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नई दिल्ली। एम्स में आने वाले मिर्गी के मरीजों को लेकर राहत भरी खबर है। अब उन मरीजों को थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच के लिए बाहर नहीं भागना पड़ेगा और उन्हें यह सुविधा बिलकुल मुफ्त मिलेगी। एम्स प्रशासन ने इस निशुल्क सुविधा को शुरू करने का फैसला किया है ताकि मिर्गी के मरीज अपने दवाओं के स्तर की जांच अस्पताल में ही करवा सकें और उन्हें कोई अतिरिक्त खर्च न करना पड़े।
एम्स ने सभी विभागों और केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि मरीजों के ब्लड सैंपल को नामित प्रयोगशालाओं में भेजा जाए। इसके तहत मिर्गी में इस्तेमाल होने वाली दवाओं फेनोबार्बिटल, कार्बामाजेपाइन, वैल्प्रोइक एसिड और फिनाइटोइन की जांच की जाएगी।थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच का मतलब है कि ब्लड में दवाओं की मात्रा मापी जाती है। इससे यह पता चलता है कि मरीज को दवा की सही मात्रा मिल रही है या नहीं। अगर खुराक सही नहीं है तो डॉक्टर उसे सुधार सकते हैं। साथ ही यह भी देखा जाता है कि दवा से कोई विषाक्तता तो नहीं हो रही। मिर्गी के मरीजों को कई दवाएं दी जाती हैं और इनमें से कुछ दवाओं के सही स्तर की निगरानी बेहद जरूरी होती है।एम्स ने कहा है कि इस जांच की सुविधा ओपीडी और अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों दोनों के लिए उपलब्ध होगी। दिल्ली में ओपीडी मरीज कलेक्शन सेंटर, रूम नंबर 3 में सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर एक बजे तक जांच करवा सकते हैं। वहीं, झज्जर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान/एम्स में भी यह सुविधा मिलेगी।इस पहल से मरीजों को पहले की तरह बाहर जाकर जांच करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब तक मिर्गी के मरीजों को अलग-अलग दवाओं की थेराप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच के लिए लगभग 390 से लेकर 1880 रुपए तक खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब एम्स में यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध होगी, जिससे मरीजों का आर्थिक और समय दोनों का बोझ कम होगा - गोरखपुर ।. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रमुख पंकज चौधरी ने अपनी पार्टी को ‘सर्व समाज' की पार्टी बताते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को परिवारवाद से प्रेरित दल करार दिया। प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री चौधरी सोमवार को पहली बार अपने गृह नगर पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने भारी उत्साह और जोश के साथ उनका स्वागत किया। यहां हवाई अड्डे पर चौधरी का जोरदार स्वागत हुआ, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले के साथ नृत्य किया। खुली गाड़ी में खड़े होकर चौधरी ने समर्थकों का अभिवादन किया और फिर मोहद्दीपुर गुरुद्वारे के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने सांसद रवि किशन के साथ मत्था टेका। इसके बाद काफिला गोरखपुर विश्वविद्यालय पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनका अभिनंदन किया। चौधरी ने बाद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय का भी दौरा किया, जहां कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया। एक सभा को संबोधित करते हुए महराजगंज लोकसभा क्षेत्र से सातवीं बार के सांसद चौधरी ने कहा कि भाजपा की ताकत जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने में निहित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह पार्टी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे। चौधरी ने भाजपा को 'सर्व समाज' की पार्टी बताते हुए सपा और कांग्रेस पर परिवारवाद से प्रेरित पार्टियां होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पूरे साल सक्रिय रहते हैं, न कि सिर्फ चुनाव के दौरान।बाद में उन्होंने गोरखनाथ मंदिर जाकर प्रार्थना की। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जहां एक कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष तक पहुंच सकता है।
- लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में सोमवार को एक अनाज मंडी के पास सशस्त्र हमलावरों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। जगरांव के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकुर गुप्ता ने बताया कि मानुके गांव निवासी 32 वर्षीय गगनदीप सिंह को बेहद करीब से गोली मारी गई थी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह घटना दो गुटों के बीच पुरानी दुश्मनी का नतीजा है, जिनके बीच पहले भी झड़पें हो चुकी हैं। इस घटना के संबंध में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और अब तक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
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नयी दिल्ली।कई प्रमुख हिंदू संतों ने महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर के पहले विध्वंस की 1,000वीं बरसी पर लिखे गए ब्लॉग पोस्ट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोमवार को सराहना की और कहा कि जब तक वह सत्ता में हैं, भारत के साथ-साथ सनातन सभ्यता व संस्कृति भी फलती-फूलती रहेगी और संरक्षित रहेगी। ‘एक्स' पर अलग-अलग पोस्ट और वीडियो संदेशों में, उन्होंने देश के विभिन्न मंदिरों के संरक्षण और जीर्णोद्धार में मोदी के योगदान को स्वीकार किया और उनके दीर्घायु होने तथा अधिक सशक्त होने की कामना की ताकि वे एक विकसित और समृद्ध भारत बनाने के अपने संकल्प को पूरा कर सकें। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सोमनाथ मंदिर को विदेशी आक्रमणकारियों के कई हमलों का सामना करना पड़ा और स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल और अन्य लोगों के प्रयासों से इसका पुनर्निर्माण किया गया, जो सनातन सभ्यता और संस्कृति की शक्ति का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर की प्रशंसा करते हुए कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों के बार-बार हमलों के बाद इसका पुनर्निर्माण किया गया था और यह भारतीय सभ्यता की अदम्य भावना का प्रतीक है। मोदी के ब्लॉगपोस्ट की सराहना करते हुए, जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “माननीय प्रधानमंत्री जी, आपका लेख हमें याद दिलाता है कि सोमनाथ केवल एक तीर्थ स्थल नहीं बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है।” उन्होंने कहा, “आपका (प्रधानमंत्री मोदी का) लेख आने वाली पीढ़ियों में ऐतिहासिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को जगाने का एक शक्तिशाली माध्यम साबित होगा।” जूना अखाड़ा के प्रवक्ता स्वामी नारायण गिरि ने देश के विभिन्न मंदिरों के संरक्षण और रखरखाव में मोदी के योगदान की सराहना की, जिसमें अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और काशी विश्वनाथ पुनर्विकास परियोजना आदि शामिल हैं। स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा, “निःसंदेह, सनातन धर्म की आत्मा नरेन्द्र मोदी में बसती है। जब तक नरेन्द्र मोदी हैं, हमारा देश पूरी तरह सुरक्षित है। मैं उनके दीर्घायु और सशक्त होने की कामना करता हूं ताकि वे भारत को, एक सनातन राष्ट्र को, और भी मजबूत बना सकें। उनके नेतृत्व में भारत निश्चित रूप से गौरवशाली, समृद्ध और विकसित देश बनेगा।” उन्होंने मोदी को स्वामी विवेकानंद का “अवतार” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उनके आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं। उत्तराखंड में परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती; अयोध्या में सरयू आरती के प्रमुख महंत शशिकांत दास; अयोध्या में हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास; बागेश्वर धाम के स्वामी धीरेंद्र शास्त्री और स्वामी दीपांकर उन अन्य संतों में शामिल रहे जिन्होंने मोदी के ब्लॉगपोस्ट की सराहना की और उनके योगदान को सराहा। मोदी के लिखे लेख को ‘एक्स' पर साझा करते हुए आध्यात्मिक गुरु श्री एम ने कहा, “मैं मोदीजी के विचारों से सहमत हूं।” उन्होंने आगे कहा, “सोमनाथ का ज्योतिर्लिंग दिव्य प्रकाश से बना है और इसे कोई नष्ट नहीं कर सकता। लगभग 1000 साल पहले, महमूद गजनी ने सोमनाथ को तोड़ कर तबाह कर दिया था, जिस दिन को हम आज पीड़ा के साथ याद करते हैं।”
- नयी दिल्ली।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को यहां "खुतबात-ए-मोदी: लाल किला की फसील से" पुस्तक का विमोचन किया, जो 2014 से 2025 के बीच लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए स्वतंत्रता दिवस संबोधनों का उर्दू संकलन है। यह पुस्तक राष्ट्रीय उर्दू भाषा संवर्धन परिषद (एनसीपीयूएल) द्वारा प्रकाशित की गई है, जो शिक्षा मंत्रालय के तहत एक राष्ट्रीय संस्था है और देश भर में उर्दू भाषा को बढ़ावा देने, संरक्षित करने और प्रचारित करने का काम करती है। विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान ने इसे भाषाई समावेश की दिशा में एक सार्थक कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन में अंत्योदय (अंतिम व्यक्ति का उत्थान), गरीबों का कल्याण, स्वच्छ भारत, राष्ट्रीय एकता और 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं जैसी पहलों पर जोर दिया गया है, जो नए भारत के दृष्टिकोण को दर्शाता है। शिक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एनसीपीयूएल को उर्दू में भारत की विरासत, संस्कृति, जीवन शैली और ज्ञान परंपराओं से संबंधित कार्यों को प्रकाशित करने की जिम्मेदारी सक्रिय रूप से निभानी चाहिए।
- नयी दिल्ली। भारत ने अपने नागरिकों से सोमवार को आग्रह किया है कि वे विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित ईरान की गैर जरूरी यात्राओं से बचें। खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को लेकर ईरान में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिससे देश बुरी तरह प्रभावित है। नयी दिल्ली ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को भी उचित सावधानी बरतने और विरोध प्रदर्शन या धरने वाले क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, ‘‘हाल के घटनाक्रम को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।'' विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों और पीआईओ (भारतीय मूल के व्यक्तियों) को उचित सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए और समाचारों के साथ-साथ तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट तथा सोशल मीडिया पर भी बारीकी से नजर रखनी चाहिए।'' विदेश मंत्रालय ने ईरान में निवास वीजा पर रह रहे भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि अगर उन्होंने दूतावास में पहले से पंजीकरण नहीं करवाया है तो वे अब इस काम को पूरा कर लें। बिगड़ती आर्थिक स्थिति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगभग नौ दिन पहले तेहरान में शुरू हुए थे।अब तक 31 में से लगभग 25 प्रांतों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं जिनमें 10 से अधिक लोग मारे गए हैं।अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी मुद्रा, रियाल के मूल्य में आई भारी गिरावट के कारण विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। पिछले सप्ताह, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने के खिलाफ चेतावनी दी थी। ट्रंप ने रविवार रात कहा कि अगर और प्रदर्शनकारियों की मौत हुई तो ईरान को ‘बहुत भारी नुकसान' उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं। अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू कर देते हैं, तो मुझे लगता है कि अमेरिका की तरफ से उन्हें कड़ी सजा मिलेगी।'' पिछले साल जून में अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
- नयी दिल्ली.। व्यापार, निवेश तथा रक्षा एवं सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के लिए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ अगले सप्ताह दो दिवसीय भारत यात्रा पर आएंगे। विदेश मंत्रालय ने मर्ज़ की भारत की पहली यात्रा की घोषणा करते हुए सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 जनवरी को अहमदाबाद में जर्मन नेता का स्वागत करेंगे। जर्मन चांसलर बेंगलुरु की यात्रा भी करेंगे।मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह यात्रा उच्च राजनीतिक स्तर पर नियमित बातचीत से उत्पन्न गति को और आगे बढ़ाएगी।'' इसने कहा, ‘‘यह भारत और जर्मनी के साझा दृष्टिकोण की पुष्टि करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगी, ताकि दोनों देशों के लोगों और व्यापक वैश्विक समुदाय के लाभ के लिए एक दूरदर्शी साझेदारी का निर्माण किया जा सके।''
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मथुरा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को हिंदू एकता और समरसता का मंत्र दिया और नागरिक कर्तव्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 'पंच परिवर्तन' के सूत्र दोहराये। वृन्दावन में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक के अवसर पर प्रारम्भिक बातचीत में संघ प्रमुख ने हिन्दू समाज के बिखराव को रोकने तथा एकजुटता के लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रयास करने का संकल्प याद दिलाया। संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी की इस राष्ट्रीय बैठक में भाग लेने के लिए भागवत रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वृन्दावन स्थित केशवधाम पहुंच गए। केशवधाम में उनका एक सप्ताह का प्रवास है। आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा कि भागवत ने संघ की स्थापना के सौ साल पूर्ण होने पर गत वर्ष विजयादशमी के अवसर पर तय किए गए आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन (परिवार संस्कार), पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 'पंच परिवर्तन' के सूत्र को दोहराया। उन्होंने बताया कि संघ प्रमुख अपने प्रवास के दौरान वृन्दावन में निर्माणाधीन विश्व के सर्वाधिक ऊंचे (700 फुट) 'वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर' के दर्शन करेंगे और दोपहर में यमुना किनारे केशी घाट के निकट परिक्रमा मार्ग में स्थित सुदामा कुटी के संस्थापक संत सुदामा दास के वृन्दावन आगमन के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोह की शुरुआत करेंगे। सुदामा कुटी आश्रम के व्यवस्थापकों के अनुसार इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आमंत्रित हैं।
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गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि असम के रास्ते भारत में अवैध रूप से दाखिल होने की कोशिश कर रहे 13 विदेशी नागरिकों को पकड़कर वापस उनके देश भेज दिया गया। हालांकि, हिमंत ने इन लोगों के मूल देश या उनकी जातीयता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “हम सभी अवैध प्रवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, उनके अपने वतन में रहने के अधिकार को और उन्हें वापस भेजे जाने के अधिकार को। उनके अधिकारों का सम्मान करते हुए हमने 13 प्रवासियों को सीमा के दूसरी ओर वापस भेज दिया।” असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सालमारा-मनकाचर जिले बांग्लादेश के साथ 267.5 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। श्रीभूमि के सुतारकंडी में एक एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) है।
पूर्वोत्तर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कुल तीन एकीकृत जांच चौकियां हैं, जिनमें से अन्य दो मेघालय के डाउकी और त्रिपुरा के अखौरा में स्थित हैं। इस क्षेत्र में एक और आईसीपी असम के दर्रांगा में भारत-भूटान सीमा के पास स्थित है।
असम पुलिस ने पहले कहा था कि राज्य पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पिछले साल पड़ोसी देश बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद कानून के अनुसार गैर-भारतीयों के बांग्लादेश से देश में प्रवेश करने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। हालांकि, उसने कहा था कि सभी भारतीय पासपोर्ट धारकों को राज्य के सभी प्रवेश बिंदुओं के रास्ते संकटग्रस्त बांग्लादेश से लौटने की अनुमति दी जाएगी। -
बुलंदशहर. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक व्यक्ति ने कार खरीदने के बहाने ‘टेस्ट ड्राइव' ली और विक्रेता को चकमा देकर वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि खुर्जा नगर निवासी पुनीत ने शिकायत दर्ज कराई है कि एक व्यक्ति खरीदार बनकर आया और रविवार को उसकी कार लेकर भाग गया। पुनीत ने अपनी मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया था। अधिकारी ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए खुर्जा नगर थाने की तीन टीमें गठित की गई हैं। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने पुनीत को बगल वाली सीट पर बिठाकर कार की ‘टेस्ट ड्राइव' ली और इसके बाद उसने पुनीत से कार का बोनट खोलने को कहा और जैसे ही वह नीचे उतरा, आरोपी कार लेकर रफूचक्कर हो गया।
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नयी दिल्ली/ उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को कहा कि सशस्त्र बलों ने पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत को गौरवान्वित किया। दिल्ली छावनी में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में अपने संबोधन में राधाकृष्णन ने कहा कि सैन्य बलों ने सैन्य कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए दुनिया के सामने देश के संकल्प और दृढ़ता का प्रदर्शन किया। उन्होंने अभियान के दौरान एनसीसी के “प्रशंसनीय योगदान” की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान एनसीसी ने सराहनीय योगदान दिया, जब लगभग 72,000 एनसीसी कैडेट नागरिक सुरक्षा उपायों के लिए स्वेच्छा से सेवाएं देकर ‘एनसीसी योद्धा' बन गए।” अधिकारियों के अनुसार, इन कैडेट ने आपातकालीन अभ्यास, रक्तदान शिविरों और नागरिक सुरक्षा से संबंधित अन्य गतिविधियों में सहायता की। भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पहलगाम हमले के जवाब में सात मई, 2025 की सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर' चलाया गया, जिसमें कम से कम 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया। पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। उपराष्ट्रपति ने कहा, “पिछले साल, हमारी सशस्त्र सेनाओं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' को सफलतापूर्वक अंजाम देकर दुनिया में भारत के दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन कर देश को गौरवान्वित किया।” उन्होंने कहा, “‘ऑपरेशन सिंदूर' भारतीय सशस्त्र बलों की राष्ट्र के सम्मान, संप्रभुता और उसके नागरिकों की रक्षा करने की अटूट प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली प्रतीक था।” उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सोमवार को एनसीसी के गणतंत्र दिवस शिविर का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया, जिसका समापन 28 जनवरी को प्रधानमंत्री की रैली के साथ होगा। देश भर से कुल 2,406 एनसीसी कैडेट, जिनमें 898 लड़कियां शामिल हैं, लगभग एक महीने तक चलने वाले इस शिविर में भाग ले रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कैडेटों को “केवल गणतंत्र दिवस शिविर में भाग लेने वाला नहीं, बल्कि एक नए भारत का राजदूत” बताया, जो 2047 तक एक ‘आत्मनिर्भर' और मजबूत भारत, एक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे। उपराष्ट्रपति ने कहा, “आप में से प्रत्येक में मुझे एक विकसित भारत की मजबूत नींव दिखाई देती है, एक विकसित, समावेशी और आत्मविश्वासी देश की नींव दिखाई देती है।” उन्होंने कहा, “आज के तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में, भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो साहसी होने के साथ-साथ सहृदय भी हों, तकनीकी रूप से कुशल होने के साथ-साथ अच्छे मूल्यों में दृढ़ हों, चुनौतियों का सामना दृढ़ता से करें और अवसरों का आत्मविश्वास के साथ फायदा उठाएं।” उन्होंने एनसीसी कैडेटों से कहा कि राष्ट्र की सेवा करने की उनकी एकता और अनुशासन की भावना नागरिकों के बीच बहुत आशा और आत्मविश्वास जगाती है। अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने एनसीसी की प्रशंसा करते हुए कहा कि अपने “अथक अभियानों और पहलों” के माध्यम से एनसीसी एक बार फिर युवा विकास और राष्ट्र की प्रगति के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर को भारत के युवाओं में विश्वास और एक मजबूत एवं एकजुट राष्ट्र के निर्माण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रतीक बताया। एनसीसी के आदर्श वाक्य 'एकता और अनुशासन' पर प्रकाश डालते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह संगठन आत्मविश्वास से भरे और मूल्यों से प्रेरित युवाओं को आकार देना जारी रखता है, जो विकसित भारत की परिकल्पना की रीढ़ हैं। उपराष्ट्रपति ने एनसीसी प्रशिक्षण के आधुनिकीकरण का स्वागत किया, जिसमें साइबर और ड्रोन प्रशिक्षण की शुरुआत और रिमोट पायलट प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल युवाओं को उभरती तकनीकी और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगी। इससे पहले, शिविर में पहुंचने पर उपराष्ट्रपति को एनसीसी कैडेटों द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया था। उपराष्ट्रपति ने ‘एनसीसी हॉल ऑफ फेम' का भी दौरा किया। इस अवसर पर एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। -
विजयवाड़ा/ मॉरीशस के राष्ट्रपति धर्मबीर गोखुल ने सोमवार को इंद्रकीलाद्री के कनक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की। सरकारी अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
मंदिर प्रबंधन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखुल ने सोमवार की सुबह कनक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की।" मंदिर के पुजारियों और वैदिक विद्वानों ने गोखुल को 'पूर्णकुंभ स्वागतम' के साथ मंदिर में प्रवेश कराया, जो एक पारंपरिक औपचारिक स्वागत समारोह है। दर्शन के बाद, देवस्थानम के वैदिक विद्वानों ने राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को आशीर्वाद दिया। बाद में, अधिकारियों ने उन्हें देवी का चित्र और प्रसाद भेंट किया। - नयी दिल्ली. ‘इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी' (आईपीएस) ने भारत में मानसिक स्वास्थ्य उपचार अंतराल के लगातार बहुत अधिक बने रहने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि मनोरोग से पीड़ित लगभग 80-85 प्रतिशत लोगों को समय पर या उचित देखभाल नहीं मिल पाती है। इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के 77वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन (एएनसीआईपीएस 2026) के पूर्व एक कार्यक्रम के दौरान यह तथ्य उजागर किया। यह सम्मेलन 28 से 31 जनवरी तक दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित किया जाएगा। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि उपचार में प्रगति और बढ़ती जागरूकता के बावजूद, मानसिक बीमारी से पीड़ित अधिकांश लोग औपचारिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली से बाहर रह जाते हैं। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएमएचएस) के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में उपचार अंतराल सबसे व्यापक अंतरालों में से एक है, जहां सामान्य मानसिक विकारों से पीड़ित 85 प्रतिशत से अधिक लोग उपचार नहीं करवा रहे हैं या उपचार प्राप्त नहीं कर रहे हैं। वैश्विक संदर्भ में, मानसिक बीमारी से पीड़ित 70 प्रतिशत से अधिक लोगों को प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवरों से देखभाल नहीं मिल पाती है, और कम आय वाले कई देशों में जरूरतमंद लोगों में से 10 प्रतिशत से भी कम लोग वास्तव में आवश्यक उपचार प्राप्त कर पाते हैं। भारत, अपनी विशाल जनसंख्या और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सीमित अवसंरचना के कारण इस चुनौती के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बना हुआ है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईपीएस की अध्यक्ष डॉ. सविता मल्होत्रा ने इस बात पर जोर दिया कि मानसिक रोग की यदि शीघ्र पहचान और उचित प्रबंधन हो तो इसका आसानी से उपचार हो सकता है।। उन्होंने कहा, ‘‘मानसिक स्वास्थ्य विकार का आसानी से उपचार हो सकता है फिर भी भारत में अधिकांश मरीज चुपचाप पीड़ा सहते रहते हैं। 80 प्रतिशत से अधिक लोगों को समय पर मनोरोग संबंधी देखभाल न मिलना, लांछन, जागरूकता की कमी और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के अपर्याप्त एकीकरण को दर्शाता है।'' इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्राप्त करने में लंबी देरी के पीछे कई परस्पर जुड़े कारणों को रेखांकित किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष और मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान(इहबास) के पूर्व निदेशक डॉ. निमेष जी. देसाई ने उपचार में देरी या उसके अभाव के गंभीर परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब मनोरोग संबंधी देखभाल में देरी होती है तो बीमारी अक्सर अधिक गंभीर और दीर्घकालिक हो जाती है, जिससे अधिक परेशानी, पारिवारिक संकट, उत्पादकता में कमी और आत्मविश्वास खोना और आत्महत्या का खतरा काफी बढ़ जाता है। देसाई ने कहा, ‘‘मानसिक स्वास्थ्य को भी शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही गंभीरता और तत्परता से संबोधित किया जाना चाहिए। सामुदायिक सेवाओं को मजबूत करना, प्राथमिक देखभाल डॉक्टरों को प्रशिक्षित करना और रेफरल प्रणालियों में सुधार करना इस अस्वीकार्य उपचार अंतर को पाटने के लिए आवश्यक कदम हैं।
- नागपुर/नागपुर में माता-पिता द्वारा अपने 12 वर्षीय बेटे को दो माह तक घर के भीतर जंजीरों से बांधे रखने का मामला सामने आया है, हालांकि पुलिस ने उसे मुक्त करा लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले माता-पिता ने दावा किया कि लड़के में व्यवहार संबंधी समस्याएं थीं और वे उसे नियंत्रित करने का कोई तरीका नहीं जानते थे, इस कारण उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर ‘चाइल्ड हेल्पलाइन' नंबर शिकायत मिलने के बाद लड़के को मुक्त कराया गया। उन्होंने कहा, ‘‘लड़के के हाथ-पैर जंजीरों और रस्सियों से बंधे हुए थे। वह एक प्लास्टिक की बाल्टी पर खड़ा था और हिल-डुल भी नहीं पा रहा था।'' पुलिस के मुताबिक, माता-पिता सुबह करीब नौ बजे काम पर जाने से पहले लड़के को बांध देते थे और लौटने तक उसे घर में बंद रखते थे। अधिकारी ने बताया, ‘‘उसके हाथों और पैरों पर लगी चोटें दो से तीन महीने पुरानी प्रतीत हो रही थीं, जिससे स्पष्ट है कि बच्चे ने लगातार शारीरिक प्रताड़ना झेली है।'' उन्होंने बताया कि लड़का बेहद कमजोर, डरा हुआ और मानसिक रूप से परेशान दिखाई दे रहा था। माता-पिता ने पुलिस को बताया कि वह छोटी-मोटी चोरियां करता था, खासकर मोबाइल फोन की। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘माता-पिता ने दावा किया कि वे बेबस थे और उसके व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि, यह बाल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।'' उन्होंने बताया कि अजनी थाना को पहले भी बच्चे के व्यवहार के संबंध में जानकारी मिली थी, लेकिन माता-पिता ने किसी भी बाल कल्याण प्राधिकरण से मदद नहीं ली और उसकी पढ़ाई भी बंद करवा दी। लड़के के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार की शिकायत मिलने के बाद जिला बाल संरक्षण इकाई ने पुलिस के साथ मिलकर उसे मुक्त कराया और एक बाल गृह में भर्ती कराया, जहां लड़के को उपचार और परामर्श मुहैया कराया जा रहा है। अजनी थाने के वरिष्ठ निरीक्षक नितिन राजकुमार ने कहा, ‘‘शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले को किशोर न्याय अधिनियम के तहत अग्रिम कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति को भेजा जा रहा है।'
- मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक चांदी कारोबारी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग व्यापारी का शव घर में खून से लथपथ मिला और उनकी कनपटी पर गोली मारी गई थी। घर की सारी अलमारी खुली हुई थी और सामान अस्त-व्यस्त था। इस बात की आशंका है कि यह वारदात लूट के इरादे से की गई। पुलिस अधीक्षक (नगर) राजीव कुमार सिंह ने बताया कि चांदी कारोबारी सतीश चंद्र गर्ग (62) अपने मकान के निचले तल में अकेले रहते थे, जबकि उनके तीनों पुत्र अन्य शहरों में रहकर नौकरी करते हैं। उनके तीन मंजिला मकान की ऊपरी दोनों मंजिलों में किराएदार रहते हैं। सुबह जीने का दरवाजा न खुलने पर उन्होंने ही पुलिस व परिजनों को सूचित किया। एसपी ने बताया कि फॉरेंसिक व श्वान दस्ते की टीमों ने मुआयना कर साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आसपास के सीसीटीवी की जांच कर अभियुक्तों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे।
- मुजफ्फरनगर . मुजफ्फरनगर जिले के नई मंडी थाना क्षेत्र के जानसठ मार्ग पर रविवार शाम एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर में मोटरसाइकिल पर सवार युवक, उसकी पत्नी और बेटी की मौत हो गई, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (नगर) सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि आज शाम जानसठ रोड पर नई मंडी पुलिस थाने के अंतर्गत, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में मोटरसाइकिल सवार सोनू (30) उसकी पत्नी राधिका (27) और 10 वर्षीय बेटी रिया की मौत हो गई और छह वर्षीय बेटा कला गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रजापत ने यहां पत्रकारों को बताया कि यह घटना तब हुई जब पीड़ित मोटरसाइकिल से अपने गांव जादोदा लौट रहे थे। पुलिस अधीक्षक(नगर) ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग बेटे को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और घायल को देखने के लिए अस्पताल गए।
- मोहाली/ पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार के प्रमुख नशामुक्ति अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध' ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 20,000 लोग नशे की गिरफ्त से मुक्त हो चुके हैं। मंत्री ने मोहाली में आयोजित 'युद्ध नशियां विरुद्ध' प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब के कई नशामुक्ति केंद्रों में अब मादक द्रव्यों के सेवन संबंधित नए मामले सामने नहीं आ रहे हैं। यह भगवंत मान सरकार द्वारा अपनाई गई व्यापक रणनीति की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पहले चरण के सकारात्मक परिणामों से उत्साहित होकर राज्य सरकार जल्द ही अभियान का दूसरा चरण शुरू करेगी, जिसका उद्देश्य राज्य से नशे की समस्या को पूरी तरह समाप्त करना है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि दूसरे चरण में सतत निगरानी, समुदाय की भागीदारी और नशामुक्त व्यक्तियों के दीर्घकालिक पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त होकर मुख्यधारा में लौटे युवाओं को आदर्श के रूप में पेश किया जाएगा। इससे समाज, विशेष रूप से युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने और एक स्वस्थ व उद्देश्यपूर्ण जीवन अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सामूहिक मिशन और एक जन अभियान है, जिसका उद्देश्य पंजाब के युवाओं की सुरक्षा और राज्य के लिए सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करना है। पंजाब सरकार ने पिछले साल इस अभियान की शुरुआत तीन-स्तरीय रणनीति(कानून प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम) के साथ की थी, ताकि राज्य को नशे की समस्या से मुक्त किया जा सके।
- कोटा (राजस्थान) .बूंदी जिले के कोटा-लालसोत राजमार्ग पर रविवार को कपास से लदा एक ट्रक पैदल यात्रा कर रहे तीर्थयात्रियों पर पलट गया, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद, आक्रोशित ग्रामीणों ने राजमार्ग पर प्रदर्शन किया और पलटे हुए ट्रक से सड़क पर बिखरी कपास में आग लगा दी, जिससे इलाके में यातायात बाधित हो गया। मृतकों की पहचान किशन लाल केवट (23), कलूलाल (34) और राजाराम के रूप में हुई है। ये सभी बूंदी जिले के निवासी थे। एक अधिकारी ने बताया कि आठ घायलों को कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। बिरला ने चिकित्सकों को घायलों की प्रभावी देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर भी अस्पताल पहुंचे और घायलों से बात की।कोटा के पुलिस महानिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘रविवार दोपहर को कोटा-लालसोत राजमार्ग पर हुई दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए।'' पुलिस के अनुसार, तीर्थयात्रियों का यह समूह सवाई माधोपुर जिले में स्थित चौथ का बरवाड़ा मंदिर जा रहा था, तभी कोटा-लालसोत राजमार्ग पर पापड़ी ओवरब्रिज के पास यह घटना घटी। लखेरी थाना प्रभारी सुभाष शर्मा ने बताया कि कपास से लदा ट्रक कथित तौर पर असंतुलित होकर पलट गया और तीर्थयात्री उसकी चपेट में आ गए।
- जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में कलाकार प्रशांत पांडे ने सड़कों और हवाई अड्डों, रेस्तरां तथा अन्य सार्वजनिक धूम्रपान वाले स्थलों से सिगरेट के बट्स एकत्रित कर उन्हें मूर्ति की शक्ल दी है। प्रशांत की इन कृतियों की प्रदर्शनी ‘बायोग्राफी' मुंबई गैलरी वीकेंड 2026 के दौरान गैलरी मास्कारा में लगेगी। इस प्रदर्शनी में 70 से अधिक कृतियां शामिल हैं, जो पूरी तरह से फेंके गए सिगरेट बट्स से बनाई गई हैं। प्रत्येक मूर्ति में लगभग 5,000 सिगरेट बट्स का उपयोग किया गया है। करीब 3.5 लाख से अधिक बट्स इस कलाकृति के निर्माण में लगाए गए हैं। यह सामग्री कई वर्षों में जयपुर की सड़कों और हवाई अड्डों, रेस्तरां तथा अन्य सार्वजनिक धूम्रपान स्थलों से एकत्र की गई। पांडे ने कहा, “मैं 2010 से सिगरेट बट्स के साथ काम कर रहा हूं। हम जो चीजें फेंक देते हैं, वे अक्सर हमारे बारे में उन चीजों से अधिक बताती हैं जिन्हें हम संभाल कर रखते हैं।” पांडे ने बताया कि वे सिगरेट बट्स की ओर इसलिए आकर्षित हुए क्योंकि वे हर जगह मौजूद होते हुए भी अदृश्य से लगते हैं। उन्होंने कहा, “वे हर जगह देखी जाती हैं, फिर भी शायद ही कभी देखे जाते हैं। यही उन्हें शक्तिशाली बनाता है।” पांडे अयोध्या के राम मंदिर परिसर में राम दरबार की मूर्तियों के शिल्प निष्पादन पर काम करने वाली टीम का हिस्सा थे। इस प्रदर्शनी का पूर्वावलोकन मुंबई गैलरी वीकेंड के दौरान आठ से 11 जनवरी तक होगा। यह गैलरी मास्कारा में 12 जनवरी से 28 फरवरी तक प्रदर्शित होगी।
- सूरत. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह ने रविवार को कहा कि 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के बाद भारत का लक्ष्य 2036 में गुजरात में ओलंपिक खेल लाना है जिसमें कम से कम 100 पदक जीतने का लक्ष्य हो। सूरत में डॉ हेडगेवार सेवा स्मृति सेवा समिति द्वारा आयोजित ‘रन फॉर गर्ल चाइल्ड' मैराथन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में राष्ट्रमंडल खेलों को लाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल 2030 के बाद हमारा लक्ष्य 2036 में यहां ओलंपिक की मेजबानी करना है। ''पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने आठ पदक जीते थे, इस प्रदर्शन का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि 2036 के लिए लक्ष्य कम से कम 100 पदक होना चाहिए जिसमें गुजरात का योगदान 10 पदक का हो। उन्होंने विश्वास जताया कि महिला एथलीट इनमें से कम से कम दो पदक जीतेंगी।शाह ने बारबाडोस में 2024 टी20 विश्व कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में सफलता के लिए भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की भी तारीफ की। महिलाओं के खेलों के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले माता-पिता अक्सर चाहते थे कि उनके बेटे विराट कोहली जैसे बनें, लेकिन अब कई लोग चाहते हैं कि उनकी बेटियां स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर जैसी क्रिकेटर बनें।
- नयी दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहयोग से मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए रात्रि आश्रय सुविधा का संचालन शुरू किया है। इस पहल का मकसद ऐसे मरीजों और उनके तीमारदारों को सुरक्षित, आरामदायक और सम्मानजनक आश्रय सुविधा प्रदान करना है, जो बाह्य रोगी विभाग की सेवाओं के लिए रात से ही एम्स के बाहर कतारें लगाना शुरू कर देते हैं। एम्स-दिल्ली के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने कहा कि भीड़भाड़ और रातभर लगने वाली कतारों की चुनौती से निपटने के लिए तैयार की गई आश्रय सुविधा यह सुनिश्चित करती है कि मरीजों को कठिन परिस्थितियों में फुटपाथ या अस्पताल परिसर में इंतजार करने के लिए मजबूर न होना पड़े। उन्होंने बताया कि रात में आने वाले मरीजों को पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक बस के जरिये आश्रय सुविधा तक पहुंचाया जाता है। डॉ. श्रीनिवास ने बताया कि आश्रय सुविधा पर पहुंचने के बाद प्रत्येक मरीज को उनके आने के क्रम के अनुसार टोकन नंबर जारी किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि अगले दिन ओपीडी पंजीकरण के दौरान उसी क्रम का पालन किया जाए। उन्होंने बताया कि आश्रय सुविधा में मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए मुफ्त खाने, साफ कंबल और शौचालय की व्यवस्था की गई है। डॉ. श्रीनिवास के अनुसार, अगली सुबह मरीजों को इलेक्ट्रिक बस के जरिये उनके संबंधित ओपीडी में वापस ले जाया जाता है, जिससे उन्हें रातभर लंबी कतारों में लगने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है और वे सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से पंजीकरण करा पाते हैं। उन्होंने बताया कि आश्रय सुविधा में लगभग 250 लोगों के रात गुजारने की व्यवस्था है और वर्तमान में इतने ही लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जो देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान में आने वाले मरीजों के बीच इस तरह की सहायता सेवाओं की मजबूत मांग को दर्शाता है।
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नई दिल्ली। अयोध्या में श्रीराम मंदिर की पुख्ता सुरक्षा के लिए चार किलोमीटर लंबी चारदीवारी का निर्माण किया जा रहा है। श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि राम मंदिर की सुरक्षा पूरी तरह से अभेद्य होगी। उन्होंने बताया कि चारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। मंदिर की निगरानी और सुरक्षा के लिए इसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। मंदिर के चारों ओर चार निगरानी टावर भी बनाए जा रहे हैं। इन निर्माण कार्यों की अनुमानित लागत लगभग 80 से 90 करोड़ रुपये है। इसके निर्माण का जिम्मा इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को दिया गया है।
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नई दिल्ली। असम में आज सुबह 4 बजकर 17 मिनट पर 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केन्द्र राज्य के मोरी गांव जिले में 50 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप के झटके आसपास के जिलों में भी महसूस किए गए। अब तक जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। भूटान, नेपाल और बंगलादेश जैसे पड़ोसी देशों में भी झटके महसूस हुए। रिपोर्ट में कहा गया कि भूकंप का केंद्र मध्य असम में 26.37 उत्तरी अक्षांश और 92.29 पूर्वी देशांतर पर स्थित था।
इन इलाकों में महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके कामरूप महानगर, नगांव, पूर्वी कार्बी आंगलोंग, पश्चिमी कार्बी आंगलोंग, होजाई, दीमा हसाओ, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव, कछार, करीमगंज, हैलाकांडी, धुबरी, दक्षिण शालमारा-मानकाचर और ग्वालपाड़ा जिलों में भी महसूस किए गए। ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर दर्रांग, तामुलपुर, सोनितपुर, कामरूप, बिश्वनाथ, उदलगुड़ी, नलबाड़ी, बजाली, बारपेटा, बक्सा, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव और लखीमपुर में भी झटके महसूस किए गए।
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नई दिल्ली। भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व का सबसे बड़ा धान उत्पादक देश बनने का गौरव हासिल किया है। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिव राज सिंह चौहान ने रविवार को नई दिल्ली में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश में धान उत्पादन 15 करोड़ एक लाख अस्सी हजार टन हो गया है, जबकि चीन में यह 14 करोड़ 52 लाख 80 हजार टन रहा। श्री चौहान ने कहा कि भारत अब विदेशी बाजारों में भी चावल की आपूर्ति कर रहा है।
कृषि मंत्री ने कल दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से विकसित 25 फसलों की 184 उन्नत किस्में प्रदर्शित कीं। श्री चौहान ने कहा कि अधिक उपज वाली फसलों के विकास में देश को बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ये नई प्रजातियां जल्दी जल्दी से किसानों तक पहुंचे। कृषि मंत्री ने कहा कि इनसे किसानों को अधिक उपज और बेहतर गुणवत्ता की फसल प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता के बीज सभी किसानों को उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है। उन्होंने देश को आत्म-निर्भर बनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों से दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान देने को कहा।केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि अधिक उपज वाली और जलवायु अनुकूल बीजों की मदद से देश कृषि क्रांति के दौर में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की समन्वित परियोजनाओं, राज्य और केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालयों तथा निजी बीज़ कंपनियों के सामूहिक प्रयासों से संभव हुई है। - -राष्ट्रीय बीज निगम द्वारा 33.26 करोड़ रु. के लाभांश का चेक केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को भेंट-वर्ष 1969 से अब तक 7205 फसल किस्मों को मंजूरी, वहीं मोदी सरकार के 11 साल में 3236 नई उच्च उत्पादक किस्में- कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान-किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी छलांग, भारत बनेगा विश्व का ‘फूड बास्केट’- श्री शिवराज सिंह चौहान-आईसीएआर और कृषि विश्वविद्यालयों के शोध से बीज क्रांति, विशेष गुणों वाली उच्च उत्पादक किस्में सूखा‑लवणीयता जैसी चुनौतियों से निपटने में कारगर- श्री शिवराज सिंह चौहान-देश ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़कर 150.18 मिलियन टन उत्पादन के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया- केंद्रीय कृषि मंत्रीनई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को नई दिल्ली के एनएएससी कॉम्प्लेक्स स्थित ए.पी. शिंदे ऑडिटोरियम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित 25 फील्ड फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तत्वावधान में आयोजित किया गया जिसमें वैज्ञानिकों, वरिष्ठ अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने सहभागिता की।इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत ने उच्च उत्पादक बीजों के विकास में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। वर्ष 1969 में शुरू हुई गजट अधिसूचना प्रक्रिया के बाद अब तक कुल 7205 फसल प्रजातियों को अधिसूचित किया जा चुका है जिनमें धान, गेहूं, ज्वार, मक्का, दलहन, तिलहन, रेशेदार और अन्य फसलें शामिल हैं, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11–12 वर्षों में नई किस्मों के विकास की गति और तेज हुई है, अकेले इस अवधि में 3236 उच्च उत्पादक प्रजातियों को मंजूरी मिली है, जबकि 1969 से 2014 तक 3969 प्रजातियों को अधिसूचित किया गया था। अब अधिसूचित 184 उन्नत किस्मों का लोकार्पण किया गया है, जो देश के किसानों को अधिक उपज, बेहतर गुणवत्ता और जलवायु सहनशीलता जैसे लाभ देंगी।


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