- Home
- देश
-
नयी दिल्ली. देश में पिछले दो सप्ताह में इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई और अधिकारियों को जीनोम अनुक्रमण बढ़ाने तथा लोगों के कोविड-उपयुक्त व्यवहार अपनाने पर जोर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना वायरस के 1,134 नये मामले दर्ज किये गये हैं, वहीं उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 7,026 पहुंच गयी है। सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार संक्रमण से पांच लोगों की मौत होने के साथ मृतक संख्या 5,30,813 हो गयी है। अद्यतन आंकड़ों में छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र में मौत का एक-एक मामला दर्ज किया गया, जबकि केरल में पूर्व में सामने आये मौत के एक मामले में कोविड-19 की पुष्टि होने पर उसे संबंधित आंकड़ों में शामिल किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक बयान के अनुसार, मोदी ने देश में कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा की स्थिति और उससे निपटने के लिए स्वास्थ्य ढांचे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बैठक बुलाई। उन्होंने टीकाकरण अभियान की स्थिति, कोविड-19 के नये स्वरूपों तथा इन्फ्लूएंजा के प्रकारों के उभरने और देश के लिए उनके जन स्वास्थ्य प्रभावों की भी समीक्षा की। देश में इन्फ्लूएंजा के मामलों में वृद्धि तथा पिछले दो सप्ताह में कोविड के मामले बढ़ने की पृष्ठभूमि में उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने भारत में बढ़ते मामलों समेत वैश्विक कोविड स्थिति पर एक व्यापक प्रस्तुतीकरण दिया। प्रधानमंत्री को बताया गया कि भारत में संक्रमण के नये मामलों में थोड़ी वृद्धि हुई है और रोजाना औसतन 888 मामले आ रहे हैं। वहीं, 22 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में साप्ताहिक संक्रमण दर 0.98 प्रतिशत रही। हालांकि इसी सप्ताह दुनियाभर में औसतन रोजाना 1.08 लाख मामले सामने आये हैं। बयान के अनुसार, गत 22 दिसंबर, 2022 को कोविड की पिछली समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों पर की गयी कार्रवाई के बारे में भी बैठक में जानकारी दी गयी। उन्हें बताया गया कि कोविड संबंधी 20 मुख्य दवाओं, 12 अन्य दवाओं, आठ बफर दवाओं तथा इन्फ्लूएंजा की एक दवा की उपलब्धता और उसके दाम पर नजर रखी जा रही है। गत 27 दिसंबर, 2022 को 22,000 अस्पतालों में मॉक ड्रिल भी की गयी थी और उसके बाद अस्पतालों ने अनेक उपाय किये। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को इन्फ्लूएंजा की स्थिति से अवगत कराया गया, विशेष रूप से पिछले कुछ महीने में एच1एन1 और एच3एन2 के मामलों की अधिक संख्या के संबंध में जानकारी दी गयी। मोदी ने अधिकारियों को संक्रमण के पुष्ट नमूनों का इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इन्साकॉग) की प्रयोगशालाओं में जीनोम अनुक्रमण कराने को कहा। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मोदी ने कहा कि इससे नये स्वरूपों पर नजर रखने और समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयोगशाला निगरानी बढ़ाने, गंभीर घातक श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) के सभी मामलों की जांच करने और जीनोम अनुक्रमण को तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वरिष्ठ नागरिकों और अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाएं।
- -
जयपुर. राजस्थान के चुरू जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र में बुधवार को एक व्यक्ति ने तंत्र मंत्र के संदेह में एक पुजारी की लाठी से हमला कर हत्या कर दी वहीं उसके बेटे को घायल कर दिया। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। थानाधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि बागदास मंदिर का पुजारी महावीर प्रसाद शास्त्री (60) और उसका बेटा श्रीकांत (32) वाहन से कहीं जा रहे थे, इसी दौरान उनके वाहन को टक्कर मार कर आरोपी व्यक्ति ने उन पर लाठी से हमला कर दिया जिससे पुजारी की मौत हो गई जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला कि आरोपी व्यक्ति को पुजारी पर तंत्र मंत्र करने के कारण उसका मानसिक संतुलन बिगड़ने का संदेह था इसलिए उसने उन पर हमला किया था। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है जबकि पुजारी के बेटे का उपचार जारी है। पुलिस ने बताया कि घायल बेटे के होश में आने पर पर्चा बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया जायेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
-
-- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 106 हस्तियों को दिए पद्म पुरस्कार
नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को 106 लोगों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ की तीन हस्तियों को पद्मश्री सम्मान दिया गया। पंडवानी गायिका उषा को पद्म श्री से नवाजा गया। दिग्गज नाचा कलाकार डाेमार सिंह कुंवर और शिल्प कलाकार अजय कुमार मंडावी को भी पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया। उन्होंने सम्मान लेने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रणाम किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति के पैर छूकर सम्मान ग्रहण किया। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस एम कृषणा, जाने माने उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला, प्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर आदि को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अलावा जाने माने शेयर बाजार निवेशक राकेश झुनझुनवाला को मरणोपरांत पद्म श्री दिया गया। उनका निधन पिछले वर्ष हो गया था। राष्ट्रपति भवन द्वारा किए गए ट्वीट के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एस एम कृष्णा को पद्म विभूषण प्रदान किया। वे कांग्रेस नीत संप्रग सरकार में विदेश मंत्री थे और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। जाने माने वास्तुकार बालकृष्ण दोशी (मरणोपरांत) को भी पद्म विभूषण प्रदान किया गया।
कुमार मंगलम बिरला, प्रोफेसर कपिल कपूर, आध्यात्मिक नेता कमलेश पटेल और सुमन कल्याणपुर को पद्म भूषण प्रदान किया गया। कपूर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में अंग्रेजी के प्रोफेसर रहे हैं। उन्हें उच्च शिक्षा के भारतीयकरण और उसे भारत की ज्ञान प्रणाली से जोड़ने की दिशा में प्रयासों के लिए जाना जाता है। पटेल ने दुनिया के सबसे बड़े ध्यान केंद्रों में से एक कान्हा शांति वनम विकसित किया है। वहीं, सुमन कल्याणपुर ने चार दशक लंबे करियर में हिन्दी, मराठी और 11 अन्य भाषाओं में गीत गाए हैं।
नरेंद्र मोदी सरकार ने वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद समाज में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले गुमनाम हस्तियों को सम्मानित करने की पहल शुरू की थी। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए बैगा चित्रकारी की जानी मानी कलाकार जोधया बाई बैगा, छत्तीसगढ़ की पंडवानी एवं पंथी कलाकार उषा बारले, केरल के जनजातीय किसान रमण चेरूवयाल को पद्म श्री प्रदान किया गया। गुजरात की माता नी पेचडी कला को बढ़ावा देने के लिए भानूभाई चुन्नी लाल चैतरा तथा संकुराथरी फाउंडेशन के प्रबंध न्यासी संकुराथरी चंद्रशेखर को पद्म श्री प्रदान किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अलावा गृह मंत्री अमित शाह एवं कई अन्य केंद्रीय मंत्री मौजूद थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 106 पद्म पुरस्कार प्रदान करने को मंजूरी दी थी। इनमें से 50 लोगों को बुधवार को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री प्रदान किये गये।पद्म पुरस्कर तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं जिसमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री शामिल हैं। वर्ष 2019 के बाद सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न किसी को प्रदान नहीं किया गया है। पद्म पुरस्कार सामाजिक कार्यों, कला, सार्वजनिक मामलों, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, कारोबार एवं उद्योग, औषधि, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, लोक सेवा आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को दिया जाता है।
-
गांधीनगर। गुजरात 27 मार्च से चार अप्रैल के बीच जी20 समूह के अगले दौर की बैठकों की मेजबानी करेगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुजरात में विभिन्न मुद्दों पर तीन बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें जी20 समूह के सदस्य देशों के अलावा विभिन्न देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। भारत इस साल जी20 समूह की अध्यक्षता कर रहा है। इस समूह में विभिन्न महाद्वीपों के 19 देशों के अलावा यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल है।
गुजरात में जी20 से जुड़े आयोजनों का समन्वय कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीनों बैठकों में से ‘पर्यावरण एवं जलवायु स्थिरता कार्य समूह (ईसीएसडब्ल्यूजी)' की पहली बैठक 27 से 29 मार्च के बीच गांधीनगर में आयोजित की जाएगी। राज्य वित्त विभाग में प्रधान सचिव (आर्थिक मामले) मोना खानदार ने कहा, ‘‘ यह ईसीएसडब्ल्यूजी की दूसरी बैठक होगी। जी20 शेरपा अमिताभा कांत केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों की मौजूदगी में इसका उद्घाटन करेंगे।''
खानदार ने पत्रकारों को बताया कि ईसीएसडब्ल्यूजी की बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सचिव लीना नंदन, जल शक्ति मंत्रालय में जल संसाधन की अतिरिक्त सचिव देबाश्री मुखर्जी और स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक जी. अशोक कुमार हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जल आयोग, प्रकृति के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ (आईयूसीएन), सतत तटीय प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय केंद्र (एनसीएससीएम), संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और महासागर सूचना सेवा के लिए भारतीय राष्ट्रीय केंद्र के अधिकारी भी इसमें शामिल होंगे। खानदार ने कहा, ‘‘तीन दिवसीय आयोजन में अमेरिका, अर्जेंटीना, ब्राजील, चीन, फ्रांस और जर्मनी सहित लगभग 30 देशों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे।'' उन्होंने बताया कि पहले दिन ‘जल संसाधनों से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं' और अन्य संबंधित विषयों पर चर्चा होगी।
इसके बाद, मेहमानों को साबरमती नदी पर स्थित नर्मदा नहर, प्रसिद्ध अडालज स्टेपवेल और साबरमती रिवरफ्रंट ले जाया जाएगा। खानदार के मुताबिक, 28 मार्च को पांच प्रमुख विषयों-जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे, भूजल प्रबंधन, जल स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन शमन और संसाधन दक्षता एवं चक्रीय अर्थव्यवस्था पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 29 मार्च को महासागरों, टिकाऊ समुद्री अर्थव्यवस्था, समुद्री एवं तटीय पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण और समुद्री स्थानिक योजना से संबंधित विषयों पर तकनीकी सत्र का आयोजन किया जाएगा।
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस श्रृंखला में ‘‘आपदा प्रबंधन'' विषय पर दूसरी बैठक 30 मार्च से एक अप्रैल के बीच गांधीनगर में आयोजित की जाएगी। इससे पहले, गुजरात ने जनवरी और फरवरी में जी20 से जुड़ी विभिन्न बैठकों की मेजबानी की थी, जिनमें पर्यटन विषय पर भी एक बैठक की गई थी। -
कोरापुट (ओडिशा)। आंध्र प्रदेश-ओडिशा सीमा पर माओवादियों द्वारा कथित रूप से बड़ी मात्रा में छिपाए गए विस्फोटक जब्त कर लिए गए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक अविनाश सोनकर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कोरापुट जिले के लामातापुट इलाके से 50 किलोग्राम विस्फोटक कोडेक्स तार, 100 डेटोनेटर और 15 रेडियो सेट जब्त किए हैं।
सोनकर के मुताबिक, विस्फोटकों को प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की आंध्र-ओडिशा सीमा विशेष क्षेत्रीय समिति (एओबीएसजेडसी) द्वारा सुरक्षा बलों के खिलाफ भविष्य में इस्तेमाल के लिए छिपाए जाने का संदेह है। -
पालघर। महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई शहर में पुलिस ने एक निजी परिसर में बिना अनुमति के रखी गई 7.50 लाख रुपये की विदेशी शराब जब्त की और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि जब्त की गई शराब अलग-अलग ब्रांड की है।
अधिकारी के मुताबिक, आरोपी व्यक्ति गुजरात के कच्छ जिले का रहने वाला है और उसके खिलाफ मद्य निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। -
दार्जिलिंग। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के दो पहाड़ी शहरों के ‘डंपिंग यार्ड' में जमा कचरे को ईंटों और गमलों जैसे उपयोगी उत्पादों में पुनर्चक्रित करने के लिए एक परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्टा ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि परियोजना का मकसद ‘लैंडफिल' को उन्नत तकनीकों से लैस करना है जिसमें वहां जमे कचरे को अलग करना, प्लास्टिक के कचरे का पुनर्चक्रण, निर्माण व विध्वंस कार्रवाइयों के कचरे का सही इस्तेमाल और ‘बायोडिग्रेडेबल' कचरे का प्रसंस्करण करना शामिल है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ अलग किए गए कचरे को संसाधित किया जाएगा और विभिन्न काम में इसका इस्तेमाल किया जाएगा जैसे कि जैविक कचरे को खाद में, प्लास्टिक कचरे को फूलदान में और निर्माण कचरे को ईंटों में परिवर्तित किया जाएगा। '' बिस्ता ने बताया कि उन्होंने 30 जनवरी को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर इसके लिए मंजूरी मांगी थी।
इस प्रस्तावित परियोजना का शीर्षक ‘इंटिग्रेटिड साइंटिफिक सॉल्यूशंस फॉर इम्प्रूविंग लेगेसी म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट इन द हिमालयन रीज़न' है। आवेदन का जवाब देते हुए यादव ने 14 मार्च को बिस्ता को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने बताया कि हिमालय अध्ययन पर राष्ट्रीय मिशन (एनएमएचएस) के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया और उसकी संचालन समिति ने 1.49 करोड़ रुपये के बजट के साथ इसे मंजूरी दे दी है। -
उन्नाव (उप्र)। उन्नाव जिले के माखी क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल के अनियंत्रित हो कर कुएं में जा गिरने से उस पर सवार दो मजदूरों की मौत हो गयी तथा एक अन्य जख्मी हो गया। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि लखीमपुर खीरी निवासी 30 वर्षीय दिलबर, शाकिर (28) और धौरहरा क्षेत्र के हिदायत नगर निवासी हारुन (27) माखी क्षेत्र के थाना गांव स्थित भट्ठे में काम करने आए थे।
मंगलवार की शाम तीनों एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर पड़ोस के गांव में खरीदारी करके देर रात लौट रहे थे। रास्ते में ईंट भट्ठे के नजदीक उनकी मोटरसाइकिल बेकाबू होकर एक पुराने कुएं में जा गिरी। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने दिलबर और शाकिर को मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल हारून का इलाज किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। -
नयी दिल्ली। भारत में हवाई अड्डों के परिचालकों का राजस्व अगले वित्त वर्ष में 26 प्रतिशत बढ़कर 3.9 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। विमानन क्षेत्र की परामर्शदाता कंपनी कापा इंडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी। हवाई अड्डों के लिए परिदृश्य पेश करते हुए कापा इंडिया ने कहा कि 2023-24 में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिचालन में हवाई यात्री यातायात 39.5 करोड़ होने का अनुमान है।
इसमें से, घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 27.5 करोड़ से बढ़कर इस वित्त वर्ष में 32 करोड़ पर पहुंचने का अनुमान है। वहीं अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रियों की संख्या 5.8 करोड़ से बढ़कर 7.5 करोड़ पर पहुंचने की उम्मीद है। कापा इंडिया ने कहा, ‘‘ऐसा अनुमान है कि 2029-30 तक भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या बढ़कर 70 करोड़ और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रियों की संख्या 16 करोड़ पर पहुंच सकती है।''
इसमें कहा गया कि भारत के हवाई अड्डों का राजस्व अगले वित्त वर्ष में 3.9 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है जो 2022-23 के अनुमान से 26 प्रतिशत अधिक होगा। यह परिदृश्य कापा इंडिया हवाई सम्मेलन में पेश किया गया। -
बदायूं (उप्र)। बदायूं जिले के बिसौली क्षेत्र में बुधवार तड़के एक ट्रैक्टर—ट्रॉली से हुई टक्कर में कार सवार एक दम्पति और उनके एक साल के बेटे की मौत हो गयी। पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि दिल्ली के महरौली क्षेत्र स्थित औलिया मस्जिद के पास रहने वाला शाकिर (27) अपनी गर्भवती पत्नी रोजी (24), एक साल के बेटे आहान और साले याकूब तथा मोबिन के साथ कार पर सवार होकर दिल्ली स्थित अपने घर जा रहा था। तड़के करीब चार बजे बिसौली कोतवाली क्षेत्र के मदनजुडी गांव के निकट उनकी कार गन्ने से लदी खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से, पीछे से जा टकरायी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार ट्राली के नीचे घुस गई। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में शाकिर, रोजी और उनके एक साल के बेटे आहान की मौत हो गयी जबकि शाकिर के साले याकूब और मोबिन गम्भीर रूप से घायल हो गये। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है। -
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में बुधवार शाम 4: 42 मिनट पर एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.7 मापी गई है। हालांकि आज भूकंप की तीव्रता कम थी।
मंगलवार रात 10.17 मिनट पर भी दिल्ली में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। मंगलवार को आए भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में हिंदू कुश क्षेत्र था। कल रात आए भूकंप में काफी देर तक धरती हिलती रही थी। इमारतों के हिलने से दहशत में लोग घरों से बाहर निकल आए थे। -
नयी दिल्ली. संसद की एक समिति ने सरकार से हर ग्रामीण परिवार को नल से जल का कनेक्शन प्रदान करने में पीछे रहने वाले राज्यों की विशिष्ट समस्याओं पर ध्यान देने और लक्ष्यों की शीघ्र प्राप्ति के लिए जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए उपयुक्त उपाय करने को कहा है। लोकसभा में पेश की गई भारतीय जनता पार्टी के सांसद परबतभाई सवाभाई पटेल की अध्यक्षता वाली पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से संबंधित जल शक्ति मंत्रालय से जुड़ी स्थायी समिति की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, आज की स्थिति के अनुसार, मंत्रालय अब तक 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 11.15 करोड़ परिवार (57.5 प्रतिशत) से अधिक ग्रामीण परिवारों के घरों में नल से जल की आपूर्ति करने में सफल रहा।
इसके मुताबिक समिति नोट करती है कि आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़ जैसे बड़े राज्यों सहित 13 लक्षित राज्यों में अभी कार्य का बड़ा हिस्सा पूरा किया जाना बाकी है। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश ने अब तक केवल 29.56 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश ने 30.21 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल ने 30.30 प्रतिशत, झारखंड ने 30.53 प्रतिशत, राजस्थान ने 31.58 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ ने 38.81 प्रतिशत कवरेज हासिल किया है। समिति ने पाया कि बहु ग्राम योजनाओं की लंबी अवधि,भूजल में दूषित पदार्थों की उपस्थिति, सूखा, रेगिस्तानी क्षेत्रों में स्थायी भूजल स्रोतों की कमी, पहाड़ी एवं वन क्षेत्रों में भूभाग की चुनौतियां, राष्ट्रव्यापी कोविड-19 महामारी एवं उससे संबंधित लॉकडाउन आदि से इन राज्यों में जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन की गति काफी प्रभावित हुई है। समिति हरियाणा, गुजरात, तेलंगाना, गोवा, पुदुचेरी, गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा नगर हवेली और दमन एवं दीव के सभी ग्रामीण परिवारों को कार्यात्मक नल जल कनेक्शन देकर सभी ग्रामीण परिवारों को 100 प्रतिशत कवरेज की उपलब्धि की सराहना करती है। रिपोर्ट के अनुसार, समिति इस बात की भी सराहना करती है कि बिहार, पंजाब और हिमाचल प्रदेश 95 प्रतिशत से अधिक घरों में कार्यात्मक नल जल आपूर्ति करने में सफल रहे। विभाग ने सूचित किया है कि उन्होंने राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की वार्षिक कार्य योजना (एएपी) पर संयुक्त चर्चा करने और उसे अंतिम रूप देने, कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा बैठकें करने, क्षमता निर्माण और ज्ञान साझा करने के लिए कार्यशालाओं/सम्मेलनों/वेबिनारों का आयोजन करने, कार्यान्वयन एजेंसियों/ग्राम पंचायतों एवं अन्य हितधारकों के लिए नियमित समीक्षा बैठकें करने जैसे कई कदम उठाए हैं। समिति का मत है कि चूंकि योजना के सफल कार्यान्वयन में राज्यों की समान भागीदारी है, इसलिए पीछे चल रहे प्रत्येक राज्य में विशेष समस्याओं की जांच किए जाने की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार, समिति सिफारिश करती है कि विभाग राज्य केंद्रित समस्याओं पर विचार करे और लक्ष्यों की शीघ्र प्राप्ति के लिए जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए उपयुक्त उपाय करे।
-
नयी दिल्ली. कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के चेयरपर्सन पद के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 27 मार्च तक बढ़ा दी है। इससे पहले आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि नौ मार्च थी। एमसीए के सोमवार को जारी नोटिस के अनुसार, ‘आवेदन लेने की अंतिम तिथि 27 मार्च, 2023 तक बढ़ा दी गई है।' सूचना में कहा गया है, ‘‘जिन उम्मीदवारों ने चेयरपर्सन पद के लिए 26 जुलाई, 2022 के पिछले विज्ञापन/रिक्ति सर्कुलर में आवेदन किया था, उन्हें फिर से आवेदन करने की जरूरत नहीं है।
-
नयी दिल्ली. एमिरेट्स एयरलाइन के अध्यक्ष सर टिम क्लार्क ने कहा है कि भारत में बहुत अवसर मौजूद हैं और वह इस बाजार में नए उत्पाद लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के बाद भारत में वापसी अच्छी रही है। भारत और खाड़ी क्षेत्र को जोड़ने में अहम भूमिका निभाने वाली एयरलाइन एमिरेट्स चाहती है कि द्विपक्षीय अधिकार बढ़े जिससे वह भारत मे अधिक विमानों का परिचालन कर सके। क्लार्क ने कहा, यहां (भारत में) अपार संभावनाएं हैं और अन्य बाजारों की तरह भारतीय बाजार में भी नए उत्पाद उतारे जाएंगे। कापा विमानन सम्मेलन में क्लार्क ने कहा कि एयरलाइन अगले महीने अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा करने वाली है, जो अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास हर किसी के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।
-
बेंगलुरु. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चिकबल्लापुर, बेंगलुरु और दावणगेरे में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए 25 मार्च को कर्नाटक पहुंचेंगे। एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री 25 मार्च की सुबह शहर में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) हवाई अड्डे पर उतरेंगे और श्री मधुसूदन साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च का उद्घाटन करने के लिए हेलीकॉप्टर से चिकबल्लापुर के लिए उड़ान भरेंगे। मोदी व्हाइटफील्ड मेट्रो लाइन का उद्घाटन करने के लिए दोपहर में बेंगलुरु पहुंचेंगे और मेट्रो ट्रेन में सवारी भी करेंगे। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इसके बाद वह दावणगेरे जाएंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे और फिर शिवमोग्गा जाएंगे और फिर दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। मोदी का इस साल कर्नाटक का यह सातवां दौरा होगा। प्रधानमंत्री 12 मार्च को मांड्या में बेंगलुरु-मैसूरू एक्सप्रेस-वे और धारवाड़ में आईआईटी परिसर का उद्घाटन करने के लिए कर्नाटक में थे। हालांकि, आधिकारिक विज्ञप्ति में जनसभा के बारे में विवरण साझा नहीं किया गया है, लेकिन कर्नाटक में अपनी चुनावी तैयारियों के तहत सत्तारूढ़ भाजपा की यह एक बड़ी रैली बताई जा रही है। भाजपा की कर्नाटक इकाई और मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई सहित उसके नेताओं ने कहा है कि मोदी 25 मार्च को दावणगेरे के जिला मुख्यालय में एक बड़ी रैली में भाग लेंगे, जो 8,000 किलोमीटर लंबी ‘‘विजय संकल्प यात्रा'' के समापन के अवसर पर होगी। विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहनों या 'रथों' में राज्य के चार अलग-अलग हिस्सों से शुरू हुए 20 दिवसीय राज्यव्यापी यात्रा की शुरुआत एक मार्च को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने चामराजनगर जिले के माले महादेश्वर हिल्स में की थी। भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, अन्य भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने इन कार्यक्रम में भाग लिया है। कर्नाटक में चुनावी तैयारियां शुरू होने के बाद से यह पार्टी की पहला बड़ा कार्यक्रम है जिसमें प्रधानमंत्री शामिल होंगे। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश भरना है। इस बार पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में सत्ता में वापसी करने का लक्ष्य रखने वाली भाजपा ने विधानसभा की कुल 224 सीट में से कम से कम 150 सीट जीतने का लक्ष्य रखा है।
- नयी दिल्ली। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार हाल में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का गेहूं जैसी रबी की खड़ी फसलों पर बहुत अधिक असर नहीं हुआ है। हालांकि, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि केंद्र को अभी राज्य सरकारों की ओर से जमीनी वास्तविकता की सूचना मिलना बाकी है। तोमर ने कहा, ‘‘आरंभिक आकलन के मुताबिक रबी की फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है।'' उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य सरकारें अभी भी खड़ी फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि फसल सर्वेक्षण कराने के बाद किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकारें राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) का उपयोग कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ज्ञापन सौंपने के बाद राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से और अधिक धनराशि प्रदान कर सकती है। गेहूं प्रमुख रबी फसल है और कुछ राज्यों में इसकी कटाई चल रही है। रबी की अन्य फसलों में सरसों और चना शामिल हैं। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बीते तीन दिन से देश के कई हिस्सों में बेसमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलीं।
- देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के लिये केंद्र से 500 करोड़ रू स्वीकृत करने की मांग की है । मंगलवार को यहां अधिकारियों के साथ इस संबंध में एक बैठक में योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप दिया गया । बैठक के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि यह डीपीआर केंद्र को स्वीकृति के लिए भेजी जा रही है । प्रदेश में इस साल चारधाम यात्रा 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ शुरू हो रही है। केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को खुल रहे हैं । रावत ने बताया कि योजना के तहत चारधाम के अंतर्गत आने वाली पांच चिकित्सा इकाइयों—जोशीमठ, गुप्तकाशी, भटवाडी, पुरोला व बड़कोट के उच्चीकरण के साथ ही श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब सहित कार्डियक यूनिट, ट्रॉमा सेंटर व मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर स्थापित किए जाएंगे । उन्होंने बताया कि इसके अलावा चारधाम यात्रा मार्गो पर तैनात चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं अन्य कार्मिकों को प्रोत्साहन भत्ता देने की भी योजना है। मंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष चारधाम यात्रा पर पूरे भारतवर्ष से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं लेकिन इन स्थानों पर सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते उन्हें समुचित मदद उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पाता है । उन्होंने कहा कि इसके मददेनजर उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में नई दिल्ली में पिछले दिनों आयोजित बैठक में चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तारीकरण के लिये पृथक पैकेज की मांग रखी थी । रावत ने कहा कि इसी के मददेनजर योजना की डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जा रही है, जिसमें स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के लिये लगभग 500 करोड़ की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि इसमें चिकित्सा इकाइयों के उच्चीकरण के लिये 150 करोड़, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब सहित कार्डियक यूनिट, ट्रॉमा सेंटर व मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर की स्थापना के लिये 27 करोड़, विभिन्न स्थानों पर ट्रंजिट हॉस्टल एवं स्वास्थ्य कुटीर की स्थापना के लिये 37 करोड़ तथा मानव संसाधन के वेतन भत्तों एवं प्रोत्साहन राशि के लिए 270 करोड़ रू शामिल हैं। मंत्री ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर देश के अन्य राज्यों से भी मेडिकल कॉलेज के स्नातकोत्तर छात्रों को यात्रा काल में चारधाम यात्रा में तैनात करने की मांग केंद्र से की जाएगी जिससे देशभर से उत्तराखंड आने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जा सके ।
- बेंगलुरु। कर्नाटक के बेंगलुरु में एक सप्ताह पहले केआर पुरम रेलवे स्टेशन पर कोलकाता की एक महिला यात्री के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप में उप मुख्य टिकट निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि महिला कि शिकायत के बाद रेलवे कर्मचारी आरोपी संतोष कुमार वी. (42) को बेंगलुरु के तम्बु चेट्टी पाल्या से गिरफ्तार किया गया। किसी अन्य यात्री द्वारा बनाया गया घटना का एक वीडियो कई लोगों द्वारा साझा किया गया है। वीडियो के आधार पर आरोपी कुमार को निलंबित कर दिया गया और पुलिस ने अपनी जांच तेज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। हावड़ा से बेंगलुरू पहुंची 27 वर्षीय महिला ने 17 मार्च को पुलिस के समक्ष 14 मार्च को हुई इस घटना की शिकायत की थी।
- हाथरस (उप्र) । जिले में आगरा अलीगढ़ रोड पर तेज रफ्तार रोडवेज बस ने मंगलवार को एक ई रिक्शा को टक्कर मार दी, जिसमें एक बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हो गयी । पुलिस अधीक्षक देवेश पांडे ने बताया कि आगरा अलीगढ़ रोड के चंदपा क्षेत्र के कपूरा चौराहे पर एक रोडवेज बस ने ई.रिक्शा को टक्कर मार दी जिससे ई रिक्शा के चालक समेत नौ लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर मौक पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में पांच लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर हालत में कुछ घायलों को अलीगढ़ रेफर किया गया।पुलिस के मुताबिक, मौके से रोडवेज बस के चालक को हिरासत में ले लिया गया है।
- नोएडा ।उत्तर प्रदेश के नोएडा के थाना सेक्टर-63 पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर एक ऐसे गिरोह का का खुलासा किया है जो फर्जी कॉल सेंटर खोल कर लोगों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करते थे । पुलिस के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पकड़े गये लोगों के पास से नकदी, लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन सहित भारी मात्रा में अन्य सामग्री बरामद की गयी है। पुलिस उपायुक्त (जोन द्वितीय) राम बदन सिंह ने बताया कि थाना सेक्टर- 63 पुलिस ने एक सूचना के आधार पर सेक्टर-63 के एच ब्लॉक में चल रहे काल सेंटर पर छापेमारी की। उन्होंने बताया कि जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी साधारण चूर्ण को पंचकर्मा आयुर्वेद का स्टीकर लगाकर ऑनलाइन और सोशल मीडिया के माध्यम से भी बेचते थे। उन्होंने बताया कि पुलिस इनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है।
- नयी दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने दोषपूर्ण गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप में पिछले साल 1.2 प्रतिशत आधार केंद्र ऑपरेटरों को निलंबित कर दिया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। यूआईडीएआई ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि गलत कार्यों में लिप्त पाए जाने वाले आधार केंद्र संचालकों पर जरूरी दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। प्राधिकरण से जुड़े हुए करीब एक लाख संचालक आधार कार्ड बनाने के साथ ही धारकों के नाम में संशोधन और पता बदलने जैसी सेवाएं भी देते हैं। इसके साथ ही यूआईडीएआई ने कहा कि उसने प्रतिदिन एक मशीन पर किए जाने वाले पंजीकरण की संख्या भी सीमित कर दी है। यह कदम आधार प्रणाली का संचालकों द्वारा दुरुपयोग रोकने की मंशा से उठाया गया है।
- नयी दिल्ली । वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी ने मंगलवार को कहा कि भारतीय रक्षा उद्योग को उन्नत निर्देशित ऊर्जा और हाइपरसोनिक हथियारों पर काम करने की जरूरत है। चौधरी ने साथ ही यह भी कहा कि भारतीय वायुसेना के लिए "एयरोस्पेस फोर्स" बनने का समय आ गया है।'पीएचडीसीसीआई डीईएफ एक्स टेक इंडिया 2023' में उद्घाटन भाषण देते हुए उन्होंने भविष्य की तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया और कहा कि भविष्य में युद्ध जमीन, हवा और समुद्र के साथ-साथ अंतरिक्ष में भी लड़े जाएंगे। भारतीय वायुसेना प्रमुख ने कहा कि देश जब आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तो उसके हथियार अलग होंगे। उन्होंने कहा कि निर्देशित ऊर्जा और हाइपरसोनिक हथियारों जैसे हथियारों का पहले ही अन्य देशों द्वारा "परीक्षण और उपयोग" किया जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘(देश की आजादी के) 100 साल होने पर भारत के हथियार (देश की आजादी के) 75 के दौर के भारत के हथियारों से बहुत अलग दिखेंगे। निर्देशित ऊर्जा हथियार (डीईडब्ल्यू) और हाइपरसोनिक हथियारों का पहले ही परीक्षण और उपयोग किया गया है। डीईडब्ल्यू, विशेष रूप से लेजर, पारंपरिक हथियारों पर महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करते हैं।'' वायुसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘हमारे रक्षा उद्योगों को इन हथियारों के विकास को आगे बढ़ाने की जरूरत है और वांछित मारक क्षमता और सटीकता प्राप्त करने के लिए उन्हें हवाई ‘प्लेटफॉर्म' पर एकीकृत करने की भी जरूरत है।'
-
मुंबई। देश में निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में 2023 में औसतन 10.2 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। सर्वाधिक वृद्धि ई-कॉमर्स, पेशेवर सेवाओं और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में देखने को मिल सकती है। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। पेशेवर सेवाएं देने वाली ईवाई की रिपोर्ट ‘फ्यूचर ऑफ पे' 2023 में कहा गया है कि देश में 2023 में वेतन में औसतन 10.2 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। यह 2022 में औसतन 10.4 प्रतिशत की तुलना में कम है। लेकिन इसके बावजूद दहाई अंक में है। इसमें कहा गया है कि इस साल वेतन में अनुमानित वृद्धि सभी क्षेत्रों में देखने को मिलेगी, जो 2022 की तुलना में मामूली कम होगी। हालांकि, कल-कारखानों में काम करने वाले कामगारों के मामले में इस साल वेतन में 2022 की तुलना में कम वृद्धि की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा जिन क्षेत्रों में वेतन में वृद्धि की उम्मीद है, वे सभी प्रौद्योगिकी से जुड़े हैं। इसमें कहा गया है कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में सबसे ज्यादा 12.5 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। उसके बाद पेशेवर सेवाओं में 11.9 प्रतिशत तथा आईटी क्षेत्र में 10.8 प्रतिशत वृद्धि की संभावना है। ईवाई की रिपोर्ट सर्वे पर आधारित है। यह सर्वे दिसंबर, 2022 से फरवरी, 2023 के बीच किया गया। इसमें देश में मझोले से लेकर बड़े संगठनों के 150 मुख्य मानव संसाधन अधिकारी शामिल हुए।
- नयी दिल्ली । संसद की एक समिति ने देश के कई प्रदेशों में भूजल स्तर की गंभीर स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा है कि भूजल संसाधनों के प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा भूजल संरक्षण एवं जल के विवेकपूर्ण इस्तेमाल के लिए ठोस कदम उठाये जाएं। लोकसभा में पेश भारतीय जनता पार्टी सांसद परबतभाई सवाभाई पटेल की अध्यक्षता वाली ‘‘भूजल : एक मूल्यवान किन्तु घटता हुआ संसाधन'' विषय पर जल संसाधन संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का भूजल संसाधन देश की पेयजल और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है, जिसमें 80 प्रतिशत ग्रामीण पेयजल, 50 प्रतिशत शहरी पेयजल और दो तिहाई सिंचाई जल की आवश्यकता भूजल से पूरी होती है।इसमें कहा गया है कि समिति यह पाती है कि पर्याप्त जलस्रोतों से सम्पन्न होने के बावजूद विकेंद्रीकृत उपलब्धता, ताजे पानी की बढ़ती मांग, वर्षा की अनियमितता, बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिकीकरण और शहरीकरण आदि के कारण भूजल पर बढ़ती निर्भरता के परिणामस्वरूप भूजल स्तर में काफी कमी आ रही है। समिति यह संज्ञान लेती है कि वर्ष 2020 के मूल्यांकन के अनुसार, देश में 398 अरब घन मीटर (बीसीएम) के कुल वार्षिक निकालने योग्य भूजल संसाधन में से 245 बीसीएम भूजल निकाला जा रहा है। इसमें कहा गया है कि देश में कुल 6965 मूल्यांकन इकाइयों (ब्लाक/तालुका/मंडल) में से 1114 इकाइयों को ‘अति दोहन' वाली श्रेणी में, जबकि 270 इकाइयों को ‘गंभीर' और 1057 इकाइयों को ‘अर्द्ध गंभीर' श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। समिति यह पाती है कि वर्ष 2020 में मूल्यांकन में छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश और राजस्थान में सुधार के बजाय गिरावट आने की जानकारी दी गयी है। हालांकि 2017 की तुलना में 2020 के मूल्यांकन में समग्र भूजल की स्थिति में मामूली सुधार ने आशा की किरण दिखाई है। रिपोर्ट के अनुसार, समिति का अभी भी मानना है कि भूजल संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इसमें कहा गया है कि निरंतर भूजल निकासी के परिणामस्वरूप जल स्तर और नीचे चला गया है। अरुणाचल प्रदेश, बिहार, दमन और दीव, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा को छोड़कर आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे प्रदेशों में अलग-अलग इलाकों में 10 प्रतिशत कुंओं में चार मीटर से अधिक की गिरावट देखी गई है। समिति की राय है कि जहां भूमिगत जल भंडारण गंभीर खतरे में है, उन क्षेत्रों में भूजल संसाधनों के प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा सतही जल के पूरक के रूप में भूजल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

















.jpg)









.jpg)