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- नयी दिल्ली । संसद की एक समिति ने दिव्यांगजनों के सामने आने वाली कठिनाइयों को रेखांकित करते हुए केंद्र से कहा है कि केंद्रीय सलाहकार बोर्ड की बैठकों में राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ दिव्यांगों को आधार कार्ड बनाने में पेश आने वाली समस्याओं को उठाया जाए। समिति ने यह भी कहा कि कार्यान्वयन प्राधिकारियों से आग्रह किया जाए कि वे ऐसे दिव्यांगजनों को उनके आधार कार्ड प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करने के लिए ‘बायोमेट्रिक एक्सेप्सन' की व्यवस्था का उपयोग करें।संसद में गुरुवार को पेश भारतीय जनता पार्टी की सांसद रमा देवी की अध्यक्षता वाली सामाजिक न्याय और अधिकारिता संबंधी स्थायी समिति की वर्ष 2023-24 की अनुदान की मांगों संबंधी रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, समिति दिव्यांगजनों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर ध्यान आकर्षित करना चाहती हे जो विशेष प्रकार की दिव्यांगता के कारण पंजीकरण उद्देश्य से फिंगर प्रिंट को चिन्हित नहीं कर पाते हैं और इसके कारण अपना आधार बनाने में असमर्थ होते हैं। जब ऐसे मामलों के उपाय के बारे में पूछा गया तब विभाग ने बताया कि अपने लिए आधार कार्ड प्राप्त करने के इच्छुक ऐसे दिव्यांगजनों के लिए ‘बायोमेट्रिक एक्सेप्सन' का प्रावधान है। रिपोर्ट के अनुसार, समिति चाहती है कि राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ केंद्रीय सलाहकार बोर्ड की बैठकों के दौरान इन मुद्दों को उठाया जाए और कार्यान्वयन प्राधिकारियों से आग्रह किया जाए कि वे ऐसे दिव्यांगजनों को उनके आधार कार्ड प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करने के लिए बायोमेट्रिक एक्सेप्सन का उपयोग करें। समिति ने देश में अब तक 89.29 लाख विशिष्ट दिव्यांगता पहचान (यूडीआईडी) पत्र जारी करने में सरकार के प्रयासों की सराहना की। समिति ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि विशिष्ट पहचान पत्र भविष्य में विभिन्न लाभ उठाने के लिए दिव्यांगजनों की पहचान और सत्यापन के एकल दस्तावेज का काम करेगा। समिति इस बात की सराहना करती है कि डिजिलॉकर ऐप में यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध है जिससे दिव्यांगजनों को वास्तविक कार्ड हमेशा अपने साथ रखने की परेशानी से बचाया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने सुझाव दिया कि विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों में कवरेज बढ़ाने के लिए इस योजना का उचित प्रचार किया जाए जहां ज्यादा दिव्यांगजन रहते हैं।
- भुवनेश्वर। ओडिशा के बोलांगीर-बारगढ़ जिलों में फैली और आयुर्वेदिक औषधियों की खान कही जाने वाली गंधमर्दन पहाड़ियों को अब जैवविविधता धरोहर स्थल घोषित किया गया है। ओडिशा के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की। विभाग ने कहा कि करीब 190 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली गंधमर्दन पहाड़ियों को अब ओडिशा जैवविविधता नियम-2012 के तहत ‘जैवविविधता धरोहर स्थल' का दर्जा दिया जाएगा ताकि उनके पारिस्थितिकी तंत्र को बचाया जा सके। इस तरह यह कंधमाल जिले के मंदसुरु गॉर्ज और गजपति के महेंद्रगढ़ के बाद राज्य में तीसरा जैवविविधता धरोहर स्थल बन जाएगा। इस पर्वतीय क्षेत्र में 1,055 पादक प्रजातियां हैं जिनमें अनेक औषधीय हैं। यहां करीब 500 प्रजाति के पशु भी रहते हैं।
- जयपुर। राजस्थान के अजमेर जिले के बांदरसिंदरी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन की टक्कर से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि केंद्रीय राजस्थान विश्वविद्यालय के पास सर्विस रोड पर तीन लोग खराब हुई एक पिकअप चालक की मदद के लिए रुके थे, कि इसी दौरान अज्ञात वाहन ने तीनों को टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि इससे दो लोगों ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि तीसरे की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान शंकर लाल (35), रामदयाल (34) और शिवराज (30) के रूप में की गई।उन्होंने बताया कि गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये हैं और मामले की जांच की जा रही है।
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इंदौर . वरिष्ठ पत्रकार अभय छजलानी का बृहस्पतिवार को 88 वर्ष की उम्र में इंदौर में निधन हो गया। वह लम्बे समय से अस्वस्थ थे। उनके परिवार के एक करीबी व्यक्ति ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लंबे वक्त से अस्वस्थ छजलानी पिछले दो महीने से बिस्तर पर थे। उन्होंने अपने घर में आखिरी सांस ली। हिंदी दैनिक ‘‘नईदुनिया'' के संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष रहे छजलानी को पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2009 में ‘पद्मश्री'' से सम्मानित किया गया था। -
नयी दिल्ली. भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,300 नए मामले आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,99,418 हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 7,605 पर पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, एक दिन में नए मामलों की यह संख्या बीते 140 दिनों में सबसे अधिक है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र में संक्रमण से एक-एक मरीज की मौत के बाद देश में मृतक संख्या बढ़कर 5,30,816 हो गई। अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, भारत में संक्रमण की दैनिक दर 1.46 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 1.08 प्रतिशत है। देश में अभी 7,605 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.02 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.79 प्रतिशत है। अभी तक कुल 4,41,60,997 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, भारत में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220.65 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं। इस बीच, देश में पिछले दो सप्ताह में इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई और कहा कि कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को जीनोम अनुक्रमण बढ़ाने तथा लोगों द्वारा कोविड-उपयुक्त व्यवहार अपनाए जाने पर जोर दिया। गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। चार मई 2021 को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। पिछले साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार चले गए थे।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को बिहार विधान परिषद के सदस्य और पूर्व मंत्री सम्राट चौधरी को पार्टी की बिहार इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया। पार्टी ने चितौड़गढ़ से सांसद चंद्र प्रकाश जोशी (सी पी जोशी) को भाजपा की राजस्थान इकाई का अध्यक्ष बनाया है। पार्टी महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी अलग-अलग विज्ञप्तियों के मुताबिक दिल्ली भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष और ओडिशा के पूर्व मंत्री व वरिष्ठ नेता मनमोहन सामल को प्रदेश इकाई के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिंह ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने इन नियुक्तियों को हरी झंडी दी है और यह तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। कुशवाहा समाज से आने वाले सम्राट चौधरी बिहार के दिग्गज नेता रहे शकुनी चौधरी के पुत्र है। शकुनी चौधरी सात बार विधायक रहे हैं। वह बिहार भाजपा अध्यक्ष के रूप में संजय जायसवाल की जगह लेंगे। सम्राट चौधरी बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह 1999 में कृषि मंत्री और 2014 में शहरी विकास और आवास विभाग के मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। सी पी जोशी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भारी मतों से जीत दर्ज की और दूसरी बार संसद पहुंचे। वह प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सतीश पूनिया की जगह लेंगे। सचदेवा को पिछले साल दिसंबर में दिल्ली भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने आदेश गुप्ता की जगह ली थी। मनमोहन सामल ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में समीर मोहंती का स्थान लेंगे। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में मोहंती का तीन साल का कार्यकाल इसी साल जनवरी में समाप्त हुआ था।
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नयी दिल्ली. विश्व बैंक के अध्यक्ष पद के लिए अमेरिका की ओर से नामित अजय बंगा भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात करेंगे। बंगा 23 से 25 मार्च तक नयी दिल्ली के दौरे पर हैं। यह उनके तीन हफ्ते के वैश्विक दौरे का अंतिम पड़ाव है। उनका दौरा अफ्रीका से शुरू हुआ, फिर वह लातिन अमेरिका और एशिया पहुंचे। अमेरिका के वित्त विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत में, बंगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेशी मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे। ये चर्चाएं भारत की विकास प्राथमिकताओं, विश्व बैंक और वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए चुनौतियों पर केंद्रित होंगी।'' बंगा लर्ननेट इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स भी जाएंगे, जो विश्व बैंक द्वारा आंशिक तौर पर वित्तपोषित और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से स्थापित व्यावसायिक संस्थानों का एक नेटवर्क है। बयान में मुताबिक बंगा के नामांकन की घोषणा के तुरंत बाद भारत सरकार ने उनका समर्थन किया था। उसके बाद से बांग्लादेश, कोलंबिया, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, घाना, इटली, जापान, केन्या, सऊदी अरब, कोरिया और ब्रिटेन भी उनकी दावेदारी का समर्थन कर चुके हैं।
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चंपावत (उत्तराखंड) . चंपावत जिले के टनकपुर क्षेत्र में चैत्र नवरात्रि के पर्व पर मां पूर्णागिरि मेले में आए उत्तर प्रदेश के तीन श्रद्धालुओं की बृहस्पतिवार को एक बस के पहियों से कुचल जाने के कारण मृत्यु हो गयी। मरने वालों में एक महिला भी शामिल है। हादसे में आठ अन्य लोग घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक जताते हुए प्रशासन को बचाव व राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं जबकि सूचना मिलते ही कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य घायलों का हाल जानने टनकपुर अस्पताल पहुंची । प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना उस समय हुई जब सुबह के समय चालक अपनी बस को पीछे कर रहा था और इसी दौरान उसके पहिए जमीन पर सो रहे श्रद्धालुओं पर चढ़ गए जिससे घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने अन्य लोगों की मदद से, बस की चपेट में आए श्रद्धालुओं को बाहर निकाला । दुर्घटना में तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई जिनकी पहचान उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के चितौरा के रहने वाले मायाराम (32), बद्रीनाथ (40) तथा बदायूं जिले के बिल्सी की रहने वाली अमरावती (26) के रूप में हुई है । पांच महिलाओं समेत सभी आठ घायलों को उप जिला चिकित्सालय टनकपुर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है । -
नई दिल्ली। लोकसभा ने आज हंगामे के बीच वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए लगभग 45 लाख करोड़ रुपये के व्यय को अधिकृत करने वाली अनुदान मांगों को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया है। शाम 6 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने बिना चर्चा के पारित करने के लिए आवेदन किया, जिसके बाद बकाया अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सदन ने अनुदान और विनियोग विधेयक 2023 की मांग पारित की और सरकार को पहली अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए संचित निधि से धन निकालने के साथ-साथ कार्यक्रमों और योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए अधिकृत किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए संचित निधि से निर्दिष्ट राशि के प्राधिकरण के लिए विनियोग विधेयक पेश किया गया। विधेयक को विपक्षी सदस्यों के कटौती प्रस्तावों को खारिज करने के बाद ध्वनि मत से पारित किया गया। उसके बाद सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।
- कोच्चि। भौतिकी में स्नातक, बीमा एजेंट के रूप में काम, कानून की पढ़ाई और फिर वकील बनने तक के सफर में विषमताओं के बावजूद हार न मानने वाली केरल की पहली किन्नर वकील पद्म लक्ष्मी का कहना है कि उनका लक्ष्य गरीबों और हाशिए पर पड़े लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित कर उनकी मदद करना है। पद्म लक्ष्मी मानती हैं कि उनकी जिंदगी का सफर आसान नहीं है लेकिन उनके सकारात्मक रवैये और नकारात्मकता को नजरअंदाज करने की उनकी आदत ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा, ‘‘ मैं हर तरह की नकारात्मकता को नजरअंदाज करती हूं, चाहे वह लोग हों या उनकी टिप्पणियां। मैं सकारात्मकता पर ध्यान केंद्रित करती हूं। मुझे विश्वास है कि यह मेरे फायदों में से एक है। अगर मैं नकारात्मकता पर ध्यान केंद्रित करती हूं, तो मेरे पास केवल उसके लिए समय होगा और जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ूंगी।’’ पद्म लक्ष्मी ने अपनी चिकित्सा और शिक्षा संबंधी खर्च को पूरा करने के लिए एक निजी बीमा कंपनी और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के लिए एक बीमा एजेंट के रूप में भी काम किया, जिसमें कानूनी जानकारियां वालीं पाठ्यपुस्तकें भी शामिल थीं।हालांकि, वह इन किताबों और अपने कानूनी ज्ञान को किसी के साथ साझा करने के लिए बेहद उत्सुक भी हैं।पद्म लक्ष्मी ने अपनी वरिष्ठ अधिवक्ता के वी भद्रकुमारी के पास एक प्रशिक्षु के रूप में कार्य करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे एक बीमा एजेंट के रूप में काम करना बंद कर दिया, ताकि वह अपने कानून के करियर पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सके।पद्म लक्ष्मी ने कहा कि उनके वरिष्ठ सहयोगियों ने केरल उच्च न्यायालय में कानूनी पेशे के दिग्गज लोगों के बीच उनके लिए जगह बनाने में मदद की।उन्होंने के वी भद्रकुमारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘ मेरे वरिष्ठ सहयोगियों ने हमेशा मुझे बताया है कि संविधान हमारा सबसे बड़ा हथियार है। ’’केरल में 19 मार्च को कानून के 1500 से अधिक विधि स्नातकों ने अधिवक्ता के रूप में अपना नामांकन कराया। लक्ष्मी को सबसे पहले नामांकन प्रमाण पत्र मिला। अब लक्ष्मी न तो विधि में स्नातकोत्तर करना चाहती हैं और न ही उनकी इच्छा न्यायिक सेवा के लिए प्रयास करने की है। उन्होंने कहा ‘‘मेरी प्राथमिकता ऐसे मामलों को उठाना है जिनमें मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया हो। मैं गरीबों और हाशिए पर पड़े लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लड़ना चाहती हूं।’’
- नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में भारत को लेकर बड़ा दावा किया गया है। कहा गया है कि 2050 तक दुनिया में सबसे ज्यादा भारत में पानी का संकट होगा। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और चीन में भी स्थिति खराब होगी। कई नदियों में बहाव की स्थिति भी कमजोर पड़ जाएगी।यूएन की रिपोर्ट की माने तो दुनिया की लगभग 1.7 से 2.40 अरब की शहरी आबादी पानी के संकट से जूझेगी। संयुक्त राष्ट्र की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार साल 2016 में 9.33 करोड़ आबादी पानी के संकट से जूझ रही थी। संयुक्त राष्ट्र जल सम्मेलन 2023 से पहले यूनाइटेड नेशंस ने 'संयुक्त राष्ट्र विश्व जल रिपोर्ट 2023' जारी की है।रिपोर्ट में और क्या दावे किए गए?-एशिया में करीब 80% आबादी जल संकट से जूझ रही है।-पूर्वोत्तर चीन, भारत और पाकिस्तान पर ये संकट सबसे ज्यादा है।-अनुमान है कि इस संकट से भारत सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।-ग्लेशियर पिघलने के कारण सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र जैसी प्रमुख हिमालयी नदियों का प्रवाह कम हो जाएगा।-26 फीसदी लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहारिपोर्ट में दावा किया गया है कि अभी दुनिया की 26 फीसदी आबादी को पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है। जबकि 46 फीसदी आबादी सुरक्षित पेय जल का लाभ उठा रही है। यूएन की तरफ से यूनेस्को की जारी रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के दो से तीन बिलियन लोग साल में कम से कम एक महीने पानी की कमी से जूझते हैं। यूएन ने कहा है कि ये संकट आने वाले समय में और भी ज्यादा बढ़ने वाली है।यूनेस्को के महानिदेशक आंड्रे एजोले ने कहा कि इस वैश्विक संकट से बाहर निकलने से पहले तत्काल अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था से निकलने की जरुरत है। यूएन रिपोर्ट के एडिटर इन चीफ ने कहा, 'जल मानवता के लिए खून की तरह है। यह लोगों के जीवन, स्वास्थ्य, लचीलेपन, विकास के लिए आवश्यक है। समय हमारे साथ नहीं है और करने को बहुत कुछ है। ये रिपोर्ट दर्शाता है कि हमारा उद्देश्य साथ आकर एक्शन लेने का है। बदलाव लाने का ये हमारा समय है।'
- नई दिल्ली। गुजरात के सूरत सेशन कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उनके 2019 की ‘मोदी सरनेम’ की टिप्पणी के लिए दोषी ठहराते हुए 2 साल की सजा सुनाई। बता दें कि राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद ही सूरत की सेशन कोर्ट से जमानत भी मिल गई। सूरत कोर्ट से जमानत मिलने के बाद राहुल ने एक ट्वीट कर कहा, ‘मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है. सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन।’आईपीसी की धारा 504 के तहत राहुल गांधी को दोषी करार दिया गया है। राहुल गांधी पर मोदी सरनेम पर टिप्पणी करने के लिए आपराधिक मानहानि का केस दर्ज था। कोर्ट ने जब राहुल से पूछा कि वह इस मामले में क्या कहना चाहते हैं? तो राहुल ने कहा मैंने जानबूझ कर यह बयान नहीं दिया था।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एचएच वर्मा की अदालत ने पिछले शुक्रवार को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद फैसले को 23 मार्च के लिए सुरक्षित कर दिया था। राहुल गांधी मानहानि मामले की सुनवाई के लिए अब तक तीन बार कोर्ट में पेश हो चुके हैं।मानहानि केस में राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाने और जमानत मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘उन्हें ज़मानत मिल गई है. ये (बीजेपी) लोग पहले जज को बदलते गए, हमें अंदाज़ा लग गया था लेकिन हम कानून में विश्वास रखने वाले लोग हैं. कानून के तहत ही हम लड़ेंगे। ’2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल ने मोदी सरनेम को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसके 4 साल बाद सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को मानहानि केस में दोषी करार दिया है.।राहुल को सजा सुनाए जाने के बाद प्रियंका गांधी भी अपने भाई के सपोर्ट में सामने आई और कहा कि डरी हुई सत्ता की पूरी मशीनरी साम, दाम, दंड, भेद लगाकर राहुल की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।प्रियंका ने आगे कहा, ‘मेरे भाई न कभी डरे हैं, न कभी डरेंगे. सच बोलते हुए जिये हैं, सच बोलते रहेंगे. देश के लोगों की आवाज उठाते रहेंगे. सच्चाई की ताकत व करोड़ों देशवासियों का प्यार उनके साथ है।’राहुल गांधी के खिलाफ उनके कथित बयान ‘सभी चोरों का सरनेम मोदी कैसे होता है?’ के खिलफ मामला दर्ज किया गया था। भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी की शिकायत पर राहुल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
- नयी दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-दिल्ली इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए दुनिया के शीर्ष 50 संस्थानों की सूची में शामिल हो गया है। क्वाकारेली साइमंड्स (क्यूएस) की ओर से बुधवार को यह रैंकिंग जारी की गयी। क्यूएस ने पाठ्यक्रम आधारित 2023 के दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों और संस्थानों की सूची जारी की है। भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा विभिन्न विषयों में प्रस्तुत किए जाने वाले 44 पाठ्यक्रमों को वैश्विक स्तर पर शीर्ष 100 पाठ्यक्रमों की सूची में शामिल किया गया है। पिछले वर्ष 35 पाठ्यक्रम इस सूची में शामिल थे। क्वाकारेली साइमंड्स (क्यूएस) एक ब्रिटिश कंपनी है जो दुनिया भर के उच्च शिक्षण संस्थानों के विश्लेषण में विशेषज्ञता रखती है। यह रैंकिंग दुनिया भर के 1,594 विश्वविद्यालयों में छात्रों के प्रदर्शन पर स्वतंत्र तुलनात्मक विश्लेषण प्रदान करती है। क्यूएस ने इस बार अपनी सूची के लिए कुल 66 भारतीय विश्वविद्यालयों पर गौर किया।गणित पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए आईआईटी-बंबई ने दुनिया में 92वां स्थान हासिल किया है। आईआईटी-कानपुर ने इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए 87वां जबकि कंप्यूटर विज्ञान सूचना प्रणाली पाठ्यक्रम के लिए 96वां स्थान हासिल किया है।
- मेरठ (उप्र) ।जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर में बुधवार को कुछ लोगों की पिटाई से घायल युवक ने अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीड़ित प्रदीप (25) अपने ही गांव की एक युवती से प्रेम करता था और एक साल पहले उसने युवती से गुपचुप शादी भी कर ली थी। उन्होंने बताया कि शादी के बाद भी युवती अपने परिवार के साथ ही रह रही थी। हाल में उसके परिवार को उसकी शादी का पता चला। बुधवार को उन्होंने प्रदीप से मामले में पूछताछ की। इस दौरान प्रदीप के साथ उन्होंने कहासुनी और कथित तौर पर मारपीट की। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनिरुद्ध सिंह ने कहा, ‘‘हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में मंडी के पास प्रदीप नामक युवक पर हमला किया गया। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।'' अधिकारी ने बताया कि इस मामले में चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
- बेंगलुरु ।श्रवणबेलगोला जैन मठ के प्रमुख स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी का गुरुवार की सुबह निधन हो गया। मठ के सूत्रों ने यह जानकारी दी। भट्टारक स्वामी (73) मठ में अचानक गिर पड़े थे। उनके अनुयायी तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भट्टारक स्वामी प्रसिद्ध श्रवणबेलगोला जैन मठ के प्रमुख थे, जो भगवान बाहुबली की 57 फुट ऊंची प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। इसे गोमतेश्वर भी कहा जाता है, जिसे 981 ईस्वी में एक पहाड़ी पर बनाया गया था।भट्टारक स्वामी का जन्म तीन मई 1949 को कर्नाटक के वारंग में हुआ। बचपन में उनका नाम रत्नवर्मा था। उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर और बैंगलोर विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में एम.ए. किया था। भट्टारक स्वामी 12 दिसंबर 1969 को भिक्षु बने और 19 अप्रैल 1970 को श्रवणबेलगोला मठ के धर्माचार्य बने। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया कि कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी के निधन के बारे में सुनकर उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य को उनके निधन से अपूरणीय क्षति पहुंची है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।’’
- हरदोई (उप्र)।जिले के मझिला थाना क्षेत्र के एक गांव में बुधवार को मारपीट के दौरान चाकू और पेचकस से किए गए हमले में 28 वर्षीय वकील सहित दो लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। मौके पर पहुंचे पुलिस महानिरीक्षक तरुण गाबा के अनुसार पारा गांव निवासी वकील अमित शुक्ला के साथ ग्राम प्रधान का 32 वर्षीय भतीजा और उसी गांव का 30 वर्षीय संतोष कुशवाहा बुधवार को किसी सरकारी काम से टोडरपुर प्रखंड मुख्यालय गए थे। अधिकारी ने कहा, ‘‘वापसी में गौतिया गांव के पास उनकी बाइक को सामने से एक एसयूवी ने टक्कर मार दी। एसयूवी में सवार कुछ लोगों ने उन्हें गाली दी और बाद में चाकुओं और पेचकस से उन पर हमला कर दिया।'' हमले में जहां अमित शुक्ला और रमाकांत कुशवाहा की मौत हो गई, वहीं संतोष कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़ितों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।(सांकेतिक फोटो)
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि आतंकवाद के साजिशकर्ताओं को आखिरकार आतंकवाद ही ‘‘खा'' जाता है। कार्मिक मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, सिंह ने कहा कि एक आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र से होने के नाते, वह (सिंह) आतंकवाद के सभी दुष्प्रभावों के साक्षी रहे हैं और निश्चित तौर पर विश्वास के साथ कह सकते हैं कि आतंक का साजिशकर्ता बाघ की सवारी करता है और अंत में उसे वही बाघ खा जाता है। सिंह जम्मू कश्मीर के उधमपुर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं।केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री ने यहां शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि देने के लिए ‘बसंती चोला दिवस' के मौके पर कहा कि ब्रिटिश शासन के आतंक का अंत हो गया था क्योंकि आंतरिक अंतर्विरोधों के चलते वह भारत में अपना शासन समेटने को मजबूर हो गया था।
- श्योपुर (मप्र) ।'नामीबिया से लाए गए दो और चीतों को बुधवार को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में जंगल में छोड़ दिया गया। केएनपी में सितंबर 2022 में अफ्रीकी देश से चीतों को यहां बसाने के लिए लाया गया था। वन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इसके साथ ही नामीबिया से लाए गए आठ चीतों में से चार को श्योपुर जिले के केएनपी के जंगल में छोड़ दिया गया है। श्योपुर के वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) पी के वर्मा ने बताया कि एल्टन और फ्रेडी, जिन्हें ‘रॉकस्टार' के नाम से जाना जाता है, को शाम करीब साढ़े छह बजे एक बड़े बाड़े से उद्यान के फ्री रेंज क्षेत्र में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों स्वस्थ हैं और बेहतर कर रहे हैं।''इससे पहले 11 मार्च को दो चीतों - ओबन और आशा को केएनपी में लाए जाने के लगभग छह महीने बाद जंगल में छोड़ दिया गया। भारत में चीतों को पुनः बसाने की योजना ‘‘प्रोजेक्ट चीता'' के तहत नामीबिया से आठ चीतों- पांच मादा और तीन नर को यहां केएनपी में लाया गया था। भारत में चीते 70 साल पहले विलुप्त प्रजाति घोषित कर दिए गए थे। नामीबिया से यहां लाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत वर्ष 17 सितंबर को केएनपी में एक विशेष बाड़े में इन चीतों को छोड़ा था। पहले इन चीतों को छोटे बाड़ों में अलग रखा गया था बाद में बड़े बाड़ों में रखा गया। चीतों का दूसरा जत्था जिसमें एक दर्जन चीते- सात नर और पांच मादा शामिल थे, को 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से केएनपी लाया गया। केएनपी में अब कुल 20 चीते हैं।
- नयी दिल्ली। रेलवे ने बुधवार को वातानुकूलित 3-टीयर इकोनॉमी श्रेणी (3ई) में यात्रा के किराये को बहाल करने का आदेश दिया जिसे पिछले नवंबर में एसी 3-टीयर के साथ मिलाते हुए वापस ले लिया गया था। आदेश के अनुसार शुल्क बहाल होने के बावजूद रेलवे यात्रियों को चादर प्रदान करता रहेगा।इस आदेश के साथ पहले के एक सर्कुलर को वापस ले लिया गया है जिसमें एसी-3 टीयर इकोनॉमी श्रेणी के टिकट के लिए किराये को एसी 3-टीयर टिकट के किराये के समान कर दिया गया था। पहले किराया समान करने की वजह चादर की कीमत बताई गयी थी।आदेश के अनुसार जिन यात्रियों ने ऑनलाइन और काउंटर से टिकट बुक कराया है, उन्हें पहले बुक की जा चुकीं टिकट के लिए अतिरिक्त राशि वापस की जाएगी। रेलवे ने सितंबर 2021 में 3 इकोनॉमी श्रेणी शुरू करते हुए घोषणा की थी कि इन नये डिब्बों में किराया सामान्य एसी-3 कोच से 6-8 प्रतिशत कम होगा। इसे दुनिया में सर्वश्रेष्ठ और सबसे सस्ती एसी यात्रा सेवा करार दिया गया था। नवंबर 2022 से पहले यात्री उन कुछ विशेष ट्रेनों में ‘3ई' की अलग श्रेणी में एसी-3 इकोनॉमी टिकट बुक करा सकते थे जिनमें रेलवे ने इनका प्रावधान किया है। अधिकारियों ने कहा कि इस समय 463 एसी-3 इकोनॉमी डिब्बे हैं जबकि 11,277 सामान्य एसी-3 कोच हैं। उनके मुताबिक एसी-3 इकोनॉमी कोच में यात्रियों के लिए सामान्य एसी-3 डिब्बों से बेहतर सुविधाएं हैं। अधिकारियों ने कहा कि एसी-3 टीयर इकोनॉमी श्रेणी को मिलाने से यात्रियों को करीब 60-70 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होता था। सामान्य एसी-3 टीयर कोच में जहां 72 बर्थ होती हैं, वहीं एसी-3 टीयर इकोनॉमी श्रेणी में 80 बर्थ होती हैं। रेलवे ने इस श्रेणी को शुरू करने के पहले साल में इससे 231 करोड़ रुपये की आय अर्जित की। आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से अगस्त 2022 तक 15 लाख यात्रियों ने इन डिब्बों में सफर किया जिससे 177 करोड़ रुपये की आय हुई।
- नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को जैव-ईंधन के लिये निर्यात नीति में बदलाव किया। इसके तहत आयातित कच्चे माल का उपयोग करके जैव ईंधन का उत्पादन होने पर विशेष आर्थिक क्षेत्रों और निर्यात-उन्मुख इकाइयों से ईंधन और गैर-ईंधन उद्देश्यों के लिये बिना किसी पाबंदी के निर्यात की अनुमति होगी। सरकार ने 28 अगस्त, 2018 को जैव ईंधन के आयात पर ऐसी ही शर्तें लगाने के कुछ दिनों के भीतर उसके निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। जैव ईंधन के निर्यात और आयात दोनों के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है। जैव ईंधन में एथिल अल्कोहल, पेट्रोलियम तेल और बिटुमिनस खनिजों से प्राप्त तेल और जैव-डीजल शामिल हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने 2018 की अधिसूचना में संशोधन किया है। इसके तहत ईंधन के साथ-साथ गैर-ईंधन उद्देश्य के लिये विशेष आर्थिक क्षेत्रों/निर्यात उन्मुख इकाइयों से जैव ईंधन के निर्यात को उस परिस्थिति में बिना किसी प्रतिबंध के अनुमति दी गयी है जब उत्पादन के लिये केवल आयातित कच्चे माल का उपयोग किया गया हो।
- भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को घोषणा की कि महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके खिलाफ अन्याय को समाप्त करने के लिए राज्य के हर वार्ड और गांव में विशेष दस्ते बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश में ‘लाडली बहना योजना' शुरू कर चुके हैं, जिसके तहत पात्र महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह दिए जायंगे। उन्होंने कहा कि महिला सदस्यों वाले इन दस्तों को ‘लाडली बहना सेना' कहा जाएगा।चौहान ने अपने सरकारी आवास पर ‘लाडली बहना के संग नव संवत्सर पर्व' कार्यक्रम में महिलाओं के साथ बातचीत के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के प्रत्येक वार्ड और गांव में लाडली बहना सेना का गठन किया जाएगा।''मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के अलावा कि लाडली बहना योजना का लाभ महिलाओं तक पहुंचे, महिलाओं की यह सेना घरेलू हिंसा के मामलों से भी निपटेगी और असामाजिक तत्वों को ठीक करेगी। यह आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर महिलाओं को एकजुट करेगा। चौहान ने महिलाओं से बातचीत के दौरान यह भी कहा कि राज्य में एक अप्रैल से आहते (शराब की दुकानों से जुड़े पीने के स्थान) बंद कर दिये जायेंगे और सड़क किनारे और पार्कों में शराब पीते पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जायेगी। राज्य में पांच मार्च को लाडली बहना योजना की शुरुआत की गयी। इस योजना के तहत महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति माह की सहायता कुछ शर्तों के साथ दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य राज्य में एक करोड़ महिलाओं तक पहुंच बनाना है। राज्य में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। हाल में विधानसभा में पेश किए गए राज्य के बजट में इस योजना के लिए 8,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- नयी दिल्ली।' कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि पिछले 305 दिनों में कच्चे तेल की कीमत में 16.75 रुपये प्रति लीटर की कमी आई, लेकिन इसका फायदा देश के आम लोगों को क्यों नहीं दिया गया है? पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने यह सवाल भी किया कि रूस से कच्चा तेल निजी क्षेत्र के किन लोगों ने आयात किया और किस दर पर आयात किया? उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाता है। लेकिन जब कीमतें घटती हैं तो उसका फायदा देशवासियों को नहीं मिलता। यानी जब कच्चा तेल महंगा हो तो देशवासी भरें और जब कच्चा तेल सस्ता हो तो फायदा सरकार की जेब में जाए।'' प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मई, 2022 में कच्चे तेल की कीमत 109.5 डॉलर प्रति बैरल थी जो गत 20 मार्च को 70.69 डॉलर प्रति बैरल थी। अगर रुपये और प्रति लीटर की बात करें तो मई 2022 में कच्चा तेल 53.45 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था तो 20 मार्च 2023 में 36.68 रुपये प्रति लीटर हो गया।'' उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 305 दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में 16.75 रुपये की कमी आई है, उसका फायदा लोगों को क्यों नहीं मिल रहा है?'' वल्लभ ने दावा किया, ‘‘दावे किए गए थे कि रूस से 45 डॉलर प्रति बैरल कच्चा तेल खरीदा जा रहा है, लेकिन सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि रूस से कच्चे तेल के आयात पर सिर्फ दो डॉलर प्रति बैरल का फायदा हुआ है।'' उन्होंने यह सवाल भी किया, ‘‘सरकार को बताना चाहिए कि निजी क्षेत्र के किन लोगों को रूस से कच्चा तेल मिला और किस भाव में मिला है?'
- नयी दिल्ली। दिल्ली के वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए राज्य का 78,800 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें जी20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों के मद्देनजर परिवहन और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। दिल्ली सरकार का 2022-23 के लिए बजट का आकार 75,800 करोड़ रुपये और इससे पहले के वित्त वर्ष में 69,000 करोड़ रुपये था। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के इस्तीफा देने के बाद गहलोत को वित्त विभाग की जिम्मेदारी मिली थी। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा, ‘‘अगर बजट मनीष सिसोदिया पेश करते तो ज्यादा खुशी होती, वह मेरे बड़े भाई की तरह हैं। यह बजट लोगों की आकांक्षाओं और उम्मीदों की अभिव्यक्ति है।'' गहलोत ने कहा कि यह स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक दिल्ली को समर्पित बजट है जिसमें अगले दस वर्ष के दौरान 1,400 किलोमीटर के सड़क नेटवर्क की मरम्मत पर 19,466 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। राज्य सरकार ने विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए 2,034 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार का यह लगातार नौंवा बजट है। इस बार भी बजट में सर्वाधिक 16,575 करोड़ रुपये का आवंटन शिक्षा क्षेत्र के लिए किया गया है। गहलोत ने कहा, ‘‘दिल्ली में कचरे के तीन पहाड़ों को हटाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को हरसंभव मदद दी जाएगी। सभी कॉलोनियों को नालों से जोड़ा जाएगा और यमुना नदी की सफाई के लिए दूषित जल शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।'' बजट में स्थानीय निकायों को 8,241 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई।गहलोत ने जी20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत बजट में नौ योजनाओं का भी प्रस्ताव किया।उन्होंने कहा कि सरकार सड़क नेटवर्क का उन्नयन और सौंदर्यीकरण करेगी और 26 नए फ्लाईओवर का निर्माण करेगी। साथ ही डीएमआरसी के सहयोग से तीन डबल-डेकर फ्लाईओवर बनाएगी। इसके अलावा, 1,600 ई-बसें चलायी जाएंगी, विश्वस्तरीय आईएसबीटी का निर्माण और यमुना की सफाई की जाएगी। फ्लाईओवर की 26 परियोजनाओं में से 10 निर्माण के स्तर पर हैं जबकि 11 को लेकर योजना मंजूरी के लिए यूटीटीआईपीईसी (एकीकृत यातायात एवं परिवहन (योजना एवं अभियांत्रिकी) केंद्र) को भेजी गई है। गहलोत ने कहा कि केंद्रीय करों में दिल्ली का बड़ा योगदान होने के बावजूद केंद्र उसे महज 325 करोड़ रुपये दे रहा है। उन्होंने घोषणा की, ‘‘ओखला लैंडफिल को दिसंबर, 2023 तक हटा दिया जाएगा, भलस्वा में इस स्थल को मार्च, 2024 तक, गाजीपुर में दिसंबर, 2024 तक हटा दिया जाएगा। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है दो साल में कचरे के तीनों पहाड़ों को हटाना। लैंडफिल को समतल करने के लिए एमसीडी को 850 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।'' अंतिम छोर तक संपर्क के लिए मोहल्ला बस योजना शुरू करने की घोषणा भी बजट में की गई। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मौजूदा समय में दिल्ली में 7,379 बस चल रही हैं। 2023 के अंत तक यहां 1,900 ई-बसें होंगी जिससे कार्बन उत्सर्जन में 1.07 लाख टन की कमी आएगी।'' उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत आगामी वित्त वर्ष में 100 मोहल्ला ई-बसें उतारी जाएंगी जबकि उसके अगले दो साल में 2,180 बसें जोड़ी जाएंगी।'' अगले वित्त वर्ष के लिए इस योजना के मद में 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है।
- बागलकोट। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने लिंगायत संप्रदाय के संस्थापक बसवेश्वर को उद्धृत करते हुए और अपनी सरकार के विकास एजेंडे की प्रशंसा करते हुए विश्वास जताया कि वह मई में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में सत्ता बरकरार रखने में सफल रहेंगे। उत्तरी कर्नाटक के बागलकोट जिले के हुंगुंद में मंगलवार रात एक जनसभा को संबोधित करते हुए बोम्मई ने कहा कि उन्होंने समाज के हर वर्ग को सामाजिक न्याय देने के लिए ईमानदारी से काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय में एक लाख रुपये की वृद्धि हुई है। बोम्मई ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री के रूप में फिर से लौटूंगा। ईश्वर ने मुझे मां कर्नाटक की सेवा करने का मौका दिया है। मैंने ईमानदारी से काम किया है।” उन्होंने कहा कि वह 12वीं सदी के समाज सुधारक एवं लिंगायत संप्रदाय के संस्थापक बसवेश्वर के दिखाए ‘काम ही पूजा है' और सामाजिक समानता के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने समाज के हर तबके को सामाजिक न्याय दिलाने की कोशिश की है। लोगों ने अपने समग्र विकास के लिए विभिन्न समुदायों के निगमों की मांग की थी। हम बसवेश्वर के दिखाए रास्ते पर चल रहे हैं।”लिंगायत संप्रदाय से ताल्लुक रखने वाले बोम्मई ने बसवेश्वर के नाम का आह्वान किया, जिनके कर्नाटक में, खासकर राज्य के उत्तरी हिस्से में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक में विकास का प्रमुख पैमाना प्रति व्यक्ति आय था, जिसमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार के सत्ता में आने से पहले कर्नाटक की प्रति व्यक्ति आय सालाना 2.24 लाख रुपये है। यह अब एक लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक बढ़कर 3.47 लाख रुपये प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष पहुंच गई है।” बोम्मई ने कहा, “कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बावजूद प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। यह दिखाता है कि हमने महामारी के प्रकोप के बीच विकास किया।” मुख्यमंत्री ने दावा किया कि चार साल पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद राज्य सरकार द्वारा की गई पहलों के चलते कर्नाटक निवेश और नवाचार के मामले में नंबर एक गंतव्य बन गया है। बोम्मई के मुताबिक, पिछले साल आयोजित ‘ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट' के दौरान राज्य को कुल 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश हासिल हुआ था। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर वे राज्य को विकास के मार्ग पर अग्रसर होते देखना चाहते हैं, तो एक बार फिर भाजपा को चुनें। बोम्मई ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया पर निशाना साधते हुए उन पर लोगों से ‘झूठ' बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिद्दरमैया ने 2012 में गरीबों को दिए जाने वाले चावल की मात्रा पांच किलोग्राम कर दी, जबकि भाजपा के शासन में गरीबों को 10 किलोग्राम चावल दिया जा रहा था।
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हरिद्वार. योग गुरू स्वामी रामदेव रामनवमी के दिन 100 लोगों को संन्यास की दीक्षा देंगे। इसके लिए यहां पतंजलि योग पीठ में बुधवार को नव संवत्सर चैत्र नवरात्रि के पर्व पर भव्य संन्यास दीक्षा कार्यक्रम शुरू किया गया जिसमें 40 महिलाएं और 60 पुरुष रामनवमी पर स्वामी रामदेव से संन्यास की दीक्षा लेंगे । इसके साथ ही लगभग 500 प्रबुद्ध महिलाओं और पुरुषों को स्वामी रामदेव के करीबी आचार्य बालकृष्ण ब्रह्मचर्य की दीक्षा देंगे। कार्यक्रम में रामदेव ने कहा कि रामनवमी के दिन चार वेदों के महापारायण यज्ञ की पूर्णाहूति के साथ रामराज्य की प्रतिष्ठा, हिन्दू राष्ट्र का गौरव और सनातन धर्म को युगधर्म और विश्वधर्म के रूप में प्रतिष्ठापित करने के लिए ये नव-संन्यासी हमारे पूर्वज ऋषि-मुनियों की संन्यास परंपरा में दीक्षित होंगे। उन्होंने कहा, 'ये वैराग्यवान विद्वान व विदुषी भाई-बहन अष्टाध्यायी, व्याकरण, वेद, वेदांग, उपनिषद में निष्णात होकर योगधर्म, ऋषिधर्म, वेदधर्म, सनातन धर्म की वैश्विक प्रतिष्ठा के लिए संकल्पित होंगे। इससे भारतीय सनातन संस्कृति के संरक्षण के अभियान को ऊर्जा मिलेगी।' उन्होंने कहा कि पतंजलि योगपीठ में स्त्री-पुरुष, जाति, मत, पंथ, धर्म, संप्रदाय की संकीर्णताओं का कोई भेद नहीं है और यहां से संन्यास दीक्षा में दीक्षित होकर सभी भाई—बहन सनातन धर्म की पताका पूरे विश्व में फहरायेंगे । अपने संबोधन में राम मंदिर पर बोलते हुए रामदेव ने कहा कि इससे रामराज्य की प्रतिष्ठा होगी और राम मंदिर के साथ-साथ यह देश का राष्ट्र मंदिर भी बनेगा । उन्होंने कहा कि राम मंदिर का लोकार्पण अगले वर्ष जनवरी में हो जाएगा तथा जम्मू—कश्मीर से धारा 370 भी समाप्त हो गई है । हांलांकि, उन्होंने कहा की अभी दो बड़े काम होने बाकी है पहला— समान नागरिक संहिता लागू करना तथा दूसरा जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना। उन्होंने उम्मीद जताई की कि ये दोनों काम भी अगले साल 2024 तक हो जाने चाहिए । इससे पहले, भव्य संन्यास दीक्षा कार्यक्रम का उदघाटन् करते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि पतंजलि योगपीठ से 100 लोगों के संन्यास की दीक्षा लेना तथा संन्यास लेने की इच्छा जाहिर करने वाले 15000 युवाओं में से 500 प्रबुद्धजनों के आचार्य बालकृष्ण से ब्रह्मचर्य की दीक्षा लेने का अवसर बहुत रोमांचित करने वाला है । उन्होंने कहा कि यह चमत्कार तो स्वामी रामदेव ही कर सकते हैं । दस दिवसीय इस कार्यक्रम में देश के शीर्ष संतों के अलावा, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की संभावना है । कुछ वर्ष पहले भी रामदेव सौ युवक युवतियों को संन्यास की दीक्षा दे चुके हैं ।















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