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जम्मू. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के निवासियों से भारत आने और उसका हिस्सा बनने के लिए कहा। उन्होंने पीओके निवासियों से कहा कि ‘‘हम आपको अपना मानते हैं जबकि पाकिस्तान आपको विदेशी मानता है।'' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी राकेश सिंह ठाकुर के समर्थन में रामबन विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने अनुच्छेद 370 को बहाल करने के चुनावी वादे को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन पर जमकर निशाना साधा और कहा कि जब तक भाजपा है, यह असंभव है। केंद्रीय मंत्री ने अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 निरस्त किए जाने के बाद जम्मू कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में ‘‘विशाल बदलाव'' का स्वागत किया और कहा कि युवाओं के पास अब पिस्तौल व रिवॉल्वर के बजाय लैपटॉप और कम्प्यूटर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में अगली सरकार बनाने के लिए भाजपा का समर्थन करें ताकि हम क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास ला सकें। इतना विकास होगा कि पीओके के लोग देखकर कहेंगे कि हमें पाकिस्तान में नहीं रहना है, हम भारत चले जाएंगे।'' सिंह ने कहा कि पड़ोसी देश में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने हाल में एक हलफनामा दायर कर कहा कि पीओके एक विदेशी भूमि है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पीओके के निवासियों को बताना चाहता हूं कि पाकिस्तान आपको विदेशी मान रहा है लेकिन भारत में लोग आपको ऐसा नहीं मानते हैं। हम आपको अपना मानते हैं इसलिए आइए तथा हमारा हिस्सा बनिए।'' रक्षा मंत्री भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में जम्मू कश्मीर का दौरा कर रहे हैं। इससे एक दिन पहले गृह मंत्री अमित शाह ने दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी का चुनाव घोषणापत्र जारी किया, वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ कई बैठकें कीं और कार्यकर्ताओं की रैली को भी संबोधित किया। रामबन सीट पर भाजपा के ठाकुर का मुकाबला नेकां के अर्जुन सिंह राजू और पार्टी के बागी सूरज सिंह परिहार से है। पिछली बार भाजपा के नीलम कुमार लेंगे ने यह सीट जीती थी लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। रक्षा मंत्री का पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद सलीम भट के लिए पड़ोसी बनिहाल जाने का भी कार्यक्रम है। उनका मुकाबला प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष तथा पूर्व मंत्री विकार रसूल वानी से है। वानी बनिहाल सीट से तीसरी बार जीतने की उम्मीद कर रहे हैं। उनके सामने नेशनल कॉन्फ्रेंस के सज्जाद शाहीन और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के इम्तियाज गांधी की प्रमुख चुनौती है।
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पुणे. महाराष्ट्र के पुणे शहर में 10 दिवसीय गणेश उत्सव के दौरान रविवार सुबह प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ गणपति पंडाल में करीब 35,000 महिलाओं ने भगवान गणेश को समर्पित संस्कृत पाठ 'अथर्वशीर्ष' का जाप किया। कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि पारंपरिक परिधान पहने महिलाएं सुबह-सुबह पंडाल में एकत्र हुईं और 'अथर्वशीर्ष' का पाठ किया। हर साल गणेश उत्सव के दूसरे दिन हजारों महिलाएं संस्कृत पाठ 'अथर्वशीर्ष' का जाप करती हैं। पुणे के धर्मार्थ संगठन श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपती ट्रस्ट ने कहा कि यह उनके गणेश उत्सव समारोह में 'अथर्वशीर्ष' के वार्षिक पाठ का 39वां वर्ष है। पुणे में लोगों ने शनिवार को घरों और मंडलों में 'प्रतिष्ठापना पूजा' के साथ गणपति बप्पा का स्वागत किया।
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नयी दिल्ली। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत शामिल 131 शहरों में से 95 शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों से पता चलता है कि 21 शहरों में पीएम10 प्रदूषण में 2017-18 के स्तर की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। सीपीसीबी ने यह भी कहा कि एनसीएपी के 131 शहरों में से केवल 18 ने पीएम10 के लिए राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (एनएएक्यूएस) का पालन किया, जो 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर निर्धारित है। जिन 21 शहरों ने पीएम10 प्रदूषण में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी हासिल की, वे हैं वाराणसी, धनबाद, बर्नीहाट, बरेली, फिरोजाबाद, देहरादून, तूतीकोरिन, नालागढ़, मुरादाबाद, खुर्जा, त्रिची, कोहिमा, लखनऊ, कानपुर, कडपा, शिवसागर, सुंदर नगर, आगरा, ग्रेटर मुंबई, ऋषिकेश और परवाणू। आंकड़ों के मुताबिक खन्ना, दुर्गापुर, कुरनूल, डेरा बाबा नानक, वडोदरा, इलाहाबाद, आसनसोल, हैदराबाद, गोरखपुर, रांची, बेंगलुरु, अकोला, अनंतपुर, दुर्ग भिलाईनगर, सूरत और नोएडा में इसी अवधि के दौरान पीएम10 के स्तर में 20-30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। वहीं, 21 शहरों दिल्ली, हावड़ा, ठाणे, लातूर, नेल्लोर, गजरौला, अलवर, चित्तूर, काला अंब, मंडी गोबिंदगढ़, अमरावती, पटियाला, जयपुर, ओंगोल, चंद्रपुर, नासिक, झांसी, सांगली, कोटा, दावणगेरे और राजमुंदरी में पीएम 10 प्रदूषण में 10-20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। भारत ने 2019 में एनसीएपी की शुरुआत की थी, जिसका लक्ष्य 2017 को आधार वर्ष मानकर 2024 तक अति सूक्ष्म कण पीएम10 से होने वाले प्रदूषण में 20-30 प्रतिशत की कमी लाना था। बाद में लक्ष्य को संशोधित कर 2019-20 को आधार वर्ष मानकर 2026 तक 40 प्रतिशत की कमी करना था। व्यवहार में, प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए केवल पीएम10 प्रदूषण पर विचार किया जा रहा है। शनिवार को सूरत को वायु गुणवत्ता सुधार के लिए भारत में शीर्ष प्रमुख शहर के रूप में स्थान मिला, जिसके बाद जबलपुर और आगरा का स्थान रहा। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने जयपुर में ‘साफ नीले आसमान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में पुरस्कार प्रदान किए। सूरत, जबलपुर और आगरा ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में शीर्ष तीन स्थान हासिल किए, वहीं फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र) और झांसी (उत्तर प्रदेश) तीन से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में शीर्ष स्थान पर रहे। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों में रायबरेली (उत्तर प्रदेश), नलगोंडा (तेलंगाना) और नालागढ़ (हिमाचल प्रदेश) शीर्ष पर हैं। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पर्यावरण मंत्रालय की एक पहल है, जिसके तहत शहरों को शहर कार्य योजना के तहत अनुमोदित गतिविधियों के कार्यान्वयन और एनसीएपी के तहत कवर किए गए शहरों में वायु गुणवत्ता के आधार पर रैंकिंग दी जाती है।
- नयी दिल्ली। केंद्र सरकार के ‘सुगम्य भारत' मोबाइल ऐप की 2021 में शुरुआत होने के बाद से अब तक इसमें सुलभता से जुड़ी 1,400 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं हैं जिनमें से लगभग 75 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। ‘सुगम्य भारत' ऐप दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की सहायता के लिए बनाया गया है और इसके जरिए उपयोगकर्ता सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, परिवहन और भवनों में सुलभता संबंधी समस्याओं की शिकायतों के लिए फोटो अपलोड कर सकते हैं। ‘ 2021 से 2024 के बीच ऐप पर 1,441 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 1,081 मामलों को संबंधित प्राधिकारियों को भेजकर उनका समाधान किया गया। आरटीआई पर प्राप्त जवाब से पता चला कि 2021-22 की अवधि में 647 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 567 का समाधान किया गया। अगले वर्ष, 530 शिकायतें दर्ज की गईं और 391 का समाधान किया गया। ऐप में 2023-24 में 264 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 123 का समाधान किया गया। ऐप की कार्यक्षमता को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने ऐप को पुनः डिजाइन करने तथा इसमें कृत्रिम मेधा (एआई) विशेषताएं शामिल करने की योजना बनाई है। ‘दिव्यांगजन मामलों' के विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्नत सुगम्य भारत ऐप दिव्यांगजनों के लिए एक व्यापक मंच बनेगा जिसमें एआई संचालित चैटबॉट होगा। दिव्यांगजन अधिकार कार्यकर्ता डॉ. सतेंद्र सिंह ने कहा कि ऐप के पुराने संस्करणों में तकनीकी सीमाएं थीं, खास तौर पर दृष्टिबाधित लोगों के लिए। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक कमी थी, लेकिन वे इसे दूर करने के प्रयास कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह के छठे दिन तक 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 752 जिलों में 1.37 करोड़ गतिविधियां आयोजित की गई हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अभियान में प्रमुख योगदानकर्ता राज्यों में बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। गुजरात के गांधीनगर में महात्मा मंदिर में 31 अगस्त को शुरू किए गए पोषण माह के सातवें संस्करण में 'पोषण भी पढ़ाई भी' पहल के माध्यम से एनीमिया की रोकथाम, विकास की निगरानी, पूरक आहार और पोषण के साथ शिक्षा के एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह अभियान 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता को भी बढ़ावा देता है, जिसके तहत देश भर में 13.95 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों पर वृक्षारोपण किया जाएगा।
- चंडीगढ़. पंजाब परिवहन विभाग ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण शनिवार को साधारण बसों का यात्री किराया 23 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ा दिया है। राज्य सरकार द्वारा पेट्रोल पर 61 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 92 पैसे प्रति लीटर मूल्य वर्धित कर (वेट) बढ़ाए जाने के दो दिन बाद साधारण बसों का किराया बढ़ाया गया है। विभाग द्वारा शनिवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, साधारण बसों का किराया प्रति यात्री प्रति किलोमीटर 23 पैसे बढ़ाकर 145 पैसे कर दिया गया है। एचवीएसी (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) बसों का किराया प्रति यात्री प्रति किलोमीटर 28 पैसे से बढ़ाकर 174 पैसे कर दिया गया है।
- नयी दिल्ली. वरिष्ठ नौकरशाह तुहिन कांत पांडे को शनिवार को नया वित्त सचिव नियुक्त किया गया। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई। ओडिशा कैडर के 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी पांडे वर्तमान में निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने पांडे को वित्त सचिव नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। पिछले महीने कैबिनेट सचिव के रूप में टी.वी. सोमनाथन की नियुक्ति के बाद यह पद रिक्त हुआ था। परंपरा के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्रालय में सबसे वरिष्ठ सचिव को वित्त सचिव के रूप में नामित किया जाता है।
- लखनऊ. लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर में शनिवार शाम को तीन मंजिला इमारत ढह गई जिसके मलबे में दबकर पांच व्यक्तियों की मौत हो गई। इस हादसे में 28 अन्य घायल हुए हैं। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के मुताबिक, ‘‘इस घटना में पांच व्यक्तियों की मृत्यु हुई है, जबकि 28 लोग घायल हुए हैं जिन्हें राजधानी के लोक बंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव एवं राहत कार्य अब भी जारी है।” अधिकारियों ने कहा कि घायलों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं।मृतकों की पहचान पंकज तिवारी (40), धीरज गुप्ता (48), अरुण सोनकर (28), राजकिशोर (27) और जसमीत सिंह (41) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने कहा कि यह घटना शाम 4:45 बजे घटी। इस भवन का उपयोग गोदाम के तौर पर किया जा रहा था। भवन के भूतल में एक मोटर वर्कशाप और एक गोदाम था और प्रथम तल पर चिकित्सा सामग्री का एक गोदाम, जबकि दूसरे तल पर एक अन्य गोदाम था। उन्होंने कहा कि इस तीन मंजिला इमारत में कुछ निर्माण कार्य चल रहा था। इस भवन का निर्माण करीब चार वर्ष पहले किया गया था। मेडिकल गोदाम में काम करने वाले और इस दुर्घटना में घायल आकाश सिंह ने कहा कि कर्मचारियों ने देखा कि भवन का एक स्तंभ क्षतिग्रस्त था। आकाश सिंह ने कहा, “बारिश की वजह से हम लोग उतरकर भूतल पर आ गए थे। हमने देखा कि भवन के एक स्तंभ में दरार आ गई थी। अचानक, पूरा भवन हमारे ऊपर गिर गया।” घायलों के मुताबिक, उस भवन में काम करने वाले ज्यादातर लोग घटना के समय भूतल पर मौजूद थे। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी बचाव कार्य पर नजर रखने के लिए घटनास्थल पर मौजूद हैं।जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बचाव कार्य अब यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित है कि कोई भी मलबे में दबा ना रहे। राहत आयुक्त जी.एस. नवीन कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के बचाव दल को राहत कार्य में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रही हैं। रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने इस घटना के बारे में जिला मजिस्ट्रेट से बात की और राहत कार्यों एवं घायलों के इलाज से जुड़ी जानकारी ली। राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘इस दुर्घटना में जिन्होंने अपनों को खोया है, उन शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और वह बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने घायलों का निःशुल्क इलाज सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। इस घटना की सूचना मिलते ही भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों व उनके परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
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जम्मू. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का शनिवार को आश्वासन देते हुये कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद यह चुनाव जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के तहत होने वाला पहला विधानसभा चुनाव है। शाह ने कांग्रेस-नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) गठबंधन पर ‘‘पुरानी व्यवस्था'' को पुनर्जीवित करने की कोशिशें करने और जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद तथा भ्रष्टाचार में धकेलने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार आतंकवाद को फिर से सिर नहीं उठाने देगी और गुर्जर, पहाड़ी, बक्करवाल तथा दलित समेत किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होने देगी, जिन्हें भाजपा सरकार ने आरक्षण दिया है। शाह 18 सितंबर से तीन चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान को मजबूती देने के वास्ते जम्मू के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने शुक्रवार को दौरे के पहले दिन पार्टी का चुनाव घोषणापत्र जारी किया और प्रचार रणनीति पर चर्चा के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ दो अहम बैठकों की अध्यक्षता भी की। गृह मंत्री ने दिल्ली रवाना होने से पहले शनिवार को यहां भाजपा कार्यकर्ताओं की एक रैली में कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में आगामी चुनाव ऐतिहासिक हैं, क्योंकि आजादी के बाद यहां पहली बार हमारे राष्ट्र ध्वज व संविधान के तहत चुनाव हो रहे हैं, जबकि पहले दो ध्वज और दो संविधान के तहत चुनाव होते थे। हमारे पास कश्मीर से कन्याकुमारी तक केवल एक प्रधानमंत्री है और वह नरेन्द्र मोदी हैं।'' नेकां-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधते हुए शाह ने आरोप लगाया कि वे एक बार फिर जम्मू-कश्मीर को ऐसे वक्त में आतंकवाद की आग में धकेलने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादी घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी ला दी है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ‘‘नेकां और कांग्रेस कभी जम्मू-कश्मीर में सरकार नहीं बना पाएंगी, इसे लेकर आश्वस्त रहें।'' शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं को अगली सरकार बनाने में पार्टी उम्मीदवारों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया। शाह ने अपने आधे घंटे से अधिक के भाषण की शुरुआत भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित प्रेम नाथ डोगरा और बाबा दलीप सिंह मन्हास को श्रद्धांजलि अर्पित करके की और राष्ट्र को गणेश चतुर्थी और जैन समुदाय को पर्यूषण पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “यह चुनाव अनुच्छेद 370 की छाया से बाहर हो रहा है। इसका चमत्कार हम लोकसभा चुनाव में देख चुके हैं, जब 58.46 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, जबकि अतीत में दिल्ली में पिछली सरकारों द्वारा 10 प्रतिशत मतदान का जश्न मनाया जाता था।” उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र की सबसे बड़ी सफलता है।” उन्होंने दोहराया कि जब तक आतंकवाद समाप्त नहीं हो जाता और शांति बहाल नहीं हो जाती, तब तक पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। राज्य का दर्जा बहाल करने के विपक्ष के चुनावी वादे पर शाह ने कहा, “मैं फारूक अब्दुल्ला और राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि राज्य का दर्जा कौन बहाल करने जा रहा है। आप इसे वापस नहीं दे सकते। आप जनता को गुमराह क्यों कर रहे हैं?” शाह ने कहा, “केंद्र सरकार और भाजपा तथा मैंने संसद में पहले ही कह दिया है कि हम विधानसभा चुनाव के बाद उचित समय पर राज्य का दर्जा बहाल करेंगे। उन्हें पांच और छह अगस्त (2019) का मेरा भाषण सुनना चाहिए।” उन्होंने जेलों से “पत्थरबाजों और आतंकवादियों” को रिहा करने के वादे के लिए भी नेशनल कॉन्फ्रेंस की आलोचना की और आरोप लगाया कि उनका उद्देश्य जम्मू के शांतिपूर्ण पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में आतंकवाद को पुनर्जीवित करना है। कश्मीर को आतंकवाद का दंश झेलना पड़ा है, क्योंकि वहां सरकारें अपनी आंखें मूंद लेती थीं और सत्ता में बैठे लोग भाग जाते थे। भाजपा नेता ने कहा, “अगर नेकां-कांग्रेस सत्ता में लौटती हैं तो इसे आतंकवाद का फिर से उठना मानिए। जम्मू-कश्मीर, खासकर जम्मू को तय करना है कि उन्हें आतंकवाद चाहिए या शांति और विकास... जब भाजपा है तो कोई भी घुसपैठ करने की हिम्मत नहीं करता।” उन्होंने कहा, “जब मोदी सरकार ने (2014 में) सत्ता संभाली थी, तो उसने आतंकवाद को वित्तपोषित करने वालों को जेल भेजकर उनके लिए विनाश का मार्ग प्रशस्त किया था। वे एलओसी पर निलंबित व्यापार को शुरू करने की बात कर रहे हैं, जिसका लाभ आतंकवाद को मिलेगा।” स्वायत्तता प्रस्ताव के कार्यान्वयन के नेशनल कॉन्फ्रेंस के वादे का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि कोई भी शक्ति स्वायत्तता की बात नहीं कर सकती, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के कारण 40,000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जून 2000 में फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर राज्य में 1953 से पूर्व की संवैधानिक स्थिति बहाल करने की मांग की। हालांकि, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे अस्वीकार कर दिया था। शाह ने कहा, “मैं दीवार पर लिखी इबारत पढ़ रहा हूं कि नेकां और कांग्रेस कभी सरकार नहीं बना पाएंगे। ये वे लोग हैं जिन्होंने महाराजा हरि सिंह को निर्वासित होने पर मजबूर किया और उनकी मृत्यु के बाद केवल उनकी अस्थियां ही वापस लाई जा सकीं।” नेकां, कांग्रेस और पीडीपी के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए उन्होंने तीनों परिवारों पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। केंद्रीय गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि इन परिवारों द्वारा किया जा रहा भ्रष्टाचार पूरे देश के भ्रष्टाचार के बराबर है। उन्होंने कहा, “अगर उनके द्वारा लिया गया पैसा क्षेत्र के विकास के लिए उपयोग किया गया होता तो जम्मू-कश्मीर में कोई भी काम अधूरा नहीं रहता।” शाह ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य समग्र विकास है। उन्होंने कहा, “मैं कश्मीर के युवाओं को याद दिलाना चाहता हूं कि आपने उन्हें सत्ता दी, लेकिन अब्दुल्ला और उनका परिवार आतंकवाद का सामना करने के बजाय इंग्लैंड भाग गया, जबकि युवा आतंकवाद की भेंट चढ़ गए, जिसे हमने मिटा दिया। आप जिसे चाहें वोट दें लेकिन उन्हें जिताएं नहीं क्योंकि उनका एजेंडा आतंकवाद को वापस लाएगा और विकास को रोक देगा।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि शिक्षक राष्ट्र की बहुत महत्वपूर्ण सेवा कर रहे हैं और आज के युवाओं को विकसित भारत के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी उन्हीं के हाथों में है। कल नई दिल्ली में अपने आवास पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों के साथ बातचीत में श्री मोदी ने कहा कि हम सभी को विकसित भारत के लिए सक्षम नागरिक और युवा तैयार करने का प्रयास करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षक भारत की विविधता से परिचित कराने के लिए विद्यार्थियों को शैक्षिक पर्यटन पर ले जा सकते हैं। इससे उन्हें सीखने में मदद और देश के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन को प्रोत्साहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को ‘देखो अपना देश-लोगों की पसंद’ प्रतियोगिता के बारे में अवगत कराने के लिए भी कहा ताकि वे इसमें भाग ले सकें।प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभाव और मातृभाषा में शिक्षा के महत्व के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षक छात्रों को विभिन्न भाषाओं में स्थानीय लोक कथाओं के बारे में जानकारी दे सकते हैं ताकि वे कई भाषाएँ सीखें और भारत की जीवंत संस्कृति से भी परिचित हो सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी सुझाव दिया कि पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ना चाहिए। उन्हें अपनी सर्वोत्तम पद्धतियों को साझा करना चाहिए ताकि हर कोई एक-दूसरे से सीख सके और लाभान्वित हो सके। -
नयी दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में दायर अपने नवीनतम पूरक आरोप पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस नीति के निर्माण और उसके क्रियान्वयन से जुड़ी ‘आपराधिक साजिश में शुरुआत से ही शामिल’ थे। सीबीआई ने मामले में पांचवां और अंतिम आरोप पत्र दायर कर अपनी जांच पूरी की। सीबीआई ने आरोप लगाया कि केजरीवाल के मन में पहले से ही आबकारी नीति के संबंध में ‘निजीकरण का विचार’ था। भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद इस नीति को रद्द कर दिया गया था। सीबीआई ने कहा, ‘जब मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह द्वारा नीति तैयार की जा रही थी, तब उन्होंने (केजरीवाल ने) मार्च 2021 में अपनी पार्टी आप के लिए वित्तीय सहायता की मांग की थी।’ सिसोदिया इस मामले में सह-आरोपी हैं। सीबीआई ने आरोप पत्र में कहा, ‘केजरीवाल के करीबी सहयोगी और आम आदमी पार्टी -आप के मीडिया एवं संचार प्रभारी तथा सह-आरोपी विजय नायर दिल्ली में शराब कारोबार के विभिन्न हितधारकों से संपर्क साध रहे थे और अनुकूल आबकारी नीति के बदले उनसे अवैध रिश्वत की मांग कर रहे थे।’ आप ने इन आरोपों से इनकार किया है।
तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया गया था केजरीवाल को
केजरीवाल को सीबीआई ने 26 जून को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था। वह कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मामले की जांच के सिलसिले में तिहाड़ में बंद थे। केजरीवाल ने सीबीआई द्वारा अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है, जिस पर अभी कोई फैसला नहीं आया है।
सीबीआई ने आरोप पत्र में कहा कि विजय नायर ने केजरीवाल के लिए सह-आरोपी और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के कविता की अध्यक्षता वाले ‘साउथ ग्रुप’ के आरोपियों से संपर्क करने के माध्यम के रूप में काम किया और अनुकूल आबकारी नीति के बदले उनसे 100 करोड़ रुपये प्राप्त किए। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री के रूप में केजरीवाल की ‘मनचाही आबकारी नीति को लागू करने और मंजूरी देने’ में भूमिका थी।
सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में कहा है कि आप के टिकट पर 2022 का गोवा विधानसभा चुनाव लड़ने वाले राज्य के दो पूर्व विधायकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें प्रचार अभियान संबंधी खर्चों के लिए पार्टी के एक स्वयंसेवक ने नकद भुगतान किया था। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि आबकारी नीति को अपने पक्ष में करने के लिए साउथ ग्रुप द्वारा चुकाई गई कुल 90-100 करोड़ रुपये की अवैध धनराशि में से 44.5 करोड़ रुपये की नकदी चुनाव संबंधी खर्चों के लिए पार्टी द्वारा गोवा भेजी गई थी।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सितंबर के अंत में यहां प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान वार्षिक आम बहस में वक्तव्य नहीं देंगे। उनके जगह विदेश मंत्री एस जयशंकर के बहस में वक्तव्य देने की संभावना है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी वक्ताओं की संशोधित अनंतिम सूची से यह बात सामने आई है।प्रधानमंत्री इस महीने के अंत में न्यूयॉर्क की यात्रा करने वाले हैं। उनके 22 सितंबर को लॉन्ग आइलैंड में 16,000 सीट वाले नासाउ वेटरंस मेमोरियल कोलेजियम में एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करने की योजना है। वह संयुक्त राष्ट्र के ऐतिहासिक ‘भविष्य का शिखर सम्मेलन : बेहतर कल के लिए बहुपक्षीय समाधान’ को भी संबोधित करेंगे, जो 22-23 सितंबर को विश्व निकाय के न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा।महासभा के 79वें सत्र की आम बहस के लिए संयुक्त राष्ट्र की ओर से जुलाई में जारी वक्ताओं की एक अनंतिम सूची में कहा गया था कि मोदी 26 सितंबर को उच्च स्तरीय बहस में वक्तव्य देंगे। हालांकि, शुक्रवार को जारी एक संशोधित अनंतिम सूची के मुताबिक, मोदी की जगह अब विदेश मंत्री जयशंकर के 28 सितंबर को प्रस्तावित आम बहस में वक्तव्य देने की संभावना है।सूची के साथ महासभा एवं सम्मेलन प्रबंधन के अवर महासचिव मूव्स एबेलियन के हस्ताक्षर वाला एक नोट जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वक्ताओं की संशोधित सूची “प्रतिनिधित्व के स्तर (‘अपग्रेड’ और ‘डाउनग्रेड’) में बदलाव को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और सदस्य देशों के बीच आदान-प्रदान को दर्शाती है।संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र की आम बहस इस साल 24 से 30 सितंबर तक आयोजित की जाएगी। परंपरागत रूप से बहस में पहला वक्ता ब्राजील 24 सितंबर को उच्च स्तरीय सत्र की शुरुआत करेगा। दूसरा वक्ता अमेरिका होगा, जिसके मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन संयुक्त राष्ट्र के मंच से सदस्य देशों के नेताओं को अपने कार्यकाल का आखिरी संबोधन देंगे।संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस आम बहस की शुरुआत से पहले अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे, जिसके बाद महासभा के 79वें सत्र के अध्यक्ष का संबोधन होगा। इस सत्र से पहले गुतारेस 22-23 सिंतबर तक ‘भविष्य का शिखर सम्मेलन : बेहतर कल के लिए बहुपक्षीय समाधान’ का आयोजन करेंगे। इस शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व नेता भविष्य के लिए संधि को अपनाने के वास्ते संयुक्त राष्ट्र में एकत्र होंगे, जिसमें पूरक अंश के रूप में एक वैश्विक डिजिटल अनुबंध और भविष्य की पीढ़ियों पर एक घोषणा शामिल होगी।संयुक्त राष्ट्र ने कहा, “शिखर सम्मेलन एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम है, जो विश्व नेताओं को इस बात पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाने के लिए साथ लाता है कि हम वर्तमान को कैसे बेहतर बनाएं और भविष्य की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें।”इसके अलावा, लॉन्ग आइलैंड में प्रस्तावित सामुदायिक कार्यक्रम में 24,000 से अधिक प्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लेने की इच्छा जताई है, जिसे मोदी संबोधित करेंगे। इंडियन-अमेरिकन कम्युनिटी ऑफ यूएसए (आईएसीयू) ने एक बयान में कहा कि ‘मोदी एंड यूएस प्रोग्रेस टुगेदर’ कार्यक्रम के लिए पंजीकरण पूरे अमेरिका से 590 सामुदायिक संगठनों के माध्यम से किए गए हैं, जिनमें से सभी ने ‘वेलकम पार्टनर’ के रूप में हस्ताक्षर किए हैं।
- नई दिल्ली। बोइंग का ‘स्टारलाइनर’ यान शुक्रवार को अंतरिक्ष यात्री-सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के बिना ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से धरती पर लौटा। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना होने के छह घंटे बाद ‘स्टारलाइनर’ न्यू मेक्सिको के ‘व्हाइट सैंड्स मिसाइल रेंज’ पर उतरा।‘स्टारलाइनर’ ने लंबे इंतजार के बाद जून में अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थी। हालांकि, यान के ‘थ्रस्टर’ में समस्या आने और हीलियम लीक होने के कारण वह अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर वापस लाने में नाकाम रहा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के दो पायलट अब अगले साल तक आईएसएस पर ही रहेंगे।महीनों तक विल्मोर और विलियम्स की वापसी को लेकर सवाल उठते रहे, क्योंकि इंजीनियर यान में आई समस्याओं को समझने के लिए जूझते रहे। व्यापक परीक्षण के बाद बोइंग ने कहा था कि ‘स्टारलाइनर’ धरती पर वापसी की यात्रा के लिए सुरक्षित है, लेकिन नासा ने इससे असहमति जताई थी और इसके बजाय ‘स्पेसएक्स’ से अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने का फैसला किया था।‘स्पेसएक्स’ यान का इस महीने के अंत तक प्रक्षेपण नहीं किया जाएगा, जिसका मतलब है कि विल्मोर और विलियम्स फरवरी तक अंतरिक्ष में रहेंगे। ‘स्टारलाइनर’ के अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना होने के बाद सुनीता विलियम्स ने रेडियो संदेश में कहा, ‘‘वह अपने घर जा रहा है।’’विलियम्स और विल्मोर को ‘स्टारलाइनर’ के अंतरिक्ष की उड़ान भरने के एक सप्ताह बाद जून में पृथ्वी पर लौटना था, लेकिन यान के ‘थ्रस्टर’ में समस्या आने और हीलियम लीक होने के कारण दोनों अंतरिक्ष में ही फंस गए। नासा ने बताया था कि दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को ‘स्टारलाइनर’ से वापस लाना बहुत जोखिम भरा है। इसलिए, पूरी तरह से स्वचालित यह यान खाली सीट, स्टेशन पर मौजूद कुछ पुराने उपकरणों और अंतरिक्ष में पहने जाने वाले नीले रंग के वस्त्र (स्पेससूट) के साथ धरती पर लौट रहा है।अब ‘स्पेसएक्स’ यान दोनों अंतरिक्षयात्रियों को अगले साल फरवरी में वापस लेकर आएगा, जिससे उनका आठ दिन का यह मिशन आठ महीने से अधिक समय का हो जाएगा। अनुभवी अंतरिक्ष यात्री और नौसेना के सेवानिवृत्त कैप्टन विल्मोर और विलियम्स अंतरिक्ष में अपने आप को व्यस्त रख रहे हैं और मरम्मत-रखरखाव कार्य एवं प्रयोगों में मदद कर रहे हैं। वे अब अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद सात अन्य यात्रियों के साथ काम कर रहे हैं। नासा के वाणिज्यिक चालक दल कार्यक्रम के प्रबंधक स्टीव स्टिच ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि अंतरिक्ष दल का ध्यान ‘स्टारलाइनर’ की वापसी पर इस कदर केंद्रित रहा है कि उनके पास बोइंग की अगली परियोजना के बारे में सोचने का वक्त ही नहीं था।
- गोरखपुर,। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को गोरखपुर में उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल का उद्घाटन किया। 49 एकड़ क्षेत्र में फैले इस स्कूल का निर्माण 176 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। उद्घाटन समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे।धनखड़ के सुबह गोरखपुर पहुंचने पर योगी ने हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की।उपराष्ट्रपति कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज गोरखपुर आगमन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने माननीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और डॉ. सुदेश धनखड़ का स्वागत किया।”‘युवाओं को शिक्षा, देश की रक्षा’ ध्येय से स्थापित इस स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा के तहत शिक्षा प्रदान की जाने की व्यवस्था की गई है। प्रवेश परीक्षा के जरिये कक्षा 6 और 9 में दाखिला लेने के बाद इस स्कूल में पहली जुलाई से पढ़ाई शुरू हो चुकी है। पहले चरण में इस स्कूल में कक्षा 6 और 9 में 84-84 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। इनमें 40 छात्राएं और 128 छात्र शामिल हैं। सैनिक स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग परिसर है। स्कूल का प्रशासनिक भवन प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का दर्शन कराता है।
- जबलपुर। मध्य प्रदेश में जबलपुर रेलवे स्टेशन के पास इंदौर-जबलपुर एक्सप्रेस के दो डिब्बे शनिवार सुबह पटरी से उतर गए।रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 5.40 बजे हुई इस दुर्घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ।अधिकारी के अनुसार, मरम्मत का काम जारी है और घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है।जबलपुर स्टेशन पश्चिम-मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) क्षेत्र के अंतरगत आता है।अधिकारी ने बताया, “इंदौर-जबलपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22191) के दो डिब्बे उस समय पटरी से उतर गए, जब ट्रेन जबलपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह के पास पहुंच रही थी।”अधिकारी के मुताबिक, पटरी से उतरे डिब्बे इंजन के ठीक पीछे थे। उन्होंने बताया कि पटरी से उतरने की घटना प्लेटफॉर्म से करीब 50 मीटर की दूरी पर हुई।पश्चिम-मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक (डीसीएम) मधुर वर्मा ने कहा, “ट्रेन का निर्धारित आगमन समय सुबह 5.35 बजे था। यह दुर्घटना सुबह 5.38 बजे हुई, जब ट्रेन जबलपुर स्टेशन में प्रवेश करने वाली थी। लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन को रोक दिया और अन्य डिब्बों को बेपटरी होने से बचा लिया।”वर्मा ने कहा, “इंजन से सटे दो डिब्बे पटरी से उतर गए, लेकिन सौभाग्य से इस घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ।” उन्होंने बताया कि हादसे के बाद यात्री ट्रेन से उतर गए और पास की पटरियों पर यातायात लगभग आधे घंटे तक रोक दिया गया।वर्मा ने बताया, “जांच के लिए एक बहु-विभागीय समिति गठित की गई है।” उन्होंने कहा कि रेल यातायात पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा, क्योंकि स्टेशन का केवल एक प्लेटफॉर्म परिचालन के लिए बंद था।पश्चिम-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने कहा, “जब यह घटना हुई, तब ट्रेन पांच किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही थी। जांच के बाद ही ट्रेन के पटरी से उतरने के पीछे का कारण पता चलेगा।” उन्होंने कहा कि मार्ग पर रेôल यातायात सामान्य है।1
- जम्मू। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का शनिवार को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के बाद यह चुनाव जम्मू-कश्मीर में राष्ट्र ध्वज और संविधान के तहत होने वाला पहला विधानसभा चुनाव है।शाह ने कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) गठबंधन पर ‘पुरानी व्यवस्था’ को पुनर्जीवित करने की कोशिशें करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार आतंकवाद को फिर से सिर नहीं उठाने देगी और गुर्जर, पहाड़ी, बक्करवाल तथा दलित समेत किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होने देगी, जिन्हें भाजपा सरकार ने आरक्षण दिया है।शाह 18 सितंबर से तीन चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान को मजबूती देने के वास्ते जम्मू के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने शुक्रवार को दौरे के पहले दिन पार्टी का चुनाव घोषणापत्र जारी किया और प्रचार रणनीति पर चर्चा के लिए वरिष्ठ मंत्रियों के साथ दो अहम बैठकों की अध्यक्षता भी की।गृह मंत्री ने शनिवार को यहां भाजपा कार्यकर्ताओं की एक रैली में कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में आगामी चुनाव ऐतिहासिक हैं, क्योंकि आजादी के बाद यहां पहली बार हमारे राष्ट्र ध्वज व संविधान के तहत चुनाव हो रहे हैं, जबकि पहले दो ध्वज और दो संविधान के तहत चुनाव होते थे। हमारे पास कश्मीर से कन्याकुमारी तक केवल एक प्रधानमंत्री है और वह नरेंद्र मोदी हैं।’नेकां-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधते हुए शाह ने आरोप लगाया कि वे एक बार फिर जम्मू-कश्मीर को ऐसे वक्त में आतंकवाद की आग में धकेलने का प्रयास कर रहे हैं, जब सरकार केंद्र-शासित प्रदेश में आतंकवाद की घटनाओं में 70 फीसदी कमी लेकर आई है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ‘नेकां और कांग्रेस कभी जम्मू-कमीर में सरकार नहीं बना पाएंगी, इसे लेकर आश्वस्त रहें।’ शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं को अगली सरकार बनाने में पार्टी उम्मीदवारों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
- चंडीगढ़।पंजाब के पठानकोट में शनिवार को हिमाचल प्रदेश से आ रही एक बस के पलटने से एक यात्री की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।पुलिस ने बताया कि हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।उसने बताया कि पठानकोट के बुंगल बधानी गांव के निकट बस चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।पुलिस ने कहा कि हिमाचल प्रदेश रोडवेज की बस हिमाचल प्रदेश के चंबा से आ रही थी और अमृतसर की ओर जा रही थी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में पंजाब के बटाला निवासी 22 वर्षीय यात्री की मौत हो गई।
- नोएडा (उप्र) । उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर जिले के छोलस गांव में शनिवार को तेज बारिश में एक घर की छत गिरने से सात लोग मलबे में दब गए जिनमें से चार की हालत गंभीर है। पुलिस ने यह जानकारी दी। अपर पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) अशोक कुमार सिंह ने बताया कि छोलस गांव के सैफ अली के मकान की छत तेज बारिश के कारण शनिवार को गिर गई। छत गिरने से सात लोग मलबे में दब गए ।जानकारी के मुताबिक छोलस गांव में शेफाली परिवार के साथ रहता है। वह मजदूरी करता है। बताया जा रहा है कि शनिवार तड़के बारिश के चलते मकान की कच्ची छत नीचे गिर गई। इस दौरान मकान की छत के मलबे में शेफाली सहित परिवार के सात लोग दब गए। परिवार के चीखने चिल्लाने पर आस पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने मलबे में दबे शेफाली उसकी बुआ शकीला, बेटे शान और आलीशान समेत 7 लोगों को बाहर निकालकर दादरी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है।
- इंफाल/कोलकाता । मणिपुर के जिरीबाम जिले में शनिवार सुबह हुई हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह सो रहा था, वहीं बाद में हुई गोलीबारी में चार हथियारबंद लोग मारे गए।अधिकारी के मुताबिक, उग्रवादी जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर एक सुनसान स्थान पर अकेले रहने वाले व्यक्ति के घर में घुसे और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारी ने बताया कि हत्या के बाद जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर पहाड़ियों में युद्धरत समुदायों के हथियारबंद लोगों के बीच भारी गोलीबारी हुई, जिसमें तीन पहाड़ी उग्रवादियों सहित चार हथियारबंद लोगों की मौत हो गई। आगे के विवरण की प्रतीक्षा है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद ने बृहस्पतिवार को कहा कि इंटरपोल ने 2023 में भारत के अनुरोध पर 100 रेड नोटिस जारी किए, जो एक साल में सर्वाधिक संख्या है। साथ ही कहा कि दुनिया भर के पुलिस बलों से कहा गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में उन भगोड़ों को हिरासत में लें, जो भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वांछित हैं और जिन्होंने सीमा पार की है। सूद ने सीबीआई द्वारा आयोजित 10वें इंटरपोल संपर्क अधिकारी (आईएलओ) सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इंटरपोल और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन सहयोगियों की मदद से 2023 में 29 और 2024 में अब तक 19 वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई के ‘ग्लोबल ऑपरेशन सेंटर' ने 2023 में अंतरराष्ट्रीय सहायता के 17,368 अनुरोधों पर कार्रवाई की। गृह सचिव गोविंद मोहन ने भी सीबीआई के ‘ग्लोबल ऑपरेशन सेंटर' की सराहना की और रेखांकित किया कि यह केंद्र प्रतिदिन सहायता के 200-300 अनुरोधों पर गौर कर रहा है। गोविंद मोहन ने कहा कि अपराधियों एवं भगोड़ों को अंतरराष्ट्रीय न्याय क्षेत्र में भिन्नता के कारण लाभ नहीं मिलना चाहिए और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। सूद ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वांछित अपराधियों और भगोड़ों के संबंध में इंटरपोल द्वारा 100 से अधिक रेड नोटिस जारी किए गए, जो किसी एक साल में अब तक की सबसे अधिक संख्या है। इंटरपोल रेड नोटिस गिरफ्तारी वारंट नहीं, बल्कि दुनिया भर के कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अनुरोध है कि वे प्रत्यर्पण, आत्मसमर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्रवाई के लिए वांछित व्यक्ति का पता लगाएं और अस्थायी रूप से गिरफ्तार करें। सीबीआई निदेशक ने कहा कि आज दुनिया आतंकवाद, ऑनलाइन चरमपंथ, साइबर वित्तीय अपराध, ऑनलाइन बाल यौन शोषण, भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसे गंभीर और वैश्विक अपराधों और खतरों का सामना कर रही है। सूद ने कहा, "मजबूत कानूनी ढांचे, नवाचार पहल, प्रौद्योगिकी से सक्षम भारत की पुलिस सक्रिय अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ मिलकर इन चुनौतियों का समाधान करने में सबसे आगे रही है।" उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी से जुड़े अपराधों के प्रसार के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "अपराध अब सीमाओं से बंधे नहीं हैं, और न ही उनसे निपटने के हमारे प्रयासों को सीमित किया जाना चाहिए।" सूद ने कहा, "कानून प्रवर्तन पेशेवरों को आपराधिक मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहायता के समन्वय के विभिन्न तरीकों से अच्छी तरह परिचित होना चाहिए।" सम्मेलन के दौरान, प्रतिभागियों को विदेश मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा प्रत्यर्पण, अस्थायी गिरफ्तारी और स्थानीय अभियोजन से संबंधित बाधाओं के बारे में जानकारी दी गई। सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "सत्रों में इंटरपोल चैनल, ग्लोब-ई नेटवर्क और जटिल अंतरराष्ट्रीय अपराधों की जांच पर ध्यान केंद्रित किया गया।" उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की इस गोलमेज बैठक में बीकेए (जर्मनी), एफबीआई (अमेरिका), सीबीआई, राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी (जापान), राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (ब्रिटेन), पीडीआई (चिली) और नेपाल पुलिस के वक्ताओं ने भाग लिया। बयान में कहा गया है, "वक्ताओं ने इस बात को रेखांकित किया कि अपराध का वैश्वीकरण एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इन खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए विभिन्न देशों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ घनिष्ठ सहयोग और भागीदारी की जरूरत है।'' बयान के अनुसार सीबीआई अपराध, अपराधियों और अपराध से हुई आय से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग के औपचारिक और अनौपचारिक साधनों के उपयोग को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के उद्देश्य से 2003 से ‘आईएलओ' सम्मेलन का आयोजन कर रही है।
- नयी दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने कहा कि अपराध के आंकड़ों से पता चलता है कि संविदा कर्मचारी बड़ी संख्या में छेड़छाड़, यात्रियों के सामान और रेलवे संपत्ति की चोरी के मामलों में शामिल पाए गए हैं, इसलिए उनकी नियुक्ति से पहले पुलिस सत्यापन अनिवार्य होना चाहिए। बोर्ड ने कहा कि रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि इनमें से कई मामलों में पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। बोर्ड ने सभी 17 रेलवे जोन के महाप्रबंधकों और भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को भेजे गए एक परिपत्र में कहा, "सुरक्षा (अपराध) आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारतीय रेल में कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें संविदा कर्मचारी यात्रियों के सामान की चोरी, छेड़छाड़, रेलवे संपत्ति की चोरी जैसे कई मामलों में शामिल हैं।" बोर्ड ने 20 अगस्त के परिपत्र में सुधारात्मक उपाय सुझाते हुए कहा, "उपर्युक्त के मद्देनजर, जोनल रेलवे और आईआरसीटीसी को सलाह दी जाती है कि ट्रेनों और स्टेशनों पर भारतीय रेलवे के तहत काम करने वाले 100 प्रतिशत ‘कैटरिंग' कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होना चाहिए, ताकि संबंधित कर्मचारियों के इतिहास का पता चल सके।" रेलवे अधिकारियों ने कहा कि बोर्ड को यह परिपत्र तब जारी करना पड़ा, जब यह पाया गया कि विभिन्न सेवाओं के नियुक्त कई संविदा कर्मचारियों के खिलाफ पहले से ही आपराधिक मामले लंबित हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि इस मुद्दे से बचने का एकमात्र उपाय पुलिस सत्यापन है, इसलिए बोर्ड ने यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ रेल परिचालन के हित में जोन और आईआरसीटीसी को सलाह दी है।
- भुवनेश्वर. ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में बताया कि राज्य में पिछले पांच वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से 1,625 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक टंकधर त्रिपाठी के एक सवाल में मंत्री ने कहा कि 2019-20 से 2023-24 के दौरान पूरे राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से कुल 1,625 लोगों की मौत हुई। वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान 372 लोगों, 2020-21 में 338 लोगों और 2021-22 के दौरान 294 लोगों की जान गई। पुजारी ने सदन को लिखित जवाब में बताया कि राज्य में 2022-23 में 334 और 2023-24 के दौरान 287 लोग आकाशीय बिजली गिरने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रश्न पर चर्चा के दौरान मंत्री ने कहा कि इस अवधि के दौरान राज्य में आकाशीय बिजली गिरने के कारण मौत का आंकड़ा देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में खनिज भंडार अधिक हैं, वहां बिजली गिरने से होने वाली मौतें अधिक होती हैं, क्योंकि खनिज विद्युत के अच्छे संवाहक होते हैं।
- पुणे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि मणिपुर में चुनौतीपूर्ण स्थिति और सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होने के बावजूद संगठन के स्वयंसेवक संघर्षग्रस्त पूर्वोत्तर राज्य में मजबूती से डटे हैं। भागवत शंकर दिनकर काणे (जिन्हें भैयाजी के नाम से भी जाना जाता है) की शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर थे। काणे ने मणिपुर में काम किया, 1971 तक बच्चों की शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया, छात्रों को महाराष्ट्र लाए और उनके रहने की व्यवस्था की थी। संघ प्रमुख ने कहा, “मणिपुर में स्थिति बहुत कठिन है। सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। स्थानीय लोग अपनी सुरक्षा को लेकर सशंकित हैं। जो लोग वहां व्यापार या सामाजिक कार्य के लिए गए हैं, उनके लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी संघ के स्वयंसेवक मजबूती से तैनात हैं और दोनों गुटों की सेवा कर रहे हैं तथा स्थिति को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं।” भागवत ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक न तो उस राज्य से भागे हैं और न ही निष्क्रिय बैठे हैं, बल्कि वे वहां जीवन को सामान्य बनाने, दोनों समूहों के बीच क्रोध और द्वेष को कम करने तथा राष्ट्रीय एकता की भावना सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “एनजीओ सब कुछ नहीं संभाल सकते, लेकिन संघ अपनी ओर से हरसंभव प्रयास कर रहा है। वे संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से बातचीत कर रहे हैं। नतीजतन, उन्होंने उनका (लोगों का) विश्वास हासिल कर लिया है। इस विश्वास का कारण यह है कि स्थानीय लोगों ने वर्षों से काणे जैसे लोगों के काम को देखा है।” संघ प्रमुख ने कहा, “हम सभी भारत को वैश्विक मुद्दों पर काम करने वाला देश बनाने की बात करते हैं, लेकिन यह केवल काणे जैसे लोगों की तपस्या के कारण ही संभव है।” उन्होंने कहा कि लगभग 15 वर्ष पहले ‘पूर्वांचल' क्षेत्र को “समस्याओं वाला क्षेत्र” कहा जाता था और कुछ चरमपंथी समूह तो अलग होने की भाषा भी बोलते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और क्षेत्र में बदलाव आया। भागवत ने कहा, “लोगों में स्वधर्म की भावना व्याप्त है। हम भारत के हैं, यह भावना मजबूत होती जा रही है। मणिपुर जैसे राज्यों में आज जो अशांति हम देख रहे हैं, वह कुछ लोगों का काम है जो प्रगति के मार्ग में बाधाएं उत्पन्न करना चाहते हैं। लेकिन उनकी योजना सफल नहीं होगी।” आरएसएस प्रमुख ने कहा कि जब 40 साल पहले स्थिति बदतर थी, तब लोग वहीं रुके, काम किया और स्थिति को बदलने में मदद की। उन्होंने कहा, “संघ के सदस्य, चाहे वे स्वयंसेवक हों या प्रचारक, वहां गए, उस क्षेत्र का हिस्सा बन गए और परिवर्तन लाने के लिए काम किया।” भागवत ने कहा कि जिस भारत का सपना देखा गया है, उसे साकार करने में दो और पीढ़ियां लगेंगी।उन्होंने कहा, “इस रास्ते में हमें उन लोगों की ओर से बाधाओं का सामना करना पड़ेगा जो भारत के उत्थान से ईर्ष्या करते हैं। लेकिन हमें इन बाधाओं को पार करते हुए आगे बढ़ना होगा।”
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को बधाई दी और पूर्व राष्ट्रपति एस राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं। यह युवा मन को आकार देने वाले सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। डॉ. राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।" तमिलनाडु में पांच सितंबर 1888 को जन्मे डॉ. राधाकृष्णन को भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद् और महान दार्शनिक के तौर पर जाना जाता है। उनके सम्मान में उनकी जयंती को ‘शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
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महाराजगंज. उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में एक तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह हादसा बृहस्पतिवार अपराह्न पनियरा थाना क्षेत्र के मुजुरी पनियरा मार्ग पर डिंगुरी गांव के पास हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आतिश कुमार सिंह ने बताया कि तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसके कारण मोटरसाइकिल पर सवार तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान आकाश (17), छोटू (25) और डबलू (35) के रूप में हुई है। सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।



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