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मथुरा. उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले के मांट क्षेत्र में छुट्टी लेकर बेटी की शादी करने आए सैनिक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जिसके बाद साथी सैनिकों ने पिता का कर्तव्य निभाते हुए कन्यादान किया। मांट के थानाध्यक्ष रंजीत वर्मा ने रविवार को बताया कि बकला गांव के रहने वाले देवेंद्र सिंह (48) की बेटी की सात दिसंबर को शादी होनी थी, जिसकी तैयारियों में वह जोर-शोर से जुटे थे, लेकिन शादी से दो दिन पहले देवेंद्र की मांट-राया रोड पर हादसे में मौत हो गई। देवेंद्र के रिश्तेदार नरेन्द्र ने बताया कि बेटी की शादी से ठीक दो दिन पहले पिता की मौत से पूरे घर में कोहराम मच गया और तैयारियां बीच में ही रुक गईं। नरेन्द्र ने बताया कि परिवार के सदस्य सोच-विचार कर रहे थे कि कन्यादान कौन करेगा, इसी बीच जब देवेंद्र की मृत्यु के बारे में उनकी जाट बटालियन के साथियों को पता चला तो उनके कमांडिग अधिकारी ने पांच जवानों को कन्यादान करने के लिए बकला गांव भेजा। नरेन्द्र ने बताया कि देवेंद्र के साथी सैनिकों सूबेदार सोनवीर सिंह, सूबेदार मुकेश कुमार, हवलदार प्रेमवीर, विनोद और बेताल सिंह ने गांव पहुंच कर न केवल पिता की हैसियत से बेटी का कन्यादान किया बल्कि विवाह की व्यवस्था में भी पूरी मदद की।
- नयी दिल्ली. केंद्र ने राज्यों से स्कूली लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के वास्ते कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आग्रह किया है, ताकि सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कम लागत वाले स्वच्छता उत्पादों और लैंगिक-संवेदनशील स्वच्छता सुविधाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र तब भेजा है जब 12 नवंबर को उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि प्रत्येक राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश की विशिष्ट आवश्यकताओं और संदर्भों के अनुरूप नीति को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए व्यापक कार्ययोजना की जरूरत होगी। केंद्र सरकार ने पिछले महीने शीर्ष अदालत को ‘स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता नीति' के बारे में जानकारी दी थी, जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो नवंबर को मंजूरी दी थी। नीति का उद्देश्य सरकार की स्कूल प्रणाली में मासिक धर्म स्वच्छता को मुख्यधारा में लाना है, ताकि स्कूली छात्राओं के बीच ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार में परिवर्तन लाया जा सके, तथा जागरूकता की कमी की बाधाओं को दूर किया जा सके। यह विद्यालयों में मासिक धर्म स्वच्छता उत्पादों की निरंतर और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तंत्र को सुव्यवस्थित करने की वकालत करता है। सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए नीति में कहा गया है कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को संसाधनों के कुशल उपयोग के लिए मासिक धर्म स्वच्छता उत्पादों की वास्तविक आवश्यकता का आकलन और अनुमान लगाना चाहिए। राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सर्वेक्षण के माध्यम से मूल्यांकन करें ताकि सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में लड़कियों को मासिक धर्म स्वच्छता उत्पादों तक नियमित पहुंच मिल सके। इसके अतिरिक्त, नीति का उद्देश्य अहितकर सामाजिक नियमों को समाप्त करना, सुरक्षित मासिक धर्म स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देना, तथा मासिक धर्म अपशिष्ट का पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन करना है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एक ऐसी कार्ययोजना तैयार करने और उसे प्रस्तुत करने को कहा है जिसमें नीति के सभी पहलू शामिल हों तथा इनमें सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों की भागीदारी सुनिश्चित हो। मंत्रालय ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से यह भी कहा है कि वे सुरक्षित मासिक धर्म स्वच्छता प्रथाओं को प्रोत्साहन दे और किशोरियों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए संवेदनशीलता और जागरूकता गतिविधियों को प्राथमिकता दे।
- चंडीगढ़. चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसएस यादव ने रविवार को कहा कि नए आपराधिक कानूनों के तहत अपराध जांच में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक ‘पूरी तरह से सुरक्षित' है, बशर्ते प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए। नए कानूनों के तहत, 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया हेल्पलाइन पर कॉल प्राप्त करने से लेकर साक्ष्य एकत्र करने तक, जांच के हर चरण को रिकॉर्ड करना अनिवार्य है, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटोग्राफ और डिजिटल रूप से विशेष एप्लिकेशन ‘ई-साक्ष्य' पर अपलोड किया जाता है। ‘ई-साक्ष्य' राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा संचालित क्लाउड-आधारित सेवा है। यादव ने कहा कि नये कानून और प्रक्रियाएं सुनिश्चित करती हैं कि जांच तीव्र, समयबद्ध, कानूनी रूप से मान्य और स्वतः प्रस्तुत करने योग्य हों। यह पूछे जाने पर कि क्या प्रौद्योगिकी पर निर्भरता के कारण जांच हैकिंग या दुरुपयोग के नजरिये से संवेदनशील हो गई है, यादव ने कहा, ‘‘यदि प्रोटोकॉल का पालन किया जाए तो प्रौद्योगिकी हमेशा त्रुटिरहित होती है। ई-साक्ष्य एप्लीकेशन में, शुरू से लेकर अंत तक, एक ही ‘हैश वैल्यू' है, जिससे प्रक्रिया की निरंतरता और त्रुटिरहित प्रणाली सुनिश्चित होती है।'' ‘हैश वैल्यू' डिजिटल फोरेंसिक के लिए मौलिक हैं, जो डिजिटल साक्ष्य की अखंडता और प्रामाणिकता को सत्यापित करने के लिए एक विश्वसनीय, कुशल और सुरक्षित तरीका प्रदान करते हैं। अपनी जांच प्रक्रियाओं में ‘हैश वैल्यू' को शामिल करके, फोरेंसिक विशेषज्ञ यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि डिजिटल साक्ष्य विश्वसनीय है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे अधिकारी साक्ष्य एकत्र करने और प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए केवल प्रशासन द्वारा जारी टैबलेट का ही उपयोग कर सकते हैं, इसलिए दुरुपयोग की आशंका बहुत ही कम है।'' यादव ने कहा कि साक्ष्य संग्रहण के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती, क्योंकि पूरी प्रक्रिया - जिसमें गवाहों के बयानों की रिकॉर्डिंग भी शामिल है- को ‘ई-साक्ष्य' एप्लीकेशन के माध्यम से सीधे क्लाउड पर अपलोड कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि एक प्रमाण पत्र तैयार किया जाता है, जो 48 घंटे के भीतर अदालत को उपलब्ध करा दिया जाता है। यादव ने कहा, ‘‘नए कानून आधुनिक और विकसित भारत को दर्शाते हैं। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) को 1857 में स्वतंत्रता के लिए हुए पहले विद्रोह के बाद ब्रिटिशकाल में भारत को औपनिवेशिक शासन के अधीन रखने के लिए लागू किया गया था। नए कानूनों का ध्यान नागरिकों और त्वरित न्याय प्रदान करने पर है।'' उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, छीना-झपटी, आर्थिक अपराध और भीड़ द्वारा हत्या (मॉब लिंचिंग) से निपटने के लिए नए प्रावधान पेश किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आईपीसी और सीआरपीसी के प्रावधान अब सामाजिक वास्तविकताओं, अपराधों की बदलती प्रकृति और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं रह गए हैं।
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लखनऊ. नवाबों के शहर लखनऊ की सड़कें रविवार को संग्रहालय में तब्दील हो गईं। बेहद नाज़ों से सम्भाल कर रखी गयी पुराने जमाने की (विंटेज) कारों का एक बेड़ा शहर में निकला तो लोग बरबस उसकी तरफ आकर्षित हो गए। ‘अवध हेरिटेज कार क्लब' (ओएचसीसी) द्वारा आयोजित विंटेज कार रैली के दौरान चलते-फिरते इतिहास ने लोगों का ध्यान एकाएक अपनी तरफ खींच लिया। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और एचडीएफसी बैंक के सहयोग से आयोजित इस विंटेज कार रैली में लगभग दो दर्जन पुरानी कारें शामिल हुई। 'चंद्रिका देवी हेरिटेज ड्राइव' नामक इस रैली ने गोमती नगर में पर्यटन विभाग के पर्यटन भवन से कैप्टन फार्म तक 60 किलोमीटर का रास्ता तय किया। पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने ऐसे आयोजनों के व्यापक प्रभाव पर जोर देते हुए कहा, "लखनऊ में यह विंटेज कार रैली युवा पीढ़ी को हमारे परिवहन के इतिहास से जोड़ती है। यह हमारी विरासत को संरक्षित करने में नागरिकों के बीच रुचि भी बढ़ाती है।" मेश्राम ने कहा, "उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इन आयोजनों में सहयोग करता है और हम बुंदेलखंड और चंबल क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसी तरह की रैलियों की योजना बना रहे हैं।" रैली में 1928 ऑस्टिन, बेबी ऑस्टिन, जगुआर मार्क 4, फिएट स्पाइडर और प्रतिष्ठित फॉक्सवैगन बीटल जैसी दुर्लभ कारों का बेड़ा शामिल था जिनमें से कुछ कारें तो लगभग एक सदी पुरानी थी। ओएचसीसी के अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह ने कहा, "यह चौथी बार है जब उप्र पर्यटन विभाग ने हमें प्रायोजित किया है। ये कार्यक्रम हमारी विरासत का हिस्सा है और हमारा उद्देश्य विंटेज कारों को चलाकर और उन्हें जनता के सामने प्रदर्शित करके उन्हें बढ़ावा देना है।" रैली में कुछ लोगों ने भाग नहीं लिया, जिससे इसमें शामिल होने वाली गाड़ियों की संख्या अपेक्षित 30 से घटकर लगभग 22-24 रह गई, लेकिन प्रद्युम्न सिंह निराश नहीं हुए। उन्होंने कहा, "आज की रैली के लिए यह अब भी एक अच्छी संख्या है। इन कारों में से कुछ 1940 और 1950 के दशक की थीं और उन्होंने 60 किलोमीटर की दूरी तय की जो ऐसी विंटेज कारों के लिए अच्छी-खासी दूरी है।" रैली का मुख्य आकर्षण 1928 ऑस्टिन थी, जिसके मालिक डॉक्टर अखिलेश माहेश्वरी हैं।
ओएचसीसी के कोषाध्यक्ष अमित गुजराल ने ऐसी पुरानी कारों को सहेज कर रखने की चुनौतियों को साझा किया।उन्होंने कहा, "इन कारों का रख-रखाव बेहद लगन का काम है और इसमें समय भी लगता है। हम इन गाड़ियों के रखरखाव के लिए अक्सर दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद के बाज़ारों में जाते हैं या उनके पुर्जे आयात करते हैं। नियमित रख-रखाव ज़रूरी है। इंजन को सही स्थिति में रखने के लिए हम कम से कम 15 दिन में एक बार कार स्टार्ट करते हैं।" कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता मुज़फ़्फ़र अली ने विंटेज कारों के सांस्कृतिक महत्व पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, "कारें हमारे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके रखरखाव और संरक्षण को समझना महत्वपूर्ण है।" अली ने लखनऊ के विंटेज कारों और रैलियों के समृद्ध इतिहास को याद किया।उन्होंने कहा, "तिर्वा के राजा इस मुहिम के अगुवा थे और मेरे पिता के पास 1928 की इसोटा फ्रास्चिनी थी। लखनऊ के तालुकदारों के बीच ऐसी कारें शान और जुनून का प्रतीक थीं।" जिन कारों ने सबसे अलग पहचान बनाई उनमें संदीप नारायण की वोल्वो अमेज़ॅन (1967) थी, जिसे ‘थ्री-पॉइंट' सीट बेल्ट प्रणाली शुरू करने के लिए जाना जाता है। वोल्वो ने इस नवाचार का पेटेंट नहीं कराया क्योंकि उनका मानना था कि सुरक्षा सार्वभौमिक होनी चाहिए। नारायण ने कहा, "आज यह प्रणाली दुनिया भर में सभी कारों में इस्तेमाल की जाती है।"नारायण ने अपनी फिएट स्पाइडर (1958) भी प्रदर्शित की, जो लाल रंग की शानदार कार है।नितिन कोहली ने अपनी 1951 की मॉरिस सीरीज़ की कार चलाई।उन्होंने कहा, "यह 'मेड इन इंग्लैंड' है। मेरे पास इसके लिए एक निजी मैकेनिक है जो शायद हर सात या 15 दिन में आता है। मैं हर रविवार को इस कार को चलाता हूं।" रैली लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र के कठवारा गांव में कैप्टन के फार्म में संपन्न हुई। - पथानमथिट्टा ।केरल में सबरीमला भगवान अयप्पा मंदिर में इस साल का मंडला-मकरविलक्कू तीर्थयात्रा सीजन आधा पूरा हो चुका है और श्रद्धालु तीर्थयात्रा के मार्ग पर सुरक्षित यात्रा का अनुभव कर रहे हैं। ऐसा केरल मोटर वाहन विभाग (एमवीडी) द्वारा कार्यान्वित सुरक्षित क्षेत्र परियोजना के कारण संभव हो सका है।अधिकारियों के अनुसार सबरीमला मार्ग पर पिछले वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है।सरकार की ओर से रविवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक पिछले 21 दिनों में इलावुंकल, एरुमेली और कुट्टीक्कनम क्षेत्रों के 400 किलोमीटर के दायरे में कुल 38 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जो क्रमशः पथानामथिट्टा, कोट्टायम और इडुक्की जिलों में आते हैं। इन सड़क दुर्घटनाओं में 20 लोगों को मामूली चोंटे आईं हैं।यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है, जब 60 दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें दो लोगों की मौत भी हुई थी।विज्ञप्ति में कहा गया है कि 2023 में अकेले एरुमेली और कुट्टीकनम में क्रमशः 22 और 26 दुर्घटनाएं हुईं थी।इडुक्की प्रवर्तन आरटीओ के के राजीव ने कहा कि इन दुर्घटनाओं में कमी का कारण गश्त में तेजी, सड़क की स्थिति में सुधार और अनुकूल मौसम है।विज्ञप्ति के मुताबिक मोटर वाहन विभाग और केरल सड़क सुरक्षा प्राधिकरण के संयुक्त प्रयास सेफ जोन परियोजना ने एलावुनकल, कुट्टीकनम और एरुमेली में चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए 24 दस्ते तैनात किए हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस सीजन में अब तक तीर्थयात्रा मार्ग से छोटे और बड़े लगभग 40 लाख वाहन गुजर चुके हैं।
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नई दिल्ली। रेलगाड़ी से सफर करने वालों के लिए जरूरी सूचना है। नए साल 2025 से कई स्पेशल ट्रेनों के नंबर बदलने वाले हैं। अगर आप भारतीय रेल से कहीं जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो एक बार ट्रेनों के बदले हुए नंबर के बारे में अवश्य जान लें।
आइए, जानते हैं किन ट्रेनों के नंबर में होगा बदलाव…एक जनवरी 2025 से 73 स्पेशल ट्रेन के नंबरों में बदलाव होने वाला है। दरअसल, इन बदले हुए नंबरों में जीरो को हटा दिया जाएगा। हालांकि, ट्रेन चलने के समय में कोई बदलाव नहीं देखने को मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इज्जतनगर मंडल के पूर्वोत्तर रेलवे के प्रवक्ता पंकज कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि 05331 लालकुआं-मुरादाबाद अनारक्षित स्पेशल ट्रेन 1 जनवरी से 55302 नंबर से चलेगी, और 05364 लालकुआं-मुरादाबाद ट्रेन का नया नंबर 55304 होगा।चेक कर लें ट्रेन के नए नंबरलालकुआं-कासगंज- बरेली सिटी-पीलीभीत रूट-लालकुआं-कासगंज: ट्रेन 05370 अब 53312 की जगह चलेगी।-लालकुआं-बरेली सिटी: ट्रेन 05328 अब 55314 की जगह चलेगी।-कासगंज-लालकुआं: ट्रेन 05369 अब 55311 की जगह चलेगी।-बरेली सिटी-लालकुआं: ट्रेन 05327 अब 55313 की जगह चलेगी।-बरेली सिटी-टनकपुर डेमू: ट्रेन 05321 अब 75301 की जगह चलेगी।-बरेली सिटी-पीलीभीत: ट्रेन 05329 अब 55315, 05339 अब 55317, और 05311 अब 75303 की जगह चलेगी।-अनारक्षित ट्रेनों में, ट्रेन 05385 अब 55319, 05386 अब 55316, 05330 अब 55318, और 05340 अब 55320 की जगह चलाई जाएगी।मुरादाबाद-काशीपुर-रामनगर रूट-मुरादाबाद-काशीपुर: ट्रेन 05365 अब 65305, और 05353 अब 65307 की जगह चलेगी।-काशीपुर-रामनगर: ट्रेन 05409 अब 55305 की जगह चलेगी।-मुरादाबाद-रामनगर: ट्रेन 05367 अब 65309 की जगह चलेगी।-काशीपुर-कासगंज: ट्रेन 05335 अब 55308 की जगह चलेगी।-काशीपुर-बरेली सिटी मेमू: ट्रेन 05352 अब 65302 की जगह चलेगी।-लालकुआं-काशीपुर: ट्रेन 05383 अब 55309 की जगह चलेगी।-बरेली सिटी-रामनगर मेमू: ट्रेन 05351 अब 65301 की जगह चलेगी।-कासगंज-काशीपुर: ट्रेन 05336 अब 55307 की जगह चलेगी।फर्रूखाबाद-कानपुर अनवरगंज रूट-फर्रूखाबाद-कानपुर अनवरगंज: ट्रेन 05344 अब 55348, और 04136 अब 54158 की जगह चलेगी।-फर्रूखाबाद-कानपुर सेंट्रल: ट्रेन 04134 अब 54156 की जगह चलेगी।-कानपुर अनवरगंज-फर्रूखाबाद: ट्रेन 04135 अब 54157 की जगह चलेगी।-कानपुर सेंट्रल-फर्रूखाबाद: ट्रेन 04133 अब 54155, और 05343 अब 55347 की जगह चलेगी।पीलीभीत-शाहजहांपुर रूट-पीलीभीत-शाहजहांपुर: ट्रेन 05381 अब 55349, 05417 अब 55351, और 05395 अब 55353 की जगह चलेगी।-शाहजहांपुर-पीलीभीत अनारक्षित गाड़ी: ट्रेन 05396 अब 55354 की जगह 1 जनवरी से चलेगी। - अमेठी (उप्र) .केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने शनिवार को कहा कि वर्ष 2014 में देश में 74 हवाई अड्डे थे जो पिछले 10 वर्षों में बढ़कर 157 पहुंच गए हैं और अगले 20 वर्षों में सरकार ने 150 से 200 तक नए हवाई अड्डे बनाने का लक्ष्य रखा है। नायडू ने यहां के फुर्सतगंज स्थित राजीव गांधी विमानन विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने के बाद अपने संबोधन में कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य लेकर हम सब चल रहे हैं जिसमें नागर विमानन मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी।” नायडू ने संवाददाताओं से कहा कि अगले 20 वर्षों में 150 से 200 तक नए हवाई अड्डे बनाने का लक्ष्य रखा गया है जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और उस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। उन्होंने कहा कि देश में प्रशिक्षण के लिए 800 विमान मौजूद हैं और 1500 विमानों के आर्डर दिए गए हैं। इनके आने से बड़ा फायदा होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच और उनके नेतृत्व में इस विश्वविद्यालय का तेजी से विकास हुआ है और उनका प्रयास है कि यहां पर देश ही नहीं विदेशों से भी बच्चे पढ़ाई के लिए आएं। दीक्षांत समारोह में नायडू ने 137 छात्र-छात्राओं को डिग्री, डिप्लोमा प्रमाण पत्र वितरित किए और 14 छात्र छात्राओं को मेडल प्रदान किए। कार्यक्रम में केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल भी मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह में रायबरेली से सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अमेठी से सांसद किशोरी लाल शर्मा को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन ये नेता कार्यक्रम में नहीं आये। कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी और किशोरी लाल शर्मा को आमंत्रित करने में प्रोटोकाल का ध्यान नहीं रखा गया और मंच पर दोनों नेताओं का नाम नहीं था। राजीव गांधी विमानन विश्वविद्यालय का शिलान्यास 2013 में राहुल गांधी के प्रयासों से हुआ था और वर्ष 2018 में यह बनकर तैयार हुआ।
- नयी दिल्ली. प्रतिष्ठित ‘रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार' शनिवार को यहां एक समारोह में प्रदान किए गए और इसके तहत चार महिला लेखकों समेत पांच कथाकारों को इस सम्मान से नवाजा गया। गांधी शांति प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में निर्देश निधि, अंजू शर्मा, आशा पांडेय, अखिलेश श्रीवास्तव और वरिष्ठ कथाकार गीताश्री को ‘रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार' प्रदान किया गया। इस साल इस पुरस्कार ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष भी पूरे कर लिए। पुरस्कार समिति के संयोजक महेश दर्पण ने बताया कि महामारी कोरोना के कारण पिछले कुछ वर्षों से यह पुरस्कार प्रदान नहीं किया जा सका था इसलिए वर्ष 2019 से 2023 के लिए एक साथ पुरस्कार प्रदान किए गए। वर्ष 2019 के लिए यह पुरस्कार निर्देश निधि को उनकी कहानी ‘मैं ही आई हूं बाबा' के लिए प्रदान किया गया जो ‘कथादेश' पत्रिका में प्रकाशित हुई थी। वर्ष 2020 के लिए अंजू शर्मा को उनकी ‘हंस' पत्रिका में प्रकाशित कहानी ‘द हैप्पी बड्डे ऑफ सुमन चौधरी' तथा आशा पांडेय को 2021 के लिए यह पुरस्कार ‘कथादेश' में प्रकाशित उनकी कहानी ‘डेढ़ सेर चांदी' के लिए दिया गया। वर्ष 2022 के लिए ‘वर्तमान साहित्य' में प्रकाशित कहानी ‘इच्छा' के लिए अखिलेश श्रीवास्तव को और 2023 के लिए गीताश्री को उनकी ‘नई धारा' में प्रकाशित कहानी ‘श्मशान वैराग्य' के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। चयन समिति में वरिष्ठ कथाकार महेश कटारे, वरिष्ठ व्यंग्यकार-उपन्यासकार प्रदीप पंत, प्रसिद्ध रंगकर्मी, देवेंद्रराज अंकुर, कवि-अनुवादक केवल गोस्वामी और फिल्मकार अनवर जमाल शामिल थे। पुरस्कार के तहत सम्मानस्वरूप प्रतीक चिन्ह, शाल और नकद राशि प्रदान की जाती है।
- बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं की एक अदालत ने 15 दिन की दूधमुंही बेटी की हत्या करने के मामले में उसकी मां को शनिवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही 20,000 रुपये जुर्माना भी लगाया। इसी साल फरवरी में आरोपी प्रियंका ने मायके जाकर अपनी नवजात बेटी को तालाब में फेंक दिया था। बाद में बच्ची का शव तालाब से बरामद किया गया। अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता ऐश्वर्य कुमार ने बताया, "इस मामले में महिला के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था। विशेष न्यायाधीश रिंकू जिंदल की अदालत ने प्रियंका को दोषी करार दिया है।
- अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के स्वयंसेवकों द्वारा की गई सेवा देश को शक्ति प्रदान करती है तथा विश्व में भारत के प्रभाव को बढ़ाती है। प्रधानमंत्री ने यहां नरेन्द्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में बीएपीएस संप्रदाय के स्वयंसेवकों के एक सम्मेलन को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि देश ने 2047 तक विकसित बनने का लक्ष्य रखा है और अगले दो दशक बीएपीएस स्वयंसेवकों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल इस कार्यक्रम में मौजूद थे, जिसमें हजारों स्वयंसेवकों ने भागीदारी की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीएपीएस द्वारा किया गया कार्य भगवान स्वामीनारायण की शिक्षाओं के माध्यम से दुनिया भर में लाखों लोगों के जीवन में बदलाव ला रहा है, लाखों आत्माओं को छू रहा है और समाज के सबसे निचले छोर पर खड़े अंतिम व्यक्ति को सशक्त बना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए आप प्रेरणा बनते हैं, पूजे जाते हैं और पूजनीय होते हैं। बीएपीएस का काम भारत को ताकत देता है, पूरे विश्व में भारत के प्रभाव को मजबूत करता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी संस्कृति में कहा गया है कि ‘सेवा परमो धर्म' (सेवा सबसे बड़ा धर्म है)। ये सिर्फ शब्द नहीं हैं, ये हमारे जीवन मूल्य हैं। सेवा को आस्था, विश्वास और व्रत से भी ऊंचा स्थान दिया गया है...जब यह सेवा एक संस्था, एक आंदोलन के रूप में, हजारों कार्यकर्ताओं के साथ संगठित तरीके से की जाती है, तो अद्भुत परिणाम प्राप्त होते हैं।'' उन्होंने कहा कि इस तरह की संगठित सेवा में समाज और देश की समस्याओं को हल करने और सामाजिक बुराइयों को मिटाने की क्षमता है। मोदी ने कहा कि चाहे भुज में भूकंप हो, केरल में बाढ़ हो, उत्तराखंड में भूस्खलन हो या कोविड-19 महामारी हो, बीएपीएस स्वयंसेवकों ने हर संकट के दौरान लोगों की करुणा के साथ सेवा की। उन्होंने कहा कि जब रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ और भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने का फैसला किया, तो बीएपीएस स्वयंसेवकों ने मदद की। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने शायद मध्यरात्रि के बाद बीएपीएस के एक संत से बात की। मैंने बड़ी संख्या में पोलैंड (यूक्रेन से) पहुंचने वाले भारतीयों के लिए मदद का अनुरोध किया। मैंने देखा कि कैसे पूरे यूरोप से बीएपीएस स्वयंसेवकों को एक साथ लाया गया और आपने पोलैंड पहुंचने वाले भारतीयों की कैसे मदद की।'' मोदी ने कहा कि देश के लोगों ने 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य रखा है, इसलिए अगले 25 वर्षों की यात्रा बीएपीएस स्वयंसेवकों के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि भारत के लिए। उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं सभी बीएपीएस स्वयंसेवकों से संकल्प लेने और समर्पण के साथ काम करने के लिए कहूंगा। मैं आपसे प्राकृतिक खेती, विविधता में एकता की भावना फैलाने, युवाओं की रक्षा के लिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई, नदियों को पुनर्जीवित करने या पृथ्वी के भविष्य को बचाने के लिए टिकाऊ जीवन शैली जैसे विकल्पों पर काम करने का आग्रह करता हूं।'' मोदी ने कहा कि बीएपीएस स्वयंसेवकों का यह जमावड़ा भगवान स्वामीनारायण की शिक्षाओं का उत्सव है। उन्होंने कहा, ‘‘28 देशों में भगवान स्वामीनारायण के 1,800 मंदिरों का निर्माण, 21,000 से अधिक आध्यात्मिक केंद्रों की स्थापना और बीएपीएस द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाएं जब दुनिया यह देखती है, तो उसे भारत का आध्यात्मिक विस्तार और आध्यात्मिक पहचान दिखाई देती है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ये मंदिर भारत के सांस्कृतिक प्रतिबिंब हैं, प्राचीनतम सांस्कृतिक अस्तित्व के केंद्र हैं। जब कोई व्यक्ति इनसे जुड़ता है, तो वह भारत की ओर आकर्षित हुए बिना नहीं रह सकता।'' मोदी ने फरवरी में अबू धाबी में उनकी उपस्थिति में बीएपीएस मंदिर के उद्घाटन को याद करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम की चर्चा दुनिया भर में हुई थी। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया ने भारत की आध्यात्मिक विरासत, भारत की सांस्कृतिक जीवंतता देखी है। ऐसे प्रयासों से दुनिया ने भारत के सांस्कृतिक गौरव और मानवतावाद को देखा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि संप्रदाय के नेता सहजानंद स्वामी के जीवन का हर पल मानवतावादी कार्यों के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा, ‘‘आज बीएपीएस दुनिया में वही प्रकाश फैला रहा है।''
- नयी दिल्ली. केंद्र सरकार 19 से 24 दिसंबर तक चलने वाले सुशासन सप्ताह के दौरान जनता की शिकायतों के निवारण और सेवा वितरण में सुधार के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान "प्रशासन गांव की ओर" शुरू करेगी। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। इस अभियान में 700 से अधिक जिला कलेक्टर भाग लेंगे और अधिकारी तहसीलों और पंचायत समिति मुख्यालयों का दौरा करेंगे। ‘प्रशासन गांव की ओर' कार्यक्रम दो से 31 अक्टूबर, 2024 तक केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में आयोजित विशेष अभियान 4.0 का विकेन्द्रीकृत संस्करण है। कार्मिक मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि यह तीसरी बार है जब भारत सरकार जनता की शिकायतों को दूर करने और सेवा वितरण में सुधार के लिए तहसील स्तर पर राष्ट्रीय अभियान चलाएगी। बयान में कहा गया है कि अभियान सुशासन के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन तैयार करेगा जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। सुशासन सप्ताह 2024 का प्रारंभिक चरण 11-18 दिसंबर से शुरू होगा।बयान में कहा गया है कि सुशासन सप्ताह 2024 के कार्यक्रम की शुरुआत करने के लिए बुधवार को एक पोर्टल की शुरुआत की जाएगी।
- हैदराबाद. हैदराबाद के निकट हयात नगर से शनिवार को एक एम्बुलेंस चुराने वाले 50 वर्षीय व्यक्ति को तेलंगाना के नलगोंडा जिले में करीब 100 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पकड़ लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत होता है और उसने सुबह एक अस्पताल से 108 एम्बुलेंस सेवा का वाहन चुराया और सायरन बजाते हुए उसे हैदराबाद-विजयवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लेकर गया। पुलिस ने बताया कि पीछा करने के दौरान एक सहायक उपनिरीक्षक घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि एम्बुलेंस चोरी की सूचना मिलने के बाद रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया।
- उत्तरकाशी. उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन रोकने के लिए ‘रॉक बोल्ट' प्रौद्योगिकी एक सफल उपाय साबित हो रही है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के एक अधिकारी ने शनिवार को यहां यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि राज्य के पहाड़ी इलाकों में खासकर मानसून के मौसम में भूस्खलन की घटनाएं प्राय: होती रहती हैं, जिससे सड़कें अवरुद्ध हो जाती हैं और चारधाम यात्रियों को असुविधा होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं में कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। उन्होंने बताया कि गंगोत्री और यमुनोत्री राजमार्गों पर सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र वर्षों से चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या रहे हैं। बीआरओ कमांडर विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि ‘ऑस्ट्रेलियाई रॉक बोल्ट' प्रौद्योगिकी के तहत भूस्खलन की आशंका वाली जगह पर ‘सोल नेलिंग' और ‘रॉक बोल्टिंग' तकनीक का उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसका इस्तेमाल वर्तमान में उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राजमार्ग पर रतूड़ीसेरा और बंदरकोट में सक्रिय भूस्खलन क्षेत्रों में इससे बचाव के लिए उपाय के रूप में किया जा रहा है। श्रीवास्तव ने बताया कि इस तकनीक का इस्तेमाल पहले भी नालूपानी और चुंगी बड़ेथी भूस्खलन क्षेत्रों में किया गया था। बीआरओ अधिकारी ने बताया कि भूस्खलन रोकने में यह प्रौद्योगिकी 90 फीसदी कारगर है। उन्होंने कहा कि चारधाम सड़क परियोजना के तहत किए गए चौड़ीकरण कार्य में वर्षों से सक्रिय भूस्खलन क्षेत्रों को दुरुस्त करने में इस तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है। श्रीवास्तव ने बताया कि अब यही तकनीक रतूड़ीसेरा और बंदरकोट में भी इस्तेमाल की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि रतूड़ीसेरा में इस कार्य पर 19.8 करोड़ रुपये और बंदरकोट में 9.3 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचारों के बीच, ऑल त्रिपुरा होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन (एथ्रोआ) ने बांग्लादेशी नागरिकों को होटल और रेस्तरां सेवाएं देने से इनकार करने का फैसला किया है।
ऑल त्रिपुरा होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन के कार्यालय सचिव भास्कर चक्रवर्ती ने एक बयान में कहा, "2 दिसंबर को हमने अपने सभी सदस्यों की उपस्थिति में निर्णय लिया कि 2 दिसंबर से बांग्लादेशी नागरिकों के लिए कोई भी होटल उपलब्ध नहीं होगा।"यह निर्णय पड़ोसी देश बांग्लादेश में बढ़ती अशांति के प्रति कड़ी प्रतिक्रिया के रूप में लिया गया है।ऑल त्रिपुरा होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन (ATHROA) ने राज्य में बांग्लादेशी नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के बढ़ते उत्पीड़न के आरोपों के बाद यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।ऑल त्रिपुरा होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन के सचिव भास्कर चक्रवर्ती ने बताया, "इस निर्णय का मुख्य कारण बांग्लादेश में हमारे राष्ट्रीय ध्वज के प्रति दिखाया गया अनादर है। इसके अतिरिक्त, बांग्लादेश उच्चायोग से जुड़ी घटना ने भी इस प्रस्ताव को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।"दूसरा कारण यहां आने वाले बांग्लादेशी नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना है। अगर किसी बांग्लादेशी मेहमान के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो पूरी जिम्मेदारी होटल मालिक पर होगी। ऐसी जटिलताओं से बचने के लिए, हमने इस महीने की 2 तारीख को फैसला किया कि हम बांग्लादेशी नागरिकों को कमरे उपलब्ध नहीं कराएंगे," उन्होंने कहा।उन्होंने स्पष्ट किया, "जो (बांग्लादेशी) नागरिक 2 दिसंबर से पहले यहां चेक-इन कर चुके हैं, वे यहां रह सकते हैं, लेकिन हम कोई नई बुकिंग स्वीकार नहीं करेंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कोई व्यक्ति गंभीर स्थिति में उचित दस्तावेजों के साथ चिकित्सा प्रयोजनों के लिए यहां आता है, तो उसे कमरे उपलब्ध कराए जाएंगे।"एटीएचआरओए सचिव भाष्कर चक्रवर्ती द्वारा हस्ताक्षरित एक आधिकारिक बयान में, एसोसिएशन ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ चरमपंथी कार्रवाइयों से जुड़ी हाल की घटनाओं की निंदा की।बयान में कहा गया है, "हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं जो सभी धर्मों का सम्मान करता है, लेकिन बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हाल के अत्याचारों ने हमें बहुत चिंतित किया है। बांग्लादेश में कुछ तत्वों का व्यवहार अस्वीकार्य है, विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के प्रति उनका अनादर।"एसोसिएशन ने इस बात पर जोर दिया कि त्रिपुरा ने ऐतिहासिक रूप से बांग्लादेश से आए लोगों का गर्मजोशी और आतिथ्य के साथ स्वागत किया है। हालाँकि, हाल के घटनाक्रमों के कारण रुख में बदलाव आया है। सेवाओं पर प्रतिबंध, जिसमें सभी होटल और रेस्तरां सुविधाएँ शामिल हैं, 2 दिसंबर, 2024 से राज्य में आने वाले बांग्लादेशी नागरिकों पर लागू होगा।त्रिपुरा टाइम्स से बात करते हुए एथ्रोआ के अध्यक्ष सुमित साहा ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर कड़ी आपत्ति जताई। साहा ने कहा, "हमने हमेशा सभी मेहमानों के साथ सम्मान से पेश आने में विश्वास किया है। हालांकि, बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति ने हमारे लिए उन लोगों को सेवाएं देना जारी रखना असंभव बना दिया है जो ऐसे देश से आते हैं जहां इस तरह के अत्याचार हो रहे हैं।"इस निर्णय पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं, कुछ लोगों ने इसे हिंसा और भेदभाव के खिलाफ़ एक कदम बताया है, जबकि अन्य लोगों ने दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यापारिक संबंधों पर इसके प्रभाव पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, एसोसिएशन अपनी स्थिति पर अडिग है और बांग्लादेश में उत्पीड़ित अल्पसंख्यक समुदायों के साथ एकजुटता से खड़े होने की आवश्यकता का हवाला देती है।फिलहाल, यह प्रतिबंध अगले आदेश तक जारी रहने की उम्मीद है, तथा ATHROA ने स्थिति पर बारीकी से नजर रखने का वचन दिया है।इस बीच, बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में वृद्धि देखी जा रही है। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को कथित तौर पर लक्ष्मी नारायण मंदिर को जला दिया गया। मंदिर के अधिकारियों ने इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि हमलावरों का उद्देश्य उन्हें नुकसान पहुंचाना था। - जयपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार से यहां शुरू हो रहे ‘राइजिंग राजस्थान' वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन-2024 का उद्घाटन करेंगे। यहां शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और उद्घाटन भाषण देंगे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा दिया जाएगा। इस तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में 32 देश भाग लेंगे जिसमें 17 देश ‘पार्टनर कंट्री' होंगे। बयान के अनुसार सम्मेलन में भाग लेने वाले देश के प्रमुख उद्योगपतियों में कुमार मंगलम बिड़ला, अनिल अग्रवाल, गौतम अदाणी, आनंद महिंद्रा, संजीव पुरी, अजय एस. श्रीराम शामिल हैं। यह सम्मेलन जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में आयोजित होगा। कार्यक्रम में 5,000 से अधिक गणमान्य व्यक्ति, कारोबार और व्यापार जगत के दिग्गज, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं, निवेशक, प्रतिनिधि और अन्य प्रतिभागी भाग लेंगे। बयान के अनुसार इस सम्मेलन से पहले 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए करार (एमओयू) किये जा चुके हैं। उद्घाटन सत्र में कुछ प्रतिष्ठित उद्योगपति मुख्यमंत्री शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रमुख नीतिगत सुधारों और उसके जरिए राज्य में आ रहे बदलाव और कारोबार-व्यापार जगत की व्यावसायिक क्षमता के बारे में अपने-अपने विचार साझा करेंगे। इसके अलावा इस निवेश शिखर सम्मेलन में 32 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिनमें 17 देशों की भागीदारी ‘पार्टनर कंट्री' के रूप में होने जा रही है। इस तीन दिवसीय निवेश शिखर सम्मेलन के दौरान प्रतिभागी देशों और राजस्थान के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए कुल आठ देशों के लिए राष्ट्रीय सत्र और राउंड टेबल का आयोजन भी किया जा रहा है। सम्मेलन में भाग लेने वाले 34 देशों में 17 देश ‘पार्टनर कंट्री' हैं, जिनमें डेनमार्क, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, मलेशिया, स्पेन, क्यूबा, वेनेजुएला, मोरक्को, अर्जेंटीना, ब्राजील, कोस्टा रिका, नेपाल, ओमान, पोलैंड और थाईलैंड शामिल हैं। बांकी देश, जो विभिन्न क्षमताओं में इस इन्वेस्टमेंट समिट में भाग ले रहे हैं, उनमें अमेरिका, यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मिस्र, फिनलैंड, रूस, सेशेल्स, चाड, इक्वाडोर, घाना, इराक, मेडागास्कर, पैराग्वे और जिम्बाब्वे शामिल हैं। इस तीन दिवसीय सम्मेलन के मुख्य आकर्षणों में उद्घाटन और ‘कंट्री सेशन्स' के अलावा, प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव, एमएसएमई कॉन्क्लेव और 12 क्षेत्रों के लिए थीमैटिक सत्र शामिल हैं। इन सत्रों में देश और दुनिया के कई विशेषज्ञ, उद्योग और व्यापार जगत के शीर्ष अधिकारी, केंद्र और राजस्थान सरकार के अधिकारी भाग लेंगे और इस दौरान संबंधित विषय से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों, तकनीकी परिवर्तनों और उभरते अवसरों पर चर्चा की जाएगी। 12 थीम आधारित सत्रों में महिला उद्यमिता, विनिर्माण, जल प्रबंधन और स्थिरता, सस्टेनेबल ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, सस्टेनेबल माइनिंग, स्टार्टअप, शिक्षा, सस्टेनेबल वित्त, कृषि-व्यवसाय, पर्यटन और इन्फ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन के नाम शामिल हैं। ये सत्र आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए नवाचार, स्थिरता और समावेशिता का लाभ उठाने हेतु राजस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा करेंगे। बयान के अनुसार सम्मेलन के दूसरे दिन (10 दिसंबर) को प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में फैले हुए प्रवासी राजस्थानी को एक मंच पर लाना और उनके बीच आपसी सहयोग और राजस्थानी होने की भावना को बढ़ावा देना है। इस सत्र में प्रवासी राजस्थानी समुदाय के प्रति राजस्थान सरकार की प्रतिबद्धता और राज्य सरकार द्वारा इसके तहत किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की जाएगी। एमएसएमई कॉन्क्लेव का आयोजन तीसरे दिन (11 दिसंबर) रखा गया है जिसमें इस क्षेत्र की भविष्य की चुनौतियों व तैयारी पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण 'राजस्थान ग्लोबल बिजनेस एक्सपो' भी है।
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नई दिल्ली। भारत ने मानवीय सहायता के रूप में म्यांमा को 2200 मीट्रिक टन चावल भेजा है। विदेश मंत्रालाय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि भारत अपनी एक्ट ईस्ट और पडोसी प्रथम जैसी नीतियों के साथ म्यांमा के लोगों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। म्यांमा बारूदी सुरंगों से होने वाली मौतों के मामले में दुनिया का सबसे खतरनाक देश बन गया है। इससे म्यांमा में केवल वर्ष 2023 में ही 1 हजार 52 लोगों की जान गई है, जो किसी भी अन्य देश से अधिक है। हताहतों में 20 प्रतिशत से अधिक बच्चे शामिल हैं।
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गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि पुलिस ने दो महिलाओं समेत छह बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ कर पड़ोसी देश के अधिकारियों को सौंप दिया। शर्मा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘छह बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ कर वापस भेज दिया गया।''
असम पुलिस के कर्मियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास छह बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा । शर्मा ने कहा, “उन सभी को वापस (बांग्लादेश) भेज दिया गया है।”
मुख्यमंत्री ने हालांकि, यह नहीं बताया कि घुसपैठियों को भारत-बांग्लादेश सीमा के किस सेक्टर से पकड़ा गया था। इस वर्ष अगस्त में बांग्लादेश में अशांति फैलने के बाद से अब तक लगभग 167 लोगों को घुसपैठ करने के लिए पकड़ा गया और वापस भेज दिया गया। बांग्लादेश में अशांति फैलने के बाद से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने उत्तर-पूर्व में 1,885 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। -
बांगिरीपोषी (ओडिशा). राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को ओडिशा में तीन नयी रेलवे लाइन परियोजनाओं की आधारशिला रखी। राष्ट्रपति मुर्मू ने बांगिरीपोषी-गोरुमाहिषानी, बुढ़ामरा-चाकुलिया और बादामपहाड़- केन्दुझरगढ़ रेलवे लाइन परियोजना की आधारशिला रखी और इस दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम सहित अन्य भी मौजूद रहे। रेलवे ने बताया कि नयी लाइन रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने में मदद करेंगी और क्षेत्रों का सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित करेंगी, जिससे आदिवासी बहुल क्योंझर और मयूरभंज जिलों में संपर्क बढ़ेगा। नयी लाइनें खनिज समृद्ध क्षेत्रों से कच्चे माल के परिवहन की सुविधा प्रदान करेंगी।
राष्ट्रपति ने ऑनलाइन माध्यम से रायरंगपुर में तीन अन्य परियोजनाओं - जनजातीय अनुसंधान एवं विकास केंद्र, डांड़बोस हवाई अड्डा और एक उप-मंडल अस्पताल की भी आधारशिला रखी। -
नयी दिल्ली. सीरिया में जारी हिंसा के मद्देनजर भारत ने अपने नागरिकों को वहां की यात्रा से बचने की सलाह दी है। शुक्रवार को जारी एक परामर्श में विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सीरिया में रह रहे भारतीय नागरिकों से दमिश्क में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को भी कहा है। इस्लामी विद्रोहियों ने बृहस्पतिवार को देश के सबसे बड़े शहर अलेप्पो के अधिकांश हिस्से पर कब्जा करने के बाद मध्य सीरिया के शहर होम्स पर लगभग कब्जा कर लिया। हजारों लोग होम्स से भाग रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘सीरिया में मौजूदा हालातों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक सीरिया की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।'' इसमें कहा, ‘‘सीरिया में रह रहे भारतीयों से अनुरोध है कि वे जानकारी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और आधिकारिक ईमेल आईडी के माध्यम से दमिश्क में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।'' मंत्रालय ने कहा, ‘‘जो लोग जा सकते हैं उन्हें सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों से चले जाएं तथा अन्य लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतें तथा कम से कम आवाजाही करें।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार ने स्कूली शिक्षा को ज्यादा से ज्यादा सुलभ बनाने के लिए एक और बड़ा फैसला लेते हुए 85 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इस कदम से जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, वहीं रोजगार के कई नए अवसर भी पैदा होंगे। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “स्कूली शिक्षा को ज्यादा से ज्यादा सुलभ बनाने के लिए हमारी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत देशभर में 85 नए केंद्रीय विद्यालय खोले जाएंगे। इस कदम से जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभ होगा, वहीं रोजगार के भी बहुत सारे नए अवसर बनेंगे।” प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप समाज के हर वर्ग को स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप स्कूली शिक्षा समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसी कड़ी में हमारी सरकार ने देशभर में 28 नए नवोदय विद्यालयों को मंजूरी दी है। इससे आवासीय और गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा का बड़े दायरे में विस्तार होगा।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार देश भर में संपर्कता में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
मोदी ने कहा, “इसी दिशा में हमारी सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के तहत रिठाला-कुंडली कॉरिडोर को स्वीकृति दी है। इससे दिल्ली-हरियाणा के बीच आना-जाना और आसान होगा। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने भारतीयता को बरकरार रखते हुए आधुनिकता और प्रौद्योगिकी को अंगीकार किया है। प्रधान ने यह टिप्पणी भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) के सामाजिक एवं मानव विज्ञान संबंधी अनुसंधान इंटर्नशिप कार्यक्रम की शुरुआत के मौके पर की। उन्होंने कहा, ‘‘भारत एक जीवंत प्राचीन सभ्यता है, जिसने अपने मूल चरित्र को बरकरार रखते हुए आधुनिकता को अपनाया है। मजबूत सामाजिक विज्ञान अनुसंधान सभ्यतागत जीविका और विकास सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।'' उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भारतीयता के सभ्यतागत लोकाचार को मजबूत करेगी और भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी। प्रधान ने कहा, "एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) जैसी तकनीकों के साथ नौकरियों की प्रकृति तेजी से बदल रही है। दुनिया इन परिवर्तनों से जूझ रही है और सामाजिक विज्ञान अनुसंधान यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा कि तकनीकी व्यवधान सामाजिक विकास में सहायता करें।" उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अन्वेषण और सामाजिक विज्ञान अनुसंधान के बीच कोई विरोधाभास नहीं है।
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नयी दिल्ली.सरकार की योजना अगले पांच वर्षों में डाकघरों के जरिये संचालित पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या को मौजूदा 442 से बढ़ाकर 600 करने की है। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। विदेश मंत्रालय और डाक विभाग ने डाकघरों के जरिये पासपोर्ट सेवाओं को पांच साल तक जारी रखने के लिए अपने गठजोड़ को आगे बढ़ाया है। बयान में कहा गया, ''डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीओपीएसके) के जरिये पासपोर्ट सेवाओं की लगातार पहुंच के लिए विदेश मंत्रालय (एमईए) और डाक विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को पांच साल के लिए नवीनीकृत किया गया।'' एमओयू पर डाक विभाग के व्यापार विकास निदेशालय की महाप्रबंधक मनीषा बंसल बादल और विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पीएसपी और सीपीओ) के जे श्रीनिवास ने हस्ताक्षर किए। बयान में कहा गया, ''इस पहल के तहत, पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या को 2028-29 तक देश भर में 600 केंद्रों तक बढ़ाने की योजना है, जिससे नागरिकों को अधिक पहुंच और सुविधा मिलेगी। अगले पांच वर्षों में वार्षिक ग्राहक आधार 35 लाख से बढ़कर एक करोड़ हो जाएगा।''
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नयी दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (जेएनसीएएसआर), बेंगलोर के प्रोफेसर सुबी जैकब जॉर्ज को रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बृहस्पतिवार को घनश्यामदास बिड़ला पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया। नयी दिल्ली में स्थित के.के. बिरला फाउंडेशन की ओर से जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।
भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए) के अध्यक्ष प्रोफेसर आशुतोष शर्मा की अध्यक्षता में हुई चयन बोर्ड की बैठक में जॉर्ज को यह पुरस्कार देने का फैसला किया गया। जॉर्ज जेएनसीएएसआर, बेंगलोर में अत्याधुनिक सुप्रामॉलिक्यूलर रासायनिक अनुसंधान समूह का नेतृत्व करते हुए कार्यात्मक सुप्रामॉलिक्यूलर और कार्बन पदार्थों में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सुप्रामॉलिक्यूलर पॉलिमर के तंत्र और कार्यक्षमता के पूर्वानुमान में उनके योगदान को दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने सराहा है। वर्ष 1991 में के.के बिरला फाउंडेशन ने भारत में अनुसंधान करने वाले 50 या उससे कम आयु के वैज्ञानिकों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें सम्मानित करने के लिए घनश्यादास बिड़ला पुरस्कार की शुरुआत की थी। पुरस्कार के रूप में पांच लाख रुपये दिए जाते हैं। अब तक 31 वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। केरल के निवासी जॉर्ज ने महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, कोट्टायम से कार्बनिक रसायन विज्ञान में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। इससे पहले उन्हें शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, भारत सरकार की ओर से स्वर्ण जयंती फैलोशिप और सीएन राव राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। - नयी दिल्ली. खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बृहस्पतिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 'अन्न चक्र' पेश किया। इस पहल का मकसद देश भर में पीडीएस लॉजिस्टिक नेटवर्क की कुशलता को बढ़ाना है। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि विश्व खाद्य कार्यक्रम और आईआईटी-दिल्ली के साथ साझेदारी में विकसित यह प्रणाली खाद्यान्न की आवाजाही को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए काम करेगी। इस पहल में 4.37 लाख उचित मूल्य की दुकानें और 6,700 गोदाम शामिल हैं।शुरूआती अनुमान के अनुसार इसके तहत 30 राज्यों में मात्रा-किलोमीटर लिहाज से 58 करोड़ रुपये की कमी के साथ सालाना 250 करोड़ रुपये की लागत बचत का अनुमान है। यह उपकरण रेलवे की माल ढुलाई संचालन सूचना प्रणाली और पीएम गति शक्ति मंच के साथ एकीकृत है। यह एक महत्वपूर्ण तकनीकी उन्नयन को बताता है। इसके साथ ही, जोशी ने स्कैन पोर्टल पेश किया, जो राज्यों के लिए खाद्य सब्सिडी दावों को पेश करने और उसपर काम आगे बढ़ाने के लिए एक एकल-खिड़की प्रणाली है।
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भोपाल. खुदरा स्वास्थ्य बीमा कंपनी स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने बृहस्पतिवार को बताया कि कंपनी विस्तार योजनाओं के तहत मार्च 2025 तक मध्यप्रदेश में 5,000 एजेंट जोड़ेगी और 150 प्रबंधकों को नियुक्त करेगी। कंपनी ने कहा कि उसने करीब 50 कार्यालयों और 524 अस्पतालों के नेटवर्क के साथ मध्यप्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत की है। स्टार हेल्थ इंश्योरेंस के कार्यकारी अध्यक्ष सनथ कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, “हमारे पास 31,200 से अधिक एजेंटों का एक मजबूत नेटवर्क है, जो मध्यप्रदेश में आठ लाख लोगों और 527 कर्मचारियों को कवर करता है।” कंपनी मध्यप्रदेश में मार्च 2025 तक 14 जिलों में ग्रामीण बीमा केंद्र खोलकर, पांच हजार एजेंट जोड़ेगी और 150 बिक्री प्रबंधकों को नियुक्त करके अपनी पहुंच का विस्तार करेगी। कुमार ने बताया, “हम मध्यप्रदेश के हर कोने में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुलभ बनाने के लिए गंभीरता से प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने बताया कि कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में मध्यप्रदेश में 1,313 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया है।





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