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गोरखपुर/लखनऊ (उप्र) . अपने परिवार और दोस्तों के बीच ‘पिंकी बाबू' के नाम से मशहूर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपने 36 वर्षों की राजनीति में गोरखपुर नगर निगम के पार्षद से लेकर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष तक का शानदार सफर तय किया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को यहां राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित एक भव्य समारोह में सात बार के सांसद पंकज चौधरी के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। चौधरी के करीबी लोगों ने बताया कि वह वर्ष 1989 में गोरखपुर नगर निगम में निर्दलीय पार्षद चुने गये थे और उन्होंने निगम के उप महापौर का पद हासिल किया था। इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और वर्ष 1991 में गोरखपुर से कुछ ही समय पहले विभाजित होकर नया जिला बने महराजगंज के संसदीय क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए। महराजगंज से सातवीं बार के निर्वाचित सांसद और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री चौधरी को पूर्वांचल में एक प्रमुख कुर्मी चेहरे के रूप में देखा जाता है। 15 नवंबर, 1964 को गोरखपुर के एक जाने-माने कारोबारी परिवार में जन्मे चौधरी पढ़ाई में होशियार थे और शुरू में राजनीति की बजाय समाज सेवा की ओर झुकाव रखते थे। एक जानकार ने बताया कि पंकज के बड़े भाई प्रदीप चौधरी ने उन्हें सार्वजनिक जीवन में आने के लिए मनाया, यह कहते हुए कि समाज की सेवा करने का सबसे प्रभावी तरीका राजनीति है। चौधरी ने सिर्फ 25 साल की उम्र में एक निगम पार्षद के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया, और विकास कार्य करवाने के लिए अपनी पहचान बनाई। उनके सक्रिय रवैये ने उन्हें एक साल के भीतर उप महापौर बनने में मदद की। वह 1990 में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सलाह पर औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हुए और 1991 में राम मंदिर लहर के बीच महराजगंज से अपना पहला लोकसभा चुनाव जीता। तब से, चौधरी एक प्रभावशाली और मिलनसार राजनीतिक हस्ती बने हुए हैं। उनके नरम स्वभाव और सभी पार्टियों के साथ अच्छे संबंधों के लिए उन्हें सराहा जाता है। बिना किसी विरोध के चुने जाने वाले चौधरी का उदय जमीनी राजनीति, संगठनात्मक वफादारी और स्थायी सार्वजनिक जुड़ाव का मिश्रण दिखाता है।
- मेहसाणा(गुजरात). गुजरात के मेहसाणा जिले के एक दंपती और उनकी तीन वर्षीय बेटी को कथित तौर पर लीबिया में दो करोड़ रुपये की फिरौती के लिए बंधक बना लिया गया। वे पुर्तगाल जाने का प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। मेहसाणा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हिमांशु सोलंकी ने कहा कि किस्मत सिंह चावड़ा, उनकी पत्नी हीनाबेन और बेटी देवांशी का पुर्तगाल जाते समय भूमध्य सागर की सीमा से लगे उत्तरी अफ्रीकी देश में अपहरण कर लिया गया। पुर्तगाल में चावड़ा के भाई रहते हैं।उन्होंने बताया कि जिले के बादलपुरा गांव निवासी यह परिवार यूरोपीय देश में बसने की योजना के साथ पुर्तगाल स्थित एजेंट की मदद से यात्रा कर रहा था। अधिकारी ने कहा कि मेहसाणा जिलाधिकारी एस.के. प्रजापति को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है। सोलंकी ने बताया कि परिवार 29 नवंबर को अहमदाबाद से उड़ान के जरिए दुबई के लिए रवाना हुआ। वहां से उन्हें लीबिया के बेनगाजी शहर ले जाया गया, जहां उनका अपहरण कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने मेहसाणा में परिवार के रिश्तेदारों से संपर्क कर दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है। प्रजापति ने कहा कि चावड़ा के परिजनों ने शुक्रवार को उनसे संपर्क किया और उन्होंने राज्य सरकार तथा विदेश मंत्रालय को इस बारे में सूचित किया है।
- भोपाल. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल आवास के आसपास शनिवार को सुरक्षा बढ़ा दी गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों का कहना है कि यह समय-समय पर होने वाली सुरक्षा की समीक्षा के बाद एक 'नियमित' प्रक्रिया है। आवास के मुख्य गेट के बाहर एक अस्थायी टेंट लगाया गया है और व्यस्त लिंक रोड पर कई अवरोधक लगाए गए हैं जबकि इलाके में अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी देखे गए। घर के बाहर तैनात एक पुलिस निरीक्षक ने बताया कि चौहान शुक्रवार देर रात आवास पर पहुंचे और शनिवार अपराह्न दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में अचानक बढ़ोतरी से स्थानीय राजनीतिक जगत में अटकलें लगाई जा रही हैं कि चौहान को जल्द ही भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है, लेकिन उनके एक करीबी ने कहा कि इस घटनाक्रम को बहुत ज़्यादा नहीं समझना चाहिए। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय, जो समय-समय पर महत्वपूर्ण नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा करता है। गृह मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को भोपाल में चौहान की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है और इसी तरह के निर्देश दिल्ली सरकार को भी जारी किए गए हैं। संपर्क करने पर, भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता डॉ. हितेश बाजपेयी ने कहा कि केंद्र सरकार महत्वपूर्ण नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा करती है और जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि यह एक 'नियमित' प्रक्रिया है। मप्र के मुख्य सचिव अनुराग जैन से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका।
- मुंबई. एयरबीएनबी की एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 55 प्रतिशत भारतीयी हर साल सर्दियों में घूमने की योजना बनाते हैं और इस दौरान गोवा और केरल उनकी शीर्ष पसंद रहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय सर्दियों में केवल छुट्टियां मनाने के लिए ही नहीं, बल्कि तनाव से दूर होकर आराम करने के लिए से भी यात्रा करते हैं। एयरबीएनबी के भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के 'कंट्री हेड' अमनप्रीत बजाज ने कहा, ''इस सर्दी के मौसम में गोवा, केरल, राजस्थान और हिमालयी राज्य घरेलू यात्रा में सबसे आगे हैं।'' उन्होंने एयरबीएनबी के आंतरिक आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 55 प्रतिशत भारतीय हर साल सर्दियों में यात्रा की योजना बनाते हैं, जिससे यह पता चलता है कि अनुकूल मौसम तथा मनमोहक नजारों के कारण सर्दी भारत में घूमने के पसंदीदा मौसमों में से एक बन चुकी है। इन लोकप्रिय स्थलों के साथ ही लक्षद्वीप, गुवाहाटी, पंजाब के छोटे शहर और केरल के कम प्रसिद्ध तटीय कस्बे भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। एयरबीएनबी की यह रिपोर्ट अक्टूबर 2025 में फोकलडाटा द्वारा किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है, जिसमें 2,155 भारतीय उत्तरदाताओं को शामिल किया गया था।
- नयी दिल्ली. एम्स के विभिन्न शहरों में किए गए एक सर्वेक्षण में पता चला है कि स्कूली बच्चे नशीले पदार्थों और धूम्रपान की आदतें अपना रहे हैं और शराब का सेवन कर रहे हैं। इन हानिकारक पदार्थों के सेवन की औसत आयु लगभग 13 वर्ष पाई गई है, जो प्राथमिक विद्यालय स्तर से ही शुरुआती हस्तक्षेप की आवश्यकता को दर्शाती है। अध्ययन के निष्कर्षों से यह भी पता चला कि छात्रों के उच्च कक्षाओं में जाने पर मादक पदार्थों का सेवन बढ़ जाता है, और कक्षा 11वीं/12वीं के छात्रों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन की रिपोर्ट करने की संभावना कक्षा आठवीं के छात्रों की तुलना में दोगुनी होती है। इससे माध्यमिक और उच्च विद्यालय स्तर पर निरंतर रोकथाम और हस्तक्षेप के महत्व पर बल मिलता है।दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के राष्ट्रीय नशा मुक्ति उपचार केंद्र की डॉ. अंजू धवन के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन को इस महीने ‘नेशनल मेडिकल जर्नल ऑफ इंडिया' में प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन में विभिन्न क्षेत्रों में किशोरों द्वारा मादक पदार्थों के सेवन का विश्लेषण किया गया है। इस सर्वेक्षण में बेंगलुरु, चंडीगढ़, दिल्ली, डिब्रूगढ़, हैदराबाद, इंफाल, जम्मू, लखनऊ, मुंबई और रांची सहित 10 शहरों के सरकारी, निजी और ग्रामीण विद्यालयों में कक्षा आठवीं, नौवीं, 11वीं और 12वीं के 5,920 छात्र शामिल थे। मई 2018 से जून 2019 के बीच ये आंकड़े एकत्र किए गए। किसी भी नशीले पदार्थ के सेवन की शुरुआत की औसत आयु 12.9 वर्ष थी। यह सूंघने वाले नशीले पदार्थों (11.3 वर्ष) के लिए सबसे कम थी, उसके बाद हेरोइन (12.3 वर्ष) और ओपिओइड फार्मास्यूटिकल्स (बिना डॉक्टर के पर्चे के; 12.5 वर्ष) का स्थान था। अध्ययन में पाया गया कि कुल मिलाकर, 15.1 प्रतिशत प्रतिभागियों ने हमेशा किसी भी नशीले पदार्थ के इस्तेमाल की सूचना दी, 10.3 प्रतिशत ने पिछले वर्ष इस्तेमाल की सूचना दी और 7.2 प्रतिशत ने पिछले महीने किसी भी नशीले पदार्थ के इस्तेमाल की सूचना दी। जब प्रत्येक पदार्थ श्रेणी के लिए अलग-अलग यह सवाल किया गया, 'क्या आपको लगता है कि यह पदार्थ आपकी उम्र के व्यक्ति के लिए आसानी से उपलब्ध है?', तो लगभग आधे छात्रों (46.3 प्रतिशत) ने तंबाकू उत्पादों का समर्थन किया और एक तिहाई से अधिक छात्रों (36.5 प्रतिशत) ने सहमति व्यक्त की कि उनकी उम्र का व्यक्ति आसानी से शराब उत्पाद प्राप्त कर सकता है।
- जम्मू. सेना ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के एक सीमावर्ती गांव में 105 फुट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज की आधारशिला रखी। अधिकारियों ने बताया कि यह ध्वज नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकटवर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रीय गौरव, एकता और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक होगा। एक रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी ने बांदीचेचियां गांव के बनवत व्यू पॉइंट पर इसकी आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित तिरंगे को राष्ट्रीय गौरव की मशाल और राष्ट्र की रक्षा में दिए गए बलिदानों को श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि यह साहस और जुझारूपन का एक स्थायी प्रतीक भी बनेगा। इस ध्वज का उद्घाटन आगामी गणतंत्र दिवस पर करने की योजना है। इस समारोह में स्थानीय ग्रामीण और सेना के जवान शामिल हुए।
- जयपुर. राजस्थान के वाणिज्य कर विभाग राज्य भर में एक साथ 110 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सर्वेक्षण कार्रवाई करते हुए लगभग 200 करोड़ रुपये की कर चोरी का खुलासा किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। इसके अनुसार विभाग के 300 से अधिक अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने विभिन्न जिलों में एक साथ यह कार्रवाई की। इसके अनुसार विभाग को लंबे समय से सूचनाएं प्राप्त हो रही थी कि राज्य में प्लाईवुड, सेनेटरी आइटम, टाइल्स, खाद्य तेल, होटल, रियल एस्टेट सहित कई क्षेत्रों में कुछ व्यापारी कर चोरी में संलिप्त हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर यह व्यापक अभियान चलाया गया। आधिकारिक बयान के अनुसार इस अभियान के दौरान कई स्थानों से कच्ची पर्चियां, फर्जी बिलिंग एवं अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। कई व्यापारियों ने कर चोरी की बात स्वीकार करते हुए स्वेच्छा से लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि विभाग में जमा करवाई है। विभाग द्वारा जब्त दस्तावेजों के आधार पर अब विस्तृत जांच की जाएगी।
- नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र में 2026 तक 1.50 लाख करोड़ रुपये की सड़क निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। गडकरी ने विधानभवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि इन कार्यों की शुरुआत अगले तीन महीनों में हो जाएगी। वर्तमान में विधानसभा का सत्र इसी परिसर में चल रहा है। नागपुर के सांसद गडकरी विधान परिषद के शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए विधानभवन परिसर पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि महाराष्ट्राज्य अवसंरचना विकास निगम (एमएसआईडीसी) 16,318 करोड़ रुपये की लागत से एक नया पुणे-संभाजीनगर एक्सप्रेसवे बनाएगी और इसके लिए एक समझौता ज्ञापन पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है।नए एक्सप्रेसवे के बनने से पुणे से छत्रपति संभाजीनगर तक की यात्रा का समय घटकर दो घंटे हो जाएगा, जबकि छत्रपति संभाजीनगर से नागपुर तक के लिये केवल ढाई घंटे लगेगा। गडकरी ने कहा कि 4,207 करोड़ रुपये की लागत से बन रही तलेगांव-चाकन-शिकरापुर एलिवेटेड रोड का 'भूमिपूजन' स्थानीय निकाय चुनाव के संपन्न होने के बाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हडपसर-यावत एलिवेटेड रोड के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रक्रिया जारी है और चुनाव के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुणे क्षेत्र के लिए 50,000 करोड़ रुपये की सड़क निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है और इसका निर्माण अगले तीन महीनों में शुरू हो जाएगा। गडकरी ने बताया कि मौजूदा पुणे–मुंबई एक्सप्रेसवे के समानांतर बनने वाला नया एक्सप्रेसवे दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को घटाकर डेढ़ घंटे कर देगा। इस एक्सप्रेसवे की अनुमानित निर्माण लागत 15,000 करोड़ रुपये है। इसी के साथ मुंबई–पुणे–बेंगलुरु की यात्रा का समय साढ़े पांच घंटे होगा। महाराष्ट्र के लिए 1.50 लाख करोड़ रुपये की सड़क निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। इन परियोजनाओं पर 2026 में कार्य शुरू होगा। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में से 50,000 करोड़ रुपये का काम सार्वजनिक परिवहन विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंपा गया है।
- नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच हमेशा सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, जो देश के कई अन्य राज्यों में देखने को नहीं मिलता। महाराष्ट्र विधान परिषद के शताब्दी समारोह के अवसर पर एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य में विचारधारा से परे राजनीतिक दलों के बीच उत्कृष्ट संबंधों की अनूठी परंपरा रही है। उन्होंने यशवंतराव चव्हाण, वसंतदादा पाटिल, शरद पवार, सुधाकरराव नाइक और मनोहर जोशी जैसे पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उनके समय में विपक्ष और सत्तारूढ़ दलों के संबंध लोकतंत्र में काम करने वाले हर विधायक के लिए एक मिसाल थे। गडकरी ने कहा कि उस दौर में महाराष्ट्र द्वारा स्थापित यह परंपरा आज देश के कई राज्यों में नहीं मिलती। उन्होंने विधान परिषद के 100 साल के इतिहास पर आधारित पुस्तक की सराहना की।
- हैदराबाद. तेलंगाना के मेडक जिले में शनिवार शाम एक दोपहिया वाहन के ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराने पर बाइक सवार एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना पेद्दा शंकरमपेट मंडल में शाम करीब 7.30 बजे घटी, जब बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली के पिछले हिस्से से टकरा गई। पुलिस ने बताया कि इस टक्कर के कारण दोपहिया वाहन पर सवार चारों लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि कम दृश्यता के कारण दोपहिया वाहन चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली को देख नहीं पाया। परिवार रविवार को होने वाले ग्राम पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मतदान करने के लिए हैदराबाद से अपने पैतृक गांव जा रहा था। पुलिस जांच जारी है।
- नयी दिल्ली. भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी राजकुमार गोयल सोमवार को मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) पद की शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति ने गोयल के नाम की सिफारिश की थी। गोयल अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के 1990 बैच के (सेवानिवृत्त) आईएएस अधिकारी हैं। वह 31 अगस्त को विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधीन न्याय विभाग में सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने गृह मंत्रालय में सचिव (सीमा प्रबंधन) के रूप में भी कार्य किया और केंद्र तथा जम्मू-कश्मीर के पूर्ववर्ती राज्य में महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू सोमवार को गोयल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी।प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली समिति ने बुधवार को बैठक के दौरान केंद्रीय सूचना आयोग में आठ सूचना आयुक्तों के नामों की भी सिफारिश की। सूचना कार्यकर्ताओं के अनुसार, नव निर्वाचित मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के कार्यभार संभालने के बाद, नौ वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद आयोग पूरी क्षमता से काम करेगा। आयोग की अध्यक्षता मुख्य सूचना आयुक्त करते हैं और इसमें अधिकतम 10 सूचना आयुक्त हो सकते हैं। वर्तमान में आनंदी रामलिंगम और विनोद कुमार तिवारी सूचना आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे बोर्ड की पूर्व प्रमुख जया वर्मा सिन्हा, खुफिया ब्यूरो, गृह मंत्रालय और कैबिनेट सचिवालय में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी स्वागत दास, तत्कालीन केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) अधिकारी संजीव कुमार जिंदल, पूर्व आईएएस अधिकारी सुरेंद्र सिंह मीणा और भारतीय वन सेवा के पूर्व अधिकारी खुशवंत सिंह सेठी की सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पत्रकार पी आर रमेश और आशुतोष चतुर्वेदी तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) की सदस्य (कानूनी) सुधा रानी रेलंगी को भी समिति द्वारा सूचना आयुक्तों के रूप में नियुक्ति के लिए चुना गया है। उन्होंने बताया कि ये आठ सूचना आयुक्त नव नियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष पद की शपथ लेंगे।मोदी के नेतृत्व वाली समिति की बैठक में मुख्य सूचना आयुक्त और आठ सूचना आयुक्तों के नामों को मंज़ूरी दी गई। समिति में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल थे।
- -आज का दिन आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य शौर्य व साहस को फिर से स्मरण करने का दिन-सुरक्षा बलों ने 2001 में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर, हमारे संसद भवन पर हुए कायराना आतंकी हमले को अपने जज्बे से नाकाम किया-आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को नमन करता हूँ-यह राष्ट्र वीर सेनानियों के त्याग व बलिदान का सदैव ऋणी रहेगानई दिल्ली।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकवादी हमले में आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी।X पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, "आज का दिन आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षा बलों के उस अदम्य शौर्य व साहस को फिर से स्मरण करने का दिन है, जब वर्ष 2001 में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर, हमारे संसद भवन पर हुए कायराना आतंकी हमले को उन्होंने अपने जज्बे से नाकाम किया। आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को नमन करता हूँ। यह राष्ट्र वीर सेनानियों के त्याग व बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।"
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राजग को मिले जनादेश को केरल की राजनीति में "ऐतिहासिक क्षण" बताया और "शानदार नतीजों" के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। वामपंथी दलों को तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बड़ा झटका लगा, जिस पर उनका 45 वर्षों से कब्जा था। वहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने भारी बढ़त हासिल कर ली है। नगर निकाय चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केरल में पीढ़ियों से काम करने वाले कार्यकर्ताओं के कार्यों और संघर्षों को याद करने का दिन है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया, जिसके कारण आज का परिणाम वास्तविकता बन सका। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर लिखा, "धन्यवाद तिरुवनंतपुरम। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा-राजग को मिला जनादेश केरल की राजनीति में ऐतिहासिक क्षण है।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनता को पूरा विश्वास है कि केरल की विकास संबंधी आकांक्षाओं को केवल भाजपा ही पूरा कर सकती है। उन्होंने हैशटैग ‘विकसित तिरुवनंतपुरम' के साथ कहा, "हमारी पार्टी इस जीवंत शहर के विकास और लोगों के जीवन की सुगमता को बढ़ावा देने के लिए काम करेगी।" प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पार्टी की ताकत हैं और सभी को उन पर गर्व है। उन्होंने कहा, “भाजपा के सभी मेहनती कार्यकर्ताओं का मैं आभारी हूं, जिन्होंने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में शानदार परिणाम सुनिश्चित करने के लिए लोगों के बीच जाकर काम किया।”
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पुणे. पुणे में ‘सबसे अधिक पोस्टर प्रदर्शित करने' की श्रेणी में एक विश्व रिकॉर्ड बनाया गया है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एक निर्णायक ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक स्वप्निल डांगरीकर ने कहा, ‘‘भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए पोस्टर को सबसे अधिक लंबाई में प्रदर्शित करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।'' आयोजकों ने बताया कि फर्ग्यूसन कॉलेज में आयोजित एक पुस्तक महोत्सव के दौरान जनजातीय शब्दों को दर्शाते हुए 1,678 पोस्टर प्रदर्शित कर यह रिकॉर्ड बनाया गया। इसके साथ ही फरवरी 2025 में अमेरिका में बना 1,365 पोस्टर का पिछला रिकॉर्ड टूट गया। प्रमाणपत्र में उल्लेख किया गया कि सबसे अधिक पोस्टर प्रदर्शित करने का विश्व रिकॉर्ड पुणे में 12 दिसंबर को पुस्तक महोत्सव, यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र मुक्त विद्यापीठ और आरआईएसई फाउंडेशन द्वारा बनाया गया। आयोजकों ने कहा कि यह रिकॉर्ड आदिवासी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि है, जिनके जीवन और कार्यों पर महोत्सव में एक विशेष मंडप के माध्यम से प्रकाश डाला जा रहा है। नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) द्वारा आयोजित पुणे पुस्तक महोत्सव 13 से 21 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा।
महोत्सव के संयोजक राजेश पांडे ने कहा, आदिवासी समाज और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बिरसा मुंडा के योगदान को याद करने के लिए एक समर्पित बिरसा मुंडा दीर्घा स्थापित की गई है। इस पहल के तहत आदिवासी शब्दावली वाले पोस्टर प्रदर्शित करके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया।'' सामाजिक कार्यकर्ता एवं पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित गिरीश प्रभुणे ने कहा कि बिरसा मुंडा का काम बहुआयामी था। उन्होंने कहा कि लुप्त होती बोलियों को संरक्षित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातीय भाषाओं का देवनागरी लिपि में दस्तावेजीकरण करने से उनमें निहित ज्ञान को व्यापक रूप से फैलाने में मदद मिल सकती है। -
नयी दिल्ली/ उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन के नेतृत्व में सांसदों ने शनिवार को 2001 में संसद भवन पर आतंकवादियों के हमले के दौरान मारे गए लोगों को पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन हमले की 24वीं बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले शुरुआती नेताओं में शामिल थे। इस दिन की याद में हर साल 13 दिसंबर को पुराने संसद भवन (संविधान सदन) के बाहर एक छोटा समारोह आयोजित किया जाता है। इसके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी संसद की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले ‘‘साहसी नायकों'' को श्रद्धांजलि दी और कहा कि देश उनके और उनके परिवारों का ऋणी रहेगा। मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज के दिन हम आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।'' उन्होंने लिखा, ‘‘देश उन वीर नायकों को नमन करता है जिन्होंने 2001 में इसी दिन हमारी संसद की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा हमारी राष्ट्रीय भावना को निरंतर प्रेरित करती रहेगी। देश उनके और उनके परिवारों का ऋणी रहेगा।'' केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) कर्मियों ने कार्यक्रम स्थल पर सलामी या ‘‘सम्मान गारद'' प्रस्तुत किया जिसके बाद शहीदों की याद में कुछ समय का मौन रखा गया। 2023 तक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ‘सलामी शस्त्र' प्रस्तुत करता था। इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा भी उपस्थित थीं। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू, जितेंद्र सिंह और अर्जुन राम मेघवाल ने भी हमले को नाकाम करते समय शहीद हुए कर्मियों की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संसद के निचले सदन के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लातूर में हैं। बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस दिन ‘‘हमारा देश उन लोगों को याद करता है जिन्होंने 2001 में हमारी संसद पर हुए जघन्य हमले के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी।'' उन्होंने श्रद्धांजलि समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ‘‘गंभीर खतरे के बावजूद उनका साहस, सतर्कता और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा सराहनीय थी। भारत उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए सदा कृतज्ञ रहेगा।'' जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 2001 में संसद भवन पर हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को शनिवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी वीरता और राष्ट्र के प्रति नि:स्वार्थ सेवा हर भारतीय को प्रेरित करती रहेगी। उपराज्यपाल ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘2001 में हमारी संसद पर हुए कायरतापूर्ण हमले के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि। उनकी वीरता, साहस और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा प्रत्येक भारतीय को प्रेरित करती रहेगी।'' पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद संगठनों के पांच आतंकवादियों ने 2001 में इसी दिन संसद परिसर पर हमला किया था, जिसमें नौ लोग मारे गए थे। सुरक्षा बलों ने सभी पांच आतंकवादियों को मार गिराया था। इस हमले में दिल्ली पुलिस के छह जवान, संसद सुरक्षा सेवा के दो जवान, एक माली और एक टीवी पत्रकार मारे गए। तत्कालीन संसद भवन के प्रांगण में सभी पांचों आतंकवादियों को मार गिराया गया था।
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नई दिल्ली। देश भर में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और निवेश उत्पादों तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, संचार मंत्रालय, भारत सरकार के डाक विभाग (डीओपी) और एशिया के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज, बीएसई ने 12 दिसंबर को नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह पहल बजट 2025-26 की घोषणा के अनुरूप है, जिसने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधि के कैटलिस्ट के रूप में इंडिया पोस्ट के विशाल डाक नेटवर्क का लाभ उठाने पर जोर दिया था। देश भर में अपनी व्यापक उपस्थिति के साथ, इंडिया पोस्ट वित्तीय पहुंच को गहरा करने और समावेशी विकास को सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखे हुए है।
यह स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप इंडिया पोस्ट को अपने विशाल डाक नेटवर्क के माध्यम से म्यूचुअल फंड उत्पादों के वितरक के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाती है, जिससे ग्रामीण, अर्ध-शहरी और पिछड़े क्षेत्रों के नागरिकों को महत्वपूर्ण रूप से लाभ होगा। इंडिया पोस्ट की बेजोड़ लास्ट-माइल उपस्थिति को देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड वितरण प्लेटफॉर्म, बीएसई स्टार एमएफ के साथ मिलाकर, इस पहल का उद्देश्य निवेश के अवसरों तक पहुंच को आसान बनाना और वित्तीय बाजारों में व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना है।समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से डाक विभाग की महाप्रबंधक (सीसीएस और आरबी) सुश्री मनीषा बंसल बादल और बीएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुंदरारमन राममूर्ति ने दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।समझौते के तहत, चयनित डाक कर्मचारियों को म्यूचुअल फंड वितरक के रूप में प्रशिक्षित और प्रमाणित किया जाएगा, जिससे वे बीएसई स्टार एमएफ प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेशक सेवाएं प्रदान करने और म्यूचुअल फंड लेनदेन को सुविधाजनक बनाने में सक्षम होंगे। यह समझौता ज्ञापन 12.12.2025 से 11.12.2028 तक तीन साल के लिए वैध रहेगा, जिसमें नवीनीकरण के प्रावधान शामिल हैं।इस सहयोग के तहत, बीएसई अधिकृत कर्मियों के लिए कर्मचारी विशिष्ट पहचान संख्या (ईयूआईएन) बनाकर पात्र और प्रशिक्षित डाक अधिकारियों के ऑनबोर्डिंग (प्रवेश) की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे म्यूचुअल फंड उत्पादों का पारदर्शी और अनुपालन-युक्त वितरण सुनिश्चित होगा। बीएसई, डाक कर्मचारियों और एजेंटों को अनिवार्य एनआईएसएम (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स) म्यूचुअल फंड वितरक प्रमाणन प्राप्त करने में सक्षम बनाकर प्रमाणन प्रक्रिया में भी सहायता करेगा। ये प्रमाणित अधिकारी, एक बार प्रशिक्षित होने के बाद, ग्राहकों को सूचित निवेश विकल्प चुनने में सहायता करेंगे, म्यूचुअल फंड लेनदेन को निष्पादित करेंगे और अंतिम छोर तक निवेशक सहायता सेवाएं प्रदान करेंगे।यह सहयोग डाक विभाग के प्रयासों को रेखांकित करता है कि वह जनता के लिए उपलब्ध वित्तीय सेवाओं की श्रृंखला को व्यापक बनाए और देश भर में सेवा वितरण को मजबूत करे। यह बीएसई के एक कुशल और निवेशक-अनुकूल म्यूचुअल फंड इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के उद्देश्य को पूरा करता है। इस साझेदारी के साथ, इंडिया पोस्ट ग्राहकों को समकालीन निवेश मार्गों तक पहुंच प्रदान करने में सक्षम होगा, जिससे एक प्रमुख वित्तीय सेवा प्रदाता के रूप में इसकी भूमिका बढ़ेगी। बीएसई के प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म को इंडिया पोस्ट की व्यापक उपस्थिति के साथ एकीकृत करके, इस पहल से सेवा की पहुंच में सुधार, निवेशक जागरूकता को बढ़ावा देने और औपचारिक वित्तीय बाजारों में व्यापक भागीदारी का सहयोग होने की उम्मीद है।इस साझेदारी से टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों में म्यूचुअल फंड की पहुंच बढ़ने, सूचित निवेश व्यवहार को प्रोत्साहित करने और भारत के वित्तीय रूप से जागरूक तथा सशक्त आबादी के निर्माण के व्यापक लक्ष्य में योगदान मिलने की उम्मीद है। - नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि जनगणना 2027 के नतीजे देश के विकास के लिए नए दिशा-निर्देशक की तरह काम करेंगे, क्योंकि यह भारत की नवीनतम जनसंख्या से जुड़े आंकड़े अधिक सटीकता के साथ प्रतिबिंबित करेंगे।शाह ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय कवायद के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये आवंटित करते हुए जनगणना 2027 के बजट को मंजूरी दे दी है।उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर कहा, ‘आंकड़ों में सटीकता मोदी जी के सुशासन और विकास के लाभों को हर वर्ग के नागरिकों तक पहुंचाने के दृष्टिकोण को गति देगी, जिससे ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा अमृत काल में नए भारत की एक भव्य वास्तविकता बन जाएगा।’प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में जनगणना कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जो अपनी तरह की पहली डिजिटल जनगणना होगी। स्वतंत्रता के बाद से जनगणना का 16वां संस्करण नागरिकों को स्वयं गणना करने का विकल्प भी प्रदान करेगा।देश भर में कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण 2021 में होने वाली यह दशकीय कवायद स्थगित कर दी गई थी।जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। इसके तहत अप्रैल से सितंबर 2026 तक मकानों की सूची बनाने और आवास जनगणना का काम होगा; और फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना की जाएगी। लगभग 30 लाख जनगणनाकर्मी प्रत्येक घर का दौरा करेंगे और घर-परिवार सूचीकरण, आवास गणना और जनसंख्या गणना के लिए अलग-अलग प्रश्नावली के माध्यम से सर्वेक्षण करेंगे।
- लातूर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार सुबह महाराष्ट्र में उनके गृह नगर लातूर में निधन हो गया।परिवार के सूत्रों ने बताया कि पाटिल कुछ समय से बीमार थे और उन्होंने अपने आवास ‘देवघर’ पर ही अंतिम सांस ली। वह 90 वर्ष के थे।उन्होंने बताया कि उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किए जाने की संभावना है।उनके परिवार में बेटा शैलेश पाटिल, बहू अर्चना और दो पोतियां हैं। उनकी बहू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की टिकट पर लातूर शहर से कांग्रेस के अमित देशमुख के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गयी थीं।पाटिल का जन्म 12 अक्टूबर, 1935 को हुआ और उन्होंने 1966 और 1970 के बीच लातूर नगर परिषद प्रमुख के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया और इसके बाद दो कार्यकाल के लिए विधायक चुने गए। वह 1977 से 1979 के बीच महाराष्ट्र विधानसभा में उपाध्यक्ष और अध्यक्ष समेत कई अहम पदों पर रहे।उन्होंने लातूर लोकसभा सीट से सात बार जीत हासिल की और 1991 से 1996 तक लोकसभा के 10वें अध्यक्ष रहे। 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्हें भाजपा की रूपताई पाटिल निलंगेकर से हार का सामना करना पड़ा। वह राज्यसभा सदस्य भी रहे।कांग्रेस नेता ने रक्षा, वाणिज्य और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित कई केंद्रीय मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। पाटिल 2004 से 2008 तक केंद्रीय गृह मंत्री रहे। 2008 में उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद इस्तीफा दे दिया था।वह पंजाब के राज्यपाल भी रहे और उन्होंने 2010 से 2015 तक चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक के रूप में भी कार्य किया।कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पाटिल अपने गरिमापूर्ण आचरण के लिए पहचाने जाते थे और उन्होंने कभी सार्वजनिक भाषणों या निजी बातचीत में व्यक्तिगत हमले नहीं किए। पार्टी के नेता ने बताया कि पाटिल अपनी व्यापक विद्वत्ता, गहन अध्ययन और प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए भी जाने जाते थे। मराठी, अंग्रेजी और हिंदी पर उनकी पकड़ और संवैधानिक मामलों की असाधारण समझ ने उन्हें अपने समय के एक बेहद सम्मानित सांसद के रूप में पहचान दिलायी।
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नई दिल्ली। आज पूरा देश उन सुरक्षाकर्मियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है जिन्होंने 24 वर्ष पहले 13 दिसंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले में संसद की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई।इस अवसर पर संसद भवन परिसर में सुरक्षाकर्मियों और शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।उपराष्ट्रपति और राज्यसभा अध्यक्ष सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री और संसद सदस्य संसद भवन में सुरक्षाकर्मियों और शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर संगठन में गहमागहमी तेज हो गई है। तीन दिन चलने वाली इस चुनावी प्रक्रिया का अंतिम परिणाम 14 दिसंबर को सामने आएगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष के चुनाव हेतु 400 से अधिक प्रांतीय सदस्य लखनऊ पहुंच रहे हैं, जो औपचारिक रूप से मतदान करने वाले प्रतिनिधि हैं।
भाजपा के लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय से जारी पत्र के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया 13 दिसंबर से आरंभ होगी। निर्वाचन अधिकारी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि 13 दिसंबर को राज्य मुख्यालय में नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े की मौजूदगी में नामांकन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।उन्होंने बताया कि केंद्रीय चुनाव अधिकारी एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 14 दिसंबर को निर्वाचन प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे। यदि एक से अधिक नामांकन प्राप्त होते हैं, तो उसी दिन मतदान कराया जाएगा। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि परिस्थितियां एक ही नामांकन की ओर इशारा कर रही हैं, इसलिए चुनाव की आवश्यकता पड़ने की संभावना कम है। ऐसे में 14 दिसंबर को नए अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी।पार्टी नेतृत्व ने गुरुवार को प्रमुख पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और योगी सरकार के मंत्रियों को लखनऊ तलब किया है। इससे माना जा रहा है कि संगठनात्मक स्तर पर व्यापक चर्चा भी होगी। भाजपा संविधान के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव प्रांतीय सदस्य करते हैं। आमतौर पर एक ही नाम सर्वसम्मति से तय होने के कारण यह प्रक्रिया औपचारिक बनकर रह जाती है, लेकिन यदि किसी कारणवश एक से अधिक उम्मीदवार हों, तो चुनाव कराए जाते हैं।राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि विपक्ष की पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) रणनीति के जवाब में भाजपा किसी ओबीसी वर्ग के नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर विचार कर सकती है। पार्टी नेतृत्व इस फैसले को 2027 के विधानसभा चुनावों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मान रहा है। -
नई दिल्ली। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चलने वाली नमो भारत ट्रेन ने परिचालन के दो साल के भीतर 2 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का बड़ा माइलस्टोन हासिल कर लिया है। आधुनिक तकनीक पर आधारित इस तेज परिवहन प्रणाली ने न सिर्फ लाखों यात्रियों की सुविधा बढ़ाई है, बल्कि क्षेत्र में यात्रा के तरीके को भी पूरी तरह बदल दिया है। अक्टूबर 2023 में परिचालन शुरू होने के बाद से यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जो नमो भारत पर बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री द्वारा 20 अक्टूबर 2023 को साहिबाबाद-दुहाई डिपो के बीच 17 किमी लंबे प्राथमिक खंड का उद्घाटन किया गया था। इसके एक महीने के भीतर, नवंबर 2023 में 72,000 से अधिक यात्राएं दर्ज की गईं। वर्ष 2024 में कॉरिडोर के मोदीनगर नॉर्थ और बाद में मेरठ साउथ तक विस्तार के बाद राइडरशिप में बड़ी वृद्धि हुई। 2024 के अंत तक 42 किमी का खंड जनता के लिए खुल चुका था और दिसंबर में मासिक राइडरशिप बढ़कर लगभग 7 लाख पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 गुना अधिक थी।जनवरी 2025 में न्यू अशोक नगर-साहिबाबाद सेक्शन के उद्घाटन के साथ दिल्ली के दो स्टेशन-न्यू अशोक नगर और आनंद विहार भी कॉरिडोर से जुड़ गए, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत हुई। विस्तार के साथ जुलाई 2025 तक मासिक राइडरशिप 15 लाख पहुंच गई। इसी दौरान दैनिक यात्री संख्या 81,550 के सर्वोच्च स्तर पर पहुंची। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 55,000-60,000 लोग नमो भारत से सफर कर रहे हैं।यात्रियों के अनुसार, कम यात्रा समय, आरामदायक सफर, समयबद्ध संचालन और भीड़ में भी बेहतर सेवा ये सभी नमो भारत की लोकप्रियता की प्रमुख वजहें हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी 15 मिनट से घटाकर 10 मिनट कर दी गई है और भविष्य में इसे 3 मिनट तक लाने की तैयारी है। मेरठ के यात्रियों से लेकर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों तक, सभी वर्ग इसे सुविधाजनक, सुरक्षित और किफायती बताते हैं। महिलाओं के लिए आरक्षित कोच, वातानुकूलित डिब्बे और ट्रैफिक जाम से मुक्त तेज यात्रा इसकी बड़ी खूबियां हैं।एनसीआरटीसी फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रैपिडो, उबर और इलेक्ट्रिक बसों को स्टेशनों से जोड़ रही है। साथ ही दिल्ली मेट्रो के साथ इंटीग्रेटेड टिकटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। फिलहाल 55 किमी का खंड परिचालित है। शेष सेक्शनों के खुलने के बाद सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक निर्बाध क्षेत्रीय कनेक्टिविटी संभव हो जाएगी। इसके साथ ही मेरठ मेट्रो भी इसी कॉरिडोर पर संचालित होगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 15 से 18 दिसंबर तक जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान का प्रस्तावित तीन-देशों का दौरा भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (फियो) ने शुक्रवार को कहा कि यह यात्रा पश्चिम एशिया और अफ्रीका में भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए बड़े अवसर प्रदान करेगी।
फियो के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने कहा, “प्रधानमंत्री का तीन देशों का यह दौरा भारत के पश्चिम एशिया और अफ्रीका के प्रमुख साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करने का संकेत है। इन देशों के साथ साझेदारी को और गहरा करने से भारतीय निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच और दीर्घकालिक व्यापारिक सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।”उन्होंने बताया कि जॉर्डन पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण गेटवे है। भारत का जॉर्डन के साथ कुल द्विपक्षीय व्यापार अप्रैल से अगस्त 2025-26 के दौरान 1.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें केवल पांच महीनों में करीब 461 मिलियन डॉलर का निर्यात शामिल है। जॉर्डन के साथ आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने से फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान, वस्त्र, आईटी सेवाएं और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों में व्यापार के अवसर बढ़ेंगे। अनुमान है कि 2030 तक भारत का निर्यात 5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।प्रधानमंत्री मोदी 16-17 दिसंबर को इथियोपिया जाएंगे, जो अफ्रीका की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और भारत का महत्वपूर्ण साझेदार भी। फियो प्रमुख के अनुसार, इथियोपिया अफ्रीकी क्षेत्र का एक अहम सदस्य है, ऐसे में यह दौरा व्यापार, निवेश और विकास साझेदारियों को और गहरा करेगा। भारतीय निर्यातक-विशेषकर ऑटोमोबाइल, मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स और शिक्षा सेवाओं के क्षेत्र में इथियोपिया के बढ़ते बाजार में बड़ी संभावनाएं देखते हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 550 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।रल्हन ने आगे कहा कि ओमान भारत के सबसे विश्वसनीय आर्थिक साझेदारों में से एक है। प्रधानमंत्री मोदी का ओमान दौरा व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रसद, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा और एमएसएमई सहयोग जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने का बेहतरीन मौका है। -
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने प्रमुख राज्यों में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष रोल प्रेक्षकों (स्पेशल रोल ऑब्जर्वर्स-एसआरओ) की तैनाती की है। आयोग ने शुक्रवार को जारी एक प्रेस नोट में इसकी जानकारी दी।
प्रेस नोट के अनुसार, ये प्रेक्षक पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में चल रहे एसआईआर की निगरानी करेंगे। इन राज्यों में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया फरवरी 2026 तक पूरी की जानी है। निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त किए गए विशेष रोल प्रेक्षकों ने अपना कार्य शुरू कर दिया है। वे सप्ताह में दो दिन संबंधित राज्यों में मौजूद रहेंगे और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं पर नजर रखेंगे। आयोग का कहना है कि यह कदम पुनरीक्षण कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।विशेष रोल प्रेक्षक राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के नेतृत्व से बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य राजनीतिक दलों के सुझावों, शिकायतों और अपेक्षाओं को समझना और मतदाता सूची पुनरीक्षण को अधिक व्यापक एवं निष्पक्ष बनाना है। इसके साथ ही एसआरओ संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) के साथ भी नियमित बैठकें करेंगे। ये बैठकें भौतिक रूप से या वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जा सकती हैं, ताकि किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके।निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि विशेष रोल प्रेक्षक एसआईआर के पूरे संचालन पर करीबी नजर रखेंगे, ताकि कोई पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो सके। आयोग का कहना है कि पारदर्शी और अद्यतन मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव है, और इन्हीं लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विशेष प्रेक्षकों की नियुक्ति की गई है। - मुंबई। महाराष्ट्र को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) हब बनाने की दिशा में राज्य ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाया है। ब्रुकफील्ड कंपनी मुंबई में लगभग 20 लाख वर्गफुट क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़ा जीसीसी स्थापित करने जा रही है। इस परियोजना से 15,000 प्रत्यक्ष और 30,000 अप्रत्यक्ष, कुल 45,000 रोजगार सृजित होंगे। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी।जियो कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री फडणवीस, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला, एएनएसआर के सीईओ विक्रम आहुजा और ब्रुकफील्ड के अंकुर गुप्ता के साथ बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के लिए महत्वपूर्ण निवेश और तकनीकी साझेदारी से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य की प्रतिभा, मजबूत बुनियादी ढांचा और उद्योग-हितैषी वातावरण के कारण महाराष्ट्र ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है। नई जीसीसी नीति से बड़े पैमाने पर कौशल-आधारित रोजगार सृजन और आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि अग्रणी वैश्विक लॉजिस्टिक्स कंपनी फेडेक्स भी मुंबई-नवी मुंबई हवाई अड्डा क्षेत्र में अपने जीसीसी और अन्य परिचालनों के लिए निवेश करने में रुचि दिखा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट से अपनी आगामी निवेश योजनाओं में महाराष्ट्र को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। वर्तमान में भी माइक्रोसॉफ्ट का सबसे बड़ा निवेश महाराष्ट्र में है। आने वाले समय में कंपनी बड़े पैमाने पर निवेश करेगी और महाराष्ट्र को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।उन्होंने जियो कन्वेंशन सेंटर में आयोजित माइक्रोसॉफ्ट एआई टूर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में सत्य नडेला ने महाराष्ट्र सरकार के साथ विकसित क्राइम एआईओएस प्लेटफॉर्म का विशेष प्रस्तुतीकरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई की मदद से अपराध नियंत्रण में महाराष्ट्र का मॉडल पूरे देश के लिए दिशा-निर्देशक बन रहा है।सत्य नडेला के साथ हुई बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सरकारी सेवा वितरण के लिए ‘एआई को-पायलट’ विकसित करने पर भी चर्चा हुई। माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में अपने 17 अरब डॉलर के निवेश में महाराष्ट्र को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है।महाराष्ट्र द्वारा विकसित ‘मार्बल’ प्लेटफॉर्म की भी सराहना की गई, जिसकी मदद से साइबर और आर्थिक अपराधों का पता अब 3-4 महीनों की बजाय सिर्फ 24 घंटे में लगाया जा सकता है। इससे नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ी है और अपराधियों की गिरफ्तारी तेज हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रधान सचिव अश्विनी भिड़े, उद्योग विभाग के सचिव डॉ. अनबालगन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को प्रस्तावित भारत-ओमान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को मंजूरी दे दी। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करना है।
यह मंजूरी प्रधानमंत्री मोदी की 15 से 18 दिसंबर तक जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की आगामी त्रिपक्षीय यात्रा से ठीक पहले दी गई है, जिससे पश्चिम एशिया और अफ्रीका में भारत की आर्थिक उपस्थिति को बढ़ाने के व्यापक अवसर खुलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के अंतिम चरण में 17 से 18 दिसंबर तक महामहिम सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर ओमान का दूसरी बार दौरा करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है। भारत और ओमान के बीच दीर्घकालिक एवं बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है, जो मजबूत व्यापारिक संबंधों, ऊर्जा सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित है।कैबिनेट की यह मंजूरी ओमान की शूरा परिषद द्वारा भारत के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद आई है। इस व्यापार समझौते, जिसे आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) कहा जाता है, के लिए वार्ता नवंबर 2023 में औपचारिक रूप से शुरू हुई थी। भारत और ओमान के बीच आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 8.947 अरब अमेरिकी डॉलर और 2024-25 में 10.613 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।इसके अलावा, कैबिनेट की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने 2026 सीजन के लिए खोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और निर्बाध, कुशल व पारदर्शी उपयोग (‘कोलसेतु’) के लिए कोयला लिंकेज की नीलामी नीति को भी मंजूरी दी। फैसले के अनुसार, मिलिंग खोपरा (फेयर एवरेज क्वालिटी) की एमएसपी 12,027 रुपए प्रति क्विंटल और बॉल खोपरा की एमएसपी 12,500 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है। यह पिछले सीजन की तुलना में क्रमशः 445 रुपए और 400 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी है।कोयला लिंकेज नीलामी नीति में ‘कोलसेतु’ नामक एक नई विंडो शामिल की गई है, जिसके तहत औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए कोयले का आवंटन किया जाएगा। यह नीति कोयला क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर सुधारों को दर्शाती है।

















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