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- रायपुर / खाद्य विभाग के आदेश के परिपालन में 31 मार्च 2024 की स्थिति में प्रदेश के समस्त जिलों में संचालित 13,779 उचित मूल्य दुकानों के बचत स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया। इस सत्यापन के उपरांत 894 दुकानों में कुल 7,891.73 टन चावल की कमी पाई गई। जिन दुकानों में बचत स्टॉक में कमी पाई गई, उनके विरुद्ध विभाग द्वारा कार्रवाई की गई है जिसके अंतर्गत 101 दुकानों के आबंटन को निलंबित किया गया, 72 दुकानों का आबंटन निरस्त किया गया, 19 दुकानों के संचालकों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई तथा 194 दुकानों के विरुद्ध वसूली हेतु आर.आर.सी. जारी किया गया है। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इस प्रकार के निरीक्षण और सत्यापन की कार्यवाही नियमित रूप से जारी रहेगी।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और महान समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन निस्वार्थ सेवा, अटूट साहस और सामाजिक परिवर्तन का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी ने वंचित वर्गों, महिलाओं, दलितों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया और समाज में सम्मान, समानता एवं न्याय की नींव मजबूत की।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्मरण किया कि संसद में अपने कार्यकाल के दौरान मिनीमाता जी ने बाल विवाह, दहेज प्रथा और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त और निर्भीक स्वर उठाया। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, महिला शिक्षा के प्रसार और सामाजिक समानता की स्थापना के लिए जो योगदान दिया, वह इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है। उनकी सादगी, संवेदनशीलता और सेवाभाव ने उन्हें जनमानस में अमिट स्थान दिलाया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी की विचारधारा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वर्तमान और भविष्य के लिए प्रकाशस्तंभ की तरह है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर, भाईचारे, समानता और न्याय पर आधारित एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
- -योग, ध्यान और सकारात्मक सोच से ही मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होगा - श्री डेका-डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य पर हुई कार्यशालारायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने युवाओं का आव्हान किया है कि डिजिटल तकनीक का उपयोग नवाचार और रचनात्मकता के लिए करें लेकिन उस पर निर्भरता से बचें। उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में सोमवार को डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि कोविड-19 के बाद डिजिटल माध्यम ने शिक्षा, कार्य और रिश्तों को आसान बनाया पर इससे तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं भी बढ़ी हैं। योग ध्यान और संतुलित जीवन अपनाकार ही मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत रखा जा सकता है।कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक शोधार्थी, सामाजिक संगठनांे से जुड़े बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। प्रतिभागियों ने डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य को बनाये रखने के उपायो पर विचार विमर्श किया। राज्यपाल श्री डेका ने कार्यशाला में कहा कि 21 सदी में हमारी जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया लेकिन प्रकृति का स्वरूप आज भी वैसा ही है। सूर्य पूर्व में उगता है और पश्चिम में अस्त होता है। धरती अब भी हरियाली का चादर ओढ़ कर हमे जीवन देती है, परंतु बदलाव हमारी सभ्यता व दिनचर्या में हुआ है। सतत् विकास की कमी और बदलते परिवेश ने मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है।राज्यपाल ने कहा कि एकल परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति और परिवारजनों के बीच संवाद की कमी ने भी मानसिक स्वास्थ्य को कमजोर किया है। आज अधिकांश लोग मोबाईल और इंटरनेट में व्यस्त रहते है और आपसी संवाद व भावनात्मक जुड़ाव कम होता जा रहा है।श्री डेका ने विद्यार्थियों से कहा कि मानसिक दबाव न हो इसके लिए वे अपनी क्षमता के अनुरूप अपने कैरियर का चुनाव करें और अनावश्यक प्रतिस्पर्धा से बचें। ओवरथिंकिंग और संदेह से दूर रह कर जीवन का आनंद लें। मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने में संकोच न करें और अंतरात्मा की आवाज सुनकर अपने लिए सही रास्ते का चुनाव करें। उन्होंने कहा कि प्रार्थना, योग, ध्यान, प्राणायाम और सात्विक जीवन शैली भारतीय परंपरा में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के मूल आधार रहे हैैं, यदि इन्हें दिनचर्या में शामिल किया जाए तो जीवन की कई चुनौतियों का समाधान स्वतः मिल सकता है।कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में ख्याति प्राप्त मनोवैज्ञानिक और मानसिक शक्ति फाउंडेशन मुंबई के संस्थापक डॉ. अमरेश श्रीवास्तव ने अपने विचार रखें। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं है बल्कि समाज की चेतना और मानसिक शक्ति का भी प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव को गंभीर समस्या मानते हुए इस दिशा में अनुसंधान और गहन अध्ययन को आवश्यक बताया।कार्यशाला में स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्री सच्चिदानंद शुक्ला ने दिया। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर यह कार्यशाला आयोजित की गई है तथा डिजिटल युग में स्वास्थ्य पर गहन चर्चा समय की आवश्यकता है। आभार प्रदर्शन प्रोफेसर श्री अंबर व्यास ने किया। इस अवसर पर एमसीए के छात्र श्री शिवकुमार महोबिया और शोध छात्र श्री अरूण कुमार पटेल को उत्कृष्ट इनोवेशन के लिए राज्यपाल ने सम्मानित किया।
- -उप मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निकाली गई तिरंगा यात्रा-बड़ी संख्या में नागरिकों ने की भागीदारी, लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से वातावरण देशप्रेम की भावना से सराबोररायपुर,। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में आज मुंगेली जिले के ग्राम डिंडौरी से ग्राम सेमरसल तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। स्थानीय रहवासियों ने बड़ी संख्या में इसमें भागीदारी की। पूरी यात्रा के दौरान हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से गांव, रास्ते और गलियां देशप्रेम की भावना से सराबोर रहीं। नागरिकों में देशभक्ति की भावना विकसित करने तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाने 15 अगस्त तक ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत लोगों को स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने तिरंगा यात्रा का नेतृत्व करते हुए कहा कि तिरंगा हमारी एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान का उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को यह संदेश देना है कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारे स्वाभिमान और बलिदान की पहचान है। उन्होंने सभी लोगों से ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान को सफल बनाने की अपील की।डिंडौरी से प्रारंभ हुई तिरंगा यात्रा गोंडखाम्ही, लोरमी, डिंडोल, विचारपुर, सुकली, नवागांव जैत, पैजननिया, कोतरी, मसनी, मसना, तेलिया पुराण और बटहा होते हुए सेमरसल में समाप्त हुई। इस दौरान रास्ते भर भारत माता की जय और वंदे मातरम के गगनभेदी नारे गूंजते रहे। हर गांव तिरंगे में रंग गया, जगह-जगह राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हुआ और हर दिल में देश के प्रति गर्व व आदर की लहर उमड़ पड़ी। स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में तिरंगा यात्रा में शामिल हुए।
- --गृहमंत्री ने पूरी ताकत के साथ आपराधियों के विरूद्ध कठोरता से कार्रवाई के दिए निर्देश-पुलिस अधीक्षक जिले के कॉलेज और स्कूलों का महीने में एक बार अवश्य करें भ्रमण-थानों में अनुशासन के लिए एसपी-एसएसपी और डीएसपी प्रत्येक सप्ताह परेड कराए-आम नागरिकों से बेहतर व्यवहार के दिए निर्देश-मादक पदार्थाे, जुआ, सट्टा के विरूद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश-कानून व्यवस्था बनाएं रखने तथा सतर्क रहने के निर्देश-उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सरगुजा रेंज के पुलिस अधीक्षकों की ली बैठकरायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज सरगुजा कोर्डिनेशन सेंटर में सरगुजा रेंज अंतर्गत सभी पुलिस अधीक्षकों की उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की और पुलिस तंत्र को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में श्री शर्मा ने स्पष्ट कहा कि कानून का राज स्थापित करना और अपराधियों के मन में भय पैदा करना पुलिस की सर्वाेच्च जिम्मेदारी है। गंभीर अपराधों के मामलों में दोष सिद्धि की दर बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने सभी जिलों में मामलों की नियमित और वैज्ञानिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिस अधीक्षक न केवल अपने कार्यालय में आने वाले लोगों से समय पर मिलें, बल्कि अधीनस्थ पुलिसकर्मियों से भी संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझें। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों से कहा कि जिले के कॉलेज और स्कूलों का महीने में एक बार भ्रमण अवश्य करें और थानों में अनुशासन के लिए एसपी-एसएसपी और डीएसपी प्रत्येक सप्ताह परेड भी कराए। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगुवा, आईजी पीएचक्यू श्री अजय यादव, आईजी सरगुजा श्री दीपक झा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अलावा सरगुजा रेंज के बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, और सरगुजा जिले के पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में मानव तस्करी, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया गया। एनडीपीएस एक्ट के मामलों में एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन सुनिश्चित करने और दोषियों को कठोर सजा दिलाने की बात कही गई। अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने, चिटफंड कंपनियों के मामलों की गंभीरता से जांच करने और निवेशकों को धनवापसी की कार्यवाही तेज करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाने, यातायात प्रबंधन को मजबूत बनाने और ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात व्यवस्था में सुधार केवल पुलिस का नहीं बल्कि प्रशासन और समाज का साझा दायित्व है। उन्होंने सभी स्कूलों और कॉलेजों में ड्रग-फ्री कैंपस अभियान चलाने, छात्रों में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने और सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए जनता और पुलिस के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत करने की आवश्यकता बताई।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए विशेष प्रशिक्षण, बीट प्रणाली की नियमित समीक्षा और ‘समाधान ऐप’ के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्राम सभाओं और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को पुलिस से जोड़ा जाए, ताकि लोग पुलिस को अपना मित्र और संरक्षक मानें।बैठक के अंत में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने दो टूक कहा कि पुलिस की कार्यवाही ऐसी होनी चाहिए कि अपराधी कानून से डरें और आम जनता को भरोसा हो कि कानून-व्यवस्था उनकी सुरक्षा के लिए है। उन्होंने कहा जनता के मन में सम्मान और अपराधियों के मन में भय होना चाहिए, यही हमारी पुलिस व्यवस्था की असली सफलता है।
- -मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने दिलाई शपथरायपुर,। न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल ने आज सुबह छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण किया। छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा द्वारा अपने न्यायालय कक्ष मे उन्हें शपथ दिलाई गयी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के समस्त न्यायाधीशगण उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि विधि एवं विधायी कार्य विभाग नई दिल्ली द्वारा 07 अगस्त 2025 को न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए जाने हेतु अधिसूचना जारी की गई है। इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में महाधिवक्ता श्री प्रफुल्ल एन. भारत, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल श्री रमाकान्त मिश्रा, अध्यक्ष उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ, श्री उमाकांत चंदेल, वरिष्ठ अधिवक्तागण, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री न्यायिक एकेडमी एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- -छत्तीसगढ़ राज्य का न्यायालयीन बुनियादी ढांचा हो रहा बेहतर: मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हारायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने आज छत्तीसगढ़ न्यायपालिका में न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम के साथ जिला रायगढ़ के बाह्य न्यायालय खरसिया में वरिष्ठ श्रेणी के व्यवहार न्यायाधीश के लिए नवीन वरिष्ठ व्यवहार न्यायालय का लोकार्पण किया। मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने जिला न्यायालय रायगढ़ में डिजिटल कंप्यूटर कक्ष, बाह्य न्यायालय घरघोडा में अधिवक्ता कक्ष एवं डिजिटल कंप्यूटर कक्ष भी लोकार्पण और बाह्य न्यायालय भटगाँव एवं बिलाईगढ़ में न्यायिक अधिकारियों के आवास निर्माण हेतु भूमि पूजन एवं शिलान्यास वर्चुअल माध्यम से किया। इस कार्यक्रम में न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला रायगढ़ वर्चुअल माध्यम से तथा अन्य न्यायाधीशगण छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर की वर्चुअल लिंक के माध्यम से गरिमामयी उपस्थिति रही।इस अवसर पर मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ राज्य में जिला न्यायपालिका के सुधार के लिए विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रख रहे हैं। राज्य सरकार के साथ समन्वय में उच्च न्यायालय का यह कर्तव्य है कि वह छत्तीसगढ़ राज्य की जिला न्यायपालिका को सर्वाेत्तम बुनियादी ढांचा प्रदान करें, जिससे छत्तीसगढ़ राज्य की जिला न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाने वाले व्यक्तियों को स्वच्छ एवं सुविधायुक्त कार्य वातावरण में सक्षम, तत्पर और त्वरित न्याय प्राप्त हो सकें।मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा द्वारा यह विशेष रूप से व्यक्त किया गया कि किसी भी संस्थान में अधोसंरचना का निर्माण और विकास उस संस्थान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का मनोबल बढ़ाते हैं। नवीन वरिष्ठ व्यवहार न्यायालय खरसिया के शुभारंभ के साथ-साथ खरसिया क्षेत्र के समस्त पक्षकार, अधिवक्तागण को सुविधायुक्त वातावरण में शीघ्र न्याय प्राप्त हो सकेगा। इसी प्रकार जिला न्यायालय रायगढ़ एवं बाह्य न्यायालय घरघोड़ा में डिजिटल कंप्यूटर कक्ष स्थापित होने से न्यायालयीन अभिलेख सुरक्षित होने के साथ-साथ पक्षकारों को डिजिटल प्रारूप में प्राप्त हो सकेगा। बाह्य न्यायालय घरघोड़ा में अधिवक्तगण हेतु नवीन अधिवक्ताकक्ष के निर्माण होने से अधिवक्तागण को सम्मानपूर्वक जगह उपलब्ध हो सकेगा। जिला एवं बाह्य न्यायपालिका के पक्षकार, अधिवक्तागण, न्यायालयीन अधिकारीगण सहित कर्मचारीगण को बेहतर सुविधायुक्त एवं आधुनिक अधोसंरचना प्राप्त होने से बेहतर कार्य-वातावरण निर्मित होगा और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी के साथ उच्च गुणवत्तायुक्त न्याय सुविधापूर्वक सुलभ हो सकेगा।यह उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा द्वारा पद भार ग्रहण करने के पश्चात् सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के दूरस्थ जिला मुख्यालय एवं बाह्य न्यायालयों का भ्रमण कर न्यायिक अधोसंरचना एवं आवश्यक सुविधाओं का अभाव होने से पक्षकारों, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारी एवं अधिकारियों को होने वाली असुविधा को दृष्टिगत रखते हुये दूरदर्शिता पूर्ण एवं सकारात्मक सोच के भागीरथ प्रयास किये जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में न्यायिक अधोसंरचना में अभूतपूर्व विकास का कार्य हो रहा है, जिससे अधिकारी एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होने के साथ पक्षकारों को सुविधायुक्त वातावरण शीघ्र न्याय प्राप्त करने की परिकल्पना साकार हो रही है।उपरोक्त भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायगढ़ के स्वागत भाषण से हुई और समापन जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी (पॉक्सो) कोर्ट रायगढ़ के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।इस कार्यक्रम में छ.ग. उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारीगण वर्चुअल माध्यम से तथा जिला न्यायालय रायगढ़, बाह्य न्यायालय खरसिया, घरघोड़ा, भटगाँव, बिलाईगढ़ के न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी और इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि शामिल थे।
- महासमुंद 1 / महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम बरबसपुर, बड़गांव, बिरकोनी एवं घोड़ारी में अवैध रूप से भंडारित जप्त रेत की नीलामी हेतु 07 से 11 अगस्त 2025 तक निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। जिसमें 29 आवेदन प्राप्त हुए।जिला खनिज अधिकारी श्री योगेन्द्र सिंह ने बताया कि नीलामी के लिए कुल 29 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें जप्त रेत ब्लॉकों में बरबसपुर-ए से 3, बरबसपुर-बी से 1, बरबसपुर-सी से 1, घोड़ारी-डी से 3, बड़गांव-ई से 2, बड़गांव-एफ से 3, बड़गांव-जी से 3, बिरकोनी-एच से 4, बिरकोनी-आई से 5 एवं बिरकोनी-जे से 4 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिन ब्लॉकों में 2 या उससे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, उनकी निविदाएं 13 अगस्त 2025 को प्रातः 11 बजे जिला पंचायत महासमुंद के सभा कक्ष में खोली जाएंगी। वहीं, जिन ब्लॉकों में केवल 1 आवेदन प्राप्त हुआ है, वहां निविदा शर्त की कंडिका 6.5 के तहत नियत तिथि में 2 दिन की अतिरिक्त वृद्धि की जाएगी।
- -शिक्षक विहीन विद्यालयों को मिले शिक्षक, बच्चों को मिल रही नियमित और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाईरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर लागू शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति ने प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की नई इबारत लिखी है। इस नीति के तहत प्रदेशभर के शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया गया है, जिससे अब कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है और बच्चों को समान व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।गौरतलब है कि युक्तियुक्तकरण से पूर्व प्रदेश के कुल 453 विद्यालय शिक्षक विहीन थे। युक्तियुक्तकरण के पश्चात एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। इसी प्रकार युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश के 4,728 एकल-शिक्षकीय विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इस कदम से न केवल कक्षाओं का संचालन नियमित हुआ है, बल्कि बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति उत्साह में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।इसका सकारात्मक असर सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड स्थित प्राथमिक शाला बगडीहपारा में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां हाल ही में दो शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। नवपदस्थ शिक्षक श्री रंजीत खलखो ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में उन्हें अपनी पसंद के विद्यालय चुनने का अवसर मिला और उन्होंने दूरस्थ बगडीहपारा को इसलिए चुना क्योंकि वे ग्रामीण अंचलों के बच्चों को शिक्षित करना अपना दायित्व और सौभाग्य मानते हैं। दो शिक्षकों की उपलब्धता से विद्यालय में सभी विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से हो रही है, जिससे बच्चों की सीखने की गति तेज हुई है और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ा है। अब वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेज रहे हैं, जिससे उपस्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है।इसी प्रकार मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड का ग्राम कमकासुर इसका ताजा उदाहरण है। जिला मुख्यालय से 65-70 किलोमीटर दूर स्थित इस नक्सल प्रभावित वनांचल में 14 बच्चों की दर्ज संख्या वाली प्राथमिक शाला पिछले एक वर्ष से शिक्षक विहीन थी। शासन की युक्तियुक्तकरण पहल से यहां प्रधान पाठक की पदस्थापना हुई, जिससे बच्चों की पढ़ाई फिर से शुरू हुई और ग्रामीणों में शिक्षा को लेकर नया उत्साह लौट आया।इसी तरह सक्ती जिले के ग्राम भक्तूडेरा में भी युक्तियुक्तकरण से बड़ा बदलाव आया। वर्षों से एकल शिक्षक पर निर्भर यह प्राथमिक शाला अब दो शिक्षकों से संचालित हो रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई व्यवस्थित हुई, उपस्थिति बढ़ी और अभिभावकों का भरोसा मजबूत हुआ।राज्य शासन की यह पहल न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार कर रही है, बल्कि यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश के सबसे सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चे भी उज्ज्वल और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अग्रसर हों।
- -विष्णु देव साय के सुशासन में महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर और सशक्तरायपुर। प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत सुधार और परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महतारी वंदन योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में यह योजना प्रदेश में महिलाओं के प्रति व्याप्त भेदभाव और असमानता को कम करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर कर रही है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ की 69.19 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। केवल नारायणपुर जिले में ही हर महीने 27 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में 2 करोड़ 78 लाख रुपये से अधिक की राशि स्थानांतरित की जा रही है, जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग की 3,687 महिलाएं भी शामिल हैं।नारायणपुर जिले के ग्राम कोलियारी निवासी श्रीमती हिरामनी नाग बताती हैं कि पहले उनके घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाले 1,000 रुपये से अब घर की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई का खर्च आसानी से पूरा हो रहा है। इस राशि से उनके घर के खानपान में भी सुधार आया है और अब उन्हें किसी से उधार नहीं लेना पड़ता।ग्राम बेनूर की श्रीमती भुनेश्वरी बघेल, जो एक गृहिणी और किराना दुकान संचालक हैं, कहती हैं कि इस योजना से उन्हें बच्चों की शिक्षा, स्कूल ड्रेस, घर के आवश्यक सामान और दुकान के लिए सामग्री खरीदने में मदद मिलती है। साथ ही उन्होंने अपनी बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या योजना में खाता खोलकर नियमित जमा करना शुरू किया है।इन दोनों महिलाओं की कहानी यह साबित करती है कि सही दिशा और थोड़े से सहयोग से महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की आर्थिक रीढ़ बन सकती हैं। महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है।
- -उप मुख्यमंत्री ‘वन महोत्सव’ कार्यक्रम में हुए शामिल-एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौधरोपणबिलासपुर, /उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव आज वन चेतना केन्द्र सकरी में आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधा लगाया और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण करने की अपील की। कार्यक्रम में विधायक सर्व श्री धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, तखतपुर जनपद अध्यक्ष डॉ माध्वी संतोष वस्त्रकार, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसपी श्री रजनेश सिंह, सीसीएफ बिलासपुर श्री प्रभात मिश्रा, डीएफओ श्री विपुल अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में नागरिक और स्कूली बच्चे मौजूद थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि 1950 से अनवरत वन महोत्सव मनाया जा रहा है। हमारे राज्य का 44 प्रतिशत क्षे़त्र वनों से आच्छादित है। 55812 वर्ग किमी भूभाग वनों से आच्छादित है। वनों की वजह से ही हम कोरोना जैसी माहामारी पर विजय पाने में सफल हुए। लगातार हो रहे वृक्षारोपण कार्यक्रम के चलते वनों का क्षेत्रफल लगातार बढ़ रहा है और यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि सर्वाधिक वृद्धि छत्तीसगढ़ में हुई है। हम अपनी आने वाली पीढ़ी को अच्छे पर्यावरण की सौगात दें, यह हमारी जिम्मेदारी है। हमें पर्यावरण को संरक्षित, पल्लवित और पुष्पित करना होगा। मां का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। जिस प्रकार मां हमारा जीवन भर पालन-पोषण करती है उसी प्रकार एक वृक्ष भी जीवनभर हमारे लिए करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसलिए मां से पेड़ को जोड़कर एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरूआत की। अपनी मां की तरह ही हमें पेड़ को सम्मान देना होगा। हमें पर्यावरण और जल संरक्षण के महत्व कोे समझना होगा। बारिश के एक-एक बूंद को संरक्षित करना होगा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि हम आज इतने निर्दयी हो गए हैं कि गौ माता सड़कों पर घूम रही है। हमें गौ-माता की भी सेवा करनी होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने गौ-माता की सेवा के लिए गौधाम योजना शुरू कर रही है।बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने होंगे। बिल्हा ब्लॉक में इस दिशा में अच्छा प्रयास किया गया। यहां एक ही दिन में 60 हजार से ज्यादा पौधे लगाये गये। तखतपुर विधायक श्री धरमजीत सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें लगातार प्रयास करना चाहिए। हमें वृक्षों का महत्व समझना होगा। अपने प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण के लिए सराहनीय पहल की गई है। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि प्रकृति हमारी मां जैसी है। प्रकृति हमें सब देती है। हमने पर्यावरण का संतुलन बिगाड़ कर उस पर सबसे बड़ा कुठाराघात किया है। हमें अपने विशेष अवसर जैसे जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ पर पौधे लगाकर उन्हें अविष्मरणीय बनाना चाहिए। सीसीएफ श्री प्रभात मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया।
- -प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ़्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा की ओर कदम बढ़ारायपुर, । ऊर्जा संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ़्त बिजली योजना धमतरी ज़िले के नागरिकों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल लोगों को महंगे बिजली बिल से राहत दिलाई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दिया है। धमतरी ज़िले में हेमलता जैसी कई महिलाएं इस योजना का लाभ उठाकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ़्त बिजली योजना यह साबित कर रही है कि सही क्रियान्वयन और जनभागीदारी से बदलाव संभव है।दानिटोला वार्ड की निवासी श्रीमती हेमलता साहू इसकी जीवंत मिसाल हैं।श्रीमती साहू ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल संयंत्र स्थापित किया। लगभग 2 लाख रुपये की लागत वाले इस संयंत्र के लिए उन्हें केंद्र सरकार से 78 हज़ार रुपये और राज्य सरकार से 30 हज़ार रुपये की सब्सिडी मिली, जिससे उनका प्रारंभिक निवेश काफी कम हो गया।हेमलता बताती हैं कि सोलर पैनल लगाने से पहले उनका मासिक बिजली बिल 1500 रुपए से 2 हज़ार रुपए तक आता था, लेकिन अब उनका बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, संयंत्र से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली नेट मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड में भेजी जा रही है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय की संभावना भी बनी हुई है।उन्होंने यह भी बताया कि योजना के अंतर्गत 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक से ऋण आसानी से उपलब्ध हो जाता है, जिससे आम उपभोक्ता भी बिना वित्तीय बोझ के सोलर संयंत्र लगा सकता है। इस योजना के तहत उपभोक्ता अपनी छत पर सोलर संयंत्र लगाकर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में आपूर्ति कर सकते हैं। संयंत्र की क्षमता के अनुसार 30 हज़ार रुपए से 78 हज़ार रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है। पंजीयन प्रक्रिया ऑनलाइन चउेनतलंहींत.हवअ.पद या च्डैनतलंळींत मोबाइल एप पर किया जा सकता है। वेब पोर्टल से ही पंजीकृत वेंडर का चयन होगा। संयंत्र की स्थापना एवं सत्यापन के बाद सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में जमा हो जाती है।यह पहल न केवल घरों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उत्पादन, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाकर पर्यावरण प्रदूषण में कमी लाता है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती हेमलता ने कहा कि सौर ऊर्जा से न केवल हमारी जेब पर से बिजली खर्च का बोझ खत्म हुआ है, बल्कि हम स्वच्छ और हरित ऊर्जा से भविष्य के निर्माण में भी योगदान दे रहे हैं।
- -कृषि विभाग के साथ ही एसडीएम व तहसीलदार क़ो छापेमारी के निर्देश-उर्वरक से सम्बधित समस्या या शिकायत के लिए जिला कंट्रोल रूम से कर सकते हैं संपर्करायपुर। बलौदाबाजार भाटापारा जिले के कलेक्टर दीपक सोनी ने सोमवार को जिले के सहकारी समितियों में उर्वरक भण्डारण एवं वितरण तथा क़ृषि सेवा केंद्रों द्वारा निर्धारित दर पर विक्रय को लेकर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देशित किया कि किसानों को उर्वरक लेने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। निजी दुकानों द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही उर्वकर का विक्रय किया जाए।कलेक्टर श्री सोनी ने कहा कि कृषि विभाग सहित एसडीएम एवं तहसीलदार भी सेवा केंद्रों में छापेमारी कर उर्वरक की कालाबाजारी पर कड़ी कार्यवाही करें। लगातार जांच अभियान चलाएं और अनियमिता पर कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि किसानों को मांग के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराएं। उर्वरक लेने में कोई समस्या न आने दें। निजी विक्रेताओं पर कड़ी निगरानी रखें। सभी विक्रेताओ को उर्वरक विक्रय का बिल किसानों को देना होगा। प्रतिदिन उर्वरक भण्डारण और वितरण स्टॉक रजिस्टर में दर्ज करना होगा तथा पॉस से पावती की क्लियरेंस भी करना होगा। बताया गया कि जिले में लगभग 2000 मेट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है वहीं 200 मेट्रिक टन यूरिया सोमवार को मिलने वाला है। 529 टन डीएपी डबल लॉक में उपब्ध है।निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक विक्रय हो- कलेक्टर श्री सोनी ने कहा कि छतीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक का विक्रय सहकारी समितियों और क़ृषि सेवा केंद्रों में होनी चाहिए। खरीफ 2025 हेतु रासायनिक उर्वरक विक्रय के लिए निर्धारित मूल्य अनुसार यूरिया 266.50 रुपये प्रति बोरा, डीएपी 1350 रुपये प्रति बोरा,एमओपी 1535 रुपये प्रति बोरा,एनपीके (12:32:16 नवीन स्कन्ध) 1720 रुपये प्रति बोरा,एनपीके (20:20:0:16 नवीन स्कन्ध) 1300 रुपये प्रति बोरा, एसएसपी (पावडर) 474 रुपये प्रति बोरा है।कंट्रोल रूम से कर सकते हैं सम्पर्क - सहकारी समिति या निजी दुकानों में उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या या कोई शिकायत हो टो जिला कंट्रोल रूम संपर्क केंद्र नंबर +91-9201899925 पर सूचित कर सकते है। प्राप्त सूचना या शिकायत पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।
- -जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र रामानुजगंज में जल्द खुलेगा केंद्रीय विद्यालय-मंत्री श्री नेताम के प्रस्ताव पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दिया आश्वसनरायपुर,। किसान कल्याण एवं आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम अपने दिल्ली प्रवास के दौरान आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धमेन्द्र प्रधान से दिल्ली स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। मंत्री श्री नेताम ने इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रधान को बताया कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है। शिक्षा की दृष्टि से रामानुगंज में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने हेतु क्षेत्रवासियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा निरंतर लंबे समय से मांग की जा रही है। मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुए रामानुजगंज में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति प्रदान का प्रस्ताव दिया। केंद्रीय मंत्री श्री प्रधान ने मंत्री श्री नेताम के प्रस्ताव पर रामानुजगंज में जल्द ही केंद्रीय विद्यालय खोलने का आश्वसन दिया। मंत्री श्री नेताम ने इस दौरान छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी।
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भिलाईनगर/छत्तीसगढ़ शासन पर्यावरण एवं नगरीय विकास विभाग के आदेशानुसार नगर पालिक निगम, भिलाई सीमा के अन्तर्गत संचालित पशुवध गृह एवं समस्त मांस विक्रय की दुकानें अगस्त माह के 2 तिथियों में बंद रहेगी। शासन से जारी आदेश के तहत स्वतंत्रता दिवस 15.08.2025 दिन शुक्रवार एवं कृष्ण जन्माष्टमी 16.08.2025 दिन शनिवार को समस्त पशुवध गृह जीव हत्या एवं समस्त मांस बिक्री केन्द्र को बंद रखा जाएगा। उक्त आदेश का कड़ाई से पालन कराने शासन द्वारा आदेश जारी किया गया है।
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बिल्हा विधायक श्री धरम लाल कौशिक, कलेक्टर, एसपी ने की अगुआई
*स्कूली बच्चों ने दिया हर घर तिरंगा का संदेश*बिलासपुर/ आजादी के 79 वें वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रिवर व्यू से शुरू हुई रैली का शुभारंभ बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक ने हरी झंडी दिखा कर किया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल,पुलिस अधीक्षक श्री रजनीश सिंह और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने रैली की अगुआई की। रैली में स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी करते हुए हर घर तिरंगा का संदेश दिया।तिरंगा सायकिल रैली लाला बहादुर शास्त्री स्कूल मार्ग, सिटी कोतवाली चौक, गोल बाजार मार्ग, देवकीनंदन चौक और नेहरू चौक से होते हुए न्यू सर्किट हाउस तक पहुंची, स्कूली छात्रों ने तिरंगा लहराकर जोश और उत्साह से देशभक्ति के गीत गाए और "वंदे मातरम्", "भारत माता की जय" के नारे लगाए। छात्रों ने सभी नागरिकों से हर घर तिरंगा अभियान में भागीदारी की अपील की। बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री रजनीश सिंह,जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने रैली की अगुआई की।बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है और ऐसी रैलियां राष्ट्रीय भावना को सशक्त करती हैं और लोगों को जागरूक करती है। उन्होंने बच्चों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को देशभक्ति और संविधान के प्रति सम्मान की भावना जगाना हम सब का दायित्व है। रैली में शामिल स्कूली छात्रों ने हर घर तिरंगा अभियान में भागीदारी करने पर खुशीजताई। सायकल रैली का समापन न्यू सर्किट हाउस में हुआ। इस अवसर पर स्कूली बच्चों, युवा, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनो के पअधिकारी,कर्मचारियों व आम नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। - आपातकालीन स्थितियों में जीवन रक्षा के लिए किया गया दक्षरायपुर/ रायपुर जिले में आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने एवं जीवन रक्षक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आज प्राथमिक उपचार एवं CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मल्टीलेवल पार्किंग, रायपुर में किया गया। यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण मेंआरंग ब्लॉक की 36 पंचायत सचिव, माया राम सुरजन स्कूल की 250 छात्रों,शिक्षकों एवं पालकों एवं BTI में 150 छात्रों एवं शिक्षकों ने भाग लिया। रेड क्रॉस सोसाइटी के सहायक प्रबंधक श्री देव प्रकाश कुर्रे द्वारा CPR की तकनीक, प्राथमिक उपचार के सिद्धांत और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की विधियों का अभ्यास कराते हुए प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के मुख्य बिंदुCPR तकनीक का सैद्धांतिक व प्रायोगिक अभ्यास | आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार देने की विधियाँ | आम नागरिकों की जान बचाने हेतु सतर्कता और तत्परत | प्रशिक्षित सुपरवाइजरों द्वारा समुदाय में जागरूकता का प्रसार प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने स्वयं CPR तकनीकों का प्रायोगिक अभ्यास किया और इसे अपने क्षेत्र में लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। यह पहल भविष्य में होने वाली आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में मील का पत्थर साबित होगी।
- आपरेशन मुस्कान के माध्यम से उनके गुमशुदा भाईयों को खोजा, कृतज्ञ बहनों ने पुलिस वालों को भी बांधी स्नेह की डोर*बहनों को मिले अपने भाई और पुलिस को मिली अपनी नई बहनें**ऑपरेशन मुस्कान के तहत दो माह मिले 581 बालक-बालिकाएं*रायपुर/ इस बार रक्षाबंधन के मौके पर 581 भाई बहन एक दूसरे को राखी बांधने से वंचित नहीं रहेंगे। इस बात की आशंका थी कि वे इससे वंचित रह जाते लेकिन अपने कर्तव्य के प्रति संकल्पित और ऊर्जावान राजधानी के पुलिस जवानों ने ऑपरेशन मुस्कान के माध्यम से गुमशुदा 581 लोगों को खोज निकाला। इनमें महिलाएं भी हैं, पुरुष भी हैं तो बहनों को भाई मिल गए और भाइयों को बहन मिल गई और बहुत सारी बहनों को पुलिस जवानों के रूप में नए भाई मिल गए जिन्होंने उन्हें आज राखी बांधी।ऑपरेशन मुस्कान ने बहनों और भाइयों के चेहरे पर मुस्कान तो खिलाई ही। पुलिस जवानों के चेहरे पर भी मुस्कान खिल गई। जिन्होंने अपनी नई बहन पाई थी और उन्हें एक बार पुनः आजीवन रक्षा का वचन आज दिया यद्यपि यह वचन प्रदेश के जागरूक प्रहरी के नाते उन्होंने पहले ही निभा लिया था।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशाअनुरूप रायपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट मुस्कान एवं अभियान तलाश के तहत पिछले दो माह में रायपुर पुलिस द्वारा 581 बालक बालिकाओं को उनके परिजनों से मिलाया है | इसी कड़ी में आज गुढ़ियारी थाना में दो बालकों की बहनों ने थाना प्रभारी को राखी बांधी और कहा कि रायपुर पुलिस ने हमारे भाइयों को ढूंढा और हमसे मिलाया। यह हमारे लिए राखी का सबसे बड़ा तोहफा है |गुढ़ियारी थाना प्रभारी बी.एल.चंद्राकर ने बताया की हमारे पास जैसे ही मामला पंजीबद्ध होता है हम प्रोजेक्ट मुस्कान के तहत मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे की जाँच शुरू करते है और इन्हें ढूंढकर उनके परिजनों को सौंप देते हैं |बहन ने पुलिस को राखी बांधकर किया धन्यवादगुढ़ियारी के राम केशरवानी बीते 23 जुलाई को अपने घर से बिना बताये कहीं चले गये थे। इसके बाद पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर तलाश किया और उन्हें ढूंढकर परिजनों से मिलाया | इसके लड़के की बहन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया |अपने बच्चे को देख पिता के चहरे पर आयी मुस्कानराजा तालाब निवासी अमन राज की बेटी कुछ दिन पूर्व अपने घर से बिना बताये कहीं चली गई थी जिसके बाद उनके परिजनों ने सिविल लाइन थाना में मामला पंजीबद्ध करवाया जिसके बाद पुलिस ने भिलाई से ढूंढ कर रायपुर में उसके परिजनों को दिया | जिसके बाद उनके परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया |बहन ने मुख्यमंत्री एवं पुलिस प्रशासन का जताया आभारगोगांव निवासी रामप्रसाद के पुत्र जयंत अपने घर से अपने दोस्तों के साथ कहीं चला गया था, उसकी माता ने गुढ़ियारी थाना में मामला दर्ज करवाया जिसके बाद पुलिस जाँच चालू किया जिसके बाद बच्चा रेलवे स्टेशन में पाया गया, फिर उसे रेलवे पुलिस ने उसे बाल संप्रेक्षण गृह में भेज दिया फिर उसे परिजनों को सौंपा। उसकी बहन ने थाना प्रभारी को राखी बांधकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया |
- - रक्षाबंधन के दिन भी महाराष्ट्र मंडल के विभिन्न केंद्रों ने मंदिरों में जाकर राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का किया सामूहिक पाठ*रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से हर शनिवार चलाए जा रहे राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ का क्रम इस शनिवार रक्षाबंधन के दिन भी जारी रहा। कई केंद्र की महिलाओं ने अपने -अपने घरों पर भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के पूर्व पाठ किया। वल्लभ नगर केंद्र की महिलाओं ने प्रियदर्शिनी नगर स्थित हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्त्रोत का पाठ किया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि वल्लभ नगर केंद्र की ओर से किए गए पाठ के दौरान पहली बार इसमें बच्चे भी शामिल हुए। अगली बार और भी ज्यादा बच्चों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले और सह महिला प्रमुख अपर्णा देशमुख के मार्गदर्शन में बच्चों को हनुमान चालीसा का महत्व बताया गया। इस दौरान शोभा पाटिल, कंचन पुसदकर, मनीषा सदन, अपर्णा आठले, खुशी सोनी और दिव्या निकोडे सहित अनेक महिला सभासद उपस्थित रहीं।महाराष्ट्र मंडल के क्षेत्रवार केंद्रों में राम रक्षा स्तोत्र, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करने के लिए मंडल की ही विभिन्न समितियां के पदाधिकारी व आमजन भी शामिल हुए। रक्षाबंधन होने के कारण प्रति सप्ताह की तुलना में इस बार काफी कम श्रद्धालुओं ने तात्यापारा, रोहिणीपुरम, बूढ़ापारा सहित अनेक केंद्रों में सामूहिक पाठ के लिए वक्त निकाला। आस्था काले के अनुसार अगले हफ़्ते कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ को लेकर प्रति सप्ताह वाला जोश व उत्साह लौट आएगा।
- बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आम सूचना जारी करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ नगरपालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डो का आरक्षण) नियम 1994 अनुषांगिक प्रावधानों के तारतम्य में नगर पंचायत पलारी में वार्डो का आरक्षण प्रवर्गवार तथा महिला प्रवर्गवार किया जाना है । इस हेतु 11 अगस्त 2025 को दोपहर 12 बजे कार्यालय कलेक्टर सभाकक्ष में कार्यवाही की जाएगी। उक्त सूचना वर्णित कार्यवाही के समय सर्व साधारण की जानकारी एवं नियमानुसार आरक्षण की कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में उपस्थिति हेतु जारी की गई है।
- रायपुर। राज्य शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग रायपुर द्वारा संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा वर्ष 2025 में सफल होने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रदेश के अभ्यर्थियों को एक लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।आदिम जाति विकास विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 उत्तीर्ण करने वाले पात्र अभ्यर्थी 12 अगस्त 2025 तक आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, ब्लाक-डी. भूतल, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर अटल नगर छ.ग. में स्पीड पोस्ट रजिस्टर्ड डाक या स्वयं उपस्थित होकर अपना आवेदन जमा कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी एवं आवेदन का प्रारूप वेबसाईटwww.tribal.cg.gov.in से प्राप्त की जा सकती है।
- -मलेशिया सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों की दो दिवसीय नेचर हीलिंग कैंप में रही उत्साही भागीदारी-प्रेम और सहयोग की भाषा ने विदेश से आए सैलानियों के लिए तैयार की राह, स्थानीय संस्कृति में ढले सैलानीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को पर्यटन के नजरिए से बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले को स्थानीय प्रशासन और पर्यटन समितियों की मेहनत से पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान लगातार बढ़ रही है। बनमनई इको फाउंडेशन और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय नेचर हीलिंग कैंप में मलेशिया सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने बड़े ही उत्साह से भाग लिया। मलेशिया से चार विदेशी मेहमान इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। इनके साथ ही बिहार से फिल्म निर्माता आर्यन चंद्रप्रकाश, वरिष्ठ पत्रकार विभाष झा, डॉ अरविंद गुप्ता बंगलौर, ए के सिंह (सेवानिवृत्त प्रबंधक, कोल इंडिया), इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय और अमलाई के शोधार्थी सहित 20 अन्य प्रतिभागी कैंप में शामिल हुए।कार्यक्रम में पर्यावरणविद् श्री संजय पयासी ने जिले के दो प्रमुख जलप्रपात लक्ष्मणधारा और झोझा जल प्राप्त की ट्रैकिंग कराई। मलेशियाई मेहमानों का पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन पहुंचे पर आत्मीय स्वागत किया गया। स्थानीय लोग उत्साह से भर उठे। सभी ने उनके साथ फोटो खिंचवाई। स्थानीय लोगों के इस उत्साह से विदेशी अतिथि अत्यंत प्रसन्न और प्रभावित हुए। उन्हें पेंड्रा की हरी सब्जियां, चरवाहों की बाँस की टोपी, और लक्ष्मणधारा की ऑफ-रोड राइडिंग ने उन्हें एक अनोखा अनुभव दिया।लक्ष्मणधारा पर्यटन समिति द्वारा परोसे गए पकौड़े और लेमन जिंजर चाय का उन्होंने भरपूर आनंद लिया। इतने सुदूर क्षेत्र में भी पर्यटन समिति के उत्कृष्ट प्रबंधन ने सभी पर्यटकों को आश्चर्यचकित कर दिया। अरपा नदी पर स्थित लक्ष्मणधारा जलप्रपात अपने पूरे शबाब पर था। पानी की उड़ती बूंदों में छनकर आती सूर्य किरणें सुंदर इंद्रधनुष रच रही थीं। यही पर्यटन का आकर्षण है, जहां अलग-अलग भाषा, देश, परिवेश और संस्कृति के लोग अपने-अपने रंग लिए मिलते हैं।शाम को पर्यटक लमना होमस्टे पहुंचे, जहां ग्रामीण महिलाओं ने तिलक लगाकर पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। गांव वालों का प्रेम और सम्मान “अतिथि देवो भव” की परंपरा को सजीव कर रहा था। रात्रि में प्रस्तुत गौरा-गौरी का स्थानीय लोकनृत्य सभी को थिरकने पर मजबूर कर गया। लोक नृत्य और गायन, जो ग्रामीणों के पारंपरिक मनोरंजन के साधन हैं, ने अपनी अभिव्यक्ति से ऐसा अद्भुत दृश्य रचा जो स्थानीय सीमा से निकलकर वैश्विक हो गया। यही सांस्कृतिक आदान-प्रदान लमना गांव के सामुदायिक पर्यटन का आदर्श मॉडल है, जो न केवल आर्थिक रूप से ग्रामीणों को सशक्त कर रहा है, बल्कि सांस्कृतिक और बौद्धिक दृष्टि से भी उन्हें समृद्ध बना रहा है।शिविर के दूसरे दिन सुबह मलेशिया से आई पर्यटक एलिस ने ग्रामीण महिलाओं के सहयोग से बड़ी दिलचस्पी के साथ नाश्ता तैयार किया। ग्रामीणजन उनकी भाषा नहीं समझते थे लेकिन प्रेम और सहयोग के लिए भाषा बाधा नहीं बनी। ग्रामीण महिलाएं अपने गांव से बाहर निकले बिना ही दूसरे देश की संस्कृति और खानपान से परिचित हुई। पर्यटकों ने झोझा जलप्रपात की ट्रैकिंग की, यहां लगभग 350 फीट नीचे गिरता प्राकृतिक जलप्रपात अत्यंत ही सुंदर और दुर्गम है। जिला प्रशासन ने यहां तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का निर्माण कराया है, जिससे रास्ता आसान हो गया। यह निर्माण शासन की प्रतिबद्धता उत्कृष्ट उदाहरण है, जो इस क्षेत्र के पर्यटन को और सुलभ बनाता है।
- बालोद। जिला प्रशासन द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे जिले की सभी मदिरा दुकानों के आहातों में ऐसे संदेश प्रदर्शित कराएं, जिनमें दोपहिया वाहनों से शराब क्रय करने आने वाले नागरिकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया जाए।यह पहल पूर्णतः जनहित में है और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक हेलमेट जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण का नियमित उपयोग करें, ताकि सड़क दुर्घटना की स्थिति में संभावित गंभीर चोटों, विशेषकर सिर में लगने वाली चोटों से बचाव हो सके।यह स्पष्ट किया जाता है कि "हेलमेट नहीं तो शराब नहीं" जैसी कोई बाध्यता जिला प्रशासन द्वारा लागू नहीं की गई है। इस विषय में कोई आदेश भी पारित नहीं किया गया है। यह केवल जनजागरूकता बढ़ाने की एक पहल है, जिससे नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी विकसित हो। जिला प्रशासन बालोद सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।
- -कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे हेलमेट जागरूकता अभियान से प्रभावित दो बहनों ने मिलकर अपने भाई को उपहार के रूप में प्रदान किया हेलमेटबालोद। रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार पूरे जिले भर में उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान बहनों ने भाइयों की कलाई पर स्नेह रूपी राखियां बांधकर कलाई सजाई और दीर्घायु जीवन की कामना की, तो भाइयों ने उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस मौके पर बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम परसवानी में राखी बांधने के लिए अपने भाई विनोद यादव के घर पहुंची दो बहने ग्राम बटेरा की ममता यादव और ग्राम जगन्नाथपुर की माधुरी यादव ने यातायात नियमों के प्रति जागरूकता दिखाते हुए एक विशेष पहल की। उन्होंने अपने भाई की कलाई पर राखी सजाने के साथ उनके सिर पर हेलमेट भी सजाया। उन्हें रक्षाबंधन पर उनकी रक्षा के लिए उपहार स्वरूप हेलमेट प्रदान किया। यह पहल उन्होंने हाल ही में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा हेतु दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के अभियान से प्रेरित होकर किया गया। दोनों बहनों ने बताया कि हेलमेट पहनना बहुत जरूरी है। आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं में हेलमेट न पहनने से सिर पर गंभीर चोट लगने से जान जाने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। इसलिए उन्होंने सोचा कि क्यों ना अपने भाई की दीर्घायु के लिए हम कामना करते हैं तो इस कामना को सार्थक करते हुए एक पहल करें और कलेक्टर के अभियान से प्रेरित होकर राखी बांधने के साथ भाई को एक हेलमेट प्रदान किया गया । उनके भाई ने बहनों की पहल पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि विगत दिनों एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे। जिससे उनका सिर फटा था। आंख चोटिल होने से बाल बाल बचा। उस समय वे हेलमेट नहीं पहने थे। उस दिन उन्हें एहसास हुआ कि हेलमेट पहनना कितना जरूरी है। उनकी बहनों ने उन्हें जागरुक करते हुए उनकी सुरक्षा के नाते हेलमेट गिफ्ट किया है। जिस पर उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनने से जान बच सकती है। जो गलती मैंने की है, बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने और फिर हादसे का शिकार होने की, वह गलती कोई और ना करें। उन्होंने कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे हेलमेट जागरूकता अभियान को सही बताते हुए वाहन चालकों को हेलमेट पहनकर ही चलने की अपील की है।
- रायपुर ।भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष विभिन्न क्षेत्रों में पद्म पुरस्कार प्रदान किया जाता है। जिसके अंतर्गत पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2025 तक भारत सरकार के पोर्टलhttps://awards.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।उल्लेखनीय है कि पद्म पुरस्कार अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री, देश के सर्वाेच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। सन् 1954 में स्थापित इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, लोक मामले, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग आदि सभी क्षेत्रों, विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों, सेवाओं के लिए दिया जाता है।















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