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- 0- श्रीमती प्रतिमा बाई सिदार की संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रारायपुर। ‘कभी छत टपकती थी, अब घर मुस्कुराता है’ यह वाक्य जांजगीर चांपा जिले के ग्राम खपरीडीह की निवासी श्रीमती प्रतिमा बाई सिदार के जीवन की सच्चाई को बयां करती है। 60 वर्षीया प्रतिमा बाई का जीवन संघर्षों की लंबी कहानी है, पर आज उनके चेहरे पर आत्मविश्वास की जो चमक है, वह प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की सफलता का प्रतीक बन गई है। पति के निधन के बाद उन्होंने अकेले पूरे परिवार की जिम्मेदारी निभाई।जीवन ने कई बार तोड़ा उनके एक बेटे का असमय सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गयी, दूसरा बेटा जम्मू-कश्मीर में मजदूरी कर जैसे-तैसे मां की मदद कर पा रहा है। तीन बेटियों का विवाह कर चुकी प्रतिमा बाई कभी मिट्टी के जर्जर मकान में बरसात के खौफ और विषैले जीवों के डर में रातें बिताया करती थी। अल्पभूमि किसान होने के बावजूद वे मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन चला रही थीं। लेकिन जब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें स्थायी प्रतीक्षा सूची में स्थान मिला और पहली किस्त प्राप्त हुई, तो मानो उनकी ज़िंदगी ने एक नई करवट ली। पूरे परिवार ने श्रमदान कर घर बनाने में साथ दिया।आज उनका नया पक्का मकान ना सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि बुढ़ापे का सबसे मजबूत सहारा बन गया है। केंद्र और राज्य शासन की समग्र सोच और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रतिमा बाई को बहुआयामी लाभ मिला। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण, विधवा पेंशन योजना से मासिक पेंशन, महतारी वंदना योजना से 1000 रूपए की मासिक सहायता, मनरेगा के अंतर्गत 90 दिवस की मजदूरी भी दी गई है। अपने नवनिर्मित घर को उन्होंने पारंपरिक जनजातीय नृत्य, वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक प्रतीकों से सजाया है। यह मकान अब सिर्फ चार दीवारें नहीं, उनकी संस्कृति, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी है। श्रीमती प्रतिमा बाई सिदार भावुक होकर कहती हैं कि यह घर मेरे लिए वरदान से कम नहीं है, प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी को मेरा कोटि-कोटि नमन है, जिन्होंने मुझे सर पर छत और मन में गर्व दिया।
- 0- रायगढ़ जिले के घरघोड़ा के बरौनाकुंडा में 6 किसान 20 एकड़ में लगा रहे ऑयल पॉम0- प्रति एकड़ प्रतिवर्ष एक लाख रूपए तक होती है आमदनीरायपुर । केंद्र पोषित नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल पॉम योजना अंतर्गत रायगढ़ जिले में चल रही मेगा प्लांटेशन ड्राइव से किसानों को ऑयल पॉम की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। रायगढ़ में किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं। घरघोड़ा विकासखंड के बरौनाकुंडा में 6 किसानों ने 20 एकड़ में ऑयल पॉम के पौधे लगा रहे हैं। जिनमें श्री सुरजित सिंह राठिया, पवन साय राठिया, सगुन साय राठिया, श्रीमती जेमाबाई राठिया, जैनकुंवर राठिया तथा मोचन साय राठिया शामिल हैं।उद्यानिकी विभाग के अधिकारी ने बताया कि ऑयल पॉम पौध रोपण के 03 से 04 वर्ष बाद फलन प्रारंभ होने पर प्रति एकड़ 60 हजार रूपये तथा पौधों के बढ़ते उम्र में अधिक उत्पादन से 1 लाख रूपये तक की आमदनी कृषकों को लगातार 25 से 30 वर्षों तक प्राप्त होगी। रायगढ़ जिले में ऑयल पॉम की खेती हेतु गोदरेज एग्रोवेट कंपनी से शासन का अनुबंध हुआ है। अनुबंध के तहत कंपनी द्वारा प्लांटिंग मटेरियल के रूप में प्रति एकड़ 57 ऑयल पॉम पौध (किस्म टेनेरा हाईब्रीड) कृषकों को पहुंचा कर प्रदाय किया जा रहा है। जो कि योजना अंतर्गत अनुदान स्वरूप निःशुल्क होगा। 05 एकड़ से अधिक निजी भूमि में ऑयल पॉम पौध रोपण करने वाले कृषकों को बोरवेल खनन हेतु 50 हजार रूपये तथा रोपित पौधों के रख रखाव हेतु 04 वर्षों तक प्रति वर्ष 5250 रूपये एवं 09 मीटर की दूरी पर रोपित पौधों के बीच रिक्त भूमि में अंतरासस्य खेती के लिए 04 वर्षों तक प्रति वर्ष 5250 रूपये अनुदान प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। अनुबंधित कंपनी द्वारा ऑयल पॉम फल (फ्रेश फूट बंच) को कृषक के खेत से ही शासन के अनुमोदित दर पर क्रय किया जाएगा।किसान सगुन साय राठिया ने बताया कि उन्होंने पांच एकड़ में ऑयल पाम लगा रहे है। इसके लिए निःशुल्क पौधे प्रदान किए गए है। साथ ही उद्यानिकी विभाग से योजना के तहत पौधों की देखभाल के लिए मार्गदर्शन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑयल पाम पौधे एक अंतराल में लगाए जाते है। जिससे पौधों के बीच की जगह पर दूसरी फसल लगायी जा सकती है। उनकी योजना मूंगफली लगाने की है। इसी प्रकार गांव के किसान पवन साय राठिया ने बताया कि 6 एकड़ में आयल पाम के 300 से अधिक पौधे लगा रहे है। उन्होंने कहा कि यह एक लम्बे समय तक आमदनी देने वाली प्रजाति है। ऑयल पाम की बीच दूसरी फसल लगाने से किसानों को दोहरा लाभ होता है। शासन की योजना से पौधे निःशुल्क मिले तथा अनुबंधित कंपनी द्वारा खेत से ही उपज खरीद ली जाएगी। यह किसानों के लिए बड़ी राहत की बात है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना का फायदा उठाकर अपने जीवन में साकारात्मक बदलाव ला रही है। इस कड़ी में जशपुर जिले की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल गढ़ रही हैं। कांसाबेल विकासखंड के ग्राम सेम्हर कछार की हरियाली स्वसहायता समूह की 11 महिलाओं ने छिंद कासा से आकर्षक टोकरी और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद तैयार कर अपनी आजीविका को मजबूत किया है।समूह की सदस्य श्रीमती बालमुनि भगत ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला। पहले महिलाएं केवल घरेलू कामकाज तक सीमित थीं, लेकिन अब वे सालाना लगभग 60 से 70 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं। यह कार्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी दे रहा है।महिलाओं ने बताया कि बिहान योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। समूह के माध्यम से प्रशिक्षण, सहयोग और विपणन सुविधा मिलने से उनका उत्पाद अब स्थानीय हाट-बाजार और मेलों में लोकप्रिय हो चुका है। महिलाएं कहती हैं कि अब वे सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अपनी पहचान खुद बना रही हैं। समूह की दीदियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से हम सशक्त और आत्मनिर्भर हो रहे हैं।
- 0- रियायती दरों पर समय पर मिला खाद-बीज, किसानों को मिल रही राहतरायपुर। मेघों की गूंज के संग गूँज उठे खेतों के गीत, हर बूँद में छुपा था परिश्रम का संगीत, इधर बारिश ने राह दिखाई, उधर सरकार ने राहत पहुँचाई। कोरबा जिले के करतला विकासखंड के ग्राम चोरभट्टी के मेहनती किसान श्री राजकुमार ने खरीफ फसल की शुरुआत आत्मविश्वास और उत्साह के साथ की है। यह संभव हो पाया है सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही रियायती दरों पर खाद और बीज की समय पर आपूर्ति के कारण।राज्य शासन द्वारा किसानों को रियायती दरों पर खाद-बीज की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की पहल अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम देने लगी है। राजकुमार ने हाल ही में सहकारी समिति करतला से चार बोरी यूरिया, डीएपी एवं उन्नत किस्म के बीज समय पर प्राप्त किए। वे बताते हैं कि शासन द्वारा दी जा रही इस सुविधा ने उनकी खेती को संबल प्रदान किया है। अब उन्हें खाद-बीज के लिए बाजार की दौड़ नहीं लगानी पड़ती और महंगे दामों से भी राहत मिली है। समय पर खाद और बीज मिल जाने से हमें खेती की शुरुआत में कोई दिक्कत नहीं हुई। बाहर महंगे दामों पर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ी। इससे न केवल समय की बचत हुई, बल्कि पैसे भी बचे।राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप कोरबा जिले की सभी प्राथमिक सहकारी समितियों में खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। सहकारी समिति करतला भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही है। समिति द्वारा किसानों की जरूरतों को देखते हुए उर्वरकों और बीजों का सुचारु वितरण किया जा रहा है। राजकुमार जैसे किसान अब योजना का लाभ उठाकर अपने खेतों की तैयारी समय से कर पा रहे हैं। शासन की इस पहल से खेती की लागत घट रही है और उत्पादन बढ़ने की संभावना भी बन रही है।जिला प्रशासन कोरबा द्वारा सभी समितियों को निर्देशित किया गया है कि किसानों को कोई कठिनाई न हो और उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज समय पर प्राप्त हो। इसकी नियमित मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था की गई है जिससे वितरण प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। श्री राजकुमार कहते हैं, “पहले बाजार में भटकना पड़ता था, अब समिति में सब कुछ आसानी से मिल जाता है। सरकार की यह व्यवस्था हमें आत्मनिर्भर बना रही है। मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभारी हूं जो उन्होंने हमारी इतनी फिक्र की है।
- 0- आत्मसमर्पण से आत्मनिर्भरता तक का सफर0- नक्सली जीवन छोड़ कौशल विकास योजना से बदली जिंदगी, लोगों के लिए बना मिसालरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और पुनर्वास को लेकर लागू माओवादी आत्मसमर्पण पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 अब कई जिंदगियों में नई उम्मीद जगा रही है। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के सोनपुर गांव निवासी अन्नुलाल भंडारी इसका प्रेरक उदाहरण है। कभी बंदूक उठाने को मजबूर हुए अन्नुलाल ने माओवादी संगठन में करीब 20 वर्षों तक सक्रिय रहते हुए कई जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 1998 में संगठन से जुड़े अन्नुलाल ने गुरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण प्राप्त कर संगठन के प्रचार-प्रसार, सुरक्षा और रसद जैसे कार्यों को अंजाम दिया। लेकिन डर और हिंसा के उस जीवन से निकलकर वर्ष 2017 में उन्होंने आत्मसमर्पण कर सरकार की पुनर्वास नीति को अपनाया और मुख्यधारा में लौट आए।पुनर्वास के बाद अन्नुलाल ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर खेती कर सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत की। इसके बाद मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने उनके जीवन में नई दिशा दी। इस योजना के तहत नारायणपुर के लाईवलीहुड कॉलेज में वे जल वितरक संचालक (प्लम्बर) का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान न सिर्फ तकनीकी विषयों का ज्ञान मिल रहा है, बल्कि उन्हें शासन की जनहितकारी योजनाओं जिसमें जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ भी मिल रहा है।अन्नुलाल प्रशिक्षण पूरा कर ग्राम पंचायत सोनपुर में जल वितरक के रूप में कार्य करेंगे, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति और मजबूत होगी। अन्नुलाल कहते हैं कि अब वे भयमुक्त होकर स्वतंत्रता पूर्वक समाज में जीवन जी पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। सरकार की यह नीति यह साबित कर रही है कि हिंसा छोड़ने और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का रास्ता हमेशा खुला है बस जरूरत है सही अवसर और हौसले की।
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दुर्ग / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार अगस्त 2025 तक रोजगार पंजीयन को आधार कार्ड से लिंक कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यह उन आवेदकों पर लागू होता है, जिन्होंने वर्ष 2024 से पूर्व रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराया था। रोजगार पंजीयन कराने या अपने पुराने पंजीयन को आधार से लिंक कराने के लिए आवेदक www.erojgar.cg.gov.in वेबसाईट या प्ले स्टोर पर उपलब्ध CHHATTISGARH ROZGAR APP के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इच्छुक अभ्यर्थी जिला रोजगार कार्यालय, दुर्ग में समस्त शैक्षणिक दस्तावेजों एवं आधार कार्ड के साथ कार्यालयीन समय में स्वयं उपस्थित होकर रोजगार पंजीयन को आधार कार्ड से लिंक करा सकते हैं।
- बालोद ।उप संचालक कृषि विभाग ने बताया कि जिले के किसान धान बोवाई व रोपाई कार्य में लगे हुए है। जिसके अंतर्गत बोवाई लगभग 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। इस वर्ष धान कतार बोनी का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है। गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अरमरीकला, सोरर, चिटीद, धनेली, सनीद, गुरूर, भोथली, सोहपुर एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के गुरेदा, नाहंदा, अर्जुन्दा, ओटेबंध, सिरसिदा, देवरी (क) व बालोद विकासखण्ड अंतर्गत पिपरछेड़ी. घारवाही, भंगारी, निपानी, तरीद, करहीभदर, सेमरकोना, मटिया (वी), साल्हेटोला सहित जिले में 986 हेक्टेयर में धान की कतार बोनी की गई है, जो कि एक अच्छी पहल है। कतार बोनी का प्रचलन पिछले कुछ साल से बढ़ी है। किसान पारंपरिक रूप से धान को छिड़क कर रोपा पद्धति से बोते है, जिससे बीज मात्रा ज्यादा, खरपतवार प्रबंधन में समस्या एवं लागत भी अधिक आती है। उन्होंने बताया कि धान की कतार बोनी में बीज एवं खाद की कम मात्रा लगती है एवं खाद का सही उपयोग हो जाता है। बीज एवं खाद 3 से.मी. के करीब होने पर बीज का अंकुरण अच्छा एवं पौधों में तेजी से विकास होता है। धान के जड़ों का अधिक गहराई पर होने से सुखा सहने की क्षमता बढ़ जाती है। धान की कतार बोनी से हवा एवं प्रकाश की समुचित आवागमन होने पर प्रकाश संश्लेषण की क्रिया अच्छी होती है एवं पौधा मजबूत होता है, जिससे अच्छी पैदावार होने की संभावना बढ़ जाती है। धान (कतार बोनी) फसल सामान्य फसल की अपेक्षा जल्दी परिपक्व व कटाई योग्य हो जाते है, जिससे रबी की फसल लेने में पर्याप्त समय मिल जाता है।धान सीधी बोवाई जिसे डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) भी कहा जाता है। धान की खेती करने का आधुनिक तरीका है, जिसमें नर्सरी तैयार करने और पौधे को रोपाई करने की पारंपरिक विधि के बजाय बीजों को सीधे खेत में बोया जाता है। यह एक कुशल, टिकाऊ और किफायती तरीका है, जो किसानों, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए कई लाभ प्रदान करता है। उन्हांेने बताया कि सीधे बीजाई पद्धिति से पानी की बचत, सीड ड्रील से बोवाई से श्रम की बचत, रोपाई की लागत बचत, पर्यावरण के अनुकुल मिथेन उत्सर्जन कम होता है। इसके साथ ही समय की फसल की अवधि कम होने से समय की बचत होती है।
- -निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद। संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में मंगलवार को आयोजित जनदर्शन मंे कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर जनदर्शन में पहुंचे लोगों के समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।जनदर्शन में आज शाला प्रबंधन समिति करहीभदर ने शाला परिसर में जल निकासी हेतु नाली निर्माण के संबंध मंे आवेदन प्रस्तुत किए। ग्राम खपरी निवासी श्रीमती खिलेश्वरी ने शौचालय निर्माण, ग्राम कसही निवासी हेमकुमारी ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से लाभान्वित करने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किए। इसी तरह आतरगांव निवासी श्री पीताम्बर कुमार ने भूमि सीमांकन कराने तथा सांकरा निवासी श्रीमती मधुबती ने अभिलेख दुरस्ती के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। इसी तरह मोखा के ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने की मांग की। ग्राम सिंघोला के सरपंच ने उप खाद्य वितरण केन्द्र खोलने की मांग की।
- ,- मुख्य नाले पर बने पाटों को तोड़कर निकास सुगम बनायारायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन क्रमांक 8 की जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा की उपस्थिति में चन्दनडीह मार्ग में वीर सावरकर नगर वार्ड क्रमांक 1 में श्री राम धर्मकांटा के सामने हाईवे मार्ग में वर्षा के पानी के जमाव के कारण जलभराव की समस्या आने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत पर स्थल पर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने प्रत्यक्ष अवलोकन किया.स्थल निरीक्षण के दौरान मानसून में हाइवे मार्ग पर उक्त क्षेत्र में श्रीराम धर्मकांटा के समीप अधिकतर समय जल भराव की समस्या बनी रहने की जानकारी मिली. निरीक्षण के दौरान जोन 8 जोन कमिश्नर ने जोन स्वास्थ्य अधिकारी और स्वच्छता निरीक्षक को जल की निकासी करवाने मुख्य नाले पर बने पाटों को तोड़कर नाले की सफाई करवाने के निर्देश दिए. मुख्य नाले पर बने पाटों को तोड़ते ही जल की सुगमता से निकासी हो गयी और जलभराव से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान हो गया। इसके तत्काल पश्चात इस सम्बन्ध में नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर ने नगर निगम जोन 8 की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सम्बंधित क्षेत्र के प्रभारी अधिकारी को पत्र लिखकर हाइवे मार्ग में श्रीराम धर्मकांटा के समीप वार्ड क्रमांक 1 के क्षेत्र में मानसून में अधिकतर रहने वाली जलभराव की जनशिकायत को दूर करने समाधान हेतु शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने कहा है ।
- दुर्ग / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार अगस्त 2025 तक रोजगार पंजीयन को आधार कार्ड से लिंक कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यह उन आवेदकों पर लागू होता है, जिन्होंने वर्ष 2024 से पूर्व रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराया था। रोजगार पंजीयन कराने या अपने पुराने पंजीयन को आधार से लिंक कराने के लिए आवेदक www.erojgar.cg.gov.in वेबसाईट या प्ले स्टोर पर उपलब्ध CHHATTISGARH ROZGAR APP के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इच्छुक अभ्यर्थी जिला रोजगार कार्यालय, दुर्ग में समस्त शैक्षणिक दस्तावेजों एवं आधार कार्ड के साथ कार्यालयीन समय में स्वयं उपस्थित होकर रोजगार पंजीयन को आधार कार्ड से लिंक करा सकते हैं।
- - बाढ़ प्रभावित गांवों में करें समुचित प्रबंध - कलेक्टर श्री सिंहदुर्ग, / संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने कहा है कि जिले के सभी नगरीय निकायों में बारिश से उत्पन्न जल भराव की स्थिति पर अधिकारी नजर रखें। आगामी दिनों में अत्यधिक वर्षा को ध्यान में रखते हुए राहत कैंप के लिए स्थान चयन कर लिया जाये। नगर निगम दुर्ग, भिलाई, भिलाई 03-चरोदा और रिसाली अंतर्गत बनाये गये अटल आवास, नये आवास में आवश्यक व्यवस्था कर लोगों को शिफ्ट कराये। संभागायुक्त श्री राठौर आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में जिला प्रमुख अधिकारियों की बैठक में उक्त निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वर्षा की पानी को संरक्षित रखने सभी शासकीय कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम प्राथमिकता के साथ बनायी जाये। जनहित के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य एजेंसी विभाग नये भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार अधिकारी बारिश के मौसम में विभागों को प्राप्त लक्ष्य के मुताबिक वृक्षारोपण भी करायें। उन्होंने वनमण्डलाधिकारी को जिले में वन की प्रतिशत बढ़ाने कारगर पहल कर जिले को वनाच्छादित बनाने के निर्देश दिये। सभी एसडीएम छोटे-बड़े झाड़ के जंगल क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण करायें। पीडब्ल्यूडी, पी.एम.जे.एस.वाय., सी.एम.जे.एस.वाय. सड़कों के किनारे वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाये। धान खरीदी एवं संग्रहण केन्द्रों के बाउण्ड्रियों में भी पौधरोपण किया जाये। संभागायुक्त श्री राठौर ने कहा कि नये कानून के तहत जेल परिसर, जिला अस्पताल, तहसील एवं एसडीएम ऑफिस में वीडियो कांफ्रेंसिंग व्यवस्था सुनिश्चित किया जाये। वर्षा जनित मौसमी बीमारी की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य केन्द्रों में सभी प्रकार के आवश्यक दवाइयां की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाये। पी.एच.ई. विभाग द्वारा सभी हैण्डपम्पों का क्लोरीनेंशन किया जाये। शासकीय मद से निर्मित भवनों का सदुपयोग हो, निर्माण कार्य एजेंसी विभाग नये भवनों को संबंधित विभागों को हैंडओवर करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि शासकीय कार्यालयों में अनुशासन झलकना चाहिए।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि बारिश को ध्यान में रखते हुए अधिकारी विगत वर्ष के बाढ़ प्रभावित गांवों एवं नगरीय क्षेत्रों के निचली बस्तियों में बाढ़ से बचाव के पूरे उपाय सुनिश्चित करें। आकस्मिक उत्पन्न स्थिति की सूचना हेतु प्रमुख व्यक्तियों, पंचायत प्रतिनिधियों, हल्का पटवारियों की मोबाईल संपर्क नंबर की सूची तैयार कर लिया जाये। राहत कैंप के लिए स्कूल, पंचायत भवन, धर्मशाला चिन्हांकित कर लिया जाये। नदी के किनारे ईंट भट्ठों में काम करने वाले मजदूरों को खनिज विभाग के माध्यम से पूर्व में सूचित किया जाये। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा बांधों से छोड़े जाने वाली पानी की जानकारी के संबंध में जिला प्रशासन को अवगत करायी जाये। बाढ़ अथवा जल भराव से उत्पन्न स्थिति से निपटने नगर सेना के जवान मुस्तैद रहें। बैठक के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने विभागीय समय-सीमा प्रकरणों के विभागवार गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निराकृत प्रकरणों को विलोपित करने अधिकारी फाइल प्रस्तुत करें। शासन के निर्देशानुसार कार्यालयों में लम्बे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध विभाग द्वारा कार्यवाही की जाये। स्कूली बच्चों के आधार अपडेशन हेतु स्कूलों में आधार शिविर लगायी जाये। कलेक्टर ने कहा कि जिले में लखपति दीदी अंतर्गत हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं से जोड़ने कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, पशुपालन, श्रम एवं ग्रामोद्योग विभाग दिये गये लक्ष्य अनुसार प्रकरण स्वीकृत कर हितग्राहियों को लाभान्वित करायें। उन्होंने राशन कार्डों की ई.के.वाय.सी., सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अधिकारी-कर्मचारियों की सेवानिवृत्त पश्चात लंबित पेंशन प्रकरणों की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने अवगत कराया कि शासन के मंशा अनुरूप जिले में ई-ऑफिस सिस्टम लागू किया जाना है। सभी विभागों के नोडल अधिकारी उन्हें उपलब्ध करायी गई मेल आईडी चेक कर लेवें। कार्यालयों में ई-ऑफिस सिस्टम के लिए नये कम्प्यूटर आदि विभागीय बजट से खरीदी की जाये। बजट के अभाव में जिला कार्यालय को अवगत करायी जाये ताकि प्रस्ताव शासन को प्रेरित किया जा सकें।बैठक में सहायक कलेक्टर श्री अभिजीत बबन पठारे, वनमण्डलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, एडीएम श्री वीरेंद्र सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री बी.के. दुबे, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पांडेय, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई 03-चरोदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, श्रीमती सिल्ली थामस एवं श्रीमती लता उर्वशा, एसडीएम श्री लवकेश ध्रुव, श्री सोनल डेविड एवं श्री हितेश पिस्दा सहित समस्त विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग, / जिला कार्यालय के सभा कक्ष में आज जिला स्तरीय वृक्षारोपण समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले में ’’एक पेड़ मां के नाम 2.0’’ अभियान की गति में तेजी लाने पर जोर दिया गया। बैठक में एजेंडावार इको क्लब फॉर मिशन लाइफ का गठन एवं गठन संबंधी नोटिफिकेशन को शाला के सूचना पटल पर प्रदर्शित करते हुए पोर्टल पर अपलोड कराने, जिले के सभी स्कूलों को इको क्लब फॉर मिशन लाइफ पोर्टल में https://ecoclubs.education.gov.in लिंक के माध्यम से पंजीयन कराने, पोर्टल पर विद्यालय का पंजीयन पश्चात् फोटो अपलोड कराने तथा शाला परिसार में स्थान की कमी होने की स्थिति में समुदाय एवं पंचायत के साथ मिलकर सड़क के दोनों किनारों पर छायादार पौधे लगाने, पंचायत द्वारा इस अभियान के लिए तय की गयी भूमि, बाग-बगीचे, तालाब के किनारे, नगर वन क्षेत्र, स्मार्ट सिटी योजना, ग्रीनबेल्ट, जल संधारण हेतु निर्धारित क्षेत्र, अमृत सरोवर, नहर के किनारों पर वृक्षारोपण एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल, तीर्थ स्थल आदि में वृक्षारोपण पर चर्चा की गई।अभियान हेतु सभी विभागों से सामूहिक जिम्मेदारी के साथ आवश्यक सहयोग करने की अपेक्षा की गई है, ताकि यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सकें। विभागों से अपेक्षित सहयोग क्रमशः पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग - विद्यालयों के समीप खाली शासकीय भूमि का चिन्हांकन, ग्राम पंचायतों के माध्यम से गड्डा खुदाई, पौधे की सुरक्षा व देखरेख, श्रमदान, जन जागरूकता और ग्राम स्तरीय वृक्षारोपण कार्यक्रमों में सहयोग। लोक निर्माण विभाग- विद्यालय परिसरों की भूमि समतलीकरण हेतु तकनीक सहयोग, सड़क किनारे वृक्षारोपण की योजना बनाना, ट्री गार्ड लगाने व भूमि सुधार कार्य हेतु मशीनरी या संसाधनों की उपलब्धता। खनिज संसाधन विभाग - वृक्षारोपण हेतु पौधे, ट्री गार्ड, पानी की टंकिया, पाईप लाईन आदि के लिए आर्थिक सहायता, मिशन लाइफ पोर्टल पर पंजीकृत स्कूलों को अनुदान प्रदान करने में प्राथमिकता में शामिल करना। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग- नगर निकाय क्षेत्र के स्कूलों में वृक्षारोपण हेतु पौधे की उपलब्धता, सफाई, सिंचाई और पौधे के परिवहन में सहयोग। जल संसाधन विभाग- पौधों के लिए जल स्त्रोतों की उपलब्धता सुनश्चित करना, सिंचाई की व्यवस्था हेतु तकनीकी मार्गदर्शन, वाटर हार्वेस्टिंग हेतु सहयोग। आवास एवं पर्यावरण विभाग- स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधो की सूची प्रदान करना। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग - औद्योगिक संस्थानों के माध्यम से वृक्षारोपण हेतु वित्तीय सामग्री प्रदान करने में सहयोग, उद्योगों को विद्यालयों के वृक्षारोपण कार्यक्रम से जोड़ना, पौधे गोद लेने की पहल को बढावा देना। संस्कृति विभाग - वृक्षारोपण से जुड़े गीत, नुक्कड़ नाटक, लोककला आदि से जनजागरूकता अभियान चलाना, विद्यालयों मे वृक्षों की महत्ता पर आधारित सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन। महिला एवं बाल विकास विभाग- महिला समूहों/आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वृक्षारोपण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करना, एक पेड़ मों के नाम वृक्षारोपण को मातृ शक्ति से जोड़ना, पोषण वाटिका की स्थापना एवं बच्चों को पौधे के संरक्षण हेतु प्रेरित करना है।बैठक में सहायक कलेक्टर श्री अभिजीत बबन पठारे, वनमण्डलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, एडीएम श्री वीरेंद्र सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री बी.के. दुबे, नगरीय निकाय, पी.डब्ल्यू.डी., खनिज, जल संसाधन, पर्यावरण, उद्योग, महिला एवं बाल विकास और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर - रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर लाल उम्मेद सिंह के निर्देशानुसार रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 4 क्षेत्र अंतर्गत मंगलवार को मालवीय मार्ग में जयस्तम्भ चौक से सिटी कोतवाली चौक (महावीर चौक) तक मार्ग के दोनों ओर मुख्य बाजार क्षेत्र में लगभग 30 दुकानों के सामने सड़क पर कब्जा कर टेबल रखकर किये जा रहे व्यवसाय को लेकर कार्यवाही की और लगभग 30 टेबल को हटाकर सड़क यातायात की बाधा दूर करते हुए नागरिकों को बाजार मार्ग में सुगम यातायात उपलब्ध करवाया गया. वहीं मालवीय मार्ग में सड़क पर व्यवसाय हेतु लगाया गया एक अवैध ठेला भी हटा दिया गया और मुख्य सड़क मार्ग को कब्जामुक्त करवाते हुए टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत नागरिकों को सुव्यवस्थित यातायात दिलवाया गया.
- -शॉल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएंरायपुर। बालोद जिले की होनहार नेशनल फुटबॉल खिलाड़ी सुश्री किरण पिस्दा ने अपनी खेल प्रतिभा से न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन बालोद ने मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में उनका गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया।भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने हाल ही में एएफसी एशियन कप के लिए क्वालिफाई किया है, जिसमें बालोद जिले की किरण पिस्दा का चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।जिला प्रशासन ने किरण को शॉल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित परिवार व जिले के लोगों ने किरण की इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
- -पेयजल परियोजना के लिए 185 करोड़ रुपये की मिली वित्तीय स्वीकृतिरायपुर,। चिरमिरीवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के अथक प्रयासों से चिरमिरी क्षेत्र को वर्षों पुरानी पेयजल समस्या से निजात मिलने जा रही है। अमृत मिशन 2.0 योजना के अंतर्गत राज्य शासन ने चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में पेयजल परियोजना के लिए 185 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।यह परियोजना लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे सैकड़ों परिवारों के लिए राहत लेकर आएगी। पानी की अनियमित आपूर्ति और गंदे पानी की समस्या से परेशान क्षेत्रवासियों को अब नियमित और स्वच्छ जल मिल सकेगा।स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री और शहरी प्रशासन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना चिरमिरी क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।जल्द ही चिरमिरी की धरती पर बहता साफ़ और शुद्ध जल न केवल स्वास्थ्य लाभ देगा बल्कि नागरिकों का जीवन स्तर भी ऊँचा उठाएगा।स्थानीय नागरिकों ने इस पहल के लिए मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल का आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्षों बाद किसी जनप्रतिनिधि ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को गंभीरता से लिया है।
- -2058 पैक्स सोसायटियो ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और सामूहिक भागेदारी का निर्वहन किया-सोसाइटी परिसरों व धान खरीदी केन्दों में वृक्षारोपण किया गयारायपुर। भारत सरकार के "सहकार से समृद्धि" अंतर्गत सहकारिता विभाग द्वारा "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से जुड़कर पूरे छत्तीसगढ़ में 1 लाख वृक्षारोपण किया गया। केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के निर्देशन में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस 05 जुलाई को समाहित करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ के सहकारी संस्थाओं में दिनांक 01जुलाई से 06 जुलाई तक विविध कार्यक्रमो, शिविरो, सहकारी संगोष्ठयो तथा वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। सहकारिता विभाग द्वारा "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत अपेक्स बैंक, सभी जिला सहकारी केंद्रीय बैंको तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सेवारत 2058 पैक्स सोसायटियो तथा प्रदेश के धान उपार्जन केंद्रों में 1 लाख वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया था। छत्तीसगढ़ के कोआपरेटिव्ह सेक्टर में "एक पेड़ माँ के नाम" के तहत 1 लाख पौधे का वृक्षारोपण किया गया तथा सभी ने उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया। सहकारिता और एक पेड़ माँ के नाम वृक्षारोपण अभियान दोनों ही सामाजिक उत्थान व पर्यावरणीय संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण पहल है, जो कि सामूहिक भागीदारी पर आधारित है। माँ और प्रकृति दोनों ही जीवनदायिनी है।
- -अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के दिए निर्देशमहासमुंद, / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ श्री एस आलोक ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल में जिले के विभिन्न स्थानों से आए नागरिकों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी। उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा। आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 26 आवेदकों ने आवेदन प्रस्तुत किए। सीईओ ने सभी आवेदकों की समस्याएं बारी-बारी सुनी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू एवं रविराज ठाकुर, एसडीएम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।जन चौपाल में सरायपाली के हितग्राही श्री तिलक राम ने पीएम आवास की राशि जारी करने हेतु सचिव द्वारा पैसे लिए जाने के संबंध में शिकायत प्रस्तुत किया, इसी क्रम में श्री दीनबंधु सोना ने भी शिकायत किया जिस पर सीईओ ने उक्त मामलों में प्राथमिकता से जाँच करने हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा श्री सेवक राम साहू पोटापारा पिथौरा द्वारा त्रुटि सुधार हेतु आवेदन, ग्राम पंचायत छांदनपुर के शिव मंदिर में अतिक्रमण श्री वेणुधर थानापति द्वारा आवेदन, झलप में शासकीय भूमि अतिक्रमण संबंधी आवेदन, श्री परमेश्वर यादव साराडीह महासमुंद द्वारा बैंक की ग़लत एंट्री के संबंध में आवेदन, श्री राजकुमार भोई झगरेनडीह पिथौरा द्वारा सीमांकन हेतु आवेदन किया गया। जन चौपाल में इसके अलावा पीएम आवास योजना, अवैध अतिक्रमण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, धान खरीदी, मुआवजा राशि, साथ ही अन्य माँग एवं शिकायत संबंधी आवेदन प्राप्त हुए, जिस पर शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज नई दिल्ली में गृह मंत्री श्री अमित शाह से सौजन्य भेंट की।
- राजनांदगांव । राजनांदगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डोम्हाटोला में शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु 18 जुलाई 2025 तक कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजनांदगांव में आवेदन आमंत्रित की गई है। शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु इच्छुक जिले में स्थित वृहत्ताकार आदिम जाति बहुउद्देशिय सहकारी समिति (लेम्पस), प्राथमिक कृषि साख समिति, वन सुरक्षा समिति, महिला स्वसहायता समूह, अन्य उपभोक्ता सहकारी समिति निर्धारित तिथि तक समस्त दस्तावेजों के साथ विहित प्रारूप में अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते है।
- राजनांदगांव । राजनांदगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अचानकपुर भाठापारा, अंजोरा एवं टेड़ेसरा में शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु 23 जुलाई 2025 तक कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजनांदगांव में आवेदन आमंत्रित की गई है। शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु इच्छुक जिले में स्थित वृहत्ताकार आदिम जाति बहुउद्देशिय सहकारी समिति (लेम्पस), प्राथमिक कृषि साख समिति, वन सुरक्षा समिति, महिला स्वसहायता समूह, अन्य उपभोक्ता सहकारी समिति निर्धारित तिथि तक समस्त दस्तावेजों के साथ विहित प्रारूप में अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते है।
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राजनांदगांव । जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने छुरिया विकासखंड अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक शाला मोरकुटुम्ब में पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) श्री मुकेश कुमार मण्डावी को अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त कर दिया है।
- - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, मिशन जल रक्षा, स्टार्टअप विलेज एन्टरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम व वन स्टॉप फैसलिटी, चना प्रोसेसिंग यूनिट अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का लिया जायजा- यूटिलिटी सेंटर के स्थायित्व के लिए विभिन्न आयामों पर की चर्चा- समूह की महिलाओं, लखपति दीदीयों, किसान उत्पादक संगठन की महिलाओं से की बातचीत- बिहान की महिलाओं ने अपने सक्षम एवं आत्मनिर्भर होने के अपने अनुभव किए साझा- उत्पादों की गुणवत्ता, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग पर विशेष तौर पर कार्य करने के लिए कहा- अतिरिक्त सचिव ने जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की- अतिरिक्त सचिव ने समूह की महिलाओं किया प्रोत्साहित- समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के स्टॉल का किया अवलोकन- स्वर्ण उपज महिला उत्पादक कंपनी प्रसंस्करण इकाई का लिया जायजा- एफपीओ द्वारा वर्ष 2024-25 में 408 लाख रूपए का टर्न ओव्हर किया गया- ग्राम बरगा में रिचार्ज साफ्ट एण्ड इंजेक्शन वेल का किया निरीक्षणराजनांदगांव । अतिरिक्त सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार श्री टीके अनिल कुमार ने आज ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन एवं गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, मिशन जल रक्षा, स्टार्टअप विलेज एन्टरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम व वन स्टॉप फैसलिटी, चना प्रोसेसिंग यूनिट अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित रहे।अतिरिक्त सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार श्री टीके अनिल कुमार ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम अंजोरा में मल्टीयूटिलीटी सेंटर में महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे हर्बल गुलाल, गोपीगुरू चंदन, सिंदूर, रोली, कुमकुम निर्माण एवं पैकेजिंग के कार्य का अवलोकन किया। श्री गणेशा हर्बल गुलाल प्राईवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध के आधार पर 16 समूह एवं 75 महिलाएं कार्य कर रही है। उन्होंने समूह की महिलाओं से बातचीत की। समूह की महिलाओं ने बताया कि इस पैकेजिंग सेंटर उन्हें बहुत फायदा हो रहा है। अब तक 181 मीट्रिक टन उत्पादन किया गया है एवं लगभग इससे 1 करोड़ 5 लाख 70 हजार रूपए की आमदनी हुई है। उन्होंने बताया कि आजीविका गतिविधियों से जुड़कर उनके जीवन स्तर का उन्नयन हुआ है। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने बताया कि यह हर्बल गुलाल यूनिट समूह की महिलाओं द्वारा संचालित किया जा रहा है और उन्हें स्वामित्व भी प्राप्त है तथा वे यहां कार्य भी कर रही हैं। इस पैकेजिंग यूनिट के लगने से उन्हें फायदा हो रहा है। उन्होंने बताया कि छोटे पैमाने पर दोना-पत्तल यूनिट संचालित है। 15 महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों द्वारा बफर प्लेट का निर्माण किया जा रहा है। जिससे लगभग 7 लाख 20 हजार रूपए तक का रोजगार सृजन किया गया है। अतिरिक्त सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार ने यूटिलिटी सेंटर के स्थायित्व के लिए विभिन्न आयामों पर चर्चा की।अतिरिक्त सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार श्री टीके अनिल कुमार ग्राम टेड़ेसरा में रिचार्ज साफ्ट एण्ड इंजेक्शन वेल का अवलोकन किया। इस विशेष तकनीक के माध्यम से नेशनल हाईवे के क्रास डे्रनेज से आने वाले वर्षा का जल संग्रहित कर परकोलेशन टैंक तक लाया जाता है। यह जल फिल्टर होकर इंजेक्शन वेल के माध्यम से भू-जल स्तर को पुन: रिचार्ज करता है। जिससे वर्षा के जल का संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने जिले में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने ग्राम टेड़ेसरा में स्टार्टअप विलेज एन्टरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम अंतर्गत श्री मनीष साहू की दुकान का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप विलेज एन्टरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के तहत उन्होंने लगभग 2 लाख रूपए का ऋण लेकर इलेक्ट्रिकल, पेंट एवं हार्डवेयर की दुकान प्रारंभ किया। जिससे उनको फायदा मिला है।अतिरिक्त सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार श्री टीके अनिल कुमार ग्राम पदुमतरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के आंचल संकुल संगठन कार्यालय का अवलोकन किया तथा आजीविका प्रशिक्षण केन्द्र के संबंध में जानकारी ली। समूह की महिलाओं ने बताया कि बिहान से जुडऩे के बाद सक्षम एवं आत्मनिर्भर होने के कारण आत्मविश्वास बढ़ा है। आजीविका मिलने के कारण वे लखपति दीदी बन रही है। उनके घर के समीप प्रशिक्षण केन्द्र होने से सुविधा मिल रही है। समूह की महिलाओं ने उनसे अपने व्यवसाय के संबंध में अनुभव साझा किए। श्रीमती तेजेश्वरी ने बताया कि वे खेती-किसानी के साथ ही आचार-पापड़ बनाने का कार्य कर रही है और स्थानीय स्तर पर शादी के सीजन में इसकी बड़ी डिमांड होती है। स्वरधारा महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि वे किसान उत्पादक संगठन से जुड़कर चना, गेहूं, लाखड़ी एवं अन्य दाल की प्रोसेसिंग तथा बिक्री करते है तथा साथ ही मसाले की बिक्री भी कर रहे है। स्कूल, छात्रावास, हास्पिटल, आंगनबाड़ी केन्द्रों में आपूर्ति की जाती है। उन्होंने बताया कि प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग के लिए मशीन स्थापित किया गया है और 65 लाख रूपए की बिक्री कर चुके है। अतिरिक्त सचिव कहा कि अपने उत्पादों की गुणवत्ता, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग पर विशेष तौर पर कार्य करने के लिए कहा।अतिरिक्त सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार से लखपति दीदीयों ने अपने अनुभव साझा किए। लखपति दीदी श्रीमती कमलेश्वरी साहू ने बताया कि ग्राम संगठन से जुड़कर किराने की दुकान प्रारंभ की है, जिससे 2 से 2.50 लाख रूपए की वार्षिक हो रही है। लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद ने बताया कि बिहान से जुड़कर उन्होंने सिलाई कार्य, ब्यूटी पार्लर, कपड़ा दुकान, बीमा सखी, बैंक सखी, किराने की दुकान संचालित कर रही है। उनकी वार्षिक आय लगभग 4 लाख रूपए है। उन्होंने बताया कि वे गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुकी है। खैरझीटी की जेसीबी दीदी श्रीमती दमयंती सोनी ने बताया कि वे समूह से जुड़ी हैं और अपनी आजीविका के लिए जेसीबी चलाने का कार्य कर रही है और नेपाल, बैंगलोर, ओडिशा में आयोजित प्रतियोगिता में विजेता रही है और शासन के सहयोग से जापान जा रही है। श्रीमती ममता देवांगन ने बताया कि उन्होंने एनआरएलएम से जुडऩे के बाद लगभग 9 लाख रूपए का ऋण लिया है और अपने दम पर व्यवसाय प्रारंभ किया है। उन्होंने किराने की दुकान खोली। जिससे उन्हें प्रतिदिन 6 हजार रूपए की बिक्री हो रही है। लाभ होने के बाद उन्होंने राजनांदगांव में चप्पल-जूते की दुकान प्रारंभ की है। उन्होंने कहा कि बिहान से जुडऩे के बाद वे विभिन्न अवसरों पर एक्सपो एवं प्रदर्शनी में शामिल होने के लिए दिल्ली, हैदराबाद जा रही है, जिससे उन्हें भ्रमण करने का अवसर मिला। श्रीमती निलेश्वरी साहू ने बताया कि मशरूम उत्पादन से उन्हें बहुत फायदा मिला। वे 40 ग्रामों में खान पान के बारे में बता रही है। वे अगरबत्ती निर्माण, सिलाई कार्य से जुड़ी हुई। उन्होंने बताया कि विभिन्न पर्व के अनुसार गुलाल, राखी के बिक्री का कार्य करती है। अतिरिक्त सचिव ने समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रह कार्यों की प्रशंसा की और उन्हें प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर उन्होंने समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन किया।अतिरिक्त सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार ने ग्राम सुकुलदैहान में 15 हजार 875 महिला किसानों द्वारा स्वर्ण उपज महिला उत्पादक कंपनी प्रसंस्करण इकाई का अवलोकन किया। 15 हजार 875 महिला किसानों ने सोयाबीन, चना एवं अन्य फसलों की खरीदी कर चना प्रसंस्करण इकाई में कार्य कर रही है। एफपीओ द्वारा वर्ष 2024-25 में 408 लाख रूपए का टर्न ओव्हर किया गया है। इस दौरान उन्हें श्रीमती सावित्री साहू ने ड्रोन से कीटनाशक के छिड़काव का प्रदर्शन किया। अतिरिक्त सचिव ने ग्राम बरगा में रिचार्ज साफ्ट एण्ड इंजेक्शन वेल का निरीक्षण किया। इस दौरान पद्मश्री फूलबासन बाई यादव ने जिले में जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे नीर एवं नारी अभियान के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे आजीविका मूलक गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर एनएमएम एफएलएच श्री बजरंग पटनायक, एनएमएम एसएमआईवी श्री ओमप्रकाश, एनएमएम एनएफएलजे श्री जनार्दन राऊत, राज्य से संयुक्त महाप्रबंधक श्री आरके झा, श्री मनोज, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के डीएमएम श्री पिनाकी सहित अधिकारी, कर्मचारी एवं समूह की महिलाएं उपस्थित रही।
- - जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के दिए निर्देशराजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से आए नागरिकों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा। जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने, नक्शा बटांकन, अतिक्रमण हटाने, पट्टा, भू-अर्जन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ दिलाने जैसे आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर डॉ. भुरे ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण के लिए निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोर्राम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- - बाढ़ एवं जल भराव वाले क्षेत्रों की सतत निगरानी करने के दिए निर्देश- अवैध शराब के भंडारण, परिवहन एवं विक्रय पर कड़ी कार्रवाई करने कहा- चाकू बाजी करने वाले अपराधियों एवं संदिग्धों पर की जाएगी कड़ी कार्रवाईराजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे एवं पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग ने आज कलेक्टारेट सभाकक्ष में अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सहित अन्य अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराना सुनिश्चित करें, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरे जिले में सर्तकता एवं सजगता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि वर्तमान में पूरे जिले में तेज बारिश हो रही है, इसके चलते नदी-नालों के तटवर्ती क्षेत्रों के अलावा निचले भागों में पानी भरने की संभावना बनी है, इसे ध्यान में रखते हुए सभी अनुविभागीय अधिकारी विशेष रूप से सर्तक रहें और सतत निगरानी करते रहें। किसी भी प्रकार से जल भराव या बाढ़ की आशंका होने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही बाढ़ से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों का जांच-परीक्षण कर लें। कलेक्टर ने कहा कि जिले में अवैध शराब के भंडारण, परिवहन एवं विक्रय की सतत निगरानी करते हुए उन पर कड़ी कार्रवाई करें। इसके लिए गठित टीमों को सतत सक्रिय रखें। उन्होंने कहा कि गत वर्ष के स्थानों जहां जल भराव हुए थे, उन्हें चिन्हांकित करने के साथ ही अन्य संभावित स्थानों की भी निगरानी करें। उन्होंने जिले में अग्रिवीरों के प्रशिक्षण के लिए स्थान, पुस्तक एवं अन्य संसाधनों के व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग ने कहा कि जल भराव एवं बाढ़ से निपटने के लिए मूलभूत आवश्यकताओं के परीक्षण के साथ-साथ उनकी उपलब्धता बनाएं रखें। उन्होंने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था से निपटने के लिए अधिकारीगण सतत कार्रवाई एवं मानिटरिंग करते रहें। ढाबों सहित अन्य स्थानों पर अवैध रूप से विक्रय होने वाले मदिरा एवं अन्य नशा के पदार्थों की उपलब्धता पर कड़ी कार्रवाई करें। देर रात तक अनावश्यक रूप से ढाबें नहीं खुलने चाहिए। चाकू बाजी करने वाले अपराधियों एवं संदिग्धों पर कड़ी कार्रवाई करें। इसके अलावा शांति व्यवस्था एवं कानूनों के उल्लंघन पर कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करें, ताकि इससे होने वाले अपराध कम हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैफिक पुलिस यातायात के नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं, ताकि दुर्घटनाएं कम हों और लोगों के जीवन को बचाया जा सकें। नशापान कर वाहन चलाने वालों पर चालानी कार्रवाई करें। उन्होंने दुर्घटनाजन्य स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाने के संबंध में की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शहरी क्षेत्र के ओव्हर ब्रिज के नीचे अवैध रूप से अतिक्रमण पर कार्रवाई कर उसे खाली कराने और आवश्यक उपयोग के पार्किंग के लिए स्थान सुनिश्चित कराएं।बैठक में अधिकारियों ने अब तक की गई कार्रवाई से कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया। बैठक में यह भी बताया गया कि संभावित बाढ़ एवं जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। संसाधनों के रूप में जिले में 3 बोट, 6 आसता लाईट, 3 ऊट कटर एवं पर्याप्त संख्या में लाईफ जैकेट उपलब्ध है। इसके अलावा आवश्यकता पडऩे पर 21 गोताखोर भी उपलब्ध है, जिनकी सेवाएं ली जा सकती हैं। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल देव शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम, एसडीएम श्री डोंगरगढ़ श्री अभिषेक तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- -11 राज्यों के अधिकारी एवं आजीविका विशेषज्ञ होंगे शामिल- महिला उद्यमिता को मिलेगा नया आयामरायपुर / भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन 9 से 11 जुलाई 2025 तक राजधानी रायपुर में होने जा रहा है। यह कार्यशाला दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। आयोजन में देश के 11 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारीगण, मिशन संचालक, आजीविका विशेषज्ञ, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबद्ध हितधारक सहभागी होंगे।कार्यशाला का उद्घाटन भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री टी. के. अनिल, छत्तीसगढ़ शासन की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, भारत सरकार की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा तथा छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री भीम सिंह की उपस्थिति में होगा।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में 3 करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाने हेतु विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में यह कार्यशाला विविध पहलुओं जैसे— ग्रामीण आजीविका के अवसर, सामाजिक एवं वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, बाजार उपलब्धता, वेल्यू चेन निर्माण एवं आधुनिक तकनीकों पर आधारित रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा एवं अनुभव साझा करने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगी।यह कार्यशाला मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, ओडिशा, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु तथा आंध्रप्रदेश राज्यों के प्रतिभागियों की सहभागिता का गवाह बनेगी।विशेष रूप से भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव श्री एस. सी. एल. दास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।कार्यशाला के दौरान विभिन्न सत्रों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग, महिला प्रशिक्षण, वित्तीय समावेशन तथा व्यवसाय संवर्धन के विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा। आयोजन में आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की संचालक श्रीमती जयश्री जैन ने बताया कि कार्यशाला की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि यह आयोजन ग्रामीण विकास में महिला नेतृत्व को और अधिक प्रभावी भूमिका निभाने हेतु प्रेरित करेगा। यह कार्यशाला केवल विमर्श का अवसर न होकर भविष्य की ठोस रणनीतियों का आधार भी बनेगा, जिससे “लखपति दीदी” के रूप में लाखों महिलाओं को सशक्त किया जा सकेगा।















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