- Home
- देश
-
मुंबई. महाराष्ट्र में 74 वर्षीय व्यवसायी को मोहपाश में फंसाकर उससे 18.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना तब प्रकाश में आई जब पीड़ित ने 50 वर्षीय महिला के खिलाफ सात मार्च को मुंबई के उत्तरी हिस्से में स्थित मालवणी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित मेडिकल डिस्पोजेबल्स का कारोबार करने वाली एक फर्म की प्रबंध निदेशक है।
अधिकारी ने बताया,"पीड़ित 2015 में अपनी पत्नी की मौत के बाद अपने बेटे के साथ दिल्ली में रहता है। वह व्यापार के सिलसिले में मुंबई आता-जाता था। वह 18 मई, 2023 को महिला के संपर्क में आया, जिसने खुद को एक गायिका बताया। दोनों ने लोनावला में एक साथ समय बिताया, जहां उन्होंने शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद दोनों लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए एक-दूसरे से संपर्क में रहते थे।" उन्होंने बताया, "एक जून 2023 को उसने (आरोपी महिला) स्टूडियो किराए पर लेने के लिए 12.50 लाख रुपये मांगे, जो पीड़ित ने आरटीजीएस के जरिए भेजे। उसी साल सात जुलाई को महिला पटियाला हाउस अदालत में पेश होने के लिए नयी दिल्ली गई, जहां उसकी मुलाकात व्यवसायी से हुई। कुछ दिनों बाद उसने घर के लिए चार लाख रुपये मांगे। इसके बाद उसने दो मौकों पर एक लाख और दो लाख रुपये मांगे।" अधिकारी ने बताया, "अंततः, जब महिला ने सितंबर 2023 में घर के लिए चार-पांच करोड़ रुपये की मांग की, तो पीड़ित ने इसका विरोध किया, जिससे आरोपी महिला नाराज हो गई।" अधिकारी ने बताया, "पांच सितंबर को गोरेगांव के एक होटल में समय बिताने के बाद महिला वहां से चली गई और फिर दिंडोशी पुलिस थाने के कर्मियों के साथ वापस आई, जिन्होंने पीड़ित को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। व्यापारी कुछ महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आया। व्यक्ति को तब एहसास हुआ कि वह मोहपाश में फंस गया है, जब उसे किसी ने फोन करके बताया कि उसके साथ कैसे धोखाधड़ी की गई है।" वीडियो क्लिप समेत सबूत मिलने के बाद दिल्ली के व्यवसायी ने मालवणी पुलिस थाने में संपर्क किया, जिसके बाद महिला के खिलाफ जबरन वसूली और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत अन्य अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया।पुलिस अधिकारी ने कहा, "महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। हमारी जांच में यह भी पता चला है कि उसने पिछले साल एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था।" -
नयी दिल्ली. देश में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, खासकर महारत्न और नवरत्न कंपनियों में, पिछले चार वर्षों के दौरान निदेशकों की बोर्ड मीटिंग में मौजूदगी उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई है। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया है। एक्सिलेंस इनेबलर्स के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में निदेशक मंडल की बैठक में किसी भी निदेशक की उपस्थिति शून्य नहीं थी। इसके उलट वित्त वर्ष 2022-23 में 14 निदेशकों की उपस्थिति शून्य थी। वित्त वर्ष 2021-22 में ऐसे नौ निदेशक थे जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में तीन निदेशक किसी भी बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हुए थे। देश की 13 महारत्न और 20 नवरत्न कंपनियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, निदेशक मंडल की प्रत्येक बैठक में कार्यकारी एवं गैर-कार्यकारी दोनों ही तरह के निदेशकों को मौजूद होना चाहिए। उनकी अनुपस्थिति केवल असाधारण कारणों से ही होनी चाहिए। कानूनी रूप से यह अनिवार्य है कि हर निदेशक प्रति वर्ष कम से कम एक बोर्ड मीटिंग में शामिल हो। लेकिन सर्वेक्षण में यह पाया गया कि इस मानक का या कि यह मानक स्पष्ट रूप से असंतोषजनक है। सर्वेक्षण रिपोर्ट कहती है कि पिछले वित्त वर्ष में शून्य उपस्थिति वाले निदेशकों की नियुक्ति को समाप्त करने के प्रश्न पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
-
नई दिल्ली। केंद्र सरकार पूर्वोत्तर भारत को देश का अगला केसर उत्पादन केंद्र बनाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के मिशन केसर के तहत 2021 से सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में केसर की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में, अरुणाचल प्रदेश के मेंचुका और सिक्किम के युक्सोम में बड़े पैमाने पर केसर की खेती हो रही है। जल्द ही इसे नागालैंड और मणिपुर तक फैलाने की योजना है। इससे यह क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के पंपोर के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा केसर उत्पादक क्षेत्र बन सकता है।
सरकार इस योजना के तहत बंजर भूमि का उपयोग करके कृषि क्षेत्र का विस्तार कर रही है, जिससे मौजूदा फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने के लिए शिलॉन्ग में नॉर्थ ईस्ट सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन एंड रीच (NECTAR) के स्थायी परिसर की आधारशिला भी रखी गई। यह संस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत 2014 में स्थापित किया गया था। मंत्री सिंह ने कहा कि यह संस्थान आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देने के सरकार के बड़े लक्ष्य से जुड़ा है।NECTAR कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनमें पूर्वोत्तर में केसर की खेती, जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर की खेती को बढ़ावा, ‘स्वामित्व’ योजना के तहत ड्रोन तकनीक से जमीन की मैपिंग और बांस व शहद उत्पादन में तकनीकी सुधार शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर NECTAR को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनानी है, तो उसे किसी एक खास क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करनी होगी, ठीक वैसे ही जैसे आईआईटी और अन्य प्रमुख संस्थान अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञ बन गए हैं।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पूर्वोत्तर के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पिछले 10 वर्षों में यहां आधारभूत ढांचे और तकनीक के क्षेत्र में जबरदस्त सुधार हुए हैं। पहले जहां इस क्षेत्र में सड़क, रेलवे और हवाई संपर्क की समस्या थी, वहीं अब कनेक्टिविटी बेहतर होने से आर्थिक और वैज्ञानिक विकास संभव हो पाया है। -
नई दिल्ली । भारत सरकार ने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को बढ़ावा देने के लिए 1 अरब डॉलर (लगभग 83,000 करोड़ रुपये) के फंड की घोषणा की है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी WAVES 2025 समिट से पहले एक उच्च स्तरीय बैठक में दी। WAVES 2025 एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मनोरंजन सम्मेलन है, जो 1 से 4 मई तक मुंबई में आयोजित होगा। यह इवेंट कंटेंट क्रिएटर्स, मीडिया पेशेवरों, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स और इंडस्ट्री लीडर्स को एक मंच पर लाएगा। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया कि इस फंड का उद्देश्य हाई-वैल्यू डिजिटल कंटेंट निर्माण को बढ़ावा देना और नई प्रतिभाओं को अवसर देना है।
केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस आयोजन को मीडिया और मनोरंजन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि वेव्स 2025 के जरिए नई संभावनाओं, इनोवेशन और इंडस्ट्री की चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। डिजिटल युग में मीडिया तेजी से बदल रहा है, और इसके साथ कई नई चुनौतियां और अवसर भी सामने आ रहे हैं। इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्ट्रीमिंग क्रांति, बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights), फेक न्यूज और मीडिया इंडस्ट्री के भविष्य जैसे विषयों पर चर्चा होगी।कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इससे मीडिया, मनोरंजन और डिजिटल सेक्टर में सहयोग को और मजबूती मिलेगी। WAVES 2025 भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का एक बड़ा अवसर होगा। सरकार का यह फंड नए और उभरते कंटेंट क्रिएटर्स को वित्तीय सहायता देगा, जिससे वे डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बना सकें। -
नयी दिल्ली. देश में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, खासकर महारत्न और नवरत्न कंपनियों में, पिछले चार वर्षों के दौरान निदेशकों की बोर्ड मीटिंग में मौजूदगी उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई है। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया है। एक्सिलेंस इनेबलर्स के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में निदेशक मंडल की बैठक में किसी भी निदेशक की उपस्थिति शून्य नहीं थी। इसके उलट वित्त वर्ष 2022-23 में 14 निदेशकों की उपस्थिति शून्य थी। वित्त वर्ष 2021-22 में ऐसे नौ निदेशक थे जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में तीन निदेशक किसी भी बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हुए थे। देश की 13 महारत्न और 20 नवरत्न कंपनियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, निदेशक मंडल की प्रत्येक बैठक में कार्यकारी एवं गैर-कार्यकारी दोनों ही तरह के निदेशकों को मौजूद होना चाहिए। उनकी अनुपस्थिति केवल असाधारण कारणों से ही होनी चाहिए। कानूनी रूप से यह अनिवार्य है कि हर निदेशक प्रति वर्ष कम से कम एक बोर्ड मीटिंग में शामिल हो। लेकिन सर्वेक्षण में यह पाया गया कि इस मानक का या कि यह मानक स्पष्ट रूप से असंतोषजनक है। सर्वेक्षण रिपोर्ट कहती है कि पिछले वित्त वर्ष में शून्य उपस्थिति वाले निदेशकों की नियुक्ति को समाप्त करने के प्रश्न पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
-
ठाणे. महाराष्ट्र के पनवेल स्थित एक आवासीय परिसर में एक महिला ने कथित तौर पर अपनी आठ वर्षीय बेटी को 29वीं मंजिल के फ्लैट से धक्का दे दिया और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना बुधवार सुबह आठ बजे पलास्पे में घटी।
पनवेल पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया, "मैथिली दुआ (37) नामक महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। उसने अपने बच्ची को धक्का देकर मार डाला और फिर खुद भी कूद गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।" -
नयी दिल्ली. नये विद्यार्थियों के वास्ते गुवाहाटी के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने पहले सप्ताह में परिसर में परिसंवाद सत्र, संकाय सदस्यों के साथ सुबह की सैर, अनिवार्य परामर्श सत्र और व्यापक चिकित्सा जांच तथा तनाव से मुक्ति के लिए कार्यशालाओं के आयोजन की योजना बनायी है ताकि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके और आत्महत्या को रोका जा सके। संस्थान में पिछले सेमेस्टर में लगातार कुछ विद्यार्थियों के आत्महत्या कर लेने बाद हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद ये कदम उठाये गये हैं। आईआईटी-गुवाहाटी के निदेशक देवेंद्र जलिहाल के अनुसार, संस्थान ने विद्यार्थियों की आत्महत्या की रोकथाम के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है। उन्होंने बताया, ‘‘हमने समग्र कल्याण केंद्र के रूप में एक समर्पित मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श प्रणाली शुरू की है। इस केंद्र का एक हिस्सा साथी परामर्श क्लब है, जिसमें छात्र स्वयंसेवक पेशेवर परामर्शदाताओं की मदद से अन्य विद्यार्थियों को उनके मानसिक और समग्र कल्याण में सहायता करते हैं।'' जलिहाल ने कहा, ‘‘हम सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों को छात्रावास के विशेष प्रबंधक के रूप में नियुक्त करने पर विचार कर रहे हैं, जो नियमित रूप से विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे, ताकि उन्हें सहज महसूस हो और फिर ये प्रबंधक अपना अनुभव परामर्शदाताओं के साथ साझा करें। यह सब गोपनीय तरीके से किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विद्यार्थी भयभीत न हों या उनकी निजता का उल्लंघन न हो।'' उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को चिंता और तनाव से निपटने में मदद के लिए आहार विशेषज्ञों की भी नियुक्ति की जा रही है। विद्यार्थियों में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए, कई आईआईटी उनके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए अलग-अलग उपाय कर रहे हैं। सितंबर में उत्तर प्रदेश के तीसरे वर्ष के कंप्यूटर विज्ञान के छात्र की कथित आत्महत्या के बाद आईआईटी-गुवाहाटी के विद्यार्थियों ने जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया था तथा इस घटना के संबंध में न्याय और सभी के लिए उचित मानसिक स्वास्थ्य सहायता की मांग की थी। यह 2024 में इस प्रकार की चौथी घटना (आत्महत्या) थी।
आईआईटी-गुवाहाटी में छात्र मामलों के डीन पेरुमल अलगरसामी परिसर में मानसिक कल्याण पहल की अगुवाई कर रहे हैं। अलगरसामी ने कहा, ‘‘हमने निर्णय लिया है कि पहले सप्ताह में जब नए विद्यार्थी परिसर में आएंगे तो उनके लिए कक्षाएं नहीं होंगी, बल्कि एक अनुकूलन कार्यक्रम होगा, ताकि वे खुद को असहज महसूस न करें। विद्यार्थियों को संकाय सदस्यों के साथ सुबह की सैर के लिए आमंत्रित किया जाएगा, ताकि कक्षा में प्रवेश करने से पहले वे एक-दूसरे के साथ तालमेल बना सकें।'' उन्होंने कहा कि ‘पीयर मेंटरशिप कार्यक्रम' के तहत मेंटर नियुक्त जायेंगे जो नये विद्यार्थियों को प्रासंगिक जानकारी प्रदान करने, संदेहों को दूर करने और विभिन्न चुनौतियों में सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा जब नए विद्यार्थी खुद को खोया हुआ महसूस करेंगे तो उनके लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे। अलगरसामी ने बताया कि जैसे ही नए विद्यार्थी परिसर में पहुंचेंगे, एक गर्मजोशीपूर्ण और समावेशी माहौल स्थापित करने तथा आपसी संपर्क को सुगम बनाने के लिए एक अंतर्संवाद सत्र आयोजित किया जायेगा। विद्यार्थियों को सेमेस्टर परीक्षाओं के दबाव से निपटने में मदद करने के लिए, साथी परामर्श क्लब ने हाल में एक तनाव निवारण कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य तनाव से निपटने और उसे प्रबंधित करने तथा उद्यमिता और कैरियर विकल्पों की खोज करने के बारे में ज्ञान साझा करना था। -
भुवनेश्वर. ओडिशा के नयागढ़ जिले में एक व्यक्ति को अपने दो नाबालिग बेटों की इस हफ्ते की शुरूआत में हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हत्या की घटना को अंजाम देने में मदद करने को लेकर आरोपी की मां को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी व्यक्ति को इस हफ्ते की शुरूआत में हिरासत में लिया गया था। घटना 9 मार्च को फतेहगढ़ थाना क्षेत्र में हुई और पुलिस ने अगले दिन सुबह दोनों नाबालिगों के शव उनके घर पर एक बंद कमरे से बरामद किए थे। मृतकों की पहचान आकाश मोहंती (14) और विकास मोहंती (9) के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक एस सुश्री ने बताया, ‘‘दो साल पहले अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद, आरोपी दूसरी शादी की तैयारी कर रहा था। लेकिन, उसके दोनों बेटे, खास तौर पर बड़ा बेटा, इस फैसले का विरोध कर रहा था। इसलिए, आरोपी ने अपनी मां की मदद से दोनों लड़कों की गला घोंटकर हत्या कर दी और उनके शवों को छत से लटका दिया।'' इससे पहले, दोनों नाबालिगों के मामा अंतर्मयी मोहंती ने आरोप लगाया था कि बच्चों की हत्या परिवार के ही सदस्यों ने की है, क्योंकि वे अपने पिता की दूसरी शादी का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने नाबालिगों की नानी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत का हवाला देते हुए कहा था, "बच्चे दूसरी शादी के सख्त खिलाफ थे।" -
नयी दिल्ली. गुर्दे की गंभीर बीमारी से जूझ रहे 59 साल के व्यक्ति को बचाने की लिए उसकी 80 वर्षीय मां ने अपना गुर्दा देकर उसे नया जीवन दिया है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली में रोहिणी निवासी व्यवसायी राजेश ने अपनी मां दर्शना जैन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा, “मेरी मां ने मुझे दूसरा जन्म दिया।” राजेश ने बताया कि दो साल पहले जब उन्हें गुर्दे की बीमारी का पता चला तो उनकी मां और बेटा दोनों गुर्दा दान करने के लिए आगे आए। चिकित्सा परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने पाया कि उनकी मां का गुर्दा प्रतिरोपण के लिये उपयुक्त है।
राजेश ने बताया, “उस समय मैं झिझक रहा था। मेरी मां बुजुर्ग हैं और मुझे उनका गुर्दा लेने में चिंता हो रही थी, क्योंकि मुझे लग रहा था कि समाज क्या कहेगा? इसलिए, मैंने प्रतिरोपण न करवाने का फैसला किया।” हालांकि, समय बीतने के साथ उनकी हालत खराब होती गई और वे कमजोर होते गए, तब राजेश के परिवार के सदस्यों ने उन्हें निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए राजी किया और अंततः वे प्रतिरोपण के लिए सहमत हो गए। यह सर्जरी बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में की गई।राजेश की मां दर्शना जैन को ऑपरेशन के चौथे दिन छुट्टी दे दी गई। राजेश को ऑपरेशन के छठे दिन छुट्टी दी गई। राजेश ने बताया कि उनकी मां अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी हालत में सुधार है, जबकि उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए डॉक्टर की सलाह पर तीन महीने तक आराम करना होगा। -
नयी दिल्ली. चिली ने भारत के साथ कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की तीव्र इच्छा व्यक्त की है। कृषि मंत्रालय ने यह जानकारी दीं बुधवार को वर्चुअल तरीके से आयोजित कृषि पर पहली भारत-चिली संयुक्त कार्यसमूह की बैठक में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया। एक सरकारी बयान में कहा गया, ‘‘दोनों पक्षों ने बाजार पहुंच, बागवानी क्षेत्र में सहयोग, विस्तार के क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और अनुसंधान सहयोग सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की।'' चिली के कृषि अध्ययन और नीति ब्यूरो (ओडीईपीए) में अंतरराष्ट्रीय मामलों के विभाग के निदेशक गेब्रियल लेसेका ने कहा, ‘‘चिली, भारत के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है और कृषि और संबद्ध क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की तीव्र इच्छा व्यक्त करता है।'' उन्होंने कहा कि कृषि में अपने समृद्ध अनुभव के साथ दोनों देशों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने और किसानों के कल्याण में सुधार करने में एक-दूसरे के पूरक होने की क्षमता है। लेसेका ने आगे कहा कि यह बैठक भारत और चिली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में और भी अधिक सहयोग के लिए मंच तैयार करता है। कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अजीत कुमार साहू ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई डिजिटल कृषि मिशन, लखपति दीदी कार्यक्रम और कृषि सखी जैसी महिला-नेतृत्व वाली विकास पहल जैसी कई अभिनव पहल पर प्रकाश डाला। बैठक में कृषि और किसान कल्याण विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पशुपालन और डेयरी विभाग और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं और कामना की कि हर्ष एवं उल्लास से भरा यह पावन-पर्व भारतवासियों की एकता के रंग को और प्रगाढ़ करे। देशभर में शुक्रवार को होली का त्योहार मनाया जाएगा।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आप सभी को होली की ढेरों शुभकामनाएं। हर्ष और उल्लास से भरा यह पावन-पर्व हर किसी के जीवन में नयी उमंग और ऊर्जा का संचार करने के साथ ही देशवासियों की एकता के रंग को और प्रगाढ़ करे, यही कामना है।'' - नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों से भारत की गाथा को दुनिया तक पहुंचाने तथा आर्थिक वृद्धि में और योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने अपने काम के केंद्र में विश्वास और प्रामाणिकता रखने और अपने कार्यों के लिए जिम्मेदारी और जवाबदेही लेने की भी बात कही। गोयल ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कम लागत वाले डेटा (इंटरनेट) तक पहुंच इस सरकार की डिजिटल इंडिया नीति के प्रमुख स्तंभों में से एक रही है। इसने भारत को वैश्विक स्तर पर डेटा का सबसे बड़ा उपभोक्ता बना दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे डेटा की लागत यूरोप, अमेरिका या किसी अन्य विकसित देश की तुलना में बहुत कम है। जब हम कम लागत वाले डेटा को भारत के पास मौजूद उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभा के साथ जोड़ते हैं, तो हमारे पास रचनात्मकता और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक क्रांति होती है और यह हमारा इंतजार कर रही है।'' मंत्री ने भारत के रचनात्मक क्षेत्र में व्यापक अवसरों का भी जिक्र किया। यह फिल्म, नाटक और थिएटर जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर गेमिंग, एआई (कृत्रिम मेधा)-संचालित सामग्री निर्माण और डिजिटल मीडिया को शामिल करने के लिए तेजी से विकसित हो रहा है।
-
नई दिल्ली। भारत में वन क्षेत्र बढ़कर 8,27,357 वर्ग किलोमीटर हो गया है, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% है। वन क्षेत्र में यह बढ़ोतरी 2015 में दर्ज 7,94,245 वर्ग किलोमीटर (24.16%) की तुलना में अधिक है। यह जानकारी हाल ही में जारी “ISFR 2023” रिपोर्ट में दी गई है। वन सर्वेक्षण विभाग देहरादून, हर दो साल में वन क्षेत्र का आकलन करता है। यह विभाग केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत कार्य करता है।
गौरतलब है कि राज्य वन विभाग वनों की सुरक्षा के लिए विभिन्न उपाय करते हैं। इनमें वन क्षेत्रों का सर्वेक्षण, सीमा निर्धारण, सुरक्षा के लिए स्तंभ (pillars) स्थापित करना और नियमित गश्त करना शामिल है। इसके अलावा, केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को तकनीकी और वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है ताकि वनों को संरक्षण और प्रबंधन किया जा सके।वहीं वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए सरकार ने नेशनल मिशन फॉर ए ग्रीन इंडिया, वाइल्डलाइफ हैबिटेट डेवलपमेंट और नगर वन योजना जैसी कई योजनाएं चलाई हैं। इसके अलावा, प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (CAMPA) के तहत भी वनीकरण किया जा रहा है।पिछले पांच वर्षों में इन योजनाओं के तहत सरकार ने बड़ी धनराशि जारी की है। ग्रीन इंडिया मिशन के लिए 624.69 करोड़ रुपये, वन्यजीव आवास विकास के लिए 452.04 करोड़ रुपये, नगर वन योजना के लिए 308.87 करोड़ रुपये और CAMPA की वार्षिक योजना (Annual Plan of Operations) के तहत 38,502.21 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन निधियों का उपयोग वनों के पुनर्स्थापन, आवास सुधार, मृदा एवं जल संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण के लिए किया जाता है।वन क्षेत्र में हुई वृद्धि सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री, कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के रूप में दी। - नयी दिल्ली. भारत के स्वदेश निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने बुधवार को हवा से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल ‘अस्त्र' का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर तट पर किया गया। मंत्रालय ने कहा, "इस परीक्षण में उड़ते लक्ष्य पर मिसाइल के सीधे प्रहार का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया।" मंत्रालय ने कहा, ‘‘सभी उप-प्रणालियों ने सभी मिशन मापदंडों और उद्देश्यों को पूरा करते हुए सटीक प्रदर्शन किया।" अस्त्र मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। यह 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम है।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1930 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में दांडी यात्रा में हिस्सा लेने वालों को बुधवार को श्रद्धांजलि दी और इसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम में निर्णायक अध्याय बताया। गांधी ने नमक पर ब्रिटिश कर के विरोध में आज ही के दिन साबरमती आश्रम से दांडी तक यात्रा शुरू की थी।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज, हम उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने ऐतिहासिक दांडी यात्रा में भाग लिया, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक अध्याय है। महात्मा गांधी के नेतृत्व में, इस मार्च ने आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता के लिए एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन को प्रज्वलित किया।'' उन्होंने कहा कि दांडी यात्रा में भाग लेने वाले सभी लोगों का साहस, बलिदान और सत्य और अहिंसा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है। इस यात्रा को बड़े पैमाने पर लोगों का समर्थन मिला। इसे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। -
नयी दिल्ली. क्यूएस विषयवार रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 50 में नौ भारतीय विश्वविद्यालय और संस्थान शामिल हैं जबकि सूची में शामिल कुछ शीर्ष संस्थानों जैसे तीन आईआईटी, दो आईआईएम और जेएनयू के स्थान में पिछले साल के मुकाबले गिरावट आई है। लंदन स्थित क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) द्वारा बुधवार को घोषित विषयवार विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग के 15वें संस्करण के अनुसार, भारत ने विषयवार रैंकिंग और व्यापक संकाय क्षेत्रों में शीर्ष 50 में 12 स्थान हासिल किए हैं। इस मामले में भारतीय खनन विद्यालय (आईएसएम), धनबाद अग्रणी रहा है जो इंजीनियरिंग-खनिज और खनन विषय के लिए विश्व स्तर पर 20वें स्थान पर है। क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) एक उच्च शिक्षा विश्लेषक और सेवा प्रदाता है। यह दुनियाभर के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग जारी करता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई और खड़गपुर को इंजीनियरिंग-खनिज और खनन विषय के लिए 28वें एवं 45वें स्थान पर रखा गया है। हालांकि, दोनों संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट देखी गई है। आईआईटी दिल्ली और मुंबई, जो इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विषय के लिए 45वें स्थान पर थे, ने अपनी स्थिति में सुधार करते हुए क्रमशः 26वां और 28वां स्थान प्राप्त किया है। दोनों संस्थानों ने इंजीनियरिंग-इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक में भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है और शीर्ष 50 की सूची में प्रवेश किया है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद और बेंगलुरु व्यवसाय और प्रबंधन अध्ययन विषय के लिए दुनिया के शीर्ष 50 में बने हुए हैं, लेकिन उनकी रैंकिंग में पिछले वर्ष के मुकाबले गिरावट आई है। आईआईएम अहमदाबाद की रैंकिंग 22 से गिरकर 27 पर आ गई जबकि आईआईएम बेंगलुरु की रैंकिंग 32 से गिरकर 40 पर आ गई। आईआईटी मद्रास (पेट्रोलियम इंजीनियरिंग) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) (विकास अध्ययन) विश्व के शीर्ष 50 में बने रहे, लेकिन उनकी रैंकिंग में कुछ गिरावट भी आई। क्यूएस विषय-विशिष्ट रैंकिंग के नवीनतम संस्करण में, भारत में नयी प्रविष्टियों की संख्या चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और कोरिया के बाद पांचवें स्थान पर है तथा कुल प्रविष्टियों की संख्या के मामले में 12वें स्थान पर है। शीर्ष 100 में भारत के नए प्रवेशकों में डाटा विज्ञान और कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए आईआईटी मद्रास और वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा इंजीनियरिंग-खनिज और खनन विषय के लिए आईआईएससी बेंगलुरु और आईआईटी कानपुर शामिल हैं। क्यूएस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेसिका टर्नर ने कहा कि भारत ने एआई, हरित और डिजिटल कौशल जैसे क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा दिखाई है, लेकिन स्थिरता और उद्यमशीलता क्षमताओं में महत्वपूर्ण अंतर बना हुआ है। विषयवार 2025 ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग' में 79 भारतीय विश्वविद्यालयों से 533 प्रविष्टियां शामिल थीं जबकि पिछले वर्ष 424 प्रविष्टियां थीं। इनमें से 156 प्रविष्टियों में सुधार हुआ, 101 में गिरावट आई और 154 स्थिर रहीं जबकि 122 नयी प्रविष्टियां इस संस्करण में पहली बार शामिल हुईं। कंप्यूटर विज्ञान और सूचना प्रणाली विषय भारत का सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला विषय बना हुआ है। इसमें पिछले वर्ष 28 प्रविष्टियां थीं जो इस वर्ष बढ़कर 42 प्रविष्टियां हो गई हैं।
-
नयी दिल्ली. देश की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बुधवार को दोहरी राहत मिली। एक तरफ खाने के सामान के दाम में नरमी से खुदरा महंगाई फरवरी में भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर चार प्रतिशत से नीचे 3.61 प्रतिशत पर आ गयी। वहीं दूसरी तरफ, विनिर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जनवरी में बढ़कर पांच प्रतिशत पर पहुंच गयी। मुद्रास्फीति में तेज गिरावट से इस बात की संभावना बढ़ी है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) नौ अप्रैल को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में एक और कटौती कर सकता है। अगर आरबीआई अगले महीने प्रमुख ब्याज दर में कटौती करता है, तो यह दो महीने के भीतर दूसरी ब्याज दर कटौती होगी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुख्य रूप से सब्जियों, अंडों और अन्य प्रोटीन युक्त वस्तुओं की कीमतों में कमी के कारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में सात महीने के निचले स्तर 3.61 प्रतिशत पर आ गई। खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी माह में 4.26 प्रतिशत और फरवरी, 2024 में 5.09 प्रतिशत रही थी।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर नवंबर, 2024 से ही रिजर्व बैंक के संतोषजनक दायरे में बनी हुई है। आरबीआई को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ खुदरा महंगाई को चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है। केंद्रीय बैंक ने महंगाई के मोर्चे पर राहत मिलने से पिछले महीने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी। खुदरा मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों, अंडे, मांस और मछली, दाल और उत्पादों, और दूध और दूध उत्पादों की मुद्रास्फीति में गिरावट के कारण हुई है। फरवरी में सालाना आधार पर जिन वस्तुओं के दाम में प्रमुख रूप से कमी आई, उनमें अदरक (-35.81 प्रतिशत), जीरा (-28.77 प्रतिशत), टमाटर (-28.51 प्रतिशत), फूलगोभी (-21.19 प्रतिशत), लहसुन (-20.32 प्रतिशत) थीं। दूसरी तरफ, जिन वस्तुओं के दाम सबसे ज्यादा बढ़े, उनमें नारियल तेल (54.48 प्रतिशत), नारियल (41.61 प्रतिशत), सोना (35.56 प्रतिशत), चांदी (30.89 प्रतिशत) और प्याज (30.42 प्रतिशत) शामिल हैं। इसके साथ, देश में औद्योगिक उत्पादन में तेजी आई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन में इस साल जनवरी में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के संदर्भ में मापा जाने वाला औद्योगिक उत्पादन जनवरी, 2024 में 4.2 प्रतिशत बढ़ा था। सरकार ने दिसंबर, 2024 में 3.2 प्रतिशत वृद्धि के अस्थायी अनुमान को संशोधित कर 3.5 प्रतिशत कर दिया गया है। चालू वित्त वर्ष के पहले 10 माह (अप्रैल-जनवरी) के दौरान आईआईपी की वृद्धि दर कम होकर 4.2 प्रतिशत रही, जो कि एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में छह प्रतिशत थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी, 2025 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 5.5 प्रतिशत बढ़ा, जो एक साल पहले इसी महीने में 3.6 प्रतिशत रहा था। खनन उत्पादन में वृद्धि घटकर 4.4 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी महीने में छह प्रतिशत थी। बिजली उत्पादन में वृद्धि जनवरी, 2025 में सुस्त होकर 2.4 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले इसी महीने में 5.6 प्रतिशत थी। रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि खाद्य वस्तुओं के दाम में नरमी से खुदरा मुद्रास्फीति में उम्मीद से अधिक गिरावट आई है और यह सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह एमपीसी (मौद्रिक नीति समिति) की मध्यम-अवधि लक्ष्य सीमा के मध्य बिंदु (चार प्रतिशत) से काफी कम है। नायर ने कहा कि फरवरी में मुद्रास्फीति के आंकड़े चार प्रतिशत के नीचे आने से एमपीसी की अगली बैठक में लगातार दूसरी बार 0.25 प्रतिशत की दर कटौती की उम्मीद बढ़ी है। इसके बाद जून या अगस्त की समीक्षा बैठकों में 0.25 प्रतिशत की एक और कटौती हो सकती है। औद्योगिक उत्पाद सूचकांक पर एमपी फाइनेंशियल एडवाइजरी सर्विसेज एलएलपी के संस्थापक और प्रबंध साझेदार महेंद्र पाटिल ने कहा कि आंकड़े खासकर विनिर्माण और खनन में औद्योगिक गतिविधियों के मजबूत होने का संकेत देते हैं। उन्होंने कहा ‘‘यह वृद्धि, फरवरी 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति के 3.61 प्रतिशत पर कम होने के साथ मिलकर अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक गति का संकेत देती है।'' इस बीच, बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 72.56 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,029.76 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 27.40 अंक यानी 0.12 प्रतिशत फिसलकर 22,470.50 अंक पर बंद हुआ। -
नई दिल्ली। मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राजधानी पोर्ट लुइस में देश के सर्वोच्च सम्मान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ से सम्मानित किया। पीएम मोदी को मिला यह 21वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
पीएम मोदी ने भारत से सदियों पहले मॉरीशस आए पूर्वजों और उनकी सभी पीढ़ियों को समर्पित किया पुरस्कारप्रधानमंत्री ने पूर्ण विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करते हुए पुरस्कार को भारत से सदियों पहले मॉरीशस आए पूर्वजों और उनकी सभी पीढ़ियों को समर्पित किया।पीएम मोदी ने कहा- यह सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक बंधनों को सम्मानमॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान सम्मानित प्रधानमंत्री ने हार्दिक आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह सिर्फ उनका नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और मॉरीशस के बीच के रिश्ते के सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक बंधनों को सम्मान है। साथ ही प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया कि भारत-मॉरीशस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का हर संभव प्रयास करते रहेंगे।मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने की थी पीएम मोदी को सम्मानित करने की घोषणामॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन चंद्र रामगुलाम ने कल एक सामुदायिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी को उनके देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी सम्मान के वास्तविक अधिकारी हैं। इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत सरकार की ओर से राष्ट्रपति और उनकी पत्नी मीना को ‘ओवरसीज सिटिजन आफ इंडिया’ (ओसीआई) कार्ड प्रदान किया था। यह कार्ड भारत में आवाजाही की वीजा सुविधा प्रदान करता है और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को दिया जाता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ऐलान किया कि भारत मॉरीशस में संसद की नई बिल्डिंग बनाने में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि यह ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ की ओर से मॉरीशस को भेंट होगी। प्रेस मीट कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “भारत-मॉरीशस का संबंध, केवल हिंद महासागर से नहीं बल्कि हमारी साझी सांस्कृतिक परंपराओं और मूल्यों से भी जुड़ा है, हम आर्थिक और सामाजिक प्रगति की राह पर एक दूसरे के साथी हैं, प्राकृतिक आपदा हो या कोविड विपदा हमने हमेशा एक दूसरे का साथ दिया है, रक्षा हो या शिक्षा, स्वास्थ्य हो या स्पेस हम हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। पिछले दस वर्षों में हमने अपने संबंधों में कई नए आयाम जोड़े हैं।”
पीएम मोदी ने कहा, ग्लोबल साउथ हो या हिंद महासागर या अफ्रीका भू-भाग, मॉरीशस हमारा महत्वपूर्ण साझेदार है। दस वर्ष पहले, विजन सागर यानि ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ की आधारशिला यहीं मॉरीशस में रखी गई थी। पीएम मोदी ने कहा, “अगले पांच वर्षों में भारत में मॉरीशस के 500 सिविल सर्वेंट को को ट्रेनिंग दी जाएगी। हमारे बीच लोकल करेंसी में आपसी व्यापार का सेटलमेंट करने पर भी सहमति बनी है।”पीएम मोदी ने मॉरीशस के सभी नागरिकों को राष्ट्रीय दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि मुझे दोबारा मॉरीशस के नेशनल डे पर आने का अवसर मिल रहा है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम जी और मॉरीशस सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। बता दें कि पीएम मोदी 11-12 मार्च तक मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। बुधवार को ही उन्हें पूर्वी अफ्रीकी राष्ट्र के राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होना है। पीएम मोदी ने मंगलवार को पोर्ट लुइस में अपने मॉरीशस समकक्ष नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ वार्ता की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और भारत-मॉरीशस के बीच विशेष बंधन को बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाशने पर विचार-विमर्श किया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मॉरीशस की यात्रा के दौरान बुधवार को पवित्र गंगा तालाब के दर्शन किए। उन्होंने इसे एक भावनात्मक अनुभव बताया। दरअसल, पीएम ने हिंद महासागर द्वीपसमूह में सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल माने जाने वाले गंगा तालाब में पूजा-अर्चना की और प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया।पीएम मोदी ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, “मॉरीशस में पवित्र गंगा तालाब के दर्शन कर भावविभोर हो गया। इसकी पावन जलधारा के किनारे दोनों देशों के बीच के आध्यात्मिक संबंधों को आसानी से महसूस किया जा सकता है। यह सीमाओं से परे है और हमारी कई पीढ़ियों को उनकी जड़ों से जोड़ता है।”
गंगा तालाब की मान्यतागंगा तालाब, जिसे मॉरीशस में ग्रैंड बेसिन के नाम से भी जाना जाता है, एक क्रेटर झील है, जो समुद्र तल से लगभग 550 मीटर ऊपर है। यह सावेन के पहाड़ी दक्षिण-पश्चिमी जिले में स्थित है। इसके तट पर मंदिर भी स्थित है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस स्थान की खोज 1897 के आसपास एक हिंदू पुजारी ने की थी। 1970 के दशक में, भारत से एक अन्य पुजारी गंगा से पवित्र जल लेकर आए और पवित्र जल को झील में डाला, इस प्रकार इसका नाम ‘गंगा तालाब’ रखा गया।इससे पहले पीएम मोदी ने मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में दूसरी बार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान उन्हें मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में भाग लेने के बाद एक्स पर लिखा, “मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मॉरीशस के लोगों को निरंतर समृद्धि और सफलता की शुभकामनाएं देता हूं, साथ ही हम अपने देशों के बीच गहरे संबंधों को भी मजबूत करते हैं।” यह दूसरी बार है जब पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए। वह इससे पहले 2015 में इस समारोह में शामिल हो चुके थे।समारोह के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ (जीसीएसके) से सम्मानित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला। यह किसी देश द्वारा पीएम मोदी को दिया जाने वाला 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी है। - भोपाल। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4,21,032 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट वर्ष 2024-25 के 3.65 लाख करोड़ रुपये के बजट से 15 फीसदी अधिक राशि का है। बजट में न तो कोई नया कर लगाया गया है और न ही किसी पुराने कर की दर में इजाफा करने का प्रस्ताव रखा गया है।बजट में राजकोषीय घाटा 78,902 करोड़ रुपये रहने का अनुमान पेश किया गया है जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 4.66 फीसदी के बराबर है। प्रदेश में राजस्व अधिशेष की स्थिति बनी हुई है। वर्ष 2025-26 में राजस्व अधिशेष की राशि 618 करोड़ रुपये तक अधिक रहने का अनुमान है।वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले से मौजूद औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा 14,500 एकड़ भूभाग में विकसित किए जा रहे 39 नए औद्योगिक क्षेत्रों में तीन लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि अगले पांच सालों में औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 30,000 करोड़ रुपये मूल्य के प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।लाड़ली बहना योजना का आवंटन नहीं बढ़ाप्रदेश में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत महिलाओं को दी जाने वाली राशि नहीं बढ़ाई जा रही है लेकिन महिलाओं को केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना से जोड़ने की घोषणा की गई।सरकार ने गृह विभाग के लिए 12,876 करोड़ रुपये का बजट रखा है। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1,585 करोड़ रुपये अधिक है। प्रदेश में सामाजिक क्षेत्र की उत्थान की योजनाओं के लिए करीब दो लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है।देश में सबसे ज्यादा GDP ग्रोथ रेटवित्त मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि की दर देश में सबसे अधिक है और इसमें गत 22 सालों में 17 गुना का इजाफा हुआ है। वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विकसित मध्य प्रदेश 2047 नामक विजन डॉक्युमेंट तैयार किया है जिसके तहत प्रदेश के जीडीपी को 2047 तक 250 लाख करोड़ रुपये और प्रति व्यक्ति वार्षिक आय को बढ़ाकर 22 लाख 35 हजार रुपये से अधिक करने का लक्ष्य तय किया गया है।
- नयी दिल्ली. लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें होली की पूर्व संध्या पर 13 मार्च को नहीं होंगी। इस संबंध में दोनों सदनों की कार्य मंत्रणा समितियों के निर्णय लेने के बाद यह तय किया गया। दोनों सदनों ने 14 मार्च 2025 को होली के त्योहार को लेकर पहले ही अवकाश घोषित कर दिया है।राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, सदस्यों को सूचित किया गया है कि जैसा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया और सदन में घोषणा की गई, बृहस्पतिवार अर्थात् 13 मार्च 2025 को निर्धारित राज्यसभा की बैठक रद्द कर दी गई है। बुलेटिन में कहा गया है, ‘‘इसके अनुसार, उस दिन सदन की कोई बैठक नहीं होगी।''लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने भी 13 मार्च को सदन की बैठक रद्द करने का निर्णय लिया है। इसने सदन के कामकाज को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए लोकसभा की बैठक शनिवार अर्थात् 29 मार्च को कराने की सिफारिश की है।
- नयी दिल्ली. अमेरिकी खुफिया विभाग की प्रमुख तुलसी गबार्ड, कनाडा के खुफिया प्रमुख डैनियल रॉजर्स और ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई-6 के प्रमुख रिचर्ड मूर उन शीर्ष वैश्विक खुफिया प्रमुखों में शामिल हैं, जो भारत में इस सप्ताहांत होने वाले सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। घटनाक्रम से वाकिफ अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल 16 मार्च को भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाले सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें आतंकवाद और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, न्यूजीलैंड और भारत के कई अन्य मित्र देशों के खुफिया प्रमुखों के भी नयी दिल्ली में होने वाले विचार-विमर्श में शामिल होने की संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक, गबार्ड जापान, थाईलैंड और फ्रांस के बहु-देशीय दौरे के हिस्से के रूप में भारत आ रही हैं। यह अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के किसी शीर्ष अधिकारी की भारत की पहली उच्च-स्तरीय यात्रा होगी। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया प्रमुखों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के अलावा गबार्ड रायसीना डायलॉग को संबोधित करने और एनएसए डोभाल के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी संभावना है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डीएनआई) गबार्ड थाईलैंड की अपनी यात्रा के बाद 15 मार्च को भारत आएंगी। गबार्ड ने पिछले महीने अमेरिका की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा एवं खुफिया प्रमुखों के सम्मेलन में लगभग 20 देशों की खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख एवं उप प्रमुखों के जुटने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि विचार-विमर्श में खुफिया प्रमुखों के रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में संघर्ष के प्रभावों सहित अन्य वैश्विक चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित करने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा और खुफिया प्रमुख आतंकवाद के वित्तपोषण के साथ-साथ साइबर अपराधों से निपटने के तौर-तरीकों पर भी चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) के प्रमुख रॉजर्स की भारत यात्रा हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में जारी तनाव के बीच हो रही है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर 2023 में आरोप लगाया था कि कनाडा की धरती पर निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट का हाथ हो सकता है, जिसके बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में दरार आ गई थी। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को “बेतुका” बताकर खारिज कर दिया था। पिछले साल की दूसरी छमाही में दोनों देशों के बीच संबंध और भी खराब हो गए, जब कनाडा ने उच्चायुक्त संजय वर्मा समेत कई भारतीय राजनयिकों पर निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। अक्टूबर 2024 में कनाडा ने वर्मा और पांच अन्य भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। जवाबी कार्रवाई में नयी दिल्ली ने भी कनाडा के उच्चयोग प्रभारी स्टीवर्ट व्हीलर और पांच अन्य राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। माना जा रहा है कि रॉजर्स के साथ डोभाल की बातचीत में इस मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।घटनाक्रम से वाकिफ अधिकारियों के मुताबिक, सम्मेलन के दौरान डोभाल कई प्रमुख देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
- गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पुलिस ने शराब की दुकानों के पास सड़कों पर शराब पीने वाले शराबियों के खिलाफ छह जनवरी से चलाये गये अपने विशेष अभियान के दौरान 28,682 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्र ने एक बयान के जरिये यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह अभियान इस साल छह जनवरी को शुरू किया गया था। हर दिन शाम छह बजे से 10 बजे तक शराब की दुकानें बंद होने तक हर थाने की पुलिस ऐसे स्थानों पर छापेमारी कर रही थी, जहां लोग अपनी गाड़ियों में शराब पीते थे। कुछ जगहों पर कुछ हुड़दंगियों को अपनी कार की बोनट या डिग्गी पर शराब पीते और खाते हुए भी देखा गया। इन सभी पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मिश्र ने कहा कि पुलिस ने यह सख्त कार्रवाई सिटी, ग्रामीण और ट्रांस हिंडन जोन में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए की है। कानून व्यवस्था की स्थिति और हत्या व अन्य गैर इरादतन हत्या जैसे अपराधों में 50 प्रतिशत तक कमी आई है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि शराबियों के खिलाफ यह अभियान आगामी महीनों में भी जारी रहेगा।
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताया है। योगी ने मंगलवार को “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा, “मानवता के महायज्ञ, महाकुम्भ-2025, प्रयागराज ने संपूर्ण विश्व को 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के सनातन भाव से दीप्त कर दिया है।” उन्होंने इसी पोस्ट में प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए कहा, “विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज मॉरीशस के राष्ट्रपति को मां गंगा, मां यमुना एवं मां सरस्वती के आशीर्वाद स्वरूप पावन त्रिवेणी संगम का पवित्र जल व बनारसी साड़ी जैसे अनेक अद्वितीय उपहार भेंट किए हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने हेतु हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी!” मॉरीशस दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने वहां के राष्ट्रपति को संगम का पवित्र जल समेत अनेक उपहार भेंट किए हैं।




























