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- रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने चार लॉकडाउन के बाद अब देश की जनता और राज्य सरकारों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है जिसका परिणाम आने वाले समय में ही पता चलेगा।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में पांचवें लॉकडाउन अथवा अनलॉक-1 में झारखंड में दी जाने वाली रियायतों के बारे में यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह आरोप लगाये। हेमंत सोरेन ने दो टूक आरोप लगाया, केन्द्र ने चार लॉकडाउन के बाद अब देश की जनता और राज्य सरकारों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। अब आने वाले समय में ही पता चलेगा कि देश की क्या स्थिति होगी? उन्होंने कहा, समय समय पर केन्द्र सरकार तमाम दिशा-निर्देश जारी कर रही है। हम केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों पर लगातार नजर रखे हुए हैं।- सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार ने भी तमाम नयी छूट लोगों को अपने व्यवसाय तथा धंधे के लिए दिये हैं लेकिन लॉकडाउन के नियमों के पालन की स्थिति को देखते हुए इन पर पुनर्विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा राज्य में लगातार कभी 60, कभी 70 कभी 50 नये कोरोना वायरस संक्रमित मिल रहे हैं। अगर कहीं वह बाहर निकल कर घूमने लगे तो क्या होगा? उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में जो भी नयी छूट दी गयी है वह समाज के अनेक वर्गों की परेशानियों और तनाव को देखते हुए भी दी गयी है। लेकिन यदि संक्रमण इसी प्रकार बढ़ता रहा तो इन छूटों पर पुनर्विचार भी किया जा सकता है।
- नई दिल्ली।. कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा फसलों के लिए नये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा करने के बाद किसानों की आशाएं धाराशायी हो गई हैं।पार्टी ने सोमवार को कहा कि अगर सरकार का रवैया ऐसा ही रहा तो किसानों की आय दोगुना करने का वादा एक और जुमला साबित होगा । कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि लॉकडाउन, टिड्डी दल के हमले और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, किसान जिन राहत की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें आज सरकार ने धाराशायी कर दिया। उन्होंने लिखा, लाभ के बारे में भूल जाइए, इन खरीफ एमएसपी में तथाकथित बढ़ोतरी से किसानों के नुकसान और कर्ज की भी भरपाई नहीं होगी। श्री पटेल ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, किसानों के प्रति अगर सरकार का यही रवैया रहा तो 2022 तक उनकी आय दोगुनी करने का वादा एक और जुमला साबित होगा। कांग्रेस के एक अन्य नेता जयराम रमेश ने कहा कि पहले तो प्रधानमंत्री कहते हैं कि पैकेज की घोषणा वित्त मंत्री करेंगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, फिर वित्त मंत्री पैकेज की घोषणा करती हैं। फिर गडकरी बताते हैं कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री ने क्या कहा है। यह अधिकतम हेडलाइन, अधिकतम डेडलाइन है।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना शुरू की जिसके अंतर्गत रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को विशेष सूक्ष्म ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का उद्देश्य गली-मोहल्ले में फेरी लगाकर और रेहड़ी-पटरी पर कारोबार करने वालों विक्रेताओं को कोविड-19 की वजह से बंद हुए अपने कारोबार को फिर से चालू करने में मदद मिलेगी। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन द्वारा पिछले महीने की गई घोषणा के तहत इस योजना का शुभारम्भ किया। रेहडी-पटरी पर कारोबार करने वाले ये विक्रेता लोगों के घरों तक सामान और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस योजना से शहरी इलाकों के ऐसे 50 लाख से अधिक कारोबारियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है जो इस साल 24 मार्च से पहले यही कार्य करते थे। इस योजना की अवधि मार्च-2022 तक की है। पहली बार अद्र्धशहरी या ग्रामीण इलाकों के स्ट्रीट वेंडर्स को शहरी आजीविका कार्यक्रम के अंतर्गत लाया गया है।इस तरह के कारोबारी दस हजार रूपये तक का कार्यशील पूंजी-ऋण ले सकते हैं जिसे एक साल के भीतर किस्तों में चुकता करना होगा। कर्ज का समय पर या उससे पहले भुगतान करने पर सात प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज सब्सिडी दी जाएगी जिसे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना के तहत छमाही आधार पर कर्ज लेने के वाले के बैंक खाते में जमा करा दिया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि अगर कर्जदार, किस्तों का भुगतान समय पर या समय से पहले करता है तो मंत्रालय उनका विश्वसनीयता सूचकांक तैयार करेगा जिसके आधार पर वह 20 हजार रूपये या उससे अधिक का सावधि ऋण हासिल करने के लिए पात्र होगा। इस योजना को लागू करने में शहरी स्थानीय निकायों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस तरह के ऋण अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्तीय बैंकों, सहकारी बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, सूक्ष्म वित्त संस्थाओं और स्वयं-सहायता समूह बैंकों द्वारा प्रदान किये जाएंगे।योजना को पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए वेबपोर्टल से युक्त डिजिटल प्लेटफार्म बनाया गया है जिस पर नियंत्रण के लिए एक मोबाइल एप भी बनाया जा रहा है। सूचना टेक्नोलॉजी पर आधारित इस प्लेटफार्म से रेहडी-पटरी और फेरी लगाने वाले कारोबारियों को औपचारिक वित्?तीय प्रणाली से जोडा जा सकेगा।
- नई दिल्ली। नई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की सीमाएं फिलहाल एक सप्ताह तक बंद रहेंगी और साथ ही उन्होंने इनको खोलने के लिए सुझाव भी मांगे।केजरीवाल ने ऑनलाइन एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आवश्यक सेवाओं में काम कर रहे लोग जिनके पास पास होगा, उन्हें आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासी उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लगी सीमाओं को खोलने के लिए 8800007722 व्हाट्सएप नंबर पर सुझाव भेज सकते हैं और 1031 पर फोन कर सकते हैं। वहीं इस संबंध में सुझाव भेजने के लिए एक वेबसाइट भी जारी की गई है।उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने रविवार को कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी से लोगों के आने-जाने के लिए नोएडा-दिल्ली की सीमा सील रहेगी। प्रशासन ने कहा था कि पिछले 20 दिनों में कोविड-19 के जितने मामले मिले हैं, उन मामलों में से 42 प्रतिशत में संक्रमण का स्रोत दिल्ली को पाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग कहेंगे कि अगर दूसरे राज्यों के लोगों को शहर में प्रवेश करने की अनुमति दी जाती है, तो वे कोविड-19 संकट के मद्देनजर बड़ी संख्या में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाएंगे और इससे दिल्लीवासी उनका उपयोग नहीं कर पाएंगे।केजरीवाल ने आश्वासन दिया कि शहर में कोविड-19 के लिए इलाज के लिए अस्पतालों में बिस्तरों की कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार केन्द्र द्वारा दी गई सभी रियायतों देगी। उन्होंने कहा, हज्जाम की दुकानों, सैलून को खोलने की अनुमति है लेकिन स्पा फिलहाल बंद रहेंगे। सभी दुकानों को खुलने की अनुमति दी जाएगी और उनके कामकाज पर कोई पाबंदी नहीं होगी।केजरीवाल ने कहा कि चार-पहिया और दो-पहिया वाहनों में सवार होने वाले लोगों की संख्या को लेकर भी अब कोई प्रतिबंध नहीं है।--
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत जैसे देश में पर्याप्त मेडिकल ढांचे और मेडिकल शिक्षा की आवश्यकता है। बेंगलूरू स्थित राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह का आज वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों के दौरान सरकार ने स्वास्थ्य और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 22 और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों की तेजी से स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान एमबीबीएस की तीस हजार और मेडिकल स्नातकोत्तर की 15 हजार सीटें बढ़ाई गई हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य देखभाल योजना- आयुष्मान भारत के तहत दो वर्ष से भी कम समय में एक करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और महिलाओं को इससे सबसे ज्यादा लाभ मिला है। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में टेली मेडिसिन, मेक इन इंडिया और सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना का मुकाबला करने में स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना योद्धा के रूप में कार्य किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉक्टर और चिकित्साकर्मी बिना वर्दी वाले सैनिक हैं।श्री मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस हमारा अदृश्य शत्रु हो सकता है, लेकिन वह हमारे स्वास्थ्य कर्मियों को पराजित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अदृश्य और अपराजित के बीच य़ुद्ध में हमारे स्वास्थ्य कर्मियों की विजय निश्चित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया डॉक्टरों, नर्सों, अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तरफ आशा और कृतज्ञता के साथ देख रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के साथ युद्ध में आगे रहने वाले लोगों के साथ हिंसा या दुवर््यवहार कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े लोगों का आह्वान किया है कि वे निवारक और वहन करने योग्य स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़े संकट का सामना कर रही है और इसमें स्वास्थ्य कर्मियों और कोरोना योद्धाओं की भूमिका सराहनीय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर में चालीस हजार स्वास्थ्य केन्द्र लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम में लगे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 12 करोड़ लोगों ने आरोग्य सेतु एप डाउनलोड किया है। कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए तैयार किये गये ढांचे का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना योद्धाओं के लिए एक करोड़ पीपीई किट तैयार किये गये। राज्यों को एक करोड़ बीस लाख मास्कों की आपूर्ति की गई। उन्होंने कोरोना संकट से निपटने में कर्नाटक सरकार की भूमिका की सराहना की।
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नई दिल्ली। दो महीने की चिलचिलाती गर्मी के बाद देश को अब राहत मिलने के आसार हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया है कि मानसून ने भारत में दस्तक दे दी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल में दस्तक देने के साथ ही चार महीने का लंबा बारिश वाला मौसम शुरू हो गया। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है। केरल के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश हो रही है, जिसकी वजह से तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक तिरुवनंतपुरम में दिन का तापमान 25 डिग्री तक चला गया है। केरल के दक्षिण तटीय इलाकों और लक्षद्वीप में बीते चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है।
केरल के 9 जिलों में येलो अलर्ट
इधर, केरल में भारी बारिश के बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के 9 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने केरल के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, मलप्पुरम और कन्नूर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
सामान्य रहेगा मानसून
मौसम विभाग ने अप्रैल में कहा था कि इस बार मानसून औसत ही रहने वाला है। विभाग के मुताबिक, 96 से 100% बारिश को सामान्य मानसून माना जाता है। पिछले साल यह आठ दिन की देरी से 8 जून को केरल के समुद्र तट से टकराया था। भारत में जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून से बारिश होती है। - नई दिल्ली। दक्षिण पूर्व और इससे लगे पूर्वी मध्य अरब सागर तथा लक्षद्वीप इलाके पर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। भारतीय मौसम विभाग से अमरावती केंद्र के निदेशक एस. स्टेला ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान इसके पूर्व मध्य और आसपास के दक्षिण पूर्व अरब सागर पर दबाव का क्षेत्र बन सकता है। अगले 24 घंटे के दौरान इसके तेज होकर चक्रवर्ती तूफान में बदलने की संभावना है।यह बुधवार तक उत्तर की ओर बढ़ सकता है और उत्तर महाराष्ट्र तथा गुजरात तट पर पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से कल केरल में दक्षिण पश्चिम मानसून की शुरूआत की स्थिति बन सकती है। अगले दो दिन के दौरान तटीय आंध्रप्रदेश, यनम और रायलसीमा में छिटपुट वर्षा होने का अनुमान है।भारी वर्षा की चेतावनीलक्षद्वीप क्षेत्र, केरल और तटीय कर्नाटक के कुछ स्थानों पर 1 जून को भारी से बहुत भारी वर्षा तथा अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की सम्भावना है। 2 जून को कोंकण और गोवा में और 3 जून को दक्षिण कोंकण और गोवा में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा एवं अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 3 से 4 जून को उत्तरी कोंकण और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की सम्भावना है।3 जून को दक्षिण गुजरात राज्य, दमन, दीव, दादरा और नागर हवेली में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा एवं अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की बहुत संभावना है। 4 जून को दक्षिण गुजरात राज्य, दमन, दीव, दादरा और नगर हवेली में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा एवं अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है।समुद्र की स्थितिअगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्व और आसपास के पूर्व-मध्य अरब सागर तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में समुद्र की स्थिति खराब से लेकर बहुत खराब रहने की संभावना है। 2 जून से पूर्व-मध्य और दक्षिण पूर्व अरब सागर के साथ-साथ कर्नाटक-दक्षिण महाराष्ट्र तटों के पास समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहेगी एवं समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है। 3 जून से पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व अरब सागर तथा महाराष्ट्र और गुजरात तटों के पास समुद्र में ऊंची से बहुत ऊंची लहरें उठने की संभावना है।अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण ओमान-यमन के तटों के साथ लगे पश्चिम-मध्य अरब सागर में समुद्र की स्थिति खराब से लेकर बहुत खराब रहने की संभावना है।मछुआरों के लिए चेतावनीमछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 2 जून तक दक्षिण-पूर्व अरब सागर में, लक्षद्वीप क्षेत्र और केरल तट के समुद्र में न जाएँ; 3 जून तक पूर्व-मध्य अरब सागर में और कर्नाटक तट के समुद्र में न जाएँ; 3 जून - 4 जून के दौरान महाराष्ट्र तट के पूर्व-मध्य अरब सागर में और गुजरात तट के उत्तर-पूर्व अरब सागर में न जाएँ। समुद्र में गए मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे आज, 31 मई तक तटों पर लौट आएं।मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण ओमान -यमन के तटों के साथ लगे पश्चिम-मध्य अरब सागर में न जाएं।इस बीच, अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण अरब सागर, मालदीव-कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढऩे के लिए परिस्थितियांँ अनुकूल हो रही हैं। केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के लिए 1 जून से परिस्थितियां अनुकूल होने की प्रबल संभावना है।
- नई दिल्ली। कल से देशभर में 200 विशेष रेलगाडिय़ां चलाई जाएंगी। ये रेल सेवा श्रमिक स्पेशलों और 30 वातानुकूलित विशेष रेलगाडिय़ों के अतिरिक्त होंगी। इन रेलगाडिय़ों में वातानुकूलित और सामान्य श्रेणी दोनों के लिए आरक्षित टिकट उपलब्ध होंगे। सामान्य डिब्बों में भी बैठने वाली सीटें आरक्षित होंगी। रेलगाड़ी में बिना आरक्षित टिकट के किसी भी कोच में यात्रा नहीं की जा सकेगी।रेल मंत्रालय ने कहा है कि कल से इन रेलगाडिय़ों में 1 लाख 45 हजार से अधिक यात्रियों के सफर करने की संभावना है। करीब 26 लाख यात्री 1 जून से 30 जून तक के लिए पहले ही टिकट बुक करा चुके हैं। रेल यात्रा के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार यात्रियों को यात्रा शुरू करने से 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचना होगा ताकि उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की जा सके। सभी यात्रियों की स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी और इसके बाद केवल वे यात्री ही रेलगाड़ी पर चढ़ सकेंगे जिनमें संक्रमण का कोई लक्षण नहीं पाया जाएगा।रेलवे स्टेशन में उन यात्रियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी जिनके पास कन्फर्म और आरएसी टिकट होगा। सभी यात्रियों के लिए रेलगाड़ी पर चढ़ते समय और यात्रा के दौरान मुंह पर मास्क लगाना जरूरी होगा। उन्हें सुरक्षित दूरी बनाए रखने के नियमों का पालन भी करना होगा। गंतव्य स्थल पर पहुंचने के बाद सभी यात्रियों को संबंधित राज्यों या केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। यात्रा के दौरान रेलगाड़ी के भीतर कंबल या पर्दे आदि नहीं दिये जाएगें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के लिए अपनी चादर खुद लेकर आएं।शुरू हो रही नई रेलगाडिय़ों के लिए टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिये बुक किये जा रहे हैं। इसके अलावा रेलवे की टिकट खिड़कियों, सामान्य सेवा केन्द्रों या एजेंटो के जरिये भी टिकट खरीदे जा सकते हैं। विशेष रेलगाडिय़ों के लिए तत्काल या प्रीमियम तत्काल टिकट नहीं बुक किए जा सकेंगे।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कोविड महामारी के बीच अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा खोल दिया गया है, लेकिन लोगों को अधिक सचेत और सतर्क रहना होगा।
आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रमिक विशेष रेलगाडिय़ों और विशेष रेलगाडिय़ों समेत कई सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। उद्योग भी सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। इस बार बहुत कुछ खुल चुका है। श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं अन्य स्पेशल ट्रेनें भी शुरू हो गई हैं। तमाम सावधानियों के साथ हवाई जहाज उडऩे लगे हैं। धीरे-धीरे उद्योग भी चलना शुरू हुआ है। यानी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अब चल पड़ा है खुल गया है। ऐसे में हमें और ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। दो गज की दूरी का नियम हो, मुंह पर मास्क लगाने की बात हो, हो सके तो वहां तक घर में रहना हो, ये सारी बातों का पालन उसमें जरा भी ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए।श्री मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई देशवासियों के अथक और सामूहिक प्रयासों की परिचायक है। उन्होंने कहा कि किस प्रकार देशवासियों ने गंभीर चुनौतियों का सामना किया और कोरोना को उतनी तेजी से फैलने नहीं दिया जितनी तेजी से यह दुनिया के अन्य भागों में फैला। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना की मृत्युदर भारत में बहुत कम है।प्रधानमंत्री ने लोगों में सेवा की भावना की सराहना करते हुए इसे देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि सेवा परमो धर्म: में ही जीवन का सुख और संतोष है और ये भारत की जीवन शैली है। देशवासियों की संकल्पशक्ति के साथ, एक और शक्ति इस लड़ाई में हमारी सबसे बड़ी ताकत है - वो है - देशवासियों की सेवाशक्ति। वास्तव में, इस माहामारी के समय, हम भारतवासियों ने ये दिखा दिया है, कि सेवा और त्याग का हमारा विचार, केवल हमारा आदर्श नहीं है, बल्कि, भारत की जीवनपद्धति है, और हमारे यहाँ तो कहा गया है - सेवा परमो धर्म:। सेवा स्वयं में सुख है, सेवा में ही संतोष है।श्री मोदी ने कहा कि देश के सभी भागों से महिला स्वयं सहायता समूहों के शानदार कार्यों की भी सैंकड़ों गाथाएं सामने आ रही हैं। महामारी के कारण लोगों के कष्टों और समस्याओं पर अपनी पीड़ा साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस ने समाज के सभी वर्गों को प्रभावित किया, लेकिन सबसे बड़ी मार गरीब मजदूरों और कामगारों पर पड़ी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र, राज्य तथा सभी स्थानीय निकाय उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं। प्रधानमंत्री ने लाखों मजदूरों को ट्रेनों और बसों से सकुशल उनके घरों तक ले जाने में दिन-रात लगे कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने मजदूरों के लिए हर जिले में भोजन और क्वारंटीन की व्यवस्था कर रहे लोगों की भी प्रशंसा की। ये दुनिया के हर कोरोना प्रभावित देश में हो रहा है और इसलिए भारत भी इससे अछूता नहीं है। हमारे देश में भी कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो कठिनाई में न हो, परेशानी में न हो और इस संकट की सबसे बड़ी चोट अगर किसी पर पड़ी है तो हमारे गरीब, मजदूर, श्रमिक वर्ग पर पड़ी है। उनकी तकलीफ, उनका दर्द और उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं कही जा सकती। हममें से कौन ऐसा होगा जो उनकी और उनके परिवार की तकलीफों को अनुभव न कर रहा हो। हम सब मिलकर इस तकलीफ को इस पीड़ा को बांटने का प्रयास कर रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि समय की सबसे बड़ी जरूरत यह है कि हम नये समाधान खोजें। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस दिशा अनेक कदम उठाये हैं। श्री मोदी ने बताया कि केन्द्र ने हाल ही में कुछ ऐसे निर्णय लिये है, जिनसे ग्रामीण रोजगार, स्व-रोजगार और लघु उद्योगों के लिए नये अवसर खुले हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आत्मनिर्भर भारत अभियान देश को इस दशक में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। तमाम चुनौतियों के बीच मुझे खुशी है कि आत्मनिर्भर भारत पर आज देश में व्यापक मंथन शुरू हुआ है। लोगों ने अब इसे अपना अभियान बनाना शुरू किया है। इस मिशन का नेतृत्व देशवासी अपने हाथ में ले रहे हैं। बहुत से लोगों ने तो यह भी बताया कि उन्होंने जो जो सामान उनके इलाके में बनाये जाते हैं, उनकी एक पूरी लिस्ट बना दी है। ये लोग अब इन लोकल प्रोडेक्ट्स को ही खरीद रहे हैं और वोकल फोर लोकल को प्रमोट भी कर रहे हैं। मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिले इसके लिए सब कोई अपना-अपना संकल्प जता रहा है।श्री मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो गई हैं। उन्होंने न केवल आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को, बल्कि इस योजना के अंतर्गत रोगियों का उपचार कर रहे डॉक्टरों और नर्सों को भी शुभकामनाएं दीं। आयुष्मान भारत योजना के साथ एक बहुत बड़ी विशेषता पोर्टिबिलिटी की सुविधा भी है। पोर्टिबिलिटी ने देश को एकता के रंग में रंगने में भी मदद की है। यानी बिहार का कोई गरीब अगर चाहे तो उसे कर्नाटक में भी वही सुविधा मिलेगी जो उसे अपने राज्य में मिलती है। इसी तरह महाराष्ट्र का कोई गरीब चाहे तो इलाज की वही सुविधा तमिलनाडु में मिलेगी। इस योजना के कारण किसी क्षेत्र में जहां स्वास्थ्य की व्यवस्था कमजोर है वहां के गरीब को देश के किसी भी कोने में उत्तम इलाज कराने की सहूलियत मिलती है।प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के मौजूदा समय में लोग, योग पर गंभीरता से ध्यान दे रहे हैं। हरेक जगह लोग योग और आयुर्वेद के बारे में लोग अधिक से अधिक जानना चाहते हैं और इन्हें अपनी जीवन शैली में अपनाना चाहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जल्द ही आने वाला है। योग जैसे जैसे लोगों के जीवन से जुड़ रहा है, लोगों में अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता भी लगातार बढ़ रही है। अभी कोरोना संकट के दौरान भी देखा जा रहा है कि हॉलीवुड से हरिद्वार तक घर में रहते हुए लोग योग पर बहुत गंभीरता से ध्यान दे रहे हैं। हर जगह लोगों ने योग और उसके साथ साथ आयुर्वेद के बारे में और ज्यादा जानना चाहा उसे अपनाना चाहा। कितने ही लोग जिन्होंने कभी योग नहीं किया, वे भी या तो ऑन लाइन योग टास्क से जुड़ गये हैं या फिर ऑन लाइन वीडियो के माध्यम से भी योग सीख रहे हैं। सही में योग कम्युनिटी, इम्यूनिटी और यूनिटी सब के लिए अच्छा है। -
रायपुर/भोपाल/जयपुर। नौतपा के तेवर नरम पड़ गए हैं। जेठ माह और नौतपा होने के बावजूद राजस्थान में दिन तपने के बजाय पारा लगातार ठंडा पड़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश में पिछले छह दिन में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में भी पिछले दो दिनों में हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है। राजधानी रायपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 37.2 और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री दर्ज किया गया।
भोपाल के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि राजस्थान से उत्तरी मध्यप्रदेश से होकर छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ बना हुआ है। अरब सागर में एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। साथ ही औसत लगभग 20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इस वजह से प्रदेश में बड़े पैमाने पर नमी आ रही है। इस वजह से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विज्ञानियों ने सोमवार से तेज बौछारें पडऩे की भी संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के प्रवक्ता के मुताबिक नौतपा के छठवें दिन शनिवार को दिन का भोपाल में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। नौतपा के पहले दिन अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री दर्ज हुआ था। इसके बाद से तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया था। सोमवार-मंगलवार को भोपाल में तेज बौछारें पडऩे की संभावना है।
राजस्थान में 4 दिन में 14 डिग्री लुढ़का तापमान
तीन दिन पहले 26 मई को 50 डिग्री तक पहुंचकर दुनिया में सबसे गर्म शहर में शुमार हुए चूरू में अधिकतम तापमान अब 36 डिग्री पर आ गया है। यहां शनिवार को पारा 7.5 डिग्री और पिछले तीन दिन में 14 डिग्री तक गिरा है। जयपुर में तो शनिवार को मई माह में दूसरा सबसे ठंडा दिन रहा। पारा 35.2 डिग्री रहा। इससे पहले 6 मई को भी इसी स्तर पर था। पूरे प्रदेश में शनिवार को 3 शहरों को छोड़कर कहीं भी दिन का पारा 40 डिग्री को नहीं लांघ पाया। अधिकांश शहरों में ये 35 डिग्री के आसपास अटका रहा। शनिवार को हनुमानगढ़, भरतपुर, जयपुर, अलवर, कोटा, जोधपुर, नागौर सहित अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश का दौर चला। जैसलमेर व अजमेर जिले में ओले गिरे।
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मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने सरकार कर्मचारियों के लिए केंद्र द्वारा भेजे गए एक विस्तृत दिशानिर्देश को फिर से जारी किया है। इसमें ऑफिस आने वाले कर्मचारी की थर्मल स्क्रीनिंग जरूर होगी, सेनेटाइजर का उपयोग और सामाजिक दूरी बनाए रखना जरूरी होगा। राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि सामाजिक संपर्क को कम करने के लिए अधिकतम ऑनलाइन सिस्टम और ई-फाइलिंग का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार, सभी कर्मचारियों और विजिटरों को कार्यालय में प्रवेश करने से पहले थर्मल स्कैनर से गुजरना होगा। यह जांच होगी कि स्क्रीनिंग का पालन सख्ती से किया जा रहा है या नहीं। सभी कर्मचारियों को कार्यालय में काम करते समय 3 प्लाई मास्क या सर्जिकल मास्क पहनना पड़ेगा। कर्मचारियों के काम करने के दौरान कार्यालयों की खिड़कियों को पूरे दिन के वेंटिलेशन के लिए खुला रखा जाएगा। कर्मचारियों के लिए बैठने की ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि काम करते समय एक दूसरे से 3 फीट की दूरी बनी रहे। - नई दिल्ली। देश में शनिवार को शाम पांच बजे तक 390 घरेलू उड़ानों का परिचालन हुआ। इन उड़ानों में 35,293 लोगों ने यात्राएं की। नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को यह जानकारी दी।कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन की वजह से देश में दो माह तक घरेलू उड़ानों का परिचालन बंद था। बृहस्पतिवार तक कुल 1,827 घरेलू उड़ानों का परिचालन हुआ था। सोमवार को 428, मंगलवार को 445, बुधवार को 460, गुरुवार को 494 और शुक्रवार को 513 उड़ानों का परिचालन किया गया।श्री पुरी ने ट्विटर पर बताया कि संयुक्त अरब अमीरात वापस जाने के लिये कुछ ऐसे लोगों ने भारत सरकार से अनुरोध किया है, जिनके पास वहां की वैध निवास मंजूरियां हैं। उन्होंने कहा, यह स्थानीय प्राधिकरणों के ऊपर है कि वे इस बारे में क्या निर्णय लेते हैं। अभी संयुक्त अरब अमीरात समेत कुछ देशों में बाहर से लोगों के आने पर पाबंदियां हैं। श्री पुरी ने कहा कि जिन लोगों के पास वैध निवास परमिट हैं, उनके वापस जाने से भारत सरकार को कोई दिक्कत नहीं है।विमानन उद्योग के सूत्रों ने कहा कि लॉकडाउन से पहले भारतीय हवाईअड्डों पर प्रतिदिन 3 हजार घरेलू उड़ानों का परिचालन होता था। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आंकड़ों के अनुसार फरवरी में प्रतिदिन घरेलू उड़ानों के यात्रियों की संख्या 4.12 लाख थी। उस समय देश में लॉकडाउन नहीं था। पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु के हवाई अड्डों को सीमित घरेलू उड़ानों के परिचालन की अनुमति दी गई है। कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच ये राज्य अधिक उड़ानें नहीं चाहते हैं। आंध्र प्रदेश में घरेलू उड़ान सेवाएं मंगलवार को और पश्चिम बंगाल में गुरुवार को शुरू हुईं। घरेलू उड़ान सेवाएं शुरू होने के बाद सात अलग-अलग उड़ानों में 16 कोरोना वायरस संक्रमित यात्री मिले हैं। इनमें इंडिगो से यात्रा करने वाले 13 यात्री भी शामिल हैं।
- कोलकाता। उद्योगों द्वारा श्रमिकों की कमी के चलते उत्पादन और कच्चे माल पर असर पडऩे की चिंता प्रकट करने पर केंद्र ने शनिवार को कहा कि वह श्रमिकों की उनके कार्यस्थल तक वापसी सुनिश्चित कराने के लिए विशेष ट्रेनों का इंतजाम करेगा।भारत चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने एक बयान में कहा कि वित्त एंव कोरोपोरेट कार्य राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने उद्योग जगत से श्रमिकों की कमी संबंधी परेशानी सुनकर आश्वासन दिया कि विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया जाएगा ताकि श्रमिक अपने कार्यस्थलों को लौट सकें। श्री ठाकुर ने भारत चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संवाद किया। उन्होंने उद्योगों से अपने श्रमिकों से संपर्क करने की अपील की जो लॉकडाउन के दौरान अपने घर लौट गये थे। रेलवे बोर्ड के अनुसार एक मई से श्रमिक विशेष ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद से 28 मई तक 3840 ऐसी ट्रेनें चल चुकी हैं।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि प्रवासी मजूदरों की तकलीफों को देखकर सरकार को पीड़ा हुई और ऐसे में पूरी तरह से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि उनको यात्रा के दौरान और अपने गृह राज्य पहुंचने के बाद किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े। साथ ही कहा कि अब तक करीब एक करोड़ लोगों को उनके घर वापस पहुंचाया गया है।लॉकडाउन के दौरान हजारों प्रवासी मजदूरों के पैदल ही अपने गृह राज्य की ओर निकलने को मजबूर होने और पहुंचने के लिए असुरक्षित परिवहन के साधनों का इस्तेमाल करने के मामले सामने आए थे, जिसके बाद मोदी सरकार पर प्रवासी मजूदरों के मामले को संभालने में विफल रहने के आरोप लग रहे थे। इन आलोचनाओं के बाद शाह का यह बयान सामने आया है। किसी दल अथवा नेता का नाम लिए बिना ही शाह ने दावा किया कि जो विपक्षी नेता लॉकडाउन को अनियोजित करार दे रहे हैं, उनका नजरिया पक्षपाती है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से विस्तृत व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रवासी मजदूरों के मसले पर आज तक न्यूज चैनल पर गृह मंत्री ने कहा, उन सबको जो तकलीफ हुई, उसका दर्द हमें भी है। इसका मतलब ये नहीं है कि कोई इंतजाम नहीं किए गए। श्री शाह ने कहा कि अब तक लगभग एक करोड़ लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया है। इनमें से लगभग 54 लाख लोगों को रेल के जरिए और 41 लाख को बस के जरिए पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कहना चाहता कि किसी ने कोई दिक्कत नहीं झेली लेकिन जिन्होंने भी परेशानी का सामना किया, प्रधानमंत्री, मैं और मेरे दल के सभी नेताओं को उनसे सहानुभूति है। उन्होंने कहा कि सभी राज्य और केंद्र सरकार मिलकर कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहे हैं और हम जल्द ही इससे उबर जाएंगे।-
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल आकाशवाणी से सुबह 11 बजे मन की बात कार्यक्रम में देश और विदेश में लोगों के साथ अपने विचार साझा करेंगे। मासिक रेडियो कार्यक्रम की यह पैंसठवीं कड़ी होगी।यह कार्यक्रम आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क और आकाशवाणी समाचार की वेबसाइट www.newsonair.com और newsonair Mobile App पर उपलब्ध रहेगा। यह कार्यक्रम आकाशवाणी, डी.डी. न्यूज, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के यू. ट्यूब चैनलों पर उपलब्ध रहेगा। आकाशवाणी से मन की बात के हिंदी प्रसारण के तुरन्त बाद इस कार्यक्रम का क्षेत्रीय भाषाओं में पुन: प्रसारण शाम को आठ बजे किया जाएगा।
- जयपुर। मौसम में आए बदलाव से राजस्थान के कई इलाकों में आंधी चल रही है और बारिश हो रही है। इससे कई दिन से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य के अनेक हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई है। विभाग के अनुसार सर्वाधिक बारिश डीग भरतपुर में 64.0 मिमी दर्ज की गयी। इसके अलावा नोहर, हनुमानगढ़ में भी 64.0 मिमी दर्ज हुई है।मौसम में आए बदलाव से राज्य में तापमान में भी 3-4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हुई है। मौसम विभाग के प्रवक्ता के अनुसार वायुमंडल के निचले स्तर में पूर्वी हवाओं के पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलने तथा अरब सागर से उच्च मात्रा में नमी प्रवाहित होने के कारण राजस्थान में आगामी तीन-चार दिन तेज आंधी आने, बारिश होने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
- नई दिल्ली। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 23 लघु वन उत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य सूची में शामिल किया है। इनमें वन तुलसी बीज, वन जीरा, इमली बीज, बांस झाड़ू, सूखा आंवला, कचरी बहेडा, कचरी हर्रा, लाख के बीज, मशरूम सूखा, काला चावल ,जोहर चावल, सुपारी कच्ची, किंग चिली, सरसों, कच्चा काजू, काजू, सौंठ, नटगाल, जैंथोसाइलम ड्रयड, कटहल के बीज और रोसेला सूखा जैसी वस्तुएं शामिल हैं। कोविड-19 महामारी के प्रकोप को देखते हुए इन 23 वन उत्पादों को सूची में शामिल करने का फैसला किया गया है और जिससे इस सूची में शामिल इन वस्तुओं की संख्या 73 हो गई है।जनजातीय कार्य मंत्रालय ने कहा है कि नई वस्तुओं में से 14 का भारत के पूर्वोत्तर भागों में वाणिज्यिक उत्पादन नहीं किया जाता, लेकिन ये जंगलों में अपने आप उगते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने इन वस्तुओं को लघु वन उपज सूची में शामिल करने का फैसला किया।---
- नई दिल्ली। नागर विमानन महानिदेशालय - डी जी सी ए ने विमान संचालन से जुड़े पायलटों और इंजीनियरों आदि के लिए टिड्डी दलों के निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए है।शुक्रवार को जारी एक पत्र में डी जी सी ए ने कहा है कि विमानों के उडान भरते और उतरते समय टिड्डी दल खतरे का कारण बन सकते हैं इससे इनसे सावधान रहना चाहिए। पत्र में कहा गया है कि टिड्डी दलों की उड़ान से पायलटों को विमान के संचालन में बाधा आ सकती है। विमानन नियामक ने यह भी कहा है कि बड़े टिड्डी दलों से पायलटों को जमीन पर दृश्यता संबंधी बाधा उत्पन्न हो सकती है इसलिए उन्हें इस बारे में सावधान रहने का निर्देश दिया गया है। हवाई यातायात नियंत्रकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने आस पास टिड्डी दलों की जानकारी मिलने पर इस सूचना को उडान भरने और उतरने वाले विमान चालकों के साथ साझा करें।सभी विमान चालकों से भी कहा गया है कि वे उड़ान के दौरान टिड्डी दलों के नजर आने पर इसकी जानकारी हवाई यातायात नियंत्रकों के साथ साझा करें। डी जी सी ए ने विमान संचालन करने वाली जमीनी एजेंसियों को भी टिड्डी दलों से सावधान रहने को कहा है।---
- नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मालदीव-कुमारी अंतरीप क्षेत्र, बंगाल की दक्षिण खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के शेष हिस्सों में आगे बढ़ गया है।पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने कहा है कि अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के मालदीव- कुमारी अंतरीप क्षेत्र के कुछ और हिस्सों में आगे बढऩे की अनुकूल परिस्थतियां बनती जा रही हैं। मंत्रालय ने कहा कि 31 मई से 4 जून, 2020 के दौरान दक्षिण-पूर्व और आसपास के पूर्वी अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे पहली जून से केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत की परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिमोत्तर अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों के दौरान उसी क्षेत्र में एक कम दबाव के क्षेत्र के रूप में परिवर्तित हो सकता है। इसके अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम की ओर दक्षिण ओमान और पूर्वी यमन तट की ओर बढऩे की संभावना है। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 29 मई से पहली जून के दौरान पश्चिम-पूर्वी अरब सागर में और 31 मई से 4 जून के दौरान दक्षिण-पूर्व और पूर्वी अरब सागर में न जाएं। इस बीच मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र तथा आसपास के मैदानों में आज से शनिवार तक एक कुछ स्थानों पर बारिश होने और आंधी आने की संभावना है।--
- - कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन और हेलिकॉप्टरों की मदद ली जाएगीनई दिल्ली। कुछ राज्यों में सक्रिय टिड्डी दलों पर नियंत्रण के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा की जा रही कार्रवाई की विभागीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने पुन: समीक्षा की।गुरुवार को हुई इस बैठक में श्री तोमर ने कहा कि सरकार इस समस्या को पूरी गंभीरता से ले रही है। राज्यों के साथ मिलकर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राज्यों को एडवायजरी जारी की जा चुकी है। ब्रिटेन से अतिरिक्त स्प्रेयर 15 दिनों में आने शुरू हो जाएंगे। इनका आर्डर पहले ही दिया जा चुका है। 45 और स्प्रेयर भी अगले एक-डेढ़ महीने में खरीद लिए जाएंगे। ऊंचे पेड़ों व दुर्गम क्षेत्रों में प्रभावी नियंत्रण हेतु कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा, वहीं छिड़काव के लिए हेलिकॉप्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी है।क्षेत्रवार 11 नियंत्रण कक्ष स्थापित कर विशेष दलों की तैनाती करते हुए उनके साथ अतिरिक्त कर्मचारी भी लगाए गए हैं। सभी स्थानों पर किसानों की मदद से नियंत्रण दल तत्परता से कार्रवाई में जुटे हुए हैं। गुरुवार को कृषि मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने दोनों राज्य मंत्रियों तथा सचिव के साथ बैठक कर स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। श्री तोमर ने बताया कि जरूरत पडऩे पर संबंधित राज्यों को संसाधनों के अलावा वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। सभी जागरूक किसानों तथा राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस समस्या से निपटा जा रहा है।अब तक मध्यप्रदेश के मंदसौर, नीमच, उज्जैन, रतलाम, देवास, आगर मालवा, छतरपुर, सतना व ग्वालियर, राजस्थान के जैसलमेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, अजमेर, पाली, बीकानेर, भीलवाड़ा, सिरोही, जालोर, उदयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौडगढ़, दौसा, चुरू, सीकर, झालावाड़, जयपुर, करौली एवं हनुमानगढ़, गुजरात के बनासकांठा और कच्छ, उत्तरप्रदेश में झांसी और पंजाब के फाजिल्का जिले में 334 स्थानों पर 50,468 हेक्टेयर क्षेत्र में हॉपर और गुलाबी झुंडों को नियंत्रित किया गया है। वर्तमान में राजस्थान के दौसा, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बीकानेर, म.प्र. के मुरैना और उ.प्र. के झांसी में अपरिपक्व गुलाबी टिड्डियों के झुंड सक्रिय हैं।टिड्डी नियंत्रण कार्यालयों में 21 माइक्रोनैर और 26 उलवमास्ट (47 स्प्रे उपकरण) हैं, जिनका उपयोग टिड्डी नियंत्रण के लिए किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 60 स्प्रेयर के लिए आपूर्ति आदेश दिया गया है, जिनकी आपूर्ति यूके स्थित कंपनी द्वारा की जाएगी। जून में दो बार में 35 और जुलाई में 25 की आपूर्ति हो जाएगी। ऊंचे पेड़ों व दुर्गम क्षेत्रों में प्रभावी नियंत्रण हेतु ड्रोन से कीटनाशकों के छिड़काव हेतु ई-टेंडर आमंत्रित किए गये हैं, जल्द ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अनुमोदित ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। इसी प्रकार 55 वाहनों की खरीद के आदेश दे दिए गए है। स्प्रे के लिए हेलीकॉप्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी है।------
- नई दिल्ली। भारतीय रेल ने 12 मई से चल रही राजधानी श्रेणी की सभी 30 विशेष रेलगाडिय़ों के लिए अग्रिम आरक्षण की अवधि को मौजूदा 30 दिन से बढ़ाकर 120 दिन करने का निर्णय लिया है। यह फैसला उन सभी 200 स्पेशल मेल एक्सप्रेस रेलगाडिय़ों पर भी लागू होगा, जिनका परिचालन अगले महीने की 1 तारीख से शुरू होगा ।रेल मंत्रालय ने कहा कि यह बदलाव 31 मई की सुबह 8 बजे से लागू होंगे। इसके अनुसार इन सभी 230 रेलगाडिय़ों में पार्सल और सामान की बुकिंग की भी अनुमति दी जाएगी।----
- नई दिल्ली। भारतीय रेल, देश भर में प्रतिदिन कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है, ताकि प्रवासियों की अपने घरों को वापसी सुनिश्चित की जा सके।यह देखा जा रहा है कि कुछ ऐसे लोग भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रा कर रहे हैं जो पहले से ही ऐसी बीमारियों से पीडि़त हैं जिनसे कोविड़-19 महामारी के दौरान उनके स्वास्थ्य को खतरा बढ़ जाता है। यात्रा के दौरान पूर्व ग्रसित बीमारियों से लोगों की मृत्यु होने के कुछ दुर्भाग्यपूर्ण मामले भी मिले हैं।ऐसे कुछ लोगों की सुरक्षा हेतु रेल मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हुए अपील की है कि पूर्व ग्रसित बीमारी जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर, कम प्रतिरक्षा वाले व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे एवं 65 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए, जब तक अत्यंत आवश्यक ना हो रेल यात्रा करने से बचें।रेल मंत्रालय ने कहा- हम समझ सकते हैं कि देश के कई नागरिक इस समय रेल यात्रा करना चाहते हैं एवं उनको निर्बाध रूप से रेल सेवा मिलती रहे, इस हेतु भारतीय रेल का परिवार चौबीसों घंटे, सातों दिन कार्य कर रहा है। पर हमारे यात्रियों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसके लिए सभी देशवासियों का सहयोग अपेक्षित है। किसी भी कठिनाई या आकस्मिकता पडऩे पर कृपया अपने रेल परिवार से संपर्क करने में हिचकिचाएं नहीं। भारतीय रेल आपकी सेवा में हमेशा की तरह तत्पर हैं - हेल्पलाइन नंबर - 139 & 138।---
- छतरपुर (मप्र)। छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर खजुराहो थाना इलाके के चितरई गांव में आकाशीय बिजली गिरने से गुरुवार शाम तीन युवकों की मौत हो गई।खजुराहो के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, एसडीओपी मनमोहन सिंह बघेल ने बताया कि खजुराहो से छह—सात युवक चितरई गांव के एक घर में पिकनिक मना रहे थे। उसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से इनमें से तीन युवकों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान शिवांग खरे (20) अजय साहू (20) और मोहित अग्रवाल (23) के रूप में की गई है। बघेल ने बताया कि ये तीनों युवक खजुराहो के सेवाग्राम के रहने वाले हैं।-
- धौलपुर (राजस्थान)। जिले के सैंपऊ थाना क्षेत्र के गांव तसीमो में गुरुवार देर शाम अंधड़ में गिरे एक मकान के मलबे में दबने से एक महिला और दो बच्चों की मौत हो गई। हादसा,उस समय हुआ जब तेज अंधड़ में एक मकान धाराशायी हो गया और तीनों उसके मलबे में दब गए।अपर पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र वर्मा ने बताया कि हरविलास कुशवाह के मकान में मौजूद छह लोग मलबे में दब गए। मृतकों की पहचान विमला (35) ,उसका पुत्र सत्यभान (10) व रिश्तेदार सुहानी (8) के रूप में की गई है। हादसे में घायल हुई रेखा, लव-कुश एवं भीमसेन को उपचार के लिए धौलपुर के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।-
- नई दिल्ली।. लोकसभा अध्यक्ष ने जम्मू-कश्मीर, असम, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश के 15 सांसदों को पूर्वोत्तर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में समिति की सहायता के लिए परिसीमन आयोग के सहयोगी सदस्यो के रूप में नामित किया है। इन 15 सांसदों में दो केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जितेंद्र सिंह शामिल हैं।परिसीमन आयोग ने लोकसभा अध्यक्ष और पूर्वोत्तर के चार राज्यों की विधानसभा के अध्यक्षों को हाल में पत्र लिखकर समिति के सहायक सदस्यों के नाम देने को कहा था। जम्मू-कश्मीर में फिलहाल कोई विधानसभा नहीं है। यह एक केंद्र शासित क्षेत्र हैं जहां विधानसभा का प्रावधान है। संसद सदस्य और राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य इस कार्य में आयोग की मदद के लिये शामिल किये जाते हैं। गत 26 मई के लोकसभा बुलेटिन के अनुसार केन्द्रीय मंत्री रिजिजू और तपीर गाओ अरुणाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। असम का प्रतिनिधित्व पल्लब लोचन दास, अब्दुल खालिक, राजदीप रॉय, दिलीप सैकिया और नबा (हीरा) कुमार सरानिया द्वारा किया जायेगा। परिसीमन आयोग में मणिपुर से लोरहो एस पीफोजे और रंजन सिंह राजकुमार शामिल होंगे जबकि नगालैंड का प्रतिनिधित्व तोखेहो येप्थोमी करेंगे। जम्मू कश्मीर से फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अकबर लोन, हसनैन मसूदी, जुगल किशोर शर्मा और केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह समिति में सहयोगी सदस्यों के रूप में शामिल होंगे। सरकार ने छह मार्च को उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आर पी देसाई की अध्यक्षता में परिसीमन आयोग का गठन किया था जिसे केंद्र शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्य असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड के लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन करना है। निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा और जम्मू-कश्मीर तथा चार राज्यों के प्रदेश निर्वाचन आयुक्त इसके पदेन सदस्य होंगे। विधि मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी अधिसूचना के मुताबिक, आयोग जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार जम्मू-कश्मीर के विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन करेगा जबकि परिसीमन अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के मुताबिक असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड के संसदीय एवं विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन किया जाएगा।







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