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- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि संविधान दलितों, शोषितों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करने में सहायक है और उन्होंने नागरिकों से संविधान में निहित अपने कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।प्रधानमंत्री ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि जब नागरिक सामूहिक रूप से अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करते हैं, तो वे स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे के अधिकारों के संरक्षक बन जाते हैं।उन्होंने कहा कि संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ राष्ट्र को एकजुट करने और मजबूत बनाने में इसकी भूमिका को दर्शाने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।मोदी ने कहा, ‘‘इन 75 वर्षों में संविधान भारत के लोकतंत्र को मजबूत करने और हमारे दलितों, शोषितों तथा वंचितों के अधिकारों की रक्षा करने में सहायक रहा है।उन्होंने कहा, ‘‘संविधान में निर्दिष्ट कर्तव्य के भाव पर बल देना बहुत जरुरी है और जब मैं कर्तव्य की बात करता हूं तब मैं सिर्फ नागरिकों पर बोझ डालना नहीं चाहता। कर्तव्य केंद्र सरकार के भी हैं, कर्तव्य केंद्र सरकार के हर कर्मचारी के भी हैं, कर्तव्य राज्य सरकारों के भी हैं। कर्तव्य हर स्थानीय स्वशासी संस्था के हैं, चाहें पंचायत हो, नगरपालिका हों, महानगरपालिका हों, तहसील हो, जिला हो, हर किसी के कर्तव्य हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन साथ ही 140 करोड़ देशवासियों के भी कर्तव्य हैं। अगर हम सब मिलकर अपने कर्तव्यों का निर्वाह करेंगे तो हम अपने आप एक दूसरे के अधिकारों की रक्षा करने के लिए निमित्त बनेंगे और जब कर्तव्य का पालन होता है, तब अधिकारों की रक्षा होती है, उसके लिए कोई अलग से कोई प्रयास करने की जरुरत नहीं होती है।’’मोदी ने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि इस भाव को लेकर हम चलेंगे। हमारा लोकतंत्र भी मजबूत होगा। हमारा सामर्थ्य और बढ़ेगा और हम एक नयी शक्ति के साथ आगे बढ़ेंगे।’’ प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी विपक्ष द्वारा भाजपा पर किए गए उस हमले की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें विपक्ष ने भाजपा पर संविधान को बदलने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। हालांकि पार्टी ने इस आरोप को पुरजोर तरीके से खारिज कर दिया है।
- नयी दिल्ली,। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुधवार को विभिन्न स्वास्थ्य पहलों की सफलता के लिए 75 आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) और एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) को उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उन्हें लालकिले पर आयोजित 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री पटेल ने कहा, "वर्तमान में 10.29 लाख से अधिक आशा कार्यकर्ता और 89,000 एएनएम हैं जो हमारे देश में सामुदायिक स्वास्थ्य की आधारशिला के रूप में कार्यरत हैं तथा जिनकी जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवा को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका है।" भारत के मातृ, शिशु और किशोर स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में आशा और एएनएम के योगदान को रेखांकित करते हुए, पटेल ने कहा कि उन्होंने भारत में मातृ, शिशु और किशोर स्वास्थ्य के परिदृश्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके कारण 1990 के बाद से मातृ मृत्यु दर में 82 प्रतिशत की गिरावट आई है। पटेल ने कहा कि मिशन इंद्रधनुष के तहत आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम के अपार सहयोग से 2014 से 2023 तक 5.46 करोड़ बच्चों और 1.32 करोड़ गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने कहा, "विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 6 लाख से अधिक आशा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजनाओं के तहत कवर हैं।"
- नयी दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली अग्निशमन सेवा के तीन अधिकारियों को वीरता पदक के लिए चुना गया है। इनमें से एक को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और दो को सराहनीय सेवा के लिए पदक मिलेगा। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सहायक मंडल अधिकारी राजेश कुमार और ‘फायर ऑपरेटर' प्रवीण कुमार तथा अजमेर सिंह को वीरता के लिए सेवा पदक के वास्ते चुना गया है। अधिकारियों ने बताया कि उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी एस के दुआ को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक मिलेगा, जबकि मंडल अधिकारी संदीप दुग्गल और सहायक मंडल अधिकारी मनीष कुमार को सराहनीय सेवा के लिए सेवा पदक मिलेगा।
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नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की जिसमें जम्मू कश्मीर में हाल में आतंकवादी घटनाएं बढ़ने की पृष्ठभूमि में संपूर्ण सुरक्षा हालात की समीक्षा की गई। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव गिरिधर अरामने और अन्य संबंधित सुरक्षा तथा खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों ने बैठक में भाग लिया। सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्री ने जम्मू कश्मीर में सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने का निर्देश जारी किया और अनेक सुरक्षा तथा खुफिया एजेंसियों के बीच समन्यव सुधारने की जरूरत पर जोर दिया। बैठक में जम्मू में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया क्योंकि इस क्षेत्र को हाल के महीनों में कई आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ा है। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले यह बैठक हुई। एक सूत्र ने कहा कि सरकार जम्मू कश्मीर से आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। -
पटना. पटना के बजरंगपुरी इलाके में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेता की उनके घर के पास मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। मृतक की पहचान भाजपा के स्थानीय नेता अजय शाह के रूप में हुई है।
पटना के पुलिस अधीक्षक (एसपी-ईस्ट) भरत सोनी ने पत्रकारों को बताया, ‘‘घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाह को बाइक सवार दो हथियारबंद हमलावरों ने गोली मार दी। उनकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। हमलावर तुरंत मौके से भाग गए।'' एसपी ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
भाजपा के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव निखिल आनंद ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘पार्टी ने एक समर्पित कार्यकर्ता खो दिया है। आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए।'' इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘इसे असली जंगल राज कहते हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। भाजपा नेताओं को क्या हो गया है...वे राज्य में अपराध की बढ़ती दर पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। -
नयी दिल्ली. वरिष्ठ राजनयिक पी. हरीश को बुधवार को न्यूयॉर्क में स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया। भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के वर्ष 1990 बैच के अधिकारी हरीश फिलहाल जर्मनी में भारत के राजदूत हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संयुक्त राष्ट्र की मेजबानी में आयोजित होने वाले ‘समिट फॉर द फ्यूचर' में भाग लेने के लिए अगले महीने न्यूयॉर्क जा सकते हैं, जिससे पहले हरीश की नियुक्ति हुई है। विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में बताया कि वह (पी. हरीश) जल्द ही कार्यभार संभाल सकते हैं। जून में रुचिका कंबोज के सेवानिवृत्त के बाद से संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत अथवा स्थायी प्रतिनिधि का पद रिक्त था। हरीश ने छह नवंबर, 2021 को जर्मनी में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले, वह विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (आर्थिक संबंध) के पद पर तैनात थे। इस पद पर रहते हुए उन्होंने विदेश मंत्रालय के आर्थिक कूटनीति प्रभाग का नेतृत्व किया, जो अन्य देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों से संबंधित है। उन्होंने बहुपक्षीय आर्थिक संबंध प्रभाग का भी नेतृत्व किया और वह जी20, जी7, ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) और आईबीएसए (भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका) के लिए भारतीय सूस शेरपा थे। हरीश ने काहिरा और रियाद में भारतीय मिशनों में और फलस्तीनी प्राधिकरण में भारत के प्रतिनिधि के रूप में भी काम किया। उन्होंने विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया और बाहरी प्रचार प्रभागों में भी काम किया।
हरीश वर्ष 2007 से पांच साल की अवधि के लिए भारत के उपराष्ट्रपति के संयुक्त सचिव और विशेष कार्य अधिकारी भी रहे थे। वह जुलाई 2012 से मार्च 2016 तक ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्यदूत थे। हरीश अप्रैल 2016 से जून 2019 तक वियतनाम में भारत के राजदूत थे।
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- चेन्नई. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास गणित में बी.एससी. (विज्ञान स्नातक) पाठ्यक्रम शुरू करेगा क्योंकि इसका लक्ष्य प्रति वर्ष कम से कम 500 गणित शिक्षक तैयार करना है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय संस्थागत रैंक फ्रेमवर्क द्वारा जारी सूची के अनुसार, आईआईटी मद्रास ने सोमवार को लगातार छठे वर्ष 'समग्र' श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया और लगातार नौवें वर्ष 'इंजीनियरिंग' श्रेणी में अव्वल स्थान प्राप्त किया। अनुसंधान संस्थान श्रेणी में आईआईटी-एम ने शीर्ष दूसरा स्थान हासिल किया।एनआईआरएफ सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त करने के लिए 11,000 छात्रों, संकाय सदस्यों, शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आईआईटी-एम के निदेशक वी. कामकोटि ने कहा कि संस्थान का चयन विभिन्न मापदंडों के आधार पर किया गया है, जिसमें हर साल स्नातक करने वालों का प्रतिशत और हर साल पीएचडी पूरा करने वाले छात्रों की संख्या शामिल है। कामकोटि ने संवाददाताओं से कहा, "हम लगातार छठे वर्ष 'समग्र' में तथा लगातार नौवें वर्ष 'इंजीनियरिंग' में पहला स्थना प्राप्त करके बहुत खुश हैं। मैं छात्रों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों, तमिलनाडु सरकार, केंद्र सरकार तथा विभिन्न मंत्रालयों को धन्यवाद देता हूं। हम शिक्षा के क्षेत्र में इस देश को जो चाहिए उसे देने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। हम सभी हितधारकों को धन्यवाद देते हैं।" उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से संस्थान चिकित्सा विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और 'डेटा एनालिटिक्स' जैसे पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि खेल उत्कृष्टता अभियान के तहत खेलों में असाधारण प्रदर्शन करने वाले छात्रों को शामिल करने के कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय चैंपियन पांच छात्रों को संस्थान में अध्ययन करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा, "इस तरह की पहल अप्रत्यक्ष रूप से हमारे लिए शीर्ष रैंक हासिल करने का एक कारण रही है।" उन्होंने कहा, "हम भविष्य में गणित और बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की भी योजना बना रहे हैं। हमारा लक्ष्य हर साल गणित में कम से कम 500 शिक्षक तैयार करना है।"
- बेंगलुरु. कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मंगलवार को राजभवन में भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ को विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (वीटीयू), बेलगावी और कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, धारवाड़ द्वारा प्रदान की गई डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की। राज्यपाल ने सोमनाथ के नेतृत्व और दूरदर्शिता की सराहना की और कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान में उनका योगदान न केवल उल्लेखनीय है, बल्कि भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। राजभवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, "विज्ञान के क्षेत्र में उनका उत्कृष्ट कार्य राष्ट्र के हितों के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण है। यह मानद डॉक्टरेट उनकी अथक सेवा का एक उपयुक्त सम्मान है।" गहलोत ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि सोमनाथ के नेतृत्व में, इसरो ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, विशेष रूप से चंद्रयान-3 मिशन सहित चंद्र अन्वेषण में।
- होशियारपुर. पंजाब में एक कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी जिससे उस पर सवार दो भाइयों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह घटना सोमवार की रात तब हुई जब मंगल सिंह (48) अपने बेटे संदीप के साथ अपने भाई जिंदर सिंह (50) को लेने के बाद चोटाला गांव लौट रहे थे। कार की टक्कर से मंगल और जिंदर सिंह की मौत हो गई।भुंगा पुलिस चौकी के प्रभारी गुरमीत सिंह ने कहा कि पुलिस कार का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
- मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले 24 घंटों में अलग-अलग सड़क हादसों में एक पुलिस कांस्टेबल और उसकी पत्नी समेत सात लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में मोटरसाइकिल सवार कांस्टेबल सुधीर कुमार (28) और उनकी पत्नी सोनिया (26) की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि टक्कर के कारण ट्रक के एक हिस्से में आग लग गई और दंपति वाहन के नीचे फंस गए। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी (नई मंडी) रूपाली राव ने बताया कि सुधीर कुमार मुरादाबाद जिले में तैनात थे। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दूसरी घटना में, अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को मंसूरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत महिंद्रा शोरूम के पास ईश्वर दयाल (25) और संदीप वर्मा (28) की मोटरसाइकिल को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिससे दोनों की मौत हो गई। दयाल और वर्मा मुजफ्फरनगर से खतौली जा रहे थे तभी यह हादसा हुआ। दूसरे वाहन का चालक मौके से फरार हो गया। क्षेत्राधिकारी रामाशीष यादव ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।तीसरी घटना के तहत सोमवार देर रात मंसूरपुर डिस्टिलरी के पास तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन लोगों सौरभ पाल (26), दक्ष सैनी (25) और कृष्ण (23) की मौत हो गई। घटना के बाद ट्रक चालक भागने में सफल रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीनों घटनाओं की जांच की जा रही है और आरोपी चालकों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- ढाका/नयी दिल्ली. बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने "न्याय" की मांग करते हुए मंगलवार को कहा कि हाल के ‘‘आतंकवादी कृत्यों'', हत्याओं और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की जांच कर उनकी पहचान की जानी चाहिए तथा उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। पांच अगस्त को प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद अपने पहले सार्वजनिक बयान में हसीना (76) ने कहा कि आंदोलन के नाम पर बांग्लादेश में जुलाई से जारी हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई है। अमेरिका में रह रहे पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे साजिब वाजेद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर अपने हैंडल पर मां का बयान पोस्ट किया जो बांग्ला भाषा में है। बयान में हसीना ने कहा, ‘‘मैं छात्रों, शिक्षकों, पुलिस कर्मियों, गर्भवती महिलाओं, पत्रकारों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, कामकाजी लोगों, अवामी लीग और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं, आम लोगों और कई प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों की मौत पर दुख व्यक्त करती हूं।" हसीना ने कहा, "मैं अपने जैसे उन लोगों के प्रति सहानुभूति रखती हूं, जो अपने प्रियजनों को खोने के दर्द के साथ जी रहे हैं। मैं इन हत्याओं और आतंकवादी कृत्यों में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए उचित जांच और उन्हें उचित सजा देने की मांग करती हूं।" अंतरिम सरकार ने देश के संस्थापक और हसीना के पिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की हत्या के कारण 15 अगस्त को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय अवकाश मंगलवार को रद्द कर दिया। अपने बयान में हसीना ने हिंसा के दौरान बंगबंधु संग्रहालय को जला दिए जाने पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि "हमारे पास जो स्मृति और प्रेरणा थी, वह जलकर राख हो गई।" उन्होंने कहा, "यह किसी ऐसे व्यक्ति का घोर अपमान है...जिसके नेतृत्व में हम एक स्वतंत्र राष्ट्र बने। मैं इस कृत्य के लिए देशवासियों से न्याय की मांग करती हूं।" हसीना ने बांग्लादेशियों से इस दिन को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने, बंगबंधु स्मारक संग्रहालय परिसर में पुष्पांजलि अर्पित करने और प्रार्थना करने का आग्रह किया। हसीना के इस्तीफा देने और देश छोड़ने के तुरंत बाद गुस्साई भीड़ ने संग्रहालय को आग लगा दी थी।
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने भ्रामक विज्ञापन मामले में योगगुरु रामदेव, उनके सहयोगी बालकृष्ण और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की माफी स्वीकार करने के बाद उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही मंगलवार को बंद कर दी।योगगुरु रामदेव, बालकृष्ण और उनकी कंपनी की ओर से अधिवक्ता गौतम तालुकदार ने कहा, ‘‘अदालत ने रामदेव, बालकृष्ण और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के शपथपत्रों के आधार पर अवमानना कार्यवाही बंद कर दी है।’’
शीर्ष अदालत ने अवमानना नोटिस पर 14 मई को अपना आदेश सुरक्षित रखा था। उच्चतम न्यायालय भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें कोविड टीकाकरण अभियान और आधुनिक चिकित्सा पद्धति के खिलाफ बदनाम करने वाला अभियान चलाने का आरोप लगाया गया है।शीर्ष अदालत ने 21 नवंबर, 2023 के अपने आदेश में उल्लेख किया था कि पतंजलि आयुर्वेद का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने आश्वासन दिया है कि ‘‘इसके बाद किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं होगा, विशेष रूप से इसके द्वारा निर्मित और विपणन किए जाने वाले उत्पादों के विज्ञापन या ब्रांडिंग के संबंध में ऐसा नहीं किया जाएगा और इसके अलावा औषधीय प्रभावों का दावा करने वाले या किसी भी चिकित्सा प्रणाली के खिलाफ कोई भी आकस्मिक बयान किसी भी रूप में मीडिया को जारी नहीं किया जाएगा।’’शीर्ष अदालत ने कहा था कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड इस आश्वासन के प्रति बाध्य है। - नयी दिल्ली.भारत में लिंगानुपात 2011 के प्रति एक हजार पुरुषों पर 943 महिलाएं के स्तर से बढ़कर 2036 में प्रति 1000 पुरुषों पर 952 महिलाएं होने की उम्मीद है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी ‘भारत में महिला एवं पुरुष 2023' रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि 2036 में भारत की जनसंख्या में 2011 की जनसंख्या की तुलना में स्त्रियों की संख्या अधिक होने की संभावना है, जैसा कि लिंगानुपात में परिलक्षित होता है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2011 में प्रत्येक एक हजार पुरुषों पर 943 महिलाएं थी जो बढ़कर 2036 तक प्रति एक हजार पुरुषों पर 952 हो जाने का अनुमान है, जो लैंगिक समानता में सकारात्मक चलन को दर्शाता है। रिपोर्ट के मुताबिक 2036 तक भारत की जनसंख्या 152.2 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें महिलाओं का प्रतिशत 2011 के 48.5 प्रतिशत की तुलना में थोड़ा बढ़कर 48.8 प्रतिशत हो जाएगा। इसमें कहा गया कि 15 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों का अनुपात 2011 से 2036 तक घटने का अनुमान है, जिसका कारण संभवतः प्रजनन दर में कमी आना है। इसके विपरीत, इस अवधि के दौरान 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की जनसंख्या के अनुपात में उल्लेखनीय वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया गया है। यह स्पष्ट है कि 2016 से 2020 तक 20-24 और 25-29 आयु वर्ग में आयु विशिष्ट प्रजनन दर (एएसएफआर) क्रमशः 135.4 और 166.0 से घटकर 113.6 और 139.6 रह गई है। इस अवधि के लिए 35-39 वर्ष की आयु के लिए एएसएफआर 32.7 से बढ़कर 35.6 हो गया है, जो दर्शाता है कि जीवन में व्यवस्थित होने के बाद, महिलाएं परिवार बढ़ाने के बारे में सोच रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2020 में किशोर प्रजनन दर निरक्षर आबादी में 33.9 थी जबकि साक्षर आबादी में यह 11.0 थी। यह दर उन महिलाओं के लिए भी काफी कम है जो साक्षर हैं लेकिन बिना किसी औपचारिक शिक्षा के हैं (20.0), अशिक्षित महिलाओं की तुलना में, जो महिलाओं को शिक्षा प्रदान करने के महत्व के बार फिर उजागर होता है। आयु आधारित प्रजनन दर को एक विशिष्ट आयु वर्ग की महिलाओं में उस आयु वर्ग की प्रति हजार महिला जनसंख्या पर जन्मे एवं जीवित बच्चों की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसमें कहा गया है कि मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के संकेतकों में से एक है और इसे 2030 तक 70 तक लाने का लक्ष्य स्पष्ट रूप से सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) ढांचे में रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण, भारत ने समय रहते एमएमआर (2018-20 में 97/लाख जीवित जन्म) को कम करने का प्रमुख मील का पत्थर सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है, और एसडीजी लक्ष्य को भी हासिल करना संभव होना चाहिए। मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) से तात्पर्य किसी वर्ष में प्रति 100,000 जन्म पर गर्भावस्था या प्रसव संबंधी जटिलताओं के परिणामस्वरूप मरने वाली महिलाओं की संख्या से है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में बालक और बालिका दोनों में शिशु मृत्यु दर (आईएमआर)में कमी आई है। आईएमआर हमेशा बालकों की तुलना में बलिकाओं की अधिक रही है, लेकिन 2020 में, दोनों प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 28 शिशुओं के स्तर पर बराबर थे। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर के आंकड़ों से पता चलता है कि यह 2015 में 43 से घटकर 2020 में 32 रह गई है। यही स्थिति लड़के और लड़कियों दोनों के लिए है और लड़के और लड़कियों के बीच का अंतर भी कम हो गया है। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की श्रम बल भागीदारी दर पुरुष और महिला दोनों की 2017-18 से बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक 15वें आम चुनाव (1999) तक, 60 प्रतिशत से भी कम महिला मतदाताओं ने भाग लिया, जबकि पुरुषों का मतदान प्रतिशत उनसे आठ प्रतिशत अधिक था। हालांकि, 2014 के चुनावों में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया, जिसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़कर 65.6 प्रतिशत हो गई, और 2019 के चुनावों में यह और बढ़कर 67.2 प्रतिशत हो गई। पहली बार, महिलाओं के लिए मतदान प्रतिशत थोड़ा अधिक था, जो महिलाओं में बढ़ती साक्षरता और राजनीतिक जागरूकता के प्रभाव को दर्शाता है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने जनवरी 2016 में अपनी स्थापना के बाद से दिसंबर 2023 तक कुल 1,17,254 स्टार्ट-अप को मान्यता दी है। इनमें से 55,816 स्टार्ट-अप महिलाओं द्वारा संचालित हैं, जो कुल मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप का 47.6 प्रतिशत है। यह महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व भारत के स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी में महिला उद्यमियों के बढ़ते प्रभाव और योगदान को रेखांकित करता है।
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नयी दिल्ली. केंद्र ने सोमवार को निजी समाचार चैनलों को एक परामर्श जारी कर कहा कि वे प्राकृतिक आपदाओं और बड़ी दुर्घटनाओं के दृश्य दिखाते समय उन पर तारीख और समय दर्शाएं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि टेलीविजन चैनल प्राकृतिक आपदाओं और बड़ी दुर्घटनाओं का कई दिनों तक निरंतर कवरेज करते हैं लेकिन घटना वाले दिन के फुटेज ही लगातार प्रसारित करते रहते हैं। मंत्रालय ने तर्क दिया कि दुर्घटना या आपदा के कई दिनों बाद टेलीविजन चैनलों द्वारा दिखाए जाने वाले फुटेज वास्तविक समय की जमीनी स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं, जिससे ‘‘दर्शकों में अनावश्यक भ्रम और घबराहट'' पैदा होती है। परामर्श में कहा गया, ‘‘इसलिए, दर्शकों के बीच किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए, सभी निजी टीवी चैनलों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है कि प्राकृतिक आपदाओं या बड़ी दुर्घटनाओं के दृश्यों में फुटेज के शीर्ष पर ‘तारीख और समय' प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाने चाहिए।'' सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के परामर्श में निजी समाचार चैनलों को ऐसी घटनाओं का प्रसारण करते समय कार्यक्रम संहिता का भी पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। यह परामर्श केरल के वायनाड और हिमाचल प्रदेश में हुए भूस्खलन की व्यापक कवरेज के मद्देनजर जारी किया गया है, जिनमें हाल में कई लोगों की जान चली गई थी।
- कोलकाता. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मेघालय में पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक विशेष अभियान के दौरान भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश को लेकर 11 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। बीएसएफ ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि 11 बांग्लादेशियों में से दो-दो पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से पकड़े गए जबकि सात अन्य मेघालय से लगती सीमा से पकड़े गए। बयान में कहा गया है, "उनसे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें पुलिस को सौंप दिया जाएगा।" अगले सप्ताह स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, पूर्वी कमान के एडीजी, बीएसएफ की अध्यक्षता में बल के कोलकाता कार्यालय में एक सम्मेलन आयोजित किया गया। बयान में कहा गया है, "सीमा नियंत्रण, सुरक्षा और प्रबंधन को और बढ़ाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा, समकक्ष बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ घनिष्ठ सहयोग जारी रखने का निर्णय लिया गया।
- जयपुर. राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना सदर थाना क्षेत्र में रविवार को बाणगंगा नदी में नहाते समय सात युवकों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि श्रीनगर गांव के आठ युवक गांव के पास से बह रही बाणगंगा नदी में नहाने गए थे तथा नदी में एक गहरा गड्ढे में सात युवक फंस गये और डूब गए जबकि एक युवक सुरक्षित बच निकला। उसने गांव में जाकर घटना की जानकारी दी तो ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सभी सात शवों को बाहर निकाला गया। थानाधिकारी बलराम यादव ने बताया कि मृतक युवकों की पहचान पवन सिंह जाटव (20), सौरभ जाटव (18), भूपेंद्र जाटव (18), शांतनु जाटव (18), लक्खी जाटव (20), पवन जाटव (22) और गौरव जाटव (16) के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि सभी मृतक युवक आपस में रिश्तेदार हैं और एक ही गांव के रहने वाले हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये हैं।
- मुंबई.फिल्म फोटो-पत्रकार प्रदीप बांदेकर (70) का दिल का दौरा पड़ने से शनिवार देर रात उनके आवास पर निधन हो गया। बांदेकर अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, शाहरुख खान और संजय दत्त सहित कई बॉलीवुड हस्तियों के बेहद पसंदीदा फोटो पत्रकार थे। परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया कि शनिवार रात दो बजकर 30 मिनट पर उनका निधन हो गया।उन्होंने कहा, '' शनिवार आधी रात के बाद परिवार के साथ रात्रि भोजन कर पवई स्थित अपने आवास पर लौटे बांदेकर ने बेचैनी की शिकायत की थी। उनके पुत्र प्रथमेश उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।'' उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार किया जा रहा है।मुंबई मीडिया जगत में बेहद सम्मानित बांदेकर ने अपने चार दशक के करियर में शहर के कई प्रमुख समाचार पत्रों में काम किया था। अभिनेता अजय देवगन, बिपाशा बसु और नील नितिन मुकेश ने सोशल मीडिया पर वरिष्ठ फोटो-पत्रकार को श्रद्धांजलि दी। अजय देवगन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि प्रदीप बांदेकर जी का निधन निजी क्षति है...उनका हमारे परिवार के साथ दशकों पुराना रिश्ता रहा... वह बहुत याद आएंगे। बिपाशा बसु ने अपनी ‘इंस्टाग्राम स्टोरीज' में कहा, ‘‘प्रदीप जी आपकी आत्मा को शांति मिले। (ईश्वर) परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।'' नील नितिन मुकेश ने ‘इंस्टाग्राम' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘प्रदीप जी आप बहुत याद आएंगे। आत्मा को शांति मिले।
- आरा/पटना. बिहार के भोजपुर जिले के मझौआ हवाई अड्डे के पास पानी भरे एक गहरे खड्ड में नहाने के दौरान डूबकर तीन युवकों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे पर रविवार को गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, नीतीश ने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि अविलम्ब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
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नयी दिल्ली। दंगल फिल्म में अभिनय के लिए प्रसिद्ध पूर्व अभिनेत्री जायरा वसीम ने एक भोजनालय में पाई में फंफूद लगे होने दावा करते हुए प्रशंसकों से बेकरियों से खाने का सामान खरीदते समय दो बार पड़ताल करने की अपील की। वसीम (23) ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक प्लेट का वीडियो साझा की, जिसमें पाई (एक प्रकार का बेक किया हुआ खाद्य पदार्थ) का रंग कुछ बदला हुआ लग रहा था। हालांकि वसीम ने बेकरी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके ‘जियोटैग' के अनुसार उन्होंने श्रीनगर में किसी जगह से यह वीडियो पोस्ट की। उन्होंने लिखा, “स्थानीय बेकरियों से खाने की चीज लेने से पहले दो बार पड़ताल करें। पाई में फफूंद निकली।” वसीम को 2016 में बॉलीवुड में अपनी पहली फिल्म "दंगल" से प्रसिद्धि मिली थी, जिसमें आमिर खान मुख्य भूमिका में थे। नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में उन्होंने प्रसिद्ध पहलवान गीता फोगाट के बचपन का किरदार निभाया था, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। इसके अलावा उन्होंने “सीक्रेट सुपरस्टार” और “द स्काई इज पिंक” में भी अभिनय किया था।
साल 2019 में उन्होंने अभिनय से नाता तोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि वह इस काम से खुश नहीं हैं क्योंकि यह उनकी आस्था और धर्म में हस्तक्षेप करता है। - शिलांग। बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और उनके देश छोड़ने के बाद फैली अशांति से मेघालय में अंतरराष्ट्रीय सीमा से कुछ मीटर दूरी पर बसे एक गांव के लोग सीमा पार से घुसैपठ की आशंका को लेकर काफी चिंचित हैं। ईस्ट खासी हिल्स जिले के लिंगखॉन्ग गांव के लोग बांग्लादेश को उनके गांव से अलग करने वाली बांस की बाड़ को मजबूत करने में लगे हैं और रात भर जागकर निगरानी तक कर रहे हैं। इस गांव में 90 से अधिक लोग रहते हैं जिन्होंने सीमा पार से होने वाले मामूली अपराधों को रोकने के लिए कोविड महामारी के दौरान सीमा पर बांस की एक पतली बाड़ लगा दी थी। लिंगखॉन्ग, मेघालय के उन क्षेत्रों में से एक है जहां भूमि सीमांकन संबंधी मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभ या जीरो लाइन के 150 गज के भीतर बस्तियों के होने के कारण सीमा बाड़ का निर्माण नहीं किया जा सका। गांव पर नजर डालें तो पता चलेगा कि यहां अधिकतर घर अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब हैं और यहां का एकमात्र फुटबॉल मैदान जीरो लाइन पर है, जहां बच्चे हर समय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की निगरानी में खेलते हैं। इस गांव की निवासी 42 वर्षीय डेरिया खोंग्सदिर ने चिंता जाहिर करते हुए ‘ कहा, ‘‘पांच अगस्त को जब बांग्लादेश में हिंसा की घटनाएं बढ़ीं तो उस समय हम काफी चिंतित थे और रातभर सो नहीं पाए। हमें डर था कि बांग्लादेश में हमारे पड़ोसी हिंसक हो सकते हैं। राहत की बात रही कि बीएसएफ ने अपनी चौकसी बढ़ा दी तथा गांव में स्थित अपनी चौकी में और अधिक जवानों को तैनात कर दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही गांव के रक्षा दल और हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी रात जागने वाले लोगों को भी तैनात कर दिया गया।'' डेरिया ने कहा, ‘‘हमारी सुरक्षा के लिए एकमात्र यह बांस की बाड़ है। इससे गांव के स्तर पर छोटे-मोटे अपराधों को रोकने में मदद मिली है, लेकिन गंभीर स्थिति में यह कारगर होगी या नहीं, इसका कुछ नहीं कह सकते।'' ग्रामीणों ने अब बाड़ को मजबूत करने के लिए नए बांस लगाने शुरू कर दिए हैं।लिंगखॉन्ग जीरो लाइन से 150 गज के दायरे में आता है और नियमों के अनुसार 150 गज के बाद ही कांटेदार तार की बाड़ लगाई जा सकती है। इसलिए, जब 2021 में बाड़ के लिए नींव रखी गई तो गांव बाड़ सुरक्षा दायरे से बाहर हो गया। ग्रामीणों के विरोध के कारण काम रोकना पड़ा। उन्होंने जीरो लाइन पर बांस की बाड़ भी लगा दी और अधिकारियों से उस लाइन के साथ कांटेदार तार की बाड़ लगाने का आग्रह किया। मेघालय में 443 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से पर बाड़ लगा दी गई है। उन क्षेत्रों में बाड़ नहीं लगाई जा सकी है जहां बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) इसका विरोध करता आ रहा है या जहां निर्माण के लिए जमीन ही नहीं है। बीएसएफ के मेघालय फ्रंटियर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘समझौते के अनुसार, बाड़ को जीरो लाइन से कम से कम 150 गज की दूरी पर बनाया जाना चाहिए, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता। बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश कभी-कभी आबादी के आधार पर जीरो लाइन पर बाड़ लगाने देता है, जैसा कि लिंगखॉन्ग में देखने को मिलता है।'' बांग्लादेश सरकार ने मेघालय में सीमा पर कम से कम सात स्थानों पर इस व्यवस्था पर समझौता किया है तथा इसे लिंगखॉन्ग तक विस्तारित करने के लिए चर्चा जारी है। हालांकि, कम से कम 13 ऐसे क्षेत्रों के लिए मंजूरी अभी भी लंबित है तथा मंजूरी हासिल करना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया है। अधिकारी ने विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा, ‘‘हमने 2011 में भी इसी तरह का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन कुछ क्षेत्रों के लिए 2020 में जाकर सहमति बनी।'' लिंगखॉन्ग निवासी डबलिंग खोंग्सदिर ने बाड़ मुद्दे पर भारत सरकार के रवैये पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह सही नहीं है कि बाड़ लगने के बाद हमारा गांव भारतीय क्षेत्र से बाहर चला जाए। हम सुरक्षित महसूस नहीं करते। हम सुरक्षा दायरे में रहना चाहते हैं। हम यहां अनादि काल से रह रहे हैं। हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश की नयी सरकार और भारत सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगी।''
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कृषि और बागवानी फसलों की उच्च उपज वाली, जलवायु अनुकूल और जैव-सुदृढ़ीकृत बीजों की 109 किस्मों को जारी किया। इस पहल का उद्देश्य कृषि उत्पादकता और किसानों की आय को बढ़ाना है। इन किस्मों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने विकसित किया है और ये कुल 61 फसलों से संबंधित हैं। इनमें 34 खेतों में लगाई जाने वाली और 27 बागवानी की फसलें हैं। मोदी ने दिल्ली के पूसा परिसर में तीन प्रायोगिक कृषि भूखंडों पर बीजों को पेश किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने किसानों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत भी की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी ने किसानों के साथ इन नई किस्मों के महत्व पर चर्चा करते हुए कृषि में मूल्य संवर्धन के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर मौजूद किसानों ने कहा कि 61 फसलों से संबंधित ये नई किस्में कम लागत के कारण उनके लिए अत्यधिक लाभकारी होंगी। प्रधानमंत्री ने बाजरे के महत्व पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि लोग किस तरह पौष्टिक भोजन का रुख कर रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती के लाभों और जैविक खेती के प्रति आम लोगों की बढ़ती रुचि के बारे में भी बात की। मोदी ने कहा कि लोगों ने जैविक खाद्य पदार्थों का उपभोग और मांग करना शुरू कर दिया है।बयान के मुताबिक, किसानों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में सरकार के प्रयासों और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की भूमिका की भी सराहना की। मोदी ने सुझाव दिया कि केवीके को हर महीने विकसित की जा रही नई किस्मों के लाभों के बारे में किसानों को सक्रिय रूप से बताना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इन नई फसल किस्मों के विकास के लिए वैज्ञानिकों की भी सराहना की।केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि आज का दिन किसानों के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि 61 फसलों की बीजों की 109 किस्में जारी की गई हैं। इससे किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिलेगी। चौहान ने कहा कि इन फसलों के बीज जलवायु के अनुकूल हैं और प्रतिकूल मौसम में भी अच्छी फसल दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये किस्में पोषण से भरपूर हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि वे अप्रचलित फसलों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रधानमंत्री के सुझाव के अनुरूप काम कर रहे हैं। खेती की फसलों में अनाज, बाजरा, चारा, तिलहन, दलहन, गन्ना, कपास और फाइबर फसलें शामिल हैं। वहीं बागवानी की फसलों में फलों, सब्जियों, मसालों, फूलों और औषधीय पौधों की नई किस्में शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 2014 से ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए टिकाऊ खेती के तरीकों और जलवायु अनुकूल तरीकों की वकालत करते रहे हैं। उन्होंने लगातार 'जैव-सुदृढ़' किस्मों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, और कुपोषण से निपटने के लिए उन्हें मध्याह्न भोजन योजना और आंगनवाड़ी सेवाओं जैसी सरकारी पहलों से जोड़ा है।
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शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में रविवार सुबह पंजाब से आ रही एक ट्रेन में आग लगने की अफवाह पर यात्री ट्रेन से कूदने लगे, जिससे दो महिलाओं समेत छह यात्री घायल हो गए। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने रविवार को यह जानकारी दी। जीआरपी ने बताया कि सभी घायलों को शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
जीआरपी के थाना प्रभारी रेहान खान ने बताया कि पंजाब से चलकर हावड़ा जाने वाली (पंजाब मेल) ट्रेन सुबह जब बरेली के बिलपुर स्टेशन पर पहुंची, तब जनरल कोच में भीड़ के चलते आग बुझाने वाले सिलेंडर का स्विच दब गया, जिससे कोच में अफवाह फैल गई की ट्रेन में आग लग गई है। खान के मुताबिक, इसी बीच किसी ने ट्रेन को रोकने के लिए जंजीर खींच दी, जिसके बाद ट्रेन रुक भी नहीं पाई और यात्री ट्रेन से कूदने लगे। उन्होंने बताया कि इस घटना में दो महिलाओं समेत छह यात्री घायल हो गए। खान के अनुसार, घटना के आधे घंटे बाद ट्रेन को हावड़ा के लिए रवाना किया गया, जबकि घायलों को वहीं रोककर दूसरी ट्रेन से शाहजहांपुर लाया गया। उन्होंने बताया कि घटना में अनवरी (26), अख्तरी (45), कुलदीप (26), रूबी लाल (50) शिव शरण (40) और चंद्रपाल (35) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। - जालौन (उप्र)। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोच पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार तड़के एक मकान की छत गिर जाने से उसके नीचे सो रहे मां-बेटे की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि पिता-पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह हादसा कोतवाली कोच के महलुबा गांव में तड़के करीब साढ़े पांच बजे हुआ, जब अखिलेश नामक व्यक्ति अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर में सो रहा था। पुलिस अधीक्षक डॉ. देवेश कुमार के अनुसार, प्रथम दृष्टतया ऐसा प्रतीत होता है कि अधिक बारिश के कारण मकान की पुरानी छत में नमी आ गई और वह भरभराकर गिर पड़ी। उन्होंने बताया कि इस हादसे में छत के नीचे सो रहा अखिलेश (35), उसकी पत्नी मोहिनी (32), बेटा देबू (सात) और बेटी अदिति (10) मलबे में दब गए। कुमार के मुताबिक, ग्रामीणों से मिली सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस चारों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोच ले गई, जहां चिकित्सकों ने देबू और मोहिनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल अखिलेश और अदिति को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। कुमार ने बताया कि मकान की छत गिरने से कमरे में रखा फ्रिज का कंप्रेसर भी फट गया। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पर जिलाधिकारी डॉ. राजेश कुमार पांडे और अधीक्षक डॉ. देवेश कुमार ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि पीड़ित परिवार को नियम अनुसार आर्थिक मदद दी जाएगी तथा पूरी घटना की जांच भी की जाएगी।
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नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को तिमोर-लेस्ते के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते' से सम्मानित किए जाने को देश के लिए ‘गर्व का क्षण' करार दिया और कहा कि यह दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों व आपसी सम्मान को दर्शाता है। मुर्मू (66) को सामाजिक सेवा में उनकी उपलब्धियों और शिक्षा, सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तीकरण के प्रति उनके समर्पण के लिए तिमोर-लेस्ते के राष्ट्रपति जोस रामोस-होर्ता ने अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते' से सम्मानित किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति जी को तिमोर-लेस्ते के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते से सम्मानित होते देखना हमारे लिए गर्व का क्षण है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों और आपसी सम्मान को दर्शाता है। यह कई वर्षों तक सार्वजनिक जीवन में उनके स्मारकीय योगदान को भी मान्यता है।'' मुर्मू तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव के तहत शनिवार को दक्षिण-एशियाई देश तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली में थीं। इससे पहले, उन्होंने न्यूजीलैंड और फिजी की यात्रा की थी। मुर्मू तिमोर-लेस्ते की यात्रा करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं।
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने हर घर की छत पर सौर पैनल लगाने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए 30,000 युवाओं को "सूर्य मित्र" के रूप में प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है। राज्य में पिछले साल फरवरी में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' की शुरुआत की गई। इस योजना का लक्ष्य देशभर में एक करोड़ सौर छतें स्थापित करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में 25 लाख से अधिक सौर छतें स्थापित की हैं। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (यूपीएनईडीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के हर घर में सौर पैनल लगाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की जरूरत होगी। अधिकारी ने कहा कि इसके लिए राज्य एजेंसी ने जिला केंद्रों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 30,000 "सूर्य मित्रों" को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, "इस कुशल जनशक्ति को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन ने एक योजना की रूपरेखा तैयार की है। उत्तर प्रदेश में 3,000 से अधिक युवाओं ने सौर परियोजनाओं के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है।यह प्रशिक्षण राज्य के हर घर में सौर पैनल लगाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को तेजी से हासिल करने के लिए एक ठोस प्रयास है।" तीन महीने के "सूर्य मित्र" कार्यक्रम में 600 घंटे का व्यापक प्रशिक्षण शामिल है, जिसमें कक्षा निर्देश, व्यावहारिक प्रयोगशाला कार्य, सौर फोटोवोल्टिक प्रौद्योगिकी संयंत्रों का अनुभव, नौकरी पर प्रशिक्षण और सॉफ्ट कौशल एवं उद्यमिता विकास शामिल है। कार्यक्रम के लिए अर्हता प्राप्त करने के वास्ते उम्मीदवारों को 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए और उनके पास इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, फिटर या शीट मेटल वर्कर के रूप में आईटीआई प्रमाणन होना चाहिए। प्रशिक्षण पूरा करने पर उन्हें रोजगार हासिल करने में सहायता प्रदान की जाती है। यूपीनेडा के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 18 लाख से अधिक घरों की छत पर सौर पैनल लगाने के लिए पंजीकरण पूरा हो चुका है और लगभग दो लाख अतिरिक्त घरों के लिए आवेदन जमा किए गए हैं। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने "नेट बिलिंग/नेट मीटरिंग" प्रणाली शुरू की है। इसके अलावा, यूपीएनईडीए ने पूरे उत्तर प्रदेश में 10 लाख घरों की छत पर सौर पैनल स्थापित करने के लिए टाटा समूह के साथ साझेदारी की है।


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