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मुंबई. नगर निगम द्वारा संचालित सायन अस्पताल को पिछले पांच वर्षों में 43,000 से अधिक माताओं ने अपना दूध दान किया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने यह जानकारी दी। सायन अस्पताल में एशिया का पहला ‘ब्रेस्ट मिल्क' बैंक बनाया गया है।
अगस्त में राष्ट्रीय स्तनपान माह के दौरान नगर निगम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, स्तनपान कराने वाली 43,412 माताओं के दान से 10,523 नवजात शिशुओं को मदद मिली है। दान किया गया मां का दूध समय पूर्व जन्मे कम वजनी और जोखिम वाले शिशुओं में मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सायन अस्पताल के डीन डॉ. मोहन जोशी ने बताया, “इस बैंक की शुरुआत 1989 में आर्मिडा फर्नांडिस ने की थी और इसे टाटा समूह की इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड से एक लाख रुपये का दान मिला था। उस समय अजीत केरकर इस कंपनी के अध्यक्ष थे। यह एशिया का पहला मां के दूध का बैंक है।” उन्होंने बताया कि मां का दूध खास होता है क्योंकि इसमें हीमोग्लोबिन और नवजात शिशु के विकास के लिए जरूरी विटामिन होते हैं। मां के दूध बैंक में दान किये जाने वाले दूध से कम वजन वाले व अपर्याप्त विकास वाले शिशुओं और प्रसवोत्तर जटिलताओं के कारण स्तनपान न करा पाने वाली महिलाओं के शिशुओं को मदद मिली है। यह अस्पताल अब पश्चिमी भारत के चिकित्सा प्रतिष्ठानों को इसी तरह के दूध बैंक स्थापित करने में मदद कर रहा है। 'नियोनेटोलॉजी' विभाग की प्रमुख डॉ. स्वाति मानेरकर ने बताया, इस दूध बैंक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मां के दूध की कमी के कारण कोई भी शिशु अपनी जान न गंवाए। हम दाताओं से दूध लेते समय सभी सुरक्षा सावधानियां बरतते हैं। हम स्तनपान कराने वाली माताओं से संपर्क करते हैं, जो अपने बच्चों को दूध पिलाने के बाद अस्पताल को अपना दूध दे सकती हैं।” डॉ. मानेरकर ने बताया कि दूध चिकित्सकों की सलाह पर ही दिया जाता है। उन्होंने कहा, ''यह दूध बैंक हर साल लगभग 2,000 से 2,500 नवजात शिशुओं की मदद करता है। -
नयी दिल्ली. पूर्व महान खिलाड़ी जफर इकबाल का मानना है कि लगातार दूसरे ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद यह आम धारणा बदल गई है कि भारतीय हॉकी टीम आखिरी क्षणों में गोल खा जाती है और हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली टीम सभी पहलुओं में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है। मॉस्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य और 1982 एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे इकबाल को तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक के बाद देश में इस खेल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इकबाल ने हॉकी इंडिया की विज्ञप्ति में कहा, ‘‘पहले आम धारणा यह थी कि भारत एक ऐसी टीम है जो खेल आखिरी चरण में गोल खाती है लेकिन अब यह बदल गया है। हम सभी पहलुओं में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे समय में हॉकी के बहुत सारे प्रशंसक थे। नेहरू गोल्ड कप, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय मैच जैसी प्रतियोगिताओं ने बहुत सारे समर्थकों को आकर्षित किया और हम जिन विशाल स्टेडियमों में खेलते थे, उनमें हमेशा उत्साह देखने को मिलता था।'' मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 23 और 24 अक्टूबर को भारत और जर्मनी के बीच खेले जाने वाले दो मैचों के बारे में इकबाल ने कहा, ‘‘जर्मनी एक कड़ी टीम है। हमने तोक्यो ओलंपिक में उन्हें हराकर कांस्य पदक जीता था और हाल ही में पेरिस में सेमीफाइनल में उनसे हार गए थे इसलिए मुझे यकीन है कि भारतीय टीम हमें उन पर जीत दिलाने के लिए उत्साहित होगी।'' उन्हेंने कहा, ‘‘सुविधाएं शीर्ष स्तर की हैं और मुझे यकीन है कि मैच रोमांच से भरपूर होंगे।''
हॉकी के एक अन्य दिग्गज हरबिंदर सिंह भी राष्ट्रीय राजधानी में बड़े मैचों की वापसी को लेकर उत्साहित हैं। हरबिंदर ने कहा, ‘‘1972 में मैंने आखिरी बार राष्ट्रीय टीम के लिए दिल्ली में हॉकी खेली थी। मुझे याद है कि शिवाजी स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था और प्रशंसक हमारी हौसलाअफजाई कर रहे थे।'' तोक्यो ओलंपिक 1964 में स्वर्ण और 1968 में मैक्सिको तथा 1972 में म्यूनिख खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली टीम के सदस्य रहे हरबिंदर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारत और जर्मनी के बीच मुकाबले के लिए भी बहुत सारे प्रशंसक टीमों का उत्साह बढ़ाने के लिए मैदान में पहुंचेंगे। आखिरकार वे एक दशक के बाद उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले देखेंगे।'' ओलंपिक रजत विजेता जर्मनी के खिलाफ मैचों के साथ अंतरराष्ट्रीय हॉकी एक दशक के बाद नयी दिल्ली में लौट रही है। भारत ने पिछली बार मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में जनवरी 2014 में हॉकी विश्व लीग फाइनल पुरुष का चौथे दौर का मुकाबला खेला था। -
छत्रपति संभाजीनगर . महाराष्ट्र के बीड जिले में राज्य परिवहन निगम की एक बस के चालक और कंडक्टर ने यात्रा को मनोरंजक और सूचनाप्रद बनाने का बीड़ा उठाया, जिसके बाद यह बस शिक्षा आधारित अपनी आंतरिक साज-सज्जा के कारण छात्रों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गयी है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की यह बस बाहर से देखने से हजारों आम यात्री बसों की तरह ही सफेद-नारंगी रंग की दिखती है लेकिन बस के अंदर उसकी छत तथा दोनों ओर चिपकी तस्वीरों और संदेशों के कारण यह एक तरह से चलती-फिरती कक्षा की तरह लगती है। कंडक्टर वैशाली मुले ने कहा, ‘‘हमने बस में जो आंतरिक साज-सज्जा की है, वह छात्रों को पसंद आ रही है। अब हमारी बस में और छात्र यात्रा कर रहे हैं।'' यह बस रोजाना दोनों तरफ से 200 किलोमीटर की दूरी तय करती है। छात्र अपने-अपने गांवों से इस बस में सवार होकर बीड-नलवंडी मार्ग पर स्थित अपने-अपने स्कूल आते-जाते हैं। मुले ने बताया कि उन्होंने तथा चालक सिराज पठान ने बस को शैक्षणिक सामग्री, छत्रपति साहू महाराज, स्वामी विवेकानंद और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसी हस्तियों से जुड़े चित्रों तथा शिक्षाप्रद संदेशों से सजाने के लिए अपनी जेब से 35,000 रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बस का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर छात्र गन्ने की खेती में शामिल श्रमिकों के बच्चे हैं। ये परिवार अपने बच्चों को स्कूल भेजने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाते हैं। हमें लगता है कि हमारी पहल से बदलाव आया है क्योंकि लड़कियों समेत और छात्र अब स्कूल जा रहे हैं।'' उन्होंने बताया कि जहां बस की छत पर सौर मंडल के ग्रहों की चमकदार तस्वीरें लगाई गई हैं, वहीं बस में एक आवर्त सारणी (पीरियॉडिक टेबल) और योग आसन की तस्वीरें और जानकारी भी है। यह बस छात्रों के बीच लोकप्रिय हो गयी है। मुले ने बताया, ‘‘वांगी में विश्वनाथ स्कूल और नलवंडी में संगमेश्वर विद्यालय के छात्र हमारी बस में यात्रा करते हैं। हमारे वरिष्ठ सहयोगी अजय मोरे, शिवराज कराड, निलेश पवार ने इस परियोजना में हमारी मदद की।'' बीड के मंडलीय परिवहन अधीक्षक शिवराज कराड ने बताया कि इस परियोजना का इकलौता उद्देश्य परिवारों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘बस के चालक और कंडक्टर ने यह बीड़ा उठाया और हमने उनका सहयोग किया। इस बस में यात्रा करने वाले छात्रों की संख्या एक साल में ही 200 से बढ़कर 290 हो गयी है। खासतौर से छात्राओं की संख्या बढ़ी है।
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नयी दिल्ली. दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में 46 वर्षीय एक व्यक्ति और उसकी चार बेटियों के शव किराये के उनके घर से बरामद किए गए हैं और शवों की हालत से ऐसा लगता है कि उनकी मौत कई दिन पहले हो चुकी है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि शव शुक्रवार दोपहर को मिले और उन पर चोट के कोई निशान नहीं है लेकिन पुलिस को घर में सल्फास जहर के तीन पैकेट, पांच गिलास और एक संदिग्ध तरल पदार्थ के साथ एक चम्मच मिली है। मृतक व्यक्ति की दो बेटियां दिव्यांग थीं। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति की दो छोटी बेटियां दिव्यांग थीं जबकि पड़ोसियों ने बताया कि चारों दिव्यांग थीं। पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपश्चिम) रोहित मीणा ने कहा कि पुलिस इस दावे का सत्यापन कर रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उसकी बेटियां कभी-कभार ही अपने कमरे से बाहर आती थीं। पड़ोसियों ने दावा किया उन्होंने आखिरी बार व्यक्ति और उसकी बेटियों को 24 सितंबर को देखा था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पड़ोसियों ने रंगपुरी गांव में एक आवासीय परिसर की पहली मंजिल में किराये के घर से दुर्गंध आने की शिकायत की, जिसके बाद शव बरामद किए। डीसीपी मीणा ने बताया कि आवासीय परिसर की देखभाल करने वाले एक व्यक्ति ने इमारत के मालिक नितिन चौहान को फ्लैट सी-4 से दुर्गंध आने की जानकारी दी जिसके बाद उसने दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों की मदद से पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और एक कमरे में एक व्यक्ति को मृत पाया जबकि उसकी चार बेटियों के शव दूसरे कमरे में मिले। मृतकों की पहचान पिछले 28 साल से वसंत कुंज में ‘इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर' में बढ़ई के तौर पर काम करने वाले हीरालाल शर्मा और उसकी चार बेटियों नीतू (26), निक्की (24), नीरू (23) और निधि (20) के रूप में की गयी है। डीसीपी ने बताया कि पड़ोसियों और करीबी रिश्तेदारों से पूछताछ में पता चला है कि हीरालाल की पत्नी की एक साल पहले कैंसर के कारण मौत हो गयी थी। वह हर महीने करीब 25,000 रुपये कमाता था लेकिन जनवरी 2024 से काम पर नहीं गया था। इस बीच, हीरालाल के भाई मोहन शर्मा और भाभी गुड़िया शर्मा घटना की सूचना मिलने के बाद उनके घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हीरालाल ने अपनी पत्नी की मौत के बाद परिवार के मामलों में दिलचस्पी लेना बंद कर दिया था और वह ज्यादातर अपनी बेटियों के इलाज में व्यस्त रहता था। पुलिस ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत मामले की जांच शुरू कर दी गयी है और पोस्टमार्टम के लिए एक चिकित्सा बोर्ड का गठन किया गया है। -
इंदौर .मशहूर गायिका लता मंगेशकर की जन्मस्थली इंदौर के कलाकार मिलिंद ढवले ने उनका अनूठा ‘पोर्ट्रेट' बनाया है। इस श्वेत-श्याम पोर्ट्रेट की रेखाओं के रूप में मंगेशकर के 90 हिट गानों के मुखड़े बड़े करीने से लिखे गए हैं। 31 इंच लंबे और 23 इंच चौड़े इस पोर्ट्रेट की अनूठी बात यह भी है कि इसमें गानों के मुखड़ों को खास स्थान पर लिखा गया है। मसलन ‘‘बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी'' गीत के मुखड़े को मंगेशकर के चेहरे की बिंदी की जगह पर ही लिखा गया है, तो उनके होंठों की जगह ‘‘धीरे-धीरे बोल, कोई सुन ना ले'' गाने का मुखड़ा उकेरा गया है। ढवले (55) ने इस पोर्ट्रेट में "ऐ मेरे वतन के लोगों" गीत को मंगेशकर के कपाल पर लिखा है, क्योंकि उनका मानना है कि मातृभूमि के लिए शहीद सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को याद दिलाकर देशभक्ति की भावना जगाने वाला यह नगमा भारतीय नागरिकों के जेहन पर आज भी छाया हुआ है। पोर्ट्रेट में मंगेशकर के 90 हिट गीतों के मुखड़े इतनी सफाई से लिखे गए हैं कि इनकी इबारत पास से देखने पर ही समझ आती है। दूर से देखने पर ये मुखड़े पोर्ट्रेट की रेखाओं के रूप में ही नजर आते हैं। धवले ने शनिवार को बताया कि यह पोर्ट्रेट उन्होंने मंगेशकर के 90वें जन्मदिन पर बनाया था और वह कोशिश करते रहे कि किसी तरह उन्हें यह कलाकृति भेंट करें, लेकिन उनकी ख्वाहिश पूरी न हो सकी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हमेशा मलाल रहेगा कि मैं मंगेशकर से मिलकर उन्हें यह पोर्ट्रेट भेंट नहीं कर सका।'' मंगेशकर का जन्म इंदौर में 28 सितंबर 1929 को हुआ था। उन्होंने मुंबई में छह फरवरी 2022 को 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली थी।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को प्रख्यात पार्श्व गायिका लता मंगेशकर को उनकी 95वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी और उनके साथ अपने ‘‘खास जुड़ाव'' को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लता दीदी को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं। वह अपने मधुर गीतों की वजह से लोगों के दिल और दिमाग में हमेशा जिंदा रहेंगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘लता दीदी और मेरा एक खास जुड़ाव था। मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।'' प्रधानमंत्री ने लता मंगेशकर के भाई और संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर द्वारा ‘इंडियन एक्सप्रेस' में लिखा एक लेख भी साझा किया जिसमें मोदी और महान गायिका के बीच के संबधों का जिक्र है। कई दशकों तक पार्श्व गायन के शीर्ष पर रहीं लता मंगेशकर को शास्त्रीय संगीत की बारीकियों में महारत हासिल थी। मंगेशकर का जन्म इंदौर में 28 सितंबर 1929 को हुआ था। उन्होंने मुंबई में छह फरवरी 2022 को 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली थी।
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जम्मू. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए भ्रष्टाचार, आतंकवाद और अलगाववाद'' से मुक्त सरकार की आस लगाए हुए हैं। मोदी ने यहां एम ए एम स्टेडियम में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस विधानसभा चुनाव ने जम्मू के लोगों को अगली सरकार तय करने का ऐतिहासिक अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए और भाजपा को चुनना चाहिए। मोदी ने कहा, जम्मू कश्मीर में दो चरणों में भारी मतदान हुआ। यह तय है कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।'' पिछले एक पखवाड़े में मोदी की यह तीसरी जम्मू कश्मीर यात्रा और चौथी चुनावी रैली है।
उन्होंने पहले चरण के चुनाव से चार दिन पहले 14 सितंबर को डोडा जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित किया था और दूसरे चरण के चुनाव से पहले 19 सितंबर को श्रीनगर और कटरा में दो अन्य रैलियां की थीं। तीसरे चरण में सात जिलों की अंतिम 40 विधानसभा सीट (जम्मू क्षेत्र में 24 और कश्मीर में 16) के लिए जोर-शोर से जारी प्रचार रविवार शाम को समाप्त हो जाएगा। -
नई दिल्ली। एयर इंडिया की फ्लाइट में एक यात्री के खाने में कॉकरोच मिलने की घटना सामने आई है. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें यात्री ने अपनी प्लेट में मौजूद कॉकरोच को दिखाते हुए एयरलाइन की साफ-सफाई और गुणवत्ता मानकों पर सवाल उठाए हैं. घटना के बाद एयर इंडिया ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं. एयरलाइन ने एक बयान जारी कर कहा कि हमने वायरल वीडियो को बहुत गंभीरता से लिया है.
इस घटना के बाद एयर इंडिया ने अपने फूड सप्लायर्स और क्रू मेंबर्स को सख्त निर्देश जारी किए हैं. इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया है कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति या सप्लायर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. घटना के बाद एयरलाइन ने यात्री से माफी मांगी और कहा कि वे उसकी शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएंगे और ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे. इस घटना ने एयरलाइन के खाने की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर यात्रियों में चिंता पैदा कर दी है. कई यात्रियों ने ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एयर इंडिया की आलोचना की और कहा कि ऐसी घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए बड़ा खतरा हैं. इस घटना के बाद यह देखना अहम होगा कि एयर इंडिया अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है और यात्रियों की खोई हुई साख को कैसे वापस लाती है. - सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के लम्भुआ थाना क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के चलते शनिवार को एक मकान की दीवार गिरने से उसके मलबे में दबकर तीन साल के एक बच्चे की मौत हो गयी और उसकी बुआ गंभीर रूप से घायल हो गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के रामपुर कुर्मियान गांव में शनिवार को नंदलाल के मकान की कच्ची दीवार गिर गई। बगल में खेल रहा रामू का तीन वर्षीय पुत्र नितिन मलबे में दबकर घायल हो गया जबकि बगल में बर्तन धो रही उसकी बुआ कोमल घायल हो गयी।
- जम्मू।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए ‘‘भ्रष्टाचार, आतंकवाद और अलगाववाद’’ से मुक्त सरकार की आस लगाए हुए हैं। मोदी ने यहां एम ए एम स्टेडियम में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस विधानसभा चुनाव ने जम्मू के लोगों को अगली सरकार तय करने का ऐतिहासिक अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए और भाजपा को चुनना चाहिए।मोदी ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में दो चरणों में भारी मतदान हुआ। यह तय है कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।’’पिछले एक पखवाड़े में मोदी की यह तीसरी जम्मू कश्मीर यात्रा और चौथी चुनावी रैली है। उन्होंने पहले चरण के चुनाव से चार दिन पहले 14 सितंबर को डोडा जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित किया था और दूसरे चरण के चुनाव से पहले 19 सितंबर को श्रीनगर और कटरा में दो अन्य रैलियां की थीं। तीसरे चरण में सात जिलों की अंतिम 40 विधानसभा सीट (जम्मू क्षेत्र में 24 और कश्मीर में 16) के लिए जोर-शोर से जारी प्रचार रविवार शाम को समाप्त हो जाएगा।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सच में बड़ी ताकत है इससे कानूनी बिरादरी सशक्त बनती है। आज हैदराबाद में नलसर विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने समाज के सबसे निचले पायदान जी रहे वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं की सराहना की और उनसे महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके खिलाफ सभी को मिलकर काम करना चाहिए।उन्होंने छात्रों से राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने करने दिशा में प्रयास करने का आहवान भी किया।दीक्षांत समारोह के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किये। तेलंगाना के राज्यपाल, जिष्णु देव वर्मा, तेलंगाना के मुख्यमंत्री, ए. रेवंत रेड्डी, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और नलसर विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक अराधे भी इस मौके पर उपस्थित थे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले अमर शहीद भगत सिंह को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।’’ वर्ष 1907 में जन्मे सिंह को क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल होने के कारण मात्र 23 वर्ष की आयु में अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी। वह भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए संघर्ष करने वाले प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक हैं।
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नई दिल्ली। देश में इस साल जनवरी-जून के दौरान लगभग 47.8 लाख विदेशी पर्यटक आएं। पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इसमें सबसे ज्यादा पर्यटक बांग्लादेश और अमेरिका से आए। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार हालांकि देश में आने वाले पर्यटकों की संख्या अभी भी कोविड महामारी से पहले के स्तर से पीछे है। इस साल जून में 7,06,045 विदेशी पर्यटक आए, जबकि जून, 2023 में 6,48,008 और जून, 2019 में 7,26,446 विदेशी पर्यटक आए थे। यह संख्या 2023 से नौ प्रतिशत अधिक जबकि 2019 की तुलना में 2.8 प्रतिशत कम है।मंत्रालय ने कहा, “इस साल की पहली छमाही (जनवरी-जून) के दौरान 47,78,374 विदेशी पर्यटक आए, जबकि पिछले साल समान अवधि में 43,80,239 और कोविड महामारी से पहले 2019 की इसी अवधि में 52,96,025 विदेशी पर्यटक आए थे। इस साल का आंकड़ा 2023 की तुलना में 9.1 प्रतिशत अधिक है जबकि 2019 की तुलना में 9.8 प्रतिशत कम है।”
आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2024 की पहली छमाही में विदेशी पर्यटकों में सबसे ज्यादा 21.55 प्रतिशत पर्यटक बांग्लादेश से आए। इसके बाद 17.56 प्रतिशत पर्यटक अमेरिका से, 9.82 प्रतिशत ब्रिटेन से, 4.5 प्रतिशत कनाडा से और 4.32 प्रतिशत पर्यटक कनाडा से आए। - नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे पर एक अक्टूबर से टोल की नयी दरें लागू होंगी। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIDA) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। तीन पहिया व ट्रैक्टर के लिए आगरा तक ₹247.5 टोल लगेगा। अधिकारी ने बताया कि यीडा ने दोपहिया से लेकर बड़े वाहनों पर लगने वाले टोल में पांच से 12 फीसदी तक वृद्धि की है। नयी दरों के मुताबिक मोटरसाइकिल, तीन पहिया व ट्रैक्टर के लिए आगरा तक 247.5 रुपये टोल लगेगा।यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर अरुण वीर सिंह ने बताया कि गुरुवार को यमुना विकास प्राधिकरण की बोर्ड की बैठक के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर नयी टोल दरें लागू करने का फैसला किया गया। इससे पहले वर्ष 2021-22 में टोल की दरें बढ़ाई गई थीं। सिंह ने बताया कि टोल की नयी दरों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा से आगरा तक के बीच चार पहिया, जीप, हल्के वाहन के लिए 486.75 रुपये, हल्के व्यावसायिक वाहन और छोटे वाहनों के लिए 759 रुपये, बस व ट्रक के लिए 1542.75 रुपये, भारी निर्माण कार्य की मशीनों के लिए 2186.25 रुपये और विशाल आकार के वाहन के लिए 3027.75 रुपये अदा करने होंगे।
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नई दिल्ली। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले नवोदय विद्यालय समिति ने जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा 2025 के लिये आवेदन की तिथि 7 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। इस परीक्षा के माध्यम से सत्र 2025-26 के लिये कक्षा छः में प्रवेश लिया जायेगा। इच्छुक छात्र और उनके अभिभावक नवोदय विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं।
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नई दिल्ली ।’ त्योहारों का मौसम नजदीक आता देख भारतीय रेलवे ने दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के मौके पर एक करोड़ से अधिक यात्रियों की सुविधा के लिए 6 हजार विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में पत्रकारों को बताया कि त्योहारों के दौरान अत्यधिक भीड़ भाड़ को देखते हुए 108 ट्रेनों में अतिरिक्त सामान्य डिब्बा जोड़ने के अलावा 12 हजार 500 डिब्बे स्वीकृत किए गए हैं। विशेष तौर पर बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जाने वाले कई रेल मार्गों पर दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के त्योहार के दौरान भारी भीड़ रहती है। वैष्णव ने कहा कि इस साल के त्योहार के मौसम के लिए अब तक कुल 5,975 विशेष ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 4,429 थी। उन्होंने कहा, ‘‘इससे पूजा के दौरान एक करोड़ से अधिक यात्रियों को घर जाने में सुविधा होगी।’’ दुर्गा पूजा उत्सव नौ अक्टूबर से शुरू होगा, दिवाली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी जबकि छठ पूजा इस साल सात और आठ नवंबर को होगी।
- भावनगर (गुजरात)। गुजरात के भावनगर जिले में बाढ़ के कारण मार्ग पर फंसी एक बस से तमिलनाडु और पुडुचेरी के 27 तीर्थयात्रियों सहित 29 लोगों को रात भर चले अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। जिलाधिकारी आर. के. मेहता ने बताया कि कोलियाक गांव के पास एक छोटी नदी को पार करने के लिए बने पुल पर बस गुरुवार को फंस गई थी, हालांकि आठ घंटे तक चले अभियान के बाद सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मेहता ने कहा, ‘‘कोलियाक गांव के पास निष्कलंक महादेव मंदिर में दर्शन करने के सभी तीर्थयात्री भावनगर की ओर जा रहे थे। क्षेत्र में भारी बारिश के कारण नदी पर बना पुल डूब गया था। इसके बावजूद बस चालक ने नदी को पार करने का फैसला किया।’’उन्होंने बताया कि बचावकर्मी घटनास्थल पर एक मिनी ट्रक लेकर पहुंचे और बस की पिछली खिड़की के जरिए सभी 27 तीर्थयात्रियों, चालक और सफाईकर्मी को वाहन से सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन आगे और भी चुनौतियां थीं।मेहता ने बताया कि बस से सभी को निकालने के बाद मिनी ट्रक भी मार्ग पर फंस गया। उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रियों में अधिकतर वरिष्ठ नागरिक थे।जिलाधिकारी ने बताया, ‘‘घटनास्थल पर फिर एक बड़ा ट्रक भेजा गया और उसके जरिए सभी 29 लोगों को लाया गया। करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद सुबह करीब तीन बजे सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। हमने भावनगर में उनके रहने और खाने की व्यवस्था की है। हमने उनकी चिकित्सीय जांच भी करवाई है।’’
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नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने श्रमिकों के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ते में संशोधन कर न्यूनतम मजदूरी दर बढ़ाकर 1,035 रुपये प्रतिदिन तक करने की बृहस्पतिवार को घोषणा की। श्रम मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस कदम का उद्देश्य श्रमिकों को जीवनयापन की बढ़ती लागत से पार पाने में मदद करना है। संशोधन के बाद निर्माण, साफ-सफाई, समान उतारने और चढ़ाने जैसे अकुशल काम में लगे श्रमिकों के लिए क्षेत्र ‘ए' में न्यूनतम मजदूरी दर 783 रुपये प्रति दिन (20,358 रुपये प्रति माह) होगी। अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी दर 868 रुपये प्रति दिन (22,568 रुपये प्रति माह) और कुशल, लिपिक तथा बिना हथियार वाले चौकीदार या गार्ड के लिए 954 रुपये प्रति दिन (24,804 रुपये प्रति माह) होगी। अत्यधिक कुशल और हथियारों के साथ चौकीदारी या गार्ड का काम करने वालों के लिए न्यूनतम वेतन दर 1,035 रुपये प्रति दिन (26,910 रुपये प्रति माह) होगी। नई वेतन दरें एक अक्टूबर, 2024 से प्रभावी होंगी। अंतिम संशोधन अप्रैल, 2024 में किया गया था।
न्यूनतम मजदूरी दरों को कौशल स्तरों - अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और अत्यधिक कुशल... के साथ-साथ भौगोलिक क्षेत्र... ए, बी और सी... के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। श्रम मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र के कामगारों को समर्थन देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के तहत परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) को संशोधित करके न्यूनतम मजदूरी दरों में वृद्धि की घोषणा की है। न्यूनतम मजदूरी दरों के बारे में विस्तृत जानकारी मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) की वेबसाइट...सीएलसी डॉट गाव डॉट इन... पर उपलब्ध है। - ठाणे. महाराष्ट्र के ठाणे जिले में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) की विशेष अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी नौ वर्षीय बेटी का यौन शोषण करने का दोषी ठहराते हुए 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इस मामले का खुलासा उसके पड़ोसी ने किया था।पॉक्सो के तहत मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत के न्यायाधीश डी.एस. देशमुख ने मंगलवार को अपने आदेश में 35 वर्षीय दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। विशेष लोक अभियोजक संध्या एच. म्हात्रे ने अदालत को बताया कि व्यक्ति अपनी पत्नी के घर से बाहर जाने के बाद अपनी बेटी का यौन शोषण किया करता था। उन्होंने बताया कि व्यक्ति के एक पड़ोसी ने अगस्त 2020 में बच्ची के व्यवहार में बदलाव देखा और जब उसने नाबालिग से बात की तो उसने आपबीती सुनाई। म्हात्रे ने बताया कि 20 वर्षीय पड़ोसी ने फिर पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पीड़िता के पिता को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से पड़ोसी सहित छह गवाहों ने अदालत में गवाही दी।
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नयी दिल्ली . तीन भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी), हैदराबाद को बुधवार को घोषित क्यूएस रैंकिंग में अपने एमबीए पाठ्यक्रमों के लिए दुनिया के शीर्ष 100 संस्थानों में स्थान मिला है। तीन आईआईएम हैं आईआईएम बैंगलोर, आईआईएम अहमदाबाद और आईआईएम कलकत्ता। साथ ही, तीनों प्रबंधन संस्थानों को रोजगार मुहैया कराने के लिए शीर्ष 50 में स्थान मिला है। चौदह भारतीय पूर्णकालिक एमबीए कार्यक्रमों ने 2025 के लिए क्यूएस की वैश्विक सूची में स्थान हासिल किया है, जिसमें तीन नए संस्थान शामिल हैं। अमेरिका का स्टैनफोर्ड स्कूल ऑफ बिजनेस लगातार पांचवें वर्ष भी प्रबंधन स्थानों में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। क्यूएस ग्लोबल एमबीए और बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2025 के तहत 58 देशों और क्षेत्रों के 340 सर्वश्रेष्ठ वैश्विक एमबीए पाठ्यक्रम और मास्टर डिग्री का विश्लेषण किया गया है। इनमें प्रबंधन, वित्त, विपणन, बिजनेस एनालिटिक्स और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में मास्टर्स डिग्री शामिल हैं। क्यूएस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जेसिका टर्नर ने कहा, ‘‘ये रैंकिंग वैश्विक व्यावसायिक शिक्षा परिदृश्य में करियर-उन्मुख छात्रों के लिए स्वतंत्र दृष्टिकोण प्रदान करती है। विस्तृत तुलनात्मक विश्लेषण प्रदान करके, ये रैंकिंग भावी छात्रों को उनके करियर लक्ष्यों के अनुरूप कार्यक्रमों के बारे में सूचित निर्णय लेने में मदद करती है। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे उनका लक्ष्य कॉरपोरेट जगत में नेतृत्व करना हो, स्टार्ट-अप में नवाचार करना हो, या सार्वजनिक क्षेत्र में प्रभाव डालना हो, छात्र अपने पेशेवर पथ को आकार देने में इन अंतर्दृष्टियों का उपयोग कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय संस्थान आज के जटिल और गतिशील व्यावसायिक वातावरण में काम करने के लिए तैयार प्रतिभाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से रोजगार और पूर्व छात्रों के प्रभाव के नजरिये से आईआईएम बैंगलोर, आईआईएम अहमदाबाद और आईआईएम कलकत्ता का मजबूत प्रदर्शन शीर्ष-स्तरीय वैश्विक प्रतिभा को आकार देने की भारत की क्षमता को दर्शाता है।'' टर्नर ने कहा, ‘‘हालांकि, अंतरराष्ट्रीयकरण और लैंगिक विविधता से संबंधित मौजूदा चुनौतियां सुधार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बने हुए हैं। इन अंतरालों को पाटना न केवल भारत के अग्रणी प्रबंधन स्थानों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि अधिक समावेशी वातावरण को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण है। रैंकिंग में आईआईएम कोझिकोड ने 151-200 बैंड में अपनी शुरुआत की है, जबकि इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, गाजियाबाद और सोमैया विद्याविहार विश्वविद्यालय 251 प्लस बैंड में शामिल हैं।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी सरकार के ‘मेक इन इंडिया' कार्यक्रम की 10वीं वर्षगांठ पर बुधवार को दोहराया कि विनिर्माण को बढ़ावा देने की महत्वाकांक्षी पहल ने एक सपने को एक शक्तिशाली आंदोलन में बदल दिया है और इसके प्रभाव से पता चलता है कि ‘भारत अब रुकने वाला नहीं है'। लिंक्डइन पर एक ब्लॉग में उन्होंने उन सभी की सराहना भी की जिन्होंने इस पहल को ‘शानदार सफलता' बनाने में भूमिका निभाई और कहा कि इनमें से प्रत्येक एक अग्रणी, दूरदर्शी और नवोन्मेषी हैं। उन्होंने कहा कि इनके अथक प्रयासों ने कार्यक्रम की सफलता को शक्ति दी है, जिससे भारत वैश्विक आकर्षण के साथ-साथ जिज्ञासा का भी केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सामूहिक अभियान है और प्रकृति में यह अथक है। इसने एक सपने को एक शक्तिशाली आंदोलन में बदल दिया है। 'मेक इन इंडिया' का प्रभाव दिखाता है कि भारत अब रुकने वाला नहीं है।'' मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि आज भारत के पक्ष में बहुत कुछ जाता है क्योंकि यह लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और मांग का एक आदर्श मिश्रण है। उन्होंने कहा कि देश के पास वह सब कुछ है जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी होने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत को आज व्यापार के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में देखा जाता है।उन्होंने कहा, ‘‘गति स्पष्ट रूप से भारत के पक्ष में है। वैश्विक महामारी जैसी चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, भारत विकास के रास्ते पर मजबूती से बना हुआ है। आज, हमें वैश्विक विकास के वाहक के रूप में देखा जा रहा है। मैं अपने युवा मित्रों का आह्वान करता हूं कि वे आएं और मेक इन इंडिया को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में हमारे साथ जुड़ें। हम सभी को उत्कृष्टता के लिए प्रयास करना चाहिए। वितरण की गुणवत्ता हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए। शून्य दोष हमारा मंत्र होना चाहिए।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि साथ मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण जारी रखा जा सकता है जो न केवल अपनी जरूरतों को पूरा करता है बल्कि दुनिया के लिए विनिर्माण और नवाचार ऊर्जाकेंद्र के रूप में भी काम करता है। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया' को विनिर्माण क्षेत्र में भारत की प्रगति बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत जैसा प्रतिभाशाली राष्ट्र केवल आयातक ही नहीं बल्कि निर्यातक भी बने। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दशक को याद करते हुए मुझे गर्व का अहसास होता है कि 140 करोड़ भारतीयों की ताकत और कौशल ने हमें कहां तक पहुंचाया है। मेक इन इंडिया की छाप सभी क्षेत्रों में दिखाई दे रही है, जिनमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं जहां हमने प्रभाव डालने का सपना भी नहीं देखा था।'' उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि पूरे देश में भारत में केवल दो मोबाइल विनिर्माण इकाइयां थीं, जिनकी संख्या आज 200 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मोबाइल निर्यात 1,556 करोड़ रुपये से बढ़कर आश्चर्यजनक रूप से 1.2 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, यानी 7500 फीसदी की आश्चर्यजनक वृद्धि! आज भारत में इस्तेमाल होने वाले 99 प्रतिशत मोबाइल फोन मेड इन इंडिया हैं। हम वैश्विक स्तर पर दूसरे सबसे बड़े मोबाइल विनिर्माता बन गए हैं।'' उन्होंने कहा कि इस्पात उद्योग में देश तैयार इस्पात का शुद्ध निर्यातक बन गया है और 2014 के बाद से उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र ने 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को आकर्षित किया है, जिसमें पांच संयंत्रों को मंजूरी दी गई है जिनमें प्रति दिन सात करोड़ से अधिक चिप्स की संयुक्त क्षमता होगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘नवीकरणीय ऊर्जा में देश वैश्विक स्तर पर चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसमें केवल एक दशक में क्षमता में 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग 2014 में व्यावहारिक रूप से अस्तित्वहीन था, अब बिलियन अमरीकी डालर का है।'' उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन निर्यात 1,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 21,000 करोड़ रुपये हो गया है और 85 से अधिक देशों तक पहुंच गया है। खिलौने उद्योग का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में हमने निर्यात में 239 प्रतिशत की वृद्धि देखी है, आयात आधा हो गया है। विशेष रूप से हमारे स्थानीय निर्माताओं और विक्रेताओं को लाभ हुआ है।'' मोदी ने कहा कि आज के भारत के कई प्रतीक - वंदे भारत ट्रेनें, ब्रह्मोस मिसाइल और मोबाइल फोन- सभी पर गर्व से 'मेक इन इंडिया' का ठप्पा लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र तक, यह भारतीय गुणवत्ता का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, ‘‘मेक इन इंडिया पहल इसलिए भी खास है क्योंकि इसने गरीबों को बड़े सपने देखने और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के पंख दिए हैं। इसने उन्हें विश्वास दिलाया है कि वे धन सृजक बन सकते हैं। एमएसएमई क्षेत्र पर प्रभाव भी उतना ही उल्लेखनीय है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस भावना को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं बाजी पलटने वाली साबित हुई हैं, जिससे हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और लाखों नौकरियां पैदा हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से विभिन्न क्षेत्रों में निर्यात बढ़ा है, क्षमता निर्माण हुआ है और अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार हरसंभव तरीके से ‘मेक इन इंडिया' को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सुधारों में भारत की प्रगति भी जारी रहेगी। हम सब मिलकर आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण करेंगे!'' देश में निर्माण को बढ़ावा देने एवं संवर्धन के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 25 सितम्बर 2014 को ‘मेक इन इंडिया' कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य भारत को महत्वपूर्ण निवेश एवं निर्माण, संरचना तथा अभिनव प्रयोगों के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करना था। ‘मेक इन इंडिया' मुख्यत: निर्माण क्षेत्र पर केंद्रित है लेकिन इसका उद्देश्य देश में उद्यमशीलता को बढ़ावा देना भी है। इसका दृष्टिकोण निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाना, आधुनिक और कुशल बुनियादी संरचना, विदेशी निवेश के लिए नये क्षेत्रों को खोलना और सरकार एवं उद्योग के बीच एक साझेदारी का निर्माण करना है।
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नई दिल्ली। मशहूर शास्त्रीय गायक पंडित जसराज की पत्नी मधुरा पंडित जसराज का आज सुबह निधन हो गया। उनकी बेटी ने इस बात की पुष्टि की है। मधुरा ने 86 में आखरी सांस ली। बताया जा रहा है कि वो पिछले एक महीने से उम्र संबंधित बीमारियों से परेशान थी। मधुरा जसराज के निधन पर उनकी बेटी दुर्गा ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा "उनका (मधुरा) योगदान बहुत बड़ा रहा है। उनकी मां ने वी. शांताराम पर एक डॉक्यूमेंट्री को अकेले ही लिखा, उसकी परिकल्पना की और उसका निर्देशन भी किया था, जिसकी खूब प्रशंसा भी हुई थी । मधुरा ने साल 1962 में उन्होंने पंडित जसराज से शादी की थी। वह नाटकों का निर्देशन और आत्मकथाएं लिखने के लिए जानी जाती थीं।
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नयी दिल्ली. दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को सोमवार को चालक रहित तकनीक से लैस पहला मेट्रोपोलिस मेट्रो ट्रेनसेट प्राप्त हुआ जो एक मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) को आउटसोर्स की गई पहली परियोजना का हिस्सा है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने बताया, ‘‘ दिल्ली मेट्रो परिवार के लिए ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि हमने चौथे चरण के गलियारों को शुरू करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है।'' कुमार ने कहा कि नये चरण के विस्तार के लिए पहले ट्रेन सेट को आंध्र प्रदेश के श्री सिटी से रवाना कर दिया गया है और हम अपने यात्रियों के लिए विस्तारित सुविधाओं और पर्यावरण हितैषी यात्रा के नये युग में प्रवेश कर रहे हैं। विज्ञप्ति के मुताबिक ‘मेक इन इंडिया' पहल के तहत, महानगरीय रेलगाड़ियों को भारत में श्री सिटी में एल्सटॉम की निर्माण इकाई में डिजाइन किया जा रहा है और ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन (जीओए)-4 चालक रहित प्रौद्योगिकी से लैस किया गया है। इसमें कहा गया कि ट्रेनसेट को 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित तरीके से संचालित करने और 85 किमी प्रति घंटे तक की परिचालन गति पर संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस ट्रेन सेट को दिल्ली मेट्रो की तीन लाइन पर परिचालित किया जाएगा जिनमें दो विस्तारित लाइन और नयी गोल्ड लाइन-10 शामिल है जिसकी लंबाई करीब 64.67 किमी है। विज्ञप्ति के मुताबिक 31.2करोड़ यूरो मूल्य की इस परियोजना में 15 साल का रखरखाव शामिल है, जो डीएमआरसी द्वारा किसी ओईएम को इस तरह की पहली आउटसोर्सिंग है। एल्सटॉम के प्रबंध निदेशक ओलिवियर लोइसन के मुताबिक मेट्रो ट्रेन सेट नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने और शहर के विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विज्ञप्ति के मुताबिक यह ठेका चौथे चरण के परिचालन के मद्देनजर नवंबर 2022 में दिया गया था और इसके तहत छह डिब्बों वाले कुल 52 ट्रेन सेट की आपूर्ति करने का लक्ष्य है।
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के तहत दूसरे चरण में 26 सीटों के लिए बुधवार को मतदान होगा और इस दौरान करीब 25 लाख मतदाता 239 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रवींद्र रैना प्रमुख हैं। दूसरे चरण में जिन 26 सीट पर चुनाव होगा वे छह जिलों के अंतर्गत आती हैं। इनमें से तीन जिले कश्मीर संभाग के अंतर्गत हैं जबकि इतने ही जिले जम्मू संभाग के हैं। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘सुचारु और निर्बाध चुनाव कराने के वास्ते निर्वाचन आयोग ने इस चरण में 3,502 मतदान केंद्र बनाए हैं। इनमें से 1,056 शहरी क्षेत्र में जबकि 2,446 मतदान केंद्र ग्रामीण इलाकों में स्थापित किए गए हैं।'' अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश के तहत सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा होगी। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘मतदाताओं की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए, दूसरे चरण के लिए 157 विशेष मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें 26 ‘पिंक मतदान केंद्र' हैं जो पूरी तरह से महिला कर्मियों द्वारा प्रबंधित होंगे, 26 मतदान केंद्र विशेष रूप से दिव्यांगों द्वारा संचालित, 26 मतदान केंद्र युवाओं द्वारा संचालित, 31 सीमा मतदान केंद्र, 26 हरित मतदान केंद्र और 22 अद्वितीय मतदान केंद्र हैं।'' उन्होंने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम छह बजे तक जारी रहेगा।
दूसरे चरण में जिन प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतदाता करेंगे उनमें नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रवींद्र रैना शामिल हैं। अब्दुल्ला गांदेरबल और बडगाम दो सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जबकि कर्रा सेंट्रल शाल्टेंग से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। रैना राजौरी जिले के नौशेरा का प्रतिनिधित्व फिर से हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं जहां से वह 2014 में विजयी हुए थे। दूसरे चरण में जेल में बंद अलगाववादी नेता सर्जन अहमद वागे उर्फ बरकती पर भी नजर रहेगी जो इंजीनियर रशीद द्वारा लोकसभा में दर्ज की गई जीत की परिपाटी को दोहराने की उम्मीद कर रहे हैं। रशीद ने नेशनल कांफ्रेस उम्मीदवार को हराया था। बरकती दो सीट बीरवाह और गांदेरबल से चुनाव लड़ रहे हैं।
रशीद इंजीनियर के नाम से चर्चित शेख अब्दुल रशीद ने इस साल की शुरुआत में तिहाड़ जेल से रहते हुए बारमूला सीट से संसदीय चुनाव लड़ा था और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला को दो लाख से अधिक मतों से हराया था। इस चरण में और जिन प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है,उनमें अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी (चन्नापोरा), पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर (खानयार), अब्दुल रहीम राथर (चरार-ए-शरीफ), चौधरी जुल्फिकार अली (बुधल) और सैयद मुश्ताक बुखारी (सूरनकोट) शामिल हैं। चौधरी जुल्फिकार अली और सैयद मुश्ताक बुखारी इस बार भाजपा के टिकट पर किस्मत आजमा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए 18 सितंबर को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान अनुमानत: 61.38 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। केंद्र शासित प्रदेश में तीसरे और अंतिम चरण का मतदान एक अक्टूबर को होगा। मतों की गिनती आठ अक्टूबर को होगी। आंकड़ों के मुताबिक श्रीनगर जिले में 93 उम्मीदवार, बडगाम जिले में 46, राजौरी जिले में 34, पुंछ जिले में 25, गांदेरबल में 21 और रियासी जिले में 20 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कश्मीर संभाग के तहत श्रीनगर जिले में हजरतबल, खानयार, हब्बकदाल, लाल चौक, चन्नापोरा, जादीबल, सेंट्रल शाल्टेंग और ईदगाह सीट आती हैं। बडगाम जिले के अंतर्गत बडगाम, बीरवाह, खानसाहिब, चरार ए शरीफ और चडूरा सीट आती हैं। गांदेरबल जिले में दो सीट कंगन (सुरक्षित) और गांदेरबल हैं। जम्मू संभाग में जिन सीटों पर मतदान होगा उनमें रियासी जिले की गुलाबगढ़ (सुरक्षित), रियासी, श्री माता वैष्णो देवी; राजौरी जिले की कालाकोटे-सुंदरबनी, नौशेरा, राजौरी (सुरक्षित), पुंछ जिले की बुद्धल (सुरक्षित), थन्नामंडी (सुरक्षित), सुरनकोट (सुरक्षित), पुंछ हवेली और मेंढर (सुरक्षित) सीट शामिल हैं। - इंदौर .मध्यप्रदेश के सबसे ज्यादा वाहन घनत्व वाले इंदौर शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए स्थानीय प्रशासन अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की मदद लेगा। इस सिलसिले में सोमवार को दोनों पक्षों ने करार पर दस्तखत किए। इंदौर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड (आईएससीडीएल) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दिव्यांक सिंह ने बताया कि आईएससीडीएल और आईआईटी-इंदौर के बीच हुआ करार व्यापक समझौते के रूप में काम करेगा। उन्होंने बताया कि इस करार के तहत आईआईटी, आईएससीडीएल के साथ मिलकर शहर की यातायात संबंधी समस्याओं का वैज्ञानिक अध्ययन तथा विश्लेषण करेगा और यातायात प्रबंधन के लिए अलग-अलग समाधान विकसित करेगा। मध्यप्रदेश विधानसभा में मार्च 2023 में पूछे गए एक प्रश्न पर तत्कालीन परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया था कि 31 जनवरी 2023 को इंदौर में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 21,61,300 थी जिनमें 3,38,353 कारें शामिल थीं। अधिकारियों का अनुमान है कि शहर में प्रतिदिन चार लाख से ज्यादा कारें चलती हैं जिनमें बाहर से आने-जाने वाली गाड़ियां भी शामिल हैं।








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