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नयी दिल्ली. देश की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बुधवार को दोहरी राहत मिली। एक तरफ खाने के सामान के दाम में नरमी से खुदरा महंगाई फरवरी में भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर चार प्रतिशत से नीचे 3.61 प्रतिशत पर आ गयी। वहीं दूसरी तरफ, विनिर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जनवरी में बढ़कर पांच प्रतिशत पर पहुंच गयी। मुद्रास्फीति में तेज गिरावट से इस बात की संभावना बढ़ी है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) नौ अप्रैल को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में एक और कटौती कर सकता है। अगर आरबीआई अगले महीने प्रमुख ब्याज दर में कटौती करता है, तो यह दो महीने के भीतर दूसरी ब्याज दर कटौती होगी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुख्य रूप से सब्जियों, अंडों और अन्य प्रोटीन युक्त वस्तुओं की कीमतों में कमी के कारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में सात महीने के निचले स्तर 3.61 प्रतिशत पर आ गई। खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी माह में 4.26 प्रतिशत और फरवरी, 2024 में 5.09 प्रतिशत रही थी।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर नवंबर, 2024 से ही रिजर्व बैंक के संतोषजनक दायरे में बनी हुई है। आरबीआई को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ खुदरा महंगाई को चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है। केंद्रीय बैंक ने महंगाई के मोर्चे पर राहत मिलने से पिछले महीने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी। खुदरा मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों, अंडे, मांस और मछली, दाल और उत्पादों, और दूध और दूध उत्पादों की मुद्रास्फीति में गिरावट के कारण हुई है। फरवरी में सालाना आधार पर जिन वस्तुओं के दाम में प्रमुख रूप से कमी आई, उनमें अदरक (-35.81 प्रतिशत), जीरा (-28.77 प्रतिशत), टमाटर (-28.51 प्रतिशत), फूलगोभी (-21.19 प्रतिशत), लहसुन (-20.32 प्रतिशत) थीं। दूसरी तरफ, जिन वस्तुओं के दाम सबसे ज्यादा बढ़े, उनमें नारियल तेल (54.48 प्रतिशत), नारियल (41.61 प्रतिशत), सोना (35.56 प्रतिशत), चांदी (30.89 प्रतिशत) और प्याज (30.42 प्रतिशत) शामिल हैं। इसके साथ, देश में औद्योगिक उत्पादन में तेजी आई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन में इस साल जनवरी में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के संदर्भ में मापा जाने वाला औद्योगिक उत्पादन जनवरी, 2024 में 4.2 प्रतिशत बढ़ा था। सरकार ने दिसंबर, 2024 में 3.2 प्रतिशत वृद्धि के अस्थायी अनुमान को संशोधित कर 3.5 प्रतिशत कर दिया गया है। चालू वित्त वर्ष के पहले 10 माह (अप्रैल-जनवरी) के दौरान आईआईपी की वृद्धि दर कम होकर 4.2 प्रतिशत रही, जो कि एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में छह प्रतिशत थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी, 2025 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 5.5 प्रतिशत बढ़ा, जो एक साल पहले इसी महीने में 3.6 प्रतिशत रहा था। खनन उत्पादन में वृद्धि घटकर 4.4 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी महीने में छह प्रतिशत थी। बिजली उत्पादन में वृद्धि जनवरी, 2025 में सुस्त होकर 2.4 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले इसी महीने में 5.6 प्रतिशत थी। रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि खाद्य वस्तुओं के दाम में नरमी से खुदरा मुद्रास्फीति में उम्मीद से अधिक गिरावट आई है और यह सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह एमपीसी (मौद्रिक नीति समिति) की मध्यम-अवधि लक्ष्य सीमा के मध्य बिंदु (चार प्रतिशत) से काफी कम है। नायर ने कहा कि फरवरी में मुद्रास्फीति के आंकड़े चार प्रतिशत के नीचे आने से एमपीसी की अगली बैठक में लगातार दूसरी बार 0.25 प्रतिशत की दर कटौती की उम्मीद बढ़ी है। इसके बाद जून या अगस्त की समीक्षा बैठकों में 0.25 प्रतिशत की एक और कटौती हो सकती है। औद्योगिक उत्पाद सूचकांक पर एमपी फाइनेंशियल एडवाइजरी सर्विसेज एलएलपी के संस्थापक और प्रबंध साझेदार महेंद्र पाटिल ने कहा कि आंकड़े खासकर विनिर्माण और खनन में औद्योगिक गतिविधियों के मजबूत होने का संकेत देते हैं। उन्होंने कहा ‘‘यह वृद्धि, फरवरी 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति के 3.61 प्रतिशत पर कम होने के साथ मिलकर अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक गति का संकेत देती है।'' इस बीच, बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 72.56 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,029.76 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 27.40 अंक यानी 0.12 प्रतिशत फिसलकर 22,470.50 अंक पर बंद हुआ। -
नई दिल्ली। मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राजधानी पोर्ट लुइस में देश के सर्वोच्च सम्मान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ से सम्मानित किया। पीएम मोदी को मिला यह 21वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
पीएम मोदी ने भारत से सदियों पहले मॉरीशस आए पूर्वजों और उनकी सभी पीढ़ियों को समर्पित किया पुरस्कारप्रधानमंत्री ने पूर्ण विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करते हुए पुरस्कार को भारत से सदियों पहले मॉरीशस आए पूर्वजों और उनकी सभी पीढ़ियों को समर्पित किया।पीएम मोदी ने कहा- यह सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक बंधनों को सम्मानमॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान सम्मानित प्रधानमंत्री ने हार्दिक आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह सिर्फ उनका नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और मॉरीशस के बीच के रिश्ते के सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक बंधनों को सम्मान है। साथ ही प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया कि भारत-मॉरीशस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का हर संभव प्रयास करते रहेंगे।मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने की थी पीएम मोदी को सम्मानित करने की घोषणामॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन चंद्र रामगुलाम ने कल एक सामुदायिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी को उनके देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी सम्मान के वास्तविक अधिकारी हैं। इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत सरकार की ओर से राष्ट्रपति और उनकी पत्नी मीना को ‘ओवरसीज सिटिजन आफ इंडिया’ (ओसीआई) कार्ड प्रदान किया था। यह कार्ड भारत में आवाजाही की वीजा सुविधा प्रदान करता है और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को दिया जाता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ऐलान किया कि भारत मॉरीशस में संसद की नई बिल्डिंग बनाने में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि यह ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ की ओर से मॉरीशस को भेंट होगी। प्रेस मीट कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “भारत-मॉरीशस का संबंध, केवल हिंद महासागर से नहीं बल्कि हमारी साझी सांस्कृतिक परंपराओं और मूल्यों से भी जुड़ा है, हम आर्थिक और सामाजिक प्रगति की राह पर एक दूसरे के साथी हैं, प्राकृतिक आपदा हो या कोविड विपदा हमने हमेशा एक दूसरे का साथ दिया है, रक्षा हो या शिक्षा, स्वास्थ्य हो या स्पेस हम हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। पिछले दस वर्षों में हमने अपने संबंधों में कई नए आयाम जोड़े हैं।”
पीएम मोदी ने कहा, ग्लोबल साउथ हो या हिंद महासागर या अफ्रीका भू-भाग, मॉरीशस हमारा महत्वपूर्ण साझेदार है। दस वर्ष पहले, विजन सागर यानि ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ की आधारशिला यहीं मॉरीशस में रखी गई थी। पीएम मोदी ने कहा, “अगले पांच वर्षों में भारत में मॉरीशस के 500 सिविल सर्वेंट को को ट्रेनिंग दी जाएगी। हमारे बीच लोकल करेंसी में आपसी व्यापार का सेटलमेंट करने पर भी सहमति बनी है।”पीएम मोदी ने मॉरीशस के सभी नागरिकों को राष्ट्रीय दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि मुझे दोबारा मॉरीशस के नेशनल डे पर आने का अवसर मिल रहा है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम जी और मॉरीशस सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। बता दें कि पीएम मोदी 11-12 मार्च तक मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। बुधवार को ही उन्हें पूर्वी अफ्रीकी राष्ट्र के राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होना है। पीएम मोदी ने मंगलवार को पोर्ट लुइस में अपने मॉरीशस समकक्ष नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ वार्ता की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और भारत-मॉरीशस के बीच विशेष बंधन को बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाशने पर विचार-विमर्श किया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मॉरीशस की यात्रा के दौरान बुधवार को पवित्र गंगा तालाब के दर्शन किए। उन्होंने इसे एक भावनात्मक अनुभव बताया। दरअसल, पीएम ने हिंद महासागर द्वीपसमूह में सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल माने जाने वाले गंगा तालाब में पूजा-अर्चना की और प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया।पीएम मोदी ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, “मॉरीशस में पवित्र गंगा तालाब के दर्शन कर भावविभोर हो गया। इसकी पावन जलधारा के किनारे दोनों देशों के बीच के आध्यात्मिक संबंधों को आसानी से महसूस किया जा सकता है। यह सीमाओं से परे है और हमारी कई पीढ़ियों को उनकी जड़ों से जोड़ता है।”
गंगा तालाब की मान्यतागंगा तालाब, जिसे मॉरीशस में ग्रैंड बेसिन के नाम से भी जाना जाता है, एक क्रेटर झील है, जो समुद्र तल से लगभग 550 मीटर ऊपर है। यह सावेन के पहाड़ी दक्षिण-पश्चिमी जिले में स्थित है। इसके तट पर मंदिर भी स्थित है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस स्थान की खोज 1897 के आसपास एक हिंदू पुजारी ने की थी। 1970 के दशक में, भारत से एक अन्य पुजारी गंगा से पवित्र जल लेकर आए और पवित्र जल को झील में डाला, इस प्रकार इसका नाम ‘गंगा तालाब’ रखा गया।इससे पहले पीएम मोदी ने मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में दूसरी बार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान उन्हें मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में भाग लेने के बाद एक्स पर लिखा, “मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मॉरीशस के लोगों को निरंतर समृद्धि और सफलता की शुभकामनाएं देता हूं, साथ ही हम अपने देशों के बीच गहरे संबंधों को भी मजबूत करते हैं।” यह दूसरी बार है जब पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए। वह इससे पहले 2015 में इस समारोह में शामिल हो चुके थे।समारोह के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ (जीसीएसके) से सम्मानित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला। यह किसी देश द्वारा पीएम मोदी को दिया जाने वाला 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी है। - भोपाल। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4,21,032 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट वर्ष 2024-25 के 3.65 लाख करोड़ रुपये के बजट से 15 फीसदी अधिक राशि का है। बजट में न तो कोई नया कर लगाया गया है और न ही किसी पुराने कर की दर में इजाफा करने का प्रस्ताव रखा गया है।बजट में राजकोषीय घाटा 78,902 करोड़ रुपये रहने का अनुमान पेश किया गया है जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 4.66 फीसदी के बराबर है। प्रदेश में राजस्व अधिशेष की स्थिति बनी हुई है। वर्ष 2025-26 में राजस्व अधिशेष की राशि 618 करोड़ रुपये तक अधिक रहने का अनुमान है।वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले से मौजूद औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा 14,500 एकड़ भूभाग में विकसित किए जा रहे 39 नए औद्योगिक क्षेत्रों में तीन लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि अगले पांच सालों में औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 30,000 करोड़ रुपये मूल्य के प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।लाड़ली बहना योजना का आवंटन नहीं बढ़ाप्रदेश में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत महिलाओं को दी जाने वाली राशि नहीं बढ़ाई जा रही है लेकिन महिलाओं को केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना से जोड़ने की घोषणा की गई।सरकार ने गृह विभाग के लिए 12,876 करोड़ रुपये का बजट रखा है। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1,585 करोड़ रुपये अधिक है। प्रदेश में सामाजिक क्षेत्र की उत्थान की योजनाओं के लिए करीब दो लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है।देश में सबसे ज्यादा GDP ग्रोथ रेटवित्त मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि की दर देश में सबसे अधिक है और इसमें गत 22 सालों में 17 गुना का इजाफा हुआ है। वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विकसित मध्य प्रदेश 2047 नामक विजन डॉक्युमेंट तैयार किया है जिसके तहत प्रदेश के जीडीपी को 2047 तक 250 लाख करोड़ रुपये और प्रति व्यक्ति वार्षिक आय को बढ़ाकर 22 लाख 35 हजार रुपये से अधिक करने का लक्ष्य तय किया गया है।
- नयी दिल्ली. लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें होली की पूर्व संध्या पर 13 मार्च को नहीं होंगी। इस संबंध में दोनों सदनों की कार्य मंत्रणा समितियों के निर्णय लेने के बाद यह तय किया गया। दोनों सदनों ने 14 मार्च 2025 को होली के त्योहार को लेकर पहले ही अवकाश घोषित कर दिया है।राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, सदस्यों को सूचित किया गया है कि जैसा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया और सदन में घोषणा की गई, बृहस्पतिवार अर्थात् 13 मार्च 2025 को निर्धारित राज्यसभा की बैठक रद्द कर दी गई है। बुलेटिन में कहा गया है, ‘‘इसके अनुसार, उस दिन सदन की कोई बैठक नहीं होगी।''लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने भी 13 मार्च को सदन की बैठक रद्द करने का निर्णय लिया है। इसने सदन के कामकाज को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए लोकसभा की बैठक शनिवार अर्थात् 29 मार्च को कराने की सिफारिश की है।
- नयी दिल्ली. अमेरिकी खुफिया विभाग की प्रमुख तुलसी गबार्ड, कनाडा के खुफिया प्रमुख डैनियल रॉजर्स और ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई-6 के प्रमुख रिचर्ड मूर उन शीर्ष वैश्विक खुफिया प्रमुखों में शामिल हैं, जो भारत में इस सप्ताहांत होने वाले सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। घटनाक्रम से वाकिफ अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल 16 मार्च को भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाले सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें आतंकवाद और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, न्यूजीलैंड और भारत के कई अन्य मित्र देशों के खुफिया प्रमुखों के भी नयी दिल्ली में होने वाले विचार-विमर्श में शामिल होने की संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक, गबार्ड जापान, थाईलैंड और फ्रांस के बहु-देशीय दौरे के हिस्से के रूप में भारत आ रही हैं। यह अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के किसी शीर्ष अधिकारी की भारत की पहली उच्च-स्तरीय यात्रा होगी। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया प्रमुखों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के अलावा गबार्ड रायसीना डायलॉग को संबोधित करने और एनएसए डोभाल के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी संभावना है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डीएनआई) गबार्ड थाईलैंड की अपनी यात्रा के बाद 15 मार्च को भारत आएंगी। गबार्ड ने पिछले महीने अमेरिका की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा एवं खुफिया प्रमुखों के सम्मेलन में लगभग 20 देशों की खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख एवं उप प्रमुखों के जुटने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि विचार-विमर्श में खुफिया प्रमुखों के रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में संघर्ष के प्रभावों सहित अन्य वैश्विक चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित करने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा और खुफिया प्रमुख आतंकवाद के वित्तपोषण के साथ-साथ साइबर अपराधों से निपटने के तौर-तरीकों पर भी चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) के प्रमुख रॉजर्स की भारत यात्रा हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में जारी तनाव के बीच हो रही है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर 2023 में आरोप लगाया था कि कनाडा की धरती पर निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट का हाथ हो सकता है, जिसके बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में दरार आ गई थी। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को “बेतुका” बताकर खारिज कर दिया था। पिछले साल की दूसरी छमाही में दोनों देशों के बीच संबंध और भी खराब हो गए, जब कनाडा ने उच्चायुक्त संजय वर्मा समेत कई भारतीय राजनयिकों पर निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। अक्टूबर 2024 में कनाडा ने वर्मा और पांच अन्य भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। जवाबी कार्रवाई में नयी दिल्ली ने भी कनाडा के उच्चयोग प्रभारी स्टीवर्ट व्हीलर और पांच अन्य राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। माना जा रहा है कि रॉजर्स के साथ डोभाल की बातचीत में इस मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।घटनाक्रम से वाकिफ अधिकारियों के मुताबिक, सम्मेलन के दौरान डोभाल कई प्रमुख देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
- गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पुलिस ने शराब की दुकानों के पास सड़कों पर शराब पीने वाले शराबियों के खिलाफ छह जनवरी से चलाये गये अपने विशेष अभियान के दौरान 28,682 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्र ने एक बयान के जरिये यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह अभियान इस साल छह जनवरी को शुरू किया गया था। हर दिन शाम छह बजे से 10 बजे तक शराब की दुकानें बंद होने तक हर थाने की पुलिस ऐसे स्थानों पर छापेमारी कर रही थी, जहां लोग अपनी गाड़ियों में शराब पीते थे। कुछ जगहों पर कुछ हुड़दंगियों को अपनी कार की बोनट या डिग्गी पर शराब पीते और खाते हुए भी देखा गया। इन सभी पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मिश्र ने कहा कि पुलिस ने यह सख्त कार्रवाई सिटी, ग्रामीण और ट्रांस हिंडन जोन में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए की है। कानून व्यवस्था की स्थिति और हत्या व अन्य गैर इरादतन हत्या जैसे अपराधों में 50 प्रतिशत तक कमी आई है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि शराबियों के खिलाफ यह अभियान आगामी महीनों में भी जारी रहेगा।
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताया है। योगी ने मंगलवार को “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा, “मानवता के महायज्ञ, महाकुम्भ-2025, प्रयागराज ने संपूर्ण विश्व को 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के सनातन भाव से दीप्त कर दिया है।” उन्होंने इसी पोस्ट में प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए कहा, “विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज मॉरीशस के राष्ट्रपति को मां गंगा, मां यमुना एवं मां सरस्वती के आशीर्वाद स्वरूप पावन त्रिवेणी संगम का पवित्र जल व बनारसी साड़ी जैसे अनेक अद्वितीय उपहार भेंट किए हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने हेतु हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी!” मॉरीशस दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने वहां के राष्ट्रपति को संगम का पवित्र जल समेत अनेक उपहार भेंट किए हैं।
- नयी दिल्ली/ सरकार ने मंगलवार को संसद में बताया कि मशीनीकृत स्वच्छता पर राष्ट्रीय कार्य योजना (नमस्ते) के तहत लाभार्थी के रूप में 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 66,961 सीवर और सेप्टिक टैंक श्रमिकों का चयन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि ओडिशा और तमिलनाडु, उपलब्ध आंकड़ों को केंद्रीय ‘नमस्ते' डाटाबेस में एकीकृत करने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 66,961 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों (एसएसडब्ल्यू) को मान्यता दी गई है। आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों के लिए कुल 45,292 पीपीई किट और 354 सुरक्षा उपकरण किट की आपूर्ति की गई है।'' सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के साथ मिलकर सफाई कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए जुलाई 2023 में यह योजना शुरू की थी।
- नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता संबित पात्रा ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार द्वारा गिरवी रखा गया देश का सोना 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार बनते ही वापस लाया गया था। वह लोकसभा में 2024-25 के लिए दूसरे बैच के अनुदानों की अनुपूरक मांगों, 2021-22 के लिए अतिरिक्त अनुदानों की मांगों और 2025-26 के लिए मणिपुर राज्य के बजट पर चर्चा में भाग ले रहे थे। पात्रा ने दो अखबारों की खबरों का जिक्र करते हुए कहा, "संप्रग ने देश का सोना गिरवी रख दिया था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मई 2024 में एक लाख किलोग्राम सोना भारत वापस लाया गया।" उन्होंने कहा कि दोनों सरकारों में यही अंतर है। पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संप्रग सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जुलाई 2012 में उसके कार्यकाल में एक साथ तीन पावर ग्रिड फेल हो गए थे और देश की बड़ी आबादी अंधेरे में डूब गई थी। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, जब भाजपा के शासन में 2024 में देश में बिजली की मांग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, तो कोई ग्रिड फेल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि संप्रग के समय ऐसा दौर था जब "अनियोजित" खर्च होता था और नीतिगत पंगुता के साथ अर्थव्यवस्था पर "लापरवाही से" बोझ डाला गया था। पात्रा ने कहा, "इसके विपरीत, हमारे कार्यकाल में...राजकोष से बाहर जाने वाला प्रत्येक रुपया एटीसी की निगरानी में रहता है...एटीसी का मतलब है ए से अकाउंटेबिलिटी या जवाबदेही, टी से ट्रांसपेरेंसी या पारदर्शिता और सी से क्लियर विजन यानि विकास का स्पष्ट दृष्टिकोण।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार मणिपुर में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों को राहत प्रदान कर रही है। पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष किया और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की।
- नयी दिल्ली. स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने वाली शोध कंपनी मेरकॉम कैपिटल ने कहा है कि भारत में बीते साल सौर क्षमता में रिकॉर्ड 25.2 गीगावाट की वृद्धि हुई। इसका कारण कंपनियों ने उन परियोजनाओं को पूरा करने में तेजी दिखायी है, जिसमें देरी हो रही थी। अमेरिकी कंपनी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि भारत में 2023 के दौरान 8.3 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) सौर क्षमता जोड़ी गयी थी। मेरकॉम इंडिया सोलर मार्केट रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘विलंबित परियोजनाओं के चालू होने से 2024 में सौर ऊर्जा क्षमता में वृद्धि हुई।'' मेरकॉम के अनुसार, बड़े पैमाने की सौर परियोजनाओं (सोलर ओपन एक्सेस सहित) ने कुल क्षमता वृद्धि में 87 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया, जबकि छतों पर लगने वाले सौर प्रणाली (रूफटॉप) ने लगभग 13 प्रतिशत का योगदान दिया। ‘ओपन एक्सेस मॉडल' के तहत स्थापित क्षमता का योगदान बड़े पैमाने पर सौर क्षमता वृद्धि में 31 प्रतिशत से अधिक है। ‘ओपन एक्सेस मॉडल' के तहत बिजली के बड़े उपभोक्ताओं को सीधे स्वतंत्र बिजली उत्पादकों से विद्युत खरीदने की सुविधा मिलती है। राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र 2024 में बड़े पैमाने पर सौर क्षमता वृद्धि में अगुवा रहे। इनकी हिस्सेदारी क्रमशः लगभग 32 प्रतिशत, 27 प्रतिशत और आठ प्रतिशत रही। मेरकॉम कैपिटल ग्रुप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राज प्रभु ने कहा, ‘‘भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र ने 2024 में रिकॉर्ड क्षमता वृद्धि देखी गयी। हालांकि, पारेषण मुद्दे और आपूर्ति श्रृंखला में देरी के मामले नहीं होते तो आंकड़े और अधिक हो सकते थे।'' उन्होंने कहा कि आयात शुल्क और महंगे घरेलू मॉड्यूल के कारण बढ़ती लागत उद्योग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 35 गीगावाट से अधिक वार्षिक सौर क्षमता की जरूरत है। इसके लिए, उद्योग को स्पष्ट, स्थिर नीतियों की आवश्यकता है जो स्थानीय विनिर्माण को निर्बाध परियोजना विकास के साथ संतुलित करे। देश में 2024 में कुल 34.7 गीगावाट की नई बिजली क्षमता जोड़ी गयी। इसमें सौर ऊर्जा का योगदान लगभग 73 प्रतिशत था।
- मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को कहा कि वह जल्द ही गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर वाले 100 और 200 रुपये के बैंक नोट जारी करेगा। रिजर्व बैंक ने बयान में कहा, ‘‘इन नोटों का डिजाइन महात्मा गांधी (नई) श्रृंखला के 100 और 200 रुपये के बैंक नोटों के समान है।'' इस बीच, रिजर्व बैंक द्वारा पहले जारी किए जा चुके 100 और 200 रुपये के सभी बैंक नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। मल्होत्रा ने दिसंबर, 2024 में शक्तिकान्त दास की जगह आरबीआई गवर्नर का पद संभाला था।
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 14 मार्च को होली के त्योहार पर मेट्रो ट्रेन सेवाएं अपराह्न 2:30 बजे से रात 10:30 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम लिमिटेड की ओर से जारी एक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गयी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम लिमिटेड के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि होली के त्योहार के दिन 14 मार्च, 2025 को मेट्रो ट्रेन सेवाएं अपराह्न 2:30 बजे से रात 10:30 बजे तक उपलब्ध होंगी। बयान के अनुसार दोनों टर्मिनलों यानी सीसीएस एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन और मुंशीपुलिया मेट्रो स्टेशन से ट्रेन सेवाएं अपराह्न 2:30 बजे शुरू होंगी और उसके बाद सामान्य रूप से रात 10:30 बजे तक चलेगी।
- वाराणसी (उप्र)। काशी के मणिकर्णिका घाट पर मंगलवार को श्रद्धालुओं और नागा साधुओं ने जलती चिताओं के बीच ‘चिता भस्म' की होली खेलने की अनूठी परंपरा मनाई। महाश्मशान में चिता भस्म की होली के व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने बताया कि इस दौरान नागा साधुओं ने त्रिशूल और तलवार लिये नृत्य किया और एक नागा साधु ने गले में नर मुंडों की माला डालकर तांडव किया। चिता भस्म की राख और गुलाल से सभी सराबोर रहे। काफी संख्या में विदेशी पर्यटकों ने भी इस अनोखी होली को देखा। कपूर ने बताया कि काशी के मणिकर्णिका घाट पर मंगलवार को जलती चिताओं के बीच लगभग एक घंटे चिता भस्म की होली खेली गयी। हालांकि, इस बार काशी विद्वत परिषद सहित कुछ अन्य संगठन महाश्मशान की होली को शास्त्र विरुद्ध बता कर इसका विरोध कर रहे थे। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री रामनारायण द्विवेदी ने कहा, ‘‘हमारे शास्त्रों में गृहस्थों द्वारा महाश्मशान की होली खेलने का कोई प्रमाण नहीं है। लोग भ्रमित होकर इस परंपरा से जुड़ रहे हैं जो कि शास्त्र विरुद्ध है।'' उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए इस शास्त्र विरुद्ध आयोजन को परंपरा का नाम दे रहे हैं।गुलशन कपूर ने बताया कि रंगभरी एकादशी के दूसरे दिन मंगलवार को अपराह्न में बाबा महाश्मशान नाथ की भव्य आरती के बाद 12 से एक बजे के बीच चिता भस्म की होली खेली गयी। कपूर ने बताया, ‘‘पिछले 24 वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है और महाश्मशान की होली की तैयारी छह माह पहले से शुरू हो जाती है। प्रतिदिन श्मशान से दो से तीन बोरी चिता राख उठाई जाती है।'' कपूर ने कहा कि इस बार महाश्मशान नाथ मंदिर समिति ने भारी भीड़ और हुड़दंग के कारण महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए उनको महाश्मशान के होली उत्सव में न आने का अनुरोध किया था। गुलशन कपूर ने कहा, ‘‘काशी में मान्यता है कि रंगभरी एकादशी के दिन बाबा विश्वनाथ माता पार्वती का गौना (विदाई) कराकर अपने धाम काशी लाते हैं जिसे उत्सव के रूप में काशीवाशी मनाते है।'' इस पारंपरिक उत्सव को काशी के मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं के बीच मनाया जाता हैं जिसे देखने दुनिया भर से लोग काशी आते हैं।
- नयी दिल्ली ।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि विकसित भारत के निर्माण में पूर्वोत्तर क्षेत्र का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होगा। शाह ने यहां ‘स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन इंटर-स्टेट लिविंग' (एसईआईएल) द्वारा आयोजित पूर्वोत्तर छात्र एवं युवा संसद को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार पूर्वोत्तर के विकास, एकता और शांति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार के दिल के बहुत करीब है।उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वोत्तर को केंद्र सरकार के हर कार्यक्रम का केंद्र बिंदु बनाया है। विकसित भारत के निर्माण में पूर्वोत्तर का योगदान सबसे अहम होगा।'' गृह मंत्री ने इस क्षेत्र में विशेष रूप से पर्यटन के नजरिए से वैश्विक ध्यान आकर्षित करने की विपुल क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने पूर्वोत्तर के युवाओं की भारत में सबसे अधिक आईक्यू (मेधा विलक्षणता) होने के लिए प्रशंसा की और कहा कि यह क्षेत्र कुछ सबसे अधिक मेहनती जनजातियों की रिहायश है। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर विविधताओं की भूमि है, जिसमें 220 से अधिक आदिवासी समूह, 160 जनजातियां, 200 बोलियां और भाषाएं, 50 अनूठे त्यौहार और 30 से अधिक विश्व प्रसिद्ध नृत्य शैलियां हैं। उन्होंने माना कि अपनी कई अनूठी विशेषताओं के बावजूद पूर्वोत्तर विकास में पिछड़ गया, क्योंकि उस समय विभिन्न भ्रमों और विवादों के माध्यम से उग्रवाद और अलगाववाद को बढ़ावा दिया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हिंसा, बंद, नशीले पदार्थ, नाकेबंदी और क्षेत्रवाद ने इस पूरे क्षेत्र को खंडित कर दिया , जिससे न केवल पूर्वोत्तर और देश के बाकी हिस्सों के बीच विभाजन पैदा हुआ है, बल्कि क्षेत्र के भीतर राज्यों के बीच भी विभाजन पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, क्षेत्र को विकास में 40 वर्षों की देरी का सामना करना पड़ा तथा इस दौरान आतंकवाद और अलगाववादी संगठन मुख्य बाधाएं रहे। गृह मंत्री ने कहा कि जब भी भाजपा सत्ता में आई है, उसने हमेशा पूर्वोत्तर को प्राथमिकता दी है।उन्होंने कहा कि पहले इतने बड़े और अविकसित क्षेत्र के लिए कोई अलग मंत्रालय नहीं था, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान अलग (पूर्वोत्तर मामले) मंत्रालय बनाया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के हर कार्यक्रम में पूर्वोत्तर पर बल दिया गया । उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि इस क्षेत्र और शेष भारत के बीच की दूरी को कम करना है। शाह ने घोषणा की कि 2027 तक पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की राजधानियों को रेल, हवाई और सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच इस क्षेत्र में हिंसा की 11,000 घटनाएं हुईं, जबकि 2014 से 2024 तक यह संख्या लगभग 70 प्रतिशत घटकर 3,428 रह गई। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने सभी उग्रवादी संगठनों के साथ समझौते किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 10,500 से अधिक उग्रवादियों ने अपने हथियार सौंप दिए और मुख्यधारा में लौट आये। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 10 वर्षों में उग्रवादी संगठनों के साथ 12 महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास शांति के बिना संभव नहीं है, जो प्रगति के लिए एक मूलभूत शर्त है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पूर्वोत्तर में शांति स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
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नई दिल्ली। भारत में पर्यटन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और क्रूज पर्यटन में सालाना आधार पर 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। क्रूज पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने बुनियादी ढांचे के उन्नयन, बंदरगाह शुल्क को युक्तिसंगत बनाने, निष्कासन शुल्क को हटाने, क्रूज जहाजों को प्राथमिकता देने, ई-वीजा सुविधा प्रदान करने आदि कई पहल की हैं। केंद्र सरकार ने विरासत पर्यटन, आयुर्वेद पर्यटन, तटीय पर्यटन, रिवर क्रूज पर्यटन आदि पर फोकस के साथ मैरीटाइम विजन डॉक्यूमेंट 2030 तैयार किया है। दरअसल, सरकार लक्ष्य क्रूज यात्री यातायात को मौजूदा 4 लाख से बढ़ाकर 40 लाख करना है। भारतीय क्रूज बाजार में अगले दशक में 10 गुना वृद्धि की क्षमता है जिसे बढ़ती मांग और खर्च करने योग्य आय से बल मिल रहा है।
भारत एक शानदार क्रूज गंतव्यभारत अपनी विशाल और सुंदर तटरेखा, वर्जिन फॉरेस्ट और अछूते रमणीय द्वीपों, समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ, क्रूज पर्यटकों के लिए एक शानदार पर्यटन स्थल हो सकता है। भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर गति से विकसित हो रही है, मध्यम वर्ग की संख्या में वृद्धि हो रही है और लोगों के पास इतनी आय है कि वे अपने अवकाश के कामों पर खर्च कर सकते हैं, ऐसे में लोग भी बड़े पैमाने पर क्रूज शिपिंग का लाभ उठा सकते हैं।अतुल्य भारत अंतर्राष्ट्रीय क्रूज सम्मेलन 2022आपको बता दें, 14 मई 2022 को मुंबई में पहले अतुल्य भारत अंतर्राष्ट्रीय क्रूज सम्मेलन 2022 का उद्घाटन किया गया। सरकार ने क्रूज पर्यटन के विकास के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया। इस दौरान देश में क्रूज पर्यटन के विकास के लिए एक उपयुक्त परिवेश तैयार करने में टास्क फोर्स की मदद के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय सलाहकार समिति स्थापित करने की भी घोषणा की गई।भारत दुनिया के शीर्ष पर्यटन स्थलों में से शुमार होगाकेंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत एक शानदार क्रूज गंतव्य है। उन्होंने कहा कि 7,500 किलोमीटर लंबा समुद्र तट और विशाल नदी प्रणालियों के साथ भारत के कई आकर्षण अभी भी दुनिया के सामने नहीं आए हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक खिलाड़ियों ने भारत में क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने में गहरी रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि सही बुनियादी ढांचे के विकास और आधुनिक तकनीक की तैनाती के साथ भारत निश्चित तौर पर दुनिया के शीर्ष पर्यटन स्थलों में से शुमार होगा।उन्होंने यह भी कहा कि ‘भारत सरकार इस क्षमता को महसूस कर रही है और भारत को समुद्री एवं नदी क्रूज दोनों के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ एक वैश्विक क्रूज हब के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’क्रूज भारत मिशनवहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने पिछले वर्ष सितंबर 2024 में मुंबई बंदरगाह से ‘क्रूज भारत मिशन’ की शुरुआत की। इस मौके पर सर्बानंद सोनोवाल ने कहा था कि देश में क्रूज पर्यटन की अपार संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य पांच वर्षों के भीतर यानी 2029 तक क्रूज यात्रियों की संख्या को दोगुना करके देश के क्रूज पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देना है।क्रूज इंडिया मिशन 1 अक्टूबर, 2024 से शुरू होकर 31 मार्च, 2029 तक चलेगाआपको बता दें, क्रूज इंडिया मिशन 1 अक्टूबर, 2024 से शुरू होकर 31 मार्च, 2029 तक चलेगा। पहले चरण (01.10.2024 – 30.09.2025) के तहत पड़ोसी देशों के साथ अध्ययन, मास्टर प्लानिंग और क्रूज गठबंधन बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके तहत क्रूज सर्किट की क्षमता को बढ़ाने के लिए मौजूदा क्रूज टर्मिनलों, मरीना और गंतव्यों का आधुनिकीकरण भी होगा। दूसरे चरण में (01.10.2025 – 31.03.2027) के तहत उच्च क्षमता वाले क्रूज स्थानों और सर्किटों को सक्रिय करने के लिए नए क्रूज टर्मिनलों, मरीना और गंतव्यों को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वहीं, तीसरे चरण (01.04.2027 – 31.03.2029) के तहत भारतीय उपमहाद्वीप में सभी क्रूज सर्किटों को एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जो क्रूज संबंधी इकोसिस्टम की परिपक्वता को चिह्नित करेगा, जबकि क्रूज टर्मिनलों, मरीना और गंतव्यों का विकास जारी रहेगा।इन चरणों में प्रमुख प्रदर्शन लक्ष्यों में चरण 1 में समुद्री क्रूज यात्रियों की संख्या को 0.5 मिलियन से बढ़ाकर चरण 3 तक 1 मिलियन करना शामिल है, साथ ही समुद्री क्रूज की संख्या में 125 से 500 तक की वृद्धि होगी। नदी क्रूज यात्रियों की संख्या चरण 1 में 0.5 मिलियन से बढ़कर चरण 3 तक 1.5 मिलियन हो जाएगी। अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनलों की संख्या चरण 1 में 2 से बढ़कर चरण 3 तक 10 हो जाएगी, जबकि नदी क्रूज टर्मिनल 50 से बढ़कर 100 हो जाएंगे। इसी तरह, मरीना 1 से बढ़कर 5 हो जाएंगे, और अंतिम चरण तक रोजगार सृजन 0.1 मिलियन से बढ़कर 0.4 मिलियन हो जाएगा।मिशन का उद्देश्य भारत में नए सिरे से बनाए गए क्रूज सेक्टर में 4 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन करना हैइस मिशन का उद्देश्य भारत में नए सिरे से बनाए गए क्रूज सेक्टर में 4 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन करना है। मिशन को तीन चरणों में लागू किया जाएगा और इसमें तीन प्रमुख खंड – महासागर और हार्बर क्रूज, नदी और द्वीप क्रूज, द्वीप क्रूज शामिल होंगे। क्रूज भारत मिशन के परिणामस्वरूप भारत में 5,000 किलोमीटर से अधिक परिचालन जलमार्गों पर 1.5 मिलियन से अधिक नदी क्रूज यात्री होंगे।भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, जम्मू-कश्मीर से केरल तक पूरे भारत में अपनी पहुंच का विस्तार कर रहा हैवहीं दूसरी ओर अरुणाचल से गुजरात और जम्मू-कश्मीर से केरल तक पूरे भारत में अपनी पहुंच का विस्तार करते हुए, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, नए आईडब्ल्यूटी टर्मिनलों, फेयरवे, रात्रि परिचालन सहायक सामग्री और लॉक्स के साथ एनडब्ल्यू 1, एनडब्ल्यू 2, एनडब्ल्यू 3 और एनडब्ल्यू 16 को बेहतर बना रहा है।उत्तर प्रदेश की 10 नदियों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गयाआपको बता दें, उत्तर प्रदेश में करीब 30 नदियां हैं, जिनमें से 10 को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने 23 जनवरी, 2025 को वाराणसी में अपने मौजूदा उप-कार्यालय को पूर्ण क्षेत्रीय कार्यालय में उन्नत किया है। आईडब्ल्यूएआई का वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय न केवल गंगा नदी बल्कि उत्तर प्रदेश में इसकी विभिन्न सहायक नदियों और अन्य राष्ट्रीय जलमार्गों पर विकास कार्यों की देखरेख करेगा। इनमें बेतवा, चंबल, गोमती, टोंस, वरुणा और गंडक, घाघरा, कर्मनाशा और यमुना नदियों के कुछ हिस्से शामिल हैं।प्रयागराज में अपने उप-कार्यालय के साथ वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय, उत्तर प्रदेश के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा, मझुआ से वाराणसी एमएमटी (मल्टी-मॉडल टर्मिनल) और आगे प्रयागराज तक 487 किलोमीटर के खंड में कार्यों की देखरेख करेगा।इसके अतिरिक्त विश्व बैंक द्वारा समर्थित जल मार्ग विकास परियोजना (जेएमवीपी) का क्रियान्वयन इसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक होगा। जेएमवीपी का उद्देश्य वाराणसी में पहले से निर्मित एमएमटी के अलावा विभिन्न नदी संरक्षण कार्यों जैसे कि बांध निर्माण और रखरखाव ड्रेजिंग के माध्यम से गंगा नदी, यानी एनडब्ल्यू-1 की क्षमता में वृद्धि करना है ताकि क्रूज पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके और जलमार्ग के साथ सुचारू माल ढुलाई हो सके।वहीं, गंगा नदी के साथ आसान नौवहन की सुविधा के लिए जेएमवीपी के तहत तीन मल्टी-मॉडल टर्मिनल – वाराणसी, साहिबगंज और हल्दिया में एक-एक, साथ ही कालूघाट में एक इंटर-मॉडल टर्मिनल और पश्चिम बंगाल के फरक्का में एक नया नौवहन लॉक बनाया गया है।इसके अलावा, स्थानीय यात्रियों, छोटे और सीमांत किसानों, कारीगरों और मछुआरा समुदायों की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के चार राज्यों में एनडब्ल्यू-1 के साथ 60 सामुदायिक जेटी बनाए जा रहेवहीं दूसरी ओर “हरित नौका दिशा-निर्देशों” के तहत सतत विकास पर जोर देते हुए, प्राधिकरण ने वाराणसी और अयोध्या में इलेक्ट्रिक कटमरैन पेश किए हैं, जबकि मथुरा और गुवाहाटी के लिए छह अन्य निर्धारित किए गए हैं।आईडब्ल्यूएआई भारत के जलमार्गों की क्षमता को सामने ला रहा हैगंगा और ब्रह्मपुत्र पर क्रूज टर्मिनल विकसित करके और नदी पर्यटन को बढ़ावा देकर, आईडब्ल्यूएआई भारत के जलमार्गों की क्षमता को सामने ला रहा है।केंद्र सरकार पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटीय भारत में क्रूज सेवाओं के लिये मांग बढ़ाने के उद्देश्य से गुजरात तीर्थाटन, प्राकृतिक दर्शनीय यात्रा, आयुर्वेद वेलनेस टूर और विरासत पर्यटन पर काम कर रहे हैं।अंडमान, पुडुचेरी और लक्षद्वीप मार्गों पर नये क्रूज पर्यटन टर्मिनल विकसित करने की योजना पर काम जारी है। इसके अतिरिक्त भारत, थाइलैंड और म्यांमार के बीच आवागमन के लिये नौका मार्ग विकसित करने की संभावनाओं का भी अध्ययन जारी है। क्रूज सेवा श्रीलंका के तीन बंदरगाहों, हंबनटोटा, त्रिनकोमाली और कनकेकंतूरी तक जायेगी।एमवी एम्प्रेस से यात्रा करने का पैकेज दो रात, तीन रात, चार रात और पांच रात के लिये होगा। समुद्र में यात्रा के दौरान एमवी एम्प्रेस चेन्नई लौटने से पहले श्रीलंका के तीन बंदरगाहों तक जायेगा।इसके अलावा दिल्ली में यमुना नदी पर क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आईडब्ल्यूएआई और दिल्ली सरकार ने समझौता किया। सोनिया विहार और जगतपुर के बीच के जलमार्ग को क्रूज पर्यटन के लिए विकसित किया जाएगा। क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बिजली सौर हाइब्रिड नावों का परिचालन किया जाएगा।एमवी गंगा विलास क्रूजप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 जनवरी 2023, को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वाराणसी में दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज–एमवी गंगा विलास को झंडी दिखाकर रवाना किया और टेंट सिटी का उद्घाटन किया। उन्होंने 1000 करोड़ रुपये से अधिक की कई अन्य अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया था। आपको बता दें, एमवी गंगा विलास क्रूज को दुनिया के सामने देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए सुसज्जित किया गया है।विश्व विरासत स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों, नदी घाटों, और बिहार में पटना, झारखंड में साहिबगंज, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, बांग्लादेश में ढाका और असम में गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों सहित 50 पर्यटन स्थलों की 51 दिनों की क्रूज यात्रा की योजना बनाई गई है। एमवी गंगा विलास क्रूज 62 मीटर लंबा, 12 मीटर चौड़ा है और आराम से 1.4 मीटर के ड्राफ्ट के साथ चलता है। इसमें तीन डेक हैं, 36 पर्यटकों की क्षमता वाले बोर्ड पर 18 सुइट हैं, जिसमें पर्यटकों के लिए एक यादगार और शानदार अनुभव प्रदान करने के लिए सभी सुविधाएं हैं।आधिकारिक बयान के अनुसार, 2023 में क्रूज जहाजों की संख्या 208 से 2030 तक बढ़कर 500 और 2047 तक 1100 पहुंच जायेगी। इसके साथ ही क्रूज सेवाओं का लाभ उठाने वाले लोगों की संख्या 2030 में 9.5 लाख से बढ़कर 2047 में 45 लाख तक पहुंच जायेगी। -
नई दिल्ली।केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि सरकार कैंसर मरीजों के इलाज को लेकर प्रतिबद्ध है। साथ ही सरकार कैंसर के इलाज तथा रोकथाम के लिए विभिन्न उपायों को लागू कर रही है।
सरकार टर्शरी कैंसर फैसिलिटी स्कीम को मजबूत करने पर काम कर रही हैराज्यसभा में एक लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि सरकार टर्शरी कैंसर फैसिलिटी स्कीम को मजबूत करने पर काम कर रही है। जाधव ने कहा, “इस पहल के तहत 19 राज्य कैंसर संस्थान (एससीआई) और 20 टर्शरी केयर कैंसर केंद्र (टीसीसीसी) को एडवांस डायग्नोस्टिक और इलाज की सुविधाएं देने के लिए मंजूरी दी गई है।”सभी 22 नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों में कैंसर उपचार सुविधाओं को मंजूरी दी गई हैविभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर देखभाल सेवाओं को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में हरियाणा के झज्जर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान और कोलकाता में चितरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का दूसरा परिसर स्थापित किया है। इसके अलावा सभी 22 नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (एम्स) में कैंसर उपचार सुविधाओं को मंजूरी दी गई है, जो कंप्रिहेंसिव डायग्नोस्टिक (संपूर्ण निदान), चिकित्सा और सर्जिकल सेवाएं प्रदान करेंगे।कैंसर का इलाज आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत भी कवर किया जाता हैराज्य मंत्री ने कहा, “सरकार यह सुनिश्चित करती है कि इन अस्पतालों में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए उपचार या तो मुफ्त हो या अत्यधिक सब्सिडी वाला हो, जिससे सभी को आवश्यक स्वास्थ्य सेवा सुलभ हो सके।” इसके अलावा, कैंसर का इलाज आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएमजेएवाई) के तहत भी कवर किया जाता है, जो प्रत्येक परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक की राशि प्रदान करती है।पीएम-जेएवाई योजना में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य कवरेज की सुविधा दी गई हैजाधव ने कहा कि इस योजना से आबादी के निचले 40 प्रतिशत हिस्से के लगभग 55 करोड़ लोगों (12.37 करोड़ परिवार) को लाभ मिलता है। हाल ही में, पीएम-जेएवाई को आय की परवाह किए बिना 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य कवरेज शामिल करने के लिए बढ़ाया गया था।पीएम-जेएवाई योजना में 200 से अधिक पैकेज शामिलजाधव ने कहा, “इस योजना में 200 से अधिक पैकेज शामिल हैं, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य लाभ पैकेज (एचबीपी) के भीतर मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और पैलिएटिव मेडिसिन से संबंधित 500 से अधिक प्रक्रियाओं को शामिल करते हैं।” कैंसर के उपचार को और अधिक सहायता प्रदान करने के लिए, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) की शुरुआत की गई है, जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (पीएमबीजेके) के नाम से समर्पित आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।किफायती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्धमंत्री ने कहा, “फरवरी तक देश भर में कुल 15,057 पीएमबीजेके खोले गए हैं, जो किफायती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराते हैं।” इस योजना में 2,047 प्रकार की दवाइयां और 300 सर्जिकल उपकरण शामिल हैं, जिनमें 87 उत्पाद विशेष रूप से कैंसर के उपचार के लिए उपलब्ध हैं। एक और पहल अफोर्डेबल मेडिसिन एंड रिलायबल इंप्लांट फॉर ट्रीटमेंट ‘अमृत’ भी है, जिसका उद्देश्य कैंसर, हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के लिए सस्ती दवाएं प्रदान करना है।आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की भी स्थापना की जा रहीजाधव ने कहा, “जनवरी तक 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 222 फार्मेसियां हैं, जो कैंसर सहित 6,500 से अधिक दवाइयां बाजार दरों से 50 प्रतिशत तक की छूट पर उपलब्ध करा रही हैं।” आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की भी स्थापना की जा रही है, ताकि कैंसर रोकथाम को बढ़ावा दिया जा सके। -
नई दिल्ली। राजस्थान के अलवर जिले में दुग्ध उत्पादन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बड़े डेयरी प्लांट की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इस हाई-टेक डेयरी प्लांट के लिए 225 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जिससे क्षेत्र के किसानों और दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अलवर के विकास के लिए राज्य और केंद्र सरकार साथ में काम कर रही हैं।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि सांसद के रूप में कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने वाला है। इस दौरान उन्होंने अलवर लोकसभा क्षेत्र के सभी गांवों का दौरा कर विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि लोकसभा क्षेत्र की 391 ग्राम पंचायतों में योजनाबद्ध तरीके से बैठकें की जाएंगी, ताकि हर पंचायत को समान अवसर मिले।उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि कोई एक व्यक्ति बहुत कुछ नहीं कर सकता है, लेकिन एक अच्छी टीम बहुत कुछ कर सकती है। जैसा कि मेरा सौभाग्य है और मुझे अच्छी टीम मिली है, मेरी टीम बढ़िया काम कर रही है। हमने तय किया है कि मार्च में चार-चार पंचायतों को मिलाकर एक कार्यक्रम करेंगे। मेरी लोकसभा क्षेत्र में 391 ग्राम पंचायतें आती हैं।”केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि किसी भी पंचायत में कोई शिकायत न रहे। इसी बहाने हर साल चार ग्रुप बनाकर सभी लोगों से मिलना भी हो जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं यह चाहता हूं कि मुझे पांच साल में अलवर के हर पंचायत के लोगों की सेवा करने का मौका मिले और हर पंचायत के लोगों से मिलूं, उनसे विकास कार्यों पर बात करूं।” उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उन्होंने इलाके में ‘फिट इंडिया कार्यक्रम’ का आयोजन कराया था, जिसमें 16 हजार बच्चों ने भाग लिया था। हम उसे भी जारी रखेंगे। हम चाहते हैं कि गांवों में अच्छी लाइब्रेरी बने। इसके लिए हम काम करेंगे।भूपेंद्र यादव ने कहा कि अलवर में हाई-टेक दूध डेयरी के लिए 225 करोड़ रुपये पास कराए गए हैं। अलवर डेयरी के लिए रिव्यू किया गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री से सवा दो सौ करोड़ रुपये लेकर आए हैं। डेयरी से यहां के लोगों को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि डेयरी बनने से यहां के लोगों को बहुत कुछ सीखने के लिए मिलेगा। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक होगी। -
मथुरा/वाराणसी/संभल, उत्तर प्रदेश के मथुरा में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में फाल्गुन शुक्ल पक्ष की रंगभरनी एकादशी के मौके पर सोमवार को भक्तजनों के साथ टेसू और केसर मिश्रित गीले रंगों की होली की शुरुआत के साथ ही वृंदावन सहित ब्रज के सभी मंदिरों में गीले रंगों की होली खेलने का सिलसिला शुरू हो गया। श्री काशी विश्वनाथ महादेव के दिव्य धाम में भी रंगभरी एकादशी का भव्य आयोजन किया गया। काशीवासी एवं श्रद्धालु श्री काशी विश्वनाथ महादेव एवं मां गौरा को फूलों की पंखुड़ियां, अबीर-गुलाल अर्पित कर आनंदित होते रहे। फूलों से सुसज्जित रजत पालकी पर विराजमान श्री काशी विश्वनाथ महादेव एवं माता गौरा की मनभावन रजत प्रतिमा की शोभायात्रा में शामिल होकर भक्तगण धन्य हो गए। वहीं, संभल में सोमवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच रंग भरी एकादशी का जुलूस निकाला गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में हर जगह शांति व्यवस्था कायम है। रंगभरनी एकादशी के मौके पर बिहारी जी महाराज ने मंदिर के जगमोहन में श्वेत पोशाक धारण कर, रजत सिंहासन पर विराजमान हो सोने-चांदी से बनी पिचकारी से भक्तों संग होली की शुरुआत कर दी। इस परंपरा के निर्वहन के साथ ही बिहारी जी सहित सभी मंदिरों में रंग वाली होली का आगाज हो गया। मंदिर के सेवायत आचार्य प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि रंगभरनी एकादशी पर बिहारी जी के लिए शुद्ध केसर का रंग बनाया जाता है और सेवायत सबसे पहले सोने-चांदी से निर्मित पिचकारी से ठाकुरजी के ऊपर रंग डालते हैं, जिसके बाद होली की परंपरागत शुरुआत होती है। गोस्वामी के अनुसार, अब मंदिर में टेसू के रंग के साथ-साथ चोवा, चंदन और अबीर-गुलाल से होली खेली जाएगी तथा यह सिलसिला पूर्णिमा की शाम तक चलेगा। उन्होंने बताया कि मंदिर की परंपरा के अनुसार यहां ठाकुरजी धुलेंडी वाले दिन भक्तों पर रंग नहीं डालते, बल्कि स्वर्ण सिंहासन पर गुलाबी पोशाक पहनकर राजा के रूप में बैठते हैं और अपने भक्तों को होली खेलते देखते हैं। गोस्वामी के मुताबिक, इसी दिन सुबह मंदिर के सेवायत क्षेत्र में चौपई (भ्रमण) निकालते हैं, जिसके साथ गोस्वामी समाज के लोग समाज गायन (होली के पद) व बधाई गीत गाते चलते हैं। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के साथ ही ठाकुर राधावल्लभ, ठाकुर राधादामोदर, ठाकुर राधा श्याम सुंदर, ठाकुर राधारमण मंदिर, ठाकुर राधा गोपीनाथ, ठाकुर मदन मोहन मंदिर आदि सप्त देवालयों एवं यशोदानंदन धाम, गोदाहरिदेव दिव्य देश आदि मंदिरों में भी टेसू के रंगों का इस्तेमाल शुरू हो गया। मंदिर के सेवायतों ने परंपरानुसार सोने-चांदी की पिचकारी से भक्तों पर टेसू और केसर मिश्रित रंग बरसाया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। चारों ओर लाल, गुलाबी, नीले, पीले रंगों की बौछार से अद्भुत नजारा देखने को मिला। रंगभरनी एकादशी पर हर साल राधावल्लभ मंदिर से निकाली जाने वाली परंपरागत प्रिया-प्रियतम की रंगीली होली शोभायात्रा मंदिर से अपराह्न एक बजे से प्रारंभ हुई और पूरे नगर में भ्रमण करती हुई शाम को मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। शोभायात्रा में प्रिया-प्रियतम के स्वरूप सुसज्जित रथ पर सवार होकर भक्तों संग होली खेलते जा रहे थे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन भी मुस्तैद रहा। पुलिस ने शहर में प्रवेश के हर मार्ग पर तिपहिया और चौपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था, ताकि यातायात सुचारू रहे। इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नगर परिक्रमा की। उधर, वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ महादेव के दिव्य धाम में रंगभरी एकादशी का भव्य आयोजन हुआ और मंदिर न्यास की ओर से परंपरा का निर्वहन करते हुए श्री काशी विश्वनाथ महादेव एवं माता गौरा का शास्त्रोक्त विधि से पूजन अनुष्ठान किया गया। काशी विश्वनाथ मंदिर के जनसंपर्क अधिकारी गजेंद्र ने बताया कि रंगभरी एकादशी उत्सव में महादेव के अनन्य भक्त काशीवासियों और श्रद्धालुओं ने प्रत्येक परंपरा के निर्वहन में अपनी भूमिका निभाई और समारोहपूर्वक विधि-विधान से प्रत्येक परंपरागत अनुष्ठान को संपन्न करने में मंदिर न्यास का पूर्ण सहयोग किया। त्सव में शामिल हुए काशीवासी एवं श्रद्धालु श्री काशी विश्वनाथ महादेव एवं मां गौरा को फूलों की पंखुड़ियां, अबीर-गुलाल अर्पित कर आनंदित होते रहे। गोधूलि बेला में मंदिर चौक से डमरू के गगनभेदी नाद और शंख की मंगल ध्वनि के बीच शास्त्री अर्चन करते हुए श्री विश्वेश्वर महादेव एवं मां गौरा की पालकी यात्रा प्रारंभ की गई। पालकी पर शोभायमान श्री विश्वेश्वर महादेव एवं मां गौरा की प्रतिमा की अद्वितीय आभा ने श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। हर हर महादेव के गगनचुंबी उद्घोष और बम बम भोले के अटूट जयघोष के बीच शोभायात्रा आगे बढ़ती रही। अबीर-गुलाल और फूलों की पंखुड़ियां की वर्षा के बीच देवाधिदेव महादेव एवं माता गौरा की पालकी शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से होते हुए श्री काशी विश्वनाथ महादेव के गर्भगृह पहुंची। गर्भगृह में पहुंचने पर श्री काशी विश्वनाथ महादेव एवं मां गौरा की चल रजत प्रतिमा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। वहीं, संभल में रंग भरी एकादशी पर श्री श्याम सेवा समिति ने आर्य समाज रोड से जुलूस निकाला, जिसमें दर्जनभर से अधिक मनमोहक झांकियां प्रदर्शित की गईं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों सहित भारी मात्रा में पुलिस बल इस जुलूस के दौरान सुरक्षा के लिए मौजूद दिखे। जुलूस में सभी श्रद्धालु गुलाल उड़ाते हुए और रंगों से सराबोर नजर आए। संभल के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीशचंद्र ने बताया कि रंग भरी एकादशी का जुलूस परंपरागत रूप से निकाला जा रहा है और सब जगह शांति व्यवस्था कायम है। उन्होंने कहा कि जुलूस के साथ पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया है । पंडित शोभित शास्त्री ने बताया कि रंग भरी एकादशी पर श्याम बाबा के जुलूस ने ''सब मंगलमय हो'' कामना के साथ गुलाल और रंगों के साथ लोगों को आनंदित किया। उन्होंने कहा कि बाबा श्याम की शोभायात्रा में शामिल होने को लेकर लोगों में भारी उत्साह दिखा। स्थानीय निवासी अजय अग्रवाल ने बताया कि यह जुलूस लगभग 50 वर्षों से निकाला जा रहा है और ऐसी मान्यता है कि रंग भरी एकादशी पर जो भी इस यात्रा में शामिल होता है, उस पर श्याम बाबा की विशेष कृपा होती है।
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बस्ती (उप्र). बस्ती नगर में सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर ट्रक की टक्कर लगने से कार सवार पांच लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना सुबह करीब सात बजे शहर थाना क्षेत्र के गोटवा टाटा एजेंसी के पास हुई। बस्ती से अयोध्या की ओर जा रहा एक ट्रक अचानक लेन बदलने से विपरीत दिशा से आ रही एक कार से टकरा गया। उन्होंने बताया कि इस घटना में कार सवार शिवराज सिंह (30), शकील (25), बिस्वजीत (35), बहारन (32) और कार चालक प्रेम (34) की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की वजह से राजमार्ग की एक लेन पर यातायात बाधित हुआ, लेकिन बाद में उसे बहाल कर दिया गया।
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आगरा .उत्तर प्रदेश के आगरा में भारत और न्यूजीलैंड का मैच देख रहे दयालबाग शिक्षण संस्थान के बीटेक के छात्र सिद्धांत गोविंद की जिले के सिकंदरा में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गयी, वह अपने तीन दोस्तों के संग मैच देखने आया था। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने सोमवार को बताया कि 24 वर्षीय बीटेक छात्र की अज्ञात हमलावरों ने चाकू गोद कर हत्या कर दी। वह अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच देख रहा था। सहायक पुलिस आयुक्त (हरीपर्वत) आदित्य ने बताया कि पीड़ित सिद्धांत गोविंद अपने तीन दोस्तों के साथ जेसीबी ग्राउंड में अपने मोबाइल फोन पर भारत-न्यूजीलैंड मैच देख रहा था। समूह एक छोटी सी पार्टी भी कर रहा था, तभी अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘सिद्धांत को चाकू घोंप दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और मामले की सभी संभावित कोणों से जांच करने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।" पीड़ित के पिता अनिल गोविंद के अनुसार, रविवार शाम को उनके बेटे ने उन्हें फोन किया था ।
उन्होंने बताया, "रात करीब 10 बजे मुझे पुलिस का फोन आया और तब मुझे उसकी हत्या के बारे में पता चला। -
प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन के बाद प्रयागराज मेला प्राधिकरण मेला क्षेत्र की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए नियमित स्वच्छता अभियान चला रहा है। इसी दिशा में सोमवार को सेक्टर-7 में आयोजित व्यापक स्वच्छता अभियान में एनसीसी की यूपी 6 गर्ल्स बटालियन और यूपी नेवल एनसीसी के लगभग 90 कैडेट ने सक्रिय सहभागिता की। आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस अभियान का नेतृत्व सूबेदार मेजर हरविंदर सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल फराह दीबा और पीआई अरविंद कुमार ने किया। कैडेट ने पूरे क्षेत्र में सफाई कार्य करते हुए कचरा संग्रहण एवं निष्पादन सुनिश्चित किया। स्वच्छता अभियान का आयोजन प्रयागराज मेला प्राधिकरण के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी आशुतोष, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता अधिकारी डॉ. विवेक कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। दो घंटे चले इस अभियान में कैडेट ने पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ भाग लिया। समापन के अवसर पर कैडेट को खाद्य पैकेट और जूट एवं कॉटन बैग प्रदान किए गए।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपनी दो दिन की यात्रा पर मॉरीशस पहुंचे, जहां उनका सर शिवसागर रामगुलाम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद यहां राजधानी पोर्ट लुईस में एक अनूठी सांस्कृतिक परंपरा का उदाहरण देखने को मिला, जब बिहारी परंपरा के अनुसार महिलाओं के एक दल ने पारंपरिक लोकगीत गाकर प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।
धन्य है, धन्य है देश हमारा हो, मोदी जी पधारे हैंमहिलाओं ने खुशी के साथ गाया, “धन्य है, धन्य है देश हमारा हो, मोदी जी पधारे हैं। जय मॉरीशस बोलो जय भारत।” यह गीत भारत के भोजपुरी क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, जो मॉरीशस में बसे भारतीय समुदाय द्वारा यहां लाई गई थी।मॉरीशस में पारंपरिक भोजपुरी संगीत शैली ‘गीत गवई’ काफी लोकप्रिय हैमॉरीशस में पारंपरिक भोजपुरी संगीत शैली ‘गीत गवई’ काफी लोकप्रिय है। इसे विशेष मान्यता देते हुए, यूनेस्को ने दिसंबर 2016 में इसे मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया। ‘गीत गवई’ मॉरीशस में भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा बन चुकी है।भारतीय विरासत, संस्कृति और मूल्यों के लिए उनका मजबूत सम्बंध वास्तव में प्रेरणादायक हैइसके बाद पीएम मोदी ने मॉरीशस में अपने स्वागत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। उन्होंने कहा, “मॉरीशस में भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया। भारतीय विरासत, संस्कृति और मूल्यों के लिए उनका मजबूत सम्बंध वास्तव में प्रेरणादायक है। इतिहास और हृदय का यह बंधन पीढ़ियों में पनपता रहता है।”यह यात्रा भारत-मॉरीशस सम्बंधों में एक महत्वपूर्ण कदम हैबता दें कि प्रधानमंत्री मोदी मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के निमंत्रण पर 12 मार्च को राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह यात्रा भारत-मॉरीशस सम्बंधों में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि 2015 के बाद से यह प्रधानमंत्री मोदी की मॉरीशस की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ कई विषयों पर चर्चा करेंगे। वह वहां के अन्य गणमान्य व्यक्तियों से भी मिलेंगे। इसके अलावा, वे भारतीय मूल के लोगों से भी बातचीत करेंगे, जिनका मॉरीशस के समाज और संस्कृति में अहम योगदान है।प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति को भी समर्थन मिलेगाप्रधानमंत्री मोदी के एजेंडे में प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन भी शामिल है। इस यात्रा के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे, जो समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, लघु और मध्यम उद्यमों, और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देंगे। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति को भी समर्थन मिलेगा, जिसका उद्देश्य भारत के पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करना है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को दो दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए मॉरीशस पहुंच चुके हैं, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पीएम की यह दूसरी यात्रा है, इससे पहले वे 2015 में भी मॉरीशस गए थे। पीएम मोदी 12 मार्च को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच गहरे द्विपक्षीय आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनयिक संबंध हैं।
मॉरीशस, जो हिंद महासागर में एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीप राष्ट्र है, भारत का एक करीबी और महत्वपूर्ण पड़ोसी भी है। दोनों देशों के बीच विशेष संबंधों का एक प्रमुख कारण यह है कि मॉरीशस की 70% आबादी भारतीय मूल की है। माॅरीशस कभी फ्रांस का उपनिवेश था, लेकिन बाद में ब्रिटेन के अधीन आ गया। फ्रांसीसी शासन के दौरान (1700 के दशक में), पहली बार भारतीयों को पुदुच्चेरी क्षेत्र से कारीगर और राजमिस्त्री के रूप में मॉरीशस लाया गया था। ब्रिटिश शासन के दौरान, 1834 से 1900 की शुरुआत तक लगभग 5 लाख भारतीय अनुबंधित श्रमिक मॉरीशस पहुंचे, जिनमें से दो-तिहाई ने यहीं बसने का फैसला किया।मॉरीशस का राष्ट्रीय दिवस भी भारत से एक खास जुड़ाव रखता है। 1901 में, महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटते समय कुछ दिनों के लिए मॉरीशस में रुके थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय श्रमिकों को तीन महत्वपूर्ण संदेश -शिक्षा का महत्व, राजनीतिक सशक्तिकरण, और भारत से जुड़े रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। गांधीजी के इन विचारों से प्रेरित होकर मॉरीशस अपना राष्ट्रीय दिवस 12 मार्च को मनाता है, जो संयोग से भारत में ऐतिहासिक डांडी मार्च की वर्षगांठ भी है।भारत ने मॉरीशस के साथ 1948 में ही राजनयिक संबंध स्थापित कर लिए थे, जो उसकी स्वतंत्रता (1968) से भी पहले की बात है। दोनों देशों के बीच संबंध आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित हैं। समुद्री सुरक्षा, विकास परियोजनाएं, तकनीकी सहायता, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में भारत ने मॉरीशस को निरंतर सहयोग दिया है। भारत ने मॉरीशस में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट, वर्ल्ड हिंदी सेक्रेटेरिएट और इंडियन कल्चरल सेंटर जैसे संस्थानों की स्थापना में मदद की है, जो भारतीय संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।भारत हमेशा संकट के समय मॉरीशस का सबसे पहले सहयोग करने वाला देश रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने 13 टन दवाइयां, 10 टन आयुर्वेदिक दवाएं और एक मेडिकल टीम भेजी। जनवरी 2021 में 1 लाख मुफ्त कोविशील्ड वैक्सीन भेजने के अलावा, मॉरीशस को बाद में कोवैक्सिन और कोविशील्ड की अतिरिक्त खेप भी दी गई। वहीं मॉरीशस ने भारत को 200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजे थे। इसी तरह, 2020 में जापानी जहाज वाकाशियो से हुए तेल रिसाव संकट के दौरान भी भारत ने सबसे पहले सहायता भेजी। भारतीय वायुसेना ने 30 टन तकनीकी उपकरण और 10 विशेषज्ञों की एक टीम मॉरीशस भेजी।भारत-माॅरीशस के बीच बढ़ता व्यापारिक संबंधव्यापार और आर्थिक मोर्चे पर, भारत 2005 से मॉरीशस के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक बना हुआ है। 2023-24 में भारत से मॉरीशस को 778.03 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ, जबकि मॉरीशस से भारत को 73.10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का आयात हुआ। भारत से मॉरीशस को मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पाद, दवाइयां, अनाज, कपास और झींगा निर्यात किया जाता है, जबकि मॉरीशस से भारत को वेनिला, चिकित्सा उपकरण और रिफाइंड कॉपर जैसे उत्पाद मिलते हैं। 2000 से अब तक मॉरीशस से भारत में 175 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया है, जिससे यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा निवेशक देश बन गया है। 2021 में भारत और मॉरीशस के बीच CECPA (Comprehensive Economic Cooperation and Partnership Agreement) समझौता हुआ, जो दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मजबूत कर रहा है।मॉरीशस की कई विकास परियोजनाओं में भारत का सहयोगभारत ने मॉरीशस में कई विकास परियोजनाओं में सहायता की है। 2016 में भारत ने 353 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की, जिसके तहत मेट्रो एक्सप्रेस, सुप्रीम कोर्ट बिल्डिंग, नया ENT अस्पताल, सामाजिक आवास परियोजना और डिजिटल टैबलेट योजना जैसी परियोजनाएं शामिल थीं। इसके अलावा, 2017 में भारत ने 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण दिया, जिससे 10 प्रमुख परियोजनाओं को वित्तपोषित किया गया, जिनमें से 7 पहले ही पूरी हो चुकी हैं। भारत की सहायता से सिविल सर्विस कॉलेज, नेशनल आर्काइव्स, पुलिस अकादमी, किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों जैसी परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग में भी भारत ने मॉरीशस को महत्वपूर्ण समर्थन दिया है। मॉरीशस में भारत का सबसे बड़ा सांस्कृतिक केंद्र, इंदिरा गांधी सेंटर फॉर इंडियन कल्चर (IGCIC), स्थापित किया गया है, जहां हर साल 2,500 से अधिक छात्रों को संगीत, कथक, तबला और योग की शिक्षा दी जाती है। ITEC कार्यक्रम के तहत हर साल लगभग 400 मॉरीशियन भारत में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, जबकि ICCR स्कॉलरशिप के माध्यम से 60 छात्रों को भारत में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है। 2007-08 से अब तक आईटीईसी कार्यक्रम के तहत लगभग 4868 मॉरीशसवासियों को प्रशिक्षित किया गया है।भारतीय समुदाय और पर्यटनमॉरीशस में 22,188 भारतीय नागरिक और 13,198 OCI कार्ड धारक रहते हैं। 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यात्रा के दौरान घोषणा की गई कि भारतीय मूल के मॉरीशियनों को 7वीं पीढ़ी तक OCI कार्ड की सुविधा मिलेगी। पर्यटन भी दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हर साल लगभग 80,000 भारतीय मॉरीशस घूमने जाते हैं, जबकि माॅरीशस के 30,000 लोग भारत आते हैं।भारत और मॉरीशस के बीच संबंध ऐतिहासिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत हैं। भारत मॉरीशस के विकास में एक प्रमुख भागीदार बना हुआ है और दोनों देश आने वाले समय में अपनी साझेदारी को और गहरा करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।














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