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- उत्तरकाशी ।उत्तरकाशी में गंगनानी के पास तीर्थयात्रियों को ले जा रहा हेलिकॉप्टर आज दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस हादसे में पायलट सहित 6 लोगों की मौत हे गई है, वहीं एक व्यकित घायल है। हेलिकॉप्टर एक निजी कंपनी का है।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन के साथ ही आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। घटना स्थल पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं ।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “उत्तरकाशी के गंगनानी के समीप हेलीकॉप्टर क्रैश में कुछ लोगों के हताहत होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। ईश्वर हादसे में दिवंगत हुए लोगों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। प्रशासन को घायलों को हर संभव सहायता पहुंचाने एवं हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में लगातार अधिकारियों के संपर्क मंस हूं और हर स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।“उत्तराखंड में इन दिनों चारधाम की यात्रा चल रही है। केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री जाने के लिए बड़ी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं। कुछ पैदल यात्रा पर निकले हैं तो कई लोग हेलीकॉप्टर से पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर मौसम विभाग ने गुरुवार को कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत में बिजली गरजने के साथ ही तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
- नई दिल्ली। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी सेना की ओर से लगातार 14वें दिन गुरुवार को हुई गोलीबारी में एक सैनिक समेत 15 लोग मारे गए। इसके अलावा, 40 से अधिक घायल हुए हैं। रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने बयान में कहा, “7-8 मई 2025 की रात को पाकिस्तानी सेना की ओर से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, उरी और अखनूर के सामने वाले क्षेत्रों में एलओसी पर बिना उकसावे के छोटे हथियारों और तोपखाने से गोलीबारी की।”भारतीय सेना ने दिया फायरिंग का मुंहतोड़ जवाबबयान में कहा गया है, “भारतीय सेना ने भी इस फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया।” सेना के नगरोटा मुख्यालय वाले व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर लिखा, “जीओसी और व्हाइट नाइट कोर के सभी रैंक 5 फील्ड रेजीमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करते हैं, जिन्होंने 7 मई 2025 को पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में अपने प्राणों की आहुति दी। हम पुंछ सेक्टर में मासूम नागरिकों पर किए गए टारगेट अटैक के सभी पीड़ितों संग खड़े हैं।”एलओसी के संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर किया जा रहा है स्थानांतरितजम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंचने के बाद एलओसी के संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। पुंछ और बारामूला के जिला अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायल नागरिक भर्ती हुए हैं और जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विशेष उपचार की जरूरत वाले लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।जम्मू, पुंछ, राजौरी, सांबा, कठुआ, बारामूला, कुपवाड़ा और गुरेज में सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैंजम्मू, पुंछ, राजौरी, सांबा, कठुआ, बारामूला, कुपवाड़ा और गुरेज में सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा, वायु सेना ने श्रीनगर हवाई अड्डे काे नियंत्रण में ले लिया है और 10 मई तक सभी नागरिक उड़ान संचालन निलंबित कर दिए गए हैं। बता दें कि भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार को पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार को पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किएरक्षा मंत्रालय (एमओडी) के बयान के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार को पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इनमें सवई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद (पीओके); मुरिदके (पाकिस्तान); सरजल कैंप, सियालकोट (पाकिस्तान); मरकज अहले हदीस, बरनाला (पीओके); मरकज अब्बास, कोटली (पीओके); मेहमूना जोया कैंप, सियालकोट (पाकिस्तान); मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर (पाकिस्तान); सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद (पीओके); और मसकर रहील शहीद गुलपुर कैंप, कोटली (पीओके) शामिल हैं। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए हमलों में पाकिस्तान के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है
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नयी दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में नए विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और उसके अंतरिक्ष यात्रियों के कदम चांद पर पहुंचेंगे। वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण सम्मेलन के लिए अपने रिकॉर्ड किए गए संदेश में मोदी ने कहा कि देश में अन्वेषण के मिशनों में ‘‘मंगल और शुक्र भी हमारे रडार पर हैं''। उन्होंने मंगलवार को रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश में कहा, ‘‘भारत की अंतरिक्ष यात्रा का अर्थ दूसरों से प्रतिस्पर्धा करना नहीं है। इसका अर्थ है एक साथ मिलकर ऊंचाइयों को छूना। हम मानवता की भलाई के लिए अंतरिक्ष की खोज करने के वास्ते एकसाथ मिलकर लक्ष्य साझा करते हैं।'' उन्होंने कहा कि भारत ने दक्षिण एशियाई देशों के लिए एक उपग्रह प्रक्षेपित किया है और ‘जी-20' देशों की अध्यक्षता के दौरान घोषित ‘जी-20 उपग्रह मिशन' ‘ग्लोबल साउथ' के लिए एक उपहार होगा। मोदी ने 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित प्रक्षेपण का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हमारा पहला मानव अंतरिक्ष-उड़ान मिशन ‘गगनयान' हमारे देश की बढ़ती आकांक्षाओं को प्रदर्शित करता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले हफ्तों में, एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए इसरो-नासा के संयुक्त मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा करेगा। एक्सिओम-4 मिशन को 29 मई को प्रक्षेपित करने की योजना है और भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला तथा तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री कक्षीय प्रयोगशाला में 14 दिन का प्रवास करेंगे। इसी तरह ग्लेक्स-2025 का आयोजन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री महासंघ और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा किया जा रहा है। मोदी ने कहा, ‘‘अंतरिक्ष केवल एक मंजिल नहीं है। यह जिज्ञासा, साहस और सामूहिक प्रगति की घोषणा है। भारत की अंतरिक्ष यात्रा इसी भावना को प्रदर्शित करती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2035 तक, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन अनुसंधान और वैश्विक सहयोग में नई सीमाएं खोलेगा। वर्ष 2040 तक किसी भारतीय के कदम चंद्रमा पर होंगे। मंगल और शुक्र भी हमारे रडार पर हैं।'' मोदी ने कहा कि वर्ष 1963 में एक छोटे रॉकेट को लॉन्च करने से लेकर, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बनने तक, हमारी यात्रा उल्लेखनीय रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी यात्रा उल्लेखनीय रही है। हमारे रॉकेट 1.4 अरब भारतीयों के सपने लेकर जाते हैं। भारत की उपलब्धियां महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पड़ाव हैं। इसके अलावा, वे इस बात का सबूत हैं कि मानवीय भावना गुरुत्वाकर्षण को चुनौती दे सकती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने वर्ष 2014 में अपने पहले प्रयास में मंगल ग्रह पर पहुंचकर इतिहास रच दिया। चंद्रयान-1 ने चंद्रमा पर पानी की खोज में सहायता की। चंद्रयान-2 ने हमें चंद्रमा की उच्चतम-रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें भेजीं। चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के बारे में हमारी समझ को बढ़ाया।'' मोदी ने कहा, ‘‘हमने रिकॉर्ड समय में क्रायोजेनिक इंजन तैयार किए। हमने एक ही मिशन में 100 उपग्रह भेजे। हमने अपने प्रक्षेपण यानों से 34 देशों के 400 से अधिक उपग्रह प्रक्षेपित किए हैं। इस वर्ष हमने दो उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित किया, जो एक बड़ा कदम है।
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नयी दिल्ली. आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को विद्युत क्षेत्र को कोयला आवंटन के लिए भारत में पारदर्शी तरीके से कोयला दोहन व आवंटन की संशोधित योजना (शक्ति) को मंजूरी दे दी, ताकि उन्हें दीर्घकालिक तथा अल्पकालिक कोयला आवश्यकता को पूरा करने में मदद मिल सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने ‘लिंकेज' प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से यह मंजूरी दी। कोयला मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ सीसीईए ने केंद्रीय क्षेत्र/राज्य क्षेत्र/स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (आईपीपी) के ताप विद्युत संयंत्रों को नए कोयला लिंकेज देने को मंजूरी दे दी है।'' संशोधित शक्ति (भारत में पारदर्शी रूप से कोयला दोहन व आवंटन योजना) नीति की शुरूआत के साथ दो विकल्प केंद्रीय उत्पादन कंपनियों/राज्यों को अधिसूचित मूल्य पर कोयला लिंकेज तथा सभी उत्पादन कंपनियों को अधिसूचित मूल्य से अधिक प्रीमियम पर कोयला लिंकेज प्रस्तावित किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि ‘अधिसूचित मूल्य पर कोयला' खंड के अंतर्गत संयुक्त उद्यमों (जेवी) और उनकी अनुषंगी कंपनियों सहित केंद्रीय क्षेत्र की ताप विद्युत परियोजनाओं (टीपीपी) को कोयला लिंकेज प्रदान करने की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी। इसके अलावा, राज्यों के लिए निर्धारित कोयला लिंकेज का उपयोग राज्य अपनी विद्युत उत्पादन कंपनियों, शुल्क आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) के माध्यम से पहचाने जाने वाले स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों (आईपीपी) या विद्युत क्रय समझौता (पीपीए) वाले मौजूदा आईपीपी द्वारा 'अधिसूचित मूल्य पर कोयला' खिड़की के तहत नई विस्तार इकाई की स्थापना के लिए कर सकते हैं। ‘अधिसूचित मूल्य से अधिक प्रीमियम' खंड के अंतर्गत, कोई भी घरेलू कोयला आधारित विद्युत उत्पादक जिसके पास पीपीए है या जो संबद्ध नहीं है तथा आयातित कोयला आधारित विद्युत संयंत्र (यदि उन्हें ऐसा चाहिए) नीलामी के आधार पर 12 महीने तक की अवधि के लिए या 12 महीने से अधिक की अवधि के लिए 25 वर्ष तक कोयला प्राप्त कर सकते हैं। बयान में कहा गया है कि केंद्रीय क्षेत्र की ताप विद्युत परियोजनाओं (टीपीपी) को विद्युत मंत्रालय की सिफारिश पर नामांकन के आधार पर कोयला लिंकेज मिलना जारी रहेगा। वहीं विद्युत मंत्रालय की सिफारिश पर नामांकन के आधार पर राज्यों को निर्धारित लिंकेज का इस्तेमाल, राज्यों में राज्य उत्पादन कंपनी द्वारा किया जा सकेगा।
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नयी दिल्ली.सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय योजना एवं कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की बुधवार को मंजूरी दे दी। इसका कुल परिव्यय 60,000 करोड़ रुपये होगा। यह भारत की व्यावसायिक शिक्षा में बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘ योजना का लक्ष्य 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को उद्योग से जुड़े नए ‘ट्रेड' (पाठ्यक्रमों) के साथ ‘हब' व ‘स्पोक' व्यवस्था में उन्नत बनाना और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) की क्षमता बढ़ाना है। इसमें इन संस्थानों में कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना भी शामिल है।
वित्त वर्ष 2024-25 और वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में की गई घोषणा के अनुसार, इसे केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा, जिसका परिव्यय 60,000 करोड़ रुपये होगा। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी 30,000 करोड़ रुपये, राज्य की 20,000 करोड़ रुपये और उद्योग की 10,000 करोड़ रुपये हिस्सेदारी होगी। साथ ही एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक द्वारा केंद्रीय हिस्से के 50 प्रतिशत की सीमा तक समान रूप से सह-वित्तपोषण किया जाएगा। - नयी दिल्ली । पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए आसूचना ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी मनीष रंजन की पत्नी जया मिश्रा ने भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में किए गए मिसाइल हमलों को ‘जरूरी' कदम बताया और साथ ही कहा कि कार्रवाई ऐसी हो कि ‘फिर किसी का सिंदूर न उजड़े और कोई बच्चा अनाथ न हो।' उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। जया ने अपने पति को ‘शहीद' का दर्जा दिए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहती हूं कि मेरे पति को शहीद का दर्जा मिले। यह अवश्य मिलना चाहिए।''अपने पति की मौत के मातम में डूबी जया ने कहा कि सरकार को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि फिर किसी का सिंदूर न उजड़े और फिर किसी के बच्चे अनाथ न हों। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में स्थित झालदा शहर से फोन पर बातचीत में जया ने बुधवार को कहा, ‘‘यह कार्रवाई (मिसाइल हमले की) बिल्कुल होनी चाहिए थी। जरूरी था। मैं तो चाहती हूं कि पूरा पाकिस्तान ही तबाह हो जाए। हमारे घर में जो आतंकवादी छुपे हैं, उन पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे वह कश्मीर में छिपे हों या देश के दूसरे कोनों में। उनका खात्मा होना चाहिए।'' यह पूछे जाने पर कि सशस्त्र बलों की आज की कार्रवाई से उन्हें कुछ सुकून तो मिला होगा, जया ने कहा कि ‘सुकून तो अब मिलने वाला नहीं है'। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ तसल्ली जरूर मिलेगी। आतंकवाद का समर्थन करने वाले और आतंकवादियों को पनाह देने वाले हर शख्स को चुन-चुन कर मारा जाए, चाहे वह कोई हिन्दुस्तानी हो या पाकिस्तानी।'' जया ने कहा कि पाकिस्तान तो तबाह हो जाएगा और अपनी मौत मारा जाएगा लेकिन सीमा पार के आतंकवादियों से कहीं ज्यादा खतरा उन लोगों से है जो ‘अपने ही देश में छुपे' हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उनका खात्मा जरूरी है।''यह पूछे जाने पर कि वह सरकार से और क्या चाहती हैं, जया ने कहा, ‘‘एक बात जरूर कहना चाहती हूं कि आने वाली पीढ़ी को यह सब न सहना पड़े। ऐसे हमलों में किसी का सिंदूर न उजड़े, कोई बच्चा अनाथ न हो।'' मनीष रंजन हैदराबाद में आईबी के ‘सेक्शन ऑफिसर' के पद पर तैनात थे और पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में मारे गए थे। उनके अलावा इस हमले में और 25 लोग मारे गए थे। मनीष रंजन अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ छुट्टियों में दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में ‘मिनी स्विट्जरलैंड' के नाम से मशहूर प्रमुख पर्यटन स्थल बैसरन की वादियों में घूमने गए थे। मूल रूप से बिहार के रहने वाले मनीष रंजन का अंतिम संस्कार झालदा में किया गया था। बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी थी। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सशस्त्र बलों ने सख्त जवाबी कार्रवाई में मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किये, जिनमें आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ भी शामिल हैं। इस अभियान को ‘ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर भावुक जया ने कहा, ‘‘जब मेरा ही सिंदूर उजड़ गया तो फिर इसका क्या? यह सारी चीजें पहले ही हो जानी चाहिए थीं। इसी बात का तो बहुत ज्यादा गुस्सा है...ऑपरेशन सिंदूर हो या कुछ और। मेरा सिंदूर तो वापस नहीं आएगा।'' जया ने कहा कि उन्हें इस बात का बहुत कष्ट है कि सरकार ऐसी कार्रवाई पहले क्यों नहीं करती और क्यों लोगों के मारे जाने का इंतजार करती है? उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को सब कुछ पता होता है। कौन-कौन से आतंकवादी संगठन हैं और कौन-कौन लोग उनके कमांडर या प्रमुख हैं। तो फिर लोगों के मारे जाने का इंतजार क्यों किया जाता है? इतने सारे लोग चले गए तब जाकर आप ऑपरेशन कर रहे हैं। क्या फायदा ऐसी कार्रवाई का? पहले ही कार्रवाई कीजिए। मरने का इंतजार क्यों?'' जया ने कहा कि आतंकवादियों को ‘कोर्ट ट्रायल' का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए बल्कि ‘सीधे गोली मार दी जानी चाहिए, जैसे मेरे पति को मारी गई थी'। पहलगाम हमले में जया और बच्चों के सामने ही आतंकवादियों ने मनीष रंजन की हत्या की थी।जया ने 22 अप्रैल की घटना को याद करते हुए कहा कि मनीष को गोली लगने के बाद वह अपने बच्चों की जान बचाने के लिए 10-11 किलोमीटर तक भागती रहीं लेकिन उन्हें कोई भी सुरक्षाकर्मी नहीं मिला। पहलगाम की घटना के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे ठीक से याद नहीं है लेकिन करीब 10-11 किलोमीटर भागी थी बच्चों को लेकर। लेकिन कोई बचाने नहीं आया। लगातार गोलियां चल रही थीं। मैं जंगलों में भाग रही थी बच्चों को लेकर, इस उम्मीद में कि कोई तो बचाने आएगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘बहुत गुस्सा भी आ रहा था। नीचे पहुंचीं तो लोगों ने बताया कि वे भारतीय सेना से हैं।''पहलगाम हमले के बाद जया का एक वीडियो बहुत वायरल हुआ था, जिसमें वह कहती सुनी जा रही हैं कि मेरे बच्चों को मत मारो। इसी दौरान सेना का एक जवान यह कहता है कि वह ‘इंडियन आर्मी' से है।
- अमृतसर/तरनतारन. भारत और पाकिस्तान के मध्य बुधवार को बढ़े तनाव के बीच दोनों सीमावर्ती अमृतसर तथा तरनतारन के गांवों में स्थिति शांत है और लोग रोजमर्रा के अपने काम करते नजर आए। भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के दो सप्ताह बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किये, जिनमें आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ भी शामिल हैं। अधिकारियों ने विद्यालयों और अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद करने का आदेश दिया है। हालांकि, दोनों जिलों में लोग शांत हैं। तरनतारन के सीमावर्ती गांव चिन्ना बिधि चंद के निवासी गुरमीत सिंह ने बताया कि गांव में किसी तरह की दहशत नहीं है। स्कूल बंद होने के कारण बच्चे अपने घरों में हैं। तरनतारन के सीमावर्ती गांव नौशहरा ढल्ला के रहने वाले सुच्चा सिंह ने कहा कि लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त हैं और किसान अपने खेतों में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी सरकारी अधिकारी ने लोगों को उनके घरों को छोड़ने या सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए नहीं कहा है। तरनतारन जिले के सीमावर्ती गांव के एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि किसी ने उन्हें घर छोड़ने के लिए नहीं कहा। ग्रामीण ने कहा, ‘‘गांव में स्थिति शांतिपूर्ण है।''अमृतसर जिले के अटारी, महावा, पुल मोहरा और भिखविंड के सीमावर्ती गांवों में भी स्थिति शांत नजर आई।अटारी में एक ग्रामीण ने बताया कि उन्हें दूसरी जगहों से रिश्तेदारों के फोन आ रहे हैं और वे स्थिति के बारे में जानना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण है और वे बिल्कुल भी डरे हुए नहीं हैं। हालांकि, जिन किसानों के खेत कंटीले बाड़ से परे हैं, उन्हें अपने खेतों में जाने की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि अमृतसर और तरनतारन जिलों की सभी सीमाओं (भारत-पाकिस्तान से जुड़ी सीमा) पर गेट बंद हैं। इस बीच, लोग अपने वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए पेट्रोल पंप पर कतारों में खड़े हुए नजर आए। अमृतसर हवाई अड्डे के निदेशक ने लिखित रूप से बताया कि सभी वाणिज्यिक/नागरिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान परिचालन 10 मई सुबह 5.30 बजे तक निलंबित कर दिये गये हैं।
- नयी दिल्ली.। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के लिए बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘नया भारत' आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने में सक्षम और दृढ़ संकल्पित है। भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए जाने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी की प्रतिक्रिया आई। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई इस कार्रवाई में बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना भी तबाह कर दिया गया।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है। ‘ऑपरेशन सिंदूर' पहलगाम में हमारे निर्दोष भाइयों की क्रूर हत्या पर भारत का जवाब है।'' उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भारत और उसके लोगों पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पहलगाम पर भारत का संदेश - अगर हमें छेड़ोगे, तो हम छोड़ेंगे नहीं।'' नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत की आत्मा पर हमला करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘भारत आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने में सक्षम और दृढ़ संकल्पित है। हम आतंकवाद के खतरे को मिटा देंगे।''केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सशस्त्र बलों की वीरता और साहस को सलाम किया और कहा कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के साथ पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया। उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘कहा था आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे, लो... मिला दिया। पहलगाम का बदला पूरा हुआ। सेना के शौर्य व साहस को सलाम। अपनी बहनों के सिंदूर का बदला भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' से लिया। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा सक्षम, सशक्त, सक्षम और सामर्थ्यवान भारत है।'' प्रधान ने कहा, ‘‘आज का भारत अपनी रक्षा करना भी जानता है और मुंहतोड़ जवाब देना भी जानता है। देश ने आतंकवाद के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने का रुख एक बार फिर जाहिर कर दिया है।''भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कार्रवाई ‘नए भारत की भावना' को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के सशस्त्र बलों को सलाम। उन्होंने यह कर दिखाया है! आपका साहस शब्दों से ज्यादा बोलता है, और आपके कार्य नए भारत की भावना को दर्शाते हैं। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले का बदला लिया है!'' भाजपा ने पाकिस्तान को एक परोक्ष संदेश में ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह नया भारत है। घर में घुसकर मारेगा।''
- -18 हवाई अड्डों पर परिचालन अस्थायी रूप से बंदनयी दिल्ली/मुंबई/बेंगलुरु. पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मंगलवार देर रात सशस्त्र बलों द्वारा मिसाइल हमले किए जाने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों के कारण 200 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और श्रीनगर सहित कम से कम 18 हवाई अड्डों पर परिचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। एअर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और कुछ विदेशी एयरलाइनों ने विभिन्न हवाई अड्डों के लिए अपनी सेवाएं रद्द कर दीं। सूत्रों ने बताया कि देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में कम से कम 18 हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इनमें श्रीनगर, लेह, जम्मू, अमृतसर, पठानकोट, चंडीगढ़, जोधपुर, जैसलमेर, शिमला, धर्मशाला और जामनगर शामिल हैं। सूत्र के अनुसार, एयरलाइनों ने विभिन्न हवाई अड्डों से आने-जाने वाली 200 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं जिनमें अकेले इंडिगो ने लगभग 160 उड़ानें रद्द की हैं। एअर इंडिया ने कहा, ‘‘विमानन अधिकारियों द्वारा इन हवाई अड्डों को बंद करने की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट जैसे हवाई अड्डों से आने-जाने वाली एअर इंडिया की उड़ानें 10 मई को 05:29 बजे (भारतीय समयानुसार) तक रद्द की जा रही हैं।'' सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में एयरलाइन ने यह भी कहा कि इस अवधि के दौरान यात्रा के लिए वैध टिकट रखने वाले यात्रियों को पुनर्निर्धारण शुल्क पर एक बार की छूट या रद्द के लिए पूर्ण धन वापसी की पेशकश की जाएगी। इंडिगो ने कहा कि मौजूदा स्थिति के मद्देनजर श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लेह, चंडीगढ़, धर्मशाला, बीकानेर और जोधपुर से आने-जाने वाली उड़ानें दिनभर के लिए रद्द कर दी गई हैं। एयरलाइन ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमें अपने नेटवर्क में उड़ान कार्यक्रम में बदलाव की आशंका है और सभी ग्राहकों को सलाह देते हैं कि वे हवाई अड्डे पर जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति के बारे में अद्यतन जानकारी प्राप्त करें।'' ‘एक्स' पर साझा की गई जानकारी में स्पाइसजेट ने कहा कि धर्मशाला, लेह, जम्मू, श्रीनगर और अमृतसर सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हवाई अड्डे अगले आदेश तक बंद रहेंगे। प्रस्थान, आगमन और परिस्थितिवश अन्य उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। प्रभावित यात्री उपलब्धता के अनुसार पूर्ण धनवापसी या वैकल्पिक उड़ान का विकल्प चुन सकते हैं। एक सूत्र ने बताया कि देश के सबसे बड़े और व्यस्ततम हवाई अड्डे दिल्ली हवाई अड्डे से रात 12 बजे से कम से कम 35 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। सूत्र ने बताया कि 23 प्रस्थान और आठ आगमन संबंधी घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा, चार अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान संबंधी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। अमेरिकन एयरलाइंस सहित विदेशी एयरलाइनों ने दिल्ली हवाई अड्डे से अपनी कुछ सेवाएं रद्द कर दी हैं। अकासा एयर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘क्षेत्र में मौजूदा स्थिति के कारण, श्रीनगर हवाई अड्डे को नागरिक परिचालन के लिए बंद कर दिया गया है। परिणामस्वरूप, श्रीनगर से हमारी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।'' क्षेत्रीय विमानन कंपनी स्टार एयर ने कहा कि नांदेड़, हिंडन, आदमपुर, किशनगढ़ और भुज के लिए उसकी उड़ानें आज के लिए रद्द कर दी गई हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि मौजूदा प्रतिबंधों के कारण हमारे नेटवर्क की कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिनमें अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर और हिंडन से आने-जाने वाली उड़ानें दोपहर तक रद्द करना शामिल है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कृपया ध्यान दें, हवाई क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं।'' डीआईएएल, राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) का संचालन करता है।बेंगलुरु हवाई अड्डा ने बुधवार को यात्रियों के लिए एक परामर्श जारी किया, जिसमें कहा गया कि मौजूदा हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण सात मई को कुछ उड़ानें रद्द कर दी गई । बेंगलुरु (बीएलआर) हवाई अड्डा ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जाने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइनों से अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें। बीएलआर हवाई अड्डा ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘हमें हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण अपने नेटवर्क में कुछ उड़ानों पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। सभी यात्रियों से अनुरोध है कि कृपया नवीनतम जानकारी के लिए सीधे अपनी एयरलाइन से संपर्क करें। आप उनके (एक्स) पेज पर समय-समय पर अपडेट भी पा सकते हैं।'' इस बीच, कतर एयरवेज ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उसने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण पाकिस्तान के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। पहगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा शामिल है।
- नयी दिल्ली/नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बुधवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के लिए न्याय की शुरुआत है। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार को तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर का जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है। आरएसएस के राष्ट्रीय मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख सुनील आंबेकर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पहलगाम के पीड़ितों के लिए न्याय की शुरुआत - ‘ऑपरेशन सिंदूर' - न्याय हुआ। राष्ट्र समर्थन करता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जय हिंद। भारत माता की जय हो।''पहलगाम हमले के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत सैन्य हमले किए गए। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत जिन नौ ठिकानों पर हमला किया गया, उनमें से चार पाकिस्तान में और पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में थे। वायुसेना को खुफिया जानकारी मिली थी कि इन ठिकानों पर स्वास्थ्य केंद्रों की आड़ में आतंकी ठिकाने संचालित हो रहे हैं, ताकि उनका पता नहीं चल सके।
- अहमदाबाद. । पहलगाम आतंकी हमले में अपने पति और पुत्र को खोने वाली एक महिला ने बुधवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। गुजरात के भावनगर की काजलबेन परमार ने सरकार से अनुरोध किया कि जब तक पाकिस्तान का सफाया नहीं हो जाता, उसके खिलाफ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। सूरत की रहने वाली एक अन्य महिला, जिनके पति की भी आतंकी हमले में मौत हो गई थी, ने सेना की कार्रवाई पर खुशी जताई और कहा कि उसे सरकार पर पूरा भरोसा है। काजलबेन परमार ने भावनगर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पाकिस्तान पर हवाई हमले को लेकर मुझे बहुत गर्व है। मैं सशस्त्र बलों को सलाम करती हूं और भारत माता की जयकार करती हूं। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आभारी हूं और इस हमले से बहुत खुश हूं। ऐसे हमले जारी रखें और पाकिस्तान को मिटा दें, मोदी साहब से यही मेरी प्रार्थना है।'' पहलगाम आतंकी हमले में उनके पति यतीश परमार और बेटे स्मित की भी मौत हो गयी थी। 22 अप्रैल के आतंकी हमले में गुजरात के तीन लोगों की मौत हो गयी थी। काजलबेन परमार ने कहा, ‘‘मेरा बेटा 12वीं कक्षा में था। वह अक्सर मुझसे कहता था कि वह भारतीय सेना में शामिल होना चाहता है और देश के लिए लड़ना चाहता है। लेकिन उससे पहले, हम मोरारी बापू की राम कथा में भाग लेने के लिए कश्मीर गए और पहलगाम गए, जहां उन लोगों ने (आतंकवादियों ने) मेरे बेटे और पति को मार डाला। मैं पाकिस्तान का सफाया होते देखना चाहती हूं।'' काजलबेन के बड़े बेटे अभिषेक परमार ने कहा कि वह पहलगाम आतंकवादी हमले के 15वें दिन पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई से बहुत खुश है। अभिषेक ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने 15वें दिन पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की। मैंने अपने पिता और भाई को खो दिया। अब मोदी ने उन्हें जवाब दे दिया है और मैं इस बात से खुश हूं।'' दिवंगत शैलेश कलाथिया की पत्नी शीतलबेन कलाथिया ने संवाददाताओं से कहा कि वह पाकिस्तान के खिलाफ भारत की कार्रवाई से ‘‘बहुत संतुष्ट'' हैं। उन्होंने सूरत में कहा, ‘‘मोदी सरकार ने उन लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए जो कुछ भी किया है, उससे मैं बहुत खुश हूं, जिन्होंने हिंदू और मुसलमान के नाम पर मेरे पति और अन्य लोगों की जान ले ली। हमें सरकार पर पूरा भरोसा है और उसने अब तक जो कुछ भी किया है, वह उचित है।'' उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को छीन लिया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अब तक इस बात को स्वीकार नहीं कर पाई है कि उसकी आंखों के सामने उसके पिता के साथ क्या हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘हम तबाह हो गए हैं। हम गुजरात सरकार से अपील करते हैं कि वह हमारे बच्चों के भविष्य और शिक्षा के लिए जो कुछ कर सकती है, करे। मैं पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई से बहुत खुश हूं।''
- नयी दिल्ली.।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों पर लक्षित हमले करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर' चलाए जाने के कुछ घंटे बाद बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। सूत्रों का कहना है कि जैसे ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में कैबिनेट को जानकारी दी, पूरे मंत्रिमंडल ने मेजें थपथपाकर इस कार्रवाई और प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना की। समझा जाता है कि मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी।सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी अलग से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार एवं बुधवार की दरमियानी रात पाकिस्तान एवं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत ये सैन्य हमले किए गए। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 भारतीय नागरिकों की जान गई थी। मंत्रिमंडल की बैठक से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री मोदी को स्थिति से अवगत कराया।
- -बैठक में उपस्थित सभी मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी और तीनों सेनाओं का अभिनंदन किया-ऑपरेशन सिंदूर, भारत की सीमा, सेना और नागरिकों की ओर आंख उठाने वालों को भारत का मुंहतोड़ जवाब-पहलगाम आतंकी हमले को नज़रअंदाज किए बिना ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से इसका उचित जवाब दिया है जिससे पूरी दुनिया में एक मज़बूत संदेश गया है-ऑपरेशन सिंदूर पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की zero tolerance की नीति का परिचायक है-इस समय देश ने एकजुटता का जो प्रदर्शन किया है उससे देशवासियों का हौंसला बढ़ा है-अत्यावश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, अग्निशमन आदि के सुचारु संचालन की व्यवस्था की जाए और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए-गृह मंत्री ने राज्यों से SDRF, सिविल डिफेंस, होमगार्ड्स, एनसीसी आदि को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रखने को कहा-सोशल एवं अन्य मीडिया में अवांछनीय तत्वों द्वारा देश विरोधी दुष्प्रचार पर कड़ी नजर रखी जाए और राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से इस पर त्वरित कार्रवाई हो-Seamless communication को बनाए रखने के हरसंभव प्रयास हों और vulnerable points की सुरक्षा को भी और दुरुस्त किया जाएनई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में पाकिस्तान और नेपाल के सीमावर्ती राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा बैठक की। बैठक में जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के उपराज्यपाल और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और सिक्किम सरकार के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शामिल हुए। बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, निदेशक, आसूचना ब्यूरो, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के महानिदेशक सहित केन्द्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि 22 अप्रैल, 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा था कि देश इस आतंकी हमले के गुनहगारों और आतंकवाद के समर्थकों को कड़ा जवाब देगा। गृह मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णय़ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर, भारत की सीमा, सेना और नागरिकों की ओर आंख उठाने वालों को भारत का मुंहतोड़ जवाब है। बैठक में उपस्थित सभी मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी और तीनों सेनाओं का अभिनंदन किया।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को नज़रअंदाज किए बिना ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से इसका उचित जवाब दिया है जिससे पूरी दुनिया को एक मज़बूत संदेश गया। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा specific inputs के बाद आतंकी कैंपों के खिलाफ चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की zero tolerance की नीति का परिचायक है। श्री शाह ने कहा कि इस समय देश ने एकजुटता का जो प्रदर्शन किया है उससे देशवासियों का हौंसला बढ़ा है।श्री अमित शाह ने कहा कि 6-7 मई, 2025 की रात भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने आतंकवादियों से जुड़े 9 specific स्थानों पर हमला कर आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर को नष्ट कर दिया। गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा किए गए इस हमले में लश्कर-ए-तैय्यबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज़्बुल मुजाहिदीन और अन्य आतंकी संगठनों के आतंकवादी प्रशिक्षण और हथियार कैंपों और ठिकानों को नष्ट कर दिया गया।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मॉक ड्रिल के लिए जारी दिशानिर्देशों के तहत सभी राज्य अपनी तैयारियां करें। उन्होंने कहा कि अत्यावश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, अग्निशमन आदि के सुचारु संचालन की व्यवस्था की जाए और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। गृह मंत्री ने राज्यों से SDRF, सिविल डिफेंस, होमगार्ड्स, एनसीसी आदि को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रखने को कहा। उन्होंने कहा कि नागरिकों और गैरसरकारी संगठनों के माध्य़म से जनभागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जाए।श्री अमित शाह ने कहा कि सोशल एवं अन्य मीडिया में अवांछनीय तत्वों द्वारा देश विरोधी दुष्प्रचार पर कड़ी नजर रखी जाए और राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से इस पर त्वरित कार्रवाई हो। गृह मंत्री ने कहा कि seamless communication को बनाए रखने के हरसंभव प्रयास हों और vulnerable points की सुरक्षा को भी और दुरुस्त किया जाए। उन्होंने राज्यों से कहा कि वे जनता में अकारण भय फैलने से रोकें और अफवाहों के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए उचित कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन, सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच समन्वय को और बेहतर किया जाए।
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नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर हमलों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कई देशों के एनएसए के साथ बातचीत की। डोभाल ने अपने समकक्षों को भारत की तरफ से की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। अजीत डोभाल ने अमेरिका के एनएसए और विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ब्रिटेन के एनएसए जोनाथन पॉवेल, सऊदी अरब के एनएसए मुसैद अल ऐबन, यूएई के एनएसए शेख तहनून, यूएई के एनएससी के महासचिव अली अल शम्सी और जापान के एनएसए मासातका ओकानो से बात की।
डोभाल ने अपने समकक्षों को भारत की तरफ से की गई कार्रवाई और क्रियान्वयन के तरीके के बारे में जानकारी दीइसके अलावा, रूस के एनएसए सर्गेई शोइगु, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी और फ्रांस के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार इमैनुएल बोन्ने के साथ भी संपर्क स्थापित किया गया।डोभाल ने अपने समकक्षों को भारत की तरफ से की गई कार्रवाई और क्रियान्वयन के तरीके के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का तनाव बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अगर पाकिस्तान तनाव बढ़ाने का फैसला करता है तो भारत इसका दृढ़ता से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। एनएसए आने वाले दिनों में भी अपने समकक्षों के साथ संपर्क में रहेंगे।सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाईवहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने बुधवार की सुबह संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी शामिल हुईं। सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाई।पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया थाकर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन को लेकर बताया, “पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया था। 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से आतंकवादी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और पीओके दोनों में फैला हुआ है। पीओजेके में पहला लक्ष्य मुजफ्फराबाद में सवाई नाला कैंप था, जो नियंत्रण रेखा से 30 किलोमीटर दूर है। यह लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण केंद्र था। 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों ने यहीं से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।” -
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत ने बिना सीमा पार किए हैमर, स्कल्प और मिसाइलों से पाकिस्तान और पीओके में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के 9 ठिकाने बर्बाद कर दिए। इसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बहावलपुर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय मरकज सुभान अल्लाह रहा।
जैश-ए-मोहम्मद का सबसे महत्वपूर्ण आतंकी केंद्र था मरकज सुभान अल्लाहमरकज सुभान अल्लाह जैश-ए-मोहम्मद का सबसे महत्वपूर्ण आतंकी केंद्र था, जो बहावलपुर में 15 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह केंद्र पुलवामा हमले जैसे आतंकी हमलों की योजना और प्रशिक्षण का गढ़ रहा है। मरकज सुभान अल्लाह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर के बाहरी इलाके में एनएच-5 कराची-तोर्क हम राजमार्ग पर कराची मोड़ के पास स्थित है। यह जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य प्रशिक्षण और प्रचार केंद्र है। जैश-ए-मोहम्मद का यह परिचालन मुख्यालय 14 फरवरी, 2019 के पुलवामा हमले सहित कई आतंकी योजनाओं से जुड़ा हुआ है। 2015 में अफ्रीकी देशों (यूके सहित) से जुटाए गए धन से इसका निर्माण किया गया था।किस काम में इस केंद्र का होता था इस्तेमालइस केंद्र का इस्तेमाल जैश-ए-मोहम्मद के लिए युवाओं को प्रशिक्षण देने, विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने और आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने के लिए किया जाता था। इस केंद्र में 600 से अधिक कैडर (आतंकी) रहकर प्रशिक्षण ले रहे थे। सैटेलाइट इमेजरी से पुष्टि हुई है कि मरकज सुभान अल्लाह के प्रशिक्षण शिविर, जिम्नेजियम, स्विमिंग पूल और हथियार डिपो पूरी तरह नष्ट हो गए। भारत के इस हमले ने जैश और आईएसआई को गहरा झटका दिया है, क्योंकि भारत ने 100 किलोमीटर अंदर तक सटीक हमला किया है।मसूद अजहर ने इस केंद्र को आवास बना रखा थाजैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख नेता मौलाना मसूद अजहर ने इस केंद्र को आवास बना रखा था। फिलहाल जैश प्रमुख मसूद अजहर को इस्लामाबाद (रावलपिंडी) में पाकिस्तानी अधिकारियों ने सुरक्षात्मक हिरासत में ले रखा है। यहीं पर जैश के वास्तविक प्रमुख मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर और जैश के सशस्त्र विंग का प्रमुख यूसुफ अजहर (उस्ताद घोरी) ने अड्डा बना रखा था। वह रिश्ते में मसूद अजहर का साला भी है। यहीं से आतंकियों को राइफल, रॉकेट लॉन्चर और विस्फोटकों का प्रशिक्षण दिया जाता था। शारीरिक प्रशिक्षण के लिए मार्च, 2018 से जिम्नेजियम, जुलाई, 2018 से स्विमिंग पूल और गहरे पानी में गोताखोरी पाठ्यक्रम चलाया जाता था।पुलवामा हमले के लिए प्रशिक्षण केंद्र था, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थेसटीक सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। मरकज सुभान अल्लाह इस ऑपरेशन का प्रमुख लक्ष्य था। यहां पर कट्टरपंथी विचारधारा का धार्मिक प्रशिक्षण देने के लिए मौलाना रफीक उल्लाह 2022 से मुख्य प्रशिक्षक तैनात हैं।मरकज सुभान अल्लाह 2019 के पुलवामा हमले के लिए प्रशिक्षण केंद्र था, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। इसी के बाद भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी। मरकज सुभान अल्लाह को ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायु सेना ने स्कैल्प और हैमर मिसाइलों का उपयोग करके तबाह कर दिया। -
नई दिल्ली। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) प्रमुख मसूद अजहर ने माना कि बुधवार की सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए मिसाइल हमलों में उसके परिवार के 10 सदस्य मारे गए। मसूद का नाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वैश्विक आतंकवादी सूची में शामिल है।
मीडिया को जारी किए गए उर्दू बयान में मसूद ने कहा, “मेरे परिवार के 10 सदस्य जिनमें पांच बच्चे, मेरी बड़ी बहन और उसका पति, मेरा इस्लामिक विद्वान भतीजा, उसकी पत्नी और मेरी भतीजी शामिल हैं, इसके अलावा मेरी पुरानी दोस्त हजीफा, उसकी मां और दो अन्य सहकर्मी भी मारे गए।”मीडिया को दिया बयानमीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि हमले में अपनों के मारे जाने पर मसूद अजहर फूट-फूटकर रोया। साथ ही मसूद ने कहा, मैं शब्दों से परे दुखी हूं, लेकिन मुझे न तो खेद है, न ही डर है। मैं अल्लाह से प्रार्थना कर रहा हूं कि मुझे अल्लाह के इन 14 मेहमानों में शामिल किया जाए जो आज शहीद हो गए हैं।पीओके में आतंकवादी ढांचे को सटीकता से बनाया निशानाबुधवार को करीब 1:44 बजे भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ढांचे को सटीकता से निशाना बनाया और पाकिस्तान में किसी भी सैन्य लक्ष्य पर हमला नहीं किया। -
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा की गई सटीक कार्रवाई के बाद, केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने बुधवार को करतारपुर कॉरिडोर को “अगले आदेश तक” बंद करने की घोषणा की।
गुरदासपुर के उपायुक्त दलविंदरजीत सिंह ने मीडिया को बताया कि कॉरिडोर आज बंद है, जिला प्रशासन को कोई नया निर्देश प्राप्त नहीं हुआ हैपंजाब के गुरदासपुर जिले के उपायुक्त दलविंदरजीत सिंह ने मीडिया को बताया कि कॉरिडोर आज के लिए बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों के लिए जिला प्रशासन को कोई नया निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। पाकिस्तान के नारोवाल जिले स्थित ऐतिहासिक श्री दरबार साहिब गुरुद्वारा की यात्रा पर निकले लगभग 150 भारतीय श्रद्धालु गुरदासपुर स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) पहुंचे थे, लेकिन बाद में उन्हें वापस लौटने को कहा गया।डेरा बाबा नानक स्थित आईसीपी के ज़रिए श्रद्धालु करतारपुर कॉरिडोर में प्रवेश करते हैंगुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक स्थित आईसीपी के ज़रिए श्रद्धालु करतारपुर कॉरिडोर में प्रवेश करते हैं। एक श्रद्धालु ने मीडिया से कहा, “इमिग्रेशन और रक्षा अधिकारियों ने हमें बताया कि स्थिति अनुकूल नहीं है और हमें लगभग सुबह 11 बजे वापस लौटने की सलाह दी।”सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष यहीं बिताए थे और यहीं उनका निधन हुआ थायह गुरुद्वारा सिखों के लिए अत्यंत आध्यात्मिक महत्व रखता है, क्योंकि यहीं सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए थे और यहीं उनका निधन हुआ था। 9 नवंबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित किया गया करतारपुर कॉरिडोर एक वीज़ा-मुक्त सीमा मार्ग है, जो भारतीय नागरिकों और ओवरसीज़ सिटीज़न्स ऑफ़ इंडिया (ओसीआई) कार्ड धारकों को भारत-पाकिस्तान सीमा से मात्र 4.7 किलोमीटर दूर स्थित गुरुद्वारे तक बिना वीज़ा के जाने की अनुमति देता है।भारतीय सैन्य कार्रवाई के बाद, अमृतसर की ओर जा रही दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली की ओर मोड़ दिया गयाभारतीय सैन्य कार्रवाई के बाद, अमृतसर की ओर जा रही दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली की ओर मोड़ दिया गया, और पंजाब में पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। पंजाब प्रशासन ने घोषणा की है कि पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। गुरदासपुर और पठानकोट जिलों में शैक्षणिक संस्थान तीन दिन के लिए बंद रहेंगे। फाजिल्का जिले में ये संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे।पहलगाम आतंकी हमले के जबाव में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दियाइससे पहले आज सुबह, पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों (25 भारतीय और 1 नेपाली) की हत्या के जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के भीतर नौ आतंकी ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया गया। ये सभी आतंकी ठिकाने उन संगठनों से जुड़े थे जो 22 अप्रैल के हमले के लिए जिम्मेदार थे। -
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने 8 मई को सुबह 11 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित वरिष्ठ मंत्री सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बैठक का एजेंडाबैठक का एजेंडा विपक्षी नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देने और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने पर केंद्रित है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया, “सरकार ने 8 मई, 2025 को सुबह 11 बजे नई दिल्ली में संसद पुस्तकालय भवन, संसद परिसर में समिति कक्ष: जी-074 में सर्वदलीय नेताओं की बैठक बुलाई है।”वहीं बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी और भारतीय सेना की बहादुरी की जमकर सराहना की। कैबिनेट मंत्रियों ने इस सफल अभियान के लिए पीएम मोदी को बधाई दी और उनके नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताया। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी रात भर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सैन्य कमांडरों के साथ संपर्क में रहे, ताकि अभियान योजना के अनुसार सुचारू रूप से पूरा हो।सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप दिखाईवहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी शामिल हुईं। सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाई।9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर किया गया नष्टकर्नल सोफिया कुरैशी ने इस ऑपरेशन को लेकर बताया, “पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया था। 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से आतंकवादी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और पीओके दोनों में फैला हुआ है। पीओके में पहला लक्ष्य मुजफ्फराबाद में सवाई नाला कैंप था, जो नियंत्रण रेखा से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यह लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण केंद्र था। 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों ने यहीं से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।”वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया, “रात 1 बजकर पांच मिनट से 1 बजकर 30 मिनट के बीच हमला किया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया और सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने और किसी भी नागरिक को जानमाल से बचाने के लिए स्थानों का चयन किया गया था।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। इस अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया है।
बुधवार की सुबह शुरू किया गया यह अभियान भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गयाराष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी।” बुधवार की सुबह शुरू किया गया यह अभियान भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गया।बीती रात 1.05 बजे से 1.30 बजे के बीच 24 मिसाइलों से नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया गयाबीती रात 1.05 बजे से 1.30 बजे के बीच 24 मिसाइलों से नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया गया, जिनमें मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और बहावलपुर स्थित प्रमुख प्रतिष्ठान शामिल थे, ये वे स्थान हैं, जिन्हें आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र माना जाता है।अभियान में लगभग 70 आतंकवादी मारे गएसरकारी सूत्रों के अनुसार इस अभियान में लगभग 70 आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई समझ-बूझकर, आनुपातिक और गैर-उग्र प्रकृति की थी, जिसमें नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे को छोड़कर, विशेष रूप से आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया था।कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी और भारतीय सेना की जमकर सराहना कीवहीं, बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी और भारतीय सेना की बहादुरी की जमकर सराहना की। कैबिनेट मंत्रियों ने इस सफल अभियान के लिए पीएम मोदी को बधाई दी और उनके नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताया। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी रात भर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सैन्य कमांडरों के संपर्क में रहे, ताकि अभियान योजना के अनुरूप संपन्न हो।सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाईवहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय थल सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी शामिल हुईं। सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाई।ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार (8 मई) को सुबह 11 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलाई हैकर्नल कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने दशकों से पीओके और अपनी सीमाओं के भीतर आतंकी शिविरों, लॉन्च पैडों और भर्ती केंद्रों का एक नेटवर्क विकसित किया है। इस ऑपरेशन का उद्देश्य उन्हीं बुनियादों को ध्वस्त करना था।” ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार (8 मई) को सुबह 11 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित वरिष्ठ मंत्री मौजूद होंगे। बैठक का एजेंडा विपक्षी नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देने और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने पर केंद्रित है। -
नई दिल्ली। पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर देश भर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस अभियान पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपनी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सोशल मीडिया मंच पर भारतीय सेना के साहसिक कदम की सराहना कीउन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक संक्षिप्त संदेश देते हुए लिखा—”जय हिंद! जय इंडिया!” इस एक पंक्ति के संदेश में उन्होंने न केवल भारतीय सेना के साहसिक कदम की सराहना की, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए इस निर्णायक कदम को भी अप्रत्यक्ष समर्थन दिया।भारत ने बीती रात एक पूर्व-नियोजित और सटीक सैन्य अभियान चलायामुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह वक्तव्य ऐसे समय पर आया है जब केंद्र सरकार की ओर से भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को लेकर आधिकारिक पुष्टि की गई है। देश के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि भारत ने बीती रात एक पूर्व-नियोजित और सटीक सैन्य अभियान चलाया, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचों को पूरी तरह नष्ट किया गया।पहलगाम में हुए आतंकी हमलों में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गएसोमवार रात जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमलों में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे। इसी घटना के जवाब में भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी इस अभियान की सराहना की। पार्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक बयान जारी कर कहा कि यह एक सफल सैन्य कार्रवाई है। जय हिंद!भारत ने आतंक के खिलाफ उठाया मजबूत कदमदूसरी ओर, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत की सशस्त्र सेनाओं पर उन्हें गर्व है। अपने सोशल मीडिया संदेश में उन्होंने लिखा कि लश्कर और जैश जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों पर मिसाइल हमले कर भारत ने आतंक के खिलाफ मजबूत कदम उठाया है।दरअसल, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने आतंक के खिलाफ अपनी दृढ़ नीति को दोहराया है और ममता बनर्जी जैसे क्षेत्रीय नेताओं का इस पर समर्थन एक व्यापक राष्ट्रीय एकजुटता का संकेत देता है। - कटिहार (बिहार)/ बिहार के कटिहार जिले में एक कार और ट्रैक्टर की टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि हादसा सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि को समेली प्रखंड कार्यालय के पास हुआ जब कार सवार लोग विवाह समारोह से लौट रहे थे। पुलिस ने बताया कि हादसे के शिकार लोगों की पहचान के प्रयास जारी हैं। कटिहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वैभव शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, ‘‘समेली प्रखंड कार्यालय के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर एक एसयूवी और विपरीत दिशा से आ रहे ट्रैक्टर के बीच टक्कर में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।'' उन्होंने बताया कि मरने वालों में सभी पुरुष थे।शर्मा ने बताया कि पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हादसे के शिकार लोगों को नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां आठ लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि घायलों का उपचार किया जा रहा है।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार ये सभी सुपौल के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि माना जा रहा है कि ये सभी एसयूवी में सवार थे। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।
- शाहजहांपुर / शाहजहांपुर जिले के मदनापुर क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल और कार की जबरदस्त टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश द्विवेदी ने मंगलवार को बताया कि सोमवार रात मदनापुर थाना क्षेत्र के बरेली-इटावा मार्ग पर काविलपुर गांव के पास कार और मोटरसाइकिल की आमने-सामने से टक्कर हो गई। उन्होंने बताया कि टक्कर की वजह से कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खड्ड में जा गिरी। द्विवेदी के अनुसार मोटरसाइकिल पर चार युवक सवार थे और टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल की पेट्रोल की टंकी में विस्फोट के साथ आग लग गई। उन्होंने बताया कि कि हादसे में कार सवार सुधीर (40) तथा सोनू (18) की मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव बमुश्किल कार से बाहर निकाले गये। अधिकारी ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार रवि (20), आकाश (20), दिनेश (19) तथा अभिषेक (19) को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान चारों ने दम तोड़ दिया। द्विवेदी ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार चारों युवक तिलहर कस्बे के रहने वाले थे और मदनापुर क्षेत्र के एक गांव में किसी आयोजन में शामिल होने गए थे, वहीं कार सवार बरेली निवासी लोग मदनापुर क्षेत्र के ही गिरधरपुर गांव में एक बारात में शामिल होने जा रहे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
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नई दिल्ली। भारत ने 7 मई की रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी शिविरों पर हमला किया। यह हमला भारत की तरफ से हालिया समय में किया गया सबसे बड़ा जवाबी हमला था। इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया गया। यह हमला उस आतंकवादी हमले के जवाब में था, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। यह भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में एक नया मोड़ है।
हमले में अत्याधुनिक हथियारों का उपयोगऑपरेशन सिंदूर में भारत के राफेल फाइटर जेट्स ने Scalp मिसाइलें और Hammer बम दागे। ये मिसाइल और बम भारतीय वायुसेना के सबसे आधुनिक और शक्तिशाली हथियारों में से हैं। यह हमला पूरी तरह से छिपकर और सटीकता के साथ किया गया था। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस हमले में 90 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं। हमला पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की ढांचागत संरचनाओं को नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया था, जिन पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप है। पाकिस्तान ने इस हमले को “Act of War” करार दिया है।Scalp मिसाइल क्या है और यह कैसे काम करती है?Scalp मिसाइल, जिसे Storm Shadow भी कहा जाता है, एक यूरोपीय एयर-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल है, जिसे MBDA द्वारा विकसित किया गया है। यह मिसाइल 1,300 किलोग्राम वजन की है और इसे 300 किमी तक के लक्ष्य पर सटीक हमला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका मकसद ऐसे स्थिर और महत्वपूर्ण टारगेट को नष्ट करना है, जैसे कि किले जैसी मजबूत आतंकी छिपने की जगहें और अहम कमांड सेंटर। खास बात यह है कि यूक्रेन ने पिछले साल इस मिसाइल का उपयोग रूस के अंदर गहरे लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए किया था।यह मिसाइल अपनी सटीकता गाइडेड नेविगेशन सिस्टम से प्राप्त करती है, जिसमें दिशा-निर्देश, GPS और इलाके का नक्शा शामिल होते हैं। जब Scalp मिसाइल अपने टारगेट के करीब पहुंचती है, तो इसमें मौजूद इन्फ्रारेड सर्च सिस्टम पहले से तय किए गए टारगेट की इमेज से मिलाकर सटीक हमला करता है। इससे हमले के दौरान कम से कम सहायक नुकसान होता है। इसके अलावा, मिसाइल की कम ऊंचाई पर उड़ान इसे पता लगाना बहुत मुश्किल बना देती है, जिससे यह और भी प्रभावी साबित होती है।Hammer बम कैसे काम करता है?ऑपरेशन में भारत ने Hammer बम का भी इस्तेमाल किया, जो एक मॉड्यूलर एयर-टू-ग्राउंड हथियार है। इसकी रेंज 70 किमी तक है और इसे किसी भी आम बम के साथ जोड़ा जा सकता है। इसे अलग-अलग वजन के बमों के साथ जोड़ा जा सकता है, जो 125 किलोग्राम से लेकर 1000 किलोग्राम तक हो सकते हैं। इसे फ्रांसीसी रक्षा कंपनी Safran ने विकसित किया है। यह बम इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से बच सकता है और इसे मुश्किल इलाकों में भी कम ऊंचाई से दागा जा सकता है।इन बमों की खासियत यह है कि ये स्थिर और चलते हुए दोनों प्रकार के लक्ष्यों को नष्ट कर सकते हैं, जैसे कि आतंकी लॉन्चपैड्स और कमांड पोस्ट। साथ ही, यह दुश्मन के बचाव सिस्टम से बच सकता है और मजबूत बंकरों को भी नष्ट कर सकता है। -
नई दिल्ली। भारत की ओर से पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए जाने के ‘कुछ ही देर बाद’ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और उन्हें की गई कार्रवाई की जानकारी दी। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान में बुधवार को यह बात बताई। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वह भारत-पाकिस्तान की स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं और उम्मीद है कि यह ‘जल्द खत्म होगा।’
एक्स पर एक पोस्ट में, रुबियो ने कहा, ‘‘मैं भारत और पाकिस्तान की स्थिति पर करीबी नजर रख रहा हूं। उम्मीद है कि यह जल्द खत्म होगा और शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारतीय और पाकिस्तानी नेतृत्व दोनों के साथ बातचीत जारी रहेगी।’’भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू चलाया। भारतीय सशस्त्र बलों ने नौ आतंकी ठिकानों पर हमले किए, जिनमें प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर भी शामिल है।US स्थित भारतीय दूतावास का बयानअमेरिका स्थित भारतीय दूतावास बयान में ने कहा, ‘‘भारत की कार्रवाइयां केंद्रित और सटीक रहीं हैं। ये नपी-तुली, जिम्मेदार और स्थिति को बढ़ावा न देने वाली थीं। किसी भी पाकिस्तानी नागरिक, आर्थिक या सैन्य लक्ष्य को निशाना नहीं बनाया गया। केवल ज्ञात आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया।’’वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने कहा, ‘‘भारत के पास विश्वसनीय सुराग, तकनीकी जानकारी, हमले में बचे लोगों की गवाही और अन्य साक्ष्य हैं जो इस हमले में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों की स्पष्ट संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।’’ दूतावास ने कहा, ‘‘यह उम्मीद की गई थी कि पाकिस्तान आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वाले बुनियादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई करेगा।’’दूतावास ने कहा कि इसके बजाय, बीते पखवाड़े के दौरान पाकिस्तान इसे नकारता रहा और भारत के खिलाफ झूठे आरोप लगाए। बयान में कहा गया है कि आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक क्रूर और जघन्य हमले में 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी।भारत ने US, रूस, ब्रिटेन, सऊदी समेत कई देशों को दी जानकारीभारत ने बुधवार तड़के अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और सऊदी अरब सहित कई प्रमुख देशों से संपर्क किया और उन्हें पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POJK) में नौ आतंकी ठिकानों पर किए गए सैन्य हमले के बारे में जानकारी दी। ये सैन्य हमले पहलगाम आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई के तौर पर किए गए हैं।एक सूत्र ने बताया, “वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने कई देशों में अपने समकक्षों से बात की है और उन्हें भारत द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है।” इसमें कहा गया, “इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और रूस शामिल हैं।”जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन के मुख्यालय तबाहभारतीय वायुसेना ने ‘‘ऑपरेशन सिंदूर’’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के मुख्यालयों को रात के वक्त निशाना बनाया जिनमें आतंकियों के छिपने के नौ ठिकाने शामिल हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।भारतीय वायुसेना के सटीक अभियान में निशाना बनाए गए ठिकानों में बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह, तेहरा कलां का सरजल, कोटली का मरकज अब्बास और मुजफ्फराबाद का सैयदना बिलाल कैंप शामिल हैं। ये सभी ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं।इस अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें मुरिदके का मरकज तैयबा, बरनाला का मरकज अहले-हदीस और मुजफ्फराबाद का शवावाई नाला कैंप शामिल हैं। कोटली में मक्का राहील शाहिद और सियालकोट में मेहमूना जोया को निशाना बनाया गया। इन ठिकानों में हिजबुल मुजाहिदीन के शिविर और प्रशिक्षण केंद्र स्थित हैं। भारत द्वारा चुने गए नौ लक्ष्यों में चार पाकिस्तान में और शेष पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हैं। -
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात पाकिस्तान और पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। भारतीय सेना ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (X) पर यह घोषणा की।
इस मिशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया था। इसका उद्देश्य लंबे समय से सक्रिय आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिज्बुल मुजाहिदीन (HM) जैसे संगठनों की बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करना था।भारत ने जिन आतंकवाद से जुड़े ठिकानों को नष्ट किया, उनमें शामिल हैं:मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर: जैश-ए-मोहम्मद से संबद्ध- दक्षिणी पंजाब में स्थित बहावलपुर लंबे समय से मसूद अजहर के नेतृत्व वाले जैश-ए-मोहम्मद के लिए केंद्रीय कमान के रूप में काम करता रहा है। यह समूह भारत में कई हाई-प्रोफाइल हमलों से जुड़ा हुआ है। इसमें 2001 में संसद पर हमला और 2019 में पुलवामा बम विस्फोट शामिल हैं।मरकज तैयबा, मुरीदके – लश्कर द्वारा संचालित। लाहौर से लगभग 40 किमी दूर स्थित, मुरीदके लश्कर और उसके प्रमुख संगठन, जमात-उद-दावा के लिए मुख्य केंद्र के रूप में कार्य करता है। 200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस परिसर में प्रशिक्षण मैदान, रसद सुविधाएँ और प्रशिक्षण यूनिट्स हैं। यह 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में शामिल है।सरजाल, तेहरा कलां – जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ है। नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित यह इलाका भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश करने वाले आतंकवादियों के लिए लगातार एंट्री पॉइंट के रूप में काम करता रहा है।महमूना जोया, सियालकोट – एचएम द्वारा इस्तेमाल किया गया।मरकज अहले हदीस, बरनाला – लश्कर से जुड़ा हुआ है। तेहरा कलां की तरह, बरनाला साइट का इस्तेमाल अक्सर घुसपैठ बिंदु के रूप में किया जाता रहा है।कोटली का मरकज अब्बास – जैश-ए-मोहम्मद का ठिकाना। पाक अधिकृत कश्मीर में कोटली को बार-बार फिदायीन (आत्मघाती हमलावर) और आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने के अड्डे के रूप में पहचाना जाता रहा है।कोटली का मस्कर राहील शाहिद – एचएम द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।मुजफ्फराबाद का शावाई नाला कैंप – लश्कर द्वारा संचालित।मुजफ्फराबाद का सैयदना बिलाल कैंप – जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ है।न्याय पूरा हुआ: भारतीय सेनाभारतीय सेना ने एक्स पर कहा, ”जस्टिस इज सेर्वेड’ (न्याय पूरा हुआ)। सेना ने बताया कि उसने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकी शिविरों पर सटीक हमले किए हैं। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बदले के रूप में की गई।एक्स पर भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय (जन सूचना) ने पोस्ट किया: “न्याय हुआ।” समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान और PoJK में कई ठिकानों पर किए गए ये हमले भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए संयुक्त ऑपरेशन थे, जिनमें सटीक हथियारों का उपयोग किया गया।रक्षा मंत्रालय (MoD) के बयान के अनुसार, भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत इन हमलों को अंजाम दिया। इसमें कुल नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया।रक्षा मंत्रालय ने इस अभियान को लक्षित, मापा-तौला और गैर-उत्तेजक (non-escalatory) बताया और यह स्पष्ट किया कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया।





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