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- नयी दिल्ली. भारत 18वें अंतरराष्ट्रीय खगोल एवं खगोल भौतिकी ओलंपियाड (आईओएए) की मेजबानी करेगा जिसमें 64 देशों के 300 से अधिक स्कूली छात्र हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम 11 से 21 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, मुंबई में होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (एचबीसीएसई) द्वारा यह आयोजन किया जाएगा जो टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च का एक प्रभाग है। आयोजकों द्वारा जारी बयान के अनुसार, उद्घाटन समारोह 12 अगस्त को जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में होगा जिसमें मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार अजय सूद तथा इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन के पूर्व उपाध्यक्ष अजीत केमभावी मौजूद रहेंगे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन और होमी भाभा नेशनल इंस्टीट्यूट के कुलाधिपति अनिल काकोडकर 21 अगस्त को नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। आईओएए की परिकल्पना 2006 में स्कूल स्तर पर खगोल विज्ञान में बढ़ती रुचि और इस क्षेत्र के लिए वैश्विक मंच की आवश्यकता को देखते हुए की गई थी। पहला ओलंपियाड 2007 में थाईलैंड के चियांग माई में आयोजित हुआ था। इसके बाद यह प्रतियोगिता एशिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका के विभिन्न देशों में हर साल आयोजित होती रही है। प्रतियोगिता का पाठ्यक्रम सैद्धांतिक, प्रेक्षणीय और आंकड़ा विश्लेषण से जुड़े उच्च स्तरीय प्रश्नों और गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया है।
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नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश, भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में रक्षाबंधन के अवसर पर पेड़ पर राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की महिलाओं का आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण ही जीवन का मिशन है। इसके लिए सरकार द्वारा कई अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने "नारी तू नारायणी" का उद्घोष करते हुए कहा कि आज बहनें इतनी सशक्त हो गई है कि अब वह भाइयों की भी रक्षा कर सकती हैं।श्री शिवराज सिंह चौहान ने बहनों से राखी बंधवाने के साथ पर्यावरण की रक्षा का भी संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि मैं भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में कई वर्षों से पेड़ लगा रहा हूं। यहां आज अपने लगाए पेड़ों को राखी बांधकर प्रसन्नता हुई है। पेड़ बचाने का अर्थ है पर्यावरण बचाना। पूरे विश्व के लिए यह अहम है। पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तो दुनिया सुरक्षित रहेगी।केंद्रीय मंत्री ने सभी से आह्वान किया कि रक्षाबंधन के अवसर पर संकल्प लें कि आने वाली पीढियां के लिए धरती सुरक्षित रखने के लिए पेड़ बचाएंगे भी और पेड़ लगाएंगे भी!आगे, केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रहित सर्वोपरि के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए एक बार फिर से देशवासियों से अपील की कि वह स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दें और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। -
नई दिल्ली। रक्षा बंधन के शुभ अवसर पर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की।
इस समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता की भावना पर प्रकाश डाला गया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि रक्षाबंधन प्रेम के बंधन का प्रतीक है जिसे बड़ों, साथियों और यहां तक कि पर्यावरण सहित किसी के भी साथ साझा किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पेड़ पृथ्वी की रक्षा करते हैं, संरक्षक की तरह कार्य करते हैं, इसलिए इन्हें सावधानीपूर्वक लगाया और पोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से लोगों और पर्यावरण, दोनों के प्रति प्रेम, सुरक्षा और ज़िम्मेदारी के इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी भी उपस्थित थे। शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।इस कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और अपने-अपने क्षेत्रों की समृद्ध परंपराओं का प्रदर्शन किया। समारोह के एक भाग के रूप में, छात्रों ने राष्ट्रपति को पर्यावरण-अनुकूल राखियां और हस्तनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड भेंट किए, जो पर्यावरण जागरूकता, रचनात्मकता और समावेशिता का प्रतीक थे।इस यादगार कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारत के राष्ट्रपति के साथ रक्षाबंधन मनाने का जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर प्रदान किया, जिससे भारत की सांस्कृतिक और संवैधानिक विरासत के बारे में उनकी समझ गहरी हुई। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने "हर घर तिरंगा" अभियान में लोगों की व्यापक भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की है। यह देशभक्ति की उस गहरी भावना का प्रतीक है जो भारत के लोगों को एकजुट करती है और तिरंगे के प्रति उनके अटूट गौरव को दर्शाती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी तस्वीरें और सेल्फी harghartiranga.com पर साझा करते रहें।
हर घर तिरंगा अभियान में व्यापक भागीदारी के बारे में संस्कृति मंत्रालय की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया: "पूरे भारत में #HarGharTiranga अभियान में लोगों की व्यापक भागीदारी देखकर खुशी हुई। यह उस गहरी देशभक्ति की भावना का प्रमाण है जो हमारे लोगों को एकजुट करती है और तिरंगे के प्रति उनके अटूट गौरव को दर्शाती है। harghartiranga.com पर फ़ोटो और सेल्फ़ी साझा करते रहें।" -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीर घाटी में पहली मालगाड़ी के आगमन की सराहना करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को राष्ट्रीय माल नेटवर्क से जोड़ने में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।केंद्रीय रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की एक पोस्ट पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विकास से जम्मू-कश्मीर में प्रगति और समृद्धि दोनों बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया; "जम्मू-कश्मीर में वाणिज्य और कनेक्टिविटी के लिए शानदार दिन! इससे प्रगति और समृद्धि दोनों बढ़ेगी।" - नयी दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नया आयकर विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश करेंगी जिसमें प्रवर समिति की सिफारिशों को शामिल किया गया है । रीजीजू का यह बयान शुक्रवार को लोकसभा से आयकर विधेयक को वापस लिए जाने पर मीडिया के एक वर्ग में जताई गई आशंकाओं के मद्देनजर आया है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा माना जा रहा है कि पहले वाले विधेयक को नजरअंदाज करते हुए एक बिल्कुल नया विधेयक लाया जायेगा, जिसके लिए काफी काम किया गया था।'' मंत्री ने स्पष्ट किया कि आशंकाएं निराधार हैं, क्योंकि प्रस्तुत किए जाने वाले नए विधेयक में वे सभी बदलाव शामिल किए जाएंगे, जो प्रवर समिति द्वारा सुझाए गए हैं और जिन्हें सरकार ने स्वीकार कर लिया है। रीजीजू ने कहा कि यह सामान्य संसदीय प्रक्रिया है और यह तब अपनायी जाती है जब लोकसभा में पहले से पेश विधेयक में संशोधन बहुत अधिक हो। भाजपा सदस्य बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली लोकसभा की प्रवर समिति ने आयकर विधेयक पर 285 सुझाव दिए, जिन्हें सरकार ने स्वीकार कर लिया। मंत्री ने कहा कि इस बात को लेकर कोई आशंका नहीं होनी चाहिए कि सोमवार को पेश होने वाला नया आयकर विधेयक अलग होगा।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने शनिवार को देश की कृषि नीति में विशुद्ध उपयोगितावादी दृष्टिकोण की जगह नैतिक सिद्धांतों पर आधारित दृष्टिकोण अपना कर आमूलचूल परिवर्तन करने की वकालत की क्योंकि दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला यह देश खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण स्थिरता के बीच संतुलन बनाना चाहता है। यहाँ एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में बोलते हुए, चतुर्वेदी ने कहा कि भारत की हरित क्रांति उपयोगिता-केंद्रित तरीकों से प्रेरित थी, जिसमें पर्यावरण चिंताओं के स्थान पर उत्पादन को प्राथमिकता दी गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे हम हरित क्रांति में आगे बढ़े, हम एक उपयोगितावादी अवधारणा के साथ आगे बढ़े। अब हमें उपयोगितावादी से नैतिक अवधारणा की ओर जाना होगा।'' चतुर्वेदी ने यह बात, उन नैतिक ढाँचों का उल्लेख करते हुए कहा जो कार्यों का मूल्यांकन केवल उनके परिणामों के बजाय नैतिक नियमों के पालन के आधार पर करते हैं।कृषि सचिव ने मौजूदा कृषि पद्धतियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या देश उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अत्यधिक कीटनाशकों, सिंचाई और भूमिगत जल का उपयोग कर रहा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि नीतिगत बदलावों से ऐसी सतत उत्पादन पद्धतियाँ सुनिश्चित होनी चाहिए जो उत्पादकता के स्तर को बनाए रखते हुए पर्यावरण की रक्षा करें। उन्होंने कहा, ‘‘नीतिगत पहलुओं में यह सुनिश्चित करना होगा कि हम उपयोगितावादी से कर्तव्यनिष्ठ अवधारणाओं की ओर बदलाव लाएँ ताकि उच्च उत्पादन और उत्पादकता प्राप्त करने के लिए ऐसी पद्धतियाँ अपनाएँ जो न केवल सतत उत्पादन और आजीविका सुनिश्चित करें बल्कि पर्यावरण की भी रक्षा करें।'' पिछली शताब्दी के दौरान साठ के दशक में शुरू हुई भारत की हरित क्रांति ने उच्च उपज वाली फसल किस्मों, उर्वरक के बढ़ते उपयोग और सिंचाई के विस्तार के माध्यम से देश को खाद्यान्न की कमी वाले देश से एक प्रमुख कृषि उत्पादक देश में बदल दिया। इस पहल ने भारत को गेहूँ और चावल के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया। चतुर्वेदी ने कहा कि जहाँ भारत दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के करीब है, वहीं तिलहन के क्षेत्र में भी देश इसी लक्ष्य की ओर काम कर रहा है, हालाँकि उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित की जा रही नई फसल किस्में इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगी। कृषि सचिव ने ज़ोर देकर कहा कि खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ खेती महत्वपूर्ण मुद्दे हैं क्योंकि कृषि न केवल एक आर्थिक क्षेत्र है, बल्कि लाखों किसानों के लिए आजीविका का भी एक साधन है। उन्होंने कहा, ‘‘खाद्य एवं पोषण सुरक्षा तथा सतत कृषि महत्वपूर्ण है, क्योंकि कृषि एक आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि आजीविका का अहम साधन है।'' उन्होंने कहा कि नीतियों में कृषि क्षेत्र में लगे बड़े कार्यबल, विशेष रूप से छोटे किसानों पर विचार किया जाना चाहिए।
- मंडला,। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में शनिवार को दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि घटना शाम चार बजे मंडला-सिवनी सीमा पर जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर जारगा-जारगी गांव के पास बजे हुई। उन्होंने कहा, "सिवनी से मंडला जा रहे एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मोटरसाइकिल विपरीत दिशा से आ रहे दूसरे दोपहिया वाहन से टकरा गई। इस हादसे में राजेंद्र कूश्राम (38), उनके बेटों सोहिल (10), रवींद्र (7) और बहनोई शिवप्रसाद मरावी (27) की मौत हो गई। राजेंद्र की पत्नी शकुन कुशराम (32) और विवेक कुमार काकोडिया (28) घायल हो गए।" अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
- नयी दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापार तनाव के बीच शनिवार को कहा कि भारत अपने रणनीतिक और राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा तथा बाहरी दबाव के बावजूद अपनी ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करना जारी रखेगा। नायडू ने यहां एम एस स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करते रहेंगे और अपने सामरिक एवं राष्ट्रीय हितों पर अडिग रहेंगे। किसी भी धमकी के आगे झुकने का सवाल ही नहीं उठता। भारत पर धमकियां काम नहीं करेंगी...।'' उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत आज ''आत्मनिर्भर'' है, लेकिन ‘साझा करना और परवाह करना' की मूल भावना के साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व उप राष्ट्रपति की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के बाद आई है। ट्रंप ने भारत को देश की मजबूत विकास दर के बावजूद ‘‘मृत अर्थव्यवस्था'' करार दिया था। नायडू ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्वभर में मान्यता प्राप्त कर रहा है, जबकि कुछ देश इस की प्रगति से ‘‘ईर्ष्या'' कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे हमारी प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं। वे अपच की समस्या से पीड़ित हैं।'' पूर्व उपराष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था रैंकिंग में चौथे स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच रहा है और विश्वास व्यक्त किया कि किसानों, शोधकर्ताओं और युवाओं के योगदान से देश ‘‘निश्चित रूप से और ऊंचाइयों तक पहुंचेगा''। नायडू ने भारत के रुख का बचाव करते हुए कहा कि देश एक ‘‘संप्रभु और जीवंत लोकतंत्र'' है जो 6.5-7 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि में 18 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जो अमेरिका के 11 प्रतिशत योगदान से कहीं अधिक है। उन्होंने भारत जैसे सहयोगियों पर चुनिंदा शुल्क लगाने की निष्पक्षता पर सवाल उठाया, जबकि अमेरिका यूरेनियम और उर्वरक का आयात जारी रखे हुए है, तथा यूरोपीय संघ ‘‘रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल'' आयात करता है। नायडू ने कहा, ‘‘हम मित्र थे। हम हमेशा अमेरिका की प्रशंसा करते हैं क्योंकि वह सबसे पुराना लोकतंत्र है और हम सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, प्रशंसा करते हैं, लेकिन जो कुछ हो रहा है, बिना किसी उकसावे या कारण के भारत के बारे में जो कुछ कहा जा रहा है, वह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है।'' कारोबार को लेकर तनाव के बावजूद पूर्व उप राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि भारत अन्य देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है तथा भारतीय दर्शन के मूल ‘‘साझा करना और परवाह करना'' में विश्वास करता है। उन्होंने कहा, ‘‘किसी को भी भारत के खिलाफ या भारत के बारे में कोई शिकायत रखने की कोई वजह नहीं है।''
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामना देते हुए इस भाषा के संरक्षण, प्रसार व दैनिक जीवन में उपयोग करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''देववाणी संस्कृत भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति, ऋषियों की वाणी का स्पंदन और सनातन ज्ञान का अनंत स्रोत है। यह भाषा हमारी परम्परा, प्रज्ञा और वैश्विक बौद्धिकता की आधारभूमि है। आइए, विश्व संस्कृत दिवस पर इस अमृत वाणी के संरक्षण, प्रसार और दैनिक जीवन में उपयोग के लिए संकल्पित हों।'' उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''जयतु संस्कृतम् जयतु भारतम्। संस्कृत - जो भारतीय संस्कृति, संस्कारों और ज्ञान परंपरा की आधारशिला है। विश्व की प्राचीनतम, समस्त भाषाओं की जननी वेदों की भाषा संस्कृत को नमन करता हूं।'' उन्होंने कहा, ''देववाणी एवं वेदवाणी संस्कृत के संवर्धन को समर्पित विश्व संस्कृत दिवस की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं!'' उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 'एक्स' पर कहा, ''देववाणी एवं वेदवाणी संस्कृत के संवर्धन को समर्पित विश्व संस्कृत दिवस की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।''
- कोझिकोड (केरल)। केरल में कोझिकोड रेलवे स्टेशन से रवाना हुई संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से 64 वर्षीय महिला को धक्का देकर नीचे गिरा दिया गया और उससे आठ हजार रुपये से अधिक नकद और एक मोबाइल फोन लूट लिया। रेलवे पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। रेलवे पुलिस के अनुसार, पीड़िता अपने भाई के साथ महाराष्ट्र के पनवेल से केरल के त्रिशूर जा रही थी। घटना उस समय हुई जब ट्रेन कोझिकोड स्टेशन से निकलने के तुरंत बाद धीमी गति से गुजर रही थी। उन्होंने बताया कि महिला दरवाजे के पास अपने भाई का इंतजार कर रही थी जो शौचालय में गया था। इस दौरान आरोपी ने उसका बैग छीनने की कोशिश की और विरोध करने पर उसे ट्रेन से धक्का दे दिया। आरोपी भी ट्रेन से कूद गया और महिला का सामान लेकर मौके से भाग निकला।पुलिस ने बताया कि ट्रेन से गिरने के कारण महिला के सिर के पिछले हिस्से में चोट लगी, हालांकि उसे कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। उन्होंने कहा, "महिला को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज ले जाया गया और बाद में उसे छुट्टी दे दी गई।"महिला ने कहा कि वह आदमी अचानक आया और उनका बैग छीनने की कोशिश करने लगा।उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में दावा किया, "जब उसने ट्रेन से कूदने की कोशिश की तो मैंने उसे जाने नहीं दिया और उसकी शर्ट पकड़ ली। इसलिए, उसने मुझे धक्का दिया और मैं ट्रेन से पीछे की ओर पटरी पर गिर गई।" उन्होंने आगे कहा, "जिस ट्रैक पर मैं गिरी, उस पर एक और ट्रेन आ रही थी और मेरी ट्रेन में मौजूद लोग मुझे दूर हटने के लिए चिल्लाने लगे। ट्रेन आने से पहले मैं किसी तरह पटरी से उठने में सफल रही। मैं खून से लथपथ थी।" उन्होंने कहा कि संपर्क क्रांति में सवार यात्रियों ने ट्रेन को रोकने के लिए चेन खींच दी। महिला ने दावा किया, "मैं डर गई थी। मेरे सिर पर गहरा घाव होने के कारण मुझे पास के अस्पताल ले जाया गया और वहां से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।" रेलवे पुलिस ने कहा कि आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की गई है।
- बेंगलुरु,। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को कहा कि बालाकोट हवाई हमले से हुए नुकसान की तस्वीरें उपलब्ध न होना एक ‘‘बड़ा मुद्दा'' बन गया था और लोग इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हो पा रहे थे कि क्या हासिल हुआ, लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान ‘‘बालाकोट के उस भूत'' का ख्याल रखा गया। यहां 16वें एयर चीफ मार्शल एल एम कात्रे स्मृति व्याख्यान में उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमानों और एक बड़े विमान को मार गिराया। उन्होंने इसे भारत द्वारा सतह से हवा में मार गिराने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बताया। उन्होंने कहा, "जब हमने बालाकोट (हमला) किया, तो हमने कुछ (ऑपरेशन सिंदूर जैसा) ऐसा ही किया था।" उन्होंने कहा कि चूंकि कोई तस्वीर उपलब्ध नहीं थी, इसलिए यह एक बड़ा मुद्दा बन गया। वायुसेना प्रमुख कहा, "दुर्भाग्यवश, हम अपने लोगों को यह नहीं बता सके कि हम क्या हासिल कर पाए। हमारे पास खुफिया जानकारी थी कि भारी क्षति हुई है; बहुत सारे आतंकवादी मारे गए, लेकिन हम अपने लोगों को आश्वस्त नहीं कर सके। लेकिन (इस बार) हम भाग्यशाली रहे और ये वीडियो सार्वजनिक कर पाए।" उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि हम बालाकोट के उस भूत से निपट पाए।"भारत ने बालाकोट में हवाई हमले किए, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) आतंकवादी समूह के एक प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किए गए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने ये हमले किए थे। पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान मारे गए थे।
- श्रीनगर। भगवान शिव के केसरिया वस्त्र में लिपटी पवित्र ‘छड़ी मुबारक' को शनिवार को पारंपरिक पूजा और अनुष्ठान के लिए अमरनाथ पवित्र गुफा ले जाया गया जिसके साथ वार्षिक तीर्थयात्रा औपचारिक रूप से संपन्न हो गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘श्रावण पूर्णिमा' के अवसर पर एक रात के विश्राम के बाद छड़ी मुबारक सुबह पंचतरणी शिविर से रवाना हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक पूजा-अर्चना और अनुष्ठान संपन्न हुआ। अधिकारियों ने कहा कि पवित्र छड़ी के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में पवित्र गुफा में विशेष प्रार्थना आयोजित की गई। ‘आरती' के बाद छड़ी मुबारक रात के विश्राम के लिए पुनः पंचतरणी लौट आई। यह पवित्र छड़ी रविवार को पहलगाम के लिए रवाना होगी जहां सोमवार को लिद्दर नदी के किनारे पूजन और विसर्जन समारोह होंगा। इस वर्ष 4.14 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा में भाग लिया। मौसम की खराबी और मार्ग फिसलन भरा होने के कारण यात्रा का समापन दो अगस्त को कर दिया गया था। पिछले वर्ष 5.10 लाख यात्रियों ने दक्षिण कश्मीर हिमालय स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक हिमलिंग के दर्शन किए थे।
- गंगटोक ।देश के सभी प्रमुख धर्मों और जातीय समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाली पांच राज्यों की 18 महिलाओं ने सिक्किम में भारत-चीन सीमा की सुरक्षा कर रहे सुरक्षाकर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। सिक्किम, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और असम की महिलाओं ने 14,250 फुट पर स्थित नाथू ला में तैनात सैनिकों और 12,500 फुट पर स्थित लुंगथुंग कैंप में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों की कलाई पर राखी बांधी। महिलाओं ने सबसे पहले गंगटोक में सिक्किम के मुख्य सचिव रवींद्र तैलंग की कलाई पर राखी बांधी।यहां जारी एक बयान में बताया गया कि इसके बाद वे सुरक्षा जवानों की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुदूर इलाकों गईं। छत्तीसगढ़ की श्रुति वर्मा ने कहा, ‘‘हम यहां अपने सैनिक भाइयों के प्रति प्रेम और आभार व्यक्त करने आए हैं, जो अपने परिवारों से दूर रहते हैं, ताकि हम शांतिपूर्वक रह सकें।'' कार्यक्रम के आयोजक सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत यादव ने कहा कि भारत-चीन सीमा पर आयोजित रक्षाबंधन समारोह के मूल में राष्ट्रीय एकता और भावनात्मक बंधन की भावना थी। उनके संगठन के 35 लोगों ने गंगटोक के रानीपुल स्थित एसएसबी मुख्यालय में भी रक्षाबंधन मनाया।इस बीच, ग्यालशिंग जिले के युकसम में एसएसबी की 72वीं बटालियन द्वारा भी रक्षाबंधन मनाया गया। तथांग ‘जूनियर हाई स्कूल' की छात्राओं ने एसएसबी अधिकारियों और कर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। अधिकारियों ने छात्रों को एसएसबी में भर्ती प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी और एक प्रदर्शनी के माध्यम से बल द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गोला-बारूद और हथियारों से परिचित कराया। गंगटोक स्थित राजभवन में भी यह पर्व मनाया गया। आईटीबीपी की महिला बटालियन की सदस्यों ने राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर की कलाई पर राखी बांधी। माथुर ने कहा, ‘‘रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। यह भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ-साथ समाज में आपसी विश्वास, सुरक्षा और स्नेह की भावना को भी मजबूत करता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह त्योहार हमें आपसी सम्मान, सामाजिक सद्भाव और पारिवारिक मूल्यों को मज़बूत करने की प्रेरणा देता है।'' मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने अपने राज्य सिक्किम एवं उसके लोगों की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
- नागपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि आज की दुनिया में जो देश ‘दादागिरी' कर रहे हैं, वे ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि उनके पास प्रौद्योगिकी है और वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं। गडकरी ने यहां स्थित विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के निर्यात को बढ़ाने और आयात को कम करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। गडकरी ने कहा, ‘‘अगर हमारे निर्यात और अर्थव्यवस्था की दर बढ़ती है, तो मुझे नहीं लगता कि हमें किसी के पास जाने की जरूरत पड़ेगी। जो लोग ‘दादागिरी' कर रहे हैं, वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं और उनके पास प्रौद्योगिकी है। अगर हमें बेहतर प्रौद्योगिकी और संसाधन मिल जाएं, तो हम किसी पर धौंस नहीं जमाएंगे, क्योंकि हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि विश्व का कल्याण सबसे महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम वैश्विक स्तर पर विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं और इन सभी समस्याओं का समाधान विज्ञान और प्रौद्योगिकी है, अर्थात ज्ञान, जो एक शक्ति है।'' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि यदि भारत को ‘विश्वगुरु' बनना है तो निर्यात बढ़ाना और आयात कम करना आवश्यक है।
- नयी दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वाशिंगटन में अर्मेनिया-अजरबैजान के बीच हुए शांति समझौते को शनिवार को वार्ता और कूटनीति के लिए एक ‘महत्वपूर्ण उपलब्धि' बताया जिसकी भारत वकालत करता है। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि उन्होंने अपने अर्मेनियाई समकक्ष अरारत मिर्जोयान से बात की और उन्हें इस घटनाक्रम पर बधाई दी। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस में शुक्रवार को आयोजित शांति शिखर सम्मेलन में अर्मेनिया और अजरबैजान के नेताओं ने दशकों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। जयशंकर ने कहा, ‘‘अर्मेनियाई विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान से बात करके अच्छा लगा। वाशिंगटन में हुए अर्मेनिया-अजरबैजान शांति संधि के लिए उन्हें बधाई दी। यह संवाद और कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जिसकी भारत हमेशा वकालत करता है।
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों के लिए एक खास तोहफा पेश किया है। फेस्टिवल सीजन को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने ‘राउंड ट्रिप पैकेज’ स्कीम शुरू की है, जिसमें रिटर्न टिकट पर छूट दी जाएगी। यह योजना खास तौर पर उन यात्रियों के लिए है जो दीवाली और छठ जैसे त्योहारों पर अपने घर जा रहे हैं। इस स्कीम का मकसद न सिर्फ यात्रियों को सुविधा देना है, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को कम करना और ट्रेनों का दोनों तरफ बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह एक प्रयोग के तौर पर शुरू की गई योजना है। इसके तहत फेस्टिवल सीजन में यात्रियों को आसानी से टिकट बुक करने में मदद मिलेगी और पीक टाइम में ट्रैफिक को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा। यह स्कीम खास तौर पर उन यात्रियों के लिए बनाई गई है जो अपने घर आने-जाने के लिए दोनों तरफ की टिकट एक साथ बुक करते हैं।कौन उठा सकता है इस स्कीम का फायदा?राउंड ट्रिप पैकेज के तहत छूट तभी मिलेगी, जब यात्री एक ही बार में आने और जाने दोनों की टिकट बुक करें। साथ ही, दोनों यात्राओं के लिए यात्रियों का डिटेल एक ही होना चाहिए। यानी, जो लोग आगे की यात्रा के लिए टिकट बुक करते हैं, वही लोग रिटर्न जर्नी के लिए भी टिकट ले सकते हैं। रेलवे ने साफ किया है कि यह छूट सिर्फ कन्फर्म टिकटों पर ही लागू होगी।टिकट बुकिंग 14 अगस्त से शुरू होगी और यह स्कीम 13 अक्टूबर 2025 से 26 अक्टूबर 2025 के बीच शुरू होने वाली ट्रेनों के लिए लागू होगी। रिटर्न जर्नी की टिकट 17 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 के बीच शुरू होने वाली ट्रेनों के लिए बुक की जा सकेगी। रिटर्न टिकट बुक करने के लिए एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) लागू नहीं होगा। छूट सिर्फ रिटर्न जर्नी के बेस फेयर पर दी जाएगी, जो कि 20 फीसदी होगी। यह छूट उसी क्लास और उसी ओरिजिन-डेस्टिनेशन जोड़ी के लिए होगी, जो आगे की यात्रा के लिए बुक की गई है।रेलवे ने यह भी साफ किया है कि इस स्कीम के तहत बुक किए गए टिकटों का रिफंड नहीं होगा। साथ ही, रिटर्न जर्नी के लिए कोई दूसरी छूट, रेल यात्रा कूपन, वाउचर, पास या PTO जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यह स्कीम सभी क्लास और सभी ट्रेनों (स्पेशल ट्रेनों सहित) के लिए लागू होगी, सिवाय उन ट्रेनों के जिनमें फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू है। टिकट में कोई बदलाव भी नहीं किया जा सकेगा। बुकिंग का तरीका, चाहे ऑनलाइन हो या काउंटर, दोनों यात्राओं के लिए एक ही होना चाहिए। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार सुबह भारी बारिश के बीच जैतपुर के हरिनगर में मोहन बाबा मंदिर के पास दीवार गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली अग्निशमन सेवा ने बताया कि पुलिस दल के साथ दमकल की तीन गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं।
अग्निशमन विभाग को शनिवार सुबह नौ बजकर 16 मिनट पर घटना के बारे में सूचना मिली।
अधिकारियों ने बताया कि दीवार ढहने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।
राष्ट्रीय राजधानी में रात भर भारी बारिश हुई और भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार के लिए ‘रेड अलर्ट' जारी किया। दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में बारिश शुक्रवार देर रात 11 बजे शुरू हुई थी। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अपने आवास पर रक्षाबंधन मनाया, जहां स्कूली बच्चों और आध्यात्मिक संगठन ‘ब्रह्माकुमारी' की सदस्यों ने उनकी कलाई पर राखी बांधी। यह त्योहार भाई-बहन के पारंपरिक बंधन का उत्सव है।
मोदी ने इस उत्सव की एक वीडियो क्लिप साझा की, जिसमें युवा छात्राओं के एक समूह ने अपनी खुशी और भावनाओं को व्यक्त किया है। एक छात्रा ने उन्हें "योद्धा और रक्षक" कहकर सराहा, तो कुछ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र किया। एक स्कूली छात्रा ने कहा कि वह "मोदी अंकल" के लिए मोर वाली राखी लाई है, जबकि एक अन्य ने उनकी तरह प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताई। प्रधानमंत्री ने एक छात्रा की प्रशंसा की, जिसने कई सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्हें एक कविता में शामिल किया था। मोदी ने इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए ‘एक्स' पर एक संदेश भी पोस्ट किया। वीडियो क्लिप पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा, "आज रक्षाबंधन के एक बेहद खास उत्सव की झलकियां यहां प्रस्तुत हैं। हमारी नारी शक्ति के निरंतर विश्वास और स्नेह के लिए उनका आभार। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ‘भारत छोड़ो आंदोलन' की 83वीं वर्षगांठ पर इसमें भाग लेने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके साहस ने देशभक्ति की ऐसी चिनगारी जलाई जिसने स्वतंत्रता की ललक में असंख्य लोगों को एकजुट किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम उन सभी बहादुर लोगों को गहरी कृतज्ञता के साथ याद करते हैं, जिन्होंने बापू के प्रेरक नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया।'' मोदी ने कहा, ‘‘उनके साहस ने देशभक्ति की एक चिनगारी जलाई जिसने स्वतंत्रता की ललक में अनगिनत लोगों को एकजुट किया।'' महात्मा गांधी ने 1942 में ब्रिटिश शासन को हटाने का आह्वान करते हुए आंदोलन शुरू किया था, जिसके परिणामस्वरूप औपनिवेशिक शासकों ने कांग्रेस के लगभग पूरे नेतृत्व को गिरफ्तार कर लिया था।
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बेंगलुरु. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को बेंगलुरु मेट्रो की बहुप्रतीक्षित येलो लाइन जनता को समर्पित करेंगे और बेंगलुरु-बेलगावी के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखायेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा साझा किए गए कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी यहां के अपने लगभग चार घंटे के दौरे के दौरान तीन कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर एचएएल हवाई अड्डे पर उतरने के बाद प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर एवं सड़क मार्ग से केएसआर बेंगलुरु (शहर) रेलवे स्टेशन जाएंगे, जहां वे केएसआर बेंगलुरु-बेलगावी के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। वह अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा और अजनी (नागपुर)-पुणे के बीच दो और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी सड़क मार्ग से येलो लाइन पर आरवी रोड (रागीगुड्डा) मेट्रो स्टेशन जाएंगे और यहां 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट के बीच वह येलो लाइन को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्टेशन तक मेट्रो में सफर करेंगे। वहां से मोदी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) बेंगलुरु जाएंगे, जहाँ संस्थान के सभागार में वह बेंगलुरु मेट्रो चरण-चार की आधारशिला रखेंगे और आरवी रोड (रागीगुड्डा) से बोम्मासंद्रा स्टेशन तक येलो लाइन का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से एचएएल हवाई अड्डे जाएंगे और अपराह्न दो बजकर 45 मिनट पर दिल्ली वापस आ जाएंगे। बेंगलुरु मेट्रो की आरवी रोड से बोम्मासंद्रा तक 19.15 किलोमीटर लंबी 16 स्टेशन वाली येलो लाइन 5,056.99 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई है। मेट्रो के चरण तीन के तहत बनने वाली ‘ऑरेंज लाइन' 44.65 किलोमीटर लंबी होगा और इसके निर्माण पर अनुमानित 15,611 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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अमरावती. न्याय प्रदान करने के मामले में आंध्र प्रदेश ने 18 बड़े और मध्यम आकार के राज्यों में दूसरा स्थान हासिल किया है। 'इंडिया जस्टिस रिपोर्ट-2025' में यह कहा गया है। राज्य 2022 में पांचवें स्थान पर था।
रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी राज्य 'कारागार' श्रेणी में चौथे स्थान पर तथा 'कानूनी सहायता' के मामले में पांचवें स्थान पर है। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) की राष्ट्रीय प्रवक्ता ज्योत्सना तिरुनगरी ने कहा, "हम अपनी रैंकिंग में इस नाटकीय बदलाव से बेहद खुश हैं। हम अगली रैंकिंग में नंबर 1 बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" टाटा ट्रस्ट ने इसे शुरु किया था और पहली बार 2019 में इसका प्रकाशन हुआ था। -
नयी दिल्ली. रेल मंत्रालय ने शनिवार को एक योजना की घोषणा की, जिसके तहत एक ही ट्रेन से 13-26 अक्टूबर के बीच यात्रा और 17 नवंबर से एक दिसंबर तक वापसी के लिए बुक किए गए टिकटों पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह छूट 14 अगस्त से बुक किए गए टिकटों पर लागू होगी और यह छूट राजधानी, शताब्दी, दुरंतो जैसी ट्रेन पर लागू नहीं होगी, जिसमें किराये में मांग के आधार बढ़ोतरी होती है। रेल मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "एआरपी (अग्रिम आरक्षण अवधि) तिथि 13 अक्टूबर 2025 के लिए बुकिंग शुरू होने की तारीख 14.08.2025 होगी।" इसमें कहा गया है, "यात्रा की शुरुआत का टिकट पहले 13 अक्टूबर 2025 और 26 अक्टूबर 2025 के बीच ट्रेन शुरू होने की तारीख के लिए बुक किया जाएगा और बाद में 17 नवंबर और एक दिसंबर 2025 के बीच ट्रेन शुरू होने की तारीख के लिए कनेक्टिंग यात्रा सुविधा का उपयोग करके वापसी यात्रा टिकट बुक किया जाएगा।" इसमें स्पष्ट किया गया है कि अग्रिम आरक्षण अवधि, जो 13 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक है, वापसी यात्रा की बुकिंग के लिए लागू नहीं होगी। विज्ञप्ति में कहा गया है, "इस योजना के तहत, यात्रियों के एक ही समूह के लिए जाने और आने दोनों यात्राओं के लिए बुकिंग कराने पर छूट लागू होगी। वापसी यात्रा का यात्री विवरण आगे की यात्रा के समान ही होगा।" मंत्रालय ने कहा, "बुकिंग केवल दोनों दिशाओं में कन्फर्म टिकटों के लिए ही स्वीकार्य होगी। वापसी यात्रा के मूल किराए पर ही 20 प्रतिशत की कुल छूट दी जाएगी।" विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस योजना के तहत बुकिंग जाने और आने दोनों यात्राओं के लिए एक ही श्रेणी और एक ही प्रस्थान-गंतव्य ट्रेन के लिए होगी। इसमें स्पष्ट किया गया है, "इस योजना के तहत बुक किए गए टिकटों पर किराया वापस नहीं किया जाएगा।"
- नयी दिल्ली।' सरकार ने कहा है कि चालू वर्ष में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) देशभर में 22 स्थलों पर खुदाई कर रहा है। संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में यह भी बताया कि एएसआई के संज्ञान में आया है कि इसके बजट व व्यय के संबंध में एक मीडिया प्रतिष्ठान द्वारा प्रकाशित कुछ रिपोर्ट ‘‘भ्रामक हैं और तथ्यात्मक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं''। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले 10 वर्षों में एएसआई का व्यय उसके आवंटित बजट की तुलना में बहुत कम रहा है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि एएसआई नागपुर, दिल्ली, पटना, भुवनेश्वर, वडोदरा और मैसूर में स्थित छह समर्पित इकाइयों का संचालन करता है, जिनके पास सालाना पुरातात्विक अन्वेषण और उत्खनन कार्य करने का दायित्व है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत सरकार के अंतर्गत अन्वेषण और उत्खनन के लिए बजट आवंटन में पर्याप्त वृद्धि देखी गई है। 2024-25 में, इस मद के तहत 15 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई जो 2014-15 में 6.53 करोड़ रुपये के आवंटन से लगभग 2.3 गुना अधिक है।'' बयान में कहा गया कि यह वृद्धि देश की पुरातात्विक संपदा के संरक्षण, अनुसंधान और वैज्ञानिक अध्ययन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘केवल चालू वर्ष में ही एएसआई देश भर में 22 स्थलों पर खुदाई कर रहा है।''
- जयपुर। राजस्थान के दौसा जिले में सड़क हादसे में दो बहनों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बताया कि यह दुर्घटना शुक्रवार शाम जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिकंदरा थाना क्षेत्र में उस समय हुई जब कार सवार पांच लोग जयपुर के बस्सी में परीक्षा देने के बाद गांव लौट रहे थे। उसने बताया कि एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। थाना प्रभारी ने बताया कि अशोक चौधरी ने बताया कि इस हादसे में कार सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल तीन लोगों ने जयपुर ले जाते समय दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान यादराम मीणा (36), मोनिका मीणा (18), वेदिका मीणा (21), अर्चना मीणा (20) और मुकेश महावर (27) के रूप में हुई है। थाना प्रभारी ने बताया कि अर्चना और मोनिका बहनें थीं।





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