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नयी दिल्ली। केंद्रीय बजट 2025-26 में शनिवार को गृह मंत्रालय को 2,33,210.68 करोड़ रुपये आवंटित किये गए, जिसमें से 1,60,391.06 करोड़ रुपये सीआरपीएफ, बीएसएफ और सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय पुलिस बलों को दिये जाएंगे। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ) आंतरिक सुरक्षा, सीमा की रखवाली और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। केंद्रीय बजट 2024-25 में केंद्रीय गृह मंत्रालय को 2,19,643.31 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू कश्मीर को 41,000.07 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश बन गया। बजट में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को 6,212.06 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ को 6,187.48 करोड़ रुपये, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को 2,780 करोड़ रुपये, लद्दाख को 4,692.15 करोड़ रुपये, लक्षद्वीप को 1,586.16 करोड़ रुपये तथा पुडुचेरी को 3,432.20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बजट में जनगणना से जुड़े काम के लिए मात्र 574.80 करोड़ रुपये (2024-25 में 572 करोड़ रुपये) आवंटित किए गए हैं, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस कवायद में और देरी होगी। जनगणना 2020-21 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।अर्धसैनिक बलों में सीआरपीएफ को 35,147.17 करोड़ रुपये ,बीएसएफ को 28,231.27 करोड़ रुपये, सीआईएसएफ को 16,084.83 करोड़ रुपये, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को 10,370 करोड़ रुपये, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को 10,237.28 करोड़ रुपये और असम राइफल्स को 8,274.29 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। खुफिया ब्यूरो (आईबी) को 3,893.35 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल(एनडीआरएफ) को 1,922.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।सीमा अवसंरचना एवं प्रबंधन के लिए 5,597.25 करोड़ रुपये, पुलिस अवसंरचना के विकास के लिए 4,379.20 करोड़ रुपये, महिला सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए 960.12 करोड़ रुपये, सुरक्षा संबंधी व्यय के लिए 4,876.34 करोड़ रुपये और (सीमावर्ती क्षेत्रों में) ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के लिए 1,056.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बजट में मंत्रिमंडल को 1,024.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके अंतर्गत मंत्रिपरिषद, कैबिनेट सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), सरकार के आतिथ्य पर होने वाले व्यय आते हैं। वहीं, प्राकृतिक आपदाओं के कारण राहत सहित विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों के लिए 2,721.20 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। सुरक्षित शहर परियोजना के लिए 215.34 करोड़ रुपये, राज्य सरकारों को अनुदान सहायता 3,494.39 करोड़ रुपये, केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को अनुदान सहायता 1,515.02 करोड़ रुपये तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र पर पूंजीगत परिव्यय के लिए 810.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। - नयी दिल्ली। जमीनी स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज और उन्हें प्रोत्साहित करने की सरकार की प्रमुख योजना ‘खेलो इंडिया' को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को यहां पेश किये गये केंद्रीय बजट में सबसे ज्यादा फायदा हुआ। खेलों के लिए आवंटन में 351.98 करोड़ रुपये की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की गयी है जिसका सबसे बड़ा हिस्सा खेलो इंडिया कार्यक्रम को मिलेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह 2024-25 के 800 करोड़ रुपये के अनुदान से 200 करोड़ रुपये अधिक है। युवा मामले एवं खेल मंत्रालय को कुल मिलाकर 3,794.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। यह रकम पिछले साल की तुलना में 351.98 करोड़ रुपये अधिक है। यह बढ़ोतरी इस बात को ध्यान में रखते हुए अधिक है कि अगले वर्ष ओलंपिक, राष्ट्रमंडल या एशियाई खेलों जैसा कोई बड़ा खेल आयोजन नहीं है। राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता के लिए निर्धारित राशि को भी 340 करोड़ रुपये से मामूली तौर पर बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है। भारत वर्तमान में 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए एक महत्वाकांक्षी बोली की तैयारी कर रहा है। भारत ने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को एक आशय पत्र प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय शिविरों के संचालन और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए साजो-सामान व्यवस्था के लिए नोडल निकाय भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के लिए आवंटन 815 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 830 करोड़ रुपये कर दिया गया। साइ देश भर में स्टेडियमों के रखरखाव और उपयोग के लिए भी जिम्मेदार है।राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला के लिए भी इसी तरह की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। उसे वित्तीय वर्ष में 23 करोड़ रुपये मिलेंगे जो 2024-25 के 18.70 करोड़ रुपये से अधिक है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी का बजट 20.30 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 24.30 करोड़ रुपये कर दिया गया।राष्ट्रीय खेल विकास कोष में योगदान लगातार दूसरे वर्ष 18 करोड़ रुपये जारी रहेगा।सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए अनुदान को 42.65 करोड़ रुपये से घटा कर 37 करोड़ रुपये करने का फैसला किया है। इसी तरह की कटौती की घोषणा राष्ट्रीय युवा एवं किशोर विकास कार्यक्रम और युवा छात्रावास के कोष में भी की गयी है। बहुपक्षीय निकायों और युवा विनिमय कार्यक्रमों के लिए योगदान को हालांकि 11.70 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 55 करोड़ रुपये कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर में खेल सुविधाएं बढ़ाने के लिए 20 करोड़ रुपये के कोष को मंजूरी दी गई है, जो पिछले साल से 14 करोड़ रुपये ज्यादा है। बढ़े हुए बजट का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) को दिया जाएगा। इसे 450 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो पिछले वर्ष से 200 करोड़ रुपये अधिक है। राष्ट्रीय सेवा योजना का लक्ष्य ‘स्कूलों और कॉलेजों में युवाओं के चरित्र और व्यक्तित्व का विकास करना' है। यह एक ऐसी योजना है जो सामाजिक कार्य और सामुदायिक सेवा के माध्यम से युवाओं को आकार देने की दिशा में काम करती है।
- नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए आम बजट को सर्वजनहिताय एवं सर्वजन सुखाय के साथ ही ‘विकसित भारत' बनाने के सरकार के संकल्प की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। मध्यम वर्ग को राहत देते हुए सीतारमण ने अपने सुधारवादी बजट के हिस्से के रूप में 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आयकर से छूट दी और कर स्लैब में भी फेरबदल की घोषणा की। नड्डा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार का आम बजट सर्वजनहिताय एवं सर्वजन सुखाय के साथ ही ‘विकसित भारत' निर्माण के संकल्प की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह आम बजट सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के नवनिर्माण को दिशा प्रदान करेगा। इसमें महिला, मजदूर, गरीब, किसान, युवा, व्यापारी, कृषि, मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक राहत, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, उद्योग, निवेश और निर्यात समेत सभी क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा गया है।'' नड्डा ने ‘विकसित भारत' की संकल्पना को ‘चरितार्थ करते' हुए इस बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम को बधाई दी।
- नयी दिल्ली।.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लिए ब्याज सहायता योजना की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की। शनिवार को संसद में बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए ऋण गारंटी कवर बढ़ाएगी ताकि उनकी कर्ज तक पहुंच में सुधार हो सके। इसके अलावा, सरकार सूक्ष्म उद्यमों के लिए पांच लाख रुपये की सीमा वाले ‘कस्टमाइज्ड' क्रेडिट कार्ड पेश करेगी। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋण की सुविधा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि अच्छी तरह से संचालित निर्यातोन्मुख एमएसएमई को 20 करोड़ रुपये तक का सावधि ऋण प्रदान किया जाएगा।
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नयी दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि सरकार एक करोड़ ‘गिग' श्रमिकों की सहायता के लिए ई-श्रम मंच पर पहचान पत्र और पंजीकरण की व्यवस्था करेगी। ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए डिलिवरी सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारी आदि गिग कर्मियों की श्रेणी में आते हैं। केंद्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि शहरी श्रमिकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए एक योजना लागू की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ ऑनलाइन मंच के ‘गिग' वर्कर ‘न्यू एज' सेवा अर्थव्यवस्था को बहुत गतिशीलता प्रदान करते हैं। उनके योगदान को मान्यता देते हुए हमारी सरकार ई-श्रम पोर्टल पर उनके पहचान पत्र और पंजीकरण की व्यवस्था करेगी।'' सीतारमण ने कहा कि ऐसे श्रमिकों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान की जाएंगी और इस उपाय से करीब एक करोड़ श्रमिकों को सहायता मिलने की संभावना है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि अगले वर्ष तक मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 सीट जोड़ी जाएंगी, जबकि उसके अगले पांच वर्षों में 75,000 सीट और जोड़ी जाएंगी। सरकार अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में ‘डेकेयर' कैंसर केंद्रों की स्थापना की सुविधा भी प्रदान करेगी।
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नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आम बजट शनिवार को पेश हो गया है। इस बजट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए इसे आम जनता का बजट बताया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम को इस जनता जनार्दन के बजट के लिए बहुत बधाई देता हूं।
आज भारत की विकास यात्रा महत्वपूर्ण पड़ाव परपीएम मोदी ने कहा, “आज भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। ये 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का बजट है, ये हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है। हमने कई सेक्टर युवाओं के लिए खोल दिए हैं। सामान्य नागरिक विकसित भारत के मिशन को ड्राइव करने वाला है। ये बजट बचत को बढ़ाएगा, निवेश को बढ़ाएगा, खपत को बढ़ाएगा और ग्रोथ को भी तेजी से बढ़ाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम को इस जनता जनार्दन के बजट के लिए बहुत बधाई देता हूं।”बजट रिफॉर्म की दिशा में अहम कदमउन्होंने कहा, “आम तौर पर बजट का फोकस इस बात पर रहता है कि सरकार का खजाना कैसे भरेगा, लेकिन ये बजट उससे बिल्कुल उल्टा है। ये बजट देश के नागरिकों की जेब कैसी भरेगी, उनकी बचत कैसे बढ़ेगी और वे विकास के भागीदार कैसे बनेंगे, इसकी बहुत मजबूत नींव रखता है। इस बजट में रिफॉर्म की दिशा में अहम कदम उठाए गए हैं।”न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में निजी सेक्टर को बढ़ावा देने का निर्णय ऐतिहासिकप्रधानमंत्री मोदी ने न्यूक्लियर एनर्जी में निजी सेक्टर को बढ़ावा देने के निर्णय को एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा, “न्यूक्लियर एनर्जी में निजी सेक्टर को बढ़ावा देने का निर्णय बहुत ही ऐतिहासिक है। ये आने वाले समय में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी का बड़ा योगदान देश के विकास में सुनिश्चित करेगा। बजट में रोजगार के सभी क्षेत्रों को हर प्रकार से प्राथमिकता दी गई है।”बजट से आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति मिलने की संभावनापीएम मोदी ने कहा कि मैं दो चीजों को बहुत अहम मानता हूं। एक इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेटस देने के कारण भारत में बड़े शिप्स के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति मिलेगी। ये सबसे अधिक रोजगार वाला सेक्टर है। टूरिज्म की बहुत संभावनाएं हैं। महत्वपूर्ण 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर होटल बनाएंगे, उन्हें पहली बार इन्फ्रास्ट्रक्चर के दायरे में लाकर टूरिज्म पर बहुत बल दिया है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर रोजगार का बहुत बड़ा क्षेत्र है।पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम मिशन लांचपीएम मोदी ने कहा, “आज देश विकास भी, विरासत भी इस मंत्र को लेकर चल रहा है। इस बजट में भी इसके लिए बहुत ठोस कदम उठाए गए हैं। एक करोड़ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम मिशन लांच किया गया है। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरित एक नेशनल डिपोजिटरी बनाई जाएगी। परंपरागत ज्ञान से अमृत निचोड़ने का काम किया जाएगा।”ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई क्रांति आएगीपीएम मोदी किसानों के लिए की गई घोषणाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “किसानों के लिए जो घोषणाएं की गई हैं, वे कृषि क्षेत्र और समूची ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई क्रांति का आधार बनेंगी। ‘पीएम धन धान्य कृषि योजना’ के तहत सौ जिलों में सिंचाई और इन्फ्रास्ट्रक्चर का डेवलपमेंट होगा। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 5 लाख तक होने से उन्हें मदद मिलेगी।”बजट में 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स से मुक्तटैक्स को लेकर की गई घोषणा पर प्रधानमंत्री ने कहा, “इस बजट में 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स से मुक्त कर दिया गया है। सभी आय वर्ग के लोगों के लिए टैक्स में भी कमी की गई है। इसका बहुत फायदा मिडिल क्लास और नौकरी पेशा लोगों को होगा। इसी प्रकार से जो नए-नए प्रोफेशन में आए हैं, इनकम टैक्स की मुक्ति उनके लिए अवसर बन जाएगी।”राज्यों में निवेश का एक जीवंत प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनेगाउन्होंने बताया, “इस बजट में मैन्युफैक्चरिंग पर 360 डिग्री फोकस है। ताकि एंटरप्रेन्योर, एमएसएमई, छोटे उद्यमियों को मजबूती मिले और नई जॉब पैदा हो। नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन से लेकर क्लीन टेक, लैदर, फुटवियर, टॉय इंडस्ट्री जैसे सेक्टर को विशेष समर्थन दिया गया है। भारतीय प्रोडक्ट ग्लोबल मार्केट में अपनी चमक बिखेर सकें। राज्यों में निवेश का एक जीवंत प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बने, इसका बजट में ध्यान दिया गया है।”बजट से स्वास्थ्य सेवा और सोशल नीतियों काे लाभ मिलेगाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए क्रेडिट गारंटी को दोगुना किया गया है। देश के एससी-एसटी और महिला उद्यमियों के लिए 2 करोड़ के लोन की योजना लाई गई है। इस बजट में न्यू एज इकोनॉमी को ध्यान में रखते हुए गिग वर्कर पर ध्यान दिया गया है। पहली बार उनका ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें स्वास्थ्य सेवा और सोशल नीतियों का लाभ मिलेगा। जो सरकार के कमिटमेंट को दर्शाता है।”बजट देश का भविष्य तैयार करने में सक्षमपीएम ने कहा, “रेगुलेटरी रिफॉर्म्स से लेकर फाइनेंशियल रिफॉर्म, जन विश्वास 2.0 जैसे कदमों से मिनिमम गवर्नमेंट और ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेंस जैसे हमारे कमिटमेंट को और बल मिलेगा। ये बजट न केवल देश की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है, बल्कि हमें भविष्य की तैयारी करने में भी मदद करता है। स्टार्टअप के लिए डीप टेक फंड, जियोस्पेशल मिशन और न्यूक्लियर एनर्जी मिशन, ऐसे ही महत्वपूर्ण कदम हैं। मैं देशवासियों को इस ऐतिहासिक पीपुल्स बजट की बधाई देता हूं।” -
नई दिल्ली। तीर्थराज प्रयाग में जारी महाकुंभ में करोड़ों लोग आस्था की पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। इसी बीच, महाकुंभ में शनिवार को विभिन्न देशों के राजनयिकों और विदेशी अतिथियों का आगमन हुआ। 73 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिव्य-भव्य, नव्य महाकुंभ को देखकर अभिभूत हो उठा। इन अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि प्रयागराज में जारी महाकुंभ भारतीय संस्कृति और धरोहर को दर्शाता है।
योगी सरकार ने अतिथियों का किया स्वागतप्रयागराज पहुंचकर इन लोगों ने खुद को सौभाग्यशाली बताया। इन अतिथियों ने योगी सरकार और विदेश मंत्रालय द्वारा राजनयिकों के लिए इस यात्रा की व्यवस्था पर खुशी भी जताई। वहीं, प्रयागराज पहुंचने पर अतिथियों का स्वागत किया गया। भारत में जापान के राजदूत केइची ओनो ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय राजनयिकों के लिए इस यात्रा की व्यवस्था कर रहा है। महाकुंभ मेला बहुत ही खास आयोजन है, खासकर इस साल। इसी कारण मैं हिंदू संस्कृति को समझने के लिए वहां जाने के लिए उत्सुक हूं।भारतीय परंपराओं की सराहना कीभारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो काउचिनो ने अपनी महाकुंभ यात्रा पर खुशी जताई। उन्होंने महाकुंभ में आकर परंपराओं के पालन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैं इस महत्वपूर्ण समारोह में भाग लेकर प्रसन्न हूं। यहां की परंपराओं का पालन करके बहुत खुशी भी हो रही है।महाकुंभ में आना सौभाग्य की बातभारत में लिथुआनिया की राजदूत डायना मिकेविकिएने ने अपनी महाकुंभ यात्रा को लेकर कहा कि वह यहां के वातावरण का आनंद लेंगी। उन्होंने कहा कि मैं कई वर्षों से भारत से जुड़ी हुई हूं। मैं हमेशा यहां आना चाहती थी, लेकिन कभी भी किसी कुंभ में जाने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने आगे कहा कि आज यह खास और शुभ महाकुंभ का समय है, यह सौभाग्य है कि मैं भारत में हूं। मैं यहां के वातावरण का आनंद लूंगी। यह दृश्य मेरी आंखों और आत्मा के लिए गौरवान्वित करने वाला है। मैं यहां पवित्र स्नान करूंगी। यह निश्चित रूप से भारतीय धरोहर और संस्कृति को दर्शाता है, जिस पर गर्व होना चाहिए। -
नयी दिल्ली. जनवरी में गर्म और शुष्क मौसम के बाद फरवरी में भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान और सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। फरवरी में बारिश दीर्घावधि औसत (1971-2020) 22.7 मिमी के 81 प्रतिशत से कम होने की आशंका है।
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि पश्चिम-मध्य, प्रायद्वीपीय और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिम और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में फरवरी में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का पू्र्वानुमान है। महापात्रा ने बताया कि इसी तरह पश्चिम-मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भारत में जनवरी में औसतन 4.5 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई, जो 1901 के बाद से चौथी बार और 2001 के बाद तीसरी बार सबसे कम बारिश दर्ज की गयी। जनवरी में देश का औसत तापमान 18.98 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद से इस महीने का तीसरा सबसे अधिक तापमान था, जो 1958 और 1990 के बाद सबसे अधिक था। इससे पहले, आईएमडी ने पूर्वानुमान जताया था कि जनवरी से मार्च के बीच उत्तर भारत में वर्षा सामान्य से कम होगी। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सर्दियों (अक्टूबर से दिसंबर) में गेहूं, मटर, चना और जौ जैसी रबी फसलों की खेती होती है और गर्मियों (अप्रैल से जून) में उनकी कटाई की जाती है। मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ के कारण सर्दियों में होने वाली वर्षा इन फसलों की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। -
आगरा (उप्र) .आगरा जिले के खंदौली टोल टैक्स प्लाजा पर एक कार चालक ने टोल मांगने पर एक कर्मचारी को लगभग एक किलोमीटर तक बोनट पर घसीटा और फिर उसे छोड़कर भाग गया। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में अज्ञात चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन की जा रही है। पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार को आगरा से मथुरा की तरफ एक कार जा रही थी, जब कार खंदौली टोल पर पहुंची तो कार का ‘फास्टैग' बंद होने के कारण टोल कर्मी ने टोल टैक्स मांगा। पुलिस के मुताबिक, कार चालक ने टोल नहीं दिया और गाली गलौज करके कार को जबरदस्ती निकालने लगा।
इसके मुताबिक़, टोल कर्मी कार के सामने आ कर खड़ा हो गया। कार चालक ने टोल कर्मी पर कार चढ़ाने की कोशिश की तो वह बोनट पर चढ़ गया। पुलिस के मुताबिक, चालक बैरियर तोड़ते हुए बोनट पर चढ़े टोल कर्मी को लेकर आगे बढ़ गया। टोल कर्मी चलती कार के दौरान छत पर चढ़ गया और बचने का प्रयास करता रहा। चालक ने करीब एक किलोमीटर दूरी के बाद टोल कर्मी को कार के ऊपर से उतारा और वाहन लेकर भाग गया। घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। इस मामले में टोल कर्मी संतोष कुमार ने थाना खंदौली में मामला दर्ज कराया है।
खंदौली के थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) राकेश चौहान ने बताया कि अज्ञात कार चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। एसएचओ ने बताया कि टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर आरोपी की तलाश की जा रही है। -
नयी दिल्ली. जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत ग्रामीण घरों में नल जल कनेक्शन नवंबर 2024 तक चार गुना बढ़कर लगभग 15.30 करोड़ हो गए हैं। शुक्रवार को संसद में पेश आर्थिक समीक्षा 2024-25 में यह बात कही गई है। बजटपूर्व इस दस्तावेज में कहा गया है कि अगस्त 2019 में जब यह मिशन शुरू किया गया था तब लगभग 3.23 करोड़ (17 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों के पास ही नल जल के कनेक्शन थे। उसमें कहा गया है कि इस मिशन से ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर आर्सेनिक और फ्लोराइड जैसे जल गुणवत्ता से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की सुलभता में सुधार आया। इसका प्रभाव बेहतर स्वास्थ्य और कमजोर आबादी के लिए जल सुरक्षा में वृद्धि परिणाम के रूप में सामने आया। समीक्षा में कहा गया है, ‘तब से 12.06 करोड़ से अधिक परिवारों को इस मिशन से जोड़ा जा चुका है, जिससे 26 नवंबर 2024 तक लगभग 19.34 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 15.30 करोड़ (79.1 प्रतिशत) से अधिक परिवार नलजल कनेक्शन की सुविधा पा चुके हैं।'' आठ राज्यों - अरुणाचल प्रदेश, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, पंजाब, तेलंगाना और मिजोरम, तथा तीन केंद्र शासित प्रदेशों - अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा नगर हवेली और दमन दीव तथा पुडुचेरी - में शतप्रतिशत ग्रामीण परिवारों को नलजल कनेक्शन मिल चुका है। समीक्षा में कहा गया है कि अप्रैल से नवंबर 2024 तक, मॉडल श्रेणी के तहत 1.92 लाख गांवों को क्रमिक रूप से ‘ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) प्लस' घोषित किया गया, जिससे ‘ओडीएफ प्लस' गांवों की कुल संख्या 3.64 लाख हो गई।
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लखनऊ. भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का आयोजन पांच फरवरी से 23 फरवरी के बीच किया जाएगा और इस दौरान सीमावर्ती जिलों में सांस्कृतिक यात्रा भी निकाली जाएगी। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि भारत-नेपाल की साझी सांस्कृतिक विरासत को बरकरार रखने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश का संस्कृति विभाग इस वर्ष भी महोत्सव का आयोजन कर रहा है। महोत्सव में मित्र राष्ट्र नेपाल और उत्तर प्रदेश के कलाकार संगीत, लोक गीत व नृत्य पेश करेंगे।
भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव सांस्कृतिक यात्रा पांच फरवरी को सिद्धार्थनगर से प्रारंभ होकर महाराजगंज, कुशीनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी होते हुए 23 फरवरी को पीलीभीत में समाप्त होगी। उत्तर प्रदेश के सात जिले पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और महराजगंज नेपाल सीमा से लगे हैं। इसके पहले एक बयान में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश के तराई सीमा क्षेत्र के जनपदों में स्थानीय जिला प्रशासन के सहयोग से भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव-2024-25 का आयोजन किया जा रहा है। सिंह के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य सीमावर्ती जनपदों में युवा पीढ़ी एवं विद्यार्थियों के बीच प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना एवं देश प्रेम की भावना को बढ़ावा देना है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार कार्यक्रम पांच फरवरी को सिद्धार्थ नगर से प्रारंभ होकर 23 फरवरी को पीलीभीत में संपन्न होगा। भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव सांस्कृतिक यात्रा 5-7 फरवरी को सिद्धार्थनगर के सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, 11 फरवरी को महाराजगंज के जवाहर लाल नेहरू पी.जी कॉलेज, 13 फरवरी को कुशीनगर में बुद्ध पी.जी महाविद्यालय, 15 फरवरी को बलरामपुर में एस.एस.बी. ग्राउंड, 17 फरवरी को श्रावस्ती में जगजीत इंटर कॉलेज, 19 फरवरी को बहराइच में लॉर्ड बुद्धा इंटर कॉलेज, 21 फरवरी को लखीमपुर खीरी में राजकीय एकलव्य आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज/एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना परिसर और 22-23 फरवरी को पीलीभीत में गांधी स्टेडियम प्रेक्षागृह ड्रमण्ड इंटर कॉलेज में होगी। -
मुंबई, चेहरे की पहचान करने वाले परीक्षण से पुष्टि हुई है कि अभिनेता सैफ अली खान पर चाकू से हमला करने के आरोप में गिरफ्तार बांग्लादेशी व्यक्ति का चेहरा अभिनेता की इमारत में लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे व्यक्ति से मिलता है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि जांच रिपोर्ट के अनुसार, 16 जनवरी के हमले के लिए गिरफ्तार आरोपी शरीफुल इस्लाम शहजाद मोहम्मद रोहिल्ला अमीन फकीर (30) वही व्यक्ति है, जिसे बांद्रा के सतगुरु शरण बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था। उन्होंने बताया कि मामले को सुलझाने में चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक ने अहम भूमिका निभाई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी शरीफुल ने 16 जनवरी की रात अभिनेता के 12वीं मंजिल स्थित अपार्टमेंट में घुसकर उन पर छह बार चाकू से हमला किया और फिर मौके से भाग गया। उसे तीन दिन बाद पड़ोसी ठाणे शहर से गिरफ्तार किया गया। मुंबई की एक अदालत ने बुधवार को आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। हमले के बाद खान को नजदीकी लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी दो सर्जरी हुई। 21 जनवरी को अभिनेता को निजी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। -
नयी दिल्ली. चिकित्सकों, खिलाड़ियों और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने मोटापे से लड़ने और तेल की खपत कम करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान का समर्थन किया है। हाल में देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन के दौरान मोदी ने चर्चा की कि कैसे देश में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है क्योंकि इससे मधुमेह और हृदय से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने कहा कि संतुलित आहार, व्यायाम और स्वास्थ्य के संबंध में मोदी द्वारा शुरू किया गया अभियान सराहनीय है। उन्होंने कहा, ‘‘ इस पहल से बहुत से लोगों को बहुत फ़ायदा हो सकता है, ख़ास तौर पर मधुमेह या मोटापे से पीड़ित लोगों को। अपने खान-पान की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके और व्यायाम को महत्व देकर लोग अपने स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। '' अभिनेता अक्षय कुमार ने मोदी की अपील का वीडियो साझा करते हुए ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘कितना सच है। मैं यह सालों से कह रहा हूं...मुझे अच्छा लगा कि प्रधानमंत्री ने खुद इसे इतने सटीक ढंग से कहा है। स्वास्थ्य है तो सब कुछ है। मोटापे से लड़ने के सबसे बड़े हथियार हैं- 1. पर्याप्त नींद 2. ताजी हवा और सूरज की रोशनी 3. कोई प्रसंस्कृत भोजन नहीं, कम तेल।'' विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की दक्षिण-पूर्व एशिया इकाई ने भी कहा,‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बढ़ते मोटापे और मधुमेह, हृदय रोग जैसी संबंधित गैर-संचारी बीमारियों से निपटने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित पौष्टिक आहार का आह्वान किया है। '' पीडी हिंदुजा अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौतम खन्ना ने इसे मोटापे और उससे जुड़े जोखिमों को कम करने के महत्व पर एक समय पर दिया गया संदेश बताया। उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य हमारी सबसे बड़ी संपत्ति है।'' उजाला सिग्नस हेल्थकेयर सर्विसेज के संस्थापक निदेशक डॉ. शुचिन बजाज ने कहा कि मोटापा एक गंभीर चुनौती है, जिससे हमें एक देश के रूप में तुरंत और मिलकर लड़ना होगा।
- नयी दिल्ली. प्रसिद्ध अमृत उद्यान रविवार को आम लोगों के लिए खुलेगा। यहां 140 प्रकार के गुलाब, पुष्प घड़ी और बाल वाटिका उनके लिए आकर्षण के केंद्र होंगे। राष्ट्रपति भवन ने बताया कि इस साल आगंतुकों को ‘प्लुमेरिया' के पेड की एक रंग-बिरंगी श्रृंखला देखने को मिलेगी। उसने बताया कि कि प्लुमेरिया गार्डन के बगल में एक बरगद का बाग होगा। यह बाग़ राजसी बरगद के पेड़ों का घर है, जो अपनी फैली हुई शाखाओं और जड़ों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में एक मनमोहक वातावरण बनता है। बाग के मीडिया पूर्वावलोकन के दौरान राष्ट्रपति भवन द्वारा साझा किए गए एक नोट के अनुसार यहां लगभग 220 मीटर का एक संवेदी पथ होगा जिसपर नंगे पैर चलने से इंद्रियां झंकृत होंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपप्रेस सचिव नविका गुप्ता ने बताया कि लोग सोमवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन पूर्वाह्न 10 बजे से छह बजे तक इस उद्यान में जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रवेश और बुकिंग मुफ्त होगी।पंद्रह एकड़ जमीन में फैला यह उद्यान पांच फरवरी (दिल्ली विधानसभा चुनाव), 20-21 फरवरी (राष्ट्रपति भवन में विजिटर्स कांफ्रेंस) और 14 मार्च (होली) को बंद रहेगा। नोट में कहा गया है कि आगंतुक बाल वाटिका, ‘प्लुमेरिया थीम गार्डन‘, ‘बोनसाई गार्डन', ‘सेंट्रल लॉन‘, ‘लॉन्ग गार्डन' और सर्कुलर गार्डन से गुजरेंगे, जहां प्रदर्शन पर विभिन्न तत्वों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए समर्पित क्यूआर कोड होंगे। उसमें कहा गया है, ‘‘इस वर्ष आगंतुक ट्यूलिप के साथ-साथ 140 विभिन्न प्रकार के गुलाब और 80 से अधिक अन्य फूल देख सकेंगे।'' अमृत उद्यान में पिलखन वृक्ष के पास एक पुष्प घड़ी लगाई गई है जो एक अनूठी पुष्प डिजाइन का प्रतिनिधित्व करती है। उसमें फूल गोलाकार आकार में लगाए गए हैं और इसकी परिधि छोटे किनारे वाले पौधों और रंगीन कंकड़ों से घिरी हुई है। अधिकारियों के अनुसार घड़ी समय भी प्रदर्शित करेगी।अमृत उद्यान दो फरवरी से 30 मार्च तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।
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जम्मू. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध वैष्णो देवी मंदिर में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग तीर्थयात्रियों के लिए एक ‘समर्पित हेलीकॉप्टर कोटा' सुविधा की शुक्रवार को घोषणा की। एसएमवीडीएसबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुल गर्ग ने बताया कि तीर्थयात्री सेवाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गईं नयी पहलों के तहत ही इस सुविधा की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर शनिवार से कोटा उपलब्ध होगा।
गर्ग ने कहा कि बोर्ड समय-समय पर नयी सुविधाएं शुरू करके और मौजूदा बुनियादी ढांचे को उन्नत करके तीर्थयात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘वरिष्ठ नागरिक मंच की ओर से लंबे समय से की जा रही मांग के जवाब में यह सुविधा शुरू की गई है। मंच ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय समिति के साथ बैठक करके एक अलग हेलीकॉप्टर बुकिंग कोटा की मांग की थी।'' गर्ग ने कटरा में संवाददाताओं को बताया, ‘‘बैटरी कार बुकिंग के लिए भी इसी प्रकार का कोटा लागू किया गया था।'' -
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश कर रही हैं। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने चुनावी राज्य बिहार के लिए कई बड़े ऐलान किए। वित्त मंत्री ने बिहार के लिए मखाना बोर्ड बनाने की घोषणा की। मखाना बोर्ड बनाने से छोटे किसानों और व्यापारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। बता दें कि बिहार दुनियाभर में मखाना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
इसके अलावा देश में IIT के और विस्तार करने की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार IIT पटना का विस्तार करेगी और वहां सुविधाएं बढ़ाएगी। इसके अलावा बिहार में 3 ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। हालांकि, ये ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट कहां बनाए जाएंगे, वित्त मंत्री ने इसकी जानकारी नहीं दी है। साथ ही पटना, बिहटा एयरपोर्ट की क्षमता को बढ़ाने के लिए अलग काम किया जाएगा।इसके अलावा सीतारमण ने बजट में बिहार के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट की स्थापना करने का ऐलान किया। इससे इलाके में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिलने की बात कही गई है।बाढ़ से प्रभावित उत्तर बिहार के लिए वित्त मंत्री ने बड़ा ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में पश्चिमी कोसी नहर (वेस्टर्न कोसी कैनाल) के निर्माण की घोषणा कर दी। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे मिथिलांचल क्षेत्र में के लाखों लोगों के साथ 50 हजार हेक्टेयर से अधिक खेती की जमीन को लाभ मिलेगा।बता दें कि इस साल नवंबर-दिसंबर में बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अभी बिहार में एनडीए की साझा सरकार है।किसानों पर भी सरकार का फोकसबजट भाषण की शुरुआत में ही वित्त मंत्री ने किसानों के लिए कई बड़ी घोषनाएं कीं। वित्त मंत्री ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए पीएम धन धान्य कृषि योजना की घोषणा की। यह योजना 100 जिलों को कवर करेगी। इसका उद्देश्य- फसल विविधीकरण, भंडारण बढ़ाना, सिंचाई में सुधार और किसानों के लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण की सुविधा प्रदान करना है।पहले चरण में 100 विकासशील कृषि जिलों को इसमें शामिल किया जाएगा। खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय तेल मिशन संचालित किया जा रहा है। 10 साल पहले किए गए प्रयासों से दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल हुई थी, जिससे किसानों की आय और आर्थिक क्षमता में सुधार हुआ।उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, रोजगार, नवाचार, ऊर्जा आपूर्ति, खेल विकास और एमएसएमई का विस्तार देश की विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं, जिसे सुधारों से गति मिलेगी। इस पहल से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण समृद्धि और सतत विकास राज्यों की भागीदारी से सुनिश्चित किया जाएगा। कौशल विकास और निवेश के जरिए कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए विकल्प सृजित होंगे। इस योजना का फोकस युवा किसानों, ग्रामीण महिलाओं और छोटे किसानों पर होगा। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि सरकार 5 लाख पहली बार बिजनेस शुरू करने वाली महिलाओं, SC और ST उद्यमियों के लिए 2 करोड़ रुपये तक के टर्म लोन की शुरुआत करेगी।
साथ ही, महिलाओं और बच्चों के पोषण को मजबूत बनाने के लिए सक्षम आंगनवाड़ी और POSHAN 2.0 स्कीम की भी शुरुआत होगी। इन योजनाओं का मकसद देश के हर कोने में विकास को रफ्तार देना है।सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत 8 करोड़ बच्चों और 1 करोड़ गर्भवती महिलाओं, माताओं और 20 लाख किशोरियों को न्यूट्रिशनल सपोर्ट दिया जा रहा है। यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर ने घोषणा की है कि इस स्कीम में खर्च के नॉर्म्स को बढ़ाया जाएगा, जिससे बच्चों और महिलाओं को बेहतर पोषण सुविधाएं मिलेंगी।इसके अलावा, SME और बड़ी इंडस्ट्रीज को सपोर्ट करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग मिशन सेटअप किया जाएगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए फैसिलिटेशन उपाय किए जाएंगे। सरकार की ओर से क्रेडिट गारंटी कवर को बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये किया जाएगा और गारंटी फीस को घटाकर 1% किया जाएगा। साथ ही, बिहार में फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप और मैनेजमेंट के लिए एक नेशनल इंस्टिट्यूट स्थापित करने का भी ऐलान किया गया है। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज (1 फरवरी 2025) को यूनियन बजट पेश कर रही हैं। यह मोदी सरकार 3.0 का दूसरा पूर्ण बजट है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण की शुरुआत में ही कृषि क्षेत्र के लिए कई बड़े ऐलान किए।
वित्त मंत्री ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए पीएम धन धान्य कृषि योजना की घोषणा की। यह योजना 100 जिलों को कवर करेगी। इसका उद्देश्य- फसल विविधीकरण, भंडारण बढ़ाना, सिंचाई में सुधार और किसानों के लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण की सुविधा प्रदान करना है।पहले चरण में 100 विकासशील कृषि जिलों को इसमें शामिल किया जाएगा। खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय तेल मिशन संचालित किया जा रहा है। 10 साल पहले किए गए प्रयासों से दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल हुई थी, जिससे किसानों की आय और आर्थिक क्षमता में सुधार हुआ।उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, रोजगार, नवाचार, ऊर्जा आपूर्ति, खेल विकास और एमएसएमई का विस्तार देश की विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं, जिसे सुधारों से गति मिलेगी। इस पहल से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण समृद्धि और सतत विकास राज्यों की भागीदारी से सुनिश्चित किया जाएगा। कौशल विकास और निवेश के जरिए कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए विकल्प सृजित होंगे। इस योजना का फोकस युवा किसानों, ग्रामीण महिलाओं और छोटे किसानों पर होगा।अब सरकार तुअर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को समर्थन देने के लिए केंद्रीय एजेंसियों में पंजीकरण और करार की प्रक्रिया को सशक्त बनाया जाएगा। अगले चार वर्षों में एजेंसियां किसानों से उतनी ही दलहन खरीदेंगी, जितनी वे उत्पादन करेंगे।मछली पालन के क्षेत्र में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसका बाजार मूल्य 60,000 करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार अंडमान, निकोबार और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को प्रोत्साहित करेगी।कपास उत्पादकता मिशन के तहत कपास उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की जाएगी और लंबे रेशे वाली किस्मों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन शुरू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत अनुसंधान और उच्च उत्पादकता वाले बीजों की 100 से अधिक किस्में उपलब्ध कराई जाएंगी।किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जाएगी, और बिहार में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए एक मखाना बोर्ड स्थापित किया जाएगा। -
नई दिल्ली। आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Budget 2025 पेश किया, जिसमें शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप्स, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बड़े ऐलान किए गए। ये बजट न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने वाला है, बल्कि आम लोगों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाने का वादा करता है। IITs का विस्तार, किसानों को सस्ता लोन, फुटवियर और लेदर इंडस्ट्री में लाखों नौकरियां और हर जिले में कैंसर सेंटर जैसी घोषणाएं इस बजट की खास बातें हैं। आइए जानते हैं इस बजट की कुछ अहम बातें।
IITs और नेशनल स्किलिंग सेंटर से पढ़ाई और रोजगार को नई उड़ानदेश में 5 नेशनल स्किलिंग सेंटर बनाए जाएंगे, जहां युवाओं को ग्लोबल स्तर की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा 2014 के बाद शुरू हुए 5 बड़े IITs में नई फैसिलिटी जोड़ी जाएंगी, जिससे 6,500 और छात्रों को पढ़ाई का मौका मिलेगा। IIT पटना का भी विस्तार किया जाएगा। डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए सभी सेकेंडरी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) को ब्रॉडबैंड कनेक्शन से जोड़ा जाएगा।बिहार को मिला बड़ा तोहफा: फूड टेक्नोलॉजी संस्थानबिहार में फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप और मैनेजमेंट के लिए एक राष्ट्रीय संस्थान स्थापित होगा। इससे स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।भारत बनेगा खिलौनों का ग्लोबल हबअब भारत खिलौनों के निर्माण में पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाएगा। इसके लिए क्लस्टर डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग हब और स्किल डेवलपमेंट पर काम किया जाएगा ताकि भारतीय खिलौने ग्लोबल बाजार में छा जाएं।किसानों को बड़ा फायदा: KCC की सीमा बढ़ीकिसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लोन सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे 77 मिलियन किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को आसान और सस्ता कर्ज मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा लक्ष्य: 100 गीगावाट न्यूक्लियर एनर्जीसरकार ने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर एनर्जी विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए निजी कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कानूनी बदलाव किए जाएंगे।उड़ान योजना का विस्तार: अब 120 नए डेस्टिनेशन जुड़ेंगेउड़ान योजना के तहत 120 नए डेस्टिनेशन जोड़े जाएंगे, खासतौर पर पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में। इस योजना से अब तक 1.5 करोड़ लोग सस्ते और तेज हवाई सफर का लाभ उठा चुके हैं। अब इसका दायरा और बढ़ेगा।हर जिले में डे-केयर कैंसर सेंटरअगले तीन सालों में हर जिले के अस्पताल में डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे कैंसर के मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और उनका सफर आसान होगा।जल जीवन मिशन का विस्तार और नई योजनाएंसरकार ने जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके लिए बड़े स्तर पर फंडिंग की जाएगी ताकि हर घर तक साफ पानी पहुंच सके।फुटवियर और लेदर सेक्टर में 22 लाख रोजगारफोकस प्रोडक्ट स्कीम के तहत फुटवियर और लेदर इंडस्ट्री में 22 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही 4 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और 1.1 लाख करोड़ रुपये का निर्यात होगा।स्टार्टअप्स को नई ताकत: 10,000 करोड़ का नया फंडस्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का नया फंड आवंटित किया है। इससे नए बिजनेस आइडियाज को पंख मिलेंगे और उद्यमिता को रफ्तार मिलेगी। -
नई दिल्ली। अगर आप इनकम टैक्स को लेकर नई घोषणा का इंतजार कर रहे थे। तो आपके लिए अपडेट है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ऐलान किया है कि सरकार अगले हफ्ते नया इनकम टैक्स बिल पेश करने वाली है। उन्होंने कहा, “मैं अगले हफ्ते इनकम टैक्स बिल लाने का प्रस्ताव रखती हूं।”
पुराने टैक्स कानून का होगा नया रूपआपको बता दें कि सीतारमण ने जुलाई में पेश किए गए बजट में घोषणा की थी कि 1961 का इनकम टैक्स एक्ट पूरी तरह से रिव्यू किया जाएगा। अब उस वादे को पूरा करने का समय आ गया है।क्या होगा नया?इस काम को पूरा करने के लिए CBDT (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) ने एक खास टीम बनाई थी, जिसका मिशन था – पुराने कानून को छोटा और आसान बनाना। इसके तहत 22 स्पेशल सब-कमेटियां बनाई गईं, जिन्होंने टैक्स एक्ट के हर पहलू की गहराई से जांच की।बिल का मकसद क्या है?सरकार चाहती है कि नया टैक्स कानून कम विवाद, कम मुकदमेबाजी और ज्यादा स्पष्टता लेकर आए। इससे टैक्सपेयर्स को नियम समझने में आसानी होगी और वे बिना किसी उलझन के टैक्स जमा कर पाएंगे। अब देखना ये होगा कि नया इनकम टैक्स बिल आम जनता के लिए कितनी राहत और कितने नए मौके लेकर आता है। टैक्सपेयर से लेकर बिजनेस सेक्टर तक, हर कोई इस बिल के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को न्यूक्लियर एनर्जी मिशन का ऐलान किया, जिसमें छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर्स के रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए 20,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISC) में अगले पांच सालों के दौरान टेक्नोलॉजी रिसर्च के लिए 10,000 फेलोशिप देने की भी घोषणा की।
इसके अलावा, उन्होंने नेशनल स्पैशियल मिशन शुरू करने का प्रस्ताव दिया और ग्यान भारत मिशन की शुरुआत करने की बात कही, जिसका उद्देश्य भारत की प्राचीन पांडुलिपियों की सर्वे, डोक्युमेंटेशन और प्रिजर्वेशन करना होगा। फरवरी पिछले साल, सरकार ने 18 और न्यूक्लियर पावर रिएक्टर्स जोड़ने की घोषणा की थी, जिनकी कुल क्षमता 13,800 मेगावॉट बिजली उत्पन्न करने की होगी। इस प्लान के तहत 2031-32 तक देश की एनर्जी मिक्स में एटॉमिक पावर की कुल हिस्सेदारी 22,480 मेगावॉट तक पहुंचने का लक्ष्य है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री की साड़ी पर सबकी नजर थी। भारतीयता के रंगों में रंगी, पारंपरिक परिधान साड़ी में इस बार क्या खास होगा, धागों में किस प्रदेश की कहानी छिपी होगी इसका इंतजार सबको था। पर्दा हटा और फिर वित्त मंत्री ने चौंका दिया। इस बार की साड़ी में भी बुनकरों का श्रम, हुनरमंदों का हुनर झलका। वित्त मंत्री ने इस बार क्रीम कलर की साड़ी पहनी है।
वित्त मंत्री सुबह करीब 8.50 बजे मंत्रालय पहुंचींमंत्री सुबह करीब 8.50 बजे वित्त मंत्रालय पहुंचीं। उनसे पहले केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मंत्रालय पहुंच गए थे। सीतारमण की साड़ी में खास संदेश होता है। रंगों का समायोजन उनकी समझ बूझ और व्यावहारिकता को दर्शाता है। 2024 के पूर्ण बजट में शांति और सुकून वाला रंग सफेद चुना था। मासूमियत का रंग भी माना जाता है। सीतारमण ने सातवें बजट में अपने लुक को बेहद सादा, सहज और साधारण रखा। सोने की चेन- पेंडेंट, चूड़ियों और बिंदी से सशक्त महिला का लुक सुर्खियों में रहा।इससे ठीक पहले 17वीं लोकसभा का अंतरिम बजट पेश करते हुए नीले रंग की साड़ी पहनी थी। इसमें भी वित्त मंत्री का हैंडलूम साड़ियों के प्रति प्यार हर बार की तरह नजर आया। उन्होंने नीले रंग की हैंडलूम साड़ी पहनी थी। नीले रंग को शांति और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। क्रीम और ब्ल्यू रंग की साड़ी में संदेश खास था। नारी शक्ति का वंदन दिखा (इसका उल्लेख बजट में था) तो उसका ठहराव भी। नीला बेस कलर था। जो शांति, स्थिरता, प्रेरणा या ज्ञान का प्रतीक होता है। यह विश्वसनीयता का प्रतीक भी होता है।क्रीम कलर निर्मला सीतारमण का प्रिय रंग भी बताया जाता हैक्रीम कलर को निर्मला सीतारमण का प्रिय रंग भी बताया जाता है। जैसे 2021 में उनकी पोचमपल्ली इक्कत सिल्क साड़ी में इस रंग की झलक थी तो 2022 में भी ऑफ व्हाइट का पुट था। 2023 में वित्त मंत्री ने लाल रंग की साड़ी को चुना था। लाल रंग प्रेम, ताकत, बहादुरी, पैशन और प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है। 2022 में,वित्त मंत्री को ओडिशा की बोमकाई साड़ी पहने देखा गया, जो सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी आसक्ति को दर्शाता है।कत्थई रंग है दृढ़ता, सुरक्षा और निर्भरता का प्रतीकसाड़ी में दिख रहे कत्थई रंग को दृढ़ता, सुरक्षा और निर्भरता का प्रतिनिधित्व करने के लिए जाना जाता है। 2020 कोरोना का दौर था उस दौरान सुनहरे भविष्य का संकल्प दिखाती पीली साड़ी पहनी थी। 2019 में मैजेंटा रंग की मंगलागिरी साड़ी पहनी थी। पहली बार बजट पेश करने वाली थीं और यहीं से ब्रीफकेस ने बही खाते का रूप ले लिया था। -
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लगातार आठवां बजट लोकसभा में पेश किया। इससे पहले वह लगातार सात बार बजट पेश कर इतिहास रच चुकी हैं। वो छह पूर्णकालिक और दो अंतरिम बजट पेश कर चुकी हैं।
मोरारजी देसाई ने वित्त मंत्री रहते हुए 10 बार बजट पेश किया थासीतारमण से पहले सबसे ज्यादा बार बजट पटल पर रखने वालों में पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी का नाम शामिल है। मोरारजी देसाई ने वित्त मंत्री रहते हुए 10 बार बजट पेश किया था। मोरारजी देसाई ने साल 1959 से लेकर 1964 के बीच लगातार पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश किया था। इसके बाद उन्होंने 1967 से 1969 के बीच चार बजट पेश किए थे।सीतारमण साल 2019 में देश की दूसरी महिला वित्त मंत्री बनी थींदेसाई के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम का नंबर आता है, जिन्होंने 9 बार केंद्रीय बजट पेश किया था। जबकि प्रणब मुखर्जी आठ बार बजट पेश कर चुके हैं। शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार आठवीं बार बजट पेश कर प्रणब मुखर्जी की बराबरी कर लेंगी। दरअसल, सीतारमण लगातार आठों बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में ही पेश किए हैं। सीतारमण साल 2019 में देश की दूसरी महिला वित्त मंत्री बनी थीं। इससे पहले इंदिरा गांधी पहली महिला वित्त मंत्री थीं, जिन्होंने वित्त मंत्री के तौर पर 1970-71 का बजट पेश किया थासीतारमण पहली बार केंद्रीय बजट साल 2019 में पेश किया थासीतारमण ने पहली बार केंद्रीय बजट साल 2019 में ही पेश किया था। साल 2019 और 2024 के बीच उन्होंने दो अंतरिम बजट और चार पूर्ण बजट पेश किए थे। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 के बाद 23 जुलाई को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सातवां बजट पेश किया था। उन्होंने सात बजट पेश कर मोरारजी देसाई के लगातार छह बार बजट पेश करने के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया था।निर्मला सीतारमण के पास दो घंटे 42 मिनट बोलने का रिकॉर्ड है दर्जनिर्मला सीतारमण के नाम बजट के दिन दो घंटे 42 मिनट बोलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। सीतारमण ने साल 2019 में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश करते हुए अपने भाषण को 2 घंटे 17 मिनट में पूरा किया था। उन्होंने साल 2020-21 में बजट स्पीच का नया रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने लोकसभा में 2 घंटे 42 मिनट का सबसे लंबा बजट भाषण पढ़ा था। वित्त वर्ष 2021-22 में उन्होंने 100 मिनट लंबी बजट स्पीच पढ़ी थी। अगले वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में उन्होंने 1 घंटे 31 मिनट में अपने बजट भाषण को पूरा किया था। मोदी सरकार 2.0 के कार्यकाल के आखिरी पूर्ण बजट में उनका भाषण 1 घंटा 25 मिनट का था, ये बजट वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पेश किया गया था। हालांकि, उन्होंने मोदी सरकार के अंतरिम बजट 2024 में अपना भाषण 60 मिनट में पूरा किया था। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में वित्त मंत्री का बजट भाषण 1 घंटे 25 मिनट का था। -
प्रयागराज। महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान पर हुए हादसे की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने अपनी कार्यवाही तेज कर दी है। आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार ने शुक्रवार को प्रयागराज में अधिकारियों के साथ पहली बैठक की। बैठक के बाद आयोग ने संगम नोज के निकट घटनास्थल का निरीक्षण भी किया।
सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों का गहराई से किया जाएगा विश्लेषणजांच आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार ने कहा कि घटनास्थल की टोपोग्राफी और परिस्थितियों का अध्ययन किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा। प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के मौके पर स्नान के लिए उमड़ी भीड़ में भगदड़ की स्थिति बन गई, जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई थी और 60 अन्य घायल हो गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की अध्यक्षता वाले आयोग में सेवानिवृत्त आईएएस डीके. सिंह और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी वीके. गुप्ता भी शामिल हैं।एक महीने के अंदर मामले की जांच रिपोर्ट देनी होगीआयोग को गठन के एक महीने के अंदर मामले की जांच रिपोर्ट देनी होगी। इस सिलसिले में जारी अधिसूचना के मुताबिक, आयोग भगदड़ के कारणों और परिस्थितियों की जांच करेगा। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के सिलसिले में सुझाव भी देगा। आयोग ने अधिकारियों से हादसे की परिस्थितियों और इलाके की भौगोलिक स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली। न्यायमूर्ति हर्ष कुमार ने बताया कि यह आकस्मिक दुर्घटना थी। लेकिन, इसके पीछे के कारणों को सिलसिलेवार तरीके से समझने का प्रयास किया जा रहा है।घटनास्थल का निरीक्षण कार्य पूराउन्होंने कहा कि घटनास्थल पर निरीक्षण पूरा कर लिया गया है, लेकिन अगर दोबारा जांच की जरूरत पड़ी तो टीम फिर आएगी। आयोग के सदस्य, सेवानिवृत्त आईएएस डीके. सिंह और सेवानिवृत्त आईपीएस वीके. गुप्ता ने भी जांच में तेजी लाने की बात कही है। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि हमारे पास केवल एक महीने का समय है, लेकिन जांच को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा करेंगे। जांच प्रक्रिया से महाकुंभ में कोई व्यवधान नहीं हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। आयोग सभी तथ्यों का गहन विश्लेषण कर किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचेगा। आयोग ने अस्पताल जाकर घायलों से भी बातचीत करने की योजना बनाई है।घायलों से मिली जानकारी जांच को सही दिशा देने में मदद करेगीन्यायमूर्ति हर्ष कुमार ने कहा कि घायलों से मिली जानकारी जांच को सही दिशा देने में मदद करेगी। किसी एक पहलू पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय सभी संभावित कारणों पर विचार किया जाएगा। इससे पहले आयोग के तीनों सदस्यों ने गुरुवार को लखनऊ के जनपथ स्थित अपने कार्यालय में पहुंचकर कामकाज की शुरुआत की थी। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हर्ष कुमार ने बताया था कि जांच को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना है, इसलिए हमने घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर ही कार्यभार संभाल लिया है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए लोकसभा में आज पेश किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार आठवां आम बजट आज पेश करेंगी। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने वित्त मंत्री को दही-चीनी भी खिलाई।
वित्त मंत्री सीतारमण ने राष्ट्रपति मुर्मु से मिलकर बजट पेश करने की मंजूरी मांगीलोकसभा के पटल पर बजट पेश करने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस दौरान वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति मुर्मु से बजट पेश करने के लिए मंजूरी मांगी। राष्ट्रपति ने बजट को अपनी मंजूरी देते हुए वित्त मंत्री को दही-चीनी खिलाकर शुभकामनाएं दीं।राष्ट्रपति मुर्मु ने केंद्रीय वित्त मंत्री और उनकी टीम को शुभकामनाएं दींराष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स अकाउंट पर कुछ फोटो भी शेयर की। उन्होंने लिखा, “केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। बजट पेश करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री और उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं।”भारत में किसी भी शुभ काम से पहले दही-चीनी खिलाने की है परंपराधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भारत में किसी भी शुभ काम से पहले दही-चीनी खिलाने की परंपरा है। माना जाता है कि दही-चीनी खाने से काम में सफलता प्राप्त होती है। दरअसल, दही को शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, जबकि चीनी को मिठास और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। भारतीय संस्कृति में दही और चीनी का विशेष महत्व है। इसलिए केंद्रीय बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री राष्ट्रपति से मुलाकात करते हैं और इसके बाद राष्ट्रपति द्वारा वित्त मंत्री को दही-चीनी खिलाकर बजट के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी जाती हैं। इस परंपरा के पूरा होने से बजट पेश करने की औपचारिक अनुमति भी दी जाती है।सीतारमण लगातार आठ बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में ही पेश किए हैंकेंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लगातार आठवां बजट लोकसभा में पेश करेंगी। इससे पहले वह लगातार सात बार बजट पेश कर इतिहास रच चुकी हैं। वह छह पूर्णकालिक और दो अंतरिम बजट पेश कर चुकी हैं। सीतारमण ने लगातार आठों बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में ही पेश किए हैं। सीतारमण साल 2019 में देश की दूसरी वित्त मंत्री बनी थीं। इससे पहले इंदिरा गांधी पहली महिला वित्त मंत्री थीं, जिन्होंने वित्त मंत्री के तौर पर 1970-71 का बजट पेश किया था।

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