- Home
- देश
- हल्द्वानी/ एक सादगीपूर्ण लेकिन जीवंत समारोह के साथ 38वें राष्ट्रीय खेलों का शुक्रवार को समापन हो गया जिसमें मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोहराया कि भारत 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने अगले मेजबान मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को ध्वज सौंपने से पहले खेलों के समापन की घोषणा की। शाह ने अपने संबोधन में 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं आज यह कह सकता हूं कि खेलों में भारत का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। हम 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, जब यहां ओलंपिक होंगे तो हमारे खिलाड़ी पदक जीतेंगे और तिरंगे का परचम लहरायेंगे । अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ओलंपिक 2036 के मेजबान पर फैसला अगले साल से पहले नहीं लेगी ।शाह ने यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में आयोजित समारोह में कहा, ‘‘देव भूमि न केवल राष्ट्रीय खेलों के कारण, बल्कि खेलों में अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और खेलों की सफल मेजबानी के कारण खेल भूमि में बदल गई है। उन्होंने कहा, मैंने यहां देखा कि राष्ट्रीय खेलों के दौरान बनाए गए कुछ रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं।शाह और धामी के अलावा जिन अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने समापन समारोह में भाग लिया उनमें केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, मेघालय के मुख्यमंत्री कोंगकल संगमा, उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य, दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम और ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग शामिल हैं। शाह ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत खेलों में और प्रगति करेगा । उन्होंने खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार देश में खेलों का इकोसिस्टम और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार कर रही है । उन्होंने कहा,जब मोदीजी 2014 में प्रधानमंत्री बने थे तब हमारा खेलों का बजट 800 करोड़ रूपये था जो अब 3800 करोड़ रूपये हो गया है । इससे साबित होता है कि मोदी सरकार खेलों को लेकर कितनी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में 15 पदक जीते थे लेकिन अब यह आंकड़ा 26 हो गया है । इसी तरह 2014 में एशियाई खेलों में 57 और 2023 में 107 पदक जीते । मांडविया ने कहा,, ‘‘उत्तराखंड ने देश को बताया है कि यह सिर्फ देवभूमि नहीं बल्कि खेलभूमि भी है। राज्य ने सुनिश्चित किया कि खेलों के दौरान किसी भी खिलाडी को कोई कठिनाई न हो। यह भारत के खेल केंद्र बनने की शुरुआत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह 2036 तक भारत के ओलंपिक खेलों में शीर्ष 10 देशों में शामिल होने की शुरुआत है। देश में अब एक खेल पारिस्थितिकी तंत्र है। यह खेल सहित हर पहलू में आगे बढ़ रहा है।'' इस अवसर पर उषा ने कहा, ‘‘सफर यहीं खत्म नहीं होता, यह भारतीय खेलों के लिए सिर्फ शुरुआत है।यहां राष्ट्रीय खेलों की शुरुआत 28 जनवरी को हुई थी जिसमें सेना खेल संवर्धन बोर्ड (एसएससीबी) कुल 121 पदक (68 स्वर्ण, 26 रजत, 27 कांस्य) के साथ पिछले छह राष्ट्रीय खेल में पांचवीं बार पदक तालिका में शीर्ष पर रहा। महाराष्ट्र ने 198 (54 स्वर्ण, 71 रजत, 73 कांस्य) के साथ सेना से अधिक पदक जीते लेकिन कम स्वर्ण पदक जीतने के कारण वह दूसरे स्थान पर रहा। यहां तक कि हरियाणा को 153 (48 स्वर्ण, 47 रजत, 58 कांस्य) के साथ सेना से अधिक पदक मिले, लेकिन उसे तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। मेजबान उत्तराखंड 24 स्वर्ण, 35 रजत और 44 कांस्य सहित कुल 103 पदकों के साथ सातवें स्थान पर रहा।
- महाकुंभनगर. तीर्थराज प्रयागराज की धरती ना केवल भव्य महाकुंभ रूप में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर का साक्षात्कार कर रही है, बल्कि संगमनगरी विश्व रिकॉर्ड का भी साक्षी बनने जा रही है। एक बयान में इसकी जानकारी दी गयी है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, महाकुंभ में शुक्रवार को 50 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम और गंगा में स्नान के विश्व रिकॉर्ड के साथ ही स्वच्छता की दिशा में भी एक अनूठा रिकॉर्ड बनने जा रहा है। इसके तहत, 300 से अधिक स्वच्छताकर्मियों ने शुक्रवार को एक साथ अलग-अलग घाटों पर गंगा की सफाई की। स्वच्छता के विश्व रिकॉर्ड के लिए मेला प्राधिकरण की ओर से सभी निर्धारित प्रक्रिया को अपनाया गया। अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि इस पूरी प्रक्रिया का सत्यापन करेंगे और इस रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के बाद इसका प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद यह अपने आप में एक अनूठा रिकॉर्ड होगा, जहां एक साथ इतने सफाई कर्मियों ने अलग-अलग घाटों पर आधे घंटे से ज्यादा समय तक घाटों पर सफाई का अभियान चलाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार, प्रयागराज में जारी महाकुंभ की वैश्विक छवि को देखते हुए सरकार ने नदी की सफाई को लेकर जन जागरुकता अभियान छेड़ा हुआ है जिसकी वजह से महाकुंभ में आ रहे करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन, निर्मल और स्वच्छ जल में स्नान कर रहे हैं। मेला प्राधिकरण की विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) आकांक्षा राना ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर गंगा नदी पर बने तीन घाटों (राम घाट, भारद्वाज घाट और गंगेश्वर घाट) पर एक साथ गंगा सफाई अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि आधे घंटे से अधिक समय तक चले इस अभियान के माध्यम से नदी और घाटों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूकता का भी प्रसार किया गया। इस अभियान में 300 से ज्यादा सफाई कर्मी शामिल हुए। इस तरह का अभियान पहली बार चलाया गया है। आकांक्षा राना ने बताया कि इस अभियान को देखने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई, जिसे देखने और सत्यापन करने के बाद इस रिकॉर्ड को मान्यता दी जाएगी।
- शाजापुर, मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में एक महिला ने अपने प्रेमी और एक सहयोगी के साथ कथित तौर पर अपने पति की हत्या कर दी। यह जानकारी शुक्रवार को एक पुलिस अधिकारी ने दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना बुधवार को मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र के फरत खेड़ी गांव में हुई।पुलिस अधीक्षक यशल सिंह राजपूत ने संवाददाताओं को बताया, "आरोपी ममता ने अपने पति मुकेश मालवीय (38) की हत्या करने के इरादे से अपने घर का दरवाजा खुला छोड़ दिया, ताकि उसका प्रेमी आरोपी राहुल मालवीय और उसका दोस्त आरोपी सुनील मालवीय अंदर आ सकें। उन्होंने मुकेश का गला रेत दिया।" एसपी ने बताया, "हत्या करते समय आरोपी राहुल मालवीय की एक उंगली कट गई थी, जो घटनास्थल पर पड़ी हुई थी। साइबर सेल और एक मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर तीनों आरोपी ममता, राहुल और सुनील को उसी रात गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
- मनाली. अभिनेत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद कंगना रनौत ने वैलेंटाइन डे के मौके पर मनाली में अपना कैफे ‘द माउंटेन स्टोरी' खोला। कंगना ने मेहमानों को अपने संदेश में कहा, ‘‘मेरे बचपन का सपना ‘द माउंटेन स्टोरी' अब साकार हो गया है। यह कैफे सिर्फ खानपान की जगह नहीं है; यह एक प्रेम कहानी है- मेरी मां की रसोई की महक और इन पहाड़ों की शांत सुंदरता को समर्पित।'' उन्होंने कहा कि इसकी व्यंजन सूची में मौजूद हर व्यंजन को स्थानीय स्तर पर ताजी सामग्री का इस्तेमाल करके सावधानी से बनाया गया है। मनाली से लगभग चार किलोमीटर दूर प्रीणी गांव में मनाली-नग्गर मार्ग पर स्थित यह कैफे, हिमाचली व्यंजन को परोसता है। दो मंजिला कैफे का निर्माण 2020 में शुरू हुआ था। कैफे के वास्तुकार दुनी चंद ने बताया कि इसे स्थानीय काष्ठकुणी शैली में बनाया गया है। काष्ठकुणी वास्तुकला की एक पारंपरिक शैली है जिसमें हिमाचल प्रदेश में संरचनाओं के निर्माण के लिए लकड़ी और पत्थर की परतों का उपयोग किया जाता है।
- महाकुंभ नगर . प्रयागराज में 13 जनवरी से प्रारंभ हुए महाकुंभ में गंगा और त्रिवेणी संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। मेला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक अकेले शुक्रवार के दिन शाम छह बजे तक 92.84 लाख लोगों ने महाकुंभ में स्नान किया और अभी तक कुल 50.20 करोड़ से अधिक लोग डुबकी लगा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘भारत की आध्यात्मिकता, एकात्मता, समता और समरसता के जीवंत प्रतीक महाकुंभ 2025, प्रयागराज में अब तक पावन त्रिवेणी में 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।” उन्होंने कहा, “भारत की कुल जनसंख्या में 110 करोड़ नागरिक सनातन धर्मावलंबी हैं और उसमें से 50 करोड़ से अधिक नागरिकों द्वारा संगम में पवित्र स्नान उत्कृष्ट मानवीय मूल्यों की श्रेष्ठतम अभिव्यक्ति महान सनातन के प्रति दृढ़ होती आस्था का परिचायक है।” मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वास्तविक अर्थों में भारत की लोक आस्था का यह अमृतकाल है। एकता और आस्था के इस 'महायज्ञ' में पवित्र स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त करने वाले सभी पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन!'' उन्होंने कहा, “मानवता के इस महोत्सव के सकुशल आयोजन में सहभागी महाकुंभ मेला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वच्छताकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं धार्मिक संस्थाओं, नाविकों तथा महाकुंभ से जुड़े केंद्र व प्रदेश सरकार के सभी विभागों को हृदय से साधुवाद तथा प्रदेश वासियों को बधाई! भगवान तीर्थराज प्रयाग सभी की मनोकामना पूर्ण करें। '' सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में 45-50 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई थी और मेला संपन्न होने में अभी 12 जिन शेष हैं और मुख्यमंत्री का यह अनुमान 12 दिन पहले ही पूरी हो गई। इसमें कहा गया कि ऐसे में अब अनुमान है कि 26 फरवरी को अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि तक यह संख्या 55-60 करोड़ पहुंच सकती है। अब तक सर्वाधिक आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था। एक फरवरी और 30 जनवरी को दो-दो करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया जबकि माघी पूर्णिमा के महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बयान में दावा किया कि यह मानव इतिहास में किसी भी धार्मिक, सांस्कृतिक या सामाजिक आयोजन के लिहाज से 'सबसे बड़ा जनसमूह' है। प्रदेश सरकार के अनुसार ‘‘अमेरिका, रूस, इंडोनेशिया, ब्राजील, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों की आबादी 50 करोड़ से कम है।'' सरकार ने कहा, ''केवल भारत और चीन की आबादी ही महाकुंभ में आ चुके श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में ज्यादा है। इसके विपरीत अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और ब्राजील जैसे देश काफी पीछे हैं।'' अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के अनुसार, दुनिया के शीर्ष 10 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में भारत (एक अरब 41 करोड़ 93 लाख 16 हजार 933), चीन (एक अरब 40 करोड़ 71 लाख 81 हजार 209), अमेरिका (34 करोड़, 20 लाख 34 हजार 432), इंडोनेशिया (28 करोड़, 35 हजार 87 हजार 097), पाकिस्तान (25 करोड़ 70 लाख 47 हजार 044), नाइजीरिया (24 करोड़ 27 लाख 94 हजार 751), ब्राजील (22 करोड़, 13 लाख 59 हजार 387), बांग्लादेश (17 करोड़ एक लाख 83 हजार 916), रूस (14 करोड़, एक लाख, 34 हजार 279) और मेक्सिको (13 करोड़ 17 लाख 41 हजार 347) शामिल हैं।
- बिजनौर (उप्र) .शादी में जाने को लेकर हुए विवाद के बाद पति के नशे में धुत होने से क्षुब्ध पत्नी ने कथित तौर पर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बाद पत्नी की मौत से आहत पति ने भी कथित तौर पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस ने बताया कि यहां एक दंपति ने कथित तौर पर शादी में शामिल होने को लेकर हुए विवाद के बाद अपनी जान दे दी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राम अर्ज ने बताया कि ककराला गांव के रोहित (26) को परिवार के साथ शादी में जाना था। अर्ज ने बताया कि रोहित की पत्नी पार्वती (24) उसे तैयार होने के लिए कह रही थी, लेकिन रोहित बाहर चला गया और नशे में धुत होकर लौटा। उन्होंने कहा कि पति के व्यवहार से व्यथित होकर पार्वती ने छत की कुंडी के सहारे लगाए गए फंदे से लटककर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। एएसपी ने बताया कि रोहित को जब अपनी पत्नी की मौत की खबर मिली तो उसने भी मिर्जापुर बेला रेलवे फाटक के पास ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। एएसपी ने बताया कि घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हालिया ‘परीक्षा पे चर्चा' एपिसोड में शीर्ष पोषण विशेषज्ञों ने स्कूली छात्रों को पर्याप्त नींद लेने, घर का बना भोजन खाने और तनाव से बचने के लिए ज्यादा खाने से परहेज करने जैसे मंत्र साझा किए। पोषण एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों शोनाली सभरवाल, रुजुता दिवेकर और रेवंत हिमतसिंगका ने ‘परीक्षा पे चर्चा' के एक विशेष सत्र के दौरान स्वास्थ्यकर आहार की आदतों के महत्व और अकादमिक सफलता में अच्छी नींद की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। ‘परीक्षा पे चर्चा' के वार्षिक कार्यक्रम के प्रारूप में प्रधानमंत्री ने इस बार बदलाव किया है। उन्होंने इस बार अधिक अनौपचारिक संवाद को प्राथमिकता दी और उन्हें बातचीत के लिए दिल्ली की प्रतिष्ठित सुंदर नर्सरी में ले गए। मुक्केबाज एम सी मैरी कॉम और आध्यात्मिक नेता सद्गुरु जग्गी वासुदेव जैसी प्रख्यात हस्तियों ने विभिन्न एपिसोड में जीवन और सीखने के प्रमुख पहलुओं पर अपने अनुभव और ज्ञान साझा किए। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने बुधवार को अवसाद के साथ अपने संघर्ष के बारे में खुलकर बात करते हुए तनाव प्रबंधन के गुर साझा किए। मैक्रोबायोटिक न्यूट्रिशनिस्ट और लेखक सभरवाल ने कहा, ‘‘घर का बना खाना सबसे अच्छा है (तनाव कम करने के लिए)... बाजरा और ब्राउन राइस को आहार में शामिल किया जा सकता है। संतुलित भोजन करना चाहिए। बाजरा लगभग आठ घंटे तक आपका पेट भरा रख सकता है।'' दिवेकर ने कहा कि परीक्षा के दौरान उन चीजों को खाना ठीक है जिनसे बेहतर महसूस होता हो लेकिन तनाव से निपटने के लिए उन्होंने अत्यधिक खाने से बचने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, ‘‘इनमें विशेष रूप से जंक फूड, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और चीनी शामिल हैं।''‘लेबल पढ़ेगा इंडिया' पहल के बारे में हिमतसिंगका ने कहा कि यह विचार उन चीजों के बारे में जानना है जिनका लोग उपभोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारत में हर व्यक्ति लेबल पढ़ना शुरू कर दे तो उन्हें पता चल जाएगा कि वे क्या खा रहे हैं। मेरा लक्ष्य अगले पांच वर्षों में स्कूली पाठ्यक्रम में स्वास्थ्य को शामिल कराना है।'' ‘परीक्षा पे चर्चा' हर साल आयोजित होने वाला कार्यक्रम है जिसमें मोदी, बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों से संवाद करते हैं। इस दौरान वह परीक्षा के तनाव और अन्य मुद्दों से संबंधित छात्रों के सवालों के जवाब भी देते हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम का पहला संस्करण 2018 में दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया था। सातवां संस्करण भारत मंडपम में आयोजित किया गया था, जिसमें देश और विदेश के प्रतिभागियों ने भाग लिया था। मोदी ने सोमवार को सुंदर नर्सरी में छात्रों के साथ खुलकर किए संवाद में कई मुद्दों पर बात की, जिसमें नेतृत्व के बारे में सीख, ध्यान, परीक्षा बनाम ज्ञान, ‘काम करते समय एक बल्लेबाज की तरह ध्यान केंद्रित करना' और डर से नहीं बल्कि बुद्धिमानी से तकनीक का उपयोग करना जैसे विषय शामिल थे।
- शिमला/ मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने टिकाऊ और किसान हितैषी नीतियों को बढ़ावा देने के प्रयास में भारत में प्राकृतिक खेती के तहत गेहूं और मक्की के लिए उच्चतम समर्थन मूल्य निर्धारित करके एक अग्रणी कदम उठाया है। सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक खेती में लगे किसानों से 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं और 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मक्का खरीद कर एक मील का पत्थर हासिल किया गया है। एक बयान के अनुसार, अब तक 1,508 किसानों से 398 टन प्राकृतिक रूप से उगाए गए मक्का की खरीद की गई है और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 1.19 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक उपज को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बाजार में हिम भोग-हिम मक्की आटा पेश किया है तथा प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित प्रति परिवार 20 क्विंटल मक्का खरीदने की प्रतिबद्धता जताते हुए किसानों को स्थिर आय का आश्वासन दिया है।
-
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं, जो 4 अप्रैल तक चलेंगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच और टिकट बिक्री के दौरान छात्रों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। डीएमआरसी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी है।
बोर्ड परीक्षाओं के दौरान लगभग 3.30 लाख छात्र और हजारों स्कूल कर्मचारी शहर भर में आवागमन करेंगे। इसलिए, डीएमआरसी सीआईएसएफ के साथ साझेदारी कर परीक्षा के दिनों में बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए मेट्रो स्टेशनों पर विशेष सुविधा प्रदान करेगी।डीएमआरसी ने बताया कि सीबीएसई एडमिट कार्ड लेकर आने वाले छात्रों को मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच के दौरान प्राथमिकता दी जाएगी। टिकट ऑफिस मशीन (टीओएम) और कस्टमर केयर (सीसी) केंद्रों पर टिकट खरीदते समय भी एडमिट कार्ड दिखाने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।डीएमआरसी के कर्मचारियों ने स्कूलों का दौरा किया, प्रिंसिपलों से बातचीत की और उन्हें निकटतम मेट्रो स्टेशनों और छात्रों के लिए उपलब्ध सहायता के बारे में बताया। डीएमआरसी ने स्कूलों से अनुरोध किया है कि वे छात्रों को यात्रा की योजना बनाने में सहायता करने के लिए आसान टिकट बुकिंग के लिए क्यूआर कोड के साथ निकटतम मेट्रो स्टेशन का विवरण प्रदान करने वाले पोस्टर लगाएं। मेट्रो स्टेशनों पर विशेष केंद्रीकृत घोषणाएं की जाएंगी। परीक्षा केंद्रों के निकटतम मेट्रो स्टेशनों की एक विस्तृत सूची भी डीएमआरसी की वेबसाइट और आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन पर अपलोड की गई है।बता दें कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 15 फरवरी से कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं शुरू करेगा। इस साल देश में 7,842 केंद्रों और विदेशों में 26 देशों में लगभग 42 लाख छात्रों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है। परीक्षाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए, सीबीएसई ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक वेबकास्ट की मेजबानी की जिसमें केंद्र अधीक्षकों, उप केंद्र अधीक्षकों, सहायक अधीक्षकों, शहर समन्वयकों और पर्यवेक्षकों के लिए दिशा निर्देश दिए गए। इसमें मूल्यांकन प्रोटोकॉल और इसमें शामिल सभी अधिकारियों की जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया गया। -
नई दिल्ली। इस साल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हो रहे छात्रों के लिए ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का आयोजन नए अंदाज में किया जा रहा है। पीएम मोदी के अलावा फिल्म, खेल, अध्यात्म और अन्य क्षेत्रों से जुड़े दिग्गज छात्रों के साथ टिप्स साझा कर रहे हैं। परीक्षा के दौरान अक्सर देखा जाता है कि छात्र मानसिक तनाव में होते हैं। कार्यक्रम के पांचवें एपिसोड में शनिवार को इसी विषय पर जानकारी साझा की जाएगी।
पीएम मोदी ने इस एपिसोड के संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “जब बात स्वास्थ्य और मानसिक शांति की आती है, तो आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु हमेशा सबसे प्रेरणादायक व्यक्तित्वों में से एक हैं। मैं सभी परीक्षा के योद्धाओं और यहां तक कि उनके माता-पिता और शिक्षकों से आग्रह करता हूं कि वे 15 फरवरी का ‘परीक्षा पे चर्चा’ एपिसोड देखें।”पीएम मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के शुक्रवार को प्रसारित चौथे एपिसोड के बारे में एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “आज के ‘परीक्षा पे चर्चा’ एपिसोड में रुजुता दिवेकर और शोनाली सभरवाल ने स्मरणशक्ति बढ़ाने, ऊर्जावान बने रहने और परीक्षा के दौरान एकाग्रता में सुधार के लिए पोषण टिप्स साझा किए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष परीक्षा देने जा रहे छात्रों को यह बताना था कि वे कैसे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध पोषण विशेषज्ञ शोनाली सभरवाल, रुजुता दिवेकर और हेल्थ इंफ्लुएंसर रेवंत हिमातसिंका शामिल हुए। इन सभी विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे छात्र परीक्षा के दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखकर खुद को तनावमुक्त रख सकते हैं।”उल्लेखनीय है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं। -
नई दिल्ली। काशी तमिल संगमम प्रयागराज महाकुंभ में उत्तर और दक्षिण भारत की संस्कृतियों का साक्षी बनेगा। 16 फरवरी से 24 फरवरी के बीच दक्षिण भारत के अतिथि प्रयागराज महाकुंभ भी आएंगे। काशी तमिल संगमम का यह तीसरा संस्करण “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित होगा।
काशी और तमिलनाडु के बीच संबंध को सुदृढ़ करनाप्राचीन भारत में शिक्षा और संस्कृति के दो महत्वपूर्ण केंद्रों वाराणसी और तमिलनाडु के बीच जीवंत संबंधों को पुनर्जीवित करने के क्रम में काशी तमिल संगमम का आयोजन किया जा रहा है। काशी तमिल संगमम का उद्देश्य एकता में विविधता को मजबूत करना है, विशेष रूप से काशी और तमिलनाडु के बीच संबंध को सुदृढ़ करना है। इस वर्ष काशी तमिल संगमम दो महत्वपूर्ण आयोजनों के साथ हो रहा है जो इसे और विशिष्ट बनाने जा रहा है।इस बार क्या होगा खासइसमें संगम, प्रयागराज में महाकुंभ का उत्सव और अयोध्या में रामजन्म भूमि मंदिर का उद्घाटन शामिल है। वैसे तो काशी तमिल संगमम (3.0) का मुख्य कार्यक्रम वाराणसी में मनाया जाएगा, लेकिन इन प्रतिनिधियों को संगम, प्रयागराज में पवित्र स्नान और अयोध्या में भगवान राम के दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। डीएम प्रयागराज रविन्द्र कुमार मांदड़ का कहना है कि प्रयागराज में इसके आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसका आयोजन 15 से 24 फरवरी तक होगा। प्रयागराज महाकुंभ भी इसका साक्षी बनने जा रहा है।काशी तमिल संगमम के अतिथियों का महाकुंभ में 16 फरवरी को सेक्टर-22 के दिव्य महाकुंभ रिट्रीट टेंट सिटी में आगमन होगा। यहीं पर उनका स्वागत और अभिनंदन होगा। महाकुंभ नगर के सेक्टर-21 में अहिल्याबाई होलकर मंच में शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। अगले दिन 17 फरवरी को प्रतिनिधि संगम में स्नान करने के बाद लेटे हनुमान जी का शंकर विमान मंडपम में दर्शन करेंगे। यहां से डिजिटल कुंभ प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद अयोध्या धाम के लिए शाम को प्रस्थान कर जाएंगे। इस तरह हर एक ग्रुप का महाकुंभ में दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम होगा।युवाओं की भागेदारी को प्रोत्साहितइस बार के काशी तमिल संगमम में युवाओं की भागेदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। पिछले दो संस्करणों में इसमें 4,000 लोग शामिल हो चुके हैं। प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष काशी तमिल संगमम में 1,000 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके लिए पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। छात्र, शिक्षक, किसान और कारीगर, पेशेवर और छोटे उद्यमी, महिलाएं और शोधकर्ता इसमें भाग लेंगे।इसके अलावा, सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों से 200 तमिल छात्रों का एक बैच वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या में स्थानीय यात्राओं में भी भाग लेगा। वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या में स्थानीय कार्यक्रम होंगे, जिसमें दोनों केंद्रों के विशिष्ट ज्ञान को शामिल किया जाएगा। इसमें महाकुंभ को प्राथमिकता में रखा जाएगा।काशी तमिल संगमम का तीसरे संस्करण की थीमकाशी तमिल संगमम का तीसरा संस्करण भारतीय चिकित्सा की सिद्ध प्रणाली के संस्थापक और तमिल भाषा के प्रथम व्याकरणविद ऋषि अगस्त्यर के योगदान की थीम पर आधारित है। ऋषि अगस्त्यर चोल, पांड्य आदि जैसे अधिकांश तमिल राजाओं के कुलगुरु थे। इस वर्ष के आयोजन का मुख्य विषय सिद्ध चिकित्सा पद्धति (भारतीय चिकित्सा), शास्त्रीय तमिल साहित्य और राष्ट्र की सांस्कृतिक एकता में ऋषि अगस्त्यर के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर करना है। - बेंगलुरु । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बेंगलुरु में आज शुक्रवार को आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर द्वारा आयोजित 10वें अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से साहस जुटाने, बड़े सपने देखने और अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर अपने लक्ष्यों को हासिल करने का आह्वान किया। इससे पहले राष्ट्रपति बेंगलुरु के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड हवाई अड्डे पर पहुंचीं जहां कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि बाधाओं को तोड़ना और रूढ़ियों को चुनौती देना बिना मानसिक शक्ति के संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “हर महिला को साहस जुटाना चाहिए बड़े सपने देखने चाहिए और अपनी पूरी ताकत और क्षमता का उपयोग कर अपने सपनों को साकार करना चाहिए। महिलाओं के हर छोटे कदम से भारत और दुनिया के विकास की दिशा में बड़ा योगदान होगा।”राष्ट्रपति मुर्मु ने तकनीकी प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यह जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना रही है लेकिन इसके साथ ही मानवीय मूल्यों को बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा “करुणा, प्रेम और एकता को बढ़ावा देने के लिए हर व्यक्ति को अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत है। यहां महिलाओं की भूमिका सबसे अहम हो जाती है क्योंकि उनमें करुणा के साथ नेतृत्व करने की विशेष क्षमता होती है। वे परिवार, समाज और यहां तक कि पूरी दुनिया के कल्याण के लिए सोच सकती हैं और कार्य कर सकती हैं।”राष्ट्रपति ने कहा कि आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य खासकर महिलाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा सामाजिक अपेक्षाओं और व्यक्तिगत इच्छाओं के बीच संघर्ष करती हैं। कई बार सामाजिक नियमों और परंपराओं के कारण महिलाएं अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त नहीं कर पातीं। उन्होंने कहा “मानसिक स्वास्थ्य किसी भी महिला के लिए एक अर्थपूर्ण जीवन जीने और परिवार, समाज और दुनिया में योगदान देने की बुनियाद है।राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे सम्मेलन यह संदेश देते हैं कि इंसान अकेला नहीं बल्कि इस दुनिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन में भाग लेने वाली सभी महिलाएं ऐसे आध्यात्मिक सिद्धांतों को अपनाएंगी जो उनके जीवन को सुंदर और शांतिपूर्ण बनाने में मदद करेंगे।इस कार्यक्रम में कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बैरे गौड़ा, मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश, एयर मार्शल नागेश कपूर, लेफ्टिनेंट जनरल जे. के. गेरा, कर्नाटक के डीजीपी आलोक मोहन, बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी. दयानंद, और जिला कलेक्टर जगदीश जी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
-
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करने की दिशा में महाराष्ट्र की स्थिति की नई दिल्ली में हुई एक बैठक में समीक्षा की। बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री मेघवाल ने बताया कि बैठक में आईटी सेक्टर में आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास पर चर्चा की गई।
केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि इन कानूनों के लागू होने से सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और जिला कोर्ट के मुकदमों में तेजी से कमी आएगी।उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 1 जुलाई 2024 से लागू कर दिए हैं। इन कानूनों को लागू करने का उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार लाना है।वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मेघवाल ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के प्रस्तुत किए जाने के समय एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया गया था। इस समिति में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल थे और इसकी रिपोर्ट पेश की जानी थी।उन्होंने कहा कि जब रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तो खड़गे ने इसके विरोध में सवाल उठाए, जबकि रिपोर्ट में सभी आवश्यक जानकारियां शामिल थीं। इस मुद्दे पर गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में कोई अधूरी जानकारी नहीं है और इसमें विरोध करने जैसा कुछ नहीं है। अब आगे इस मामले में क्या बदलाव होते हैं, यह देखने वाली बात होगी।उल्लेखनीय है कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेपीसी रिपोर्ट को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि यह रिपोर्ट विपक्ष की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए तैयार की गई है, जो संसदीय प्रक्रिया का उल्लंघन है। खड़गे ने इस रिपोर्ट को “फर्जी” बताते हुए इसे पुनः पेश करने की मांग की थी। -
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आउटर रिंग रोड पर हवाई जहाज जैसी सुविधाओं वाली फ्लैश बसें चलाई जाएंगी। प्रयागराज में यातायात की समस्या से निपटने के लिए यमुना नदी पर पहले से मौजूद शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक और ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का काम अगले चार महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। ये बातें केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ में कही।
लखनऊ में दो फ्लाईओवर का लोकार्पण करने पहुंचे नितिन गडकरी ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में पांच लाख करोड़ रुपये की सड़कों का निर्माण पूरा करना चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि प्रदेश में हवा में चलने वाली बस सेवा शुरू करें जिसके लिए पैसों की कोई कमी नहीं आएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाल ही में नागपुर के लिए फ्लैश बस का टेंडर जारी हुआ है। इस बस में हवाई जहाज की तरह होस्टेस, एक्जीक्यूटिव चेयर और टीवी वगैरह की सुविधाएं हैं पर किराया डीजल बस की तुलना में 30 फीसदी कम है। उन्होंने वादा किया कि फ्लैश बस पूरे लखनऊ के रिंग रोड पर चलाई जाएंगी।नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत काम हुआ है। पहले जब यहां निवेश के लिए उद्योगपति आते थे तो बिजली, पानी, सड़क की सुविधाओं के बारे में पूछते थे। अगर सड़कें अच्छी नहीं होंगी तो निवेश नहीं होगा। अमेरिका व यूरोप के देशों में लॉजिस्टिक लागत 12 फीसदी है और चीन में 8 फीसदी है जबकि हमारे देश में यह 16 फीसदी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दो सालों में भारत में लॉजिस्टिक की लागत को सिंगल डिजिट में 9 फीसदी तक लाएंगे। इसके बाद देश का निर्यात डेढ़ गुना बढ़ जाएगा। गडकरी ने कहा कि दो सालों में यूपी का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क अमेरिका से भी बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि महाकुंभ की वजह से जीडीपी में 3 लाख करोड़ रुपये जुड़े हैं। अर्थव्यवस्था का ईंधन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा हुआ है।केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ तेजी से विकसित हो रहा है और अब यह जमीनों की कीमत के मामले में दुनिया के टॉप शहरों में गिना जाने लगा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन पर महज 1500 करोड़ रुपये खर्च किए गए जबकि बाकी पैसा प्रयागराज में सुविधाओं के विकास पर खर्च किया गया। उन्होंने कहा कि आज महाकुंभ से तीन लाख करोड़ रुपये का व्यापार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 50 करोड़ लोग कुंभ में स्नान के लिए आ चुके हैं। गडकरी ने कहा कि लखनऊ को एआई सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा। यहां की कनेक्टिविटी को लगातार बेहतर किया जा रहा है। -
प्रयागराज। दुनिया में पहली बार शुक्रवार को 300 सफाई कर्मियों ने पहला रिवर क्लीनिंग रिकॉर्ड बनाया है। महाकुंभ मेले की सीईओ आकांक्षा राणा ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
आकांक्षा राणा ने कहा कि यह दुनिया का पहला रिवर रिकॉर्ड है, जिसमें 300 सफाई कर्मियों द्वारा गंगा नदी की सफाई की जा रही है। इस गतिविधि के माध्यम से मेला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य देश और दुनिया को यह संदेश देना है कि नदी और जल स्रोतों को स्वच्छ रखना कितना महत्वपूर्ण है। महाकुंभ मेला प्रशासन की योजना है कि इस तरह के और भी रिकॉर्ड बनाए जाएं। अगले चरण में 15 हजार सफाई कर्मियों द्वारा सड़कों की सफाई की जाएगी। यह सफाई गतिविधि विभिन्न जगहों पर एक ही समय में आयोजित की जाएगी।आकांक्षा राणा ने आगे कहा कि आज का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स दुनिया का पहला रिवर क्लीनिंग रिकॉर्ड है, जिसमें 300 सफाई कर्मियों ने एक साथ मिलकर गंगा की सफाई की। इसके बाद, महाकुंभ मेला प्रशासन द्वारा और भी रिकॉर्ड बनाए जाएंगे, जो इस विशाल आयोजन की स्वच्छता की दिशा में एक और कदम साबित होंगे। इस ऐतिहासिक सफाई अभियान से महाकुंभ मेला प्रशासन ने देश और दुनिया को एक जागरूकता का संदेश दिया है कि हमारे नदी-जल स्रोतों को साफ और स्वच्छ रखना चाहिए।बता दें कि विश्व के सबसे बड़े धार्मिक सांस्कृतिक समागम ‘महाकुंभ 2025’ ने दुनिया को अचंभित कर रखा है। दुनियाभर के बड़े धार्मिक आयोजनों में यह अपनी विशेष पहचान बना चुका है। प्रयागराज में मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के पावन संगम में आस्था का अटूट रेला उमड़ रहा है। महाकुंभ में अब तक 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (मंत्रिमंडल समेत) संगम में डुबकी लगा चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत समेत कई दिग्गज स्नान कर चुके हैं। - मुंबई. जनवरी में कार्यालय वाली नौकरियों के लिए भर्ती में सालाना आधार पर 32 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई जिसमें सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और विनिर्माण जैसे उद्योगों का मुख्य योगदान रहा। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। नौकरियों की जानकारी देने वाले मंच फाउंडइट के इनसाइट्स ट्रैकर के मुताबिक, जनवरी में भर्तियों में वृद्धि का श्रेय बढ़ती उपभोक्ता मांग, केंद्रीय बजट 2025-26 में उल्लिखित रणनीतिक प्रोत्साहन और स्थिरता पहलों पर बढ़ते ध्यान को दिया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी, 2025 में भर्ती में 32 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है, जो बाजार में नए सिरे से विश्वास का संकेत है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में नवीकरणीय क्षेत्र में नौकरियां सबसे ज्यादा रहीं। इनमें पिछले दो वर्षों की तुलना में 41 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जिसका कारण स्वच्छ ऊर्जा पहलों का विस्तार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्र वैश्विक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों से प्रेरित होकर इस वृद्धि में सबसे आगे हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बेंगलुरु, दिल्ली और पुणे इन भूमिकाओं के लिए प्रमुख केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं, जहां ऊर्जा लेखा परीक्षा और स्थिरता रणनीति जैसे क्षेत्रों में विशेष कौशल की आवश्यकता होती है। अनुमान है कि 2025 में हरित क्षेत्र की नौकरियों की मांग में 11 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जो नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और हरित हाइड्रोजन पहलों से प्रेरित होगी।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा कि वर्ष 2019-20 से 42,000 से अधिक रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है और 18.4 लाख से अधिक नौकरी चाहने वालों का चयन किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 अक्टूबर, 2022 को रोजगार मेले की शुरुआत की थी।केंद्रीय मंत्री ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, ‘‘विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्रीय स्तर पर अब तक 14 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है... भाग लेने वाले मंत्रालयों या विभागों आदि द्वारा रोजगार मेलों के दौरान कई लाख नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं।'' उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों के माध्यम से सभी मंत्रालयों और विभागों में मिशन मोड में भर्तियां की गई हैं। सिंह ने कहा कि रोजगार मेलों के आयोजन के अलावा, श्रम और रोजगार मंत्रालय राष्ट्रीय रोजगार सेवा के परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) परियोजना को लागू कर रहा है, ताकि रोजगार से संबंधित विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से करियर काउंसलिंग, व्यावसायिक मार्गदर्शन, कौशल विकास पाठ्यक्रमों, इंटर्नशिप आदि की जानकारी एनसीएस की वेबसाइट के जरिए दी जाती है। सिंह ने कहा कि एनसीएस के तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के रोजगार मेलों का आयोजन किया जाता है, जहां निजी नियोक्ता अपनी जरूरतों के लिए भाग लेते हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘2019-20 से, 42,234 नौकरी मेले आयोजित किए गए हैं और 18.4 लाख से अधिक नौकरी चाहने वालों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।'' एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के साथ रोजगार क्षमता में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंह ने कहा, ‘‘तदनुसार, भारत सरकार ने देश के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कई कदम उठाए हैं।'' उन्होंने कहा कि सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, जलमार्गों आदि जैसे बुनियादी ढांचे में एक बड़े कदम ने संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा दिया है। मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2024-2025 में, सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय परिव्यय के साथ 5 साल की अवधि में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों के लिए पांच योजनाओं के प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा की। सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025-2026 का उद्देश्य पर्यटन, विनिर्माण, मत्स्य पालन आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के कई अवसर पैदा करना है और इसमें युवाओं के लिए उद्यमिता और कौशल का समर्थन करने के लिए विभिन्न उपाय भी शामिल हैं।
-
नयी दिल्ली. केंद्र ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को संभावित सुरक्षा खतरों के मद्देनजर ‘जेड' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की वीआईपी सुरक्षा शाखा को 89 वर्षीय आध्यात्मिक नेता की सुरक्षा का जिम्मा संभालने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने बताया कि देश के सभी हिस्सों में दलाई लामा को सीआरपीएफ कमांडो की ‘जेड' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। दलाई लामा को हिमाचल प्रदेश पुलिस सुरक्षा मुहैया करा रही थी और जब वह दिल्ली या किसी अन्य स्थान पर जाते थे तो स्थानीय पुलिस द्वारा उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाती थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा समीक्षा के बाद सरकार ने अब उन्हें यह सुरक्षा घेरा प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि दलाई लामा की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के लगभग 30 कमांडो की एक टीम अलग-अलग पालियों में काम करेगी। सूत्रों ने बताया कि इसी तरह के एक कदम के तहत, गृह मंत्रालय ने मणिपुर में भाजपा नेता संबित पात्रा को ‘जेड' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। पुरी से सांसद पात्रा राज्य में पार्टी मामलों के प्रभारी हैं, जहां पिछले कई महीने से जातीय हिंसा का दौर जारी है।
-
नयी दिल्ली. बातचीत करने वाले कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित मंच ‘गपशप' ने बृहस्पतिवार को वित्तीय सेवा क्षेत्र के लिए पूर्व-निर्मित और उद्योग-प्रशिक्षित एआई एजेंट पेश किए। तकनीकी भाषा में एआई एजेंट एक ऐसी प्रणाली या प्रोग्राम है जो कार्यप्रवाह और प्रक्रियाओं को डिजाइन कर और उपलब्ध उपकरणों का लाभ उठाकर स्वायत्त रूप से कार्य कर सकता है। कंपनी की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, गपशप ने वित्तीय सेवा उद्योग के लिए वृद्धि को गति देने के लिए पहले से निर्मित, उद्योग-प्रशिक्षित एआई प्रतिनिधि पेश किए हैं। इस पेशकश से वित्तीय संस्थानों को ग्राहक जुड़ाव को सुव्यवस्थित करने, संभावित ग्राहक को अपने साथ जोड़ने और राजस्व वृद्धि को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। शीर्ष स्तर के ग्राहक अधिग्रहण में महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने के लिए डिजायन किए गए ये एआई प्रतिनिधि, वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को न्यूनतम सेटअप के साथ तेज़ी से बाजार में जाने में मदद करते हैं।
-
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2025-26 में कई क्षेत्रों और राज्यों के लिए आवटंन में कटौती के विपक्ष के आरोपों को निराधार करार देते हुए बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि आयकर सीमा बढ़ाने सहित बजट में घोषित विभिन्न उपायों से मध्यम वर्ग के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी। सीतारमण ने आम बजट पर उच्च सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बजट में उन सभी समस्याओं को ध्यान में रखा गया है जो आज देश के समक्ष हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों द्वारा ली जा रही उधारी के कारण ब्याज का बोझ एक समस्या है। उन्होंने कहा कि इससे उबरने के लिए बुद्धिमत्ता से राजकोषीय प्रबंधन करना आवश्यक उपाय है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस बार बजट इस तरह से बनाया है कि विकास को गति मिल सके, समावेशी विकास हासिल किया जा सके, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिल सके, गृहस्थ लोगों की भावनाओं को बल दिया जा सके तथा भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग की प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से क्रय शक्ति बढ़ायी जा सके। उन्होंने कहा कि बजट में चार वर्गों-गरीब, युवा, अन्नदाता एवं नारी पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि पूरी अर्थव्यवस्था को बल मिले। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं में इन वर्गों का ध्यान रखा गया है ताकि उन्हें लाभ मिल सके। सीतारमण ने कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय पर पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने पिछले साल के आंकड़े देते हुए कहा कि आगामी वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय में कोई कमी नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्रभावी पूंजीगत व्यय 19.80 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि चर्चा में शामिल कुछ सदस्यों ने विभिन्न क्षेत्रों में बजटीय आवंटन घटाने की बात की थी। वित्त मंत्री ने इन आशंकाओं को निर्मूल करार देते हुए कहा कि क्षेत्रवार बजट आवंटन में कोई कमी नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1.71 लाख करोड़ रूपये, ग्रामीण विकास के लिए 2.67 लाख करोड़ रूपये, शहरी विकास एवं परिवहन के लिए 6.45 लाख करोड़ रूपये, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए 2.27 लाख करोड़ रूपये तथा रक्षा क्षेत्र के लिए 4.92 लाख करोड़ रूपये (इसमें रक्षा क्षेत्र का पेंशन व्यय शामिल नहीं है) का बजट आवंटन किया गया। उन्होंने कहा कि 2025-26 में राज्यों को दिये गये कुल संसाधनों का मूल्य 25.01 लाख करोड़ रूपये होगा और इस प्रकार इसमें 4.92 लाख करोड़ रूपये की वृद्धि होगी। सीतारमण ने कहा कि सरकार महंगाई पर लगाम लगाने और नागरिकों पर बोझ न पड़े, इसके लिए कदम उठाती रहेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर के 5.22 प्रतिशत से घटकर जनवरी में 4.31 प्रतिशत हो गई। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक को दिए गए चार प्रतिशत के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। इस दौरान सदन में तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल को बजट आवंटन के मुद्दों पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तकरार भी हुई। हालांकि, सीतारमण ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार ने कभी किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने भारत के हितों को सर्वोपरि रखते हुए बजट आकलन को यथासंभव सटीक रखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है और हमारी अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण कई आयात पर भी इसका असर हो सकता है। सीतारमण ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक रुपये में उतार-चढ़ाव पर नजर रख रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार के बजट आंकड़े हमेशा यथार्थवादी होते हैं तथा इन्हें न तो कम करके बताया जाता है और न ही बढ़ाकर। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने कोविड संकट के दौरान अर्थव्यवस्था को बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ाया और देश दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा। उन्होंने विपक्षी दलों के इस दावे का भी खंडन किया कि आयकर प्रोत्साहन से केवल अमीर लोगों को ही फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग की आयकर देनदारी में उल्लेखनीय कमी आएगी। -
नयी दिल्ली. प्रौद्योगिकी का गुलाम नहीं बल्कि मालिक बनना सीखना, कृत्रिम मेधा (एआई) का बुद्धिमानी से उपयोग करना और स्वयं निर्णय लेना समेत कई मंत्र प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को प्रसारित प्रौद्योगिकी की ‘मास्टरक्लास' के दौरान छात्रों को दिए गए। ‘परीक्षा पे चर्चा' के विशेष सत्र में ‘टेक्निकल गुरुजी' के नाम से लोकप्रिय यूट्यूबर गौरव चौधरी और ‘एडलवाइस म्यूचुअल फंड' की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राधिका गुप्ता ने छात्रों के साथ ये मंत्र साझा किए। ‘परीक्षा पे चर्चा' एक वार्षिक कार्यक्रम है, जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोर्ड परीक्षाएं देने वाले छात्रों के साथ बातचीत करते हैं। इस बार पारंपरिक ‘टाउन हॉल' प्रारूप से हटकर प्रधानमंत्री ने छात्रों को दिल्ली के प्रसिद्ध सुंदर नर्सरी में आमंत्रित किया और बोर्ड परीक्षा से पहले उनसे अनौपचारिक माहौल में बातचीत की। चौधरी ने छात्रों से कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी के गुलाम नहीं, बल्कि मालिक बनना सीखें। प्रौद्योगिकी को आपको संबल बनाने की भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन प्राथमिकता आपकी अपनी बुद्धिमत्ता, कुशाग्रता और रचनात्मकता को मिलनी चाहिए।'' गुप्ता ने ‘फ्लॉपी डिस्क' के युग से लेकर अब तक हुए प्रौद्योगिकी के विकास के बारे में किस्से साझा करते हुए कहा कि आज एआई एक अच्छे अध्ययन सहयोगी की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इसका उपयोग बुद्धिमानी से किया जाना चाहिए। एआई आपको ज्ञान, बुद्धिमत्ता एवं विस्तृत विश्लेषण मुहैया करा सकती है लेकिन बुनियादी अवधारणाएं आपकी होनी चाहिए। यदि आप इनके बारे में पूरी तरह से जानते हैं तो आप एआई का बुद्धिमानी से उपयोग कर पाएंगे।'' दोनों अतिथियों ने छात्रों के साथ लोकप्रिय खेल ‘डंब शराड' (मौन रहकर अभिनय करते हुए अपनी बात समझाने वाला खेल) पर आधारित खेल ‘एआई शराड' भी खेला और छात्रों को एआई का उपयोग करके कुछ प्रसिद्ध हस्तियों के नाम लिए बिना उनके चित्र बनाने के लिए कहा गया। गुप्ता ने छात्रों को निर्देश दिया कि वे एआई की मदद भले ही लें लेकिन अपने निर्णय स्वयं लें।
उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए, यदि आप यह तय करना चाहते हैं कि आपको उच्च शिक्षा के दौरान पढ़ाई के लिए कौन से विषय चुनने हैं- मानविकी एवं विज्ञान, तो एआई आपको विस्तृत विश्लेषण मुहैया करा सकता है जिससे आपको निर्णय लेने में मदद मिल सकती है लेकिन निर्णय आपका होना चाहिए।'' इस वर्ष ‘परीक्षा पे चर्चा' के विभिन्न ‘एपिसोड' में मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम और आध्यात्मिक नेता सद्गुरु समेत कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने जीवन और शिक्षा से जुड़े प्रमुख पहलुओं पर अपने अनुभव छात्रों के साथ साझा किये। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने बुधवार को प्रसारित कार्यक्रम में स्कूली छात्रों से बातचीत करते हुये कहा कि अपने तनाव के कारणों की पहचान करें और उसे किसी ऐसे व्यक्ति के साथ साझा करें जिस पर वह भरोसा कर सकें। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 फरवरी को ‘एसओयूएल लीडरशिप कॉन्क्लेव' के पहले संस्करण का उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप' (एसओयूएल) द्वारा किया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले दो दिवसीय कार्यक्रम में राजनीति, खेल, कला एवं मीडिया, सार्वजनिक नीति, व्यापार, सामाजिक क्षेत्र और आध्यात्मिक दुनिया के दिग्गज अपनी व्यक्तिगत नेतृत्व यात्रा के बारे में बात करने के साथ ही विचारकों की नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए परिवर्तनकारी अनुभवों को साझा करने के वास्ते एक मंच पर आएंगे। सम्मेलन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास, ब्रह्मकुमारी की आध्यात्मिक नेता बी के शिवानी, शतरंज के विश्व चैंपियन डी. गुकेश, पीरामल समूह के प्रमुख अजय पीरामल और भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल जैसे वक्ता शामिल होंगे।
-
- सदन की प्रवर समिति को भेजने का अनुरोध किया
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में आयकर विधेयक, 2025 पेश किया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से इसे सदन की प्रवर समिति को भेजने का अनुरोध किया। सदन में विधेयक पेश किए जाने का तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय समेत कुछ विपक्षी सदस्यों ने विरोध किया। लेकिन सदन ने ध्वनिमत से इसे पेश करने की मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सात फरवरी को नये आयकर विधेयक को मंजूरी दी थी, जो छह दशक पुराने आयकर अधिनियम की जगह लेगा। वित्त मंत्री ने सदस्यों की आपत्तियों के बीच विधेयक सदन में प्रस्तुत किया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से इसे सदन की प्रवर समिति को भेजने का अनुरोध किया। समिति अगले सत्र के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सीतारमण ने अध्यक्ष से प्रस्तावित समिति के गठन और नियमों पर भी निर्णय लेने का आग्रह किया।
विधेयक पेश किये जाने पर कुछ विपक्षी सदस्यों के ऐतराज पर वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एन के प्रेमचंद्रन ने ये बात गलत कही है कि नये विधेयक में मौजूदा आयकर कानून की तुलना में अधिक धाराएं हैं। उन्होंने कहा कि 1961 में पारित मौजूदा कानून में कुछ ही धाराएं थीं और इतने सालों में इसमें किए गए बदलावों के बाद अब इसमें 819 धाराएं हैं। सीतारमण ने कहा कि प्रस्तावित नए कानून में केवल 536 धाराएं हैं। वित्त मंत्री ने विधेयक पेश किए जाने के विरोध में तृणमूल कांग्रेस सदस्य सौगत राय की दलील को भी खारिज कर दिया। नया विधेयक प्रत्यक्ष कर कानून को समझने में आसान बनाने और कोई नया कर बोझ नहीं डालने की एक कवायद है। इसमें प्रावधान और स्पष्टीकरण या कठिन वाक्य नहीं होंगे। नए विधेयक की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को अपने बजट भाषण में की थी। छह दशक पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेने वाला नया आयकर विधेयक प्रत्यक्ष कर कानूनों को पढ़ने-समझने में आसान बनाएगा, अस्पष्टता दूर करेगा और मुकदमेबाजी को कम करेगा। नया अधिनियम उन सभी संशोधनों और धाराओं से मुक्त होगा जो अब प्रासंगिक नहीं हैं। साथ ही इसकी भाषा ऐसी होगी कि लोग इसे कर विशेषज्ञों की सहायता के बिना समझ सकेंगे। -
अयोध्या .अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के दिवंगत मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास को बृहस्पतिवार की शाम जल समाधि दी गयी। आचार्य सत्येंद्र दास के पार्थिव शरीर को पालकी में रखकर उनके निवास स्थान से सरयू नदी के तट पर ले जाया गया, जहां तुलसीदास घाट पर उन्हें जल समाधि दी गयी। इससे पहले दोपहर बाद सत्येंद्र दास के पार्थिव शरीर को रथ पर रखकर नगर भ्रमण कराया गया। उनके उत्तराधिकारी प्रदीप दास ने सुबह बताया था कि रामानंदी संप्रदाय की परंपराओं के अनुसार दास को जल समाधि दी जाएगी। उन्होंने कहा था कि उनके पार्थिव शरीर को हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा था, तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आचार्य सत्येंद्र दास की अंतिम यात्रा जल्द शुरू होगी।'' प्रदीप दास ने बताया था कि जल समाधि के तहत शव को नदी के बीच में प्रवाहित करने से पहले उसके साथ भारी पत्थर बांधे जाते हैं। रामानंदी संप्रदाय की परंपराओं के अनुसार, जल समाधि देने से पहले रामलला के मुख्य पुजारी के पार्थिव शरीर को जुलूस के रूप में घुमाया गया, ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। अयोध्या नगरी का भ्रमण कराते हुए सत्येंद्र दास का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान पर पहुंचा, फिर पालकी में रखकर नदी में ले जाया गया। जल समाधि से पहले उनके पार्थिव शरीर को हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि के दर्शन के लिए ले जाया गया। बैंड-बाजों के साथ सत्येंद्र दास की अंतिम यात्रा शुरू हुई। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धांजलि दी। मुख्य पुजारी के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग सरयू तट पर खड़े थे। फैजाबाद/अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने जल समाधि से पहले आचार्य सत्येंद्र दास को श्रद्धांजलि दी। सत्येंद्र दास (85) को इस महीने की शुरुआत में मस्तिष्काघात के बाद संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार को उनका निधन हो गया। अस्पताल के अनुसार, उन्हें तीन फरवरी को मस्तिष्काघात के बाद गंभीर हालत में ‘न्यूरोलॉजी वार्ड' के ‘एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट)' में भर्ती कराया गया था। सत्येंद्र दास ने 20 वर्ष की आयु में ‘संन्यास' ले लिया था। उन्होंने छह दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस के दौरान भी पुजारी के रूप में सेवा की थी। बाद में जब सरकार ने परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया, तो उन्हें अस्थायी मंदिर का मुख्य पुजारी बना दिया गया। सत्येंद्र दास ने 2022 में कहा था कि वह 1992 में अस्थायी रामलला मंदिर के पुजारी के रूप में शामिल हुए थे। उसी वर्ष बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया था। सत्येंद्र दास से जब पूछा गया था कि क्या मस्जिद गिराए जाने के समय वह मौजूद थे, तो उन्होंने कहा था, ‘‘मैं वहां था। यह मेरे सामने हुआ। मैं इसका गवाह था। तीन गुंबदों में से उत्तरी और दक्षिणी गुंबदों को ‘कार सेवकों' ने ध्वस्त कर दिया था। मैंने रामलला को उनके सिंहासन के साथ अपने हाथ में ले लिया।'' उन्होंने कहा था, ‘‘बाद में ‘कार सेवकों' ने एक तंबू लगाया और उस स्थान को समतल कर दिया तथा शाम सात बजे तक मैंने रामलला को वहीं स्थापित कर दिया।'' निर्वाणी अखाड़े से आने वाले सत्येंद्र दास अयोध्या के सबसे सुलभ संतों में से एक थे और अयोध्या एवं राम मंदिर के घटनाक्रमों के बारे में जानकारी चाहने वाले देश भर के कई मीडियाकर्मियों के लिए संपर्क व्यक्ति थे। छह दिसंबर, 1992 को जब बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया गया था, तब उन्हें मुख्य पुजारी के रूप में सेवा करते हुए मुश्किल से नौ महीने हुए थे।
-
प्रयागराज: । केंद्र और यूपी सरकार ने मिलकर महाकुंभ-2025 को अद्वितीय, अविस्मरणीय व अभूतपूर्व बना दिया है। इसमें माघ पूर्णिमा तक का स्नान संपन्न हो चुका है। इसके बाद फाल्गुन मास में भी त्रिवेणी तट पर संस्कृति, पर्यावरण व बर्ड फेस्टिवल का ‘संगम’ होगा। एक तरफ यहां त्रिवेणी, सरस्वती व यमुना पंडाल पर शुक्रवार से सांस्कृतिक गतिविधियां प्रारंभ होंगी तो वहीं 16 फरवरी को जलवायु सम्मेलन होगा।
इस दिन से ही त्रिदिवसीय बर्ड फेस्टिवल भी आयोजित किया जाएगा। गंगा पंडाल पर गुरुवार से सांस्कृतिक आयोजन प्रारंभ हो गए। महाकुंभ के मुख्य पंडाल ‘गंगा’ में अभी बॉलीवुड सिंगर कैलाश खेर, मोहित चौहान, कविता सेठ, नवदीप वडाली सरीखे कलाकारों के सुगम संगीत से श्रोता दो-चार होंगे।माघ पूर्णिमा स्नान के उपरांत फाल्गुन मास में भी सुरमई सांझ में श्रोता-दर्शक भारतीय संस्कृति का दीदार करेंगे। गंगा पंडाल पर गुरुवार से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ हो गए, जबकि शुक्रवार से त्रिवेणी, यमुना व सरस्वती पंडाल पर कार्यक्रम शुरू होंगे। महाकुंभ की अवधि के दौरान कैलाश खेर, मोहित चौहान, सुचेता भिड़े, कविता सेठ, नितिन मुकेश सरीखे नामचीन कलाकारों की भी प्रस्तुति होगी। इस दौरान शास्त्रीय संगीत, वायलिन, तबला, बांसुरी वादन, ध्रुपद गायन, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, कथक, ओडिसी नृत्य आदि विधा के कलाकार महाकुंभ में अपनी प्रतिभा बिखेरेंगे।आस्था के साथ ही महाकुंभ प्रकृति व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण होगा। सीएम योगी के निर्देश पर श्रद्धालुओं के लिए ईको टूरिज्म का विशेष प्लान भी बनाया गया है। 16 से 18 फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल भी होगा, जिसमें लगभग 200 प्रजातियों के पक्षियों का महाकुंभ भी होगा। इसमें लुप्तप्राय इंडियन स्कीमर, फ्लेमिंगो और साइबेरियन क्रेन आदि का दीदार कर सकेंगे। यहां साइबेरिया, मंगोलिया, अफगानिस्तान समेत लगभग एक दर्जन से अधिक देशों से साइबेरियन पक्षियों का भी दीदार होगा।फेस्टिवल के दौरान फोटोग्राफी, पेंटिंग, नारा लेखन, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी समेत अनेक प्रतियोगिताएं होंगी, जिनके विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल भारतीय संस्कृति, प्रकृति प्रेम व वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अनूठा मिश्रण होगा।यूपी के पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन विभाग की तरफ से महाकुंभ में ‘आस्था व जलवायु परिवर्तन’ पर जलवायु सम्मेलन भी होगा। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटना और जलवायु सुधार को लेकर प्रेरित करना है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिरकत करेंगे। साथ ही धर्मगुरु, पर्यावरणविद, अनेक सामाजिक संगठन, उद्योग व व्यापार जगत के साथ ही गणमान्य नागरिक भी हिस्सा लेंगे।



























