- Home
- देश
-
नई दिल्ली। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कहा है कि स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के तहत महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों में नौ ईएसआईसी अस्पताल बनाए जाएंगे। इसके अलावा, गुजरात में 17 नई डिस्पेंसरियां भी स्थापित की जाएंगी। श्रम और रोजगार मंत्री भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कल नई दिल्ली में कर्मचारी राज्य बीमा निगम की बैठक में इस संबंध में प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। file photo
-
कोल्लम (केरल)। केरल के कोल्लम जिले में वृद्ध सास की बेरहमी से पिटाई करने का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी मंजू थॉमस को हिरासत में ले लिया गया और उसकी गिरफ्तारी दर्ज की गई।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तेवलक्करा की निवासी मंजू पर माता-पिता तथा वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण और कल्याण अधिनियम की धारा 24 और भारतीय दंड संहिता की धारा 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में दिख रहा है कि पीड़िता 80 वर्षीय एलियाम्मा थॉमस एक कमरे में प्रवेश कर रही है, जहां मंजू और दो बच्चे बैठे हैं। वीडियो में मंजू सास को धक्का देते हुए दिख रही है।पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘वह (आरोपी महिला) कुछ समय से वृद्ध महिला पर कथित तौर पर अत्याचार कर रही थी।’’ - नयी दिल्ली । उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में तैनात एक महिला न्यायिक अधिकारी ने प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर एक जिला न्यायाधीश पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है और उनसे अपना जीवन ‘सम्मानजनक तरीके से’ समाप्त करने की अनुमति मांगी है। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने जांच की स्थिति पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी।महिला न्यायिक अधिकारी ने अपने दो पन्नों के पत्र में, प्रधान न्यायाधीश से बाराबंकी में अपनी पदस्थापना के दौरान उनके (महिला न्यायिक अधिकारी) साथ हुई बदसलूकी और उत्पीड़न के बाद अपना जीवन समाप्त करने की अनुमति मांगी है।सोशल मीडिया पर यह पत्र प्रसारित हो रहा है, जिसमें लिखा है, ‘‘मुझे अब और जीने की तमन्ना नहीं है। मैं पिछले डेढ़ साल से जिंदा लाश की तरह हूं। अब मेरे जीवित रहने का कोई उद्देश्य नहीं है। कृपया मुझे मेरा जीवन सम्मानपूर्ण तरीके से समाप्त करने की अनुमति प्रदान करें।’’शीर्ष अदालत के सूत्रों के अनुसार, उच्चतम न्यायालय के महासचिव ने प्रधान न्यायाधीश के आदेश पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल से महिला न्यायिक अधिकारी की शिकायत पर विचार कर रही आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष कार्यवाही की स्थिति के बारे में जानकारी देने को कहा है।महिला न्यायाधीश ने पहले शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी, जो न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई थी। पीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज दी थी कि आंतरिक शिकायत समिति के पास मामला विचाराधीन है और एक प्रस्ताव पारित किया गया है, जिस पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी की प्रतीक्षा है।
-
नयी दिल्ली. विदेश में रोजगार की तलाश कर रहे भारतीयों को सतर्क रहना चाहिए और नौकरी के फर्जी प्रस्तावों के झांसे में नहीं आना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने लोगों से बृहस्पतिवार को यह अपील की। मंत्रालय ने रोजगार की तलाश कर रहे लोगों से पंजीकृत भर्ती एजेंट की सुरक्षित और कानूनी सेवाओं का उपयोग करने का भी आग्रह किया। विदेश मंत्रालय ने एक परामर्श जारी कर विदेशों में नौकरियां देने का वादा करने वाली सभी अपंजीकृत एजेंसियों को विदेशी भर्ती में शामिल न होने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां उत्प्रवास अधिनियम 1983 का उल्लंघन हैं और मानव तस्करी के समान हैं, जो एक दंडनीय अपराध है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह भी देखा गया है कि विदेश में नौकरी चाहने वालों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिन्हें अपंजीकृत भर्ती एजेंट द्वारा फर्जी नौकरी की पेशकश के जरिए ठगा जाता है और साथ ही उनसे दो से पांच लाख रुपये तक की वसूली भी की जाती है। इसने कहा कि ये अपंजीकृत और अवैध एजेंट मंत्रालय से लाइसेंस प्राप्त किए बिना काम करते हैं, जबकि लाइसेंस विदेश में किसी भी भर्ती के लिए अनिवार्य है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘ऐसा सामने आया है कि कई अवैध एजेंट फेसबुक, व्हाट्सऐप, मैसेज और ऐसे अन्य माध्यमों से काम करते हैं। ये एजेंसियां अपने ठिकानों और संपर्कों के बारे में बहुत कम या कोई विवरण नहीं देती हैं।'' इसने आगाह किया कि ऐसे एजेंट श्रमिकों को कठिन और जीवन के लिए खतरनाक परिस्थितियों में काम करने के लिए लालच देते हैं तथा कई पूर्वी यूरोपीय देशों के अलावा, कुछ खाड़ी देशों, मध्य एशियाई देशों, इजराइल, कनाडा, म्यांमा और लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक में काम के लिए भर्ती संबंधी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि एक वैध नौकरी के प्रस्ताव में विदेशी नियोक्ता, भर्ती एजेंट और प्रवासी श्रमिक द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित रोजगार अनुबंध शामिल होता है।
-
मुंबई. आधे से अधिक बैंक लॉकर ग्राहकों ने हाल के दिनों में सुविधाएं बंद कर दी हैं या बोझिल केवाईसी जरूरतों और शुल्क में वृद्धि के कारण इस तरह के कदम पर विचार कर रहे हैं। एक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई है। लोकलसर्किल्स द्वारा बृहस्पतिवार को जारी किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि ऐसे कई ग्राहक इन समस्याओं के कारण लॉकर के आकार को कम करने की योजना भी बना रहे हैं। यह सर्वेक्षण 11,000 उत्तरदाताओं पर किया गया जिसमें कहा गया है कि अधिक शुल्क के कारण 36 प्रतिशत लॉकर उपयोगकर्ताओं ने अपने बैंक लॉकर बंद कर दिए हैं, 16 प्रतिशत ने कहा कि वे कम आकार के लॉकर में स्थानांतरित हो जाएंगे, जबकि चार प्रतिशत लॉकर को बंद करने पर विचार कर रहे थे। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि 36 प्रतिशत ग्राहक नए शुल्क से सहमत हैं और लॉकर सुविधाएं जारी रखेंगे। एक बयान में, लोकलसर्किल्स ने कहा कि बैंक सुरक्षित जमा लॉकर के लिए नए नियम एक जनवरी से लागू हो रहे हैं, और इसके पहले, बैंक ग्राहकों को कागजी कार्रवाई के लिए आवश्यक केवाईसी दस्तावेजों के साथ शाखा में आने के लिए बुला रहे हैं। इसमें कहा गया है कि हाल के वर्षों में लॉकर शुल्क में वृद्धि देखी गई है। लोकलसर्किल्स ने कहा कि ग्राहकों को 31 दिसंबर तक सुरक्षा लॉकर के लिए अपने बैंक के साथ एक नए कानूनी पट्टा अनुबंध पर हस्ताक्षर करना होगा, लॉकर किराये में भारी बढ़ोतरी के कारण पिछले तीन वर्षों में सर्वेक्षण में शामिल 56 प्रतिशत लॉकर धारकों ने या तो इसे छोड़ दिया है या जल्द ही बंद करने या छोटे आकार के लॉकर में स्थानांतरित होने की योजना बना रहे हैं।
-
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले तीन वर्ष में देशभर में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना केंद्रों (पीएमबीजेपी) के माध्यम से 35 करोड़ से अधिक ‘जन औषधि सुविधा सेनेटरी पैड' बेचे गए हैं। मांडविया ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सेनेटरी पैड का इस्तेमाल 11-12 प्रतिशत बढ़कर 45 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जन औषधि सेनेटरी पैड का इस्तेमाल 55 प्रतिशत तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा, ‘‘पीएमबीजेपी के तहत ग्रामीण महिलाओं के बीच सेनेटरी पैड के इस्तेमाल में पर्याप्त वृद्धि दर्ज की गई है, जो पहले शहरी आबादी तक ही सीमित थी।'' मांडविया ने महिलाओं और बच्चों के विकास के मोर्चे पर पिछले नौ वर्षों में सरकार की उपलब्धियों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि मोदी सरकार के शासन में देश में महिलाओं की भूमिका और स्थिति में भारी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण, महिलाओं की समृद्धि, महिलाओं के लिए समान भागीदारी, महिलाओं का सम्मान, महिलाओं को सुविधाएं प्रदान करना और महिला स्वास्थ्य के सात स्तंभों पर काम किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नए भारत की महिलाएं वास्तव में सशक्त हों। महिलाओं के कल्याण के लिए शुरू की गई योजनाओं को सूचीबद्ध करते हुए, उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार ही थी जिसने ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' अभियान शुरू किया था और इसका उद्देश्य लड़कियों के बीच शिक्षा के साथ-साथ उनके लिए कल्याणकारी सेवा की दक्षता में सुधार करना था। ‘तीन तलाक' के खिलाफ कानून के बारे में मांडविया ने कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं को सदियों पुरानी परंपरा से छुटकारा दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने विशेष रूप से महिलाओं के लिए विभिन्न कौशल विकास योजनाएं लागू कीं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शुरू की जिसके तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।'' उन्होंने कहा कि महिलाओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत महिलाओं को एक रुपये में सेनेटरी पैड दिए जा रहे हैं और ये पैड 10,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों में बेचे जा रहे हैं। मांडविया ने कहा, ‘‘पिछले तीन वर्षों में ग्रामीण महिलाओं में सेनेटरी पैड का इस्तेमाल 11-12 प्रतिशत से बढ़कर 45 प्रतिशत हो गया है। राष्ट्रीय स्तर पर यह लगभग 30 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत तक पहुंच गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘सुकन्या समृद्धि योजना के तहत हम देश की तीन करोड़ से अधिक बेटियों का भविष्य सुरक्षित करते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘आज देश की सभी महिलाओं के पास बैंक खाता है। वर्ष 2014 से पहले, जब केवल 50 प्रतिशत से भी कम महिलाओं के पास बैंक खाते थे, हमने इस अंतर को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।'' इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए सरकार की ओर से संचालित की जा रही अन्य योजनाओं की भी जानकारी दी।
-
जयपुर. राजस्थान के बीकानेर जिले के मुक्ताप्रसाद नगर थाना क्षेत्र में दंपति सहित परिवार के पांच सदस्यों ने बृहस्पतिवार को एक घर में कथित तौर पर सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि चार लोगों के शव फंदे से लटके पाये गये, जबकि एक व्यक्ति का शव जमीन पर पड़ा था। पुलिस ने परिवार के सदस्यों द्वारा सामूहिक आत्महत्या किये जाने की आशंका जताई है। पुलिस के अनुसार मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। थानाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि मुक्ता प्रसाद नगर थाना क्षेत्र के अंत्योदय नगर के रहने वाले हनुमान सोनी, उनकी पत्नी और तीन बच्चों ने बृहस्पतिवार दोपहर कथित तौर पर फदें से लटकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस दल को चार शव फदें से लटके मिले, जबकि एक शव जमीन पर पड़ा था। कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि जो शव जमीन पर पड़ा था वह संभवत: फंदे से नीचे गिर गया होगा। उन्होंने बताया कि पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिये पीबीएम अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया है।
कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान हनुमान सोनी (45) और उनकी पत्नी विमला (40), दो बेटे मोहित(18), ऋषि (16) और एक बेटी गुड़िया (14) के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि मकान मालिक के अनुसार घर से बदबू आने पर उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
उन्होंने बताया कि पुलिस सभी कोण से मामले की जांच कर रही है। -
नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने संसद सुरक्षा चूक की घटना के संबंध में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। संसद पर 2001 को हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो आरोपी- सागर शर्मा और आरोपी मनोरंजन डी सदन के भीतर कूद गए, नारेबाजी की और ‘केन' के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया। इस बीच कुछ सांसदों ने दोनों को पकड़ लिया। लगभग उसी वक्त दो अन्य आरोपियों अमोल शिंदे और नीलम देवी- ने संसद परिसर के बाहर ‘केन' से रंगीन धुआं छोड़ा और ‘‘तानाशाही नहीं चलेगी'' के नारे लगाए। पुलिस ने कहा कि इस घटना की योजना छह लोगों ने मिल कर बनाई थी और ये चारों लोग उसी समूह का हिस्सा हैं। अधिकारियों ने बताया कि घटना के संबंध में यूएपीए और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
-
नयी दिल्ली. लोकसभा ने सदन की कार्यवाही बाधित करने और आसन की अवमानना को लेकर बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों के 14 सदस्यों को मौजूदा संसद सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया। पहले कांग्रेस के पांच सदस्यों को निलंबित किया गया और फिर कांग्रेस, द्रमुक, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कुल नौ सदस्यों को निलंबित किया गया। सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर दो बजे आरंभ हुई तो संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच कांग्रेस के टी एन प्रतापन, हिबी इडेन, जोतिमणि, रम्या हरिदास और डीन कुरियाकोस को आसन की अवमानना के मामले में शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। सभा ने ध्वनिमत से जोशी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जोशी ने अपने प्रस्ताव में कहा कि आसन की अवमानना करने के लिए इन पांच सदस्यों का नाम आसन की ओर से लिया गया है और इन्हें शेष सत्र के लिए सदन से निलंबित किया जाए। इस दौरान बी महताब आसन पर थे। इसके बाद सदन की कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कार्यवाही फिर से आरंभ होने के बाद जोशी ने कांग्रेस के वीके श्रीकंदन, बेनी बेहनन, मोहम्मद जावेद और मणिकम टैगोर, द्रमुक की कनिमोई, एस आर प्रतिबन, माकपा के एस वेकटनेशन और पी आर नटराजन तथा भाकपा के के. सु्ब्बारायन के निलंबन का प्रस्ताव रखा। इसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। पीठासीन सभापति महताब ने दूसरी बार में नौ विपक्षी सदस्यों के निलंबन के बाद अपराह्न करीब तीन बजकर दो मिनट पर लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। -
नई दिल्ली। लोकसभा में कल हुई सुरक्षा चूक पर संसद के दोनों सदनों में आज हंगामे के बाद दोनों सदनों को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। आज सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस, डी एम के, टी एम सी, जनता दल यू, एन सी पी और अन्य पार्टियों सहित विपक्षी सांसदों ने सुरक्षा में हुई चूक के मुद्दे पर नारे लगाने शुरू कर दिये।
ये सभी इस मुद्दे पर सरकार से वक्तव्य देने की मांग कर रहे थे। इस पर अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद की सुरक्षा को लेकर सभी को चिंता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कल नेताओं की एक बैठक बुलाई गई थी। इस मुद्दे को लेकर एक और बैठक बुलाई जायेगी।उन्होंने कहा कि संसद की सुरक्षा लोकसभा सचिवालय के पास है और सरकार सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर हस्तक्षेप नहीं करती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर जांच के आदेश दे दिये गये हैं तथा इस संवेदनशील मुद्दे पर सभी को सावधानी बरतनी चाहिए। शोर-शराबा के बीच अध्यक्ष ने प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया लेकिन प्रश्नकाल नहीं चल सका। बाद में सदन को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।राज्यसभा में दोपहर 12 बजे के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन को उनके अमर्यादित व्यवहार के लिए राज्यसभा से सत्र की शेष अवधि के लिये निलंबित कर दिया गया।विपक्षी दलों के सांसदों ने सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर सदन के बीचों-बीच जाकर नारे लगाने शुरू कर दिये। हंगामा जारी रहने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह के वक्तव्य की मांग की।सभापति जगदीप धनखड ने कहा कि इस घटना में उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मामले को गंभीरता से लिया गया है।कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डी एम के, आर जे डी, शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे और अन्य दलों के सांसदों ने सदन के बीचों-बीच पहुंचकर शोर-शराबा शुरू कर दिया। सभापति ने हंगामा कर रहे सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने के लिए कहा लेकिन उनका विरोध जारी रहा।सभापति ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन के आचार पर कठोर आपत्ति जताई। उन्होंने सदन में अमर्यादित व्यवहार पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। श्री धनखड ने राजनीतिक दलों के नेताओं से चर्चा के लिए अपने कक्ष में मिलने को कहा। शोर-शराबा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।लोकसभा में कल हुई सुरक्षा उल्लंघन की घटना के सिलसिले में आठ सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। संसद में हुई सुरक्षा चूक को लेकर लोकसभा सचिवालय ने इन सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ यह कार्रवाई की है। -
नई दिल्ली। संसद में बुधवार को बड़ी सुरक्षा चूक के बीच लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को नए भवन में प्रवेश के लिए अपने स्मार्ट कार्ड प्राप्त करने की याद दिलाई। सचिवालय ने एक बुलेटिन में सदस्यों को चेहरे की पहचान प्रणाली की मदद से भवन के द्वारों, लोकसभा और राज्यसभा लॉबी तथा संसद भवन के कुछ अन्य स्थानों तक पहुंच की सुविधा प्रदान करने के बारे में भी याद दिलाया। सचिवालय ने कहा कि कई सदस्यों के पास स्मार्ट कार्ड हैं, लेकिन जिन सदस्यों ने आगंतुक प्रबंधन प्रणाली के लिए पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें ऐसा करना चाहिए।
-
नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को दो व्यक्तियों के दर्शक दीर्घा से नीचे कूदने के बाद संसद भवन परिसर में दर्शकों का प्रवेश निलंबित कर दिया गया है। लोकसभा में कूदने वालों की पहचान आरोपी सागर शर्मा और आरोपी मनोरंजन के रूप में हुई है। इस घटना के बाद वैध आगंतुक पास रखने वाले लोगों को स्वागत क्षेत्र से वापस भेज दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि अब तक दर्शकों या आंगुतकों पर प्रतिबंध लगाने का कोई लिखित निर्देश नहीं आया है। आमतौर पर, दर्शकों के पास दो घंटे के लिए जारी किए जाते हैं। इससे पहले, दिन में कई सांसदों की पत्नियों ने नए संसद भवन का दौरा किया था।
-
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लोकसभा सचिवालय के अनुरोध पर बुधवार को संसद की सुरक्षा में हुई चूक की घटना की जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह के नेतृत्व वाली एक समिति घटना की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि समिति में अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य और विशेषज्ञ भी शामिल रहेंगे। समिति संसद की सुरक्षा में चूक के कारणों का पता लगाएगी और कार्रवाई की सिफारिश करेगी। प्रवक्ता ने कहा, लोकसभा सचिवालय के अनुरोध पर, गृह मंत्रालय ने संसद की सुरक्षा में हुई चूक की घटना की जांच का आदेश दिया है। जांच समिति का गठन सीआरपीएफ के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह के नेतृत्व में किया गया है, जिसमें अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य और विशेषज्ञ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि समिति सुरक्षा में सेंध के कारणों की जांच करेगी, खामियों की पहचान करेगी और आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी। प्रवक्ता ने कहा, समिति जल्द से जल्द सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें संसद की सुरक्षा में सुधार के सुझाव भी शामिल होंगे।
-
नई दिल्ली। संसद की सुरक्षा में बुधवार को हुई सेंधमारी की घटना में शामिल छह में से पांच आरोपियों को पकड़ लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अच्छी तरह से समन्वित, सावधानीपूर्वक रची गई साजिश के जरिए छह आरोपियों ने संसद की सुरक्षा में सेंध लगाई। उन्होंने कहा कि सभी छह लोग एक-दूसरे को चार साल से जानते थे और उन्होंने कुछ दिन पहले साजिश रची थी। सूत्रों ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया मंचों के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे और बुधवार को संसद आने से पहले उन्होंने रेकी की थी। आरोपी सागर शर्मा और आरोपी मनोरंजन डी शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा में कक्ष कूद गए और उन्होंने केन से पीली गैस उड़ाते हुए नारेबाजी की। हालांकि, सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया। लगभग उसी समय संसद भवन के बाहर आरोपी अमोल शिंदे और आरोपी नीलम ने केन से लाल और पीले रंग का धुआं फैलाते हुए तानाशाही नहीं चलेगी आदि नारे लगाए।
सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई। पाकिस्तान आधारित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद संगठनों के आतंकवादियों ने 2001 में आज ही के दिन संसद परिसर पर हमला किया था, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी। आरोपी सागर, आरोपी मनोरंजन, आरोपी अमोल और आरोपी नीलम अब पुलिस हिरासत में हैं। संसद पहुंचने से पहले आरोपी विशाल के घर रुके थे और आरोपी विशाल को गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया है, जबकि उनके अन्य साथी आरोपी ललित की तलाश की जा रही है। इन घटनाओं के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर संसद के आसपास के इलाके की सुरक्षा कड़ी कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा को दोनों घटनाओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी अमोल ने बताया कि वे कथित तौर पर किसान आंदोलन, मणिपुर संकट, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से परेशान थे, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, उनकी विचारधारा एक थी और इसलिए उन्होंने सरकार को संदेश देने का फैसला किया।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन्हें किसी व्यक्ति या किसी संगठन ने निर्देश दिया था। आरोपी सागर, आरोपी मनोरंजन, आरोपी अमोल, आरोपी नीलम और आरोपी ललित मंगलवार रात गुरुग्राम में आरोपी विशाल के यहां रुके थे। सुबह वे संसद के लिए निकले। अधिकारी ने कहा कि आरोपी विशाल शर्मा पहले एक निर्यात कंपनी में चालक था लेकिन बाद में वह ऑटोरिक्शा चलाने लगा था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरोपी विशाल की आरोपी पत्नी को भी हिरासत में लिया है और घटना में उसकी संभावित भूमिका की जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस के आयुक्त संजय अरोड़ा ने दो बार हुई सुरक्षा चूक के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए संसद का दौरा किया। वैज्ञानिक और अन्य साक्ष्य इक_ा करने के लिए फॉरेंसिक दलों ने संसद का दौरा किया। -
नई दिल्ली। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और केन के जरिये धुआं फैला दिया जिसके तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया। सदन में करीब एक बजे शून्यकाल के दौरान यह घटना घटी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि लोकसभा अपने स्तर पर जांच कर रही है तथा इस बारे में दिल्ली पुलिस को भी निर्देश दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो धुआं सदन में फैलाया गया था वह साधारण था और इसको लेकर चिंता वाली कोई बात नहीं है। सदन में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों में से एक व्यक्ति की पहचान आरोपी सागर शर्मा के रूप में हुई है। संसद की सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई है। सदन में शून्यकाल के दौरान दोपहर करीब एक बजे दर्शक दीर्घा से दो व्यक्ति सदन में कूदे और इनमें से एक व्यक्ति एक मेज से अगली मेज पर तेजी से कूदते हुए आगे की ओर भाग रहा था। इन लोगों ने केन से सदन में धुआं फैला दिया सुरक्षाकर्मियों और कुछ सांसदों ने इन्हें घेर लिया। बाद में दोनों को पकड़ लिया गया। घटना के तत्काल बाद पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर बिरला ने सदस्यों से कहा, जो घटना शून्यकाल के दौरान हुई थी उस घटना की लोकसभा अपने स्तर पर संपूर्ण जांच कर रही है। इस संदर्भ में दिल्ली पुलिस को आवश्यक निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा, आरंभिक जांच से पता चला कि वह साधारण धुंआ था। उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और कई सदस्यों ने सुरक्षा में चूक की इस घटना को लेकर चिंता जताई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सुरक्षा में चूक की इस घटना के बाद अपराह्र चार बजे सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई। घटना के समय बैठक का संचालन कर रहे पीठासीन सभापति अग्रवाल ने संसद भवन परिसर में बताया, हमें ऐसा लगा कि जैसे एक व्यक्ति गिर गया। फिर देखा तो एक व्यक्ति कूद रहा था। फिर ध्यान में आया कि दोनों कूदे होंगे। एक व्यक्ति ने जूते से कुछ निकालकर धुआं फैलाया। इसके बाद इन्हें पकड़ लिया गया। सांसद दानिश अली ने कहा कि एक व्यक्ति का पास निकाला तो पता चला कि उसका नाम आरोपी सागर है।
उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा में चूक का गंभीर मामला है। समाजवादी पार्टी के सांसद एस टी हसन ने कहा कि दर्शक दीर्घा से दो लोग लोकसभा कक्ष में कूदे और जूते से कुछ ऐसी चीज निकाली, जिससे गैस फैलनी शुरू हो गई। उन्होंने कहा, यह गैस कैसी थी, यह कोई जहरीली गैस तो नहीं थी, पता नहीं। हमें संसद की सुरक्षा में भारी गंभीर खामी नजर आ रही है। इस तरह से तो कोई जूते में बम भी रखकर आ सकता है। हसन ने कहा कि इस तरह की सुरक्षा चूक पर आगे ध्यान देने की जरूरत है। उधर, लोकसभा कक्ष में दो व्यक्तियों के कूदने की घटना के कुछ देर बाद ही पीले और लाल रंग का धुआं छोडऩे वाली केन लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले एक पुरुष और एक महिला को बुधवार को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन के बाहर से हिरासत में लिए गए दो लोगों की पहचान आरोपी नीलम (42) और आरोपी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है। आरोपी नीलम हरियाणा के हिसार की निवासी है वहीं आरोपी शिंदे महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है। अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन के बाहर धुआं छोडऩे वाली केन खोलने के बाद दोनों ने तानाशाही नहीं चलेगी, भारत माता की जय के नारे लगाए।
-
भोपाल. अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंध रखने वाले तीन बार के विधायक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के करीबी माने जाने वाले नवनियुक्त मुख्यमंत्री मोहन सिंह एक छात्र के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने के बाद मध्य प्रदेश में शीर्ष पद पर पहुंचे हैं। उज्जैन दक्षिण से 58 वर्षीय विधायक मोहन यादव ने बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
वह पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के बाद 2003 के बाद से राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चौथे ओबीसी मुख्यमंत्री हैं। वह कांग्रेस के प्रकाश चंद्र सेठी के बाद उज्जैन से ताल्लुक रखने वाले दूसरे मुख्यमंत्री भी हैं। मुख्यमंत्री के रूप में यादव की नियुक्ति से भाजपा के दिग्गज नेता और चार बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के युग का अंत हो गया, जिन्होंने करीब दो दशकों तक राज्य की राजनीति पर दबदबा बनाए रखा। यादव के पास पीएचडी, एलएलबी और एमबीए की डिग्री है। वह तलवार चलाने में भी कुशल हैं।
यादव मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल नहीं थे। उन्हें इस पद की जिम्मेदारी देना अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले देश के अन्य हिस्सों में जनसंख्या के लिहाज से महत्वपूर्ण ओबीसी समुदाय पर प्रभाव हासिल करने की भाजपा की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश की आबादी में ओबीसी की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत से अधिक है और यह भगवा पार्टी का मुख्य मतदाता आधार है। वह पहली बार 2020 में मंत्री बने जब कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के पतन के बाद भाजपा सत्ता में वापस आई। यादव का जन्म 25 मार्च, 1965 को उज्जैन में हुआ था। उज्जैन में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर है। उन्होंने 1982 में माधव साइंस कॉलेज उज्जैन के संयुक्त सचिव के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया और 1984 में इसके अध्यक्ष के रूप में चुने गए। यादव ने एलएलबी और एमबीए की डिग्री के अलावा डॉक्टरेट (पीएचडी) की डिग्री भी हासिल की। वर्ष 2013 में पहली बार उज्जैन दक्षिण से विधायक चुने गए यादव ने 2011-13 तक मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटीडीसी) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वह 2018 और फिर 2023 में इस सीट से पुन: चुने गए। शिवराज सिंह चौहान की पूर्व सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे यादव ने 17 नवंबर को हुए चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार चेतन यादव को 12,941 वोट के अंतर से हराया। वर्ष 2021 में, यादव ने स्नातक (बीए) के प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए दर्शन विषय के तहत हिंदू महाकाव्य ‘रामचरितमानस' के पाठ को एक वैकल्पिक (वैकल्पिक) पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करने की घोषणा की थी। उन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति पद के हिंदी नामकरण का नाम 'कुलपति' से 'कुलगुरु' करने का प्रस्ताव भी रखा था। यादव मंदिरों के शहर उज्जैन से भाजपा के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले नेता हैं। उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल नवनिर्मित महाकाल लोक गलियारा समर्पित किया था। यादव के समर्थकों ने कहा कि भगवान महाकाल (भगवान शिव) के आशीर्वाद के कारण यादव को शीर्ष पद मिला।
महाकाल लोक गलियारे के निर्माण में कथित अनियमितताओं को कांग्रेस ने बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था। उज्जैन में प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर मंदिर के पास 900 मीटर से अधिक लंबे गलियारे - महाकाल लोक - को मई में एक आंधी के कारण नुकसान हुआ था। तब से कांग्रेस प्राचीन मंदिर के आसपास पुनर्विकास परियोजना में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सत्तारूढ़ दल पर निशाना साध रही है। यादव ने 11 अक्टूबर को एक साक्षात्कार में इन आरोपों को ‘‘दुष्प्रचार'' करार दिया था।
यादव ने 2004-2010 तक उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। यह धार्मिक शहर हर 12 साल में सिंहस्थ (कुंभ) मेले का आयोजन करता है। यादव मध्य प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और एमपी कुश्ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। यादव की पत्नी सीमा यादव है और उनके दो बेटे एवं एक बेटी हैं। यादव ने सोमवार को भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के तुरंत बाद कहा था कि वह राज्य के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करेंगे और उन्होंने एक "छोटे कार्यकर्ता" पर विश्वास जताने के लिए पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाजपा को भारी बहुमत से जिताने वाले राज्य के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करूंगा। भाजपा ने एक छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी दी है। मैं पार्टी की उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करूंगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा को धन्यवाद देता हूं। मैं मोदी जी और (निवर्तमान) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई कल्याण और विकास (योजनाओं) पर काम करूंगा।''
-
राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने उपमुख्यमंत्री मंत्री पद की शपथ ली.
भोपाल। मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। वे मध्यप्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री हैं। भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में समारोह सिर्फ 10 मिनट का रहा। मध्य प्रदेश में राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने उपमुख्यमंत्री मंत्री पद की शपथ ली.। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने सभी को शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में हुआ जहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, निवर्तमान सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा शासित राज्यों के अन्य नेता शामिल रहे. -
नयी दिल्ली. केंद्र ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि किसी भी राज्य का कोई भी जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) बकाया उसके समक्ष लंबित नहीं है और कुछ प्रदेश सरकारों ने अपने हिस्से की धनराशि जारी करने के लिए महालेखाकार द्वारा प्रमाणित प्रमाणपत्र जमा नहीं किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि यह विमर्श सही नहीं है कि केंद्र पर राज्यों का जीएसटी बकाया लंबित है और कुछ राज्यों ने महालेखाकार (एजी) की रिपोर्ट नहीं सौंपी है। उन्होंने कहा, "यह समझना अहम है कि एजी का प्रमाणन (अनिवार्य) है... अगर एजी का प्रमाण पत्र हमें नहीं मिलता है, तो हम इसे मंजूरी नहीं दे सकते।" वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ राज्य, एजी का प्रमाण पत्र भेजने के बाद भी केंद्र से तब तक रुकने के लिए कहते हैं जब तक वे इसे अंतिम मंजूरी नहीं दे देते। वह तृणमूल कांग्रेस सदस्य साकेत गोखले के एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे, जिन्होंने राज्यों, खासकर पश्चिम बंगाल के जीएसटी बकाया के बारे में सवाल किया था। वित्त मंत्री ने कहा कि वह विशेष तौर पर कुछ राज्यों के नाम बताएंगी "ताकि लोगों के मन में कोई संदेह नहीं रहे"। उन्होंने कहा कि गोवा ने वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए एजी का प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है। उसने अब तक वित्त वर्ष 2021-22 और 2022-23 की पहली तिमाही की रिपोर्ट भी नहीं भेजी है। वित्त मंत्री ने कहा, ''2022-23 के लिए कर्नाटक को छोड़कर किसी राज्य ने अभी तक एजी का प्रमाणपत्र नहीं दिया है। पश्चिम बंगाल ने वित्त वर्ष 2019-20 से 2022-23 की पहली तिमाही तक एजी की रिपोर्ट नहीं भेजी है।'' उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल से एजी का प्रमाण पत्र नहीं आया है, इसलिए राशि जारी नहीं की जाएगी। इसे लंबित कहना, उचित नहीं होगा। उन्हें एजी का प्रमाण पत्र भेजने दीजिए, हम इसे मंजूरी दे देंगे।" वित्त मंत्री ने कहा, "केरल ने हमें एजी का प्रमाण पत्र भेजा है, लेकिन हमें तब तक रुकने के लिए कहा है जब तक वे एजी के साथ संख्याओं का मिलान नहीं कर लेते। इसलिए हम रुके हुए हैं। यह हमारी ओर से लंबित नहीं है।" वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक अन्य पूरक सवाल के जवाब में कहा कि किसी भी राज्य सरकार का कोई जीएसटी बकाया नहीं है और संबंधित राज्यों को पहले ही राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा, "कुछ राज्यों ने अपनी एजी रिपोर्ट नहीं भेजी है, इसके बावजूद हमने कुछ अस्थायी भुगतान किए हैं। एजी की रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें अंतिम भुगतान मिल जाएगा।'' कांग्रेस सदस्य राजीव शुक्ला ने गिरफ्तारी के प्रावधानों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया और सवाल किया कि सरकार जीएसटी ‘फाइलिंग' प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए क्या कदम उठाएगी। इसके जवाब में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद में राज्य सरकारों के वित्त मंत्री शामिल हैं और परिषद को व्यापारियों और व्यापारिक समुदायों के सामने आने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया जा रहा है। उन्होंने कहा, ''जीएसटी परिषद इन चीजों पर चर्चा करती है और समय-समय पर प्रक्रिया को उसी के अनुसार सरल बनाया जाता है।
-
-
भोपाल. मोहन यादव बुधवार को यहां मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके करीबी सूत्रों ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए विस्तृत व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बताया कि शपथ ग्रहण समारोह राज्य की राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा और इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना है। एक सूत्र ने कहा, ‘‘समारोह के लिए विस्तृत व्यवस्था की जा रही है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता, खासकर यादव के गृहनगर उज्जैन से इकट्ठा होंगे।'' कई दिनों से चल रहे अटकलों को खत्म करते हुए, भाजपा ने सोमवार को यादव को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में चुना और पार्टी के दिग्गज नेता शिवराज सिंह चौहान को रिकॉर्ड पांचवीं बार सत्ता में आने से रोक दिया। चौहान सरकार में मंत्री यादव (58) को सोमवार को एक बैठक के दौरान सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। मध्य प्रदेश में राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा उप मुख्यमंत्री होंगे। मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल वरिष्ठ भाजपा नेता और नवनिर्वाचित विधायक नरेंद्र सिंह तोमर नए विधानसभा अध्यक्ष होंगे। यादव को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का करीबी माना जाता है और उन्हें शीर्ष पद के दावेदार के रूप में नहीं देखा जा रहा था। वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से आते हैं, जिनकी संख्या राज्य की जनसंख्या में 48 प्रतिशत से अधिक है। सोमवार को मुख्यमंत्री नामित होने के बाद यादव ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात की और अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया। यादव 2013 में पहली बार उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक चुने गए थे। उन्होंने 2018 और फिर 2023 में विधानसभा सीट बरकरार रखी। पिछले महीने के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 163 सीटें जीतीं, और कांग्रेस को 66 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर धकेल दिया।
-
-
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मंगलवार को 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की तारीख की घोषणा की। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होंगी।
CBSE के मुताबिक, 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 13 मार्च को और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं दो अप्रैल को समाप्त होंगी। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, ‘‘परीक्षा कार्यक्रम तैयार करते समय बोर्ड ने इस बात का ध्यान रखा है कि दो विषयों के बीच समय का पर्याप्त अंतर हो। बारहवीं कक्षा के लिए परीक्षा कार्यक्रम तय करते समय जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तारीखों को ध्यान में रखा गया है।’’उन्होंने कहा कि व्यापक संख्या में विषय होने के चलते परीक्षा कार्यक्रम तैयार करते समय इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि दो अलग-अलग विषय चुनने वाले छात्रों की परीक्षा एक ही दिन नहीं पड़े।पंद्रह फरवरी को 10वीं कक्षा के लिए पांच विषयों – पेंटिंग, राई, गुरुंग, तमांग और शेरपा की परीक्षा होगी। इसी तरह, 12वीं कक्षा के लिए परीक्षा के पहले दिन चार विषयों – उद्यमिता, कोकबोरोक, पूंजी बाजार परिचालन और शारीरिक गतिविधि प्रशिक्षक परीक्षा होगी।----


-
जयपुर। भाजपा ने राजस्थान के लिए नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। सांगानेर से पहली बार विधायकी का चुनाव लड़ने वाले भजनलाल शर्मा ने इस बार जीत हासिल की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में ब्राम्हण चेहरा रहे शर्मा को मुख्यमंत्री पद की बागडोर दे दी गई।
बता दें कि इस बार के विधानसभा चुनाव में भरतपुर के रहने वाले भजनलाल शर्मा जहां पहली बार विधायक बने हैं वहीं, वे 4 बार प्रदेश के महामंत्री भी रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक दल (RSS) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के काफी करीबी माने जाते हैं। वे भरतपुर में जिला मोर्चा के अध्यक्ष भी रहे हैं।मुख्यमंत्री पद के लिए यह फैसला विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में रक्षा मंत्री और पार्टी पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह मौजूद रहे। उनके साथ विनोद तावड़े, सरोज पांडे के साथ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, भाजपा नेता सीपी जोशी, वसुंधरा राजे और अन्य नेता भी जयपुर में भाजपा कार्यालय पर पहुंचे थे। दिलचस्प बात यह है कि बैठक के बाद विधायकों की ग्रुप फोटो में भजनलाल शर्मा चौथी लाइन में बैठे थे।राजस्थान में होंगे दो उपमुख्यमंत्रीपर्यवेक्षक के तौर पर भेजे गए राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्य में दो मुख्यमंत्री होंगे। पहली-दीया कुमारी और दूसरे-जयपुर जिले की दूदू सीट से विधायक प्रेम चंद्र बैरवा।उन्होंने कहा कि वासुदेव देवनानी विधानसभा के स्पीकर चुने गए हैं। देवनानी अजमेर नॉर्थ से विधायक हैं। वह 2003 से लगातार पांचवीं बार विधायक बने हैं। इसके पहले वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वासुदेव देवनानी संघ के काफी करीबी भी माने जाते हैं।दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री यानी तीनों बड़े पद जयपुर को ही दिए हैं।तीनों राज्यों में अलग-अलग दांवभाजपा ने जहां मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए OBC चेहरा चुना है, वहीं छत्तीसगढ़ के लिए आदिवासी चेहरे को मुख्यमंत्री पद की गद्दी दी। इसके बाद भाजपा ने राजस्थान के लिए आज ब्राम्हण चेहरे को CM बनाया।वसुंधरा राजे ने रखा भजनलाल के नाम का प्रस्तावरक्षा मंत्री व राजस्थान भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह ने कहा, ‘आज राजस्थान भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा भजनलाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा गया और सभी ने सर्वसम्मति से भजनलाल शर्मा को विधायक दल का नेता चुना।’माना जा रहा है कि बैठक से पहले राजनाथ सिंह ने भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने वसुंधरा राजे को बैठक से पहले ही नए मुख्यमंत्री का नाम प्रस्तावित करने के लिए मना लिया था।कौन हैं डिप्टी सीएम दीया कुमारी?जयपुर की विद्याधर नगर सीट से शाही घराने की राजकुमारी और भाजपा सांसद दीया कुमारी ने भारी मतों से जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता सीताराम अग्रवाल को 71368 वोटों से हराया था। गौरतलब है कि दीया कुमारी महाराजा सवाई सिंह और महारानी पद्मिनी देवी की पुत्री हैं।कौन हैं प्रेमचंद बैरवाराजस्थान में उपमुख्यमंत्री के लिए चुने गए दो उपमुख्यमंत्रियों में प्रेमचंद्र बैरवा का भी नाम आता है। 49 वर्षीय बैरवा 2028 में विधानसभा चुनाव हार गए थे।। मगर इस बार कांग्रेस उम्मीदवार बाबूलाल नागर को 35,743 वोटों के मामूली अंतर से हराकर सीट जीत ली थी। हालांकि 2023 के चुनाव में उन्होंने चुनाव जीत लिया था।राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। बता दें कि चुनाव परिणाम आने के बाद से 17 विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मुलाकात की थी।गौरतलब है कि राजस्थान विधानसभा की 199 सीटों पर मतदान हुए थे। वोटों की गिनती रविवार यानी 3 दिसंबर को हुई थी। इसमें भाजपा ने 115 सीटें जीतीं। कांग्रेस 69 सीटों पर सिमट गई। आठ निर्दलीय प्रत्याशी जीते थे, तीन सीटों पर भारत आदिवासी पार्टी के उम्मीदवार जीते थे। दो सीटें बहुजन समाज पार्टी (बसपा)के खाते में गई थी। 1-1सीट RLTP और RLD को मिली। राजस्थान में 5 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने वोट दिया था। प्रदेश में करीब 74.13 फीसदी वोट पड़े थे। - नयी दिल्ली। देश में दूर-दराज के इलाकों में वादियों की मदद के लिए मोबाइल वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा 25 उच्च न्यायालयों में से केवल दो में लागू होने के मद्देनजर एक संसदीय समिति ने सोमवार को सिफारिश की कि इसे शेष उच्च न्यायालयों में भी लागू किया जाए। अपनी पिछली रिपोर्ट में, कानून और कार्मिक पर संसदीय स्थायी समिति ने कहा था कि उसकी राय है कि न्यायपालिका को अधिवक्ताओं और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लाभ के लिए मोबाइल वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधाएं शुरू करने जैसे अभिनव उपायों पर भी विचार करना चाहिए। केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने अपने जवाब में कहा कि मोबाइल वीडियो कॉन्फ्रेंस की अवधारणा को सभी उच्च न्यायालयों के समक्ष उठाया गया है। विभाग ने संसदीय समिति को बताया, ‘‘यह भी अनुरोध किया गया था कि तेलंगाना उच्च न्यायालय की मोबाइल वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा को एक मॉडल के रूप में देखा जा सकता है।'' विभाग द्वारा समिति के साथ साझा किए गए विवरण के अनुसार, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालयों ने सिफारिश को लागू कर दिया है। विभाग ने कहा कि कलकत्ता, गुवाहाटी, मणिपुर, राजस्थान और सिक्किम उच्च न्यायालयों में ‘‘काम प्रगति पर है।'' इसने कहा कि यह प्रस्ताव अभी भी उच्च न्यायालय या इलाहाबाद, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और ओडिशा के उच्च न्यायालयों की समिति के समक्ष ‘‘विचाराधीन'' है। समिति ने ‘वर्चुअल अदालतों के कामकाज और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालती कार्यवाही' पर 103वीं रिपोर्ट पर उठाए गए कदमों के मद्देनजर अपनी 134वीं रिपोर्ट में कहा, ‘‘समिति ने पाया है कि अब तक केवल दो राज्यों ने इस सिफारिश को लागू किया है और मोबाइल वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा स्थापित की है। बाकी राज्यों के लिए या तो कार्यान्वयन का कार्य प्रगति पर है या प्रस्ताव पेश किया जा रहा है।''
-
नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि देशभर के 58 हवाई अड्डों को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। कृषि उड़ान योजना की शुरूआत 2020 में की गई थी। यह योजना किसानों को कृषि उत्पादों के परिवहन में सहायता करती है ताकि उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री डॉ. वी. के. सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बात कही। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और आदिवासी क्षेत्रों के जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के परिवहन के लिए 2021 में कृषि उड़ान योजना के दूसरे चरण की घोषणा की गई थी।
-
भोपाल| मध्य प्रदेश की जनता का आठ दिनों का इंतजार खत्म हो गया है। भाजपा में विधायक दल की बैठक में मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया गया है। पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, के. लक्ष्मण और सचिव आशा लाकड़ा की मौजूदगी में मोहन यादव को MP की बागडोर संभालने का फैसला लिया गया। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। माना जा रहा है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ही उन्हें मुश्यमंत्री बनाने की सिफारिश की थी।
मोहन यादव स्वयंसेक संघ यानी RSS के करीबी भी माने जाते हैं। वह शिवराज सरकार में शिक्षा मंत्री थे। -
नई दिल्ली : आत्महत्या को लेकर समाज की सबसे संवेदनशील कटेगरी- 2022 तक 5 सालों में दैनिक वेतन भोगी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, इसके बाद गृहिणियों, स्व-रोज़गार करने वाले और बेरोजगार व्यक्ति, छात्र और किसानों का नंबर है. इस अवधि में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि किसानों के आंकड़े, जिसमें उत्पादक और मजदूर दोनों शामिल हैं, आम तौर पर इन समूहों में सबसे आत्महत्या से मरने वाले दैनिक वेतन भोगियों की संख्या 2018 में 30,124 से लगातार बढ़कर 2019 में 32,559, 2020 में 37,657, 2021 में 41,997 और 2022 में 45,185 हो गई. दूसरी ओर, खेत मजदूरों और किसानों की संयुक्त संख्या में नंबर इन 5 सालों में से चार साल में 10,000 और 11,000 रही.
2018 में किसानों और किसान मजदूरों की कुल संख्या 10,349 थी, जो उस वर्ष दर्ज किए गए आत्महत्या के कुल 1,34,516 मामलों में से 7.7 प्रतिशत थी. कुल आंकड़े में वेतनभोगी पेशेवरों जैसे अन्य समूह भी शामिल हैं.अगले वर्ष, यह संख्या मामूली रूप से घटकर 10,281 हो गई, साथ ही कुल (1,39,123) किसानों का नंबर भी घटकर 7.4 प्रतिशत रहा.अगले 3 वर्षों में मामूली वृद्धि देखी गई जैसा कि 2020 में यह संख्या 10,677 मामलों तक पहुंच गई, जो 1,53,052 मामलों के साथ 7 प्रतिशत थी2021 में, किसानों के 10,881 मामले दर्ज किए गए, लेकिन कुल संख्या लगभग 11,000 बढ़कर 1,64,033 हो गई, जो कि कुल हिस्से का 6.6 प्रतिशत थी.2022 में, 11,290 किसानों के आत्महत्या करने का पता चला, लेकिन कुल संख्या फिर से बढ़कर 1,70,924 हो गई, जिससे यह प्रतिशत 6.6 प्रतिशत पर बरकरार रहा.गृहणियां2018 से 2022 के बीच हर साल आत्महत्या से जान देने वाली गृहिणियों की कुल संख्या लगातार किसानों की तुलना में दोगुने से अधिक थी.2018 में गृहिणियों के बीच आत्महत्या के अधिकतम 22,937 मामले दर्ज हुए, जो उस साल के कुल मामलों का 17.1 प्रतिशत था.अगले वर्ष 21,359 मामलों के साथ संख्या अधिक बनी रही, जो कुल मामलों का 15.4 प्रतिशत थी.

.jpg)
.jpg)
.jpg)
















.jpg)
.jpg)
.jpg)



.jpg)
