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नई दिल्ली। 29 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सातवें परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए अब तक 22.6 करोड़ से अधिक विद्यार्थी पंजीकरण करा चुके हैं जो एक रिकॉर्ड है। शिक्षा मंत्रालय ने पिछले महीने 12 दिसम्बर से इस वर्ष 12 जनवरी तक छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के साथ अध्यापकों और अभिभावकों से भी इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए माय गव (My gov) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे। मंत्रालय ने बताया कि माय गव (My gov) पोर्टल पर मिले प्रश्नों के आधार पर दो हजार पचास प्रतिभागी चुने जाएगें। इन प्रतिभागियों को एक विशेष किट प्रदान की जाएगी। इस किट में प्रधानमंत्री की पुस्तक - एग्जाम वॉरियर्स के हिंदी और अंग्रेजी संस्करण के साथ प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
इस वर्ष प्रधानमंत्री के साथ चार हजार से अधिक विद्यार्थी चर्चा करेंगे। ये कार्यक्रम दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में, श्री मोदी परीक्षा के तनाव से मुक्त होने और विद्यालय के बाद के जीवन पर देश-विदेश के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ चर्चा करते हैं। यह कार्यक्रम युवाओं के लिए तनाव-मुक्त वातावरण तैयार करने के प्रयोजन से आयोजित किया जाता है। - आइजोल। मिजोरम विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग के शोधकर्ताओं ने राज्य में ‘कोरल' सांप की नई प्रजाति का पता लगाया है। मिजोरम विश्वविद्यालय में प्राणीशास्त्र के प्रोफेसर एच टी लालरेमसांगा ने बताया कि ब्रिटिश भारत के डॉक्टर गोरे के नाम पर इसका नाम सिनोमिक्रूरस गोरेई रखा गया है। लालरेमसांगा ने बताया कि इस सांप को स्थानीय तौर पर 'रूलथिहना' के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यह मिजोरम के गले के पारंपरिक हार ‘थिहना' से काफी मिलता-जुलता है। शोधकर्ताओं ने यह खोज मिजोरम में कोरल सांपों के कंकाल और डीएनए का अध्ययन करते समय की है।नई प्रजाति के बारे में 'रिअप्रेजल ऑफ द सिस्टमैटिक्स ऑफ टू सिम्पटरीक ऑफ टू कॉरल स्नेक' नामक एक अध्ययन में बताया गया, जो 10 जनवरी को ब्रिटिश विज्ञान पत्रिका ‘सिस्टमैटिक्स एंड बायोडायवर्सिटी (टेलर एंड फ्रांसिस ग्रुप)' में प्रकाशित हुआ था। लालरेमसंगा के अनुसार, दुनिया भर में सिनोमिक्रूरस कोरल सांपों की कुल नौ प्रजातियां खोजी गई हैं और इनमें से सिनोमिक्रूरस मैकलेलैंडी नामक केवल एक प्रजाति पूर्वोत्तर भारत में पाई जाती है।
- मुंबई,। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को मांग की कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा कराई जाए क्योंकि यह ''राष्ट्र के गौरव और देश के स्वाभिमान" का मामला है। ठाकरे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह मुर्मू को नासिक स्थित कालाराम मंदिर में भी आमंत्रित करेंगे। अयोध्या में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन ठाकरे कालाराम मंदिर में दर्शन करेंगे। ठाकरे ने पहले घोषणा की थी कि वह 22 जनवरी को अपनी पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ नासिक स्थित प्रतिष्ठित कालाराम मंदिर जाएंगे और गोदावरी नदी के तट पर 'महा आरती' करेंगे। इसके एक दिन बाद यानी 23 जनवरी को नासिक में पदाधिकारियों के एक सम्मेलन का भी आयोजन होगा जहां ठाकरे एक रैली को भी संबोधित करेंगे। ठाकरे ने कहा कि गुजरात में सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद औपचारिक पुनरुद्धार समारोह देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था। उन्होंने कहा,''यह (अयोध्या राम मंदिर) राष्ट्र के गौरव और देश के स्वाभिमान का मामला है तो प्राण-प्रतिष्ठा समारोह राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा किया जाना चाहिए।'' राममंदिर ट्रस्ट के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट की और उन्हें अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता रामलाल और राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा शामिल थे। ठाकरे ने कहा कि 1992 में 'कार सेवा' का हिस्सा रहे शिवसैनिकों को भी नासिक में सम्मानित किया जाएगा।
- पुणे (महाराष्ट्र)। प्रख्यात शास्त्रीय गायिका डॉ. प्रभा अत्रे का यहां उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से शनिवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं। उनके करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के किराना घराने का प्रतिनिधित्व करने वाली अत्रे को भारत सरकार ने तीनों पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया था। अत्रे को उनके आवास पर सोते समय दिल का दौरा पड़ा। उन्हें शहर के कोथरूड इलाके में एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर मृत घोषित कर दिया गया।'' सूत्र ने बताया कि चूंकि अत्रे के परिवार के कुछ लोग विदेश में रहते हैं इसलिए उनके यहां पहुंचने पर ही अत्रे का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बहुमुखी प्रतिभा की धनी अत्रे का जन्म 13 सितंबर 1932 को हुआ था। शास्त्रीय गायिका होने के बावजूद वह एक उत्कृष्ट विद्वान, अनुसंधानकर्ता, संगीतकार और लेखिका भी थीं। विज्ञान और विधि में स्नातक प्राप्त अत्रे ने संगीत में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की थी। उन्हें जनवरी 2022 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्हें 1990 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था और 2002 में पद्म भूषण प्रदान किया गया था।शास्त्रीय संगीत को जनसुलभ बनाने के लिये वह जीवन भर रूढियों से लड़ती रहीं और जटिलता को चुनौती देती रहीं , पद्मविभूषण प्रभा अत्रे चाहतीं तो बेहद सफल डॉक्टर बन सकती थीं लेकिन उन्होंने अपने दिल की सुनी और संगीत को चुना। किराना घराने की विश्व विख्यात हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायिका अत्रे को संगीत विरासत में नहीं मिला था । वह तो कानून और विज्ञान की मेधावी छात्रा थीं लेकिन एक मोड़ पर आकर उन्हें लगा कि मेंढकों को चीरने फाड़ने या काला कोट पहनकर अपराधियों को बचाने से स्वर की साधना करना बेहतर है । उनका सपना और खुद से वादा था कि अंतिम श्वास तक वह गाती रहेंगी और 92 वर्ष की उम्र में उन्हें मुंबई में आज गाना भी था लेकिन इस स्वरयोगिनी की स्वरसाधना पर विराम लग गया और सुबह पुणे में उनके निवास पर तड़के दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्होंने आखिरी सांस ली । अत्रे ने पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज से विज्ञान में स्नातक किया और बाद में विधि कालेज से भी डिग्री ली । संगीत में उनके कदम अनायास पड़े । उन्होंने 2022 में देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण पाने के बाद कहा था ,‘‘ मैं कानून और विज्ञान पढ़ रही थी और सपने में भी नहीं सोचा था कि गायिका बनूंगी । मेरे माता पिता शिक्षाविद थे और मेरी मां की बीमारी से संगीत हमारे घर में आया । वह हारमोनियम सीखती थी और मैं उनके पास बैठती थी। उन्होंने तो संगीत छोड़ दिया लेकिन मुझसे नहीं छूटा ।'' उन्हें 1990 में पद्मश्री और 2002 में पद्मभूषण से नवाजा गया ।उन्होंने कहा था ,‘‘ मुझे लगता है कि गायिका बनना मेरे प्रारब्ध में था । लोगों को मेरा संगीत पसंद आने लगा और मुझे उसके लिये पारिश्रमिक भी मिलने लगा ।'' कानून और विज्ञान की छात्रा होने के कारण उन्होंने परंपरा के नाम पर अंधानुकरण नहीं किया और अपनी आंखें हमेशा खुली रखी । उन्होंने विदेश में भारतीय शास्त्रीय संगीत को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई और 1969 में पहला कार्यक्रम किया । अपने संगीत में लगातार नये प्रयोग करते रहने वाली अत्रे को ‘ख्याल', ‘तराना', ‘ठुमरी', ‘दादरा', ‘गजल', और ‘भजन' सभी विधाओं में महारत हासिल थी । उन्होंने ‘अपूर्व कल्याण', ‘मधुरकंस', ‘पटदीप', ‘मल्हार', ‘तिलंग' , ‘भैरव, भीमकली', ‘रवी भैरव' जैसे नये रागों की रचना भी की । युवावस्था में उन्होंने ‘संगीत शारदा', ‘संगीत विद्याहरण', ‘संगीत मृच्छकटिक' जैसे संगीतमय नाटकों में शीर्ष महिला किरदार भी निभाया । देश के शास्त्रीय संगीत कैलेंडर के महत्वपूर्ण महोत्सव पुणे के सवाई गंधर्व भीमसेन महोत्सव का समापन उन्हीं के गायन से होता था । पंडित भीमसेन जोशी ने अपने गुरु की स्मृति में यह कार्यक्रम शुरू किया और 2006 के बाद उन्होंने अत्रे को महोत्सव की समाप्ति का जिम्मा सौंपा । तभी से यह परंपरा चली आ रही थी । वह अपने कार्यक्रम में अपनी ही बंदिशें गाती थी । ‘जागूं मैं सारी रैना (राग मरू बिहाग), ‘तन मन धन ' (राग कलावती), ‘नंद नंदन'(राग किरवानी) जैसे उनके गीत बरसों तक संगीतप्रेमियों को लुभाते रहेंगे । एक महान गायिका होने के साथ वह चिंतक, शोधकर्ता, शिक्षाविद्, सुधारक, लेखिका, संगीतकार और गुरु भी थीं । उन्होंने हमेशा शास्त्रीय संगीत की पहुंच को विस्तार देने के लिये शिक्षा प्रणाली में बदलाव की पैरवी की । उनका कहना था ,‘‘ सभी को इसके लिये काम करना होगा , श्रोताओं से लेकर संगीतकारों और सरकार तक । हमारी शिक्षा प्रणाली को बदलना होगा और संगीत की शिक्षा अनिवार्य करनी होगी । श्रोताओं को भी शास्त्रीय संगीत समझने के लिये मेहनत करनी होगी।' अत्रे ने ‘स्वरमयी गुरुकुल' की भी स्थापना की जिसमें दुनिया भर के छात्रों को दोनों परंपराओं ‘गुरु शिष्य' और संस्थागत शिक्षा दी जाती थी । उनका मानना था कि इन दोनों के बीच अंतर को मिटाने की जरूरत है । मौजूदा दौर के गायकों से उन्हें कोई गिला नहीं था । वह फिल्मी संगीत से लेकर गजल और फ्यूजन सभी कुछ चाव से सुनती थीं । अपने संगीतमय सफर में शिखर तक पहुंचने के बावजूद उनकी साधना में कहीं कोई कमी नहीं आई थी ।उनका कहना था ,‘‘ एक साधक के तौर पर मैं कभी संतुष्ट नहीं हो सकती क्योंकि सीखने का कोई अंत नहीं है । मैं आखिरी सांस तक गाना चाहती हूं और संगीत के अन्य पहलुओं पर भी काम करना चाहती हूं । मैं शास्त्रीय संगीत को आम जनता तक ले जाना चाहती हूं ताकि वे इसे आसानी से सीख सकें क्योंकि ऐसा नहीं हुआ तो शास्त्रीय संगीत बचेगा नहीं ।'
- नोएडा (उप्र) । उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर जिले के खोदना खुर्द गांव में बिजली चोरी रोकने गए नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) के अधिकारियों के साथ चार लोगों ने कथित रूप से मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। थाना सूरजपुर के प्रभारी निरीक्षक पुष्पराज ने बताया कि एनपीसीएल में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता रुपेश मिश्रा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वह और उनके सहकर्मी बिजली चोरी रोकने के लिए दो गाड़ियों में सवार होकर खोदना खुर्द गांव गए थे लेकिन वे बिजली चोरी रोकने की कार्रवाई शुरू कर जैसे ही केबल काटने लगे, तभी रामवीर, पवन, प्रवीण तथा बिंद्रा उर्फ लंगड़ा नाम के आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होंने दर्ज शिकायत के अनुसार बताया कि आरोपियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों की कार का शीशा भी तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
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नई दिल्ली। दिल्ली में ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सोने के दो अलग-अलग मामलों में 6 लोगों की मौत हो गई है । प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 एक घटना आउटर नॉर्थ दिल्ली के खेड़ा में घटी है, जबकि दूसरी घटना सेंट्रल दिल्ली के इंद्रपुरी थाना इलाके में हुई है। आउटर नॉर्थ दिल्ली के खेड़ा इलाके में घर में 4 लोगों की लाश मिली है। एक ही परिवार के पति-पत्नी और दो बच्चों की लाश बरामद की गई है।
शुरूआती जांच में सामने आया है कि दरवाजा अंदर से बंद था। , कमरे में अंगीठी जली हुई थी. । सर्दी से बचने के लिए अंगीठी जलाई गई थी। . धुआं से सफोकेशन हुआ और दम घुटने से सभी की मौत हो गई. । दोनों बच्चों में एक की उम्र 7 साल और एक की 8 साल थी.।वहीं इंद्रपुरी में ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सो रहे दो लोगों की मौत हो गई है। दोनों की मौत दम घुटने से हुई है। एक की उम्र 56 साल और एक की उम्र 22 साल बताई जा रही है। हालांकि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है.। (सांकेतिक फोटो) - नई दिल्ली । महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ कांग्रेस में शुमार मिलिंद देवड़ा ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है ।. उन्होंने रविवार सुबह ही यह ऐलान कियामिलिंद देवड़ा ने अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए रविवार सुबह एक्स पर लिखा कि पार्टी के साथ उनके परिवार का 55 साल पुराना रिश्ता ख़त्म हो गया । दरअसल मिलिंद के पिता दिवंगत मुरली देवड़ा भी ताजिंदगी कांग्रेसी रहे. । पार्टी ने उन्हें केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री भी बनाया था. । कांग्रेस ने फिर दक्षिण मुंबई की उनकी परंपरागत सीट पर ही उनके बेटे को मिलिंद टिकट दिया, जहां से जीतकर मिलिंद केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री भी बनें । ऐसे में सवाल उठता है कि कांग्रेस के साथ आखिर इस 55 साल पुराने रिश्ते को तोड़ने की वजह क्या रही?दरअसल मिलिंद देवड़ा की दक्षिण मुंबई संसदीय सीट इस बार I.N.D.I.A गठबंधन की सहयोगी शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को दिए जाने की अटकलें लग रही हैं. । मिलिंद ने वर्ष 2004 और 2009 में इस सीट पर जीत दर्ज की थी । ऐसे में अपनी यह परंपरागत सीट उद्धव ठाकरे खेमे को दिए जाने से मिलिंद नाराज थे. ।प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस छोड़ने का ऐलान करने से पहले पार्टी महासचिव जयराम रमेश से संपर्क भी किया था ।
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नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि सरकार के सामने फिलहाल गेहूं, चावल और चीनी के निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाने का कोई भी प्रस्ताव नहीं है.।गोयल ने कहा कि भारत का गेहूं और चीनी के आयात का भी कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘गेहूं, चावल और चीनी पर निर्यात प्रतिबंध हटाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है. इसके साथ ही भारत गेहूं और चीनी का आयात नहीं करेगा.।’
भारत ने घरेलू स्तर पर बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए मई, 2022 में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद जुलाई, 2023 से गैर-बासमती चावल के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा हुआ है। सरकार ने अक्टूबर, 2023 में चीनी के निर्यात पर भी रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया था.। उन्होंने यह भी कहा कि गेहूं और चीनी के आयात की ‘‘न तो कोई योजना है और न ही इसकी कोई जरूरत है.’।’उन्होंने कहा कि भारत गैर-बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद अपने मित्र देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा जरूरतों के लिए चावल उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने इंडोनेशिया, सेनेगल और गाम्बिया जैसे देशों को चावल उपलब्ध कराया है।आगे उन्होंने कहा कि इन वस्तुओं के निर्यात पर पाबंदी हटते ही इनकी खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित का भी ध्यान रख रही है,।तभी सरकारी स्तर पर प्याज की भरपूर खरीदारी की जा रही है।. सरकार अहमदनगर, नासिक, होशंगाबाद, सोलापुर व पुणे जैसी जगहों से 19-23 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की खरीदारी कर रही है.।गौरतलब है कि प्याज की कीमतों में इजाफे के बाद कुछ महीनों पहले ही इसके निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग गया था और ऐसा ही चीनी के साथ भी हुआ था। गेहूं के निर्यात पर एक साल से भी ज्यादा समय से प्रतिबंध लगा हुआ है.।उच्चतम स्तर पर महंगाईउल्लेखनीय है कि दिसंबर 2023 में खुरा महंगाई दर 5.69 प्रतिशत के साथ चार माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर दिसंबर में 9.53 प्रतिशत हो गई थी जो 2022 दिसंबर में 4.19 प्रतिशत थी.। -
अगरतला. शांति काली आश्रम मिशन त्रिपुरा में 108 मंदिरों का निर्माण करेगा। मिशन के एक पदाधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। शांति काली आश्रम मिशन, आदिवासियों के बीच काम करने वाली एक प्रसिद्ध धार्मिक संस्था है और मिशन की आठ शाखाएं हैं, जिन्हें गुमती जिले के सरबोंग आश्रम से चलाया जाता है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा विवेकानंद मैदान में आयोजित एक रैली के दौरान शांति काली आश्रम मिशन के प्रमुख चित्त महाराज ने कहा, ''गुरुदेव शांति काली ने मुझसे एक मंदिर बनाने के लिए कहा था और मैंने हिंदू आस्था में विश्वास रखने वाले लोगों की मदद से इस कार्य को पूर्ण किया। मैं अपने गुरुदेव के आध्यात्मिक मूल्य को फैलाने के लिए राज्य में 108 मंदिरों के निर्माण का वादा करता हूं।'' रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य, पार्टी महासचिव अमित रक्षित और पापिया दत्ता शामिल हुए। रैली का उद्देश्य लोगों को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के महत्व को समझाना था। त्रिपुरा में उग्रवाद के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुरुदेव शांति काली की आदिवासियों के बीच हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए अगस्त 2000 में पश्चिमी त्रिपुरा के जिरानिया में प्रतिबंधित नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) के उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। चित्त महाराज ने लोगों से 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर मिट्टी के दीपक जलाने का आग्रह किया।
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अयोध्या। दूरदर्शन राम मंदिर परिसर सहित अयोध्या के विभिन्न स्थानों पर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के सीधे प्रसारण के लिए लगभग 40 कैमरे लगाएगा और कार्यक्रम अत्याधुनिक 4के प्रौद्योगिकी में प्रसारित किया जाएगा। यह जानकारी एक शीर्ष अधिकारी ने दी। मुख्य मंदिर परिसर के अलावा, राष्ट्रीय प्रसारक सरयू घाट के पास राम की पैड़ी, कुबेर टीला में जटायु प्रतिमा और अन्य स्थानों से विभिन्न चैनलों पर सीधा प्रसारण करेगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा ने यहां कहा, ‘‘जी20 की तरह...जब हमने 4के प्रसारण किया था, इस बार भी, दूरदर्शन इसे 4के (प्रसारण प्रौद्योगिकी) में करेगा... पूरा सीधा प्रसारण होगा और कवरेज विभिन्न भाषाओं तथा विभिन्न चैनलों पर प्रसारित की जाएगी। वहीं, निजी चैनलों को भी दूरदर्शन के जरिए फीड मिलेगा।'' 4के प्रौद्योगिकी अत्यधिक पिक्सेल प्रदान करती है जिसके परिणामस्वरूप दर्शकों के लिए दृश्य गुणवत्ता में वृद्धि होती है। अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे। राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा 7,000 से अधिक अतिथियों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां और देश भर से बड़ी संख्या में साधु-संत शामिल हैं। भव्य समारोह से पहले, उत्तर प्रदेश सरकार और अयोध्या प्रशासन ने सभी तैयारियां कर ली हैं और पवित्र नगरी को इस बड़े दिन के लिए सजाया जा रहा है। चंद्रा और दूरदर्शन की पूरी टीम ने, जो प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन यहां होगी, कवरेज की तैयारियों का जायजा लेने के लिए इस सप्ताह की शुरुआत में अयोध्या का दौरा किया। उन्होंने कहा, "22 जनवरी के 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह के लिए हमें यहां काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। दूरदर्शन ने इसके लिए सभी तैयारियां कर ली हैं। दूरदर्शन के लगभग 250 कर्मचारी (उस दिन) मौजूद रहेंगे।" चंद्रा ने कहा, "अयोध्या में राम की पैड़ी, मंदिर परिसर जैसे स्थानों पर, जहां भी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम होंगे, लगभग 40 कैमरे लगाए जाएंगे। उनका एक कार्यक्रम जटायु (प्रतिमा) के पास भी है।" श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट समारोह के लिए तैयारी कर रहा है और कार्यकर्ता मंदिर परिसर में समारोह संबंधी कार्यों को पूरा करने के लिए दिन-रात लगे हैं। समारोह के दिन अयोध्या शहर में कड़ी सुरक्षा रहेगी। मंदिर परिसर 23 जनवरी से लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पूर्व में कहा था कि मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' 22 जनवरी को दोपहर 12:20 बजे होगी। राय ने दिसंबर के अंत में कहा था कि अयोध्या में कुबेर टीला पर जटायु की एक प्रतिमा स्थापित की गई है।
उन्होंने कहा, "कुबेर टीला पर मौजूद एक प्राचीन शिव मंदिर का भी पुनरुद्धार किया गया है। ट्रस्ट ने हाल ही में नए मंदिर और जटायु की विशाल प्रतिमा की तस्वीरें तथा वीडियो साझा किए थे। राम की पैड़ी पर शाम को एक विशेष लेजर शो नियमित रूप से किया जाता है। इस दौरान पुराने मंदिरों और इमारतों पर 3डी प्रौद्योगिकी के जरिए महाकाव्य रामायण से भगवान राम और अन्य की कहानी बताई जाती है। -
देहरादून. उत्तराखंड सरकार ने सातवें वेतन आयोग के तहत अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 42 प्रतिशत प्रतिमाह से बढ़ाकर 46 प्रतिशत कर दिया है। यहां जारी एक आदेश में यह जानकारी दी गई। संशोधित महंगाई भत्ता एक जुलाई 2023 से प्रभावी होगा, और लाभार्थियों को बकाये का भुगतान नकदी में किया जाएगा। आदेश के अनुसार, एक जनवरी 2024 से संशोधित महंगाई भत्ता कर्मचारियों को उनके प्रति माह के वेतन के साथ अदा किया जाएगा। इसमें कहा गया है कि यह राज्य सरकार के कर्मचारियों और सरकार से सहायता प्राप्त शैक्षणिक एवं तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारियों पर लागू होगा।
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नई दिल्ली। राजपथ पर इस साल गणतंत्र दिवस की परेड में मेड इन इंडिया हथियार आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे। परेड के दौरान स्वदेशी हथियार जैसे एलसीएच प्रचंड हेलीकॉप्टर, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर और एंटी टैंक मिसाइल नाग का प्रदर्शन किया जाएगा। एलसीएच प्रचंड हेलीकॉप्टर देश का पहला स्वदेशी मल्टी रोल कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा डिजाइन किया गया है।
एलसीएच प्रचंड ग्राउंड अटैक और हवाई हमले में सक्षम है। यह हेलीकॉप्टर आधुनिक स्टील्थ तकनीक से लैस है, जिसमें आर्मर प्रोटेक्शन और रात में हमला करने की भी क्षमता मौजूद है। इसमें आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें लगाई गई हैं। नाग मिसाइल सिस्टम को डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया है। दुश्मनों के टैंकों को तबाह करने में यह मिसाइल काफी कारगर है और खास बात ये है कि यह मिसाइल सिस्टम दिन और रात दोनों समय हमले करने में सक्षम है। यह मिसाइल टॉप अटैक क्षमताओं और ऑटोमैटिक तरीके से अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। नाग मिसाइल का कैरियर NAMICA बीएमपी-2 पर आधारित सिस्टम है और इसे जमीन के साथ ही पानी की सतह से भी फायर किया जा सकता है।गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान आधुनिक बख्तरबंद गाड़ियां और अन्य विशेषज्ञ वाहन भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इस साल गणतंत्र दिवस की परेड में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां मुख्य अतिथि होंगे। मेड इन इंडिया हथियारों में टी-90 टैंक, बीएमपी-2 इंफेंट्री कॉम्बैट वाहन, ड्रोन जैमर्स, एडवांस्ड सर्वत्र ब्रिज, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और मल्टी फंक्शन रडार आदि का भी प्रदर्शन किया जाएगा। file photo -
नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन अथवा जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स के लिए कार्यरत अस्थायी मजदूरों के लिए समूह बीमा योजना शुरू करने को मंजूरी दे दी है। इस योजना में , मजदूर की मृत्यु होने पर परिवार या निकटतम परिजन को दस लाख रुपये की राशि देने का प्रावधान है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह योजना खतरनाक कार्यस्थलों, खराब मौसम, दुर्गम इलाकों और व्यवसायजन्य स्वास्थ्य खतरों को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही है।मंत्रालय ने कहा कि यह योजना देश के दूरदराज के इलाकों में काम करने वाले अस्थायी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी। हाल ही में, रक्षा मंत्री ने अस्थायी मजदूरों के लिए कुछ अन्य कल्याणकारी उपायों को भी मंजूरी दी है। इनमें शव को संरक्षित रखने और उसे गंतव्य तक पहुंचाने, अटेंडेंट को परिवहन भत्ता देने, अंत्येष्टि के लिए दस हजार रुपये प्रदान करने और मृत्यु के मामले में तत्काल सहायता के रूप में पचास हजार रुपये की अनुग्रह राशि का अग्रिम भुगतान करना शामिल हैं। - नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन अयोध्या हवाई अड्डे पर 100 चार्टर्ड उड़ानों के उतरने की उम्मीद है। अयोध्या में महर्षि वाल्मिकी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। आदित्यनाथ ने कहा कि 22 जनवरी को करीब 100 चार्टर्ड उड़ानों के अयोध्या हवाई अड्डे पर उतरने का अनुमान है। अयोध्या से अहमदाबाद के लिए एयरलाइन इंडिगो की उड़ान सेवा के उद्घाटन के लिए ऑनलाइन आयोजित समारोह में उन्होंने यह बात कही। कार्यक्रम में आदित्यनाथ ने लखनऊ से और नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राष्ट्रीय राजधानी से ऑनलाइन हिस्सा लिया।
- गांधीनगर. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि भारत अपनी मौजूदा क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए 2028 तक पहला भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना चाहेगा। वह 10वें ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट' के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के संदर्भ में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मौजूदा प्रक्षेपण क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए 2028 तक पहला भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना चाहेंगे। और हम इसे प्रयोगशाला में तब्दील करना चाहेंगे जहां आप आएं और प्रयोग करें।'' इसरो प्रमुख ने कहा इसकी स्थापना के बाद इसरो ऐसी कंपनियों और संस्थाओं का पता लगाएगा जो भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का उपयोग कर सकेंगे और इसके माध्यम से आर्थिक गतिविधियां कर सकेंगे। सोमनाथ ने कहा कि उनका मानना है कि यह संभव है। सोमनाथ ने कहा कि चंद्रमा पर मानव के पहुंचने का भी आर्थिक प्रभाव होगा क्योंकि भविष्य में केवल पृथ्वी के इर्दगिर्द ही रणनीतिक गतिविधियां नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि उद्योगों को पृथ्वी पर अनेक कार्यों के लिए अगले 5 से 10 साल में सैकड़ों अंतरिक्षयान बनाने होंगे।
- नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को ओडिशा के चांदीपुर अपतटीय क्षेत्र स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से नयी पीढ़ी की ‘आकाश’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा बहुत कम ऊंचाई पर उच्च गति वाले मानवरहित हवाई लक्ष्य को निशाना बनाकर किया गया। अधिकारियों ने कहा कि परीक्षण के दौरान अस्त्र प्रणाली ने लक्ष्य को सफलतापूर्वक रोका और नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने कहा, “स्वदेशी रूप से विकसित रेडियो फ्रीक्वेंसी सीकर, लॉन्चर, बहु कार्य रडार और कमान, नियंत्रण एवं संचार प्रणाली के साथ मिसाइल से युक्त संपूर्ण अस्त्र प्रणाली का कामकाज सटीक साबित हुआ।”प्रणाली का प्रदर्शन आईटीआर, चांदीपुर द्वारा स्थापित कई रडार, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम द्वारा प्राप्त डेटा के अनुसार भी सटीक माना गया। परीक्षण को डीआरडीओ, भारतीय वायुसेना (आईएएफ), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के वरिष्ठ अधिकारियों ने देखा।आकाश-एनजी प्रणाली एक अत्याधुनिक मिसाइल प्रणाली है जो त्वरित गति से आने वाले हवाई लक्ष्यों को रोकने में सक्षम है। इस सफल उड़ान परीक्षण ने अब अस्त्र प्रणाली के उपयोग के लिए परीक्षणों का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परीक्षण के लिए डीआरडीओ, आईएएफ, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्यम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रणाली के सफल विकास से देश की वायु रक्षा क्षमताओं में और वृद्धि होगी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने भी आकाश-एनजी के सफल परीक्षण से जुड़ी टीम को बधाई दी।
- नयी दिल्ली ।राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए अयोध्या में जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाले खाने के बर्तनों का उपयोग किया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।राम मंदिर ट्रस्ट ने इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्राप्त गन्ने की खोई से बनी एवं जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाली पैकेजिंग सामग्री में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनी पक्का लिमिटेड का सहयोग लिया है।पक्का लिमिटेड के भारत में कारोबार प्रमुख जगदीप हीरा ने कहा, ‘‘हमारा ब्रांड ‘चक’ जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाले बर्तनों के लिए जाना जाता है। इसे राम मंदिर ट्रस्ट ने उद्घाटन कार्यक्रम के लिए चयनित किया है। अयोध्या जब राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए लाखों श्रद्धालुओं का स्वागत करने की तैयारी कर रहा है, हम एक पर्यावरण अनुकूल विरासत को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी भूमिका निभाने को लेकर आशान्वित हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘राम मंदिर ट्रस्ट के साथ इस सहयोग में, हमने मंदिर को जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाले खाने के बर्तनों की पेशकश की है, जो इस पवित्र अवसर के मूल्यों के अनुरूप है। पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, प्रकृति का सम्मान, और हमारे आसपास के पवित्र वातावरण के संरक्षण के जरिये हमारा लक्ष्य हरित अयोध्या में योगदान देना है।’’इस साझेदारी का लक्ष्य राम मंदिर परिसर के आसपास अयोध्या में कार्यक्रम के बाद पर्यावरण हितैषी व्यवहारों को बढ़ावा देना है।सहयोग का लक्ष्य उत्तर प्रदेश सरकार की पहल, ‘अयोध्या को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र बनाएं’ के अनुरूप सकारात्मक पर्यावरण प्रभाव पैदा करना है।हीरा ने कहा कि जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाले इन बर्तनों का उपयोग कर, राम मंदिर ट्रस्ट मंदिर के उद्घाटन के पहले और बाद में पर्यावरण हितैषी व्यवहारों का उदाहरण स्थापित करना और अन्य को व्यावहारिक विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहता है।उन्होंने कहा, ‘‘हमारी योजना जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाले एवं खाने के लिए उपयोग किये जाने वाले 10 लाख बर्तन उपब्लध कराने की है।’’समारोह में 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाग लेने का कार्यक्रम है।
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नई दिल्ली। इंदौर और सूरत को आज एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में स्वच्छ नगरों के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इंदौर ने लगातार सातवीं बार यह पुरस्कार प्राप्त किया है। इसी श्रेणी में नवी मुंबई को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 पुरस्कार प्रदान किए।
एक लाख से कम जनसंख्या वाली श्रेणी में महाराष्ट्र में सास्वाद, छत्तीसगढ़ में पाटन तथा महाराष्ट्र में लोनावाला ने स्वच्छ शहरों में तीन शीर्ष स्थान प्राप्त किए। इस बीच महाराष्ट्र को राज्यों की श्रेणी में स्वच्छता के लिए पहला पुरस्कार, मध्य प्रदेश को द्वितीय पुरस्कार और छत्तीसगढ़ को तीसरा स्वच्छ राज्य पुरस्कार दिया गया। उत्तर प्रदेश से वाराणसी और प्रयागराज ने स्वच्छ गंगा नगरों में से दो शीर्ष स्थान प्राप्त किए।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार तथा अन्य संगठनों ने देश में स्वच्छ भारत मिशन को महत्वपूर्ण आंदोलन बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन, इससे जुडे लाखों लोगों को आजीविका प्रदान करता है। राष्ट्रपति ने स्वच्छ भारत मिशन में योगदान के लिए सफाईमित्रों का धन्यवाद भी किया और कहा कि इस मिशन में उनका योगदान अत्यन्त उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने देश के युवा वर्ग से भारत को विश्व में स्वच्छ देश बनाने की दिशा में योगदान देने की अपील की।इस अवसर पर आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा 4,447 शहरों में एक लाख स्थल स्वच्छ सर्वेक्षण के काम के लिए दिए गए है और 12 करोड़ नागरिकों की प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि 2014 में केवल 15 से 16 प्रतिशत कचरा वैज्ञानिक रूप से संसाधित किया गया और वर्तमान में कचरे के 76 प्रतिशत भाग को संसाधित किया जा रहा है।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लगातार सातवीं बार इंदौर को स्वच्छ नगर पुरस्कार दिये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि 2017 में स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार की शुरूआत के बाद राज्य को 67 पुरस्कार मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ को तीसरा स्थान हासिल करना एक बहुत अधिक महत्वपूर्ण क्षण है। -
मुंबई. एक स्थानीय क्रिकेट मैच के दौरान एक 52 वर्षीय पुरूष की फील्डिंग के दौरान मौत हो गई जब उसी मैदान पर चल रहे दूसरे मैच से गेंद आकर उनके सिर पर लगी । पुलिस ने बुधवार को बताया कि यह हादसा सोमवार को दोपहर में माटुंगा के दाडकर क्रिकेट मैदान पर हुआ । उस समय जयेश चुन्नीलाल सावला अपनी टीम के लिये फील्डिंग कर रहे थे। मैदान पर एक साथ दो मैच चल रहे थे । दूसरे मैच से बल्लेबाज ने शॉट लगाया तो गेंद सावला के सिर के पिछले हिस्से में लगी । वह मैदान पर अचेत होकर गिर गए । उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया । अधिकारी ने बताया कि सावला की मौत सिर में लगी चोट के कारण हुई और माटुंगा थाने में हादसे में मौत की रिपोर्ट दर्ज कराई गई । कच्छी समुदाय द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में मैदान पर मैच खेले जा रहे थे ।
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नयी दिल्ली. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने बुधवार को यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की और उन्हें 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया। इस समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश भर से हजारों साधु-संतों को आमंत्रित किया गया है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर अयोध्या में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
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नयी दिल्ली.अयोध्या में 22 जनवरी को ‘प्राण प्रतिष्ठा' समारोह से पहले राम मंदिर के लिए भेजे गये विशेष उपहारों में 108 फुट लंबी अगरबत्ती, 2,100 किलोग्राम का घंटा, 1,100 किलोग्राम वजन का एक विशाल दीपक, सोने के खड़ाऊं, 10 फुट ऊंचा ताला तथा चाबी और आठ देशों का समय एक साथ बताने वाली घड़ी शामिल हैं। इन अनोखे उपहारों को बनाने वाले कलाकारों को उम्मीद है कि इनका इस्तेमाल भव्य मंदिर में किया जाएगा। देश के सभी हिस्सों और यहां तक कि विदेशों से भी उपहार प्राप्त हो रहे हैं।
नेपाल के जनकपुर में सीताजी की जन्मभूमि से भगवान राम के लिए 3,000 से अधिक उपहार अयोध्या पहुंचे हैं। आभूषण और कपड़ों सहित उपहारों को इस सप्ताह नेपाल के जनकपुर धाम रामजानकी मंदिर से लगभग 30 वाहनों के जरिये अयोध्या ले जाया गया। श्रीलंका का एक प्रतिनिधिमंडल भी अशोक वाटिका से एक विशेष उपहार के साथ अयोध्या पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने महाकाव्य रामायण में वर्णित अशोक वाटिका से लाई गई एक शिला भेंट की। रामायण के अनुसार अशोक वाटिका वही जगह है, जहां रावण ने माता सीता का अपहरण करने के बाद उन्हें रखा था। राम मंदिर का पहला चरण पूरा होने वाला है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 जनवरी को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लेंगे। भव्य समारोह से पहले, मंदिर के अधिकारियों को कई उपहार मिल रहे हैं।
गुजरात के वडोदरा में छह महीने की अवधि में 108 फुट लंबी अगरबत्ती तैयार की गई है, जिसका वजन 3,610 किलोग्राम है और यह लगभग 3.5 फुट चौड़ी है। अगरबत्ती तैयार करने वाले वडोदरा निवासी विहा भरवाड ने बताया, ‘‘यह अगरबत्ती पर्यावरण के अनुकूल है और लगभग डेढ़ महीने तक जलेगी और कई किलोमीटर तक अपनी सुंगध फैलाएगी।'' उन्होंने कहा कि इस अगरबत्ती के लिए 376 किलोग्राम गुग्गुल, 376 किलोग्राम नारियल गोला, 190 किलोग्राम घी, 1,470 किलोग्राम गाय का गोबर, 420 किलोग्राम जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। भरवाड और 25 अन्य भक्त एक जनवरी को विशाल अगरबत्ती के साथ वडोदरा से रवाना हुए और उनका काफिला 18 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगा। गुजरात ने दरियापुर में अखिल भारतीय दबगर समाज द्वारा तैयार किया गया एक नगारू (मंदिर का वाद्ययंत्र) भी भेजा है। मंदिर के प्रांगण में यह नगारू स्थापित किया जायेगा। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी ताला बनाने वाले सत्य प्रकाश शर्मा ने 10 फुट ऊंचाई, 4.6 फुट चौड़ाई और 9.5 इंच मोटाई वाला 400 किलोग्राम वजन का ताला और चाबी तैयार की है। उन्होंने कहा, ‘‘यह दुनिया का सबसे बड़ा ताला और चाबी है। मैंने इसे ट्रस्ट को उपहार में दिया है ताकि इसे मंदिर में प्रतीकात्मक ताले के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।'' उत्तर प्रदेश में एटा के जलेसर में अष्टधातु से बना 2,100 किलोग्राम वजन का घंटा तैयार किया गया है।
घंटा तैयार करने में शामिल एक कारीगर ने कहा, ‘इसे तैयार करने में दो साल लग गए। सभी अनुष्ठानों को करने के बाद धूमधाम के साथ घंटे को अयोध्या भेजा जा रहा है।'' लखनऊ के एक सब्जी विक्रेता ने विशेष रूप से एक ऐसी घड़ी तैयार की है जो एक ही समय में आठ देशों का समय बताती है। अनिल कुमार साहू (52) ने कहा कि उन्होंने 75 सेमी व्यास वाली घड़ी मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को उपहार में दी है। साहू ने कहा कि उन्होंने पहली बार 2018 में घड़ी बनाई थी, और इसे भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा प्रमाण पत्र दिया गया था। उन्होंने बताया कि यह घड़ी भारत, टोक्यो (जापान), मॉस्को (रूस), दुबई (यूएई), बीजिंग (चीन), सिंगापुर, मेक्सिको सिटी (मेक्सिको), वाशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क (अमेरिका) का समय दर्शाती है। नागपुर के शेफ विष्णु मनोहर ने घोषणा की है कि वह प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने वाले भक्तों के लिए 7,000 किलोग्राम ‘‘राम हलवा'' तैयार करेंगे। मथुरा का श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान अयोध्या में ‘यज्ञ' के लिए 200 किलोग्राम लड्डू भेजने की तैयारी कर रहा है। तिरूपति में श्री वेंकटेश्वर मंदिर के संरक्षक, तिरुमला तिरूपति देवस्थानम (टीटीडी) ने भी घोषणा की है कि वह इस खास दिन के लिए भक्तों को वितरण के वास्ते एक लाख लड्डू भेजेगा। सूरत के एक हीरा व्यापारी ने 5,000 अमेरिकी हीरे और दो किलोग्राम चांदी का उपयोग करके राम मंदिर की थीम पर एक हार बनाया है। चालीस कारीगरों ने 35 दिन में इसे तैयार किया और हार को राम मंदिर ट्रस्ट को उपहार में दिया गया है। वडोदरा के रहने वाले किसान अरविंदभाई मंगलभाई पटेल ने 1,100 किलोग्राम वजन का एक विशाल दीपक तैयार किया है। पटेल ने कहा, ‘‘दीपक 9.25 फुट ऊंचा और आठ फुट चौड़ा है। दीपक ‘पंचधातु' (सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और लोहा) से बना है। -
नयी दिल्ली. गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग द रिट्रीट समारोह के कारण राष्ट्रपति भवन (सर्किट-1) 23 से 29 जनवरी तक आगंतुकों के लिए बंद रहेगा। यह जानकारी बुधवार को एक आधिकारिक बयान में दी गयी। राष्ट्रपति भवन के सर्किट-1 के भ्रमण के तहत आगंतुकों को मुख्य भवन, प्रांगण, स्वागत कक्ष, नवाचारा, बैंक्वेट हॉल, ऊपरी 'बरामदा', भवन की भव्य सीढ़ियां, अतिथि कक्ष, अशोक हॉल, उत्तरी ड्राइंग रूम, लंबे ड्राइंग रूम, पुस्तकालय, दरबार हॉल और भगवान बुद्ध की मूर्ति दिखाई जाती है। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग द रिट्रीट समारोह-2024 के कारण राष्ट्रपति भवन (सर्किट-1) 23 से 29 जनवरी, 2024 तक आम जनता के लिए बंद रहेगा।'' राष्ट्रपति भवन वास्तुकारों- सर एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर की कृति है। लुटियंस ने ही 330 एकड़ की संपत्ति पर पांच एकड़ क्षेत्र को कवर करने वाली एच-आकार की इमारत की कल्पना की थी। इस हवेली में कुल 340 कमरे हैं, जो चार मंजिलों, 2.5 किलोमीटर के गलियारे और 190 एकड़ के बाग क्षेत्र में फैले हुए हैं।
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नयी दिल्ली. आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा पर आधारित रोगों को परिभाषित करने वाली शब्दावली को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के रोग अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरण (आईसीडी) के 11वें संशोधन में शामिल किया गया है। आयुष मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा में रोगों को परिभाषित करने वाली शब्दावली को एक कोड के रूप में अनुक्रमित किया गया है। आयुष मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से आईसीडी-11 श्रृंखला के टीएम-2 मॉड्यूल के अंतर्गत आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी प्रणालियों में उपयोग की जाने वाली बीमारियों का वर्गीकरण तैयार किया है। मंत्रालय ने कहा कि आईसीडी 11, पारंपरिक चिकित्सा मॉड्यूल 2 के जारी होने के साथ ही इसके कार्यान्वयन की तैयारी शुरू हो गई है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी चिकित्सा पर आधारित रोगों से संबंधित डेटा और शब्दावली को डब्ल्यूएचओ आईसीडी-11 वर्गीकरण में शामिल किया गया है।'' बयान के अनुसार इस वर्गीकरण के लिए पहले डब्ल्यूएचओ और आयुष मंत्रालय के बीच एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। इसमें कहा गया है कि यह प्रयास भारत की स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली, अनुसंधान, आयुष बीमा कवरेज, अनुसंधान एवं विकास, नीति निर्माण प्रणाली को और मजबूत और विस्तारित करेगा। बयान के अनुसार इसके अलावा, इन कोड का उपयोग समाज में विभिन्न बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए भविष्य की रणनीति बनाने के लिए भी किया जा सकता है। इसके अनुसार केंद्रीय आयुष और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मुंजापारा महेंद्रभाई ने ‘इंडिया हैबिटेट सेंटर' में आईसीडी-11, टीएम मॉड्यूल-2 को जारी करते हुए कहा कि भारत और साथ ही दुनियाभर में आयुष चिकित्सा को वैश्विक मानकों के साथ एकीकृत करके आधुनिकीकरण करने की आवश्यकता है। भारत में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ. राडारिको एच. ऑफ्रिन ने कहा कि आईसीडी-11 में पारंपरिक चिकित्सा शब्दावली का समावेश पारंपरिक चिकित्सा और वैश्विक मानकों के बीच एक संबंध स्थापित करता है।
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नयी दिल्ली. देश में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 605 नए मामले सामने आए और चार संक्रमितों की मौत हो गई। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 3,643 हो गयी है। मंत्रालय के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे के दौरान कर्नाटक और केरल में कोविड-19 के दो-दो मरीजों की मौत हो गई। पिछले साल पांच दिसंबर तक दैनिक मामलों की संख्या घटकर दोहरे अंक में पहुंच गई थी, लेकिन ठंड और वायरस के नए उपस्वरूप ‘जेएन.1' के कारण संक्रमण के मामलों में तेजी आई है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पांच दिसंबर के बाद एक दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक नए मामलों की संख्या 31 दिसंबर 2023 को 841 दर्ज की गयी, जो मई 2021 में दर्ज सर्वाधिक मामलों का 0.2 प्रतिशत था। कोविड-19 के उपचाराधीन कुल 3,643 मरीजों में से 92 प्रतिशत मरीज घर पर ही रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं। इस संबंध में एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘‘मौजूदा आंकड़ों से पता चलता है कि ‘जेएन.1' उपस्वरूप की वजह से न तो नए मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है और न ही अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या तथा मृत्यु दर में वृद्धि हो रही है। '' देश में कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप के कारण अप्रैल-जून 2021 में महामारी की स्थिति भयावह हो गई थी और सात मई 2021 को देश में एक दिन में संक्रमण के 4,14,188 नए मामले सामने आए थे और 3,915 मरीजों की मौत हुई थी। वर्ष 2020 की शुरुआत से अब तक लगभग चार वर्ष में देश भर में कोरोना वायरस से लगभग साढ़े चार करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं तथा इससे 5.30 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, अब तक संक्रमण से उबरने वाले लोगों की संख्या 4.4 करोड़ से अधिक हो गई है और इस संक्रमण से ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत है। मंत्रालय ने कहा कि देश में कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 220.67 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं।
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लखनऊ (उप्र).अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दिन सरकार द्वारा छुट्टी घोषित किये जाने के कारण 22 जनवरी को होने वाली लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) की विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को स्थगित कर नया परीक्षा कार्यक्रम घोषित किया गया है। एलयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सभी शिक्षण संस्थाओं में छुट्टी का ऐलान किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके मद्देनजर विश्वविद्यालय में उस दिन होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित कर संशोधित कार्यक्रम घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि वाणिज्य, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साफ्टवेयर डेवलपमेंट, बायोकेमेस्ट्री, अंग्रेजी समेत विभिन्न विषयों की परीक्षाओं का संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसे एलयू की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिये अधिकारियों के साथ हुई बैठक में आगामी 22 जनवरी को सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी रखने के आदेश दिये थे।



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