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- तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार ने वायनाड जिले के भूस्खलन प्रभावित मुंडक्कई और चूरलमाला क्षेत्रों के लोगों को शनिवार को मुफ्त राशन देने की घोषणा की। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जी आर अनिल ने कहा कि मुंडक्कई और चूरलमाला के लोगों को अगस्त महीने का राशन मुफ्त मिलेगा। फिलहाल प्राथमिकता वाले वर्ग को मुफ्त और गैर प्राथमिकता वाले वर्ग को उचित मूल्य पर राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में सभी वर्गों को मुफ्त में राशन उपलब्ध कराया जाएगा। केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को बड़े पैमाने पर हुये भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 218 हो गई है। प्रशासन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, मृतकों में 90 महिलाएं और 30 बच्चे शामिल हैं। इसमें बताया गया है कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में मलबे से अब तक 143 मानव अंग भी बरामद किए जा चुके हैं। बयान के अनुसार, 218 शवों में से 152 की पहचान उनके परिजनों ने कर ली है। लगभग 300 लोगों के लापता होने की आशंका है तथा बचावकर्मी नष्ट हो चुके घरों और इमारतों में खोजबीन करते समय जलमग्न मिट्टी सहित अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से जूझ रहे हैं।
- नयी दिल्ली ।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि संघीय व्यवस्था में राज्यपाल केंद्र और राज्यों के बीच कड़ी हैं, वहीं उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि राज्यपालों को राज्य सरकारों से जानकारी मांगने में संकोच नहीं करना चाहिए। राज्यपालों के दो दिवसीय सम्मेलन में, अपने समापन संबोधन में मुर्मू ने कहा कि जन कल्याण और समग्र विकास के लिए सभी संस्थाओं का सुचारू संचालन बहुत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि सम्मेलन में विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने के उद्देश्य से चर्चा हुई। बयान में कहा गया, ‘‘राज्यपाल भारत की संघीय व्यवस्था में केंद्र और राज्यों के बीच कड़ी हैं।''राष्ट्रपति मुर्मू ने विश्वास जताया कि राज्यपालों के समूहों द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार, सहकारी संघवाद और केंद्रीय संस्थानों के आपसी समन्वय को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यपालों की जिम्मेदारी नागरिकों के लिए आदर्श उदाहरण स्थापित करने की है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि वे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उदाहरण स्थापित करते हैं, तो यह न केवल उनकी पहचान बनेगी, बल्कि लोगों का मार्गदर्शन भी करेगी।'' उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन ने इसमें भाग लेने वाले सभी लोगों के मन पर अमिट छाप छोड़ी है, जिन्होंने महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्यपालों को प्रभावी कामकाज के लिए संबंधित राज्य सरकारों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने में संकोच नहीं करना चाहिए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यपालों से राजभवनों में शासन का आदर्श मॉडल विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राजभवनों के प्रभावी संचालन के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का निरंतर प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्यपालों से अपने कामकाज में प्रौद्योगिकी को अपनाने और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया। सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत राज्यपालों के छह समूहों द्वारा अपने विचार-विमर्श के आधार पर प्रस्तुतीकरण देने और भविष्य की रूपरेखा सुझाने के साथ हुई। राज्यपालों के समूहों द्वारा प्रस्तुत सभी रिपोर्ट के अवलोकन के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके प्रयासों की प्रशंसा की तथा कहा कि राज्यपालों और राजभवनों के कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी कार्रवाई योग्य बिंदुओं पर विचार किया जाएगा।
- शिमला,।हिमाचल प्रदेश के मंडी में राजबन गांव से एक शव बरामद होने के साथ ही तीन जिलों में बादल फटने से आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है, जबकि बचाव दल करीब 45 लापता लोगों की तलाश कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 11 वर्षीय अनामिका का शव एक बड़े पत्थर के नीचे मिला।हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों - शिमला, कुल्लू और मंडी - में बादल फटने के बाद लापता हुए करीब 45 लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान शनिवार को फिर से शुरू हो गया लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), पुलिस और होमगार्ड की टीम के कुल 410 बचावकर्मी ड्रोन की मदद से खोज अभियान में शामिल हैं। बुधवार रात कुल्लू के निरमंड, सैंज और मलाणा, मंडी के पधर और शिमला के रामपुर उपखंड में बादल फटने से आई बाढ़ में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। एनडीआरएफ के कमांडिंग ऑफिसर करम सिंह ने कहा, "संयुक्त बचाव अभियान चल रहा है और लापता लोगों की तलाश के प्रयास जारी हैं। हम मलबे में दबे या फंसे हुए लोगों का पता लगाने के लिए विभिन्न उपकरणों और सेंसर का उपयोग कर रहे हैं।'' करम की टीम अन्य लोगों के साथ शिमला और कुल्लू जिले की सीमा पर स्थित समेज गांव में लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है। सरपारा गांव के प्रधान मोहन लाल कपटिया ने कहा, ‘‘हर गुजरते घंटे के साथ लोगों को जीवित बचाने की संभावना कम होती जा रही है, लेकिन हम बस यही उम्मीद करते हैं कि शव जल्द ही बरामद कर लिए जाएं, क्योंकि देर होने पर शव सड़ जाएंगे, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाएगा।'' पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने शनिवार को कुल्लू जिले के सैंज क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि कुछ पीड़ित अभी भी राहत राशि का इंतजार कर रहे हैं और उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने को कहा। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने शुक्रवार को बताया कि कुल्लू में श्रीखंड महादेव के आसपास फंसे करीब 300 लोग सुरक्षित हैं और मलाणा में करीब 25 पर्यटकों की भी स्थानीय लोग अच्छी तरह देखभाल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को रामपुर के समेज गांव का दौरा किया था, जहां 30 से अधिक लोग लापता हैं। सुक्खू ने पीड़ितों के लिए 50,000 रुपये की तत्काल राहत की घोषणा की थी और कहा था कि उन्हें अगले तीन महीनों के लिए किराए के लिए 5,000 रुपये मासिक दिए जाएंगे, साथ ही गैस, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी दी जाएंगी।
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नयी दिल्ली. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि भारत ने यूक्रेन से अपने छात्रों को निकालकर विश्व के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दोनों देशों (रूस तथा यूक्रेन) के साथ 24 घंटे के युद्धविराम के लिए बातचीत करने के बाद ऐसा संभव हो सका। यहां पांचवें डॉ. राजाराम जयपुरिया स्मारक व्याख्यान में कोविंद ने कहा कि भारत विश्वगुरु बनने की राह पर है और उन्होंने युवाओं से इसमें योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कई उदाहरण भी दिए कि कैसे भारत ने खुद को वैश्विक शक्ति साबित किया है, जिसमें हाल में विधायिका में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी शामिल है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बारे में बात करते हुए कोविंद ने कहा कि हर किसी को उम्मीद थी कि यह एक या दो महीने में खत्म हो जाएगा, यही वजह है कि कई भारतीय छात्र युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंस गए। कोविंद ने कहा, ‘‘जब छह-आठ महीने बीत गए, तो स्थिति ऐसी हो गई कि गुजारा करना मुश्किल हो गया। छात्रों के अभिभावकों की चिंता पर सरकार ने गौर किया। मैं जानबूझकर यह उदाहरण दे रहा हूं, मैं उस समय राष्ट्रपति भवन में था।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पूछा कि इतने सारे भारतीय छात्र यूक्रेन क्यों जाते हैं। मुझे बताया गया कि वहां मेडिकल की पढ़ाई सस्ती है। हमारे छात्र फंस गए, अगर उन्हें कुछ हो जाता तो सरकार जिम्मेदार होती। यह हालांकि सरकार की जिम्मेदारी नहीं थी, माता-पिता ने उन्हें वहां भेजा था, लेकिन सरकार को दोषी ठहराया जाता।'' कोविंद ने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने एक उदाहरण पेश किया है।'' उन्होंने कहा कि भारत ने खुद को एक वैश्विक ताकत साबित किया है और दोनों देशों (रूस और यूक्रेन) से 24 घंटे के लिए युद्ध विराम के लिए बात की है। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों बड़े देश हैं। यदि कोई अन्य देश हस्तक्षेप करता तो क्या वे सहमत होते? नहीं।''
कोविंद ने दावा किया, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन से बात की और शुक्र है कि दोनों सहमत हो गए। चौबीस घंटे के लिए युद्ध रुक गया।'' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान और चीन जैसे अन्य देशों के छात्र भी फंसे हुए हैं, लेकिन उनकी सरकारें उन्हें निकाल नहीं पा रही हैं। कोविंद ने कहा कि भारत सरकार ने अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े वर्गों और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘महिला शक्ति वंदन अधिनियम एक प्रगतिशील कानून है...जब अमेरिका को आजादी मिली, तो महिलाओं को लंबे समय तक मतदान का अधिकार नहीं था। भारत में, जिस दिन हमने संविधान अपनाया, उसी दिन हमने महिलाओं के मतदान के अधिकार को मान्यता दे दी थी।'' यूपीआई भुगतान को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने बताया कि वैश्विक यूपीआई लेनदेन का 46 प्रतिशत भारत में होता है। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में कहीं भी डिजिटल भुगतान इस पैमाने पर नहीं है।'' कोविंद ने कहा कि भारतीय रुपये का मूल्य बढ़ रहा है और अब रुपये का इस्तेमाल कम से कम 10 देशों में मुद्रा के रूप में किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीद कर सकते हैं कि जल्द ही भारतीय रुपये को डॉलर और पाउंड की तरह स्वीकार्यता मिलेगी।'' पूर्व राष्ट्रपति ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया और बताया कि भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश है। उन्होंने मंगल मिशन का भी उल्लेख किया। कोविंद ने युवाओं से 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के प्रयास में शामिल होने का आग्रह किया। -
नयी दिल्ली. भारत के प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र के रूप में लोक अदालतों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोग अदालतों के मामलों से ‘इतने तंग' आ गए हैं कि वे बस समझौता चाहते हैं। लोक अदालतें ऐसा मंच हैं जहां न्यायालयों में लंबित या मुकदमेबाजी से पहले के विवादों और मामलों का निपटारा या सौहार्दपूर्ण ढंग से समझौता किया जाता है। पारस्परिक रूप से स्वीकृत समझौते के विरुद्ध कोई अपील दायर नहीं की जा सकती। चंद्रचूड़ ने उच्चतम न्यायालय में विशेष लोक अदालत सप्ताह के उपलक्ष्य में कहा, ‘‘लोग इतना परेशान हो जाते हैं अदालत के मामलों से कि वे कोई भी समझौता चाहते हैं... बस अदालत से दूर करा दीजिए। यह प्रक्रिया ही सजा है और यह हम सभी न्यायाधीशों के लिए चिंता का विषय है।'' मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें हर स्तर पर लोक अदालत के आयोजन में बार और बेंच सहित सभी से जबरदस्त समर्थन और सहयोग मिला। चंद्रचूड़ ने कहा कि जब लोक अदालत के लिए पैनल गठित किए गए थे तो यह सुनिश्चित किया गया था कि प्रत्येक पैनल में दो न्यायाधीश और बार के दो सदस्य होंगे। चंद्रचूड़ ने कहा कि उन्हें सचमुच में लगता है कि उच्चतम न्यायालय भले ही दिल्ली में स्थित हो, लेकिन यह दिल्ली का उच्चतम न्यायालय नहीं है। यह भारत का उच्चतम न्यायालय है। चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘लोक अदालत का उद्देश्य लोगों के घरों तक न्याय पहुंचाना और लोगों को यह सुनिश्चित करना है कि हम उनके जीवन में निरंतर मौजूद हैं।
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नयी दिल्ली. प्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार यामिनी कृष्णमूर्ति (84) का उम्र संबंधी बीमारियों से अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। कृष्णमूर्ति के प्रबंधक और सचिव गणेश ने बताया, "वह उम्र संबंधी समस्याओं से पीड़ित थीं और पिछले सात महीनों से गहन चिकित्सा ईकाई (आईसीयू) में थीं।" कृष्णमूर्ति का पार्थिव शरीर रविवार को सुबह नौ बजे उनके संस्थान 'यामिनी स्कूल ऑफ डांस' में लाया जाएगा। यामिनी कृष्णमूर्ति के अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर अभी जानकारी नहीं मिल पाई है। कृष्णमूर्ति के परिवार में दो बहनें हैं।
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नयी दिल्ली केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को लोगों से 'हर घर तिरंगा' अभियान में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह एक राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है जो हर भारतीय में बुनियादी एकता को जागृत करता है। शाह ने कहा कि नागरिकों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहिए, उसके साथ एक सेल्फी लेनी चाहिए और 'हर घर तिरंगा' की वेबसाइट पर तस्वीर अपलोड करनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा त्याग, निष्ठा व शांति का प्रतीक है। हर घर तिरंगा अभियान आजादी के नायकों को याद करने, राष्ट्रप्रथम का संकल्प लेने और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने का माध्यम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर यह अभियान बीते दो वर्षों से जन-जन का अभियान बन गया है। आगामी 9 से 15 अगस्त तक आप भी अपने घरों में तिरंगा लहराकर वेबसाइट पर अपनी सेल्फी अपलोड करें।''
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नई दिल्ली । भारत ने इंडो यूएस स्पेस मिशन के लिए अपना मुख्य अंतरिक्ष यात्री चुन लिया। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारत की तरफ से इस मिशन के मुख्य अंतरिक्ष यात्री होंगे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए आगामी भारत-अमेरिका मिशन पर उड़ान भरने के लिए अपने अंतरिक्ष यात्री-नियुक्तों में सबसे कम उम्र के व्यक्ति को मुख्य अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना है। भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को हाल ही में प्रोमेशन मिला था।
आईएसएस में भेजेगा नासाइसरो ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) भेजेगा। इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी) ने आईएसएस के लिए अपने आगामी एक्सिओम-4 मिशन के लिए अमेरिका स्थित एक्सिओम स्पेस के साथ अंतरिक्ष उड़ान समझौता (एसएफए) किया है। इसमें दो भारतीय मुख्य और बैकअप मिशन पायलट होंगे। बयान के अनुसार, ग्रुप कैप्टन शुक्ला प्राइमरी मिशन पायलट होंगे, जबकि भारतीय वायु सेना के एक अन्य अधिकारी, ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, बैकअप मिशन पायलट होंगे।इस महीने के पहले सप्ताह से ट्रेनिंगइन्हें गगनयात्री के नाम से जाना जाएगा। इन अधिकारियों की ट्रेनिंग अगस्त महीने के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। मिशन के दौरान, अधिकारी आईएसएस के लिए चुने गए साइटिस्टों के साथ रिसर्च और टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रयोग करेंगे। साथ ही स्पेस आउटरीच एक्टिविटीज में भी शामिल होंगे।ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला कौन हैं?यूपी की राजधानी लखनऊ में साल 1985 में जन्मे, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने भारतीय वायु सेना में अपना सफर लगभग 18 साल पहले शुरू किया था।उन्होंने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में ट्रेनिंग ली है। वह एक फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक टेस्ट पायलट हैं जिनके पास लगभग 2,000 घंटे का उड़ान अनुभव है। उन्होंने सुखोई-30एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एन-32 सहित कई तरह के विमान उड़ाए हैं। ग्रुप कैप्टन शुक्ला के परिवार के अनुसार कारगिल के दौरान भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान की वीर गाथाओं को पढ़ने के बाद उन्हें सशस्त्र बलों में शामिल होने की प्रेरणा मिली। एक इंटरव्यू में उनकी बड़ी बहन का कहना था कि 1999 में जब कारगिल में युद्ध छिड़ा था, तब वह सिर्फ 14 साल के थे। उस समय पाकिस्तानी घुसपैठियों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर भारतीय चौकियों पर अतिक्रमण कर लिया था। - शिमला । हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में बादल फटने से आई बाढ़ के बाद लापता हुए 45 से अधिक लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। तीन और शव बरामद होने से कुल्लू के निरमंड, सैंज और मलाना, मंडी के पधर और शिमला जिले के रामपुर में अचानक आई बाढ़ की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के साथ शिमला और कुल्लू जिले की सीमा पर स्थित समेज का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया और पीड़ितों से बात की।बुधवार रात श्रीखंड महादेव मार्ग के पास बादल फटने से सरपारा, गानवी और कुर्बन नालों में अचानक बाढ़ आ गई, जिसके बाद 30 से अधिक लोग लापता हैं। सुक्खू ने पत्रकारों से कहा कि लापता लोगों में 17-18 महिलाएं और 8-9 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है।’’मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के लिए 50,000 रुपये की तत्काल राहत की घोषणा की और यह भी कहा कि उन्हें अगले तीन महीनों के लिए किराये के लिए 5,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे, साथ ही रसोई गैस, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी दी जाएंगी।उन्होंने कहा कि बच्चों की स्कूली शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी क्योंकि कई प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए हैं।सुक्खू ने कहा कि मानसून का मौसम खत्म होने के बाद आपदा प्रभावित पीड़ितों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी।अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मंडी के राजबन गांव में पांच शव मिले हैं, जबकि कुल्लू के निरमंड में एक शव मिला है।शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने ‘ बताया कि रामपुर में दो लोगों के क्षत-विक्षत शव बरामद किए गए हैं।राजबन में शुक्रवार को बरामद दो शवों की पहचान अमन (9) और आर्यन (8) के रूप में हुई, जबकि इस स्थान पर पांच लोग अभी भी लापता हैं।लापता लोगों के संबंधी घटनास्थल पर डेरा डाले हुए हैं। हर बीतते घंटे के साथ उम्मीद धूमिल होती जा रही है। इस संबंध में एक शोकाकुल महिला ने कहा, ‘‘मेरे ससुर और सास का शव मिल गया है, लेकिन मेरे बेटे, मेरे देवर, उनकी पत्नी और उनके छह वर्षीय बेटे तथा दो माह की बेटी का अब भी कुछ पता नहीं चला है।’’वहीं, एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि जब वह चीख-पुकार सुनकर बाहर आया तो उसने देखा कि अचानक आई बाढ़ में मकान बह गए हैं। उसने कहा, ‘‘मौत के डर से हम सब रात भर जगे रहे। हम सुरक्षित रहने के लिए एक पहाड़ पर चढ़ गए थे।’’राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र के अनुसार, पिछले 36 घंटे में तीन जिलों में 103 मकान पूर्णतः या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा मोटर वाहनों के चलने योग्य छह पुल और 32 पैदल पुल, दुकानें, स्कूल तथा वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं।कुल्लू के उपायुक्त तोरुल एस. रवीश ने बताया कि जिले के मणिकर्ण क्षेत्र में मलाना द्वितीय विद्युत परियोजना स्थल पर फंसे 33 लोगों को बृहस्पतिवार की रात और शुक्रवार की सुबह एनडीआरएफ तथा होम गार्ड के दलों ने बचा लिया।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत ने बादल फटने की घटनाओं में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया और कहा कि दुर्गम इलाकों में लोगों का जीवन कठिन है तथा हर साल ऐसी आपदाएं उनके दर्द को बढ़ा रहीं हैं।उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने आश्वासन दिया है कि राज्य को राहत दी जाएगी। मैं हिमाचल प्रदेश के लिए मदद के वास्ते नयी दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों में भी जा रही हूं और जल्द ही राज्य का दौरा करूंगी।’’
- शिमला । प्रवर्तन निदेशालय- ईडी ने शुक्रवार को कहा कि उसे पता चला कि आयुष्मान भारत धोखाधड़ी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत हिमाचल प्रदेश में छापेमारी के बाद मरीजों के दावों से जुड़ी कई फाइलें 'गायब' हैं और आधिकारिक रिकॉर्ड में 'गंभीर विसंगतियां' हैं। संघीय जांच एजेंसी ने बुधवार को जांच के तहत कांग्रेस विधायक आरएस बाली, कुछ निजी अस्पतालों और उनके प्रमोटरों के परिसरों पर छापेमारी की। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बयान में कहा कि 88 लाख रुपये नकद, चार बैंक लॉकर और 140 संबंधित बैंक खाते बरामद किए गए, इसके अलावा अचल और चल संपत्तियां, खाता बही और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई), मुख्यमंत्री हिमाचल स्वास्थ्य देखभाल योजना (हिमकेयर) और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित दावों और दस्तावेजों से संबंधित जानकारी वाले मोबाइल फोन और आईपैड, हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव जैसे सोलह डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।ईडी ने दावा किया कि ''जब्त किए गए दस्तावेजों में अस्पतालों के दावों के बारे में जानकारी है, जिसमें 23,000 मरीजों के लिए 21 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन शामिल हैं। तलाशी में कई ऐसे मामले भी मिले, जिनमें सरकार को किए गए दावों और अस्पताल की फाइलों में उपलब्ध आंकड़ों में गंभीर अंतर था।" ईडी ने कहा, "यह भी पाया गया कि मरीजों के नाम पर किए गए दावों से संबंधित कई फाइलें गायब हो गई हैं।" कांगड़ा, ऊना, शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों के 20 स्थानों के अलावा दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ में परिसरों पर तलाशी ली गई। नगरोटा विधायक बाली, कांगड़ा में फोर्टिस अस्पताल (बाली की कंपनी हिमाचल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रवर्तित), कांगड़ा में बालाजी अस्पताल और इसके प्रवर्तक राजेश शर्मा, सिटी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, श्री हरिहर अस्पताल, सूद नर्सिंग होम, नीलकंठ अस्पताल और उनके प्रमुख प्रबंधन व्यक्ति डॉ. विजेंद्र मिन्हास, डॉ. प्रदीप मक्कड़, मनीष भाटिया, डॉ. मनोज सूद और डॉ. हेमंत कुमार के परिसरों की तलाशी ली गई।अधिकारियों ने बताया कि बालाजी अस्पताल के प्रमोटर शर्मा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के "करीबी सहयोगी" हैं। 16 जुलाई को दर्ज किया गया मनी लॉन्ड्रिंग का मामला जनवरी 2023 में राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से उपजा है, जिसमें किरण सोनी, ऊना स्थित श्री बांके बिहारी अस्पताल और अन्य के खिलाफ कथित तौर पर "फर्जी" एबी-पीएमजेएवाई कार्ड बनाने का आरोप लगाया गया था। ईडी ने कहा कि श्री बांके बिहारी अस्पताल, बालाजी अस्पताल, सूद नर्सिंग होम, फोर्टिस अस्पताल और श्री हरिहर अस्पताल समेत अन्य ने इस योजना का लाभ उठाया।'फर्जी आयुष्मान कार्ड की पहचान'ईडी ने कहा, "373 फर्जी आयुष्मान कार्ड की पहचान की गई, जहां उक्त आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों को दिए गए उपचार के नाम पर सरकार से प्रतिपूर्ति के लिए लगभग 40.68 लाख रुपये का दावा किया गया था।" इसमें कहा गया है कि योजना के कथित उल्लंघन के लिए राज्य में अब तक कुल 8,937 आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता जगत सिंह नेगी ने कहा था कि बाली के खिलाफ छापे भाजपा की उस हताशा का नतीजा हैं, जिससे उसे हाल ही में हुए उपचुनावों में नौ विधानसभा सीटों में से छह पर हार का सामना करना पड़ा है।
- नयी दिल्ली । दिल्ली के गोकलपुरी इलाके में सड़क पर हुए मामूली झगड़े में एक महिला की गोली मारकर हत्या करने वाले 28 वर्षीय आरोपी को शुक्रवार तड़के गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद निवासी माजिब चौधरी को मुठभेड़ के दौरान पुलिस द्वारा की गई जवाबी गोलीबारी में दोनों पैरों में गोली लगी है।उत्तर-पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त जॉय तिर्की ने बताया कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच करने के बाद आरोपी की पहचान की गई थी जिसके बाद एक टीम को उसका पता लगाने का काम सौंपा गया।उन्होंने बताया, ‘हमारी टीम को शुक्रवार तड़के 3:45 बजे सूचना मिली कि आरोपी गोकलपुरी के नाला रोड इलाके में है। तिर्की ने बताया कि चौधरी को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।उन्होंने बताया कि आरोपी के पास से एक पिस्तौल, तीन गोलियां और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई है।तिर्की ने कहा, ‘हमें सूचना मिली थी कि चौधरी अपने एक सहयोगी से मिलने के लिए गोकलपुरी में आएगा। पुलिस ने नाला रोड इलाके के पास जाल बिछाया और करीब 3:45 बजे वह मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा।’उन्होंने कहा, ‘उसे रुकने का इशारा किया गया लेकिन उसने वहां रुकने के बजाय पुलिस पर गोलियां चला दीं। चौधरी ने तीन राउंड गोलियां चलाईं, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और उसके दोनों पैरों में गोली लग गई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।”पुलिस ने बताया कि चौधरी पर हत्या समेत तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।गोकुलपुरी इलाके में 31 जुलाई, बुधवार को दो दोपहिया वाहनों के आपस में मामूली रूप से टकराने के बाद हुए मामूली झगड़े में आरोपी चौधरी ने 30 वर्षीय सिमरनजीत कौर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोकुलपुरी फ्लाईओवर पर करीब सवा तीन बजे उस दौरान यह घटना हुई जब महिला सिमरनजीत कौर अपने पति हीरा सिंह और (12 एवं चार साल के) दो बेटों के साथ जा रही थी।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को यहां कृषि अर्थशास्त्रियों के 32वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीएई) का उद्घाटन करेंगे। भारत में यह सम्मेलन 65 सालों के बाद आयोजित हो रहा है।प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।कृषि अर्थशास्त्रियों के अंतरराष्ट्रीय संगठन की ओर से आयोजित छह दिवसीय त्रैवार्षिक सम्मेलन का विषय सतत कृषि-खाद्य प्रणालियों की ओर रूपांतरण है।सम्मेलन में लगभग 75 देशों के लगभग 1,000 प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों का कम होना, बढ़ती उत्पादन लागत और संघर्षों जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में टिकाऊ कृषि की आवश्यकता से निपटना है।पीएमओ ने कहा कि सम्मेलन वैश्विक कृषि चुनौतियों के लिए भारत के सक्रिय दृष्टिकोण को रेखांकित करेगा और कृषि अनुसंधान और नीति में देश की प्रगति को प्रदर्शित करेगा।बयान में कहा गया, ‘‘आईसीएई 2024 युवा शोधकर्ताओं और प्रमुख पेशेवरों के लिए वैश्विक साथियों के साथ अपने काम और नेटवर्क को पेश करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा। इसका उद्देश्य अनुसंधान संस्थानों और विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी को मजबूत करना, राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों स्तरों पर नीति निर्माण को प्रभावित करना और डिजिटल कृषि और टिकाऊ कृषि-खाद्य प्रणालियों में प्रगति सहित भारत की कृषि प्रगति को प्रदर्शित करना है।’’
- वायनाड (केरल । केरल के वायनाड जिले में भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या 201 पर पहुंच गई है जबकि 264 लोग घायल हुए हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 82 महिलाओं और 28 बच्चों सहित 201 शव बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न शवों के 130 अंग भी बरामद किए गए हैं।विभाग ने कहा कि 116 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं।विभाग ने बताया कि इस आपदा में 264 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 176 को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, दो को अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया गया तथा 86 का जिले के विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने सोशल मीडिया पर कहा कि भूस्खलन में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के इलाज के लिए वायनाड के सरकारी अस्पतालों में आईसीयू तैयार किए गए हैं।इससे पहले दिन में, वायनाड की जिलाधिकारी मेघाश्री डी.आर. ने बताया कि शवों की शिनाख्त आनुवंशिक परीक्षण के जरिए की जा रही है।केरल के एडीजीपी एम.आर. अजित कुमार ने सुबह कहा था कि लगभग 300 लोग अब भी लापता हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, वायनाड में 9,328 लोग 91 राहत शिविरों में रह रहे हैं।
- कोल्लम (केरल),। वायनाड भूस्खलन हादसे के बाद व्यवसायी, मशहूर हस्तियां और संस्थाएं मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में लाखों-करोड़ों रुपये दान देने में जुटी हैं.। इसी के बीच पीड़ितों की मदद के लिए एक चाय की दुकान चलाने वाली बुजुर्ग महिला भी आगे आई है.। बुजुर्ग महिला ने अपनी सारी कमाई और पेंशन उन लोगों के लिए दान कर दी हैं जो इस हादसे में अपना सब कुछ खो चुके हैं । . वायनाड भूस्खलन में 190 लोगों की मौत हो चुकी है। . कोल्लम जिले के पल्लीथोट्टम निवासी सुबैदा अपना और अपने पति का पेट पालने के लिए एक छोटी सी चाय की दुकान चलाती हैं। . उन्होंने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) को 10 हजार रुपए दान किए हैं. । उन्होंने अपनी चाय की दुकान से होने वाली मामूली आय और दंपति को मिलने वाली कल्याणकारी पेंशन से धनराशि दान की है।उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कुछ दिन पहले ब्याज चुकाने के लिए बैंक से राशि निकाली थी., लेकिन फिर हमने टीवी पर देखा कि वायनाड भूस्खलन में अपना सब कुछ खो चुके लोगों की मदद के लिए सभी से योगदान मांगा जा रहा है.। ’’ उन्होंने एक टीवी चैनल पर कहा, ‘‘मेरे पति ने तुरंत मुझसे कहा कि मैं जाकर जिलाधिकारी को रुपये दे दूं.। उन्होंने कहा कि इस समय लोगों की मदद करना अधिक जरूरी है। , ब्याज तो बाद में भी चुकाया जा सकता है। . इसलिए मैंने जिलाधिकारी कार्यालय जाकर रुपये जमा करा दिए। मैं वायनाड जाकर मदद नहीं कर सकती.। ’’ सुबैदा ने आगे कहा कि अगर उसने रुपये जमा किए और उसके साथ कुछ हो जाता है, तो न ही ब्याज का भुगतान किया जा सकेगा और न ही उस राशि से किसी की मदद की जा सकेगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह तरीका बेहतर है।उन्होंने बताया कि इससे पहले उन्होंने बाढ़ राहत प्रयासों के लिए धन दान करने को अपनी चार बकरियां बेच दी थीं. उन्होंने कहा कि हालांकि, कई लोगों ने उनके निस्वार्थ कार्य की आलोचना की है.। उन्होंने कहा, ‘‘जब से लोगों ने मेरे काम के बारे में सुना है। कई लोग यहां आए और कहने लगे कि तुमने अपनी कमाई बदमाशों को क्यों दी? उन्होंने कहा कि मैं यहां लोगों को रुपये दे सकती थी। क्या यहां लोगों को रुपये देना ज्यादा महत्वपूर्ण है या वायनाड में लोगों की मदद करना?’’ file photo
- रोहतक। हरियाणा के रोहतक में मोबाइल हॉटस्पॉट शेयर करने से मना करने पर आरोपी पति ने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से हत्या कर दी.। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है.। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया.। यह मामला 30 जुलाई का है.।बहुअकबरपुर थाने के एसआई जयभगवान ने बताया कि रोहतक के मदीना गांव में पति द्वारा पत्नी की हत्या का मामला सामने आया है.। जांच में पाया गया कि आरोपी पति ने गुस्से में आकर इस घटना को अंजाम दिया।.आरोपी अजय कुमार 30 जुलाई को घर पर मोबाइल चला रहा था।. उसके मोबाइल का डेटा खत्म होने के बाद उसने अपनी पत्नी रेखा से मोबाइल हॉटस्पॉट ऑन करने को कहा.। उस समय रेखा पशुओं का गोबर उठा रही थी और उसने कहा कि वह बाद में हॉटस्पॉट ऑन करेगी।. इस पर आरोपी अजय गुस्से में आ गया और उसने धारदार हथियार से रेखा पर हमला कर दिया.।हमले में रेखा की मौके पर ही मौत हो गई।. घटना के बाद आरोपी पति फरार हो गया, लेकिन रेखा के परिजनों की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.। पुलिस ने आरोपी पति को मदीना गांव से ही गिरफ्तार किया.।
- हापुड़ (उप्र),। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हापुड़ में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दो कांवड़ियों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ये कांवडिए गाजियाबाद से थे और गंगाजल लेने के लिए हापुड़ के ब्रजघाट जा रहे थे।.पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और यह बाबू गढ़ इलाके में राजमार्ग पर पलट गई। दुर्घटना के समय ट्रॉली में 20 से अधिक कांवड़िये सवार थे। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में घायल हुए लोगों को पुलिस वाहन से अस्पताल ले जाया गया.। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल कुछ कांवड़ियों को इलाज के ?लिए मेरठ रेफर कर दिया गया है।बाबू गढ़ थाने के प्रभारी विजय गुप्ता ने बतायाा, ‘‘पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उचित उपचार के लिए मेरठ रेफर कर दिया गया.।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ दो युवकों सौरभ और चिराग की इलाज के दौरान मौत हो गई.’।’ शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
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नयी दिल्ली. जुलाई में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद देश में बिजली की खपत पर असर पड़ा है और यह सालाना आधार पर सिर्फ 3.5 प्रतिशत बढ़कर 145.40 अरब यूनिट रही है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई, 2023 में देश की बिजली खपत 140.41 अरब यूनिट रही थी।
एक दिन में बिजली की सर्वाधिक मांग पिछले महीने बढ़कर 226.63 गीगावाट हो गई जबकि एक साल पहले समान महीने में यह 208.95 गीगावाट थी। एक दिन में बिजली की सर्वाधिक मांग ने इस साल मई में रिकॉर्ड बनाया था। भीषण गर्मी के दौर में एक दिन की सर्वाधिक बिजली मांग 250.20 गीगावाट रही थी। पिछला रिकॉर्ड सितंबर, 2023 में 243.27 गीगावाट का था। इस साल की शुरुआत में बिजली मंत्रालय ने मई में दिन के समय 235 गीगावाट और शाम के समय 225 गीगावाट की बिजली मांग रहने का अनुमान जताया था। वहीं जून, 2024 के लिए यह अनुमान दिन के समय 240 गीगावाट और शाम के समय 235 गीगावाट का था। इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा था कि इस साल गर्मियों में अधिकतम बिजली की मांग 260 गीगावाट तक पहुंच सकती है। हालांकि, देश में मानसून की शुरुआत के साथ, उपभोक्ताओं को चिलचिलाती गर्मी और उमस से राहत मिली। इससे एयर कंडीशनर और बड़े कूलर जैसे उपकरणों के इस्तेमाल की कम जरूरत पड़ी। इससे देश में बिजली की खपत में कमी आई हालांकि, विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून के समय अधिक नमी होने से एयर कंडीशनर का इस्तेमाल जरूरी हो जाता है लिहाजा आने वाले दिनों में बिजली की मांग और खपत स्थिर रहेगी। -
जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर के विश्वकर्मा थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह एक मकान के बेसमेंट में बारिश का पानी घुसने से एक नाबालिग समेत तीन लोगों की डूबने से मौत हो गयी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता के निर्देश दिये। अधिकारियों ने बताया कि कई घंटों तक चले बचाव अभियान के बाद शव बरामद किए गए। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अमित कुमार ने बताया कि घर के बेसमेंट में पानी घुसने के बाद परिवार के सदस्यों ने अपना सामान निकालना शुरू कर दिया। इस दौरान दो परिवारों के तीन लोग बेसमेंट में पानी भर जाने के कारण फंस गए। अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान शुरू किया गया और बारिश के पानी को बाहर निकालने के लिए मड पंप लगाए गए। उन्होंने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक टीम द्वारा कमल शाह (23), पूजा सैनी (19) और उसकी रिश्तेदार पूर्वी सैनी (6) के शव बरामद करने के बाद अभियान समाप्त हो गया। ये सभी बिहार के रहने वाले थे। पुलिस ने बताया कि घर के बेसमेंट तक जाने वाला रास्ता संकरा और गहरा था।
इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा राहत कोष से चार लाख रुपए तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपए देने की स्वीकृति दी गई है। दूसरी ओर, क्षेत्र में ऐसे ही घरों के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे बारिश के दौरान अपने बेसमेंट में न रहें। पुलिस ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए कांवटिया सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। बुधवार रात से शुरू हुई भारी बारिश के कारण जयपुर शहर के अधिकांश इलाकों में जलभराव हो गया, जो सुबह तक जारी रहा। जयपुर मौसम केन्द्र के अनुसार, जयपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, अलवर, चूरू, भरतपुर, टोंक, सीकर, हनुमानगढ़, धौलपुर, नागौर और झुंझुनू में बृहस्पतिवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केन्द्र के प्रवक्ता ने बताया कि इस अवधि में जयपुर में सबसे अधिक 173 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजधानी के कई हिस्सों में सड़कों और रिहायशी इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया, जिससे आवागमन में काफी दिक्कतें हुईं। जयपुर हवाईअड्डा टर्मिनल भवन के बाहर भी बारिश का पानी जमा हो गया। जयपुर के जिलाधिकारी प्रकाश राज पुरोहित ने विश्वकर्मा क्षेत्र, सीकर रोड और जयपुर हवाईअड्डा जैसे बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा किया और अधिकारियों को स्थिति के अनुसार आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए। जयपुर में बुधवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। -
नयी दिल्ली. भारत में अगस्त और सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, जबकि अगस्त के अंत तक अल-नीना की अनुकूल स्थितियां देखने को मिल सकती हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भारत में कृषि के लिए मानसून बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कुल खेती योग्य भूमि का 52 प्रतिशत हिस्सा बारिश पर निर्भर है। आईएमडी ने बताया कि भारत में अगस्त और सितंबर के दौरान 422.8 मिमी की दीर्घावधि औसत का 106 प्रतिशत वर्षा होगी। देश में एक जून से अब तक 453.8 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 445.8 मिमी होती है। यह सामान्य बारिश से दो प्रतिशत अधिक है क्योंकि जून में सूखा रहने के बाद जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश हुई। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने ऑनलाइन आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों, पूर्वी भारत से सटे हिस्से, लद्दाख, सौराष्ट्र और कच्छ तथा मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। आईएमडी प्रमुख ने अगस्त-सितंबर में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में कम बारिश होने का अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
महापात्र ने कहा, "गंगा के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और भारत के दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है। भारत में जुलाई में सामान्य से नौ प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि मध्य क्षेत्र में 33 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि मध्य भारत के हिस्सों में अच्छी बारिश हुई, जिससे कृषि को लाभ हो रहा है। मध्य भारत कृषि के लिए मानसून की वर्षा पर बहुत अधिक निर्भर है।
आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में कम बारिश हुई है। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 35 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है। -
नयी दिल्ली.मॉनसून का मौसम करीब आधा बीत चुका है और भारत के मौसम संबंधी 36 उपखंडों में से 25 प्रतिशत में कम बारिश दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में देश में सामान्य यानी 280.5 मिमी से नौ प्रतिशत अधिक बारिश हुई जो 306.6 मिमी है। एक जून से 445.8 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 453.8 मिमी वर्षा हुई, जो दो प्रतिशत अधिक है। जुलाई में बारिश असमान रही। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश में काफी कमी दर्ज की गई। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश में कमी 35 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक रही। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 13 उपखंडों में औसत से अधिक बारिश, 14 में सामान्य और नौ में कम बारिश दर्ज की गई। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा की कमी 30 जून को 13.3 प्रतिशत से बढ़कर 31 जुलाई को 19 प्रतिशत हो गई, तथा इस क्षेत्र में मानसून सीजन में अब तक 752.5 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले 610.2 मिमी वर्षा हुई। उत्तर-पश्चिम भारत में जुलाई में 182.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 209.7 मिमी बारिश होती है। इसमें 13 प्रतिशत की कमी आई। इस क्षेत्र में इस मानसून सीजन में अब तक 235 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर 287.8 मिमी बारिश होती है, यानी 18 प्रतिशत की कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, मध्य भारत में जुलाई में सामान्य से 33 प्रतिशत अधिक यानी 427.2 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 321.3 मिमी बारिश होती है। इस क्षेत्र में इस मानसून सीजन में अब तक 574.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर 491.6 मिमी बारिश होती है। दक्षिणी प्रायद्वीप में जुलाई में 36 प्रतिशत अधिक यानी 279.2 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 204.5 मिमी बारिश होती है। कुल मिलाकर, इस मानसून सीजन में अब तक 463.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर 365.5 मिमी बारिश होती है। इस प्रकार 27 प्रतिशत अधिक बारिश हुई।
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वायनाड. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बृहस्पतिवार को कहा कि वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित मुंडक्कई क्षेत्र में बचाव अभियान अभी कुछ और दिन तक जारी रहेगा। विजयन ने बचाव प्रयासों के समन्वय के लिए चार मंत्रियों वाली एक मंत्रिमंडीय उपसमिति भी गठित की। चारों मंत्री बचाव अभियान में समन्वय के लिए वायनाड में ही ठहरेंगे।
वायनाड में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिसके परिणास्वरूप अब तक 173 लोगों की मौत हो चुकी है।
विजयन ने सर्वदलीय बैठक के बाद बचावकर्मियों, खासकर भारतीय सेना के प्रयासों की प्रशंसा की और संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने (बचावकर्मियों ने) सराहनीय काम किया है। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि सेना के जवानों के मुताबिक मलबे से जिन लोगों को बचाया जा सकता था, उन्हें बचा लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “बहुत सारे लोग लापता हैं। हमने क्षेत्र के कई हिस्सों से बहुत सारे शव बरामद किए हैं। बचावकर्मियों ने चालियार नदी से कई शव बरामद किए हैं। कई शवों के अंग भी बरामद किए गए हैं।” उन्होंने कहा कि बचाव कार्य में अभी कुछ और दिन लगेंगे।
विजयन ने कहा, ‘‘यह बचाव प्रयास ऐसा नहीं है, जो चंद दिन में पूरा हो जाएगा। अब भी 12 मंत्री वायनाड में डेरा डाले हुए हैं। सर्वदलीय बैठक में अब फैसला लिया गया है कि बचाव अभियान में समन्वय के लिए चार मंत्री यहीं रहेंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व मंत्री के. राजन, वन मंत्री ए के ससींद्रन, पीडब्ल्यूडी एवं पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियास और एससी/एसटी विभाग के मंत्री ओआर केलू वायनाड में रहेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कई लोग अब भी लापता हैं और बड़ी मात्रा में मिट्टी जमा होने के कारण खोज अभियान शुरू करना शुरू में मुश्किल था। विजयन ने कहा, “शुरू में, बचाव अभियान के लिए बड़ी मशीनें ले जाना संभव नहीं था। लेकिन अब जब सेना बेली ब्रिज का निर्माण पूरा कर लेगी तो अभियान आसान हो जाएगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि संवाददाताओं सहित वे लोग जो परिवारों से मिलना चाहते हैं, वे शिविरों के बाहर ही रुकें ताकि दूसरों की निजता प्रभावित न हो। विजयन जल्द ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने वाले हैं। -
शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में रामपुर उपमंडल के झाखारी इलाके में बृहस्पतिवार सुबह बादल फटने के बाद 30 से अधिक लोग लापता हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि सड़कें बह गयी हैं और इलाके में एक जल विद्युत परियोजना भी क्षतिग्रस्त हो गयी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, पुलिस और होम गार्ड ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। कश्यप ने बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
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लातेहार. झारखंड के लातेहार जिले में बृहस्पतिवार तड़के पांच कांवड़ियों की करंट लगने से मौत हो गई जबकि तीन अन्य झुलस गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार कांवड़ियों का वाहन तेज वोल्टेज वाले तार के संपर्क में आया जिससे यह हादसा हुआ।
उसने बताया कि यह हादसा बालूमथ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तम तम टोला में तड़के करीब तीन बजे हुआ। तीर्थयात्री देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर से लौट रहे थे तभी उनका वाहन बिजली के खंभे से टकरा गया। बालूमथ के उप-मंडल पुलिस अधिकारी आशुतोष कुमार सत्यम ने बताया,‘‘ तेज वोल्टेज वाला तार उनके वाहन पर गिर गया, जिससे पांच लोगों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य झुलस गए।'' पुलिस ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। -
एससी, एसटी और ओबीसी को सर्वाधिक लाभ हुआ
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए हैं जिनका सबसे ज्यादा फायदा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों और महिलाओं को हुआ है। पार्टी सांसद तेजस्वी सूर्या ने वर्ष 2024-25 के लिए शिक्षा मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर लोकसभा में चर्चा की शुरुआत करते हुए यह आरोप भी लगाया कि अनुसूचित जातियों (एसी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) की सबसे बड़ी विरोधी कांग्रेस है जिसने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, ‘‘बहुआयामी सुधारो के कारण शिक्षा में व्यापक सुधार हुआ है...आजादी के बाद अटल बिहारी वाजपेयी सरकार को छोड़कर हर सरकार में शिक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज किया गया था, लेकिन मोदी सरकार में इसे प्रमुखता दी गई।'' सूर्या के अनुसार, पहले की सरकारों के समय ऐसे पाठ्यक्रम थे जिनके कारण मानव संसाधन की गुणवत्ता कम रही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में शिक्षा के बजट में 78 प्रतिशत का इजाफा किया गया है।
भाजपा सांसद ने कहा कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे में बढ़ोतरी हुई है तथा 390 नए विश्वविद्यालयों का निर्माण किया गया है। उनके मुताबिक, उच्च शिक्षा में दाखिला बढ़ने का सबसे ज्यादा फायदा दलित, आदिवासी, ओबीसी तथा महिलाओं को हुआ है। उनका कहना था कि अगर मंडल आयोग की सिफारिशें लागू नहीं होती और मोदी सरकार का प्रयास नहीं होता तो उच्च शिक्षा में दलित, ओबीसी और महिलाओं के दाखिले में इतनी बढ़ोतरी नहीं होती। सूर्या ने दावा किया कि कांग्रेस से जुड़े एक नेता, जो देश के प्रधानमंत्री भी रहे, उन्होंने 1990 के दशक में मंडल आयोग की सिफारिशों का विरोध किया था। भाजपा सांसद ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने मातृभाषा में पढ़ाई कराने की व्यवस्था की है, जो पहले की सरकारों में नहीं हुआ था।
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मुंबई. ओलंपिक कांस्य पदक विजेता स्वप्निल कुसाले के माता पिता ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें यकीन था कि उनका बेटा तिरंगे और देश के लिये पदक जीतेगा । स्वप्निल के पिता ने कोल्हापूर में पत्रकारों से कहा ,‘‘ हमने उसे उसके खेल पर फोकस करने दिया और कल फोन भी नहीं किय । उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले दस बारह साल से वह घर से बाहर ही है और अपनी निशानेबाजी पर फोकस कर रहा है । उसके पदक जीतने के बाद से हमें लगातार फोन आ रहे हैं ।'' स्वप्निल की मां ने कहा ,‘‘ वह सांगली में पब्लिक स्कूल में था जब निशानेबाजी में उसकी रूचि जगी । बाद में वह ट्रेनिंग के लिये नासिक चला गया ।


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