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- नयी दिल्ली। भारत में एक दिन में कोविड-19 के 1,421 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,30,19,453 हो गई, वहीं उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 16,187 रह गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में 149 और लोगों की मौत के बाद, मृतक संख्या बढ़कर 5,21,004 हो गई। देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 16,187 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.04 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 554 की कमी दर्ज की गई। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार दैनिक संक्रमण दर 0.23 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 0.27 प्रतिशत दर्ज की गई। देश में अभी तक 78.69 करोड़ से अधिक नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 6,20,251 नमूनों की जांच पिछले 24 घंटे में की गई। देश में अभी तक कुल 4,24,82,262 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.21 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 183.20 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि देश में सात अगस्त 2020 को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ के पार हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 26 जनवरी को संक्रमण के मामले चार करोड़ के पार पहुंच गए थे। देश में अब तक संक्रमण से कुल 5,21,004 मौतें हुई, जिनमें महाराष्ट्र में 1,47,779, केरल में 67,772, कर्नाटक में 40,049, तमिलनाडु में 38,025, दिल्ली में 26,150, उत्तर प्रदेश से 23,494 और पश्चिम बंगाल में 21,197 मरीजों की मौत हुई। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मौत सहरुग्णता के चलते हुईं हैं।
- नयी दिल्ली। दूरदर्शन पर पहली बार 'महाभारत' का प्रसारण हुए तीन दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन रूपा गांगुली को अब भी यह बखूबी याद है कि किस तरह प्रत्येक दिन सुबह-सुबह उन्हें मुंबई की फिल्म सिटी पहुंचना होता था, ताकि मेकअप कलाकार को उन्हें 'द्रौपदी' की भूमिका के लिए तैयार करने में पर्याप्त समय मिल सके।अभिनेत्री से राजनेता बनी रूपा गांगुली (55) ने 1980 के दशक के अंत में इस धारावाहिक के निर्माण के दिनों को याद किया और स्वीकार किया कि शूटिंग के व्यस्त कार्यक्रम को लेकर वह टीवी पर इस धारावाहिक को नहीं देख सकी थीं। उन्होंने कहा, ''मैंने आखिरकार यह धारावाहिक उस वक्त देखा, जब कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन लागू रहने के दौरान टीवी पर 'रामायण' और 'महाभारत' का पुन:प्रसारण किया गया। और मैंने इसका सचमुच में आनंद उठाया। इसने मुझे शूटिंग के दिनों की याद दिला दी।''कोलकाता में जन्मीं और मौजूदा राज्यसभा सदस्य रूपा गांगुली ने कहा, ''हर दिन सुबह-सुबह, जुहू स्थित अपने होटल से मुझे फिल्म सिटी पहुंचना होता था और सुबह पांच बजे तक मुझे मेकअप कक्ष में उपस्थित होना पड़ता था। शूटिंग सुबह सात बजे शुरू हुआ करती थी और मेरा मेकअप तथा केश-सज्जा करने में हर दिन कम से कम डेढ़ घंटा या इससे ज्यादा समय लगता था।'' उन्होंने कहा, ''और, मेरे लंबे बाल थे तथा हमें विशेष परिधान एवं कई सारी अन्य चीजें भी पहननी पड़ती थी जिसमें समय लगता था। इसलिए, मुझे अन्य कलाकारों से पहले पहुंचना पड़ता था। ''निर्माता-निर्देशक बी आर चोपड़ा और रवि चोपड़ा टीवी पर महाभारत लेकर आये थे और 1990 तक दो साल दूरदर्शन पर इसका प्रसारण हुआ था। प्रत्येक रविवार, सुबह इसे प्रसारित किया जाता था। बंगाली सिनेमा में अपने काम को लेकर भी ख्याति हासिल करने वाली रूपा गांगुली ने कहा, ''हम सभी साधारण परिवार से हैं और यह सीखा कि कैसे एक राजा या रानी या शाही परिवार का सदस्य चलता-फिरता है या बात करता है। साथ ही, मैं बंगाल से हूं और पटकथा हिंदी भाषा में थी तथा यह एक बहुत अलग तरह की हिंदी थी। (ध्वनि कलाकार) हरीश भीमानी जी ने मेरे प्रभावशाली संवाद के लिए उच्चारण करने में मदद की। ''इस धारावाहिक में द्रौपदी एक अविस्मरणीय किरदार है और रूपा गांगुली ने अपने दमदार संवाद और भावपूर्ण अभिनय से सभी उम्र के दर्शकों की वाहवाही बटोरी। उन्होंने दावा किया कि आज के समय में 'रामायण' और 'महाभारत' कथाओं को पौराणिक कथा नहीं माना जाता है और ये भारत का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इनके साक्ष्य विभिन्न सथानों पर पाये जा सकते हैं। रूपा गांगुली ने कहा, ''ये कथाएं अब हमारी धरोहर हैं और पूरे भारत की धरोहर हैं।''उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ''जब 2015 में राजनीति में आई थी, तब मैंने खुद को जन सेवा में समर्पित करने का एक समझबूझ भरा फैसला लिया था। '' उन्होंने कहा, ''जब मैं राजनीति में आई थी तब मेरे पास 10-15 फिल्मों में काम करने का प्रस्ताव था , लेकिन मुझे उन सब को खारिज करना पड़ा था। ''
- ग्वालियर (मप्र)। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि करीब दो साल बाद रविवार से अब देश से सभी नियमित अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं। इसके पहले कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण के चलते पाबंदियां लागू थीं। उन्होंने कहा कि रविवार से गर्मी के मौसम के लिए नयी 135 घरेलू और 15 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू की गई हैं। सिंधिया ने यहां मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, ''आज से गोरखपुर और वाराणसी के बीच हवाई सेवा शुरू कर दी गई है। मैंने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ग्वालियर से ही वर्चुअल माध्यम से इस सेवा की शुरुआत की।'' मंत्री ने कहा कि रविवार से सौ फीसदी तरीके से अंतरराष्ट्रीय नियमित हवाई सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोग विदेश जाने के लिए और विदेशी लोग भारत आने के लिए तैयार हैं, इसलिए पूरी क्षमता से हवाई सेवाएं प्रारंभ की गई हैं।
- नयी दिल्ली। महामारी की शुरुआत के समय से दूरसंचार प्रदाताओं द्वारा कोविड-19 के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कॉल से पहले निर्धारित घोषणाएं जल्द ही इतिहास बन सकती हैं। बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लगभग दो वर्षों के बाद, सरकार अब कॉल से पहले कोविड-19 संदेशों को हटाने पर विचार कर रही है। सरकार को कई ऐसे आवेदन मिले हैं, जिसमें कहा गया है कि ये संदेश अपने उद्देश्य को पूरा कर चुके हैं और कई बार आपात स्थिति के दौरान महत्वपूर्ण कॉल में देरी होती है।आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर कॉल पूर्व की इन घोषणाओं और कॉलर ट्यून को हटाने का अनुरोध किया है। उसने सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओए) के साथ-साथ मोबाइल ग्राहकों से प्राप्त आवेदनों का हवाला दिया है। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ''स्वास्थ्य मंत्रालय अब देश में महामारी की स्थिति में सुधार के मद्देनजर इन ऑडियो क्लिप को हटाने पर विचार कर रहा है, जबकि महामारी के खिलाफ सुरक्षा उपायों के बारे में जन जागरूकता फैलाने के अन्य उपाय जारी रहेंगे।'' केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त निर्देशों के बाद दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को कॉल से पहले कोविड-19 संबंधी घोषणाओं और 'कॉलर ट्यून' को लागू करने के निर्देश डीओटी द्वारा जारी किए गए थे। दूरसंचार सेवा प्रदाता (टीएसपी) लोगों के बीच जागरूकता फैलाने और उन्हें महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और टीकाकरण के बारे में बताने के लिए कोरोना वायरस से संबंधित घोषणाएं और कॉलर ट्यून कॉल से पहले बजाते हैं। डीओटी ने हाल में स्वास्थ्य मंत्रालय को आवेदनों का हवाला देते हुए लिखे एक पत्र में कहा, ''लगभग 21 महीने बीतने के बाद, इन घोषणाओं ने नागरिकों के बीच जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य को पूरा किया है और अब इनकी कोई प्रासंगिकता नहीं है।'' पत्र में कहा गया, ''नेटवर्क पर चलाए जा रहे संदेश के परिणामस्वरूप आपात स्थिति के दौरान महत्वपूर्ण कॉल को रोके रखने और विलंबित होने का जोखिम रहता है और कीमती बैंडविड्थ संसाधनों की खपत होती है। यह टीएसपी नेटवर्क पर बोझ बढ़ाता है और इससे कॉल कनेक्शन में देरी होती है।'' पत्र के मुताबिक, यह ग्राहक के अनुभव को भी प्रभावित करता है क्योंकि आपात स्थिति में कई बार कॉल में देरी हो जाती है। टीएसपी से आरबीटी (रिंग बैक टोन) को निष्क्रिय करने का भी अनुरोध किया गया है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत द्वारा इस वित्त वर्ष में 400 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य हासिल करना दर्शाता है कि उसके उत्पादों की मांग दुनिया भर में बढ़ रही है। मोदी ने जोर देते हुए कहा कि जब हर भारतीय ‘लोकल के लिए वोकल' (स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर रहा) होता है, तब स्थानीय उत्पादों को वैश्विक होते देर नहीं लगती है। मोदी ने रेडियो पर प्रसारित अपने मासिक ‘मन की बात' कार्यक्रम में कहा कि सरकार ने पिछले एक साल में सरकारी ई-मार्केट (जीईएम) पोर्टल के जरिए एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की वस्तुएं खरीदी हैं और देश के कोने-कोने से करीब-करीब सवा-लाख लघु उद्यमियों और छोटे दुकानदारों ने अपना सामान सरकार को सीधे बेचा है। उन्होंने कहा कि एक जमाना था, जब बड़ी कम्पनियां ही सरकार को सामान बेच पाती थीं, लेकिन अब देश बदल रहा है और पुरानी व्यवस्थाएं भी बदल रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब छोटे से छोटा दुकानदार भी जीईएम पोर्टल पर सरकार को अपना सामान बेच सकता है। यही तो नया भारत है। यह न केवल बड़े सपने देखता है, बल्कि उस लक्ष्य तक पहुंचने का साहस भी दिखाता है, जहां पहले कोई नहीं पहुंचा हो। इसी साहस के दम पर हम सभी भारतीय मिलकर आत्मनिर्भर भारत का सपना भी जरूर पूरा करेंगे।'' प्रधानमंत्री ने आयुष उत्पादों के बाजार और उससे जुड़े स्टार्ट अप की संख्या बढ़ने की भी सराहना की। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि वे अपने पोर्टल संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त सभी भाषाओं में उपलब्ध कराने की कोशिश करें, क्योंकि कई देशों में अंग्रेजी न तो बोली जाती है और ना ही वे ठीक से अंग्रेजी समझ पाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आप इन देशों को भी ध्यान में रखकर अपनी सूचना का प्रसार करें। मुझे भरोसा है कि जल्द ही बेहतर गुणवत्ता के उत्पादों के साथ भारत के आयुष स्टार्ट अप का दुनियाभर में दबदबा होगा।'' मोदी ने भारतीय उत्पादों की क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी ताकत का आधार देश के किसान, कारीगर, बुनकर, इंजीनियर, छोटे उद्यमी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र और कई अलग-अलग व्यवसायों के लोग हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इन लोगों की कड़ी मेहनत से 400 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य हासिल हो पाया और मैं खुश हूं कि भारत के लोगों की यह ताकत अब दुनिया के हर कोने में नए बाजारों में पहुंच रही है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जब एक-एक भारतवासी ‘लोकल के लिए वोकल' होता है, तब स्थानीय उत्पादों को वैश्विक होते देर नहीं लगती। आइए, स्थानीय को ‘वैश्विक' बनाएं और अपने उत्पादों की प्रतिष्ठा को और बढ़ाएं।'' उन्होंने कहा कि भारत का 400 अरब डॉलर यानी 30 लाख करोड़ रुपये मूल्य की वस्तुओं के निर्यात का लक्ष्य पहली नजर में अर्थव्यवस्था से जुड़ा मामला लग सकता है, लेकिन यह भारत की क्षमता से संबंधित हैं। मोदी ने कहा कि इसका अर्थ है कि भारत निर्मित उत्पादों की मांग दुनियाभर में बढ़ रही है और भारत की आपूर्ति श्रृंखला दिन-ब-दिन मजबूत हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब संकल्प सपनों से बड़े होते हैं तो राष्ट्र बहुत प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि जब संकल्पों को पूरा करने के लिए दिन-रात ईमानदार प्रयास किए जाते हैं, तो फल मिलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के कोने-कोने से नए-नए उत्पाद विदेश जा रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने असम के हैलाकांडी से चमड़ों के उत्पाद, उस्मानाबाद के हथकरघा उत्पाद, बीजापुर की फल-सब्जियों, चंदौली के काले चावल और त्रिपुरा के कटहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका निर्यात तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘अब, आपको दुबई और सऊदी अरब में भी लद्दाख की विश्व प्रसिद्ध खुबानी मिल जाएगी, आपको तमिलनाडु के केले मिल जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कई नए उत्पाद अब नए देशों में भेजे जा रहे हैं।'' चालू वित्त वर्ष में भारत का निर्यात 37 प्रतिशत बढ़कर 400 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2020-21 में यह 292 अरब डॉलर रहा था। निर्यात के मामले में भारत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2018-19 में 330.07 अरब डॉलर का रहा था। प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष उद्योग का बाजार छह साल पहले के करीब 22,000 करोड़ रुपये से बढ़ कर 1.40 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। मोदी ने अपने संबोधन में ज्योतिराव फुले और भीमराव आंबेडकर को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी जयंती अप्रैल में है। प्रधानमंत्री ने समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया। उन्होंने योग प्रशिक्षक स्वामी शिवानंद का भी जिक्र किया, जिन्होंने हाल में 126 वर्ष की आयु में पद्म पुरस्कार प्राप्त किया है। मोदी ने कहा कि उनके पूरे जीवन ने समूचे राष्ट्र को प्रेरित किया है और उनके अनुकरणीय कार्य ने स्वास्थ्य एवं तंदुरूस्ती के बारे में महत्वपूर्ण शिक्षा दी है। मोदी ने स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे लोगों और पशुओं एवं पक्षियों के लिए जल सुनिश्चित करने का भी जिक्र किया। उन्होंने देशवासियों से जल ही हरेक बूंद बचाने और पानी के पुनर्चक्रण के लिए काम करने की अपील की।
- बीकानेर. बीकानेर के करणी औधोगिक क्षेत्र में रविवार को सेफ्टी टैंक में सफाई के लिए उतरे चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। इस घटना पर राज्य के मुख्यमंत्री गहलोत ने शोक जताया है। बीछवाल पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक पूरणसिंह ने बताया कि करणी औद्योगिक क्षेत्र में एक ऊन मिल में बने सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए चार मजदूर उतरे थे। टैंक में जमा गंदा पानी और जहरीली गैस से चारों मजदूरों का दम घुटने लगा तो उन्हें बाहर निकाला गया। इनमें से तीन जनों ने मौके पर दम तोड़ दिया। जबकि एक मजदूर की अस्पताल में मौत हुई।मृतकों की पहचान लाल चंद, चोरुलाल नायक, कालू राम वाल्मीकि व किशन बिहारी के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्रथम दृष्टया सेफ्टी टैंक में गंदगी के कारण कार्बन डाइऑक्साइड गैस के चलते यह हादसा हुआ है। इस घटना की सूचना के बाद जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट किया,‘‘बीकानेर के बीछवाल क्षेत्र में करणी औद्योगिक क्षेत्र में ऊन फैक्ट्री में गैस से चार श्रमिकों की मौत अत्यंत दुखद हैI शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं, ईश्वर उन्हें यह आघात सहने की शक्ति प्रदान करें।''
- ग्वालियर . मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के एक गांव में भैंस और उसके बच्चे की मौत पागल कुत्ते के काटने के कारण हो गई। इस खबर के गांव में पहुंचते ही वहां के निवासी डर के मारे अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच गए, क्योंकि इसी भैंस के दूध से बनाये गये छांछ का इस्तेमाल एक मृत्यु भोज में किया गया था। इस भोज में पूरे गांव ने खाना खाया था। करीब 25 ग्रामीणों को यह इंजेक्शन लगया गया है, लेकिन बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और चिकित्सकों ने ग्रामीणों को समझाया कि दूध से रेबीज नहीं होता। इसके बाद ही गांव वाले माने। प्रशासन एवं चिकित्सकों की इस समझाइश के बाद रविवार को इस गांव का कोई भी व्यक्ति रेबीज रोधी इंजेक्शन लगवाने के लिए नहीं आया। इस बारे में डबरा के सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) प्रदीप शर्मा ने रविवार को बताया कि यह घटना ग्वालियर जिले की डबरा तहसील के चांदपुरा गांव में तीन दिन पहले की है। इस गांव के एक घर में मृत्यु भोज था, जिसमें पूरे गांव के लोग (करीब 700 लोग) भोजन करने पहुंचे थे। शर्मा ने कहा कि इस भोज में जिस दूध के छाछ से रायता बनाया गया था, वह पास के गांव पाली, जो दतिया जिले में है। शर्मा ने बताया कि बाद में खबर आई कि जिस भैंस के दूध का रायता बना है, उसकी व उसके बच्चे की मौत पागल कुत्ते के काटने से हो गई। यह सुनकर ग्रामीण परेशान हो गए और तुरंत सभी लोग डबरा के सिविल अस्पताल पहुंच गए। ये ग्रामीण चिकित्सक से रेबीज रोधी इंजेक्शन लगवाने लगे। करीब 25 लोगों को इंजेक्शन लग गया तब चिकित्सकों ने ग्रामीणों से जानकारी ली, इसके बाद दूघ व भैंस की घटना सामने आईं। शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों को पहले चिकित्सकों ने समझाया। जब वे नहीं माने तो प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ग्वालियर से डबरा आई। सभी ने ग्रामीणों को समझाया कि दूध पीने या रायता पीने से रेबीज नहीं होता। इसके बाद ग्रामीण मान गए।
- बागपत (उप्र) . बागपत जिले के मलकपुर गांव में रविवार को एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार युवक की हत्या करने के बाद हत्यारे शव को पास के ही एक रजवाहे में डालकर फरार हो गए। ग्रामीणें की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) हरीश भदौरिया ने बताया कि मरने वाले युवक की पहचान गांव के विशाल तोमर (25) के रूप में हुई है। युवक के सिर और कमर में कई गोलियां मारी गई हैं। उन्होंने बताया कि हत्या के पीछे गांव की ही पुरानी रंजिश बताई गई है। उधर, कोतवाल मगनवीर सिंह गिल ने बताया कि अभी इस मामले में कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने के बाद ही हत्या के कारण का पता चल सकेगा।-FILE PHOTO
- नयी दिल्ली. चुनाव आयोग (ईसी) के पास इष्टतम जनशक्ति होने की वकालत करते हुए एक संसदीय समिति ने 2024 के लोकसभा चुनावों में आयोग की मदद के लिए क्षेत्रीय आयुक्तों की नियुक्ति पर सरकार और चुनाव आयोग के विचार मांगे हैं। विभिन्न चुनावों में चुनाव आयोग की सहायता के लिए क्षेत्रीय आयुक्तों को नियुक्त करने का संविधान में प्रावधान है। वर्ष 1951 में पहले लोकसभा चुनाव के दौरान, मुम्बई (तब बम्बई) और पटना में छह महीने के लिए क्षेत्रीय आयुक्त नियुक्त किए गए थे। उसके बाद, ऐसी कोई तैनाती नहीं की गयी। केंद्रीय कानून मंत्रालय में विधायी विभाग के लिए अनुदान मांगों (2022-23) पर अपनी रिपोर्ट में, कानून और कार्मिक मामलों पर संसदीय स्थायी समिति ने कहा कि उसने संवैधानिक प्रावधानों और चुनाव आयोग के उस मशविरे का संज्ञान लिया है, जिसमें उसने कहा है कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति द्वारा क्षेत्रीय आयुक्तों को नियुक्त किया जा सकता है। समिति ने कहा कि हालांकि, पहले आम चुनावों के बाद, उनकी (क्षेत्रीय आयुक्तों की) नियुक्ति नहीं की गयी। सुशील मोदी की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा, ‘‘समिति का विचार है कि भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के पास अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इष्टतम अधिकारी होने चाहिएं और तदनुसार, समिति भारत के विधायी विभाग / चुनाव आयोग को वर्ष 2024 में लोकसभा के लिए होने वाले आम चुनावों के वास्ते क्षेत्रीय आयुक्तों की नियुक्ति पर अपने विचार प्रस्तुत करने की सिफारिश करती है।'' चुनाव आयोग से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए विधायी विभाग सरकार की नोडल एजेंसी है। यह रिपोर्ट पिछले सप्ताह बजट सत्र में संसद में पेश की गई थी। संविधान का अनुच्छेद 324 चुनाव आयोग से संबंधित है, और इसका एक प्रावधान क्षेत्रीय आयुक्तों को संदर्भित करता है।
- अमरावती (महाराष्ट्र). अमरावती जिले में रविवार को एक कार के ट्रक से टकरा जाने से एक परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि हादसे में मारे गए लोग एक विवाह समारोह में भाग लेने जा रहे थे। उसने बताया कि नंदगांवपेठ-देवलगांव रिंग रोड पर हुई टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और ट्रक के भी आगे के दो पहिए निकल गए। अंजनगांव सुरजी गांव का रहने वाला यह परिवार एक विवाह समारोह में भाग लेने के लिए वालगांव से होता हुआ नंदगांवपेठ जा रहा था। नंदगांवपेठ पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि जब कार पोटे कॉलेज के पास पहुंची, तो उसके चालक ने एक दोपहिया वाहन से आगे निकलने की कोशिश की, लेकिन उसी समय सामने से तेज गति से आ रहे एक ट्रक से उसकी टक्कर हो गई। इसके बाद ट्रक बिजली के खंभे को तोड़कर सड़क के दूसरी ओर चला गया। अधिकारी ने बताया कि कार में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि निकट ही काम कर रहे कुछ श्रमिक दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और एक जीवित व्यक्ति को कार से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक हादसे के बाद दुर्घटनास्थल से फरार हो गया।
- नयी दिल्ली. शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी स्कूलनेट ने स्कूलों में सेवाओं के विस्तार और ऐप पर ग्राहकों की वृद्धि के जरिये अगले सात वर्षों में 6,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। स्कूलनेट के रणनीति प्रमुख अरिंदम घोष ने कहा कि 25 साल पुरानी कंपनी वर्तमान में लगभग 40,000 स्कूलों को डिजिटल शिक्षण सामग्री और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के साथ डिजिटल कक्षाएं प्रदान कर रही है। कंपनी का दावा है कि कोविड-19 से पहले उसका राजस्व 800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। महामारी से संबंधित प्रतिबंधों के दौरान स्कूलों के बंद होने के कारण उसका राजस्व हालांकि कुछ कम हो गया है। घोष ने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो चालू वित्त वर्ष में उसका एकीकृत राजस्व लगभग 400 से 450 करोड़ रुपये रह सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘कोविड महामारी के समय में कुल राजस्व प्रभावित हुआ लेकिन हमने इस चालू वर्ष में भी लाभ को बनाये रखा है। हम इस लाभ को बनाए रखेंगे। हम अगले पांच से सात साल में 6,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इसके लिए संसाधनों की महत्वपूर्ण वृद्धि की आवश्यकता होगी।'' इसके अलावा कंपनी को उम्मीद है कि उसके शिक्षा प्रौद्योगिकी ऐप पर स्कूलों और खुदरा चैनलों के माध्यम से लगभग दस लाख ग्राहक जुड़ेंगे।
- जयपुर। राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक एसयूवी के पलटने से उसमें सवार दो जनों की मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए। पुलिस के अनुसार सामो की ढाणी इलाके में यह हादसा शनिवार देर रात हुआ, जिसमें एसयूवी एक अज्ञात वाहन से टकराक पलट गई। पुलिस ने बताया कि इसमें सुरेश कुमार व लुंबाराम की मौत हो गई, जबकि घायलों का इलाज चल रहा है। दुर्घटना की जांच की जा रही है।
- नयी दिल्ली. केंद्र सरकार आम आदमी के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा चलाई जा रही अलग-अलग योजनाओं के लिए एक ‘साझा पोर्टल' लाएगी। सरकार इस तरह के पोर्टल को शुरू करने के लिए एक प्रस्ताव पर काम कर रही है। सूत्रों ने बताया कि मोदी सरकार के न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के दृष्टिकोण के तहत अलग-अलग योजनाओं के लिए एक नए पोर्टल में ऋण आधारित 15 सरकारी योजनाओं को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुकूलता के रूप में साझा पोर्टल पर योजनाओं का धीरे-धीरे विस्तार किया जाएगा, क्योंकि कुछ केंद्र प्रायोजित योजनाओं में कई एजेंसियों की भागीदारी है। सूत्रों ने बताया कि उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री आवास योजना और ऋण से जुड़ी पूंजीगत सब्सिडी योजना (सीएलसीएसएस) जैसी योजनाओं का संचालन विभिन्न मंत्रालयों द्वारा किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित पोर्टल में इन योजनाओं को एक मंच पर लाया जाएगा, ताकि लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के उन तक पहुंच उपलब्ध कराई जा सके। सूत्रों ने कहा कि इसका पायलट परीक्षण किया जा रहा है और इस पोर्टल को पेश करने से पहले सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और अन्य ऋणदाता यह परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों और अन्य संस्थानों द्वारा भी इस मंच पर अपनी योजनाओं को शामिल करने की संभावना है।
- केंद्रपाड़ा। ओडिशा में गहिरमाथा के शांत समुद्र तट पर लाखों की संख्या में ओलिव रिडले प्रजाति के कछुए जुटने लगे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कछुओं का यहां अंडे देने के लिए आना उनके सालाना सफर का एक हिस्सा है। कवच के रंग के आधार पर इन कछुओं का यह नाम पड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि तट पर कछुओं का जमावड़ा अपने आप में एक दुर्लभ और प्राकृतिक घटनाक्रम है, जिसका नजारा स्तब्ध करता है। गहिरमाथा समुद्र तट को इन कछुओं का दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञात घोंसला माना जाता है। उन्होंने कहा कि गहिरमाथा के अलावा कछुए सामूहिक घोंसले के लिए रुशिकुल्या और देवी नदी के मुहाने पर भी आते हैं। राजनगर मैंग्रोव (वन्यजीव) संभागीय वन अधिकारी जे. डी. पति ने कहा कि शुक्रवार को करीब 2.45 लाख मादा कछुए रेंगकर समुद्र किनारे गड्ढे खोदने के लिए आये। पति ने कहा कि समुद्र तट पर घोंसला बनाने के लिए आये कछुओं की एक दिन में यह संभवत: सबसे बड़ी संख्या है। इससे पहले इस बात की आशंका थी कि ओलिव रिडले कछुए अपनी वार्षिक यात्रा त्याग सकते हैं, क्योंकि इस बार घोंसले बनाने में लगभग एक पखवाड़े की देरी हुई है। पिछले साल नौ मार्च से 23 मार्च तक 3,49,694 मादा कछुए अंडे देने के लिए तट पर आये। मादाएं अंडे देने के लिए आमतौर पर रात में समुद्र तट पर बने घोंसले में आती हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि एक मादा कछुआ आमतौर पर लगभग 120-150 अंडे देती है और फिर समुद्र में लौट जाती है। इस अंडे से 45-60 दिनों के बाद बच्चा निकलता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार समुद्र में प्रवेश करने वाले कछुओं के 1,000 बच्चों में से केवल एक ही वयस्क होने की उम्र तक पहुंच पाता है। अधिकारियों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के अलावा अंडे का अवैध शिकार, कछुओं को पकड़ना और इंसान द्वारा घोंसले को नष्ट करने समेत कई खतरों से कछुओं को जूझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि घोंसलों की सुरक्षा को वन विभाग प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वन्यजीव कर्मचारी 24 घंटे निगरानी करते हैं, ताकि सियार, लकड़बग्घा और जंगली कुत्तों जैसे शिकारियों को अंडों से दूर रखा जा सके।-file photo
- इडुक्की . केरल के मूलमट्टम में नशे में धुत एक व्यक्ति ने कथित तौर पर देशी बंदूक से भीड़ पर गोलियां चलाईं जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। गोलीबारी में इडुक्की निवासी सनल बाबू (33) की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त प्रदीप घायल हो गया और उसे यहां पास के कोलनचेरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने भीड़ पर गोली चलाने के आरोप में फिलिप मार्टिन (33) को गिरफ्तार कर लिया है। घटना शनिवार की देर रात की है जब आरोपी मार्टिन और उसका दोस्त एक ढाबे में आए और खाना मांगा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘दोनों ने भोजनालय के मालिक को गाली देना शुरू कर दिया क्योंकि भोजन नहीं था। भोजनालय के लोगों ने इसका विरोध किया। गुस्से में, आरोपी मार्टिन पास में स्थित अपने घर गया और बंदूक लेकर वापस आया और हवा में गोलियां चलाईं।'' अधिकारी ने बताया कि हवा में गोलियां दागने के बाद आरोपी मार्टिन कार में सवार हो गया, लेकिन भीड़ जमा होते देख आरोपी वाहन से बाहर आ गया और फिर से गोलियां चलाईं। अधिकारी ने कहा, ‘‘हालांकि, इस बार वहां से गुजर रहे दो लोग इसकी चपेट में आ गए। एक व्यक्ति की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया।'' बाद में रात में पुलिस ने आरोपी मार्टिन को गिरफ्तार कर लिया और मामले में जांच जारी है।-file photo
- भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 मार्च को मध्यप्रदेश के 5.21 लाख हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में ‘गृह-प्रवेश' (डिजिटल माध्यम से) करायेंगे। मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा एक अप्रैल 2016 से देश में शुरू की गई इस योजना के तहत मध्यप्रदेश में अभी तक 24.10 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रोजेक्ट में बैगा, सहरिया एवं भारिया जनजातियों के स्वीकृत आवासों में से 23,000 से अधिक आवास पूर्ण कराये जा चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा। हर व्यक्ति का अपना पक्का मकान होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना में वर्ष 2024 तक हर व्यक्ति को पक्का आवास उपलब्ध करा दिया जायेगा।
- बालासोर (ओडिशा)। भारत ने रविवार को सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल के सेना के संस्करण का ओडिशा के चांदीपुर से परीक्षण किया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने यह जानकारी दी। डीआरडीओ ने कहा कि मिसाइल परीक्षण सुबह 10.30 बजे किए गए। इसने ट्वीट किया,‘‘ एमआरएसएएम-आर्मी मिसाइल तंत्र उड़ान का बालासोर के समेकित परीक्षण रेंज से 10.30 बजे परीक्षण किया गया,जिसने लंबी दूरी वाले हवाई लक्ष्य को बेध दिया। मिसाइल ने लक्ष्य को ध्वस्त कर दिया।’’
- वायनाड (केरल)। अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद वायनाड की जिलाधिकारी ए गीता ने नौकरशाही के अपने कार्यों के साथ ‘कथकली’ के प्रति अपने शौक के बीच तालमेल बनाने का समय निकाला और यहां एक सांस्कृतिक उत्सव में अपनी ‘अरंगेट्टम’ (पहली प्रस्तुति) दी।अपने स्कूली दिनों से नृत्य कर रहीं गीता कई मंचों पर अपनी कला प्रदर्शित कर चुकी हैं। हालांकि, उनके मन में केरल की लोकप्रिय कला ‘कथकली’ सीखने और इसे मंच पर प्रस्तुत करने की इच्छा थी, जिसे उन्होंने शनिवार की रात को पूरा किया।पिछले साल सितंबर में जिलाधिकारी के पद पर तैनात गीता उस वक्त चर्चा में आई थीं जब नवंबर में उन्होंने एक आश्रय गृह में एक जोड़े के विवाह समारोह में शानदार नृत्य किया था। गीता का फिल्म ‘कोच्चू कोचु संथोशंगल’ के गाने ‘घनश्यामा वृंदारण्यम’ पर डांस करने का वीडियो तब सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित हुआ था। गीता ने ‘नालचरितम्’ में दमयन्ती का किरदार निभाया था। कथकली प्रस्तुति में भाग लेने वाले अन्य कलाकारों में सेवानिवृत्त जिला योजना अधिकारी सुभद्रा नायर और मृदा संरक्षण विभाग के अधिकारी राठी सुधीर भी शामिल थे। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में विधायक ओ आर केलू और टी सिद्दीकी भी शामिल थे।
- ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में एकमात्र उपचाराधीन मरीज के रविवार को स्वस्थ हो जाने के बाद राज्य कोरोना वायरस से मुक्त हो गया। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।राज्य निगरानी अधिकारी लोबसांग जम्पा ने बताया कि पूर्वोत्तर के राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 64,484 है, जबकि ठीक होने वालों की संख्या 64,188 है। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटे में कोविड-19 का कोई नया मामला सामने नहीं आया।उन्होंने बताया कि राज्य में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से किसी की मृत्यु नहीं होने से मृतक संख्या 296 बनी हुई है। मरीजों के स्वस्थ होने की दर 99.54 प्रतिशत है। जम्पा ने बताया कि शनिवार को 111 नमूनों सहित अब तक 12.68 लाख से अधिक नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच हुई है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ दिमोंग पाडुंग ने बताया कि राज्य में 16,58,536 से अधिक लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की खुराक दी गई है।
- पणजी। हाल में संपन्न गोवा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 20 सीटें दिलाने वाले तीन बार के विधायक प्रमोद सावंत सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। शपथ ग्रहण समारोह यहां पास के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में सुबह 11 बजे होगा। सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे। स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम में 10,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है और राज्य में शपथ ग्रहण समारोह का प्रसारण विभिन्न समाचार चैनलों के माध्यम से भी किया जाएगा। हालांकि, भाजपा सोमवार को शपथ लेने वाले अन्य कैबिनेट मंत्रियों की संख्या को लेकर अब तक खामोश रही है।यह दूसरी बार होगा जब गोवा के मुख्यमंत्री राजभवन परिसर के बाहर शपथ लेंगे। मनोहर पर्रिकर ने 2012 में राज्य की राजधानी पणजी के कैंपल मैदान में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, उस वक्त भाजपा सदन में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। अधिकारियों ने पहले बताया था कि राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई ने 29 मार्च से नयी विधानसभा का दो दिवसीय सत्र बुलाया है, इस दौरान सावंत को विश्वास मत हासिल करना होगा। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान विधानसभा का नया अध्यक्ष भी चुना जाएगा, जिसमें विधेयकों को पारित करने और लेखानुदान सहित कई विधायी कार्यों को पूरा किए जाने की उम्मीद है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने जहां विधायक अलेक्सो सिकेरा को अध्यक्ष पद के लिए नामित किया है, वहीं भाजपा के रविवार को अपने उम्मीदवार की घोषणा करने की उम्मीद है। हाल में संपन्न राज्य के चुनाव में भाजपा ने 20 सीटों पर जीत हासिल की, जो 40 सदस्यीय सदन में बहुमत से एक कम है। तीन निर्दलीय विधायकों और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के दो विधायकों ने भाजपा को समर्थन दिया है। सावंत (48) उत्तरी गोवा के सांखालिम से विधायक हैं। 2017 में जब मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में भाजपा ने अपनी सरकार बनाई तो उन्हें विधानसभा अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने पर्रिकर के निधन के बाद मार्च 2019 में पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। सावंत पेशे से एक आयुर्वेद चिकित्सक हैं।
- भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 मार्च को मध्यप्रदेश के 5.21 लाख हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में ‘गृह-प्रवेश’ (डिजिटल माध्यम से) करायेंगे।मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा एक अप्रैल 2016 से देश में शुरू की गई इस योजना के तहत मध्यप्रदेश में अभी तक 24.10 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराये जा चुके हैं।उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रोजेक्ट में बैगा, सहरिया एवं भारिया जनजातियों के स्वीकृत आवासों में से 23,000 से अधिक आवास पूर्ण कराये जा चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा। हर व्यक्ति का अपना पक्का मकान होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना में वर्ष 2024 तक हर व्यक्ति को पक्का आवास उपलब्ध करा दिया जायेगा।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 400 बिलियन डॉलर यानी 30 लाख करोड़ रुपये मूल्य के वस्तुओं के निर्यात का लक्ष्य पहली बार हासिल करने और केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों की ऑनलाइन खरीद के पोर्टल ‘गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस’ (जीईएम) से वित्त वर्ष 2021-22 में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के माल एवं सेवाओं की खरीद का उल्लेख करते हुए कहा कि यही तो ‘‘नया भारत’’ है जो न केवल बड़े सपने देखता है बल्कि उस लक्ष्य तक पहुंचने का साहस भी दिखाता है।आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘‘मन की बात’’ की 87वीं कड़ी में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इसी साहस के दम पर सभी भारतीय मिलकर ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’ का सपना भी जरुर पूरा करेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘एक समय में भारत से निर्यात का आंकड़ा कभी 100 बिलियन, कभी डेढ़-सौ बिलियन, कभी 200 सौ बिलियन तक हुआ करता था। अब आज, भारत 400 बिलियन डॉलर यानी 30 लाख करोड़ पर पहुंच गया है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के कोने-कोने से नए-नए उत्पाद विदेश जा रहे हैं। इसक कड़ी में उन्होंने असम के हैलाकांडी के चमड़ों के उत्पाद, उस्मानाबाद के हैंडलूम के उत्पाद, बीजापुर की फल-सब्जियों, चंदौली के काले चावल और त्रिपुरा के कटहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका निर्यात तेजी से बढ़ा है।उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ी बात यह है कि नए-नए उत्पाद नए-नए देशों को भेजे जा रहे हैं। अब आप दूसरे देशों में जाएंगे, तो ‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद पहले की तुलना में कहीं ज्यादा नज़र आएंगे।’’उन्होंने कहा कि विदेशों में निर्यात किए जा रहे उत्पादों की सूची बहुत लंबी है और जितनी लम्बी यह सूची है, उतनी ही बड़ी ‘‘मेक इन इंडिया’’ की ताकत है और उतना ही विराट भारत का सामर्थ्य है।उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लोगों का ये सामर्थ्य अब दुनिया के कोने-कोने में, नए बाजारों में पहुंच रहा है।’’प्रधानमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बनाने और भारतीय उत्पादों की प्रतिष्ठा बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि जब एक-एक भारतवासी ‘लोकल के लिए वोकल’ (स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने वाला) होता है, तब स्थानीय उत्पादों को वैश्विक होते देर नहीं लगती है।उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में जीईएम पोर्टल के जरिए सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की चीजें खरीदी हैं और देश के कोने-कोने से करीब-करीब सवा-लाख लघु उद्यमियों और छोटे दुकानदारों ने अपना सामान सरकार को सीधे बेचा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक ज़माना था जब बड़ी कम्पनियां ही सरकार को सामान बेच पाती थीं लेकिन अब देश बदल रहा है और पुरानी व्यवस्थाएं भी बदल रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब छोटे से छोटा दुकानदार भी जीईएम पोर्टल पर सरकार को अपना सामान बेच सकता है। यही तो नया भारत है। ये न केवल बड़े सपने देखता है बल्कि उस लक्ष्य तक पहुंचने का साहस भी दिखाता है, जहां पहले कोई नहीं पहुंचा हो। इसी साहस के दम पर हम सभी भारतीय मिलकर आत्मनिर्भर भारत का सपना भी जरुर पूरा करेंगें।’’
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भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को हवाई जहाज से तीर्थ यात्रा पर ले जाने पर विचार कर रही है। एक वरिष्ठ मंत्री ने शनिवार को यह जानकारी दी। राजधानी भोपाल से लगभग 210 किलोमीटर दूर नर्मदापुरम जिले में राज्य के एक मात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश कैबिनेट के दो दिवसीय चिंतन शिविर के पहले दिन इस मुद्दे पर चर्चा हुई। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को पचमढ़ी में पत्रकारों से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना (वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना) अप्रैल में नए सिरे से शुरु होगी। इस दौरान चार ट्रेनों का संचालन होगा। पहली ट्रेन में मुख्यमंत्री और सभी मंत्री काशी विश्वनाथ में पूजा-अर्चना करने और गंगा में डुबकी लगाने जाएंगे।'' उन्होंने बताया, ‘‘छोटे समूहों के लिए बस और ट्रेनों के माध्यम से इस तरह की तीर्थ यात्रा आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ नागरिकों को हवाई मार्ग से दूरस्थ तीर्थ केंद्रों तक ले जाने पर भी मंथन किया गया।'' इस संबंध में पूछे जाने पर मिश्रा ने कहा कि कैबिनेट में इस बात पर सहमति बनी है कि वरिष्ठ नागरिकों को दूर-दराज के तीर्थ स्थलों पर ले जाने के लिए उन्हें हवाई यात्रा करवाई जाएगी। इस योजना के तहत अब तक तीर्थ स्थलों के लिए ट्रेन चलाई जाती है।
मिश्रा के मुताबिक, कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी से जुड़ी योजना) पर भी चर्चा की, जिसे वर्तमान में दो विभागों द्वारा लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बात पर भी चर्चा हुई कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना को अब एक ही विभाग चलाए और इसके तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाई जाए। मिश्रा के अनुसार, बैठक में उचित मूल्य की दुकानों को अन्य वस्तुओं की दुकान बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि इसमें राशन की आपूर्ति में शामिल वाहनों में जीपीएस लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। -
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि उसने गैर सरकारी संगठनों, निजी विद्यालयों और राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में 21 नए सैनिक स्कूल की स्थापना को मंजूरी दे दी है। नए स्कूल ‘‘साझेदारी मोड'' में देश भर में 100 नए सैनिक स्कूल को शुरू करने की सरकार की घोषणा के अनुरूप स्थापित किए जाएंगे। मंत्रालय ने कहा, ‘‘रक्षा मंत्रालय ने गैर सरकारी संगठनों, निजी विद्यालयों, राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में 21 नए सैनिक स्कूल की स्थापना को मंजूरी दी है।'' एक बयान में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 100 नए सैनिक स्कूल की स्थापना के दृष्टिकोण का उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और उन्हें सशस्त्र बलों में शामिल होने सहित करियर के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।'' बयान में कहा गया कि इनमें से 17 स्कूल ब्राउनफील्ड संचालित स्कूल हैं और 4 ग्रीनफील्ड स्कूल हैं जो शीघ्र ही काम काज शुरू करने वाले हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘जहां गैर सरकारी संगठनों, ट्रस्ट, सोसाइटी के पास 12 अनुमोदित नए स्कूल की हिस्सेदारी है, 6 निजी स्कूल और 3 राज्य सरकार के स्वामित्व वाले स्कूल ने ऐसे अनुमोदित नए सैनिक स्कूलों की सूची में जगह पायी हैं।'' बयान में कहा गया, ‘‘मौजूदा सैनिक स्कूल के विपरीत, जो विशुद्ध रूप से आवासीय प्रकृति के हैं, 7 नए सैनिक स्कूल डे स्कूल हैं और ऐसे 14 नए अनुमोदित स्कूल में आवासीय व्यवस्था है।'' मंत्रालय ने कहा कि ये नए सैनिक स्कूल, संबंधित शिक्षा बोर्डों से संबद्धता के अतिरिक्त, सैनिक स्कूल सोसायटी के तत्वावधान में कार्य करेंगे और सोसायटी द्वारा निर्धारित साझेदारी मोड में नए सैनिक स्कूल के लिए नियमों और विनियमों का पालन करेंगे। इन स्कूल में नए सैनिक स्कूल पैटर्न में प्रवेश कक्षा छह से होगा। मंत्रालय ने कहा कि छठी कक्षा में कम से कम 40 प्रतिशत प्रवेश उन उम्मीदवारों का होगा जिन्होंने ई-काउंसलिंग के माध्यम से अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है। मंजूर नए सैनिक स्कूल के लिए शैक्षणिक सत्र मई 2022 के पहले सप्ताह में आरंभ होने की संभावना है।
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने कोविड-19 महामारी से उबरने के हालात के बीच समाज के कमजोर तबके को सहायता प्रदान करना जारी रखने के मकसद से शनिवार को गरीबों को पांच किलो मुफ्त खाद्यान्न प्रदान करने की योजनावधि को अगले छह माह यानी 30 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। इससे राजकोष पर लगभग 80,000 करोड़ रुपये का भार आने की संभावना है। भारत में दो साल पहले सख्त लॉकडाउन लागू किये जाने के बाद शुरू हुई यह योजना कुछ दिन बाद 31 मार्च को ही समाप्त होने वाली थी। पिछले दो वर्षों में, इस योजना के तहत पहले ही लगभग 2.6 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और छह महीने के विस्तार के साथ इस पर 80,000 करोड़ रुपये का खर्च और आएगा। मार्च 2020 में, केंद्र ने कोविड महामारी के दौरान लोगों की मुश्किलों को कम करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के दायरे में आने वाले 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो खाद्यान्न मुफ्त प्रदान करने के लिए - प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) योजना शुरू की थी। एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘‘समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के प्रति चिंता और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम-जीकेएवाई योजना को, अगले और छह महीने यानी सितंबर 2022 तक बढ़ा दिया है।'' यह इस योजना का छठा चरण होगा। पीएम-जीकेएवाई योजना का पांचवां चरण मार्च 2022 में खत्म होने वाला था।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘‘सरकार ने अब तक लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं और अगले छह महीनों में सितंबर 2022 तक 80,000 करोड़ रुपये और खर्च किए जाएंगे, जिससे पीएम-जीकेएवाई के तहत कुल खर्च लगभग 3.40 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा।'' खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया कि योजना की अवधि बढ़ाने का फैसला गरीबों के प्रति मोदी सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। अतिरिक्त मुफ्त अनाज, एनएफएसए के तहत प्रदान किए जाने वाले 2-3 रुपये प्रति किलोग्राम की अत्यधिक रियायती दर पर दिये जाने वाले सामान्य राशन कोटे से अतिरिक्त है। बयान में कहा गया है, ‘‘भले ही कोविड-19 महामारी काफी हद तक समाप्त हो गई है और आर्थिक गतिविधियां रफ्तार पकड़ रही हैं, लेकिन पीएम-जीकेएवाई योजना का विस्तार यह सुनिश्चित करेगा कि स्थिति सुधार के दौर में कोई भी गरीब परिवार बिना भोजन के बिस्तर पर न जाए।'' सरकार ने पांचवें चरण तक पीएम-जीकेएवाई के तहत लगभग 759 लाख टन मुफ्त खाद्यान्न आवंटित किया था।
बयान में कहा गया है, ‘‘इस विस्तार (छठा चरण) के तहत 244 लाख टन मुफ्त खाद्यान्न के साथ, पीएम-जीकेएवाई के तहत मुफ्त खाद्यान्न का कुल आवंटन अब तक 1,003 लाख टन खाद्यान्न हो गया है।'' देश भर में लगभग 5 लाख राशन की दुकानों से 'वन नेशन वन राशन कार्ड' (ओएनओआरसी) योजना के तहत किसी भी प्रवासी श्रमिक या लाभार्थी द्वारा पोर्टेबिलिटी के माध्यम से मुफ्त राशन का लाभ उठाया जा सकता है। अब तक, घर से दूर रहने वाले 61 करोड़ से अधिक पोर्टेबिलिटी लेनदेन ने लाभार्थियों को लाभान्वित किया है। खाद्य मंत्रालय ने कहा, “यह सरकार द्वारा सदी की सबसे खराब महामारी के बावजूद अब तक की सबसे अधिक खरीद तथा किसानों को अब तक किये गये सबसे अधिक भुगतान के साथ के कारण संभव हुआ है।” बयान में कहा गया कि कृषि क्षेत्रों में इस रिकॉर्ड उत्पादन के लिए भारतीय किसान - 'अन्नदाता' बधाई के पात्र हैं। शुरुआत में सरकार ने इस योजना के तहत एक किलो दाल भी बांटी थी लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया।

















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