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- रायपुर, /राज्यपाल श्री रमेन डेका ने गत दिवस विश्व योग प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों को 50 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की है। ये प्रतिभागी आगामी अप्रैल माह में मलेशिया में आयोजित होने वाली 16वीं विश्व योग प्रतियोगिता में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगे। छत्तीसगढ़ के प्रतिभागी खिलाड़ी सुश्री साक्षी वर्मा और श्री विभांशु बंजारे और उनके योग प्रशिक्षक श्री नमेश कुमार साहू ने राजभवन में राज्यपाल श्री डेका से मुलाकात की। श्री डेका ने प्रत्येक प्रतिभागी के लिए 25-25 हजार रूपये की अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दी।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्व जल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से जल संरक्षण अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है — जीवन का आरंभ जल से हुआ है और इसका सतत प्रवाह ही जीवन की निरंतरता का आधार है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जब दुनिया जल संकट की ओर बढ़ रही है, तब हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह जल की हर बूँद को संजोए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य समाज में जल के महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जल संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। राज्य में जन-भागीदारी के माध्यम से जल संचय को बढ़ावा दिया जा रहा है, साथ ही जल प्रदूषण नियंत्रण और जल संसाधनों के पुनर्जीवन के लिए भी योजनाबद्ध और सतत प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धमतरी जिले में आयोजित ‘जल-जगार महोत्सव’ जल संरक्षण को लेकर एक अभिनव पहल थी, जिसमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल चेतना को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित दोहन और प्रदूषण के कारण स्वच्छ जल की उपलब्धता भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है, जिसे केवल सामूहिक प्रयासों से ही टाला जा सकता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि जल की प्रत्येक बूँद को सहेजेंगे, इसके महत्व को जन-जन तक पहुँचाएँगे और आने वाली पीढ़ियों को जल-समृद्ध भविष्य का उपहार देंगे।
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-दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल की अभिनव पहल:
-बिलासपुर स्टेशन परिसर में उपलब्ध कराई गई 04 बैटरी कार की सुविधा ।- बुजुर्ग, दिव्यांगजन, महिलाओं, बच्चों सहित जरुरतमंद यात्रियों को मिलेगी स्टेशन प्रवेश द्वार तथा पार्किंग तक निःशुल्क बैटरी कार की सुविधा ।बिलासपुर । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक और अभिनव पहल की गई है। बुजुर्ग, दिव्यांगजन, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली माताएं एवं अन्य जरूरतमंद यात्रियों के लिए निःशुल्क बैटरी कार सेवा की शुरुआत आज दिनाँक 21 मार्च 2025 से की गई है। इस सुविधा का उद्देश्य यात्रियों को स्टेशन के प्रवेश द्वार तथा प्रवेश द्वार से पार्किंग तक आरामदायक एवं सुरक्षित पहुंच प्रदान करना है।यह बैटरी कार सेवा पर्यावरण अनुकूल है और प्रदूषण रहित परिवहन साधन के रूप में कार्य करेगी। रेलवे प्रशासन ने इस पहल के तहत यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने हेतु विशेष व्यवस्था की है। स्टेशन परिसर में बैटरी कार के संचालन के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो यात्रियों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। बिलासपुर स्टेशन में कुल 04 बैटरी कार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है जिसमें से 02 गेट क्रमांक 01 में तथा 02 गेट क्रमांक 04 में उपलब्ध रहेगी । यह सुविधा जरूरतमंद यात्रियों को गेट से पार्किंग तक आने-जाने के लिए उपलब्ध रहेगी जिससे उन्हे अस्थायी पार्किंग तक आने जाने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी ।सेवा की मुख्य विशेषताएं:-निःशुल्क सुविधा : बुजुर्ग, दिव्यांगजन, गर्भवती महिलाएं एवं अन्य जरूरतमंद यात्री इस सेवा का निःशुल्क लाभ उठा सकते हैं।- सहज उपलब्धता: स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर प्लेटफॉर्म तक बैटरी कार की सेवा उपलब्ध होगी।-पर्यावरण के अनुकूल: बैटरी से चलने वाली यह कारें शून्य कार्बन उत्सर्जन सुनिश्चित करती हैं जो कि पर्यावरण अनुकूलन होती है |वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह ने कहा "बिलासपुर मंडल यात्रियों की सुविधा एवं आराम को प्राथमिकता देता है। यह निःशुल्क बैटरी कार सेवा जरूरतमंद यात्रियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। सभी जरूरत मंद यात्रियों को निशुल्क, सुगम परिवहन की सुविधा मिलेगी इसके साथ ही उनके समय की बचत होगी । जरूरतमंद यात्रीगण कृपया इस सुविधा का सदुपयोग करें | - दुर्ग, / निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 अंतर्गत प्रवेश हेतु आनलाईन आवेदन 01 मार्च 2025 से आमंत्रित किया गया था। पोर्टल में तकनीकी त्रुटि होने के कारण 03 मार्च 2025 को सुधार हेतु संचालक लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर द्वारा पोर्टल बंद कर दिया गया। पुनः सुधार के साथ 13 मार्च 2025 को पोर्टल प्रारंभ किया गया, जिसमें पालकों से आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करने का विकल्प दिया गया है।जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा से मिली जानकारी अनुसार जिन पालकों द्वारा 01 मार्च 2025 तक आवेदन किया गया है, उन्हें दस्तावेजों को अपलोड करने का विकल्प नही मिलने के कारण ’’संशोधन’’ का विकल्प दिया जा रहा है। सभी पालकों को सूचित किया जाता है कि यदि आपके द्वारा आरटीई पोर्टल (आरटीईडाटसीजीडाटएनआईसीडाटइन) आवेदन के साथ दस्तावेज अपलोड नही किये है तो आरटीई पोर्टल में आवेदन में संशोधन के लिए विकल्प से दस्तावेज अपलोड कर संबंधित सहायक नोडल अधिकारी के समक्ष आवेदन सहित दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं।
- रायपुर, । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित मत्स्य निरीक्षक भर्ती परीक्षा 23 मार्च 2025 को सुबह 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक रायपुर के 54 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में परीक्षा की निष्पक्षता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।इसी क्रम में रेड क्रॉस मीटिंग हॉल में परीक्षा के ऑब्जर्वर्स का प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु श्री नवीन कुमार ठाकुर, अपर कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, वहीं श्री उत्तम प्रसाद रजक और श्री केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को परीक्षा के दौरान सतर्कता बनाए रखने, अनुशासन का पालन कराने और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में बिना वैध मूल पहचान पत्र के या निर्धारित समय के बाद पहुंचने पर प्रवेश न दिया जाए, और परीक्षा का सुव्यवस्थित संचालन निष्पक्षता के साथ सुनिश्चित किया जा सके।
- दुर्ग / पंडित जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष योजना अंतर्गत 30 मार्च 2025 को समय दोपहर 12 बजे से प्रयास आवासीय विद्यालय मालवीय नगर चौक दुर्ग में 6वीं की कक्षा में प्रवेश हेतु प्राक्कचयन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास के अनुसार अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्र-छात्राएं जो ग्रामीण/नगर पंचायत क्षेत्र में निवासरत तथा 5वीं अध्ययनरत है। छ.ग. राज्य में मान्य अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग का हो, इस हेतु सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र धारक हो वहीं छात्र परीक्षा में शामिल होने के पात्र होंगे।
- दुर्ग / एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण के अंतर्गत संचालित ग्राम पंचायत ननकट्ठी के आंगनबाड़ी केन्द्र ननकट्ठी केन्द्र कम्रांक 1 में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद पर नियुक्ति की जानी है। परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास दुर्ग ग्रामीण से प्राप्त जानकारी अनुसार नियुक्ति हेतु आवेदन 03 अप्रैल 2025 तक कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण में कार्यालयीन समय में जमा किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए संबंधित ग्राम पंचायत एवं परियोजना कार्यालय में संपर्क कर सकते है।
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दुर्ग/ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी 10वीं परीक्षा 2025 के अंतर्गत 21 मार्च 2025 को आयोजित तृतीय भाषा-संस्कृत (90), उर्दू (72) विषय पेपर के दौरान जिले के 04 उड़नदस्ता दल द्वारा 09 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसी भी केन्द्र में अनुचित साधन का उपयोग नहीं पाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार श्री अरविन्द कुमार मिश्रा जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा 03 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141038 शा.म.ग.उ.मा.वि.दुर्ग, 141081 तकियापारा, 141003 शा.तिलक कन्या उ.मा.वि. दुर्ग शामिल है। श्रीमती सीमा नायक सहायक संचालक प्रभारी अधिकारी दुर्ग द्वारा 03 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141019 सेजेस चंदखुरी, 141055 उमरपोटी, 141015 मरोदा टैंक शामिल है। श्री प्रदीप कुमार महिलांगे विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पाटन द्वारा 02 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141125 सेजस रानीतराई, 141138 ओदरागहन तथा श्री कैलाश साहू विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी धमधा द्वारा 01 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141095 सेजस अहिवारा शामिल है।
- - सूचना का अधिकार अधिनियम पर दुर्ग में कार्यशाला व प्रशिक्षण का हुआ आयोजनदुर्ग, / सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत जनसूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन लोक निर्माण विभाग दुर्ग के सभागार में आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त श्री एन.के. शुक्ल एवं उप सचिव छ ग राज्य सूचना आयोग श्रीमती गीता दीवान शुक्ला, अनुभाग अधिकारी राज्य सूचना अधिकारी श्री अतुल वर्मा ने सूचना के अधिकार अधिनियम के साथ-साथ जनसूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों के कार्यो एवं दायित्वों के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।राज्य सूचना आयुक्त श्री एन.के. शुक्ल ने जनसूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को इस अधिनियम के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी देते हुए आवेदनों का निराकरण करने की जानकारी दी। उन्होंनेे अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का निराकरण करने, अपना नाम और पद का उल्लेख अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। अधिनियमों के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला एवं जनसूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को उनके कार्यों एवं दायित्वों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी। कार्यशाला में उप सचिव राज्य सूचना आयोग श्रीमती गीता दीवान, अनुभाग अधिकारी राज्य सूचना आयोग श्री अतुल वर्मा द्वारा पोर्टल के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही आवेदनों के निराकरण के दौरान अधिकारियों को आने वाली शंकाओ का समाधान भी किया गया।पोर्टल के संबंध में - कार्यभार देना अथवा कार्यभार लेना के संबंध में भारमुक्त होने वाले जनसूचना अधिकारी अथवा प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं पदभार ग्रहण करने वाले अधिकारियों के हस्ताक्षर युक्त पत्र अपलोड करना होगा, अपरिहार्य कारण होने से वर्तमान जनसूचना अधिकारी अथवा प्रथम अपीलीय अधिकारी का आदेश अपलोड किया जा सकता है। जनसूचना अधिकारियों द्वारा अधिनियम के तहत दी जाने वाली सूचना हेतु ऑनलाईन दस्तावेजी शुल्क की मांग एवं सूचना अपलोड करना होगा। जनसूचना अधिकारी को आवेदन पत्र प्राप्ति के 30 दिवस की सीमा उपरांत आवेदन का निराकरण नहीं करने पर समय बाधित होने के कारण अन्य फोल्डर में स्थानांतरित हो जाएगा। प्रथम अपीलीय अधिकारी भी 45 दिवस की समय सीमा पूर्ण होने के बाद कोई कार्यवाही नहीं कर सकेंगे। आवेदन समय सीमा समाप्त होने के पश्चात द्वितीय अपील कर सकता है।जनसूचना अधिकारियों हेतु जानकारी- आवेदक द्वारा व्यक्तिगत जानकारी की मांग किए जाने पर धारा-8 के तहत आवेदन का विधिवत परीक्षण एवं व्यक्तिगत होने पर धारा-11(1) के तहत संबंधित से सहमति/असहमति प्राप्त किया जा सकता है। यदि जनसूचना अधिकारी का स्थानांतरित हो गए हो तो तत्कालीन जनसूचना अधिकारी का नाम, पदनाम में स्थानांतरित स्थान का नाम जवाब में अवश्य उल्लेख करें।प्रथम अपीलीय अधिकारियों हेतु महत्वपूर्ण जानकारी- प्रथम अपील के निराकरण की अवधि 30 दिवस एवं विशेष परिस्थिति में कारण सहित 45 दिवस के अंदर देना होगा। जनसूचना अधिकारी द्वारा समयावधि में दस्तावेजी शुल्क की मांग की गई हो और आवेदक द्वारा शुल्क जमा न कर प्रथम अपील किया गया हो तब सूचना उपलब्ध कराने के पूर्व परीक्षण कर सशुल्क अथवा निःशुल्क सूचना देने का आदेश करना होगा। कार्यशाला में अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
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एसआरपी चौक स्थित प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि कार्यक्रम0
रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में शहीद भगत सिंह के बलिदान दिवस दिनांक 23 मार्च 2025 रविवार को प्रातः 10 बजे राजधानी शहर रायपुर के शंकर नगर एसआरपी चौक में स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के समक्ष उनका सादर नमन करने नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 3 के सहयोग से पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है. -
कुछ स्थानों पर कम मात्रा में पानी आने की शिकायत मिली, जिसका शीघ्र निदान करने कार्यवाही की जा रही
रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 2 के तहत हवलदार अब्दुल हमीद वार्ड क्रमांक 36 के तहत मौदहापारा क्षेत्र में नलों से गन्दा पानी आने की प्राप्त जनशिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 2 जल विभाग की टीम तत्काल सम्बंधित क्षेत्र मौदहापारा पहुंची और जनशिकायत की जानकारी ली. इस दौरान घरों में नलों से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति होना सम्बंधित स्थल पर पाया गया.कुछ स्थानों पर कम पानी आपूर्ति होने की शिकायत निगम जोन 2 जल विभाग के अभियंता को प्राप्त हुई है, जिसका शीघ्र निदान करने आवश्यक कार्यवाही की जा रही है. सम्बंधित क्षेत्र में कहीं भी स्थल पर गन्दा पानी निगम के नलों से आने की जनशिकायत नहीं मिली है और नलों से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जा रही है.
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महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, शहर भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश ठाकुर ने दी हार्दिक शुभकामनायें
रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के नगरीय नियोजन एवं भवन अनुज्ञा विभाग के अध्यक्ष श्री मनोज वर्मा ने नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के भूतल में प्रथम पूज्य देव श्रीगणेश की पूजा अर्चना और मुख्यालय के प्रथम तल पर कक्ष में श्रीगणेश पूजन -अर्चन करने के तत्काल पश्चात आचार्य द्वारा वैदिक मन्त्रोंच्यार और शंख ध्वनि के मध्य अपना पदभार सम्हाल लिया. एमआईसी सदस्य श्री मनोज वर्मा को कार्यभार सम्हालने पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर, लोक कर्म विभाग के अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल सहित गणमान्यजनों, आमजनों, निगम अधिकारियों, कर्मचारियों ने कक्ष में पहुंचकर पदभार ग्रहण करने पर बुके प्रदत्त कर और फूलमालाओं से लादकर हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें दीं. -
MSMEs और निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए एक प्रमुख पहल
रायपुर/सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार) के सहयोग से, PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) पहली बार "छत्तीसगढ़ इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो 2025 (CITEX 2025)" का आयोजन कर रहा है। यह एक्सपो 20-23 मार्च 2025 तक सेंट पॉल चर्च कंपाउंड, सिविल लाइंस, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। CITEX 2025 का उद्घाटन 20 मार्च को किया गया।CITEX 2025, छत्तीसगढ़ के MSMEs और संबंधित निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र के समर्थन के लिए एक प्रमुख पहल है। यह एक्सपो मध्य भारत का एक अनूठा व्यापार मंच होगा, जो छोटे और मध्यम उद्यमों के व्यापारिक संभावनाओं को बढ़ाने में मदद करेगा। इस एक्सपो के माध्यम से MSMEs को उचित बाजार संपर्क प्राप्त करने, बड़े कॉर्पोरेट्स के साथ सहायक इकाई या आपूर्तिकर्ता के रूप में जुड़ने के अवसर मिलेंगे।CITEX 2025 का उद्घाटन में श्री किशोर इरपाते, सहायक निदेशक, MSME DFO, MSME मंत्रालय, भारत सरकार और श्री ओपी बंजारे, महाप्रबंधक, CSIDC, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री प्रदीप टंडन, अध्यक्ष, PHDCCI छत्तीसगढ़ चैप्टर, श्री प्रतीक सिंह, सह-अध्यक्ष, PHDCCI छत्तीसगढ़ चैप्टर, श्री आदित्य त्रिपाठी, वरिष्ठ सचिव, PHDCCI, और श्री सुमित दुबे, रेजिडेंट डायरेक्टर, PHDCCI छत्तीसगढ़ चैप्टर उपस्थित रहे।CITEX 2025: MSMEs और उद्योगों के लिए एक बड़ा अवसरछत्तीसगढ़ के MSMEs और निर्यातकों के सतत विकास को समर्थन देने की आवश्यकता के मद्देनजर, CITEX 2025 एक परिवर्तनकारी पहल है। यह एक्सपो स्थानीय उत्पादों और MSMEs को उपयुक्त स्थानों पर सही तरीके से स्थापित करने के लिए हितधारकों के सहयोग को गहरा करेगा।CITEX 2025 विभिन्न क्षेत्रों के MSMEs की भागीदारी को आकर्षित करेगा, जिनमें शामिल हैंहस्तशिल्प, फर्नीचर और खिलौने,रत्न एवं आभूषण निर्माण उपकरण कृषि और खाद्य प्रसंस्करणआयुषशिक्षा, हरित और वैकल्पिक ऊर्जा होटल उद्योग एडवेंचर पर्यटन इस एक्सपो में लगभग साठ MSMEs अपने स्टॉल लगाएंगे, और यह उन्हें बाजार से जुड़ने और व्यापारिक लीड प्राप्त करने में महत्वपूर्ण रूप से लाभान्वित करेगा। एक्सपो में सरकारी अधिकारियों, उद्योग हितधारकों, कारीगरों, पेशेवरों, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों, नागरिक समाज के सदस्यों, मीडिया और उपभोक्ताओं की बड़ी भागीदारी होगी।CITEX, MSMEs के विकास और संबंधित निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से PHDCCI की वार्षिक प्रमुख पहल होगी। यह छत्तीसगढ़ के MSMEs और विभिन्न उद्योग हितधारकों के लिए एक प्रभावशाली मंच बनने की उम्मीद है, जहां वे अपनी औद्योगिक उत्पादों को व्यापक दर्शकों के सामने प्रदर्शित कर सकेंगे।CITEX 2025 छत्तीसगढ़ के MSMEs और उद्योगों को स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों को बाजार में स्थापित करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। -
21 स्थानों पर 17200 रुपए सड़क बाधा जुर्माना भी वसूला
डस्टबिन नहीं रखने, गन्दगी फैलाने पर 18 दुकानों पर 27500रुपए जुर्माना
रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन 5 के नगर निवेश औऱ स्वास्थ्य विभाग द्वारा जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के नेतृत्व औऱ कार्यपालन अभियंता लाल महेंन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता नागेश्वर रामटेके, उप अभियंता संस्कार शर्मा, टिकेन्द्र चंद्राकर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी सन्दीप वर्मा, जोन स्वच्छता निरीक्षक दिलीप साहू की उपस्थिति में संयुक्त अभियान चलाया गया. नगर निवेश विभाग द्वारा कुशालपुर चौक में अंबरानी स्टील ट्रेडर्स को 20 हजार रूपये सड़क बाधा जुर्माना करने के बाद जुर्माना राशि की अदायगी नहीं करने पर जोन कमिश्नर के निर्देश पर तत्काल स्थल पर नगर निवेश की टीम द्वारा सीलबंद करने की कड़ी कार्यवाही की. नगर निवेश विभाग ने अन्य 21 भिन्न स्थानों पर सम्बंधितों से कुल 17200 रूपये का जुर्माना वसूला गया. जोन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुन्दर नगर चौक से चंगोराभाठा चौक तक संयुक्त अभियान के तहत स्वच्छता का निरीक्षण किया औऱ 18 दुकानों में डस्टबिन नहीं मिलने औऱ गन्दगी मिलने के कारण सम्बंधित दुकान संचालकों को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए कुल 27500 रूपये जुर्माना की वसूली की गयी. -
रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप के आदेशानुसार औऱ नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर ए. के. हालदार के निर्देशानुसार जोन कार्यपालन अभियंता अभिषेक गुप्ता के नेतृत्व औऱ नगर निवेश उप अभियंता लोचन प्रसाद चौहान की उपस्थिति में जीईमार्ग टाटीबंध मुख्य मार्ग में एम्स अस्पताल के पास अभियान चलाकर 12 ठेलों औऱ गुमटियों को हटाने की कार्यवाही की गयी.
इसी प्रकार जोन 8 में पण्डित जवाहर नेहरू वार्ड क्रमांक 2 के अंतर्गत कबीर नगर क्षेत्र में होली हार्ट्स स्कूल द्वारा डिवाइडर/ बाउंड्रीवाल/विधुत पोल शासकीय संपत्ति में विज्ञापन लेखन/ पोस्टर चिपका कर शासकीय सम्पत्ति को विरुपित किए जाने पर विगत दिनांक 12 मार्च 2025 को नोटिस दी गयी थी, जिस पर स्कूल प्रबंधन द्वारा आज 10000 रूपये जुर्माना ई पेनल्टी के माध्यम से जमा कराया गया.
रायपुरा मुख्य मार्ग महादेव घाट मन्दिर तक के मध्य 15 ठेलों औऱ गुमटियों को हटाने की कार्यवाही की गई, जिसमें जोन 8 नगर निवेश विभाग औऱ स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त अभियान चलाकर 13000 रूपये का जुर्माना किया गया. -
बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज मुंगेली जिले के बरेला और जरहागांव नगर पंचायत में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। मुंगेली की एसडीएम श्रीमती पार्वती पटेल ने बरेला और जरहागांव में आयोजित दो अलग-अलग समारोहों में बरेला नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री नरेश पटेल और जरहागांव नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रूपाली वेदप्रकाश कश्यप तथा दोनों नगर पंचायतों के पार्षदों को विधिपूर्वक शपथ दिलाई।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने कार्यों से नगरवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की अपील की। उन्होंने नवगठित नगर पंचायतों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता ने जिन उम्मीदों के साथ जनादेश दिया है, उन पर पूरी निष्ठा से काम करना सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि विष्णु देव साय सरकार के नेतृत्व में नगर पंचायत बरेला एवं जरहागांव के चहुंमुखी विकास के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने दोनों नगर पंचायतों को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बिलासपुर के मोहभट्ठा में 30 मार्च को होने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में नागरिकों को शामिल होने का आग्रह किया।
मुंगेली के विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने अपने संबोधन में कहा कि नगर की जनता ने निष्पक्ष रूप से अपने मतदान का प्रयोग कर आप लोगों को जिताया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नगर पंचायत बरेला और जरहागांव के सभी नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षद नागरिकों की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे और नगर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर और मुंगेली जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री रामकमल सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में समारोह में मौजूद थे। -
- रैंप पर कैटवाॅक करतीं नजर आईं हर उम्र की महिला सभासद
- ढोल पर जमकर थिरकीं महिलाएं, शिखा खाटेकर को होली क्वीन का खिताब
रायपुर। 'रंग लेके खेलते.. गुलाल लेके खेलते...', ‘होलिया में उड़े रे गुलाल’, ‘मतवाली कुड़िया’ और 'आला होली चा सन...' जैसे होली के हिंदी और मराठी गानों की धुन पर जब महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में महिलाएं थिरकीं, तो दर्शकदीर्घा में बैठीं महिलाएं भी खुद को झूमने से रोक नहीं पाईं। महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों के जबरदस्त होली मिलन समारोह के अंतिम दौर में ढोल- ताशे की धुन पर भी स्टेज के सामने डांस करने वालों में मानो होड़ लगी रही। वहीं जब पारंपरिक और ट्रेडिशनल लुक में जब महिलाएं रैंप पर उतरीं, तो नजारा देखने के लायक था।
मौका था महाराष्ट्र मंडल की चौबे काॅलोनी और सुंदर नगर महिला केंद्र द्वारा आयोजन कैटवाॅक, गेम्स और ढोल के साथ होली मिलन समारोह का। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ की गई। इसके बाद चौबे कॉलोनी महिला केन्द्र की प्रतिभाओं ने 'होलिया में उड़े रे गुलाल...' पर ग्रुप डांस किया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में सुंदर नगर महिला केंद्र की टीम ने 'मतवाली कुड़िया...' पर अपने ग्रुप डांस की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की अगली कड़ी में चौबे काॅलोनी केंद्र की महिलाओं ने नाटक 'माहेरचा पहुणा... (मायके का मेहमान) का खूबसूरत मंचन किया। इसके बाद सुंदर नगर की टीम ने राधा- कृष्ण पर मनमोहक डांस प्रस्तुत किया।
चौबे काॅलोनी केंद्र के सीनियर वुमन ग्रुप मेंबर्स ने 'होली आई मस्ती लाई' में उम्र को झुठलाते हुए बेहद जोशीला, मस्ती भरा डांस प्रस्तुत किया। अंत में सुंदर नगर केंद्र की महिलाओं ने ब्रज की होली पर शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान कुछ पलों के लिए पूरा ब्रजधाम महाराष्ट्र मंडल में ही उतरता हुआ नजर आया। इसमें श्रीकृष्ण गोपियों के साथ होली खेलते नजर आए।
इसके बाद ढोल डांस के आयोजन, विशेष रूप से दर्शकों के लिए किए गए। कार्यक्रम में शिखा खाटेकर को होली क्वीन चुना गया। संचालन चारूशीला देव ने किया। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने एक- दूसरे के चेहरे पर अबीर- गुलाल लगाने में कोई कमी नहीं रखी।
कार्यक्रम के समापन पर ढोल के रिदम पर स्टेज के सामने बैठीं महिलाएं भी अपने आप को नाचने से रोक नहीं पाईं। -
बोरियाखुर्द चौक में होटल कमल औऱ अन्य दुकानों में गंदगी मिलने, डस्टबिन नहीं मिलने पर 9250 रुपए जुर्माना
रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप के आदेश पर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के सभी 10 जोनों की टीमों द्वारा प्रतिदिन लगातार अभियान चलाकर गंदगी मिलने औऱ डस्टबिन नहीं मिलने पर संबंधित दुकानदारों पर चेतावनी देकर जुर्माना किया जा रहा है। इस क्रम में आज नगर निगम जोन 3 स्वास्थ्य विभाग द्वारा जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी पूरन तांडी के नेतृत्व में जोन स्वच्छता निरीक्षक अब्दुल नफीस की उपस्थिति में जोन क्षेत्र के तहत शंकर नगर टर्निंग पॉइंट पर स्थित शाह स्वीट्स में गन्दगी मिलने पर 15000रुपए का जुर्माना संबंधित स्वीट्स दुकान के संचालक को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए किया गया। वहीं नगर निगम जोन 10 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जोन कमिश्नर राकेश शर्मा के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा के नेतृत्व औऱ वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक यशवंत बेरिहा की उपस्थिति में जोन के तहत बोरियाखुर्द चौक में होटल कमल औऱ अन्य कुल 11 दुकानों में डस्टबिन नहीं मिलने औऱ गन्दगी मिलने पर सम्बंधित दुकान संचालकों पर कुल 9250 रूपये का जुर्माना उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए किया।
- रायपुर/ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा 21 मार्च 2025 को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में दोपहर एक बजे से आयोजित होगा।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। इसके अलावा, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और खेल मंत्री श्री टंक राम वर्मा विशिष्ट अतिथि होंगे।वर्ष 2025 में विश्व वानिकी दिवस की थीम ‘फारेस्ट एण्ड फूड‘ है, जो वनों की खाद्य सुरक्षा, पोषण, और आजीविकोपार्जन में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। यह कार्यक्रम वनों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव सहित वरिष्ठ वन अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2012 में वनों के महत्व के प्रति जागरूकता में वृद्धि की दृष्टिकोण से दिनांक 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में घोषित किया गया है। यह कार्यक्रम वनों के महत्व को समझने और उनके संरक्षण के लिए काम करने के लिए प्रेरित करेगा। इस कार्यक्रम में वनों के महत्व, उनके संरक्षण के तरीके, और वनों के साथ जुड़े लोगों के जीवन में सुधार करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। यह कार्यक्रम वनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करेगा।
- बड़े भजन रामनामी मेला के लिए दिया विशेष निमंत्रणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने सक्ती जिले के ग्राम जमगहन में 9 अप्रैल को आयोजित होने वाले बड़े भजन रामनामी मेला में मुख्यमंत्री श्री साय को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण के लिए महासभा के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर चंद्रपुर विधायक श्री राम कुमार यादव सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा एवं रायगढ़ जिले के रामनामी संप्रदाय से जुड़े सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर। . उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज मुंगेली जिले के बरेला और जरहागांव नगर पंचायत में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। मुंगेली की एसडीएम श्रीमती पार्वती पटेल ने बरेला और जरहागांव में आयोजित दो अलग-अलग समारोहों में बरेला नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री नरेश पटेल और जरहागांव नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रूपाली वेदप्रकाश कश्यप तथा दोनों नगर पंचायतों के पार्षदों को विधिपूर्वक शपथ दिलाई।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने कार्यों से नगरवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की अपील की। उन्होंने नवगठित नगर पंचायतों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता ने जिन उम्मीदों के साथ जनादेश दिया है, उन पर पूरी निष्ठा से काम करना सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि विष्णु देव साय सरकार के नेतृत्व में नगर पंचायत बरेला एवं जरहागांव के चहुंमुखी विकास के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने दोनों नगर पंचायतों को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बिलासपुर के मोहभट्ठा में 30 मार्च को होने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में नागरिकों को शामिल होने का आग्रह किया।मुंगेली के विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने अपने संबोधन में कहा कि नगर की जनता ने निष्पक्ष रूप से अपने मतदान का प्रयोग कर आप लोगों को जिताया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नगर पंचायत बरेला और जरहागांव के सभी नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षद नागरिकों की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे और नगर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर और मुंगेली जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री रामकमल सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में समारोह में मौजूद थे।
- -बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मिला समुचित मंच-प्रतिभागियों ने बस्तर पंडुम में लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा-22 एवं 23 मार्च को होगा दो दिवसीय जिला स्तरीय बस्तर पंडुमरायपुर / बस्तर जिले के जगदलपुर, बस्तर, तोकापाल, बास्तानार एवं दरभा विकासखण्ड में गुरुवार को ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों ने कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिल रही है। इस उत्सव में विभिन्न जनजातीय समूह अपनी कला और परंपराओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे न केवल सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिले के इन सभी ब्लॉक में आयोजित उक्त कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों, जनजातीय समुदायों और संस्कृति प्रेमियों का उत्साह देखते ही बना। बस्तर पंडुम न केवल संस्कृति को सहेजने का प्रयास है बल्कि सामाजिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। जिले के इन सभी विकासखंड में बस्तर पंडुम के तहत हजारों प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिले में बस्तर पंडुम का जिला स्तरीय कार्यक्रम 22 एवं 23 मार्च को इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें ब्लॉक स्तर से चयनित प्रतिभागी शामिल होंगे।उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत अनेक विधाएं शामिल की गई जिसमें जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी, हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत- चैतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल, हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि) जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य जिन्हें लय एवं ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र, वेषभूषा, मौलिकता, लोकधुन, वाद्ययंत्र, पारंपरिकता, अभिनय, विषय-वस्तु, पटकथा, संवाद, कथानक के मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा शामिल रहे। जिन्हें संयोजन, पारंगता, प्रकार, प्राचीनता के आधार पर अंक दिए गए। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण में एकरूपता, श्रृंगार, पौराणिकता को महत्व दिया गया। जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला का प्रदर्शन विधा के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन प्रस्तुतियां हुई। साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन- सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, पेज, कोसरा एवं मड़िया पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा,मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर इत्यादि के बनाने की विधि, स्थानीय मसाले, स्वाद, प्रकार का प्रस्तुतिकरण बस्तर पंडुम 2025 के मुख्य आकर्षण रहे। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।समाज प्रमुखों ने बस्तर पंडुम आयोजन को सराहाबस्तर जिले में विकासखण्ड स्तर पर आयोजित बस्तर पंडुम में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले समाज प्रमुखों में बस्तर पंडुम के प्रति खासा उत्साह एवं अलग ही लगाव देखने को मिला। इस दौरान इन समाज प्रमुखों ने बस्तर पंडुम आयोजन को सराहनीय पहल निरूपित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया।इस मौके पर पूर्व विधायक एवं सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष श्री राजाराम तोड़ेम ने बस्तर पंडुम को राज्य सरकार की जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक विविधता को देश-दुनिया में पहुंचाने की अनुपम प्रयास रेखांकित किया। वहीं सर्व आदिवासी समाज के बस्तर जिला अध्यक्ष श्री दशरथ कश्यप ने बस्तर पंडुम को जनजातीय संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में उल्लेखनीय पहल निरूपित करते हुए इसे हर साल आयोजित करने का सुझाव दिया।सर्व आदिवासी समाज के महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष चमेली जिराम ने बस्तर पंडुम को जनजातीय समुदाय के भावी पीढ़ी के लिए समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सीखने-समझने का बेहतर मंच बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति,परम्परा, रीति-रिवाजों से दूर हो रही है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन में सक्रिय सहभागी बनकर भावी पीढ़ी अपना जुड़ाव महसूस करेगी। इस बस्तर पंडुम में जनजातीय पेय पदार्थों के विधा में अपना प्रदर्शन करने पहुंचे नगरनार की अन्नपूर्णा नाग एवं भेजापदर की बुधरी बघेल ने कहा बस्तर पंडुम में जनजातीय संस्कृति की अलग छटा दिख रही है। जिसमें परम्परा, रीति-रिवाज, खान-पान सभी शामिल है। यह हमारी पहचान है और इसे संरक्षित करने के लिए सरकार का प्रयास प्रशंसनीय है।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को बचाने की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जंगल केवल हरियाली नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। यह न केवल प्राणवायु (ऑक्सीजन) का प्रमुख स्रोत हैं, बल्कि विभिन्न खाद्य, औषधीय और अन्य उपयोगी संसाधनों का भंडार भी हैं। पेड़ों और जंगलों के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के लिए हर वर्ष 21 मार्च को ‘विश्व वानिकी दिवस’ मनाया जाता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या और आधुनिक जीवनशैली के कारण जंगल सिमटते जा रहे हैं और पर्यावरण असंतुलन बढ़ता जा रहा है। जंगलों के घटने से जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की समस्या विकराल रूप ले रही है।पर्यावरणीय असंतुलन का असर मनुष्यों, कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र पर साफ दिख रहा है।छत्तीसगढ़ – जंगलों से घिरा प्रदेश, वन प्रबंधन और संरक्षण की दिशा में अग्रसरमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा भूभाग घने वनों से आच्छादित है और यहाँ की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था भी वनों से गहराई से जुड़ी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार वन प्रबंधन और सामुदायिक वन संरक्षण के माध्यम से वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से न केवल वनों का संरक्षण किया जा रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी इससे जोड़ा जा रहा है, ताकि वन और आजीविका के बीच संतुलन बना रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण-मुक्त वातावरण देने की जिम्मेदारी निभाएँ।
- -लगभग 1 करोड़ निर्वाचन अधिकारियों की निरंतर क्षमता वृद्धि के लिए डिजिटल प्रशिक्षण की योजना-निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी स्तर पर लगभग 5000 सर्वदलीय बैठकों के माध्यम से राजनीतिक दलों की भागीदारी-निर्वाचक नामावलियों में प्रविष्टियों के सुधार और नामों को शामिल करने के लिए आपत्तियों और अपीलों का कानूनी ढांचा-अब तक केवल 89 प्रथम अपील और मात्र 1 द्वितीय अपील दायररायपुर/ भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में, निर्वाचन आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ, भारत निर्वाचन आयोग ने पदभार ग्रहण करने के एक महीने से भी कम समय में पूरी निर्वाचन मशीनरी को बीएलओ स्तर तक सभी मतदाताओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और मतदान केंद्रों पर उनके लिए सुखद अनुभव सुनिश्चित करने के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ाया है। राजनीतिक दलों को, जो प्रमुख हितधारक हैं, को भी जमीनी स्तर पर शामिल किया जा रहा है।आयोग ने पुनः पुष्टि की है कि लगभग 100 करोड़ मतदाता हमेशा लोकतंत्र के आधार स्तंभ हैं। यूआईडीएआई और भारत निर्वाचन आयोग के विशेषज्ञों के बीच तकनीकी परामर्श जल्द शुरू होंगे। हालांकि एक मतदाता केवल अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर ही मतदान कर सकता है, आयोग ने देश भर में मतदाता पहचान पत्र के नंबरों में दोहराव को समाप्त करने और दशकों पुरानी समस्या को 3 महीने के भीतर खत्म करने का संकल्प लिया है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्राधिकरणों के साथ समन्वय से मतदाता सूची का नियमित अद्यतन मजबूत किया जाएगा।राजनीतिक दलों के साथ आयोग की बातचीत में स्पष्ट किया गया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में कोई भी नाम शामिल करना या हटाना अपीलों की प्रक्रिया द्वारा शासित होता है, जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत सभी राजनीतिक दलों के लिए दावों और आपत्तियों को दर्ज करने के लिए उपलब्ध है। ऐसी अपीलों के अभाव में, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा तैयार की गई सूची मान्य होती है। यह अवगत कराया जा सकता है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 7 मार्च, 2025 को स्पष्ट किया था कि 6-10 जनवरी, 2025 तक विशेष संक्षिप्त संशोधन (एसएसआर) अभ्यास के पूरा होने के बाद केवल 89 प्रथम अपील और केवल 1 द्वितीय अपील दायर की गई थी।सभी पात्र नागरिकों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, मतदान की सुगमता और सुखद मतदान अनुभव कराना भारत निर्वाचन आयोग का प्रमुख उद्देश्य है। यह सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कदम उठाए जाएंगे कि कोई भी मतदान केंद्र 1,200 से अधिक मतदाताओं वाला न हो और यह मतदाताओं से 2 किमी के दायरे में हो। सबसे दूरस्थ ग्रामीण मतदान केंद्रों में भी मूलभूत सुविधाएं (एएमएफ) सुनिश्चित की जाएंगी। शहरी उदासीनता से निपटने और अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, ऊंची इमारतों और कॉलोनियों के समूहों में भी उनके परिसर के भीतर मतदान केंद्र होंगे।लगभग 1 करोड़ निर्वाचन कर्मियों की व्यापक और निरंतर क्षमता निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, 4 और 5 मार्च को नई दिल्ली में आईआईआईडीईएम में सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों की दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पहली बार प्रत्येक राज्य / केंद्रशासित प्रदेश के जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रकरण अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन ने संविधान, निर्वाचन कानूनों और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के ढांचे के अनुसार 28 हितधारकों और उनकी जिम्मेदारियों के स्पष्ट मानचित्रण के साथ पूरी निर्वाचन मशीनरी को ऊर्जा प्रदान करने पर जोर दिया।निर्देशों के लिए निर्वाचन हैंडबुक और मैनुअल को नवीनतम परिवर्तनों के साथ समन्वित किया जाएगा। कई भारतीय भाषाओं में डिजिटल प्रशिक्षण किट तैयार की जाएंगी ताकि फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए आसान आत्मसात और प्रभावी प्रशिक्षण हो सके। एनिमेटेड वीडियो और एकीकृत डैशबोर्ड प्रशिक्षण को डिजिटल बढ़ावा देंगे। बीएलओ को प्रशिक्षित करने के लिए एक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है।निर्वाचन प्रक्रियाओं के सभी पहलुओं में राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 4 मार्च को सीईओ सम्मेलन के दौरान निर्देश दिया कि सभी 36 सीईओ, 788 डीईओ, 4123 ईआरओ द्वारा नियमित सर्वदलीय बैठकें और बातचीत आयोजित की जाएं। देश भर में ऐसी बैठकें जमीनी स्तर पर ही राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए किसी भी लंबित और उभरते मुद्दों को हल करने में मदद करेंगी। यह प्रक्रिया 31 मार्च, 2025 तक पूरे भारत में पूरी हो जाएगी।आयोग द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और उनके नियुक्त बीएलए को निर्वाचन कानूनों के अनुसार दावों और आपत्तियों सहित उचित प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव का राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव संचालन से संबंधित किसी भी और सभी मामलों पर सुझाव आमंत्रित किए हैं और वे इन्हें 30 अप्रैल, 2025 तक भेज सकते हैं। दलों को दिल्ली में आयोग से आपसी सुविधाजनक समय पर मिलने का निमंत्रण भी दिया गया है। ये साहसिक और दूरगामी पहल चुनावों के पूरे दायरे को कवर करती हैं और सभी प्रमुख हितधारकों को भागीदारी पूर्ण तरीके से शामिल करती हैं।
- -डीएमईओ, नीति आयोग और राज्य नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजनरायपुर / छत्तीसगढ़ में शासन की प्रभावशीलता और योजनाओं की दक्षता को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य नीति आयोग एवं नीति आयोग (भारत सरकार) के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (डीएमईओ) के सहयोग से "मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन" विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह दो दिवसीय कार्यशाला 20 और 21 मार्च को आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की पारदर्शी, प्रभावी और डेटा-आधारित निगरानी सुनिश्चित करना तथा नीति निर्माण को अधिक परिणामोन्मुखी बनाना है।कार्यशाला में प्रमुख रूप से नीति आयोग, भारत सरकार की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, योजना विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया तथा डीएमईओ, नीति आयोग के निदेशक श्री अबिनाश दास और श्री देवी प्रसाद भुक्या उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जिनमें सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर फोकसडीएमईओ की विशेषज्ञ टीम ने सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन के आधुनिक तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान अधिकारियों को डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर प्रशिक्षित किया गया। डीएमईओ के प्रशिक्षकों ने डेटा गवर्नेंस, गुणवत्ता संकेतक (Quality Indicators), परिणाम-आधारित निगरानी (Output-Outcome Based Monitoring) और मूल्यांकन प्रणाली जैसे विषयों पर सत्र लिए। उन्होंने बताया कि कैसे वैज्ञानिक रूप से योजनाओं की निगरानी कर उनके वास्तविक प्रभाव को मापा जा सकता है, जिससे शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बन सके।लॉजिकल फ्रेमवर्क और डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स पर चर्चाविशेषज्ञों द्वारा "आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क", "डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स" और "लॉजिकल फ्रेमवर्क" विषयों पर गहन परिचर्चा की गई। राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से राज्य के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे अपनी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बना सकें। एमईओ, नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर ने कहा कि मॉनिटरिंग और इवैल्यूएशन (M&E) किसी भी प्रभावी शासन प्रणाली की आधारशिला है। भारत सरकार ने योजनाओं के प्रभावी मूल्यांकन और निगरानी के लिए डीएमईओ की स्थापना की है। राज्य में भी इसी तरह की संस्था बनाई जानी चाहिए। यह कार्यशाला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नीति-निर्माण में डेटा-आधारित दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यशाला से राज्य के अधिकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को बेहतर तरीके से मापने और विश्लेषण करने में सक्षम होंगे।योजना विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि इस प्रशिक्षण से सरकारी योजनाओं की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा, जिससे राज्य के विकास कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी। राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने कहा कि निगरानी और मूल्यांकन सुशासन का प्रमुख आधार है। राज्य नीति आयोग पहले से ही सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के लिए विभिन्न संकेतकों की निगरानी कर रहा है। इस कार्यशाला से डेटा संग्रह और निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। राज्य नीति आयोग और डीएमईओ, नीति आयोग, भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से आने वाले समय में इस तरह की और कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित नीति निर्माण और प्रभावी निगरानी प्रणाली को मजबूत करना है।इस कार्यशाला से छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास और सुशासन को और अधिक गति मिलेगी।



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