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देहरादून. उत्तराखंड में गौरीकुंड और रामबाड़ा के बीच जंगलचट्टी के निकट लगातार भारी बारिश के चलते बरसाती नाले में मलबा और पत्थर आने के कारण रविवार को स्थगित की गयी केदारनाथ पैदल यात्रा को सोमवार को बहाल कर दिया गया। बरसाती नाले में रविवार को भारी बारिश के दौरान आये मलबे की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मृत्यु हो गयी थी और दो अन्य घायल हो गए थे। मलबे और पत्थरों से पैदल मार्ग भी कई जगह बाधित हो गया था जिसके बाद रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर सोनप्रयाग से आगे केदारनाथ की पैदल यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी थी। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने सोमवार को बताया कि रविवार शाम से ही विभिन्न एजेंसियों ने पैदल यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर मलबा और पत्थर आदि को हटाने एवं मार्ग को सुचारु बनाने का कार्य शुरू कर दिया था। उसने बताया कि सुबह मौसम के साफ होने पर मार्ग को पूरी तरह साफ कर दिया गया और अब केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा पुनः शुरू कर दी गयी । जिला प्रशासन के अनुसार, उत्तराखंड मौसम विभाग ने सोमवार समेत आगामी दिनों के लिए भी क्षेत्र में बारिश की संभावना को देखते हुए ‘येलो अलर्ट' जारी किया है। अकस्मात होने वाली तेज बारिश के कारण पैदल मार्ग में ऊपर पहाड़ी से पत्थर या मलबा गिरने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार ही यात्रा करने को कहा है । श्रद्धालुओं से कहा गया है कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा हेतु अद्यतन जानकारी प्राप्त करते रहें और सावधानीपूर्वक यात्रा करें।
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नयी दिल्ली. हर देश में कोई न कोई ऐसा स्थान, स्मारक, पर्यटन स्थल या भवन होता है, जो उसकी पहचान होता है। ताजमहल को भारत की पहचान के तौर पर देखा जा सकता है, तो ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' को अमेरिका की पहचान कहा जा सकता है। ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' अमेरिका को फ्रांस की तरफ से उपहार में मिली थी और इस विशाल मूर्ति को 17 जून को ही अमेरिका को सौंपा गया था। चार जुलाई, 1776 को अमेरिका की स्वतंत्रता की स्मृति में फ्रांसीसियों द्वारा उपहार स्वरूप दिए गए ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' का निर्माण फ्रांस और अमेरिका दोनों के संयुक्त प्रयासों से किया गया था। दोनों देशों की सरकारों के बीच हुए एक समझौते के तहत अमेरिकी लोगों ने इस मूर्ति का आधार बनाया, जबकि फ्रांसीसी लोगों ने मूर्ति को आकार और स्वरूप दिया। तांबे की यह शानदार मूर्ति अमेरिका के न्यूयार्क शहर के मैनहट्टन में ‘लिबर्टी द्वीप' पर स्थित है। देश-दुनिया के इतिहास में 17 जून की तारीख में दर्ज प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- 1756 : नवाब सिराजुद्दौला ने 50 हजार सैनिकों के साथ कलकत्ता (अब कोलकाता) पर आक्रमण किया।
1799 : नेपोलियन बोनापार्ट ने इटली को अपने साम्राज्य में शामिल किया।
1855 : ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' को न्यूयॉर्क के बंदरगाह लाया गया।
1917 : महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम में हृदय कुंज को अपना आवास बनाया।
1938 : जापान ने चीन के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
1944 : जर्मनी ने द्वितीय विश्वयुद्ध में समर्पण किया।
1974 : ब्रिटेन की संसद में बम विस्फोट, 11 लोग घायल।
1980 : अमेरिका ने अपनी 160 परमाणु मिसाइल को ब्रिटेन में रखने का ऐलान किया, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में इनका इस्तेमाल किया जा सके। 2002 : कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को दोबारा खोला गया।
2004 : मंगल पर पृथ्वी की चट्टानों से मिलते-जुलते पत्थर मिले।
2004 : बगदाद में सेना के भर्ती केन्द्र पर विस्फोट में 42 लोगों की मौत।
2008 : देश में विकसित हल्के लड़ाकू विमान तेजस का बेंगलुरु में सफलतापूर्वक परीक्षण।
2020: भारत में कोविड-19 से एक दिन में सबसे अधिक 2,003 लोगों की गई जान।
2021: चीन के तीन अंतरिक्ष यात्री देश के नये अंतरिक्ष स्टेशन में पहुंचे।
2023: ब्रिटेन सरकार ने विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के अमेरिका प्रत्यर्पण को मंजूरी दी।
2024: पश्चिम बंगाल में मालगाड़ी के कंचनजंघा एक्सप्रेस से टकराने से 10 लोगों की मौत, कई घायल। -
निकोसिया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सोमवार को साइप्रस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस तृतीय' से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कहा, ‘‘साइप्रस के ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस तृतीय' सम्मान प्राप्त करके मैं बहुत कृतज्ञ हूं। मैं इसे हमारे देशों के बीच की मित्रता को समर्पित करता हूं।'' साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने मोदी को सम्मानित किया। इस सम्मान का नाम साइप्रस के पहले राष्ट्रपति आर्चबिशप मकारियोस तृतीय के नाम पर रखा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों को यह सम्मान समर्पित करते हुए कहा कि यह भारत-साइप्रस की भरोसेमंद दोस्ती का सम्मान है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में हमारी सक्रिय साझेदारी नई ऊंचाइयों को छुएगी। हम मिलकर न केवल दोनों देशों की प्रगति को मजबूत करेंगे, बल्कि एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित विश्व के निर्माण में भी योगदान देंगे।'' विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को साइप्रस के ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस तृतीय' से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत-साइप्रस के बीच स्थायी द्विपक्षीय साझेदारी और शांति, प्रगति एवं समृद्धि के साझा दृष्टिकोण के लिए मिलकर काम करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'' साइप्रस के इस सम्मान के साथ ही प्रधानमंत्री को प्राप्त अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की कुल संख्या 23 हो गई है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि मोदी ने कहा कि यह सम्मान भारत के सदियों पुराने दर्शन "वसुधैव कुटुम्बकम" को मान्यता देता है, जो वैश्विक शांति और प्रगति के लिए इसके दृष्टिकोण को निर्देशित करता है। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को भारत और साइप्रस के बीच साझेदारी को मजबूत करने और विविधता लाने की नयी प्रतिबद्धता के रूप में स्वीकार किया और इस बात पर जोर दिया कि यह सम्मान शांति, सुरक्षा, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और समृद्धि के प्रति दोनों देशों की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में साइप्रस में हैं। वह साइप्रस से कनाडा जाएंगे और जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद वह क्रोएशिया की यात्रा करेंगे। -
लखीमपुर खीरी. दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (डीएनपी) और किशनपुर अभयारण्य को इस वर्ष के सत्र के समापन के बाद रविवार से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पर्यटन सत्र के समापन के उपलक्ष्य में दुधवा बाघ अभयारण्य (डीटीआर) के अधिकारियों ने रविवार शाम पर्यटकों के अंतिम जत्थे को गर्मजोशी से विदाई दी और दुधवा आधार शिविर के मुख्य द्वार पर औपचारिक रूप से ताला लगा दिया गया। डीटीआर में पर्यटन सत्र आमतौर पर 15 नवंबर से शुरू होता है और मानसून के शुरू होने पर 15 जून को समाप्त होता है। हालांकि, 2024-25 का पर्यटन सत्र छह नवंबर से पहले शुरू कर दिया गया था और देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में आये पर्यटकों ने दुधवा सफारी की सैर की। इस सत्र में पर्यटकों को बाघ, हाथी, भालू और सुअर और सरीसृपों की विभिन्न प्रजातियों के जीव काफी संख्या में देखने को मिले। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के उप निदेशक डॉ. रेंगाराजू तमिलसेल्वन ने संवाददाताओं को बताया कि इस पर्यटन सत्र में दुधवा में रिकॉर्ड 644 विदेशी पर्यटक आए जो कि 2023-24 के 234 विदेशी पर्यटकों के आंकड़े से करीब 175 फीसदी अधिक है। उन्होंने कहा कि इस साल घरेलू पर्यटकों की संख्या में भी खासी वृद्धि देखी गई। यह आंकड़ा 2023-24 के 50,961 से बढ़कर 56,729 हो गया। रेंगाराजू ने कहा कि पर्यटकों की संख्या बढ़ने से रिकॉर्ड आय भी हुई है। इस सत्र में 1,85,20,398 रुपये की आय हुई जबकि इससे पिछले सत्र में यह आंकड़ा 1,39,73,240 रुपये था।
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निकोसिया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे संघर्षों पर ‘‘चिंता जताई'' और उन दोनों का मानना है कि ‘‘यह युद्ध का युग नहीं है।'' मोदी ने क्रिस्टोडौलिडेस के साथ द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा के बाद यह बात कही। दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु न्याय जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर वार्ता की। उन्होंने पश्चिम एशिया और यूरोप में संघर्षों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की।
अपनी यात्रा के दौरान, मोदी और क्रिस्टोडौलिडेस ने एक इमारत की छत से निकोसिया के निकटवर्ती पहाड़ों को भी देखा, जो तुर्किये के नियंत्रण में हैं। इससे तुर्किये को एक संदेश मिला होगा, जिसने हाल में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान खुलकर इस्लामाबाद का समर्थन किया था। प्रधानमंत्री की साइप्रस यात्रा इस द्वीपीय देश के तुर्किये के साथ तनावपूर्ण संबंधों के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। मई में भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर चलाए जाने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाये गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचे नष्ट कर दिये गए थे। दो दशकों से अधिक समय में साइप्रस की यात्रा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी वार्ता के बाद क्रिस्टोडौलिडेस के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में साइप्रस के समर्थन के लिए आभारी हैं।'' वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि साइप्रस और भारत अंतरराष्ट्रीय एवं सीमापार से होने वाले आतंकवाद के अलावा हिंसक चरमपंथ की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं तथा शांति और स्थिरता को कमजोर करने वाले हाइब्रिड खतरों का मुकाबला करने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। उन्होंने आतंकवाद को ‘‘कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति'' का जिक्र करते हुए, किसी भी परिस्थिति में ऐसे कृत्यों को उचित ठहराये जाने को खारिज कर दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को ‘‘जवाबदेह'' ठहराया जाना चाहिए। मोदी ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा, ‘‘हम दोनों ने पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे संघर्षों पर चिंता व्यक्त की। उनका नकारात्मक प्रभाव केवल उन क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है। हम दोनों का मानना है कि यह युद्ध का युग नहीं है। बातचीत के माध्यम से समाधान और स्थिरता बहाल करना मानवता की मांग है।'' साइप्रस के राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमारे बीच ऐतिहासिक मित्रता है और संबंधों में विश्वास है।''
उन्होंने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले को याद किया और कहा कि साइप्रस भारत के साथ ‘‘पूरी एकजुटता'' से खड़ा है। उन्होंने कहा कि साइप्रस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है। राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने साइप्रस मुद्दे पर भी चर्चा की और कहा कि साइप्रस विवादित उत्तरी क्षेत्र में तुर्किये के ‘‘अवैध कब्जे'' को समाप्त करना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत और उसके लोगों के समर्थन के लिए हम साइप्रस गणराज्य की ओर से आभार व्यक्त करते हैं।'' उन्होंने साइप्रस में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में भारत के योगदान का हवाला दिया। संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि साइप्रस और भारत ने ‘‘संयुक्त राष्ट्र द्वारा समर्थित प्रयासों को पुनः आरंभ करने के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की, ताकि संयुक्त राष्ट्र की सहमति वाले ढांचे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप, राजनीतिक समानता के साथ द्वि-क्षेत्रीय, द्वि-सामुदायिक संघ के आधार पर साइप्रस समस्या का व्यापक और स्थायी समाधान किया जा सके।'' इसमें कहा गया है, ‘‘भारत ने साइप्रस गणराज्य की स्वतंत्रता, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और एकता के लिए अपने निरंतर समर्थन को दोहराया। इस संबंध में, दोनों पक्षों ने सार्थक वार्ता की बहाली के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के वास्ते एकतरफा कार्रवाई से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया।'' पूर्वी भूमध्य सागर में स्थित द्वीप राष्ट्र साइप्रस और पड़ोसी तुर्किये के बीच संबंध असहज रहा है। साइप्रस में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना की वेबसाइट के अनुसार, तुर्किये सरकार ने 1960 की गारंटी संधि का हावाला देते हुए साइप्रस के उत्तरी तट पर एक व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप अंततः निकोसिया के उत्तर में मुख्य तुर्किये साइप्रस एन्क्लेव पर कब्जा कर लिया गया था। वर्ष 1974 में, भारत ने साइप्रस गणराज्य की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में दृढ़ रुख अपनाया था। अपने प्रेस वक्तव्य में मोदी ने कहा कि उनकी यात्रा भारत-साइप्रस द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय लिखने का ‘‘स्वर्णिम अवसर'' है। मोदी ने कहा कि साइप्रस के ‘विजन 2035' और विकसित भारत 2047 की दृष्टि में कई समानताएं हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस यात्रा के संबंध में ‘एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘भारत-साइप्रस संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए एक नयी गति।'' उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान, दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, आतंकवाद-निरोध और संस्कृति के पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ रक्षा उद्योग, कनेक्टिविटी, नवाचार, पर्यटन और गतिशीलता के नए क्षेत्रों में सहयोग को प्रगाढ़ करने के तरीकों पर चर्चा की। मोदी ने कहा कि साइप्रस भारतीयों के लिए भी पसंदीदा पर्यटन स्थल है और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘सांस्कृतिक संबंधों को कैसे प्रगाढ़ किया जाए, हमने इस पर भी चर्चा की। साइप्रस में योग और आयुर्वेद की लोकप्रियता बढ़ रही है, जिसे देखकर खुशी होती है। पर्यटन एक और क्षेत्र है, जहां काफी संभावनाएं हैं। हमने संपर्क को बेहतर बनाने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया।'' भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) और भारत-यूरोपीय संघ संबंधों पर भी उनकी बातचीत के दौरान चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति को भारत आने का न्योता भी दिया।
मोदी ने संशोधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए साइप्रस द्वारा समर्थन दोहराये जाने को लेकर राष्ट्रपति का आभार जताया। -
पुणे. सेना की दक्षिणी कमान की सैन्य खुफिया (एमआई) इकाई और पुणे पुलिस ने शहर के कोंढवा इलाके में अवैध रूप से रह रहे चार बांग्लादेशी प्रवासियों को पकड़ा है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, इन चारों ने पहले कोलकाता में काम किया था, इसके बाद ये पुणे आ गए जहां ये निर्माण श्रमिक के रूप में काम कर रहे थे। आरोपियों की पहचान स्वप्न निधुभूषण मंडल (39), मिथुनकुमार दिलीप मंडल (31), रणधीर कुमार मंडल (37) और दिलीप मंडल (38) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, जिन्हें रविवार देर रात पेट से संबंधित समस्याओं के कारण दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, अब स्थिर हैं, अस्पताल ने सोमवार को एक बयान में कहा , सोनिया गांधी की हालत स्थिर, कड़ी निगरानी में हैं। अस्पताल ने कहा कि 78 वर्षीय पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष वर्तमान में अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में निगरानी में हैं।
सर गंगा राम अस्पताल के अध्यक्ष डॉ. अजय स्वरूप ने बयान में कहा, "सोनिया गांधी को कल (15.06.2025, रविवार) रात 9:00 बजे सर गंगा राम अस्पताल में पेट से संबंधित समस्या के लिए सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था। वह वर्तमान में स्थिर हैं, और डॉक्टर उनके स्वास्थ्य की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।"गौरतलब है कि सोनिया गांधी को इस महीने दूसरी बार अस्पताल में भर्ती कराया गया है।इससे पहले, 7 जून को बेचैनी की शिकायत के बाद शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) अस्पताल में उनका MRI किया गया था।राज्यसभा सांसद ने बेचैनी की शिकायत की थी और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। आईजीएमसी के एक डॉक्टर के अनुसार, गांधी का रक्तचाप सामान्य से थोड़ा अधिक पाया गया, लेकिन उनकी हालत सामान्य और स्थिर है। -
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यूएई के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नहयान से बात की। विदेश मंत्री ने इसकी जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया ‘एक्स’ हैंडल पर दी है।
विदेश मंत्री ने अपने पोस्ट में कहा, “पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति और कूटनीति की भूमिका पर संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नहयान से फोन पर बात की।”पश्चिम एशिया में वर्तमान स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण और अस्थिर है, जो मुख्य रूप से इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण है। यह क्षेत्र पहले से ही लेबनान, गाजा और यमन में चल रहे संघर्षों से प्रभावित था, लेकिन हाल में इजरायल-ईरान तनाव ने स्थिति को और जटिल कर दिया है।12 जून को इजरायल ने “ऑपरेशन राइजिंग लायन” के तहत ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे। इन हमलों में तेहरान, इस्फहान और खोर में सैन्य ठिकानों, हवाई रक्षा प्रणालियों और कथित न्यूक्लियर प्लांट्स को निशाना बनाया गया। इजरायल ने दावा किया कि हमले का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना था, जिसे वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानता है।अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की मई 2025 की रिपोर्ट में ईरान पर 60 फीसद से अधिक संवर्धित यूरेनियम जमा करने और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था, जिसने इजरायल को हमले की औपचारिक “वैधता” प्रदान की।हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी, जैसे मेजर जनरल हुसैन बघेरी और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर हुसैन सलामी, मारे गए। इसके जवाब में, ईरान ने को “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस III” शुरू किया, जिसमें इजरायल पर 100 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे गए। इन हमलों ने तेल अवीव और हाइफा में महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचाया।यह तनाव 2024 में शुरू हुआ था, जब इजरायल ने दमिश्क में ईरानी दूतावास पर हमला किया था, जिसमें कई ईरानी राजनयिक मारे गए थे। इसके बाद से दोनों देशों के बीच संघर्ष तेज हो गया। इन हमलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित किया, तेल की कीमतों में 6-7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई।मौजूदा हालात में इस क्षेत्र में पूर्ण युद्ध की आशंका बढ़ गई है, जिसके कारण भारत, यूएई और अन्य देश कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमवार को साइप्रस ने अपना सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया है। भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को साइप्रस के राष्ट्रपति, निकोस क्रिस्टोडोलाइड्स ने ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III” से नवाजा है।
पीएम मोदी ने देश की जनता को समर्पित किया यह सम्मानपीएम मोदी ने साइप्रस के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार को देश की जनता को समर्पित किया। उन्होंने कहा, ”ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III सम्मान के लिए मैं आपका (साइप्रस के राष्ट्रपति), साइप्रस सरकार और साइप्रस के लोगों का अभिनंदन करता हूं। ये सम्मान केवल मेरा सम्मान नहीं है, ये 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है। उनके सामर्थ्य और आकांक्षाओं का सम्मान है। ये हमारे देश के सांस्कृतिक भाईचारे और “वसुधैव कुटुंबकम” की विचारधारा का सम्मान है। मैं यह अवॉर्ड भारत और साइप्रस के महत्वपूर्ण संबंधों को,हमारे साझा मूल्यों को समर्पित करता हूं। सभी भारतीयों की तरफ से मैं ये सम्मान अत्यंत विनम्रता और कृतज्ञता से स्वीकार करता हूं।”यह सम्मान शांति, सुरक्षा, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और हमारे लोगों की समृद्धि के लिए हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीकपीएम मोदी ने आगे कहा कि ये सम्मान शांति, सुरक्षा, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और हमारे लोगों की समृद्धि के लिए हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मैं इस सम्मान को भारत और साइप्रस के संबंधों के प्रति एक जिम्मेदारी समझता हूं और मैं उस भाव से इसे स्वीकार करता हूं।उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी सक्रिय साझेदारी आने वाले समय में नई ऊंचाइयां छुएगी। हम मिलकर न केवल अपने देशों के विकास को मजबूत करेंगे, बल्कि एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित वैश्विक वातावरण के निर्माण के लिए मिलकर योगदान देंगे।पीएम मोदी ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी लिखा पोस्टपीएम मोदी ने साइप्रस का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”साइप्रस के ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III’ का सम्मान पाकर मैं बहुत खुश हूं। मैं इसे हमारे देशों के बीच मित्रता को समर्पित करता हूं।”इससे पहले श्रीलंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘मित्र विभूषण’ से नवाजा गया था। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने उन्हें यह सम्मान दिया था। -
नई दिल्ली। सरकार ने आज जनगणना कराये जाने की अधिसूचना जारी कर दी है। गृह मंत्रालय से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जनगणना के लिए संदर्भ तिथि पहली मार्च 2027 होगी। केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख, जम्मू कश्मीर के बर्फीले इलाकों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड पर यह तारीख लागू नहीं होगी। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जनगणना पहली अक्तूबर 2026 से कराई जाएगी। यह भारत की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना होगी और देश के स्वतंत्र होने के बाद आठवीं जनगणना होगी।
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नई दिल्ली। एयर इंडिया विमान हादसे में दूसरा ब्लैक बॉक्स बरामद हुआ है। इसके बाद जांचकर्ताओं ने जांच तेज कर दी है। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर), जिसे आमतौर पर दूसरा ब्लैक बॉक्स कहा जाता है। उसे मलबे के कॉकपिट भाग से निकाल लिया गया है।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर ) एक महत्वपूर्ण उपकरण है। जो विमान के कॉकपिट में होने वाली सभी आवाजों को रिकॉर्ड करता है। जिसमें पायलटों के बीच बातचीत, रेडियो प्रसारण, अलार्म की आवाज और दुर्घटना से पहले के अंतिम क्षणों में होने वाली कोई भी पृष्ठभूमि की आवाज शामिल है। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) जांचकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। यह चालक दल के निर्णय लेने की प्रक्रिया को फिर से बनाने, संभावित मानवीय त्रुटियों या यांत्रिक चेतावनियों की पहचान करने और घटनाओं के अनुक्रम को निर्धारित करने में मदद करता है। यह दुर्घटना की जांच के लिए एक अहम सुराग देता है।विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के अधिकारियों ने कहा कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर ) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) का विश्लेषण किया जा रहा है। सीवीआर से पायलटों की बातचीत और कॉकपिट की आवाजों जैसे महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है, जो दुर्घटना के कारणों और घटनाओं के क्रम को समझने में मदद करेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा ने भी इस बरामदगी की पुष्टि की। रविवार को वो अहमदाबाद दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने जांच प्रक्रिया की समीक्षा की फिर सिविल अस्पताल गए, जहां घायलों का इलाज किया जा रहा है।इस बीच, गुजरात सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के सम्मान में सोमवार को राज्य में एक दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की गई। शोक अवधि के दौरान सभी आधिकारिक समारोह और समारोह स्थगित रहेंगे तथा सरकारी भवनों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। -
नई दिल्ली। एक नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अध्ययन के अनुसार, 1980 के बाद से वैश्विक स्तर पर रुमेटॉइड अर्थराइटिस (आरए) के मामलों में वृद्धि का कारण बढ़ती उम्रदराज आबादी और धूम्रपान में वृद्धि है। रुमेटॉइड अर्थराइटिस एक क्रॉनिक ऑटोइम्यून बीमारी है, जो जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न का कारण बनती है।
उम्र बढ़ने, आबादी में वृद्धि और असमान स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में रूमेटाइड अर्थराइटिस के मामले अलग-अलग तरीके से बढ़ रहे हैं‘एनल्स ऑफ द रूमेटिक डिजीज’ में प्रकाशित इस अध्ययन में सामाजिक-आर्थिक असमानताओं और बीमारी के बोझ में बढ़ती असमानता का खुलासा हुआ है। अध्ययन में पाया गया कि उम्र बढ़ने, आबादी में वृद्धि और असमान स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में रूमेटाइड अर्थराइटिस के मामले अलग-अलग तरीके से बढ़ रहे हैं।अध्ययन ने 1980 से 2021 तक 953 वैश्विक और स्थानीय स्थानों के डेटा का विश्लेषण किया, जो ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज से लिया गया थाअध्ययन ने 1980 से 2021 तक 953 वैश्विक और स्थानीय स्थानों के डेटा का विश्लेषण किया, जो ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) से लिया गया था। इसमें एक नए डीप लर्निंग मॉडल का इस्तेमाल किया गया। निष्कर्षों से पता चला कि इस अवधि में रुमेटॉइड अर्थराइटिस का वैश्विक बोझ लगातार बढ़ा है, खासकर युवा वर्ग में ये और भी बढ़ा है।2021 में फिनलैंड, आयरलैंड और न्यूजीलैंड सबसे अधिक असमानता वाले देश रहेविशेष रूप से 1990 के बाद से अक्षमता-समायोजित जीवन वर्ष (डीएएलवाई) से संबंधित असमानता 62.55 प्रतिशत बढ़ी। 2021 में फिनलैंड, आयरलैंड और न्यूजीलैंड सबसे अधिक असमानता वाले देश रहे। अध्ययन में यह भी पाया गया कि आर्थिक कारक अकेले बीमारी के बोझ को निर्धारित नहीं करते। उच्च सामाजिक-आर्थिक सूचकांक (एसडीआई) वाले क्षेत्रों, जैसे जापान और यूके, में बीमारी का बोझ अलग-अलग है। जापान में उच्च एसडीआई के बावजूद डीएएलवाई दरों में कमी आई, जो शीघ्र इलाज, जैविक उपचारों के व्यापक उपयोग और एंटी इंफ्लेमेटरी आहार का परिणाम हो सकता है।शोध में बताया गया कि धूम्रपान पर नियंत्रण से उच्च धूम्रपान वाले क्षेत्रों (जैसे चीन) में रुमेटॉइड अर्थराइटिस से होने वाली मौतों में 16.8 प्रतिशत और डीएएलवाई में 20.6 प्रतिशत की कमी आ सकती हैलंदन के इंपीरियल कॉलेज के प्रमुख शोधकर्ता क्यूरन लिन के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने बताया, “ साल 2040 तक, कम-मध्यम एसडीआई क्षेत्रों में उम्र बढ़ने और आबादी वृद्धि के कारण डीएएलवाई बढ़ सकता है, जबकि उच्च एसडीआई क्षेत्रों में यह कम हो सकता है।” शोध में बताया गया कि धूम्रपान पर नियंत्रण से उच्च धूम्रपान वाले क्षेत्रों (जैसे चीन) में रुमेटॉइड अर्थराइटिस से होने वाली मौतों में 16.8 प्रतिशत और डीएएलवाई में 20.6 प्रतिशत की कमी आ सकती है। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी कि कई क्षेत्रों में अभी भी सटीक स्वास्थ्य नीतियों और लक्षित हस्तक्षेपों के लिए आवश्यक डेटा का अभाव है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्र ने हाल ही में हुई विमान दुर्घटना के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए रविवार को अहमदाबाद का दौरा किया। डॉ. मिश्र ने मेघानी नगर में बीजे चिकित्सा महाविद्यालय के निकट दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां राज्य सरकार, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें घटनाओं के क्रम और तत्काल कार्रवाई के बारे में जानकारी प्रदान की।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, अहमदाबाद में सिविल अस्पताल के अपने दौरे पर डॉ. मिश्र ने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने डीएनए नमूना मिलान प्रक्रिया को देखा। डॉ. मिश्र ने घायल पीड़ितों के साथ बातचीत भी की।डॉ. मिश्र ने अस्पताल के अधिकारियों को घायल पीड़ितों के चिकित्सा उपचार और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने डीएनए नमूना लेने के प्रयासों की समीक्षा की और वैज्ञानिक सटीकता बनाए रखते हुए तेजी से पहचान पूरी करने की आवश्यकता पर बल दिया।प्रधान सचिव ने अहमदाबाद के सर्किट हाउस में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों, एएआईबी और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चल रहे राहत, बचाव और जांच प्रयासों पर चर्चा की।वहीं, एएआईबी ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है और विमान के अमेरिका में निर्मित होने के कारण अमेरिकी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अंतर्गत समानांतर जांच कर रहा है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) का पता लगा लिया गया है और उन्हें सुरक्षित प्राप्त कर लिया गया है।डॉ. मिश्र ने पीड़ितों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने और सभी एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता दोहराई। उनकी यात्रा ने पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए त्वरित राहत, गहन जांच और व्यापक सहायता सुनिश्चित करने के पीएम मोदी के निर्देश को मजबूत किया। -
राजस्थान के तीन भाई-बहनों ने एक साथ नीट यूजी परीक्षा पास कर इतिहास रच दिया है। राजस्थान के हनुमानगढ़ में डॉक्टर निशांत बत्रा के बच्चों ने कमाल कर दिया है, उनके घर में खुशियों की बौछार आ गई है। डॉक्टर निशांत बत्रा के बेटे शुभ बत्रा ने नीट यूजी 2025 परीक्षा में ऑल इंडिया 188वीं रैंक हासिल की है। इसके साथ ही उनकी बहन रिद्धि और सिद्धि बत्रा ने भी नीट परीक्षा पास की है।
शुभ बत्रा ने अपने पहले ही प्रयास में इतनी बड़ी सफलता हासिल कर कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। उनकी बहन रिद्धि और सिद्धि बत्रा ने अपनी कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से उनके दूसरे दूसरे प्रयास में नीट परीक्षा पास की है। तीनों बच्चों की सफलता से उनका परिवार बहुत खुश है।डॉक्टर निशांत बत्रा एक समाजसेवी हैं और विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष हैं। डॉक्टर बत्रा ने बताया कि "मेरे बच्चों को सफलता उनकी कड़ी मेहनत, परिवार के सपोर्ट और भगवान की कृपा से प्राप्त हुई है। वे शुरू से ही डॉक्टर बनना चाहते थे। जिसके लिए उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत की है। आज मैं अपने बच्चों की सफलता पर बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं।"एमबीएसएस पाठ्यक्रम के लिए कुल 1,08,000 सीटें उपलब्ध हैं जिनमें सरकारी अस्पतालों में लगभग 56,000 और निजी कॉलेजों में लगभग 52,000 सीटें हैं। दंत चिकित्सा, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भी नीट परिणामों का उपयोग किया जाता है। - भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार इस साल पुरी में होने वाली रथ यात्रा के दौरान रथों पर चढ़ने वाले किसी भी गैर-सेवक के खिलाफ गिरफ्तारी सहित सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। राज्य के विधि मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने यह जानकारी दी। मंत्री ने यह भी कहा कि रथों पर मोबाइल फोन के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा।पत्रकारों से बातचीत में हरिचंदन ने कहा, ‘‘किसी भी गैर-सेवक को रथों पर चढ़ने की अनुमति नहीं होगी। अगर ऐसा कोई व्यक्ति रथ पर पाया जाता है, तो गिरफ्तारी सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सेवकों को रथों पर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।'' देवताओं की ‘पहंडी बिजे' (औपचारिक शोभायात्रा) के दौरान अनुष्ठानों को समय पर पूरा करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए सरकार ने रथ यात्रा के दिन (27 जून) अनुष्ठान करने के लिए नामित सेवकों की एक सूची मांगी है। मंत्री ने कहा, ‘‘अंतिम सूची का सख्ती से पालन किया जाएगा।''इस बीच, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) योगेश बहादुर खुरानिया ने रथ यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए यहां एक बैठक की। डीजीपी ने कहा कि भुवनेश्वर के पास उत्तरा स्क्वायर को पुरी से जोड़ने वाली सड़क सीसीटीवी निगरानी में होगी और पुरी-कोणार्क रोड पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रयास जारी हैं। भीड़ की आवाजाही और यातायात पर नजर रखने के लिए पहली बार पुरी टाउन थाने में एक एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘वास्तविक समय की निगरानी के लिए पुरी में प्रमुख स्थानों पर एआई (कृत्रिम मेधा) युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों और आगंतुकों के मार्गदर्शन के लिए नियंत्रण कक्ष से यातायात सलाह जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और विशेष एजेंसियों को भी उत्सव के लिए पुरी में तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमने संबंधित अधिकारियों से केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए अनुरोध किया है।''उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान पुरी में ड्रोन और ड्रोन रोधी प्रणाली भी तैनात की जाएगी ।
- गाजियाबाद (उप्र). गाजियावाद से हर हर महादेव के जयघोष के साथ मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था रविवार को रवाना हुआ। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी। बयान में कहा गया है कि पांच वर्षों के बाद फिर शुरू हुई यात्रा के लिए इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर भवन से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को भव्य आयोजन के बीच रवाना किया गया। इसके मुताबिक, इस जत्थे में दो अधिकारियों सहित कुल 39 यात्री शामिल हैं। शुरुआत में 46 यात्रियों का पंजीयन किया गया था, मगर स्वास्थ्य कारणों से कुछ यात्री शामिल नहीं हो सके। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सांसद अतुल गर्ग, कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, आचार्य प्रमोद कृष्णम, प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति) मुकेश मेश्राम, जिलाधिकारी दीपक मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कैलाश यात्रा की रवानगी के अवसर पर विशेष शैव आराधना का आयोजन हुआ, जिसमें डमरू, मृदंग, तुरही, ढोलक आदि पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज ने शिवमय वातावरण बना दिया। उपस्थित यात्रियों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साह के साथ "हर हर महादेव" का जयघोष किया। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन संस्कृति को पुनर्स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक प्रयास कर रहे हैं। बयान के अनुसार, कैलाश तीर्थ यात्रियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के धर्मार्थ कार्य विभाग एवं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा एक विशेष योजना की घोषणा की गई है। मंदिर न्यास के सीईओ एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि सभी यात्रियों को लौटने पर एक विशेष रुद्राक्ष माला और सुगम दर्शन के लिए क्यूआर कोड युक्त कार्ड भेंट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कार्ड एक वर्ष तक वैध रहेगा और इसके जरिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों व उनके चार परिजनों को प्राथमिकता मिलेगी। उनके मुताबिक, हालांकि, विशेष पर्वों जैसे महाशिवरात्रि, सावन सोमवार, रंगभरी एकादशी आदि पर यह सुविधा मान्य नहीं होगी।
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राजस्थान के तीन भाई-बहनों ने एक साथ नीट यूजी परीक्षा पास कर इतिहास रच दिया है। राजस्थान के हनुमानगढ़ में डॉक्टर निशांत बत्रा के बच्चों ने कमाल कर दिया है, उनके घर में खुशियों की बौछार आ गई है। डॉक्टर निशांत बत्रा के बेटे शुभ बत्रा ने नीट यूजी 2025 परीक्षा में ऑल इंडिया 188वीं रैंक हासिल की है। इसके साथ ही उनकी बहन रिद्धि और सिद्धि बत्रा ने भी नीट परीक्षा पास की है।
शुभ बत्रा ने अपने पहले ही प्रयास में इतनी बड़ी सफलता हासिल कर कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। उनकी बहन रिद्धि और सिद्धि बत्रा ने अपनी कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से उनके दूसरे दूसरे प्रयास में नीट परीक्षा पास की है। तीनों बच्चों की सफलता से उनका परिवार बहुत खुश है।डॉक्टर निशांत बत्रा एक समाजसेवी हैं और विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष हैं। डॉक्टर बत्रा ने बताया कि "मेरे बच्चों को सफलता उनकी कड़ी मेहनत, परिवार के सपोर्ट और भगवान की कृपा से प्राप्त हुई है। वे शुरू से ही डॉक्टर बनना चाहते थे। जिसके लिए उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत की है। आज मैं अपने बच्चों की सफलता पर बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं।"एमबीएसएस पाठ्यक्रम के लिए कुल 1,08,000 सीटें उपलब्ध हैं जिनमें सरकारी अस्पतालों में लगभग 56,000 और निजी कॉलेजों में लगभग 52,000 सीटें हैं। दंत चिकित्सा, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भी नीट परिणामों का उपयोग किया जाता है। - अहमदाबाद। अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना के तीन दिन बाद अस्पताल प्रशासन ने हादसे में मारे गए 80 मृतकों की पहचान की पुष्टि की है। इनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल हैं। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अपर अधीक्षक डॉ. रजनीश पटेल ने मीडिया को बताया कि कल रात तक डीएनए जांच के बाद 80 शवों की पहचान हो चुकी है और 33 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।गुजरात सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के दुखद निधन पर आज राजकीय शोक की घोषणा की है। उनके सम्मान में राज्य की सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज झुका रहेगा। आज शाम राजकोट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। विजय रूपाणी 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। तीन मृतक यात्रियों के परिजनों ने अभी तक डीएनए सैंपल नहीं दिया है क्योंकि वे विदेश में हैं। उनके कल शाम तक अहमदाबाद पहुंचने की उम्मीद है।अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना के तीन दिन बाद अस्पताल प्रशासन ने हादसे में मारे गए 80 मृतकों की पहचान की पुष्टि की है। इनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल हैं। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अपर अधीक्षक डॉ. रजनीश पटेल ने मीडिया को बताया कि कल रात तक डीएनए जांच के बाद 80 शवों की पहचान हो चुकी है और 33 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। गुजरात सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के दुखद निधन पर आज राजकीय शोक की घोषणा की है। उनके सम्मान में राज्य की सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज झुका रहेगा। आज शाम राजकोट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। विजय रूपाणी 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। तीन मृतक यात्रियों के परिजनों ने अभी तक डीएनए सैंपल नहीं दिया है क्योंकि वे विदेश में हैं। उनके कल शाम तक अहमदाबाद पहुंचने की उम्मीद है।
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लद्दाख । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लद्दाख क्षेत्र के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और स्थानीय उद्यमियों द्वारा स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों की एक प्रदर्शनी का दौरा किया। उन्होंने कारीगरों, महिलाओं के नेतृत्व वाले एसएचजी और स्थानीय उद्यमियों के साथ बातचीत की, जिन्होंने अपने स्टॉल पर पारंपरिक शिल्प और हथकरघा वस्त्र का प्रदर्शन किया। वित्त मंत्री ने कारीगरों की उद्यमशीलता की भावना और रचनात्मकता की सराहना की
वित्त मंत्री ने कारीगरों की उद्यमशीलता की भावना और रचनात्मकता की सराहना की, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और केंद्र शासित प्रदेश में ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने में सरकार की भूमिका के बारे में बताया। यह पहल महिलाओं और स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने और अधिक रोजगार सृजित करने के लिए केंद्र की समावेशी विकास नीति का हिस्सा है। वित्त मंत्री लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल के पार्षदों और लद्दाख प्रशासन के साथ बातचीत करेंगीवित्त मंत्री लद्दाख के चार दिवसीय दौरे पर हैं। वह क्षेत्र में वित्तीय समावेशन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में क्रेडिट की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए एक क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। वित्त मंत्री लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (एलएएचडीसी) के पार्षदों और लद्दाख प्रशासन के साथ बातचीत करेंगी। वह अपने दौरे के दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगी। गरीबों के लिए पीएम मुद्रा योजना के तहत 32.61 लाख करोड़ रुपए के 52 करोड़ से अधिक लोन स्वीकृत किए गए हैंमोदी सरकार ने प्रमुख डीएवाई-एनआरएलएम गरीबी उन्मूलन योजना के तहत वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए देश भर में 90.76 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में 10.04 करोड़ से अधिक महिलाओं को संगठित करने में सफलता प्राप्त की है। गरीबों के लिए पीएम मुद्रा योजना के तहत 32.61 लाख करोड़ रुपए के 52 करोड़ से अधिक लोन स्वीकृत किए गए हैं। 2025 में इस योजना को 10 वर्ष पूरे हुए हैं। इस योजना ने छोटे शहरों और गांवों में महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है, क्योंकि लगभग 70 प्रतिशत मुद्रा लोन महिला उद्यमियों द्वारा लिए गए हैं, जिससे उनकी वित्तीय स्वतंत्रता बढ़ी है और लैंगिक समानता में योगदान मिला है। - नई दिल्ली। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर बाहरी स्वास्थ्य जैसे शारीरिक फिटनेस और सौंदर्य पर अधिक जोर दिया जा रहा है। लेकिन योग का असली मतलब अंदर की शांति से है। इसी बात को याद दिलाने के लिए अमेरिका में एक खास कार्यक्रम हो रहा है। यह पहल ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया भर के शहर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) मनाने की तैयारी कर रहे हैं।22 जून को लॉन्ग आइलैंड में ग्लोबल हारमनी हाउस में ‘द स्पिरिट ऑफ योग’ नाम का एक विशेष कार्यक्रम रखा गया हैआयोजकों ने रविवार को एक बयान में कहा कि 22 जून को लॉन्ग आइलैंड में ग्लोबल हारमनी हाउस में ‘द स्पिरिट ऑफ योग’ नाम का एक विशेष कार्यक्रम रखा गया है। इसे ब्रह्मा कुमारिज वर्ल्ड स्पिरिचुअल ऑर्गनाइजेशन होस्ट कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के अधिकांश समारोह शारीरिक आसनों और लचीलेपन के प्रभावशाली सार्वजनिक प्रदर्शन पर केंद्रित होते हैं, अमेरिका में आयोजित ‘द स्पिरिट ऑफ योगा’ कार्यक्रम योग की सच्ची आत्मा को पुनः प्राप्त करने और इसकी गहरी आध्यात्मिक जड़ों के बारे में फिर से फोकस करने का एक अनूठा प्रयास है।कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु और अभ्यासकर्ता शामिल होंगे, जो हॉल में उपस्थित लगभग 250 साधकों को ज्ञान, प्रेरणा और यौगिक मूल्यों का जीवंत अनुभव प्रदान करेंगे इस कार्यक्रम में अनेक गणमान्य व्यक्ति, आध्यात्मिक गुरु और अभ्यासकर्ता शामिल होंगे, जो हॉल में उपस्थित लगभग 250 साधकों को ज्ञान, प्रेरणा और यौगिक मूल्यों का जीवंत अनुभव प्रदान करेंगे, तथा अनेक लोग वर्चुअल माध्यम से इसमें भाग लेंगे। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत बिनया श्रीकांत प्रधान मुख्य अतिथि होंगे, जो ब्रह्माकुमारीज अंतरराष्ट्रीय संगठन की मुख्य प्रशासनिक प्रमुख बीके मोहिनी दीदी की उपस्थिति में विश्व को भारत की ओर से दिए गए योग के उपहार पर बोलेंगे।ग्लोबल हारमनी हाउस एक आध्यात्मिक केंद्र है जो लोगों को शांति से बैठकर योग को महसूस करने का माहौल देता है। यह ध्यान और आध्यात्मिक शिक्षाओं के माध्यम से शांति और सकारात्मकता को बढ़ावा देता है। यह कार्यक्रम लोगों को योग को गहराई से समझने और उसे मनाने का मौका देगा। योग की असली भावना आध्यात्मिक जागरूकता के माध्यम से अपने सर्वश्रेष्ठ स्वरूप और परमात्मा से जुड़ने के बारे में है संयुक्त राष्ट्र में ब्रह्माकुमारीज की एनजीओ प्रतिनिधि गायत्री नारायण ने कहा, “आज के व्यावसायिक स्वास्थ्य जगत में, योग को अक्सर फिटनेस तक सीमित कर दिया जाता है। लेकिन योग की असली भावना आध्यात्मिक जागरूकता के माध्यम से अपने सर्वश्रेष्ठ स्वरूप और परमात्मा से जुड़ने के बारे में है।” कार्यक्रम के सह-संचालक प्रवीण चोपड़ा ने कहा, “हम योग को एक ऐसे तरीके के रूप में देख रहे हैं जो जागरूकता, आत्म-साक्षात्कार और सद्भाव पर आधारित है। पतंजलि के अष्टांग योग में ध्यान सबसे जरूरी है, आसन तो उसका एक छोटा सा हिस्सा हैं।”
- नयी दिल्ली. बाहरी-उत्तरी दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में एक टेंपो ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि मृतकों की पहचान बिजय (38), रमाकांत (30) और नंदू कुमार (23) के रूप में हुई है, जो बवाना में एक कारखाने में काम करते थे। पुलिस ने बताया कि घायल राजाराम नमलेश (19) को इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केन्द्र में रेफर कर दिया गया है।शनिवार देर रात एक फैक्ट्री के पास हुई भीषण दुर्घटना के संबंध में पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्होंने चारों पीड़ितों को सड़क पर बेहोशी की हालत में पड़ा पाया। पुलिस ने बताया कि पीड़ितों को पूठखुर्द के महर्षि वाल्मीकि अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने बिजय, रमाकांत और नंदू कुमार को मृत घोषित कर दिया। बाद में राजाराम को इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "चारों लोग मोटरसाइकिल पर सवार थे, तभी टेंपो ने दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी। टेंपो का चालक वाहन को कुछ दूरी पर छोड़कर मौके से भाग गया।" अधिकारी ने बताया कि फरार टेंपो चालक का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
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मुरैना . मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में रविवार को एक बांध के पास सड़क पार करते हुए पांच चीतों को देखा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वन विभाग के अधिकारियों ने हालांकि लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।
अधिकारियों के मुताबिक, इन चीतों को अफ्रीकी चीतों के घर कूनो राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 50 किलोमीटर दूर जौरा क्षेत्र में पगारा बांध को पार करते देखा गया। इन चीतों को सुबह करीब 6.45 बजे खुले में देखकर कुछ स्थानीय लोग घबरा गए जबकि अन्य ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया। वन अधिकारियों को जल्द ही क्षेत्र में चीतों की उपस्थिति के बारे में सतर्क किया गया।
चीतों को देखे जाने के वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की।
उप रेंजर विनोद कुमार उपाध्याय ने बताया कि ये चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) से कैलारस होते हुए मुरैना के जौरा क्षेत्र पहुंचे थे। विलुप्त होने के सात दशकों के बाद भारत में इस प्रजाति को पुनर्जीवित करने के प्रयासों के तहत कई चीतों को नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से केएनपी में स्थानांतरित किया गया था। उपाध्याय ने कहा कि रविवार को जीपीएस कॉलर की मदद से पता चला कि चीते जौरा वन क्षेत्र के पगारा बांध कोठी इलाके में हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग का एक दल मौके पर पहुंचा और उसने चीतों को बांध के पास एक ऊंचे हिस्से पर आराम करते हुए पाया और उनपर 'चीता मित्र' (प्रशिक्षित स्थानीय स्वयंसेवक) नजर रख रहे हैं। उपाध्याय ने कहा, " चिते कूनो से कैलारस होते हुए जौरा क्षेत्र में पहुंचे थे। बाद में उन्हें देवगढ़ के पास खोखा पुरा गांव की ओर जाते हुए देखा गया, जहां जंगल और ट्रैकिंग टीमें उनके पीछे चल रही थीं।” केएनपी के मंडलीय वन अधिकारी आर तिरुकुरल ने कहा कि समर्पित टीमों द्वारा चीतों पर लगातार नजर रखी जा रही है। -
निकोसिया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को दो दिवसीय यात्रा पर साइप्रस पहुंचे। इस यात्रा के दौरान वह द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के साथ वार्ता करेंगे। मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण के तहत यहां पहुंचे हैं। वह कनाडा और क्रोएशिया भी जाएंगे।
पिछले दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की यह पहली यात्रा है।
मोदी ने नयी दिल्ली से रवाना होने से पहले एक वक्तव्य में कहा, ‘‘साइप्रस एक करीबी मित्र और भूमध्यसागरीय क्षेत्र में तथा यूरोपीय संघ में महत्वपूर्ण साझेदार है। यह यात्रा ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत बनाने, व्यापार, निवेश, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में हमारे संबंधों को प्रगाढ़ बनाने और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने का अवसर है।'' प्रधानमंत्री मोदी साइप्रस की राजधानी निकोसिया में राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे। साइप्रस से मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कनाडा के कनानास्किस जाएंगे। जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद मोदी क्रोएशिया रवाना होंगे, जहां वह राष्ट्रपति जोरान मिलनोविच तथा प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ बैठक करेंगे। मोदी ने कहा कि तीन देशों की यह यात्रा, सीमापार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को लगातार समर्थन देने के लिए साझेदार देशों को धन्यवाद देने तथा आतंकवाद से निपटने के लिए दुनियाभर के देशों को एकजुट करने का भी अवसर है। -
प्रयागराज/संभल/बिजनौर .उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, संभल और बिजनौर जिलों में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से कुल सात लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रयागराज के यमुना नगर इलाके में कथित तौर पर आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि घटना शनिवार देर रात बारा तहसील के सोनवर्षा हल्लाबोर गांव में उस समय की है जब विरेंद्र वनवासी अपने परिवार के साथ छप्पर के नीचे सो रहे थे तभी आकाशीय बिजली गिरी। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीता सिंह ने बताया कि झुलसने के कारण विरेंद्र, उनकी पत्नी पार्वती, बेटी राधा और बेटी करिश्मा की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सम्भल के गुन्नौर तहसील क्षेत्र में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से 18 वर्षीय युवती की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुन्नौर की उपजिलाधिकारी (एसडीएम) वंदना मिश्रा ने बताया कि आज सुबह क्षेत्र के गांव मोलनपुर डांडा में अतर सिंह अपने परिजनों के साथ खेत में काम कर रहे थे तभी आकाशीय बिजली गिरने से उनकी बेटी रत्नेश कुमारी (18) की मौत हो गई जबकि उनका बेटा राजेश (32) और पुत्रवधू किशनावती (28) घायल हो गई। मिश्रा के मुताबिक, दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि युवती का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। एसडीएम ने कहा कि परिजनों को आपदा के तहत जल्द ही आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उधर, बिजनौर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से खेत पर काम कर रहे दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से स्योहारा क्षेत्र के गांव मुकरपुरी की सविता देवी (40) की मौत हो गई। स्योहारा थाना प्रभारी अंकित कुमार के अनुसार, सविता खेत पर चारा काट रही थी तभी आकाशीय बिजली गिरने से बुरी तरह झुलस गई और उसे धामपुर अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। नूरपुर थाना प्रभारी जय भगवान सिंह ने बताया कि गांव नंगली में रविवार सुबह किसान रामानंद कश्यप (56) खेत जोत रहा था, तभी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। -
अहमदाबाद. अहमदाबाद में विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले 47 लोगों की शिनाख्त डीएनए परीक्षण के जरिए कर ली गई है और अब तक 24 लोगों के शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। चूंकि अधिकतर शव इतने जल गए हैं कि उनकी पहचान नहीं हो पा रही है, इसलिए अधिकारी इस भयावह त्रासदी में मारे गए लोगों की पहचान करने के लिए डीएनए परीक्षण करा रहे हैं। अतिरिक्त सिविल अधीक्षक डॉक्टर रजनीश पटेल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘अब तक 47 डीएनए नमूने मेल खा चुके हैं और 24 शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। ये लोग राजस्थान और गुजरात के विभिन्न हिस्सों से ताल्लुक रखते थे।'' लंदन जा रहे विमान बोइंग 787-8 (एआई 171) में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 की मौत हो गई। विमान में सवार लोगों में से केवल एक व्यक्ति ही दुर्घटना में बच पाया। घटना में मेडिकल कॉलेज के पांच छात्रों समेत 29 अन्य की भी मौत हो गई। बृहस्पतिवार को अपराह्न 1:39 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान मेघाणीनगर में एक मेडिकल कॉलेज के परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।







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