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- रायपुर । त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत ग्राम पंचायत के पंच पदों के लिए प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई 8 एवं 9 जनवरी को होगी। आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय आरंग में 9 जनवरी को दोपहर 11 बजे से होगी। इसके अलावा आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय धरसींवा, जनपद पंचायत कार्यालय तिल्दा-नेवरा और जनपद पंचायत कार्यालय अभनपुर में 8 जनवरी को 11 बजे से होगी।
- -12 से 14 जनवरी तक सांइस कालेज में होगा आयोजन-प्रख्यात कवि श्री कुमार विश्वास और सुपर 30 के फेम श्री आनंद कुमार होंगे शामिलरायपुर । राजधानी में तीन दिवसीय युवा उत्सव का आयोजन होगा। इसकी तैयारियों को लेकर कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने बैठक ली। यह आगामी 12 से 14 जनवरी को साइंस कालेज ग्राउंड में आयोजित होगी। कलेक्टर ने जिसमें प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभाओं की प्रस्तुति देगें। बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को कार्यभार की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के लिए सभी अधिकारी जुट जाएं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समर्पित होकर कार्य करें। युवा उत्सव कार्यक्रम में देश के प्रख्यात कवि श्री कुमार विश्वास, ने अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही सुपर 30 फेम श्री आंनद कुमार का प्रेरणादायक उद्धबोधन भी होगा। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप सहित जिले के सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- भिलाई। नगर निगम भिलाई क्षेत्र के तालाबों को संरक्षित करने के लिए एनजीटी के माध्यम से निरीक्षण किया गया। चिन्हित तालाबों को रखरखाव उसको व्यवस्थित करने हेतु चयन किया गया था। निगम क्षेत्र में लगभग डेढ़ सौ से अधिक तालाब है। तालाबों पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा न होने पाए, इसलिए उसका सीमांकन करने का आदेश प्राप्त हुआ है। इससे यह भी पता चलेगा कि तालाब का क्षेत्रफल क्या है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय जोन कमिश्नर अजय सिंह राजपूत को लेकर जुनवानी शीतला तालाब का निरीक्षण करने गए। क्या आवश्यकता है किस प्रकार से सफाई होगी इत्यादि के बारे में चर्चा किया। जोन कमिश्नर के अनुसार तालाब सफाई का टेंडर हो गया है संबंधित एजेंसी दो दिन के अंदर कार्य शुरू कर देगी। जुनवानी शीतला तालाब बहुत ही पुराना अच्छा प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। पुराने वृक्ष , बगल में मंदिर है उसका संरक्षण किया जाएगा और बेहतर हो जाएगा। इसके साथ ही आयुक्त ने निर्देश दिया जितने भी निर्माण कार्य हो स्थाई रूप से वहां पर एक बोर्ड लगाया जाए। जिस पर ठेकेदार का नाम, कितने लागत से कार्य हो रहा है, उसका मोबाइल नंबर, पता, तालाब का नाम क्षेत्रफल इत्यादि स्पष्ट होना चाहिए। जिससे कोई भी व्यक्ति आवश्यकता अनुसार बात कर सके जानकारी प्राप्त कर सके। यह देख करके वहां पर काम कर रही श्रीमती राही बाई ने पूछा आप लोग क्या कर रहे हो, जब बताया गयाइस तालाब का साफ सफाई सौंदरीकरण होगा उसने कहा बहुत अच्छा होगा। हम सबकी इच्छा थी कि तलब साफ-सफाई हो जाए। शीतल तालाब से हम लोगों की भावनाएं जुड़ी है। हमारे बच्चे यही खेल कर बड़े हुए हैं।निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, अभियंता श्वेता महेश्वर, पुरुषोत्तम सिन्हा, जनसंपर्क अधिकारी अजय शुक्ला, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।
- बिलासपुर, / केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने एक टेबल बुक का आज विमोचन किया। वर्ष 2025 के इस टेबल बुक सह कलेंडर में वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर और वरिष्ठ पत्रकार शिरीष डामरे की खींची हुई तस्वीर लगाई गई हैं। टेबल बुक में चार ऐसी चिड़ियों की दुर्लभ तस्वीर है, जिसमें रिसर्च के लिए टैग लगाई गई है। इनमें से एक लेजर सेंड फ्लोवर जिसमें मुंबई में टैग किया गया था। दूसरा बार हेडेड गुज है, जिसे मंगोलिया में टैग किया गया था जो हिमालय पार करके बिलासपुर पहुंची थी। तीसरा यूरेशियन विंब्रेल है, जिसे मेडागास्कर के आइसलैंड में टैग किया गया था। जो सात समुंदर पार करके बेमेतरा पहुंची थी। इस पक्षी में जीपीएस लगा हुआ था। चौथी बर्ड सवाई माधोपुर से खींची गई थी जिसका नाम इंडियन स्कीमर है। इसे चंबल में टैग किया गया था। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की दुर्लभ पक्षियों की फोटो लगी है।
- -सभी अधिकारियों को समन्वय बनाकर समय पर प्रबंधन करने के दिए निर्देशदुर्ग/ भारत सरकार के केन्द्रीय मंत्री ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित दुर्ग प्रवास कार्यक्रम के सन्दर्भ में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने ग्राम नगपुरा के कार्यक्रम स्थल में आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने नगपुरा स्थित कार्यक्रम स्थल अंतर्गत आत्मानंद स्कूल प्रांगण नगपुरा, हेलीपेड स्थल, पार्किंग स्थल एवं रेस्ट हॉउस नगपुरा का अवलोकन किया एवं आवश्यक सभी सुविधाओं हेतु सम्बंधित विभाग प्रमुख अधिकारी को निर्देशित किया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में डोम निर्माण, बैठक व्यवस्था, पेय जल, विभागीय प्रदर्शनी स्टॉल, वाहन पार्किंग स्थल, हैलीपेड स्थल आदि के संबंध में समुचित प्रबंधन के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने सभी अधिकारियों को समन्वय बनाकर समय पर कार्य करने कहा। निरीक्षण के दौरान एडीएम श्री अरविंद एक्का, एएसपी सुखनंदन राठौर और अभिषेक झा, जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ श्री बजरंग दुबे एवं सभी संबंधित विभागों के विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ राजनीतिज्ञ पूर्व केन्द्रीय मंत्री पद्मविभूषण डॉ. मुरली मनोहर जोशी के 5 जनवरी को जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्री साय ने कहा है कि डॉ. मुरली मनोहर जोशी जी की विद्वता, सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान और भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। भारत के पुनरुत्थान के पुरोधाओं में एक बड़ा नाम डॉ. जोशी का है। भारत की वैज्ञानिक, तकनीकी आत्मनिर्भरता की बात डॉ. जोशी काफी लंबे समय से करते रहे हैं। शैक्षणिक उन्नति की दिशा में उनके प्रयासों ने एक अमिट छाप छोड़ी है। मुख्यमंत्री ने श्री जोशी के स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना करते हुए कहा है कि डॉ जोशी का मार्गदर्शन हमे देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस हत्याकांड में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस मयंक गुर्जर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। फारेंसिक टीम साइंटिफिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना की जांच कर रही है। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके द्वारा किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। हमारी सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पत्रकारों की स्वतंत्रता और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 05 जनवरी को जिला मुख्यालय गरियाबंद के दौरे पर रहेंगे और वहां पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में 338 करोड़ रूपए के विकास कार्यो की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री श्री साय गांधी मैदान में आयोजित राष्ट्र जागरण 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में भी शामिल होंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार पुलिस परेड ग्राउंड रायपुर से सुबह 11.55 बजे रवाना होकर दोपहर 12.25 बजे जिला मुख्यालय गरियाबंद पहुंचेंगे और वहां पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 3.10 बजे गरियाबंद के गांधी मैदान में राष्ट्र जागरण 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होंगे। कार्यक्रम के पश्चात वे शाम 4.45 बजे रायपुर लौट आएंगे।
- -अधिकारों की मान्यता, वनों का प्रबंधन एवं संरक्षण तथा अभिसरण से आजीविका संवर्धन सहित विभिन्न विषयों पर होगी परिचर्चारायपुर /आदिम जाति विकास विभाग द्वारा ’धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत वन अधिकार अधिनियम 2006 के बेहतर क्रियान्वयन विषय पर संबंधित विभागों एवं अशासकीय संस्थानों के मध्य परिचर्चा-परामर्श हेतु एफईएस एवं एटीआरईई संस्था के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला न्यू सर्किट हाऊस, सिविल लाईन्स, रायपुर में होगा। आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने पत्र जारी कर सभी जिलों के सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग जिला परियोजना समन्वयक के साथ कार्यशाला में उपस्थित रहने को कहा है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 02 अक्टूबर 2024 को धरती आवा- जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान अंतर्गत 17 मंत्रालयों के सहयोग से भारत सरकार की 25 योजनाओं को सुसंगत तरीके से धरातल पर उतारना है जिसमें वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन अंतर्गत मुख्य रूप से निश्चित समयावधि में वन अधिकारों की मान्यता की प्रकिया को पूर्ण किया जाना है। विभिन्न मंत्रालयों (जनजातीय कार्य मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, मतस्य विभाग, पशुपालन विभाग इत्यादि) के योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से वननिवासी जनजातीय परिवारों के सतत आजीविका की सुरक्षा, परस्थितिकीय संतुलन हेतु वनों की सुरक्षा, संवर्धन, संरक्षण एवं प्रबंधन इत्यादि जैसे लक्ष्यों की प्राप्ति शामिल है।वन अधिकार अधिनियम, 2006 के क्रियान्वयन में हमारा राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य में अब तक 4 लाख 79 हजार 502 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र एवं सामुदायिक वन संसाधन के अंतर्गत 4377 वन अधिकार पत्र वितरित किए गए हैं। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्य ग्रामसभाओं में सामुदायिक वन संसाधनों के प्रबंधन हेतु सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति के गठन की कार्यवाही की जा रही है। अब तक 2081 सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति का गठन किया जा चुका है। वन अधिकार अधिनियम, 2006 अंतर्गत अधिकारों की मान्यता, वनों का प्रबंधन एवं संरक्षण, अभिसरण से आजीविका संवर्धन आदि संपूर्ण कार्यों के बेहतर कियान्वयन हेतु संबंधित शासकीय विभागों तथा अशासकीय संस्थानों की सतत् भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
- -अब तक 97.60 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीदी-19.34 लाख किसानों को धान खरीदी के एवज में 21 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान-धान खरीदी के साथ-साथ तेजी से हो रहा धान का उठाव-अब तक 65.80 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी-39 लाख मीट्रिक टन धान का हो चुका है उठावरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। वहीं धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। राज्य में 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक लगभग 97.60 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 19.34 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 21 हजार 040 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।प्रदेश के समस्त पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय हेतु टोकन की सुविधा ऑनलाईन एप्प (टोकन तुंहर हांथ) एवं उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी 2025 तक के लिए उपलब्ध कराया गया है। किसान सुविधा अनुसार तिथी का चयन कर नियमानुसार धान विक्रय कर सकते है।धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। धान उठाव के लिए लगभग 65.80 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 39 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 03 जनवरी 2025 को 66392 किसानों से 3.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 83 हजार 299 टोकन जारी किए गए थे।
- -ग्रामीण भारत महोत्सव दिल्ली में जशप्योर के उत्पाद को बेहतर प्रतिसादरायपुर / नई दिल्ली के भारत मंडपम में आज से शुरू हुए ग्रामीण भारत महोत्सव 2025 में छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के जशप्योर ब्रांड के उत्पादों को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग भारत मंडपम में लगाए गए स्टॉल क्रमांक 76 में पहुंचकर जशप्योर के उत्पाद को खरीद रहे हैं। जशप्योर उत्पादों की ऑनलाइन भी खरीदी हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिले सहित अन्य जिलों के वनोपज उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के प्रयास से छत्तीसगढ़ में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिला है। छत्तीसगढ़ सरकार इस पहल से युवाओं और महिलाओं को रोजगार सुलभ हुआ है।ग्रामीण भारत महोत्सव में हरित क्रांति आदिवासी सहकारी समिति मर्यादित छत्तीसगढ़ द्वारा लगाए गए स्टाल में जशपुर जिले में उत्पादित काजू, जीराफूल चावल, रागी और महुआ का बना लड्डू, कुल्थी दाल, मड़वा आटा, रागी से कुकीज, जैकफ्रूट कुकीज, महुआ एनर्जी कैंडी, महुआ नेक्टर, जशपुर की चाय सहित अन्य कई खाद्य उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध हैं, जिसे जशपुर जिले के वनोपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कर तैयार किया गया है, जो स्वादिष्ट और सेहत के लिए उत्तम है। जशप्योर के प्रोडक्ट का निर्माण आदिवासी युवाओं और महिलाओं द्वारा पूरी शुद्धता के साथ किया जाता है। यही कारण है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जशप्योर ब्रांड ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।जशप्योर का मुख्य उद्देश्य महुआ, रागी और बाजरा जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों को वैश्विक थाली में लाना है। समर्थ जैन का कहना है कि इन उत्पादों के माध्यम से न केवल पोषण को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि इनके संग्रह और प्रसंस्करण में लगे आदिवासी समुदायों को रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण भी हो रहा है। महुआ जशपुर जिले में बहुतायत रूप से पाया जाता है। महुआ पेड़ फूल-फल से लेकर जड़ तक औषधीय गुणों से भरपूर है। महुआ में एंटी बैक्टिरियल गुण होते हैं, इससे शरीर में सूजन कम होती है और घाव जल्दी भरते हैं। महुआ में विटामिन सी होता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। महुआ का उपयोग खांसी, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा जैसे श्वसन समस्याओं के उपचार में उपयोगी है। यह फेफडों में जमें कफ को दूर करता है। रागी में भरपूर मात्रा में कैल्सियम, विटामिन, फाइबर पाया जाता है। इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट तनाव में कमी, डिप्रेशन, एंग्जायटी और अनिद्रा की समस्याओं को दूर करता है। इसके सेवन से खून में आयरन की कमी को दूर करने में मदद मिलती है। हड्डियां मजबूत होती है। रागी के सेवन से कोलेस्ट्राल और वजन को कम होता है।गौरतलब है कि ग्रामीण भारत महोत्सव 2025 का आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में 4 जनवरी से 9 जनवरी तक किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज इस महोत्सव का उद्घाटन किया। महोत्सव का विषय विकसित भारत 2047 के लिए लचीले ग्रामीण भारत का निर्माण है। इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमशीलता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
- -आज अंजन खुद गीत लिखता है कंपोज करता है और गाता भी है-प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रवास ने बदली जिंदगी की दिशारायपुर / एक दशक पहले अपने दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी दिव्यांग बच्चों के संस्थान 'सक्षम' के एक छोटे से दृष्टिबाधित बच्चे की प्रतिभा से मुग्ध हो गए थे। उस बच्चे का नाम था अंजन। जब अंजन ने अपना गाना सुनाया तब प्रधानमंत्री जी इतने खुश हुए थे कि उन्होंने बड़े ही स्नेहिल भाव से उसके सर पर हाथ फेरकर उसे प्रोत्साहित किया था।देश के प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन एक बच्चे के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है, अंजन इसका उदाहरण है। पहले अंजन दूसरों के लिखे गीत गाता था, आज अंजन स्वयं गीत लिखता है, इसे कंपोज भी करता है और गाता भी है। अभी हाल ही में अंजन ने अयोध्या धाम में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने के अवसर पर एक गीत लिखा और उसे कंपोज भी किया है।अंजन की संगीत में रुचि को देखते हुए संस्थान में उसे आर्गन, कांगो और ढोलक का प्रशिक्षण दिया गया।दंतेवाड़ा में हर साल बारसूर महोत्सव का आयोजन होता है। इस बार के आयोजन में अंजन अपने रामलला पर लिखे गीत की प्रस्तुति देगा। अंजन अभी 11वीं कक्षा में पढ़ रहा है, अब इस संस्थान में दसवीं तक की पढ़ाई संस्थान के भीतर ही होती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर संस्थान में सभी बुनियादी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। उल्लेखनीय है कि सक्षम संस्था में शैक्षणिक व्यवस्था डीएमएफ के माध्यम से होती है। उनका यह मानना था कि खनन प्रभावित इलाकों में विकास के कार्यों के लिए डीएमएफ के माध्यम से निधि स्थापित की जाए। आज अंजन जैसे बच्चों का सपना डीएमएफ के माध्यम से पूरा हो रहा है।जब पैदा हुआ तो दादाजी ने कहा, यह क्या करेगा इसको कहीं छोड़ दोअंजन बीजापुर के अंदरूनी नक्सल प्रभावित इलाके का रहने वाला है। नक्सल समस्या की वजह से माता-पिता को गांव छोड़ना पड़ा। अंजन बचपन से ही दृष्टिबाधित है। जब वह पैदा हुआ तो उसके दादाजी को बड़ी निराशा हुई और उन्होंने कहा कि इसका क्या होगा, यह क्या करेगा, इसको छोड़ दो। मां बहुत प्यार करती थी। मां ने कहा कि नहीं इसे पालेंगे। बाद में सक्षम संस्था के बारे में पता चला और सक्षम में एडमिशन दिलाया। सक्षम के टीचरों को इसके गायन की प्रतिभा और संगीत में रुचि के बारे में पता चला और अब अंजन की दुनिया ही बदल गई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ ही पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद भी अंजन की प्रतिभा से प्रभावित हो चुके हैं।गहरी प्रतिभा और अथाह उत्साह से सबको मिलती है प्रेरणाअंजन ने आज सब बच्चों के साथ लुई ब्रेल को पुष्पांजलि दी। लुई ब्रेल ऐसे व्यक्ति है जिनकी वजह से दृष्टिबाधित बच्चे भी फर्राटे से पढ़ सकते हैं। सक्षम कैंपस में हेलेन केलर की तस्वीर भी है, जो यह बताती है कि दुनिया की सबसे अच्छी चीजों को ना देख सकते हैं न छू सकते हैं, उन्हें केवल महसूस कर सकते हैं।
- रायपुर /पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पी द्वारा पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या के मामले की विवेचना के लिए आईपीएस श्री मयंक गुर्जर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। गौरतलब है कि पत्रकार श्री मुकेश चंद्रकार की हत्या के मामले में बीजापुर थाना में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।एसआईटी (विशेष अनुसंधान टीम) में आईपीएस श्री मयंक गुर्जर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर, सुश्री रूचि वर्मा उप पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा, श्री शरद जायसवाल उप पुलिस अधीक्षक बीजापुर, सुश्री गीतिका साहू उप पुलिस अधीक्षक बस्तर, श्री दुर्गेश शर्मा निरीक्षक थाना प्रभारी बीजापुर, श्री वीरेंद्र श्रीवास्तव निरीक्षक प्रभारी जिला विशेष शाखा बीजापुर, श्री चन्द्रशेखर श्रीवास निरीक्षक प्रभारी फरसापाल जिला दंतेवाड़ा, श्री रिजवान अहमद निरीक्षक रक्षित केंद्र बीजापुर, श्री गौरव तिवारी निरीक्षक रेंज साइबर थाना जगदलपुर, श्री मुकेश पटेल उप निरीक्षक थाना बीजापुर तथा श्री विवेकानंद पटेल प्रभारी साइबर सेल बीजापुर को शामिल किया गया है। एसआईटी को उक्त प्रकरण की गहन जांच करने तथा प्रकरण की जांच कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक बीजापुर को प्रतिदिन प्रगति प्रतिवेदन अनिवार्यतः पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज कार्यालय को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
- रायपुर /महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। राज्य में खेल अधोसंरचनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शन करने के लिए भरपूर मौके मिले। वें आज सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत बरौन्धी में ग्रामीण अंचल आधारकार्ड फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए बेहतर मौका मिलता है। खेल के मैदान में खिलाड़ियों को खेलता देख एक अलग ही अनुभूति होती है। उन्होंने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, खेल प्रेमी तथा ग्रामीणजन मौजूद थे।
- -अस्पताल के सीसी टीवी कैमरे के फुटेज की मदद से पुलिस ने दो महिलाओं के साथ स्टेशन से बरामद किया शिशु को-अस्पताल अधीक्षक ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाली सुरक्षा गार्ड को तत्काल हटाया-आरोपित महिलाओं ने शिशु के परिजनों से मेलजोल बढ़ाकर चोरी की घटना को अंजाम देने की कोशिश की परंतु कुछ ही देर में पकड़ लिए गयेरायपुर। अम्बेडकर अस्पताल प्रबंधन की सजगता और पुलिस की तत्परता से आज एक दिन के बालक शिशु (मेल चाइल्ड) को चोरी होने से बचा लिया गया। अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने वार्ड की सुरक्षा में हुई चूक के लिए वार्ड में तैनात सुरक्षा गार्ड को तत्काल हटा दिया है। साथ ही प्रसूति वार्ड में भर्ती सभी लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान या अपरिचित लोगों से मेल- जोल ना बढ़ायें। किसी भी प्रकार के संदेहास्पद लोगों की सूचना वार्ड के सुरक्षा गार्ड, नर्स, डॉक्टरों या फिर अस्पताल में स्थित पुलिस सहायता केंद्र को देें ताकि समय रहते किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने शिशु को ढुंढने में शामिल सुरक्षा गार्ड की टीम और पुलिस को बधाई दी कि बेहद ही कम समय में पूरी टीम की सूझबूझ और सक्रियता की बदौलत शिशु को चोरी होने से बचा लिया गया।घटना की विस्तृत जानकारी इस प्रकार है कि अम्बेडकर अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के वार्ड नंबर 6 में भर्ती नीता सतनामी पति बेद व्यास सतनामी, ग्राम डोमा, थाना आरंग, रायपुर निवासी के एक दिन के नवजात शिशु के गुम जाने की सूचना अस्पताल प्रबंधन को मिली। इसके साथ ही परिजनों के माध्यम से इसकी सूचना थाना मौदहापारा को दी गई। अस्पताल के पुलिस सहायता केंद्र, सेक्युरिटी टीम एवं पुलिस प्रशासन को जैसी ही इसकी सूचना मिली त्वरित अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज का पड़ताल किया गया। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने स्वयं इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सेक्युरिटी टीम को बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर शिशु की खोज के लिए जाने के निर्देश दिये।सीसी टीवी फुटेज में एक महिला के द्वारा नवजात शिशु को आयुष्मान गेट से बाहर ले जाते दिखाई दिया। दोपहर 1 बजकर 7 मिनट में आरोपित महिला द्वारा अस्पताल के वार्ड क्रमांक 6 से बच्चे को लेकर 1 बजकर 9 मिनट में आयुष्मान गेट से बाहर निकल जाना दिखाई दिया। तत्पश्चात पुलिस की टीम ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 5 से दो महिलाओं के साथ शिशु को बरामद किया। शिशु को वापस अस्पताल लाया गया और उसकी डॉक्टरों द्वारा जाँच की गई जिसमें वह स्वस्थ होना पाया गया उसके बाद वापस परिजनों को सौंप दिया गया। शिशु की माता नीता सतनामी ने बताया कि डिलीवरी के लिए अपनी सास, ससुर और ननद के साथ 3 जनवरी को अम्बेडकर अस्पताल आई और शाम 7.30 के लगभग वार्ड नम्बर 6, बेड नम्बर 1 में उसको भर्ती किया गया। जहाँ रात्रि 11.15 बजे उसने बालक शिशु को जन्म दिया। उनकी सास और ननद के साथ रानी साहू और पायल साहू नामक दो महिलाओं ने अपना परिचय बनाया और दूसरे दिन यानी 04 जनवरी को इन दोनों महिलाओं ने सास और ननद के साथ वार्ड नम्बर 6 के गेट के पास साथ में खाना खाया। जब उसकी सास हाथ धोने गई और वापस आई तो नवजात शिशु बिस्तर पर नहीं था। रानी साहू और पायल साहू भी नहीं दिखे। तब शक हुआ। अस्पताल को और पुलिस को सूचना दिये। सूचना के आधार पर अस्पताल प्रबंधन और सिक्युरिटी टीम की सक्रियता तथा पुलिस की कार्यवाही से नवजात शिशु सकुशल वापस मिल गया।
- -कलेक्टर ने यातायात दुरूस्त करने के लिए ली समीक्षा बैठकरायपुर । कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने आज यातायात दुरूस्त करने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की कलेक्टोरेट स्थित रेडक्राॅस सभाकक्ष में बैठक ली। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कहा कि जिन-जिन स्थानों पर यातायात बाधित करने वाले पुरानी गाड़ियां सड़कों पर खड़ी है, उन्हें हटाया जाएं। साथ ही पुराने खंबे एवं बिजली के बॉक्स, पेड़ों की छटाई जल्द से जल्द किया जाएं। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कहा कि जिन-जिन स्थानों पर यातायात बाधित हो रहा है, उन स्थानों को चिंहाकित कर कार्रवाई की जाएं। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि ज्यादातर प्रमुख मार्गाें में फ्लैक्स रखने की वजह से भी यातायात बाधित होता है, ऐसे में उन फ्लैक्स एवं बैनरों को हटाने की कार्रवाई की जाएं। साथ ही पेड़ की छटाई जिन-जिन स्थानों पर नहीं हुई है, उन पेड़ों की छटाई जल्द से जल्द की जाएं। कलेक्टर ने कहा कि शहर में बिजली के तारों पर पेडों की टहनियां लटकने पर तत्काल छटाई की कार्रवाई की जाएं। कलेक्टर ने यातायात को दुरूस्त करने के लिए चैक-चैराहों पर अस्थायी रोटरी लगाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, आरटीओ श्री आशीष देवांगन, समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- -महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य की मूर्ति और म्यूजियम का होगा निर्माण-यज्ञकुंड का होगा सौंदर्यीकरण, कन्वेंशन सेंटर और कैफेटेरिया की मिलेगी सुविधा-पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए चंपारण्य धाम को 15 एकड़ में विकसित करने की तैयारियांरायपुर / रायपुर से 50 किलोमीटर दूर तीर्थ स्थल चंपारण्य धाम छत्तीसगढ का धार्मिक एवं स्मणीय स्थल है। इस पवित्र धार्मिक स्थल को संवारने के लिए स्वदेश दर्शन 2.0 से संवारने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा है। इसके तहत महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य की मूर्ति का निर्माण किया जाएगा। साथ ही म्यूजियम का भी निर्माण होगा। खास बात यह है कि चंपारण्य धाम को 15 एकड़ में संवारा जाएगा। यहां पर पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए यज्ञकुंड का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। वहां पर कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जाएगा। एक बड़ा हॉल बनाया जाएगा जहां पर भागवत कथा सत्संग, प्रवचन एवं अन्य बड़े आयोजन किए जा सकेंगे। यहां पर पर्यटकों के लिए कैफेटेरिया की सुविधा भी मिलेगी। धार्मिक पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने के साथ रोजगार के अवसर भी तैयार किए जाएंगे। जहां पर छोटी-छोटी दुकानें बनाई जाएगी। वहां रोजगार शुरू करने के लिए दुकानों का आवंटन किया जाएगा। चंपारण्य धाम के तालाब एरिया को भी विकसित किया जाएगा। पार्किंग एरिया को भी डेवलप किया जाएगा।यहां चम्पेश्वर महादेव का मंदिर तथा महाप्रभु वल्लभाचार्य का प्राकट्य स्थल होने से यहां प्रतिदिन दूर-दूर से सैलानी आते हैं। महाप्रभु वल्लभाचार्य के अनुयायी वैसे तो पूरे देश में फैले हैं, लेकिन ज्यादातर गुजरात व महाराष्ट्र में है। यह माना जाता है कि वल्लभाचार्य के माता-पिता वर्षों पहले बनारस से पदयात्रा करते हुए चम्पेश्वर धाम में आए थे तब वल्लभाचार्य जी का यहां जन्म हुआ था। विदेशों में जाकर बसे लोग भी जो पुष्टि संप्रदाय से ताल्लुक रखते हैं उनका भी चंपारण्य से नियमित सम्पर्क बना रहता है। चम्पेश्वर महादेव के मंदिर में बहुत ही प्राचीन शिवलिंग है जिसमें भगवान शंकर, माता पार्वती व गणेश जी के स्वरूप है। यह पंच कोशी यात्रा में शामिल है जहां तीर्थ यात्री यात्रा करते हुए आते है ।बच्चों के खेलने की सुविधाचंपारण्य धाम में प्ले जोन का निर्माण किया जाएगा। पेयजल की सुविधा, पब्लिक टॉयलेट समेत कई सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। पर्यटकों के लिए गार्डन बनाया जाएगा। जहां पर पर्यटकों को एक बेहतर और अनुकूल वातावरण मिल सकेगा।इस समय में चंपारण्य धाम में कर सकते है दर्शनमंगला दर्शन का समय सुबह 8 से 9 बजे निर्धारित किया गया है। इसके अलावा श्रृंगार दर्शन सुबह 10.15 से 10.30 बजे तक, राजभोज दर्शन दोपहर 12.15 से 01 बजे तक किया जा सकता है। वहीं उत्थापन दर्शन शाम 4.45 से 5 बजे तक एवं शयन दर्शन 7.15 से 8 बजे तक निर्धारित किया गया है।
- -छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से आते हैं यहाॅ वर्षभर पर्यटक-रामायण काल से जुड़ी है यहाॅ की गाथाबालोद । प्रकृति की गोद में स्थित माँ सियादेवी नारागाँव, बालोद जिले के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में जाना जाता है। यह स्थान प्राकृतिक जलप्रपात, घने वन, धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल के रूप में काफी प्रसिद्ध है। यहाॅ प्रतिदिन आने वाले पर्यटक माॅ सियादेवी का आर्शीवाद लेने के साथ ही प्रकृति की खूबसूरती से भरपूर इस स्थान का आनंद उठाते हुए अपना एक दिन सफल करते हुए बहुत सी खूबसूरत यादों को समेट कर वापस यहां लौटने की इच्छा लेकर जाते है। इस स्थान ने अपनी प्राकृतिक सुंदरता से छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र में अपनी अलग ही पहचान बनाई है। बालोद जिले के ग्राम नारागांव के समीप स्थित यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है। यहाॅ चारों ओर घने जंगल हैं, तो वहीं प्राकृतिक झरने की समधुर आवाज एक रोमांच पैदा कर देती है। सियादेवी जलप्रपात बारिश के दिनों में अपने रौद्र रूप में नजर आता है, जब यहाॅ पानी की मात्रा अत्यधिक होती है, जलप्रपात से गिरने वाले पानी की आवाज और दृश्य का संगम इस जगह को पर्यटकों के लिए बहुत ही रोमांचकारी बना देता है।सियादेवी मंदिर के पुजारी श्री नानिक राम कोर्राम ने इस स्थान के बारे में प्रचलित मान्यता के बारे में बताया कि वनवास काल में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण, देवी सीता को ढूंढते हुए यहां आए थे। उनकी निष्ठा के परीक्षण के लिए माता पार्वती ने माता सीता के रूप में भगवान राम की परीक्षा ली। लेकिन भगवान राम ने उन्हें पहचान लिया और मां के रूप में संबोधन किया। माता पार्वती को इस घटना से अपराध बोध हुआ। उन्होंने इस संबंध में भगवान शिव को बताया और क्षमा मांगी तब शिवजी ने मां पार्वती को देवी सीता के अवतार में इसी स्थान में विराजमान होने के लिए कहा। तभी से यह स्थान सिया देवी माता के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि यहां बहुत सी धार्मिक एवं आध्यात्मिक मान्यताएं हैं। वर्षभर यहाॅ पर्यटक आते हैं, लेकिन नवरात्र के समय में यहाॅ हजारों श्रद्धालुओं का आना होता है। यहाॅ पहुंचे पर्यटक श्री साकेत श्रीवास्तव ने बताया कि वे खैरागढ़ से यहाॅ आए हैं। उन्हें यहाॅ की प्राकृतिक सुंदरता और मा सियादेवी का मंदिर देखकर काफी खुशी मिली है। उन्होंने बताया कि यहाॅ अच्छा पर्यटन को विकसित करने बेहतर कार्य किया गया है, सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं देखकर अच्छा लगा। इसी प्रकार यहाॅ महाराष्ट्र के भण्डारा से पहुॅचे पर्यटक श्री वसंतराव ने बताया कि वे पहली बार इस स्थान पर आए हैं, उन्हें यह स्थान बहुत ही अच्छा लगा, घुमने और प्राकृतिक खुबसुरती का आनंद लेने के लिए यह बहुत ही उपयुक्त स्थान है। जिला प्रशासन बालोद और पर्यटन विभाग द्वारा माॅ सियादेवी नारागांव में पर्यटन को बढ़ावा देने मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। यहाॅ सीसीरोड, बेरिकेट, सीढ़ियाॅ, पेयजल, शौचालय, सोलर लाईट, शेड, भवन सहित बैठक आदि की भी व्यवस्था है। ओनाकोना में रायपुर, धमतरी, बालोद से आसानी से पहुॅचा जा सकता है। बालोद जिले के ग्राम सांकरा क से लगभग 08 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नारागांव होते हुए यहाॅ पहुॅचा जा सकता है।
- -शैल चित्रों के रूप में हजारों सालों में मानव सभ्यता के विकास की अमिट छाप है दर्जरायगढ़ । हर सभ्यता वक्त की रेत पर अपने निशान छोड़ जाती है, ऐसे ही शैलचित्रों की अनोखी दुर्लभ श्रृंखला रायगढ़ की पहाडिय़ों में बिखरी हुई है, जो सदियां बीतने पर भी धूमिल नहीं हुई है और प्रागैतिहासिक काल से मानव विकास क्रम की कहानियां कह रही हैं। रायगढ़ जिले में हजारों वर्ष पुराने पाषाणकालीन समृद्ध शैलचित्रों का खजाना है, जो न केवल देश एवं प्रदेश में बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। ऐसी दुर्लभ पुरासंपदा हमारी प्राचीन सभ्यता के जीवंत अमूल्य अवशेष है। जिले में आदिम मानवों द्वारा सिंघनपुर, करमागढ़, कबरापहाड़, ओंगना, नवागढ़ पहाड़ी, बसनाझर, भैंसगढ़ी, खैरपुर, बेनिपाट, पंचभैया पहाड़, राबकोब गुफा, सारंगढ़ के सिरौलीडोंगरी जैसे अनेक स्थानों में शैलाश्रय में शैलचित्र उकेरे गए है, जिनमें पशु-पक्षी, आखेट के दृश्य, परम्परा, जीवनशैली, पर्व एवं त्यौहार का चित्रांकन दीवारों पर किया गया है। ऐसे रॉक पेंटिंग विश्व के अन्य देशों फ्रांस, स्पेन, आस्ट्रेलिया एवं मेक्सिको में भी पाये गए हैं। प्रागैतिहासिक काल में आदिम मानव इन सघन एवं दुर्गम पहाडिय़ों में गुफाओं एवं कंदराओं में निवास करते थे और यहां सभ्यता का विकास होता गया। आदिम कुशल चित्रकारों द्वारा बनाये इन शैलचित्रों में उनकी जीवनशैली एवं परिवेश की अनुगूंज सुनाई देती है, जिसकी भावनात्मक अभिव्यक्ति इन रेखाचित्रों के रूप में उभरकर सामने आती है। आदिमानव रंगों के प्रयोग से अनभिज्ञ नहीं थे। यह शैलचित्र हमारे पुरखों द्वारा दिया गया बहुमूल्य उपहार है।हमीरपुर रोड से कुछ दूरी पर सघन वनों के बीच प्राकृतिक छटा से घिरी रमणीय करमागढ़ की पहाडिय़ों के बीच 'उषा कोटि' शैलाश्रय में पाषाणकालीन आदिम मानवों ने गहरे गैरिक रंग से ग्रामीण जन-जीवन को प्रदर्शित करते हुए विभिन्न पशुओं एवं सुंदर श्रृंखलाओं में ज्यामितीय आकृतियां चट्टानों मेंं अंकित किए हैं। उषा कोटि में धान की बालियां, चांद, ढेकी, हिरन, खरगोश, बारहसिंघा, कछुआ, हाथी, छिपकली, मेंढक, बैल, पेड़-पौधे, मोती की सुंदर लडिय़ों जैसी आकृतियां स्पष्ट नजर आती है। विख्यात पुरातत्वविद स्व.पंडित लोचन प्रसाद पाण्डेय ने इसकी तुलना अमेरिका के गुफा चित्रों से की थी। उडिय़ा संस्कृति से प्रभावित इन शैलचित्रों में घर, आंगन एवं दीवारों में पर्व के अवसर पर सजाने के लिए अल्पना सदृश्य खूबसूरत चित्र बनाये गये है। वैसे ही कमल के फूल, गेहू एवं धान की बालियां एवं तरह-तरह के अनोखी कलात्मक आकृतियां बनी हुई है। शासन के पुरातत्व विभाग द्वारा इन शैलचित्रों को संरक्षित किया जा रहा है। ग्रामीण यहां त्यौहार के अवसर पर ग्राम देवता के रूप में पूर्वजों की पूजा करने आते है।रायगढ़ जिला मुख्यालय से 20 किलो मीटर दूर भूपदेवपुर के समीप ग्राम सिंघनपुर के समीप मैकल पर्वत श्रेणी में लगभग 2 हजार फीट की ऊंचाई पर मनोरम पहाडिय़ों के बीच जैव विविधता से परिपूर्ण सिंघनपुर की अद्वितीय गुफा है, जहां गैरिक रंग में मानव शरीर का आकार सीढ़ीनुमा सदृश, मानव आकृतियां एवं पशु-पक्षी की आकृतियां बनी हुई है। सिंघनपुर की पहाडिय़ों में तीन गुफाएं हैं, जिनमें से दो दक्षिणमुखी है एवं तीसरा पूर्वमुखी है। पूर्वमुखी गुफा जिसके बाह्य भाग में शैल चित्र है, जहां जाना भी कठिन ही है। प्रागैतिहासिक शैलाश्रय की पुष्टि 19 वीं शताब्दी के मध्य पुरातत्व अधिकारी श्री ए.सी.करलेले ने की थी। आदिम युगीन के इन शैलचित्रों को स्व.एंडरसन ने 1912 ईसवीं में पहली बार देखा था। उन्होंने 1918 में इंडियन म्यूजियम ऑफ कलकत्ता के निदेशक श्री पर्सी ब्राउन को इसकी जानकारी दी थी, जिन्होंने अपनी पुस्तक इंडियन पेंटिंग में शैलचित्रों का जिक्र किया था। स्व.श्री एंडरसन अपने साथी श्री राबर्टसन के साथ सिंघनपुर की गुफा गए थे और यहां का अन्वेषण किया। इसी दौरान गुफा में मधुमक्खियों के काटने से राबर्टसन की मृत्यु हो गयी। उनकी स्मृति में रेलवे स्टेशन का नाम रॉबर्टसन रखा गया है। पर्सी ब्राउन के बाद कई पुरातत्वविद सर हेनरी हडवे, श्री व्ही स्मिथ, अमरनाथ दत्ता और पंडित लोचन प्रसाद पांडेय ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। सिंघनपुर की गुफा, पुरातत्वविदों के लिए जिज्ञासा एवं कौतुहल से भरी हुई है।रायगढ़ से 15 किलो मीटर दूर लोईंग से कुछ दूर पर कबरापहाड़ में पाषाण युग के विशिष्ट शैलचित्र है। जहां गैरिक रंग में छिपकली, हिरण, जंगली भैसा, बारहसिंघा, मेंढक, कछुआ, चक्र, जंगली भैसा मानव आकृतियां एवं विभिन्न प्रकार की ज्यामितियां आकृतियां है। यहां बने चक्र की खासियत यह है कि इसमें 36 लकीर बनी हुई है। पुरातत्वविदों के अनुसार कबरा पहाडिय़ों के शैलचित्र लगभग 5000 वर्ष पुराने हैं। ग्रामवासी इन शैलचित्रों की पूजा करते है।रायगढ़ से लगभग 70 किलोमीटर दूर धरमजयगढ़ विकासखण्ड मुख्यालय से ग्राम ओंगना 4 किलोमीटर दूर है। वहां समीप के पहाडिय़ों में शैलाश्रय में मोहक शैलचित्र बने हुए है। ओंगना के शैलचित्र मानवीय सभ्यता के क्रम को प्रगट करते है। यहां तीन मानव की आकृतियां है। सामूहिक नृत्य का चित्रांकन, बैल की आकृति, साज-सज्जा वाली मानव आकृतियां है। ग्रामीण इसे देव स्थान के रूप में मानते है। धरमजयगढ़ से 17 किलोमीटर दूर पंचभैया पहाड़ी पर प्राचीन महत्व के शैलचित्र हैं। ऐसी किवदंति है कि प्राचीन काल में पांचों पांडवों ने यहां रूककर विश्राम किया था। पहाड़ी के कटाव पर शैलचित्र हैं, जो गेरूए रंग से बने हुए हैं। इस पहाड़ पर हाथा नामक स्थान है, जहाँ चट्टानों पर 34 पंजों के निशान मिले हैं। वन्दनखोह गुफा के शैलचित्र, घोड़ी डोंगरी पहाड़ी के शैलचित्र, सिसरिंगा के चिनिडंड पहाड़ी के शैलचित्र एवं वोडरा कछार पहाड़ी के शैलचित्र अनूठे हैं। धरमजयगढ़ की राबकोब गुफा के शैलचित्र विशेष हैं। यह स्थल धरमजयगढ़ के ग्राम पोटिया के समीप पहाड़ी की तलहटी में अवस्थित है। कार्बन डेटिंग से गुफा में निर्मित शैलचित्र 20 से 30 हजार वर्ष पुराना निर्धारित किया गया है।रायगढ़ से दक्षिण दिशा में 8 किलोमीटर दूर ब्रम्हनीन पहाड़ी पर बसनाझर पहाड़ी के गुफाओं एवं कंदराओं में अनगिनत शैलचित्र बिखरे हुए है। स्व.श्री एंडरसन द्वारा सिंघनपुर के शैलचित्रों के खोज के बाद बसनाझर के शैलचित्र पर भी अनुसंधान किया गया। पुरातत्वविदों के अनुसार ये शैलचित्रों 10 हजार ईसा पूर्व के है। ये शैलचित्र प्रस्तर युग तथा नवीन प्रस्तर युग के है। जिनमें आखेट युग को भी दर्शित किया गया है। आदिम शैलचित्रकारों ने आखेट दृश्य को प्रस्तुत किया है। यहां हिरण मानव आकृतियां एवं खेती तथा पशुपालन, सूर्यचक्र, देव आकृति प्रदर्शित किए गए है।जिले में प्रागैतिहासिक कालीन शैलचित्रों में प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति उत्कृष्ट रूप में अभिव्यक्त हुई है और यह पुरातत्वविदों के लिए अनुकरणीय है। रहस्य एवं रोमांच से भरपूर इन शैलचित्रों में अभी भी बहुत कुछ खोजना शेष है। इन कहानियों को क्रमिकता में समझने की जरूरत है, कि उस काल में जीवन किस तरह का था और रचनात्मकता किस तरह की थी। इनका सही वैज्ञानिक विश्लेषण करने पर मानव विकास के क्रम की कई तस्वीरें सामने आएगी।
- रायपुर। धमतरी के गंगरेल और मुरूमसिल्ली बांध की खूबसूरती लुभा रही पर्यटकों कोछत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी महानदी और उसके सहायक नदी सिलयारी नदी पर धमतरी जिले में बने रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) और मुरूमसिल्ली बांध की खूबसूरती सभी को लुभाती है। इसी वजह से लाखों लोग यहां आते हैं। महानदी अत्यंत विशाल नदी है, जिसका उद्गम धमतरी जिले के सिहावा पर्वत से होता है और यह नदी अपने उद्गम के बाद उत्तर-पूर्व दिशा में प्रवाहित होती है। इस नदी पर बड़े-बड़े बांधों का निर्माण किया गया है, जिनमें से प्रमुख हैं रुद्री बांध, गंगरेल या रविशंकर बांध और उड़ीसा में निर्मित हीराकुंड (बांध) छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा बांध गंगरेल या रविशंकर बांध इसी नदी पर निर्मित है।यहां दर्शनीय स्थल मां अंगारमोती मंदिर के अलावा बोटिंग, मिनी गोवा, रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित गार्डन पर्यटकों का मन अपनी ओर अनायास ही आकर्षित कर लेती है। गंगरेल डैम पर खूबसूरत हट बने हुए हैं, जहां से बांध के पास रहने और 24 घंटे उसे निहारने का आनंद भी उठाया जा सकता है।वास्तुशिल्प चमत्कारों में से एक मुरूमसिल्ली बांध को एशिया का पहला सायफन सिस्टम वाला बांध माना गया है। 1914 से 1923 के बीच निर्मित इस बांध में बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने आते हैं। चारों तरफ घने पेड़ों से आच्छादित यह बांध अपनी खूबसूरती से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।100 साल की उम्र बीत जाने के बाद भी इस बांध की मजबूती में कोई फर्क नहीं आया है, और आज भी इनके सभी गेट चालू हालत में हैं। बारिश के मौसम में बांध लबालब होते ही ऑटोमेटिक सायफन गेट से पानी निकलना शुरू हो जाता है। मुरुमसिल्ली बांध राजधानी रायपुर से सिर्फ 95 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है।धमतरी जिले के ग्राम छाती की श्रीमती डिगेश्वरी साहू बताती हैं कि वे अपने परिवार के साथ गंगरेल और मुरूमसिल्ली घूमने आती रहतीं हैं। यहां का शांत वातावरण, अंगारमोती का दर्शन कर उन्हें काफी अच्छा लगता है और मन को सुकून मिलता है। इसके साथ ही बोटिंग, आकर्षक गार्डन और नदी को देख मन प्रफुल्लित होने लगता है। वहीं महासमुंद जिले से गंगरेल और मुरूमसिल्ली पहुंची कुमारी मोना साहू और उनके साथियों ने गंगरेल और मुरूमसिल्ली के मनोरम वातावरण, बोटिंग, विशाल नदी और अंगारमोती मां के मंदिर की काफी प्रशंसा करते नहीं थकती।
- रायपुर / माननीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता तथा मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की उपस्थिति में न्यू सर्किट हाउस रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य के सडक सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा द्वारा समग्र सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सडक दुर्घटनाओं के कारण, नियंत्रण के उपाय-लक्ष्य, सडक सुरक्षा अंकेक्षण तथा प्रवर्तन, अंभियांत्रिकीय, शिक्षा, आकस्मिक उपचार आदि की भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी श्री सप्रे ने बैठक में ब्लैक स्पॉट्स के चिन्हाकन के पश्चात् यथा शीघ्र सुधारात्मक उपायों, घायलों की त्वरित उपचार देने, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा की समुचित जानकारी एवं नियम तोड़ने वालों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा जनसामान्य को सुरक्षा के लिए वाहन चालन के दौरान सीटबेल्ट, हेलमेट की अनिवार्यता को बढ़ावा देने को कहा। श्री सप्रे ने नागरिकों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन उपचार एवं ट्रामा केयर के लिये विशेष पहल करके सड़क दुर्घटना में मृत्युदर में कमी की जा सकती है। इसके लिए अंतर्विभागीय समन्वय से रणनीति एवं योजना बनाकर बेहतर कार्य किया जा सकता है।बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता सहित सचिवगण सर्वश्री एस प्रकाश, डॉ. बसव राजू, डॉ. कमलप्रीत सिंह, श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, श्री भीम सिंह सहित आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री के.के. पिपरे, क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई श्री एम. टी अटारे, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री कुंदन कुमार उपस्थित थे।
- -तीन महीने में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कर सौंपने के निर्देश-सिम्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कर मरीजों का इलाज करने लायक सुविधा तीन महीने में सुनिश्चित करने के निर्देशबिलासपुर / संभागायुक्त महादेव कावरे ने कोनी में बन रहे नए संभागायुक्त कार्यालय भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने पर नाराज़गी जाहिर करते हुए 31 मार्च 2025 के पहले कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। अनुबंध के अनुसार इसे सितंबर 2024 तक पूर्ण कर लिया जाना था। श्री कावरे ने निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने कोनी मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अगले तीन महीने में आईपीडी सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त अमित कुमार भी उपस्थित थे।गौरतलब है कि नया संभाग आयुक्त भवन के लिए लगभग 12 करोड रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। भवन निर्माण का कार्य पूर्णता की ओर है। अब केवल फिनिशिंग कार्य बचा है। श्री कावरे ने कोनी में निर्माणाधीन संभागयुक्त कार्यालय के पास नगर निगम द्वारा कराये जा रहे 06 एमएलडी का एसटीपी निर्माण कार्य, जिसकी लागत राशि 7.80 करोड़ रूपये है, इस कार्य को मार्च 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। अरपा फ्रंट कोनी रोड कार्य एवं राशि 30.00 करोड़ रूपये की लागत से निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर कोनी का भी निरीक्षण किया। यह कार्य माह अप्रैल, 2025 तक पूर्ण कर लिया जायेगा।संभागायुक्त श्री कावरे ने कोनी में 200 करोड़ रूपये की लागत से नव निर्मित सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने ओ.पी.डी., ट्राएज, एम.आर.आई., सी.टी. स्कैन कक्ष व निर्माणाधीन लैब इत्यादि कक्षों का बारीकी से अवलोकन किया। नव निर्मित सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय भवन अधोतल सहित कुल 10 फ्लोर का अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन का निर्माण हुआ है। वर्तमान में 04 विभाग- न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, पल्मोनोलरी, जनरल मेडिसीन के ओ.पी.डी. प्रारंभ कर जनमानस को सुविधाएँ प्रदान की जा रही है। संभागायुक्त द्वारा आई.पी.डी. को भी आगामी तीन माह में शुरू करने हेतु निर्देशित किया गया। नवनिर्मित सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय भवन का निर्माण केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। निरीक्षण के समय उपस्थित सिम्स के अधिष्ठाता डॉ० रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक, सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय डॉ० बी० पी० सिंह, चिकित्सा अधीक्षक सिम्स डॉ० लखन सिंह एवं नोडल अधिकारी नवीन सिम्स भवन डॉ० भूपेन्द्र कश्यप उपस्थित थे।
- -अब तक 4.67 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी-उठाव कार्य में तेजी, 50 प्रतिशत हो चुका उठाव-किसानों को 1073 करोड़ रुपए का भुगतान-गड़बड़ी की आशंका वाले केन्द्रों की हो रही विशेष निगरानीबिलासपुर, / कलेक्टर अवनीश शरण ने एनआईसी कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी की समीक्षा की। उन्होंने कोचियों और दलालों के खिलाफ कार्रवाई में और तेज़ी लाने के निर्देश दिए। गड़बड़ी की संभावना वाले खरीदी केन्द्रों की सूची सौंपकर इन पर निगरानी बढ़ाने को कहा है। धान खरीदी का मौसम चूंकि अब अपने उच्च स्तर पर पहुंच चुका है, लिहाज़ा नोडल अधिकारी पूरे समय केन्द्र में बैठकर अपने समक्ष खरीदी कराएं और रिपोर्ट दें। राज्य सरकार का फिलहाल सबसे बड़ा काम किसानों से सफलता पूर्वक धान खरीदी करने का है। इसमें किसी भी स्तर पर गड़बड़ी अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में अधिकारियों ने बताया गया कि जिले में अब तक सुव्यवस्थित तरीके से खरीदी कार्य चल रहा है। उठाव की मात्रा भी बढ़कर 50 फीसदी हो चुका है। खरीदी केंद्रों में धान रखने जगह की कमी नहीं है। 3 जनवरी तक जिले में 4.67 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। लगभग 96 हजार किसान अपना धान समीप स्थित केन्द्रों पर बेच चुके हैं। किसानों को उनके ऊपज के एवज में 1073 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। कलेक्टर ने फील्ड में दौरा कर रहे अधिकारियों से फीडबैक भी लिया। उनकी शंकाओं का समाधान भी किया गया। उन्होंने। उप पंजीयक सहकारिता को गड़बड़ी कर रहे समिति के कर्मचारियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम पीयूष तिवारी, एसडीएम एसएस दुबे, जिला खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया, उप पंजीयक सहकारिता मंजू पाण्डेय, सहकारी बैंक के सीईओ सुनील सोढी, डीएमओ शंभू गुप्ता सहित एसडीएम और तहसीलदार वीसी के जरिए शामिल हुए।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं पटकथा लेखक श्री प्रकाश झा ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री प्रकाश झा के छत्तीसगढ़ आगमन पर उन्हें शाल और स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में हिंदी फिल्मों के निर्माण और फिल्म उद्योग के विकास की संभावनाओं के सम्बन्ध में चर्चा की। प्रकाश झा ने कहा कि छत्तीसगढ़ पसंदीदा फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रकाश झा जी उन दिग्गज फिल्मकारों में से एक हैं, जो अपनी फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को पर्दे पर बखूबी उतारते हैं।
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*कलेक्टर ने जारी की आम सूचना*
बिलासपुर/त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में विभिन्न पदों के लिए आरक्षण की कार्यवाही 8 जनवरी 2025 को संपन्न होगी। जिला कार्यालय बिलासपुर के मंथन सभाकक्ष और जनपद पंचायतों के सभाकक्ष में इस दिन आरक्षण की कार्यवाही की जायेगी। दोपहर 12 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला पंचायत सदस्यों और जनपद पंचायतों के आरक्षण की कार्यवाही शुरू होगी। वहीं सभी जनपद पंचायतों के सभाकक्ष में सवेरे साढ़े 10 बजे से जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच एवं पंच पदों के लिए नियमानुसार आरक्षण किया जायेगा। कलेक्टर अवनीश शरण ने आरक्षण की कार्यवाही संपन्न कराने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए इसके लिए आम सूचना जारी कर दी है।
जिला स्तर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्यों के आरक्षण की कार्यवाही संपन्न कराने के लिए अपर कलेक्टर श्री शिवकुमार बनर्जी को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बिलासपुर श्री पीयूष तिवारी, उप संचालक पंचायत श्रीमती शिवानी सिंह एवं जिला अंकेक्षक एके धिरही उन्हें सहयोग करेंगे। इसी प्रकार सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अपने अनुविभाग में आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए प्रभारी अधिकारी बनाये गये है। संबंधित तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उन्हें इस कार्य में सहयोग करेंगे। जनपद पंचायत कार्यालय, बिल्हा, मस्तुरी, कोटा एवं तखतपुर में 8 जनवरी को सवेरे 10.30 बजे से आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच एवं वार्ड पंचों के पदों का नियमानुसार आरक्षण किया जायेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं इन सभी वर्गों में महिलाओं के लिए पद आरक्षित किए जाएंगे।













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