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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में बसंत का आगमन होते ही श्रीनगर का बादामवारी गार्डन पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। इस खूबसूरत बाग में बादाम के पेड़ फूलों से लदे हुए हैं, जिससे पूरा बाग अत्यंत मनोरम हो गया है। यह गार्डन हरी पर्वत किले की तलहटी में स्थित है और इसके आसपास हजरत मखदूम साहिब दरगाह और गुरुद्वारा छट्टी पादशाही जैसे सांस्कृतिक स्थल भी हैं, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। फ्लोरीकल्चर विभाग ने गार्डन को आकर्षक बनाने के लिए लैवेंडर के पेड़ भी लगाए हैं। इसका उद्देश्य इसे थीम गार्डन में बदलना है, जिससे आने वाले वर्षों में यहां और अधिक पर्यटक आकर्षित होंगे।
बादाम के पेड़ कश्मीर में सबसे पहले खिलने वाले पेड़ों में शामिल हैं, जो आमतौर पर मार्च के मध्य से अप्रैल के मध्य तक फूलों से लदे रहते हैं। इस दौरान बाग में बादाम के फूलों की भीनी-भीनी खुशबू बिखर जाती है, जो प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाती है। बादामवारी गार्डन में बहुरंगी फूलों के बीच से दिखता ऐतिहासिक हरी पर्वत किला एक अद्भुत नजारा पेश करता है। पर्यटक यहां घंटों अपना समय बिताते हैं, फूलों की खूबसूरती को निहारते हैं और तस्वीरें खींचकर यादें संजोते हैं।फ्लोरीकल्चर विभाग के मुताबिक, गार्डन की लोकप्रियता को देखते हुए इसे और आकर्षक बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हजारों लैवेंडर के पेड़ लगाए गए हैं और इसे थीम गार्डन के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे आने वाले वर्षों में यहां और अधिक पर्यटक पहुंचने की उम्मीद है।बादामवारी गार्डन कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बन गया है। बसंत के मौसम में यह गार्डन प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थल है, जहां वे फूलों की खूबसूरती और शांति का आनंद ले सकते हैं। -
नई दिल्ली। लेखक और पत्रकार उत्पल कुमार अपनी नई किताब ‘एमिनेंट डिस्टोरियंस : ट्विस्ट्स एंड ट्रुथ्स’ से इतिहास के कुछ नए और अनछुए पहलुओं के साथ पाठकों से रूबरू हो रहे हैं। इससे पहले उत्पल कुमार की किताब ‘Bharat Rising: dharma democracy diplomacy’ काफी चर्चा में रही है। नई किताब एमिनेंट डिस्टोरियंस में उत्पल कुमार ने कई ऐतिहासिक साक्ष्यों और किताबों के उद्धरणों के जरिए इतिहास के तथ्यों के साथ हुई छेड़छाड़ का वर्णन किया है।
उत्पल कुमार ने ‘इतिहास के साथ छेड़छाड़’ का संदेश किताब के नाम में ही दे दिया है। ‘Distorians’ का मतलब अंग्रेजी में ‘किसी घटना को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाला’ होता है। उत्पल कुमार का तर्क है कि भारत के ‘प्रसिद्ध इतिहासकारों’ ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर परोसा है। नई किताब में उत्पल कुमार ने कई घटनाओं के जरिए यह बताने की कोशिश की है कि कैसे लोगों के सामने भारतीय इतिहास को गलत तरीके से परोसा गया है।किताब की शुरुआत इंदिरा गांधी के समय की प्रसिद्ध टाइम कैप्सूल की घटना से करते हैं। इस घटना के जरिए वह उस समय के इतिहासकारों के दोहरे चरित्र का प्रमाण भी देते हैं। यह भी बताया गया है कि कैसे इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए एक इतिहास की किताब लिखवाई गई और उसे लाल किले में गड़वा दिया था। इस इतिहास की किताब में केवल इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू का ही जिक्र मिलता है।किताब में जिक्र है कि इतिहासकार बिपिन चंद्रा ने इंदिरा गांधी की लगाई गई इमरजेंसी का भी समर्थन किया था और जयप्रकाश नारायण को दोषी ठहराया गया था। अपनी किताब के पहले चैप्टर में ही उत्पल कुमार कहते हैं कि भारतीय वैदिक संस्कृति और हड़प्पा सभ्यता अलग-अलग ना हो कर एक ही सिक्के के दो पहलू थे। वह डिस्टोरियंस यानी गलत इतिहसकारों के उस सिद्धांत का भी खंडन करते हैं जिसमें आर्यों के आक्रमण या पलायन करके भारत आने की बात की गई है।उत्पल कुमार कहते हैं कि ऐसे इतिहासकारों के पास इस बात का कोई भी पुख्ता प्रमाण नहीं है कि आर्य आक्रमणकारी थे या पलायन करके भारत आए थे। अपनी किताब के जरिए उत्पल कुमार भारतीय संस्कृति और सभ्यता के विशाल भौगिलिक क्षेत्र औप फैलाव की बात भी करते हैं। उनका तर्क है कि भारतीय संस्कृति का फैलाव मध्य एशियाई देशों से लेकर जापान तक में रहा है।उनका कहना है कि भले ही कुषाण, हूड़ या कनिष्क ने भारत के कुछ इलाकों पर हमले किए हों लेकिन सांस्कृतिक तौर पर वह भारतीय ही थे। इसके अलावा वह मौर्य काल और गु्प्त काल पर भी अपनी राय सामने रखते हैं। गुप्त काल के बारे में बात करते हुए कुमार कहते हैं कि वामपंथी इतिहासकार कहते हैं कि गुप्त काल भारत का स्वर्ण काल नहीं था बल्कि वह तब आएगा जब जाति व्यवस्था खत्म हो जाएगा। ऐसे इतिहासकारों मे कुमार इरफान हबीब के नाम को सबसे ऊपर रखते हैं।कुमार कहते हैं कि ऐसे ही इतिहासकारों ने लिखा है कि कैसे भारतीय राजा बड़ी ही आसानी से मुगलों से पराजित हो गए। बल्कि उत्पल कुमार का कहना है कि भारतीय राजाओं ने बड़ी ही बहादुरी के साथ मुगलों से लडाई लड़ी है और कई मौकों पर उनको हराया भी है। कुमार कहते हैं कि सन 1100 में मोहम्मद कासिम के हमले से पहले भी भारत पर मुसलमानों ने कई सारे हमले किए और सभी में उनको हार का सामना करना पड़ा।1857 की लड़ाई और भारत का स्वतंत्रता संग्रामप्राचीन और मध्यकाल के इतिहास के साथ-साथ उत्पल कुमार 1857 की लड़ाई और भारत का स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र भी अंत में अपनी किताब में करते हैं। उनका कहना है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी की बहुत सीमित भूमिका रही है। उस समय के ऐसे इतिहासकार जो सरकार के करीब रहे उन्होंने सावरकर, सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह जैसे आजादी के नायकों की भूमिका को बहुत कम करके सामने रखा है।अपनी किताब के आखिरी हिस्से में उत्पल कुमार यह कहते हैं कि अभी भी भारत का जो इतिहास है वह असल इतिहास नही है। बल्कि वह भारत पर हमला करने वाले बाहरी आक्रमणकारियों का इतिहास रहा है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका अंग्रेजी शासन की रही है। लेकिन आजादी के बाद भी भारत के असल इतिहास को सामने लाने की कोई कोशिश नहीं की गई है।एमिनेंट डिस्टोरियंस के जरिए उत्पल कुमार इन तथ्यों को सामने लाने की कोशिश करते हैं कि कैसे चंद इतिहासकारों ने भारत के असल इतिहास को कम करके आंका है और बाहरी आक्रमणकारियों को इतिहास का नायक सिद्ध किया है। अगर आप इतिहास को अलग और भारतीयता के चश्मे से देखने का इरादा रखते हैं तो यह किताब पढ़ी जा सकती है।किताब का नाम- Eminent Distorians: Twists and Truths in Bharat’s History, लेखक- Utpal Kumar, प्रकाशक- BLUONE INK PVT. LTD. , मूल्य- 480. - जम्मू। एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन 26 मार्च को कश्मीर घाटी में पर्यटन सीजन की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए जनता के लिए खुलेगा। डल झील और जबरवान पहाड़ियों के बीच बसा लगभग 55 हेक्टेयर में फैले उद्यान में लगभग 17 लाख ट्यूलिप फूल के पौधे लगाए गए हैं। जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला गार्डन का उद्घाटन करेंगे।ट्यूलिप गार्डन में सहायक फ्लोरीकल्चर अधिकारी आसिफ अहमद ने कहा कि गार्डन 26 मार्च को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उद्यान के उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं और इसे तैयार करने के लिए अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस साल उद्यान में ट्यूलिप की दो नई किस्में जोड़ी गई हैं, जिससे कुल संख्या 74 हो गई है। उन्होंने कहा कि हम हर साल ट्यूलिप उद्यान के लिए कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। इस साल हम नई रंग योजना लेकर आ रहे हैं। इस साल वसंत फूल जैसे कि हाइसिंथ, डेफोडिल, मस्करी और साइक्लेमेन भी प्रदर्शित किए जाएंगे।अहमद ने बताया कि 55 हेक्टेयर में फैले उद्यान में लगभग 17 लाख ट्यूलिप फूल के पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस साल हमारे पास 1.7 मिलियन फूल के पौधे हैं, जिन पर पर्यटक फूल खिलते हुए देख पाएंगे। उद्यान का विस्तार लगभग अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच गया है। नीदरलैंड से आयातित 50 हजार ट्यूलिप के साथ उद्यान को छोटे पैमाने पर शुरू किया गया था। इसने पर्यटकों के बीच तुरंत लोकप्रियता हासिल कर ली और हर साल आगंतुकों की संख्या और खिलने वाले ट्यूलिप दोनों के मामले में लगातार बढ़ाेतरी हुई है। पिछले साल 4.65 लाख से अधिक घरेलू और विदेशी आगंतुकों ने उद्यान का दौरा किया, जबकि 2023 में यह संख्या 3.65 लाख थी।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राज्यसभा में गृह विभाग पर हुई चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष नेता पर निशाना साधा। गृह मंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए अमित शाह ने राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को लेकर कटाक्ष किया। उन्होंने कांग्रेस सांसद पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने पैदल यात्रा निकाली और अपने कार्यकर्ताओं के साथ कश्मीर में बर्फ की होली खेली और कहा कि दूर से आतंकवादी दिखाई पड़ा था। लेकिन, हम तो आतंकवादी देखते ही सीधा दो आंखों के बीच में गोली मारते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने घाटी का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कश्मीर में आए दिन पड़ोसी देश से आतंकवादी घुसकर बम धमाके करते थे। एक भी त्योहार ऐसा नहीं होता था, जो चिंता के बगैर जाता था। इसके बाद भी केंद्र सरकार का रवैया लचीला होता था, चुप्पी साध जाते थे, बोलने में डर लगता था, वोट बैंक का भी डर था। पीएम मोदी के आने के बाद आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई। हमारे आने के बाद जब उरी और पुलवामा पर हमले हुए, तो हमने 10 दिन में ही पाकिस्तान के घर में घुसकर सर्जिकल और एयर स्ट्राइक करके मुंहतोड़ जवाब दिया। पूरी दुनिया में दो ही देश ऐसे थे, जो अपनी सीमा और सेना के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। इजरायल और अमेरिका। इन दोनों देशों की लिस्ट में महान भारत का नाम नरेंद्र मोदी ने जोड़ा और वहीं से शुरू हुई आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति।गृह मंत्री अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि हिसाब मांगते हैं कि क्या हुआ 370 हटाने का परिणाम। साहब, हिसाब तो उनको दिया जाता है, नजारा तो उनको दिखाया जाता है, जिनकी नजरें साफ हों। जो काला चश्मा पहनकर, आंखें मूंदकर बैठे हैं, उनको विकास नहीं दिखा सकते हैं। पैदल यात्रा निकाली, कश्मीर तक गए, अपने कार्यकर्ताओं के साथ बर्फ की होली खेली और कहा कि दूर से आतंकवादी दिखाई पड़ा था। अरे भाई, जिनकी नजर में आतंकवादी है, तो आपको सपने में भी आएगा और आपको कश्मीर में भी दिखाई पड़ेगा। हम तो आतंकवादी देखते ही सीधा दो आंखों के बीच में गोली मारते हैं। हमारी सरकार न आतंकवाद को सह सकती है और न ही आतंकवादियों को।उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के शासन में जम्मू कश्मीर में 33 साल से सिनेमाघर नहीं खुले थे, हमारे समय में खुले। ताजिया के जुलूस को अनुमति नहीं थी, हमारे समय में दी गई। जी-20 के दौरान दुनियाभर के डिप्लोमेट शांति से जम्मू कश्मीर गए और वहां का खाना, संस्कृति, खूबसूरती का आनंद उठाया।गृह मंत्री ने कहा कि 10 साल पहले जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों का महिमामंडन होता था, जनाजों का जुलूस निकाला जाता था। हमारे समय में भी आतंकवादी मारे गए, ज्यादा मारे गए, लेकिन किसी के जनाजे का जुलूस नहीं निकाला गया। जो आतंकवादी जहां मारा जाता है, वहीं दफना दिया जाता है। कई वर्षों से कश्मीर की तिजोरी खाली थी। 2015 में नरेंद्र मोदी ने 80 हजार करोड़ रुपए की 63 परियोजनाओं की शुरुआत की। कुछ लोग मेरे खर्च का हिसाब पूछ रहे थे। अरे भाई, थोड़ा कम हुआ होगा, हमने रखने की हिम्मत तो की, आपके समय में तो खर्च का प्रोविजन ही नहीं था। 80 हजार करोड़ रुपए में से 51 हजार करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं और 63 में से 53 परियोजनाएं क्रियान्वित हो चुकी हैं। -
नई दिल्ली। अब तक देश से तस्करी कर बाहर भेजी गई 588 भारतीय प्राचीन वस्तुएं अमेरिका से वापस लाई गई, इनमें से 297 को 2024 में वापस लाया गया। इसकी जानकारी केंद्र सरकार ने संसद को दी।केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत प्राचीन वस्तुओं के अवैध व्यापार को रोकने के लिए अमेरिका-भारत सांस्कृतिक संपत्ति समझौते के तहत वापस लौटाए गई ‘लूटे या चुराए गए कलाकृतियों’ की संख्या से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
भारतीय प्राचीन वस्तुओं की तस्करी को रोकने के लिए अमेरिका के साथ सांस्कृतिक संपदा समझौते (सीपीए) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मंत्री ने बताया कि यह समझौता रोकथाम के लिए है, इसलिए इसमें कोई निश्चित समय सीमा या लक्ष्य संख्या नहीं है।केंद्रीय मंत्री से यह भी पूछा गया कि क्या सरकार चोरी हुई प्राचीन वस्तुओं को वापस लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों या अन्य देशों के साथ सहयोग करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, “भारत जरूरत पड़ने पर यूनेस्को और इंटरपोल सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग करता है।”केंद्रीय मंत्री से ये प्रश्न भी पूछा गया कि क्या सरकार ने कुंभ मेले जैसे आयोजनों के दौरान ‘प्राचीन परंपराओं का पुनरुत्थान’ देखा?उन्होंने जवाब दिया कि कुंभ मेला एक प्रमुख हिंदू धार्मिक उत्सव है और दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए इकट्ठा होते हैं। इस दौरान, कई पुराने संप्रदाय, आध्यात्मिक संगठन और धार्मिक नेता एक साथ आते हैं और सदियों पुरानी रस्मों, परंपराओं और प्रथाओं का पालन करते हैं। उन्होंने कहा, “भारत में प्राचीन परंपराओं का पुनरुत्थान, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर में बढ़ती रुचि और आधुनिक धार्मिक चुनौतियों के बीच गहरे अर्थ की तलाश जैसे कारणों से हो रहा है।”मंत्री ने कहा कि आज के समाज में यह पुनरुत्थान महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पारंपरिक प्रथाओं को बचाने, समाज में सौहार्द बढ़ाने और भारत की सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करने में मदद करता है। -
नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को संसद सदस्यों से एक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नियमित स्वास्थ्य जांच कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां नेताओं को भी घेर रही हैं।
पीएम मोदी भी लोगों को इस बारे में कर चुके हैं जागरूकउल्लेखनीय है कि पीएम मोदी भी लगातार जीवनशैली में बदलाव के चलते बढ़ते रोगों का कई माध्यमों से उल्लेख कर लोगों को इस बारे में जागरूक कर चुके हैं। मोटापे पर हाल ही में मन की बात में उन्होंने लोगों से अपने खाने में 10 प्रतिशत तेल की कटौती का आह्वान किया था।इसे सामूहिक रूप से संबोधित करने की आवश्यकताइस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जीवनशैली में बदलाव के चलते आज हम कई तरह की गैर- संचारी रोगों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार गैर-संचारी रोगों की घटना 1990 में 37 प्रतिशत से बढ़कर 2016 में 61.8 प्रतिशत हो गई है। यह एक गंभीर चिंता है। जीवनशैली से संबंधित बीमारियां खाने की आदतों और दैनिक दिनचर्या से जुड़ी हैं। इसे सामूहिक रूप से संबोधित करने की आवश्यकता है।यही सुझाव लोकसभा अध्यक्ष ने भी सभी सदस्यों को दियाइसी दौरान उन्होंने कहा कि हममें से कई सदस्य भी मोटापे का शिकार हैं। ऐसे में जरूरी है कि सभी सांसद भी साल में एक बार अपना मेडिकल चेक-अप करायें। यही सुझाव लोकसभा अध्यक्ष ने भी सभी सदस्यों को दिया। - नई दिल्ली। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में ऊर्जा की अहम भूमिका होगी और पर्याप्त ट्रांसमिशन सिस्टम की उपलब्धता से ऊर्जा उत्पादन का अधिकतम उपयोग किया जा सकता है। यह बयान केंद्रीय ऊर्जा और आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को दिया।नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान 2023 से 2032 की अवधि के दौरान देश में जोड़े जाने वाले आवश्यक ट्रांसमिशन सिस्टम का विवरण दिया गया हैमंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान (एनईपी) में 2023 से 2032 की अवधि के दौरान देश में जोड़े जाने वाले आवश्यक ट्रांसमिशन सिस्टम का विवरण दिया गया है, जो देश में बिजली की मांग में वृद्धि और उत्पादन क्षमता में वृद्धि के अनुरूप है।एनईपी-ट्रांसमिशन को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया हैएनईपी-ट्रांसमिशन के अनुसार, 10 वर्ष की अवधि (2023 से 2032) के दौरान लगभग 1.91 लाख सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) की ट्रांसमिशन लाइनें और 1,274 जीवीए (गीगा वोल्ट एम्पीयर) की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जोड़ने की योजना है। एनईपी-ट्रांसमिशन को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा तैयार किया गया है। इसमें वर्ष 2031-32 तक की ट्रांसमिशन योजना को कवर किया गया है।सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों को शामिल करने के लिए उचित कार्रवाई करें और लोगों के कल्याण को प्राथमिकता देंउच्च स्तरीय बैठक में ट्रांसमिशन में नई टेक्नोलॉजीज और साइबर सिक्योरिटी के बारे में भी बातचीत की गई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों को शामिल करने के लिए उचित कार्रवाई करें और लोगों के कल्याण को प्राथमिकता दें।ग्रामीण क्षेत्रों में औसत बिजली आपूर्ति 2014 में 12.5 घंटे से बढ़कर 2025 में 22.6 घंटे हो गई हैसरकार ने पिछले महीने बताया था कि ग्रामीण क्षेत्रों में औसत बिजली आपूर्ति 2014 में 12.5 घंटे से बढ़कर 2025 में 22.6 घंटे हो गई है और शहरी क्षेत्रों में इस वर्ष 23.4 घंटे हो गई है। मनोहर लाल ने कहा कि हमारा लक्ष्य सभी को हर समय बिजली उपलब्ध कराना है और देश भर में शत-प्रतिशत घरों तक बिजली पहुंचाना है।जीवाश्म आधारित बिजली क्षमता 2014 में 168 गीगावाट से बढ़कर जनवरी 2025 में 246 गीगावाट हो गई हैकेंद्रीय मंत्री ने बताया कि जीवाश्म आधारित बिजली क्षमता 2014 में 168 गीगावाट से बढ़कर जनवरी 2025 में 246 गीगावाट हो गई है, जो लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि गैर-जीवाश्म आधारित बिजली क्षमता 2014 में लगभग 80 गीगावाट से बढ़कर 2025 में लगभग 220 गीगावाट (31 जनवरी तक) हो गई है, जो लगभग 180 प्रतिशत की वृद्धि है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को देश की एक अरब टन कोयला उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी है। केंद्रीय कोयला मंत्री ने कहा कि देश ने एक बिलियन टन कोयला उत्पादन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री की एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “भारत के लिए गर्व का क्षण! एक बिलियन टन कोयला उत्पादन को पार करना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, जो ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को उजागर करती है।”उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के समर्पण और कड़ी मेहनत को भी दर्शाती है।
जी किशन रेड्डी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्नत तकनीकों और कुशल खनन प्रथाओं का लाभ उठाकर, भारत ने न केवल उत्पादन को बढ़ावा दिया है बल्कि टिकाऊ और जिम्मेदार खनन को भी प्राथमिकता दी है। यह उपलब्धि हमारी बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करेगी, आर्थिक विकास को गति देगी और हर भारतीय के लिए एक उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करेगी।कोयला मंत्रालय ने 7 फरवरी, 2025 को एक बयान जारी कर बताया था कि भारत का कोयला उत्पादन वित्त वर्ष 2023-24 में 997.82 मिलियन टन (MT) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जो वित्त वर्ष 2014-15 में 609.18 MT से उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है, पिछले दशक में 5.64% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ। अकेले वित्त वर्ष 2023-24 में, पिछले वर्ष की तुलना में उत्पादन में 11.71% की वृद्धि हुई है। कोयला गैसीकरण ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति के रूप में उभर रहा है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 100 मीट्रिक टन है। आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकार ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में कोयला गैसीकरण परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए ₹8,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है।आपको बता दें, आठ प्रमुख उद्योगों में से कोयले ने सबसे अधिक वृद्धि दर प्रदर्शित की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दिसंबर 2024 में 5.3% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, कोयला क्षेत्र भारतीय रेलवे के माल ढुलाई राजस्व का लगभग 50% हिस्सा है और लगभग 4.78 लाख व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है। मंत्रालय एक प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी बाजार बनाने तथा क्षेत्र को और आधुनिक बनाने के लिए कोयला व्यापार एक्सचेंज की स्थापना पर भी विचार कर रहा है। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग के राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) को पूर्ण अंतरिक्ष गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति देने के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र को उदार बनाया गया है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. सिंह ने बताया कि एनजीई गतिविधियों को बढ़ावा देने, सक्षम बनाने, अधिकृत करने और पर्यवेक्षण करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (आईएन-स्पेस) की स्थापना की गई है। नियामक स्पष्टता सुनिश्चित करने और एक संपन्न अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए भारतीय अंतरिक्ष नीति – 2023, मानदंड, दिशानिर्देश और प्रक्रिया (एनजीपी) और एफडीआई नीति की स्थापना की गई। अंतरिक्ष में स्टार्टअप्स और एनजीई को समर्थन देने के लिए प्रौद्योगिकी अपनाने निधि (टीएएफ), सीड फंड, मूल्य निर्धारण समर्थन, मेंटरशिप और तकनीकी प्रयोगशाला जैसी विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं, एनजीई के साथ 78 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं और 31 दिसंबर 2024 तक 72 प्राधिकरण जारी किए गए हैं।आईएन-स्पेस पीपीपी के माध्यम से पृथ्वी अवलोकन (ईओ) प्रणाली स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। भारतीय कंपनियों को लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) का प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रगति पर है। भारतीय संस्थाओं के लिए कक्षीय संसाधनों तक पहुंचने के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष में 1000 करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल फंड स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। कुल मिलाकर लगभग 330 उद्योग/स्टार्टअप/एमएसएमई अपनी गतिविधियों को सक्षम करने के लिए आईएन-स्पेस से जुड़े हैं। अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए प्राधिकरण, डेटा प्रसार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, प्रचार गतिविधि, आईएन-स्पेस तकनीकी केंद्र और इसरो परीक्षण सुविधाओं तक पहुंच आदि को उदार बनाया गया है। -
नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि अमेरिका से अब तक 588 पुरावशेष वापस लाए गए हैं जिनमें से 297 पुरावशेष वर्ष 2024 में प्राप्त हुए। संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय पुरावशेषों की तस्करी को रोकने के लिए अमेरिका के साथ सांस्कृतिक संपदा करार (सीपीए) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि करार के निवारक प्रकृति के होने के कारण ऐसी कोई समय समयसीमा या संख्या निर्धारित नहीं की गई है। शेखावत ने कहा, ‘‘अभी तक 588 पुरावशेष अमेरिका से वापस लाए गए हैं जिनमें से 297 पुरावशेष वर्ष 2024 में प्राप्त हुए हैं।'' उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संपदा करार में तकनीकी सहायता, अवैध व्यापार और सांस्कृतिक संपदा के लूट के मामलों में सहयोग और आपसी समझ को बढ़ावा देने का प्रावधान है। शेखावत ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, ‘‘कुंभ मेला एक महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थ उत्सव है और विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां लाखों भक्त पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए एकत्र होते हैं। इस आयोजन के दौरान, अनेक प्राचीन संप्रदाय, आध्यात्मिक संगठन और धर्म गुरु एकजुट होते हैं, जो अकसर ही सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे रीति-रिवाजों और प्रथाओं को प्रदर्शित करते हैं।'' उनसे सवाल किया गया था कि क्या सरकार ने, विशेष रूप से कुंभ मेले जैसे आयोजनों के दौरान प्राचीन संप्रदायों के पुनरुत्थान का अवलोकन किया है। इसके जवाब में शेखावत ने कहा, ‘‘भारत में प्राचीन संप्रदायों का पुनरुत्थान आधुनिक धार्मिक चुनौतियों के मद्देनजर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर में बढ़ती रुचि और गूढ़ अर्थ की खोज जैसे कारकों से प्रेरित है। सोशल मीडिया और धार्मिक पर्यटन ने भी इन संप्रदायों के बारे में जानकारी का प्रसार करने में भूमिका निभाई है।''
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जयपुर. बीकानेर जिले के देशनोक में एक भीषण सड़क हादसे में छह व्यक्तियों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। देशनोक थाने की उपनिरीक्षक सुमन शेखावत ने बताया कि देशनोक में यह हादसा बुधवार देर रात उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पास से गुजर रही कार पर पलट गया। कार ट्रक के नीचे दबने से पिचक गई और उसमें सवार एक ही परिवार के सभी छह लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कार सवार नोखा के रहने वाले थे और देशनोक में एक शादी समारोह में भाग लेने आए थे। इनमें दो सगे भाई भी थे। मृतकों की पहचान अशोक, मूलचंद्र, पप्पूराम, श्याम सुंदर, द्वारका प्रसाद व करणीराम के रूप में हुई है।
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मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में बताया कि प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार को राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘महाराष्ट्र भूषण' के लिए चुना गया है। पिछले महीने अपना 100वां जन्म दिन मनाने वाले सुतार को पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है और उन्होंने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का डिजाइन तैयार किया है, जो 182 मीटर ऊंची दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। फडणवीस ने कहा, ‘‘वह (सुतार) शतायु हो चुके हैं, लेकिन अभी भी मुंबई में इंदु मिल स्मारक परियोजना में आंबेडकर प्रतिमा पर काम कर रहे हैं।'' ‘महाराष्ट्र भूषण' के तहत 25 लाख रुपये और एक स्मृति चिह्न प्रदान किया जाता है।
अपने बेटे अनिल के साथ काम करने वाले सुतार कई प्रमुख परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं, जैसे कि ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी', अयोध्या में भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा, बेंगलुरु में भगवान शिव की 153 फुट ऊंची प्रतिमा और पुणे के मोशी में छत्रपति संभाजी महाराज की 100 फुट ऊंची प्रतिमा। पिछले साल, महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिला स्थित मालवण के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा गिरने के बाद, राज्य में इसे लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला था। महाराष्ट्र सरकार ने किले में शिवाजी की 60 फुट ऊंची नयी प्रतिमा बनाने का अनुबंध सुतार की फर्म राम सुतार आर्ट क्रिएशन्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया है, जिसने गुजरात में 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का निर्माण किया था।
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नयी दिल्ली । केंद्र ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि वह अपने और कई खनिज संपन्न राज्यों के बीच खनिज युक्त भूमि एवं खनिज अधिकारों पर रॉयल्टी और कर बकाया की वसूली के मुद्दे को सुलझाने का प्रयास कर रहा है। इस बीच, शीर्ष अदालत ने झारखंड जैसे कई खनिज संपन्न राज्यों की उन याचिकाओं पर सुनवाई 24 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी जो केंद्र और खनन कंपनियों से खनिज अधिकारों और खनिज संपन्न भूमि पर रॉयल्टी और कर बकाया वसूलने से जुड़ी हैं। न्यायमूर्ति अभय एस ओका, न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की तीन न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने कहा कि वह कई खनिज संपन्न राज्यों की याचिकाओं पर सुनवाई के क्रम को लेकर फैसला करेगी। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान खोजने के प्रयास जारी हैं और याचिकाओं को मई के पहले सप्ताह में सूचीबद्ध किया जा सकता है। झारखंड की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि किसी भी स्तर पर समाधान निकाला जा सकता है और सुनवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ (अब सेवानिवृत्त) की अगुवाई वाली नौ न्यायाधीशों की पीठ ने 25 जुलाई, 2024 को एक के मुकाबले आठ के बहुमत से फैसला सुनाया था कि खनिज अधिकारों पर कर लगाने की विधायी शक्ति राज्यों के पास है, संसद के पास नहीं। इसके बाद, उच्चतम न्यायालय ने 14 अगस्त को खनिज संपन्न राज्यों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें खनिजों और खनिज-युक्त भूमि पर केंद्र सरकार से 12 वर्ष में क्रमबद्ध तरीके से रॉयल्टी तथा कर पर एक अप्रैल 2005 से बकाया लेने की अनुमति दे दी थी। पीठ ने कहा था कि 25 जुलाई के आदेश को आगामी प्रभाव से लागू करने की दलील खारिज की जाती है। बाद में, कई राज्यों और केंद्र के बीच विवाद को सुलझाने के लिए न्यायमूर्ति ओका की अगुवाई में एक विशेष पीठ का गठन किया गया।
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नई दिल्ली। भारतीय पुरावशेषों की तस्करी को रोकने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ सांस्कृतिक संपदा करार (सीपीए) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। करार के निवारक प्रकृति के होने के कारण ऐसी कोई समय समय सीमा या संख्या निर्धारित नहीं की गई है। अभी तक 588 पुरावशेष संयुक्त राज्य अमेरिका से वापस लाए गए हैं जिनमें से 297 पुरावशेष वर्ष 2024 में प्राप्त हुए हैं।केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में जानकारी दी है।
भारत आवश्यकता अनुसार यूनेस्को और इंटरपोल सहित विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग करता है।सांस्कृतिक संपदा करार (सीपीए) में तकनीकी सहायता, अवैध व्यापार और सांस्कृतिक संपदा के लूट के मामलों में सहयोग और आपसी समझ को बढ़ावा देने का प्रावधान है। भारत आवश्यकतानुसार यूनेस्को और इंटरपोल सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग करता है। सीपीए में तकनीकी सहायता, अवैध व्यापार और सांस्कृतिक संपत्ति की लूट के मामलों में सहयोग और आपसी समझ को बढ़ावा देने का प्रावधान है। -
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI ) ने टोल प्लाजा शुल्क संग्रह में अनियमिताओं के लिए 14 एजेंसियों को प्रतिबंधित कर दिया है। इस बारे में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि राजमार्गों के टोल प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह व्यवस्थित और सुदृढ़ करने के प्रयासों तहत अभूतपूर्व कदम उठाते हुए फैसला लिया गया है।14 टोल प्लाजा शुल्क संग्रह एजेंसियों को अनियमित गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में अतरैला शिव गुलाम टोल प्लाजा पर उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने छापेमारी की। प्राथमिकता के आधार पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनियमितता बरतने वाली शुल्क संग्रह एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इन एजेंसियों के उत्तर संतोषजनक न पाए जाने और अनुबंध समझौते के प्रावधानों के उल्लंघन पर उन्हें दो साल की अवधि के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया। अनुबंध उल्लंघन के लिए इन एजेंसियों की 100 करोड़ रुपये से अधिक की प्रदर्शन प्रतिभूतियां जब्त कर ली गई हैं और उन्हें भुनाया जा रहा है।अब इन टोल प्लाजाओं पर निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई प्रतिबंधित एजेंसियों को सूचित करेगा कि वे अपना कामकाज प्राधिकरण द्वारा नियुक्त नई एजेंसी को सौंपें। बता दें कि एनएचएआई राजमार्ग संचालन में उच्च मानकों के पालन के लिए प्रतिबद्ध है और कोई भी अनियमितता सहन नहीं की जाएगी। ऐसी टोल एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और उन्हें कठोर दंड के साथ एनएचएआई परियोजनाओं से वंचित किया जाएगा। - नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड के चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन जहां आज से शुरू हो गए हैं। वहीं इस यात्रा के लिए आधार कार्ड आधारित ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू हो रहा है। यह खास यात्रा आगामी 30 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू होगी। वहीं आगामी 2 मई को केदारनाथ व 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगें। जबकि, हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 25 मई को खोले जाएंगे।इसके साथ ही इन धामों के साथ श्री हेमकुंड साहिब के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए हैं। विभाग ने पहली बार आधार प्रमाणित रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की है। इससे हर श्रद्धालु का पूरा ब्योरा अपडेट रहेगा।जानकारी दें कि, इस यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य रहता है। इसके चलते आज से यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं। वेबसाइट व मोबाइल ऐप से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की भी व्यवस्था है। रजिस्ट्रेशन के बाद धामों में पहुंचने पर श्रद्धालु टोकन प्राप्त कर समयानुसार दर्शन कर सकेंगे। इससे श्रद्धालु लाइन में घंटों इंतजार करने से भी बच सकेंगे।श्रद्धालु को रखना होगा इन बातों का ध्यान-रजिस्ट्रेशन के दौरान सही मोबाइल नंबर दर्ज करें।-धामों में दर्शन टोकन अवश्य प्राप्त करने होंगे।-यात्रा के दौरान ऊनी कपड़े, छतरी, रेनकोट आदि जरुर साथ रखें।-वरिष्ठ नागरिक यात्रा से पहले मेडीकल जांच जरुर कराएं।-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सटीक जानकारी दर्ज करें।-दर्शन कराने वाले अनाधिकृत व्यक्तियों से बचें।-यात्रा के दौरान जरूरी दवाएं अपने पास जरुर रखें।-यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की गंदगी न फैलाएं।-वाहनों की गति पर नियंत्रण रखे और उचित स्थान पर ही अपना गाड़ी पार्क करें।-अस्वस्थता लगने पर अपनी यात्रा टाल दें।-हेली यात्रा के लिए टिकट आप वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in पर ही बुक करें।-हेली टिकट प्रदान करने वाले अनाधिकृत व्यक्तियों से जरुर बचें।जानकारी दें कि, उत्तराखंड के हरसिल में बीते 6 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य में बारहमासी पर्यटन की पुरजोर वकालत करते हुए कहा था कि इस खूबसूरत पहाड़ी राज्य में कोई ‘ऑफ़ सीजन’ नहीं होना चाहिए और हर सीजन ‘ऑन सीज़न’ रहे जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर मजबूती मिलेगी।वहीं बारहमासी या 365 दिनों के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा तब कहा था कि साल भर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से ‘पर्यटन के 360-डिग्री दृष्टिकोण’ की जरूरत है । प्रधानमंत्री ने कहा था कि भी पहाड़ों में मार्च, अप्रैल और जून में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं लेकिन उसके बाद इनकी संख्या कम हो जाती है। हालांकि उत्तराखंड सरकार शीतकालीन चारधाम यात्रा तथा सर्दियों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है जिससे क्षेत्र में स्थानीय अर्थव्यवस्था, होमस्टे तथा अन्य प्रकार के रोजगार बढ़ें ।
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नई दिल्ली। ‘ छत्तीसगढ़ में 22 नक्सलियों के मारे जाने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘नक्सल मुक्त भारत अभियान’ में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सल मुक्त हो जाएगा।
बीजापुर और कांकेर में सुरक्षाबलों ने अलग-अलग मुठभेड़ में 22 नक्सलियों को ढेर कियाछत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में सुरक्षाबलों को गुरुवार को बड़ी सफलता मिली। बीजापुर और कांकेर में सुरक्षाबलों ने अलग-अलग मुठभेड़ में 22 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान एक जवान शहीद हो गया। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर कहागृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”नक्सल मुक्त भारत अभियान’ की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षा बलों के दो अलग-अलग ऑपरेशन में 22 नक्सली मारे गए। मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सल मुक्त होने वाला है।”विष्णु देव साय ने कहा-हमारे जवान लगातार बहुत मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रहे हैंछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज दो नक्सली मुठभेड़ में एक जगह 18 नक्सलियों की डेड बॉडी मिली है और दूसरी जगह चार। हम अपने सुरक्षाबल के जवानों के साहस को नमन करते हैं। हमारे जवान लगातार बहुत मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि हमारे गृह मंत्री का संकल्प है कि मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करना है। उसमें अब ज्यादा समय नहीं लगने वाला है। उस पर बहुत तेजी के साथ काम हो रहा है। गृह मंत्री का संकल्प पूरा होगा और हमारे बस्तर को देश-दुनिया में जाना जाएगा। - नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत “बहुध्रुवीय दुनिया” में व्याप्त अनिश्चितताओं के बीच अपनी सैन्य शक्ति और सौम्य शक्ति के बीच संतुलन बनाए रख रहा है। राजनाथ ने मेजर बॉब खाथिंग की याद में नयी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि भारत ने अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत की है। रक्षा मंत्री ने मेजर खाथिंग को “भारत का महान सपूत” करार दिया, जिन्होंने युद्ध के मैदान में अपनी बहादुरी और कूटनीतिक कौशल के जरिये देश के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी। राजनाथ ने कहा कि ऐसी महान हस्तियों के आदर्शों और सिद्धांतों को अपनाना लोगों की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा, “आज भारत बहुध्रुवीय दुनिया में व्याप्त अनिश्चितताओं के बीच अपनी सैन्य शक्ति और सौम्य शक्ति के बीच संतुलन बनाए हुए है। यह बहुत गर्व की बात है कि भारत ने अपनी वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है। दुनिया के सामने एक नया, सशक्त और संगठित भारत उभरा है। एक दौर था, जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज जब हम बोलते हैं, तो दुनिया सुनती है। यह मेजर खाथिंग के आदर्शों का नतीजा है।” राजनाथ ने याद किया कि उन्होंने पिछले साल अरुणाचल प्रदेश के तवांग में मेजर रालेंगनाओ ‘बॉब' खाथिंग वीरता संग्रहालय का वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन किया था। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार की विदेश नीति भी मेजर खाथिंग जैसी हस्तियों के कूटनीतिक कौशल से आकार लेती है। राजनाथ ने लोगों से राष्ट्र को हमेशा सर्वोपरि रखने, एकजुट रहने, ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निडरता से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये सब मेजर खाथिंग के मूल सिद्धांत थे, जो एक असाधारण व्यक्ति थे, जिन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा में अमूल्य योगदान दिया था। राजनाथ ने मेजर खाथिंग को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत का सौभाग्य है कि वह ऐसी दिग्गज हस्तियों का देश है, जिनके लिए राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता सर्वोपरि है। भारतीय सेना, असम राइफल्स और थिंकटैंक ‘यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टिट्यूशन ऑफ इंडिया (यूएसआई)' की ओर से दिल्ली छावनी में संयुक्त रूप से आयोजित मेजर बॉब खाथिंग स्मारक समारोह के पांचवें संस्करण में उनके जीवन और विरासत का जश्न मनाया गया। समारोह में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, सांसद अल्फ्रेड कन्नगम आर्थर, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा और यूएसआई के महानिदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीके शर्मा भी मौजूद थे। रक्षा मंत्री ने न केवल तवांग, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के एकीकरण, विकास और पुनर्निर्माण में मेजर खाथिंग की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, “मेजर बॉब खाथिंग ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। पूर्वोत्तर के लिए उन्होंने जो काम किया, वह सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किए गए कार्यों के समान है।
- भुवनेश्वर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 24 मार्च से ओडिशा की दो दिवसीय यात्रा पर आएंगी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। यात्रा के दौरान मुर्मू नयागढ़ के कालियापल्ली में भारतीय विश्वबासु सबर समाज के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगी। मुर्मू 24 मार्च को रायपुर से भुवनेश्वर पहुंचेंगी और हेलीकॉप्टर से नयागढ़ के कांटिलो जाएंगी। वह कांतिलो नीलामाधब में दर्शन करेंगी और फिर मुख्य अतिथि के तौर पर कलियापल्ली में आयोजित समारोह में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति शाम को भुवनेश्वर लौट आएंगी और राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगी। बयान में कहा गया है कि वह 25 मार्च को नयी दिल्ली के लिए रवाना होंगी। मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने राष्ट्रपति की यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए यहां एक बैठक की अध्यक्षता की।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि संशोधित राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) को मंजूरी दिए जाने के केन्द्रीय मंत्रिमंडल के फैसले से इस क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा, किसानों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करेगा और साथ ही रोजगार सृजन भी करेगा। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत के डेयरी क्षेत्र को बड़ी मजबूती! संशोधित राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी इस क्षेत्र के परिवर्तन में योगदान देगी, जिससे किसानों के लिए बेहतर मूल्य निर्धारण, रोजगार सृजन और बहुत कुछ सुनिश्चित होगा।'' प्रधानमंत्री ने पशुधन क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए संशोधित राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) को मंजूरी दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दूध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, स्वदेशी नस्लों में सुधार होगा और कई डेयरी किसानों को सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने इसे पशुधन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया।
प्रधानमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ‘व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) तक कम मूल्य वाले भीम-यूपीआई लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए ‘प्रोत्साहन योजना' को मंजूरी दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करेगा और 'जीवन की सुगमता' को बढ़ावा देगा। मोदी ने महाराष्ट्र में जेएनपीए पोर्ट (पगोटे) से चौक (29.219 किमी) तक 6-लेन पहुंच नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण संबंधी केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले को ‘पीएम गतिशक्ति' के दृष्टिकोण के अनुरूप बताया और कहा कि यह परियोजना मुंबई और पुणे के आसपास के क्षेत्रों के विकास को गति देगी। ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीवीएफसीएल), नामरूप असम के मौजूदा परिसर में 12.7 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) वार्षिक यूरिया उत्पादन क्षमता का एक नया ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के फैसले को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे घरेलू यूरिया उत्पादन में वृद्धि होगी, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में किसानों को लाभ होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, यह उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करके और ऊर्जा कुशल उत्पादन को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के हमारे दृष्टिकोण को भी मजबूत करेगा। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि देश में छह महीनों के भीतर पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के दाम एकसमान हो जाएंगे। गडकरी ने बुधवार को 32वें कन्वर्जेंस इंडिया और 10वें स्मार्ट सिटीज इंडिया एक्सपो को संबोधित करते हुए कहा कि 212 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अगले तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘छह महीने के भीतर ईवी की कीमत पेट्रोल वाहनों के बराबर हो जाएगी।''
मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति आयात विकल्प, लागत दक्षता, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी उत्पादन की है। उन्होंने कहा कि देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी सड़कें बनाकर हम अपनी लॉजिस्टिक लागत को कम कर सकते हैं। गडकरी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का भविष्य बहुत अच्छा है और सरकार स्मार्ट शहरों और स्मार्ट परिवहन के प्रति प्रतिबद्ध है। गडकरी ने कहा कि सड़क निर्माण की लागत कम करने के लिए नई प्रौद्योगिकी और नवोन्मेषण को बढ़ावा देने की जरूरत है। -
नयी दिल्ली। सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा स्थिरता सहित कई विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वह इस बात से प्रभावित हैं कि भारत में किस तरह नवाचार ‘‘स्थानीय और वैश्विक स्तर पर प्रगति'' को गति दे रहा है। गेट्स ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा से भी मुलाकात की। इस दौरान स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सरकार और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के बीच सहयोग की समीक्षा की गई। उन्होंने ‘रायसीना डायलॉग' से इतर विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की और इस दौरान उनके बीच विस्तृत बातचीत हुई। जयशंकर ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘विकास चुनौतियों, नवाचार की संभावना और भारत की प्रासंगिकता पर चर्चा हुई।'' गेट्स ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ भी बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सेवा वितरण में सुधार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और पूर्वानुमान विश्लेषण का लाभ उठाने पर चर्चा की। मोदी से मुलाकात के बाद गेट्स ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मेरी भारत के विकास, 2047 तक विकसित भारत के मार्ग और स्वास्थ्य, कृषि, एआई और अन्य क्षेत्रों में रोमांचक प्रगति के बारे में बहुत अच्छी चर्चा हुई, जो आज प्रभाव पैदा कर रही है। यह देखना प्रभावशाली है कि भारत में नवाचार किस तरह स्थानीय और वैश्विक स्तर पर प्रगति को गति दे रहा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘हमेशा की तरह, बिल गेट्स के साथ एक शानदार बैठक हुई। हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में तकनीक, नवाचार और स्थिरता सहित विविध मुद्दों पर चर्चा की।'' नड्डा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में भारत द्वारा की गई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने सहयोग ज्ञापन को नवीनीकृत करने तथा सभी नागरिकों के लिए किफायती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।'' गेट्स के साथ अपनी बैठक के बाद नायडू ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्य ‘स्वर्ण आंध्र प्रदेश 2047' के दृष्टिकोण को साकार करने में गेट्स फाउंडेशन की भूमिका की सराहना की। नायडू ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि गेट्स फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी हमारे लोगों को सशक्त बनाने और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।'' गेट्स ने बुधवार को संसद परिसर का भी दौरा किया जहां वर्तमान में बजट सत्र चल रहा है।
गेट्स ने सोमवार को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी। बैठक के बाद एक बयान में चौहान ने कहा था, ‘‘बिल फाउंडेशन पहले से ही कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से भारत सरकार के साथ काम कर रहा है और आज फिर हमने चर्चा की कि हम किन क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को मशहूर हस्तियों, राजनेताओं, वैज्ञानिकों और अन्य लोगों के साथ नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के नौ महीने बाद पृथ्वी पर लौटने पर प्रसन्नता जाहिर की और उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया तथा उनके दृढ़ संकल्प की सराहना की। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के विलियम्स, बुच विल्मोर और निक हेग, तथा रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ‘रोस्कोस्मोस' के अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोव, स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर वापस लौटे, जो अमेरिका में फ्लोरिडा के तल्हासी तट के पास समुद्र में उतरा। विलियम्स और विल्मोर नौ महीने पहले बोइंग की एक परीक्षण उड़ान के जरिये अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे थे। दोनों अंतरिक्षयात्री पांच जून 2024 को बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू यान में सवार होकर अंतरिक्ष में गए थे और उनके एक सप्ताह बाद ही लौटने की उम्मीद थी। अंतरिक्ष स्टेशन के रास्ते में इतनी सारी समस्याएं आईं कि नासा को अंततः स्टारलाइनर को खाली वापस धरती पर लाना पड़ा और अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी में देरी हुई। राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नासा के ‘क्रू9' मिशन की धरती पर सुरक्षित वापसी को सफल बनाने वाली पूरी टीम को बधाई। भारत की बेटी सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्षयात्रियों ने अपनी दृढ़ता, समर्पण और कभी हार न मानने की भावना से सभी को प्रेरित किया है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह धैर्य, साहस और असीम मानवीय भावना की परीक्षा थी। सुनीता विलियम्स और ‘क्रू़9' अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बार फिर हमें दिखाया कि दृढ़ता का असली मतलब क्या है। विशाल अज्ञात के सामने उनका अडिग दृढ़ संकल्प हमेशा लाखों लोगों को प्रेरित करेगा।'' उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष अन्वेषण का मतलब मानवीय क्षमता की सीमाओं को आगे बढ़ाना, सपने देखने का साहस करना और उन सपनों को हकीकत में बदलने का साहस रखना है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘पथप्रदर्शक और आदर्श सुनीता विलियम्स ने अपने पूरे करियर में इस भावना का उदाहरण पेश किया है। हमें उन सभी पर गर्व है, जिन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने दिखाया है कि जब सटीकता जुनून से मिलती है और प्रौद्योगिकी दृढ़ता से मिलती है, तो क्या होता है।'' भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि विलियम्स की सुरक्षित वापसी एक उल्लेखनीय उपलब्धि है और यह नासा, स्पेसएक्स तथा अंतरिक्ष अभियान के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए नासा और स्पेसएक्स की सार्वजनिक-निजी साझेदारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह अभियान देख रहा था, यह बहुत बढ़िया था। निजी भागीदारी के साथ, हम इस अनुभव से सीख सकते हैं... इस तरह का अभियान केवल निजी भागीदारी से ही सफल हो सकता है।'' भारतीय खगोलभौतिकी संस्थान (आईआईए) के प्रोफेसर रमेश कपूर ने कहा कि उन्हें अंतरिक्ष यात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा है। उन्होंने कहा, ‘‘वे अंतरिक्ष में हानिकारक विकिरणों के संपर्क में रहे हैं और उनकी मांसपेशियों में दिक्कतें हुई हैं तथा हड्डियों का घनत्व भी कम हुआ है। सामान्यतः उन्हें ठीक होने में कई महीने लगते हैं, लेकिन हम सभी को आशा है कि वे शीघ्र स्वस्थ हो जाएंगे। उन्हें बहुत प्रसन्न देखकर तथा आस-पास मौजूद सभी लोगों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन करते देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा।'' केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी विलियम्स को बधाई दी। शाह ने कहा, ‘‘एक चुनौतीपूर्ण अंतरिक्ष अभियान को पूरा करते हुए क्रू9 का सफल प्रक्षेपण, मानवीय जीवटता का प्रमाण है। यह इस बात का प्रेरक प्रदर्शन है कि किस तरह साहस, धैर्य और समर्पण के साथ सबसे कठिन बाधाओं को भी पार किया जा सकता है।'' सिंह ने सुनीता विलियम्स और क्रू-9 के उनके सहयोगी सदस्यों की वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि उन्होंने अंतरिक्ष में मानवीय जीवटता और दृढ़ता का इतिहास फिर से लिख दिया है। गोयल ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘यह अविश्वसनीय क्षण मानवीय दृढ़ता की जीत के रूप में हमारे मन में हमेशा के लिए अंकित रहेगा...।'' खरगे ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘पृथ्वी पर पुनः आपका स्वागत है, सुनीता विलियम्स! कांग्रेस की ओर से, मैं नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर के साथ आपकी सुरक्षित और सफल वापसी पर हार्दिक बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आपके विस्तारित मिशन के सुरक्षित समापन से भारत के 1.4 अरब नागरिकों को राहत और प्रसन्नता की अनुभूति हुई है, जो आपकी उपलब्धियों पर बेहद गर्व महसूस करते हैं।'' तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने कहा कि विलियम्स की अंतरिक्ष स्टेशन में वैज्ञानिक मिशन के समापन पर धरती पर वापसी महत्वपूर्ण है लेकिन यह इससे भी आगे, दृढ़ता की ऐतिहासिक जीत है जिसने साबित किया कि दृढ़ संकल्प और साहस प्रतिकूल परिस्थितियों को उपलब्धि में बदल देते हैं। विलियम्स और बुच विल्मोर की तारीफ करते हुए झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि उनके धैर्य, साहस और आत्मविश्वास ने प्रेरणा का एक नया उदाहरण स्थापित किया है। विलियम्स को ‘‘भारत की बेटी'' बताते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी की सराहना की। बनर्जी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर का इतने दिनों के बाद धरती पर वापस आने पर स्वागत है। भारत की हमारी बेटी हमारे पास वापस आ गई है और हम बेहद खुश और उत्साहित हैं। हम बुच विल्मोर के लिए भी बेहद खुश हैं। उनके साहस, उनकी वापसी, मानवीय जीवटता की सराहना करती हूं।'' मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं टीम को उनके जबरदस्त सहयोग और सफलता के लिए बधाई देती हूं।''
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि विलियम्स के देश से जुड़ाव पर सभी भारतीय को बहुत गर्व है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी को मानवीय दृढ़ संकल्प का उदाहरण बताया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने अंतरिक्ष यात्रियों के जज्बे की प्रशंसा की। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि विलियम्स की अंतरिक्ष में नौ महीने की अविश्वसनीय यात्रा वास्तव में प्रेरणादायक रही है। केरल विधानसभा के अध्यक्ष ए एन शमसीर ने कहा कि विलियम्स की उपलब्धि भारतीय मूल के व्यक्ति के साहस और समर्पण का एक ‘‘शानदार उदाहरण'' है, इसलिए यह देश के लिए भी गौरव का क्षण है। शमसीर ने कहा, ‘‘यह मिशन दर्शाता है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। हम (विधानसभा) सुनीता विलियम्स और यात्रा में उनकी मदद करने वाले सभी को हार्दिक बधाई देते हैं।'' पुडुचेरी विधानसभा के अध्यक्ष आर सेल्वम ने सदन में विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्रियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अंतरिक्ष यात्री की बहादुरी की सराहना का उल्लेख किया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की धरती पर सुरक्षित वापसी पर खुशी जताई। विधानसभा में स्टालिन ने अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स के लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने और उनके सामने आई समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षित वापसी से ‘‘हम सभी खुश हैं।'' उन्होंने सुनीता विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्री को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की सराहना और आभार व्यक्त किया। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक महासचिव के पलानीस्वामी ने एक पोस्ट में कहा, ‘‘अनिश्चितता और चुनौतियों का सामना करते हुए अंतरिक्ष में नौ महीने तक रहने के लिए सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की जीवटता को सलाम।'' ओडिशा के राज्यपाल हरी बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने विलियम्स और बुच विल्मोर की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नौ महीने रहने के बाद पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी पर शुभकामनाएं दीं। माझी ने कहा, ‘‘सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को विस्तारित मिशन के बाद पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी पर बधाई। उनका समर्पण और जज्बा हम सभी को प्रेरित करता है।'' पटनायक ने कहा कि सुनीता और बुच की वापसी के बारे में जानकर उन्हें बहुत खुशी मिली है। उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘बाहरी अंतरिक्ष में अनिश्चितता का सामना करने में आपका धैर्य और उल्लेखनीय धैर्य मानवीय भावना की जीत है। आपका ऐतिहासिक प्रवास लाखों लोगों को प्रेरित करता रहेगा।'' महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने कहा कि विलियम्स की धरती पर वापसी से उन्हें ‘‘बहुत राहत'' मिली है। महिंद्रा ने विलियम्स के साथ एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘वह साहस की प्रतिमूर्ति हैं और उनका हमारे बीच वापस आना अच्छा है। स्वागतम, सुनीता।'' अभिनेता चिरंजीवी और आर माधवन ने विलियम्स को पृथ्वी पर लौटने पर बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में चिरंजीवी ने दोनों की पृथ्वी पर वापसी को ‘‘ऐतिहासिक'' और ‘‘साहसपूर्ण'' बताया। अभिनेता जैकी श्रॉफ ने पोस्ट किया, ‘‘अंतरिक्ष में नौ महीने तक टिके रहने के लिए असाधारण धैर्य, अटूट लचीलापन और खोज की अदम्य भावना की आवश्यकता होती है।
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नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण करने का स्तर, फरवरी में 19.68 प्रतिशत पर पहुंच गया। राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, खाद्य और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री निमूबेन जयंतीभाई बंभानिया ने कहा कि वर्तमान में, पेट्रोल में मिश्रण के लिए इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना रस, चीनी, चीनी उप-उत्पाद (शीरा) और अनाजों से उत्पादित होता है।'' पेट्रोल और अन्य औद्योगिक उपयोगों में मिश्रण के लिए इथेनॉल का उपयोग किया जा रहा है। इथेनॉल आपूर्ति वर्ष नवंबर से अक्टूबर तक चलता है। मंत्री ने कहा, ‘‘फरवरी 2025 के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा 19.68 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण हासिल किया गया।
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नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को लोअर बर्थ (निचली बर्थ) पर यात्रा की विशेष सुविधा दे रहा है। रेलवे ने इन यात्रियों की सुविधा के लिए कोटा तय किया है, जिससे उन्हें यात्रा में अधिक आराम मिले।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को टिकट बुकिंग के समय, उपलब्धता के अनुसार, स्वचालित रूप से लोअर बर्थ दी जाती है, भले ही उन्होंने बुकिंग के दौरान इसका विकल्प न चुना हो।रेलवे ने सभी ट्रेनों में विशेष कोटा तय किया है। स्लीपर क्लास में प्रति कोच 6-7 लोअर बर्थ, एसी 3 टियर (3AC) में 4-5 लोअर बर्थ, और एसी 2 टियर (2AC) में 3-4 लोअर बर्थ वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित होती हैं। इसके अलावा, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों, राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष कोटा उपलब्ध है, चाहे वे रियायत का लाभ लें या नहीं। इसके अलावा, स्लीपर क्लास में 4 बर्थ (जिसमें 2 लोअर बर्थ शामिल), 3AC/3E में 4 बर्थ (जिसमें 2 लोअर बर्थ शामिल), और आरक्षित सेकंड सिटिंग (2S) या एसी चेयर कार (CC) में 4 सीटें दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित होती हैं।यात्रा के दौरान यदि लोअर बर्थ खाली रहती है, तो इसे पहले वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों और गर्भवती महिलाओं को दी जाती है, भले ही उन्हें शुरुआत में मिडिल या अपर बर्थ आवंटित की गई हो। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे का लक्ष्य सभी यात्रियों को सुविधाजनक और आरामदायक सफर कराना है। उन्होंने यात्रियों से इन सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सुखद हो सके।

























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