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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में ‘राइजिंग भारत समिट 2025’ को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मैने देश के युवाओं में विकसित भारत बनाने का जनून देखा है। आज दुनिया की नजर भारत पर है और दुनिया की उम्मीद भी भारत से है। कुछ ही वर्षों में हम दुनिया की 11वीं से 5वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बने हैं, बहुत कम समय में, अनेक प्रकार के ग्लोबल चैलेंजेस आए लेकिन भारत रुका नहीं, भारत ने डबल स्पीड से दौड़ लगाई और एक दशक में अपनी के साइज को डबल करके दिखाया है। जो सोचते थे कि भारत स्लो और स्टेडी चलेगा, उन्हें अब फास्ट एंड फियरलेस इंडिया दिख रहा है। जल्द ही भारत का दुनिया की तीसरी इकोनॉमी बनना तय है, इसमें भी कोई संदेह नहीं है।
100 दिनों में हमने भविष्य की मजबूत नींव रखीपीएम मोदी ने कहा कि भारत की ग्रोथ की इस अभूतपूर्व स्पीड को देश के युवा ड्राइव कर रहा है, उनके एंबीशंस और उनके एस्पीरेशंस, युवा भारत की इन्हीं एंबीशंस और एस्पीरेशंस को एड्रेस करना आज देश की प्राथमिकता भी है। आज 8 अप्रैल है, कल परसों ही 2025 के 100 दिन पूरे हो रहे हैं, 100 days 2025 का पहला पड़ाव, इन 100 दिनों में जो निर्णय हुए हैं, उनमें भी आपको युवा एस्पीरेशंस की ही झलक दिखेगी।हमने पॉलिसी से पॉसिबिलिटी की राह खोलीउन्होंने आगे कहा कि इन 100 दिनों में हमने सिर्फ फैसले नहीं लिए हैं, हमने भविष्य की मजबूत नींव रखी है। हमने पॉलिसी से पॉसिबिलिटी की राह खोली है। 12 लाख रुपये तक की इनकम तक टैक्स जीरो का सबसे बड़ा फायदा हमारे यंग प्रोफेशनल्स और आंत्रप्रन्योर्स को मिल रहा है। मेडिकल की 10 हजार नई सीटें, आईआईटी में 6500 नई सीटें यानी एजुकेशन का एक्सपेंशन, इनोवेशन का एक्सीलेरेशन, 50 हजार नई अटल टिंकरिंग लैब यानी अब देश के हर कोने में इनोवेशन का दीप जलेगा और एक दीप से जले दीप अनेक ! एआई और स्किल डेवलपमेंट के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यूथ को मिलेगा फ्यूचर रेडी बनने का मौका, 10 हजार नई पीएम रिसर्च फेलोशिप, अब आइडिया से इंपैक्ट तक का सफर और आसान होने वाला है।जब युवा आगे बढ़ेगा, तभी भारत आगे बढ़ेगापीएम मोदी ने कहा कि जैसे स्पेस सेक्टर खोला गया, वैसे ही अब न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर भी ओपन किया गया, इनोवेशन को अब सीमाएं नहीं, समर्थन मिलेगा। गिग इकोनॉमी से जुड़े युवाओं को पहली बार सोशल सिक्योरिटी का कवच दिया जाएगा। जो पहले दूसरों के लिए इनविजिबल थे, अब वे नीतियों के केंद्र में हैं और एससी, एसटी तथा वुमन आंत्रप्रन्योर्स के लिए दो करोड़ के टर्म लोन, इन सभी निर्णयों का सीधा लाभ भारत के नौजवानों को मिलने वाला है।सौ दिनों की उपलब्धियों के बारे में बतायाउन्होंने आगे कहा कि भारत ने सेमी क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण करके दिखाया। भारत ने 100 गीगावॉट सोलर कैपेसिटी का ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया। पीएम मोदी ने आगे कहा कि नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन की शुरुआत हुई और इन्हीं 100 दिनों में कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग गठित करने का निर्णय हुआ। किसानों के लिए खाद पर सब्सिडी में बढ़ोतरी का फैसला हुआ यानी अन्नदाता की चिंता सरकार की प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ में 3 लाख से ज्यादा परिवारों ने एक साथ नए घरों में गृह प्रवेश किया। स्वामित्व योजना के तहत 65 लाख से अधिक प्रॉपर्टी कार्ड सौंपे गए और इतना ही नहीं इन्हीं 100 दिनों में दुनिया की सबसे ऊंची टनलों में से एक सोनमर्ग टनल राष्ट्र को समर्पित की गई। आईएनएस सूरत, आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस वाघशीर भारतीय नौसेना की ताकत में नए नगीने जुड़ गए। सेना के लिए मेड इन इंडिया लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर खरीदी को हरी झंडी मिली।वक्फ बिल का पास होना सामाजिक न्याय के लिए एक और बड़ा और ठोस कदममुख्य भाषण में पीएम मोदी ने वक्फ कानून में संशोधन बिल को लेकर कहा कि इस का बिल का पास होना सामाजिक न्याय के लिए एक और बड़ा और ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि मैं देश की संसद को, सर्वसमाज के हित में, मुस्लिम समाज के हित में एक शानदार कानून बनाने के लिए बधाई देता हूं। अब वक्फ की पवित्र भावना की भी रक्षा होगी और गरीब-पसमांदा मुसलमान, महिला-बच्चे, सबके हक भी महफ़ूज़ रहेंगे।वेव्स भारतीय कलाकारों को कंटेंट बनाने और ग्लोबल बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगापीएम मोदी ने बताया कि अगले महीने मुंबई में इसका बहुत बड़ा आयोजन होने जा रहा है और ये लगातार होते रहने वाला है, एक लंबी व्यवस्था खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां मूवीज, पॉडकास्ट, गेमिंग, म्यूजिक, ए-आर और वी-आर की बहुत जीवंत और रचनात्मक उद्योग है। हमने क्रिएट इन इंडिया (Create in India) का मंत्र लेकर इसे नेक्स्ट लेवल पर ले जाने का फैसला लिया है। वेव्स (WAVES),भारतीय कलाकारों को कंटेंट बनाने और ग्लोबल बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। और इसके साथ-साथ क्रिएट इन इंडिया, दुनिया भर के आर्टिस्ट्स को भारत में आने का अवसर भी देगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने बीते 10 वर्षों में देश के गरीबों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 52 करोड़ से ज्यादा ऋण दिए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 33 लाख करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना उनकी जमीनी स्तर की यात्राओं और अनुभव से उपजी,जब उन्होंने महसूस किया कि समाज के सबसे निचले तबके को “बिना गारंटी फंडिंग” की काफी जरूरत है।
मुद्रा योजना ने देश की वित्तीय व्यवस्था को बनाया लोकतांत्रिकप्रधानमंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना ने भारत की वित्तीय व्यवस्था को लोकतांत्रिक बनाया और यह एक बड़ी सफलता है कि इस योजना के तहत सिर्फ 3.5% ऋण ही NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) बने हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इकोनाॅमिक टाइम्स को दिया गया इंटरव्यू भी साझा किया जिसमें उन्होंने इस योजना की शक्ति और महत्व को बताया है।उन्होंने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद सरकार ने वित्तीय व्यवस्था को जन-केंद्रित बनाने का फैसला किया। पहले “बैंकिंग द अनबैंक्ड” के तहत जनधन योजना शुरू की गई, फिर “फंडिंग द अनफंडेड” के रूप में मुद्रा योजना लाई गई, और फिर “इंश्योरिंग द अनइंशोर्ड” के लिए जन सुरक्षा योजनाएं शुरू की गईं। पीएम ने कहा कि यह पूरी सोच एक व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के गरीब, महिला, किसान और वंचित वर्ग को मुख्यधारा में लाना और उनके सपनों को पूरा करने का अवसर देना है।उन्होंने यह भी कहा कि जब यह योजना शुरू हुई तो कई विपक्षी नेताओं और विशेषज्ञों ने आशंका जताई कि इतने बड़े स्तर पर छोटे ऋण देने से NPA बढ़ेगा। लेकिन नतीजे इसके उलट निकले और मात्र 3.5% ऋण खराब हुए। मोदी ने कहा कि यह उस विश्वास का परिणाम है जो सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर दिखाया।प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के कार्यकाल में बैंकिंग सेक्टर की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि तब ‘फोन बैंकिंग’ के जरिए केवल राजनीतिक संपर्क वालों को ही बड़े ऋण दिए जाते थे, जिससे बैंकों पर भारी दबाव पड़ा। इसके उलट, मुद्रा योजना ने बिना किसी संपर्क के, केवल योग्यता और मेहनत के आधार पर लोगों को मौका दिया, जिससे आर्थिक गतिविधियां निचले स्तर से आगे बढ़ीं। - नयी दिल्ली .प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने सोमवार को कहा कि भारत एक ‘‘सैन्य अंतरिक्ष सिद्धांत'' पर काम कर रहा है, जिसे दो से तीन महीने में सामने लाए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम राष्ट्रीय सैन्य अंतरिक्ष नीति पर भी काम कर रहे हैं।' सीडीएस ने यहां भारतीय रक्षा अंतरिक्ष संगोष्ठी के तीसरे संस्करण में अपने उद्घाटन भाषण में हाल के वर्षों में देश द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों और रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी के कार्यों पर जोर दिया। रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी बाहरी अंतरिक्ष में भारत के हितों की रक्षा करने और अंतरिक्ष युद्धों के खतरों से निपटने के लिए क्षमताओं को विकसित करने वाली प्रमुख एजेंसी है। जनरल चौहान ने कहा कि मानवता ऐसे युग के मुहाने पर खड़ी है, जहां अंतरिक्ष क्षेत्र युद्ध के एक नए मैदान के रूप में उभर रहा है। सीडीएस ने ‘‘अंतरिक्ष संस्कृति'' विकसित करने की भी वकालत की, जिसमें सिद्धांत, अनुसंधान और समर्पित युद्ध विद्यालय विकसित करने जैसे तत्व शामिल हों। उन्होंने रक्षा और अंतरिक्ष विशेषज्ञों की सभा में कहा, ‘‘रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी एक सैन्य अंतरिक्ष सिद्धांत लाने पर काम कर रही है, और उम्मीद है कि यह दो या तीन महीने में सामने आ जाएगा। हम एक राष्ट्रीय सैन्य अंतरिक्ष नीति पर भी काम कर रहे हैं।'' चौहान ने रक्षा क्षेत्र के लिए 52 उपग्रहों के समूह को सरकार की मंजूरी का भी उल्लेख किया, जिनमें से 31 उपग्रह निजी क्षेत्र द्वारा निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही उद्देश्यों के लिए 52 से अधिक उपग्रहों को प्रक्षेपित करने जा रहे हैं।'' सीडीएस ने कहा कि रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी वर्तमान सीमाओं को कम करने और ‘‘भविष्य के लिए खुद को तैयार करने'' के लिए एक एकीकृत उपग्रह संचार ग्रिड पर काम कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरों की पहचान करने के वास्ते सैन्य अंतरिक्ष अभियान महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ये खतरे राज्य द्वारा प्रायोजित या राज्य से इतर तत्वों से उत्पन्न हो सकते हैं। सीडीएस ने कहा, ‘‘हमारे कुछ प्रतिद्वंद्वियों की क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने एक विशेष अंतरिक्ष बल बनाया है, उन्होंने कक्षा में कौशल प्रदर्शन किया है। यह महत्वपूर्ण है कि हम इन पर नजर रखें क्योंकि वे जोखिम-शमन रणनीति का हिस्सा हैं।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीयों के रूप में तथा ‘‘ज्ञान और अनुसंधान के माध्यम से अंतरिक्ष का सम्मान करने वाली संस्कृति के रूप में, हमें स्वयं को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है।'' भारतीय रक्षा अंतरिक्ष संगोष्ठी का आयोजन ‘इंडियन स्पेस एसोसिएशन' (आईएसपीए) द्वारा मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान में किया गया। सदियों से सैन्य चरित्र किस प्रकार विकसित हुआ है तथा युद्ध में समुद्री और अंतरिक्ष संस्कृतियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इस पर प्रकाश डालते हुए सीडीएस ने कहा कि अतीत में ‘‘समुद्री संस्कृति'' के कारण ही पुर्तगाली, स्पेनिश, अंग्रेज या डच लोग विश्व पर हावी रहे होंगे। सीडीएस ने कहा, ‘‘इसी तरह, अंतरिक्ष संस्कृति ने अमेरिका और यूरोपीय देशों को हवाई क्षेत्र में वर्चस्व स्थापित करने में मदद की। इन दोनों ही क्षेत्रों का युद्ध पर स्थायी प्रभाव पड़ा है। सैन्य शक्ति वास्तव में इस विशेष संस्कृति के विकास और इसके लिए क्षमताओं के निर्माण के इर्द-गिर्द केंद्रित रही।'' जनरल चौहान ने कहा, ‘‘और आज हम एक ऐसे युग के मुहाने पर हैं, जहां अंतरिक्ष क्षेत्र युद्ध के एक नए मैदान के रूप में उभर रहा है, और यह युद्ध पर हावी होने जा रहा है। युद्ध के सभी तीन प्राथमिक तत्व (भूमि, समुद्र, वायु) अंतरिक्ष पर निर्भर होंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, जब हम कहते हैं कि अंतरिक्ष का इन तीन तत्वों पर प्रभाव पड़ने वाला है, तो यह महत्वपूर्ण है कि हम अंतरिक्ष को समझें। यह भविष्य में युद्ध की बुनियादी संरचना का निर्माण करने जा रहा है।'' सीडीएस ने रेखांकित किया कि अंतरिक्ष संस्कृति ‘‘अंतरिक्ष के उपयोग पर नउ विचारों'' के बारे में है, जो नयी क्षमताओं के निर्माण की दिशा में ‘‘आगे बढ़ेगी''। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अंतरिक्ष, ब्रह्मांड या ब्रह्मांड विज्ञान के बारे में बात करना हमेशा रोमांचक होता है।
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बरहमपुर . ओडिशा के गंजाम जिले के पलिबंधा गांव में 45 वर्षीय एक महिला और उसके बेटे-बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस को आशंका है कि तीनों ने कीटनाशक मिला चावल खाकर आत्महत्या की है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान एस मामा रेड्डी (45), उनके बेटे राकेश (21) और बेटी मीना (18) के रूप में हुई है। महिला के पति एस रवींद्र कुमार रेड्डी का निधन लगभग तीन वर्ष पहले हो गया था।
अधिकारी ने बताया कि घर से कीटनाशक के कुछ पैकेट बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि इन कीटनाशकों का प्रयोग चावल में किया गया था। गंजाम के पुलिस अधीक्षक शुभेंदु कुमार पात्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि महिला और उसका बेटा अक्सर किसी मुद्दे को लेकर झगड़ते रहते थे। हालांकि, आत्महत्या के पीछे के सही कारणों का अभी पता लगाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, गांव वालों ने तीनों को पहले छतरपुर उप-जिला अस्पताल पहुंचाया जहां से उन्हें बरहमपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान रविवार रात महिला और उसके बेटे की मौत हो गई जबकि बेटी ने सोमवार तड़के दम तोड़ दिया। -
नई दिल्ली। भारत ने अपने एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टरों को और ज्यादा ताकतवर और सुरक्षित बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। इसके तहत भारतीय वायु सेना के इन हेलीकॉप्टरों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), बेंगलुरु के साथ 2,385 करोड़ रुपये का समझौता किया है।
इस करार के तहत हेलीकॉप्टरों में इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट और एयरक्राफ्ट मॉडिफिकेशन किट लगाए जाएंगे। ये सिस्टम हेलीकॉप्टर को दुश्मन के खतरनाक इलाकों में भी सुरक्षित उड़ान भरने की क्षमता देंगे। यह तकनीक पूरी तरह से भारत में ही डिजाइन और विकसित की गई है।समझौते पर नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में ज्यादातर पुर्जे और उपकरण भारत में ही बनेंगे और इसमें छोटे-छोटे उद्योगों (एमएसएमई) की भी बड़ी भागीदारी होगी।यह योजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को मजबूती देती है। यह भारतीय वायुसेना के एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टरों की ताकत को बढ़ाने के साथ-साथ देश को रक्षा क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर बनाएगी।इससे पहले, रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ भी एक बड़ा समझौता किया था। इसके तहत 156 स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) ‘प्रचंड’ वायुसेना और थलसेना को दिए जाएंगे। इस अनुबंध की कुल कीमत करीब 62,700 करोड़ रुपये है। एलसीएच ‘प्रचंड’ भारत में डिजाइन और विकसित किया गया पहला लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जो 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है और इसमें अधिकतर उपकरण देश में ही बनाए गए हैं। -
नई दिल्ली। भारत और नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार को न्यायिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और नेपाल के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच कानून और न्याय क्षेत्र में जानकारी साझा करना, न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों के बीच आपसी आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शैक्षणिक पहलों के माध्यम से सहयोग को मजबूत बनाना है। समझौते के तहत दोनों देशों की अदालतों में उपयोग होने वाली तकनीकों की जानकारी भी साझा की जाएगी, जिससे लंबित मामलों का शीघ्र निपटान, न्याय प्रक्रिया में तेजी और लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें।इन उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) बनाया जाएगा, जो योजना निर्माण और क्रियान्वयन में सहयोग करेगा। यह समझौता भारत और नेपाल के बीच पुराने और घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक है और उनके न्यायालयों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करता है। भारत ने हाल के वर्षों में इजरायल, बांग्लादेश और भूटान जैसे देशों के साथ भी इसी प्रकार के न्यायिक सहयोग समझौते किए हैं। सितंबर 2023 में, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने सिंगापुर के सुप्रीम कोर्ट के साथ भी ऐसा ही एक समझौता किया था। - पटना। बिहार के नागी डैम पक्षी अभयारण्य से दोहरी धारी वाले कलहंस (एक तरह का पक्षी) एक महीने से अधिक की लंबी यात्रा के बाद तिब्बत की आर्द्रभूमि तक पहुंच गए हैं जिसका पता उन पर लगाये गये सौर ऊर्जा चालित जीएसएम-जीपीएस ट्रांसमीटर से चला है। राज्य के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन (डीईएफसीसी) मंत्री सुनील कुमार ने यह जानकारी दी। ‘बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस)' ने 22 फरवरी को जमुई जिले के नागी डैम पक्षी अभयारण्य में 'गगन' और 'वायु' नामक दो कलहंसों पर सौर ऊर्जा संचालित जीपीएस-जीएसएम टैग (ट्रांसमीटर) लगाए। यह पहली बार था जब सबसे ऊंची उड़ान भरने वाले इन प्रवासी पक्षियों पर जीपीएस-जीएसएम लगाया गया ताकि उनकी आवाजाही पर सटीक नजर रखी जा सके। मंत्री ने कहा, ‘‘दोनों हंस प्रवास मार्गों, ठहराव स्थलों और उनके व्यवहार पैटर्न पर महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेंगे। यह हमें आर्द्रभूमि संरक्षण रणनीतियों को और मजबूत करने में मदद करेगा। यह पहली बार है जब बिहार में प्रवासी पक्षियों पर इस तरह की ट्रैकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।'' मंत्री ने बताया, ‘‘नवीनतम जानकारी के अनुसार, दोनों अलग-अलग घूम रहे हैं, लेकिन तिब्बत की आर्द्रभूमि में हैं। गगन आर्द्रभूमि परिसर के उत्तर-पश्चिम की ओर है - नागरज़े काउंटी और यमझो युमको में जबकि वायु दक्षिण तिब्बत में है।'' कुमार ने कहा कि यह डेटा मध्य एशियाई उड़ान क्षेत्र में गैर-प्रजनन क्षेत्रों से उनके प्रजनन क्षेत्रों तक कलहंस की यात्रा को समझने में भी सहायक होगा। नागी पक्षी अभयारण्य बिहार के जमुई जिले में 200 हेक्टेयर में फैली हुयी आर्द्रभूमि है।यह आर्द्रभूमि अक्टूबर से अप्रैल तक सर्दियों के मौसम में प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख स्थान है। इसे 1984 में पक्षी अभयारण्य घोषित किया गया था। इसे ‘बर्डलाइफ इंटरनेशनल' द्वारा एक महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र (आईबीए) के रूप में भी नामित किया गया है। भाषा राजकुमार नरेश
- हरिद्वार,। वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने को 'ऐतिहासिक निर्णय' बताते हुए योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत में सभी धर्मों के लिए एक संविधान और एक कानून की व्यवस्था है जिसे वक्फ कानून से मजबूती मिलेगी। रामदेव ने संवाददाताओं से यहां बातचीत करते हुए कहा कि देश में हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई, जैन व बौद्ध, सबके लिए एक संविधान, एक कानून की व्यवस्था है और वक्फ कानून बनने से इस व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यदि वक्फ कानून नहीं बनता तो देश में विभिन्न समुदाय के लोग अलग-अलग बोर्ड बनाने की मांग करते । रामदेव ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल वोटों की राजनीति के लिए वक्फ विधेयक का विरोध कर रहे हैं । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को अपनी मंजूरी दे दी, जिसे पिछले सप्ताह संसद ने तीखी चर्चा के बाद पारित किया था। पश्चिम बंगाल में रामनवमी शोभायात्रा से पाबंदी हटाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पाबंदियां राजनीति से प्रेरित होकर वोट बैंक के ध्रुवीकरण के लिए लगाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि रामनवमी, जन्माष्टमी और ईद आदि धार्मिक पर्वों पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए।योग गुरु ने कहा कि भारत राम, कृष्ण, हनुमान, शिव का देश है जहां सबका आदर है।उन्होंने कहा कि हिंदुत्व किसी से घृणा नहीं करता । रामदेव ने कहा कि मुसलमान भी अपना ईमान और मजहब मानें लेकिन उन्हें भी पता है कि राम उनके भी पूर्वज हैं। योग गुरु ने बताया कि रामनवमी के पर्व पर योग के लिए समर्पित संस्था दिव्य योग मंदिर राममुलख दरबार ने पतंजलि योगपीठ में अपना विलय कर दिया है। इस संबंध में उन्होंने बताया कि योग की परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए योगाचार्य स्वामी लाल महाराज ने ऐसा करके अपनी आहुति पतंजलि योगपीठ को अर्पित की है। स्वामी रामदेव ने कहा, “राम हमारे राष्ट्र हैं, धर्म हैं, संस्कृति हैं, हमारी मूल प्रकृति हैं, मर्यादा हैं।” उन्होंने कहा, “हमारा राष्ट्र ऐसा बने जहां कोई रोगी, दु:खी तथा दरिद्र न हो और किसी मनुष्य में किसी प्रकार की नफरत या बैर न हो, तभी रामराज्य की स्थापना हो सकेगी।”
- प्रयागराज,।वाराणसी की अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक तरुण कुमार पांडेय (52) ने रविवार को प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र स्थित अपने आवास पर कथित रूप से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त (नगर) अभिषेक भारती ने ‘ बताया कि रविवार शाम पांडेय ने म्योर रोड स्थित अपने आवास पर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। वह वाराणसी में अपराध शाखा में तैनात थे। उन्होंने बताया कि मृतक के पास से फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। भारती के मुताबिक, पांडेय को कुछ शारीरिक दिक्कत थी और उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई थी। घटना के समय वह घर में अकेले थे और पत्नी एवं बच्चे किसी दूसरे शहर में थे। भारती ने बताया कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि बीमारी से तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया। परिजनों को इस घटना की सूचना दे दी गई है । फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने जांच पड़ताल की। पता चला है कि वह छह माह पहले निलंबित हुए थे और तीन महीने से मेडिकल लीव पर थे। आत्महत्या की वजह अभी साफ नहीं है। पुलिस कारणों का पता लगा रही है।
- संबलपुर।. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका रविवार को ओडिशा के संबलपुर शहर में असमिया साहित्यकार लक्ष्मीनाथ बेजबरुआ के घर पहुंचे। असम के मूल निवासी डेका ने नेल्सन मंडेला चौक स्थित उनके घर का दौरा किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल ने कहा, ‘‘बेजबरुआ बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे असम से आए थे और संबलपुर में लकड़ी का व्यवसाय करते थे, लेकिन उनकी रुचि साहित्य में थी। महानदी के तट पर स्थित इस घर में रहते हुए उन्होंने कई कालजयी रचनाएं लिखीं और असमिया साहित्य को समृद्ध किया।'' उन्होंने ‘साधना गृह' में एक डिजिटल पुस्तकालय की आवश्यकता पर बल दिया ताकि साहित्य में बेजबरुआ के योगदान को याद किया जा सके। उन्होंने परिसर में चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का भी जायजा लिया। डेका बाद में यहां स्थित समलेश्वरी मंदिर भी गए।
- नयी दिल्ली.। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा तमिलनाडु के रामेश्वरम में जिस नए पंबन पुल का उद्घाटन किया गया वह 1964 के तूफान से भी अधिक शक्तिशाली चक्रवातों को झेल सकता है। पुराने पुल को चक्रवात ने काफी नुकसान पहुंचाया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के निदेशक (संचालन) एम पी सिंह ने कहा कि इस पुल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह 230 किमी प्रति घंटे की हवा की रफ्तार के साथ-साथ भूकंप के तेज झटकों को झेल सकने में सक्षम होगा। उन्होंने बताया, ‘‘1964 के चक्रवात की रफ्तार लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटा थी और इससे पुराने पुल को काफी नुकसान पहुंचा था। हालांकि, शेरजर स्पैन, जो जहाज की आवाजाही के लिए खोला जाता था, चक्रवात से बच गया और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा।'' पहले ‘वर्टिकल लिफ्ट स्पैनर' पुल की योजना, डिजाइन, क्रियान्वयन और इसकी शुरुआत के लिए आरवीएनएल को जिम्मेदारी दी गई। सिंह ने कहा कि यह उन प्रमुख कारकों में से एक था जिसने ‘‘डिजाइन चरण में हमें चुनौती दी।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपाय किए हैं कि तेज चक्रवात भी पुल को कोई नुकसान न पहुंचा सकें।'' इसके अलावा, कुछ सुरक्षा प्रोटोकॉल भी हैं। उदाहरण के लिए, ‘लिफ्ट स्पैनर' हर समय झुकी हुई स्थिति में रहेगा और इसे केवल जहाजों की आवाजाही के समय ही उठाया जाएगा।सिंह ने कहा कि कंक्रीट के खंभों पर रखे गर्डर समुद्र के जल स्तर से 4.8 मीटर ऊंचे हैं, इसलिए ऊंची लहर उठने की स्थिति में भी, पानी के गर्डर तक पहुंचने की आशंका लगभग नगण्य है। उन्होंने कहा, ‘‘पुराने पुल का गर्डर समुद्र के जल स्तर से 2.1 मीटर ऊंचा था। इसलिए ऊंची लहरें उठने के दौरान पानी न केवल गर्डर पर बल्कि कभी-कभी ट्रैक पर भी चला जाता था।'' रामेश्वरम में 22 दिसंबर 1964 को आये भीषण चक्रवाती तूफान ने क्षेत्र के साथ-साथ रेल नेटवर्क को भी तबाह कर दिया था। रेल मंत्रालय ने इस त्रासदी का ब्यौरा साझा करते हुए कहा कि छह डिब्बों वाली पंबन-धनुषकोडी यात्री ट्रेन 22 दिसंबर को रात 11.55 बजे पंबन से रवाना हुई थी, जिसमें छात्रों के एक समूह और रेलवे के पांच कर्मचारियों सहित 110 यात्री सवार थे। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पंबन के पुल निरीक्षक अरुणाचलम कुमारसामी ट्रेन संचालित कर रहे थे। धनुषकोडी आउटर पर सिग्नल गायब हो गया और ट्रेन कुछ देर के लिए रुक गई। ड्राइवर ने जोखिम उठाने का फैसला किया और देर तक सीटी बजाई।'' मंत्रालय ने कहा ‘‘तभी समुद्र से 20 फुट ऊंची लहर उठी और ट्रेन से जा टकराई। हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 115 बताई गई थी (पंबन में जारी टिकटों की संख्या के आधार पर), लेकिन आशंका थी कि मृतकों की संख्या 200 के आसपास रही होगी, क्योंकि उस रात कई यात्रियों ने बिना टिकट यात्रा की थी।'' यह त्रासदी 25 दिसंबर को तब प्रकाश में आई जब दक्षिणी रेलवे ने मंडपम के समुद्री अधीक्षक से प्राप्त सूचना के आधार पर एक बुलेटिन जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी खबरें आई थीं कि ट्रेन डिब्बों के बड़े-बड़े टुकड़े बहकर श्रीलंका के तट पर पहुंच गए। ट्रेन दुर्घटना के अलावा, द्वीप पर 500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। मंत्रालय ने कहा, ‘‘सभी संचार व्यवस्था बाधित हो गई। पंबन वायडक्ट बह गया, केवल खंभे, कुछ पीएससी गर्डर और लिफ्टिंग स्पैन ही बचे थे।
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नागपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि एक राजनेता के लिए पार्टी उसके परिवार की तरह होनी चाहिए और उसे पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने परिवार के सदस्य के रूप में मानना चाहिए। गडकरी ने यह बात महाराष्ट्र के नागपुर शहर में भाजपा के नए कार्यालय की आधारशिला रखने के बाद एक सभा को संबोधित करने दौरान कही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले भी उपस्थित थे। भाजपा आज अपना स्थापना दिवस भी मना रही है।
गडकरी ने कहा, ‘‘एक नेता के लिए उसकी पार्टी उसके परिवार की तरह होनी चाहिए तथा पार्टी कार्यकर्ता उसके परिवार के सदस्य की तरह होने चाहिए। आपको पार्टी कार्यकर्ताओं से वैसा ही प्यार करना चाहिए जैसा आप अपने बच्चों से करते हैं।'' गडकरी ने कहा कि उनके और फडणवीस जैसे नेताओं को आज जो कुछ भी बनने का अवसर मिला है, वह शुरू से ही असंख्य पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्पण और बलिदान के कारण संभव हुआ है। उन्होंने दावा किया कि एक समय ऐसा भी था जब कांग्रेस ने समाज में जनसंघ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस की गलत छवि फैलाने की कोशिश की थी। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘लेकिन, हमने अपने बारे में फैलाई गई गलत सूचनाओं को दूर किया है। हमारी पार्टी कोई जातिवादी या सांप्रदायिक पार्टी नहीं है।'' गडकरी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी जाति के कारण बड़ा नहीं होता है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा कार्यकर्ता होना ही हमारी जाति (पहचान) है।'' उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य राष्ट्र का समग्र विकास है।नागपुर से सांसद ने कहा, ‘‘हमारे लिए राष्ट्र सर्वप्रथम और हर चीज से ऊपर है।''गडकरी ने यहां नए भाजपा कार्यालय के निर्माण के लिए व्यक्तिगत रूप से 25 लाख रुपये का योगदान दिया। - नयी दिल्ली.। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को श्रीलंका से भारत लौटते समय विमान से रामसेतु के दर्शन किए। मोदी ने ‘एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘कुछ देर पहले श्रीलंका से लौटते समय मुझे रामसेतु के दर्शन का सौभाग्य मिला। दैवीय संयोग से, यह उसी समय हुआ जब अयोध्या में सूर्य तिलक हो रहा था।'' उन्होंने कहा, ‘‘दोनों के दर्शन पाकर धन्य हो गया। प्रभु श्रीराम हम सभी को जोड़ने वाली शक्ति हैं। उनकी कृपा सदैव हम पर बनी रहे।'' मान्यता है कि भगवान राम और उनकी वानर सेना ने रावण का वध करने के लिए लंका जाने के वास्ते जो पुल बनाया था, रामसेतु उसी का हिस्सा है।
- अयोध्या/कोलकाता/रामेश्वरम. देशभर में रविवार को रामनवमी श्रद्धा के साथ मनायी गई और बड़ी संख्या में लोग मंदिरों में पहुंचे, दर्शन किए और रंगारंग शोभायात्राओं में शामिल हुए। पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस के नेता शोभायात्रा में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की और लोगों को भगवान राम के जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘सभी देशवासियों को रामनवमी की ढेरों शुभकामनाएं। प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का यह पावन-पुनीत अवसर आप सबके जीवन में नई चेतना और नया उत्साह लेकर आए, जो सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के संकल्प को निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करे। जय श्रीराम।'' उन्होंने बताया कि रविवार को श्रीलंका से भारत आने वाली अपनी उड़ान में उन्होंने रामसेतु के दर्शन किए। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘एक दिव्य संयोग के रूप में, यह उसी समय हुआ जब अयोध्या में भगवान राम का सूर्य तिलक हो रहा था। दोनों के दर्शन पाकर धन्य हो गया। प्रभु श्रीराम हम सभी को एकजुट करने वाली शक्ति हैं। उनका आशीर्वाद हमेशा हम पर बना रहे।'' भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या स्थित राममंदिर में सूर्य तिलक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जहां सूर्य की किरणें बालक श्री रामलला की मूर्ति के माथे पर पड़ीं। त्योहार की शुरुआत रविवार सुबह से ही हो गई थी, जब श्रद्धालु भगवा झंडे लेकर और 'जय श्रीराम' के जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा में रामायण के दृश्यों को दर्शाती झांकियां थीं और वातावरण में भक्ति संगीत गूंज रहा था। पुलिस हाई अलर्ट पर थी, खासकर उन इलाकों में जहां पूर्व में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान झड़पें हुई हैं। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की भागीदारी के साथ लगभग 2,500 रामनवमी शोभायात्रा निकाला जाना निर्धारित था। राज्य में यह धार्मिक अवसर राजनीतिक रणक्षेत्र में बदल गया, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में राममंदिर की आधारशिला रखी, भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार हावड़ा में एक शोभायात्रा में शामिल हुए, जबकि सौमित्र खान ने बांकुरा में रामनवमी शोभायात्रा में अपने 'लाठी खेल' का प्रदर्शन किया। तृणमूल कांग्रेस विधायक शौकत मोल्ला पार्टी के उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने शोभायात्राओं में हिस्सा लिया। उत्तर हावड़ा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्षद गौतम चौधरी विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा आयोजित एक शोभायात्रा में शामिल हुए। हिंसा की किसी भी घटना से बचने के लिए पूरे राज्य में 6,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था तथा ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही थी, क्योंकि पुलिस सूत्रों ने शोभायात्रा के दौरान संभावित गड़बड़ी की खुफिया रिपोर्ट की पुष्टि की थी। एबीवीपी समर्थकों ने यादवपुर विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी भवन में विशेष प्रार्थना का आयोजन किया, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विहिप और बजरंग दल सहित कई अन्य हिंदू संगठन भी देश के कई हिस्सों में शोभायात्रा में शामिल हुए। मालदा में विहिप की एक शोभायात्रा जब इंग्लिश बाजार इलाके से गुजरी, मुस्लिम निवासियों ने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर छतों और बालकनी से फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं, साथ ही श्रद्धालुओं के बीच मिठाइयां और पानी की बोतलें बांटीं। इसके अलावा शोभायात्रा के मार्ग में भारत के नक्शे के आकार की एक विशाल माला लगायी गई थी।समारोह में शामिल एक स्थानीय दुकानदार मोहम्मद अली ने कहा, ‘‘भारत इसी का प्रतीक है - विविधता में एकता और सांप्रदायिक सद्भाव।'' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में रामनवमी शोभायात्रा में भाग लिया। उन्होंने कहा, ‘‘क्यों न दिल्ली को भगवा में रंग दिया जाए ताकि हर व्यक्ति समृद्ध हो और शहर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।'' गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में अब तक की गई तुष्टिकरण की राजनीति पर एक ‘लक्ष्मण रेखा' खींची जाएगी और अब संतुष्टिकरण की राजनीति होगी। उत्तर प्रदेश में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और कन्या पूजन सहित पारंपरिक अनुष्ठान संपन्न किये। श्रद्धालुओं ने विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की और रामायण पाठ और कीर्तन में हिस्सा लिया। वाराणसी में एक विशेष हवन का आयोजन किया गया। अधिकारियों ने मंदिरों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।जम्मू कश्मीर में भगवान राम, लक्ष्मण और सीता की वेशभूषा में सजे छोटे बच्चे श्रीनगर के लाल चौक पर शोभायात्रा में शामिल हुए। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भद्राचलम में श्री सीता रामचंद्रस्वामी मंदिर में पारंपरिक अनुष्ठान किए। हैदराबाद में शोभायात्रा निकाली गईं। शोभायात्रा अधिकारियों द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से निकाली गईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राजा सिंह ने भी शहर में एक शोभायात्रा का नेतृत्व किया। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री तथा तेलंगाना प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी हैदराबाद के निकट अपने पैतृक गांव तिम्मापुर में रामनवमी समारोह में शामिल हुए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन ने रांची में राम जानकी तपोवन मंदिर में पूजा-अर्चना की। सोरेन ने कहा, ‘‘भगवान श्रीराम का जीवन हमें प्रेम, मर्यादा, कर्तव्य, अनुशासन, उदारता और त्याग का अद्वितीय संदेश देता है। भगवान के महान आदर्श युगों-युगों तक मानवता को प्रेरित करते रहेंगे और उसे प्रेरणा की अविरल धारा से पोषित करते रहेंगे।'' राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। झारखंड की राजधानी रांची में सड़कों के किनारे भगवान राम और भगवान हनुमान की तस्वीरों वाले भगवा झंडे लगाये गए थे। कई मंदिरों में हनुमान चालीसा और रामचरितमानस का पाठ किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि रांची, जमशेदपुर, गिरिडीह और हजारीबाग में 'संवेदनशील' जगहों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन तैनात किए गए हैं और प्रमुख स्थानों पर लोगों की भीड़ पर नजर रखने के लिए बॉडीकैम से लैस सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि रांची में 200 मजिस्ट्रेट और 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हैं। महाराष्ट्र के नासिक में पंचवटी इलाके में स्थित श्री कालाराम मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने अनुष्ठान में हिस्सा लिया। मुंबई के पश्चिमी उपनगर मालवानी में रामनवमी शोभायात्रा के लिए 500 से अधिक पुलिस कर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों को सड़कों पर तैनात किया गया था। उत्तर प्रदेश के संभल में, रामबाग धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, जहां भगवान राम की 51 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। एक श्रद्धालु विनय वार्ष्णेय ने कहा, "मूर्ति बहुत सुंदर है, ऐसा लगता है जैसे भगवान श्रीराम हमसे बात कर रहे हैं।" लखनऊ में, लोग प्रसिद्ध चंद्रिका देवी, मनकामेश्वर, काली बाड़ी और सैलानी माता मंदिरों में उमड़ पड़े। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस बल सतर्क है और पूरे राज्य में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।''
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर भारतीयों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और मोटापे से मुक्त जीवन जीने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यक्तिगत फिटनेस बनाए रखना विकसित भारत में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
पीएम मोदी ने पोस्ट कर कहा- ‘बेहतर स्वास्थ्य हर समृद्ध समाज की नींव’एक्स पर पीएम मोदी ने पोस्ट में कहा, “विश्व स्वास्थ्य दिवस पर, आइए हम एक स्वस्थ दुनिया के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करें। हमारी सरकार स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान केंद्रित करती रहेगी और लोगों की भलाई के विभिन्न पहलुओं में निवेश करती रहेगी। बेहतर स्वास्थ्य हर समृद्ध समाज की नींव है!”वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने भारत में बढ़ते मोटापे के संकट पर जताई चिंताप्लेटफॉर्म पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में, प्रधानमंत्री ने भारत में बढ़ते मोटापे के संकट पर चिंता जताते हुए सदियों पुरानी कहावत पर जोर दिया कि “आरोग्य ही परम भाग्य और परम धन है”। उन्होंने कहा बेहतर स्वास्थ्य बेहतर विश्व का मार्ग बनाता है।2050 तक 44 करोड़ से ज्यादा भारतीय मोटापे से होंगे पीड़ितउन्होंने कहा “आप सभी जानते हैं कि आज हमारी जीवनशैली हमारे आरोग्य के लिए एक बड़ा खतरा बन रही है। अभी हाल ही में मोटापे की समस्या पर एक रिपोर्ट आई है। ये रिपोर्ट कहती है कि 2050 तक 44 करोड़ से ज्यादा भारतीय मोटापे से ग्रस्त हो जाएंगे। यह आंकड़ा डराने वाला है। यह कितना बड़ा संकट हो सकता है?”स्वस्थ खाने की आदतें अपनाना, एक सामाजिक जिम्मेदारीअपने संदेश में, पीएम मोदी ने दोहराया कि हमें अभी से ऐसी स्थिति को टालने का प्रयास करना ही होगा। स्वस्थ खाने की आदतें अपनाना, जैसे कि तेल का उपयोग कम करना, सिर्फ एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं है, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है।सभी को अपने खाने के तेल में 10 प्रतिशत की कमी करनी चाहिएउन्होंने ऐसी स्थिति को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया और एक सरल बदलाव का प्रस्ताव रखा: “मैं आज आपसे एक वादा लेना चाहता हूं कि हम सभी को अपने खाने के तेल में 10 प्रतिशत की कमी करनी चाहिए। यह मोटापा कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।”अपनी दिनचर्या में नियमित शारीरिक गतिविधि शामिल करने को किया प्रोत्साहितउन्होंने लोगों को अपनी दिनचर्या में नियमित शारीरिक गतिविधि को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “इसके अलावा, हमें व्यायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। अगर हम खुद को फिट रखते हैं, तो यह विकसित भारत की यात्रा में एक बड़ा योगदान होगा।”उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के खिलाफ अपनी वकालत में लगातार आगे रहे हैं। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के एक एपिसोड में उन्होंने वैश्विक खेल क्षेत्र में भारत की प्रगति की प्रशंसा की और स्वस्थ जीवन शैली के महत्व को रेखांकित किया।भारत में हर आठ में से एक व्यक्ति मोटापे से प्रभावितसंबोधन के दौरान उन्होंने एक चिंताजनक स्वास्थ्य प्रवृत्ति का हवाला दिया, जिसमें डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों का हवाला दिया गया, जो भारत में मोटापे की बढ़ती लहर को उजागर करता है। उन्होंने कहा, “भारत में हर आठ में से एक व्यक्ति मोटापे से प्रभावित है।”मोटापा हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारणउन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में इसका प्रचलन दोगुना हो गया है और बचपन में मोटापा चार गुना बढ़ गया है। प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि मोटापा हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जीवनशैली विकल्पों में छोटे लेकिन सार्थक बदलाव जोखिमों को कम करने में मदद कर सकते हैं।पीएम मोदी ने 10 प्रमुख हस्तियों को राष्ट्रव्यापी अभियान में शामिल होने के लिए किया आमंत्रितइस संदेश को आगे बढ़ाने के लिए, पीएम मोदी ने दस प्रमुख हस्तियों को मोटापे के बारे में जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ भोजन को प्रोत्साहित करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इन व्यक्तियों में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उद्योगपति आनंद महिंद्रा, अभिनेता-राजनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ, ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और मीराबाई चानू, अभिनेता मोहनलाल और आर. माधवन, गायिका श्रेया घोषाल, समाजसेवी और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी शामिल थे ।उन्होंने सभी को इस आंदोलन की पहुंच और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए दस और व्यक्तियों को नामांकित करने के लिए प्रोत्साहित किया। -
नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसमें अगले दो दिनों में तापमान में वृद्धि और लू चलने की भविष्यवाणी की गई है। वहीं, गुजरात के लिए आज रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 8 से 10 अप्रैल तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं।
5 राज्यों के लगभग 21 शहरों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्जआईएमडी के अनुसार, कल का उच्चतम तापमान सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के कांडला में 44 डिग्री सेल्सियस था। पांच राज्यों के लगभग 21 शहरों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है। आईएमडी के अनुसार, “7 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में, 7-10 अप्रैल के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब में, 7 और 8 अप्रैल को दिल्ली में, 7-9 अप्रैल के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, 8-10 अप्रैल के दौरान मध्य प्रदेश में गर्म और आर्द्र मौसम रहने की संभावना है।”21 शहरों में आगे भी लू चलने की भविष्यवाणीआईएमडी ने दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा के 21 शहरों में आगे भी लू चलने की भविष्यवाणी की है। बिहार और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। राजस्थान के बाड़मेर में गर्मी ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। कल अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस था – जो अप्रैल के पहले सप्ताह में अब तक का सबसे अधिक तापमान है। यह सामान्य से 6.8 डिग्री अधिक है। राजस्थान में 7 और 8 अप्रैल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 9 और 10 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।राजस्थान में 7-10 अप्रैल के दौरान लू चलने की संभावनाआईएमडी ने कहा, “राजस्थान में 7-10 अप्रैल के दौरान लू चलने की संभावना है, जबकि 7-9 अप्रैल के दौरान अलग-अलग इलाकों में भीषण लू चल सकती है।” हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में आज लू चलने की संभावना है। हरियाणा और चंडीगढ़ में इस महीने की 10 तारीख तक ऐसी ही स्थिति देखने को मिल सकती है। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे तक दिल्ली के विभिन्न जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) आनंद विहार 292, चांदनी चौक 198, आईटीओ 209, नजफगढ़ 165, ओखला फेज 2 293, आरके पुरम 221, पटपड़गंज 252, वजीरपुर 260 रहा। -
श्रीनगर। राष्ट्रीय राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने खुलासा किया है कि उनके लगभग 35 प्रतिशत संकाय पद रिक्त हैं। सूचना का अधिकार के तहत मांगी गयी जानकारी में यह आंकड़ा सामने आया है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, एम्स-दिल्ली के संकाय प्रकोष्ठ के प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि संस्थान में स्वीकृत 1,235 पदों के मुकाबले 430 संकाय सीटें रिक्त हैं। यह आवेदन आरटीआई कार्यकर्ता एम एम शुजा ने इस साल जनवरी में दायर किया था, जिन्होंने एम्स दिल्ली के कामकाज के बारे में जानकारी मांगी थी। संस्थान ने आवेदक को 18 मार्च को जानकारी उपलब्ध कराई। संस्थान ने जानकारी दी कि उसने 2019 में 172 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए विज्ञापन दिया था, लेकिन केवल 110 उम्मीदवार ही भर्ती हुए। अस्पताल ने बताया कि वर्ष 2021 और 2022 में नर्सिंग कॉलेज में केवल 173 असिस्टेंड प्रोफेसर और तीन एसोसिएट प्रोफेसर ही अपनी सेवा देने के लिए आए, जबकि विज्ञापित पदों की संख्या 270 थी। इसमें कहा गया है कि 2020, 2023, 2024 और चालू वर्ष के पहले तीन महीनों में नियमित संकाय पदों के लिए कोई भर्ती नहीं हुई।
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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक युवक ने अपनी प्रेमिका से कहासुनी के बाद उसके ही दुपट्टे का फंदा बनाकर पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन ने बताया कि रविवार को बिहारीगढ़ थानाक्षेत्र के कुरडीखेडा बारूगढ मार्ग पर अपने खेत जा रहे किसानों ने एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ देखा और उसके पास में ही एक युवती रोती हुई नजर आई। उन्होंने बताया कि किसानों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
जैन ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक के शव को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारी के मुताबिक, मौके पर मौजूद युवती ने पुलिस को बताया कि बारूगढ गांव का रहने वाला समरेज (20) उसका प्रेमी था और उसने दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्महत्या की है। उन्होंने बताया कि युवक व युवती दोनों अलग-अलग धर्म के हैं और दोनों के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अधिकारी ने बताया कि युवक और युवती रविवार सुबह अपने घर के पास ही एक खेत पर मिले थे, जहां दोनो के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और इस दौरान युवक, युवती के गले से दुपट्टा खींच कर भाग गया और पेड़ पर चढ़कर दुपट्टे से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।जैन ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट हो पायेगा। -
नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड को नियंत्रित नहीं करना चाहती, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वे कानून के दायरे में काम करें, ताकि उनकी संपत्ति का इस्तेमाल मुस्लिम समुदाय में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार को बढ़ावा देने में किया जा सके। पार्टी के 46वें स्थापना दिवस के अवसर पर यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि तुर्किये और कई अन्य मुस्लिम देशों की सरकारों ने वक्फ संपत्तियों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम (वक्फ बोर्ड का) संचालन कर रहे लोगों से बस यह कह रहे हैं कि आप नियमों के अनुसार काम करें। आपको यह काम नियमानुसार करना होगा।” नड्डा ने कहा, ‘‘हम वक्फ बोर्ड पर नियंत्रण नहीं चाहते। हमारा लक्ष्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि इसका प्रबंधन करने वाले लोग कानून के दायरे में काम करें और स्थापित नियमों का पालन करें। वक्फ बोर्ड की संपत्ति और धन मुस्लिम समुदाय के लिए शिक्षा को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए समर्पित होंगे।'' नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करने से पहले भाजपा प्रमुख ने मुख्यालय में पार्टी का झंडा फहराया।
वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ से शुरू हुई भाजपा की राजनीतिक यात्रा को याद करते हुए नड्डा ने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है और आज कई राज्यों में सत्ता में है। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी अपनी मूल विचारधारा से हटी नहीं है, जबकि कांग्रेस वर्षों से अपनी "वैचारिक कमजोरी" के कारण पतन का सामना कर रही है। नड्डा ने कहा, “आज, लोकसभा में भाजपा के 240, राज्यसभा में 98 से अधिक सदस्य और देश भर में 1,600 से अधिक विधायक हैं। हमने अभी-अभी अपना सदस्यता अभियान समाप्त किया है और भाजपा सदस्यों की संख्या 13.5 करोड़ को पार कर गई है। देश भर में हमारे 10 लाख से अधिक सक्रिय पार्टी कार्यकर्ता हैं। -
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में 15 दिन पहले अगवा किए गए आठ वर्षीय बच्चे के शव के टुकड़े गेहूं के एक खेत से बरामद किये गये। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया की परौर थाना क्षेत्र के नारायण नगला गांव में रहने वाला आठ वर्षीय ऋतिक 15 दिन पहले घर से लापता हो गया था, जिसके बाद उसके परिजनों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में आठ दिन पहले अपहृत बच्चे की शर्ट एक खेत में पड़ी मिली थी, जिसके बाद पुलिस की एक टीम गठित कर उसका पता लगाने के निर्देश दिये गये थे। द्विवेदी ने बताया कि रविवार सुबह गेहूं के एक खेत में अपहृत ऋतिक के शरीर के कुछ हिस्से मिले और साथ ही बच्चे की पैंट भी वहीं पायी गयी। उन्होंने बताया कि शव की डीएनए जांच कराई जाएगी। पुलिस ने बच्चे के शव के टुकड़ों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच में जुटी है।
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बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस ने पति की हत्या के आरोप में पत्नी को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि व्यक्ति की गला घोंटकर हत्या की गयी थी।
अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संजीव वाजपेयी ने बताया कि, “रेलवे कर्मचारी दीपक (30) चार अप्रैल को नजीबाबाद के आदर्शनगर में अपने किराए के घर में मृत पाये गये। उनकी पत्नी शिवानी ने अपने देवर पीयूष को फोन कर बताया कि दीपक को दिल का दौरा पड़ा है और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है।” उन्होंने बताया कि जब तक पीयूष अस्पताल पहुंचा, तब तक दीपक की मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने संदेह जताते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अधिकारी ने बताया, “पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि दीपक की मौत दिल का दौरा पड़ने से नहीं बल्कि गला घोंटने से हुई थी। इस खुलासे के बाद हमने आरोपी शिवानी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।” वाजपेयी ने दीपक की मौत के सिलसिले में शिवानी से पूछताछ किये जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मामले की जांच में पता चला कि दीपक और शिवानी ने करीब डेढ़ वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था और उनकी छह महीने की एक बेटी भी है। अधिकारी ने बताया कि हत्या के पीछे की वजह जानने के लिए मामले की जांच की जा रही है। -
नई दिल्ली। भूकंप से प्रभावित म्यांमार की सहायता के लिए भारत सरकार का ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ जारी है। भारतीय नौसेना का कहना है कि भारत की ओर से 405 टन चावल सहित 442 टन राहत सामग्री की एक नई खेप लेकर नौसेना का जहाज म्यांमार के शहर यांगून पहुंच चुका है।
राहत सामग्री भारत के राजदूत अभय ठाकुर ने यांगून क्षेत्र के मुख्यमंत्री यू सोई थीन को सौंपीरविवार को इस विषय में जानकारी देते हुए नौसेना ने बताया कि नौसेनिक जहाज ‘आईएनएस घड़ियाल’ 405 टन चावल सहित 442 टन राहत सामग्री के साथ 5 अप्रैल को यांगून पहुंचा है। यह राहत सामग्री भारत के राजदूत अभय ठाकुर ने यांगून क्षेत्र के मुख्यमंत्री यू सोई थीन को सौंपी है। म्यांमार में प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए नौसेना ने अभी तक 512 टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाई है।म्यांमार में प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करना भारतीय नौसेना के दृढ़ संकल्प का प्रमाणहिंद महासागर क्षेत्र में प्रथम प्रक्रिया कर्ता के रूप में, भारतीय नौसेना के जहाजों द्वारा बड़े पैमाने पर राहत सामग्री पहुंचाना, म्यांमार में प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए भारतीय नौसेना के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। गौरतलब है कि म्यांमार में 28 मार्च को विनाशकारी भूकंप आया था। इसके बाद से भारत सरकार ने म्यांमार के लोगों की मदद के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया। ऑपरेशन ब्रह्मा के अंतर्गत एक अप्रैल को नौसेना के जहाज घड़ियाल को चावल, खाद्य तेल और दवाओं सहित करीब 442 टन राहत सामग्री के साथ म्यांमार के लिए रवाना किया गया था।भारत सरकार ने ऑपरेशन ब्रह्मा के अंतर्गत यह मदद पहुंचाई हैवहीं, एक अप्रैल को म्यांमार में प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारतीय नौसेना के दो अन्य जहाज 30 टन राहत लेकर म्यांमार के यांगून पहुंचे थे। भारत सरकार के ऑपरेशन ब्रह्मा के अंतर्गत यह मदद पहुंचाई गई है। इससे पहले भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री भी करीब 40 टन राहत सामग्री लेकर 31 मार्च को यांगून पहुंचे थे।राहत सामग्री में भूकंप पीड़ितों के लिए वस्त्र, पीने का साफ पानी, खानपान की वस्तुएं, दवाइयां आदि शामिल की गई हैंवहीं आईएनएस कार्मुक और एलसीयू-52 लगभग 30 टन राहत सामग्री लेकर 30 मार्च को श्री विजयपुर से रवाना हुए थे। राहत सामग्री में भूकंप पीड़ितों के लिए वस्त्र, पीने का साफ पानी, खानपान की वस्तुएं, दवाइयां आदि शामिल की गई हैं। म्यांमार को सहायता पहुंचाने के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में चल रहा है। भारतीय नौसेना भी इसमें अपना योगदान दे रही है। नौसेना ने राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए यहां अपने जहाजों को समुद्र में उतारा है।नौसेना के जहाजों के जरिए लगभग 52 टन राहत सामग्री पहले ही पहुंचाई जा चुकी थीसमुद्री जहाजों से राहत सामग्री की आपूर्ति में विशेष मदद भी मिली है। नौसेना के जहाजों के जरिए लगभग 52 टन राहत सामग्री पहले ही पहुंचाई जा चुकी थी। जिसमें वस्त्र, पीने का पानी, खाद्य सामग्री, दवाइयां आदि शामिल हैं। म्यांमार में लोगों की मदद के लिए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत एक विशेष चिकित्सा कार्य बल भी वहां तैनात किया है। मेडिकल रिस्पॉन्डर्स की 118 सदस्यीय टीम आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और आपूर्ति के साथ म्यांमार में है। राहत एवं बचाव ऑपरेशन के हिस्से के रूप में भारतीय सेना आपदा में घायल हुए लोगों की तत्काल देखभाल के लिए 60 बिस्तरों वाला चिकित्सा उपचार केंद्र भी स्थापित किया है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रामेश्वरम में ‘पंबन रेल पुल’ का उद्घाटन किया। ये भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज है। 2019 में पीएम मोदी ने ही इसकी नींव रखी थी। 2.08 किलोमीटर लंबा यह ब्रिज रामेश्वरम (पंबन द्वीप) को तमिलनाडु के मंडपम से जोड़ता है। प्रधानमंत्री ने रिमोट डिवाइस का उपयोग करके पुल के वर्टिकल लिफ्ट स्पैन को संचालित किया, जिससे तटरक्षक जहाज नीचे से गुजर सका। नवनिर्मित संरचना देश का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्री पुल है, जो स्वदेशी इंजीनियरिंग की अभूतपूर्व प्रगति को दर्शाता है।
पीएम मोदी ने चेन्नई में रामेश्वरम और तांबरम के बीच एक नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाईपीएम मोदी ने चेन्नई में रामेश्वरम और तांबरम के बीच एक नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई, जिससे क्षेत्रीय संपर्क में और वृद्धि होगी और यात्रियों और तीर्थयात्रियों के लिए सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन नीलगिरी में पूर्व व्यस्तताओं के कारण समारोह में अनुपस्थित थेहालांकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन नीलगिरी में पूर्व व्यस्तताओं के कारण समारोह में अनुपस्थित थे, लेकिन इस कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता और अधिकारी मौजूद थे। तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, राज्य मंत्री थंगम थेन्नारासु और भाजपा नेता के. अन्नामलाई, सुधाकर रेड्डी, एच. राजा और नैनार नागेंथिरन के साथ-साथ रामनाथपुरम जिला कलेक्टर सिमरनजीत सिंह कहलों मौके पर उपस्थित थे।प्रभु श्री राम हम सभी को एकजुट करने वाली शक्ति हैं, उनका आशीर्वाद हमेशा हम सब पर बना रहेइससे पहले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा से एक आध्यात्मिक क्षण साझा करते हुए कहा: “थोड़ी देर पहले श्रीलंका से लौटते समय, राम सेतु के दर्शन का सौभाग्य मिला और, एक दिव्य संयोग के रूप में, यह उसी समय हुआ जब अयोध्या में सूर्य तिलक हो रहा था। दोनों के दर्शन पाकर धन्य हो गया। प्रभु श्री राम हम सभी को एकजुट करने वाली शक्ति हैं। उनका आशीर्वाद हमेशा हम पर बना रहे।”पीएम मोदी ने 2019 में पंबन ब्रिज का किया था शिलान्यासबता दें, पीएम मोदी ने 2019 में पंबन ब्रिज का शिलान्यास किया था और 5 साल में यह समुद्र के ऊपर बनकर तैयार हो गया है। पंबन ब्रिज को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह डबल ट्रैक वाला ब्रिज हाई-स्पीड ट्रेनों के संचालन के लिए उपयुक्त है, जो इसे तकनीकी रूप से उन्नत बनाता है।2.08 किलोमीटर लंबा यह ब्रिज कई मायनों में खास है2.08 किलोमीटर लंबा यह ब्रिज कई मायनों में खास है। इसमें 18.3 मीटर के 99 स्पैन और 72.5 मीटर का एक वर्टिकल लिफ्ट स्पैन है। यह पुराने ब्रिज से 3 मीटर ऊंचा है, जिससे बड़े जहाज आसानी से गुजर सकेंगे। इसके ढांचे में 333 पाइल हैं, और यह इतना मजबूत बनाया गया है कि वर्षों तक रेल और समुद्री परिचालन सुरक्षित रहेगा।ब्रिज में एंटी-कोरोजन तकनीक, पॉलीसिलाक्साने पेंट, उन्नत स्टेनलेस स्टील और फाइबर रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक का उपयोग किया गया हैइसमें एंटी-कोरोजन तकनीक, पॉलीसिलाक्साने पेंट, उन्नत स्टेनलेस स्टील और फाइबर रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक का उपयोग किया गया है, जिससे यह लंबे समय तक टिकाऊ रहेगा। इस ब्रिज के निर्माण ने भारत की डिजाइन और सर्टिफिकेशन में तकनीकी श्रेष्ठता को साबित किया है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ अनुराधापुरा में भारत द्वारा समर्थित दो बड़ी रेल परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर दोनों नेताओं ने महो-ओमानथाई रेलवे ट्रैक को बेहतर बनाने और महो-अनुराधापुरा खंड के लिए नई सिग्नलिंग प्रणाली शुरू की। यह दोनों परियोजनाएं भारत की मदद से बनाई गई हैं और इनसे श्रीलंका के उत्तरी रेलवे नेटवर्क में कनेक्टिविटी और सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है। यह आयोजन अनुराधापुरा रेलवे स्टेशन पर हुआ और यह भारत-श्रीलंका के बीच बढ़ते बुनियादी ढांचे के सहयोग का एक महत्वपूर्ण कदम है।
रेलवे परियोजना को प्रधानमंत्री माेदी द्वारा समर्पित करना भारत और श्रीलंका दोनों के लिए गर्व का पलनेताओं का स्वागत करने के लिए स्टेशन पर बड़ी संख्या में उत्साहित स्थानीय लोग जुटे थे। ये रेल परियोजनाएं भारत सरकार के रेल मंत्रालय के तहत काम करने वाली सार्वजनिक कंपनी इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा बनाई गई हैं। इरकॉन के सीएमडी हरि मोहन गुप्ता ने बातचीत करते हुए कहा, “आज का दिन बहुत खास है क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति मिलकर 128 किलोमीटर लंबी उन्नत रेलवे परियोजना को देश को समर्पित कर रहे हैं, जो पहले बहुत खराब हालत में थी।” उन्होंने यह भी कहा, “यह भारत और श्रीलंका दोनों के लिए गर्व का पल है।”पीएम मोदी का जया श्री महाबोधि मंदिर का दौरा करना सद्भावना का प्रतीकइससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके ने आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धेय जया श्री महाबोधि मंदिर का दौरा किया। यह मंदिर एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थल है, जिसमें पवित्र बोधि वृक्ष मौजूद है। माना जाता है कि यह बोधि वृक्ष सम्राट अशोक की बेटी थेरी संघमित्रा द्वारा भारत से लाए गए पौधे से पनपा था। सद्भावना का प्रतीक बनते हुए मंदिर के मुख्य पुजारी ने प्रधानमंत्री मोदी की कलाई पर ‘रक्षा सूत्र’ (सुरक्षा धागा) बांधा।प्रधानमंत्री मोदी को श्रीलंकाई वायुसेना द्वारा औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गयाशनिवार को, प्रधानमंत्री मोदी अनुराधापुरा पहुंचे, जहां उन्हें श्रीलंकाई वायुसेना द्वारा औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यात्रा के एक खास पल को शेयर करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर श्रीलंकाई राष्ट्रपति के साथ एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उन्होंने लिखा, “अपने मित्र, राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ अनुराधापुरा में।”सम्मान भारत के निरंतर समर्थन और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत योगदान को मान्यता देता हैदोनों नेताओं ने शनिवार को कोलंबो में विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए विस्तार से चर्चा की थी। वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी को ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से सम्मानित किया गया, जो श्रीलंका का एक प्रमुख नागरिक सम्मान है। यह सम्मान भारत के निरंतर समर्थन और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत योगदान को मान्यता देता है। इस दिन कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी हुए, जिसमें दोनों नेताओं ने बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और विकास के क्षेत्रों में भारत समर्थित नई परियोजनाओं का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। -
नई दिल्ली। श्रीलंका ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान 14 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया। रिहाई से पहले शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें मछुआरों की गिरफ्तारी को लेकर विमर्श किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा हमें मछुआरों के मुद्दों पर मानवीय दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना हैप्रधानमंत्री मोदी ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता में अपनी टिप्पणी के दौरान कहा, “हमने मछुआरों के मुद्दों पर चर्चा की। हम इस बात पर सहमत हुए कि हमें इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना है। हमने मछुआरों की तत्काल रिहाई और उनकी नावों की वापसी पर जोर दिया।”श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा मुख्य रूप से तमिलनाडु के भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी तनाव का एक मुद्दा रहा हैश्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा मुख्य रूप से तमिलनाडु के भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी तनाव का एक मुद्दा रहा है। 2025 की शुरुआत से, 119 भारतीय मछुआरों और 16 मछली पकड़ने वाली नावों को कथित तौर पर श्रीलंकाई बलों द्वारा पकड़ा गया है, जिससे तटीय समुदायों में चिंता बढ़ गई है और हस्तक्षेप के लिए बार-बार अपील की गई है।श्रीलंकाई अधिकारियों ने 11 मछुआरों को तुरंत रिहा करने का किया है फैसलावार्ता के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “हमें बताया गया है कि श्रीलंकाई अधिकारियों ने 11 मछुआरों को तुरंत रिहा करने का फैसला किया है और शायद आने वाले दिनों में कुछ और मछुआरों को रिहा किया जाएगा।”मछुआरों के मुद्दों पर सहयोग के लिए मानवीय और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर दिया गया जोरमिस्री ने कहा, “यह एक ऐसा विषय था जिस पर दोनों पक्षों के बीच काफी विस्तार से चर्चा हुई। जैसा कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान खुद कहा। इन मुद्दों पर सहयोग के लिए मानवीय और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया क्योंकि ये ऐसे मुद्दे हैं जो अंततः दोनों पक्षों के मछुआरों की आजीविका को प्रभावित करते हैं।”भारत द्वारा रेलवे परियोजनाओं का अपग्रेडेड, महो-ओमानथाई रेलवे ट्रैक और महो-अनुराधापुरा खंड के लिए नवनिर्मित सिग्नलिंग सिस्टम का संयुक्त रूप से किया गया उद्घाटन14 भारतीय मछुआरों की रिहाई पीएम मोदी की यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक और विकासात्मक कार्यक्रमों के बीच हुई, जिसमें भारत समर्थित रेलवे परियोजनाओं जैसे कि अपग्रेडेड महो-ओमानथाई रेलवे ट्रैक और महो-अनुराधापुरा खंड के लिए नवनिर्मित सिग्नलिंग सिस्टम का संयुक्त उद्घाटन शामिल था।सम्मान न केवल भारत द्वारा श्रीलंका को दिए जाने वाले दृढ़ समर्थन को दर्शाता है, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगाप्रधानमंत्री मोदी को प्रतिष्ठित श्रीलंका मित्र विभूषण पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया, जो द्वीप राष्ट्र के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है। यह सम्मान न केवल भारत द्वारा श्रीलंका को दिए जाने वाले दृढ़ समर्थन को दर्शाता है, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग के अवसरों का और विस्तार करेगीशनिवार को, दोनों नेताओं ने बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और विकास सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और उनका आदान-प्रदान किया। शनिवार शाम को, राष्ट्रपति दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में राजकीय भोज का आयोजन किया। गर्मजोशी से स्वागत करते हुए, श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कहा कि यह यात्रा सहयोग के अवसरों का और विस्तार करेगी और दोनों देशों के लोगों के बीच मित्रता को और गहरा करेगी।







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