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नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को मथुरा में श्री बांके बिहारी मंदिर गलियारे को विकसित करने की उत्तर प्रदेश सरकार की योजना का मार्ग प्रशस्त कर दिया और इससे श्रद्धालुओं को फायदा मिलेगा। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें कहा गया था कि श्री बांके बिहारी मंदिर की निधि का इस्तेमाल केवल मंदिर के आसपास पांच एकड़ भूमि खरीदने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बनाये गये निरुद्ध क्षेत्र (होल्डिंग एरिया) बनाने के लिए किया जाए। इसने कहा, ‘‘हम उत्तर प्रदेश राज्य को इस योजना को पूरी तरह से लागू करने की अनुमति देते हैं। बांके बिहारी जी ट्रस्ट के पास देवता/मंदिर के नाम पर सावधि जमा है...राज्य सरकार को प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के लिए सावधि जमा में पड़ी राशि का इस्तेमाल करने की अनुमति है।'' उच्चतम न्यायालय ने हालांकि कहा कि मंदिर और गलियारा बनाने के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि देवता/ट्रस्ट के नाम पर होनी चाहिए। इस प्रक्रिया में, इसने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आठ नवंबर, 2023 के आदेश को संशोधित किया, जिसमें राज्य की महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकार किया गया था, लेकिन राज्य को मंदिर की निधि का इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। पीठ ने कहा कि चूंकि न्यायालय ब्रज क्षेत्र में मंदिरों के प्रशासन और सुरक्षा के मुद्दे पर विचार कर रहा है, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेना जनहित में है। मंदिर के विकास के लिए राज्य द्वारा पेश प्रस्तावित योजना के तहत, अदालत ने कहा कि मंदिर के चारों ओर पांच एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी थी और उस पर पार्किंग स्थल, भक्तों के लिए आवास, शौचालय, सुरक्षा जांच चौकियां और अन्य सुविधाएं स्थापित कर उसे विकसित किया जाना है। उच्च न्यायालय ने 8 नवंबर, 2023 को अपने आदेश में कहा था कि मंदिर के आसपास की भूमि का अधिग्रहण और उसके परिणामस्वरूप विकास परियोजना तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। पीठ ने कहा कि राज्य सरकार को गलियारा विकसित करने में 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी और उसने संबंधित भूमि खरीदने के लिए मंदिर की निधि का उपयोग करने का प्रस्ताव रखा था, जिसे उच्च न्यायालय ने अस्वीकार कर दिया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने मथुरा में बांके बिहारी मंदिर की दयनीय स्थिति और उचित प्रशासन एवं सुविधाओं के अभाव की ओर ध्यान दिलाया। इसने कहा कि मंदिर केवल 1,200 वर्ग फुट के सीमित क्षेत्र में फैला हुआ है और यहां प्रतिदिन 50,000 श्रद्धालु आते हैं और यह संख्या सप्ताहांत में 1.5 से 2 लाख और त्योहारों के दौरान पांच लाख से अधिक होती है। सरकार ने कहा कि उत्तर प्रदेश ब्रज योजना एवं विकास बोर्ड अधिनियम, 2015 मथुरा जिले में ब्रज क्षेत्र विरासत के विकास, संरक्षण और रखरखाव के लिए लागू किया गया था। इसने कहा कि अधिनियम के तहत क्षेत्र के मंदिरों के प्रशासन के लिए आवश्यक विशेषज्ञता वाली एक परिषद गठित की गई है और तदनुसार इसकी सेवाओं का उपयोग इन मंदिरों के लिए प्रशासक नियुक्त करने के लिए किया जा सकता है। दूसरी ओर, पीठ ने कहा कि एक दीवानी मुकदमा 25 वर्षों से अधिक समय से लंबित है और केवल ‘कोर्ट रिसीवर' ही मामले को चला रहा है, जो दर्शाता है कि ‘‘कुप्रशासन'' ‘‘गहरा और व्यापक'' है। पीठ ने इसे ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण'' पाया कि ‘रिसीवर' नियुक्त करते समय अदालतों ने इस बात पर विचार नहीं किया कि मथुरा और वृंदावन वैष्णव संप्रदायों के लिए दो सबसे पवित्र स्थान हैं और इसलिए, ‘‘वैष्णव संप्रदायों के व्यक्तियों को ‘रिसीवर' के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए।''
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को स्मार्ट बंदरगाहों और बाजारों के माध्यम से मत्स्य पालन क्षेत्र के आधुनिकीकरण तथा पकड़ी गई मछलियों की ढुलाई और विपणन के लिए ड्रोन के उपयोग पर जोर दिया। गहरे समुद्र में मछली पकड़ने और समुद्री उत्पाद निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए मत्स्य पालन क्षेत्र की प्रगति और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर करने के लिए कार्य करने की एक स्वस्थ प्रणाली की ओर बढ़ने की आवश्यकता है। एक बयान में कहा गया कि मोदी ने नागरिक उड्डयन अधिकारियों के परामर्श से उत्पादन केंद्रों से शहरों और कस्बों के नजदीकी बाजारों तक ताजी मछली की ढुलाई के लिए तकनीकी प्रोटोकॉल के अनुसार ड्रोन का उपयोग करने का भी आह्वान किया। मोदी ने उत्पाद के प्रसंस्करण और पैकेजिंग में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही बैठक में निजी क्षेत्र से निवेश को सुविधाजनक बनाने पर भी चर्चा की गई। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मत्स्य पालन क्षेत्र को और मजबूत बनाने के तौर-तरीकों पर एक बैठक की अध्यक्षता की। हम इस क्षेत्र को बहुत महत्व देते हैं और इस क्षेत्र से संबंधित बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया गया है। हमारे मछुआरों के लिए ऋण के साथ-साथ बाजारों तक अधिक पहुंच सुनिश्चित की गई है।'' उन्होंने कहा कि बैठक में इस बात पर विचार-विमर्श किया गया कि निर्यात को कैसे बढ़ाया जाए तथा गहरे समुद्र में मछली पकड़ने पर अधिक ध्यान कैसे दिया जाए। मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेरी तथा पंचायती राज मंत्री ललन सिंह तथा प्रधानमंत्री कार्यालय एवं मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल थे। मोदी ने कहा कि ‘अमृत सरोवरों' में मछली उत्पादन से न केवल इन जलाशयों की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि मछुआरों की आजीविका भी बढ़ेगी।
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से अपील की है कि श्रीनगर से अतिरिक्त हज उड़ानों की व्यवस्था की जाए, ताकि हाल ही में उड़ानों में आई बाधाओं के कारण रुके हुए 1,895 हज यात्रियों को सऊदी अरब भेजा जा सके। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म ‘एक्स’ लिखा, “मैंने भारत सरकार से आग्रह किया है कि श्रीनगर से अतिरिक्त हज उड़ानों की व्यवस्था की जाए ताकि हाल की उड़ान बाधाओं के कारण रुके 1,895 हज यात्रियों को भेजा जा सके।
हज यात्रियों की यात्रा को सुचारु और समय पर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।” इससे पहले, 11 मई को श्रीनगर से हज के लिए जाने वाले पहले जत्थे के 178 तीर्थयात्रियों को उमर अब्दुल्ला ने शेख-उल-आलम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विदा किया। इस मौके पर उन्होंने यात्रियों से क्षेत्र में शांति और समृद्धि की दुआ करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “आज मुझे श्रीनगर हवाई अड्डे से पहले जत्थे के 178 हज यात्रियों को भावभीनी विदाई देने का सम्मान मिला। उन्हें सुरक्षित और फलदायी यात्रा की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र की शांति व समृद्धि के लिए दुआ करने का निवेदन किया।”इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, कुल 3,372 हज यात्री (हुज्जाज कराम) 11 मई को श्रीनगर से रवाना हुए थे। हज यात्रियों की सहायता में लगे एक प्रतिनिधि ने बताया कि आखिरी उड़ान 15 मई को तय की गई थी। इस दौरान हज पर जा रहे यात्रियों ने अपने भाव साझा किए। हज यात्रियों का यह जत्था भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में स्थिति सामान्य होने के बाद रवाना हुआ, जिससे हवाई सेवाओं में सुधार आया और हज यात्रा फिर से सुचारु हुई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से हज यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को गुजरात के भुज पहुंचे। यहां वे भुज वायु सेना स्टेशन पर वायुसेना के योद्धाओं से बातचीत करेंगे। उनके साथ वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी भुज मौजूद रहे।
बताना चाहेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का यह दौरा जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में बादामी बाग कैंट के दौरे के एक दिन बाद हुआ है, जहां उन्होंने भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की।भुज में स्मृतिवन भूकंप स्मारक और संग्रहालय भी जाएंगे रक्षा मंत्रीरक्षा मंत्री भुज में स्मृतिवन भूकंप स्मारक और संग्रहालय भी जाएंगे। इससे पहले रक्षा मंत्री ने गुरुवार को श्रीनगर का दौरा किया था और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर सैनिकों को बधाई दी थी। राजनाथ सिंह ने श्रीनगर की अपनी यात्रा के दौरान आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख पर रोशनी डाली, जो पाकिस्तान की बार-बार की परमाणु धमकियों से डरने से इनकार करने में स्पष्ट रही।‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान में छिपे आतंकी संगठनों और उनके आकाओं को दिया स्पष्ट संदेशबादामी बाग कैंट में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सैनिकों से पहली बार बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान में छिपे आतंकी संगठनों और उनके आकाओं को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वे कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हमारे बलों ने दुनिया को दिखा दिया है कि उनका निशाना सटीक और सटीक है और गिनती का काम दुश्मनों पर छोड़ दिया गया है।”पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को आईएईए की निगरानी में लिया जाना चाहिएउन्होंने कहा, “मैं दुनिया के सामने यह सवाल उठाता हूं: क्या ऐसे गैर जिम्मेदार और दुष्ट राष्ट्र के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं? पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी में लिया जाना चाहिए।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा पार पाकिस्तानी चौकियों और बंकरों को नष्ट करने वाले बहादुर सैनिकों का भी आभार व्यक्त किया, जिससे दुश्मन को स्पष्ट संदेश गया।रक्षा मंत्री ने पीएम मोदी के विचारों को दोहरायाउन्होंने कहा, “मैं आज यहां भारत के लोगों का संदेश लेकर आया हूं: ‘हमें अपने बलों पर गर्व है’।” सिंह ने फिर से जोर दिया कि सीमा पार से कोई भी अनुचित कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, जो दोनों देशों के बीच बनी समझ का आधार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को दोहराया कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते और अगर बातचीत होगी भी तो वह सिर्फ आतंकवाद और पीओजेके पर होगी।रक्षा मंत्री ने पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मातृभूमि की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने घायल सैनिकों के साहस की सराहना की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। -
जयपुर. राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ जिले में एक युवक ने अपनी मां के चांदी के कड़ों के लिए हंगामा किया और उसकी चिता तक पर लेट गया। इसके चलते महिला के अंतिम संस्कार में लगभग दो घंटे की देरी हुई। एक न्यूज़ एजेंसी के अनुसार पुलिस ने बताया कि यह हैरान करने वाली घटना तीन मई को विराटनगर इलाके के लीला का बास की ढाणी में हुई। घटना का वीडियो बृहस्पतिवार को सामने आया तब और लोगों को इसकी जानकारी मिली। हालांकि अभी तक इस मामले की पुलिस में शिकायत नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार दिवंगत छीतरमल रेगर की पत्नी भूरी देवी का तीन मई को निधन हो गया था। उनके सात बेटों में से छह गांव में एक साथ रहते हैं, जबकि पांचवां बेटा ओमप्रकाश अलग रहता है। ओमप्रकाश और उसके भाइयों के बीच कई सालों से संपत्ति का विवाद चल रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक महिला के अंतिम संस्कार के लिए घर पर रस्में निभाने के बाद परिजनों ने भूरी देवी के चांदी के कड़े एवं अन्य आभूषण उतारकर सबसे बड़े बेटे गिरधारी को सौंप दिए। इसके बाद अर्थी शमशान घाट ले जायी गयी। ग्रामीणों का कहना है कि ओमप्रकाश ने भी मां की अर्थी को इसे कंधा दिया। लेकिन शमशान घाट में जाकर उसने हंगामा शुरू कर दिया और मां के चांदी के कड़े एवं अन्य आभूषणों की मांग की। यहां तक कि वह वहां बनाई गई चिता पर भी लेट गया। ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों द्वारा समझाने के प्रयासों के बावजूद ओमप्रकाश ने करीब दो घंटे तक हंगामा किया। आखिरकार, आभूषण श्मशान घाट पर लाए गए और उसे सौंप दिए गए। इसके बाद ही ओमप्रकाश चिता पर से हटा और भूरी देवी का संस्कार किया जा सका।
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जयपुर. जयपुर के दुदू इलाके में बृहस्पतिवार को तीन युवतियों एवं एक युवक की तालाब में डूबकर मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि यह हादसा एक युवती को बचाने के प्रयास में हुआ।
पुलिस के अनुसार यह यह दुखद घटना तब हुई जब बकरियां चराने गए कुछ लोग काकड़ियों की ढाणी गांव में एक खेत में बने तालाब के पास रुके और नहाने का फैसला किया। दूदू के थानाधिकारी राममिलन का कहना है कि 18 वर्षीय कमलेश देवी सबसे पहले पानी में उतरी। नहाते समय उसका पैर फिसल गया और वह डूबने लगी। उसे बचाने की कोशिश में विनोद कुमार (20), रामेश्वरी (18) और हेमा बावरिया (18) पानी में कूदे लेकिन वे भी डूब गए। किनारे पर मौजूद उनके दोस्तों ने परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। बाद में पुलिस को सूचित किया गया और स्थानीय निवासियों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। राममिलन ने बताया, ‘‘करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद चारों शव पानी से बरामद कर लिए गए।''पुलिस ने बताया कि मृतक एक ही गांव के रहने वाले थे और दिन में एक साथ बकरियां चराने गए थे। -
नयी दिल्ली. इजराइली रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (आरईएस) अमीर बरम ने बृहस्पतिवार को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से बात की और ‘ऑपरेशन सिंदूर की सफलता' की सराहना की। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में यह जानकारी साझा की। उन्होंने भारत की ‘आतंकवाद के खिलाफ न्यायोचित लड़ाई' के प्रति इजराइल के पूर्ण समर्थन को व्यक्त किया। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने ‘द्विपक्षीय' रक्षा संबंधों को गहरा करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की तथा रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए ‘भविष्य के प्रारूप' पर चर्चा की। पोस्ट में कहा गया, ‘‘इजराइल के रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (आरईएस) अमीर बरम ने आज रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह से बात की तथा भारत की आतंकवाद के खिलाफ न्यायोचित लड़ाई के प्रति इजराइल के पूर्ण समर्थन को व्यक्त किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की सराहना की।''
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गोरखपुर . गोरखपुर शहर के झंगहा इलाके में 22 वर्षीय एक युवक की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार रात नदुआज्ञानपार के पुछियहवा टोला में काली टोला निवासी मुखलाल के बेटे धीरज निषाद उर्फ राजू की कुछ लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। परिजन के मुताबिक रात करीब 11 बजे दो युवक उनके घर आए और धीरज को अपने साथ ले गए। करीब डेढ़ घंटे बाद कुछ ग्रामीणों ने उन्हें (धीरज के घरवालों को) हाथापाई की सूचना दी और जब वे वहां पहुंचे तो धीरज बेहोश और खून से लथपथ पड़ा मिला। उसे ब्रह्मपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल का निरीक्षण किया है। पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस धीरज के कुछ दोस्तों से पूछताछ कर रही है।
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तिरुपति. अमेरिका के एक प्रवासी भारतीय श्रद्धालु ने बृहस्पतिवार को तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के विभिन्न ट्रस्ट को 1.4 करोड़ रुपये का दान दिया। टीटीडी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि आनंद मोहन भगवतुला ने इन दान के डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) टीटीडी के अध्यक्ष बीआर नायडू को तिरुमला स्थित उनके कैंप कार्यालय में सौंपे। बयान में कहा गया, ‘‘अमेरिका के बोस्टन के एक एनआरआई आनंद मोहन भगवतुला ने बृहस्पतिवार को टीटीडी के विभिन्न ट्रस्ट को 1.40 करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया है।'' टीटीडी तिरुपति स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का आधिकारिक संरक्षक है। यह दुनिया का सबसे अमीर हिंदू मंदिर है।
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श्रीनगर. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बृहस्पतिवार को जम्मू कश्मीर के बारामूला जिले में अग्रिम इलाकों का दौरा किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान नियंत्रण रेखा पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए सैनिकों की सराहना की। उन्होंने सैनिकों से कहा कि वे किसी भी चुनौती का निर्णायक ताकत के साथ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहें। सेना ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि सेना प्रमुख (सीओएएस) ने चिनार कोर की डैगर डिवीजन का दौरा किया। अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय ने पोस्ट में कहा, ‘‘सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चिनार कोर के डैगर डिवीजन के अग्रिम इलाकों का दौरा किया और सभी अधिकारियों के साथ बातचीत की। सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नियंत्रण रेखा पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए उनके साहस, जोश और सतर्क कार्रवाई की सराहना की।'' पोस्ट के अनुसार, सेना प्रमुख ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में आतंकी शिविरों को नष्ट करने में सैनिकों की भूमिका की सराहना की। सेना ने कहा, ‘‘सेना प्रमुख ने पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा के पार की गई कायरतापूर्ण गोलेबारी से पीड़ित नागरिकों को सहायता प्रदान करने में डैगर डिवीजन द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की। उन्होंने सैनिकों को किसी भी चुनौती का निर्णायक ताकत के साथ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
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लखनऊ . उत्तर प्रदेश के लिये बृहस्पतिवार हादसों का दिन रहा। राज्य की राजधानी लखनऊ के साथ-साथ हरदोई और बलरामपुर समेत विभिन्न जिलों में दुर्घटनाओं में 19 लोगों की मौत हो गयी तथा दर्जनों अन्य घायल हो गये। सबसे बड़ा हादसा आज सुबह लखनऊ स्थित किसान पथ पर मोहनलालगंज के पास हुआ जहां एक निजी बस में अचानक आग लगने से दो बच्चों समेत पांच यात्रियों की मौत हो गई। सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश वर्मा का कहना है कि लगभग 80 यात्रियों को लेकर बेगूसराय से दिल्ली जा रही एक निजी बस में सुबह लगभग पांच बजे ‘गियरबॉक्स' में ‘शॉर्ट सर्किट' के कारण आग लग गई। उस वक्त ज्यादातर यात्री सो रहे थे। दमकलर्मियों के तमाम प्रयासों के बावजूद इस घटना में पांच यात्रियों लक्खी देवी (55), सोनी महतो (26), देवराज (तीन), साक्षी (दो) और मधुसूदन (21) की मौत हो गयी। वर्मा ने बताया कि इस हादसे में कई अन्य लोग घायल भी हो गये जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती पुलिस जांच में पता चला है कि बस का आपातकालीन द्वार खराब हो गया था जिससे यात्री पीछे के हिस्से में फंस गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया और अधिकारियों को घायलों का तत्काल इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। राजधानी से सटे हरदोई जिले में पूर्वाह्न करीब पौने 10 बजे हरदौल मऊ गांव के पास एक ऑटोरिक्शा और डंपर की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई तथा तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बांगरमऊ से संडीला जा रहे इस ऑटोरिक्शा में नौ यात्री सवार थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान रंजीत राठौर (25), अंकित कुमार (20), अरविंद (20), फूलजहां (24), निसार (40) और बिटाना (25) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में घायल सिराज (26), अयाज (दो) और जुगनू (सात) को संडीला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया, जहां से उन्हें लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। अयाज की हालत गंभीर बतायी जाती है। हरदोई के पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन का कहना है कि डंपर चालक अपना वाहन लेकर मौके से भाग गया। उसकी तलाश की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उधर, बलरामपुर जिले में बलरामपुर-तुलसीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार देर रात एक भीषण टक्कर में शादी से लौट रहे एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक चकवा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने एक कार को जोरदार टक्कर मार दी जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास कुमार ने अस्पताल का दौरा किया और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस बीच, सोनभद्र में वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर जिलाधिकारी कार्यालय के पास एक ट्रक की टक्कर लगने से मोटरसाइकिल सवार बुजुर्ग दंपति की मौत हो गयी जबकि उनका बेटा गम्भीर रूप से घायल हो गया। हादसे में मरने वालों की पहचान कचनरवा गांव निवासी अमृत उरांव (62) और उनकी पत्नी मंटोरनी देवी (57) के रूप में हुई है। गम्भीर रूप से घायल उनके बेटे का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने टक्कर मारने वाले ट्रक के चालक को गिरफ्तार कर लिया है। अमेठी के मुसाफिरखाना क्षेत्र में कनकूपुर गांव के पास एक तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस घटना में 70 वर्षीय ओम प्रकाश अग्रहरि की मौत हो गई। पुलिस ने टक्कर मारने वाली कार को जब्त कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, हालांकि चालक अब भी फरार है। -
चेन्नई. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने बृहस्पतिवार को कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी के अभियानों की योजना इस तरह से तैयार की गई है ताकि देश की सुरक्षा सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि इसरो 101वें प्रक्षेपण की तैयारी कर रहा है।
नारायणन ने कहा कि इसरो के अभियान देश की विविध क्षेत्रों की आवश्यकताओं से प्रेरित हैं और यह अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में प्रौद्योगिकी रूप से सक्षम है। नारायणन से जब यहां संवाददाताओं ने पूछा कि क्या इसरो ने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए किसी विशेष प्रक्षेपण की योजना बनाई है, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सभी अभियान देश के लोगों और इसकी सुरक्षा के लिए हैं। हम किसी अन्य देश के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करते हैं। हमारे अभियान की योजना हमारी जरूरतों के आधार पर बनाई जाती है।'' इसरो प्रमुख ने कहा, ‘‘हमने जनवरी में श्रीहरिकोटा से 100वां रॉकेट सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया है। भारत का 101वां उपग्रह- पृथ्वी अवलोकन उपग्रह आरआईएसएटी-18, ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी61) के जरिये 18 मई को प्रक्षेपित किया जाएगा।'' -
नई दिल्ली। जम्मू -कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तीन आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि तीनों आतंकवादियों की पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई है। वे सभी जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के निवासी हैं।
अवंतीपोरा में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध गतिविधि देखी गई थीकेंद्र शासित प्रदेश में 48 घंटे के भीतर यह दूसरी मुठभेड़ है। इससे पहले श्रीनगर मुख्यालय सेना की 15वीं कोर ने एक्स पर कहा, “15 मई, 2025 को अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी से विशिष्ट खुफिया इनपुट के आधार पर, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और श्रीनगर सेक्टर सीआरपीएफ द्वारा नादेर, त्राल, अवंतीपोरा में एक कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। इस दौरान संदिग्ध गतिविधि देखी गई।गुरुवार की मुठभेड़ शोपियां जिले के केल्लर इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा एक अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को मार गिराने के दो दिन बाद हुई हैपुलवामा जिले के अवंतीपोरा सब-डिवीजन के त्राल इलाके में गुरुवार को सुरक्षा बलों और छिपे हुए आतंकवादियों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई थी। पुलिस ने एक्स पर कहा, “अवंतीपोरा के नादेर, त्राल इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई है। मौके पर पुलिस और सुरक्षा बल मौजूद हैं।” आगे बताया गया कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी के लिए त्राल तहसील के नादेर गांव को घेर लिया। गुरुवार की मुठभेड़ शोपियां जिले के केल्लर इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा एक अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को मार गिराने के दो दिन बाद हुई है।संघर्ष विराम समझौते के लागू होने के करीब दो घंटे बाद ही आतंकियों ने जम्मू जिले के नगरोटा इलाके में व्हाइट नाइट कोर के मुख्यालय के बाहर संतरी चौकी पर गोलीबारी कीवह पिछले साल मई में शोपियां के हीरपोरा में भाजपा सरपंच की हत्या में भी शामिल था। 2024 में आतंकी समूह में शामिल होने वाला शफी शोपियां जिले के वाची में एक गैर-स्थानीय मजदूर की हत्या में शामिल था। 10 मई को भारत और पाकिस्तान ने युद्ध विराम की घोषणा की थी। लेकिन संघर्ष विराम समझौते के लागू होने के करीब दो घंटे बाद ही आतंकियों ने जम्मू जिले के नगरोटा इलाके में व्हाइट नाइट कोर के मुख्यालय के बाहर संतरी चौकी पर गोलीबारी की। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के अंदर किसी भी आतंकी कार्रवाई को “युद्ध कार्रवाई” माना जाएगा। पाकिस्तान द्वारा समर्थित और प्रायोजित आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय सहित 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी -
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज गुरुवार को स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई भी बातचीत केवल आतंकवाद के मुद्दे पर ही होगी। नई दिल्ली में होंडुरास के दूतावास के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान से बातचीत का विषय सिर्फ आतंकवाद होगा। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को पता है कि उसे क्या करना है,आतंकियों को सौंपना और आतंकवादी ठिकानों को बंद करना। हम उनके साथ केवल आतंकवाद के मुद्दे पर ही बात करने को तैयार हैं।”
जयशंकर ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले के बाद भारत को अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भरपूर समर्थन मिला। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, जिसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली थी। जयशंकर ने बताया कि कई देशों के नेताओं और मंत्रियों ने प्रधानमंत्री और उन्हें फोन कर समर्थन जताया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें हमले के दोषियों को सजा देने की बात कही गई थी।जयशंकर ने बताया कि 7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकियों को सजा दी। इस अभियान में भारत ने आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। उन्होंने कहा, “हमने पाकिस्तान को पहले ही संदेश भेजा था कि हमारी कार्रवाई केवल आतंकियों के खिलाफ है, सेना को इससे अलग रहने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने यह सलाह नहीं मानी। 10 मई की सुबह उन्हें भारी नुकसान हुआ। अब सैटेलाइट तस्वीरों से साफ है कि हमने कितना बड़ा नुकसान किया।”वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी आज श्रीनगर के बडामी बाग कैंटोनमेंट (15 कॉर्प्स मुख्यालय) में सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत का अब तक का सबसे बड़ा आतंक विरोधी अभियान था। उन्होंने कहा, “हमारे सिर पर हमला करने की कोशिश करने वालों को हमने छाती पर चोट मार कर गंभीर घाव दिया।” राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत केवल तभी संघर्षविराम समझौते का पालन करेगा जब देश पर कोई आतंकी हमला नहीं होगा। उन्होंने यह भी मांग की कि पाकिस्तान की परमाणु सुविधा पर वैश्विक निगरानी रखी जानी चाहिए। -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय के पूर्व सचिव डॉ. अजय कुमार ने गुरुवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अध्यक्ष के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। आयोग के सबसे वरिष्ठ सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला (सेवानिवृत्त) ने उन्हें यह शपथ दिलाई। उन्होंने जीवन प्रमाण (पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र), माईगव, प्रगति (प्रधानमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंस), बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली, एम्स में ओपीडी पंजीकरण प्रणाली और क्लाउड सेवा प्रदाताओं के उपयोग के लिए सरकार की “क्लाउड फर्स्ट” नीति जैसी कई ई-गवर्नेंस पहलों को शुरू करने में को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डॉ. अजय कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1985 बैच के केरल कैडर के अधिकारी हैं। तीन दशक से अधिक के अपने शानदार करियर के दौरान, उन्होंने केरल राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र में भी महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। केरल में उन्होंने जिन महत्वपूर्ण पदों पर काम किया उनमें वह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रबंध निदेशक; सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव पद पर थे।केंद्र में उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी निदेशक, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के महानिदेशक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव, रक्षा उत्पादन सचिव जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभाला। डॉ. कुमार ने अंतिम कार्यकाल के रूप में रक्षा मंत्रालय के सचिव के रूप में कार्य किया।भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. करने के बाद, डॉ. अजय कुमार ने अमेरिका के मिनेसोटा विश्वविद्यालय से एप्लाइड इकोनॉमिक्स में एमएस और अमेरिका के मिनेसोटा विश्वविद्यालय के कार्लसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पीएचडी की है। उन्हें 2019 में एमिटी यूनिवर्सिटी द्वारा डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि भी प्रदान की गई थी।आपको बता दें, डॉ. अजय कुमार के लेख कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। इसके अलावा, उन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। इनमें 1994 में नेशनल स्काउट्स एंड गाइड्स द्वारा “सिल्वर एलीफेंट” पदक; देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2012 के लिए “इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर ऑफ द ईयर”; 2015 में इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन द्वारा “टेक्नोवेशन साराभाई अवार्ड”, 2017 में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड अप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन द्वारा “चैंपियन ऑफ चेंज” जैसे अहम अवार्ड शामिल हैं। - नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की। कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने महज 21 दिनों में 31 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सुरक्षा बलों की सफलता दर्शाती है कि नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए हमारा अभियान सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट के जवाब में पीएम मोदी ने एक्स पर कहा, “सुरक्षा बलों की यह सफलता बताती है कि नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में हमारा अभियान सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में शांति की स्थापना के साथ उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।इस ऐतिहासिक ऑपरेशन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह नक्सलवाद के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान है, जिसमें 31 नक्सलियों को मार गिराया गया। शाह ने बताया कि जिस कुर्रगुट्टालू पहाड़ पर पहले नक्सलियों का आतंक था, वहां अब गर्व से तिरंगा लहरा रहा है। यह पहाड़ पीएलजीए बटालियन 1, डीकेएसजेडसी, टीएससी और सीआरसी जैसे बड़े नक्सल संगठनों का मुख्यालय था, जहां नक्सलियों को ट्रेनिंग दी जाती थी और हथियार बनाए जाते थे।गृह मंत्री ने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक केवल 21 दिनों में पूरा किया गया। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बावजूद सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों ने बहादुरी से नक्सलियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार 31 मार्च 2026 तक भारत को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि यह लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जाएगा।गृह मंत्रालय के अनुसार, इस महत्वपूर्ण अभियान के दौरान विभिन्न आईईडी विस्फोटों में कोबरा, एसटीएफ और डीआरजी के कुल 18 जवान घायल हुए। सभी घायल जवान अब खतरे से बाहर हैं और उन्हें विभिन्न अस्पतालों में सर्वोत्तम उपचार प्रदान किया जा रहा है। कुर्रेगुट्टालू पहाड़ी की परिस्थितियां बेहद कठिन हैं और वहां दिन का तापमान 45 डिग्री से अधिक होने के कारण अनेक जवान डिहाईड्रेशन के शिकार हुए। इसके बावजूद भी जवानों के मनोबल में कोई कमी नहीं आई और उन्होंने पूरे साहस और जोश के साथ नक्सलियों के विरूद्ध अभियान जारी रखा।आपको बता दें, यह अभियान राज्य एवं केन्द्र की विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और मोदी सरकार की संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। अभियान का उद्देश्य नक्सलियों की सशस्त्र क्षमता को कम करना, हथियारबंद दस्तों को न्यूट्रलाईज करना, दुर्गम इलाकों से नक्सलियों को हटाना और नक्सलियों के दुर्दांत संगठन PLGA बटालियन को छिन्न-भिन्न करना था।केन्द्रीय गृह मंत्री शाह के निर्देशन में छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों द्वारा, ज्वाईंट एक्शन प्लान के अंतर्गत नक्सली विरोधी अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान के मुख्य आयाम हैं- नए सुरक्षा कैम्पों की स्थापना कर सुरक्षा गैप्स को भरना, क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए नक्सलवाद-प्रभावित जिलों में विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करना जिससे स्थानीय नागरिकों को इसका लाभ मिल सके और सुरक्षाबलों द्वारा नक्सलियों के आर्म्ड काडर एवं उनके सम्पूर्ण इकोसिस्टम के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करना। इस एक्शन प्लान के क्रियान्वयन के फलस्वरूप सुरक्षाबलों ने नक्सलवादियों के आर्म्ड काडर एवं इकोसिस्टम को भारी क्षति पहुंचाई है, जिससे नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र में काफी कमी आयी है।
- नई दिल्ली। भारतीय सेना ने भारत-म्यांमार बॉर्डर पर 10 उग्रवादियों को मार गिराया है। सेना की ईस्टर्न कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी है। भारत के पूर्वी सीमा पर यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है।सेना की पूर्वी कमान ने देर रात एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर बताया, “भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित चंदेल जिले के खेगजॉय तहसील के न्यू समतल गांव के पास खुफिया जानकारी के आधार पर उग्रवादियों की गतिविधियों का पता चला था। इसके बाद असम राइफल्स की यूनिट ने 14 मई 2025 को स्पीयर कॉर्प्स के तहत एक ऑपरेशन शुरू किया।”उन्होंने बताया, “ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने सैनिकों पर गोलीबारी की, जिसका जवाब देते हुए सैनिकों ने तुरंत नियंत्रित और संतुलित तरीके से जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी में 10 उग्रवादी मारे गए और बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।”यह कार्रवाई मणिपुर में जारी अशांति के बीच सुरक्षाबलों की ओर से एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। सेना की ईस्टर्न कमांड के अनुसार यह ऑपरेशन अभी भी जारी है।उल्लेखनीय है कि पिछले साल केंद्र सरकार ने भारत और म्यांमार के बीच 1,610 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा बाड़ लगाने और सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी थी। सरकार ने यह फैसला मणिपुर में घुसपैठियों को रोकने के लिए लिया था।सरकार के सूत्रों की मानें तो पड़ोसी मुल्क म्यांमार से घुसपैठिए, मणिपुर में प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए अब भारत सरकार ने भारत-म्यांमार सीमा पर मुक्त आवाजाही व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।जानकारी के अनुसार, सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति ने लगभग 31 हजार करोड़ रुपये की लागत से भारत-म्यांमार के बीच 1610 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने और सीमा सड़कों के निर्माण के काम को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दी है।
- नई दिल्ली। भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के खिलाफ तुर्की ने पाकिस्तान का साथ दिया। उसने पाकिस्तान को ड्रोन और हथियारों की आपूर्ति की, जिसके बाद अब भारत में तुर्की के विरोध में स्वर उठने लगे हैं। भारत के कई संगठनों और आम लोगों ने तुर्की और वहां की वस्तुओं व सेवाओं को बैन करने की मांग की है।लगातार बढ़ते तुर्की से सेब आयात ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के बागवानों को आर्थिक संकट में डाल दिया है।हिमालयी सेब उत्पादक किसानों के संगठन “हिमालयन एप्पल ग्रोअर्स सोसाइटी” ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तुर्की से सेब आयात पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि लगातार बढ़ते तुर्की से सेब आयात ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के बागवानों को आर्थिक संकट में डाल दिया है।2023-24 में तुर्की से आयातित सेब का मूल्य 821 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका हैपत्र में संगठन ने बताया कि इन राज्यों में लाखों परिवार सीधे तौर पर सेब उत्पादन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर हैं। यह केवल उनकी आजीविका का प्रश्न नहीं, बल्कि इन राज्यों की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। तुर्की से सेब आयात में साल दर साल वृद्धि हुई है और अब यह भारतीय बागवानों के लिए एक गंभीर प्रतिस्पर्धा बन गया है। उदाहरण के तौर पर, 2023-24 में तुर्की से आयातित सेब का मूल्य 821 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। इससे स्थानीय सेब की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे बागवानों को लागत मूल्य भी प्राप्त नहीं हो पा रहा है।आयातित सेबों के लिए कठोर क्वालिटी और फाइटोसेनेटरी मानक निर्धारित करने की मांग की हैइस संदर्भ में संगठन ने सरकार से तुर्की से सेब के आयात पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसके साथ ही, अन्य देशों से आयातित सेब पर ‘न्यूनतम आयात मूल्य’ (एमआईपी) लागू करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा, आयातित सेबों के लिए कठोर क्वालिटी और फाइटोसेनेटरी मानक निर्धारित करने, हिमालयी राज्यों के लिए एक विशेष बागवानी संरक्षण नीति बनाने और सेब उत्पादक किसानों को समर्थन मूल्य या प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान करने की मांग भी शामिल है।यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो देश के पारंपरिक सेब उत्पादक क्षेत्र गंभीर संकट का सामना करने के लिए मजबूर हो सकते हैंसंगठन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो देश के पारंपरिक सेब उत्पादक क्षेत्र गंभीर संकट का सामना कर सकते हैं। बता दें कि फरवरी 2023 में तुर्की में आए महाविनाशकारी भूकंप के बाद भारत मदद करने वाले पहले देशों में से एक था। इस दौरान भारत की ओर से ‘ऑपरेशन दोस्त’ चलाकर तुर्की के लोगों की मदद की गई थी। ‘ऑपरेशन दोस्त’ के तहत भारत ने तुर्की में जाकर न केवल लोगों को बचाया था, बल्कि बड़ी तादाद में राहत सामग्री भेजी थी।
- नई दिल्ली। पाकिस्तान में भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक्शन से देशभर में गर्व और उत्साह की लहर है। इसी जज़्बे को शब्दों और कार्यों में बदलते हुए असम के गुवाहाटी स्थित एक उद्यमी ने अनोखे तरीके से भारतीय सेना को सलाम किया है।भारतीय सेना की वीरता को सलाम करते हुए एक विशेष चाय ‘सिंदूर : द प्राइड’ लॉन्च की गईशहर के प्रमुख चाय उद्यमी और एरोमिका टी के निदेशक रंजीत बरुआ ने भारतीय सेना की वीरता को सलाम करते हुए एक विशेष चाय “सिंदूर द प्राइड” लॉन्च की है। यह चाय 7 मई को भारतीय सेना के पाकिस्तान और पीओके स्थित आतंकियों के ठिकाने पर की गई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की स्मृति में तैयार की गई है। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पाकिस्तान को पहलगाम हमले के बाद करारा जवाब दिया है।सिंदूर भारतीय समाज में सम्मान और गौरव का प्रतीक हैरंजीत बरुआ ने बताया कि “सिंदूर भारतीय समाज में सम्मान और गौरव का प्रतीक है। मैंने इसी भावना को समर्पित करते हुए यह विशेष चाय पैकेट तैयार किया है। यह किसी व्यावसायिक मंशा से नहीं, बल्कि भारतीय सेना को सलाम करने के उद्देश्य से किया गया है।”इस चाय में हलमारी गोल्डन ऑर्थोडॉक्स और सीटीसी चाय का मिश्रण किया गया हैइस चाय में हलमारी गोल्डन ऑर्थोडॉक्स और सीटीसी चाय का मिश्रण किया गया है। इसका रंग सिंदूर जैसा लाल होता है, जो परंपरा और बलिदान का प्रतीक है। साथ ही, यह पैकेट विशेष रूप से भारतीय सेना को उपहार स्वरूप भेंट किए जाएंगे।बरुआ अगले सप्ताह यह चाय पैकेट सेना को सौंपने की योजना बना रहे हैंबरुआ ने बताया कि वह अगले सप्ताह यह चाय पैकेट सेना को सौंपने की योजना बना रहे हैं। उनका मानना है कि जैसे हर खुशी के मौके पर हम चाय के साथ जश्न मनाते हैं, वैसे ही देश की इस बड़ी सैन्य सफलता को भी एक कप विशेष चाय के साथ याद किया जाना चाहिए।पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कामयाबी को देशभर में सेलिब्रेट किया जा रहा हैबता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कामयाबी को देशभर में सेलिब्रेट किया जा रहा है। इसे लेकर भाजपा ‘तिरंगा यात्रा’ निकाल रही है। वहीं, आम लोग भी आतंक के खिलाफ इस जीत को अलग-अलग तरीके से सेलिब्रेट कर रहे हैं।
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नयी दिल्ली. सामरिक मामलों के एक विशेषज्ञ ने बुधवार को कहा कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए एक नया राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत पेश किया और आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने एवं पाकिस्तान पर अपनी सैन्य श्रेष्ठता दर्शाने के अपने सामरिक उद्देश्यों को पूरा करने से भी आगे जा कर बेहतर प्रदर्शन किया। अमेरिकी ‘थिंक टैंक' ‘मॉडर्न वार इंस्टीट्यूट' में ‘अर्बन वारफेयर स्टडीज' के अध्यक्ष जॉन स्पेंसर ने कहा कि भारत ने सात मई को शुरू किए गए अपने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान में किसी भी लक्ष्य पर ‘‘अपनी इच्छानुसार'' हमला कर सकने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया और सीमा पार आतंकवाद के लिए ‘‘चेतावनी वाली नयी रेखा'' खींच कर उसे लागू किया। ‘मॉडर्न वॉर इंस्टीट्यूट' (एमडब्ल्यूआई) खुद को ‘यूनाइटेड स्टेट्स मिलिट्री अकेडमी' के ऐसे राष्ट्रीय संसाधन के रूप में वर्णित करता है जो हालिया संघर्षों का अध्ययन करता है। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए। भारत की कार्रवाई के बाद जब पाकिस्तान ने भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों और असैन्य क्षेत्रों को निशाना बनाने का प्रयास किया तो भारतीय सशस्त्र बलों ने चार दिनों की अवधि में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भीषण जवाबी हमले किए। इसके बाद दोनों पक्षों के सैन्य संचालन महानिदेशकों के बीच वार्ता के बाद सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर 10 मई की दोपहर को सहमति बनी। स्पेंसर ने भारत एवं पाकिस्तान के बीच संघर्ष पर एक लेख में लिखा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल अपने सामरिक उद्देश्यों को पूरा किया बल्कि उससे भी आगे निकलकर काम किया। इसके तहत आतंकवादी ढांचों को नष्ट किया गया, सैन्य श्रेष्ठता का प्रदर्शन किया गया, हमले रोकने की क्षमता को दर्शाया गया और एक नए राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत को पेश किया गया।'' उन्होंने संघर्ष के विभिन्न आयामों का विश्लेषण करते हुए कहा, ‘‘चेतावनी वाली एक नयी रेखा खींची गई और उसे लागू किया गया। यह रेखा है : पाकिस्तानी धरती से होने वाले आतंकवादी हमलों का अब सैन्य बल से सामना होगा।'' स्पेंसर ने कहा, ‘‘यह कोई धमकी नहीं है। यह एक मिसाल है।
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नई दिल्ली। कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा के परिणामों के बाद छात्रों को सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मुफ्त में मनोवैज्ञानिक परामर्श सेवाओं के दूसरे चरण की शुरुआत की है। यह हेल्पलाइन 13 मई से शुरू हो चुकी है और 28 मई 2025 तक उपलब्ध रहेगी।
बोर्ड ने इस तनावपूर्ण समय में छात्रों और उनके परिवारों की मानसिक लाभ सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया हैसीबीएसई द्वारा 37 लाख से अधिक छात्रों के परिणाम घोषित किए जाने के बाद जिसमें 93.66% की सफलता दर के साथ 22 लाख से अधिक छात्र कक्षा 10 में सफल हुए और 88.39% की पास दर के साथ लगभग 15 लाख छात्र कक्षा 12 में उत्तीर्ण हुए। बोर्ड ने इस तनावपूर्ण समय में छात्रों और उनके परिवारों की मानसिक लाभ सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है। सीबीएसई परिणाम 2025 की मार्कशीट छात्र अपने रोल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी, स्कूल कोड और जन्म तिथि जैसी लॉगिन जानकारियों के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। यह मुफ्त परामर्श सेवा विभिन्न प्रकार के सहयोग प्रदान करती है, जिसमें शामिल हैं:टेली-काउंसलिंग सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगीआईवीआरएस समर्थन (24×7): छात्र और अभिभावक 1800-11-8004 पर कॉल करके तनाव प्रबंधन, समय प्रबंधन और अन्य परीक्षा-संबंधित समस्याओं पर तुरंत सलाह प्राप्त कर सकते हैं। टेली-काउंसलिंग: सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक, भारत और विदेशों में स्थित सीबीएसई स्कूलों के 65 प्रशिक्षित विशेषज्ञ जिनमें प्राचार्य, काउंसलर और विशेष शिक्षक शामिल हैं, दूरभाष पर मार्गदर्शन देंगे।छात्र इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए सीबीएसई वेबसाइट के “काउंसलिंग” अनुभाग में जा सकते हैं या CBSE HQ के यूट्यूब चैनल पर विज़िट कर सकते हैंऑनलाइन संसाधन: सीबीएसई की वेबसाइट और आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक दबाव को संभालने जैसे विषयों पर पॉडकास्ट और वीडियो उपलब्ध हैं। छात्र इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए सीबीएसई वेबसाइट के “काउंसलिंग” अनुभाग में जा सकते हैं या CBSE HQ के यूट्यूब चैनल पर विज़िट कर सकते हैं।यह सराहनीय पहल ऐसे समय में की गई है जब छात्र न केवल अपने बोर्ड परिणामों पर चिंतन कर रहे हैं, बल्कि CUET, JEE, और NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे हैंयह सराहनीय पहल ऐसे समय में की गई है जब छात्र न केवल अपने बोर्ड परिणामों पर चिंतन कर रहे हैं, बल्कि CUET, JEE, और NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे हैं। सीबीएसई की यह परामर्श सेवा यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि छात्रों की भावनात्मक भलाई उनके शैक्षणिक सफर के अगले चरण में भी प्राथमिकता बनी रहे। - नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने आज बुधवार को तुर्किए की इनोनू यूनिवर्सिटी के साथ अपने समझौते को राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विश्वविद्यालय ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा की और लिखा, “राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों के चलते जेएनयू और इनोनू यूनिवर्सिटी, तुर्किए के बीच समझौता निलंबित किया जाता है। जेएनयू राष्ट्र के साथ खड़ा है।” यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब तुर्किए और अजरबैजान द्वारा पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिए जाने के बाद भारत में इन दोनों देशों के खिलाफ जनभावनाएं तेज हो गई हैं। ये घटनाक्रम भारत द्वारा हाल ही में किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सामने आया है, जिसके बाद देश में तुर्किए और अजरबैजान की यात्रा पर व्यापक बहिष्कार देखने को मिला है।गौरतलब है कि 8 मई की रात पाकिस्तान ने लेह से सर क्रीक तक 36 स्थानों पर ड्रोन घुसपैठ की कोशिश की। रक्षा अधिकारियों के अनुसार इन ड्रोन हमलों में लगभग 300 से 400 ड्रोन शामिल थे, जिनमें से कई तुर्की निर्मित थे। भारतीय सशस्त्र बलों ने कई ड्रोन को ‘काइनेटिक’ और ‘नॉन-काइनेटिक’ तरीकों से मार गिराया। प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई है कि इन ड्रोन में ‘Asisguard Songar’ और ‘Yiha’ (या YEEHAW) जैसे तुर्की मूल के UAV शामिल थे। इस पूरी स्थिति से यह स्पष्ट हो गया है कि राष्ट्रीय भावना कितने गहराई से जुड़े हुए हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत में तुर्किए और अजरबैजान का बहिष्कार जोर पकड़ चुका है और इसके चलते पर्यटन उद्योग पर गहरा असर पड़ा है।गौरतलब है कि 7 मई की सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में स्थित 9 आतंकवादी ठिकानों सटीक स्ट्राइक की थी। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को देश को संबोधित करते हुए कहा कि 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की एयर स्ट्राइक के बाद अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की आतंकवाद के खिलाफ नई नीति है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना को मंजूरी दी। इससे 3,700 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित होगा। यह यूनिट एचसीएल और फॉक्सकॉन का संयुक्त उद्यम है। दोनों मिलकर यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑथोरिटी (यीडा) एरिया में जेवर हवाई अड्डे के पास प्लांट स्थापित करेंगे।
यह प्लांट 20,000 वेफर्स प्रति माह के लिए डिजाइन किया गया है और डिजाइन आउटपुट क्षमता 36 मिलियन यूनिट प्रति माह है। इस प्लांट में मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी और डिस्प्ले वाले दूसरे डिवाइस के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण होगा।कैबिनेट नोट के अनुसार, ”भारत में लैपटॉप, मोबाइल, सर्वर, मेडिकल डिवाइस, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के तेजी से विकास के साथ सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ रही है, यह नई यूनिट प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को और आगे बढ़ाएगी।”एचसीएल हार्डवेयर डेवलप करने और मैन्युफैक्चर करने को लेकर वर्षों से काम कर रही है। जबकि, फॉक्सकॉन इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में एक प्रमुख वैश्विक कंपनी है। कैबिनेट ने कहा, “पांच सेमीकंडक्टर यूनिट निर्माण के एडवांस स्टेज में हैं। इस छठी यूनिट के साथ भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने की अपनी यात्रा में आगे बढ़ता है।”कैबिनेट नोट में आगे कहा गया, “सेमीकंडक्टर उद्योग अब पूरे देश में आकार ले रहा है। देश भर के कई राज्यों में विश्व स्तरीय डिजाइन सुविधाएं सामने आई हैं।” 270 शैक्षणिक संस्थानों और 70 स्टार्टअप में छात्र और उद्यमी नए उत्पादों को विकसित करने के लिए विश्व स्तरीय नवीनतम डिजाइन तकनीकों पर काम कर रहे हैं। इन शैक्षणिक छात्रों द्वारा विकसित लगभग 20 उत्पादों को एससीएल मोहाली ने अपने साथ जोड़ा है।जैसे-जैसे देश सेमीकंडक्टर की यात्रा में आगे बढ़ रहा है, इकोसिस्टम पार्टनर्स ने भी भारत में अपने प्लांट स्थापित किए हैं।एप्लाइड मैटेरियल्स और लैम रिसर्च दो सबसे बड़े उपकरण निर्माता हैं। दोनों की अब भारत में मौजूदगी है। मर्क, लिंडे, एयर लिक्विड, आईनॉक्स और कई दूसरे गैस और रासायनिक आपूर्तिकर्ता देश में सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास के लिए कमर कस रहे हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की अस्मिता (पहचान) का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सशस्त्र सेनाओं की ताकत और सरकार की नई रक्षा नीति को दर्शाता है। वैष्णव ने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई ने देश की रणनीतिक क्षमता और सशक्त नेतृत्व को स्पष्ट किया है।
उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर भारत की अस्मिता, हमारी सेनाओं की निर्णायक भूमिका और सशक्त नेतृत्व का प्रतीक है। यह हमारी नई रक्षा नीति का एक स्पष्ट उदाहरण है और देश के लिए गर्व की बात है।” केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव यह बयान उस समय दे रहे थे जब उन्होंने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार ने भारत की छठी सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई की मंजूरी दे दी है। यह यूनिट HCL और फॉक्सकॉन के बीच एक संयुक्त परियोजना है, जिसे उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थापित किया जाएगा। यह यूनिट यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में बन रही जेवर एयरपोर्ट के पास स्थित होगी और इसका उत्पादन कार्य 2027 में शुरू होगा।3,700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस यूनिट की क्षमता हर महीने 20,000 वेफर प्रोसेस करने और 3.6 करोड़ चिप्स बनाने की होगी। ये चिप्स मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल और पर्सनल कंप्यूटर जैसे क्षेत्रों में काम आएंगी। भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन यह पहल देश को आत्मनिर्भर बनाने और कोविड-19 महामारी के दौरान सामने आई ग्लोबल चिप कमी जैसी समस्याओं से निपटने में मदद करेगी। इससे पहले पांच सेमीकंडक्टर यूनिट गुजरात और असम में निर्माणाधीन हैं। - -
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से हज यात्रा की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीजफायर की घोषणा के बाद हज यात्रियों का दूसरा जत्था जल्द ही सऊदी अरब के लिए श्रीनगर से रवाना होगा। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में हज यात्रा को लेकर कैंप लगाए गए हैं, जहां सऊदी अरब जाने वाले लोग हज यात्रा की प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं। इतना ही नहीं, हज यात्री करेंसी को भी एक्सचेंज करवा रहे हैं।
सीजफायर के बाद जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आज बुधवार सुबह हज यात्रियों का दूसरा जत्था हज हाउस से एयरपोर्ट के लिए निकला। श्रीनगर से हज यात्रियों का पहला जत्था 4 मई 2025 को रवाना हुआ था। ऑपरेशन सिंदूर की वजह से 7 मई और 12 मई को रवाना होने वाले हज यात्रियों की 7 उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। वहीं, आज 14 मई से फ्लाइट्स शुरू हुई हैं। श्रीनगर एयरपोर्ट पर मंगलवार से फ्लाइट ऑपरेशन शुरू हुए हैं।इससे पहले, 4 मई को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से केंद्र शासित प्रदेश के पहले हज जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस दौरान यात्रियों से संवाद किया और उन्हें यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दी थीं। उन्होंने सभी यात्रियों की सुरक्षित यात्रा और आध्यात्मिक रूप से पूर्ण हज की कामना की थी।एलजी मनोज सिन्हा ने कहा था, “मैं पवित्र हज यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। दिव्य हज यात्रा सर्वशक्तिमान का बुलावा है और लोगों का जीवन भर से संजोया सपना भी। केंद्र सरकार तीर्थयात्रियों और उनकी पवित्र तीर्थयात्रा के कल्याण के लिए सर्वोत्तम संभव व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”उल्लेखनीय है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से इस साल कुल 3,622 हज यात्री हज यात्रा पर रवाना होंगे। जबकि लद्दाख से 242 यात्री हज यात्रा करेंगे। उपराज्यपाल सिन्हा ने हज यात्रा के सफल संचालन में योगदान देने वाले सभी विभागों, एजेंसियों और अधिकारियों के सहयोग की सराहना की थी।गौरतलब हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भारतीय मुसलमानों को वार्षिक हज यात्रा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके परिणामस्वरूप भारत का हज कोटा 2014 में 1,36,020 से बढ़कर 2025 में 1,75,025 हो गया है। कोटे के अलावा 52,000 से अधिक कोटा निजी टूर ऑपरेटरों को दिया गया है। सऊदी दिशानिर्देशों में बदलाव के कारण 800 से अधिक निजी टूर ऑपरेटरों को 26 कानूनी इकाइयों में समेकित किया गया, जिन्हें संयुक्त हज ग्रुप ऑपरेटर (सीएचजीओ) कहा जाता है। (


























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