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- नई दिल्ली। केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग तथा आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को गुवाहाटी में आयुष और पूर्वोत्तर राज्यों के मंत्रियों के सम्मेलन में पूर्वोत्तर राज्यों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढावा देने के लिए कई प्रमुख पहलों की घोषणा की।संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री सोनोवाल ने आयुष प्रणालियों के विकास और उनका बढ़ावा देने के लिए पूर्वोत्तर राज्यों में राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना के हिस्से के रूप में एक हजार नए स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्र खोले जाने की घोषणा की। इन केंद्रों का उद्देश्य आयुष चिकित्सा पद्धति के सिद्धांतों पर आधारित समग्र स्वास्थ्य मॉडल प्रदान करना है। देश में कुल साढ़े बारह हजार स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्रों का संचालन किया जाना है। आयुष द्वारा प्रदान की जाने वाली पारंपरिक दवाओं की लोकप्रियता को बढावा देने के बारे में श्री सोनोवाल ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना के तहत एक सौ आयुष औषधालय खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि उचित पहल से पूर्वोत्तर राज्यों में आयुष चिकित्सा प्रणाली को मुख्य धारा से जोड़ा जा सकता है।श्री सोनोवाल ने पूर्वोत्तर क्षेत्र मे आयुष औषधीय विशेषज्ञों की शिक्षा और प्रशिक्षण को प्रोत्साहन देने के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना के तहत 70 करोड रुपये के केंद्रीय आवंटन के साथ असम के गोलपाडा जिले में दुधनोई में एक नया आयुर्वेदिक कॉलेज बनाने की भी घोषणा की। आयुष मंत्रालय ने गुवाहाटी में सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल के उन्नयन के लिए 10 करोड रुपये की वित्तीय मदद दिए जाने का भी फैसला किया है। उन्होंने सभी पूर्वोत्तर राज्यों से नए आयुष शिक्षण संस्थान शुरू करने के लिए मंत्रालय को विशेष प्रस्ताव देने का भी अनुरोध किया।श्री सोनोवाल ने बताया कि उनका मंत्रालय विनिर्माण और सेवाओं सहित पूर्वोत्तर राज्यों में आयुष और आरोग्य केंद्रों में निवेश करने के लिए निवेशकों के साथ समन्वय करेगा।
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में कोविड-19 के कारण लगी पाबंदियों को शनिवार को 15 सितंबर तक बढ़ा दिया हालांकि अगले महीने से कोचिंग संस्थानों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालन की अतिरिक्त छूट दी गई। प्रदेश सरकार ने 16 मई को लगाए गए प्रतिबंधों को आखिरी बार 31 अगस्त तक बढ़ाया था।सरकार द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है, "प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग संस्थान 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोले जा सकते हैं। बशर्ते परिसर को नियमित रूप से साफ किया जाए और अन्य कोविड-19 मानदंडों का पालन किया जाए।'' आदेश में कहा गया, "मास्क पहनना, शारीरिक दूरी बनाए रखना और स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रोटोकॉल का हर समय पालन किया जाना चाहिए।" राज्य में पहले ही सार्वजनिक बसों, टैक्सियों, ऑटो रिक्शा को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति दी जा चुकी है। सरकारी और निजी दोनों कार्यालयों को भी आधी जनशक्ति के साथ काम करने की अनुमति दी गई है।इसमें कहा गया है कि जिला प्रशासन, पुलिस आयुक्तालयों और स्थानीय अधिकारियों को कोविड-19 पर राज्य के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। यह आदेश एक सितंबर से लागू होगा।
- नयी दिल्ली। नासिक के थोक बाजार में टमाटर की कीमतों में कम से कम 50 प्रतिशत की गिरावट आई है और इस सत्र में अधिक उत्पादन और कम निर्यात के कारण यह 2.5-9 रुपये प्रति किलोग्राम बेचा जा रहा है। व्यापारियों ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में टमाटर भी खराब मौसम की वजह से खराब हो गए हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। नासिक एपीएमसी सचिव अरुण काले ने कहा कि टमाटर की कीमतें पिछले सत्र में 300-350 रुपये प्रति क्रेट की तुलना में गुणवत्ता के आधार पर चालू सत्र (जून-जनवरी) में 50-180 रुपये प्रति क्रेट, 20 किलोग्राम प्रति क्रेट पर आ गई हैं। काले ने कहा, "निर्यात की कमी, क्षेत्र में अधिक उत्पादन और वर्षा के असमान वितरण ने उपज की गुणवत्ता को प्रभावित किया है, जिसने इसे पहले की तुलना में अत्यधिक खराब होने योग्य बना दिया है, जिसने कई किसानों को अपनी उपज सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर किया।" इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि उच्च ईंधन की कीमतों ने थोक कीमतों की तुलना में लागत बढ़ने के कारण किसानों को अपनी उपज को मंडियों तक ले जाने और इसे डंप करने में मुश्किल हो रही है। नासिक एपीएमसी के बालासाहेब पटोले ने आगे कहा कि अब तक किसानों द्वारा लगभग 1,000-1,500 क्रेट टमाटर फेंके जा चुके हैं। हालांकि, पिछले 1-2 दिनों से हालात में सुधार हो रहा है क्योंकि आवक धीमी हो गई है और मंडी में टमाटर की बेहतर गुणवत्ता आ रही है। उन्होंने कहा, "स्थितियों में सुधार हो रहा है, हालांकि, हम यह नहीं कह सकते कि कीमतें कब सामान्य होंगी।" किसान राहुल अवध ने कहा कि पिछले साल की तरह उत्पादन बढ़ा है, टमाटर की कीमतें बहुत अच्छी हैं, और इस साल उपज बहुत अधिक है।
- खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन में पुलिस ने शनिवार को दो किशोरों पर 10 साल के दो लड़कों को ऑनलाइन गेम ‘फ्री फायर' की लत लगाने और उनसे 75 हजार रुपए ठगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने शनिवार को बताया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दो किशोरों की खिलाफ संबद्ध धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने शिकायत के हवाले से बताया कि फल की दुकान चलाने वाले सनावद निवासी शिकायतकर्ता ने कहा कि उनके बेटे और भतीजे दोनों 10 साल के हैं और इनको 16 साल तथा 17 साल के दो किशोरों ने ऑनलाइन गेम का आदी बनाया, साथ ही नाबालिकों को गेम आईडी रिचार्ज करने के लिए रुपये चोरी करने हेतु उकसाया। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि दोनों किशोरों ने पिछले छह से सात महीनों में बेटे और भतीजे को चाकू और पिस्तौल से धमकाया। शिकायतकर्ता ने अपने बेटे को 22 अगस्त को उनके बटुए से रुपये चुराने की कोशिश करते हुए पकड़ा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दोनों किशोर उसके बेटे और भतीजे से 75 हजार रुपए लेकर भागे हैं।
- मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक ने परिवारों का अगले दौर का सर्वेक्षण शुरू करने की घोषणा की है। इसके जरिये केंद्रीय बैंक परिवारों की मुद्रास्फीति को लेकर संभावनाओं तथा उपभोक्ता के भरोसे का आकलन करता है। इससे रिजर्व बैंक को मौद्रिक नीति बनाने में मदद मिलती है। केंद्रीय बैंक नियमित आधार पर इस तरह का सर्वेक्षण करता है।रिजर्व बैंक ने परिवारों के मुद्रास्फीति की संभावनाओं (आईईएसएच) सर्वेक्षण के सितंबर, 2021 के दौर की घोषणा करते हुए कहा कि इसके तहत 18 शहरों में 6,000 परिवारों से कीमतों के उतार-चढ़ाव को लेकर संभावनाओं के बारे में पूछा जाएगा। यह सर्वेक्षण अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, पटना, रायपुर, रांची और तिरुवनंतपुरम में किया जाएगा।उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण (सीसीएस) के सितंबर दौर के तहत परिवारों से सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार के परिदृश्य, कीमत स्तर तथा उनकी आय और खर्च से जुड़ी धारणाओं के बारे में पूछा जाएगा। यह सर्वेक्षण नियमित रूप से अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, पटना और तिरुवतंनपुरम सहित 13 शहरों में किया जाता है। इसमें 13 शहरों में 5,400 लोगों की राय ली जाएगी।
- देवघर। झारखंड की साइबर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर देवघर जिले के चार थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर साइबर अपराध के आरोप में कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। देवघर के पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) मंगल सिंह जामुदा एवं साइबर पुलिस उपाधीक्षक नेहा बाला ने शनिवार को आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम- भौराजमुआ, ठाढीदुलमपुर, जसीडीह थाना क्षेत्र के ग्राम- केनमनकाठी, सारवां थाना क्षेत्र के ग्राम-बरमतरा एवं मोहनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम-सिरसा, घोरमारा में शुक्रवार को छापेमारी कर कुल 17 कथित साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 27 मोबाइल, 44 सिम कार्ड, पांच एटीएम, बारह पासबुक, दो चेकबुक के साथ ही 1,30,800 रूपये की नकदी बरामद की है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अफगानिस्तान के ताजा हालात को मुश्किल और चुनौतीपूर्ण करार देते हुए कहा कि वहां फंसे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए जी-जान से प्रयास किये जा रहे हैं। जलियांवाला बाग के पुनर्निर्मित परिसर का वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिस प्रकार की वैश्विक परिस्थितियां बन रही हैं, उससे ‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत'' के संकल्प के मायनों का भी एहसास होता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि राष्ट्र के रूप में हर स्तर पर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास दोनों जरूरी है।'' गुरबाणी की कुछ पंक्तियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमें सिखाती है कि सुख दूसरों की सेवा से ही आता है और हम सुखी तभी होते हैं जब हम अपने साथ-साथ अपनों की पीड़ा को भी अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए दुनिया भर में कहीं भी, कोई भी भारतीय अगर संकट में घिरता है तो भारत पूरे सामर्थ्य से उसकी मदद के लिए खड़ा हो जाता है। कोरोना काल हो या फिर अफगानिस्तान का वर्तमान संकट। दुनिया ने इसे निरंतर अनुभव किया है।'' ऑपरेशन देवी शक्ति के तहत अफगानिस्तान से भारत लाए जा रहे लोगों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘चुनौतियां बहुत हैं, हालात मुश्किल हैं लेकिन गुरु कृपा भी हम पर बनी हुई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों के साथ पवित्र गुरु ग्रंथ साहब के स्वरूप को भी सिर पर रखकर भारत लाए हैं।''प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों (अफगानिस्तान की) से सताए हुए अपने लोगों के लिए देश में नए कानून भी बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज जिस प्रकार की वैश्विक परिस्थितियां बन रही है, उससे हमें यह एहसास भी होता है कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के क्या मायने होते हैं। यह घटनाएं हमें याद दिलाती है कि राष्ट्र के रूप में हर स्तर पर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास दोनों जरूरी है।'' आजादी के 75 वर्ष के अवसर पर मनाए जा रहे अमृत महोत्सव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने आह्वान किया, ‘‘हम अपने राष्ट्र की बुनियाद को मजबूत करें और उस पर गर्व करें। आजादी का अमृत महोत्सव आज इसी संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहा है।'' इससे पहले, प्रधानमंत्री ने अमृतसर में जलियांवाला बाग स्मारक स्थल पर विकसित कुछ संग्रहालय दीर्घाओं का भी उद्घाटन किया। लंबे समय से बेकार पड़ी और कम उपयोग वाली इमारतों का दोबारा अनुकूल इस्तेमाल सुनिश्चित करते हुए चार संग्रहालय दीर्घाएं निर्मित की गई हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक यह दीर्घाएं उस अवधि के दौरान पंजाब में घटित विभिन्न घटनाओं के विशेष ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती हैं। इन घटनाओं को दिखाने के लिए श्रव्य-दृश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रस्तुति की व्यवस्था है जिसमें मैपिंग और थ्री डी चित्रण के साथ-साथ कला एवं मूर्तिकला अधिष्ठापन भी शामिल हैं। पीएमओ के अनुसार जालियांवाला बाग में 13 अप्रैल, 1919 को घटित विभिन्न घटनाओं को दर्शाने के लिए एक साउंड एंड लाइट शो की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के 75वें वर्ष में जलियांवाला बाग के आधुनिक स्वरूप का मिलना सभी के लिए बहुत प्रेरणा का अवसर है। उन्होंने कहा, ‘‘आज जो पुनर्निर्माण का कार्य हुआ है, उसने बलिदान की अमर गाथा को और जीवंत बना दिया है। जलियांवाला बाग का यह नया स्वरूप देशवासियों को इस पवित्र स्थान के इतिहास के बारे में, इसके अतीत के बारे में बहुत कुछ जानने के लिए प्रेरित करेगा। यह स्थान नयी पीढ़ी को हमेशा याद दिलाएगा कि हमारी आजादी की यात्रा कैसी रही और यहां तक पहुंचने के लिए हमारे पूर्वजों ने क्या-क्या किया है। कितने त्याग और बलिदान दिए और अनगिनत संघर्ष किए।'' उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्य क्या होने चाहिए और कैसे हमें अपने हर काम में देश को सर्वोपरि रखना चाहिए, इसकी भी प्रेरणा और नई ऊर्जा इस स्थान से मिलेगी। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भारत विभाजन का भी उल्लेख किया और उसे एक विभीषिका बताते हुए उसकी तुलना जलियांवाला बाग हत्याकांड से की। उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब के परिश्रमी और जिंदादिल लोग भी विभाजन के बहुत बड़े भुक्तभोगी रहे। विभाजन के समय जो कुछ हुआ, उसकी पीड़ा आज भी हिंदुस्तान के हर कोने में और विशेषकर पंजाब के परिवारों में हम अनुभव करते हैं।'' उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लिए अपने अतीत की ऐसी विभीषिकाओं को नजरअंदाज करना सही नहीं है, इसलिए भारत ने 14 अगस्त को हर वर्ष विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी, कई केंद्रीय मंत्री, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित हरियाणा, उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए।
- नयी दिल्ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए टीकाकरण में तेजी, मानसून में सुधार, सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे के निवेश पर जोर और निर्यात में वृद्धि से अर्थव्यवस्था में एक मजबूत वृद्धि की उम्मीद है। कुमार ने कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमानों में कमी के बावजूद भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘तेजी से टीकाकरण, मानसून बेहतर रहने से कृषि उपज बेहतर रहने की संभावना, सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे के निवेश पर जोर, निर्यात जैसे क्षेत्रों ने अप्रैल-जून 2021 के दौरान शानदार प्रदर्शन किया है। '' उन्होंने ‘अर्थनीति' से साक्षात्कार में कहा, ‘‘हमें वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही के दौरान उपभोग में सुधार की भी उम्मीद है।'' रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश के वृद्धि दर के अनुमान को पहले के 10.5 प्रतिशत से घटाकर 9.5 प्रतिशत कर दिया है, जबकि विश्वबैंक ने 2021 में भारत की अर्थव्यवस्था के 8.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। कुमार के अनुसार कोविड की दूसरी लहर के बाद प्रतिबंधों में चरणबद्ध तरीके से छूट के बाद आर्थिक गतिविधियों ने गति पकड़ी है। सरकार ने भी स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, कृषि, बुनियादी ढांचे, एमएसएमई और निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए 6.3 लाख करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज दिया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कुमार ने कहा कि विश्वबैंक का अनुमान है कि 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था 5.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी।
- नयी दिल्ली। रेलवे ने शनिवार को बताया कि इसके नए वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी श्रेणी के कोच का किराया वर्तमान थ्री एसी कोच की तुलना में आठ फीसदी कम होगा और यह कम कीमत पर बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगा। अधिकारियों ने बताया कि नये कोचों का किराया मेल और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों में वर्तमान स्लीपर श्रेणी के मूल किराये का 2.4 गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि रेलवे के विभिन्न जोन में इस तरह के 50 कोच दिए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब चूंकि किराया तय कर दिया गया है, इन कोच को वर्तमान मेल एक्सप्रेस रेलगाड़ियों से जोड़ दिया जाएगा। जो रेलगाड़ियां अधिकतम कोच के साथ चल रही हैं वहां इन्हें स्लीपर कोच के स्थान पर लगाया जाएगा।'' उन्होंने बताया कि 300 किलोमीटर तक मूल किराया 440 रुपये है जो दूरी के मुताबिक सबसे कम है जबकि सबसे अधिक मूल किराया 4951 किलोमीटर से 5000 किलोमीटर तक के लिए 3065 रुपये है। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे जोन को हाल में ये कोच दिए गए हैं जिनका इस्तेमाल रेलगाड़ी संख्या 02403 (प्रयागराज-जयपुर एक्सप्रेस) में छह सितंबर से किया जाएगा और इसके लिए बुकिंग शनिवार से शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि इस कोच में 83 बर्थ हैं और नियमित थ्री एसी कोच की तुलना में इनका किराया कम है।उन्होंने बताया कि इन नये थ्री एसी इकोनॉमी कोच में बच्चों के लिए सामान्य किराया होगा जो वर्तमान थ्री एसी कोच में लगता है। अधिकारियों के मुताबिक, सांसदों को जारी पास और विधायक/विधान पार्षदों को जारी रेल यात्रा कूपन पर टिकटों की बुकिंग वर्तमान थ्री एसी कोच के प्रावधानों के मुताबिक होगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए टिकट रद्द करने और पैसे की वापसी के नियम वर्तमान थ्री एसी कोच के मुताबिक ही होंगे।- file photo
- नयी दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने शनिवार को कहा कि आधार को पैन, ईपीएफओ से जोड़ने की सुविधा में कोई रुकावट नहीं आई है और अभी सेवाएं स्थिर है। आधार को पैन और ईपीएफओ से जोड़ने में यूआईडीएआई प्रणाली में 'गड़बड़ी' की खबरों के बीच प्राधिकरण की तरफ से यह बयान दिया गया है। खबरों के अनुसार, आधार को ईपीएफ और पैन से जोड़ने की कुछ समयसीमा शेष रहने के बीच तकनीकी गड़बड़ी ने आधार के उपयोगकर्ताओं को असमंजस में डाल दिया था। यूआईडीएआई ने शनिवार को एक बयान जारी कर जोर देते होते कहा, ‘‘सभी सेवाएं स्थिर हैं और ठीक तरह से काम कर रही हैं। आधार को पैन और ईपीएफओ से जोड़ने की सुविधा में कोई रुकावट नहीं आई है।' यूआईडीएआई ने बताया, ‘‘पिछले सप्ताह के दौरान चरणबद्ध तरीके से प्रणाली में एक आवश्यक सुरक्षा अपडेट किया जा रहा था। इसी दौरान केवल कुछ नामांकन केंद्रों पर नामांकन और मोबाइल अपडेट सेवा सुविधा में परेशानी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। यह अपडेट होने के बाद अब एकदम ठीक तरीके से काम कर रही हैं।'' यूआईडीएआई ने कहा कि भले ही प्रणाली स्थिर हो गई है, लेकिन वह इसकी निगरानी कर रहा है, ताकि लोगों को आगे किसी तरह की असुविधा नहीं हो। यूआईडीएआई ने कहा, ‘‘20 अगस्त, 2021 को अपडेट प्रक्रिया शुरू होने के बाद से पिछले नौ दिनों में प्रतिदिन औसतन 5.68 लाख नामांकन के साथ 51 लाख से अधिक लोगों का नामांकन किया गया है।
- पैंगोंग सो (लद्दाख)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि लद्दाख के स्थानीय लोगों और रक्षा कर्मियों के बीच अद्भुत तालमेल है जो इस क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित बनाता है। ‘पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण के लिये संसदीय पहुंच कार्यक्रम' के तहत लद्दाख क्षेत्र के तीन दिवसीय दौर पर आये बिरला ने पैंगोंग सो (झील) का दौरा किया। वह लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास दूर-दराज के इलाकों का दौरा करने वाले संभवत: पहले लोकसभा अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ और विपक्ष दोनों पक्षों के सांसदों ने पैंगोंग झील और आसपास के इलाकों का दौरा किया है और देशभर से पर्यटक इस क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। बिरला ने यहां के स्थानीय सरपंचों, पर्वतीय परिषद सदस्यों और पर्यटकों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा, ‘‘स्थानीय ग्रामीणों और सशस्त्र कर्मियों के बीच एक अद्भुत तालमेल है जो इस क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित बना रहा है।'' बिरला ने इलाके में तैनात सेना के जवानों से भी बातचीत की। बिरला का रविवार को श्रीनगर का दौरा करने का कार्यक्रम है और वह पंचायत सदस्यों के एक सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।
- नयी दिल्ली। शिक्षाविदों, डॉक्टरों और अन्य पेशेवरों के एक समूह ने मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को एक खुला पत्र लिखा है जिसमें उनसे स्कूलों को फिर से खोलने और भौतिक रूप से कक्षाओं को पुन: शुरू करने पर विचार करने का अनुरोध किया गया है। इस समूह में 56 शिक्षाविद, चिकित्सक और अन्य पेशेवर शामिल हैं। समूह ने अपने पत्र में जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष को भी चिह्नित किया है। हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि स्कूलों को फिर से खोलने के लिए बच्चों का कोविड-19 टीकाकरण एक शर्त नहीं होनी चाहिए। पत्र में कहा गया है, ‘‘कई सरकारों ने अभी तक सभी कक्षाओं के लिए स्कूलों को फिर से नहीं खोला है क्योंकि विद्यार्थियों का टीकाकरण नहीं होना, तीसरी लहर की आशंका और स्कूल खोले जाने पर मामलों में वृद्धि होना सहित कई चिंताएं हैं... स्कूल खोलने का समर्थन करने के लिए वैश्विक सबूत हैं और सरकारों को तत्काल स्कूल खोलने और भौतिक रूप से कक्षाएं फिर से शुरू करने पर विचार करना चाहिए।'' इसमें कहा गया है कि भारत दुनियाभर के उन चार से पांच देशों में शामिल है जहां इतने लंबे समय (डेढ़ साल) से स्कूल बंद हैं। पत्र में कहा गया है, ‘‘बच्चों को स्कूलों में वापस लाने की तत्काल आवश्यकता है। चूंकि छोटे बच्चों को कम से कम जोखिम होता है, इसलिए हम आपसे आईसीएमआर (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) की सिफारिशों के अनुसार प्राथमिक स्कूलों को पहले और इसके बाद उच्च कक्षाओं को शुरू करने की अनुमति देने का आग्रह करते हैं। हम अपने बच्चों की खातिर राजनीतिक दलों के नेताओं के एक साथ आने की उम्मीद करते हैं।'' हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि टीकाकरण स्कूलों को फिर से खोलने के लिए एक शर्त नहीं है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण का उद्देश्य गंभीर बीमारी और मृत्यु को रोकना है और बच्चों में कोविड-19 महामारी के गंभीर होने का जोखिम अपेक्षाकृत कम है। पत्र में कहा गया है, ‘‘इसलिए, बच्चों को टीकाकरण का लाभ सीमित है, क्योंकि उनमें मध्यम से गंभीर बीमारी की दर कम है और मृत्यु दर पहले से ही कम है।'' हस्ताक्षरकर्ताओं में महामारी वैज्ञानिक चंद्रकांत लहरिया, ‘इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन' की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनीला गर्ग, भारतीय बाल रोग अकादमी के पूर्व अध्यक्ष नवीन ठाकर और टीच फॉर इंडिया के सीईओ शाहीन मिस्त्री शामिल हैं।
- मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि राज्य आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के पास आरटी-पीसीआर की निगेटिव जांच रिपोर्ट होनी चाहिए, भले ही उन्हें कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक लगी हो। महाराष्ट्र के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे द्वारा शुक्रवार रात जारी आदेश में कहा गया है, ‘‘महाराष्ट्र आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी उपरोक्त दिशानिर्देशों का अनुपालन करना होगा जिनमें यूरोपीय देशों, पश्चिम एशिया देशों और दक्षिण अफ्रीका से आने वाले लोग शामिल हैं।'' महाराष्ट्र सरकार ने बाद में जारी एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार के नये नियम भारत में आने से पहले आरटी-पीसीआर जांच की निगेटिव जांच रिपोर्ट अनिवार्य करते हैं। बयान में कहा गया है, ‘‘महाराष्ट्र में आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी यही नियम लागू हैं। भले ही यात्री ने कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक ली हो, फिर भी आरटी-पीसीआर की निगेटिव जांच रिपोर्ट होना अनिवार्य है।
- नयी दिल्ली। मेजर ध्यानचंद की 116वीं जयंती से पहले हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी पर बन रही डॉक्यूमेंटरी का पहला पोस्टर जारी किया गया। ध्यानचंद को भारत रत्न से नवाजे जाने की मांग को लेकर डिजिटल अभियान का हिस्सा निर्माता और उद्यमी जोयता रॉय और प्रतीक कुमार इस डॉक्यूमेंटरी को बना रहे हैं। इसमें हॉकी के जादूगर के शुरुआती जीवन और संघर्ष की कहानी है। दोनों ने ‘मेजर ध्यानचंद' डॉक्यूमेंटरी का पहला पोस्टर जारी किया। इसमें महान खिलाड़ी को हॉकी स्टेडियम की तरफ देखते हुए और रेलवे पटरी पर खाली पैर हॉकी का अभ्यास करते हुए दिखाया गया है। रॉय ने कहा कि उन्हें प्रायः इससे दुख होता है कि देश का युवा वर्ग ध्यानचंद के जीवन और उनकी विरासत के बारे में कितना कम जानता है। वहीं मिश्रा ने कहा कि ‘मेजर ध्यानचंद' खिलाड़ी के जीवन पर बनी फिल्म नहीं है। यह राष्ट्रीय ध्वज, हॉकी और हॉकी के जादूगर से जुड़ी भावना और प्रेरणा का दस्तावेज है। महान खिलाड़ी ध्यानचंद को भारतीय हॉकी का जादूगर कहा जाता है। उन्होंने 1928,1932 और 1936 के ओलंपिक में स्वर्ण पद जीतवाने में अहम भूमिका अदा की। ध्यानचंद ने 1926 से 1949 के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैच खेले और 185 मैच में 570 गोल दागे। उन्हें 1956 में पद्म भूषण से नवाजा गया। देश में प्रत्येक साल उनके जन्मदिन 29 अगस्त के मौके को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार ने खेल के क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मान का नाम ‘मेजर ध्यानचंद रत्न' करने का निर्णय लिया।
- गोरखपुर (उप्र) । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को यहां गोरखपुर में उत्तर प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय 'महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय' का शिलान्यास और शाम को 'महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय' का उद्घाटन किया। नवसृजित महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय का उद्घाटन करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने स्वामी विवेकानंद को उद्धृत करते हुए कहा,‘‘देश में शिक्षा ऐसी चाहिए जिससे चरित्र बने, मानसिक बल बढ़े, बुद्धि का विकास हो और जिससे मनुष्य अपने पैरों पर खड़ा हो सकें।'' राष्ट्रपति ने सभी विद्यार्थियों के ज्ञानवान होने की मंगलकामना करते हुए कहा,‘‘स्वामी विवेकानंद का विचार था कि कोई भी देश उसी अनुपात में उन्नत हुआ करता है जिस अनुपात में वहां के जनसमूह में शिक्षा और बुद्धि का प्रसार होता है। उनका मानना था कि वह शिक्षा जो जनसमुदाय को जीवन कल्याण के उपयुक्त नहीं बनाती और जो उनके चारित्रिक शक्ति का विकास नहीं करती, जो प्राणियों में दया का भाव और सिंह का साहस पैदा नहीं करती, उसे शिक्षा नहीं कहा जा सकता है। स्वामी विवेकानंद कहते थे कि उन्हें तो ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र बने, मानसिक बल बढ़े, बुद्धि का विकास हो और जिससे मनुष्य अपने पैरों पर खड़ा हो सकें।'' उन्होंने कहा,‘‘उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत का इतिहास गौरवमय रहा है। तक्षशिला में विश्व के प्रथम विश्वविद्यालय से लेकर नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों की परंपरा कुछ समय के लिए धूमिल हो गई, परंतु हमारे वैज्ञानिकों, चिकित्सकों और शिक्षकों ने पूरी दुनिया को अपनी मेधा और समर्पण भावना से लगातार प्रभावित किया है।'' राष्ट्रीय शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा से चरित्र निर्माण होना चाहिए। शिक्षार्थियों में नैतिकता, तार्किकता, करुणा और संवेदनशीलता विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा,‘‘श्री आदिनाथ, श्री मत्स्येंद्र नाथ और गुरु गोरखनाथ की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नाथ पंथ आज भारत के कोने-कोने में मानवता की भलाई में जुटा हुआ है। नाथ पंथ भारत के बाहर तिब्बत, मंगोलिया, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और म्यांमा जैसे देशों में योग के प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोक कल्याण में लगा हुआ है। महायोगी गोरखनाथ ने योग के माध्यम से जनसाधारण को सशक्त बनाने का अतुलनीय योगदान किया है।'' राष्ट्रपति कोविंद ने कहा,‘‘मुझे विश्वास है कि महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय में ऐसे ज्ञानवान विद्यार्थी तैयार किये जाएंगे जो ज्ञान और विचार की हमारी प्राचीन सनातन परंपरा को आगे ले जाने में पूरी तरह सक्षम होंगे, जो आत्मनिर्भर, स्वस्थ व कुशल भारत का निर्माण करेंगे।'' उन्होंने कहा,‘‘पूरे भारत में नाथ सिद्ध परंपरा के अनुयायियों के लिए श्री गोरखनाथ के नाम पर स्थापित गोरखपुर नगर अत्यंत श्रद्धा का केंद्र है। ऐसी मान्यता है कि महायोगी गोरखनाथ भगवान शिव के अवतार थे। गोरखनाथ की तपस्थली श्री गोरक्षपीठ सदियों से भारत के सामाजिक और धार्मिक जागरण में अपनी विशिष्ट भूमिका निभाती रही है। भारत के स्वाधीनता आंदोलन के दौरान इस पीठ ने राजनीतिक पुनर्जागरण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज के समय में भी श्री गोरक्षपीठ जनजागरण, जनसेवा, शिक्षा और चिकित्सा सेवा का केंद्र बनी है।'' इसके पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 'महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय' का यहां शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि तनाव और चिंता से भरे आधुनिक समय में योग मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य का मार्ग है तथा योग को अपनाने से व्यक्ति आरोग्य के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के विरुद्ध लड़ाई में विशेष कर दूसरी लहर में आयुष चिकित्सा पद्धतियों ने लोगों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उन्हें संक्रमण मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज में जड़ी बूटियों के ज्ञान की समृद्ध परंपरा रही है, पिछले दो दशकों में पूरे देश में आयुष चिकित्सा पद्धतियों की लोकप्रियता में बढ़ोतरी हुई है, इसकी मांग बढ़ी है और इससे रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। उन्होंने कहा,‘‘ ऐसा विश्वास है कि खनिजों और धातुओं को औषधि के रूप में तैयार करके आपात चिकित्सा के रूप में इसके प्रयोग के प्रवर्तकों में बाबा गोरखनाथ प्रमुख रहे हैं, इसलिए उत्तर प्रदेश में स्थापित हो रहे आयुष विश्वविद्यालय का नाम 'महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय रखा जाना सर्वथा उचित है।'' राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, ‘‘गोरखनाथ जी ने सदा ईमानदारी, कथनी और करनी के मेल और बाह्य आडंबरों से मुक्ति की शिक्षा दी और योग को दया-दान का मूल कहा। उनके चरित्र, व्यक्तित्व से कबीर भी प्रभावित हुए। गोस्वामी तुलसीदास ने भी योग के क्षेत्र में गुरु गोरखनाथ के योगदान को स्वीकार करते हुए कहा कि ‘गोरख जगायो जोग', अर्थात गुरु गोरखनाथ ने जनसाधारण में योग का अभूतपूर्व प्रचार और प्रसार किया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारतवर्ष विविधता में एकता का उत्तम उदाहरण है जो कुछ कल्याणकारी, सहज, सुगम और उपयोगी है, उसे अपनाने में भारतवासी कभी संकोच नहीं करते हैं। देश में विभिन्न प्रकार की चिकित्सा पद्धतियों का प्रचलन भी हमारी इसी सोच का परिणाम है। योग, आयुर्वेद विश्व को भारत की देन है।'' उन्होंने कहा,‘‘महात्मा गांधी प्राकृतिक चिकित्सा के प्रबल पक्षधर थे और कहा करते थे कि शारीरिक उपचार के साधन हमारी प्रकृति में भी मौजूद हैं। वे इस बात से बहुत व्यथित रहते थे कि आधुनिक शिक्षा का संबंध हमारे दिन प्रतिदिन के जीवन के साथ नहीं है।'' राष्ट्रपति कोविंद ने जोर दिया, ‘‘ विद्यार्थियों को गांव व खेतों में पैदा होने वाली फसलों तथा वनस्पतियों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।वनस्पतियों के बारे में जानकारी होने से सामान्य रोगों का उपचार कम खर्च में हो जाता है और जीवन सुगम हो जाता है।'' उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रपति और देश की प्रथम महिला सविता कोविंद का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि योग विश्व की अमूल्य धरोहर है और इस धरोहर को आगे बढ़ाने का अभिनंदनीय कार्य प्रधानमंत्री ने किया है। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,‘‘ यह हम सबका सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री ने भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को वैश्विक मंच पर नयी पहचान दी और विश्व योग दिवस का 21 जून को मनाया जाना उसका प्रमाण है।'' उन्होंने 'महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय' के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश में 94 आयुष महाविद्यालय हैं जिनमें 7,500 स्नातक और 525 सीटें परास्नातक स्तर पर हैं और इन सबको सम्बद्ध करने के लिए यह विश्वविद्यालय कार्य करना प्रारंभ करेगा और इससे शैक्षणिक सत्र को नियमित करने और एकरूपता लाने में सफलता प्राप्त होगी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठ के महंत योगी आदित्यनाथ महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं। दोनों कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और देश की प्रथम महिला सविता कोविंद का स्वागत किया।
- नयी दिल्ली। यूनेस्को की सूची में शामिल भारत के धरोहर स्थलों के समृद्ध सांस्कृतिक खजाने को समेटे हुए एक पुस्तक का विमोचन किया गया है। इस पुस्तक में अभिलेखीय चित्रों सहित शानदार तस्वीरों को संग्रहीत किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 'इनक्रेडिबल ट्रेशर' शीर्षक वाली इस पुस्तक का शुक्रवार शाम एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान विमोचन किया गया। भारत में फिलहाल 40 सांस्कृतिक और प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल हैं, जो देश भर में फैले हुए हैं। इनमें तेलंगाना में स्थित 13वीं सदी का रामप्पा मंदिर और गुजरात में स्थित प्राचीन धोलावीरा स्थल शामिल है। दोनों को इस साल जुलाई में विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया। इस पुस्तक को यूनेस्को और मैपिन पब्लिशिंग हाउस ने तैयार किया है। यह परियोजना अगस्त 2019 में शुरू हुई थी और इसे पूरा होने में एक साल लगा। संरक्षण वास्तुकार शिखा जैन ने बताया कि रामप्पा मंदिर और धोलावीरा स्थल को यूनेस्को सूची में इस साल जुलाई में शामिल किए जाने के बाद इन दोनों स्थलों के बारे में जानकारियों को एक ब्राशर में समेटा गया है और पुस्तक के साथ यह भी उपलब्ध है।
- सागर । मध्यप्रदेश के सागर जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अनजाने में पड़ोसी देश पाकिस्तान में प्रवेश करने के बाद वहां की जेल में लंबे समय तक बंद रहा 57 वर्षीय व्यक्ति रिहा होकर अगले सप्ताह अपने घर वापस लौटेगा। सागर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अतुल सिंह ने शनिवार को बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 46 किलोमीटर दूर गौरझामर थाना क्षेत्र के घोसी पट्टी गांव का निवासी प्रहलाद सिंह को 30 अगस्त को वाघा सीमा पर भारत को सौंपा जाएगा। अधिकारी ने बताया कि वह व्यक्ति 30 साल पहले अपने घर से लापता हो गया था और जनवरी 2014 में मध्यप्रदेश सरकार को यह पता चला कि वह पाकिस्तान की जेल में बंद है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने 2014 में प्रहलाद को पाकिस्तान से वापस लाने के लिए पहचान और पत्राचार की प्रक्रिया शुरू की थी। एसपी ने कहा कि शुक्रवार को सूचना मिली है कि पाकिस्तान प्रहलाद को भारत को सौंप देगा। पुलिस का एक दल और उसका परिवार उसे वापस लाने के लिए अमृतसर रवाना हो रहा है। अधिकारी ने कहा कि अभी फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि प्रहलाद कब और कैसे पाकिस्तान पहुंचा।इस बीच, गौरझामर पुलिस थाना प्रभारी अरविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रहलाद के परिवार ने दावा किया कि वह मानसिक तौर पर कमजोर था और वर्ष 2014 में एक टेलीविजन कार्यक्रम में उसका चेहरा पहचाने जाने के बाद उन्हें पता चला कि वह पाकिस्तान की जेल में बंद है।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हरियाणा राज्य औद्योगिक और आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) को फरीदाबाद में औद्योगिक कचरे का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सही से निपटारा नहीं होने के कारण यह अपशिष्ट सीधे यमुना नदी में जाता है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन करते हुए औद्योगिक कचरे और अपशिष्ट को खुले में फेंकने या बहाने से सार्वजनिक स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। अधिकरण ने कहा कि पानी में उच्च रासायनिक ऑक्सीजन और जैव रासायनिक ऑक्सीजन का स्तर बताता है कि यह अत्यधिक दूषित है और खतरा हो सकता है। पीठ ने कहा, ‘‘हम एचएसआईआईडीसी को भूखंडों के आवंटियों के साथ-साथ स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए तरल, ठोस, औद्योगिक या घरेलू कचरे का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निपटारा करने का निर्देश देते हैं। यह कदम भी उठाने का निर्देश दिया जाता है कि भविष्य में खुले में कचरे का निपटारा ना किया जाए। अगर आवश्यक हो तो आवंटित भूखंडों की घेराबंदी की जाए।'' एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के अधिकारियों और फरीदाबाद के उपायुक्त वाली एक समिति को एक महीने के बाद स्थान का निरीक्षण करने और आगे के कदमों के लिए राज्य पीसीबी के अध्यक्ष को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। एनजीटी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, झारसेंतली द्वारा फरीदाबाद के सेक्टर 58 के झारसेंतली गांव में भूखंड संख्या 1083 और 1084 पर पेड़ काटने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
- नयी दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के स्कूलों में स्थापित टीकाकरण और राशन वितरण केंद्र एक सितंबर से नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू होने के बाद भी चालू रहेंगे। महानगर में कोविड-19 की स्थिति में सुधार के बाद, दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि नौवीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान एक सितंबर से फिर से खुलेंगे। इस विषय पर एक सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा, "स्कूलों में कई कक्षाएं हैं और जगह की कोई कमी नहीं है। जिन स्कूलों में टीकाकरण और राशन वितरण चल रहा है वहां यह जारी रहेगा।" उन्होंने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, "चूंकि पहले चरण में केवल चार कक्षाओं के छात्रों को बुलाया जा रहा है, इसलिए जगह कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। टीकाकरण क्षेत्र को छात्रों की कक्षाओं से अलग रखा जाएगा।" महामारी की संभावित तीसरी लहर की चिंताओं के बारे में पूछे जाने पर, मुख्यमंत्री ने कहा, "आज दिल्ली में कोविड की स्थिति नियंत्रण में है। पहले, माता-पिता भी अनिच्छुक थे, लेकिन अब माता-पिता भी चाहते हैं कि उनके बच्चे स्कूल जाएं और कक्षा में पढ़ाई करें।" उन्होंने कहा, "हम धीरे-धीरे स्कूलों को फिर से खोलेंगे। अगर उन्हें फिर से बंद करने की जरूरत पड़ी, तो हम देखेंगे।" स्कूलों को फिर से खोलने के सरकार के फैसले के बाद, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दोहराया कि किसी भी छात्र को कक्षाओं में प्रत्यक्ष भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम जल्द ही स्कूल फिर से खोलने के लिए विस्तृत एसओपी और दिशानिर्देश जारी करेंगे। किसी भी छात्र को ऑफलाइन या प्रत्यक्ष कक्षाओं में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा, उनके पास ऑनलाइन कक्षाओं को जारी रखने का विकल्प होगा।" अधिकांश स्कूलों ने फिर से खोलने के निर्णय का स्वागत किया है, हालांकि अभिभावकों के बीच अभी कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को लेकर थोड़ी चिंता है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तोक्यो पैरालम्पिक की टेबल टेनिस स्पर्धा के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचने वाली भाविना बेन पटेल को बधाई दी और कहा कि पूरा देश उनकी सफलता के लिए प्रार्थना कर रहा है। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘बधाइयां भाविना पटेल। आपने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। पूरा देश आपकी सफलता के लिए प्रार्थना कर रहा है और कल वह आपकी हौसलाआफजाई करेगा। आप बगैर किसी दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कीजिए। आपकी उपलब्धियां पूरे देश को प्रेरित करती हैं।'' ज्ञात हो कि भाविना बेन पटेल पैरालम्पिक टेबल टेनिस स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बन गईं। उन्होंने चीन की मियाओ झांग को क्लास 4 वर्ग के कड़े मुकाबले में 3 . 2 से हराया। पटेल ने दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी को 7.11, 11.7, 11.4, 9.11, 11.8 से हराकर भारतीय खेमे में भी सभी को चौंका दिया। अब उनका सामना दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी चीन की यिंग झोउ से होगा।गुजरात के मेहसाणा जिले में एक छोटी परचून की दुकान चलाने वाले हंसमुखभाई पटेल की बेटी भाविना को पदक का दावेदार भी नहीं माना जा रहा था लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से इतिहास रच दिया। वह बारह महीने की उम्र में पोलियो की शिकार हुई थीं।
- छत्तीसगढ़ के बारे में क्या है अनुमान पढ़ें......नयी दिल्ली। मध्य और पश्चिम भारत में बारिश में कमी के बाद 29 अगस्त से फिर से इसकी गतिविधियां तेज होने के आसार हैं। यह जानकारी शनिवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दी। दक्षिण प्रायद्वीप में 30 अगस्त तक वर्षा में तेजी आएगी। इसके बाद इसके कम होने की संभावना है।अगले चार से पांच दिनों तक पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी से लगते उत्तर पश्चिम भारत में कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। मौसम विभाग ने कहा कि उत्तराखंड के कुछ स्थानों पर अगले 24 घंटे में भारी बारिश हो सकती है जबकि कुछ स्थानों पर अगले पांच दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। उत्तर पश्चिम भारत में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश 28 अगस्त से 31 अगस्त के बीच होगी।आईएमडी ने कहा कि ओडिशा, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश में 28 अगस्त से एक सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश होगी तो कुछ स्थानों पर मध्यम दर्जे की बारिश होगी। उत्तर पूर्व भारत में अगले 24 घंटे में मध्यम दर्जे से भारी बारिश होगी और फिर उसके बाद बारिश में गिरावट आएगी।
- देवरिया (उप्र)। देवरिया जिले के खैराट गांव के पास छोटी गंडक नदी में शुक्रवार को नहाते समय तीन बच्चे डूब गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, तीनों बच्चे खामपार थाना अंतर्गत खैराट गांव के निवासी थे। उन्होंने बताया कि बच्चे छोटी गंडक नदी में नहाते समय पैर फिसल जाने से गहरे पानी में डूब गए। कुछ ग्रामीणों ने बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव बहुत तेज होने के कारण वे बच्चों को बचा नहीं पाए। बाद में ग्रामीणों ने तीनों शवों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।खामपार के थाना प्रभारी विपिन मलिक ने बताया कि बरसात की वजह से नदी इस समय उफान पर है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर खैराट गांव के रहने वाले अंकुश (सात), मोहित (नौ) और बुलबुल (आठ) नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान बच्चों का पैर फिसल गया और तेज धारा के चलते तीनों गहरे पानी में बह गए और डूब जाने से उनकी मौत हो गई।
- नागपुर। पायलट को दिल का दौरा पड़ने के कारण आपात स्थिति में नागपुर हवाईअड्डे पर उतरे बिमान बांग्लादेश विमानन कंपनी के विमान ने 11 घंटे बाद ढाका के लिए उड़ान भरी, लेकिन पायलट की स्थिति अब भी गंभीर है और उसका यहां एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। ढाका से मस्कट जा रहे इस बोइंग विमान में 126 यात्री सवार थे। विमान चालक को दिल का दौरा पड़ने के कारण विमान को शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजकर 40 मिनट पर नागपुर में आपात स्थिति में उतारा गया था। नागपुर हवाईअड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘बिमान बांग्लादेश ने चालक दल के वैकल्पिक सदस्यों का प्रबंध किया, जो नागपुर आए। इसके बाद विमान ने शुक्रवार को रात 10 बजकर 37 मिनट पर यात्रियों के साथ अपने गंतव्य स्थल की ओर उड़ान भरी।'' उन्होंने बताया कि पायलट अब भी गंभीर है और उसका नागपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। सूत्रों ने बताया कि पायलट को नागपुर हवाईअड्डे से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित किंग्सवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि जब विमान रायपुर के पास था तो उसे आपात स्थिति में उतारने के लिए कोलकाता एटीसी से संपर्क किया गया, जिसके बाद उसे निकटतम नागपुर हवाईअड्डे पर उतरने की सलाह दी गई। सहायक पायलट ने ने विमान को नागपुर में उतारा। बिमान बांग्लादेश ने भारत के लिए उड़ान सेवाएं हाल में बहाल की हैं। कोरोनो वायरस वैश्विक महामारी के कारण दोनों देशों के बीच हवाई यात्रा सेवा निलंबित थीं।
- मेरठ (उप्र)। मेरठ शहर के मेडिकल थाना क्षेत्र में शनिवार को बदमाशों ने पार्षद और एआईएमआईएम नेता की गोली मारकर हत्या कर दी। बाइक पर सवार होकर आए हमलावर घटना के बाद फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक (नगर) विनीत भटनागर ने बताया कि नौचंदी थाना क्षेत्र के ढबाई नगर निवासी जुबैर(40) वार्ड संख्या 80 से एआईएमआईएम के पार्षद थे। जुबैर का एक मकान संतोष नर्सिंग होम के पास भी बताया गया। जहां से वह शनिवार सुबह ताला लगा कर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठ रहे थे। उन्होंने बताया कि घटना को बाइक सवार हमलावरों ने अंजाम दिया और फरार हो गए। जुबैर को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भटनागर ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि जुबैर के पास से देहरादून स्थित संपत्ति के कुछ कागजात मिले हैं। माना जा रहा है कि संपत्ति विवाद की वजह से हत्याकांड को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
- भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अभियंता ने कथित तौर पर आर्थिक तंगी और अवसाद के चलते पत्नी के साथ मिलकर अपने दो बच्चों की हत्या की कोशिश की और बाद में दोनों ने जहर पी लिया। इस घटना में अभियंता और उनके पुत्र की मौत हो गई,जबकि पत्नी और बेटी की हालत गंभीर है। मिसरोद पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक निरंजन शर्मा ने शनिवार को बताया कि यह घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को शहर के बाहरी इलाके में स्थित सहारा स्टेट टाउनशिप में हुई। उन्होंने बताया कि रवि ठाकरे सिविल इंजीनियर थे और पिछले दो-तीन माह से बेरोजगार थे। आर्थिक तंगी और अवसाद के चलते उन्होंने अपनी पत्नी रंजना ठाकरे (50) के साथ मिलकर 16 वर्षीय बेटे और 14 वर्षीय बेटी का गला रेता ,इसके बाद दोनों ने जहर पी लिया। शर्मा ने बताया कि इस घटना में अभियंता और उनके बेटे की मौत हो गई जबकि पत्नी और बेटी का हमीदिया अस्पताल में उपचार चल रहा है, उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।


























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