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कोटा। राजस्थान के कोटा में हुए एक सड़क हादसे में जैन संत की मौत हो गई। 2 लोग गंभीर घायल हो गए। बताया जा रहा है कि चलती गाड़ी का अचानक टायर फट गया था। बेकाबू कार 50 फीट दूर खेत में जा गिरी। हादसे में जैन संत कार के गेट के नीचे दब गए थे। घटना जिले के बपावरकलां थाना क्षेत्र में शुक्रवार की है। कार सवार सभी लोग खानपुर से मध्यप्रदेश जा रहे थे।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जैन संत अरहंत सागर (66) खानपुर से एमपी सोनागिर जा रहे थे। कुछ देर के लिए चांदखेड़ी रुके थे। उनके साथ एक महिला ऊषा जैन व कार ड्राइवर भूरा लाल था। जैन संत कार में ड्राइवर के पास वाली सीट पर बैठे हुए थे। बपावर थाने से थोड़ी दूर उनकी गाड़ी का टायर फट गया और तेज धमाका हुआ।
गाड़ी पलटी खाते हुए 50 मीटर दूर खेत में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने घायल को बाहर निकाला। जैन संत गाड़ी के गेट के नीचे दब गए थे। थाने के एएसआई पुरुषोत्तम ने बताया कि उनके शरीर में कट लगे। इससे उनकी मौत हो गई। महिला ऊषा जैन व ड्राइवर भूरा को हल्की चोट लगी। जिन्हें इलाज के लिए बारां रेफर किया।
बपावरकलां थाना एसएचओ रणजीत सिंह ने बताया कार हादसे में घायलों को बपावरकलां हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां से उन्हें बारां रेफर कर दिया, जबकि जैन संत का शव बिना पोस्टमार्टम के सुपुर्द किया। -
रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में माजरा के पास दो ट्रॉलों की आपस में टक्कर हो गई। हादसे के बाद एक ट्रॉला में भीषण आग लग गई, जबकि दूसरा ट्रॉला डिवाइडर कूदकर दूसरी साइड जाकर टकरा गया। हादसे में एक ट्रॉला सवार क्लीनर की जलने से मौत हो गई, जबकि दूसरे ट्रॉला के चालक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
पुलिस ने बताया कि मरने वालों में यूपी के जिला रामपुर निवासी बिरेन्द्र व हरियाणा महेन्द्रगढ़ जिला निवासी दीपक शामिल है। बिरेन्द्र सिंह अपने ट्रॉला लेकर नारनौल से रेवाड़ी की तरफ आ रहा था। इसी दौरान खोल थाना क्षेत्र में पडऩे वाले रेवाड़ी-जैसलमेर नेशनल हाईवे नंबर-11 पर गांव माजरा के समीप रोडिय़ों से भरे दूसरे ट्रॉला से टक्कर हो गई। टक्कर लगने के बाद रोड़ी से भरे ट्रॉला में भीषण आग लग गई। आगजनी के बाद ट्रॉला चालक केबिन से कूद कर बाहर निकलने में कामयाब हो गया, लेकिन उसमें बैठा क्लीनर दीपक अंदर ही फंस गया। देखते ही देखते केबिन पूरी तरह जल गया और उसके अंदर फंसे दीपक की जलने के कारण मौत हो गई। फिलहाल पुलिस शवों के पोस्टमार्टम की कार्रवाई में जुटी है। -
कैमूर। कैमूर जिले के चांद थाना क्षेत्र के कुरई गांव के पास शुक्रवार देर शाम ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रैक्टर के नीचे दबकर एक महिला और एक पुरुष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। 2 लोग इंजन के नीचे दब गए। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। इसके बाद चैनपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जेसीबी बुलाकर ट्रैक्टर के इंजन को हटवाया। घायलों को सीएचसी चैनपुर लाया गया, जहां से सदर अस्पताल भभुआ रेफर कर दिया गया।
थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि मृतकों में चांद थाना क्षेत्र कचौरी गांव निवासी स्व. मनोहर शाह के पुत्र राकेश जायसवाल और चंद्रमा साह की पत्नी गीता देवी है। घायलों में ट्रैक्टर चालक बिहारी साह के पुत्र मनोज गुप्ता और चंद्रमा साह के पुत्र मंटू शाह शामिल हैं। सभी लोग चांद थाना क्षेत्र के चौरी गांव के रहने वाले हैं। जो किराना का समान और लकड़ी की खरीदारी करने के बाद गांव की तरफ आ रहे थे तभी यह घटना घटी। प्रत्यक्षदर्शी रतन सिंह ने कहा कि आंधी-पानी दौरान ट्रैक्टर कुरई गांव के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। इसमें चार लोग दब गए। ट्रैक्टर के नीचे दब जाने से एक महिला और एक पुरुष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं ड्राइवर और एक व्यक्ति उसके नीचे दब गए। कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। -
नई दिल्ली। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन राज्य मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में असीमित विकास किया है जो इससे पहले के करीब छह दशकों में हुई प्रगति से कहीं अधिक है। नई दिल्ली में इंडिया डिफेंस कॉन्क्लेव 2023 को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा उपकरणों के स्वदेशी डिजाइन, विकास और निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए पिछले नौ वर्षों में कई नीतिगत पहल की हैं, जिससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र आपस में जुड़े हुए हैं और इन क्षेत्रों के नीतिगत अंतर को समाप्त कर प्रधानमंत्री मोदी ने तेज और स्वदेशी विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। हाल के वैश्विक संघर्षों के मद्देनजर अंतरिक्ष की रणनीतिक प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि दोहरे उपयोग वाले प्रौद्योगिकी क्षेत्र के रूप में अंतरिक्ष एक महत्वपूर्ण बहुआयामी सामर्थ्य के रूप में उभर रहा है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2023-24 से 2030-31 तक छह हजार करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत पर राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है। -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं से आग्रह किया है कि वे संसद या राष्ट्रपति को किसी भी तरह के विवाद में शामिल करने से बचें। एक ट्वीट संदेश में उन्होंने कहा कि नया संसद भवन भारत के लोकतांत्रिक संकल्प तथा 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं की एक सशक्त अभिव्यक्ति के रूप में तैयार हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा कि नये संसद भवन का उद्घाटन समारोह एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक अवसर होगा।
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नई दिल्ली। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शनिवार सुबह तेज हवाएं चलने के साथ बारिश हुई।दिल्ली के कई इलाकों में बारिश के कारण जलभराव देखा गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सुबह करीब साढ़े छह बजे बताया कि बादलों का एक समूह दिल्ली-एनसीआर के ऊपर से गुजर रहा है, जिसके कारण यहां और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो घंटों में हल्की से मध्यम तीव्रता वाली बारिश होगी और 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। दिल्ली में शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। -
नई दिल्ली। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की आज 27 मई को 59वीं पुण्यतिथि है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में स्मारक शांति वन पहुंचकर पंडित नेहरू को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। दोनों नेताओं ने स्मारक पर पुष्प चढ़ाए और उन्हें नमन किया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के योगदान के बिना 21वीं सदी के भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लोकतंत्र के निर्भीक प्रहरी, उनके प्रगतिशील विचारों ने चुनौतियों के बावजूद भारत के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास को दृढ़ता से आगे बढ़ाया। ‘हिन्द के जवाहर’ को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। देश के निर्माण में अहम योगदान देने वाले पंडित नेहरू को आज पूरा देश याद कर रहा है
पंडित नेहरू का 74 साल की उम्र में 27 मई 1964 को निधन हुआ था। इसके बाद तत्कालीन गृहमंत्री गुलजारी लाल नंदा को कार्यवाहक पीएम बनाया गया था। चार दिन बाद लाल बहादुर शास्त्री को नेता चुना गया और वे देश के अगले पीएम बने थे। नेहरू 16 साल 9 महीने और 12 दिन भारत के प्रधानमंत्री रहे, यह आज तक का रिकॉर्ड है। इन लोगों ने भी दी श्रद्धांजलि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। वहीं, राजस्थान के सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि स्वतंत्रता सेनानी व आधुनिक भारत के शिल्पकार पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न पंडित जवाहरलाल नेहरु जी को उनकी पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि। देश की स्वतंत्रता व नव भारत के निर्माण में आपके अमूल्य योगदान का सम्पूर्ण राष्ट्र ऋणी है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नया संसद भवन हर भारतीय को गौरवान्वित करेगा। श्री मोदी ने ट्वीट में एक वीडियो साझा किया जिसमें प्रतिष्ठित भवन की झलक दिखाई गई है। उन्होंने लोगों से इस वीडियो को स्वयं की आवाज़ के साथ हैशटैग MyParliamentMyPride पर साझा करने का अनुरोध किया है। श्री मोदी ने कहा कि इससे उनके विचार व्यक्त होंगे। प्रधानमंत्री उनमें से कुछ ट्वीट को रीट्वीट करेंगे।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के आज नौ वर्ष पूरे हो गए हैं। भाजपा केंद्र में अपनी सरकार के नौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 30 मई से एक महीने का जनसंपर्क अभियान शुरू कर रही है। इस अभियान के तहत, भारतीय जनता पार्टी 30 जून तक देश भर में कई कार्यक्रमों और रैलियों का आयोजन करेगी। जिला, ब्लॉक तथा बूथ स्तर पर कई कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे और लोकसभा क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाये जाएंगे। एक महीने तक चलने वाले कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री, भाजपा के पदाधिकारी और पार्टी के नेता केंद्र सरकार की नीतियों तथा उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार करेंगे।
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कोलकाता. हावड़ा और कोलकाता शहर को जोड़ने वाले, हुगली नदी पर बने 80 साल पुराने ऐतिहासिक हावड़ा ब्रिज की 11 साल के अंतराल के बाद विस्तृत जांच करायी जाएगी। इस पुल का रखरखाव करने वाले कोलकाता बंदरगाह के शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। कोलकाता बंदरगाह के अध्यक्ष रथेंद्र रमन ने बताया कि कैंटीलीवर पुल की व्यापक जांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास से विचार विमर्श करने के बाद की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित जांच पुल की नियमित मरम्मत के अतिरिक्त की जाएगी।
रमन ने बुधवार को कहा, ‘‘हमने हावड़ा पुल की मजबूती पर एक गहन अध्ययन कराने का फैसला किया है, जो एक दशक से अधिक समय से नहीं हुआ है। यह अध्ययन हमें अहम जानकारियां देगा कि कैसे पुल के जीवनकाल में सुधार लाया जाए।'' एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुल की मजबूती की व्यापक जांच 11 साल पहले की गयी थी।रबींद्र सेतु के नाम से भी पहचाने जाने वाले हावड़ा ब्रिज की लंबाई 405 मीटर और चौड़ाई 21.6 मीटर है। इसे 1943 में इसके उद्घाटन के बाद से ही कोलकाता का प्रतीक माना जाता है। सर आर एन मुखर्जी के नेतृत्व में 1926 में एक आयोग ने हुगली नदी पर एक खास तरह का सस्पेंशन पुल बनाए जाने की सिफारिश की थी जिसके बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया। हावड़ा ब्रिज से हर दिन करीब 80,000 गाड़ियां और 4,00,000 पैदल यात्री गुजरते हैं और यह उनके दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है। -
नयी दिल्ली. आयकर विभाग ने धर्मार्थ एवं धार्मिक ट्रस्ट के लिए पंजीकरण का आवेदन करने की समयसीमा बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। आयकर कानून के तहत धर्मार्थ संस्थानों, धार्मिक ट्रस्ट, चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों को आमदनी पर कर छूट मिली हुई है। लेकिन इस छूट का लाभ लेने के लिए उन्हें आयकर विभाग के पास अपना पंजीकरण कराना जरूरी होता है। आयकर विभाग का संचालन करने वाले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बुधवार को एक परिपत्र में कहा कि धर्मार्थ या धार्मिक ट्रस्ट के लिए आवेदन जमा करने और पुनर्पंजीकरण एवं अनुमति की समयसीमा को 25 नवंबर, 2022 से बढ़ाकर 30 सितंबर, 2023 कर दिया गया है। इसके साथ ही अस्थायी रूप से पंजीकृत एवं स्वीकृत धर्मार्थ संस्थानों एवं धार्मिक ट्रस्ट के लिए भी नियमित पंजीकरण की आवेदन तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है।
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नयी दिल्ली. बेमौसम बारिश के बावजूद, खेती के रकबे में वृद्धि और उपज अधिक होने के कारण चालू फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) में देश में गेहूं उत्पादन 11 करोड़ 27.4 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष के उत्पादन की तुलना में 50 लाख टन अधिक है। कृषि मंत्रालय के बृहस्पतिवार को जारी ताजा आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। गेहूं के अलावा, चावल, मक्का, तिलहन और गन्ने में रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।
देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन भी फसल वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड 33 करोड़ 5.3 लाख टन होने का अनुमान है। जबकि तीसरे अनुमान के अनुसार पिछले फसल वर्ष में 31 करोड़ 56.1 लाख टन का वास्तविक उत्पादन हुआ था। प्रमुख खाद्यान्नों में गेहूं, चावल, पोषक-मोटे अनाज और दाल शामिल हैं।कृषि मंत्रालय ने कहा, ‘‘देश में गेहूं उत्पादन 11 करोड़ 27.4 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के उत्पादन की तुलना में 50 लाख टन अधिक है।'' फसल वर्ष 2021-22 में प्रमुख उत्पादक राज्यों में लू के कारण गेहूं का उत्पादन घटकर 10 करोड़ 77.4 लाख टन रह गया था। गेहूं उत्पादन में पिछला रिकॉर्ड 10 करोड़ 95.9 लाख टन फसल वर्ष 2020-21 के दौरान हासिल किया गया था। मुख्य रबी (सर्दियों) फसल गेहूं की बुवाई अक्टूबर से शुरू हो गई थी, जबकि कटाई इस साल 15 जून तक होने की उम्मीद है। तीसरे अनुमान के अनुसार, चावल उत्पादन, फसल वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड 13 करोड़ 55.4 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वर्ष 12 करोड़ 94.7 लाख टन था। मक्का का उत्पादन भी रिकॉर्ड तीन करोड़ 59.1 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल की समान अवधि में तीन करोड़ 37.3 लाख टन था। मक्का सहित पोषक मोटे अनाज का कुल उत्पादन फसल वर्ष 2022-23 में बढ़कर पांच करोड़ 47.4 लाख टन हो गया, जबकि पिछले वर्ष 5.11 करोड़ टन था। दलहन के मामले में, पिछले वर्ष के दो करोड़ 73 लाख टन की तुलना में फसल वर्ष 2022-23 में उत्पादन मामूली बढ़त के साथ 2.75 करोड़ टन होने का अनुमान है। फसल वर्ष 2022-23 में चना और मूंग को छोड़कर अरहर और उड़द का उत्पादन कम रहने का अनुमान है।अरहर का उत्पादन पहले के 42.2 लाख टन के मुकाबले 34.3 लाख टन कम रहना आंका गया है। उड़द का उत्पादन पहले के 27.7 लाख टन के मुकाबले 26.1 लाख टन रहने का अनुमान है। जबकि इसी अवधि में चने का उत्पादन एक करोड़ 35.4 लाख टन पर अपरिवर्तित रहने का अनुमान है। हालांकि, तिलहन का उत्पादन फसल वर्ष 2022-23 में चार करोड़ 9.9 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर रहने का अनुमान लगाया गया है। यह पिछले वर्ष के तीन करोड़ 79.6 लाख टन की तुलना में अधिक है। इसका कारण सोयाबीन और सरसों दाना का उत्पादन अधिक होना है। सोयाबीन का उत्पादन एक करोड़ 29.8 लाख टन के मुकाबले रिकॉर्ड एक करोड़ 49.7 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि रेपसीड-सरसों का उत्पादन उक्त अवधि में पहले के एक करोड़ 19.6 लाख टन के मुकाबले रिकॉर्ड एक करोड़ 24.9 लाख टन होने की संभावना है। नकदी फसलों के मामले में, गन्ना उत्पादन फसल वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड 49 करोड़ 42.2 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह उत्पादन 43 करोड़ 94.2 लाख टन का हुआ था। इस वर्ष कपास का उत्पादन तीन करोड़ 43.4 लाख गांठों (एक गांठ-170 किलोग्राम का) से अधिक होने का अनुमान है, जबकि फसल वर्ष 2021-22 में यह उत्पादन तीन करोड़ 11.1 लाख गांठों का हुआ था। जूट/मेस्ता का उत्पादन, फसल वर्ष 2022-23 में 94.9 लाख गांठ (एक गांठ बराबर 180 किलो) आंका गया है, जबकि पिछले वर्ष यह उत्पादन एक करोड़ 1.4 लाख गांठ था। सरकार फसल पकने और कटाई के विभिन्न चरणों में अंतिम अनुमान से पहले कुल चार अनुमान जारी करती है। - नयी दिल्ली केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि बीमारियों की कोई सीमा नहीं होती है और कोविड-19 ने टीकों, उपचार और निदान में सहयोग तथा तालमेल बढ़ाने की जरूरत को उजागर किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, मांडविया ने जिनेवा में विश्व स्वास्थ्य सभा के इतर ब्रिक्स के सदस्यों देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 2023 को संबोधित किया। बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों - ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री एक साथ आए। वैश्विक स्वास्थ्य संकटों को कम करने और उन पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई में सहयोगात्मक अनुसंधान के महत्व पर बल देते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि महामारी ने टीकों, उपचार और निदान में सहयोग तथा तालमेल बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर किया है।” उन्होंने सुझाव दिया कि ब्रिक्स टीका अनुसंधान एवं विकास केंद्र सुरक्षित, प्रभावशाली और किफायती टीकों तक समान पहुंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मंत्री ने कहा, “बीमारी की कोई सीमा नहीं होती और इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास राष्ट्रीय सीमाओं के बंधन से परे होने चाहिए। ” उन्होंने निगरानी, अनुसंधान और विकास, सूचना साझा करने एवं संयुक्त प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने में सहयोग के महत्व पर बल दिया ताकि बीमारी के प्रकोप और महामारियों को वैश्विक महामारी में बदलने से रोका जा सके। मंत्रालय के मुताबिक, डॉ. मांडविया ने सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 3.3 के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य से पांच साल पहले 2025 तक तपेदिक (टीबी) उन्मूलन के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। भा
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देहरादून. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगले साल फरवरी-मार्च तक वंदे भारत रेलगाड़ियों के तीन प्रारूप- वंदे चेयर कार, वंदे मेट्रो और वंदे शयनयान होंगे। उन्होंने कहा कि शताब्दी, राजधानी और लोकल ट्रेन की जगह लेने की तैयारी कर रही ये स्वदेशी ‘सेमी-हाई स्पीड' रेलगाड़ियां चेन्नई के कोच निर्माण कारखाने में बनाई जा रही हैं। वैष्णव ने ‘पीटीआई-भाषा' के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि वंदे भारत रेलगाड़ियों की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए अगले तीन से चार साल में रेल पटरियों को उन्नत बनाया जायेगा। उत्तराखंड के देहरादून से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन तक वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत के बाद वैष्णव ने कहा, ‘‘वंदे भारत के तीन प्रारूप हैं। सौ किलोमीटर से कम की यात्रा के लिए वंदे मेट्रो, 100-550 किलोमीटर के लिए वंदे चेयर कार और 550 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए वंदे स्लीपर। ये तीनों प्रारूप फरवरी-मार्च (अगले साल) तक तैयार हो जायेंगे।'' प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली-देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई।
उत्तराखंड के लिए इस तरह की पहली रेलगाड़ी राज्य की राजधानी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रा के समय को देहरादून-नई दिल्ली रेलवे स्टेशन शताब्दी एक्सप्रेस में लगने वाले छह घंटे और 10 मिनट से घटाकर साढ़े चार घंटे कर देती है। वैष्णव ने कहा कि ऋषिकेश और कर्णप्रयाग के बीच रेल संपर्क परियोजना दो साल में पूरी हो जायेगी और रेलवे सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित गांवों को जोड़ने के लिए भी काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जून के मध्य तक हर राज्य को वंदे भारत रेलगाड़ी मिल जायेगी। उन्होंने कहा कि इन रेलगाड़ियों के निर्माण में तेजी लाई जा रही है। वैष्णव ने कहा, ‘‘हर आठवें या नौवें दिन कारखाने से एक नई रेलगाड़ी निकल रही है। दो और कारखानों में काम शुरू होने जा रहा है। इन कारखानों की आपूर्ति श्रृंखला स्थिर होने के बाद हमारे पास एक नई रेलगाड़ी आएगी।'' वंदे भारत रेलगाड़ियों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति के साथ तैयार किया गया है, लेकिन वे पटरी की क्षमता के अनुसार 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से चलेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘पुरानी पटरियों को 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच की गति के लिए तैयार किया गया था। लगभग 25,000-35,000 किलोमीटर पटरियों को 110 किलोमीटर प्रति घंटे, 130 किलोमीटर प्रति घंटे और 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के लिए उन्नत किया जा रहा है। यह काम अगले तीन से चार साल में हो जायेगा।'' रेल मंत्री ने कहा कि 2027-28 तक 20,000-30,000 किलोमीटर के ट्रैक पर वंदे भारत रेलगाड़ियां 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। उन्होंने कहा कि तीव्र गति रेलगाड़ियों का समर्थन करने के लिए रेलवे ओवरहेड पावर लाइनों को भी उन्नत बनाया जा रहा है। वैष्णव ने कहा कि रेलगाड़ियों की चपेट में मवेशियों के आने को रोकने के लिए रेलवे पटरियों के किनारे बाड़ लगाने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘बाड़ लगाने के लिए बहुत ही अनूठा डिजाइन तैयार किया गया है। ऊंचाई लगभग पांच फुट है और इसमें दो क्षैतिज अवरोधक हैं। यह मुंबई और अहमदाबाद के बीच लगभग 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित किया गया है, और जब से इसे स्थापित किया गया है तब से किसी भी मवेश की रेलगाड़ी की चपेट में आने से मौत नहीं हुई है। हम हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए सभी कारकों पर काम कर रहे हैं।'' मंत्री ने कहा कि रेलवे का बजट एक लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्तमान में 2.4 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें परियोजनाओं को पूरा करने के लिए रेलवे की क्षमता बढ़ानी होगी।'' मंत्री ने कहा कि रेलवे सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए रेल संपर्क परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि रेल यात्रियों को 4जी-5जी सेवाएं मुहैया कराने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। वैष्णव ने कहा कि रेलवे द्वारा तेजी से 4जी-5जी टावर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर उन्हें स्थापित किया गया है और यह काम लगातार जारी है। - जयपुर. राजस्थान में बाड़मेर जिले के सदर थाना क्षेत्र में बुधवार रात को बदमाशो ने घर में सो रहे बाप-बेटे पर लाठियों और सरियों से हमला किया जिससे बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि गंभीर रूप से घायल पिता को उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने इस संबंध में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद ने बताया कि बीती रात शिव नगर इलाके में घर में सो रहे दो व्यक्तियों के साथ गंभीर मारपीट की गई जिससे एक की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि रात को पुलिस को दिए बयान में पीड़ित पताराम दाढ़ी ने बताया कि रात को वह और उसका बेटा मदन तथा अनीता पत्नी रावताराम उर्फ राजू घर में सो रहे थे। दाढी के अनुसार आरोपी अपने 8-10 साथी एक साथ घर में घुस आए और उन्होंने लाठियों एवं सरियों से मारपीट की। शिकायतकर्ता के अनुसार इस मारपीट में उसके बेटे की मौत हो गई। आनंद ने बताया कि इस संबंध में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
- देहरादून.उत्तराखंड के विकास के लिए ‘डबल इंजन' की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार का पूरा जोर 'विकास के नवरत्नों' पर है । देहरादून और दिल्ली के बीच उत्तराखंड की पहली वंदे भारत रेलगाड़ी को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए रवाना करने के बाद प्रधानमंत्री ने विकास के नवरत्नों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इनमें केदारनाथ और बदरीनाथ में 1300 करोड़ रुपये से पुनर्निर्माण कार्य, 2500 करोड़ रुपये की लागत से गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे का कार्य, 2000 करोड़ रुपये की लागत से टिहरी झील विकास परियोजना का कार्य शामिल है । उन्होंने कहा कि इसके अलावा, कुमांउ में पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन, पूरे राज्य में होमस्टे को बढ़ावा देना, प्रदेश में 16 इकोटूरिज्म गंतव्यों को विकसित करना, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना, 2000 करोड़ रुपये की लागत से टिहरी झील विकास परियोजना, ऋषिकेश और हरिद्वार को साहसिक पर्यटन और योग की राजधानी के रूप में विकसित करना और टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना पर जल्द काम करना प्रदेश में विकास के अन्य नवरत्न हैं । मोदी ने कहा कि इन नवरत्नों की माला को पिरोने के लिए प्रदेश में आधारभूत संरचनाएं विकसित करने की कई परियोजनाएं पहले से चल रही हैं जिन्हें पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने नई उर्जा दी हैं । इस संबंध में उन्होंने 12000 करोड़ रुपये की लागत से बन रही चारधाम महापरियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे, रोपवे परियोजनाएं, पर्वतमाला परियोजना, 16000 करोड़ रुपये की ऋषिकेश—कर्णप्रयाग रेल परियोजना का जिक्र किया । उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तराखंड का एक बड़ा क्षेत्र यहां के निवासियों और पर्यटकों के लिए सुगम हो जाएगा और यहां निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे । उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों की तरफ देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं का दिनों-दिन बढ़ते आकर्षण का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत रेलगाड़ी उत्तराखंड के विकास के लिए एक भव्य उपहार साबित होगी । प्रदेश में चारधाम यात्रा के दौरान वंदे भारत रेलगाड़ी का संचालन शुरू होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगमता होगी । उन्होंने कहा कि हर वर्ष चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष का रिकार्ड तोड़ रही है । उन्होंने कहा कि इसके अलावा हरिद्वार में कुंभ और अर्धकुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं जबकि कावंड यात्रा के दौरान भी लाखों-करोड़ों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं । उन्होंने कहा, ‘‘देश में ऐसे राज्य कम ही हैं जहां इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं । श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या उपहार भी है और उन्हें संभाल पाना एक भागीरथ कार्य भी है ।' उन्होंने कहा कि इसी भगीरथ कार्य को आसान बनाने के लिए ‘डबल इंजन' की सरकार डबल गति से काम कर रही है । मोदी ने फिर कहा कि यह उत्तराखंड का दशक है और विश्वास जताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से आने वाले समय में प्रदेश पूरे विश्व की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा । उन्होंने आधारभूत संरचनाओं के आधुनिकीकरण पर ध्यान न देने के लिए दूसरे दलों की पिछली सरकारों की आलोचना भी की और कहा कि इन दलों का ध्यान घोटालों, भ्रष्टाचार तथा परिवारवाद पर था और इससे बाहर निकलने की उनमें ताकत ही नहीं थी । प्रधानमंत्री ने कहा कि हाई—स्पीड रेलगाड़ियों को चलाने की बात तो अलग रही, ये सरकारें मानव रहित फाटक तक नहीं हटा पायीं । उन्होंने कहा कि 2014 से पहले हर साल 600 किलोमीटर रेल लाइन का बिजलीकरण होता था जो अब बढ़कर 6000 किलोमीटर प्रतिवर्ष हो गया है । उन्होंने कहा कि पूरे देश में 90 फीसदी रेल नेटवर्क का बिजलीकरण हो चुका है और उत्तराखंड में शत प्रतिशत बिजलीकरण हो गया है । उन्होंने कहा कि 2014 के बाद रेल बजट में हुई वृद्धि का लाभ उत्तराखंड को भी मिला । उन्होंने कहा कि 2014 से पहले उत्तराखंड को रेल सेवाओं के विस्तार के लिए 200 करोड़ रुपये से भी कम मिलते थे लेकिन आज उसे 5000 करोड़ रुपये मिल गए हैं । इससे पहले, वंदे भारत रेलगाड़ी की शुरूआत के लिए यहां रेलवे स्टेशन पर हुए कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे । यह रेलगाड़ी सप्ताह के छह दिन देहरादून से सुबह सात बजे चलकर पौने बारह बजे दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंचेगी । वंदे भारत रेलगाड़ी विधिवत रूप से 28 मई से संचालित होगी । हाल ही में इस रेलगाड़ी का देहरादून—दिल्ली के बीच सफल ट्रायल किया गया था ।
- गोंडा (उप्र) . उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में गुरुवार को दोपहर बाद एक ग्राम प्रधान की कथित रूप से गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि तरबगंज थाना क्षेत्र के परियावा गांव के प्रधान भूपमणि शुक्ला (40) आज दोपहर बाद कुछ साथियों के साथ गांव के निकट भानपुर चौराहे पर स्थित एक होटल पर चाय पी रहे थे, उसी दौरान अचानक मौके पर पहुंचे एक युवक ने उन्हें गोली मारकर घायल कर दिया। उन्होंने बताया कि गोली लगने के बाद वह मौके पर ही गिर गए और आरोपी फरार हो गया। उन्होंने बताया कि घायल प्रधान को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एएसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया घटना के पीछे भूमि विवाद का मामला निकलकर आ रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है । शव का पंचनामा करवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।परिजनों की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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उज्जैन. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि भारत वैदिक काल से ही एक ज्ञानी समाज था जिसमें संस्कृति की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि गणित, चिकित्सा, तत्व विज्ञान, खगोल विज्ञान आदि विषय शामिल थे जो संस्कृत में लिखे गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी शिक्षाएं देश में कई हजार साल बाद "पश्चिमी वैज्ञानिकों द्वारा की गई खोजों" के रूप में वापस आईं। सोमनाथ ने बुधवार को यहां महर्षि पाणिनि संस्कृत और वैदिक विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है जिसमें कविता, तर्क, व्याकरण, दर्शन, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, गणित और अन्य संबद्ध विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ सूर्य सिद्धांत सबसे पहली किताब है जो मैंने संस्कृत में देखी। यह उस विषय के बारे में है जिससे मैं परिचित हूं। यह किताब विशेष तौर पर सौर प्रणाली के बारे में है, कैसे ग्रह सूर्य के चारों और घूमते हैं, इसकी गति की अवधि, घटनाओं से संबंधित समय आदि।'' सोमनाथ ने कहा कि यह सारा ज्ञान यहां से चला, अरब पहुंचा, फिर यूरोप गया और हजारों साल बाद महान पश्चिम वैज्ञानिक खोज के रुप में हमारे पास वापस आया। हालांकि, यह सारा ज्ञान यहां संस्कृत भाषा में लिखा गया था।
इसरो प्रमुख ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में काम करने वालों को संस्कृत से प्यार है और यह देखने के लिए बहुत सारे शोध चल रहे हैं कि कंप्यूटिंग और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण के लिए इसका उपयोग कैसे किया जा सकता है। -
गुवाहाटी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों की वजह से आज पूर्वोत्तर में बड़ी संख्या में युवा विकास की मुख्यधारा में आ रहे हैं और आज असम, शांति और विकास के एक नए युग का साक्षी बन रहा है। असम सरकार की ओर से आयोजित रोजगार मेले को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि आज का समाज तेजी से आकांक्षी हो रहा है और वह मूल सुविधाओं के लिए इंतजार नहीं, बल्कि टी-20 क्रिकेट की तरह तेजी से परिणाम चाहता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को असम सरकार की नौकरियों के लिए 44,703 नियुक्ति पत्रों का वितरण शुरू किया। कुछ महीने पहले ऐसे ही एक आयोजन में 40 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई थी। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, ‘‘भाजपा सरकार की नीतियों की वजह से आज पूर्वोत्तर में बड़ी संख्या में युवा विकास की मुख्यधारा में आ रहे हैं। भाजपा की सरकार युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर देकर हम नए भारत के निर्माण की ओर तेजी से कदम भी बढ़ा रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार (के शासनकाल) में आज असम, शांति और विकास के एक नए युग का साक्षी बन रहा है। विकास की इस रफ्तार ने असम में सकारात्मकता और प्रेरणा का संचार किया है।'' असम सरकार द्वारा सरकारी भर्तियों को और ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की प्रक्रिया में हर विभाग में अलग-अलग नियम होते थे और इससे कई बार भर्तियां समय पर पूरी नहीं हो पाती थीं। उन्होंने कहा, ‘‘अब इन सारी प्रक्रियाओं को बहुत आसान बना दिया गया है।''
भारत को 2047 तक ‘विकसित राष्ट्र' बनाने के संकल्प का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि आज का समाज तेजी से आकांक्षी हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘अब पहले का जमाना नहीं रहा, जब लोग मूल सुविधाओं के लिए भी दशकों का इंतजार कर लेते थे। आजकल विकास के लिए इतना इंतजार कोई नागरिक नहीं करना चाहता। टी-20 क्रिकेट के इस दौर में देश के लोग तेज रिजल्ट (परिणाम) चाहते हैं। इसलिए सरकारी व्यवस्थाओं को भी उसी हिसाब से खुद को बदलना होगा।'' मोदी ने कहा कि देश के नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने का बड़ा दायित्व सरकारी कर्मचारियों पर भी है। अवसंरचना विकास की दिशा में देश भर में हो रहे कार्यों का विवरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी हर परियोजना पर सरकार द्वारा खर्च की जा रही राशि, रोजगार और स्व-रोजगार में बढ़ोतरी कर रही है। उन्होंने कहा कि आज कई ऐसे क्षेत्रों में भी युवा आगे आ रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले कोई सोच भी नहीं सकता था। मोदी ने कहा, ‘‘स्टार्टअप इकोसिस्टम ने देश में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां तैयार की हैं। कृषि, सामाजिक कार्यक्रम, सर्वे और रक्षा के लिए ड्रोन की बढ़ती मांग ने युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में आत्मनिर्भर भारत अभियान जारी है और इससे भी रोजगार के अनेक नए अवसर बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत में करोड़ों मोबाइल फोन बन रहे हैं, हर गांव तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंच रही है, इससे भी बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है।'' प्रधानमंत्री ने अक्टूबर 2022 में रोज़गार मेला योजना शुरू की थी और केंद्र अपने विभिन्न मंत्रालयों में नौकरी की रिक्तियों को भरने के लिए 'मिशन मोड' में है। भर्तियां यूपीएससी, एसएससी और रेलवे भर्ती बोर्ड जैसी भर्ती एजेंसियों के माध्यम से की जा रही हैं। -
नयी दिल्ली. नए संसद भवन का उद्घाटन समारोह रविवार को सुबह हवन और विभिन्न धर्मों की प्रार्थना के साथ शुरू होगा जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा कक्ष में औपचारिक उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि सुबह करीब सात बजे नए भवन के बाहर संसद परिसर में हवन होगा जहां शैव संप्रदाय के महायाजक औपचारिक राजदंड ‘सेंगोल' मोदी को सौंपेंगे। सेंगोल को नए संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास स्थापित किया जाएगा।
नए संसद भवन के उद्घाटन का मुख्य समारोह रविवार दोपहर प्रधानमंत्री, पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और अन्य की उपस्थिति में शुरू होने की संभावना है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल, कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे तथा विपक्षी दलों के नेताओं को भी निमंत्रण दिया गया है। कम से कम 21 विपक्षी दलों ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने की घोषणा की है, जबकि रविवार के कार्यक्रम में 25 दल सम्मिलित होंगे जिनमें राजग के 18 घटक और सात गैर-राजग दल शामिल हैं। त्रिकोणीय आकार के चार मंजिला संसद भवन का निर्मित क्षेत्र 64,500 वर्ग मीटर है। भवन के तीन मुख्य द्वार हैं- ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार। संसद का वर्तमान भवन 1927 में बनकर तैयार हुआ था, और अब यह 96 साल पुराना है। पुरानी इमारत वर्तमान समय की आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त पाई गई थी। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा निर्मित नए संसद भवन में भारत की लोकतांत्रिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक भव्य संविधान हॉल, संसद सदस्यों के लिए एक लाउंज, एक पुस्तकालय, कई समिति कक्ष, भोजन क्षेत्र और पर्याप्त पार्किंग स्थल होगा। मौजूदा भवन ने स्वतंत्र भारत की पहली संसद के रूप में कार्य किया और यह संविधान को अपनाने का साक्षी भी बना। मूल रूप से ‘काउंसिल हाउस' कहे जाने वाले इस भवन में ‘इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल' स्थित थी। अधिक जगह की आवश्यकता को पूरा करने के लिए 1956 में संसद भवन में दो मंजिलों को जोड़ा गया था। भारत की 2,500 वर्षों की समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए इसमें 2006 में संसद संग्रहालय शामिल किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान भवन को कभी भी द्विसदनीय विधायिका को समायोजित करने के लिहाज से डिज़ाइन नहीं किया गया था और बैठने की व्यवस्था तंग एवं बोझिल थी, तथा दूसरी पंक्ति के बाद कोई डेस्क नहीं था। मौजूदा भवन में सेंट्रल हॉल में केवल 440 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता है और दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के दौरान अधिक जगह की आवश्यकता महसूस की गई थी। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) की कमान अब भारतीय पुलिस सेवा के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) स्तर के अधिकारी के पास होगी, जबकि कनिष्ठ अधिकारियों को छह साल की प्रारंभिक अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया जाएगा। गृह मंत्रालय द्वारा ये मानक बृहस्पतिवार को विशेष सुरक्षा दल अधिनियम, 1988 (1988 का 34) के तहत राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से जारी नियमों की एक नयी श्रेणी के माध्यम से तय किए गए। अधिसूचना के अनुसार, अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को एसपीजी में केंद्र सरकार द्वारा प्रतिनियुक्ति पर उन्हीं नियमों और शर्तों पर नियुक्त किया जाएगा, जो केंद्र सरकार में संबंधित रैंक के अधिकारियों के लिए लागू हैं। इसमें कहा गया कि पहले की तरह एसपीजी का मुख्यालय नयी दिल्ली में होगा और निदेशक की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा भारतीय पुलिस सेवा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक से कम के स्तर पर नहीं की जाएगी। अब तक, इसका नेतृत्व महानिरीक्षक रैंक के अधिकारी द्वारा किया जाता था, जबकि अतीत में कई अवसरों पर इस पद को अतिरिक्त महानिदेशक के स्तर तक बढ़ा दिया गया। हालांकि, अभी तक इस आशय के कोई निश्चित नियम जारी नहीं किए गए थे। अधिसूचना के अनुसार, अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को छोड़कर एसपीजी के अन्य सदस्यों को छह साल की प्रारंभिक अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया जाएगा। दूसरे कार्यकाल के लिए नियुक्ति संबंधित कारणों से केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति के साथ की जा सकती है। एसपीजी के सामान्य अधीक्षण, निर्देशन, कमान और नियंत्रण, पर्यवेक्षण, प्रशिक्षण, अनुशासन और प्रशासन कार्य निदेशक में निहित होंगे। इसमें कहा गया कि अधिनियम में निहित प्रावधानों के संदर्भ में एसपीजी के निदेशक या सदस्य को सहायता प्रदान करने का तरीका केंद्र सरकार द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाओं के माध्यम से निर्दिष्ट किया जाएगा।
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सीतापुर (उप्र) . जिले के कमालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक यात्री वैन के पलट कर डिवाइडर से टकरा जाने से उसमें सवार तीन लोगों की मौत हो गयी और तीन अन्य घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। सिधौली के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) यदुवेंद्र यादव ने कहा कि मूल रूप से लखीमपुर खीरी जिले का निवासी एक परिवार लखनऊ से लौट रहा था, तभी उनका वाहन अनियंत्रित हो कर पलट गया और सड़क के डिवाइडर से टकरा गया। सीओ ने बताया, ‘‘विजय कुमारी (50), उनके दामाद बबलू (30) के साथ 30 साल के वैन चालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में रामसहाय और उनके दो बेटे नागेश्वर और प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गए।'' घायलों को सीतापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को कहा कि भारत इस साल के अंत में मौसम की भविष्यवाणी करने वाले संस्थानों के लिए अपना नया 18 पेटाफ्लॉप सुपर कंप्यूटर पेश करेगा। रीजीजू ने नोएडा में मंत्रालय के राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केन्द्र(एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) का दौरा करने के बाद यह घोषणा की। एनसीएमआरडब्ल्यूएफ में 'मिहिर', 2.8 पेटाफ्लॉप सुपर कंप्यूटर है, जबकि भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे में 'प्रत्यूष', 4.0 पेटाफ्लॉप सुपर कंप्यूटर है। रीजीजू ने एनसीएमआरडब्ल्यूएफ में संवाददाताओं से कहा, "नया सुपर कंप्यूटर 900 करोड़ रुपये की लागत से खरीदा जाएगा।"
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गाजियाबाद . जिले के लाल कुआं इलाके में बुधवार को एक महिला और उसकी 16 महीने की बेटी की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। सहायक पुलिस आयुक्त रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि महिला की पहचान अंजू (32) निवासी मंगल कॉलोनी-लाल कुआं क्षेत्र के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि महिला लोहे की छड़ छत पर ले जा रही थी, लेकिन दुर्योग से लोहे की छड़ बिजली के तार से टकरा गयी। उन्होंने कहा कि छड़ में बिजली का करंट उतरने से मां-बेटी उसकी चपेट में आ गयीं और दोनों की मौत हो गयी।
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नयी दिल्ली. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि सरकार माल को एक से दूसरी जगह पहुंचाने पर आने वाली लॉजिस्टिक लागत को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 14-16 प्रतिशत के मौजूदा स्तर से घटाकर अगले तीन साल में नौ प्रतिशत पर लाने की कोशिश में लगी है। गडकरी ने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लॉजिस्टिक लागत को जीडीपी के इकाई अंक में लाने का सीधा असर निर्यात में बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘तमाम आकलनों में यह पाया गया है कि भारत में लॉजिस्टिक लागत दहाई अंक में है। सरकार ने राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति और पीएम गति शक्ति पहल शुरू की है। इससे उद्योगों की प्रतिस्पर्द्धात्मकता को बढ़ावा मिलेगा और लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी।'' कुछ महीने पहले वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा था कि लॉजिस्टिक लागत का प्रारूप तय करने के लिए एक कार्यबल गठित किया जाएगा। इसके सदस्यों में नीति आयोग, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय और एनसीएईआर के प्रतिनिधियों के अलावा अकादमिक विशेषज्ञ एवं हितधारक भी शामिल होंगे। इसके साथ ही गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पास रोपवे एवं फ्यूनिक्लर रेलवे (बिजली के तार से जुड़ी रेल) की करीब 260 परियोजनाओं के प्रस्ताव आए हुए हैं। इन परियोजनाओं की कुल लागत 1.3 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने देशभर में 500 बस डिपो की स्थापना के लिए जमीनें चिह्नित की हैं और इनके विकास के लिए उद्योगपतियों से निवेश का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि भारत को करीब दो लाख इलेक्ट्रिक बसों की जरूरत है।










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