- Home
- देश
-
नयी दिल्ली. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्रियों ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें बजट तैयार करने और महिला समृद्धि योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव के दौरान महिला समृद्धि योजना के तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने का वादा किया था। एक सूत्र ने बताया, अधिकारियों को पात्रता मानदंड सहित दिशा-निर्देश तैयार करने और अन्य राज्य सरकारों द्वारा शुरू की गई इसी तरह की योजनाओं का तुलनात्मक अध्ययन करने का निर्देश दिया गया।'' बैठक में मुख्यमंत्री को दिल्ली सरकार के बजट की जानकारी दी गई। इस बात पर जोर दिया गया कि लोगों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए धन का कुशलतापूर्वक उपयोग किया जाना चाहिए। बैठक में सड़कों, फ्लाईओवर की मरम्मत और सफाई तथा बरसात के मौसम में जलभराव को रोकने की योजना जैसे अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (आप) ने सत्तारूढ़ भाजपा पर मंत्रिमंडल की पहली बैठक में महिला समृद्धि योजना को मंजूर न करने का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी गुप्ता को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर आप विधायकों के साथ उनसे मिलने का समय मांगा है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश वर्मा ने विभिन्न परियोजनाओं का मुआयना किया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक मिंटो रोड अंडरपास और पुल प्रह्लादपुर जैसे जलभराव वाले करीब दो दर्जन स्थानों को चिह्नित किया गया है। अन्य मंत्रियों ने भी शहर में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने के लिए क्षेत्र का दौरा किया। शिक्षा एवं शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने अपने विभागों का कार्यभार संभाला और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र जनकपुरी के पंखा रोड का दौरा किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सड़कों पर पड़े कूड़े-कचरे को हटवाएं और विधानसभा क्षेत्र में समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें। विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने खजूरी खास चौक का दौरा किया और अधिकारियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के निर्देश दिए।
-
महाकुंभ नगर/ उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को दावा किया कि प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक 60 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गंगा और त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई है।
मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को शाम आठ बजे तक कुल 1.43 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई जबकि 13 जनवरी से अभी तक कुल 60.74 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, एक अनुमान के मुताबिक दुनिया में कुल 120 करोड़ सनातनी हैं, इस लिहाज से महाकुंभ में दुनिया के आधे से अधिक सनातनी गंगा और त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा चुके हैं। 26 फरवरी तक यह संख्या 65 करोड़ से भी ऊपर पहुंच सकती है। महाकुंभ में 73 देशों के राजनयिक और भूटान नरेश नामग्याल वांगचुक समेत विभिन्न हस्तियां स्नान करने पहुंचे। यही नहीं, नेपाल से 50 लाख से अधिक लोग अब तक स्नान कर चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक सर्वाधिक करीब आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर डुबकी लगाई। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ से अधिक और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया। वहीं माघी पूर्णिमा के महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया।
-
महाकुंभ नगर/ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को यहां सपरिवार संगम में डुबकी लगाई। नड्डा के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, प्रदेश के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने भी संगम में स्नान किया।
जेपी नड्डा परिवार समेत शनिवार को प्रयागराज पहुंचे। यहां महाकुम्भ नगर के त्रिवेणी संकुल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके उपरांत सभी नेतागण अरैल घाट से फ्लोटिंग जेटी के जरिए संगम पहुंचे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अपने परिवार के सदस्यों के साथ साइबेरियाई पक्षियों को दाना खिलाया। इसके बाद उन्होंने सबसे पहले भाजपा के नेताओं संग सामूहिक रूप से संगम स्नान किया, तदोपरांत पत्नी एवं परिजनों संग विधि-विधान से संगम में डुबकी लगाई।
स्नान के उपरांत नड्डा परिवार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के अन्य नेताओं ने विधि-विधान के साथ मां गंगा की पूजा अर्चना की। यहां से सभी नेतागण बड़े हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां लेटे हनुमान जी की पूजा-अर्चना की। इसके बाद सभी ने अक्षयवट के भी दर्शन-पूजन किये। आधिकारिक बयान के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष शनिवार को दोपहर में प्रयागराज हवाई अड्डा पहुंचे जहां उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, प्रदेश के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता और फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल ने उनका स्वागत किया। -
नई दिल्ली। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को प्रधानमंत्री के दूसरे प्रधान सचिव (PS-2) के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उस दिन से प्रभावी होगी जब दास कार्यभार ग्रहण करेंगे। पीके मिश्रा पहले से ही प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत हैं। अधिसूचना में कहा गया कि यह नियुक्ति प्रधानमंत्री के कार्यकाल की समाप्ति तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी, जो भी पहले हो।
दास सात दशकों में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले आरबीआई गवर्नर थे और उन्होंने दिसंबर 2024 में अपना दूसरा तीन वर्षीय कार्यकाल पूरा करने के बाद पद छोड़ दिया। वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव रहे संजय मल्होत्रा ने दास की जगह 26वें आरबीआई गवर्नर के रूप में कार्यभार संभाला। आरबीआई में नियुक्ति से पहले, दास आर्थिक मामलों के सचिव और 27 नवंबर 2017 से 11 दिसंबर 2018 तक जी20 के लिए भारत के शेरपा के रूप में कार्य कर चुके हैं।1957 में ओडिशा में जन्मे दास ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक और परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम, यूके से लोक प्रशासन (Public Administration) में परास्नातक भी किया। दास 1980 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुए और तमिलनाडु कैडर में नियुक्त हुए। उन्होंने राज्य सरकार में विभिन्न पदों पर कार्य किया, जिनमें वाणिज्यिक कर आयुक्त और उद्योग विभाग के प्रधान सचिव शामिल थे। इसके बाद, वे केंद्र सरकार में शामिल हुए और वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया।दास को सेंट्रल बैंक रिपोर्ट कार्ड्स 2024 में A+ ग्रेड मिला, जो लगातार दूसरे वर्ष उनकी उत्कृष्टता को दर्शाता है। दास के कार्यकाल के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार सितंबर 2024 के अंत तक 705 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। आरबीआई द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 14 फरवरी 2025 को समाप्त सप्ताह में यह भंडार 635.7 बिलियन डॉलर था।कोरोना महामारी के दौरान उठाए थे बड़े कदमदास को वित्तीय क्षेत्र को सदी की सबसे बड़ी महामारी, कोविड-19, के दौरान स्थिर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय दिया जाता है। आरबीआई द्वारा नीति रेपो दर (Policy Repo Rate) में कटौती करने, वित्तीय क्षेत्र में तरलता (Liquidity) सुनिश्चित करने और ऋण पुनर्भुगतान (Loan Moratorium) पर रोक लगाने जैसे कदमों को समयोचित और आवश्यक माना गया।हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि महामारी के दौरान ब्याज दरों में भारी कटौती के बाद दास ने दरों में बढ़ोतरी में देरी की, जो अंततः 2022 में यूरोप में युद्ध छिड़ने के बाद बढ़ाई गई। 2016 में मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचे (Inflation Targeting Framework) के लागू होने के बाद पहली बार आरबीआई तीन लगातार तिमाहियों तक 6 प्रतिशत से अधिक मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में असफल रहा।दास के कार्यकाल में आरबीआई ने उद्योग की मांगों के बावजूद ब्याज दरों में कटौती नहीं की। उन्होंने 4 प्रतिशत मुद्रास्फीति लक्ष्य के साथ स्थिर संरेखण को सुनिश्चित करने पर जोर दिया।इस महीने की शुरुआत में मल्होत्रा के तहत मौद्रिक नीति समिति (MPC) की पहली समीक्षा बैठक में, लगभग पांच वर्षों के बाद, नीति रेपो दर में 25 आधार अंकों (bps) की कटौती कर इसे 6.25 प्रतिशत कर दिया गया, यह दर्शाते हुए कि मुद्रास्फीति लक्ष्य के साथ अब यह बेहतर मेल खा रही है। -
नई दिल्ली। भारतीय सेना का एक दल शनिवार को भारत-जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म गार्जियन’ में भाग लेने के लिए जापान रवाना हो गया। यह अभ्यास 24 फरवरी से 9 मार्च 2025 तक जापान के ईस्ट फूजी युद्ध प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित होगा। यह जानकारी रक्षा मंत्रालय ने दी। ‘धर्म गार्जियन’ एक वार्षिक सैन्य अभ्यास है जो बारी-बारी से भारत और जापान में आयोजित किया जाता है। इसका पिछला संस्करण फरवरी-मार्च 2024 में राजस्थान में हुआ था। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य शहरी युद्ध और आतंकवाद विरोधी अभियानों में भारत और जापान की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय स्थापित करना है।भारतीय दल में 120 सैनिक शामिल हैं जिनमें से अधिकांश मद्रास रेजिमेंट के जवान हैं। इनके साथ अन्य यूनिट्स के सैनिक भी भाग ले रहे हैं। जापान की ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स (JGSDF) के 34वें इन्फैंट्री रेजिमेंट के समान संख्या में सैनिक इस अभ्यास में शामिल होंगे।
दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त रणनीति, सामरिक अभ्यास रणनीतियों पर देंगी जोरइस दौरान दोनों सेनाएं संयुक्त रणनीति, सामरिक अभ्यास, शारीरिक फिटनेस और आपदा प्रतिक्रिया रणनीतियों पर जोर देंगी। इससे युद्ध कौशल विकसित करने, सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और दोनों सेनाओं के बीच आपसी समन्वय को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास अक्टूबर 2024 में भारत के थलसेना प्रमुख की जापान यात्रा के बाद रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा। भारत और जापान इस अभ्यास के जरिए क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति और स्थिरता के प्रति अपनी साझी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। यह दोनों देशों की मजबूत सैन्य साझेदारी और सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा करेगा। ‘धर्म गार्जियन’ भारत-जापान की दोस्ती और विश्वास का प्रतीक है, जो उनके व्यापक रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाएगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 से 25 फरवरी 2025 तक मध्य प्रदेश, बिहार और असम का दौरा करेंगे। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। पीएम 23 फरवरी को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बागेश्वर धाम मेडिकल और साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट की आधारशिला रखेंगे। 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल होगा जहां गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
इसके बाद, वे भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का उद्घाटन करेंगे। इस दो दिवसीय समिट का उद्देश्य मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसमें फार्मा, लॉजिस्टिक्स, उद्योग, पर्यटन और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इसके अलावा, इस समिट में “ऑटो शो”, “टेक्सटाइल और फैशन एक्सपो” और “वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट” विलेज जैसी प्रमुख प्रदर्शनियों का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और 300 से अधिक उद्योग जगत के प्रमुख शामिल होंगे।प्रधानमंत्री बिहार के भागलपुर में PM-KISAN की 19वीं किस्त करेंगे जारीवहीं 24 फरवरी को प्रधानमंत्री बिहार के भागलपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 19वीं किस्त जारी करेंगे। इससे देशभर के 9.7 करोड़ किसानों को 21,500 करोड़ रुपये की सीधी आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा, वे मोतिहारी में स्वदेशी पशु नस्लों के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का उद्घाटन करेंगे जो पशुपालन में अत्याधुनिक इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक को बढ़ावा देगा। प्रधानमंत्री बरौनी में एक बड़े डेयरी प्लांट का भी उद्घाटन करेंगे जिससे लगभग 3 लाख दूध उत्पादकों को लाभ मिलेगा।इसके साथ ही, वे वॉरिसलीगंज-नवादा-तिलैया रेलवे लाइन दोहरीकरण और इस्माइलपुर-रफीगंज रोड ओवर ब्रिज को राष्ट्र को समर्पित करेंगे जिससे बिहार में रेलवे और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। 24 फरवरी की शाम प्रधानमंत्री असम के गुवाहाटी में “झुमैर बिनंदिनी” (मेगा झुमैर) कार्यक्रम में शामिल होंगे।इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन में 8,000 कलाकार पारंपरिक झुमैर नृत्य प्रस्तुत करेंगे, जो असम की चाय जनजाति और आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। यह आयोजन असम में चाय उद्योग के 200 वर्ष पूरे होने का भी उत्सव मनाएगा। अगले दिन, 25 फरवरी को प्रधानमंत्री गुवाहाटी में “एडवांटेज असम 2.0 इन्वेस्टमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर समिट” का उद्घाटन करेंगे। इस समिट में असम के औद्योगिक विकास, वैश्विक व्यापार और एमएसएमई क्षेत्र पर चर्चा होगी। इसमें 14 थीम सेशन, 7 मंत्री स्तर की बैठकें और 240 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी होगी। -
दिल्ली सरकार में विभागों का बंटवारा किया गया
नयी दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार शाम मंत्रिपरिषद के सदस्यों को विभागों के आवंटन की घोषणा की और उन्होंने वित्त, सेवाएं, सतर्कता, राजस्व, महिला एवं बाल विकास विभाग अपने पास ही रखा है। मुख्यमंत्री के पास कुल 10 विभाग हैं, जो सभी मंत्रियों में सबसे अधिक हैं। उनके पास सामान्य प्रशासन विभाग, भूमि एवं भवन, सूचना एवं जनसंपर्क तथा प्रशासनिक सुधार विभाग भी है। नयी सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद, बतौर मुख्यमंत्री अपने पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि उनके कैबिनेट सहयोगी प्रवेश वर्मा को पीडब्ल्यूडी, जल, विधायी मामले, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण तथा गुरुद्वारा मामलों का भी प्रभार सौंपा गया है। वहीं, आशीष सूद को गृह, बिजली, शहरी विकास और शिक्षा विभाग मिले हैं।
कपिल मिश्रा को कानून एवं न्याय, श्रम एवं रोजगार, कला, संस्कृति, भाषा एवं पर्यटन विभाग दिया गया है जबकि मनजिंदर सिंह सिरसा को उद्योग, वन एवं पर्यावरण तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का मंत्री बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंकज सिंह को स्वास्थ्य, परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का प्रभार दिया गया है, जबकि रवींद्र इंद्राज को सामाजिक कल्याण, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण, सहकारिता विभाग आवंटित किये गए हैं। सामान्य प्रशासनिक विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने विभागों के आवंटन को मंजूरी दे दी है। -
नयी दिल्ली/ दिल्ली के नवगठित मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को अपनी पहली बैठक में राजधानी में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दी, महिला समृद्धि योजना पर चर्चा की और आठवीं विधानसभा के पहले सत्र में कैग की 14 लंबित रिपोर्ट पेश करने का भी निर्णय लिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार ने शहर में स्वास्थ्य योजना लागू नहीं होने दी, जिससे लोगों को इसका फायदा नहीं मिल पाया था। उन्होंने कहा, ‘‘पिछली सरकार ने दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना को रोक दिया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे पूरे देश में लागू किया और अब हमने इसे दिल्ली के लिए मंजूरी दे दी है।'' मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को कुल 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाएगा, जिसमें केंद्र और दिल्ली सरकार 5-5 लाख रुपये का योगदान देंगी। उन्होंने कहा, ‘‘औपचारिकताएं जल्द ही पूरी कर ली जाएंगी और योजना का कार्यान्वयन शीघ्र शुरू हो जाएगा।'' मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल ने नवगठित आठवीं दिल्ली विधानसभा के पहले सत्र में दिल्ली सरकार के प्रदर्शन पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 14 रिपोर्ट पेश करने का निर्णय लिया है, जिन्हें पिछली ‘आप' सरकार ने रोक रखा था। बैठक में दिल्ली की पात्र महिलाओं को 2,500 रुपये मासिक सहायता देने की महिला समृद्धि योजना पर भी चर्चा की गई। यह योजना पांच फरवरी को हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा के चुनावी वादों में से एक थी।
गुप्ता ने कहा कि आगे और विचार-विमर्श की आवश्यकता है, क्योंकि आवेदनों के पंजीकरण की व्यवस्था किए बिना लाभार्थी महिलाओं को भुगतान नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि इन निधियों को कैसे और कहां लगाया जाए, लेकिन इस पर और चर्चा की जरूरत है। इसे बाद में अंतिम रूप दिया जाएगा।'' आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी ने नयी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी ने मंत्रिमंडल की अपनी पहली बैठक में योजना को पारित करने का अपना वादा पूरा नहीं किया। जवाब में, दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आतिशी को इस योजना के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि इसे घोषित योजना के अनुसार लागू किया जाएगा। -
जींद (हरियाणा/ हरियाणा के जींद जिले के एक गांव में 24 वर्षीय एक युवक दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रेखा गुप्ता की जीत और बाद में उनके मुख्यमंत्री बनने के लिए पिछले 22 दिनों से 24 घंटे खड़े होकर लगातार पूजा-अर्चना कर रहा है। गांव के निवासियों ने यह दावा किया है। नंदगढ़ गांव के ग्रामीणों ने कहा कि भगवान ने प्रवीण की प्रार्थना सुन ली और रेखा गुप्ता को दिल्ली की मुख्यमंत्री बना दिया गया। वहीं, प्रवीण ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अगले 19 दिनों तक अपना तप जारी रखेगा और इसके समापन के मौके पर गांव में जागरण (धार्मिक आयोजन) कराया जाएगा। छात्र जीवन से राजनीति में कदम रखने वाली एवं पहली बार की विधायक रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। हरियाणा में जींद के जुलाना क्षेत्र का नंदगढ़ गांव रेखा गुप्ता का पुश्तैनी गांव है।
रेखा के मुख्यमंत्री बनने के बाद नंदगढ़ गांव में उत्सव का माहौल है और लोग एक-दूसरे को मिठाइयां खिला रहे हैं। गांव में प्रवीण पिछले 22 दिनों से एक मंदिर में खड़े होकर प्रार्थना और ध्यान लगाए हुए हैं।
नंदगढ़ के पूर्व सरपंच हरिओम शर्मा ने बताया, प्रवीण न तो बैठता है और न ही लेटता है। वह बमुश्किल कुछ खाता है और बीच-बीच में शौच के लिए जाता है। वह 24 घंटे खड़ा रहता है और उसके पैर और पंजे भी सूज गए हैं।'' शर्मा ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जब शालीमार बाग से रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया था तो प्रवीण ने प्रण लिया था कि वह लगातार प्रार्थना और ध्यान करेंगे जिससे रेखा चुनाव जीत जाएं। उन्होंने बताया कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जब गुप्ता का नाम मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों की चर्चा में आया तो प्रवीण लगातार प्रार्थना करते रहे कि वह मुख्यमंत्री बनें। पूर्व सरपंच ने कहा, ‘‘अब प्रवीण अगले 19 दिनों तक इसी तरह प्रार्थना करते रहेंगे और ईश्वर को धन्यवाद देंगे क्योंकि उनकी प्रार्थनाएं स्वीकार हो गईं।'' प्रवीण ने बताया कि वह पिछले 22 दिनों से खड़े होकर ध्यान कर रहे थे और प्रार्थना कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी प्रार्थनाएं स्वीकार हो गई हैं।'' उन्होंने कहा कि वह 41 दिन पूरे होने तक खड़े रहेंगे।
पूर्व सरपंच शर्मा ने कहा कि गुप्ता का परिवार 1976 में दिल्ली आ गया था। उस समय वह सिर्फ दो साल की थीं। उन्होंने कहा, ‘‘रेखा गुप्ता के पिता जय भगवान जींद के जुलाना के एक बैंक के प्रबंधक थे और बाद में वह दिल्ली चले गए। रेखा गुप्ता के दादा मनी राम की गांव में एक दुकान थी।'' शर्मा ने बताया कि उनके परिवार ने गांव में एक शिव मंदिर का निर्माण कराया था।
शर्मा ने बताया, रेखा गुप्ता कभी-कभी गांव आती थीं। उनके चाचा सुशील कुमार ज्यादातर गांव में ही रहते थे।'' उन्होंने कहा, हमारे गांव से कोई भी विधायक नहीं बन पाया। हम भाजपा को भी धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने उन पर विश्वास जताया और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया।'
-- -
नयी दिल्ली/ छात्र जीवन से राजनीति में कदम रखने वाली एवं पहली बार की विधायक रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और फिर कार्यभार संभालते ही कहा कि वह ‘विकसित दिल्ली' के ‘मिशन' को साकार करने में एक भी दिन बर्बाद नहीं करेगी और नयी सरकार राजधानी की जनता से किए गए सभी वादों को पूरा करेगी। करीब 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी करने वाली भाजपा सरकार में गुप्ता के साथ छह विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। राष्ट्रीय राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) की पूर्व अध्यक्ष रेखा गुप्ता ने दिल्ली की नौवीं मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। साथ ही, आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा, भाजपा का पंजाबी चेहरा आशीष सूद, पार्टी का सिख चेहरा मनजिंदर सिंह सिरसा, कट्टर हिन्दू की छवि वाले कपिल मिश्रा, अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले रविंद्र इंद्राज और पूर्वांचली चेहरा पंकज कुमार सिंह ने नयी मंत्रिपरिषद के सदस्य के रूप में शपथ ली। सिरसा को छोड़कर अन्य सभी मंत्रियों ने हिंदी में शपथ ली।
सुषमा स्वराज, कांग्रेस की शीला दीक्षित और आम आदमी पार्टी की आतिशी के बाद गुप्ता दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री हैं। वह मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज के बाद दिल्ली में भाजपा की चौथी मुख्यमंत्री हैं। इसके साथ ही वह, वर्तमान में भाजपा शासित किसी भी राज्य में एकमात्र महिला मुख्यमंत्री हैं। वर्तमान में, पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद वह देश में दूसरी महिला मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। इनके अलावा चंद्रबाबू नायडू, देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे, अजीत पवार और पवन कल्याण सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी इस समारोह के साक्षी बने। कई रैलियों और विरोध प्रदर्शनों का गवाह रहे रामलीला मैदान में कई गणमान्य हस्तियां और बड़ी संख्या में आम लोग भी उपस्थित थे। समारोह के मद्देनजर मैदान को फूल-मालाओं से सजाया गया था और बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री मोदी के पोस्टर लगाए गए थे। इस मौके पर वहां लोगों को ढोल की थाप पर झूमते-नाचते देखा गया। लोगों के हाथ में भाजपा के झंडे भी थे और वे ‘जय श्री राम' और 'मोदी, मोदी' के नारे लगा रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने रेखा गुप्ता को बधाई दी और विश्वास जताया कि वह पूरी ताकत के साथ दिल्ली के विकास के लिए काम करेंगी। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रेखा गुप्ता जी को दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई। -
महाकुंभ नगर/ महाकुंभ में बृहस्पतिवार को शाम आठ बजे तक 1.28 करोड़ श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में स्नान के साथ ही स्नान करने वालों की कुल संख्या 58 करोड़ से ज्यादा हो गई। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। महाकुंभ मेले के अंतिम चरण के सफल संचालन के लिये प्रदेश सरकार 1200 अतिरिक्त बसें चलाएगी।
सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इन बसों का क्षेत्रवार आबंटन किया गया है ताकि श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि महाशिवरात्रि स्नान एवं 20 से 28 फरवरी, 2025 के लिए 1,200 बसें रिजर्व रखी गई हैं, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा ना हो। इसके अलावा संगम क्षेत्र में 750 शटल बसें पहले से संचालित की जा रही हैं। त्रिवेणी में डुबकी लगाने देश-विदेश से आ रहे करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रतिदिन लगभग 13 हजार क्यूसेक पानी गंगा बैराज से छोड़ा जा रहा है। प्रयागराज के सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता रमेश कुमार सिंह के मुताबिक दिसंबर 2024 से गंगा बैराज से नियमित अंतराल पर पानी छोड़ा जा रहा है। इस बीच, महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की अवधि बृहस्पतिवार को 26 फरवरी (महाशिवरात्रि) तक के लिए बढ़ा दी। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, आवागमन में असुविधा और छात्र हित में 21 फरवरी से 26 फरवरी तक जनपद के ग्रामीण एवं नगर क्षेत्र में स्थित कक्षा एक से आठ तक के समस्त विद्यालयों में कक्षाएं आनलाइन संचालित की जाएंगी। -
देहरादून/ उत्तराखंड में बृहस्पतिवार को ऊंचे पहाड़ी इलाकों हिमपात और निचले इलाकों में रूक-रूक कर हुई बारिश के कारण प्रदेश में ठंड लौट आई। देहरादून में भी बारिश हुई, जिससे मौसम सर्द हो गया।
उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री मंदिर के पुजारी राजेश सेमवाल ने कहा कि गंगोत्री, यमुनोत्री मंदिर और हरसिल में सुबह से शुरू हुआ हिमपात काफी समय तक जारी रहा। यमुनोत्री मंदिर के पुजारी शेखर उनियाल ने बताया कि यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली में भी हिमपात हो रहा है। उन्होंने बताया कि यमुनोत्री मंदिर के आसपास के क्षेत्रों जैसे खरसाली, जानकीचटटी, नारायणपुरी और फूलचटटी में तड़के चार बजे से हिमपात हो रहा है जबकि बड़कोट तहसील क्षेत्र में हल्की बारिश हो रही है । बदरीनाथ, केदारनाथ, नंदादेवी, फूलों की घाटी में भी ताजा हिमपात हुआ है। चोपता और स्की रिजार्ट औली में हुए ताजा हिमपात से पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं । देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार समेत मैदानी इलाकों में दिन भर बादल छाए रहे तथा कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई। - नयी दिल्ली/केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने बुधवार को सौर ऊर्जा परियोजनाओं के साथ ही ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को स्थापित करने को लेकर एक परामर्श जारी किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रिड की दक्षता और स्थिरता को बढ़ाना है। यह परामर्श सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों/सचिव (बिजली/ऊर्जा), केंद्रीय बिजलीघरों और नवीकरणीय ऊर्जा कार्यान्वयन एजेंसियों (आरईआईए) के प्रमुखों को जारी किये गये हैं। भारत ने 2030 तक हरित ईंधन स्रोतों का उपयोग करके 500 गीगावाट बिजली उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सौर और पवन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता है। यह स्थिति ग्रिड स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां पैदा कर सकती है। इसका कारण ऊर्जा के ये स्रोत हर समय एक ही क्षमता के साथ बिजली उत्पादन नहीं करते और संभव है कि उच्च मांग की अवधि के दौरान बिजली उपलब्ध नहीं हो। इस संदर्भ में, सीईए ने कहा कि ग्रिड स्थिरता, विश्वसनीयता और अनुकूलतम ऊर्जा उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ईएसएस) आवश्यक है। भंडारण प्रणाली से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से कम उत्पादन के दौरान की चुनौतियों का समाधान करने में मदद मिल सकती है। यह अधिक भरोसेमंद और स्थिर ग्रिड सुनिश्चित कर सकती है। इसमें कहा गया है कि दिसंबर, 2024 तक ऊर्जा भंडारण प्रणाली की स्थापित क्षमता 4.86 गीगावाट है।केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय विद्युत योजना के अनुसार, 2031-32 तक 364 गीगावाट सौर और 121 गीगावाट पवन क्षमता को एकीकृत करने के लिए, भारत को 73.93 गीगावाट भंडारण क्षमता की आवश्यकता होगी। परामर्श में कहा गया, ‘‘इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, सभी नवीकरणीय ऊर्जा कार्यान्वयन एजेंसियों (आरईआईए) और राज्य बिजली कंपनियों को सलाह दी जाती है कि वे भविष्य के सौर निविदाओं में स्थापित सौर परियोजना क्षमता के 10 प्रतिशत के बराबर (न्यूनतम दो घंटे) की ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ईएसएस) को शामिल करें। इसमें कहा गया, ‘‘यह कदम सौर और पवन ऊर्जा के उत्पादन में निरंतरता की कमी के मुद्दों को कम करने में मदद करेगा और अधिकतम मांग के समय महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान करेगा। सौर परियोजना से बिजली उत्पादन नहीं होने के दौरान भंडारण की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बोली दस्तावेज में एक उपयुक्त अनुपालन व्यवस्था का भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जा सकता है।'' वितरण लाइसेंस लेने वाली कंपनियां छत पर सौर संयंत्रों के साथ दो घंटे के भंडारण को अनिवार्य करने पर भी विचार कर सकती हैं। इससे उपभोक्ता स्तर पर आपूर्ति की विश्वसनीयता में सुधार होगा।
- नयी दिल्ली/ प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने बुधवार को राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) का दौरा किया और देश के सशस्त्र बलों के भावी नेतृत्व को आकार देने में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराया। युद्ध की आकार लेती प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कैडेट से भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी प्रगति, रणनीतिक सोच और अनुकूलनशीलता को अपनाने का आग्रह किया। देहरादून स्थित प्रतिष्ठित सैन्य संस्थान की स्थापना प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के चार साल बाद हुई थी और इसे तत्कालीन प्रिंस ऑफ वेल्स ने 13 मार्च, 1922 को भारत के अपने शाही दौरे के दौरान खोला था। मूल रूप से प्रिंस ऑफ वेल्स रॉयल इंडियन मिलिट्री कॉलेज के रूप में स्थापित संस्थान का नाम स्वतंत्रता के बाद बदलकर राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज कर दिया गया, जो आरआईएमसी नाम से अपनी पहचान रखता है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जनरल चौहान की यात्रा के दौरान उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया। आरआईएमसी के कमांडेंट, संकाय और कैडेट ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैडेट और शिक्षकों से बातचीत की और संस्थान में सावधानीपूर्वक संरचित प्रशिक्षण, शैक्षणिक पाठ्यक्रम और नेतृत्व विकास कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्राप्त की। अपने संबोधन में जनरल चौहान ने प्रतिष्ठित सैन्य अधिकारियों को तैयार करने की आरआईएमसी की विरासत की सराहना की और अनुशासन, अखंडता और राष्ट्र की सेवा के मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने आधुनिक शिक्षा को सैन्य परंपराओं के साथ एकीकृत करने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता की सराहना की। सीडीएस ने सोमनाथ संसाधन केंद्र और संग्रहालय का भी दौरा किया, जो आरआईएमसी के समृद्ध इतिहास और राष्ट्र के लिए इसके पूर्व छात्रों के योगदान को प्रदर्शित करता है। जनरल चौहान ने विभिन्न सैन्य अभियानों में आरआईएमसी-प्रशिक्षित अधिकारियों की भूमिका को दर्शाते हुए प्रदर्शनों में गहरी दिलचस्पी दिखाई। विकास और जुझारूपन के प्रति प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में, सीडीएस ने परिसर में एक पेड़ लगाया।
- महाकुंभ नगर/ मां जानकी के मायके नेपाल में महाकुंभ को लेकर जबरदस्त उल्लास देखा जा रहा है। दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ में अब तक नेपाल से आए 50 लाख से अधिक लोगों ने संगम में डुबकी लगाई है। सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, यहां बड़े हनुमान जी के लिए विशेष रूप से भगवान राम के ससुराल नेपाल से पवित्र अक्षत एवं अन्य सामान लेकर लोग आ रहे हैं और यहां से गंगा जल और संगम की माटी अपने साथ नेपाल ले जा रहे हैं। नेपाली श्रद्धालुओं में बड़े हनुमान मंदिर और अक्षयवट के प्रति अद्भुत आस्था देखने को मिल रही है। नेपाल के लोगों में प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान के साथ साथ अयोध्या में श्री राम और काशी में बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने का भी जुनून तेजी से बढ़ा है। ‘नेपाल एसोसिएशन ऑफ टूर एंड ट्रेवेल्स एजेंट्स' की बांके इकाई के अध्यक्ष श्री राम सिग्देल ने बताया कि नेपाल से विशेष रूप से भगवान श्रीराम के ससुराल जनकपुर से पवित्र अक्षत महाकुंभ में लाया गया है जिसे संगम तट पर स्थित बड़े हनुमान जी को अर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि नेपाल के श्रद्धालुओं ने संगम की रेत और गंगा जल को सबसे अमूल्य धरोहर मानते हुए माथे पर लगाया और वे इसे अपने साथ घर ले गए। सिग्देल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से की गई व्यवस्थाएं अतुलनीय हैं जिससे नेपाल के श्रद्धालुओं को भारत में आने पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उनके अनुसार लोग नेपाल से नए वस्त्र, आभूषण, फल, मेवा, पकवान, धोती-कुर्ता, गमछा आदि भेंट स्वरूप लाए हैं। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण और काशी में विश्वनाथ धाम कॉरिडोर को लेकर नेपाल के श्रद्धालुओं में विशेष आकर्षण बढ़ा है। हर दिन लाखों की संख्या में नेपाल से श्रद्धालु संगम स्नान के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं।
- नयी दिल्ली/ दिल्ली की भावी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा में सदन की नेता चुने जाने के बाद राष्ट्रीय राजधानी के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है और ईमानदारी व समर्पण के साथ काम करने का संकल्प लिया है। गुप्ता ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में उन पर भरोसा जताने के लिए भाजपा नेतृत्व को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, ‘‘दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने और मुझ पर विश्वास जताने के लिए मैं शीर्ष नेतृत्व और दिल्ली की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। इस विश्वास और समर्थन ने मुझे नयी ऊर्जा और प्रेरणा दी है। मैं दिल्ली के प्रत्येक निवासी के कल्याण, सशक्तीकरण और समग्र विकास के लिए पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने का संकल्प लेती हूं। दिल्ली को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए मैं पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।'' गुप्ता को बुधवार शाम भाजपा विधायक दल की बैठक में दिल्ली विधानसभा में सदन का नेता चुना गया।
- भोपाल/ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को घोषणा की कि मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी के जीवन पर आधारित फिल्म ‘छावा' राज्य में कर मुक्त होगी। मुख्यमंत्री यादव ने जबलपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की 395वीं जयंती के अवसर पर यह घोषणा की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज ने तमाम तरह की यातनाएं सहते हुए देश और धर्म के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।'' यादव ने कहा, ‘‘उनके जीवन पर आधारित एक फिल्म ‘छावा' रिलीज हुई है। जब इतनी अच्छी फिल्म बनी है तो हमें उस पर कर क्यों वसूलना चाहिए। मैं घोषणा करना चाहता हूं कि अब से राज्य में फिल्म ‘छावा' कर मुक्त होगी।'' अभिनेता विक्की कौशल, रश्मिका मंदाना और अक्षय खन्ना अभिनीत इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उतेकर ने किया है। कौशल ने फिल्म में छत्रपति संभाजी महाराज की भूमिका निभाई है।
-
नयी दिल्ली/ भारतीय जनता पार्टी की विधायक रेखा गुप्ता दिल्ली की नयी मुख्यमंत्री होंगी। दिल्ली प्रदेश भाजपा कार्यालय में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी विधायक दल की नेता चुना गया। गुप्ता, दिल्ली की शालीमार बाग विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बनी हैं। उनका जन्म हरियाणा में हुआ था और वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी रही हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) की अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से विधि में स्नातक की पढ़ाई की। विधायक दल की बैठक के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने घोषणा की कि रेखा गुप्ता को सर्वसम्मति से विधायक दल की नेता चुना गया है। भाजपा संसदीय बोर्ड ने प्रसाद और राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। गुप्ता के नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं प्रवेश वर्मा, विजेंद्र गुप्ता और सतीश उपाध्याय ने रखा। विधायक दल की बैठक में पार्टी के सभी 48 विधायक मौजूद थे। भाजपा ने अरविंद केजरीवाल नीत आम आदमी पार्टी (आप) के 10 साल के शासन पर विराम लगाते हुए दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में वापसी की है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आठ फरवरी को घोषित होने के 11 दिन बाद यह घोषणा की गई है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी और कमलजीत सेहरावत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि रेखा गुप्ता दिल्ली की नयी मुख्यमंत्री होंगी और वह कल दोपहर 12 बजे शपथ लेंगी। रेखा गुप्ता वर्तमान में भाजपा की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री होंगी। सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और आतिशी के बाद वह दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री होंगी। घोषणा के तुरंत बाद, गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि वह दिल्ली के प्रत्येक नागरिक के कल्याण, सशक्तीकरण और समग्र विकास के लिए पूरी ईमानदारी, निष्ठा व समर्पण के साथ काम करेंगी। गुप्ता ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैं दिल्ली को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं। मुझ पर विश्वास करने और मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए मैं सभी शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। आपके इस भरोसे और समर्थन ने मुझे नयी ऊर्जा दी है, नई प्रेरणा दी है।" गुप्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़ी रही हैं और महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर सक्रिय रहती हैं। -
महाकुंभ नगर/ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या, केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू, शिवसेना सांसद श्रिकांत शिंदे समेत कई नेताओं ने बुधवार को महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, सीतारमण ने त्रिवेणी संगम में स्नान कर इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की। वित्त मंत्री सपरिवार प्रयागराज पहुंची थीं। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने महाकुंभ में स्नान के बाद अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “आज मुझे भारतीय जनता युवा मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ संगम स्नान करने का सौभाग्य मिला। पूरी दुनिया में इस स्तर का आयोजन पहले कभी नहीं हुआ।” केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि वह इस ऐतिहासिक अवसर पर त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए खास तौर पर प्रयागराज आए। उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा आयोजन है जो पीढ़ियों से चला आ रहा है और मुझे महाकुंभ का हिस्सा बनकर बहुत खुशी हो रही है।” शिवसेना सांसद श्रिकांत शिंदे ने कहा, “महाकुंभ में स्नान कर मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। करोड़ों लोग यहां स्नान के लिए आ रहे हैं, और यह अपने आप में एक अद्भुत आध्यात्मिक संगम है/ इस बीच, बुधवार को शाम छह बजे तक महाकुंभ में 1.08 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया।
-
नई दिल्ली/केंद्र सरकार ने पंजाब, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान जारी किया है। ग्रामीण शासन को मजबूत करने के लिए पंजाब को 225 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ को 244 करोड़ रुपये और उत्तराखंड को 93 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिली।
पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार पंजाब के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 225.1707 करोड़ रुपये की अप्रतिबंधित अनुदान (स्थानीय निकायों को उनके क्षेत्र में विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दी जाने वाली धनराशि) की पहली किस्त जारी की गई है। ये धनराशि राज्य की 13144 ग्राम पंचायतों, 146 ब्लॉक पंचायतों और सभी 22 जिला पंचायतों के लिए है।
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान जारी पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान में वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रतिबंधित अनुदानों की 237.1393 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रतिबंधित अनुदानों की पहली किस्त की रोकी गई राशि 6.9714 करोड़ रुपए शामिल है।
आपको बता दें, ये धनराशि राज्य की 11548 ग्राम पंचायतों, सभी 146 ब्लॉक पंचायतों और सभी 27 जिला पंचायतों के लिए है।
वहीं, उत्तराखंड में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अप्रतिबंधित अनुदानों की 93.9643 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी की गई है।
पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों को प्रदान किए गए ये अनुदान जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। -
नई दिल्ली/केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा है कि मोदी सरकार आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए चट्टान की तरह खड़ी है। अमित शाह की अध्यक्षता वाली एक समिति ने 2024 के दौरान अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान से प्रभावित पांच राज्यों को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के तहत 1554.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है।
वर्ष 2024 के दौरान आई बाढ़/अचानक बाढ़, भूस्खलन, चक्रवाती तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए आंध्र प्रदेश, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना और त्रिपुरा को धनराशि मिलेगी। दरअसल केंद्र सरकार का यह कदम, प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले इन पांच राज्यों के लोगों की मदद करने के संकल्प को दर्शाता है
अमित शाह ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए चट्टान की तरह खड़ी है। आज गृह मंत्रालय ने एनडीआरएफ के तहत आंध्र प्रदेश, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना और त्रिपुरा को 1554.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। यह एनडीआर फंड के तहत केंद्र की ओर से 27 राज्यों को जारी की गई 18,322.80 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त है।”
गृह मंत्रालय के अनुसार यह अतिरिक्त सहायता केंद्र द्वारा राज्यों को राज्य आपदा मोचन कोष (SDRF) से जारी की गई धनराशि के अतिरिक्त है, जो पहले से ही राज्यों के पास उपलब्ध है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ में 27 राज्यों को 18,322.80 करोड़ रुपये और एनडीआरएफ से 18 राज्यों को 4,808.30 करोड़ रुपये, राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 14 राज्यों को 2208.55 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF) से 8 राज्यों को 719.72 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
आपको बता दें, केंद्र सरकार ने आपदाओं के तुरंत बाद, औपचारिक ज्ञापन की प्राप्ति की प्रतीक्षा किए बिना, इन राज्यों में अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (IMCTs) को भेज दिया था। -
नई दिल्ली /भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका से जुड़े इसके राज को एक बार फिर सामने लाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने खोज शुरू कर दी है। समुद्र में डूबी भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका के सभी पहलुओं और साक्ष्य जुटाने के लिए एएसआई ने खोज शुरू कर दी है। एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक (पुरातत्व) प्रो. आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में पांच पुरातत्वविदों की एक टीम ने मंगलवार को द्वारका तट पर पानी के नीचे खोज शुरू की। इस टीम में निदेशक (खुदाई एवं अन्वेषण) एचके नायक, सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. अपराजिता शर्मा, पूनम बिंद और राजकुमारी बारबिना ने प्रारंभिक जांच के लिए गोमती क्रीक के पास एक क्षेत्र का चयन किया है।
एएसआई के अनुसार इस अन्वेषण के माध्यम से द्वारका नगरी के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक साक्ष्य जुटाया जाएगा। पानी के अंदर की जा रही खोज भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए एएसआई के मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एएसआई के नवीनीकृत अंडरवाटर पुरातत्व विंग (यूएडब्ल्यू) को हाल ही में द्वारका और बेट द्वारका में अपतटीय सर्वेक्षण और जांच करने के लिए पुनर्जीवित किया गया है। यूएडब्ल्यू 1980 के दशक से पानी के नीचे पुरातात्विक अनुसंधान में सबसे आगे रहा है। 2001 से विंग बंगाराम द्वीप (लक्षद्वीप), महाबलीपुरम (तमिलनाडु), द्वारका (गुजरात), लोकतक झील (मणिपुर) और एलीफेंटा द्वीप (महाराष्ट्र) जैसे स्थलों पर अन्वेषण कर रहा है। इससे पहले अंडरवाटर पुरातत्व विंग ने 2005 से 2007 तक द्वारका में अपतटीय और तटवर्ती खुदाई की थी।
नौसेना और पुरातत्व विभाग की संयुक्त खोज पहले 2005 फिर 2007 में एएसआई के निर्देशन में भारतीय नौसेना के गोताखोरों ने समुद्र में समाई द्वारिका नगरी के अवशेषों के नमूनों को सफलतापूर्वक निकाला। वर्ष 2005 में नौसेना के सहयोग से प्राचीन द्वारिका नगरी से जुड़े अभियान के दौरान समुद्र की गहराई में कटे-छंटे पत्थर मिले और लगभग 200 नमूने एकत्र किए गए। गुजरात में कच्छ की खाड़ी के पास स्थित द्वारका नगरी समुद्र तटीय क्षेत्र में नौसेना के गोताखोरों की मदद से पुरा विशेषज्ञों ने व्यापक सर्वेक्षण के बाद समुद्र के भीतर उत्खनन कार्य किया गया और वहां पड़े चूना पत्थरों के खंडों को भी ढूंढ निकाला।
पुरातत्वविद् प्रो. एसआर राव और उनकी टीम ने 1979-80 में समुद्र में 560 मीटर लंबी द्वारिका की दीवार की खोज की। उस दौरान उन्हें वहां पर बर्तन भी मिले, जो 1528 ईसा पूर्व से 3000 ईसा पूर्व के हैं। इसके अलावा सिन्धु घाटी सभ्यता के भी कई अवशेष उन्होंने खोजे। उस जगह पर भी उन्होंने खुदाई में कई रहस्य खोले, जहां पर कुरुक्षेत्र का युद्ध हुआ था। -
नई दिल्ली/केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने मंगलवार को जल सुरक्षा पर दूसरे राज्य जल मंत्रियों की बैठक का उद्घाटन किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है। इस मिशन के तहत अब 25 लाख महिलाओं को पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया है। ये महिलाएं फील्ड टेस्टिंग किट्स का उपयोग कर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि उनके गांवों में पहुंचने वाला पानी सुरक्षित और स्वच्छ हो। इसके अलावा, नल से पानी मिलने से महिलाओं का हर दिन करीब 5.5 करोड़ घंटे बच रहा है जिससे वे आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों में भाग ले सकती हैं।
बैठक में केंद्रीय मंत्री पाटिल ने जल जीवन मिशन (JJM) की उपलब्धियों पर जोर दिया और सरकार की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि हर ग्रामीण घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह मिशन तेजी से सफल हो रहा है और अब तक 80% ग्रामीण परिवारों को नल के पानी की सुविधा मिल चुकी है। इससे 15 करोड़ से अधिक परिवारों को साफ पानी मिल रहा है।
जल जीवन मिशन का स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक इस पहल से डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों से होने वाली 4 लाख मौतों को रोका गया है। इसके अलावा, स्वास्थ्य पर खर्च कम होने से ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर भी सुधरा है।
सी. आर. पाटिल ने यह भी बताया कि “जल सुरक्षा, विकसित भारत @ 2047 का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।” सरकार और समुदाय की भागीदारी से जल जीवन मिशन को सफल बनाकर हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। -
नई दिल्ली/ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों के ज्यादा सेवन को लेकर चेतावनी जारी की है। इसको लेकर भारत के कुछ एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि अल्कोहल के अत्यधिक सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। डब्ल्यूएचओ अल्कोहल को एक विषैला, मनोवैज्ञानिक और लत पैदा करने वाला पदार्थ मानता है, जिसे इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) ने दशकों पहले ग्रुप 1 कार्सिनोजेन के रूप में वर्गीकृत किया था। इसका मतलब है कि यह पदार्थ कैंसर पैदा करने के सबसे बड़े खतरों में से एक है, जैसे एस्बेस्टस, रेडिएशन और तंबाकू।
डॉ. पुनीत गर्ग ने बताया कि अल्कोहल के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ता है
नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के वैस्कुलर इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट और एंडोवैस्कुलर सर्जन डॉ. पुनीत गर्ग ने बताया कि अल्कोहल के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ता है और यह 20 से अधिक प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है। अल्कोहल से होने वाले आम कैंसरों में मुंह, गला, भोजन नली, पेट, बृहदान्त्र, मलाशय और अग्न्याशय के कैंसर शामिल हैं। इसके अलावा, अल्कोहल महिलाओं में स्तन कैंसर और पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का भी कारण बनती है।
भारत में अल्कोहल के बढ़ते सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ा
ओडिशा के भुवनेश्वर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सहायक प्रोफेसर डॉ. ताराप्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि भारत में अल्कोहल के बढ़ते सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ा है। अल्कोहल चयापचय (मेटाबॉलिज्म) के दौरान एसिटेल्डिहाइड (एक जहरीला यौगिक जो डीएनए और प्रोटीन को नुकसान पहुंचा सकता है) में बदल जाती है। ये डीएनए और प्रोटीन को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) होता है और कैंसर का विकास शुरू होता है। इसके अलावा, अल्कोहल शरीर के आवश्यक पोषक तत्वों जैसे फोलेट, विटामिन ए, सी, डी और ई को अवशोषित करने की क्षमता को बाधित करती है, ये स्वस्थ कोशिकाओं को बनाए रखने और कैंसर को रोकने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
अल्कोहल एक प्रसिद्ध कार्सिनोजेन
अल्कोहल को एक प्रसिद्ध कार्सिनोजेन माना जाता है, जो वैश्विक स्वास्थ्य पर बड़ा असर डालता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनिया भर में कैंसर के मामलों का लगभग 4 प्रतिशत अल्कोहल के सेवन के कारण होता है। हाल ही में लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया है कि भारत में 2020 में लगभग 62,100 नए कैंसर के मामले अल्कोहल के सेवन से संबंधित थे।
अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति मादक पेय पदार्थों पर कैंसर की चेतावनी देने की सिफारिश की
इसके अलावा, अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति ने स्तन, यकृत और बृहदान्त्र के कैंसर को रोकने के लिए मादक पेय पदार्थों पर कैंसर की चेतावनी देने की सिफारिश की है। इससे उपभोक्ताओं को इसके सेवन को लेकर निर्णय लेने में मदद मिल सकती है और अल्कोहल से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ सकती है।
अल्कोहल का नियमित सेवन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर करता है
विशेषज्ञों का कहना है कि अल्कोहल का नियमित सेवन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर करता है, जिससे कैंसर कोशिकाओं की पहचान और उनका नाश करने की क्षमता घट जाती है। अल्कोहल का सेवन कई प्रकार के कैंसर से जुड़ा हुआ है, जिनमें से प्रत्येक का प्रारंभिक संकेत अलग हो सकता है। मुंह में लगातार छाले, बिना किसी कारण के रक्तस्राव, गाल में गांठ या मोटा होना, निगलने में कठिनाई या गले में खराश जो ठीक नहीं होती, ये मुंह और गले के कैंसर के संकेत हो सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को एसोफैजियल कैंसर होता है, तो उसे निगलने में कठिनाई, सीने में तकलीफ, वजन कम होना, पुरानी खांसी या स्वर बैठना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लीवर कैंसर में पेट में सूजन, पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना), बिना किसी कारण के वजन कम होना, भूख न लगना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर का जल्दी पता लगाना बेहद महत्वपूर्ण है
स्तन कैंसर के लक्षणों में स्तन या बगल में गांठ, स्तन के आकार में बदलाव, त्वचा में गड्ढे या निप्पल से स्राव होना शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर का जल्दी पता लगाना बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि समय पर इलाज से इसके परिणामों में सुधार हो सकता है। उन्नत उपचारों के साथ, जल्दी पहचान होने पर इलाज और बचने की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। लेकिन अगर कैंसर का पता देर से चलता है और इसे अनदेखा किया जाता है, तो यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है, जिसे मेटास्टेसिस कहा जाता है। इन मेटास्टेसिस को सर्जरी और कीमोथेरेपी से निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है।
अल्कोहल का सेवन कम करने से कैंसर के विकास के जोखिम को कम किया जा सकता है
डॉ. गर्ग ने कहा कि उन्नत चरणों में, कैंसर कोशिकाएं शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर करती हैं और मस्तिष्क, यकृत, हृदय, गुर्दे और फेफड़ों जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए, विशेषज्ञों ने नियमित जांच और उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों के लिए चिकित्सा पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। वहीं, त्रिपाठी ने कहा कि अल्कोहल का सेवन कम करने से कैंसर के विकास के जोखिम को कम किया जा सकता है।
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि अल्कोहल का सेवन किसी भी मात्रा में सुरक्षित नहीं है, क्योंकि सीमित मात्रा में भी अल्कोहल का सेवन कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। -
नई दिल्ली /देश के नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को कार्यभार संभाला। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए पहला कदम मतदान है। इसलिए भारत का हर नागरिक जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, उन्हें मतदाता जरूर बनना चाहिए और मतदान जरूर करना चाहिए। भारत के संविधान, चुनावी कानूनों, नियमों और उसमें जारी निर्देशों के अनुसार चुनाव आयोग मतदाताओं के साथ था, है और रहेगा।
सीईसी ने युवा मतदाताओं से खास अपील की
आज सुबह ज्ञानेश कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार ग्रहण किया। इसके बाद सीईसी ने युवा मतदाताओं से खास अपील की। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी मतदान है, इसलिए जो 18 साल की आयु पार कर चुका है, उसे मतदान करना चाहिए।
बता दें कि 17 फरवरी को चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नया मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) नियुक्त किया गया। कानून मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी की चयन समिति ने इस संबंध में दिल्ली में बैठक की थी, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के उत्तराधिकारी के तौर पर ज्ञानेश कुमार को चुना गया।
हरियाणा के मुख्य सचिव विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया
वहीं, हरियाणा के मुख्य सचिव विवेक जोशी को ज्ञानेश कुमार की पदोन्नति के बाद चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किए गए सुखबीर सिंह संधू अपने पद पर बने रहेंगे।
राजीव कुमार ने भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्य किया
इस बीच, निवर्तमान सीईसी राजीव कुमार, जिन्होंने भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्य किया। उन्होंने चुनाव आयोग को “लोकतंत्र की पूजा का स्थान” बताते हुए मंगलवार को पद छोड़ दिया। उन्होंने संस्थान के भविष्य और नई टीम के नेतृत्व पर भरोसा जताया। चुनाव आयोग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार राजीव कुमार 1 सितंबर, 2020 को चुनाव आयुक्त के रूप में ईसीआई में शामिल हुए और 15 मई, 2022 को उन्होंने सीईसी के रूप में कार्यभार संभाला था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संरचनात्मक, तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्रों में मौन लेकिन गहन सुधार लागू किए।
कौन हैं ज्ञानेश कुमार ?
आपको बता दें, केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार तीन सदस्यीय पैनल के दो आयुक्तों में से वरिष्ठ हैं, जिसका नेतृत्व राजीव कुमार ने किया था। पैनल के दूसरे आयुक्त उत्तराखंड कैडर के अधिकारी सुखबीर सिंह संधू हैं।
ज्ञानेश कुमार 1988 केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले वह संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं। गृह मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
जम्मू-कश्मीर मामलों को संभालने में ज्ञानेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका
गौरतलब हो, जम्मू-कश्मीर मामलों को संभालने में ज्ञानेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जब 2019 में अनुच्छेद 370 को अप्रभावी घोषित किया गया था, तब वह गृह मंत्रालय में जम्मू-कश्मीर डेस्क के प्रभारी थे।
उन्होंने केरल में विभिन्न पदों पर भी काम किया है, जिनमें एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर और केरल राज्य सहकारी बैंक के एमडी के पद शामिल हैं।
उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है और आईसीएफएआई से बिजनेस फाइनेंस तथा हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पर्यावरण अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है।उन्होंने 15 मार्च, 2024 को चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला और वे उत्तराखंड कैडर के सुखबीर संधू के साथ चयन पैनल द्वारा नियुक्त दो आयुक्तों में से एक थे।
नए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल 26 जनवरी 2029 को समाप्त होगा। उनकी देखरेख में इस साल के अंत में बिहार विधानसभा चुनाव और अगले साल बंगाल, असम और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव होंगे।



























