर नागरिक करें-जनप्रतिनिधि,विभिन्न संगठन समेत आमजनों ने किया श्रमदान- अभियान आगे भी जारी रहेगाबिलासपुर, /अरपा के संवर्धन और सफाई के लिए विश्व जल दिवस के अवसर पर नगर निगम द्वारा छेड़े गए अभियान " अरपा उत्थान" में अपनी अरपा को स्वच्छ करने आज पूरा बिलासपुर रामसेतु मार्ग में इकट्ठा हुआ और प्रशासन के साथ मिलकर सभी ने इंदिरा सेतु से रामसेतु तक श्रमदान कर नदी की सफाई की। इंदिरा सेतु से रामसेतु तक लगभग दो हजार से अधिक लोगों की उपस्थिति रही।नगर निगम बिलासपुर द्वारा शनिवार को आयोजित एक दिवसीय "अरपा उत्थान" अभियान में आयोजन स्थल "रामसेतु मार्ग" में सुबह से लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो चुकी थी,सबका मकसद एक था अरपा नदी को स्वच्छ करना और उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए प्रयास की शुरूआत करना । इसके लिए निगम प्रशासन द्वारा तैयारी की गई थी। जन सहयोग के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासन ने लोगों से अपील की थी,जिसके फलस्वरूप बिलासपुरियंस ने आज इंदिरा सेतु से रामसेतु तक अरपा नदी की सफाई की और वहां मौजूद कचरा और गंदगी को निकाला। इस अभियान में विशेष रूप से अटल बिहारी वाजपेयी विवि के कुलपति श्री एडीएन वाजपेयी,महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर श्री अवनीश शरण,एसएसपी श्री रजनेश सिंह, निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार उपस्थित रहें जिन्होंने श्रमदान भी किया। इस अवसर पर कुलपति श्री एडीएन वाजपेयी ने अपने संबोधन में कहा की अरपा के संवर्धन-सरंक्षण और जल को बचाने के लिए शुरू किया गया यह एक पुनीत अभियान है। अरपा बिलासपुर की जीवनदायिनी है और इसे संवारने हम सभी को अपने जीवन में एक सूत्र को अपनाना होगा,वह यह की अरपा नदी में हम वह ना फेंके या प्रवाहित ना करें जिसे हम ना खुद खा सकते है और ना पचा सकते हैं। अरपा नदी के संवर्धन के लिए और बिलासपुर को स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए खुद से जागरूक होना होगा और दूसरों को भी करना होगा। महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा की अरपा हमारी मां है,उसकी सफाई के लिए उमड़ा यह जनसैलाब यह दिखलाता है की सभी शहरवासियों के दिल में अरपा बसी है। महापौर ने कहा की हम सभी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अरपा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए प्रयास करने की जरूरत है,इसके लिए आज हम सब यह प्रण लें की अरपा नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए हम सबका योगदान हो। शहर को भी स्वच्छ रखने में हर नागरिक की सहभागिता हो ताकि हमारा शहर नंबर वन बन सकें।कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने कहा की अरपा नदी बिलासपुर की पहचान है और आज विश्व जल दिवस के अवसर पर इसे संवारने की शुरूआत की गई है,स्वच्छता को जब तक हम अपनी दिनचर्या में शामिल नहीं करेंगे और अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझेंगे तब तक किसी भी नदी को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता,इसलिए जरूरी है की नदी के जतन के लिए सब मिलकर कार्य करें और इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें। 30 मार्च को मान.प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी बिलासपुर पधार रहे हैं,उनके आगमन के पूर्व पूरे जिले में स्वच्छता का अभियान चलाया जा रहा है। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा की अरपा बिलासपुर की जीवनरेखा है,इसके उत्थान के लिए हम सबको अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी,स्वच्छता एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। हमें अपने आस-पास स्वच्छता का वातावरण बनाए रखना होगा। निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया की पीएम श्री मोदी के आगमन को लेकर पखवाड़े भर से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है,अरपा नदी को संवारने अभियान की आज शुरूआत की गई है जो आगे भी जारी रहेगा। कार्य योजना तैयार कर अभियान को गति दी जाएगी। आमजन को इस कार्य में जोड़ने और प्रेरित करने के लिए आज अरपा उत्थान अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान को सफल बनाने में सभी शासकीय विभाग के कर्मचारी,सामाजिक और राजनीतिक संगठन,एसईसीएल,सेंट्रल यूनिवर्सिटी,अटल बिहारी वाजपेयी विवि, समेत विभिन्न संस्था एवं आमजनों की सहभागिता रही। कार्यक्रम में सभी एमआईसी सदस्य और पार्षदों ने भी श्रमदान किया।हाईकोर्ट ने भी दिए है निर्देशअरपा नदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए समय समय पर मान. उच्च न्यायालय द्वारा भी निर्देश दिए गए है,जिसके परिपालन में प्रशासन द्वारा कार्य किया जा रहा है।अरपा को प्रदूषण से बचाने निगम बना रही कार्य योजनाअरपा नदी को दूषित होने से बचाने और उसके संवर्धन के लिए नगर निगम द्वारा विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है जिसमें सबसे पहला नदी में नाला के गंदे पानी को रोकने के लिए चार एसटीपी निर्माणाधीन है जिसका अंतिम चरण चल रहा है। इसके अलावा निगम द्वारा शनिचरी,तिलक नगर और चिंगराजपारा में अलग से तीन नए एसटीपी का प्रस्ताव तैयार किया गया है।बड़ी संख्या में मशीनरी लगी थीसफाई अभियान के दौरान जलकुंभी,कचरा को हटाने के लिए निगम द्वारा 6 जेसीबी,9 ट्रैक्टर 2 कांपेक्टर,1 डोजर, 5 टिपर इंतजाम किया गया था,जिसमें जन सहयोग से कचरा और जलकुंभियों को निकाला गया।जनप्रतिनिधि अधिकारी हुए शामिलजन सहयोग से किए जाने वाले इस कार्यक्रम में शहर के लगभग सभी जनप्रतिनिधी और अधिकारियों ने अरपा नदी में उतर कर सफाई किया। इस अभियान में एयू के कुलपति श्री एडीएन वाजपेयी,महापौर श्रीमती पूजा विधानी,कलेक्टर श्री अवनीश शरण,एसएसपी श्री रजनेश सिंह,निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार एसडीएम श्री मनीष साहू समेत पार्षद उपस्थित रहें।
- -पूरे देश की जेलों के लिए अनुकरणीय उदाहरण बनी रायपुर जेल की संस्कृत पाठशालारायपुर, / साक्षरता से शिक्षा, शिक्षा से ज्ञान उसी से होगा आत्म उत्थान। रायपुर सेंट्रल जेल में शिक्षा सत्र 2024-25 में पहली कक्षा से लेकर स्नात्कोत्तर तक की पढ़ाई करने वाले 291 कैदी है जो नियमित पढ़ाई कर रहे हैं। इन सभी कक्षाओं की परीक्षा के लिए संबंधित शिक्षा संस्थानों बोर्ड/ विश्वविद्यालय ने रायपुर सेंट्रल जेल में परीक्षा केंद्र भी बना लिया है। इस तरह से शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल ने यह उपलब्धि हासिल की है। उम्मीद है कि यहां शिक्षा प्राप्त करने के बाद कैदियों में शायद ही अपराध करने की प्रवृत्ति दोबारा आएगी, जहां सभी नये-पुराने पाठ्यक्रमों में सैकड़ो कैदी पढ़ाई कर रहे हैं।रायपुर सेंट्रल जेल में सैकड़ो बंदियों की जिंदगी को शिक्षा के माध्यम से बदलने का प्रयास किया जा रहा है। यहां भारत साक्षरता मिशन अंतर्गत (उल्लास) 39 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। प्राथमिक व माध्यमिक कक्षा में 72 से ज्यादा कैदी पढ़ाई कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ ओपन हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा में 68 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। बीए और एमए में 100 से ज्यादा कैदी है। समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, हिंदी साहित्य अंग्रेजी साहित्य, लोकप्रशासन सहित अनेक विषयों पर कैदी पीजी कर रहे हैं। 68 कैदी संस्कृत के अनेक विषयों में पढ़ाई कर रहे हैं। इसी तरह इग्नू के अनेक पाठ्यक्रमों में सैकड़ो कैदी अध्ययनरत है। यहां इन कक्षाओं से संबंधित 11663 पुस्तकें भी पुस्तकालय में रखी गई है। जेल शिक्षकों के अलावा विभिन्न महाविद्यालय के प्राध्यापकों के द्वारा तथा समय-समय पर विषय विशेषज्ञ के द्वारा पाठ्यक्रम अनुसार कैदियों को मार्गदर्शन दिया जाता है। साथ ही प्रत्येक बैरक में कैदियों को शिक्षा देने के लिए दो-दो कैदियों को सांकेतिक साक्षरता सेना (देखरेख) के रूप में नियुक्त किया गया है।जेल अधीक्षक श्री अमित शांडिल्य ने बताया कि जेल में कैदियों को शिक्षित करने के लिए अनेक पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल सतत् काम कर रही है। शिक्षा सुविधा के मामले में तिहाड़ के बाद रायपुर सेंट्रल जेल है, जहां सैकड़ों कैदी पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं।इन संस्थाओं से मिली मान्यताजेल में अध्ययनरत कैदियों को परीक्षा देने बाहर नहीं जाना पड़े इसलिए चार शैक्षिक संस्थाओं ने रायपुर सेंट्रल को स्थाई परीक्षा केंद्र बना दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल एन.आई.ओ.एस, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यमंडलम, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता मिली है।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय खेल पदक विजेता खिलाड़ियों को बताया छत्तीसगढ़ का गौरव: खिलाड़ियों को दी ओलंपिक विजेता बनने की शुभकामनाएं- बस्तर में अमन लौटा, और साथ लौटी खेलों की रौनक, जहां कभी डरते थे पांव भी रखने से, आज वहीं खेलते हैं हज़ारों खिलाड़ी: मुख्यमंत्री- 130 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रूपए की सम्मान राशि उनके बैंक खाते में अंतरितरायपुर / आप सभी ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और जुनून से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। ये सिर्फ आपकी नहीं, पूरे प्रदेश की जीत है। आप प्रदेश के खेल जगत के हीरे हैं। सरकार आपको तराशेगी, निखारेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगी। आपके लिए हर संभव संसाधन और समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राष्ट्रीय खेल विजेता सम्मान समारोह में गोवा और उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने समारोह में गोवा में वर्ष 2023 में सम्पन्न 37वें नेशनल गेम में छत्तीसगढ़ के पदक विजेता 72 खिलाड़ियों को और वर्ष 2025 में उतराखंड में सम्पन्न 38 वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ पदक विजेता 58 खिलाड़ियों को सम्मानित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि आप सभी छत्तीसगढ़ के गौरव है। आपने न सिर्फ पदक जीते हैं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। आप सभी ने छत्तीसगढ़ का सर गर्व से ऊंचा किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अब एशियाड, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन करें।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आज गोवा और उत्तराखंड में हुए नेशनल गेम्स विजेता खिलाड़ियों का सम्मान कर हम सब बहुत गौरव का अनुभव कर रहे हैं। आप सभी ने अपने शानदार प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है इसके लिए आप सभी की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम लोगों ने गोवा में पदक जीतने वाले राज्य के 72 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपए की राशि एवं उत्तराखंड में नेशनल गेम्स जीतने वाले 58 खिलाड़ियों को 87 लाख 60 हजार रुपए की राशि प्रदान कर सम्मानित किया है। इस प्रकार समारोह के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 130 राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को कुल 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रुपए की सम्मान राशि हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के खाते में अंतरित की जा रही है।ओलंपिक विजेता खिलाड़ियों के लिए विशेष पुरस्कारों की हमारी सरकार ने की है घोषणामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के जो भी खिलाड़ी ओलंपिक खेलों में पदक लाएंगे, उनके लिए विशेष पुरस्कारों की घोषणा हमारी सरकार ने की है। ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपए देने का निर्णय हमारी सरकार ने किया है।बस्तर क्षेत्र में खेलों की वापसी, नई आशा और विश्वास का प्रतीकमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बरसों तक माओवादी आतंक झेलने के बाद जब बस्तर में अमन लौटा तो खेल भी लौटा, वहां हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन कराया। उन्होंने कहा कि जहां कभी पांव भी रखने से लोग डरते थे, आज वहीं हज़ारों खिलाड़ी खेल रहे हैं। लोगों में जबर्दस्त उत्साह दिखा, पूरे देश में कम ही हुआ होगा कि किसी खेल आयोजन में 1 लाख 65 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और वह भी ऐसा आयोजन जो बस्तर संभाग में हुआ जहां की आबादी शेष जगहों की तुलना में काफी विरल है। इसमें ऐसे लोगों ने भी हिस्सा लिया, जो नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके थे। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी हिस्सा लिया। नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। इस आयोजन से प्रदेश के खेलप्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ी हैं।खिलाड़ियों को बेहतरीन खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने सरकार कर रही प्रयासमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों में काफी दमखम है। हम छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए शानदार अधोसंरचना तैयार कर रहे हैं। खेलो इंडिया के 7 नये सेंटर हमने आरंभ किये हैं। छत्तीसगढ़ में हर तरह की खेल प्रतिभाएं हैं। हमने इसे ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तरह के खेलों के लिए कोचिंग की विशेष व्यवस्था की है। इसी साल हमने तीन नई अकादमी की शुरूआत की है। रायपुर में टेनिस, राजनांदगांव में हाकी और नारायणपुर में मल्लखंभ अकादमी हमने आरंभ की है।परंपरागत खेलों को मिलेगा नया जीवन: 20 करोड़ रूपए की छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजनामुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने परंपरागत खेलों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन खेलों का समुचित विकास होता रहे, इसके लिए हमने 20 करोड़ रुपए का प्रावधान छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के तहत किया है। हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।खेलों में जीत के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही फिटनेस बहुत जरूरीमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुछ दिनों पहले हमने मल्लखंभ के खिलाड़ियों का ढोलकल की पहाड़ियों पर अद्भुत करतब देखा, यह मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य था। मल्लखंभ या किसी भी तरह के खेल के लिए लचीलापन बहुत जरूरी होता है और यह सब फिटनेस से आता है। खेलों में जीतने के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही एक अच्छे लेवल का फिटनेस भी बहुत जरूरी है। मोदी जी ने फिट इंडिया मूवमेंट चलाया है। फिटनेस के माध्यम से खेलों में तो सफलता हासिल की ही जा सकती है। फिट रहने से आप एक हेल्दी लाइफ स्टाईल भी जीते हैं जिससे कोई भी कार्य आप करें, उसमें आपको सफलता मिलती है।इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार खेल प्रतिभा है। जिसे पहचान कर तरासना हमारी प्राथमिकता है।इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया उपस्थित थे।
- रायपुर।/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने हिन्दी साहित्य के मूर्धन्य कवि-कथाकार श्री विनोद कुमार शुक्ल को साहित्य क्षेत्र में ज्ञानपीठ सम्मान से पुरस्कृत किए जाने की घोषणा पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। साथ ही राज्यपाल ने इस क्षण को समस्त छत्तीसगढ़वासियों के लिए अत्यंत गौरवशाली बताया।
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मुख्यमंत्री भिलाई में "बिहार-तिहार स्नेह मिलन" कार्यक्रम में हुए शामिल, सर्व समाज प्रमुखों का किया सम्मान
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराएं, त्योहार और पारिवारिक मूल्य – सबकुछ एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। ये रिश्ता केवल भूगोल का नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कारों का है। वे आज भिलाई में "बिहार-तिहार स्नेह मिलन" कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" अभियान के तहत बिहार स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिहार और छत्तीसगढ़ के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता केवल कहावत नहीं, अब सामाजिक हकीकत बन चुकी है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी माता जी भी अविभाजित बिहार से थीं और उनका झारखंड से पुराना संबंध रहा है। छठ पूजा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब छठ पर्व छत्तीसगढ़ में भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। राज्य भर के तालाबों और नदियों पर सुंदर छठ घाटों का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी जशपुर जिले के कुनकुरी में एक करोड़ की लागत से छठ घाट बनवाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बिहार के गौरवशाली इतिहास को नमन करते हुए कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार से थे। नालंदा विश्वविद्यालय, जिसने भारत को विश्वगुरु बनाया, बिहार की देन है। आर्यभट्ट, जिन्होंने शून्य की खोज की, बिहार की महान विभूति हैं। कर्पूरी ठाकुर जैसे सामाजिक न्याय के पुरोधा यहीं की धरती से निकले।मोदी की गारंटी: वादा नहीं, संकल्प है – मुख्यमंत्री श्री सायमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी पर भरोसा किया और हमें सेवा का अवसर मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार ने बीते सवा साल में जनहित की कई योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख से अधिक विवाहित माताओं-बहनों को हर महीने ₹1000 की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सम्मान में वृद्धि हुई है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कह कि तीर्थ यात्रा योजना को नए वित्तीय वर्ष से पुनः प्रारंभ किया जा रहा है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर फिर से सुलभ हो सके।"एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की संकल्पना को मिल रहा समर्थनमुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से भाषायी, सामाजिक और सांस्कृतिक दूरियाँ कम होती हैं। आज का यह समारोह दो राज्यों के बीच भाईचारे और सांस्कृतिक समझ का सेतु बना है।सर्व समाज प्रमुखों का सम्मान, नई पीढ़ी को प्रेरणामुख्यमंत्री श्री साय ने मंच से सर्व समाज प्रमुखों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि समाजसेवियों का सम्मान हमारी परंपरा है, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा लेती हैं।लिट्टी-चोखा से लेकर तीजा-छठ तक – संस्कृति की साझी विरासतमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिहार की लिट्टी-चोखा हो या छत्तीसगढ़ का चीला-फरा, तीजा हो या छठ – दोनों राज्यों की संस्कृति में गहरा साम्य है। खमरछठ और छठ पूजा, दोनों ही पर्व मातृशक्ति और प्रकृति के प्रति आभार के प्रतीक हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी बिहारी भाइयों और बहनों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि हम सब मिलकर प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ाएँ।यह आयोजन आपसी प्रेम, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की मिसाल है। बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नबीन ने कहा कि बिहार दिवस का उद्देश्य हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में बिहार में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इस अवसर पर विधायक श्री रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, नगर निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार एवं अन्य जनप्रतिनिधि, और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। - रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के निवास पहुंचे और उनके पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय देवेंद्र प्रधान जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय देवेंद्र प्रधान जी एक दूरदृष्टा राजनेता, कुशल संगठनकर्ता और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
- -पुनर्वास केन्द्र बीजापुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों से उप मुख्यमंत्री ने किया संवाद-रायपुर । बीजापुर जिले के सबसे सुदूर क्षेत्र तेलंगाना के सीमा से लगे पामेड़ सहित पालागुड़ा, मारूड़बाका, भैरमगढ़ के 28 आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास के तहत राजमिस्त्री एवं अन्य प्रशिक्षण प्रदाय कराया जा रहा है। विगत तीन माह से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का स्वागत भारत माता की जय घोष करते हुए किया।इस अवसर पर आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उपमुख्यमंत्री से सीधा संवाद करते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जिसमें रामलू भंडारी, अर्जुन मड़काम, सोमारू माड़वी, सुखराम हेमला सहित अन्य साथियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के पुनर्वास नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले के नक्सल संगठन का जीवन एक भटका हुआ और गुमराह से भरा जीवन था। उस खोखली विचारधारा को त्याग कर समाज के मुख्यधारा से जुड़कर बहुत ही बेहतर जीवन मिला लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की जानकारी के अभाव में हम रास्ता भटक गए थे किन्तु शासन के पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर एक बेहतर जीवन जी रहे हैं। आज शासन-प्रशासन द्वारा हमें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिससे हम आत्मनिर्भर बनकर समाज के मुख्यधारा में शामिल हो सके।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने उनके अनुभवों को गंभीरतापूर्वक सुना और आाधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाता सहित सभी प्रकार आवश्यक दस्तावेज पुनर्वास केन्द्र में ही बनवाकर केन्द्र और राज्य शासन के समस्त योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने। वहीं पुनर्वास केन्द्र में उनके दैनिक दिनचर्या से अवगत होकर प्रार्थना, पूजा-अर्चना को शामिल कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने आवश्यक पहल करने, एक्सपोजर विजिट कराकर बाहरी दुनिया का भ्रमण कराने रायपुर, जगदलपुर जैसे शहर ले जाने के निर्देश दिए। ज्यादातर लोग पढ़ाई नहीं किए है उनको साक्षर बनाने के लिए आवश्यक पहल करते हुए दिनचर्या में शामिल कर खेलकूद, मनोरंजन, देशभक्ति फिल्में दिखाने सहित उनको नियमित आमदनी के स्त्रोत हासिल हो सके उस दिशा विशेष प्रयास करने के निर्देश कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत को दिए। राज मिस्त्री के कार्य सीखने पर कुछ लोगों ने उत्साहित होकर कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत सिविल कार्य करेंगे ताकि व्यवसाय एवं आमदनी का स्त्रोत मिल सके।उप मुख्यमंत्री से मिलकर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी पी सुंदरराज, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, डीएफओ श्री रंगानाथा रामाकृष्णा वाय, सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार, उप निदेशक इन्द्रावती टाईगर रिजर्व श्री संदीप बल्गा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -आपकी भुजाओं की ताकत के कारण ही आज मैं सड़क मार्ग से बीजापुर आ पाया-उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-जवानों के साहस को सराहा और उनकी हौसला अफजाईरायपुर / उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज बीजापुर पहुँचकर गंगालूर क्षेत्रान्तर्गत अंडरी के जंगलों में पुलिस और माओवादियों के साथ हुए मुठभेड़ में शामिल सुरक्षा बलों के जांबाज जवानों से बीजापुर जिले के रक्षित केंद्र में मुलाकात की और उनके साहसिक और सफल ऑपरेशन की सराहना कर उनका हौसला बढ़ाया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों की भुजाओं की ताकत के बदौलत आज मैं सड़क मार्ग से बीजपुर आया हु। इसके पूर्व कोई भी गृहमंत्री सड़क मार्ग से बीजापुर नही आये।गौरतलब है कि 20 मार्च को हुए इस मुठभेड़ में 14 महिला माओवादी सहित कुल 26 वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद । शिनाख्त माओवादियों में डिवीसीएम, एसीएम, पीपीसीएम और पीएलजीए सदस्य शामिल थे। इस मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में एके 47, एसएलआर, इंसास रायफल, 303 रायफल, रॉकेट लॉचंर, बीजीएल लांचर हथियार समेत विस्फोटक पदार्थ, दवाईया, माओवादी वर्दी, साहित्य एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुआ। बस्तर रेंज में तैनात डीआरजी, एसटीएफ, बस्तर फाइटर, कोबरा, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी सीएएफ और अन्य समस्त सुरक्षा बल सदस्यों द्वारा मजबूत मनोबल एवं स्पष्ट लक्ष्य के साथ बस्तर क्षेत्र की शांति, सुरक्षा व विकास हेतु समर्पित होकर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2025 में बस्तर संभाग अंतर्गत सुरक्षा बलों द्वारा प्रभावी रूप से प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के विरूद्ध माओवादी विरोधी अभियान संचालित किये जाने के परिणाम स्वरूप विगत 80 दिनों में कुल 97 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किये गये l जिसमें जिला- बीजापुर में विगत 80 दिनों में 82 माओवादियों का शव बरामद हुआ है ।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की ओर सभी जवानों के लिए शुभकामना संदेश लेकर आया हूँ, आपके अदभूत पराक्रम और शौर्य से बस्तर में सुख-शांति फिर से लौटेगी। इस अभियान से आपने देश और दुनिया की सोच बदली है।भीषण मुठभेड़ में हमारे एक जांबाज जवान शहीद हुए उसको मैं श्रद्धांजलि देता हूं। बस्तर शांति का टापू रहा है, परन्तु कुछ दिग्भ्रमित लोगों के कारण यह की शांति भंग हुई है। हमारे सुरक्षा बल और पुलिस के जवान ऐसे लोगों को नेस्तनाबूद करके ही रहेंगे। यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा ऑपरेशन रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम मिले है।इस अवसर पर बस्तर आईजी सुंदरराज पी,डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस बल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- नयी दिल्ली। प्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को वर्ष 2024 के लिए 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। भारतीय ज्ञानपीठ ने एक बयान में यह जानकारी दी।बयान के मुताबिक, शुक्ल को हिंदी साहित्य में उनके अद्वितीय योगदान, सृजनात्मकता और विशिष्ट लेखन शैली के लिए इस सम्मान के वास्ते चुना गया है।वह हिंदी के 12वें साहित्यकार हैं, जिन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। शुक्ल छत्तीसगढ़ राज्य के ऐसे पहले लेखक हैं, जिन्हें इस सम्मान से नवाजा जाएगा।बयान के मुताबिक, प्रसिद्ध कथाकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रतिभा राय की अध्यक्षता में हुई प्रवर परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।बैठक में चयन समिति के अन्य सदस्य के रूप में माधव कौशिक, दामोदर मावजो, प्रभा वर्मा और डॉ. अनामिका, डॉ ए. कृष्णा राव, प्रफुल्ल शिलेदार, जानकी प्रसाद शर्मा और ज्ञानपीठ के निदेशक मधुसूदन आनंद शामिल थे।लेखक, कवि और उपन्यासकार शुक्ल (88 वर्ष) की पहली कविता 1971 में ‘लगभग जयहिंद’ शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। उनके मुख्य उपन्यासों में ‘नौकर की कमीज’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’ शामिल हैं।उनका लेखन सरल भाषा, गहरी संवेदनशीलता और अद्वितीय शैली के लिये जाना जाता है। वह मुख्य रूप से हिंदी साहित्य में अपने प्रयोगधर्मी लेखन के लिये प्रसिद्ध हैं।शुक्ल को साहित्य अकादमी पुरस्कार और अन्य प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।ज्ञानपीठ पुरस्कार देश का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है, जिसे भारतीय भाषाओं में उत्कृष्ट साहित्य रचने वाले रचनाकारों को प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के तहत 11 लाख रुपये की राशि, वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।\
- बिलासपुर। क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति, बिलासपुर की 72वीं बैठक महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर श्री तरूण प्रकाश की अध्यक्षता में आज दिनांक 21 मार्च 2025 को जोनल सभाकक्ष, महाप्रबंधक कार्यालय में संपन्न हुई । बैठक के प्रारंभ में मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य सामग्री प्रबंधक - ।, श्री शिवशंकर लकड़ा ने अध्यक्ष एवं महाप्रबंधक, अपर महाप्रबंधक, सभी विभागाध्यक्षों तथा मंडलों/कारखानों के सभी सदस्यों और पुरस्कार विजेता अधिकारियों/कर्मचारियों का स्वागत किया । इस अवसर पर क्षेत्रीय हिंदी प्रतियोगिता 2024 के पुरस्कार विजेता 18 कर्मचारियों एवं रेलवे बोर्ड व्यक्तिगत नगद पुरस्कार योजना के 04 अधिकारियों/कर्मचारियों को महाप्रबंधक श्री तरूण प्रकाश के करकमलों से पुरस्कृत किया गया । तत्पश्चात क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति, बिलासपुर के उपाध्यक्ष श्री शिवशंकर लकड़ा ने 72वीं बैठक की कार्यसूची की प्रस्तुति दी जिस पर बैठक में उपस्थित सदस्यों ने विस्तारपूर्वक चर्चा की ।अध्यक्ष एवं महाप्रबंधक, श्री तरूण प्रकाश ने सभी पुरस्कार विजेताओं तथा रेल मंत्री राजभाषा रजत पदक से सम्मानित श्री ए.के.सूर्यवंशी, मुख्य परियोजना प्रबंधक, नागपुर मंडल को बधाई दी । उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदी भारत की पहचान है और हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति व संस्कारों की सच्ची संवाहक और परिचायक भी है । हमारा कर्तव्य है कि हम हिंदी भाषा का प्रयोग बढ़ाएं ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके । महाप्रबंधक ने कहा कि राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले दस्तावेजों का हिंदी-अंग्रेजी द्विभाषी रूप में होना अनिवार्य है । अतः फाइलों पर टिप्पणियां मूल रूप से हिंदी में लिखे जाएं और अधिकाधिक पत्राचार हिंदी में ही किया जाए । उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुस्तकालयों में उपलब्ध हिंदी पुस्तकें पढ़ने तथा हिंदी प्रतियोगिताओं में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने के निदेश दिए ताकि राजभाषा हिंदी का प्रयोग-प्रसार बढ़ सके ।इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक श्री विजय कुमार साहू ने कहा कि भाषा किसी भी राष्ट्र की पहचान होती है जिसके अभाव में संपूर्ण राष्ट्र मूक हो जाता है । उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती उपयोगिता पर ज़ोर देते हुए माईक्रोसाफ्ट कोपाईलट एवं ग्रोक जैसे एआई टूल्स की त्वरित और सटीक जानकारी उपलब्ध कराने की क्षमता पर भी चर्चा की । उन्होंने इस बात पर सभी का ध्यान आकर्षित किया कि राजभाषा के बेहतर प्रचार-प्रसार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस प्रकार मददगार हो सकता है ।इस अवसर पर श्री शिवशंकर लकड़ा, मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य सामग्री प्रबंधक - । ने कहा कि राजभाषा अधिनियम एवं नियमों में दिए गए निदेशों का समुचित अनुपालन करना हमारा संवैधानिक दायित्व है । हमारे रेलवे में हिंदी के प्रयोग-प्रसार हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं । इस दिशा में प्रत्येक तिमाही में अधिकारियों/कर्मचारियों को राजभाषा में अधिकाधिक कार्य करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि हिंदी के कामकाज में वृद्धि हो सके । उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि राजभाषा हिंदी के प्रयोग-प्रसार के लिए सभी स्तरों पर सार्थक पहल की जाए ।क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति, बिलासपुर की 72 वीं बैठक का संचालन श्री शिवशंकर लकड़ा, मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य सामग्री प्रबंधक -। ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन समिति के सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी श्री राजेश कुमार तिवारी ने किया ।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित साहित्यकार, उपन्यासकार एवं कवि श्री विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार सम्मान की घोषणा पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव का क्षण बताया और कहा कि शुक्ल जी ने छत्तीसगढ़ को भारत के साहित्यिक मानचित्र पर गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल का साहित्य विचारों और संवेदनाओं का अद्वितीय संगम है, जो जनमानस को छूता है। उनकी रचनाओं में गहराई, मौलिकता और मानवीय सरोकारों की झलक मिलती है। उनका रचना संसार छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू को भारत के कोने-कोने में पहुँचाता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ज्ञानपीठ जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित होना न केवल उनके सृजन की पहचान है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक वैभव की भी मान्यता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है।
- -बैठकों में राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारीरायपुर / देश भर में 4,123 ईआरओ अपने-अपने विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों (एसी) में मतदान केंद्र स्तर पर लंबित किसी भी मुद्दे का समाधान करने के लिए सर्वदलीय बैठकें कर रहे हैं। इसी तरह, सभी 28 राज्यों और 8 संघ राज्य-क्षेत्रों के सभी 788 जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और 36 सीईओ को जिला और राज्य/संघ राज्य-क्षेत्र स्तर पर ऐसी बैठकों का आयोजन करने तथा लंबित मुद्दों का समाधान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960, निर्वाचनों का संचालन नियम 1961 में निर्धारित कानूनी ढांचे और आयोग द्वारा समय-समय पर जारी मैनुअल, दिशा-निर्देशों और अनुदेशों के भीतर करने का निर्देश दिया गया है। राष्ट्रीय/राज्यीय राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी के साथ ये बैठकें पहले ही शुरू हो चुकी हैं। ऐसी सभी बैठकें पूरे देश में प्रत्येक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, जिले और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में 31 मार्च, 2025 तक पूरी कर ली जाएंगी।यह कदम आयोग द्वारा 4 मार्च, 2025 को आईआईआईडीईएम, नई दिल्ली में आयोजित सभी राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों के सीईओ और प्रत्येक राज्य से एक डीईओ और ईआरओ की भागीदारी वाले सम्मेलन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में तथा निर्वाचन आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी की उपस्थिति में दिए गए निदेशों के अनुरूप है।राजनीतिक दलों और उनके अधिकृत प्रतिनिधियों जैसे बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए), पोलिंग एजेंटों, काउंटिंग एजेंटों और चुनाव एजेंटों की चुनाव संचालन सहित विभिन्न चुनावी प्रक्रियाओं में विशिष्ट भूमिकाएं होती हैं।विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों, जिलों और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में आयोजित बैठकों में सक्रिय रूप से और उत्साहपूर्वक भाग लेकर राजनीतिक दलों द्वारा जमीनी स्तर पर उनकी इस प्रकार की भागीदारी का स्वागत किया गया है। आयोग सभी राष्ट्रीय/राज्यीय राजनीतिक दलों से अपील करता है कि वे किसी भी लंबित मुद्दे को समयबद्ध तरीके से हल करने के लिए चुनाव अधिकारियों के साथ अपनी इस जमीनी स्तर की भागीदारी का सक्रियतापूर्वक लाभ उठाएं। राष्ट्रव्यापी स्तर पर आयोजित राजनीतिक दलों की इन बैठकों की तस्वीरें आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडलः https://x.com/ECISVEEP?ref_src=twsrc%5Egoogle%7Ctwcamp%5Eserp%7Ctwgr%5Eauthor पर देखी जा सकती हैं।
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*जिले में 483 ग्राम पंचायतों में 495 महिला समूहों द्वारा किया जा रहा सेटरिंग प्लेट निर्माण का कार्य*
*महत्वपूर्ण योजना में भागीदारी से महिला समूहों में उत्साह*बिलासपुर/प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास देने की योजना "प्रधानमंत्री आवास योजना" से जिले के निर्धन परिवारों को न केवल अपना पक्का आशियाना मिल रहा है, साथ ही जिले की सैकड़ों महिलाओं को इससे रोजगार के अवसर भी मिले हैं। जिले के 483 गांवों में 495 स्व सहायता समूहों के जरिए हजारों महिलाएं सेटरिंग प्लेट निर्माण का कार्य कर आजीविका कमा रही हैं, और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की निर्धन परिवारों को पक्का आवास देने की योजना का क्रियान्वयन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश भर में हो रहा है। योजना के तहत जिले के आर्थिक रूप से कमजोर पात्र परिवारों को पक्का आवास दिया जा रहा है। आवास योजना के जरिए जिले में 66386 पात्र हितग्राही हैं जिनमें 43452 लोग लाभान्वित हैं। जिनके निर्माणाधीन मकानों की संख्या कुल 40475 है, जिले में इन आवासों के लिए सेटरिंग निर्माण का कार्य स्व सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। जिले के चारों ब्लॉक के 483 ग्राम पंचायतों में कुल 495 स्व सहायता समूह सेटरिंग निर्माण कार्य में जुटी हैं। इस कार्य से महिला समूहों को आजीविका मिल रही है, समूहों द्वारा तैयार सेटरिंग प्लेट कम लगत में गुणवत्तापूर्ण हैं। जिले के बिल्हा ब्लॉक के 127 गांवों में 191 महिला समूह, कोटा के 103 गांव में 60 समूहों, मस्तूरी ब्लॉक के 131 गांव में 116 समूहों व तखतपुर विकासखंड के 122 गांवों में कुल 128 महिला समूहों द्वारा सेटरिंग निर्माण का कार्य किया जा रहा है।जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने बताया कि " आवास निर्माण में लगने वाले सेटरिंग प्लेट का निर्माण कार्य स्व सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है, जिससे महिला समूहों को अतिरिक्त आजीविका गतिविधि मिल रही है, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है। जिले के 483 गांवों में 495 महिला समूहों द्वारा यह कार्य किया जा रहा है।"महिला समूहों में इस महत्वपूर्ण योजना में भागीदारी से उत्साह है स्व सहायता समूह की दीदियों ने बताया कि इस कार्य से उन्हें नए कार्य का अनुभव मिलने के साथ ही उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है जिससे महिलाएं उत्साहित हैं। ग्राम पेण्डरिया की भारती समूह की श्रीमती उत्तरा साहू, ग्राम मोहदा की जय मां समूह की श्रीमती सुखमणि पटेल और ग्राम निपनिया की जय मां लक्ष्मी समूह की श्रीमती प्रमिला यादव ने कहा कि सेटरिंग प्लेट निर्माण से उनकी आजीविका में वृद्धि हुई है।। -
रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 5 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 40, 41 के अंतर्गत स्थित अनुपम गार्डन, सेक्टर 4 गार्डन , विद्यापति गार्डन ,ऑक्सीजन गार्डन निरीक्षण के साथ साथ डंगनिया स्कूल में निर्माणाधीन अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य का निरीक्षण नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय और जोन 5 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल द्वारा वार्ड पार्षद श्री आशु चंद्रवंशी सहित जोन कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेंद्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता श्री नागेश्वर राव रामटेके, उप अभियंता श्री संस्कार शर्मा, श्री टिकेंद्र चंद्राकर एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा, स्वच्छता निरीक्षक श्री दिलीप भारती , श्री प्रेम मानिकपुरी की उपस्थिति में किया गया.वार्ड क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त एवं जोन कमिश्नर द्वारा गार्डन में आवश्यक साफ- सफाई करने, बंद वॉटर कुलर को चालू करने, डस्टबिन की व्यवस्था करने, टॉयलेट में आवश्यक रिपेयरिंग करने एवं उद्यानों के पेड़ पौधों के निरन्तर पानी डालने के निर्देश सम्बंधित निगम अधिकारियों को वार्ड पार्षद सहित दिए गए.
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर परिषद की बैठक महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता में ली गई। बैठक में विभिन्न एजेण्डा को विस्तृत चर्चा हेतु विचारार्थ रखा गया था। लोगो के हितो को देखते हुए परिषद द्वारा निम्नलिखत कार्यो की स्वीकृति प्रदान की गई।
नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत जोन 01 नेहरू नगर अंतर्गत भिलाई नगर रेल्वे स्टेशन के सुपेला अंडरब्रिज तक रेल्वे लाईन के समानांतर निर्माण, बाॅक्स कल्वर्ट एवं विद्युतिकरण कार्य, भिलाई नगर रेल्वे स्टेशन से नेहरू नगर अंडरब्रिज तक रेल्वे लाईन के समानांतर एवं शहरी गौठान के पश्चिम में मार्ग निर्माण एवं विद्युतिकरण कार्य, नेहरू नगर अंतर्गत 66 एवं 77 एम.एल.डी. डब्लू.टी.पी. के वेस्ट वाटर से तालाब भरने हेतु खम्हरिया माईनर नहर का आर.सी.सी.कव्हर सहित लाईनिंग कार्य, कोसानगर रेल्वे स्टेशन शहरी गौठान के पश्चिम में नाला चैनलाईजेशन कार्य, वार्ड क्रं. 60 सेक्टर 05 सड़क 32 से सड़क 37 एवं एस.पी.ए. की नाली निर्माण कार्य, जोन 03 अंतर्गत वार्ड 56 भिलाई स्कूल ग्राउण्ड मैदान में ओपन जिम एवं 15 बी के समीप बैडमिंटन कोर्ट निर्माण कार्य का स्थल परिवर्तन कर वार्ड 56 में सड़क 15 एवं 15 ए के मध्य में निर्माण कार्य।पूर्व में महापौर परिषद के अनुमति के प्रत्याशा में प्रस्तावित खेल परिसर पर बिन्दुवार चर्चा हुई। उक्त स्थल का ड्राईग, डिजाईन एवं खिलाड़ियो को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत, कार्यपालन अभियंता अखिलेश चंद्राकर, उपअभियंता बसंत साहू द्वारा विस्तृत रूप से बताया गया। जिसमें महापौर पाल, एमआईसी के सदस्यगणों एवं आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में खेल परिसर में विभिन्न खेलो के लिए कार्ययोजना का विस्तृत व्याख्या किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से कार्य का स्वरूप क्या होगा, किस प्रकार का सुविधा होगा, कहां पर किस प्रकार का खेल गतिविधि होगी। कौन-कौन से स्पोर्टस इसमें शामिल होगें। खिलाड़ियो को किस प्रकार की सुविधा मिलेगी, इसको संचालित कौन करेगा। निर्माण की समय अवधि क्या रहेगा आदि बिन्दुओ पर चर्चा उपरांत सदस्यगण अपनी सुझाव एवं सहमति प्रदान किए।खेल परिसर में प्रमुख खेल जो प्रस्तावित है जैसे- हार्स राइडिंग ट्रैक निर्माण कार्य, सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक एवं प्राकृतिक फुटबाल मैदान निर्माण कार्य, स्वीमिंग पुल, स्केटिंग, रनिंग ट्रैक, 1500 लोगो के बैठने लायक आडिटोरियम, पार्किंग, चेजिंग रूम, स्पोर्टस दुकान आदि बनाये जायेगें। इसमें अनुभवि खिलाड़ियो का भी मार्ग दर्शन लिया जायेगा। जिससे भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर के प्रतिसप्रधा आयोजित हो सके।प्रस्ताव सभी लोगो को बहुत पंसद आया, इसमें सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि खेल परिसर के निर्माण में अनुभवि एजेंसी को नियुक्त किया जाए। जो इसके पूर्व इस प्रकार के खेल परिसरो का निर्माण किया हो। इसमें यह भी अनुबंध होगा कि 5 वर्ष के लिए रखरखाव एजेंसी का होगा। उसकी 5 प्रतिशत धरोहर राशि भी निगम में जमा रहेगा। समय अवधि में कार्य को पूर्ण कराया जावेगा। महापौर नीरज पाल ने कहा इस सुविधा से हमारे क्षेत्र से अच्छे खिलाड़ी निकलेगे, जो राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपना और अपने राज्य का नाम रौशन करेगें। आयुक्त पाण्डेय ने सभी सदस्यो को बताया कि एक स्थल पर सभी खेलो का होना, इस क्षेत्र के खिलाड़ियो के लिए बड़ी उपलब्धी होगी।महापौर परिषद के सदस्य सीजू एन्थोनी, लक्ष्मीपति राजू, केशव चैबे, साकेत चंद्राकर, लालचंद वर्मा, आदित्य सिंह, चंद्रशेखर गंवई, श्रीमती नेहा साहू, मालती ठाकुर, निगम के सचिव/उपायुक्त नरेन्द्र बंजारे, जोन आयुक्त येशा लहरे, सतीश यादव, कुलदीप गुप्ता, कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, रवि सिन्हा, संजय अग्रवाल, अरविंद शर्मा, वीनिता वर्मा, लेखाधिकारी चन्द्रभूषण साहू, स्थापना प्रभारी श्रीमती रीता चतुर्वेदी, जनसम्पर्क अधिकारी अजय शुक्ला, देवराज राजपूत, आदि उपस्थित रहे। -
बिलासपुर/छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के तहत कलेक्टर श्री अवनीश शरण के मार्गदर्शन में आज जल संसाधन परिसर के प्रार्थना सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर सहायक प्राध्यापक एवं परीक्षा नियंत्रक अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी के श्री तरूणधर दीवान के द्वारा विभिन्न विभागों के जनसूचना अधिकारियों को ट्रेनिंग दिया गया। किसी भी व्यक्ति द्वारा सूचना के अधिकार के तहत ऑनलाईन मांगी गई जानकारी को 30 दिवस के अंदर जवाब दिया जाना है। यदि पक्षकार संतुष्ट नहीं होते तो प्रथम अपीली अधिकारी को प्रेषित किया जा सकता है। कार्यशाला कार्यालय कलेक्टर के नोडल अधिकारी सुश्री रजनी भगत के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सभी विभाग के जनसूचना अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।
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मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन आपदा और दुर्घटनाओं के मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही है। आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर प्रभावित परिवारों को समय से पहले सहायता राशि प्रदान की जा रही है।इसी कड़ी में, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में जान गंवाने वाले जिले के चार मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।ग्राम किरना, तिल्दा निवासी श्री राकेश यादव एवं अमलीडीह, रायपुर निवासी श्री ईश्वर (पानी में डूबने से मृत्यु), लाभांडी, रायपुर निवासी सुश्री ज्योति निषाद (सर्पदंश से मृत्यु) तथा अमलीडीह, रायपुर निवासी श्रीमती वंदना साहू (आग में झुलसने से मृत्यु) के परिजनों को मुआवजा राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत पहुंचाने की इस पहल से संकटग्रस्त परिजनों को आर्थिक संबल मिलेगा। -
बिलासपुर/ जिला पंचायत बिलासपुर के नव निर्वाचित अध्यक्ष,उपाध्यक्ष एवं सदस्यों का प्रथम सम्मिलन सह शपथ ग्रहण समारोह 25 मार्च को आयोजित किया गया है। स्थानीय स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल स्मृति ऑडिटोरियम में दोपहर 2.30 बजे से समारोह शुरू होगा। सम्मिलन की अध्यक्षता नव निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी करेंगे। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरूण साव शामिल होंगे। विशेष अतिथि के रूप में इस अवसर पर विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक,विधायक श्री धरमजीत सिंह, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक श्री दिलीप लहरिया, विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला शहर अध्यक्ष श्री दीपक सिंह ठाकुर, जिला ग्रामीण अध्यक्ष श्री मोहित जायसवाल सहित गणमान्य नागरिक शामिल होंगे।
- रायपुर । एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एफआईई), जो एक टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेटर है, ने शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सहयोग से नवाचार और उद्यमिता पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम 17 मार्च से 21 मार्च 2025 तक आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षाविदों और इनक्यूबेशन मैनेजरों में नवाचार-प्रेरित सोच को विकसित कर अकादमिक क्षेत्र और उद्यमिता के बीच की दूरी को पाटना था।इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए कुल 50 प्रतिभागियों, शिक्षकों, इनक्यूबेशन मैनेजरों और स्टार्टअप संस्थापकों ने भाग लिया। पांच दिनों तक प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों द्वारा संचालित सत्रों में भाग लिया, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचार, रचनात्मकता, वित्त, व्यवसाय मॉडल और बौद्धिक संपदा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ-साथ, प्रतिभागियों को व्यावहारिक गतिविधियों में भी सम्मिलित किया गया ताकि वे छात्र स्टार्टअप्स का प्रभावी मार्गदर्शन कर सकें।कार्यक्रम का समापन 21 मार्च 2025 को आयोजित समापन समारोह के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर के प्रमुख एवं सीईओ प्रो. हुलास पाठक उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में प्रो. श्रीमती. ए. बी. सोनी, प्रभारी निदेशक, एनआईटी रायपुर, तथा विशेष अतिथि के रूप में प्रो. पी. वाई. ढेकने, कुलसचिव, एनआईटी रायपुर, उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता प्रो. समीर बाजपेयी, प्रमुख, करियर डेवलपमेंट सेंटर, एनआईटी रायपुर ने की। मुख्य अतिथि प्रो. हुलास पाठक ने अपने संबोधन में उद्यमिता शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे संस्थागत इनक्यूबेशन संसाधनों का उपयोग कर छात्र-प्रेरित स्टार्टअप्स को समर्थन दें, जिससे प्रभावशाली शोध और नवाचार को बढ़ावा मिल सके। समारोह के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और उन्होंने इस कार्यक्रम से प्राप्त अपने अनुभव एवं ज्ञान साझा किए। कार्यक्रम का समापन एनआईटी रायपुर के सहायक कुलसचिव श्री पवन कटारिया द्वारा प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम एनआईटी रायपुर एफआईई की समर्पित टीम द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें संकाय प्रभारी डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया, और प्रभारी अधिकारी श्री पवन कटारिया शामिल थे। कार्यक्रम को बोर्ड निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी के मार्गदर्शन में संपन्न किया गया। एनआईटी रायपुर एफआईई उच्च शिक्षा संस्थानों में एक समृद्ध नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण हेतु शिक्षकों और इनक्यूबेशन प्रबंधकों को आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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भिलाईनगर। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में 150 से अधिक उद्यान है, जिसमें कुछ उद्यान ऐसे हैं जहां पर पुराने पेड़ जो पहले के लगे हुए हैं। उन्हें संरक्षित करके उद्यानों को बनाया गया है, ऐसे जगहो पर नए पेड़ भी लगाए जा रहे हैं। आज अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर नगर निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू को लेकर के विभिन्न उद्यानों का निरीक्षण किए। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जो पुराने पेड़ है, उनमें कई जगहों पर दीमक लग रहा था। उन सभी पेड़ों पर नीला थोथा एवं चूना मिलाकर के पुताई करवाया जा रहा है। जिससे पेड़ों में दीमक ना लगे दीमक बड़े से बड़े पेड़ो को खाकर सूखा देते है। इसके साथ ही निगम का यह प्रयास है कि पेड़ों को अधिक से अधिक बचाया जाए। प्रतिवर्ष पेड़ लगाये जा रहे है, उन्हे संरक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।
वन विभाग द्वारा नगर निगम भिलाई को 131 पुराने जीवित पेड़ प्रदान किया जा रहे हैं जो अन्य निर्माण कार्यों से प्रभावित हो रहे हैं। उन पुराने पेड़ों को निगम के खाली जगह पर लगाया जाएगा। इसके लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। विशेष करके कोसा नाला शहरी कांजी हाउस में यहां पर बहुत से जानवर है, बड़े बड़े पेड़ लग जाने से उन्हे गर्मी में राहत मिलेगी। पेड़ जिम गार्डन, राशि उद्यान एवं अन्य खाली जगहों पर लगाए जाएंगे। सभी जोन से पेड़ लगवाने के बारे में रिपोर्ट ली गई है। बड़े बड़े हरे भरे पेड़ एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट किए जायेगे।आयुक्त पाण्डेय के आदेशानुसार नगर निगम के पुराने कर्मचारियो को भी पेड़ो में पानी डालने के लिए डयूटी लगाये गये है। जो विभागीय कार्य करने में असमर्थ थे, अब वे उद्यानों में कार्य कर रहे है। अतंराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर भारत विकास परिसर से सचिव जितेन्द्र सिंह, नरेश गुप्ता, संजय भाटिया, जनसम्पर्क अधिकारी अजय शुक्ला, पर्यावरण मित्र संस्था के सदस्यगण उपस्थित रहे। - दुर्ग / प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के अंतर्गत बेरोजगार युवाओं में कौशल को बढ़ावा देने अवसर प्रदान किया जाएगा। योजना के प्रचार-प्रसार हेतु जिला स्तर पर नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी तथा विकासखण्ड स्तर पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को प्रभारी नियुक्त किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द कुमार मिश्रा से मिली जानकारी अनुसार 21 मार्च 2025 को सभी प्रभारी अधिकारियों की बैठक जिला शिक्षा कार्यालय में आयोजित की गई। दुर्ग जिले के युवाओं के लिए योजना अंतर्गत पंजीयन, आवेदन संबंधी प्रक्रिया हेतु विकासखण्डों में प्रभारियों के माध्यम से योजना का प्रचार-प्रसार किया जाना है। योजना में 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थी जो नियमित शिक्षा या उच्च शिक्षा में पंजीकृत न हो आवेदक हेतु यह अनिवार्य है कि वह किसी नियमित जॉब, नियोजन में न हो, आवेदक के परिवार में कोई सदस्य शासकीय नौकरी में न हो, परिवार के किसी सदस्य की वार्षिक आय 8 लाख से अधिक न हो व आवेदक की उम्र 21 से 24 वर्ष तक हो तो वे इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं। इंटर्नशिप के लिए आवेदन के लिए एक ऑनलाईन पोर्टल (ीजजचेरूध्ध्चउपदजमतदेीपचण्उबंण्हवअण्पद) प्रारंभ किया है, जिसका उपयोग करके आवेदन फार्म भरा जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया निःशुल्क है। आवेदन फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 है। आवेदन किसी भी लोक सेवा केन्द्र या स्वयं के मोबाईल से भी किया जा सकता है। आवेदन के लिए आधार कार्ड संबंधित, शैक्षणिक योग्यता जैसे 10वीं, 12, आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक की अंकसूची, प्रमाण पत्र, आधार सीडेड बैंक खाते के पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति, आधार लिंक्ड मोबाईल नंबर अनिवार्य है। इंटर्नशिप कॉर्पोरेट मंत्रालय द्वारा चयनित कंपनियों जिसकी सूची पोर्टल में दी गई है। किसी एक कंपनी में करनी होगी यह केवल 1 वर्ष के लिए ही होगी। इस योजना में आवेदन के उपरान्त युवाओं को चयनित होने पर सरकार के कार्पोरेट उपक्रम में एक साल की अप्रेंटिशशिप में रूपए 5000 रूपए प्रतिमाह मानदेय व संबंधित को एक वर्ष में 6000 रूपए में एक मुश्त अन्य खर्च हेतु प्रदान किया जाएगा यह अप्रेंटिशशिप नियमित नियुक्ति नहीं है, यह अप्रेंटिशश्पि अनुभव प्राप्त करने के लिए है। यह केन्द्र सरकार की निःशुल्क योजना है, जिसका उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है।




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