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- 0- बिलासपुर में तापमान 44 डिग्री के करीब, नागरिकों से सतर्क रहने की अपीलबिलासपुर. जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति बिलासपुर ने नागरिकों के लिए लू से बचाव संबंधी एडवाइजरी जारी की है। इन दिनों बिलासपुर में तापमान लगभग 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी संदेश में बताया गया है कि लू लगने के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, चक्कर आना, बेहोशी, उल्टी-मितली, सिरदर्द तथा त्वचा का लाल और सूखा होना शामिल है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत छांव या ठंडी जगह पर जाएं, शरीर को ठंडा करें तथा पानी या ओआरएस दें। आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी अस्पताल में तत्काल उपचार कराएं।स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे दिनभर पानी, ओआरएस, छाछ, नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें। तरबूज, खीरा, ककड़ी, मौसमी फल एवं हरी सब्जियों का अधिक उपयोग करें। बाहर निकलते समय सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढंककर रखें तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनें।विभाग ने यह भी कहा है कि खाली पेट धूप में न निकलें तथा चाय, कॉफी और अधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। जिला स्वास्थ्य समिति ने नागरिकों से सतर्क रहते हुए गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने का आग्रह किया है। किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 87706-64365 और 75870-38622 पर संपर्क किया जा सकता है।
- 0- निर्माण विभागों को अधिक से अधिक पंजीयन कराने के निर्देशबिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिले के सभी निर्माण विभागों से श्रम विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू किए गए “ई-श्रम साथी ऐप (सीजी लेबर चौक)” में अधिक से अधिक पंजीयन कराने का अनुरोध किया गया है। इस ऐप के माध्यम से श्रमिकों को अब काम की तलाश में लेबर चौक अथवा चावड़ी में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी।श्रम विभाग द्वारा विकसित इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए जिस भी व्यक्ति, संस्था अथवा ठेकेदार को श्रमिकों की आवश्यकता होगी, वे ऐप के माध्यम से सीधे श्रमिकों से संपर्क कर आवश्यकतानुसार कार्य पर बुला सकेंगे। इससे श्रमिकों को रोजगार के अवसर आसानी से उपलब्ध होंगे तथा समय और श्रम की बचत भी होगी।जिले के सभी निर्माण विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ ठेकेदारों को नियोक्ता के रूप में ऐप में पंजीयन कराने के लिए प्रेरित करें। साथ ही निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों का भी श्रमिक श्रेणी में पंजीयन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकें। श्रम विभाग के सहायक आयुक्त ज्योति मिश्रा ने कहा है कि यह पहल श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच सीधा समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी तथा श्रमिकों को पारदर्शी और त्वरित रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक बनेगी।
- बिलासपुर. एकीकृत बाल विकास परियोजना सरकण्डा अंतर्गत ग्राम रामपुर के आंगनबाड़ी केंद्र रामपुर 1 में सहायिका के 1 रिक्त पद के लिए 5 जून तक ऑनलाइन आवेदन किये जा सकते है। ई-भर्ती ऑनलाईन लिंक http://aww.e-bharti.in में जाकर अनिवार्य दस्तावेजों की फाइल अपलोड कर आवेदन कर सकते है। नियत समय के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किये जाएंगे।
- बिलासपुर. ड्रीम इम्पीरिया आवासीय सहकारी समिति जगदम्बा कॉलोनी सरकण्डा की सदस्यता सूची का प्रकाशन किया गया है। सूची के संबंध में दावा आपत्ति 27 मई तक सोसाइटी कार्यालय में सप्रमाण लिखित में प्रस्तुत किये जा सकते है। प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण 28 मई को किया जाएगा जिसमें सोसाइटी सदस्य उपस्थित हो सकते है।
- बालोद. जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत् धरती आबा में चयनित ग्रामों में आयोजित कार्यक्रमों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिसमें विकासखण्ड डौण्डी के 10 गांव बालोद विकासखण्ड के 02 गांव तथा डौण्डीलोहारा विकाखण्ड के 15 गांवों में गतिविधियों का आयोजन किया गया।इस दौरान शासकीय एवं गैर शासकीय संगठनों द्वारा पैदल यात्रा का आयोजन कर गांव की वास्तविक स्थिति का अवलोकन करते हुए जागरुकता फैलाने के साथ-साथ वृक्षारोपण का भी कार्य किया गया। बालोद विकासखण्ड के ग्राम करहीभदर में शासन की महत्वाकांक्षी एवं जनहितैषी कार्यक्रम ’सुशासन तिहार’ के तहत जनसमस्या शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 13 आयुष्मान कार्ड, 12 जॉब कार्ड तथा प्रधानमंत्री आवास हेतु प्राप्त 1502 आवेदनों का निराकरण किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को जनजातीय गरिमा उत्सव के इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम ओर योजनाओं के बारे में ट्रांजेक्ट वॉक के द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा जिले में सुशासन तिहार के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न लाभार्थी शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिससे किसी भी ग्रामीण को एक ही जगह सारी सुविधाएँ उपलब्ध कराया जा सके।
- 0- राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश0- सुशासन तिहार के दौरान राजस्व विभाग से संबंधित आवेदनों के निराकरण हेतु किए जा रहे कार्यवाही का किया अवलोकनबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करना राज्य शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होेंने शासन के मंशानुरूप जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में राजस्व अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सुशासन पोर्टल के माध्यम से सुशासन तिहार के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा किए जा रहे कार्यवाही का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने तहसीलवार राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु की जा रही कार्यवाही के अंतर्गत विवादित नामांतरण एवं अविवादित नामांतरण, विवादित खाता विभाजन, अविवादित खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, अवैध वृक्ष कटाई के अलावा ई-कोर्ट के प्रकरणों के निराकरण की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राजस्व अधिकारियों से स्वामित्व योजना के अंतर्गत वितरित किये जाने वाले पट्टों, नक्शा बटांकन एवं डिजिटल हस्ताक्षरित खसरों की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने आधार प्रविष्टि एवं जेंडर तथा डिजिटल किसान किताब वितरण हेतु खातों के डिजिटल हस्ताक्षर के कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों के अलावा कृषि विभाग के उप संचालक से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन कार्य के प्रगति के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले में जनगणना 2027 के कार्यों की सराहना करते हुए इसके लिए उन्होंने जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
- 0- संघर्ष, मेहनत और हौसले से बनीं महिलाओं के लिए प्रेरणा, 4000 से अधिक लोगों को सिखाई ड्राइविंग और 500 से ज्यादा को दिलाया रोजगाररायपुर. यपुर की सड़कों पर आत्मविश्वास के साथ गाड़ी चलाती महिलाएं आज भले आम नजर आती हों, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब महिलाओं का स्टीयरिंग संभालना लोगों के लिए आश्चर्य की बात हुआ करता था। ऐसे दौर में एक महिला ने न सिर्फ खुद गाड़ी चलाना सीखा, बल्कि हजारों लोगों को आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखाई। यह कहानी है रायपुर की श्रीमती सुखिया वर्मा की, जिन्होंने संघर्ष, मेहनत और हौसले से अपनी अलग पहचान बनाई।महतारी गौरव वर्ष के अवसर पर सुखिया जैसी महिलाओं की कहानी समाज को यह संदेश देती है कि अगर परिवार का साथ और आत्मविश्वास हो, तो महिलाएं हर चुनौती को पार कर सकती हैं।ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी सुखिया की शादी महज 22-23 साल की उम्र में हो गई थी। गांव में रहते हुए वे बैलगाड़ी चलाया करती थीं। उस समय शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन यही सफर उन्हें ड्राइविंग स्कूल चलाने तक पहुंचा देगा। शादी के बाद परिवार और खेती-किसानी के कामों के बीच उन्होंने ट्रैक्टर चलाना सीखा। ट्रैक्टर चलाते-चलाते उनके मन में गाड़ी चलाने और दूसरों को सिखाने का विचार आया।लेकिन यह राह आसान नहीं थी। उस दौर में महिलाओं का वाहन चलाना समाज में सहज रूप से स्वीकार नहीं किया जाता था। कई बार लोगों की बातें सुननी पड़ती थीं, लेकिन सुखिया ने हार नहीं मानी।उन्होंने शुरुआती दिनों में अस्पताल की एंबुलेंस भी चलाई। करीब चार वर्षों तक वे अस्पताल की गाड़ियों से मरीजों को लाने-ले जाने का काम करती रहीं। रात के दो बजे भी अगर मरीज को लाने के लिए फोन आता, तो वे बिना डरे निकल पड़ती थीं। लोगों की मदद करना उन्हें अपने काम से और ज्यादा जोड़ता गया।विद्या ड्राइविंग स्कूल शुरू करने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। तब उन्होंने अपने खेत की जमीन गिरवी रखकर मारुति 800 खरीदी। यही छोटी सी गाड़ी उनके बड़े सपनों का आधार बनी। और उन्होंने सड़कों पर गाड़ी चलाने का प्रशिक्षण देना शुरू किया। उनका मानना है कि मैदान वगेरह की जगह सीधे सड़क पर गाड़ी चलाने से डर जल्दी खत्म होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।सुखिया मानती हैं कि महिलाओं के लिए ड्राइविंग आना आत्मनिर्भरता की एक अहम सीढ़ी है, वे महिलाओं को घर से बाहर आकर ड्राइविंग सीखने के लिए प्रोत्साहित भी करती हैं, और यदि कोई महिला ज़रूरतमंद निकली तो उसे बिना ट्रेनिंग की फीस लिए केवल फ्यूल के खर्चे पर भी गाड़ी चलाना सिखाती हैं।आज सुखिया 4000 से अधिक महिलाओं और पुरुषों को गाड़ी चलाना सिखा चुकी हैं। वे बताती हैं कि जब सीखने वाले लोग बाद में खुश होकर उनसे मिलने आते हैं और बताते हैं कि उन्हें नौकरी मिल गई या अब वे आत्मनिर्भर हो गए हैं, तो उन्हें सबसे ज्यादा खुशी होती है।सुखिया के माध्यम से अब तक 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिल चुका है। कई महिलाएं और पुरुष आज अलग-अलग जगहों पर ड्राइवर का काम कर रहे हैं। कुछ लोगों ने खुद का वाहन चलाकर अपना रोजगार भी शुरू किया है।ड्राइविंग स्कूल से हुई कमाई से सुखिया ने अपने परिवार को संभाला। अपनी तीनों बेटियों की शादी की और घर की जिम्मेदारियां निभाईं। वे मानती हैं कि उनकी इस यात्रा में परिवार का सहयोग सबसे बड़ी ताकत रहा। उनके पति, बच्चों और ससुर ने हर कदम पर उनका साथ दिया। यही वजह है कि कठिन परिस्थितियों में भी वे कभी रुकी नहीं।आज सुखिया की कहानी सिर्फ एक महिला की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो कुछ नया करना चाहती हैं, लेकिन परिस्थितियों या समाज के डर से पीछे हट जाती हैं।बैलगाड़ी से शुरू हुआ यह सफर आज हजारों लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की मिसाल बन चुका है। महतारी गौरव वर्ष में सुखिया जैसी महिलाएं यह साबित कर रही हैं कि हौसले और मेहनत के आगे कोई रास्ता मुश्किल नहीं होता।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में व्यायाम शिक्षक श्री लोकेश्वर साहू ने आंगनबाड़ी केंद्र-09 मंदिरहसौद, एएनएम (आरएचओ) सुश्री पद्मिनी यदु ने आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-3 निसदा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।--
- 0- प्रगणकों को तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाईरायपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जनगणना कार्य के तहत विभिन्न जोन में कार्यरत प्रगणकों की समीक्षा बैठक ली।बैठक में कलेक्टर डॉ. सिंह ने निर्देशित किया कि जनगणना का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि तय समय-सीमा में जिन प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा कार्य पूर्ण नहीं किया जाएगा, उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री मनीष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर. जिले में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में “बिहान” योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए सशक्त मंच प्राप्त हो रहा है। यह कहानी है अभनपुर विकासखण्ड के ग्राम पिपरौद निवासी श्रीमती सपना मंडल की, जो आज आत्मनिर्भर महिला उद्यमी बन चुकी हैं। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया है।श्रीमती मंडल पहले गृहणी थीं एवं मजदूरी का कार्य करती थीं। उन्होंने बताया कि एक दिन उनके गांव में बिहान योजना की सीआरपी दीदियाँ पहुंचीं, घर-घर जाकर सर्वे किया तथा महिलाओं को समूह से जुड़ने के लाभों की जानकारी दी। इसके बाद वे स्वयं समूह से जुड़ीं और वर्तमान में ग्राम संगठन में सचिव के पद पर हैं।समूह से जुड़ने के बाद उन्हें एमसीपी के तहत 60 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई, जिसका उपयोग उन्होंने कृषि कार्य में किया। इसके बाद आईएफसी के तहत उन्हें मुर्गी के चूजे प्राप्त हुए एवं स्वयं की कुछ राशि जोड़कर उन्होंने मुर्गी पालन की आजीविका गतिविधि का कार्य शुरू किया।श्रीमती मंडल ने बैंक से 1 लाख रुपये का ऋण लिया और मुर्गी पालन व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में उनके पास लगभग 1500 मुर्गियाँ हैं। इस व्यवसाय से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और अब उन्हें मजदूरी के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। श्रीमती मंडल ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने 1 लाख 40 हजार रुपये की मुर्गियों का विक्रय किया है एवं कृषि कार्य से 1 लाख 24 हज़ार की आय अर्जित कर चुकी हैं।
- 0- नियमित जांच और उपचार से बच्चों के स्वास्थय में आ रहा सुधाररायपुर. बच्चों के बेहतर स्वास्थय और पोषण के लिए शासन लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में आरंग विकासखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका नियमित परीक्षण और समुचित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों की लगातार निगरानी की जाती है। जिन बच्चों में गंभीर कुपोषण के लक्षण दिखाई देते हैं, उनकी समय-समय पर जांच की जाती है और आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। बच्चों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में रेफर किया जाता है, जहां विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को विशेष देखभाल, पोषाहार और चिकित्सकीय उपचार मिलता है, साथ ही बच्चों के पालकों को सही पोषण एवं देखभाल के बारे में मार्गदर्शन भी दिया जाता है।योजना के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। जो बच्चे पहले कमजोर और बीमार रहते थे, उनके स्वास्थय और वजन में लगातार सुधार हो रहा है। बच्चे अब पहले की अपेक्षा अधिक सक्रिय और स्वस्थ दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनके परिवारों के चेहरे पर भी राहत और खुशी नजर आने लगी है। यह पहल न केवल बच्चों को नया जीवन दे रही है, बल्कि पालकों में भी जागरूकता बढ़ा रही है कि सही समय पर उपचार और पोषण कितना जरूरी है।
- 0- महंगे राशन और परेशानियों से जूझ रहे परिवार को मिली राहत, मठपुरैना जनसमस्या निवारण शिविर में 19 हितग्राहियों को मिला राशन कार्डरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार अब आमजन के जीवन में बदलाव की कहानी लिख रहा है। गांवों सहित नगरीय निकायों में लग रहे जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों को राहत और संतोष मिल रहा है। इसी क्रम में रायपुर निगम क्षेत्र जोन 6 के मठपुरैना सामुदायिक भवन में आयोजित सुशासन शिविर एक परिवार के लिए खुशियों की सौगात बनकर आया। चंद्रशेखर वार्ड निवासी श्रीमती नेहा पटेल को लंबे इंतजार के बाद उनका नया राशन कार्ड प्राप्त हुआ, जिससे उनके जीवन में बड़ी राहत आई।नेहा शहर के निजी शोरूम में कार्य करती है तथा पति के साथ बच्चों का पालन पोषण कर रही है। उन्होंने बताया कि राशनकार्ड के अभाव में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्हें महंगे दामों पर बाजार से राशन खरीदना पड़ता था। नेहा बताया कि शिविर में मैंने आकर आवेदन किया, जिस पर खाद्य विभाग की टीम ने प्राथमिकता के आधार पर आवेदन का निराकरण कर शिविर में मात्र 15 मिनट में ही राशन कार्ड प्रदान किया। जैसे ही नेहा के हाथों में राशन कार्ड मिला, उनके चेहरे पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया।सुशासन तिहार आमजनों की समस्या के समाधान का सशक्त माध्यम बन गया है। मठपुरैना सामुदायिक भवन में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में 19 लोगों का राशन कार्ड बनाकर दिया गया। राशन कार्ड पाकर हितग्राहियों के चेहरे में खुशी और सुकून दिखाई दे रही थी।नेहा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाला अभियान साबित हो रहा है।सुशासन तिहार के ऐसे शिविर अब सिर्फ प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनते जा रहे हैं, जो लंबे समय से अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए परेशान हो रहे थे।
- 0- प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को दिया धन्यवादरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। रायपुर के गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में गोवर्धन नगर भनपुरी निवासी श्रीमती सुनीती साहू को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत पक्के मकान के निर्माण हेतु अनुज्ञा पत्र प्रदान किया गया।श्रीमती साहू आलू-प्याज का व्यवसाय कर अपना जीवन यापन करती हैं। उन्होंने कहा कि पहले मैं किराए के मकान में निवासरत थी, लेकिन अब सुशासन तिहार में मुझे पक्का मकान बनवाने हेतु अनुज्ञा पत्र मिला है। अब मैं अपना पक्का मकान बनवा पाऊंगी, जिससे मैं बहुत खुश हूँ। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से धन्यवाद करती हूँ।
- रायपुर. प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे गर्भावस्था के दौरान अपने स्वास्थय और पोषण का बेहतर ध्यान रख सकें। जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत नगर पंचायत समोदा निवासी श्रीमती भारती साहू ने भी इस योजना का लाभ लेकर सुरक्षित मातृत्व का सुख प्राप्त किया है।श्रीमती साहू की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, जिससे उन्हें गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थय संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी दौरान उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की जानकारी मिली।श्रीमती साहू ने अपने पति से चर्चा की और गर्भावस्था के तीसरे माह में योजना के तहत आवेदन किया। आंगनबाड़ी केंद्र समोदा केंद्र क्रमांक-04 में उनका आवेदन लिया गया तथा आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूर्ण की गई। योजना के अंतर्गत उन्हें प्रथम किस्त के रूप में 3000 रुपए तथा द्वितीय किस्त के रूप में 2000 रुपए की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई।इस सहायता राशि से श्रीमती साहू को गर्भावस्था के दौरान पोषणयुक्त आहार एवं स्वास्थय संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करने में मदद मिली। नियमित देखभाल और बेहतर पोषण के कारण उनका प्रसव सुरक्षित रहा तथा स्वस्थ शिशु का जन्म हुआ।श्रीमती साहू ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की वित्तीय सहायता के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और योजना के माध्यम से मिली सुविधाओं के लिए शासन का हृदय से आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पहले शिशु के जन्म पर 5000 रुपये की राशि दो किस्तों में दी जाती है एवं द्वितीय संतान बालिका होने पर 6000 की राशि एकमुक्त प्रदान की जाती है जिससे महिलाओ को गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान होंने वाली आर्थिक और शारीरिक परेशानी में सहायता मिलती है।
- भिलाईनगर। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत वैशाली नगर में जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने हेतु 19 मई 2026, मंगलवार को वैशाली नगर स्थित हाऊसिंग बोर्ड सूर्यकुण्ड सामुदायिक भवन में जन समस्या निवारण हेतु सुशासन शिविर का आयोजन किया गया है।इस शिविर में वार्ड क्रमांक 21 कैलाश नगर, 22 कुरुद बस्ती, 23 घासीदास नगर, 24 हाऊसिंग बोर्ड एवं 25 जवाहर नगर हाऊसिंग बोर्ड के नागरिक शामिल होकर विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का निराकरण तथा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने आवेदन भी जमा किये हैं । शिविर में राष्ट्रीय आयुष मिशन, मेडिकल स्वास्थ्य विभाग, एम.एम.यू. चलित स्वास्थ्य शिविर, महिला एवं बाल विकास विभाग, उज्ज्वला योजना, पशुधन विभाग, राशन कार्ड, पेयजल एवं जल कार्य, लोक कर्म विभाग, नामांतरण एवं लीज डीड फ्री-होल्ड, राष्ट्रीय पेंशन योजना, जन स्वास्थ्य विभाग, प्रधानमंत्री आवास योजना, समाज कल्याण विभाग, आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग, श्रम विभाग, ई-श्रमिक कार्ड, वन विभाग, पुलिस सहायता केन्द्र तथा जन मित्र योजना सहित विभिन्न विभागों के काउंटर लगाए गए।शिविर में नागरिकों को स्वास्थ्य जांच, दस्तावेज संबंधी मार्गदर्शन, योजनाओं की जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया में सहायता प्रदान की गई। निगम प्रशासन द्वारा अधिक से अधिक नागरिकों से शिविर में पहुंचकर शासन की योजनाओं का लाभ लेने एवं अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई थी, संबंधित वार्ड के नागरिकों की उपस्तिथि अच्छी रही।
- भिलाईनगर। शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव एवं सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं को देखते हुए नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा पावर हाउस चौक क्षेत्र में अवैध रूप से सड़क किनारे लगाए गए ठेला, खुमचा एवं अस्थायी अतिक्रमणों पर बेदखली कार्यवाही की गई। निगम की बेदखली टीम ने मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों पर यातायात बाधित करने वाले अवैध कब्जों को हटाकर मार्ग को व्यवस्थित कराया।कार्यवाही के दौरान निगम अधिकारियों ने ठेला संचालकों एवं दुकानदारों को समझाइश देते हुए सड़क एवं फुटपाथ पर अतिक्रमण नहीं करने की हिदायत दी। अधिकारियों ने कहा कि अवैध रूप से ठेला एवं गुमटी लगाए जाने से यातायात प्रभावित होता है तथा दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। नगर निगम की टीम ने पावर हाउस चौक क्षेत्र में कई स्थानों से अतिक्रमण हटाते हुए मार्ग को सुगम बनाया। साथ ही भविष्य में दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर सख्त कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी गई। नगर निगम भिलाई द्वारा शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने एवं आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार की कार्यवाही लगातार जारी रखने की बात कही गई है।
- 0- 26 मई को राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री सम्मान से सम्मानित होने के बाद रायपुर में बस्तर की प्रसिद्ध डाॅक्टर गोडबोले दंपती का भी किया जाएगा अभिनंदनरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की 28 मई को मनाई जाने वाली जयंती पर निबंध स्पर्धा आयोजित की गई है। साहित्य समिति की प्रमुख कुमुद लाड के अनुसार 200 शब्दों में वीर सावरकर के जीवन प्रसंगों पर 25 मई तक निबंध आमंत्रित किए गए हैं। निबंध लेखन की तमाम प्रविष्टियों में से सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि को शुक्रवार, 28 मई को आयोजित वीर सावरकर जयंती पर पुरस्कृत किया जाएगा।कुमुद ने बताया कि इस मौके पर 10 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों के बीच ‘मैं भी सावरकर फैंसी ड्रेस स्पर्धा भी आयोजित की जाएगी। इसमें शामिल होने वाले प्रतिभागी भी 25 मई तक चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल कार्यालय अथवा साहित्य समिति प्रभारी कुमुद लाड से मिलकर अपना पंजीयन सुनिश्चित कर लें। इस मौके पर कुमुद ने जोर देकर कहा कि जिनके पास भी वीर सावरकर जी से संबंधित साहित्य, पुस्तक, पत्रिकाएं दान करने के लिए हों, तो वे महाराष्ट्र मंडल चौबे कॉलोनी में पुस्तक दान कर सकते हैं, या इसके लिए संपर्क कर सकते हैं।महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने जानकारी दी कि वीर सावरकर जयंती पर लगभग 37 वर्षों से बस्तर के बारसुर में अति पिछड़े गरीब आदिवासियों की नि:स्वार्थ व नि:शुल्क चिकित्सा करने वाले डॉ. रामचंद त्र्यंबक गोडबोले व उनकी पत्नी डॉ. सुनीता गोडबोले को इस कार्यक्रम में विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। बताते चलें कि डॉ. गोडबोले दंपती के नि:स्वार्थ मानव सेवा के संकल्प से प्रभापित होकर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू उन्हें 26 मई को पद्मश्री उपाधि से नवाजेंगी।
- भिलाईनगर। भीषण गर्मी के बीच अचानक बदले मौसम और तेज आंधी-तूफान ने शहर में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के कई स्थानों पर बड़े और छोटे पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन बाधित हो गया। कई मार्गों पर यातायात प्रभावित होने से नागरिकों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।आंधी-तूफान के दूसरे दिन नगर निगम का अमला मौके पर पहुंचा और गिरे हुए पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू किया। निगम कर्मचारियों द्वारा जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से सड़कों को साफ कर यातायात बहाल किया गया। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर पेड़ हटाने और मार्गों को सुचारू बनाने का कार्य किया गया, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। निगम की त्वरित कार्रवाई से शहर में यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो गई।
- 0- महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी महाराज की मासिक महाआरती में जुटे कई सभासदरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति की ओर से हर माह की 19 तारीख को होने वाली शिवाजी महाराज की महाआरती मंगलवार को देर शाम हुई। इसमें बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों ने पूरे जोश के साथ महाआरती में भाग लिया। तत्पश्चात शिवाजी महाराज के शौर्य और जीवन पर गहरी जानकारी रखने वाले वरिष्ठ सभासद कल्याण देशपांडे ने शिवराया के बारे में बहुत सी ऐसी जानकारी दी, जो उपस्थित श्रोताओं को भी मालूम नहीं थी।मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने सादगी भरे संक्षिप्त आयोजन में कहा कि शिवाजी महाराज से हमें देश के स्वाभिमान के लिए खड़े होना, लड़ना और अपना सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए तैयार रहना सीखा जा सकता है। शिवराया हमें अपने राष्ट्र से प्रेम करना और सर्व धर्म समभाव के साथ राष्ट्र के स्वाभिमान, उत्थान के लिए हरसंभव समर्पित भाव से काम करना सिखाते हैं। इस मौके पर सचिव चेतन गोविंद दंडवते, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, प्रभारी डॉ. शुचिता देशमुख, शुभम पुराणिक, कल्याण देशपांडे, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी सहित अनेक पदाधिकारी व सभासद उपस्थित रहे।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के शशि वरवंडकर निर्देशित हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का ओडिशा में हुआ सातवां धमाकेदार मंचनरायपुर। अदालत के कटघरे में खड़े जले हुए चेहरे वाले, अपने वजूद को तलाशते अनिकेत शर्मा की दर्दभरी आवाज सभागृह में गूंजती है- ‘य्ओर ऑनर, मेरा एक सवाल है.. मैं कौन हूं और अपने आप को क्या समझूं। मैं शशिकांत जाधव तो हो ही नहीं सकता... क्योंकि मेरी बुद्धि, मेरा विवेक मुझसे कह रहे हैं कि ‘तुम शशिकांत जाधव नहीं हो। कौन मरा, कौन जिंदा है... इस बात का फैसला कौन करेगा। मैं या ये दुनिया...? करीब 80 मिनट का नाटक सभागृह में सन्नाटे के बीच रंगप्रेमी दर्शकों के बीच एक सवाल छोड़कर खत्म होता है कि कटघरे में खड़ा यह व्यक्ति आखिर है कौन... शशिकांत जाधव या सच में अनिकेत शर्मा।बात हो रही है सेल सभागृह राउरकेला की, जहां हाल ही में महाराष्ट्र मंडल रायपुर के सुप्रसिद्ध नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए सभागृह भरा हुआ था। रोटरी क्लब राउरकेला रॉयल और रोटरी क्लब राउरकेला क्वींस के इस आयोजन की पूरे शहर में खासी चर्चा रही।‘मैं अनिकेत हूं’ के सफलतम सातवें मंचन में एक बार फिर निर्देशक और अनिकेत के केंद्रीय पात्र को जीवंत करने वाले शशि वरवंडकर ने सब को अपनी अभिनय शैली से बांधे रखा। नाटक के हर फ्रेम में भारद्वाज वकील की भूमिका में चेतन दंडवते और जज के किरदार में दिलीप लांबे ने उनका भरपूर साथ दिया। अनिकेत की पत्नी मीनाक्षी शर्मा की तेज तर्रार भूमिका में वरिष्ठ अभिनेत्री डॉ. अनुराधा दुबे की गवाही से भी नाट्य दर्शक उलझकर रह गए। प्रकाश खांडेकर, रंजन मोड़क, रविंद्र ठेंगड़ी, भारती पलसोदकर, डॉ. प्रीता लाल, समीर टल्लू, डॉ. अभया जोगलेकर, श्याम सुंदर खंगन और डॉ. शुचिता देशमुख ने अपनी- अपनी गवाही से सभी का ध्यान खींचा। विनोद राखुंडे और पंकज सराफ भी मंच पर छाए रहे। पर्दे के पीछे अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर, प्रकाश गुरव की भागीदारी सटीक रही।समूचे कार्यक्रम के अध्यक्ष, रोटेरियन अजय अग्रवाल ने इस मौके पर डीजीई रोटेरियन आलम सिंह रूपरा और पीडीजी रोटेरियन मनजीत सिंह अरोरा को इस यादगार शाम और नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ के बेमिसाल आयोजन के लिए बधाई दी। साथ ही उन्होंने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराकर रायपुर से आए कलाकारों व आयोजकों को समान रूप से प्रोत्साहित किया, इसके लिए भी आभार जताया गया। अजय अग्रवाल ने महाराष्ट्र मंडल रायपुर को भी ‘मैं अनिकेत हूं’ के सुंदर व सार्थक नाट्य प्रदर्शन के लिए धन्यवाद दिया।भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के सीनियर सेल्स ऑफिसर दीपक राय ने ‘मैं अनिकेत हूं’ को देखकर कहा कि नाटक देखने का यह उनका पहला और अद्भुत अनुभव रहा। हाईटेक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सीईओ सुशांत आचार्य ने भी नाटक का न केवल आनंद लिया बल्कि मेडिकल साइंस से जुड़े इस नाटक के क्लाइमैक्स से खासे प्रभावित हुए। रोटरी क्लब राउरकेला क्वींस के रोटेरियंस के बीच अनिकेत के क्लाइमैक्स को लेकर काफी देकर चर्चा चलती रही कि अनिकेत को किस नाम से जाना जाए अथवा वो आखिर है कौन?
- 0- भूमि अधिग्रहण मुआवजा राशि नहीं मिलने पर आवेदिका ने जनदर्शन में लगाई गुहार0- शिवनाथ नदी से निजी कंपनी की पाइप लाइन बिछाने खुदाई पर रोक लगाने की मांग0- जनदर्शन में प्राप्त हुए 155 आवेदनदुर्ग. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन भी उपस्थित थीं। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 155 आवेदन प्राप्त हुए।इसी कड़ी में राजमहल ग्रीन टाउन कॉलोनी और सुंदर बिहार कॉलोनी के निवासियों ने तालाब के पास कचरा डंपिंग और रात में जलाने की शिकायत की। कॉलोनीवासियों ने बताया कि तालाब के किनारे जमा कचरा बारिश और हवा के कारण सीधे तालाब में जा रहा है। इससे पानी हरा, बदबूदार और प्रदूषित हो गया है, जिससे भूजल दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों में त्वचा रोग, आंखों में जलन, दमा और पेट की बीमारियों की शिकायतें बढ़ गई हैं। निवासियों ने नगर निगम से कचरा डंपिंग और जलाने को तुरंत रोकने, तालाब के पास जमा कचरे को हटवाने की मांग की। नगर निगम भिलाई के अधिकारी ने बताया कि इसके लिए टेंडर हो गया है। इस पर कलेक्टर ने शीघ्र कार्यवाही करने को कहा।इसी प्रकार बोरसी निवासी ने मुआवजा राशि के लिए गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनके भूमि का सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। भूमि का कुल मुआवजा 2,45,480 रुपये तय किया गया था। लेकिन 3 साल बीत जाने के बावजूद राशि नहीं मिली है। उन्होंने जिला प्रशासन से शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी विभाग को परीक्षण कर नियमानुसार मुआवजा राशि प्रदान करने को कहा।बिरोदा के ग्रामवासियों ने शिवनाथ नदी से निजी कंपनी की पाइप लाइन खुदाई पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने बताया कि शिवनाथ नदी बिरोदा के एनिकट से निरगंगा इस्पात प्राईवेट लि.बोरिया स्थिति कंपनी द्वारा बिरोदा बस्ती होते हुए पाइप लाइन बिछाने हेतु खुदाई किया जा रहा है। नदी का अत्यधिक दोहन आसपास के 20 गांवों के जलस्तर को प्रभावित करेगा और गर्मियों में पीने व सिंचाई के पानी में संकट उत्पन्न होगा। इस पर कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
- दुर्ग. एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग-शहरी के अंतर्गत विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए महिला उम्मीदवारों से आगामी 02 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। परियोजना अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित नियमों के तहत ई-भर्ती पोर्टल के माध्यम से पूरी की जा रही है। इच्छुक एवं पात्र महिला अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल https://aww.e-bharti.in/ पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकती हैं।आवेदन करने के लिए आवेदिका को उसी वार्ड की स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है, जिस वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र के लिए पद रिक्त है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेतु 01 और आंगनबाड़ी सहायिका के 03 रिक्त पदों पर भर्ती की जानी है। इसके तहत वार्ड क्रमांक 14 के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केन्द्र गौरैया पारा सिकोला भाठा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का 01 पद रिक्त है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी सहायिका के पदों के लिए वार्ड क्रमांक 47 के रायपुर नाका केन्द्र क्रमांक 01 (रायपुरनाका सिविल लाईन उत्तर), वार्ड क्रमांक 11 के बुद्ध बिहार-ब (शंकर नगर पश्चिम) तथा वार्ड क्रमांक 57 के आजाद नगर-अ (उरला पश्चिम) आंगनबाड़ी केंद्र में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य आवश्यक शर्तें शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप होंगी। भर्ती प्रक्रिया, नियम एवं अर्हताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार किसी भी कार्यदिवस में कार्यालयीन समय के भीतर एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग-शहरी के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
- दुर्ग. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत दुर्ग जिले में श्रमिकों की लंबित मजदूरी भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि जिले में कुल 23 करोड़ 39 लाख 17 हजार रुपये की मजदूरी राशि एसएनए-स्पर्श प्रणाली के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। वर्तमान में बड़ी संख्या में श्रमिकों के खातों में राशि सफलतापूर्वक जमा हो चुकी है तथा शेष भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से प्राप्त राशि का प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न जनपद पंचायतों एवं क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से भुगतान किया जा चुका है। इसके अंतर्गत जनपद पंचायत दुर्ग में 8 करोड़ 64 लाख 68 हजार रुपये, जनपद पंचायत धमधा में 6 करोड़ 34 लाख 53 हजार रुपये तथा जनपद पंचायत पाटन में 6 करोड़ 25 लाख 67 हजार रुपये की राशि संबंधित श्रमिकों के खातों में जमा की गई है। इसके अतिरिक्त अन्य क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से 2 करोड़ 14 लाख 29 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भी भुगतान किया जा चुका है।जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि मनरेगा श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जिले के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारियों, तकनीकी अमले एवं जनपद पंचायत स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मजदूरी भुगतान से जुड़ी खातों संबंधी समस्याओं, आधार सीडिंग, बैंकिंग त्रुटियों अथवा तकनीकी बाधाओं का तत्काल निराकरण किया जाए।
- 0- शहर के सौन्दर्यीकरण और ट्रैफिक दबाव कम करने अधिकारियों को दिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश0- प्रमुख चौकों का होगा कायाकल्प, चौड़ीकरण और आधुनिक लाइटिंग से बदलेगी शहर की रूपरेखादुर्ग. प्रदेश सरकार शहरों में आधुनिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में दुर्ग शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में बढ़ते यातायात के दबाव को नियंत्रित करने, सुगम आवागमन सुनिश्चित करने और नागरिकों को जाम की समस्या से स्थाई राहत दिलाने के उद्देश्य से केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज शहर का सघन भ्रमण किया। सुबह 9 बजे से शुरू हुए इस निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह और एसएसपी श्री विजय अग्रवाल भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारियों के साथ मिलकर कैबिनेट मंत्री श्री यादव ने जमीनी हकीकत का जायजा लिया और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था में सुधार के आवश्यक निर्देश दिए।भ्रमण के दौरान केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ मुख्य रूप से पटेल चौक, अग्रसेन चौक, होटल मान चौक तथा रेलवे स्टेशन क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इसके पश्चात उन्होंने अधिकारियों के साथ पटेल चौक से स्टेशन रोड, शिक्षक नगर होते हुए इंदिरा मार्ग रोड जैसे अत्यधिक व्यस्त रहने वाले मार्गों का पैदल भ्रमण किया और वर्तमान ट्रैफिक व्यवस्था की बारीकियों को समझा। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर यातायात के प्रवाह को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना था। साथ ही इन क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई और मंत्री श्री यादव ने आवश्यक एवं व्यावहारिक सुझाव दिए, जिससे शहर का स्वरूप और बेहतर हो सके।निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने पटेल चौक, मिनीमाता चौक, जेल तिराहा चौक और अग्रसेन चौक के सौंदर्यीकरण की गोलाई को तय मानक के अनुसार विकसित करने तथा वहाँ संपूर्ण विद्युतीकरण कार्य कराने के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही, मिनीमाता चौक से ठगड़ा बांध जेल तिराहा मार्ग को रोशनी से सराबोर करने के लिए लोक निर्माण विभाग (विद्युत यांत्रिकी) को जिम्मेदारी सौंपी गई। सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने होटल मान के सामने स्थित चौक के चौड़ीकरण हेतु नगर निगम दुर्ग को आवश्यक कदम उठाने को कहा, साथ ही होटल मान चौक से हरनाबांधा मुक्तिधाम मार्ग में नई स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए नगर निगम दुर्ग एवं लोक निर्माण विभाग (विद्युत यांत्रिकी) को संयुक्त रूप से निर्देशित किया।इस दौरान अधिकारियों से चर्चा करते हुए केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि शहर के ट्रैफिक प्रबंधन को प्रभावी बनाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा आने वाले समय में शहर की आबादी और वाहनों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए व्यापक और ठोस कार्यबद्ध योजना तैयार की जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में इन चिन्हित क्षेत्रों में आवश्यक अधोसंरचनात्मक और यातायात सुधार संबंधी बुनियादी कार्य किए जाएंगे, जिससे नागरिकों को लंबे समय से हो रही जाम की समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिल सकेगी। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आशीष भट्टाचार्य, एस.डी.ओ. श्री एस. साहू तथा उप अभियंता श्री राकेश वर्मा सहित जिला प्रशासन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
- -ग्रामीणों से सीधा संवाद कर समझी आवश्यकताएं, स्थानीय जरूरतों के आधार पर बनेगी कार्ययोजनामहासमुंद / जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास एवं उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के उद्देश्य से आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा विकासखंड बागबाहरा के ग्राम जोरातराई एवं ग्राम रैताल में ट्रांजेक्ट वॉक कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया।कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ गांव की गलियों, बस्तियों एवं सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कर स्थानीय परिस्थितियों का अवलोकन किया तथा जनजातीय परिवारों की समस्याओं, आवश्यकताओं एवं विकास संबंधी अपेक्षाओं को विस्तार से समझा। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर चौपाल लगाई और जनजातीय गरिमा उत्सव के उद्देश्य, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी दी।कलेक्टर ने कहा कि गांवों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझकर ही प्रभावी एवं स्थायी विकास संभव है। इसी उद्देश्य से ट्रांजेक्ट वॉक के माध्यम से गांव की मूलभूत जरूरतों, अधोसंरचना, पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों एवं स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर शीघ्र ही समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जा सके।ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं एवं आवश्यकताएं खुलकर साझा कीं। चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था, सड़क सुधार, रोजगार के अवसर, शासकीय योजनाओं के लाभ तथा अन्य स्थानीय विषयों पर अपनी बात रखी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए तथा कई विषयों पर ग्रामीणों से ही समाधान के सुझाव भी प्राप्त किए।इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ श्री मंडावी, सहायक आयुक्त श्री शिल्पा साय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।जनजातीय गरिमा उत्सव अंतर्गत जनसुनवाई प्रत्येक जनजातीय ग्रामों में 21 से 25 मई तक चलेगा।


























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