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नयी दिल्ली. भारत की संघीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ने एक नए परामर्श में कहा कि हाल में ऐसी घटनाओं में वृद्धि हुई है जिसमें स्कैमर हाई-प्रोफाइल लोगों और सरकारी संगठनों के सोशल मीडिया खातों को अपने नियंत्रण में कर दुष्प्रचार अभियान चलाते हैं। ‘इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम' (सीईआरटी-इन) ने कहा कि ऐसे खातों की प्रतिष्ठा की रक्षा करने के लिए उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है और उसने सोशल मीडिया खातों से ‘‘छेड़छाड़'' पर नजर रखने के लिए कुछ कदम उठाने का भी सुझाव दिया। परामर्श में कहा गया है, ‘‘आज की दुनिया में सोशल मीडिया जनमत बनाने और सूचना फैलाने में अहम भूमिका निभाता है। ये मंच व्यक्तियों, सरकारों और उद्यमों के लिए आवश्यक और संचार तथा सामाजिक गतिविधियों के लिए एक शक्तिशाली माध्यम बन गए हैं।'' इसमें कहा गया है, ‘‘हालांकि, सोशल मीडिया के व्यापक प्रभाव के साथ सुरक्षा खतरे भी हैं। सोशल मीडिया खातों के दुरुपयोग को रोकने, और विश्वसनीय सूचना के प्रसार के लिए उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है।'' सीईआरटी-इन साइबर हमलों का मुकाबला करने और भारतीय इंटरनेट जगत की रक्षा करने के लिए एक राष्ट्रीय सुरक्षा इकाई है। उसने कहा, ‘‘हाल की प्रवृत्ति में ऐसी घटनाओं में वृद्धि हुई है जिसमें स्कैमर और खतरा पहुंचाने वाले लोग हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों, सरकारी संगठनों और उद्यम से जुड़े सोशल मीडिया खातों पर नियंत्रण कर लेते हैं।'' सीईआरटी-इन ने कहा कि इन खातों से छेड़छाड़ कर अक्सर इनका इस्तेमाल दुष्प्रचार अभियान, धोखाधड़ी और अन्य दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के लिए किया जाता है जिससे प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है।
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नयी दिल्ली. बच्चों से दुष्कर्म के मामले वर्ष 2016 से 2022 के बीच 96 फीसदी बढ़े हैं, जिनमें सभी प्रकार के प्रवेशन हमले (पेनिट्रेटिव असॉल्ट) शामिल हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर बाल अधिकार से जुड़े एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘सीआरवाई' ने यह दावा किया है। इस बढ़ोतरी के संभावित कारणों पर चर्चा करते हुए ‘चाइल्ड राइट्स एंड यू' (सीआरवाई) में अनुसंधान और ज्ञान विनिमय के निदेशक शुभेंदु भट्टाचार्जी ने कहा कि बेहतर जन जागरूकता के कारण बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के अधिक मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि समर्पित हेल्पलाइन, ऑनलाइन पोर्टल और विशेष एजेंसियों के माध्यम से बढ़ी हुई पहुंच के साथ-साथ शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था के प्रति बढ़े हुए विश्वास ने पीड़ितों और उनके परिवारों को आगे आने और ऐसे मामलों की शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया है। सीआरवाई द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला कि वर्ष 2020 को छोड़कर, 2016 के बाद से बलात्कार की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। अकेले 2021 और 2022 के बीच, ऐसे मामलों में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारतीय दंड संहिता और विशेष तथा स्थानीय कानूनों के तहत आने वाले सभी प्रकार के प्रवेशन हमलों को शामिल करते हुए की गई एक विस्तृत पड़ताल के मुताबिक 2016 से 2022 के बीच कुल वृद्धि 96.8 प्रतिशत रही।
सीआरवाई ने बताया कि अकेले 2022 में बाल दुष्कर्म और प्रवेशन हमलों के 38,911 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 में दर्ज 36,381 मामलों से अधिक हैं। वर्ष 2020 के लिए यह संख्या 30,705 और 2019 के लिए 31,132 थी। वर्ष 2018 में 30,917 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2017 में 27,616 मामले दर्ज किए गए। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2016 में 19,765 मामले दर्ज किए गए। भट्टाचार्जी ने शिकायत दर्ज कराने के प्रति सकारात्मक रुझान का श्रेय हाल के कानूनी सुधारों और नीतिगत बदलावों को दिया, जिनका उद्देश्य बच्चों को निशाना बनाने वाले यौन अपराधों के खिलाफ कानूनों को मजबूत करना है। उन्होंने हाई-प्रोफाइल मामलों के व्यापक मीडिया कवरेज और सहायक वातावरण बनाने में समुदायों और नागरिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी द्वारा निभाई गई भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाल यौन शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करने और उसका समाधान करने के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में धीरे-धीरे आए बदलाव ने ‘मौन रहने की संस्कृति' को तोड़ने में योगदान दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘बाल यौन शोषण के बारे में खुली बातचीत को प्रोत्साहित करने से पीड़ितों को सामाजिक आलोचना और कलंक के डर के बिना बोलने और दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने की ताकत मिलती है।'' हर साल एनसीआरबी अपराध के आंकड़े जारी करता है, जो भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (पॉक्सो) अधिनियम जैसे विशेष कानूनों के तहत दर्ज अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
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रांची. दिल्ली के विभिन्न इलाकों से हाल ही में 14 नाबालिगों सहित झारखंड की 19 लड़कियों को बचाया गया है। एक आधिकारिक बयान में रविवार को यह जानकारी दी गई। बयान के मुताबिक, इस बचाव अभियान से कुछ दिन पहले ही झारखंड के साहेबगंज जिले से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। बचाई गई लड़कियों की उम्र 12 से 18 साल के बीच है और सभी साहेबगंज के बोरियो ब्लॉक की रहने वाली हैं।
बयान में कहा गया है कि एकीकृत पुनर्वास-सह-संसाधन केंद्र, नयी दिल्ली के नोडल अधिकारी नचिकेता को 23 जनवरी को सूचना मिली थी कि तस्कर बोरियो ब्लॉक से कई लड़कियों को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले आए हैं। विज्ञप्ति के मुताबिक, तस्करों की गिरफ्तारी के बाद साहेबगंज के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने गिरफ्तार आरोपियों के घरों से बरामद दस्तावेजों के साथ एक टीम दिल्ली भेजी। इसमें कहा गया है कि दस्तावेजों में मिली जानकारी के आधार पर एक बचाव अभियान चलाया गया और लड़कियों को राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न स्थानों से मुक्त कराया गया। -
तिरुवनंतपुरम. केरल सरकार ने रविवार को राज्य में 60,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के वेतन में 1,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की घोषणा की। वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल ने कहा कि ऐसी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के वेतन में एक हजार रुपये की वृद्धि की जाएगी, जो कि 10 साल से अधिक समय से सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि अन्य लोगों के वेतन में 500 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी।
वेतन वृद्धि का लाभ क्षेत्र की कुल 60,232 कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलेगा।
वर्तमान में, राज्य में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को क्रमशः 12,000 रुपये और 8,000 रुपये का मासिक वेतन मिलता है। बयान के अनुसार वे दिसंबर, 2023 से संशोधित वेतन के लिए पात्र होंगी। बयान में कहा गया है कि राज्य में एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत 33,115 आंगनवाड़ी केंद्र हैं। -
नयी दिल्ली. स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की सोच की जटिलताओं पर बात करने वाली पुस्तक ‘बीइंग हिंदू, बीइंग इंडियन' उनके राष्ट्रवादी विचारों की पहली बार व्यापक समीक्षा करने का दावा करती है। राय की 159वीं जयंती के अवसर पर घोषणा की गई कि उनके जीवन पर आधारित पुस्तक ‘बीइंग हिंदू, बीइंग इंडियन' का अगले महीने विमोचन किया जाएगा। यह पुस्तक पाठकों से ‘‘इतिहास, राजनीति, धार्मिक पहचान और राष्ट्रीयता के बारे में और गहराई से सोचने के प्रवेश द्वार'' के तौर पर राय के विचारों को समझने का अनुरोध करती है। इस पुस्तक को इतिहासकार वान्या वैदेही भार्गव ने लिखा है और ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया' (पीआरएचआई) ने इसे प्रकाशित किया है। लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को पंजाब प्रांत में हुआ था। भारत के प्रमुख स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राय को ‘पंजाब केसरी' भी कहा जाता था। वर्ष 1928 में साइमन कमीशन के विरोध में हिस्सा लेने के दौरान लाठीचार्ज में घायल होने के बाद 17 नवंबर 1928 को उनका निधन हो गया। भार्गव ने कहा, ‘‘इस पुस्तक में राय को उसी रूप में पेश किया गया है जो वह थे: राष्ट्रीयता के विविध विचारों का स्रोत। उन्होंने अपनी बात को पुष्ट करने के लिए विस्तार से बताया कि किस प्रकार हिंदुत्व के विपरीत, राय के हिंदू राष्ट्रवाद ने ‘‘एक व्यापक ‘भारतीय' राष्ट्र में हिंदू और मुस्लिम ‘राष्ट्रीयताओं' के अंततः एकीकरण की कल्पना की।
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अयोध्या (उप्र) .अयोध्या में भगवान श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद यहां रोजगार की अपार संभावनाएं दिखने लगी हैं और इस शहर के युवा भविष्य में मिलने वाले अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं। देश की शीर्ष अदालत ने 2019 में जब अपने ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या के विवादित स्थान पर राम मंदिर के निर्माण का आदेश दिया था, तब दिलीप पांडेय दिल्ली में एक कपड़ा फर्म में दर्जी का काम करते थे। अयोध्या के मूल निवासी, पांडेय 2020 में कोविड-19 की पहली लहर में अपने घर लौट आए थे और तभी उन्होंने अवसर को भांप लिया था तथा कभी वापस न लौटने का फैसला किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्री रामलला के बाल स्वरूप के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा हुई और अब लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन के लिए यहां उमड़ रहे हैं। दिलीप पांडेय वर्तमान में एक छोटी परिवहन कंपनी संचालित करते हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों से अयोध्या आने वाले लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराती है। नवनिर्मित राम मंदिर के उद्घाटन के साथ पांडेय (28) ने अब अयोध्या आने वाले भक्तों की भीड़ की जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यवसाय का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
पांडेय ने कहा, वर्तमान में मेरे पास तीन मध्यम आकार की वैन हैं, जिन्हें आगंतुक अयोध्या के चारों ओर यात्रा करने के लिए किराये पर लेते हैं। भक्तों की संख्या में वृद्धि के साथ, मैंने भक्तों के लिए दो एसयूवी खरीदने के लिए ऋण लेने की योजना बनाई है।" हालांकि पढ़ाई में रुचि होने के बावजूद उन्होंने नौकरी शुरू करने के लिए अयोध्या में कॉलेज के प्रथम वर्ष की पढ़ाई छोड़ दी। उन्होंने कहा, "कुछ साल पहले अयोध्या हमारे लिए कुछ पुराने मंदिरों से ज्यादा कुछ नहीं थी। मुझे यहां कोई अवसर नहीं दिख रहा था इसलिए काम की तलाश में यह जगह छोड़ने का फैसला किया। मुझे लगता है कि अब स्थिति बदल गई है।" पांडेय की तरह, मंदिर शहर के युवा भविष्य में मिलने वाले अवसर को देखते हैं और यहां इसका लाभ उठाना चाहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सेवा उद्योग में विशेष रूप से पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में अवसर मौजूद हैं। स्थानीय लोगों को इसकी संभावना तब दिखी, जब प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के अगले दिन मंगलवार (23 जनवरी) को दुनिया भर से पांच लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार, सप्ताह के अंत तक आगंतुकों की संख्या 10 लाख तक पहुंच गई। इस शहर के अधिकांश होटलों के कमरे मार्च तक आरक्षित हो गये हैं, जिससे विभिन्न हिस्सों से आने वाले लोगों को आसपास के जिलों बाराबंकी, बस्ती और यहां तक कि लखनऊ और गोरखपुर में आवास की तलाश करनी पड़ रही है। आगंतुकों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए उप्र सरकार के श्रम और रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने कहा, "अयोध्या अगले पांच वर्षों में आतिथ्य क्षेत्र से संबंधित लगभग पांच लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेगा।
राजभर ने कहा, "नौकरियों के अलावा युवाओं के लिए उद्यमी बनने और आगंतुकों या उनसे जुड़े उद्योगों की मांगों को पूरा करने के लिए छोटी कंपनियां स्थापित करने की भी बड़ी संभावना है।" मंत्री ने भरोसा दिया कि राज्य का श्रम और रोजगार विभाग युवाओं को रोजगार की सुविधा प्रदान करने के लिए अयोध्या में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि "कर्मचारियों की आवश्यकता के संबंध में हम एक दर्जन से अधिक बड़े होटल ब्रांडों के साथ बातचीत कर रहे हैं जो या तो परिचालन में हैं या अगले कुछ वर्षों में परिचालन शुरू करेंगे। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन जल्द ही विभिन्न स्थानों पर तदर्थ आधार पर लोगों को नियुक्त करने के लिए अभियान चलाएगा।'' बीए अंतिम वर्ष के छात्र प्रभात गोंड, अयोध्या में फोटोग्राफी की एक छोटी दुकान चलाते हैं। उन्होंने इसे पिछले साल शौक के तौर पर शुरू किया था, लेकिन अब उनके पास पांच लोगों की टीम है। गोंड ने बताया, ‘‘हमारे पास मेरे और एक फोटो संपादक सहित चार फोटोग्राफर हैं। हम मुख्य रूप से बाहर से आने वाले आगंतुकों पर ध्यान केंद्रित करते हैं और उन्हें फोटो और वीडियो से संबंधित सेवाएं प्रदान करते हैं।'' पिछले साल स्नातक (विज्ञान) करने वाले संदीप तिवारी ने एक होटल प्रबंधन पाठ्यक्रम में दाखिला लिया है और पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद एक होटल में शामिल होना चाहते हैं। तिवारी की तरह, अयोध्या में कामता प्रसाद सुंदरलाल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के कई स्नातक छात्रों ने सेवा क्षेत्र के लिए खुद को तैयार करने के लिए स्पोकन इंग्लिश, आतिथ्य और यहां तक कि टूर ऑपरेटर के पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया है।
कॉलेज से बीएससी स्नातक विद्यांत सिंह ने कहा, मेरे एक रिश्तेदार एक टूर कंपनी के मालिक हैं और उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो विदेशी पर्यटकों के साथ अंग्रेजी में बातचीत कर सके। इसलिए मैंने कंपनी में शामिल होने के लिए छह महीने के स्पोकन इंग्लिश कोर्स में दाखिला लिया है।" कई युवाओं को शहर में आधिकारिक गाइड समेत विभिन्न क्षेत्रों में अंशकालिक रोजगार तत्काल मिला है। उन्नीस साल का ध्रुव शुक्ला भी गाइड का काम करता है, साथ ही वह श्रद्धालुओं को अन्य मंदिर भी लेकर जाता है। शुक्ला ने कहा, "मैं लता मंगेशकर चौक से आगंतुकों को ले जाता हूं और राम मंदिर में पूजा करने के बाद उन्हें हनुमानगढ़ी तथा अन्य मंदिरों के दर्शन कराता हूं।'' शुक्ला आगंतुकों के प्रति समूह से 500 से 1000 के बीच शुल्क लेते हैं। एक कॉलेज छात्र, शुक्ला ने पर्यटकों के लिए पूर्णकालिक गाइड बनने से पहले अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने की योजना बनाई है।
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जयपुर. राजस्थान में 15 फरवरी को ‘सूर्य सप्तमी' पर सभी सरकारी स्कूलों में सामूहिक ‘सूर्य नमस्कार' कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष मोदी ने एक आदेश जारी कर सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को सुबह की प्रार्थना में ‘सूर्य नमस्कार' कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य 15 फरवरी को सभी स्कूलों में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा सामूहिक ‘सूर्य नमस्कार' आयोजित करके विश्व रिकॉर्ड बनाना है। मोदी ने बताया, ‘‘स्कूलों में ‘सूर्य नमस्कार' का अभ्यास पहले ही शुरू हो चुका है। सभी छात्रों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने माता-पिता और शिक्षकों के साथ ‘सूर्य नमस्कार' करें।'' उन्होंने कहा कि आयोजन ‘सूर्य सप्तमी' पर एक दिन के लिए किया जा रहा है और अगर सरकार निर्देश देगी तो ‘सूर्य नमस्कार' के स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए इसे नियमित अभियान बनाने के लिए आगे आदेश जारी किए जाएंगे। मोदी ने कहा कि 23 जनवरी को जारी आदेश में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शिक्षकों और छात्रों को योग्य प्रशिक्षकों द्वारा ‘सूर्य नमस्कार' का प्रशिक्षण दिया जाए। निदेशक ने कहा कि 15 फरवरी को सभी स्कूलों में छात्र, अभिभावक, शिक्षक, ग्रामीण एक साथ ‘सूर्य नमस्कार' कर ‘‘विश्व रिकॉर्ड'' बनाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा अधिकारियों को 15 फरवरी को दोपहर दो बजे तक प्रतिभागियों की संख्या के बारे में अद्यतन जानकारी भेजने के लिए भी कहा गया है।
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बरेली (उप्र). जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर कस्बा फरीदपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की घर में लगी आग में जिंदा झुलसकर मौत हो गयी। मरने वालों में तीन बच्चे भी शामिल थे। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले पर गहरा दुख प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। पुलिस के अनुसार अजय गुप्ता उर्फ टिंकल पेशे से हलवाई थे और वह अपने परिवार के साथ तीन वर्ष से फरीदपुर के मोहल्ला फर्रखपुर में एक रिश्तेदार के मकान में किराए पर रहते थे। शनिवार रात सभी लोग एक ही कमरे में सोए थे। तड़के पड़ोसियों ने घर से धुआं निकलता देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था और ताला लगा हुआ था। पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुई। अंदर पांच शव झुलसी हुई अवस्था में पड़े थे। कमरे में रखा सारा सामान जल चुका था।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन व रिश्तेदार पहुंच गए। पुलिस के अनुसार घटना शनिवार-रविवार रात की है। रविवार सुबह सूचना मिलने पर बरेली के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) घुले सुशील चंद्रभान भी घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पर मौजूद एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि फरीदपुर कस्बे में अजय गुप्ता उर्फ टिंकल (38), पत्नी अनीता (36), बेटा दिव्यांश (नौ), बेटी दिव्यांका (छह) और सबसे बेटा दक्ष (तीन) की जिंदा जलकर मौत हो गयी। एसएसपी ने बताया कि गुप्ता के घर में बाहर से ताला लगा हुआ था और प्रतीत होता है कि घटना के वक्त सभी पीड़ित घर के अंदर ही थे। पुलिस घटना के संबंध में गंभीरता से हर पहलू से जांच कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बरेली जिले में अग्निकांड में हुई जनहानि पर गहरा दुख प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्री राम से दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की है।'' जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। मृतकों के दाह संस्कार का पूरा खर्च जिला प्रशासन वहन करेगा।
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फिरोजाबाद (उप्र)। जिले के टूंडला थाना क्षेत्र में एक बेटे ने अपनी मां की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार फिरोजाबाद जिले के टूंडला थाना क्षेत्र के मोहम्मदाबाद में शनिवार देर रात एक युवक ने अपनी मां सुशीला देवी (50) को बुरी तरह पीटा। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां रविवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। टूंडला के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अन्वेष कुमार ने बताया कि 50 वर्षीय सुशीला देवी की बीती रात उसके बेटे आरोपी राकेश ने शराब के नशे में किसी बात को लेकर पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने परिजनों के सहयोग से घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया जहां आज सुबह उसने दम तोड़ दिया। सीओ ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है । उन्होंने बताया कि आरोपी मौके से फरार हो गया । उन्होंने कहा कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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नयी दिल्ली. बीते साल देश के प्रमुख शहरों में फ्लैट का औसत आकार 11 प्रतिशत बढ़ा है। इसकी चलते रियल एस्टेट कंपनियों उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप बड़े घरों का निर्माण कर रही हैं। रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। एनारॉक ने सात प्रमुख शहरों के प्राथमिक आवास बाजार में 2023 के दौरान घरों की ताजा आपूर्ति का विश्लेषण किया है। आंकड़ों से पता चला है कि शीर्ष सात शहरों में औसत फ्लैट का आकार पिछले साल बढ़कर 1,300 वर्ग फुट हो गया, जो 2022 में 1,175 वर्ग फुट था। पिछले साल मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) और कोलकाता में औसत फ्लैट आकार कम हुआ है जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर)-दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई में यह बढ़ गया है। औसत फ्लैट आकार 2019 में 1,050 वर्ग फुट, 2020 में 1,167 वर्ग फुट और 2021 में 1,170 वर्ग फुट था।
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, “पिछले साल बड़े लक्जरी घरों की आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। कुल नई परियोजनाओं में से लगभग 23 प्रतिशत लक्जरी श्रेणी में थीं।” पुरी ने कहा, “बड़े आकार के घरों की मांग कोविड-19 महामारी के कारण शुरू हुई थी, लेकिन तीन साल बाद भी इसके कम होने के कोई संकेत नहीं हैं। घर खरीदार की प्राथमिकताओं में इसका सामान्यीकरण हो गया है, जिससे यह मांग काफी टिकाऊ लगती है।” क्रिसुमी कॉरर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मोहित जैन ने कहा कि समाज का आकांक्षी वर्ग ऐसे प्रीमियम घरों की मांग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जो विशाल और आकार में बड़े हैं। उन्होंने कहा, “यह प्रवृत्ति निकट भविष्य में भी जारी रह सकती है।”
एमएमआर में औसत फ्लैट आकार 2022 में 840 वर्ग फुट से पांच प्रतिशत घटकर 2023 में 794 वर्ग फुट रह गया। कोलकाता में औसत फ्लैट आकार 2022 में 1,150 वर्ग फुट से दो प्रतिशत घटकर 2023 में 1,124 वर्ग फुट रह गया। दिल्ली-एनसीआर में औसत फ्लैट आकार 2022 के 1,375 वर्ग फुट से 37 प्रतिशत (सर्वाधिक) बढ़कर 2023 में 1,890 वर्ग फुट हो गया। हैदराबाद में औसत फ्लैट आकार सर्वाधिक है। यहां औसत फ्लैट आकार 2022 के 1,775 वर्ग फुट से 30 प्रतिशत बढ़कर 2023 में 2,300 वर्ग फुट हो गया। बेंगलुरु में औसत फ्लैट आकार 2022 के 1,175 वर्ग फुट से 26 प्रतिशत बढ़कर 2023 में 1,484 वर्ग फुट हो गया। पुणे में औसत फ्लैट आकार 2022 के 980 वर्ग फुट से 11 प्रतिशत बढ़कर 2023 में 1,086 वर्ग फुट हो गया। चेन्नई में औसत फ्लैट आकार 2022 के 1,200 वर्ग फुट से पांच प्रतिशत बढ़कर 2023 में 1,260 वर्ग फुट हो गया। -
डिब्रूगढ़ (असम) .राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि भौतिक प्रगति के बावजूद विश्व आज भी उन्हीं समस्याओं का सामना कर रहा है जो हजारों साल से मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान ‘आध्यात्मिक एकता' की प्राचीन भारतीय अवधारणा में निहित है। भागवत ने प्राचीन परंपराओं और संस्कृतियों के आध्यात्मिक गुरुओं को समर्पित एक गैर-लाभकारी संगठन अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र (आईसीसीएस) द्वारा आयोजित आठवें ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एंड गैदरिंग ऑफ एल्डर्स' के उद्घाटन सत्र में यह टिप्पणी की। यह सम्मेलन एक फरवरी तक चलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रौद्योगिकी में प्रगति के बावजूद युद्ध अब भी होते हैं और बाहरी तथा आंतरिक, दोनों तरह से शांति की कमी है। उन्होंने व्यक्तिगत या सामुदायिक स्तर पर अहंकार और मन की संकीर्णता के मुद्दों पर प्रकाश डाला। भागवत ने कहा कि इन समस्याओं को समझने और हल करने के प्रयास किए गए जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न सिद्धांत और दर्शन सामने आए हैं जो मुख्य रूप से भौतिक समृद्धि पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन परंपराओं ने ‘आध्यात्मिक एकता' की अवधारणा को मान्यता दी जिसे भारत में ‘धर्म' के रूप में जाना जाता है।
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पटना. भाजपा के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपनी पार्टी के गठबंधन को असली (नेचुरल) गठबंधन बताते हुए रविवार को कहा कि उनके साथ गठजोड़ होने से राज्य को फायदा होगा और आगामी लोकसभा चुनाव में राजग प्रचंड विजय हासिल करेगा। गठबंधन सहयोगी के रूप में अपनी पार्टी के साथ कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के तुरंत बाद यहां भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में नड्डा ने विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन का उपहास करते हुए गठबंधन का मतलब परिवार की रक्षा करना एवं भ्रष्टाचार का बचाव करना है । उन्होंने कहा,‘‘ बिहार के लोगों ने पिछले विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के साथ हमारे असली गठबंधन को जनादेश दिया था। जब भी हम एक साथ सत्ता में रहे हैं, बिहार को फायदा हुआ है, चाहे वह कानून और व्यवस्था के मामले में हो या आर्थिक विकास के मामले में। अब बिहार फिर से ऐसा करेगा।'' नड्डा ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब डबल इंजन की सरकार से बिहार लाभान्वित होगा और यहां विकास को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि राजग लोकसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज करेगा, यह गठबंधन बिहार में सभी 40 सीट जीतेगा। हम विधानसभा चुनाव के बाद भी राज्य में अगली सरकार भी बनाएंगे।''
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नयी दिल्ली. अयोध्या में नवनिर्मित भव्य राम मंदिर को उस भीषणतम भूकंप को भी झेलने के लिए डिजाइन किया गया है जिसके 2,500 वर्षों में एक बार आने की आशंका होती है। वैज्ञानिकों ने यह जानकारी दी। अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई है और यहां बड़ी संख्या में रोजाना श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आ रहे हैं। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान से संबद्ध केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीबीआरआई) रुड़की ने अयोध्या के मंदिर स्थल पर कई वैज्ञानिक अध्ययन किए हैं जिनमें भू-तकनीकी विश्लेषण, नींव डिजाइन पुनरीक्षण और 3 डी संरचनात्मक विश्लेषण और डिजाइन शामिल हैं। सीएसआईआर-सीबीआरआई के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक देबदत्ता घोष ने बताया कि भीषणतम भूकंप से मंदिर की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन किया गया था। सीएसआईआर-सीबीआरआई में संरचनाओं के संरक्षण के लिए उत्कृष्टता केंद्र के समन्वयक घोष और मनोजीत सामंत ने नींव की डिजाइन, 3 डी संरचनात्मक विश्लेषण और राम मंदिर के डिजाइन की समीक्षा और निगरानी करने के लिए गठित टीम का नेतृत्व किया था। इन वैज्ञानिकों का सीएसआईआर-सीबीआरआई के निदेशक प्रदीप कुमार रामंचरला और उनके पूर्ववर्ती एन गोपालकृष्णन ने मार्गदर्शन किया था। घोष ने बताया कि 50 से अधिक कंप्यूटर मॉडलों का अनुकरण करने और सुरक्षा के लिए विभिन्न स्थितियों के तहत उनका विश्लेषण करने के बाद संरचनात्मक डिजाइन की सिफारिश की गई थी। उन्होंने बताया कि संपूर्ण संरचना का निर्माण बंसी पहाड़पुर बलुआ पत्थर का इस्तेमाल करके किया गया है, जिसमें लोहे का इस्तेमाल नहीं किया गया है और इसमें एक हजार साल तक कोई खामी नहीं आएगी।
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नयी दिल्ली. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजस्थान के उनके समकक्ष भजनलाल शर्मा ने रविवार को यहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की और अपने-अपने राज्यों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। यादव और शर्मा ने पिछले साल दिसंबर में क्रमश: मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए पोस्ट किया, ‘‘आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के साथ मुलाकात हुई और प्रदेश के विकास व सुशासन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।'' गृहमंत्री ने बताया कि उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की।
उन्होंने पोस्ट किया, आज राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी से भेंट हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विज़न को आगे बढ़ाते हुए भजन लाल जी राजस्थान को कांग्रेस के कुशासन से मुक्त कर तरक्की की नई राह की ओर अग्रसर करने की दिशा में सकारात्मक कार्य कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में राजस्थान चहुंमुखी विकास का साक्षी होगा।'' -
पटना । बिहार में जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड नौवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली है। राजभवन में उनके साथ आठ अन्यों ने भी कैबिनेट मंत्री की शपथ ली है। राज्य के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने आज भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के तीन-तीन नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके अलावा हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के एक नेता और एक निर्दलीय विधायक ने भी मंत्री की शपथ ली है।
भारतीय जनता पार्टी को राज्य प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, पूर्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा और प्रेम कुमार सरकार में शामिल किए गए हैं। दूसरी ओर जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव और श्रवण कुमार को भी कैबिनेट में जगह मिली है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र तथा हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन और एक निर्दलीय विधायक को भी मंत्री बनाया गया है। आज के शपथ ग्रहण के बाद कैबिनेट का विस्तार जल्दी किए जाने की संभावना है।भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय तथा अन्य कई नेता समारोह में मौजूद थे। राजभवन के बाहर भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड और अन्य सहयोगी दलों के समर्थकों का भारी जमावड़ा मौजूद रहा। -
नयी दिल्ली. देश में उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) को मान्यता प्रणाली के तहत अब ग्रेड नहीं दी जाएगी, उन्हें "मान्यता प्राप्त" या "गैर मान्यता प्राप्त" के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। यह फैसला राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) ने शनिवार को लिया। शनिवार को आयोजित कार्यकारी परिषद की बैठक में, एनएएसी ने यह भी निर्णय लिया कि मान्यता प्राप्त संस्थानों को उच्चतम स्तर हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते एक से पांच के बीच स्तर दिए जाएंगे। इन सुधारों को दो चरणों में लागू किया जाएगा - अगले चार महीनों में द्विआधारी मान्यता (मान्यता प्राप्त या गैर-मान्यता प्राप्त) प्रणाली और दिसंबर तक परिपक्वता-आधारित श्रेणीबद्ध मान्यता (स्तर 1 से 5)। शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी संस्थानों को मान्यता प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्रेड के बजाय द्विआधारी (बाइनरी) मान्यता (मान्यता प्राप्त या गैर-मान्यता प्राप्त) होगी, जिससे उच्च शिक्षा प्रणाली में एक गुणवत्तापूर्ण संस्कृति का निर्माण होगा।'' उन्होंने कहा, "द्विआधारी मान्यता दुनिया के कई अग्रणी देशों में अपनायी जाने वाली सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप है।" इसके अलावा, मान्यता प्राधिकार परिपक्वता-आधारित श्रेणीबद्ध मान्यता (स्तर 1 से 5) का उपयोग मान्यता प्राप्त संस्थानों को 5 के उच्चतम स्तर को प्राप्त करने के लिए अपने स्तर को बढ़ाने के वास्ते प्रोत्साहित करने के लिए करेगा जो कि "बहु-अनुशासनात्मक अनुसंधान और शिक्षा के लिए वैश्विक उत्कृष्टता संस्थान" है।
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नयी दिल्ली. उत्तरपूर्व दिल्ली के शाहदरा इलाके में एक आवासीय इमारत में आग लगने से सात महीने की एक बच्ची समेत चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान गौरी सोनी (40), उनके बेटे प्रथम सोनी (17), रचना (28) और उनकी सात महीने की बेटी रूही के रूप में हुई है। रचना के पति विनोद ने कहा कि वह एक जूता प्रिंटिंग कारखाने में काम करते हैं और शुक्रवार को जब यह घटना हुई तब वह अपने कार्यस्थल पर थे। विनोद ने कहा, “मैं आमतौर पर रात 9 बजे के आसपास घर आता हूं, लेकिन शुक्रवार को मैं कुछ जल्दी शाम करीब 6 बजे घर आ गया और देखा कि हमारी इमारत में आग लग गई है। मुझे किसी का कोई फोन नहीं आया। मेरी पत्नी और बेटी को अस्पताल ले जाया गया।” उन्होंने कहा, “मैं बाद में अस्पताल पहुंचा और पाया कि उन दोनों को मृत घोषित कर दिया गया है। हम पिछले दो साल से इमारत की दूसरी मंजिल पर किराये पर रह रहे थे। मैंने अपने जीवन के दो सबसे प्रिय व्यक्तियों को खो दिया है।'' विनोद ने बताया कि रूही 7 जून को एक साल की होने वाली थी। रूही उनकी गोद ली हुई बेटी थी। उन्होंने रचना के एक रिश्तेदार की बेटी से लड़की गोद ली थी। रचना के भाई करण कुमार ने बताया कि इमारत के भूतल पर एक गोदाम है, जहां वाइपर का रबर रखा हुआ था। करण ने कहा, ‘‘इमारत के भूतल पर एक पार्टी चल रही थी। घटना के बारे में मुझे शाम को फोन आया। मामले की जांच से घटना के कारणों का पता लगेगा। जब आग लगी तो किसी ने मेरे जीजा विनोद को घटना के बारे में सूचित करने के लिए फोन नहीं किया। मालिक अपनी पत्नी को छोड़कर इमारत से भाग गया।” उन्होंने बताया कि इमारत की तीसरी मंजिल पर एक और परिवार था जिसकी एक महिला और उसके बेटे की इस घटना में मौत हो गई। इस घटना में गौरी और उनके बेटे प्रथम की भी जान चली गई, जबकि उनकी बेटी बच गई। गौरी के देवर योगेश सोनी ने बताया, ''भूतल पर वाइपर के रबर का गोदाम था। हमने सुना है कि किसी ने सिगरेट पीने के बाद, उसका टुकड़ा फेंक दिया और वाइपर के फोम में आग लग गई। हालांकि, वास्तविक कारण जांच के बाद पता चलेगा।'' योगेश ने कहा, “मेरी भाभी, भतीजा और भतीजी तीसरी मंजिल पर थे। उनमें से मेरी भाभी और भतीजे की मृत्यु हो चुकी है और मेरी भतीजी जीवित है। जहां तक लग रहा है कि इनकी मौत दम घुटने से हुई है। उन्हें बाहर जाने का समय नहीं मिला और सीढ़ियों पर ही उनकी मृत्यु हो गई।'' योगेश ने कहा कि उनके भाई एवं गौरी के पति आशुतोष सोनी मंडोली में एक निजी कंपनी में काम करते हैं और घटना के समय वह अपने कार्यालय में थे। उन्होंने बताया कि वे पिछले दो साल से इस मकान में किराये पर रह रहे थे। आसपास के लोगों ने बताया कि आग लगने पर वे लोग आग बुझाने में जुट गए।
आशुतोष के रिश्तेदार हर्ष वर्मा ने बताया कि उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन धुआं पूरी इमारत में फैल गई। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने दोस्त के घर जा रहा था जब मैंने देखा कि इमारत में आग लग गई है। दमकल के आने से पहले हमने आसपास के घरों के पानी के पंप खोले और पानी डालना शुरू कर दिया। हमने कुछ हद तक आग पर काबू पा लिया, लेकिन धुआं बहुत घना था। आसपास के सभी लोगों ने जान बचाने की पूरी कोशिश की।'' अग्निशमन अधिकारियों को शाम 5:22 बजे शाहदरा इलाके के एक मकान में आग लगने की सूचना मिली। दमकल की पांच गाड़ियों को मौके पर लगाया गया और शाम 6:55 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। इमारत के भूतल पर एक घर में रखी रबर सामग्री जैसे वाइपर और रबर काटने वाली मशीन में आग लग गई थी। इमारत की चौथी मंजिल पर रहने वाले सत्य मिश्रा ने बताया कि घटना के वक्त वह मानसरोवर पार्क डीडीए फ्लैट्स में गए थे। मिश्रा ने कहा, “दोपहर करीब 2 बजे, मैं भागवत कथा के लिए मानसरोवर पार्क गया था। मुझे शाम करीब 5 बजे मेरे पड़ोसियों का फोन आया कि हमारी इमारत में आग लगने की घटना हो गई है। जब मैं यहां पहुंचा तो देखा कि आग भूतल फैल गई है और हर कोई आग बुझाने की कोशिश कर रहा है। उस समय इमारत में बहुत अधिक धुआं था।” स्थानीय निवासी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि छह लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से चार की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि उस समय यहां लोग चिल्ला रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इमारत में चार मंजिल और एक सीढ़ी है। इमारत मालिक भरत सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने कहा कि भरत सिंह ने भूतल और पहली मंजिल अपने लिए रखी थी और बाकी दो मंजिलें किराये पर दे दी थीं। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि विमान यात्रियों के लिए ‘डिजी यात्रा' पूरी तरह स्वैच्छिक है और हवाई अड्डों पर कर्मचारियों को केवल यात्रियों की सहमति के बाद ही आवेदन के लिए सूचना एकत्र करने के निर्देश दिये गये हैं। शिकायतें मिल रही थीं कि यात्रियों से उनकी सहमति के बिना ‘डिजी यात्रा' के लिए बायोमेट्रिक डेटा एकत्र किया जा रहा था और इस मुद्दे को राज्यसभा के सदस्य साकेत गोखले द्वारा नागर एवं विमानन मंत्री सिंधिया को अवगत कराया गया। ‘डिजी यात्रा' चेहरे की पहचान प्रौद्योगिकी (एफआरटी) के आधार पर हवाई अड्डों पर विभिन्न जांच बिंदुओं पर यात्रियों की संपर्क रहित और निर्बाध आवाजाही की सुविधा प्रदान करती है और वर्तमान में घरेलू यात्रियों के लिए न्यूनतम 13 हवाई अड्डों पर यह सुविधा उपलब्ध है। सांसद को दिये गये जवाब में सिंधिया ने कहा है कि इस मुद्दे की जांच की गई और हवाई अड्डे के संचालकों को सहमति लेने की प्रक्रिया पर डिजी मित्रों को जागरूक करने और ‘डिजी यात्रा' के उपयोग को पूरी तरह से स्वैच्छिक रखने की सलाह दी गई है। ‘डिजी यात्रा' के उपयोग के प्रति यात्रियों की सहायता के लिए हवाई अड्डों पर ‘डिजी मित्र' नामक व्यक्तियों की सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मंत्री ने 24 जनवरी को लिखे पत्र में गोखले को बताया कि ‘डिजी यात्रा' निर्बाध और परेशानी मुक्त हवाई यात्रा के लिए एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है जो पूरी तरह से स्वैच्छिक है। सिंधिया ने पत्र में कहा, ‘‘कियोस्क आधारित पंजीकरण पर ‘फेस बायोमेट्रिक' लेने के लिए यात्री की पहले से सहमति लेना आवश्यक है। इसके अलावा, उड़ान के प्रस्थान के 24 घंटे के बाद हवाई अड्डे के सिस्टम से डेटा स्वचालित रूप से हटा दिया जाता है।'' गोखले ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर इस पत्र को साझा किया है। ‘डिजी यात्रा' के लिए यात्री द्वारा साझा किया गया डेटा एक ‘एन्क्रिप्टेड' प्रारूप में संग्रहीत किया जाता है। सेवा का लाभ उठाने के लिए यात्री को पहले आधार-आधारित सत्यापन और खुद की फोटो का उपयोग करके ‘डिजी यात्रा' ऐप पर अपना विवरण पंजीकृत करना होगा। अगले चरण में बोर्डिंग पास को स्कैन करना होगा और जानकारी हवाई अड्डे के साथ साझा की जाएगी। हवाई अड्डा के ई-गेट पर यात्री को पहले बार-कोडेड बोर्डिंग पास को स्कैन करना होगा और ई-गेट पर स्थापित चेहरे की पहचान प्रणाली यात्री की पहचान और यात्रा दस्तावेज को मान्य करेगी। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद यात्री ई-गेट के जरिए हवाई अड्डा में प्रवेश कर सकता है। एक गैर लाभकारी कंपनी ‘डिजी यात्रा फाउंडेशन' इस डिजी यात्रा के लिए नोडल निकाय है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के सातवें संस्करण की तैयारियों की समीक्षा की। प्रधान ने कहा, ‘‘परीक्षा पे चर्चा एक वार्षिक परंपरा बन गई है, जिस पर ‘परीक्षा योद्धा' (छात्र), माता-पिता और शिक्षक सभी की नजर होती हैं क्योंकि इससे उन्हें तनाव से उबरने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद मिलती हैं। आगामी सत्र में प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के लिए सभी में उत्साह है।'' ‘परीक्षा पे चर्चा' (पीपीसी) परीक्षाओं से जुड़े तनाव को दूर करने और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक पहल है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में पिछले छह वर्षों से छात्र, अभिभावक और शिक्षक शामिल होते रहे हैं। कोविड-19 महामारी के कारण चौथा संस्करण ऑनलाइन आयोजित किया गया। पिछले वर्ष के कार्यक्रम में कुल 31.24 लाख छात्रों, 5.60 लाख शिक्षकों और 1.95 लाख अभिभावकों ने इसमें भाग लिया था। प्रधान ने कहा, ‘‘मौजूदा सातवें संस्करण में सरकारी पोर्टल पर उल्लेखनीय 2.26 करोड़ पंजीकरण दर्ज किए गए, जो देशभर में छात्रों के बीच व्यापक उत्साह को दर्शाता है।'' गौरतलब है कि 29 जनवरी को निर्धारित यह कार्यक्रम ‘भारत मंडपम' में आयोजित किया जाएगा।
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नयी दिल्ली. भारत रंग महोत्सव (बीआरएम) के 25वें संस्करण में एक फरवरी से 15 भारतीय शहरों में कार्यशालाओं, चर्चाओं और मास्टर कक्षाओं के साथ-साथ 150 से अधिक नाटकों का मंचन होगा। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय ने शनिवार को यहां यह घोषणा की। ‘दुनिया का सबसे बड़ा रंगमंच महोत्सव' माना जाने वाला 'भारंगम' रंगमंच और सांस्कृतिक प्रेमियों को भारतीय और वैश्विक रंगमंच परंपराओं की एक समृद्ध खजाना प्रस्तुत करेगा। इस साल का रंगमंच महोत्सव मुंबई के ‘नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स' (एनसीपीए) में अभिनेता और एनएसडी के पूर्व छात्र आशुतोष राणा के शुरुआती नाटक "हमारे राम" के साथ शुरू होगा। एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने कहा, ‘‘पिछले 25 वर्षों में, इस महोत्सव ने एक मार्गदर्शक का काम किया है और यह वैश्विक रंगमंच परंपराओं का समृद्ध खजाना है। आगामी संस्करण एक भव्य महोत्सव होगा, जो न केवल रंगमंच क्षेत्र के भीतर असाधारण रचनात्मकता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि सहयोग की सुंदरता पर भी जोर देगा।'' उन्होंने कहा कि यह नाट्य विद्यालय "रंगमंच के जादू को बढ़ावा देने, विविध आवाज और विमर्श को पनपने के लिए एक मंच प्रदान करने" के लिए समर्पित है। इस वर्ष का संस्करण "वसुधैव कुटुंबकम, वंदे भारंगम" के विषय पर आधारित है, जो कलाकारों के बीच वैश्विक एकता को बढ़ावा देता है। नाट्य विद्यालय ने इस साल के महोत्सव के लिए अभिनेता और एनएसडी के पूर्व छात्र पंकज त्रिपाठी को ‘ब्रांड एंबेसडर' भी नियुक्त किया है। महोत्सव के बारे में बात करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि वह "रंगदूत" की भूमिका के माध्यम से भारंगम के बारे में जानकारी छोटे शहरों और आम जनता तक फैलाने की कोशिश करेंगे। त्रिपाठी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह बहुत महत्वपूर्ण है कि न केवल रंगमंच कलाकार बल्कि आम जनता भी इस महोत्सव में शामिल हो। कई बार छोटे शहरों में, यहां तक कि पटना जैसे शहरों में भी लोगों को पता नहीं होता है कि कोई रंगमंच के क्षेत्र में कैसे जा सकता है या कैसे शामिल हो सकता है। मेरा प्रयास इस महोत्सव के बारे में अधिक जागरूकता फैलाने का होगा, ताकि लोग आ सकें और देख सकें और साथ ही अधिक युवाओं को रंगमंच की कला में रुचि हो।'' भारंगम का मंचन नयी दिल्ली के अलावा मुंबई, पुणे, भुज, विजयवाड़ा, जोधपुर, डिब्रूगढ़, भुवनेश्वर, पटना, रामनगर, अगरतला और श्रीनगर सहित कुछ नए और पुराने स्थानों पर किया जाएगा। कार्यक्रम में एनएसडी के अध्यक्ष और अभिनेता परेश रावल ने कहा कि रंगमंच, खासकर एनएसडी को और अधिक केंद्रों तक ले जाना महत्वपूर्ण है। इस महोत्सव का समापन 21 फरवरी को दिल्ली में एक विशेष समारोह के साथ होगा।
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बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को कहा कि उसके अंतरिक्ष प्लेटफॉर्म पीओईएम-3 ने अपने सभी पेलोड उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। पीएसएलवी ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल-3 (पीओईएम-3) पीएसएलवी-सी58 रॉकेट के पीएस4 चरण का इस्तेमाल किया है जिसने इस साल एक जनवरी को एक्सपोसेट लॉन्च किया था। इसरो ने कहा कि पीओईएम-3 ने नौ पेलोड के साथ उड़ान भरी थी। कक्षा में 25वें दिन तक पीओईएम-3 ने 400 परिक्रमाएं पूरी कर लीं। अंतरिक्ष एजेंसी ने इसे एक विशिष्ट और किफायती मंच बताया। इस अवधि के दौरान, प्रत्येक पेलोड को योजना के अनुसार परिचालन में लाया गया और प्रदर्शन प्रदर्शित किया गया। पीओईएम-3 एक तीन-अक्ष-नियंत्रित प्लेटफॉर्म है जिसमें पेलोड का समर्थन करने के लिए बिजली उत्पादन और टेलीकमांड तथा टेलीमेट्री क्षमताएं हैं। यह अनुमान लगाया गया है कि पीओईएम-3 पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करने से पहले लगभग 73 दिन तक परिक्रमा करता रहेगा।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शनिवार को 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त किये। पार्टी के एक बयान के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को बिहार का चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि भाजपा के राज्यसभा सदस्य और झारखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष दीपक प्रकाश सह-प्रभारी होंगे। तावड़े बिहार में भाजपा के राजनीतिक मामलों के प्रभारी हैं। भाजपा ने उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा को उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम को उत्तराखंड का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। बयान में कहा गया है कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत बाजपेयी झारखंड के चुनाव प्रभारी होंगे। इसमें कहा गया है कि आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने नियुक्तियां की हैं। भाजपा के राज्यसभा सदस्य और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को हरियाणा का चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि भाजपा नेता सुरेंद्र नागर सह प्रभारी होंगे। बिहार के पूर्व मंत्री और पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रभारी मंगल पांडे को राज्य का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। भाजपा नेता अमित मालवीय और आशा लाकड़ा सह प्रभारी होंगे। नड्डा ने उत्तर प्रदेश के विधान परिषद सदस्य और राज्य के पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह को मध्य प्रदेश के लिए भाजपा का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि सतीश उपाध्याय सह प्रभारी नियुक्त किये गये हैं। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब के भाजपा प्रभारी विजय रूपाणी को राज्य का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय सचिव नरिंदर सिंह को राज्य में चुनाव के लिए सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। रूपणी को चंडीगढ़ का भी चुनाव प्रभारी बनाया गया है।
भाजपा ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा को हिमाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि संजय टंडन सह प्रभारी होंगे। भाजपा ने राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय महासचिव राधा मोहन दास अग्रवाल को कर्नाटक का चुनाव प्रभारी और सुधाकर रेड्डी को सह प्रभारी बनाया है। जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक मामलों के लिए भाजपा के सह-प्रभारी आशीष सूद को गोवा का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। गुजरात के विधायक पूर्णेश मोदी को दमन और दीव का चुनाव प्रभारी और दुष्यंत पटेल को सह प्रभारी बनाया गया है। पार्टी नेता अशोक सिंघल को अरुणाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और अंडमान एवं निकोबार में राजनीतिक मामलों के प्रभारी वाई सत्य कुमार को केंद्र शासित प्रदेश का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, जो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में राजनीतिक मामलों के लिए पार्टी के प्रभारी हैं, को दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लिए चुनाव प्रभारी नामित किया गया है। उत्तर प्रदेश से पार्टी के राज्यसभा सदस्य विजयपाल सिंह तोमर को ओडिशा का चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ की विधायक लता उसेंडी सह-प्रभारी होंगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को केरल का चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन को तमिलनाडु का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुडुचेरी में राजनीतिक मामलों के लिए भाजपा की प्रभारी निर्मला कुमार सुराणा को चुनाव प्रभारी भी बनाया गया है। बिहार के भाजपा नेता और विधान परिषद सदस्य दिलीप जायसवाल को सिक्किम का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। -
नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के सावधिक अनुमोदन, आकलन और प्रत्यायन तथा रैंकिंग के लिए प्रस्तावित सुधारों को स्वीकृति दे दी है। शिक्षा मंत्री ने सुधार प्रस्तावित करने के लिए इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में नवंबर 2022 में समिति गठित की थी।
समिति ने इस वर्ष 16 जनवरी को अपनी रिपोर्ट शिक्षा मंत्री को सौपी। रिपोर्ट में सभी शिक्षण संस्थानों को गुणवत्ता बढ़ाकर प्रत्यायन में शामिल होने को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रेड देने की बजाय बाइनरी एक्रेडिटेशन यानी दोहरे आधार पर प्रत्यायन की सिफारिश की गई है। इससे उच्च शिक्षा प्रणाली में और गुणवत्ता आएगी। समिति ने संस्थानों को अपना स्तर उन्नत करने और लगातार सुधार के लिए परिपक्वता और गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडेड एक्रेडिएशन की सिफारिश की है। सुधारों के तहत एक राष्ट्र - एक डेटा प्लेटफार्म का प्रस्ताव किया गया है, ताकि संस्थागत डेटा प्रबंधन में पारदर्शिता आये। - नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस महीने की 22 तारीख को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा ने देश के करोड़ों लोगों को एक सूत्र में पिरोया है। आज आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में राष्ट्र को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि देश ने इस अवसर पर सामूहिकता की अद्भुत शक्ति देखी, जो सरकार के विकसित-भारत संकल्प का प्रमुख आधार हैप्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे देश ने 22 जनवरी की शाम को राम ज्योति प्रज्ज्वलित की और राम भजन गाये। भगवान राम के शासन को भारतीय संविधान निर्माताओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए श्री मोदी ने देव से देश और राम से राष्ट्र के अपने कथन का उल्लेख किया।प्रधानमंत्री ने अपने आग्रह पर लाखों लोगों के मकर संक्रांति से लेकर 22 जनवरी तक स्वच्छता अभियान में शामिल होने पर प्रसन्नत व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई की और इसकी तस्वीरें और वीडियो भेजे। श्री मोदी ने कहा कि यह अभियान रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि सामूहिकता की शक्ति देश को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।श्री मोदी ने कहा कि यह 2024 का पहला मन की बात कार्यक्रम है और अमृतकाल में एक नई उमंग और तरंग है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही देश ने 75वां गणतंत्र दिवस उत्साह और उल्लास से मनाया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारतीय संविधान और सर्वोच्च न्यायालय के भी 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। लोकतंत्र के ये उत्सव भारत को लोकतंत्र की मातृका के रूप में और सशक्त करते हैं।श्री मोदी ने कहा कि हमारा संविधान इतने गहन मंथन के बाद बना है कि इसे जीवंत दस्तावेज कहा जाता है। संविधान की मूल प्रति के भाग 3 में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का वर्णन है और उल्लेखनीय है कि भाग 3 के आरंभ में संविधान निर्माताओं ने भगवान राम, माता सीता और लक्षमण जी के चित्रों को स्थान दिया।प्रधानमंत्री ने इस वर्ष के गणतंत्र दिवस परेड में नारी शक्ति का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस की महिला टुकड़ियों को कर्तव्य-पथ पर मार्च करते हुए देखकर पूरा देश गर्व से भर उठा। उन्होंने कहा कि इस बार परेड में शामिल 20 टुकड़ियों में से 11 महिलाओं की थी।श्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत महिला नीत विकास के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने हाल में राष्ट्रपति भवन में आयोजित अर्जुन पुरस्कार समारोह में 13 महिला खिलाड़ियों को सम्मानित किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की बेटियां हर क्षेत्र में अद्भुत काम कर रही हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं ने स्व-सहायता समूहों में भी अपना परचम लहराया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वह दिन दूर नहीं जब नमो ड्रोन दीदी हर गांव में ड्रोन की मदद से खेती बाड़ी में मदद करती नजर आएंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बहराइच में महिलाओं द्वारा स्थानीय चीजों के उपयोग से जैव उर्वरक और जैव कीटनाशक तैयार किये जाने का भी उल्लेख किया।श्री मोदी ने कहा कि नीबिया बेगमपुर गांव की स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने गोबर, नीम की पत्तियों और कई औषधीय पौधों से जैव उर्वरक तैयार किया है। ये महिलाएं अदरक, लहसुन, प्याज और मिर्च से जैव कीटनाशक भी तैयार करती हैं। इन महिलाओं ने उन्नति जैविक इकाई नाम से एक संगठन बनाया है। इनके द्वारा तैयार जैव उर्वरक और जैव कीटनाशक की मांग लगातार बढ़ती जा रही है और आसपास के गांवों के 6 हजार से ज्यादा किसान इनसे जैव उत्पाद खरीद रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कुछ दिन पहले घोषित पद्म पुरस्कारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिल्कुल जमीनी स्तर से जुड़कर समाज में बड़े बदलाव लाने वाले अनेक लोगों को पद्म सम्मान दिये गये हैं। श्री मोदी ने बिना किसी प्रचार-प्रसार के समाज सेवा में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पद्म पुरस्कार पाने वाले अधिकांश लोग अलग तरह का काम कर रहे हैं- जैसे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराना, प्रकृति के संरक्षण का प्रयास, धान की 650 से अधिक किस्मों का संरक्षण तथा मादक पदार्थ और शराब की लत की रोकथाम के लिए समाज में जागरूकता लाना।उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि पद्म पुरस्कार पाने वालों में 30 महिलाएँ हैं। ये महिलाएँ जमीनी स्तर पर अपने कार्यों से समाज और देश को आगे ले जा रही हैं। श्री मोदी ने कहा कि प्राकृत, मालवी ओर लंबाडी भाषाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी यह पुरस्कार दिया गया है। भारतीय संस्कृति और विरासत को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में प्रयास करने वाले विदेश के भी कई लोग पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किये गये हैं। इनमे फ्रांस, ताइवान, मैक्सिको और बंग्लादेश के नागरिक शामिल हैं।प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि पद्म पुरस्कारों की प्रणाली पिछले दशक में पूरी तरह बदल चुकी है। अब यह पीपल्स पद्म बन चुका है। श्री मोदी ने कहा कि अब लोग स्वयं को इस पुरस्कार के लिए नामित करा सकते हैं और यही वजह है कि वर्ष 2014 की तुलना में इस बार 28 गुना अधिक नामांकन मिले। उन्होंने कहा कि पद्म पुरस्कारों की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने पद्म सम्मान पाने वाले सभी लोगों को फिर अपनी शुभकामनाएं दीं।अंगदान के विषय पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में देश में एक हजार से भी अधिक लोगों ने मृत्यु के बाद अंगदान किये। उन्होंने ऐसा उदार निर्णय लेने वाले और उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करने वाले परिजनों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि अनेक संगठन भी इस दिशा में बहुत ही प्रेरक काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ संगठन लोगों को अंगदान के लिए जागरूक कर रहे हैं और कुछ संस्थाएं अंगदान की इच्छा रखने वाले लोगों के पंजीकरण में मदद कर रही हैं। श्री मोदी ने कहा कि ऐसे प्रयासों के कारण समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक माहौल बन रहा है और लोगों का जीवन भी बचाया जा रहा है।श्री मोदी ने कहा कि आयुष मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की मदद से आयुर्वेद, सिद्ध और युनानी औषधि से संबंधित डेटा और शब्दावली का वर्गीकरण किया है। उन्होंने कहा कि इससे आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा पद्यति में रोगों और उपचार से जुड़ी शब्दावली की कोडिंग कर दी गई है। इसकी मदद से सभी डॉक्टर अब पर्ची पर एक जैसी भाषा लिख पाएंगे और रोगियों को दूसरे डॉक्टर के पास जाकर भी चिकित्सा कराने में आसानी होगी। इस पर्ची से डॉक्टर भी रोगी की बीमारी, उपचार और दवाओं के बारे में जान सकेंगे। शोध कार्यों से जुड़े लोगों को भी इससे फायदा होगा और अन्य देशों के वैज्ञानिकों को भी रोग, औषधि और इसकी प्रभावकारिता के बारे में जानकारी मिल सकेगी। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आयुष पद्धति से जुड़े चिकित्सक इस कोडिंग को जल्द से जल्द अपनाएंगे।प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश की जड़ी-बूटी औषधि विशेषज्ञ सुश्री यानुंग जामोह लैगोकी का भी उल्लेख किया। उन्होंने आदि जनजाति की पारंपरिक चिकित्सा पद्यति को पुनर्जीवित करने के लिए बहुत काम किया है। इस बार सुश्री यानुंग को भी अपने योगदान के लिए पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के वैद्य हेमचंद मांझी का भी उल्लेख किया, जिन्हें पद्म पुरस्कार दिया गया है। श्री मांझी आयुष पद्धति की मदद से नारायणपुर में पांच दशक से भी अधिक समय से गरीब रोगियों की सेवा कर रहे हैं। श्री मोदी ने आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों के संरक्षण में बड़ी भूमिका निभाने वाले इन लोगों की सराहना की।प्रधानमंत्री ने रेडियो को पूरे देश से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के दौर में भी इसकी उपयोगिता कायम है। उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए रेडियो की बदलाव लाने की शक्ति का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा कि पिछले लगभग सात वर्षों से छत्तीसगढ़ में रडियो से एक लोकप्रिय कार्यक्रम का प्रसारण हो रहा है, जिसका नाम है हमर हाथी-हमर गोठ। यह कार्यक्रम आकाशवाणी के अंबिकापुर, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ से प्रत्येक शाम प्रसारित होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगलों और आस-पास रहने वाले लोग बड़े ध्यान से इसे सुनते हैं। इस कार्यक्रम में बताया जाता है कि हाथियों का झुंड किस तरफ से गुजर रहा है, इससे लोगों को हाथियों के आने की जानकारी मिल जाती है और वे सतर्क हो जाते हैं। सोशल मीडिया के जरिये भी यह जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है। इससे जंगल के आस-पास रहने वाले लोगों को हाथियों के साथ तालमेल बिठाना आसान हो जाता है।25 जनवरी को मनाये गए राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि देश में लगभग 96 करोड़ मतदाता है। यह संख्या अमरीका की कुल जनसंख्या की लगभग तीन गुनी और पूरे यूरोप की कुल आबादी के लगभग डेढ़ गुनी है। श्री मोदी ने देश में लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत करने के अथक प्रयासों के लिए निर्वाचन आयोग की प्रशंसा की।प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि जहां दुनिया के अनेक देशों में मतदान प्रतिशत घट रहा है, वहीं भारत में यह लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 1951-52 में, जब देश में पहली बार चुनाव हुए थे, केवल 45 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। श्री मोदी ने कहा कि आज इस आंकड़े में महत्वपूर्ण वृद्धि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी कानून में सुधार किए है, ताकि युवा मतदाताओं को नाम दर्ज कराने के अधिक अवसर मिले। श्री मोदी ने पहली बार वोट डालने की पात्रता हासिल करने वाले मतदाताओं से अपना नाम राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल और मतदाता हेल्प लाइन ऐप के जरिए मतदाता सूची में दर्ज कराने को कहा।प्रधानमंत्री ने कहा कि वे कल परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के 7वें संस्करण की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा यह कार्यक्रम उन्हें विद्यार्थियों से बातचीत करने और परीक्षा से जुड़ा उनका तनाव कम करने का मौका देता है। उन्होंने कहा पिछले 7 वर्षों में परीक्षा पे चर्चा शिक्षा और परीक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत का एक अच्छा माध्यम बनकर उभरा है। 2 करोड़ 25 लाख से भी अधिक विद्यार्थियों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है और अपनी बात साझा की है।प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय और फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा की जयंती पर उनका स्मरण किया। उन्होंने कहा कि लाला लाजपत राय ने पंजाब नेशनल बैंक और अन्य संस्थानों की स्थापना में महत्वपूण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि फील्ड मार्शल करियप्पा ने इतिहास के महत्वपूर्ण दौर में सेना का नेतृत्व कर साहस और शौर्य की मिसाल कायम की।खेलकूद का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया युवा खेलों का अब से कुछ दिन पहले ही चेन्नई में शुभारंभ हुआ है। 5 हजार से भी अधिक खिलाड़ी इन खेलों में भाग ले रहे हैं। श्री मोदी ने खिलाड़ियों की प्रतिभा को सामने लाने के लिए लगातार नये माध्यम तैयार होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में ही दीव में समुद्र तट खेलों का अयोजन किया गया। यह भारत का पहला मल्टी स्पोर्टस बीच गेम्स था। इसमें रस्साकशी, तैराकी, मलखंब, समुद्र तट वॉलीबॉल, कबड्डी, फुटबॉल और मुक्केबाजी जैसी प्रतियोगिताएं हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हैरानी की बात थी कि इस प्रतियोगिता में ऐसे राज्यों से भी खिलाड़ी आये, जिनका दूर-दूर तक समुद्र से कोई नाता नहीं था। मध्य प्रदेश ने प्रतियोगिता में सबसे अधिक पदक जीते, जहां कोई समुद्र तट ही नहीं है।
- पटना। बिहार में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सम्राट चौधरी को रविवार को राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता और विजय कुमार सिन्हा को उपनेता चुना गया। इसके साथ ही भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष चौधरी और सिन्हा को राज्य में बनने वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की नयी सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है।रविवार को नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर गवर्नर को अपना इस्तीफा दिया। विधायक दल की बैठक के बाद विनोद तावड़े ने कहा कि नेता और उपनेता चुनने के बाद एनडीए की संयुक्त बैठक होगी फिर हमलोग सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के विकास और लालू के आतंक को खत्म करने के लिए जो जनमत मिला था. इसके लिए नीतीश कुमार का प्रस्ताव आया। संजय झा जी इस प्रस्ताव को लेकर आये तो हमने ये प्रस्ताव स्वीकार लिया। विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार में फिर से जंगलराज लौट रहा था। जो भी जिम्मेदारी मिली है, निर्णय लिया है उसे हम स्वीकार करते है। हमारे संकल्प में शुरू से ही सुशासन था हम अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।. जातिगत समीकरण की बात करें तो सम्राट चौधरी ओबीसी कोटे से आते हैं वहीं विजय सिन्हा अनारक्षित वर्ग से हैं।मालूम हो कि बिहार में महागठबंधन सरकार गिर चुकी है. नीतीश कुमार ने रविवार को बिहार के सीएम की कुर्सी छोड़ते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब बिहार में एनडीए की सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठन होने जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह आज ही पटना में होना है जिसके लिए 5 बजे शाम का संभावित समय है।अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल ने नीतीश कुमार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और नयी सरकार के गठन तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है।राज्यपाल को इस्तीफा सौंपकर राजभवन से लौटने के बाद नीतीश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।’’उन्होंने कहा कि वह ‘महागठबंधन’ से अलग होकर नया गठबंधन बनाएंगे।यह पूछे जाने पर कि उन्होंने यह फैसला क्यों किया, नीतीश ने कहा, ‘‘अपनी पार्टी के लोगों से मिल रही राय के अनुसार मैंने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने पूर्व के गठबंधन (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को छोड़कर नया गठबंधन बनाया था लेकिन इसमें भी स्थितियां ठीक नहीं लगी। जिस तरह के दावे एवं टिप्पणियां लोग कर रहे थे, वे पार्टी के नेताओं को खराब लगे इसलिए आज हमने (त्यागपत्र) दे दिया और हम अलग हो गए।’’उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अन्य घटक दलों की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘पहले साथ रहे अन्य दल आज ही मिलकर तय करेंगे कि नयी सरकार के गठन को लेकर क्या फैसला करना है। इंतजार करिए।’’नीतीश पर ‘‘अवसरवादी’’ होने के लगाए जा रहे आरोपों को लेकर उन्होंने इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के गठन में अपनी भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमने गठबंधन कराया लेकिन कोई कुछ काम ही नहीं कर रहा था... तो हमने बोलना छोड़ दिया था।’’नीतीश के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने उनकी तुलना ‘गिरगिट’ से की और कहा कि राज्य की जनता उनके विश्वासघात को कभी माफ नहीं करेगी।उसने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ से डरे हुए हैं और इससे ध्यान भटकाने के लिए यह राजनीतिक नाटक रचा गया।दूसरी ओर, भाजपा नेता विनोद तावड़े ने बताया कि भाजपा विधायकों ने जद(यू) के समर्थन से बिहार में राजग की सरकार बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।























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