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कोरापुट (ओडिशा) .ओडिशा के रायगढ़ जिले में 22 वर्षीय एक महिला ने चलती बस में एक शिशु को जन्म दिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मां और नवजात को रायगढ़ के गुनुपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने बताया कि परलाखेमुंडी से बुधवार शाम साढ़े पांच बजे बस रवाना हुई थी, लेकिन इसके 30 मिनट बाद ही महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी थी। अधिकारियों ने बताया कि बस में परलाखेमुंडी अस्पताल के चिकित्सक अरुण नायक और एक यात्री महिला की पीछे वाली सीट पर बैठे थे। चिकित्सक ने यात्री की मदद से महिला को शिशु को जन्म देने में सहायता की। उन्होंने बताया कि बस के कर्मचारियों ने मां और नवजात शिशु को तत्काल परलाखेमुंडी से 50 किलोमीटर दूर स्थित गुनुपुर अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल अधीक्षक रमेश साहू के अनुसार, मां और उसका नवजात शिशु दोनों स्वस्थ हैं। नवजात का वजन 2.2 किलोग्राम है। -
सिंगापुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को सिंगापुर को विकासशील देशों के लिए एक आदर्श बताया और कहा कि भारत अपने खुद के ‘‘कई सिंगापुर'' बनाना चाहता है। सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के साथ बातचीत के दौरान मोदी ने इस देश की चौथी पीढ़ी के नेतृत्व पर भरोसा जताया। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सिंगापुर महज एक साझेदार देश नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक विकासशील देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत में भी कई ‘सिंगापुर' बनाना चाहते हैं और मुझे खुशी है कि हम इस दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं। हमारे बीच जिस मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन की व्यवस्था हुई है, वह एक पथ-प्रदर्शक तंत्र है।'' सिंगापुर के प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘आपके प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह हमारी पहली मुलाकात है। मेरी ओर से आपको बहुत-बहुत बधाई। मुझे पूरा भरोसा है कि 4जी (चौथी पीढ़ी के नेताओं) के नेतृत्व में सिंगापुर और भी तेजी से प्रगति करेगा।'' वोंग ने मई में सिंगापुर के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। अर्थशास्त्री से नेता बने वोंग (51) ने 72 वर्षीय ली सीन लूंग का स्थान लिया जो दो दशक तक सिंगापुर के प्रधानमंत्री रहे। ये दोनों ही नेता सत्तारूढ़ ‘पीपुल्स एक्शन पार्टी' (पीएपी) से संबंधित हैं जो पांच दशकों से अधिक समय से सिंगापुर की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ा रही है। पूर्व उपप्रधानमंत्री वोंग प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में पीएपी नेताओं की चौथी पीढ़ी की सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ब्रुनेई की अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा समाप्त करने के बाद वोंग के निमंत्रण पर इस दक्षिण-पूर्व एशियाई देश की अपनी पांचवीं आधिकारिक यात्रा के तहत बुधवार को यहां पहुंचे थे। मोदी ने कहा, ‘‘कौशल, डिजिटलीकरण, गतिशीलता, उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर और एआई (कृत्रिम मेधा), स्वास्थ्य सेवा, स्थिरता और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोगात्मक पहलों की पहचान की गई है।'' मोदी ने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट' नीति के लिए भी सिंगापुर बहुत अहम है। उन्होंने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक मूल्यों में हमारी साझा आस्था हमें जोड़ती है। मुझे अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में सिंगापुर आने का अवसर पाकर बहुत खुशी हो रही है।'' भारत और सिंगापुर के बीच रणनीतिक साझेदारी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘पिछले 10 साल में हमारा व्यापार दोगुने से भी अधिक हो गया है। आपसी निवेश लगभग तीन गुना बढ़कर 150 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है। सिंगापुर पहला देश था जिसके साथ हमने ‘यूपीआई पर्सन टू पर्सन' (यूपीआई के माध्यम से दो व्यक्तियों या व्यक्तिगत खातों के बीच राशि का हस्तांतरण) भुगतान सुविधा शुरू की।'' उन्होंने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि पिछले 10 साल में सिंगापुर के 17 उपग्रहों को भारतीय धरती से प्रक्षेपित किया गया है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास से लेकर रक्षा क्षेत्र तक सहयोग में तेजी आई है और ‘सिंगापुर एअरलाइंस' तथा ‘एअर इंडिया' के बीच समझौते से संपर्क सुविधा मजबूत हुई है। मोदी ने कहा, ‘‘हम अपने संबंधों को एक ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक ले जा रहे हैं। सिंगापुर में रहने वाले भारतीय मूल के 3.5 लाख लोग हमारे संबंधों की मजबूत नींव हैं...हम सिंगापुर में सुभाष चंद्र बोस, आजाद हिंद फौज और ‘लिटिल इंडिया' को मिले स्थान और सम्मान के लिए सिंगापुर के हमेशा आभारी रहेंगे।'' भारत एवं सिंगापुर 2025 में अपने संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाएंगे। मोदी ने इस अवसर को भव्य तरीके से मनाने के लिए दोनों देशों से एक कार्ययोजना बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। मोदी ने कहा, ‘‘मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत का पहला तिरुवल्लुवर सांस्कृतिक केंद्र जल्द ही सिंगापुर में खोला जाएगा। महान संत तिरुवल्लुवर ने दुनिया का मागदर्शन करने वाले अपने विचार सबसे प्राचीन भाषा तमिल में व्यक्त किए थे। उनकी रचना ‘तिरुक्कुरल' लगभग 2,000 साल पहले लिखी गई थी, फिर भी इसमें व्यक्त किए गए विचार आज भी प्रासंगिक हैं।'' प्रधानमंत्री ने तिरुवल्लुवर के इन शब्दों को उद्धृत किया- ‘‘नयानोडु नानरी पुरींड पयानुदैयार पंबू परट्टुं उलगु'' (दुनिया उन लोगों की सराहना करती है जो न्याय की समझ और दूसरों की सेवा करने के भाव के लिए जाने जाते हैं)। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सिंगापुर में रहने वाले लाखों भारतीय भी इन विचारों से प्रेरित हैं और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं। मोदी ने कहा कि उन्होंने सिंगापुर में शांगरी-ला वार्ता के दौरान हिंद-प्रशांत को लेकर भारत के दृष्टिकोण को पेश किया था। उन्होंने कहा, ‘‘हम क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सिंगापुर के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। मुझे दिए गए सम्मान और गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए मैं एक बार फिर दिल से धन्यवाद देता हूं।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के प्रति सम्मान केवल बातों तक ही सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे अमल में भी लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और माता-पिता की यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को इस तरह से शिक्षित करें कि वे हमेशा महिलाओं की गरिमा बनाए रखें।
मुर्मू ने यहां राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘किसी भी समाज में महिलाओं की स्थिति उनके विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मानदंड है। शिक्षकों और अभिभावकों की यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को इस तरह शिक्षित करें कि वे हमेशा महिलाओं की गरिमा बनाये रखें।'' राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षकों का यह कर्तव्य है कि वे ऐसे नागरिक तैयार करें जो न केवल शिक्षित हों बल्कि संवेदनशील, ईमानदार और व्यावहारिक भी हों। उन्होंने कहा, जीवन में आगे बढ़ना ही सफलता है, लेकिन जीवन का अर्थ दूसरों के कल्याण के लिए काम करने में निहित है। हममें करुणा होनी चाहिए। हमारा आचरण नैतिक होना चाहिए। सार्थक जीवन में ही सफल जीवन निहित है। छात्रों को ये मूल्य सिखाना शिक्षकों का कर्तव्य है।'' मुर्मू ने कहा कि किसी भी शिक्षा प्रणाली की सफलता में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षण केवल एक नौकरी नहीं है। यह मानव के विकास का एक पवित्र मिशन है। यदि कोई बच्चा अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम नहीं है, तो शिक्षा प्रणाली और शिक्षकों की जिम्मेदारी अधिक होती है।'' उन्होंने कहा कि शिक्षक अक्सर केवल उन विद्यार्थियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो अकादमिक रूप से उत्कृष्ट होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन उत्कृष्टता का केवल एक आयाम है। एक बच्चा बहुत अच्छा खिलाड़ी हो सकता है; किसी बच्चे में नेतृत्व कौशल हो सकता है; कोई बच्चा सामाजिक कल्याण गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने में रुचि रखता है। शिक्षक को प्रत्येक बच्चे की स्वाभाविक प्रतिभा को पहचानना होगा और उसे बाहर लाना होगा।'' राष्ट्रपति ने शिक्षकों से कहा कि उनके छात्रों की पीढ़ी एक विकसित भारत का निर्माण करेगी। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों को वैश्विक सोच और विश्वस्तरीय कौशल रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘‘महान शिक्षक महान राष्ट्र का निर्माण करते हैं। केवल विकसित मानसिकता वाले शिक्षक ही ऐसे नागरिक तैयार कर सकते हैं जो विकसित राष्ट्र का निर्माण करेंगे। मुझे विश्वास है कि विद्यार्थियों को प्रेरित करके हमारे शिक्षक भारत को दुनिया का ज्ञान केंद्र बनाएंगे।
- सिंगापुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को सिंगापुर में शीर्ष कारोबारियों और मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) से मुलाकात की। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने भारत में निवेश और नवोन्मेषण लाने के लिए उन्हें देश में अभी जारी सुधारों के बारे में बताया।सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के निमंत्रण पर मोदी अभी दो दिन की सिंगापुर की यात्रा पर हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ सिंगापुर में शीर्ष कारोबारियों और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) से बातचीत की। हमने आर्थिक संबंधों को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। मैंने भारत में जारी उन सुधारों को रेखांकित किया जो निवेश तथा नवाचार को बढ़ावा देंगे।’’ भारत-सिंगापुर व्यापार पिछले 10 साल में दोगुना से भी अधिक हो गया है। पारस्परिक निवेश करीब तीन गुना होकर 150 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है।
- गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में संपत्ति के एक हिस्से को लेकर 20 वर्षीय आरोपी युवक ने बुधवार को हथौड़े से चचेरे भाई की हत्या कर दी तथा चाची को घायल कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान राकेश कुमार के रूप में हुई है। आरोपी रविंदर ने कुमार के घर में घुसकर उस पर हथौड़े से हमला किया। राकेश के भाई राजेश ने पुलिस को बताया कि उसका चचेरा भाई घर में घुस आया और सोते समय राकेश पर हमला कर दिया। राजेश ने पुलिस थाने में दर्ज कराई शिकायत में कहा, "परिवार के सदस्यों के बीच एक प्लॉट को लेकर कुछ विवाद था। यह मामला पंचायत में सुलझा लिया गया था, लेकिन बुधवार को मेरा चचेरा भाई रविंदर घर में घुस आया और जब राकेश सो रहा था तो उसने उस पर हथौड़े से हमला कर दिया।'' उन्होंने बताया कि जब उनकी मां ने उसे बचाने की कोशिश की तो रविंदर ने उन पर भी हमला कर दिया और फिर मौके से भाग गया। राजेश ने कहा, "हम उन्हें पास के एक निजी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने मेरे भाई को मृत घोषित कर दिया।" पुलिस ने बताया कि आरोपी रविंदर को पकड़ने के लिए तीन टीम गठित की गई हैं।सदर पुलिस थाने के थाना प्रभारी अर्जुन देव ने कहा, ''हमने पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया है। घायल महिला की हालत स्थिर है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हथौड़ा जब्त कर लिया है।''
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नयी दिल्ली ।भारत में सड़क दुर्घटना की जांच अक्सर ‘दोषी' चालकों पर केंद्रित होती है, जबकि जांच के तरीके बुनियादी हैं और उनमें गहनता का अभाव है जिससे दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कारकों की व्यापक समझ नहीं हो पाती। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। बिना किसी गति नियंत्रण उपायों के बस्तियों से गुजरने वाले राजमार्गों के खंडों पर ‘ब्लैक स्पॉट' का एक बड़ा हिस्सा, शहर की सड़कों पर पैदल यात्री पथों और साइकिल ट्रैक की कमी, बस स्टॉप और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों के पास सुरक्षित क्रॉसिंग सुविधाओं की कमी और सीट बेल्ट तथा हेलमेट का कम उपयोग रिपोर्ट में उजागर की गई खामियों में शामिल हैं। रिपोर्ट का अनावरण बुधवार को सड़क दुर्घटनाओं में चोटों की रोकथाम और सुरक्षा बढ़ाने के लिए आयोजित 15वें विश्व सम्मेलन में किया गया। यह दस्तावेज जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ इंडिया द्वारा तैयार किया गया है और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के भारत कार्यालय द्वारा इसका समर्थन किया गया है। इसमें कहा गया, ‘‘सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 4 ई - इंजीनियरिंग (सड़क और वाहन), इन्फोर्समेंट (प्रवर्तन), एजुकेशन (शिक्षा) और (इमरजेंसी केयर) आपातकालीन देखभाल - में सन्निहित कई सड़क सुरक्षा पहल लागू हैं।'' इसके अनुसार, ‘‘हालांकि, यह एक अलग दृष्टिकोण है और क्रमबद्ध सोच, सतत विकास तथा समानता के दृष्टिकोण से दायरे को सीमित करता है, जो सड़क सुरक्षा और सतत विकास पर त्वरित कार्रवाई के लिए बहुत जरूरी है।'' रिपोर्ट में कहा गया है कि राजमार्गों पर दुर्घटना अवरोधों की अनुपस्थिति या अपर्याप्तता एकल-वाहन दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार होती है। इसके अनुसार, ‘‘सड़क दुर्घटना की जांच अक्सर ‘गलती करने वाले' चालक, निवारक साक्ष्य, व्यवस्थित सड़क डिजाइन और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित होती है। सड़क दुर्घटनाओं के लिए जांच के तरीके बुनियादी हैं और उनमें गहनता की कमी है, जिससे दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कारकों की व्यापक समझ नहीं हो पाती है।'' इसमें कहा गया है, ‘‘नियमित सड़क सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण लगातार नहीं किए जाते हैं, जिससे सड़क बुनियादी ढांचे में सुरक्षा से समझौते करने वाले ऐसे खतरे और खामियां रहती हैं जिनकी अनदेखी की जाती है।''
- आइजोल,। मिजोरम सरकार ने इस महीने की शुरुआत से पेट्रोल और डीजल के दाम चार रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। राज्य के एक मंत्री ने बुधवार को यह जानकारी दी। मिजोरम के कराधान मंत्री डॉ वनललथलाना ने कहा कि ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी सामाजिक बुनियादी ढांचे और सड़क रखरखाव के लिए वित्त जुटाने के इरादे से की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने सामाजिक बुनियादी ढांचे और सेवा उपकर के लिए डीजल और पेट्रोल दोनों पर दो-दो रुपये प्रति लीटर और सड़क रखरखाव के लिए दो रुपये प्रति लीटर का नया शुल्क लगाया है।'' उन्होंने कहा कि नई कीमतें राज्य में एक सितंबर से लागू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लोगों के लाभ और कल्याण के लिए लिया गया है। वनललथलाना ने कहा कि कुल चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी और हाल में वैट शुल्क बढ़ाए जाने के बावजूद ईंधन की मौजूदा कीमतें वर्ष 2021 की कीमतों से कम हैं। मिजोरम सरकार ने हाल ही में पेट्रोल पर वैट 5.23 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और डीजल पर 16.36 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने की अधिसूचना जारी की थी। इस अतिरिक्त शुल्क के साथ राजधानी आइजोल में पेट्रोल की मौजूदा कीमत 99.24 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल की कीमत 88.02 रुपये प्रति लीटर है। पहले इनकी कीमत क्रमशः 93.93 रुपये और 82.62 रुपये प्रति लीटर थी।
- सिद्धार्थनगर (उप्र)। जिले की एक महिला के साथ एक निजी एम्बुलेंस के चालक और सहायक द्वारा कथित तौर पर छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि महिला ने गंभीर रूप से बीमार अपने पति को घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस किराए पर ली थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने उसके पति को दी जा रही ऑक्सीजन की आपूर्ति भी रोक दी, जिससे बाद में उसकी मौत हो गई। महिला के पति का लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज हो रहा था।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने 29 अगस्त की शाम को अपने पति को अस्पताल से छुट्टी दिलाकर निजी एम्बुलेंस से घर ले जाने का निर्णय लिया, लेकिन लौटते समय चालक और सहायक ने महिला के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की। उसकी शिकायत के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया, तो चालक ने गंतव्य से लगभग 150 किलोमीटर पहले बस्ती जिले में एम्बुलेंस को रोक दिया और उसे, उसके भाई और उसके पति को वाहन से बाहर निकाल दिया। महिला ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया, जिसने उसके पति को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए एक अन्य एम्बुलेंस की व्यवस्था की, जहां पहुंचने पर उसके पति को मृत घोषित कर दिया गया। महिला लखनऊ लौटी और बुधवार को गाजीपुर थाने में चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।लखनऊ के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर) जितेंद्र कुमार दुबे ने कहा, “हमने महिला की शिकायत के आधार पर घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। हमारी टीमें आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही हैं।”
- रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा को बेहतर ढ़ंग से संचालित करने के लिए केदारपुरी में व्यवसाय कर रहे व्यापारियों एवं स्थानीय लोगों के वास्ते आज से निःशुल्क हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है। रुद्रप्रयाग के जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जुलाई में अतिवृष्टि के बाद केदारनाथ में व्यवसाय कर रहे लोगों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालकर नीचे लाया गया था तथा अब उन्हें निशुल्क हेलीकॉप्टर के माध्यम से केदारनाथ धाम पहुंचाया जाएगा । चौबे ने बताया कि विशेष हैली सेवा का संचालन हिमालय शेरसी हैलीपैड से किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इसके लिए इच्छुक ग्रामीणों को अपने व्यवसाय से संबंधित दस्तावेजों सहित अपना संपूर्ण विवरण संबंधित ग्राम प्रधान को उपलब्ध कराना होगा ताकि आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचाया जा सके। इकत्तीस जुलाई को केदारघाटी में बारिश और भूस्खलन से केदारनाथ पैदल मार्ग तथा मोटर मार्ग का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके कारण धाम की यात्रा अवरुद्ध हो गई थी। जिला प्रशासन द्वारा मार्ग को दुरूस्त कर दिया गया है जिसके बाद धीरे-धीरे केदारनाथ यात्रा पटरी पर आने लगी है।
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श्रीनगर। निर्वाचन आयोग ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव-2024 के दौरान मीडिया संस्थानों द्वारा अथवा किसी अन्य तरीके से ‘एग्जिट पोल' जारी करने पर रोक लगा दी है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी। आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के तहत यह प्रतिबंध लगाया है। चुनावों के दौरान समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाने वाला यह एक नियमित कदम है। आयोग के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अधिसूचना के अनुसार, चुनाव परिणामों पर एग्जिट पोल प्रतिबंध मतदान के पहले दिन मतदान के लिए निर्धारित समय से शुरू होगा और जम्मू-कश्मीर में मतदान समाप्त होने के आधे घंटे बाद तक जारी रहेगा।'' जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव तीन चरणों में होंगे, जिसमें पहले चरण का मतदान 18 सितंबर को, दूसरे चरण का मतदान 25 सितंबर को और तीसरे चरण का मतदान एक अक्टूबर को होगा। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 126ए का उपयोग करते हुए, निर्वाचन आयोग की अधिसूचना में इस बात पर जोर दिया गया कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का ‘एग्जिट पोल' नहीं करेगा और प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशित या प्रचारित नहीं करेगा। इस अवधि के दौरान किसी भी एग्जिट पोल के परिणाम पर रोक लगा दी गयी है।
निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के मुताबिक कोई भी व्यक्ति जो इस धारा के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, उसे दो वर्ष तक के कारावास या जुर्माने अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। निर्वाचन आयोग 18 सितंबर, 2024 (बुधवार) को सुबह सात बजे से लेकर पांच अक्टूबर, 2024 (शनिवार) को शाम 6:30 बजे के बीच की अवधि को अधिसूचित करता है...इस दौरान प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित किसी भी माध्यम से एग्जिट पोल का संचालन, प्रकाशन या प्रचार, उपरोक्त विधानसभा चुनावों के संबंध में प्रतिबंधित रहेगा। -
बहराइच. उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों के बढ़ते हमलों के बीच विशेषज्ञों का कहना है कि भेड़िये बदला लेने वाले जानवर होते हैं और संभवत: पूर्व में इंसानों द्वारा उनके बच्चों को नुकसान पहुंचाए जाने के प्रतिशोध के रूप में ये हमले किए जा रहे हैं। बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र के लोग मार्च से भेड़ियों के आतंक का सामना कर रहे हैं। बरसात के मौसम में हमले बढ़े हैं और जुलाई माह से लेकर सोमवार रात तक इन हमलों से सात बच्चों सहित कुल आठ लोगों की मौत हो चुकी है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित करीब 36 लोग घायल भी हुए हैं। भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी और बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में वन अधिकारी रह चुके ज्ञान प्रकाश सिंह अपने तजुर्बे के आधार पर बताते हैं कि भेड़ियों में बदला लेने की प्रवृत्ति होती है और पूर्व में इंसानों द्वारा उनके बच्चों को किसी ने किसी तरह की हानि पहुंचाई गई होगी, जिसके बदले के स्वरूप ये हमले हो रहे हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद ‘वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया' के सलाहकार के तौर पर सेवाएं दे रहे सिंह ने पूर्व के एक अनुभव का जिक्र करते हुए बताया, “20-25 साल पहले उत्तर प्रदेश के जौनपुर और प्रतापगढ़ जिलों में सई नदी के कछार में भेड़ियों के हमलों में 50 से अधिक इंसानी बच्चों की मौत हुई थी। पड़ताल करने पर पता चला था कि कुछ बच्चों ने भेड़ियों की एक मांद में घुसकर उनके दो बच्चों को मार डाला था। भेड़िया बदला लेता है और इसीलिए उनके हमले में इंसानों के 50 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई। बहराइच में भी कुछ ऐसा ही मामला लगता है।” उन्होंने कहा, “जौनपुर और प्रतापगढ़ में भेड़ियों के हमले की गहराई से पड़ताल करने पर मालूम हुआ कि अपने बच्चे की मौत के बाद भेड़िये काफी उग्र हो गए थे। वन विभाग के अभियान के दौरान कुछ भेड़िये पकड़े भी गए थे, लेकिन आदमखोर जोड़ा बचता रहा और बदला लेने के मिशन में कामयाब भी होता गया। हालांकि, अंतत: आदमखोर भेड़िये चिह्नित हुए और दोनों को गोली मार दी गई, जिसके बाद भेड़ियों के हमले की घटनाएं बंद हो गईं।” सिंह के अनुसार, बहराइच की महसी तहसील के गांवों में हो रहे हमलों का पैटर्न भी कुछ ऐसा ही एहसास दिला रहा है। उन्होंने कहा, “इसी साल जनवरी-फरवरी माह में बहराइच में भेड़ियों के दो बच्चे किसी ट्रैक्टर से कुचलकर मर गए थे। तब उग्र हुए भेड़ियों ने हमले शुरू किए तो हमलावर भेड़ियों को पकड़कर 40-50 किलोमीटर दूर बहराइच के ही चकिया जंगल में छोड़ दिया गया। संभवतः यहीं थोड़ी गलती हुई।” सिंह ने बताया, “चकिया जंगल में भेड़ियों के लिए प्राकृतिक वास नहीं है। ज्यादा संभावना यही है कि यही भेड़िये चकिया से वापस घाघरा नदी के किनारे अपनी मांद के पास लौट आए हों और बदला लेने के लिए हमलों को अंजाम दे रहे हों।” उन्होंने कहा, “अभी तक जो चार भेड़िये पकड़े गए हैं, वे सभी आदमखोर हमलावर हैं, इसकी उम्मीद बहुत कम है। हो सकता है कि एक आदमखोर पकड़ा गया हो, मगर दूसरा बच गया हो। शायद इसीलिए पिछले दिनों तीन-चार हमले हुए हैं।” बहराइच के प्रभागीय वन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह का भी कहना है, “शेर और तेंदुओं में बदला लेने की प्रवृत्ति नहीं होती, लेकिन भेड़ियों में होती है। अगर भेड़ियों की मांद से कोई छेड़छाड़ होती है, उन्हें पकड़ने या मारने की कोशिश की जाती है या फिर उनके बच्चों को किसी तरह का नुकसान पहुंचता है, तो वे इंसानों का शिकार कर बदला लेते हैं।” देवीपाटन के मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने कहा कि अगर आदमखोर भेड़िये पकड़ में नहीं आते हैं और उनके हमले जारी रहते हैं, तो अंतिम विकल्प के तौर पर उन्हें गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र में भेड़ियों को पकड़ने के लिए थर्मल ड्रोन और थर्मोसेंसर कैमरे लगाए गए हैं। जिम्मेदार मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी या तो क्षेत्र में डटे हुए हैं या मुख्यालय से स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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बंदर सेरी बेगवान. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परोक्ष रूप से चीन के संदर्भ में बुधवार को कहा कि भारत ‘‘विस्तारवाद की नहीं बल्कि विकास की नीति'' का समर्थन करता है। प्रधानमंत्री मोदी की ब्रुनेई की द्विपक्षीय यात्रा के दौरान दोनों देशों ने क्षेत्र में ‘‘नौवहन की स्वतंत्रता'' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। प्रधानमंत्री की सुल्तान हाजी हसनल बोलकिया के साथ रक्षा, व्यापार समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा के साथ भारत और ब्रुनेई ने द्विपक्षीय साझेदारी को ‘उच्च स्तर तक' बढ़ाने की कवायद को अमली जामा पहनाया। मोदी ने सुल्तान बोलकिया द्वारा आयोजित भोज में किसी देश का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘हम विस्तारवाद की नहीं बल्कि विकास की नीति का समर्थन करते हैं।'' चीन का दक्षिण चीन सागर (एससीएस) और पूर्वी चीन सागर (ईसीएस) में कई देशों के साथ विवाद है। चीन दक्षिण चीन सागर के अधिकांश हिस्से पर अपना दावा करता है, जबकि फिलीपीन, मलेशिया, वियतनाम, ब्रुनेई और ताइवान भी इस पर अपना दावा करते हैं। मोदी ने कहा, ‘‘हम इस बात पर सहमत हैं कि इस क्षेत्र में एक आचार संहिता को अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।'' उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा आसियान (दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन) को प्राथमिकता दी है और आगे भी ऐसा करता रहेगा। ब्रुनेई की द्विपक्षीय यात्रा पर आने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘हम यूएनसीएलओएस (समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र संधि) जैसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत नौवहन और उड़ान की स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं।'' दोनों नेताओं की वार्ता के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया। बयान के अनुसार, ‘‘दोनों नेताओं ने शांति, स्थिरता, समुद्री रक्षा और सुरक्षा को बनाए रखने एवं बढ़ावा देने के साथ नौवहन एवं उड़ान की स्वतंत्रता का सम्मान करने एवं अंतरराष्ट्रीय कानून विशेष रूप से यूएनसीएलओएस, 1982 के अनुरूप निर्बाध वैध व्यापार की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।'' इसमें कहा गया कि दोनों नेताओं ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से यूएनसीएलओएस 1982 के अनुसार शांतिपूर्ण तरीकों से विवादों को सुलझाने का आग्रह किया। मोदी ने ब्रुनेई को भारत की ‘एक्ट ईस्ट' नीति और हिंद-प्रशांत के लिए दृष्टिकोण में एक ‘‘महत्वपूर्ण साझेदार'' बताया और कहा कि सुल्तान के साथ उनकी बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई तथा दोनों पक्ष व्यापार संबंधों, वाणिज्यिक संबंधों और लोगों के बीच आदान-प्रदान को और आगे बढ़ाने जा रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘भारत और ब्रुनेई के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस अवसर पर हमने अपने संबंधों को साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।'' दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार और निवेश, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण, संस्कृति के साथ-साथ लोगों के बीच आदान-प्रदान सहित कई विषयों पर द्विपक्षीय वार्ता की। उन्होंने आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी), फिनटेक, साइबर सुरक्षा, नयी और उभरती प्रौद्योगिकियों और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावना तलाशने और उसे आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। मोदी ने कहा, ‘‘हमने अपनी साझेदारी को रणनीतिक दिशा देने के लिए अपने संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक बातचीत की। हम आर्थिक, वैज्ञानिक और रणनीतिक क्षेत्रों में अपने सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने कृषि-उद्योग, दवा और स्वास्थ्य क्षेत्रों के साथ-साथ फिनटेक और साइबर सुरक्षा में अपने सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने एलएनजी (तरल प्राकृतिक गैस) के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। अपने रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए हमने रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग की संभावनाओं पर रचनात्मक बातचीत की। अंतरिक्ष क्षेत्र में अपने सहयोग को मजबूत करने के लिए हमने उपग्रह विकास, रिमोट सेंसिंग और प्रशिक्षण में सहयोग पर सहमति व्यक्त की है।'' दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की और देशों से इसे खारिज करने का आह्वान किया। उन्होंने आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी क्षेत्रों में मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। संयुक्त बयान में कहा गया, ‘‘द्विपक्षीय संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में हुई शानदार प्रगति पर विचार करते हुए, दोनों नेताओं ने आपसी हित के सभी क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत, गहन एवं प्रगाढ़ करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।'' दोनों नेताओं ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि यह ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है तथा उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले चार दशकों में विभिन्न क्षेत्रों में ब्रुनेई और भारत के बीच गहरी मित्रता और मजबूत हुई है। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को और बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने नियमित आदान-प्रदान और संवाद के महत्व को रेखांकित किया, जिसे संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) जैसे प्रमुख मंचों के साथ-साथ अन्य प्रासंगिक द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से आयोजित किया जाना चाहिए। संयुक्त बयान में कहा गया कि उन्होंने खाद्य सुरक्षा के महत्व को स्वीकार किया तथा ज्ञान, सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभव के आदान-प्रदान के माध्यम से कृषि और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के ब्रुनेई में स्थापित टेलीमेट्री ट्रैकिंग एवं टेलीकमांड (टीटीसी) केंद्र को जारी रखने के लिए ब्रुनेई की भरपूर सराहना की। इस केंद्र से भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में जारी उसके प्रयासों में मदद मिली है। दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को मजबूत करने तथा समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने वाले बहुपक्षवाद को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन से निपटने तथा पेरिस समझौते जैसे अंतरराष्ट्रीय जलवायु उद्देश्यों के अनुरूप इस बढ़ती चुनौती के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के प्रयासों को बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने सुल्तान और पूरे शाही परिवार को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने सुल्तान को भारत आने का निमंत्रण दिया। दोनों पक्षों ने उपग्रह और प्रक्षेपण वाहनों के लिए टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और टेलीकमांड स्टेशन के संचालन में सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए। सिंगापुर के लिए रवाना होने से पहले मोदी ने ब्रुनेई की अपनी यात्रा को ‘‘सार्थक'' बताते हुए कहा कि इससे ‘‘भारत-ब्रुनेई संबंधों को और भी मजबूत बनाने के लिए एक नए युग'' की शुरुआत हुई है, जो हमारी धरती को बेहतर बनाने में योगदान देता है.
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नयी दिल्ली. श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की पेंशन योजना के दायरे में आने वाले पेंशनभोगी जनवरी से किसी भी बैंक या उसकी शाखा से पेंशन ले सकेंगे। श्रम मंत्रालय ने बयान में कहा कि मांडविया ने कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) 1995 के लिए एक केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली (सीपीपीएस) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वह ईपीएफओ के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) के चेयरपर्सन भी हैं। बयान के अनुसार, केंद्रीकृत पेंशन भुगतान व्यवस्था से पूरे देश में किसी भी बैंक या किसी भी शाखा के माध्यम से पेंशन का वितरण हो सकेगा। मंत्री ने कहा, ‘‘सीपीपीएस की मंजूरी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर है। इसके तहत पेंशनधारक देश में कहीं भी, किसी भी बैंक, किसी भी शाखा से अपनी पेंशन प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल लंबे समय से चली आ रही पेंशधारकों की समस्याओं का समाधान करती है। यह व्यवस्था एक निर्बाध और कुशल वितरण प्रणाली सुनिश्चित करती है।'' उन्होंने कहा कि यह ईपीएफओ को अपने सदस्यों और पेंशनधारकों की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए अधिक मजबूत, उत्तरदायी और तकनीक-सक्षम संगठन में बदलने के हमारे प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली से ईपीएफओ के 78 लाख से अधिक ईपीएस-95 पेंशनधारकों को लाभ होने की उम्मीद है। केंद्रीकृत प्रणाली पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरित करने की आवश्यकता के बिना पूरे देश में पेंशन का निर्बाध वितरण सुनिश्चित करेगी। यह उन पेंशनधारकों के लिए बड़ी राहत होगी जो सेवानिवृत्ति के बाद अपने गृहनगर चले जाते हैं।
यह सुविधा एक जनवरी, 2025 से ईपीएफओ की चल रही सूचना प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण परियोजना केंद्रीकृत आईटी युक्त प्रणाली (सीआईटीईएस 2.01) के हिस्से के रूप में शुरू की जाएगी। अगले चरण में, सीपीपीएस आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) में एक सुचारु परिवर्तन लाएगी। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि नई प्रणाली मौजूदा पेंशन वितरण प्रक्रिया से महत्वपूर्ण बदलाव है, जिसके तहत ईपीएफओ के प्रत्येक क्षेत्रीय/क्षेत्रीय कार्यालय को केवल तीन-चार बैंकों के साथ अलग-अलग समझौते करने पड़ते थे। इसमें कहा गया है कि अब पेंशनभोगियों को पेंशन शुरू होने के समय सत्यापन के लिए बैंक शाखा में जाने की जरूरत नहीं होगी और भुगतान जारी होने पर तुरंत जमा कर दिया जाएगा। इसके साथ ही ईपीएफओ को उम्मीद है कि नई प्रणाली से पेंशन वितरण लागत में महत्वपूर्ण कमी आएगी। - मुंबई । कम से कम 58 फीसदी भारतीय सुस्ती और कार्यस्थल पर थकान महसूस करते हैं, जो वैश्विक औसत 48 फीसदी के मुकाबले काफी अधिक है। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है। भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की)तथा बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की साझा रिपोर्ट ‘इंडिया एचआर रिवोल्यूशनः बिल्डिंग वर्कप्लेस फॉर द फ्यूचर’ में कहा गया है कि धारणा के विपरीत थकावट अत्यधिक काम करने की वजह से नहीं बल्कि यह लगातार सहयोग और बातचीत की बढ़ती जरूरत के कारण है।रिपोर्ट में कहा गया है, ‘बढ़ते सहयोगात्मक पदचिह्न ने तनाव के स्तर को बढ़ाने में मदद किया है क्योंकि इसमें किसी भी काम को पूरा करने के लिए ज्यादा और बार-बार बातचीत की जरूरत होती है। इसमें कई छोटी, नियमित बातचीत भी शामिल हैं, जिन्हें सूक्ष्म तनाव के तौर पर परिभाषित किया जाता है और ये कुल मिलाकर कर्मचारियों को महत्त्वपूर्ण तौर पर प्रभावित करते हैं।’मुंबई में आयोजित फिक्की इनोवेशन समिट 2024 के दौरान पेश की गई रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि थकावट और समावेशन के लिए निरुत्साहित रहने के बीच गहरा संबंध है। अगर किसी कर्मचारी को ऐसा लगता है कि वह अपने कार्यस्थल पर अधिक सक्रिय है और कंपनी या संस्था भी उसकी मदद के लिए तत्पर रहती है तो उसे कम थकावट महसूस हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘समावेशन सिर्फ भर्ती से काफी आगे तक होना चाहिए और इसमें कर्मचारियों की बातों को लगातार सुनना और उनकी समस्याओं को हल करना शामिल है।’रिपोर्ट में कहा गया है, ‘नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों के प्रति गहरी समझ हासिल करनी चाहिए, जिस तरह वे अपने ग्राहकों को समझते हैं, ताकि उन्हें भी खुश, प्रेरित और अपने साथ बनाए रखा जा सके।’ रिपोर्ट में सुझाया गया है कि संगठन को यह मूल्यांकन करना चाहिए कि वे इन भावनाओं पर कितनी अच्छी तरह से खरा उतरते हैं, कमी का पता लगाना चाहिए और सभी कर्मचारियों की मदद के लिए उनके बच्चों की देखभाल वाली सेवाओं, वित्तीय परामर्श और लचीली काम की अवधि जैसी सुविधाएं प्रदान करना चाहिए।इसके अलावा रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि संगठन अब अपनी मानव संसाधन (एचआर) प्रक्रियाओं में भी जेनरेटिव आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (जेन-एआई) को लागू करना चाहते हैं। करीब 45 फीसदी भारतीय कंपनियां अपनी मानव संसाधन प्रक्रियाओं में जेनरेटिव एआई को लागू कर चुकी हैं अथवा संचालित कर रही हैं। जेन एआई के साथ करीब 93 फीसदी कंपनियों ने बेहतर दक्षता और उत्पादकता दर्शाई है।बीसीजी के प्रबंध निदेशक आशिष गर्ग ने कहा, ‘कंपनियां अब जेनरेटिव एआई के साथ प्रायोगिक चरण से आगे बढ़ रही हैं, एचआर मूल्य श्रृंखला में विस्तार कर रही हैं और जेन एआई विशेषज्ञता हासिल करने में भी निवेश कर रही हैं। विकास और नवाचार को बरकरार रख भारतीय कंपनियां भविष्य के उद्देश्य और नवोन्मेषी कार्यस्थलों की नींव भी तैयार कर रही हैं।’
- भोपाल. मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित राजकीय संग्रहालय में चोरी करने के इरादे से एक व्यक्ति सोमवार की रात संग्रहालय की इमारत में ही छिप गया, लेकिन मंगलवार सुबह प्राचीन सिक्के लेकर भागने की कोशिश करते समय पकड़ा गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि यह घटना राज्य संग्रहालय में हुई। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम को बंद होने के समय से पहले संग्रहालय में एक व्यक्ति- जिसका नाम उजागर नहीं किया गया - प्रवेश कर किया और अंदर रहने में कामयाब रहा, लेकिन बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उसे देख लिया और सुबह पुलिस को सूचित किया। मिश्रा ने बताया कि पुलिस तुरंत पहुंची और इमारत को घेर लिया। वह भागने की कोशिश में दीवार से कूद गया, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। उसके कब्जे से गुप्त और सल्तनत काल के करीब 100 सिक्के जब्त किए गए। आयुक्त ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
- सुलतानपुर (उप्र) .सुलतानपुर जिले में मंगलवार शाम दो युवकों के मध्य विवाद में गोली चलने से एक युवक की मौत हो गई। मृत युवक सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के मंडल अध्यक्ष राम अभिलाख सिंह का भतीजा बताया जा रहा है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार घटना कोतवाली नगर के पयागीपुर स्थित एक रेस्टोरेंट के बाहर की है, जहां मामूली विवाद में दो युवक आपस में भिड़ गए। पुलिस ने बताया कि कुछ देर तक हाथापाई के बाद एक युवक ने दूसरे को गोली मार दी। गोली लगने से कोतवाली देहात थाना अंतर्गत पकड़ी गांव निवासी अभय प्रताप सिंह (23) की मौत हो गई। अभय भाजपा मंडल अध्यक्ष राम अभिलाख सिंह का भतीजा बताया गया है। पुलिस ने बताया कि घायल युवक को उसके साथी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकत्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोतवाल एके द्विवेदी, सीओ सिटी शिवम मिश्रा और पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा घटना के बाद अस्पताल पहुंचे। पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने बताया कि घटना आपसी विवाद को लेकर हुई। कारण क्या था ये आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही सामने आएगा। उन्होंने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर विधिक कार्रवाई की जाएगी। बर्मा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई हैं।
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जींद (हरियाणा) .जींद के नरवाना में श्रद्धालुओं से भरे एक वाहन के ट्रक की चपेट में आ जाने से तीन महिलाओं समेत आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। घायलों का नरवाना के सरकारी अस्पताल में इलाज हो रहा है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कुरुक्षेत्र के मर्छेदी गांव से करीब 15 लोग सोमवार शाम को एक कार से राजस्थान के गोगामेड़ी धाम में पूजा अर्चना के लिए जा रहे थे। देर रात करीब साढ़े 12 बजे जब वे नरवाना के बिरधाना गांव के पास पहुंचे तो पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे कार गड्ढे में गिर गई और पलट गई। पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद राहगीरों ने कार में सवार लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की और नरवाना थाना सदर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि घायलों को इलाज के लिए नरवाना के सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने आठ लोगों को मृत घोषित कर दिया जबकि बाकी घायलों को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मृतकों की पहचान रुक्मिणी (50), कामिनी (35), तेजपाल (55), सुरेश (50), परमजीत (50), मुक्ति (50) के रूप में हुई है। अन्य मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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नयी दिल्ली.एटलस साइकिल्स के पूर्व अध्यक्ष सलिल कपूर ने मंगलवार को लुटियंस दिल्ली इलाके में अपने घर पर कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कपूर के मैनेजर ने उनका शव अपराह्न करीब एक बजे डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम रोड स्थित उनके घर के पूजा कक्ष के पास खून से लथपथ पाया। पुलिस अधिकारी के अनुसार, कपूर ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से अपने सिर में गोली मार ली। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से बरामद एक नोट में एटलस साइकिल्स के पूर्व अध्यक्ष ने कथित तौर पर अपने ऊपर ‘‘वित्तीय बोझ'' का उल्लेख किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कपूर की पत्नी और तीन बच्चे अलग रह रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कपूर के मैनेजर और उनका परिवार तीन मंजिला इमारत में उनके साथ रहता था। उन्होंने बताया कि कपूर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक और अन्य टीम को मौके से साक्ष्य एकत्र करने के लिए बुलाया गया है। कपूर को 2015 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नौ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। उन पर धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। सलिल कपूर की रिश्तेदार नताशा कपूर ने भी जनवरी 2020 में उसी घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। नताशा ने एक नोट में परिवार के सदस्यों से अपना खयाल रखने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने यह कदम उठाने के पीछे का कारण नहीं बताया था।
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बंदर सेरी बेगवान. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ब्रुनेई में भारतीय उच्चायोग के नए ‘चांसरी' परिसर का उद्घाटन किया और इसे दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का संकेत बताया। दो देशों की यात्रा के पहले चरण में आज यहां पहुंचे मोदी ब्रुनेई की द्विपक्षीय यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘भारतीय उच्चायोग के नये ‘चांसरी' परिसर का उद्घाटन करके प्रसन्न हूं। यह ब्रुनेई दारुस्सलाम के साथ हमारे मजबूत संबंधों का संकेत है। यह भारतीय मूल के लोगों की भी सेवा करेगा।'' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत-ब्रुनेई संबंधों को मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बंदर सेरी बेगवान में भारतीय उच्चायोग के चांसरी (उच्चायोग का एक हिस्सा) भवन का उद्घाटन किया और एक स्मारक पट्टिका का अनावरण किया।'' विदेश मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि इस अवसर पर मोदी ने दीप प्रज्वलित किया तथा पट्टिका का अनावरण किया। मंत्रालय ने कहा कि ‘चांसरी' परिसर भारतीयता की गहन भावना को दर्शाता है, जिसमें पारंपरिक रूपांकनों तथा हरे-भरे वृक्षों को कुशलतापूर्वक एकीकृत किया गया है। उसने कहा कि सुरुचिपूर्ण आवरण और टिकाऊ कोटा पत्थरों का उपयोग, इसके सौंदर्य आकर्षण को और बढ़ाता है, जो पारम्परिक और समकालीन तत्वों का सामंजस्यपूर्ण सम्मिश्रण है। विज्ञप्ति के अनुसार, यह डिजाइन न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, बल्कि एक शांत और आकर्षक वातावरण भी प्रदान करता है। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत भी की। उन्होंने दोनों देशों के बीच जीवंत सेतु के रूप में उनकी भूमिका तथा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की। बयान के अनुसार, ब्रुनेई में भारतीयों के आगमन का पहला चरण 1920 के दशक में तेल की खोज के साथ शुरू हुआ था। वर्तमान में, लगभग 14,000 भारतीय ब्रुनेई में रह रहे हैं। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘ब्रुनेई की स्वास्थ्य देखभाल सेवा तथा शिक्षा क्षेत्रों के विकास में भारतीय चिकित्सकों तथा शिक्षकों के योगदान को अच्छी मान्यता मिली है।
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मुंबई. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि महिलाओं के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में ‘कमियां' हैं। मुर्मू ने इनका पुनर्मूल्यांकन करने की जरूरत को रेखांकित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक विकास के बिना राष्ट्र की प्रगति पूरी तरह से साकार नहीं हो सकती। मुंबई में महाराष्ट्र विधान परिषद के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत की आधी आबादी महिलाओं की है और देश को आगे ले जाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक प्रगति के बिना देश का विकास उस तरह नहीं हो सकता जैसा होना चाहिए।'' राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं को शायद अभी आगे बढ़ाया जा रहा है, लेकिन भविष्य में वे ‘‘चलेंगी, दौड़ेंगी और उड़ेंगी'' तथा राष्ट्र के विकास में योगदान देंगी। उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं को देखने और समझने के तरीके में खामी है। महिलाओं के प्रति नजरिये में बदलाव की जरूरत है। इसे बदलना हमारा कर्तव्य और जिम्मेदारी है।'' राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘भविष्य में, हम शायद वह नहीं देखेंगे जो हम अभी देख रहे हैं और जिसका सामना महिलाएं कर रही हैं।'' उनकी यह टिप्पणी कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में एक महिला जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या तथा बदलापुर के एक स्कूल में दो नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण की घटना पर व्यापक आक्रोश की पृष्ठभूमि में आई है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ने 28 अगस्त को कहा था कि अब समय आ गया है कि भारत महिलाओं के खिलाफ अपराधों की ‘‘विकृतियों'' के प्रति जागरूक हो और उस मानसिकता का मुकाबला करे जो महिलाओं को ‘‘कम शक्तिशाली, कम सक्षम, कम बुद्धिमान'' के रूप में देखती है। विधान परिषद में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने मराठा सम्राज्य के संस्थापक एवं महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरमाता जीजाबाई और महिला शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के योगदान की भी सराहना की। राष्ट्रपति मुर्मू ने रेखांकित किया कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और एनी बेसेंट द्वारा शुरू किए गए ‘होम रूल' आंदोलन ने स्वशासन की मांग को बल दिया। उन्होंने कहा कि इस (आंदोलन) के परिणामस्वरूप 1919 अधिनियम पारित हुआ, जिसे 1921 में लागू किया गया और इसके परिणामस्वरूप तत्कालीन बॉम्बे प्रेसीडेंसी में एक अनंतिम विधायिका का गठन भी हुआ। उन्होंने कहा कि 1960 में बॉम्बे प्रेसीडेंसी का विभाजन कर महाराष्ट्र और गुजरात के गठन के बाद इसे महाराष्ट्र राज्य विधानमंडल के रूप में जाना जाने लगा। राष्ट्रपति ने कहा कि महाराष्ट्र में पिछले 103 वर्षों से विधानमंडल ने लोगों की आकांक्षाओं और अभिव्यक्तियों को मंच दिया है। उन्होंने कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर भी राज्य विधानमंडल के सदस्य थे। मुर्मू ने कहा कि विधानमंडल के ऊपरी सदन को वरिष्ठों का सदन कहा जाता है। लेकिन युवा लोग भी राज्यसभा और विधान परिषदों में चुनकर आते हैं और देश के विकास में मदद करते हैं।
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला के तलाक के मामले में न्यायिक प्रणाली की कड़ी आलोचना की है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में महिला और उसके बेटे के साथ न्याय नहीं हुआ। महिला की शादी 1991 में हुई थी और एक साल बाद उसने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद उसके पति ने उसे छोड़ दिया और तलाक के लिए कर्नाटक की पारिवारिक अदालत में अर्जी दी। अदालत ने तीन बार पति के पक्ष में तलाक का फैसला सुनाया, जबकि पति ने महिला या उनके बेटे के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं दी।
महिला ने हाई कोर्ट में अपील की, जिसने कई बार पारिवारिक अदालत को फिर से विचार करने का आदेश दिया। लेकिन हर बार पति को तलाक मिल गया। तीसरी बार, हाई कोर्ट ने पति को 20 लाख रुपये की गुजारा भत्ता देने के साथ तलाक मंजूर कर लिया, जबकि स्थानीय अदालत ने महिला को 25 लाख रुपये गुजारा भत्ता का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और उज्जल भुयान की बेंच ने इस मामले को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने कहा कि पति ने सालों तक महिला के साथ क्रूरता की और अपने बेटे के भविष्य की कोई चिंता नहीं की। कोर्ट ने पारिवारिक अदालत के फैसलों की आलोचना की, जिसमें बार-बार तलाक दिया गया।हालांकि, कोर्ट ने यह भी माना कि पति-पत्नी 1992 से अलग रह रहे हैं, इसलिए तलाक का फैसला शर्तों के साथ बरकरार रखा गया। कोर्ट ने पति को 20 लाख रुपये की जगह 30 लाख रुपये का गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। साथ ही, कोर्ट ने कहा कि जिस घर में महिला, उसका बेटा और उसकी सास रहते हैं, वह उनके पास ही रहेगा और पति को उस घर में हस्तक्षेप नहीं करने दिया जाएगा।कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर पति के पास कोई और संपत्ति है, तो बेटे को उस पर प्राथमिकता के आधार पर अधिकार होगा। अगर पति ने इन आदेशों का पालन नहीं किया, तो तलाक का फैसला रद्द कर दिया जाएगा। कोर्ट ने पति को आदेश दिया कि वह तीन महीने के भीतर गुजारा भत्ता का भुगतान करें, जिसमें 3 अगस्त, 2006 से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी शामिल हो। अगर पति ने समय पर भुगतान नहीं किया, तो पारिवारिक अदालत कानूनी कार्रवाई करेगी। - देहरादून। देहरादून के विकासनगर में सोमवार सुबह भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. जिले में जोनसर के पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन होने से राजमार्ग ठप हो गया. इसके अलावा प्रशासन को ककाडी खड्ड के भी पास भारी मलबा इकट्ठा होने और जजरेड की पहाड़ियों से लगातार पत्थर गिरने के कारण जिले के कालसी चकराता मोटर मार्ग, ध्वैरा मोड़ को बंद करना पड़ा. पहाड़ों से लगातार पत्थरों के गिरने के कारण पीडब्ल्यूडी को मार्ग खोलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बुलडोजर के जरिए मार्ग से मलबे को हटाया जा रहा है.विकास नगर के अलावा प्रदेश के चमोली जिले में भी कई दिनों से हो रही भारी बारिश की वजह से हुए जलभराव और भूस्खलन की वजह से पागल नाला में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करना पड़ा है. बारिश की वजह से गिरे मलबे और पत्थरों की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर मिट्टी और पत्थरों का ढेर इकट्ठा हो गया. इसके चलते राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया. राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन ठप होने के चलते दोनों तरफ आने और जाने वाहन फंसे हैं.स्थानीय प्रशासन मलबे को हटाकर यातायात बहाल करने की कोशिश में लगा है, लेकिन बीच-बीच में मलबे के गिरने की वजह से काम को रोकना पड़ता है, इससे यातायात बहाल होने में समय लग रहा है. में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करना पड़ा है. बारिश की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरे मलबे और पत्थरों की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर मिट्टी और पत्थरों के मलबे का ढेर इकट्ठा हो गया, इसके चलते राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया. राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन ठप होने के चलते दोनों तरफ आने और जाने वाहन फंसे हैं. स्थानीय प्रशासन मलबे को हटाकर यातायात बहाल करने की कोशिश में लगा है.
- -स्वीकृत परियोजना व्यावसायिक केन्द्रों मुम्बई और इंदौर को सबसे छोटे रेल मार्ग से जोड़ने के अलावा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के उन जिलों को जोड़ेगी जो अब तक रेल मार्ग से नहीं जुड़े थे, इनमें महाराष्ट्र के 2 और मध्य प्रदेश के 4 जिले शामिल-परियोजना की कुल लागत 18,036 करोड़ रुपये है और यह 2028-29 तक पूरी हो जाएगी-निर्माण के दौरान परियोजना लगभग 102 लाख मानव-दिवसों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा करेगीनई दिल्ली।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने रेल मंत्रालय के तहत 18,036 करोड़ रुपये (लगभग) की कुल लागत वाली नई रेलवे लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है।केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इंदौर और मनमाड के बीच प्रस्तावित नई लाइन सीधा सम्पर्क प्रदान करेगी और गतिशीलता में सुधार करेगी, जिससे भारतीय रेलवे के लिए बेहतर दक्षता और सेवा विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी की नए भारत की कल्पना के अनुरूप है, जो क्षेत्र में व्यापक विकास के माध्यम से लोगों को "आत्मनिर्भर" बनाएगी, जिससे उनके लिए रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।यह परियोजना मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का परिणाम है, जो एकीकृत योजना के माध्यम से संभव हुआ है और लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध सम्पर्क प्रदान करेगा। यह परियोजना 2 राज्यों, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के 6 जिलों को कवर करेगी, जिससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 309 किलोमीटर की वृद्धि होगी।इस परियोजना के साथ 30 नए स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे आकांक्षी जिले बड़वानी को बेहतर सम्पर्क मिलेगा। नई रेलवे लाइन परियोजना से लगभग 1,000 गांवों और लगभग 30 लाख आबादी को सम्पर्क मिलेगा।परियोजना देश के पश्चिमी/दक्षिण-पश्चिमी हिस्से को मध्य भारत से जोड़ने वाला छोटा रास्ता उपलब्ध कराकर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देगी। इससे श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर सहित उज्जैन-इंदौर क्षेत्र के विभिन्न पर्यटन/धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।परियोजना से पीथमपुर ऑटो क्लस्टर (90 बड़ी इकाइयां और 700 छोटे और मध्यम उद्योग) को जेएनपीए के गेटवे पोर्ट और अन्य राज्य बंदरगाहों से सीधा सम्पर्क मिलेगा। परियोजना मध्य प्रदेश के बाजरा उत्पादक जिलों और महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक जिलों को भी सीधा सम्पर्क प्रदान करेगी, जिससे देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में इसके वितरण में सुविधा होगी।कृषि उत्पादों, उर्वरक, कंटेनर, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट, पीओएल आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए यह एक आवश्यक मार्ग है। क्षमता वृद्धि कार्य के परिणामस्वरूप लगभग 26 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। रेलवे पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन का साधन है, जो जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत को कम करने, तेल आयात (18 करोड़ लीटर) को कम करने और कार्बनडाइक्साइड उत्सर्जन (138 करोड़ किलोग्राम) को कम करने में मदद करेगा जो 5.5 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
- ठाणे. महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 23 वर्षीय एक युवक ने बदलापुर क्षेत्र निवासी 38 वर्षीय व्यक्ति की कथित तौर पर कैंची से हमला करके हत्या कर दी। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने घटना के बाद से फरार आरोपी की तलाश शुरु कर दी है। उन्होंने बताया कि आरोपी राजपाल रामचरण गौतम (23) ने शनिवार रात इंद्रजीत दीपक कुमार गौतम पर घातक हमला किया जिससे उसकी मौत हो गई। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों एक-दूसरे को जानते थे या नहीं। इस बीच एक अन्य मामले में अधिकारियों ने बताया कि मुंब्रा पुलिस ने 52 वर्षीय लापता व्यक्ति का शव बरामद करके हत्या का मामला दर्ज किया है। शव पर धारदार हथियार से किए गए घाव के निशान हैं। एक अधिकारी ने बताया कि दूसरे मामले में मृतक मुंबई के दादर का निवासी दामोदर कोंडिबा पगड़े था जिसकी 27 अगस्त से 30 अगस्त के बीच हत्या कर दी गई थी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शुरू में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या) और 137(2) (अपहरण) के तहत मामला दर्ज किया गया।
- हरिद्वार. उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में सबसे व्यस्त बाजार रानीपुर मोड़ में आभूषण के एक शोरूम में दिनदहाड़े करोड़ों रुपये की लूट पड़ने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने यहां बताया कि हथियारबंद बदमाश दो दुपहिया वाहनों से बालाजी ज्वेलर्स के शोरूम पहुंचे और कर्मचारियों पर मिर्च का स्प्रे डाला और हवा में दो गोलियां चलाईं और वहां से आभूषण और नकद ले कर फरार हो गए । हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि घटना दोपहर एक से सवा बजे के बीच हुई जिसे एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी पर आए पांच बदमाशों ने अंजाम दिया । उन्होंने बताया कि इनमें से तीन बदमाशों ने नकाब पहना हुआ था जबकि दो अन्य ने अपना मुंह नहीं ढका था । डोभाल ने कहा कि ज्वेलरी शोरूम के मालिक के अनुसार, पांच करोड़ रूपये से अधिक की लूट हुई है।डोभाल ने कहा कि पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए क्षेत्र की नाकेबंदी कर दी है और उनकी तलाश में जुट गयी है। घटना के विरोध में आक्रोशित व्यापारियों ने प्रदर्शन किया । हालांकि, डोभाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और घटना का खुलासा कर दिया जाएगा । हरिद्वार ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज गुप्ता ने कहा कि यह रोष का विषय है कि शहर के सबसे व्यस्त बाजार से हथियारबंद बदमाश पूरी दुकान लूट कर ले गए और चंद कदमों की दूरी पर तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी भनक भी नहीं लगी । गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना का पता चलने पर उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी को फोन पर सूचना देनी चाही लेकिन किसी ने उनका फोन नहीं उठाया ।





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