- Home
- देश
-
नयी दिल्ली. एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने रविवार को भारतीय वायुसेना के उप वायुसेना प्रमुख (डीसीएएस) का पदभार संभाला। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी। वायु सेना मुख्यालय (वायु भवन) में पदभार ग्रहण करने के बाद एयर मार्शल ने यहां स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र रहे एयर मार्शल तेजिंदर को 13 जून 1987 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू शाखा में नियुक्त किया गया था। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह 4,500 घंटे से अधिक के उड़ान अनुभव के साथ श्रेणी ‘ए' योग्य फ्लाइंग प्रशिक्षक हैं तथा रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज एवं राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने एक लड़ाकू स्क्वाड्रन, एक रडार स्टेशन, एक प्रमुख फाइटर बेस की कमान संभाली और वह जम्मू-कश्मीर के एयर ऑफिसर कमांडिंग थे। बयान में कहा गया, “उनकी विभिन्न स्टाफ नियुक्तियों में कमांड मुख्यालय में ऑपरेशनल स्टाफ, वायु सेना मुख्यालय में एयर कमोडोर (कार्मिक अधिकारी -1), एकीकृत रक्षा स्टाफ के उप सहायक प्रमुख, मुख्यालय आईडीएस में वित्तीय (योजना), एयर कमोडोर (एयरोस्पेस सुरक्षा), वायु सेना मुख्यालय में एयर स्टाफ ऑपरेशन्स (अफेन्सिव) एवं एसीएएस ऑपरेशन्स (स्ट्रेटेजी) शामिल हैं।” अपनी वर्तमान नियुक्ति से पहले, वह मेघालय के शिलांग स्थित भारतीय वायुसेना के पूर्वी वायु कमान मुख्यालय में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर थे। उनकी सराहनीय सेवाओं को मान्यता प्रदान करते हुए, उन्हें राष्ट्रपति द्वारा 2007 में वायु सेना पदक और 2022 में अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
-
नयी दिल्ली. जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह राजीव रंजन प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। जद(यू) की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि त्यागी ने निजी कारणों से राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है। बयान के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राजीव रंजन प्रसाद को पार्टी का नया राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है। जद(यू) के अनुभवी नेता त्यागी को मई 2023 में राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ ही ‘विशेष सलाहकार' नियुक्त किया गया था। उनकी इस नियुक्ति के संबंध में जारी बयान में कहा गया था कि त्यागी के संगठनात्मक अनुभव का लाभ उठाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री एवं पार्टी के प्रमुख नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी का विशेष सलाहकार और मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है।
- भुवनेश्वर।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को ओडिशा के सबसे पुराने शैक्षणिक संस्थानों में से एक रेवेंशा विश्वविद्यालय का नाम बदलने का सुझाव दिया। हालांकि,प्रधान ने स्पष्ट किया कि 156 साल पुराने संस्थान का नाम बदलने का सुझाव उनकी निजी राय है।प्रधान ने कटक में स्वशासन दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘नाम परिवर्तन की आवश्यकता है। रेवेंशा, जिनके नाम पर विश्वविद्यालय का नाम रखा गया है,उन्होंने अकाल के दौरान जो किया, उससे ओडिशा के लोगों को नुकसान हुआ।'' संबलपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद ने यह भी बताया कि 1866 का विनाशकारी अकाल ओडिशा के तत्कालीन आयुक्त टी.ई. रेवेंशा के कार्यकाल में पड़ा था। प्रधान ने कहा, ‘‘अकाल में ओडिशा के कई लोग मारे गए थे। यह आपदा ब्रिटिश अधिकारियों की प्रशासनिक विफलता के कारण आई थी, जिनमें टी.ई. रेवेंशा भी शामिल थे। ओडिशा के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय का नाम ब्रिटिश आयुक्त के नाम पर क्यों रखा जाना चाहिए? ओडिशा के बुद्धिजीवियों को इस पर विचार करना चाहिए।'' कटक में रेवेंशा कॉलेज की स्थापना सन् 1868 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। इसे 2006 में विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया।
-
नई दिल्ली। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज नई दिल्ली में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारत सरकार गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।डॉ. मांडविया ने गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की सुरक्षा के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम में इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार इन श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए विभिन्न तरीकों पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ये हमारे कार्यबल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।"उन्होंने कहा कि हम उन्हें वह सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक व्यापक रणनीति पर काम कर रहे हैं जिसके वे हकदार हैं।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरणसामाजिक सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए डॉ. मांडविया ने बताया कि ई-श्रम पोर्टल पर श्रमिकों का पंजीकरण किया जाएगा।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को रोजगार देने वाली कंपनियों को ई-श्रम पोर्टल पर अपने श्रमिकों को पंजीकृत करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए कहा जाएगा। डॉ. मांडविया ने कहा कि, "ऐसी कंपनियों के लिए एक ऑनलाइन विंडो उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उनके श्रमिकों के लिए एक सुचारू और कुशल पंजीकरण प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।"सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत पहली बार मान्यताकेंद्रीय मंत्री ने सामाजिक सुरक्षा संहिता के महत्व पर भी जोर दिया जो पहली बार भारत में गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को परिभाषित करती है। उन्होंने कहा, "यह हमारी अर्थव्यवस्था के भीतर गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की भूमिकाओं को स्वीकार करने और औपचारिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धताडॉ. मांडविया ने समावेशी विकास और गिग तथा प्लेटफॉर्म श्रमिकों सहित कार्यबल के सभी वर्गों के सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि भारत में प्रत्येक श्रमिक को, चाहे उनकी रोजगार स्थिति कुछ भी हो, सामाजिक सुरक्षा का अधिकार दिया जाए।"श्रम एवं रोजगार मंत्रालय सभी हितधारकों के साथ मिलकर एक मजबूत ढांचा विकसित करने के लिए काम कर रहा है जो काम की बदलती प्रकृति के साथ मेल खाता हो और गिग तथा प्लेटफॉर्म श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करे। इस बैठक में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। - -विकसित अर्थव्यवस्था को विकसित पर्यावरण होना चाहिए। हम सभी को जिम्मेदार नागरिक के रूप में पर्यावरण के प्रति मजबूत चेतना विकसित करनी चाहिए: श्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में प्रयास कर रहा है, साथ ही एक विकसित परितंत्र बनने के प्रयास भी किए जा रहे हैं: श्री भूपेंद्र यादव-श्री यादव ने इस बात पर जोर दिया कि जीवन में केवल मानवीय जरूरतें ही नहीं हैं, उन्होंने सभी जीवों और पर्यावरण के सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की वकालत की- श्री यादव ने जोर देते हुए कहा कि सरकार ने अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों को निर्धारित समय से नौ साल पहले हासिल कर लिया और कृषि में रासायनिक उपयोग को कम करने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड पहल शुरू की हैनई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आइडियाज 4लाइफ में सुझाव भेजने की समय सीमा 15 सितंबर, 2024 से बढ़ाकर 15 अक्टूबर, 2024 कर दी है। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे में आर्थिक और परितंत्र मोर्चों की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “विकसित अर्थव्यवस्थाओं को भी विकसित परितंत्र को अपनाना चाहिए। हम सभी को जिम्मेदार नागरिक के रूप में पर्यावरण के प्रति मजबूत चेतना विकसित करनी चाहिए।”केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने महाराष्ट्र पर्यावरण विभाग के सहयोग से आज आईआईटी बॉम्बे में अभिनव पर्यावरणीय समाधानों के प्रति उत्साह पैदा करने के लिए 'आइडियाज4लाइफ' का आयोजन किया। यह आयोजन छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को ऐसे सुझाव देने में शामिल करने की एक पहल है जो पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली को बढ़ावा देते हैं। यह कार्यक्रम मुंबई और उसके बाहर के शैक्षणिक समुदाय को शामिल करने का प्रयास है, जिसमें पूरे भारत में यूजीसी, एआईसीटीई, आईआईटी और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी को आमंत्रित किया जाता है। इस कार्यक्रम में मुंबई के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से 1200 छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।श्री भूपेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 05 जून, 2024 को शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत आईआईटी बॉम्बे में एक पौधा लगाया।इस कार्यक्रम में अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने सरकार के मिशन का वर्णन किया और "आइडियाज़4लाइफ़" की थीम को समझाया, जिसमें जीवन के सभी पहलुओं के परस्पर संबंध पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि 'जीवन' में मानवीय ज़रूरतों से कहीं ज़्यादा चीजें शामिल हैं। उन्होंने सभी जीवों और पर्यावरण के सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की वकालत की।केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि विकास के लिए मानव-केंद्रित सोच अपर्याप्त है, इसके बजाय उन्होंने पर्यावरण के प्रति जागरूक मॉडल की वकालत की। उन्होंने बढ़ते तापमान और जैव विविधता के नुकसान जैसे विकास के प्रतिकूल प्रभावों पर प्रकाश डाला और भोजन, ऊर्जा, दवा और अन्य संसाधन प्रदान करने में प्रकृति की आवश्यक भूमिका पर जोर डाला। उन्होंने जैव विविधता के लिए पृथ्वी के एक तिहाई हिस्से को संरक्षित करने के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि लगभग 50,000 प्रजातियां मानव उपभोग में इस्तेमाल की जाती हैं। उन्होंने सतत विकास के लिए तीन आवश्यक कार्यों उपभोग की मांग में बदलाव, आपूर्ति प्रणालियों में सुधार और प्रभावी नीतियों को लागू करने पर भी जोर दिया।केद्रीय मंत्री ने भारत की पर्यावरणीय उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने अपने अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों को निर्धारित समय से नौ साल पहले हासिल कर लिया और कृषि में रासायनिक उपयोग को कम करने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड पहल शुरू की है।केंद्रीय मंत्री ने वैश्विक खाद्य अपशिष्ट समस्या पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि 15 अरब टन खाद्यान्न प्रतिवर्ष कचरा भराव क्षेत्र में भेजा जाता है। उन्होंने शिक्षा, नवाचार और तकनीकी प्रगति को प्रकृति में सुधार और संरक्षण पर केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने विभिन्न कॉलेजों के छात्रों से विचार और सुझाव आमंत्रित करते हुए उनसे प्रकृति के संरक्षण और कचरे को कम करने में योगदान देने का आग्रह किया, जो अंततः विकास रणनीतियों में पर्यावरणीय संतुलन को एकीकृत करने में मदद करेगा।इस कार्यक्रम में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के विशेष सचिव तन्मय कुमार; महाराष्ट्र सरकार के प्रधान सचिव (पर्यावरण) प्रवीण दराडे; पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अपर सचिव अमनदीप गर्ग; आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रो. शिरीष बी. केदारे और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राज्य सरकार के विभिन्न अधिकारी शामिल हुए।पृष्ठभूमिआइडियाज़4लाइफ़ आइडियाथॉन में मिशन एलआईएफई- लाइफ़ के सात विषय शामिल हैं। ये हैं पानी बचाएं, ऊर्जा बचाएं, कचरा कम करें, ई-कचरा कम करें, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को न कहें, टिकाऊ खाद्य प्रणाली अपनाएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
-
नयी दिल्ली. भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों में सुबह की सैर पर निकली नौ वर्षीय श्रेयोवी मेहता ने अपने कैमरे से दो मोरनियों की खूबसूरत तस्वीर ली जिसके लिए उसे इस साल के सर्वश्रेष्ठ ‘वाइल्डलाइफ' फोटोग्राफर पुरस्कार के लिए नामित किया गया। नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (एनएचएम) द्वारा प्रतिष्ठित पुरस्कार के 60वें संस्करण में मेहता को '10 वर्ष और उससे कम' श्रेणी में उपविजेता घोषित किया गया है। राजस्थान के भरतपुर स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में मेहता ने दो मोरनियों की तस्वीरें खींची थी।
मेहता की तस्वीर 117 देशों और क्षेत्रों के सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों द्वारा ली गईं लगभग 60,000 तस्वीरों में से एक थी। पुरस्कार की घोषणा के बाद मेहता ने कहा, ''वह वन्यजीव फोटोग्राफी का अभ्यास जारी रखना चाहती है।''
मेहता ने कहा, ''मुझे खुशी है कि हमारे राष्ट्रीय पक्षी की मेरी तस्वीर को वन्यजीव फोटोग्राफी के सबसे बड़े मंच 'नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम' द्वारा सम्मान दिया गया। मैं अभ्यास जारी रखूंगी ताकि एक दिन हमारे राष्ट्रीय पशु बाघ को भी वही पहचान मिल सके।'' फरीदाबाद की पांचवीं कक्षा की छात्रा को आठ अक्टूबर को लंदन में आयोजित पुरस्कार समारोह में पदक प्रदान किया जाएगा। -
तेजपुर .असम के सोनितपुर जिले में एक नदी क्षेत्र से ‘मोर्टार स्मोक बम' बरामद किया गया है जो 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौर का बताया जा रहा है। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ढेकियाजुली क्षेत्र में यह बम मिला जिसे सैन्यकर्मियों की मदद से सुरक्षित ढंग से नष्ट कर दिया गया। सोनितपुर के पुलिस अधीक्षक बरुण पुरकायस्थ ने बताया कि दो इंच लंबा विस्फोटक जौगापुर गांव में एक व्यक्ति को शुक्रवार शाम सेसा नदी में मछली पकड़ते समय मिला। उन्होंने कहा, ‘‘यह इलाका मिसामारी थाना क्षेत्र में है। यह बम संभवतः चीन निर्मित है और 1962 के युद्ध का है।'' यह लड़ाई असम के पड़ोसी राज्य अरूणाचल प्रदेश में लड़ी गयी थी। ‘मोर्टार स्मोक बम' एक प्रकार का गोला-बारूद है जिसका उपयोग दुश्मन की गोलीबारी से बचने के लिए धुआं फैलाने या दुश्मन द्वारा की जा रही निगरानी को रोकने जैसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘लेफ्टिनेंट कर्नल अभिजीत मिश्रा के नेतृत्व में मिसामारी कैंप से आई सेना की टीम की मदद से इसे सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया गया है।
-
नयी दिल्ली. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि भारत के सामने ‘‘चीन संबंधी एक विशेष समस्या'' है जो दुनिया की ‘‘चीन संबंधी सामान्य समस्या'' से अलग है। उन्होंने साथ ही कहा कि चीन के साथ संबंधों एवं सीमा पर स्थिति को देखते हुए वहां से होने वाले निवेश की समीक्षा की जानी चाहिए। जयशंकर ने कहा कि यदि लोग चीन के साथ व्यापारिक घाटे की शिकायत कर रहे हैं और ‘‘हम भी'' (इससे परेशान हैं) तथा ऐसा इसलिए है क्योंकि दशकों पहले ‘‘हमने चीनी उत्पादन की प्रकृति और उन लाभों को जानबूझकर नजरअंदाज कर दिया था, जो उन्हें ऐसी प्रणाली में प्राप्त हुए, जिसमें उन्हें अपने साथ लाए गए सभी लाभों के अलावा समान अवसर मिले।'' उन्होंने यहां ‘ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम' में ‘नए भारत के जोखिम, सुधार और जिम्मेदारियां' विषय पर आयोजित सत्र के दौरान कहा, ‘‘चीन कई मायनों में एक अनूठी समस्या है क्योंकि वह एक अनूठी राजनीति है, वह एक अनोखी अर्थव्यवस्था है। जब तक कोई इस विशिष्टता को समझने की कोशिश नहीं करता, तब तक इससे निकाले जाने वाले निर्णय, निष्कर्ष और नीतिगत कदमों में समस्या रहेगी।'' जयशंकर ने कहा, ‘‘चीन को लेकर एक सामान्य समस्या है। हम दुनिया के एकमात्र देश नहीं हैं, जो चीन के बारे में बहस कर रहे हैं। यूरोप में जाइए और उनसे पूछिए कि आज उनकी प्रमुख आर्थिक या राष्ट्रीय सुरक्षा बहस क्या है। यह बहस चीन के बारे में है। अमेरिका को देखिए। उसे भी चीन के प्रति दिक्कत है और यह कई मायनों में सही भी है।'' उन्होंने कहा कि इसलिए सच्चाई यह है कि भारत एकमात्र ऐसा देश नहीं है जिसे चीन को लेकर समस्या है।
जयशंकर ने कहा, ‘‘भारत को चीन को लेकर समस्या है... चीन संबंधी एक विशेष समस्या, जो चीन को लेकर दुनिया की सामान्य समस्या से परे है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जब हम चीन के साथ व्यापार, चीन के साथ निवेश, चीन के साथ विभिन्न प्रकार के आदान-प्रदान को देखते हैं और यदि आप इस बात को ध्यान में नहीं रखते कि यह एक बहुत ही अलग देश है और इसके काम करने का तरीका भी बहुत अलग है, तो मुझे लगता है कि आपकी बुनियादी बातें ही पटरी से उतरने लगती हैं।'' मंत्री ने कहा, ‘‘....चूंकि चीन को लेकर एक सामान्य समस्या है और साथ ही हमारी अपनी स्थिति भी है, आप सभी जानते हैं कि पिछले चार साल से सीमा पर हमारी स्थिति बहुत कठिन है। मुझे लगता है कि ऐसी स्थिति में भारत जैसा देश जैसी सावधानियां बरत रहा है, वही समझदारी भरी प्रतिक्रिया है।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का कभी यह रुख नहीं रहा कि उसे चीन के साथ निवेश या व्यापार नहीं करना चाहिए। जयशंकर ने कहा, ‘‘निवेश के संबंध में यह सामान्य समझ की बात है कि चीन से होने वाले निवेश की समीक्षा की जाए। मुझे लगता है कि भारत और चीन के बीच संबंधों और सीमा को लेकर स्थिति भी इसकी मांग करती है।'' उन्होंने कहा कि जिन देशों की सीमा चीन से नहीं लगती, वे भी चीन से होने वाले निवेश की जांच कर रहे हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘यूरोप की (चीन के साथ) सीमा नहीं लगती, अमेरिका की चीन के साथ सीमा नहीं है और फिर भी वे ऐसा कर रहे हैं। समस्या यह नहीं है कि आपका चीन के साथ निवेश है या नहीं, इसका हां या ना में जवाब नहीं है, मुद्दा यह है कि उचित समीक्षा का स्तर क्या होना चाहिए और आपको इससे कैसे निपटना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी जब मैं ऐसी सामग्री पढ़ता हूं जिसमें लोग लिखते हैं कि हमें स्पष्ट रूप से पहचान करनी चाहिए कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा की बात है, तो (मुझे लगता है कि) अब यह उस तरह से काम नहीं करता क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा का दायरा बढ़ गया है। यदि आपकी दूरसंचार सेवा चीनी प्रौद्योगिकी पर आधारित है, तो क्या आप इससे प्रभावित हुए बिना रह सकते हैं।'' जयशंकर ने कहा, ‘‘मेरे विचार में एक निश्चित स्तर पर, कुछ देशों में कुछ स्थितियों में, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के बीच की रेखा बहुत पतली होती है।'' उन्होंने कहा कि यूरोप में एक बड़ा युद्ध चल रहा है, पश्चिम एशिया में एक बड़ा संघर्ष है, एशिया में तनाव है और उनमें से प्रत्येक के साथ क्षेत्रीय दावों और सीमा संघर्षों का फिर से उभरना जोखिम पैदा करता है। जयशंकर ने कहा कि दुनिया का ध्यान जोखिम कम करने पर केंद्रित है।
विदेश मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि हर सरकार अब भू-राजनीतिक जोखिमों का बारीकी से आकलन कर रही है, जिसमें अधिकतर प्रयास जोखिम कम करने पर केंद्रित हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में, जोखिमों का प्रबंधन और शमन करना अंतरराष्ट्रीय संबंधों और नीतियों को आकार देने में चिंता का एक केंद्रीय विषय बन गया है। -
नयी दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेरठ को लखनऊ, मदुरै को बेंगलुरु और चेन्नई को नागरकोइल से जोड़ने वाली तीन नयी वंदे भारत ट्रेन को शनिवार को हरी झंडी दिखाई। मोदी ने हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम को ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस' के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दक्षिणी राज्यों का तेजी से विकास महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि तमिलनाडु और कर्नाटक के लिए बजटीय आवंटन में वृद्धि से दक्षिणी राज्यों में रेल परिवहन मजबूत हुआ है। मेरठ सिटी-लखनऊ वंदे भारत ट्रेन यात्रियों को दोनों शहरों के बीच मौजूदा सबसे तेज ट्रेन की तुलना में लगभग एक घंटे पहले पहुंचाएगी। इसी तरह, चेन्नई एग्मोर-नागरकोइल वंदे भारत से दो घंटे से अधिक समय और मदुरै-बेंगलुरु वंदे भारत ट्रेन से करीब डेढ़ घंटे का समय बचेगा।
-
पुरी. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति (एसजेटीएमसी) ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए पुरी जगन्नाथ मंदिर के वास्ते 413 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। उसने जगन्नाथ संस्कृति के प्रसार के लिए एक एफएम रेडियो स्टेशन स्थापित करने का निर्णय भी लिया है। पुरी के गजपति महाराजा दिव्य सिंह देब की अध्यक्षता में हुई एसजेटीएमसी की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने यहां संवाददाताओं को बताया, ''एसजेटीएमसी ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 413 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। यह 103 करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट है।'' पाधी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मंदिर के लिए 500 करोड़ रुपये का योगदान देने के बाद इस साल मंदिर का बजट लगभग 913 करोड़ रुपये होगा। पाधी ने रथ यात्रा के समय भगवान बलभद्र की पहंदी (शोभायात्रा) के दौरान कुप्रबंधन के लिए खेद जताया। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा के दौरान भगवान बलभद्र की पहंदी में हुए हादसे के संबंध में की गई जांच 'अधूरी' पाई गई, इसलिए तीन सदस्यीय समिति को खास जिम्मेदारियां देते हुए एक और रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। पाधी के अनुसार, बड़ाग्राहियों (मूर्ति की देखभाल करने वाले सेवक) के नेतृत्व में एक 'पहंदी समन्वय टीम' (पीसीटी) स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि एसजेटीएमसी की बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में एयर कंडीशनर लगाने और नटमंडप (नृत्य हॉल) के अंदर अलमारियों व संदूकों को खाली करने का फैसला भी लिया गया। पाधी ने बताया कि मंदिर में आने वाली महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए समर्पित कतारें बनाने का भी निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु देवी-देवता के दर्शन अच्छे से कर सकें, इसके लिए मार्ग को ऊंचा किया जाएगा। पाधी ने यह भी बताया कि सुचारू रूप से अनुष्ठान कराने के लिए हर महीने एक 'नीति' उप-समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा, "मंदिर के सभी रिकॉर्ड डिजिटल किए जाएंगे। पाधी ने बताया कि एसजेटीएमसी ने जगन्नाथ संस्कृति का प्रसार करने के लिए एक एफएम रेडियो स्टेशन भी शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि एएसआई द्वारा आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा हो जाने के बाद रत्न भंडार के आंतरिक और बाहरी दोनों कक्षों के दरवाजों पर सोने की परत चढ़ाई जाएगी।
-
नई दिल्ली। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को जिला न्यायपालिका को ‘‘न्यायपालिका की रीढ़’’ बताया और कहा कि यह कानून का अहम घटक है। यहां ‘जिला न्यायपालिका के राष्ट्रीय सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह जरूरी है कि जिला न्यायपालिका को अधीनस्थ कहना बंद किया जाए।
इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘न्याय की तलाश कर रहा कोई नागरिक सबसे पहले जिला न्यायपालिका से संपर्क करता है। जिला न्यायपालिका कानून का अहम घटक है।’’ उन्होंने कहा कि काम की गुणवत्ता और वे स्थितियां जिनमें न्यायपालिका नागरिकों को न्याय प्रदान करती है, यह निर्धारित करती है कि उन्हें न्यायिक प्रणाली पर भरोसा है या नहीं। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इसलिए जिला न्यायपालिका से बड़ी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया जाता है और इसे ‘न्यायपालिका की रीढ़’ के रूप में वर्णित किया गया है। रीढ़ तंत्रिका तंत्र का अहम अंग है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कानूनी व्यवस्था की रीढ़ को बनाए रखने के लिए हमें जिला न्यायपालिका को अधीनस्थ न्यायपालिका कहना बंद करना होगा। आजादी के 75 साल बाद, अब समय आ गया है कि हम ब्रिटिश काल के एक और अवशेष -अधीनता की औपनिवेशिक मानसिकता- को दफना दें।’’प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि 2023-24 में अदालती रिकॉर्ड के 46.48 करोड़ पृष्ठों को डिजिटल रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट परियोजना के तहत 3,500 से अधिक अदालत परिसरों और 22,000 से अधिक अदालत कक्षों का कम्प्यूटरीकरण भी किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘जिला न्यायपालिका ने दिन-प्रतिदिन के मामलों में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने में अहम भूमिका निभाई: देश में जिला अदालतों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 2.3 करोड़ मुकदमों पर सुनवाई की।’’प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए फैसलों को संविधान में मान्यता प्राप्त प्रत्येक भाषा में अनुवादित किया जा रहा है और 73,000 से अधिक अनुवादित फैसले सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। न्यायपालिका की बदलती जनसांख्यिकी पर आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जिला न्यायपालिका में शामिल होने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी है।उन्होंने कहा, ‘‘2023 में राजस्थान में दीवानी न्यायाधीशों की कुल भर्ती में 58 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं। दिल्ली में 2023 में नियुक्त हुए न्यायिक अधिकारियों में 66 प्रतिशत महिलाएं थीं। उत्तर प्रदेश में 2022 में दीवानी न्यायाधीशों (जूनियर डिवीजन) के लिए नियुक्त होने वाली 54 प्रतिशत महिलाएं थीं।’’न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने यह भी कहा कि केरल में कुल न्यायिक अधिकारियों में से 72 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ये कुछ उदाहरण हैं जो भविष्य की एक आशाजनक न्यायपालिका की तस्वीर पेश करते हैं।’’प्रधान न्यायाधीश के अलावा प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमनी, उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल सिब्बल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। यह दो दिवसीय सम्मेलन उच्चतम न्यायालय ने आयोजित किया है।उच्चतम न्यायालय द्वारा शुक्रवार को जारी एक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक सितंबर को समापन भाषण देंगी और उच्चतम न्यायालय के झंडे व प्रतीक चिह्न का भी अनावरण करेंगी। -
नई दिल्ली। मरम्मत कार्य के लिए केदारनाथ हेलीपैड से गौचर हवाई पट्टी तक रक्षा बलों के MI-19 हेलीकॉप्टर के द्वारा लाया जा रहा एक अन्य खराब हेलीकॉप्टर बीच हवा में रस्सी टूटने के कारण शनिवार सुबह केदारनाथ के पास पहाड़ियों में जा गिरा। घटना में अभी किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इस दुर्घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। हेलिकॉप्टर का संचालन एक निजी कंपनी द्वारा किया जाता था। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने कहा कि इलाके में टीमें तैनात कर दी गई हैं और फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है।खराब हेलीकॉप्टर के वजन और हवा के बहाव के कारण MI-17 का संतुलन बिगड़ाजिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे के मुताबिक, खराब हेलीकॉप्टर के वजन और हवा के बहाव के कारण MI-17 हेलिकॉप्टर का संतुलन बिगड़ने लगा था। राहुल चौबे ने कहा, “शनिवार को हेलीकॉप्टर को मरम्मत के लिए MI-17 हेलीकॉप्टर की मदद से गौचर हवाई पट्टी पर ले जाने की योजना थी। जैसे ही हेलीकॉप्टर ने थोड़ी दूरी तय की, खराब हेलीकॉप्टर के वजन और हवा के बहाव के कारण MI-17 संतुलन खोने लगा। जिसके कारण हेलीकॉप्टर को थारू शिविर के पास उतारना पड़ा, हेलीकॉप्टर पर कोई यात्री या सामान नहीं था। सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंच गया।”SDRF के अनुसार, “आज SDFR बचाव दल को पुलिस चौकी लिनचोली के माध्यम से सूचना मिली कि एक निजी कंपनी का खराब हेलीकॉप्टर, जिसे श्री केदारनाथ हेलीपैड से दूसरे हेलीकॉप्टर द्वारा खींचकर गोचर हेलीपैड ले जाया जा रहा था। थारू कैंप के पास लिनचोली में नदी में गिर गया है। SDRF टीम मौके पर पहुंच गई है और राहत कार्य जारी है। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में त्वरित न्याय की आवश्यकता पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि इससे महिलाओं में अपनी सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ेगा। मोदी ने कहा कि न्यायपालिका को संविधान का संरक्षक माना जाता है और उच्चतम न्यायालय एवं न्यायपालिका ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है।उन्होंने प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की उपस्थिति में जिला न्यायपालिका के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के लोगों ने उच्चतम न्यायालय या न्यायपालिका के प्रति कभी कोई अविश्वास नहीं दिखाया। प्रधानमंत्री ने आपातकाल लागू किए जाने को एक ‘‘काला’’ दौर बताते हुए कहा कि न्यायपालिका ने मौलिक अधिकारों को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर कहा कि न्यायपालिका ने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा की है। कोलकाता में एक महिला चिकित्सक से बलात्कार एवं उसकी हत्या और ठाणे के एक स्कूल में दो बच्चियों के यौन उत्पीड़न के मामलों की पृष्ठभूमि में उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और बच्चों की सुरक्षा समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में जितनी तेजी से न्याय मिलेगा, आधी आबादी को अपनी सुरक्षा को लेकर उतना ही अधिक भरोसा होगा।’’ मोदी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए कई कड़े कानून हैं और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक न्याय प्रणाली में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। -
मुंबई। मुंबई पुलिस की एक महिला कांस्टेबल की यहां एक निजी अस्पताल में कान की ‘सर्जरी' लिए ‘एनेस्थीसिया' दिए जाने के बाद उत्पन्न दिक्कतों के चलते मौत हो गई। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि कांस्टेबल गौरी सुभाष पाटिल (28) को अंधेरी के पश्चिमी उपनगर लोखंडवाला के एक्सिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि पाटिल को कान की ‘सर्जरी' से पहले ‘एनेस्थीसिया' दिया गया जिसके बाद उन्हें दिक्कत उत्पन्न हो गईं और बृहस्पतिवार रात उनकी मृत्यु हो गई। अधिकारी ने बताया कि मौत की सूचना पुलिस को रात करीब 10:45 बजे मिली। अधिकारी के अनुसार मौत का कारण पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि अंबोली पुलिस थाने में दुर्घटनावश मौत का एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है। पाटिल अंधेरी के मरोल में मुंबई पुलिस के स्थानीय शस्त्र प्रभाग में तैनात थीं।
-
नयी दिल्ली । गत कुछ महीनों से बिना अध्यक्ष कार्य कर रहे 22वें विधि आयोग का कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो रहा है। लेकिन समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर आयोग द्वारा अहम रिपोर्ट तैयार करने का कार्य जारी है। आयोग की कार्य प्रणाली की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों ने बताया कि देश में एक साथ चुनाव कराने के संबंध में विधि आयोग की रिपोर्ट तैयार है और इसे विधि मंत्रालय को सौंपा जाना है। उन्होंने बताया कि आयोग का अध्यक्ष नहीं होने की वजह से रिपोर्ट सौंपी नहीं जा सकती। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रितु राज अवस्थी 22वें विधि आयोग के अध्यक्ष थे जिन्हें कुछ महीने पहले भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी संस्था लोकपाल का सदस्य नियुक्त किया गया था। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति ने मार्च में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर एक रिपोर्ट सौंपी थी। निवर्तमान आयोग ने पिछले वर्ष समान नागरिक संहिता पर नए सिरे से विचार-विमर्श शुरू किया था। समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव प्राप्त करने के बाद, जब रिपोर्ट का मसौदा तैयार किया जा रहा था, तभी न्यायमूर्ति अवस्थी को लोकपाल नियुक्त कर दिया गया। इसी महीने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से दिए भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समान नागरिक संहिता के लिए नए सिरे से जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के लिए ‘‘धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता'' समय की मांग है। प्रधानमंत्री ने मौजूदा कानूनों को ‘‘सांप्रदायिक नागरिक संहिता'' करार देते हुए उन्हें भेदभावपूर्ण बताया था। मोदी ने कहा था कि ऐसे कानून जो देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटते हैं और असमानता का कारण बनते हैं, उनके लिए आधुनिक समाज में कोई जगह नहीं है। राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों के तहत अनुच्छेद 44 में कहा गया है कि पूरे भारत में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करना राज्य का कर्तव्य है। समान नागरिक संहिता भाजपा के चुनावी घोषणापत्रों में प्रमुख मुद्दा रहा है।
सरकार ने 22वें विधि आयोग का गठन 21 फरवरी, 2020 को तीन वर्ष की अवधि के लिए किया था और न्यायमूर्ति अवस्थी ने नौ नवंबर, 2022 को अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फरवरी 2023 में 22वें विधि आयोग का कार्यकाल बढ़ा दिया था। -
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत स्तर पर विभिन्न कदम उठा रही है। मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में 31 अरब डॉलर से अधिक का निवेश हुआ है। ‘एंजल टैक्स' को समाप्त करना भी इस क्षेत्र की वृद्धि की दिशा में एक कदम है। उन्होंने नियामकों से साइबर धोखाधड़ी की जांच के लिए अतिरिक्त उपाय करने को कहा, जिसका स्टार्टअप पर बुरा असर हो सकता है। एंजल कर (30 प्रतिशत से अधिक की दर से आयकर) का मतलब वह आयकर है जो सरकार गैर-सूचीबद्ध कंपनियों या स्टार्टअप द्वारा जुटाई गई धनराशि पर लगाती है...यदि उनका मूल्यांकन कंपनी के उचित बाजार मूल्य से अधिक है। प्रधानमंत्री पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और फिनटेक कन्वर्जेंस काउंसिल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2024 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नियामकों से साइबर धोखाधड़ी रोकने तथा लोगों की डिजिटल समझ बढ़ाने के लिए और कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘ वित्तीय सेवाओं के लोकतंत्रीकरण में वित्तीय प्रौद्योगिकी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।'' मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि इससे भारतीयों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीयों द्वारा वित्तीय प्रौद्योगिकी को जितनी तेजी से तथा जिस व्यापक स्तर पर अपनाया गया है...दुनिया में कहीं ऐसा देखने को नहीं मिला। मोदी ने कहा कि भारत में वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र द्वारा लाया गया बदलाव केवल प्रौद्योगिकी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक प्रभाव दूरगामी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वित्तीय प्रौद्योगिकी ने समानांतर अर्थव्यवस्था को चोट दी और यह वित्तीय सेवाओं के मोर्चे पर गांवों तथा शहरों के बीच की खाई को पाट रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने 31 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश आकर्षित किया है और ‘फिनटेक' स्टार्टअप में 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार फिनटेक क्षेत्र की सहायता के लिए नीतिगत स्तर पर सभी आवश्यक बदलाव कर रही है और उन्होंने एंजल टैक्स को खत्म करने, देश में शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये आवंटित करने और डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम को लागू करने का उदाहरण दिया। मोटे तौर पर, फिनटेक का मतलब वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने वाली संस्थाओं से है। साइबर धोखाधड़ी को समाप्त करने की आवश्यकता व्यक्त करते हुए उन्होंने नियामकों से डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल करने का आग्रह किया। मोदी ने कहा कि यह सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि साइबर धोखाधड़ी देश में फिनटेक और स्टार्टअप के विकास के रास्ते में न आए। अपने भाषण में, प्रधानमंत्री ने दुनिया के लिए समानांतर अर्थव्यवस्था के खतरों के बारे में भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि फिनटेक ने ऐसी प्रणाली को खत्म करने में एक प्रभावशाली भूमिका निभाई है और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में त्योहारों का मौसम है, अर्थव्यवस्था तथा बाजारों में भी उत्सव का माहौल है।
उनका स्पष्ट इशारा मजबूत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि तथा पूंजी बाजार के नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की ओर था। मोदी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बताया कि ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' के तहत 27 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं। ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' विश्व की सबसे बड़ी लघु वित्त योजना है। मोदी ने आगे कहा कि जन धन, आधार और मोबाइल की त्रिमूर्ति ने 'नकदी ही राजा है' की मानसिकता को तोड़ दिया है और दुनिया में होने वाले लगभग आधे डिजिटल लेन-देन भारत में होने का रास्ता बना दिया है। उन्होंने कहा, ''भारत का यूपीआई दुनिया में फिनटेक का एक प्रमुख उदाहरण बन गया है।''
उन्होंने कहा कि इसने हर मौसम में हर गांव और शहर में बैंकिंग सेवाओं को सक्षम किया है।
उन्होंने कहा कि फिनटेक ने ऋण तक पहुंच को आसान और समावेशी बना दिया है। मोदी ने पीएम स्वनिधि योजना का उदाहरण दिया, जिसने स्ट्रीट वेंडरों को गिरवी मुक्त ऋण पाने और डिजिटल लेनदेन की मदद से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस कार्यक्रम में कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकियां वित्तीय समावेश का विस्तार करने, दक्षता में सुधार लाने और देश भर में वास्तविक समय में सेवाएं सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण रही हैं। दास ने कहा, ‘‘ आज भारत डिजिटल भुगतान में वैश्विक नेता के रूप में खड़ा है, यह उपलब्धि सक्रिय नीति निर्माण को नवाचार तथा प्रौद्योगिकी प्रगति के साथ जोड़कर हासिल की गई है। नीति निर्माताओं, नियामकों और नवप्रवर्तकों के बीच सहयोग भारत की वित्तीय प्रौद्योगिकी यात्रा को परिभाषित करता है। -
नासिक। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के सिंधुदुर्ग जिले में राजकोट किले में ढही प्रतिमा के स्थान पर छत्रपति शिवाजी महाराज की एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।सिंधुदुर्ग जिले की मालवण तहसील में राजकोट किले में 17वीं सदी के मराठा योद्धा की प्रतिमा 26 अगस्त को ढह गयी थी।
विपक्ष ने इस घटना की तीखी आलोचना की थी और दावा किया था कि इस घटना से महाराष्ट्र के गौरव को ठेस पहुंची है। शिंदे ने कहा, "छत्रपति शिवाजी महाराज एक 'युगपुरुष' हैं। वह राज्य और राष्ट्र के गौरव हैं। राजकोट किले की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। महाराष्ट्र सरकार और नौसेना द्वारा जल्द ही वहां फिर से एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जायेगी।"वह यहां नंदगांव में विकसित की जा रही 'शिवसृष्टि' परियोजना के प्रथम चरण का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस परियोजना को नंदगांव शहर के विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि उनकी सरकार नगर परिषद की नयी इमारत के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये देगी। -
पालघर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाराष्ट्र के तटीय सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने को लेकर भारत के इस वीर सपूत के साथ ही, इस घटना से आहत लोगों से भी शुक्रवार को माफी मांगी।महाराष्ट्र के पालघर जिले में 76,000 करोड़ रुपये की लागत वाली वधावन बंदरगाह परियोजना की आधारशिला रखने के बाद मोदी ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज... मेरे लिए सिर्फ नाम नहीं हैं, हमारे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज आराध्य देव हैं। पिछले दिनों सिंधुदुर्ग में जो हुआ, आज मैं सिर झुकाकर मेरे आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज जी के चरणों में मस्तक रखकर माफी मांगता हूं।”उन्होंने कहा, ‘‘हमारे संस्कार अलग हैं। हम वह लोग नहीं हैं जो आए दिन भारत मां के महान सपूत, इसी धरती के लाल वीर सावरकर को अनाप-शनाप गालियां देते रहते हैं, अपमानित करते रहते हैं, देशभक्तों की भावनाओं को कुचलते हैं।’’उन्होंने कहा कि वे लोग वीर सावरकर को गालियां देने के बाद भी माफी मांगने को तैयार नहीं हैं और ना ही उनको कोई पश्चाताप होता है।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र की जनता उनके संस्कार को अब जान गई है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जैसे ही मैं यहां उतरा, मैंने सबसे पहले शिवाजी से प्रतिमा गिरने की घटना के लिए माफी मांगी। मैं उन लोगों से भी माफी मांगता हूं जो इससे आहत हुए हैं।’’
मोदी ने पिछले साल दिसंबर में सिंधुदुर्ग जिले में नौसेना दिवस समारोह के दौरान प्रतिमा का अनावरण किया था। प्रतिमा का उद्देश्य समुद्री रक्षा के प्रति छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत का सम्मान करना था।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों वाली नौसेना की अध्यक्षता में एक संयुक्त तकनीकी समिति सोमवार को मूर्ति गिरने के कारणों की जांच करेगी।मोदी ने कहा कि विकसित महाराष्ट्र, विकसित भारत के संकल्प का एक अनिवार्य हिस्सा है।उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए पिछले 10 वर्षों में हमने महाराष्ट्र की प्रगति के लिए लगातार बड़े फैसले लिए हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य और पूरे देश को महाराष्ट्र की क्षमताओं का लाभ मिले, वधावन बंदरगाह की आधारशिला आज रखी गई है।’’मोदी ने कहा कि जब उन्हें भाजपा का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया तो वह शिवाजी के तत्कालीन राज्य की राजधानी रायगढ़ गए और मराठा सम्राट की समाधि के सामने उन्होंने ध्यान लगाया था।सिंधुदुर्ग जिले की मालवण तहसील में राजकोट किले में स्थापित मराठा योद्धा की प्रतिमा गिरने के बाद मोदी की यह पहली टिप्पणी है।
प्रतिमा गिरने की घटना पर राज्य भर के लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया है। विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए उस पर शिवाजी महाराज का अपमान करने का आरोप लगाया।मोदी ने कहा कि उनकी सरकार तटीय गांवों के विकास पर अधिक ध्यान दे रही है।उन्होंने कहा कि क्षमता बढ़ाने के लिए मछुआरा सहकारी समितियों को भी मजबूत किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकारों ने पिछड़े वर्गों के कल्याण और वंचितों के सशक्तीकरण के लिए पूरे समर्पण और ईमानदारी से काम किया है।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने और निरंतर प्रयासों के माध्यम से राष्ट्र में समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह मछली उत्पादन में महिलाओं की भागीदारी को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है।’’उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से हमने हजारों महिलाओं को सशक्त बनाया है, जिससे वे इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।’’मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन गया है।उन्होंने कहा कि 2014 में, देश का मछली उत्पादन केवल 80 लाख टन था, लेकिन अब भारत लगभग 170 लाख टन मछली का उत्पादन करता है।
मोदी ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि केवल 10 वर्षों में, हमने मछली उत्पादन को दोगुना कर दिया है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने वधावन परियोजना के लिए 76,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह देश का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह होगा।’’मोदी ने 1,560 करोड़ रुपये की 218 मत्स्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।मोदी ने कहा कि तटों की वजह से महाराष्ट्र का अंतरराष्ट्रीय व्यापार से सदियों पुराना संबंध है।उन्होंने कहा, ‘‘प्रगति की दिशा में भारत की यात्रा में आज एक ऐतिहासिक दिन है। 'नया भारत' अपनी ताकत जानता है और गुलामी की बेड़ियों को पीछे छोड़ चुका है।’’
इस परियोजना का उद्देश्य एक विश्व स्तरीय समुद्री प्रवेश द्वार स्थापित करना है, जो बड़े कंटेनर जहाजों की ज़रूरतों को पूरा करते हुए, समुद्र के तटीय तल को गहरा बनाकर तथा अति विशाल मालवाहक जहाजों को समायोजित करके देश के व्यापार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।पालघर जिले के दहानू शहर के पास स्थित वधावन बंदरगाह भारत के सबसे बड़े गहरे पानी के बंदरगाहों में से एक होगा। यह अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों को सीधा संपर्क प्रदान करेगा, जिससे पारगमन समय और लागत कम होगी।एक बार चालू होने के बाद, यह बंदरगाह भारत की समुद्री कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा और वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 360 करोड़ रुपये की लागत से पोत संचार और सहायता प्रणाली के नेशनल रोल आउट की शुरुआत भी की। इस परियोजना के तहत, 13 तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मशीनीकृत और मोटर चालित मछली पकड़ने वाले जहाजों पर चरणबद्ध तरीके से एक लाख ट्रांसपोंडर लगाए जाएंगे। -
रांची। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को रांची में एक पार्टी समारोह में झारंखड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन का भाजपा में स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि टाइगर जिंदा है।
चंपई को 'कोल्हान का टाइगर' के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने झारखंड आंदोलन के दौरान झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के साथ सक्रिय रूप से योगदान दिया था। झामुमो के पूर्व नेता ने शुक्रवार को भाजपा का दामन थाम लिया। दो दिन पहले उन्होंने झामुमो से इस्तीफा दिया था। जिसमें उन्होंने पार्टी की मौजूदा कार्यशैली पर असंतोष जताया था।
चौहान ने कहा, चंपई सोरेन ने झारखंड के निर्माण के लिए बहुत कठिन लड़ाई लड़ी थी और उनके प्रयासों की वजह से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि चंपई ने झामुमो को एक माली की तरह संभाला। लेकिन उन्हें सौतेले व्यवहार का सामना करना पड़ा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, जब चंपई झारखंड के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने बिचौलियों के खिलाफ कड़े फैसले लिए। इससे झामुमो नाराज हो गाया और उन्होंने उनका अपमान करना शुरू कर दिया। चंपई झारखंड को भ्रष्टाचार से मुक्त करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा और चंपई ने यह संकल्प लिया है कि झारखंड और इसके लोगों का अपमान नहीं होने देंगे।
वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि चंपई सोरने को उनके ही राज्य की सरकार ने छह महीने तक निगरानी में रखा। सरमा ने कहा कि झामु-गठबंधन को दो महीने में एक कड़ा जवाब मिलेगा। झारखंड विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के सह-प्रभारी सरमा ने कहा, चंपई सोरने को झारखंड पुलिस ने छह महीने तक निगरानी में रखा। मैंने कभी किसी मुख्यमंत्री के बारे में ऐसा नहीं सुना। मैं चेतावनी देता हूं (मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन), हम दो महीने एक कड़ी प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट हेमंत सोरेन सरकार ने चंपई सोरेन जैसे बड़े नेता को भी नहीं बख्शा, जो झामुमो प्रमुख शिभू सोरेन के करीबी सहयोग थे। सरमा ने कहा, 1937 में जब मुस्लिम लीग असम में शासन कर रही थी और सर सैयद सादुल्ला मुख्यमंत्री थे, उन्होने हर शुक्रवार को जुम्मा की नमाज के लिए दो घंटे का ब्रेक तय किया था। आज हमारे विधायकों ने फैसला लिया है कि हमें विधानसभा में काम करने के लिए आना है। इसलिए हम दो घंटे का ब्रेक नहीं चाहते। हमारे विधानसभा नियम समिति में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य भी हैं, इसलिए यह फैसला सबने मिलकर लिया है। यह मेरा व्यक्तिगत फैसला नहीं है, यह विधानसभा का निर्णय है। - नयी दिल्ली. परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल से लैस पनडुब्बी 'आईएनएस अरिघात' को बृहस्पतिवार को विशाखापत्तनम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में नौसेना में शामिल किया गया। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे देश की परमाणु क्षमता को और मजबूती मिलेगी तथा परमाणु प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होगी। रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ‘अरिघात' भूमि, जल और वायु ‘प्लेटफॉर्म' पर परमाणु हथियारों संबंधी भारत की सैन्य रणनीति को और मजबूत करेगा, परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगा, क्षेत्र में सामरिक संतुलन और शांति स्थापित करने में मदद करेगा तथा देश की सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। आईएनएस अरिघात के जलावतरण को भारत की नौसैनिक शक्ति और परमाणु प्रतिरोध क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। भारत की पहली स्वदेश निर्मित परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत की परियोजना जुलाई 2009 में शुरू की गयी थी।
- नयी दिल्ली । किसान आंदोलन पर विवादास्पद टिप्पणी के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से हिदायत मिलने के कुछ दिनों बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत ने गुरुवार को यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। अपनी टिप्पणी को लेकर विवाद होने के बाद यह यह दूसरा मौका है जब रनौत ने भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात की। उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के साथ विवाद खड़ा कर दिया था। कंगना ने एक साक्षात्कार में कथित तौर पर कहा था कि पंजाब में किसान आंदोलन के नाम पर उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे और वहां बलात्कार तथा हत्याएं हो रही थीं। इस साक्षात्कार की एक क्लिप ‘एक्स' पर भी उन्होंने साझा किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि अगर देश का नेतृत्व मजबूत नहीं होता तो भारत में भी ‘बांग्लादेश जैसी स्थिति' पैदा हो सकती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि किसानों के प्रदर्शन के दौरान ‘‘लाशें लटकी थी और दुष्कर्म की घटनाएं हो रही थीं।'' उन्होंने ‘‘षड्यंत्र'' में चीन और अमेरिका के शामिल होने का आरोप लगाया। उनकी इस टिप्पणी पर विवाद होने के बाद भाजपा ने रनौत के बयान से असहमति जताते हुए किनारा कर लिया था। पार्टी ने मंडी की सांसद को हिदायत भी दी कि वह इस प्रकार के कोई बयान भविष्य में न दें। इसके बाद, कांग्रेस ने हमलावर रुख अख्तियार करते हुए सत्तारूढ़ पार्टी से कहा था कि यदि वह वास्तव में रनौत के विचारों से असहमत है तो उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए।
-
नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी और महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में 29 अगस्त का दिन हर साल राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रीय खेल दिवस पर बधाइयां। आज के दिन हम मेजर ध्यानचंद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह उन सभी को बधाई देने का अवसर है जो खेलों के प्रति जुनूनी हैं और जिन्होंने भारत के लिए खेला है। हमारी सरकार खेलों का समर्थन करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि अधिक से अधिक युवा खेलने और चमकने में सक्षम हों।
-
नयी दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का निदेशक मंडल पांच सितंबर को 1:1 ‘बोनस शेयर' जारी करने पर विचार करेगा। कंपनी ने गुरुवार को शेयर बाजार को यह जानकारी दी। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस ने आखिरी बार सितंबर 2017 में ‘बोनस शेयर' जारी किए थे। कंपनी सूचना के अनुसार, ‘‘ कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक गुरुवार को पांच सितंबर 2024 को होनी है, जिसमें शेयरधारकों को उनके अनुमोदन के लिए विचार करने तथा सिफारिश करने, ‘रिजर्व' के पूंजीकरण द्वारा कंपनी के शेयरधारकों को 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने की सिफारिश की जाएगी। '' रिलायंस ने इससे पहले 2017 और 2009 में 1:1 के अनुमात से बोनस शेयर जारी किए हैं।
-
नयी दिल्ली। खेलमंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान जफर इकबाल ने गुरुवार को राष्ट्रीय खेल दिवस पर यहां मेजर ध्यान चंद को श्रृद्धांजलि दी । स्वतंत्रता पूर्व लगातार तीन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद का जन्मदिन राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है । मांडविया ने यहां नेशनल स्टेडियम पर ध्यान चंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये ।उन्होंने कहा ,‘‘ राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर हम मेजर ध्यान चंद को उनकी जयंती पर श्रृद्धा सुमन अर्पित करते हैं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सही कहा है कि जो खेलेगा, वह खिलेगा ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ देश के नागरिकों को फिट और स्वस्थ रहना है ताकि स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकें । ऐसा समाज राष्ट्र निर्माण में मदद करता है । हमें 2047 तक विकसित भारत बनाना है जिसमें सभी नागरिक स्वस्थ हों ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ स्वस्थ रहने के लिये खेलना जरूरी है । हर किसी को एक घंटे अपनी पसंद का खेल खेलना चाहिये । मैं भी अपना पसंदीदा खेल फुटबॉल खेलूंगा ।'' जफर इकबाल ने पेरिस ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताते हुए कहा ,‘‘ हमें खेलों के उत्थान के लिये काफी मेहनत करनी है । पेरिस ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ हम बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं । देश में खेल संस्कृति पैदा हो रही है जो बड़ी उपलब्धि है । सरकार खेलों पर काफी पैसा खर्च कर रही है । मुझे उम्मीद है कि भविष्य में प्रदर्शन और अच्छा होगा ।'' उन्होंने लगातार दूसरे ओलंपिक में कांस्य जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम की तारीफ करते हुए कहा ,‘‘ यह हमारे लिये स्वर्ण पदक की तरह है । इससे युवाओं को हॉकी खेलने की प्रेरणा मिलेगी ।अब पी आर श्रीजेश टीम में नहीं है लेकिन हमें उनके जैसा गोलकीपर तैयार करना होगा ।
- नयी दिल्ली. भारत में छात्र आत्महत्या की घटनाएं चिंताजनक वार्षिक दर से बढ़ी हैं, जो जनसंख्या वृद्धि दर और समग्र आत्महत्या प्रवृत्तियों से भी अधिक है। एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के आधार पर, “छात्र आत्महत्या: भारत में फैलती महामारी” रिपोर्ट बुधवार को वार्षिक आईसी3 सम्मेलन और एक्सपो 2024 में जारी की गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि जहां आत्महत्या की घटनाओं की संख्या में प्रतिवर्ष दो प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं छात्र आत्महत्या के मामलों में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि छात्र आत्महत्या के मामलों की “कम रिपोर्टिंग” होने की संभावना है। आईसी3 इंस्टीट्यूट द्वारा संकलित रिपोर्ट में कहा गया, “पिछले दो दशकों में, छात्र आत्महत्या की घटनाओं में चार प्रतिशत की खतरनाक वार्षिक दर से वृद्धि हुई है, जो राष्ट्रीय औसत से दोगुनी है। 2022 में, कुल छात्र आत्महत्या के मामलों में 53 प्रतिशत पुरुष छात्रों ने खुदकुशी की। 2021 और 2022 के बीच, छात्रों की आत्महत्या में छह प्रतिशत की कमी आई जबकि छात्राओं की आत्महत्या में सात प्रतिशत की वृद्धि हुई।” इसमें कहा गया, “छात्र आत्महत्या की घटनाएं जनसंख्या वृद्धि दर और समग्र आत्महत्या प्रवृत्तियों दोनों को पार करती जा रही हैं। पिछले दशक में, जबकि 0-24 वर्ष की आयुवर्ग आबादी 58.2 करोड़ से घटकर 58.1 करोड़ हो गई, वहीं छात्र आत्महत्याओं की संख्या 6,654 से बढ़कर 13,044 हो गई।” आईसी3 संस्थान एक स्वयंसेवी आधारित संगठन है जो दुनिया भर के उच्च विद्यालयों को उनके प्रशासकों, शिक्षकों और परामर्शदाताओं के लिए मार्गदर्शन और प्रशिक्षण संसाधनों के माध्यम से सहायता प्रदान करता है ताकि मजबूत करियर और कॉलेज परामर्श विभागों की स्थापना और रखरखाव में मदद मिल सके। रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश को सबसे अधिक छात्र आत्महत्या वाले राज्यों के रूप में पहचाना गया है, जो कुल मिलाकर राष्ट्रीय स्तर का एक तिहाई है। दक्षिणी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सामूहिक रूप से ऐसे मामलों की संख्या 29 प्रतिशत है, जबकि अपने उच्च शैक्षणिक वातावरण के लिए जाना जाने वाला राजस्थान 10वें स्थान पर है, जो कोटा जैसे कोचिंग केंद्रों से जुड़े गहन दबाव को दर्शाता है। ‘आईसी3 मूवमेंट' के संस्थापक गणेश कोहली ने कहा कि यह रिपोर्ट हमारे शिक्षण संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।



.jpg)
















.jpeg)
.jpeg)



.jpeg)

