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- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को दावा किया कि रेहड़ी-पटरी वालों को आसान कर्ज दिलाने के लिए शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि' योजना सभी सरकारी योजनाओं में सबसे अधिक कारगर साबित हो रही है। पुरी इस योजना के तीन वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।एक बयान के अनुसार, कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना देश के शहरों और छोटे कस्बों में वित्तीय समावेशन और डिजिटल साक्षरता की दिशा में अहम कदम साबित हुई है। बयान में कहा गया कि रेहड़ी-पटरी वालों में ‘स्वरोजगार, स्वावलम्बन, स्वाभिमान' पैदा करने के उद्देश्य से एक जून, 2020 को शुरू की गई यह योजना केंद्र सरकार की छोटे कर्ज संबंधी योजनाओं में सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। पुरी ने रेहड़ी-पटरी वालों के लिए ऋण आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के वास्ते बृहस्पतिवार को ‘पीएम स्वनिधि मोबाइल ऐप' की भी शुरुआत की। उन्होंने योजना के लाभार्थियों से संवाद भी किया।
- नयी दिल्ली। जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने गुरुवार को कहा कि जी-20 अध्यक्ष के रूप में भारत आर्थिक विकास के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा और वैश्विक स्तर पर जारी राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच रूस तथा चीन सहित सभी सदस्य देशों को साथ लाने का प्रयास करेगा। कांत ने ‘टाइम्स नेटवर्क इंडिया आर्थिक सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा कि सितंबर में यहां जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान आर्थिक विकास के उद्देश्यों पर ध्यान देने और राजनीति को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) पर छोड़ने की जरूरत है। जी-20 शिखर सम्मेलन में सहमति बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘हम राजनीति की दुनिया में रह रहे हैं, लेकिन हमें अपने उद्देश्यों के बारे में स्पष्ट होना चाहिए... हम आर्थिक विकास और आर्थिक वृद्धि पर केंद्रित हैं और यह भारत की प्राथमिकता है।'' भारत ने जी-20 की अध्यक्षता एक दिसंबर, 2022 को एक साल के लिये संभाली। जी-20 शिखर सम्मेलन नयी दिल्ली में 9-10 सितंबर को होगा। कांत ने कहा, ‘‘इसीलिए, हम सभी को साथ लाएंगे... हम बहुत आशान्वित हैं। हमारा उद्देश्य वास्तव में रूस और चीन सहित सभी 20 देशों को एक साथ लाना और कोई रास्ता निकालना है।'' उन्होंने यह भी कहा कि जी-20 के लिये पहली बार भारत एजेंडा तय कर रहा है और पूरी दुनिया उसकी सकारात्मक तथा रचनात्मक पहल का जवाब दे रही है। कांत ने आगे कहा कि जी-20 अध्यक्ष के रूप में भारत का काम आर्थिक और विकासात्मक सहित कई मुद्दों पर आम सहमति बनाना है, जो दुनिया के उभरते बाजारों को प्रभावित कर रहे हैं।
- देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा में तैनात एक कमांडो की गुरुवार को कथित तौर पर अपनी ही सर्विस राइफल की गोली लगने से मौत हो गयी। हालांकि, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार ने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि कमांडो प्रमोद रावत ने आत्महत्या की है या उनकी मौत गलती से गोली चलने से हुई। कमांडो बैरक में हुई घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना स्थल पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम ने अपनी जांच शुरू कर दी है। कुमार ने बताया कि कमांडो की गर्दन पर गोली लगने का निशान है, लेकिन उसके निकलने का कोई निशान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही घटना के कारण का पता लगाया जा सकेगा।''
- पुणे। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मकरंद जी. जोशी ने गुरुवार को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की पुणे स्थित इकाई अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियर) के निदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने जिस पद का प्रभार संभाला वह पहले डॉ. प्रदीप कुरुलकर के पास था। कुरुलकर को पिछले महीने की शुरुआत में एक पाकिस्तानी एजेंट को गोपनीय जानकारी प्रदान करने के आरोप में महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने गिरफ्तार किया था। एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उत्कृष्ट वैज्ञानिक डॉ. जोशी ने अमेरिका के क्लेमसन विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की है। वह अगस्त 2000 में आर एंड डीई (इंजीनियर), पुणे में शामिल हुए। इसमें कहा गया कि अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियर) की स्थापना छह दशक पहले हुई थी और यह भारतीय रक्षा बलों के तीनों अंगों के लिए विभिन्न इंजीनियरिंग प्रणालियों के स्वदेशी विकास के लिए जिम्मेदार एक प्रमुख प्रणाली इंजीनियरिंग प्रयोगशाला है।
- रांची। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर में पांच पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी की है। नये निर्णय के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं को अब 5.75 रुपये प्रति यूनिट के स्थान पर 5.80 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल का भुगतान करना होगा। इसी तरह शहरी उपभोक्ताओं को अब 6.25 रुपये प्रति यूनिट के स्थान पर 6.30 रुपये प्रति यूनिट कीदर से बिजली बिल का भुगतान करना होगा। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अमिताव कुमार गुप्ता ने कहा कि नयी दरें गुरुवार से प्रभाव में आ गयीं।
- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) श्रेणी दो और तीन के अंतर्गत 5,159 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करेगा। इन पदों के लिये विज्ञापन पिछले साल आये थे। खाद्य मंत्रालय ने एक सरकारी बयान में कहा कि एफसीआई ‘‘हाल के वर्षों में नियुक्ति के मामले में अग्रणी रहा है। निगम हर साल बड़ी संख्या में युवाओं की भर्ती करता है।'' बयान में कहा गया है, ‘‘विभिन्न श्रेणियों (श्रेणी एक, दो, तीन और चार) के तहत पदों को नियमित रूप से विज्ञापित किया जा रहा है। एफसीआई ने वर्ष 2020 के दौरान श्रेणी तीन के अंतर्गत 3,687 अधिकारियों, वर्ष 2021 के दौरान श्रेणी II के 307 और श्रेणी I के 87 अधिकारियों की नियुक्ति की है।'' एफसीआई ने वर्ष 2022 में श्रेणी दो और तीन के 5,159 पदों के लिये विज्ञापन दिया था।बयान में कहा गया है, ‘‘11.70 लाख उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया है। दो चरणों में ऑनलाइन परीक्षा पहले ही पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, भर्ती प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही समाप्त होने की संभावना है।'' एफसीआई, खाद्यान्न की खरीद और वितरण के लिए सरकार की नोडल एजेंसी है।
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नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने विमानन कंपनी स्पाइस जेट को तत्काल 75 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। यह राशि एक मध्यस्थता निर्णय से जुड़ी 578 करोड़ रुपये की राशि पर ब्याज के तौर पर मीडिया उद्यमी कलानिधि मारन और उनकी काल एयरवेज को सौंपी जाएगी। उच्च न्यायालय ने कहा कि मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा 13 फरवरी, 2023 को पारित आदेश में कोई संशोधन नहीं किया गया है, और इसलिए इसका पालन करना होगा।
न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने 29 मई को पारित आदेश में कहा, “चूंकि निर्णय देनदार (स्पाइसजेट) डिक्री धारक (मारन और काल एयरवेज) को 75 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करने में विफल रहा था, इसलिए उच्चतम न्यायालय के 13 फरवरी, 2023 के आदेश के पैरा 15 (2) के संदर्भ में, निर्णय देनदारों को ब्याज के रूप में पूरी बकाया राशि तत्काल जमा करने के लिए कहने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। इसलिए ऐसा निर्देश दिया जाता है। संपत्ति का शपथ पत्र भी आज से चार सप्ताह के भीतर दाखिल किया जाए।” उच्चतम न्यायालय ने 13 फरवरी के अपने आदेश में कहा था, “अपीलकर्ता (स्पाइसजेट) तीन महीने के अंदर प्रतिवादी (मारन और काल एयरवेज) को 75 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान याचिका के निपटान के चलते लंबित ब्याज के कारण देयता के ऐवज में करेंगे।” उच्च न्यायालय ने दो नवंबर, 2020 को एयरलाइन को उसके पूर्व प्रवर्तक मारन और काल एयरवेज के साथ शेयर हस्तांतरण विवाद के सिलसिले में ब्याज के तौर पर लगभग 243 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने सात नवंबर, 2020 को उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी थी।इसके बाद इस वर्ष 13 फरवरी को उच्चतम न्यायालय ने कहा कि स्पाइस जेट की 270 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी को तुरंत भुनाया जाना चाहिए और मारन व काल एयरवेज को मध्यस्थ न्यायाधिकरण के आदेश के अनुरूप बकाया राशि के ऐवज में उसका भुगतान किया जाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि उसने स्पाइस जेट को तीन महीने के अंदर मारन और काल एयरवेज को 75 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। - लुधियाना (पंजाब)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने यहां गुरुवार को कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए चुनावों से पहले कभी मुफ्त उपहारों की पेशकश नहीं की, बल्कि बगैर किसी भेदभाव के जन कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया। मोदी सरकार की पिछले नौ वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मांडविया ने कहा कि देश ने इस अवधि के दौरान तेज गति से प्रगति की है। मंत्री ने कहा, ‘‘देश कोविड-19 महामारी से सफलतापूर्वक निपटा। ना केवल देश के 130 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया गया, बल्कि अन्य देशों को भी (कोविड के) टीकों का निर्यात किया गया।''उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का एक रोडमैप तैयार किया है और इस पर काम शुरू कर दिया गया है।’’मांडविया ने कहा कि मोदी सरकार ने ‘रेवड़ी’ (चुनावों से पहले मुफ्त उपहार बांटने की) संस्कृति को खत्म कर दिया और लोगों का सशक्तीकरण किया।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पंजाब के लोग इसका फायदा नहीं उठा सके थे क्योंकि राज्य सरकार ने समय पर अस्पतालों को धन आवंटित नहीं किया था।उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद पंजाब के लोगों को फिर से इस योजना के तहत लाभ मिलना शुरू हो गया है।
- जींद (हरियाणा)। हरियाणा में जींद के रामकली गांव में एक महिला ने कथित रूप से मकान की छत से छलांग लगा दी और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतका के भाई की शिकायत पर पति समेत चार लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जुलाना थाना के जांच अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि मृतका के भाई की शिकायत पर पति समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार रामकली गांव के दीपक की पत्नी मोनिका ने संदिग्ध हालत में मकान की छत से छलांग लगा दी और अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया। मोनिक के भाई और चंद्रपाल गांव के निवासी जोनी ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन मोनिका की शादी दिसंबर 2016 मे रामकली गांव के दीपक के साथ हुई थी। भाई ने आरोप लगाया शादी के बाद से ससुराल वाले मोनिका को दहेज के लिए तंग कर रहे थे जिसका मामला अदालत में चल रहा है। जोनी का कहना है कि लगभग एक माह पहले दीपक मोनिका को अपने साथ ले आया। उसने आरोप लगाया कि उसकी बहन ने दहेज उत्पीडऩ से तंग आकर आत्महत्या की है। पुलिस ने जोनी की शिकायत पर आरोपी पति दीपक, आरोपी जेठ संदीप, आरोपी जेठानी शिमला, आरोपी ससुर राजबीर के खिलाफ देहज हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम करा मायका पक्ष को सौंप दिया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। (सांकेतिक फोटो।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड' ने दोनों देशों के बीच सीमा विवाद का हल ‘मैत्री की भावना' से करने का गुरुवार को संकल्प लिया। साथ ही, इस पड़ोसी देश (नेपाल) से अगले 10 वर्षों में बिजली का आयात मौजूदा 450 मेगावाट से बढ़ा कर 10,000 मेगावाट करने सहित कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए। मोदी और प्रचंड के बीच हुई व्यापक वार्ता में, भारतीय पक्ष 40 मेगावाट तक बिजली भारत के मार्फत नेपाल से बांग्लादेश को निर्यात किये जाने के प्रथम त्रिपक्षीय ऊर्जा कारोबार पर सहमत हुआ। इस कदम को वृहद क्षेत्रीय सहयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।मोदी ने कहा कि वह दोनों देशों के बीच संबंधों को हिमालय की ऊंचाई तक ले जाने के लिए प्रयास जारी रखेंगे। भारत और नेपाल ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किये, जिनमें ‘ट्रांजिट' की एक संशोधित संधि शामिल है, जिसे विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि यह नेपाल को भारत के अंतरदेशीय जलमार्गों तक पहुंच उपलब्ध कराएगी और इससे व्यापार एवं निवेश में बहुत योगदान मिलने की उम्मीद है। दोनों पक्षों ने संपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को विस्तारित करने के लिए एक भविष्योन्मुखी रुख के तहत जलविद्युत, पेट्रोलियम से संबद्ध बुनियादी ढांचा, रेल संपर्क, सीमा के आरपार भुगतान प्रणाली और व्यापार तथा निवेश में सहयोग विस्तारित करने की कई नयी पहल को भी ठोस रूप दिया। बैठक के बाद, मोदी ने अपने प्रेस बयान में कहा कि उन्होंने और प्रचंड ने भविष्य में दोनों देशों के बीच साझेदारी को ‘सुपर हिट' बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं ।नरेन्द्र मोदी ने प्रचंड की मौजूदगी में कहा, ‘‘हम अपने संबंधों को हिमालय की ऊंचाई तक ले जाने का प्रयास जारी रखेंगे। और इस भावना के साथ, हम सभी मुद्दों का समाधान करेंगे, चाहे वह सीमा विवाद से संबद्ध हो या कोई अन्य मुद्दा हो।'' भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आये प्रचंड ने अपनी टिप्पणी में कहा कि उन्होंने और मोदी ने सीमा मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने प्रधानमंत्री मोदीजी से, स्थापित राजनयिक तंत्र के माध्यम से सीमा मुद्दे का हल करने का अनुरोध किया।''
- तिरुपति। एक रूसी श्रद्धालु अचुता माधव दास ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के विभिन्न न्यासों को गुरुवार को 7.6 लाख रुपये का दान दिया। अपने मित्र के साथ आए दास ने दान का चेक टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी ए.वी.धर्म रेड्डी को सौंपा।टीटीडी ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया, ‘‘दानकर्ता ने 1.64 लाख रुपये एसवीबीसी ट्रस्ट को और एक-एक लाख रुपये की राशि एसवी अन्न प्रसादम ट्रस्ट, गोसमरक्षणा, प्राणदान, विद्यादान, वेदपरायण ट्रस्ट और श्री बालाजी आरोग्य वरप्रसादिनी योजना को दिया है।''
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इंफाल. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को भारत-म्यांमा सीमा पर स्थित मणिपुर के मोरेह का दौरा किया और कुकी समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने वहां सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि शाह सोमवार रात को विमान से इंफाल पहुंचे। उन्होंने दोपहर में कांगपोकपी जिले का दौरा किया और विभिन्न संगठनों से मुलाकात की। केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मणिपुर के मोरेह में कुकी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल से आज मुलाकात की।'' अधिकारी ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर एक अलग पोस्ट में कहा कि उन्होंने मोरेह में रहने वाले कुछ तमिल व्यापारियों सहित विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। शाह ने कहा, ‘‘मोरेह में कुकी और अन्य समुदायों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। उन्होंने मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने में सरकार की पहल को मजबूत समर्थन व्यक्त किया है।'' उन्होंने कहा कि शाह ने तेंगनुपाल जिले के मोरेह में विभिन्न केंद्रीय और राज्य के सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक भी की। शाह ने ट्वीट किया, ‘‘मोरेह (मणिपुर) में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया।''
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला और खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका इस यात्रा में शाह के साथ हैं। हालांकि इन बैठकों में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह शामिल नहीं हुए थे।
हिंसा ग्रस्त मणिपुर में शांति बहाली के अपने प्रयासों के तहत केंद्रीय गृह मंत्री ने मंगलवार को मैतेई और कुकी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने जातीय हिंसा से त्रस्त राज्य में इस तरह की घटनाओं में इजाफा के मद्देनजर सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने शाम में सर्वदलीय बैठक भी की। गृह मंत्री मणिपुर के चार दिवसीय दौरे पर हैं और राज्य में शांति बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं।
मंगलवार को मैतेई और कुकी समुदाय के लोगों ने शांति के लिए प्रतिबद्धता जताई थी और आश्वस्त किया था कि वे संकटग्रस्त राज्य में शांति बहाल करने की दिशा में काम करेंगे। शाह ने मंगलवार को मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और इंफाल में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि मणिपुर की शांति और खुशहाली उनके सरकार की शीर्ष प्राथमिकता और अधिकारियों को शांति में खलल डालने वाली किसी भी प्रकार की गतिविधि से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया। तीन मई को मणिपुर में जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद गृह मंत्री पहली बार पूर्वोत्तर राज्य का दौरा कर रहे हैं। मणिपुर में ‘जनजातीय एकता मार्च' के बाद पहली बार जातीय हिंसा भड़क उठी। अनुसूचित जाति (एसटी) के दर्जे की मांग को लेकर मैतेई समुदाय ने तीन मई को प्रदर्शन किया था जिसके बाद ‘जनजातीय एकता मार्च' का आयोजन किया था। मणिपुर करीब एक महीने से जातीय हिंसा से प्रभावित है और राज्य में इस दौरान झड़पों में इजाफा देखा गया है। कुछ सप्ताह की खामोशी के बाद पिछले रविवार को सुरक्षा बलों एवं उग्रवादियों के बीच गोलीबारी भी हुई। अधिकारियों ने बताया कि संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। -
बेंगलुरु. प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक ने बुधवार को बेंगलुरु में बार-बार आने वाली बाढ़ से बचने के लिए बरसाती नालों (एसडब्ल्यूडी) के बुनियादी ढांचे की 600 किलोमीटर से अधिक इजाफा करने की सिफारिश करते हुए एक रिपोर्ट प्रकाशित की। कंपनी ने यह भी कहा कि सरकार को एसडब्ल्यूडी अवसंरचना के रिमॉडलिंग और विस्तार पर 2,800 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहिए। ‘बेंगलुरु शहरी बाढ़' शीर्षक अपनी रिपोर्ट में, नाइट फ्रैंक ने रेखांकित किया कि चूंकि बेंगलुरु देश के आर्थिक विकास के प्रमुख केंद्रों में से एक है, इसलिए शहर के विकास को समायोजित करने के लिए रियल एस्टेट विकास का विस्तार जारी रहेगा। कंसल्टेंसी कंपनी ने कहा कि लंबी अवधि के अस्तित्व के लिए, रियल एस्टेट के सामंजस्यपूर्ण विकास और बेंगलुरु के पारिस्थितिकी तंत्र को और नुकसान पहुंचाए बिना सहायक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर अधिक जोर देने की जरूरत है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि शहरी बाढ़ की बार-बार होने वाली घटनाओं से बचने के लिए शासी निकायों को शहर के एसडब्ल्यूडी बुनियादी ढांचे का कायाकल्प और पुनर्निर्माण करने की आवश्यकता है। पिछले साल सितंबर में, मूसलाधार बारिश के कारण बेंगलुरु के कई हिस्सों में पानी भर गया था और आईटी कंपनियों के साथ-साथ कई आवासीय इलाके कई दिनों तक जलमग्न रहे थे।
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अमरेली. गुजरात के अमरेली जिले में कुत्तों के झुंड ने खेत के निकट खेल रहे एक तीन वर्षीय बच्चे को नोच नोचकर मार डाला। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने कहा कि घटना मंगलवार दोपहर के बाद लाठी तालुका के दमनगर गांव के बाहरी इलाके में हुई। पीड़ित बच्चे रौनक राठवा के परिजन और परिवार के अन्य सदस्य मधुभाई सिदपारा नामक व्यक्ति के खेत में खेतिहर मजदूर के तौर पर काम कर रहे थे। दमनगर थाने के सहायक उपनिरीक्षक के. आर. संखत ने कहा कि बच्चा खेत के पास अकेला खेल रहा था।
संखत ने कहा, “बच्चे का परिवार आदिवासी बहुल छोटा उदेपुर जिले के एक गांव से संबंध रखता है और उन्हें सिदपारा ने खेतिहर मजदूर के रूप में काम पर रखा था। परिवार जब कुछ दूर खेत में काम कर रहा था तो पांच . छह कुत्तों ने बालक पर हमला कर दिया और उसकी गर्दन दबोच ली।” अधिकारी ने कहा कि आवारा कुत्तों ने बच्चे के सिर और पीठ पर भी बुरी तरह काट लिया।
अधिकारी ने कहा कि बच्चे को उसके माता-पिता नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन भर्ती किए जाने के कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। -
नयी दिल्ली. देश की आर्थिक वृद्धि दर बीते वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही में 6.1 प्रतिशत रही है। इसके साथ, पूरे वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत पर पहुंच गई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत थी। जीडीपी वृद्धि दर 2021-22 की जनवरी-मार्च तिमाही में चार प्रतिशत रही थी। आंकड़ों के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष 2022-23 में आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रही। इससे पिछले वित्त वर्ष 2021-22 में यह 9.1 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने दूसरे अग्रिम अनुमान में देश की वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने की संभावना जतायी थी। सकल घरेलू उत्पाद देश की सीमा के भीतर उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को बताता है।
चीन की आर्थिक वृद्धि दर 2023 की पहली तिमाही में 4.5 प्रतिशत रही थी। -
नयी दिल्ली. वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी मोबिक्विक ने अपने नवगठित सलाहकार बोर्ड में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्व कार्यकारी निदेशक व इरडा के सदस्य राधाकृष्णन नायर और एसबीआई कार्ड के पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरदयाल प्रसाद को शामिल किया है। कंपनी ने बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) के साथ-साथ वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए नियमों, अनुपालन और उद्योग की गतिशीलता की समझ बढ़ाने में मदद करने के लिए एक सलाहकार बोर्ड की स्थापना की है। मोबिक्विक ने बयान में कहा, “बैंकिंग, प्रतिभूति, बीमा, निवेश, क्रेडिट कार्ड, भुगतान सेवाओं और आईपीओ जैसे विभिन्न वित्तीय क्षेत्रों में आठ दशक के संयुक्त अनुभव के साथ राधाकृष्णन नायर और हरदयाल प्रसाद अद्वितीय दृष्टिकोण लाते।” नायर के पास बैंकिंग, प्रतिभूति और बीमा क्षेत्र में लगभग 40 साल का अनुभव है। वह आईसीआईसीआई और उसकी अनुषंगी कंपनियों समेत कई फर्मों में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर कार्य कर रहे हैं। प्रसाद के पास भी बैंकिंग, आवास, निजी समेत अन्य क्षेत्रों में 40 साल से ज्यादा का अनुभव है।
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नयी दिल्ली. मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में जून के तीसरे सप्ताह तक दो मादा समेत सात और चीते छोड़े जाएंगे। चीतों को बसाने की परियोजना की निगरानी करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत पिछले साल 17 सितंबर को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान के संगरोध बाड़े में छोड़ा था। परियोजना के दूसरे चरण में 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीते कूनो में छोड़े गए थे। मार्च और अप्रैल में तीन चीतों की मौत हो गई थी। बचे हुए 17 वयस्क चीतों में से सात को पहले ही जंगल में छोड़ दिया गया है। समिति के अध्यक्ष और ‘ग्लोबल टाइगर फोरम' के महासचिव राजेश गोपाल ने कहा, “परियोजना पर काम जारी है और चिंता का कोई कारण नहीं है। हमने जून के तीसरे सप्ताह तक दो मादा चीतों समेत सात और चीतों को छोड़ने का फैसला किया है।”
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नयी दिल्ली. सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं भारतीय अर्थव्यवस्था मार्च, 2023 तिमाही के बाद से तेज गति से बढ़ रही है। उद्योग मंडलों के अनुसार विनिर्माण और कृषि जैसे क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहे हैं। आर्थिक वृद्धि दर मार्च तिमाही में 6.1 प्रतिशत जबकि पूरे वित्त वर्ष 2022-23 में 7.2 प्रतिशत रही। इस वृद्धि के बाद देश की अर्थव्यवस्था 3.3 लाख करोड़ डॉलर की हो गई है और इसने अगले पांच वर्षों में पांच लाख करोड़ डॉलर के लक्ष्य का मंच तैयार कर दिया है। वित्त वर्ष 2021-22 में आर्थिक वृद्धि दर 9.1 प्रतिशत रही थी।
उद्योग मंडल ऐसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने कहा, “वित्त वर्ष 2022-23 के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्पष्ट संकेत दिखता है कि मार्च तिमाही से भारतीय अर्थव्यवस्था ने विनिर्माण, निर्माण और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में तेजी से वृद्धि की है।” उन्होंने कहा कि कच्चे तेल सहित अन्य कच्चे माल की कीमतों में नरमी और ब्याज दर के उच्च स्तर पर पहुंचने को देखते हुए इसके आने वाले समय में इसी रफ्तार से आगे बढ़ने की उम्मीद है। उद्योग मंडल पीएचडी चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष साकेत डालमिया ने कहा कि सकल स्थिर पूंजी निर्माण स्थिर कीमतों पर जीडीपी के 34 प्रतिशत पर रहना उत्साहजनक है। यह रोजगार सृजन की प्रबल संभावनाओं के साथ अर्थव्यवस्था में पूंजी व्यय बढ़ने का संकेत देती है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के निर्देश पर मणिपुर में चिकित्सकों के कई दलों को तत्काल प्रभाव से तैनात किया है। मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि सर्जरी, मनोरोग, मेडिसिन, स्त्री रोग, बाल चिकित्सा, मूत्रविज्ञान और आपातकालीन देखभाल में विशेषज्ञता रखने वाले चार-चार चिकित्सकों वाले छह दल राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में मदद करेंगे, जो वहां संघर्ष के कारण प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुई हैं। इसमें कहा गया है कि इन दलों में एम्स-कल्याणी, एम्स-गुवाहाटी और एनईआईजीआरआईएचएमएस-शिलांग के चिकित्सक शामिल हैं। मणिपुर में करीब एक महीने पहले ‘जनजातीय एकता मार्च' के बाद मणिपुर में पहली बार जातीय हिंसा भड़क उठी थी। अनुसूचित जाति (एसटी) के दर्जे की मांग को लेकर मेइती समुदाय ने तीन मई को प्रदर्शन किया था जिसके बाद ‘जनजातीय एकता मार्च' का आयोजन किया था। एक पखवाड़े से अधिक की शांति के बाद, राज्य में रविवार को उग्रवादियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में अचानक तेजी देखी गई। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक हिंसा में 80 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
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नयी दिल्ली. किसान संगठन ‘फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया फार्मर एसोसिएशन' (एफएआईएफए) ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिश के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और वित्त मंत्रालय को पत्र लिखा है। डब्ल्यूएचओ ने सिफारिश की है कि तम्बाकू के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को जगह दी जानी चाहिए। इससे वैश्विक खाद्य संकट से निपटने में मदद मिलेगी। पीएमओ, वित्त मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को दिये अपने प्रतिवेदन में एफएआईएफए ने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिश अवैज्ञानिक है और तंबाकू की खेती की जगह अन्य फसलों का कोई लाभ नहीं है। केंद्रीय तंबाकू अनुसंधान संस्थान (सीटीआरआई) के एक अध्ययन का हवाला देते हुए, संगठन ने कहा कि आंध्र प्रदेश में चना और धान जैसी वैकल्पिक फसलों के प्रतिस्थापन के लिए किए गए पिछले प्रयास से किसानों को तंबाकू की खेती से उनकी पिछली कमाई की तुलना में काफी नुकसान हुआ है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात में वाणिज्यिक फसलों के लाखों किसानों और कृषि श्रमिकों के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक गैर-लाभकारी संगठन, एफएआईएफए ने सरकार से अनुरोध किया है कि भारत को डब्ल्यूएचओ के दिशानिर्देशों या सिफारिशों को लागू नहीं करना चाहिए क्योंकि ये पश्चिमी सभ्यता के तंबाकू खपत मॉडल पर आधारित ‘‘सभी के लिए एक समान'' समाधान की धारणा पर बना है। एफएआईएफए के महासचिव मुरली बाबू ने एक बयान में कहा कि भारत एक बड़ा तम्बाकू उत्पादक देश है। ऐसे में यहां उचित कृषि-जलवायु अध्ययन किए बिना ऐसी अपीलों के कारण लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
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नयी दिल्ली. भारत ओटीटी (ओवर दी टॉप) कार्यक्रमों के लिए तंबाकू के खिलाफ चेतावनी जारी करने को अनिवार्य करने वाला बुधवार पहला देश बन गया। ओटीटी मंच पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों में वैसे ही चेतावानी जारी की जाएगी जैसे थिएटर में फिल्मों और टीवी कार्यक्रमों में होती है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2004 के तहत संशोधित नियमों को अधिसूचित किया। अधिसूचना के अनुसार, ऑनलाइन सामग्री में तंबाकू उत्पाद या उनके इस्तेमाल को दिखाए जाने के दौरान प्रसारकों को कार्यक्रम के शुरू और मध्य में कम से कम 30 सेकेंड तक तंबाकू के खिलाफ स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी जारी करना होगा। जब कार्यक्रम के दौरान तम्बाकू उत्पादों या उनके उपयोग को दिखाया जाता है तो उन्हें इस दौरान स्क्रीन के नीचे एक संदेश के रूप में तम्बाकू विरोधी स्वास्थ्य चेतावनी दिखाना अनिवार्य होगा। सूत्रों ने कहा कि साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत और मध्य में तम्बाकू के उपयोग के दुष्प्रभावों पर कम से कम 20 सेकेंड का एक दृश्य श्रव्य घोषणा भी दिखानी होगी। अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘उप-नियम (1) के खंड (बी) में निर्दिष्ट तंबाकू विरोधी स्वास्थ्य चेतावनी संदेश सफेद पृष्ठभूमि पर काले रंग के अक्षरो में ‘तंबाकू से कैंसर होता है' या ‘तंबाकू मारक होती है ' की चेतावनी दिखानी होगी जो स्पष्ट और पठनीय होनी चाहिए।'' इसके अलावा, तंबाकू विरोधी स्वास्थ्य चेतावनी संदेश और ऑडियो-विजुअल डिस्क्लेमर उसी भाषा में होने चाहिए, जिसका उपयोग ऑनलाइन बनाई गई सामग्री में किया जाता है। ऑनलाइन बनाई गई सामग्री में तम्बाकू उत्पादों का प्रदर्शन या उनका उपयोग सिगरेट या अन्य तम्बाकू उत्पादों के ब्रांड के प्रदर्शन या किसी भी रूप में तम्बाकू उत्पाद का प्रचार और तम्बाकू उत्पादों के प्रदर्शन या प्रचार सामग्री में उनके उपयोग का जरिया नहीं होना चाहिए। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और अन्य हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। अधिसूचना में कहा गया है कि अगर इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय मामले का स्वत: संज्ञान ले सकते हैं या उन्हें शिकायत की जा सकती है। इसमें कहा गया है कि ऑनलाइन सामग्री के प्रकाशक की पहचान करने के बाद, नोटिस जारी कर उनसे विफलता पर स्पष्टीकरण देने के लिए पर्याप्त मौका दिया जाएगा और सामग्री में उचित बदलाव किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने युवा पीढ़ी में तंबाकू के बढ़ते सेवन पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से तंबाकू के बंधनों से मुक्त होने और एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की अपील की।
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नयी दिल्ली. उद्योगपति मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी की पत्नी श्लोका मेहता अंबानी ने बुधवार को बेटी को जन्म दिया। दंपति की पहली पुत्र संतान पृथ्वी का जन्म दिसंबर 2020 में हुआ था। मुकेश अंबानी के बच्चों के दोस्त और परिवार के करीबी तथा राज्यसभा सदस्य पीरामल नथवानी के बेटे धनराज नथवानी ने बेटी के जन्म की जानकारी ट्विटर पर दी। धनराज ने ट्वीट किया, “आकाश और श्लोका अंबानी को उनकी नन्हीं राजकुमारी के आगमन पर हार्दिक बधाई। यह अनमोल आशीर्वाद आपके जीवन में अपार खुशियां और प्रेम लेकर आए।” पिछले साल नवंबर में आकाश की जुड़वां बहन ईशा और उनके पति आनंद पीरामल जुड़वा बच्चों के माता-पिता बने थे, जिनका नाम कृष्णा और आदिया रखा गया। मुकेश अंबानी के तीन बच्चे आकाश, ईशा और छोटा बेटा अनंत है।
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अजमेर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अजमेर जिले के पुष्कर पहुंचे और ब्रह्मा मंदिर में पूजा अर्चना की। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हेलीकॉप्टर से तीर्थ नगरी पुष्कर पहुंचे। इससे पहले मोदी नई दिल्ली से विशेष विमान से किशनगढ़ हवाई अड्डे पर उतरे और वहां से वह हेलीकॉप्टर के जरिये तीर्थ नगरी पुष्कर पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर में पूजा अर्चना की और उसके बाद वह हेलीकॉप्टर से जयपुर-अजमेर राजमार्ग पर स्थित कायड़ विश्राम स्थली के लिए रवाना हुए जहां वह जनसभा को संबोधित करेंगे।
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नयी दिल्ली. अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका ने भारत को मित्रता और रणनीतिक साझेदारी की ऐसी ‘‘गहराई'' दी है, जो दुनिया में अद्वितीय है और अगले महीने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान संबंधों का और विस्तार होगा। गार्सेटी ने कहा कि दोनों देश रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए कुछ समझौतों पर काम कर रहे हैं और मोदी के अमेरिका दौरे या अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के सितंबर में जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने पर उनके मजबूत होने की संभावना है। भारत द्वारा चीन से अपनी सीमा के साथ-साथ समुद्री क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत वाशिंगटन पर निर्भर रह सकता है, क्योंकि अमेरिका सीमाओं, संप्रभुता और कानून के शासन का सम्मान करने के लिए खड़ा है। गार्सेटी ने कहा, ‘‘हम इन सिद्धांतों की रक्षा और बचाव करेंगे। अगर कोई देश सोचता है कि वह एकतरफा यथास्थिति को बदल सकता है, तो यह हम सभी के लिए अस्वीकार्य है। हम कार्रवाई को भी रोकना चाहते हैं। हम भारत और अमेरिका दोनों देशों के लिए चीन के साथ अधिक शांतिपूर्ण संबंध देखना चाहेंगे।'' साथ ही, गार्सेटी ने जोर दिया कि किसी के द्वारा ‘धौंस जमाने' की हरकत स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की चुनौती का सामना करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। गार्सेटी ने कहा कि क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों के लिए अफगान क्षेत्र के संभावित इस्तेमाल को लेकर भारत की चिंताओं पर अमेरिका की साझा चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी वर्तमान भू-राजनीतिक हालात के संदर्भ में दुनिया के लिए काफी महत्वपूर्ण है। गार्सेटी ने कहा कि यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि विश्व के लिए भी फायदेमंद है। क्या भारत और अमेरिका प्रमुख सैन्य प्लेटफॉर्म के संयुक्त विकास पर विचार कर रहे हैं, इस पर गार्सेटी ने कहा, ‘‘बिल्कुल। मुझे लगता है कि आप प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान हुए समझौतों को देखेंगे, या शायद जब राष्ट्रपति दो महीने बाद आएंगे, तो हम पिछले कुछ वर्षों से जो कर रहे हैं, उसे संस्थागत और औपचारिक रूप देंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी हथियार प्रणालियों की पेशकश कर रहे हैं, जो अत्याधुनिक हैं और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण भी हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत इनमें से कुछ चीजों को यहां भारत में बना सकता है।'' गार्सेटी ने कहा, ‘‘हमने अपने कुछ निकटतम सहयोगियों के लिए ऐसा नहीं किया। अमेरिका ने भारत को मित्रता और रणनीतिक साझेदारी की ऐसी गहराई दी है, जो दुनिया में अद्वितीय है। यदि यह खास नहीं है, तो कुछ भी नहीं है।'' अगले महीने मोदी की अमेरिका की यात्रा को लेकर गार्सेटी ने कहा कि अमेरिका इस यात्रा को लेकर ‘‘उत्साहित'' है और वाशिंगटन रक्षा, व्यापार और निवेश, जलवायु परिवर्तन तथा लोगों के आपसी संपर्क समेत विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को और गहरा करने के प्रति उत्सुक है। उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री की इस यात्रा को लेकर और कुछ महीने बाद जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति बाइडन के यहां आने को लेकर उत्साहित हैं।'' बाइडन जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए सितंबर में भारत आने वाले हैं। मोदी जून में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन और उनकी पत्नी जिल बाइडन के निमंत्रण पर अमेरिका की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति 22 जून को राजकीय रात्रिभोज में मोदी की मेजबानी भी करेंगे। गार्सेटी ने कहा कि भारत और अमेरिका के आज बेहद करीबी और मजबूत संबंध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘... दोनों देशों के बीच का संबंध यह मेरे जीवन का सबसे यादगार लम्हा है।'' यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के संदर्भ में भारत, अमेरिका की साझेदारी दुनिया के लिए अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, उन्होंने कहा, ‘‘बिल्कुल।'' गार्सेटी ने कहा, ‘‘हम सब कुछ एकीकृत कर रहे हैं- हमारी सेना से लेकर हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रमों तक। हम नए व्यापार और निवेश के अवसरों को तलाश रहे हैं, अमेरिका भारत का नंबर एक व्यापारिक भागीदार बन गया है और पिछले साल अमेरिका में पढ़ाई के लिए जाने वाले सबसे अधिक भारतीय छात्रों को वीजा स्वीकृत हुआ था।'' उन्होंने कहा, ‘‘ये इस बात के प्रमाण हैं कि संबंध कितने गहरे हैं। लेकिन यह सिर्फ ऐसा नहीं है कि हम एक दूसरे के लिए क्या कर सकते हैं। -
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 19 व्यक्ति डूब गए। इनमें से 14 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि पांच अब भी लापता हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने मंगलवार को दी। पुलिस के अनुसार सुल्तानपुर जिले में बल्दीराय थानाक्षेत्र के एक गांव में दो लोगों की गोमती नदी में डूबने से मौत हो गई। थानाध्यक्ष अमरेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि पुनियारा मजरे इब्राहिमपुर गांव में गोलू निषाद (8) सोमवार की शाम गोमती नदी में नहाने उतरा था और नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया तथा जबतक तक परिजन उसे निकालने का प्रयास करते तब तक उसकी मौत हो गई थी। सिंह ने बताया कि परिजनों के अनुसार मृतक गोलू का स्वास्थ्य सही नहीं रहता था और उसको दौरे आते थे। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक मंगलवार सुबह राधेश्याम (45) नाव से नदी के उस पार गया था और वापसी में जब वह बिना नाव के गोमती नदी पार कर रहा था तब वह डूबने लगा। पुलिस के अनुसार आनन-फानन में परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गये जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बरेली जिले के भमोरा थाना क्षेत्र में मंगलवार को रामगंगा में स्नान करने गए तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गयी। पुलिस के अनुसार बरेली में गंगा दशहरा पर्व पर मंगलवार से रामगंगा नदी के तट पर मेला आयोजन शुरू हुआ और इस मौके पर लोगों ने सुबह तड़के से ही स्नान शुरू कर दिया था। पुलिस का कहना है कि भमोरा थाना क्षेत्र में मुड़किया घाट पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग स्नान को आए थे। थाना प्रभारी रोहित सिंह ने बताया कि गौसगंज गांव के अनुज (15), उसके चचेरे भाई अरविंद (16), कीरतपुर गांव के छोटू (11) स्नान के दौरान गहरे पानी में चले गये जिससे वे डूब गए। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने तीनों को बाहर निकाला लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। मथुरा में गंगा दशहरा पर्व पर स्नान करते तीन अलग-अलग स्थानों पर पवित्र यमुना नदी एवं मानसी गंगा (कुंड) में स्नान करते समय तीन लोग डूब गए। थाना नौहझील के निरीक्षक (अपराध) मनोज शर्मा के अनुसार पहली घटनाथाना नौहझील क्षेत्र में हुई, जहां नानकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में मझोई बांगर देवी मंदिर घाट पर यमुना-स्नान करने मानागढ़ी गांव के कुछ स्त्री-पुरुष ट्रैक्टर-ट्रॉली से पहुंचे थे। शर्मा के अनुसार कुंवरपाल पुजारी का पुत्र राजकुमार (17) एवं सोबरन चौधरी का पुत्र बसंत (16) डूबने लगे, वहां मौजूद तैराकों ने बसंत को तो किसी प्रकार सकुशल निकाल लिया, परंतु राजकुमार का कहीं पता न चला। समाचार लिखे जाने तक पीएसी के गोताखोरों द्वारा उसकी तलाश जारी थी। दूसरी घटना बलदेव थाना क्षेत्र के गांव खड़ैरा के यमुना घाट पर घटी। वहां विजय सिंह का 18 वर्षीय पुत्र रोहित पहलवान डूब गया। शाम तक उसका भी शव नहीं मिल सका था। तीसरी घटना गोवर्धन कस्बे में स्थित मानसी गंगा कुंड में घटी जहां एक युवक डूब गया। गोवर्धन के पुलिस उपाधीक्षक राम मोहन शर्मा ने बताया कि उसका शव निकाल लिया गया है तथा उसकी पहचान रवि के रूप में हुई है। सिद्धार्थनगर में जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर उसका थानाक्षेत्र में कूड़ा नदी में नहाने गए चार बालकों की डूब कर मौत हो गई। थाना प्रभारी निरीक्षक डी के सरोज ने बताया कि सिघोरवां गांव के निवासी तौफीक (12), शोएब (13), अलाउद्दीन (14) और शादाब (13) गांव के बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहे थे। उनके अनुसार दोपहर लगभग दो बजे के बाद जब मैच खत्म हो गया तब गर्मी से निजात पाने के लिए चारों बालक नहाने के लिए नदी में उतर गये। प्रत्यक्षदर्शी अन्य बच्चों के मुताबिक चारों नदी में नहाने के लिए कूद गये। इसमे से दो बालक अचानक कुंड में फंस कर डूबने लगे। डूब रहे दो साथियों को बचाने के चक्कर में शेष दो बालक भी कुंड की तरफ घुसकर उन्हें बचाने लगे। बताया जा रहा है कि दोनों को बचाने के चक्कर में अन्य दोनों बालक भी कुंड के गहरे पानी में चले गये और चारों साथियों की मौत हो गयी। घंटों की मशक्कत के बाद चारों के शवों को निकला गया।
फर्रुखाबाद जिले में डूबे छह लोगों में से तीन लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि तीन अन्य अभी भी लापता हैं। पुलिस के मुताबिक कादरी थाना अंतर्गत पांचाल घाट होरीलाल उर्फ अनुज (15) गंगा में डूब गया। पुलिस के मुताबिक कन्नौज निवासी श्रीपाल (14) पंटून पुल के पास डूब गया, वहीं छात्र रजत शाक्य (20) भी डूब गया।

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