- Home
- देश
-
नयी दिल्ली. नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। लाहिड़ी को शुक्रवार को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। साथ ही वैज्ञानिक गोवर्धन दास को नीति आयोग का सदस्य बनाया गया है। प्रधानमंत्री नीति आयोग के अध्यक्ष हैं। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक लाहिड़ी, भारत सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार और 15वें वित्त आयोग के सदस्य रह चुके हैं। दास ने नीति आयोग का सदस्य नियुक्त किए जाने पर प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।
उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''आज मेरे जीवन का बहुत अहम दिन है। मैं पश्चिम बंगाल के एक सुदूर गांव के दलित वर्ग के एक आम किसान परिवार का बेटा हूं। बचपन से ही मिट्टी की खुशबू, मेहनत की कीमत और संघर्ष की सच्चाई मेरी ज़िंदगी का मुख्य अंग रही है।'' दास ने कहा, ''यह जिम्मेदारी मेरे लिए सिर्फ एक पद नहीं है, (बल्कि) यह मुझ जैसे अनगिनत आम लोगों के सपनों, उम्मीदों और विश्वास की झलक है।'' - लखनऊ. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि बीज और कीटनाशक से जुड़े नए कानून लगभग तैयार हैं और उन्हें संसद के अगले सत्र में पारित कराने के लिए पेश किया जा सकता है। चौहान ने यहां आयोजित उत्तरी राज्यों के क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित 'बीज अधिनियम' और 'कीटनाशक अधिनियम' का मसौदा सुझावों के लिए पहले ही साझा किया जा चुका है। इन कानूनों का उद्देश्य नकली और घटिया कृषि उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाना है। उन्होंने कहा, "यदि कोई व्यक्ति नकली या खराब गुणवत्ता के बीज या कीटनाशक बेचता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मौजूदा दंड बहुत कम और अप्रभावी हैं।" उन्होंने बताया कि राज्यों के सहयोग से ऐसी कुप्रथाओं के खिलाफ देशव्यापी अभियान भी चलाया जाएगा।इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और अन्य राज्यों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने रबी और खरीफ फसलों पर एक ही राष्ट्रीय सम्मेलन की जगह अब क्षेत्रवार परामर्श की रणनीति अपनाई है, ताकि अलग-अलग जलवायु और मिट्टी की परिस्थितियों के अनुसार बेहतर योजना बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि देश में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार है और भारत अब आयात पर निर्भर नहीं है। उन्होंने कहा, "भारत दुनिया में चावल का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है और गेहूं का प्रमुख निर्यातक भी है।" कृषि मंत्री ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों की आय बढ़ाने और पोषक आहार उपलब्ध कराने को प्राथमिकता बताते हुए छह-सूत्रीय रणनीति का जिक्र किया, जिसमें उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना, उचित मूल्य दिलाना, फसल नुकसान की भरपाई और फसल विविधीकरण शामिल है। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में उर्वरकों के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताई और कहा कि इसका अंधाधुंध इस्तेमाल मिट्टी की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने प्राकृतिक खेती और बागवानी व औषधीय फसलों को बढ़ावा देने की बात कही।चौहान ने 'अल नीनो' के कारण सामान्य से कम बारिश के अनुमान का हवाला देते हुए जल संकट की आशंका को ध्यान में रखकर योजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने राज्यों से स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कृषि रोडमैप तैयार करने और 'किसान पहचानपत्र' तथा किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अधिक किसानों को जोड़ने का भी आग्रह किया। चौहान ने कहा कि ''मेरे दिल में भी यह हसरत है कि हम अपने देश की कृषि को और उन्नत स्तर पर ले जाएं, ताकि देश की सारी जरूरतें हम पूरी कर सकें। उन्होंने किसान पहचान पत्र बनाने में राज्यों से तेजी लाने का आह़वान करते हुए कहा कि इससे 17 तरह की सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि ''पूरे देश में साढ़े सात करोड़ क्रेडिट कार्ड बने हैं लेकिन किसानों की संख्या 13 करोड़ है। इसके लिए राज्य सरकार अभियान चलाएं। हम कम ब्याज पर कर्ज देने की व्यवस्था कर लें तो इसका छोटे किसानों को लाभ मिलेगा। हम आपके साथ मिलकर यह कार्य करना चाहते हैं।'' उन्होंने विकसित कृषि संकल्प अभियान पिछले साल चलाने के लिए योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया और कहा कि अनुसंधान को प्रयोगशालाओं से किसानों तक पहुंचाना जरूरी है।चौपाल लगाएं, किसान की जिज्ञासा का समाधान करें। उन्होंने बताया कि साठ हजार गांवों में किसानों को सुझाव दिए गये। इस सम्मेलन में उत्तरी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों से आये कृषि और उद्यान मंत्रियों समेत प्रमुख लोग मौजूद थे। इसके पहले सात अप्रैल को भी जयपुर में एक क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन आयोजित किया गया था। एक आधिकारिक बयान के अनुसार इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर व भागीरथ चौधरी, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, हिमाचल प्रदेश के उद्यान मंत्री जगत सिंह नेगी, जम्मू कश्मीर के कृषि उत्पादन मंत्री जाविद अहमद डार, पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, पंजाब के उद्यान मंत्री मोहिंदर भगत एवं उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी मौजूद थे।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को कहा कि देश के प्रमुख बंदरगाहों ने वर्ष 2025-26 में 91.51 करोड़ टन माल का प्रबंधन किया, जो 90.4 करोड़ टन के वार्षिक लक्ष्य से अधिक है। सोनोवाल ने कहा कि यह एक साल पहले की तुलना में 7.06 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है, जो क्षेत्र में मजबूत सुधार, दक्षता में वृद्धि और टिकाऊ वृद्धि की पुष्टि करता है। उन्होंने बताया कि 2025-26 में पोत परिवहन मंत्रालय और उससे जुड़े संगठनों का कुल पूंजीगत व्यय 14,953 करोड़ रुपये रहा, जो 2024-25 के 9,708 करोड़ रुपये की तुलना में काफी अधिक है। उन्होंने कहा, "वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय ध्वज वाले बेड़े में 94 जहाज जोड़े गए, जिनकी कुल वहन क्षमता 25.67 लाख डेडवेट टन (डीडब्ल्यूटी) है, जबकि एक साल पहले 45 जहाज (7.72 लाख डीडब्ल्यूटी) शामिल किए गए थे।" देश में केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले कुल 12 प्रमुख बंदरगाह हैं जो प्रमुख बंदरगाह प्राधिकार अधिनियम 2021 के प्रावधानों के तहत संचालित होते हैं।उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और रिसर्च एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज (आरआईएस) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) के कार्यक्रम में यह बात कही। सोनोवाल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय समुद्री कार्यबल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और नाविकों की संख्या लगभग तीन गुना हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत फिलहाल वैश्विक समुद्री कार्यबल में लगभग 12 प्रतिशत योगदान के साथ शीर्ष तीन देशों में शामिल है और 2030 तक इसे 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि समुद्री क्षेत्र में तट-आधारित नौकरियों के लिए कौशल विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है और सरकार उभरते तथा बहु-विषयक क्षेत्रों में समुद्री शिक्षा का विस्तार कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 11,098 किलोमीटर लंबी तटरेखा, 111 राष्ट्रीय जलमार्ग और प्रमुख वैश्विक व्यापार मार्गों पर रणनीतिक स्थिति भारत को एक महत्वपूर्ण समुद्री राष्ट्र बनाती है। उन्होंने 'मैरिटाइम इंडिया विजन 2030' और 'मैरिटाइम अमृतकाल विजन 2047' का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों का उद्देश्य अगले दो दशकों में भारत को एक प्रमुख समुद्री राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। सोनोवाल ने समुद्र आधारित 'ब्लू इकोनॉमी' की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य समुद्री संसाधनों का अंधाधुंध दोहन नहीं, बल्कि उनका टिकाऊ और जिम्मेदार उपयोग कर आर्थिक विकास और रोजगार सृजन सुनिश्चित करना है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण भी बनाए रखना है।
- नयी दिल्ली. मच्छरों और कीटों से होने वाली बीमारियों से लड़ने और निवारक स्वास्थ्य देखभाल सेवा को मजबूत करने के लिए जीएसटी परिषद को घरेलू कीटनाशकों पर लगने वाले कर को मौजूदा 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने पर विचार करना चाहिए। ईवाई-एचआईसीए ने शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही। रिपोर्ट के अनुसार लिक्विड वेपोराइजर, कॉइल और एरोसोल जैसे घरेलू कीटनाशक भारत के निवारक स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, विशेष रूप से घरेलू स्तर पर जहां इन बीमारियों से सुरक्षा अभी भी असमान है।ईवाई और होम इंसेक्ट कंट्रोल एसोसिएशन (एचआईसीए) की इस संयुक्त रिपोर्ट में इस बात की पड़ताल की गई है कि वर्तमान 18 प्रतिशत की जीएसटी दर इन उत्पादों की वहनीयता, पहुंच और उपयोग को खासकर संवेदनशील और उच्च जोखिम वाली आबादी के बीच किस तरह प्रभावित करती है। रिपोर्ट में इन उत्पादों पर कर को अन्य आवश्यक स्वच्छता और स्वास्थ्य-सुरक्षा उत्पादों की तर्ज पर पांच प्रतिशत करने का तर्क दिया गया है। ईवाई इंडिया के पार्टनर और राष्ट्रीय प्रमुख (अप्रत्यक्ष कर) बिपिन सप्रा ने कहा, ''जीएसटी 2.0 सुधारों के तहत कई स्वास्थ्य आधारित एफएमसीजी और दवाओं को कम कर वाले स्लैब में रखा गया है। ऐसे में घरेलू कीटनाशकों पर मौजूदा कर सार्वजनिक स्वास्थ्य पर उनके महत्व के अनुरूप नहीं दिखता है।'' एचआईसीए के निदेशक जयंत देशपांडे ने कहा कि घरेलू कीटनाशकों की जीएसटी दर को पांच प्रतिशत तक युक्तिसंगत बनाने से वहनीयता में सुधार होगा, घटिया उत्पादों के प्रसार पर रोक लगेगी और क्षेत्र के औपचारिककरण को बढ़ावा मिलेगा।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शुक्रवार सुबह हुगली नदी में नौका विहार के दौरान नाव चलाने वाले नाविकों और नाव मालिकों ने इस अनुभव को यादगार और भावुक कर देने वाला क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अंतिम समय तक यह जानकारी नहीं थी कि उनकी नाव पर देश के प्रधानमंत्री सवार होने वाले हैं।
नौका विहार कराने वाले नाविक गौरांग बिस्वास ने कहा- प्रधानमंत्री ने यात्रा के दौरान अपने कैमरे से स्वयं तस्वीरें लींप्रधानमंत्री मोदी को गंगा नदी में नौका विहार कराने वाले नाविक गौरांग बिस्वास ने कहा कि उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि देश के प्रधानमंत्री उनकी नाव पर बैठेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने यात्रा के दौरान अपने कैमरे से स्वयं तस्वीरें लीं और उनके निर्देश पर नाव को गंगा की बीच धारा तक ले जाया गया।गौरांग बिस्वास ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल एक बार उनका नाम पूछा और शांत भाव से आसपास के दृश्यों का आनंद लेते रहे। उन्होंने कहा कि वह बेहद खुश हैं और यह अनुभव उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है।वहीं, प्रधानमंत्री के दौरे के लिए नाव उपलब्ध कराने वाले नाव मालिक मोहम्मद इफ्तिखार अहमद ने भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुबह यहां काम करने वाले एक व्यक्ति ने उनसे सात नावों की मांग की। जब उन्होंने पूछा कि क्या किसी विशेष व्यक्ति के लिए नाव चाहिए, तो उन्हें बताया गया कि कोई बड़ी बात नहीं है।सुबह की सैर के बाद प्रधानमंत्री मोदी घाट पर पहुंचे और नाव पर सवार हुएउन्होंने कहा कि इसके बाद सभी नावों को घाट पर तैयार कर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने से लगभग पांच मिनट पहले उन्हें बताया गया कि देश के प्रधानमंत्री आने वाले हैं। सुबह की सैर के बाद प्रधानमंत्री घाट पर पहुंचे और उनकी नाव पर सवार हुए। मोहम्मद इफ्तिखार अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नाविकों से बातचीत के दौरान कहा कि सभी लोगों को आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ रहना चाहिए।पीएम मोदी के इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलउल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार सुबह कोलकाता में गंगा नदी तट पहुंचे थे, जहां उन्होंने नौका विहार किया, लोगों से मुलाकात की और मां गंगा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। प्रधानमंत्री के इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। - कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार सुबह यहां हुगली नदी में नौका विहार किया और नाविकों तथा सुबह सैर करने वाले लोगों से मुलाकात की। मोदी ने अपने इस नौका विहार की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिनमें वह हाथ में कैमरा लिए लकड़ी की एक नाव पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में पृष्ठभूमि में हावड़ा ब्रिज और विद्यासागर सेतु नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा, ''इस महान नदी की तस्वीरें लेने की कोशिश की। साथ ही विद्यासागर सेतु और हावड़ा ब्रिज को करीब से देखने का अवसर मिला।'' उन्होंने कहा कि हर बंगाली के लिए गंगा की विशेष अहमियत है।मोदी ने कहा, ''कहा जा सकता है कि गंगा बंगाल की आत्मा में प्रवाहित होती है। इसके पवित्र जल में एक संपूर्ण सभ्यता की शाश्वत भावना बहती है।'' उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ''आज सुबह कोलकाता में मैंने हुगली नदी के तट पर कुछ समय बिताया, जो मां गंगा के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर था।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें ''नाविकों से मिलने का अवसर मिला, जिनकी मेहनती प्रकृति प्रशंसनीय है और साथ ही सुबह सैर करने वालों से भी मुलाकात हुई।'' उन्होंने कहा, ''हुगली पर हमने पश्चिम बंगाल के विकास और महान बंगाली जनता की समृद्धि के लिए काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।'' प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं, जिसका पहला चरण बृहस्पतिवार को संपन्न हुआ। चुनाव का दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी।
-
नयी दिल्ली. ईरान के कब्जे में मौजूद एक जहाज पर सवार एक भारतीय नाविक सुरक्षित है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। ईरान ने 22 अप्रैल को जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश कर रहे दो विदेशी मालवाहक जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया था और तीसरे जहाज पर गोलाबारी की थी। उसने यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी किये जाने के जवाब में की थी।
ईरान के रिवोल्युशनरी गार्ड ने फ्रांसेस्का और एपामिनोंडास नामक मालवाहक जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया। फ्रांसेस्का पर कोई भारतीय सवार नहीं है, जबकि एपामिनोंडास पर सवार चालक दल के 21 सदस्यों में एक भारतीय है। तीसरे जहाज, यूफोरिया, जो पनामा का ध्वज वाला एक कंटेनर जहाज है, पर 21 भारतीय नाविक सवार हैं। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।'' एपामिनोंडास जहाज पर 21 सदस्य सवार हैं, जिनमें ज्यादातर यूक्रेन और फिलीपीन के नागरिक हैं। यह जहाज भारत आ रहा था और इस पर एक भारतीय नाविक भी है। रंधावा ने बताया कि भारतीय नाविक से बात हुई है और वह सुरक्षित है।
ईरानी सैनिकों द्वारा कब्जे में लिए जाने के बाद, जहाज के जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर होने की पहले जानकारी मिली थी। बाद में, इसे पूर्वी किनारे पर ले जाया गया, जिसे अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। जलडमरूमध्य का पश्चिमी किनारा ईरानी सेना के नियंत्रण में है, और संघर्ष क्षेत्र से बाहर निकलने का प्रयास करने वाले किसी भी पोत को क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए पूर्व की ओर जाना आवश्यक है। तीसरा जहाज, यूफोरिया, जिसपर 21 भारतीय नाविक सवार हैं, पूर्वी हिस्से में है।
रंधावा ने कहा कि पिछले 24 घंटे में भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। करीब दो महीने पहले पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में भारतीय स्वामित्व वाला एक जहाज और भारतीय ध्वज वाले 13 जहाज फंसे हुए हैं। -
नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अपीलीय न्यायाधिकरणों से कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जिन लोगों का नाम जोड़ने के लिए तत्काल सुनवाई का मामला बनता है, उनकी याचिकाओं पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाए। सुनवाई की शुरुआत में भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में भारी मतदान पर खुशी जताई। पश्चिम बंगाल में 152 विधानसभा क्षेत्रों के लिए हुए पहले चरण के चुनाव में रिकॉर्ड 92.72 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सीजेआई ने कहा, ''भारत के एक नागरिक के रूप में, मैं मतदान प्रतिशत देखकर बहुत खुश हूं। जब लोग मतदान के अधिकार का प्रयोग करते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है।'' न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली भी पीठ में शामिल हैं। पीठ राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दायर याचिका सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी भारी मतदान प्रतिशत की सराहना की और राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने में केंद्रीय बलों की भूमिका की प्रशंसा की। पश्चिम बंगाल में चुनावों में हिंसा का इतिहास रहा है। शीर्ष अदालत ने मतदाता सूची से बाहर किए गए लोगों से कहा कि वे लंबित मुद्दों के निस्तारण के लिए अदालत द्वारा नियुक्त 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों का रुख करें, जिनमें मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले भी शामिल हैं। न्यायालय ने अपीलीय न्यायाधिकरणों से कहा कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए तत्काल सुनवाई का मामला बनता है, उन्हें प्राथमिकता देकर सुनवाई की जाए। मतदाता सूचियों में शामिल किए जाने या न किए जाने के मुद्दे पर प्रधान न्यायाधीश ने पीड़ित व्यक्तियों को प्रशासनिक और न्यायिक दोनों पक्षों से शिकायतों के निवारण के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से संपर्क करने की छूट भी प्रदान की। पीठ ने अपने आदेश में कहा, ''हमारे 13 अप्रैल के आदेश में अधिकांश मुद्दों का व्यापक रूप से जवाब दिया जा चुका है। हालांकि हम समझ सकते हैं कि कुछ समस्याएं रोज़ाना के आधार पर उत्पन्न होती रहेंगी, जिन पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या अपीलीय न्यायाधिकरण का ध्यान आवश्यक हो सकता है। लंबित मामलों के निपटारे के लिए प्रशासनिक पक्ष पर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष जाने की स्वतंत्रता दी जाती है।'' इससे पहले शीर्ष अदालत ने आदेश दिया था कि जिन लोगों की याचिकाएं अपीलीय न्यायाधिकरणों द्वारा 21 अप्रैल या 27 अप्रैल से पहले स्वीकार कर ली गई थीं, उन्हें क्रमशः चुनाव के पहले या दूसरे चरण में मतदान करने की अनुमति दी जाए। हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि केवल अपील लंबित होने मात्र से किसी को मतदान का अधिकार नहीं मिल जाएगा। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए थे, उनके लगभग 60 लाख दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए पश्चिम बंगाल तथा पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड के करीब 700 न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया गया था। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने या बाहर किए जाने के खिलाफ अपीलों के निपटारे के लिए उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की अध्यक्षता में 19 न्यायाधिकरण गठित किए हैं। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि मतदाता सूची में बने रहने के अधिक महत्वपूर्ण अधिकार पर पीठ बाद में विचार करेगी। वरिष्ठ अधिवक्ता और तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने भी विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान की सराहना की और कहा कि लोग देश के हर कोने से वोट डालने आए क्योंकि उन्हें डर था कि यदि इस बार मतदान नहीं किया तो उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के केवल 139 दावों या अपीलों पर ही अपीलीय न्यायाधिकरणों द्वारा अब तक निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे 27 लाख लोग सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।
-
नयी दिल्ली। विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के संदर्भ में शुक्रवार को राज्यसभा को नया नोटिस सौंपा। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''राज्यसभा के 73 विपक्षी सदस्यों ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 15 मार्च, 2026 को और उसके बाद किए गए कृत्यों और चूक के आधार पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 (5) के साथ पठित अनुच्छेद 124 (4), धारा 11 (2) तथा मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 और न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत पद से हटाने की प्रार्थना करते हुए प्रस्ताव का नोटिस राज्यसभा महासचिव को सौंपा है।'' उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता । रमेश ने दावा किया, ''सीईसी संविधान पर हमला जारी रखे हुए हैं। यह अत्यंत अपमानजनक है कि वह व्यक्ति प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आदेशों का पालन करने के लिए पद पर बने हुए हैं।'' इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर दिया था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर ''कार्यपालिका के इशारे पर काम करने'' का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को ''बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने'' का भी आरोप लगाया था।
-
पटना. बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिजनों को अब कुल आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत चार लाख रुपये बीमा कंपनी की ओर से दिए जाएंगे, जबकि शेष चार लाख रुपये राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि पहले दी जाने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क हादसों के बाद प्रभावित परिवारों को अक्सर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है, इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मुआवजा राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि पीड़ित परिवारों को शीघ्र राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और नई व्यवस्था लागू होने के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी परिवारों तक पहुंचाई जाएगी। सरकार ने संबंधित विभागों को प्रक्रिया सरल और त्वरित बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को समय पर सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय राहत देने के साथ-साथ सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
-
नई दिल्ली। खान मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष की सफलता के बाद, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) में खनन क्षेत्र सुधारों पर 5,000 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ एक प्रोत्साहन तंत्र को शामिल किया गया है। मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, योजना के इस घटक के लिए परिचालन दिशानिर्देश हाल ही में मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं और राज्यों में खनन क्षेत्र में सुधार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एसएएससीआई योजना के इस घटक का उद्देश्य खदानों के संचालन को सुगम और त्वरित बनाना, खनिज उत्पादन बढ़ाना, खनन क्षेत्र से राज्यों द्वारा राजस्व संग्रह में वृद्धि करना और खनन क्षेत्र के समग्र शासन में सुधार करना है। योजना के तहत प्रोत्साहन राशि तीन सुधार क्षेत्रों के अंतर्गत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (विधानसभा वाले) को प्रदान की जाएगी।पहले चरण में खानों के संचालन हेतु राज्य का खान मंत्रालय के एकीकृत खनन पोर्टल के साथ एकीकरण, भूमि निर्धारण संबंधी मुद्दों के सक्रिय समाधान हेतु एक पूर्व-नीलामी समिति का गठन, खानों के संचालन की नियमित निगरानी हेतु राज्य स्तरीय समन्वय समिति का गठन, प्रमुख खनिजों के लिए वार्षिक नीलामी कैलेंडर का निर्धारण और यथासंभव उसका अनुपालन, तथा खनिज अयस्क के श्रेणीगत वर्गीकरण में त्रुटियों को रोकने या उनका पता लगाने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित उपायों को अपनाना शामिल है। किसी भी राज्य को उपरोक्त सभी पांच सुधारात्मक कार्य 15 दिसंबर, 2026 तक करने होंगे, जिसके बाद वह 100 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन के लिए पात्र होगा।दूसरी योजना के तहत, वित्त वर्ष 2026-27 में 31 दिसंबर, 2026 तक पूर्व-निर्धारित स्वीकृतियों (जैसे वन, पर्यावरण, भूमि आदि) के साथ प्रमुख खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी के लिए राज्यों को प्रोत्साहन देकर खदानों का संचालन शुरू किया जाएगा (प्रति ब्लॉक 20 करोड़ रुपए, प्रति राज्य अधिकतम सीमा 200 करोड़ रुपए)। साथ ही, वित्त वर्ष 2026-27 (31 दिसंबर, 2026 तक) के दौरान 31 मार्च, 2026 तक सफलतापूर्वक नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉकों में से कम से कम 10 प्रतिशत का संचालन (अर्थात उत्पादन और प्रेषण की शुरुआत) सुनिश्चित किया जाएगा (प्रति राज्य 250 करोड़ रुपए)।तीसरे चरण में एसएमआरआई-आधारित सुधार शामिल हैं, जिसमें खान मंत्रालय द्वारा जारी किए जाने वाले राज्य खनन तत्परता सूचकांक (एसएमआरआई) 2026-27 के तहत तीन श्रेणियों ए, बी और सी में से प्रत्येक में शीर्ष तीन राज्यों को पुरस्कृत करना शामिल है (प्रत्येक श्रेणी में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने के लिए क्रमशः 100 करोड़ रुपए, 75 करोड़ रुपए और 50 करोड़ रुपए)। -
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफे के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। शुक्रवार को वह भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से हुई। इस दौरान अशोक मित्तल और संदीप पाठक भी उनके साथ मौजूद रहे। नितिन नबीन ने मिठाई खिलाकर सभी नेताओं का स्वागत किया।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत भाजपा में विलय कर लिया है। उन्होंने बताया कि सात सांसदों ने संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर उन्हें राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया है।इस घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने इसे भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’ करार देते हुए आरोप लगाया कि ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में नेताओं को तोड़ा गया है।आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए भाजपा पंजाब की भगवंत मान सरकार को अस्थिर करना चाहती है। उन्होंने इसे पंजाब और वहां की जनता के साथ धोखा बताया और कहा कि लोग इसे कभी नहीं भूलेंगे।राघव चड्ढा ने कहा कि राज्यसभा में आप के कुल 10 सांसद हैं और उनमें से दो-तिहाई से अधिक इस पहल के साथ हैं। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी दस्तावेज, जिनमें हस्ताक्षरित पत्र और अन्य औपचारिक कागजात शामिल हैं, सभापति को सौंप दिए गए हैं और जल्द ही पूरी सूची सार्वजनिक की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रम साहनी जैसे अन्य नेता भी शामिल हैं। -
नयी दिल्ली. हवाई मार्ग से होकर फ्रांस से गुजरने वाले भारतीयों को अब पारगमन वीजा की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि फ्रांसीसी सरकार ने इस आवश्यकता को समाप्त करने के लिए एक समझौते को लागू कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में यह घोषणा करते हुए कहा कि भारत इस कदम का स्वागत करता है। बाद में विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि फ्रांस के यूरोपीय क्षेत्र से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त पारगमन की व्यवस्था अब फ्रांसीसी सरकार द्वारा लागू कर दी गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जायसवाल ने कहा कि यह निर्णय भारत और फ्रांस के बीच स्थायी साझेदारी को दर्शाता है, जिसे राष्ट्रपति मैक्रों की हालिया भारत यात्रा के दौरान 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया गया था, साथ ही लोगों की सुगम आवाजाही को और सुविधाजनक बनाने और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए भी है। जायसवाल ने कहा, "फ्रांस सरकार ने अब इस समझौते को लागू कर दिया है, और 10 अप्रैल, 2026 से भूमि पारगमन फ्रांस से केवल हवाई मार्ग से गुजरने वाले भारतीय नागरिकों को अब मुख्य वीजा की आवश्यकता नहीं होगी।" उन्होंने कहा, "हम फ्रांसीसी हवाई अड्डों से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त पारगमन के संचालन की घोषणा का स्वागत करते हैं। जैसा कि आपको याद होगा, इस साल फरवरी में मुंबई में हुई प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मैक्रों की बैठक के दौरान भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए पारगमन वीजा की आवश्यकता को समाप्त करने पर सहमति बनी थी।"
-
नयी दिल्ली. भारत ने अपने हवाई क्षेत्र में पाकिस्तानी विमानों पर लगाए गए प्रतिबंध को मंगलवार को 24 मई तक के लिए बढ़ा दिया। प्रतिबंध में इस नवीनतम विस्तार के साथ, पाकिस्तान के विमानों के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र बंद रहने की अवधि अब एक वर्ष से अधिक हो जाएगी। यह फैसला 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद पहली बार लागू किया गया था। बुधवार को जारी 'नोटिस टू एयरमेन' (नोटम) में कहा गया है कि भारतीय हवाई क्षेत्र पाकिस्तान में पंजीकृत विमानों और पाकिस्तानी एयरलाइंस या ऑपरेटर द्वारा संचालित या स्वामित्व वाले या पट्टे पर लिए गए विमानों, सैन्य विमानों के लिए उपलब्ध नहीं होगा। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद, भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपने-अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए थे। पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए विभिन्न कदमों के तहत लगाया गया यह प्रतिबंध शुरू में 24 मई, 2025 तक था और बाद में इसे हर महीने बढ़ाया गया। आम तौर पर, 'नोटम' ऐसा नोटिस होता है जिसमें उड़ान संचालन से जुड़े कर्मियों के लिए आवश्यक जानकारी शामिल होती है। पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण अब भारतीय विमानन कंपनियां विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंचने के लिए लंबे मार्ग अपना रही हैं।
-
भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य के युवाओं के लिए अगले दशक को स्वर्णिम युग बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। माझी ने यहां 'बिजनेस एमिनेंस अवार्ड्स 2026' में अपने संबोधन में कहा, "दो साल पूरे होने से पहले ही हमारी सरकार को 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इस अवधि के दौरान 2.80 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं, जिनसे दो लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार सृजित होगा।" उन्होंने कहा कि कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने ओडिशा में निवेश करना शुरू कर दिया है क्योंकि 'वे यहां अवसर और स्थिरता देखती हैं एवं उन्हें स्वच्छ शासन पर भरोसा है।' माझी ने बताया कि सेमी-कंडक्टर क्षेत्र के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित ऊर्जा, डेटा सेंटर, आधुनिक विनिर्माण और नए बुनियादी ढांचे में भी भारी निवेश हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है – ऐसा निवेश वातावरण बनाना जहां उद्योग का विकास हो, लोगों को लाभ मिले और युवाओं को रोजगार प्राप्त हो।" माझी ने कहा कि उनकी सरकार का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य युवाओं को सशक्त बनाना और उनके लिए पर्याप्त अवसर सृजित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा न केवल नौकरी चाहने वाले होंगे, बल्कि नौकरी देने वाले भी होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, "अगले 10 साल का समय हमारे युवाओं के लिए स्वर्णिम युग होगा। हम इसी लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं।" -
नयी दिल्ली. तंजानिया में खोपड़ी की एक दुर्लभ विकृति के साथ पैदा हुए पांच महीने के बच्चे की राष्ट्रीय राजधानी के एक अस्पताल में जटिल सर्जरी की गई जिसमें उसकी खोपड़ी का पुनर्निर्माण किया गया। डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के एक बयान के अनुसार बच्चे में 'क्रैनियोसिनोस्टोसिस' नाम की बीमारी पाई गई, जिसमें खोपड़ी की हड्डियां समय से पहले जुड़ जाती हैं। इससे सिर का आकार असामान्य हो जाता है और मस्तिष्क के विकास में रुकावट आ सकती है। इस मामले में विकृति के कारण 'स्कैफोसेफली' हो गई थी, जिससे सिर असामान्य रूप से लंबा और पतला दिखाई देता है। बच्चे को ऑपरेशन के तीसरे दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह परिवार विशेष उपचार की तलाश में तंजानिया से आया था। बयान के मुताबिक, बच्चे की उच्च जोखिम वाली सर्जरी की गई, जिसे 'क्रेनियल वॉल्ट रिमॉडलिंग (मॉडिफाइड पाई-प्लास्टी)' कहा जाता है और इसमें खोपड़ी को दोबारा बनाकर सही आकार दिया जाता है।
-
मुंबई. अदाणी समूह के स्वामित्व वाले नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (एनएमआईए) से इस वर्ष के अंत तक प्रतिदिन लगभग 50,000 यात्रियों के आने-जाने की उम्मीद है। इसके साथ यहां करीब 380 उड़ान परिचालन (एटीएम) प्रतिदिन होने का अनुमान है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, हवाईअड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें गर्मियों के मौसम से शुरू होने की योजना थी, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण इन्हें फिलहाल टाल दिया गया है। यह नया हवाईअड्डा पिछले वर्ष 25 दिसंबर को घरेलू उड़ानों के साथ शुरू हुआ था। अभी यहां रोजाना लगभग 20,000 यात्री आते-जाते हैं और करीब 150 उड़ानें संचालित होती हैं। सूत्रों ने बताया, "हवाईअड्डा अभी रोजाना 20,000 यात्रियों को संभाल रहा है। उम्मीद है कि दिसंबर तक यह संख्या बढ़कर करीब 50,000 हो जाएगी और उड़ानों की संख्या भी बढ़कर लगभग 380 तक पहुंच सकती है। जिस तरह से यात्री बढ़ रहे हैं, उससे और भी ज्यादा वृद्धि की संभावना है।" सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो एयरलाइन इस हवाईअड्डे की सबसे बड़ी भागीदार है और यहां की कुल उड़ानों में इसकी हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत है, जो आगे बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत तक हो सकती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत को लेकर इंडिगो की ओर से भी तैयारी दिखाई दे रही है और शुरुआत में करीब 16 आगमन और 16 प्रस्थान वाली उड़ानें चलाने की योजना थी। हालांकि, खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय सेवाओं की शुरुआत फिलहाल टाल दी गई है। कुछ एयरलाइंस लंबी दूरी की उड़ानों के लिए भी संपर्क कर रही हैं, लेकिन अभी कोई अंतिम समयसीमा तय नहीं की गई है।
-
नयी टिहरी. उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल जिले के चंबा क्षेत्र में एक मैक्स वाहन के गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने बताया कि चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर नैल गांव के पास अपराह्न करीब सवा दो बजे यह हादसा हुआ जब वाहन अचानक अनियंत्रित होकर 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के समय वाहन में कुल 10 लोग सवार थे। उन्होंने बताया कि हादसे का शिकार हुए सभी यात्री घनसाली क्षेत्र के निवासी थे और संपत लाल (65) के शव का हरिद्वार में अंतिम संस्कार करने के बाद वापस लौट रहे थे। जिलाधिकारी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंची और बचाव एवं राहत कार्य चलाया। मृतकों में संपत लाल का पुत्र प्रेम लाल (36) और वाहन चालक शिव सिंह (35) भी शामिल हैं। अन्य पांच मृतकों की पहचान आशा लाल (40), विजय लाल (36), महावीर (60), सेहत लाल (65) और लक्ष्मण (33) के रूप में की गयी है जबकि एक मृतक की शिनाख्त अभी नहीं हो पायी है। हादसे में घायल हुए दो व्यक्तियों को टिहरी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ अमित राय ने बताया कि उनकी हालत खतरे से बाहर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। धामी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "ईश्वर से प्रार्थना है कि दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
-
देहरादून. उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्वप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट छह माह बंद रहने के बाद बृहस्पतिवार को फिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। पूर्व निर्धारित मुहूर्त के अनुसार, सुबह सवा छह बजे चमोली जिले में स्थित मंदिर के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा अर्चना के साथ खोल दिए गए। इस दौरान देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। मंदिर के कपाट खुलने के मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी मौजूद थे। कपाट खुलने के दौरान पूरा वातावरण ढोल-नगाड़ों व सेना के बैंड की मधुर धुनों और हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं के 'जय बदरी विशाल' के जयकारों से भक्तिरस से सराबोर हो उठा। मंदिर को इस अवसर पर रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने नर और नारायण पर्वत के बीच स्थित मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगा दिए। मान्यताओं के अनुसार, वर्ष में छह महीने (ग्रीष्मकाल में) श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, जबकि बाकी के छह महीने (शीतकाल में) यहां देवता स्वयं भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, जिसमें मुख्य पुजारी देवर्षि नारद होते हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस साल की चारधाम यात्रा पूरी तरह से शुरू हो गयी है। उत्तराखंड के चार धामों में शामिल तीन अन्य धाम-गंगोत्री, यमुनोत्री तथा केदारनाथ के कपाट पहले ही खुल चुके हैं।
-
पश्चिम बंगाल में 91.78 प्रतिशत और तमिलनाडु में 84.69 प्रतिशत मतदान
नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल में 91.78 प्रतिशत और तमिलनाडु में 84.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्रता के बाद से विधानसभा चुनावों में इन दोनों राज्यों में अब तक का सबसे उच्चतम मतदान प्रतिशत है। तमिलनाडु में जहां एक ही चरण में चुनाव हुए, वहीं पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा। बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। नौ अप्रैल को असम और पुडुचेरी ने क्रमशः 85.38 प्रतिशत और 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज करके, इन दोनों राज्यों में अब तक की सबसे अधिक चुनावी भागीदारी का रिकॉर्ड तोड़ा था।
निर्वाचन आयोग (ईसी) के अनुसार, इससे पहले तमिलनाडु में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत 78.29 प्रतिशत (2011 के विधानसभा चुनाव) और पश्चिम बंगाल में 84.72 प्रतिशत (2011) था। दोनों राज्यों में, पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं ने अधिक संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। तमिलनाडु में महिलाओं की भागीदारी 85.76 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि पुरुषों की भागीदारी 83.57 प्रतिशत थी। पश्चिम बंगाल में 92.69 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान केंद्रों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 90.92 रहा। मतदान में हुई प्रभावशाली भागीदारी पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा, "स्वतंत्रता के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक के सबसे अधिक मतदान प्रतिशत के लिए, निर्वाचन आयोग दोनों राज्यों के प्रत्येक मतदाता को सलाम करता है। - नई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर इसे वैश्विक शांति के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार भारत में गौतम बुद्ध के पवित्र अवशेष, जो अपने मूल स्थानों पर संरक्षित हैं, सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लाए जा रहे हैं। यह प्रदर्शनी अहिंसा, करुणा और आत्मजागरूकता के संदेश को वैश्विक स्तर पर फैलाने का माध्यम बनेगी। संस्कृति मंत्रालय, लद्दाख प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के सहयोग से यह प्रदर्शनी 1 से 15 मई 2026 तक लद्दाख में आयोजित की जाएगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और विशिष्ट अतिथियों की भागीदारी की उम्मीद है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह आयोजन लद्दाख को बौद्ध विरासत के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा और क्षेत्र में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा।इस दौरान पवित्र अवशेषों के दर्शन, भव्य जुलूस, पारंपरिक समारोह, ध्यान सत्र, योग शिविर, स्वास्थ्य पहल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और हिमालयी बौद्ध धर्म पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।प्रदर्शनी के प्रमुख स्थल महाबोधि अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्र, धर्म केंद्र, लेह पैलेस और सीआईबीएस होंगे। 11-12 मई को यह कार्यक्रम जांस्कर तक भी विस्तारित किया जाएगा, जबकि 14 मई को लेह में समापन समारोह होगा। इस अवसर पर लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के महानिदेशक अभिजीत हल्दर सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।यह पहल भारत की बौद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने और आध्यात्मिक व सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
-
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 294 विधानसभा सीटों में से 152 सीटों और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों में आज यानी गुरुवार को मतदान होने हैं। मतदान के लिए चुनाव आयोग ने अपनी तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुरुवार सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो जाएगी। पश्चिम बंगाल में पिछली बार 2021 में 82.30 फीसदी मतदान हुआ था। आयोग की कोशिश है कि इस बार इससे भी अधिक वोटिंग हो।
हालांकि, वोटिंग का कुल प्रतिशत पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण की होने वाली वोटिंग के बाद ही सामने आएगा। लेकिन, पहले चरण के मतदान में भी आयोग कोशिश कर रहा है कि अधिक से अधिक मतदाता अपने अधिकारों का इस्तेमाल करें। -
नयी दिल्ली. भारत ने बुधवार को इस बात से इनकार किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने जहाजों को सुरक्षित पार कराने के लिए उसने ईरान को नकद या क्रिप्टोकरेंसी में कोई भुगतान किया है। यह स्पष्टीकरण उस घटना के बाद आया है, जिसमें 18 अप्रैल को इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो भारतीय जहाजों पर ईरानी बलों ने गोलीबारी की थी, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि 'सनमार हेराल्ड' जहाज को सुरक्षित मार्ग देने के लिए ईरान को भुगतान किए जाने के बारे में चलाई जा रही खबरें 'फर्जी' हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "ऐसी खबरें फैल रही हैं कि सनमार हेराल्ड जहाज के कप्तान ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना इकाई से जुड़े लोगों को भुगतान किया, जो कि पूरी तरह गलत है। जहाज के मालिक से बात करने पर उन्होंने कोई भुगतान न किए जाने की पुष्टि की।" इससे पहले, सोशल मीडिया पर सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में 'सनमार हेराल्ड' के कप्तान को यह कहते सुना गया कि उन्हें पहले जलमार्ग पार करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में उन पर गोलीबारी शुरू कर दी गई। कुछ रिपोर्ट में इस घटना को कथित 'क्रिप्टो ठगी' से जोड़ते हुए दावा किया गया था कि फर्जी लोग जहाज मालिकों से सुरक्षित मार्ग दिलाने के नाम पर पैसे मांग रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इन दावों को भी खारिज कर दिया। चेन्नई स्थित पोत परिवहन कंपनी सनमार शिपिंग ने भी एक बयान में अपने जहाज की सुरक्षित निकासी के लिए किसी तरह के भुगतान से इनकार किया। उसने कहा कि वह संबंधित सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर जहाज की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रही है। पोत परिवहन मंत्रालय ने कहा कि वह विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर स्थिति का आकलन करता है और उसी के आधार पर फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय जहाजों को जलडमरूमध्य पार करने की सलाह दी जाती है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी का परिवहन होता है। पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा है।
-
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 28 अप्रैल को वाराणसी के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर तैयारियां तेज कर दी गयी हैं। वाराणसी, मोदी का संसदीय क्षेत्र है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि पार्टी की जिला और शहर इकाइयों ने प्रस्तावित महिला सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए बूथ-स्तर पर जनसंपर्क अभियान की योजना बनायी है। पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री 28 अप्रैल की दोपहर वाराणसी पहुंचेंगे, जहां वह 'बनारस लोकोमोटिव वर्क्स' में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद विशाल महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि रात्रि विश्राम के बाद मोदी 29 अप्रैल की सुबह 'सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर तिब्बतन स्टडीज' के रिनपोछे सांगपा अस्पताल व मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करेंगे और बाद में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के लिए हरदोई रवाना हो जाएंगे। पटेल ने महिलाओं से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह सम्मेलन पूरे देश में महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत संदेश देगा। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में 50 हजार से ज्यादा महिलाओं की भीड़ जुटाने के लिये जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पटेल ने बताया कि मंडल स्तर पर बैठकें पूरी हो चुकी हैं और अब महिला मोर्चा की टीमें बूथ स्तर पर घर-घर जाकर महिलाओं को सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित करेंगी। -
नई दिल्ली। देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर बुधवार को श्रीकेदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में कपाट खुलते ही पूरा धाम हर-हर महादेव और जय श्री केदार के उद्घोष से गूंज उठा। सिख रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुन के बीच कपाट उद्घाटन का यह दिव्य क्षण और भी अलौकिक बन गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उपस्थित रहे।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस पावन क्षण में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री मोदी के नाम से बाबा केदार की प्रथम पूजा-अर्चना की तथा विधि-विधान से अभिषेक कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं राष्ट्र की निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने बाबा केदार के दर्शन कर प्रदेश एवं देश की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।मुख्यमंत्री ने समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री केदारनाथ धाम न केवल सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यह भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और इस वर्ष भी बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा ऐतिहासिक होगी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाबा केदारनाथ का अनन्य भक्त बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उनके मार्गदर्शन में श्री केदारनाथ धाम का भव्य एवं दिव्य पुनर्निर्माण हुआ है, जो आज विश्व भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।इस दौरान सीएम धामी ने बातचीत करते हुए कहा कि अब तक श्रद्धालुओं की ओर से रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण हुए हैं, और बाबा की कृपा से यह संख्या हर साल बढ़ रही है। सभी श्रद्धालु आएं, देवभूमि सभी के लिए तैयार है। साथ ही, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। यात्रा के दौरान जो नियम हैं, यहां सभी नियमों का पालन करें। किसी भी जगह पर गंदगी न होने दें।उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ है। बाबा के कपाट सभी श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं। पूरे देश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को बाबा के दर्शन सुलभ हों। दर्शन बिना किसी बाधा या असुविधा के सुचारू रूप से संपन्न हों। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने इस वर्ष बेहतरीन व्यवस्थाएं की हैं।बता दें कि कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्री केदारनाथ धाम को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।






.jpg)




















