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- कोट्टायम ।‘मलंकारा ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च ऑफ इंडिया' के सर्वोच्च प्रमुख बेसेलियस मारथोमा पॉलोस द्वितीय का रविवार देर रात निधन हो गया। गिरजाघर के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। पॉलोस द्वितीय ने ताउम्र गरीबों और वंचितों के लिए काम किया और गिरजाघर में कई उल्लेखनीय बदलाव लाने की पहल करने में उनका विशेष योगदान था। वह 74 वर्ष के थे। प्रवक्ता ने बताया कि कोविड-19 के बाद हुई जटिलताओं के कारण पतनमतिट्टा जिले के पारूमाला में उनका एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। रविवार देर रात करीब 2:35 बजे उनका निधन हो गया। वह दिसंबर 2019 से फेफड़ों के कैंसर से भी पीड़ित थे और इस वर्ष फरवरी में कोरोना वायरस संक्रमण से उबरे थे। गिरजाघर के सूत्रों ने बताया कि पॉलोस द्वितीय नवंबर 2010 में ‘ईस्ट ऐंड मलंकारा मेट्रोपोलिटन' के आठवें प्रमुख (कैथोलिकोस) बने थे। वह ‘एपॉस्टोलिक थ्रोन ऑफ सेंट थॉमस' के 91वें ‘प्राइमेट' (वरिष्ठ बिशप के लिए पदवी) थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन समेत कई धर्मों और राजनीतिक क्षेत्र के कई लोगों ने उनके निधन पर दु:ख व्यक्त किया है। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘इंडियन ऑर्थोडॉक्स चर्च के सर्वोच्च प्रमुख बेसेलियस मारथोमा पॉलोस द्वितीय के निधन से दु:खी हूं। वह अपने पीछे सेवा और करूणा भाव की समृद्ध धरोहर छोड़ गए हैं। दु:ख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं चर्च के सदस्यों के साथ हैं।'' मध्य केरल में त्रिशूर जिले के छोटे से गांव मंगद में 30 अगस्त 1946 को जन्मे के. आई. पॉल को बाद में बेसेलियस मारथोमा पॉलोस द्वितीय के नाम से जाना गया। वह 36 साल की उम्र में बिशप बन गए थे। गिरजाघर के सूत्रों ने बताया कि वह 2006 में सर्वसम्मति से कैथोलिकोस मनोनीत हुए थे। उनके पूर्ववर्ती बेसेलियस मारथोमा दिदीमस प्रथम के पद त्यागने के बाद, एक नवंबर 2010 को पॉलोस मार मिथिअस मेट्रोपोलिटन को ‘ईस्ट ऐंड मलंकारा मेट्रोपोलिटन' का कैथोलिकोस बनाया गया और उन्हें नया नाम ‘बेसेलियस मारथोमा पॉलोस द्वितीय' दिया गया। उनके अनुयायी उन्हें प्रेम से ‘बावा तिरुमेनी' कहकर पुकारते थे। वह लोकोपकारी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के कट्टर समर्थक थे। उन्होंने गिरजाघर प्रशासन में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए और उन्हें मताधिकार दिए। बावा तिरुमेनी को जब भी लगता था कि गिरजाघर के साथ न्याय नहीं हुआ तो वह सरकारों और राजनीतिक दलों की आलोचना करने से भी नहीं चूकते थे। पॉलोस द्वितीय के सामने कैथोलिकोस पद पर रहने के दौरान सबसे बड़ी एक चुनौती जैकबाइट धड़े के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ी थी। जब वह चर्च प्रमुख थे, उसी दौरान उच्चतम न्यायालय ने ऑर्थोडॉक्स और जैकबाइट धड़ों के बीच विवाद का निस्तारण करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। मुख्यमंत्री विजयन ने वरिष्ठ पादरी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह विनम्र व्यक्तित्व वाले थे और आम जनता से जुड़े थे।
- छतरपुर । जिले में एक ट्रक ने सामने से आ रही मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे मोटरसाइकिल पर सवार एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। यह घटना छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर पिपट थाना क्षेत्र के दमोतीपुरा गांव के पास रविवार-सोमवार की मध्यरात्रि को हुई। पिपट पुलिस थाना प्रभारी धर्मेन्द जोनवार ने सोमवार को बताया कि तेज गति से जा रहे ट्रक चालक ने सामने से आ रही मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे मोटरसाइकिल पर सवार रवि कुशवाहा (20), हरचरण कुशवाहा (25) एवं अशोक कुशवाहा (26) की मौत हो गई। ये तीनों जमुनिया पुरवा गांव के रहने वाले थे और एक ही परिवार के थे। उन्होंने कहा कि हादसा उस वक्त हुआ जब ये सभी रविवार देर रात हटवा गांव से अपने गांव जमुनिया पुरवा लौट रहे थे। जोनवार ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक अपने वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से उपजी स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और पहाड़ी राज्य को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है। ज्ञात हो कि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते आई अचानक बाढ़ में पर्यटन स्थलों पर कई कारें और इमारतें बह गईं। साथ ही, धर्मशाला स्थित हवाईअड्डा को भी बंद करना पड़ गया। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘‘भारी बारिश से हिमाचल प्रदेश में पैदा हुई स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारी राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है। मैं प्रभावित इलाकों के लोगों की सुरक्षा की कामना करता हूं।
- पटना। बिहार की राजधानी पटना के आलमगंज थाना क्षेत्र स्थित एक कुरियर कंपनी के कार्यालय से बदमाशों ने सोमवार को करीब 10 लाख रूपये लूट लिए। कर्मचारियों को बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस अधीक्षक नगर (पूर्वी) जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस वारदात को लेकर पुलिस के हाथ कुछ सुराग लगे हैं। मामले की छानबीन जारी है। उन्होंने बताया कि चार बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। कुमार ने बताया कि वारदात के तुरंत बाद उक्त कुरियर कंपनी के कर्मचारियों द्वारा सूचना नहीं दी गयी। करीब एक घंटे बाद इस वारदात को लेकर एक मीडियाकर्मी के जरिए जानकारी मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। एक्सप्रेस बीज नामक उक्त कुरियर कंपनी के स्थानीय शाखा प्रबंधक आकाश कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि रवि कुमार के नाम से एक पार्सल को लेने आने की बात कर बदमाश उनके कार्यालय में घुसे और सभी कर्मचारियों को हथियार के बल पर बंधक बनाकर कमरे में बंद कर दिया और लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने मास्क और कैप पहना हुआ था। उन्होंने बताया कि अपराधी फरार होने से पहले कार्यालय में लगे सीसीटीवी का डीवीआर भी अपने साथ ले गए। यह पूछे जाने पर कि आप लोगों ने वारदात की जानकारी तुरंत पुलिस को क्यों नहीं दी, राहुल ने कहा, '' पहले हमलोगों ने इसकी सूचना अपने मुख्यालय को दी और उसके बाद थाना का नंबर प्राप्त कर पुलिस को इसकी सूचना दी।'
- गुवाहाटी। असम में 2020 में कोविड-19 पाबंदियों का उल्लंघन करने पर जुर्माने के रूप में 7.44 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई है। कांग्रेस विधायक नूरुल हुदा के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पिछले साल जुर्माने की राशि 7,44,38,100 रुपये थी। इसमें से सबसे अधिक 4.44 करोड़ रुपये मास्क न लगाने वालों से वसूल किए गए, जबकि 2.15 करोड़ रुपये का जुर्माना मोटरसाइकिल पर पीछे सवार लोगों से वसूला गया। राज्य सरकार ने मास्क नहीं लगाने और मोटरसाइकिल के पीछे सवार होने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया था। दूसरी बार उल्लंघन करने वालों के लिए यह राशि 1,000 रुपये थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'वाहनों पर कर' श्रेणी के तहत पूरी राशि कोषागार में जमा करा दी गई है।
- भोपाल। मध्य प्रदेश के विभिन्न भागों में पिछले 24 घंटों में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में चार नाबालिग सहित 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गये। इनमें से पांच लोगों की मौत सोमवार को हुई, जबकि सात लोगों की मौत रविवार को हुई। राजनगर पुलिस थाना प्रभारी पंकज शर्मा ने बताया कि सोमवार दोपहर छतरपुर जिले से करीब 60 किलोमीटर दूर खजवा गांव के एक खेत पर बनी झोपड़ी पर बिजली गिरने से पिता-पुत्र सहित तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान भग्गू पटेल (55), उसके बेटे दिनेश पटेल (28) और विनोद पटेल (24) के रूप में की गई है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर भेजा दिया है। वहीं, दतिया से मिली सूचना के अनुसार, दतिया जिले के जिगना थाना क्षेत्र के ग्राम सनोरा में दो नाबालिग बहनों की सोमवार दोपहर को आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। जिगना थाने के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक हरिमोहन यादव ने बताया कि दतिया जिले के सनोरा गांव में स्थित माता के मंदिर पर आज दोपहर प्रियंका परिहार (17) और उसकी छोटी बहन प्रतीक्षा परिहार (10) खेल रहीं थी। इसी बीच बादल के कड़कने और तेज बारिश होने की वजह से दोनों बच्चियां मंदिर पर स्थित एक पेड़ के नीचे दुबक गई। इसी दौरान पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी और दोनों उसकी चपेट में आ गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बिजौली थाना प्रभारी केपीएस यादव ने बताया कि रविवार शाम को ग्वालियर जिले के बिजौली क्षेत्र के सुनारपुरा गांव में मवेशी चरा रहे हाकिम आदिवासी (24) एवं रवि (10) की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इस हादसे में दो अन्य व्यक्ति शोभाराम और दुर्गाराम झुलस गए, जिन्हें तुरंत ग्वालियर लाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सेसईपुरा थाना प्रभारी रीना शाक्य ने बताया कि श्योपुर जिले के सेसईपुरा थाना इलाके के टपरियान गांव में पेड़ के नीचे बैठे पिता-पुत्र सहित तीन लोगों पर रविवार शाम को बिजली गिरी, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गये। उन्होंने कहा कि इन तीनों को गंभीर हालत में कराहल स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां हरिओम यादव (65) एवं उनके बेटे कुबेर यादव (30) की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि रामखिलौना यादव (50) का इलाज चल रहा है। अमोला थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि रविवार शाम को शिवपुरी जिले के ग्राम बरोदी में बकरी चराने गए शिवम राजा (17) की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने कहा कि शिवपुरी जिले के बरोदी, सलैया एवं नारही गांवों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से सात लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली गिरने से पांच बकरियां भी मारी गईं। इनके अलावा, शहडोल जिले में केशवाही पुलिस चौकी के बलबहरा गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे अमृतलाल चौधरी (35) की मौत हुई है, जबकि एक अन्य व्यक्ति को अनूपपुर में भर्ती किया गया है। इसी बीच, चिचोली थाना प्रभारी अजय सोनी ने बताया कि बैतूल जिले के ग्राम आंवरिया के मंजरीढाना निवासी सालकराम मर्सकोले (48) की रविवार को उस वक्त आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई, जब वह अपने घर के दरवाजे पर खड़ा था।
- अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद शहर में कोविड-19 पाबंदियों के बीच सोमवार को भगवान जगन्नाथ की 144वीं रथयात्रा 12 घंटे के बजाय चार घंटे में संपन्न हो गई। पाबंदियों के मद्देनजर लोगों को इसमें भाग लेने से रोकने के लिए यात्रा के मार्ग में सुबह से ही कर्फ्यू लगाया गया था ।एक अधिकारी ने बताया कि भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथों की यात्रा सुबह करीब सात बजे जमालपुर इलाके के 400 साल पुराने जगन्नाथ मंदिर से शुरू हुई और 11 बजे वापस लौटी। लगभग 100 ट्रकों, हाथियों, अखाड़ों और गायन मंडलियों के सामान्य काफिले के बजाय इस साल की यात्रा में केवल तीन रथ शामिल थे, जिन्हें खालासी समुदाय के लगभग 100 युवाओं ने खींचा। इसके अलावा चार से पांच अन्य वाहन शामिल रहे। रथों के वापस मंदिर में आने के बाद पूरे कार्यक्रम की निगरानी कर रहे गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने कफ्र्यू हटाने की घोषणा की। इससे पहले, सुबह करीब सात बजे गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल द्वारा 'पाहिंद विधि' संपन्न करने के साथ रथयात्रा शुरू हुई। यह विधि ''रथों'' का रास्ता साफ करने की प्रतीकात्मक रस्म है। देवी-देवताओं की मूर्तियों को रथों पर रखने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुबह लगभग चार बजे मंदिर में दर्शन किया और 'मंगला आरती' में भाग लिया।पिछले साल कोविड-19 के प्रकोप से पहले, लगभग 100 ट्रकों में सजे-धजे हाथियों और झांकियों की एक झलक पाने के लिए लाखों लोग हर साल 'आषाढ़ी बीज' के मार्ग पर इक_ा होते थे। पिछले साल, गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा महामारी के कारण सामान्य सार्वजनिक जुलूस की अनुमति देने से इनकार करने के बाद, भगवान जगन्नाथ मंदिर के परिसर में केवल एक प्रतीकात्मक रथ यात्रा का आयोजन किया गया था।
- भुवनेश्वर। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) नौ दिवसीय रथ यात्रा उत्सव के दौरान पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों की लेजर स्कैनिंग करेगा। यह जानकारी श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने दी। कुमार ने बताया कि पुरी स्थित 12वीं शताब्दी के मंदिर के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाले एएसआई ने मंदिर प्रशासन से मंदिर की लेजर स्कैनिंग का अनुरोध किया था।उन्होंने कहा, सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद, एएसआई को गर्भगृह को छोड़कर नट मंडप, जगमोहन और मंदिर के अन्य हिस्सों में लेजर स्कैनिंग करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया। कहा कि गर्भ गृह के संबंध में निर्णय लेजर स्कैनिंग के लाभों का विश्लेषण करने के बाद लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेवादारों की एक समिति बनाई गई है, जिनकी मौजूदगी में मंदिर में लेजर स्कैनिंग की जाएगी। कुमार ने मंदिर के दरवाजों पर चांदी की परत चढ़ाने को लेकर कहा कि एक दानकर्ता की मदद से आठ द्वारों पर काम किया जाएगा। मंदिर प्रशासन को यह काम खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है क्योंकि इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। सूत्रों ने बताया कि मंदिर के दरवाजों पर चांदी की परत चढ़ाने के लिए आवश्यक चांदी भगवान जगन्नाथ के मुंबई स्थित एक भक्त ने दान दी थी। चांदी के पैकेट शुक्रवार को श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन कार्यालय पहुंचे।इससे पहले, एएसआई की एक टीम ने मंदिर का दौरा किया था और पाया था कि प्राचीन मंदिर की संरचनाओं की स्थिति का पता लगाने के लिए लेजर स्कैनिंग की आवश्यकता है।
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कानपुर। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने शशि हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा किया है। डीसीपी संजीव त्यागी ने बताया कि पुलिस ने दस्यु सुंदरी सीमा यादव समेत 6 आरोपियों को अरेस्ट किया है। आरोपी दस्यु सुंदरी सीमा यादव ने 50,000 की सुपारी लेकर महिला की हत्या कराई थी। मृतका शशि के जिस शख्स से अवैध संबंध थे, उसी शख्स ने अपने बेटे के साथ मिलकर जान से मारने के लिए सुपारी दी थी। पुलिस ने 24 घंटे में हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेज दिया है।
डीसीपी संजीव त्यागी ने बताया कि शनिवार को बिठूर थाना क्षेत्र स्थिति मकसूदाबाद में रहने वाली शशि गौतम का खून से सना हुआ शव छत पर मिला था। शशि की गोली मार कर हत्या की गई थी। मृतका बीते तीन साल से मकसूदाबाद में मकान बनाकर रह रही थी। शशि के भाई अनिल कुमार ने पुलिस को बताया था कि शशी का उसके पति संतोष से बीते 8 साल से विवाद चल रहा है। शशि के दो बेटे अमित (13) और सबसे छोटा बेटा सनी (8) अपने ननिहाल सिंहपुर में रहते हैं। वहीं, शशि का मंझला बेटा मंगली (11) पिता संतोष के साथ औरैया में रहता है।
डीसीपी संजीव त्यागी ने बताया कि शशि नाम की महिला की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मृतका के भाई अनिल ने बिठूर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस संबंध में स्वॉट टीम और बिठूर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जिसमें पता चला कि महिला के 2008 से कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव में रहने वाले आरोपी महेश शर्मा नाम के शख्स से अवैध संबंध थे।
डीसीपी ने बताया कि शशि के मकसूदाबाद मकान में आरोपी महेश शर्मा ने आर्थिक मदद की थी। शशि लगातार महेश शर्मा को ब्लैक मेल कर उसका आर्थिक शोषण कर रही थी। इससे परेशान होकर आरोपी महेश शर्मा ने अपने बेटे अमित शर्मा के साथ मिलकर शशि को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया था। महेश शर्मा ने बेटे अमित के साथ मिलकर शशि की हत्या के लिए आरोपी दस्यु सुंदरी सीमा यादव को 50,000 रुपये की सुपारी दी थी।
डीसीपी संजीव त्यागी ने बताया कि आरोपी दस्यु सुंदरी सीमा यादव ने अपने तीन शूटरों आरोपी अनुज, सत्यम शर्मा, अमर यादव को दस-दस हजार रुपये नकद और तमंचा देकर भेजा था। आरोपी सीमा यादव के तीनों शूटर शुक्रवार आधी रात बाइक से शशि के घर पहुंचे थे। शूटर रस्सी के सहारे छत पर पहुंचे थे। सोते वक्त शशि की गोली मारकर हत्या कर फरार हो गए थे। पुलिस ने आरोपी सीमा यादव, महेश शर्मा, अमित शर्मा, अमर यादव, अनुराग यादव, सत्यम शर्मा को जेल भेज दिया है। -
पबजी और फ्री फायर की लत में छात्र की हत्या...!
उज्जैन। मध्य प्रदेश में पबजी और फ्री फायर गेम की लत एक छात्र की हत्या की वजह बन गई। उज्जैन के नागदा के युवक ने गेम के टॉपअप के लिए आरोपी पड़ोसी युवक से 5 हजार रुपए उधार लिए थे। जब रुपए नहीं लौटा सका तो पड़ोसी से झगड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ा कि पड़ोसी ने उसका अपहरण किया और गला दबाकर हत्या कर दी। उसका क्षत-विक्षत शव शनिवार को मिला था। पुलिस ने रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस आरोपी युवक का नाम नहीं बता रही है।
एसपी सत्येंद्र शुक्ल ने बताया कि शिव कॉलोनी बेरछा रोड के रहने वाले रितेश गुर्जरवाडिय़ा (17) 11वीं का छात्र था। उसे पबजी और फ्री फायर गेम की आदत थी। रितेश ने गेम के लेवल पार करने के लिए टॉपअप कराया था। इसके लिए पड़ोसी आरोपी युवक से 5 हजार रुपए उधार लिए थे। रितेश की लाश बिडला ग्राम थाना क्षेत्र में जर्जर पड़ी बीसीआई कॉलोनी में मिली थी।
पुलिस के मुताबिक रितेश शुक्रवार रात 7 बजे घर पर कराटे क्लास जाने की बात कहकर दोस्तों के साथ निकला था। रात उसके पिता राधेश्याम गुर्जरवाडिय़ा के मोबाइल पर रितेश के मोबाइल नंबर से कॉल आया। यह कॉल करने वाला कोई दूसरा व्यक्ति था। उसने रितेश के अपहरण की बात कहते हुए एक लाख रुपए फिरौती मांगी। इसके बाद परिवार वालों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले में जांच कर रही थी। इस बीच शनिवार शाम को राधेश्याम के मोबाइल पर किसी अननोन नंबर से कॉल आया। कॉलर ने कहा कि 'तुम्हारे बेटे की लाश बीसीआई कॉलोनी में पड़ी है, ले जाओ।Ó यह सुनकर पिता के होश उड़ गए। वह तुरंत पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। यहां रितेश की क्षत-विक्षत लाश पड़ी थी।
एसपी सत्येंद्र शुक्ल ने बताया कि रितेश ऑनलाइन गेम पबजी और फ्री फायर गेम के लेवल पार करने के लिए टॉपअप करवाता था। इसी के लिए उसने आरोपी युवक से 5 हजार रुपए उधार लिए थे। वह रुपए नहीं चुका पा रहा था। इसी कारण शुक्रवार रात आरोपी और रितेश के बीच झगड़ा हुआ। आरोपी ने रितेश का गला दबा दिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
क्या है ऑनलाइन गेम में टॉपअप का खेल
पबजी और फ्री फायर गेम्स में खेलते वक्त लेवल पार करने और मेंबरशिप लेने के साथ लेवल, स्किन, गन्स, वेपन्स, कॉस्ट्यूम आदि के लिए टॉपअप करवाना पड़ता है। इनमें छोटे टॉपअप का चार्ज 500 रुपए से लेकर 4000 रुपए तक होती है। लेवल बढ़ाने के लिए बच्चे गेम की लत में पड़ जाते हैं। - जयपुर/ कोटा। राजस्थान के जयपुर, झालावाड़ और धौलपुर जिलों में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में सात बच्चों सहित 18 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि राज्य के अलग-अलग गांवों में हुई घटनाओं में छह बच्चों सहित 21 लोग घायल भी हुए हैं। राजधानी जयपुर में एक बड़ी त्रासदी में आमेर किले के पास आकाशीय बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई जबकि आठ अन्य लोग घायल हो गये। मृतकों में अधिकतर युवक थे जो किले के पास एक पहाड़ी पर खुशनुमा मौसम का आनंद लेने गये थे। उनमें से कुछ लोग वाच टावर पर सेल्फी ले रहे थे। जबकि कई पहाड़ी पर मौजूद थे। देर शाम जब आकाशीय बिजली गिरने से वाच टावर पर मौजूद लोग गिर गये।जयपुर पुलिस आयुक्त आनंद श्रीवास्तव ने बताया, ‘‘आकाशीय बिजली गिरने की घटना में 11 लोगों की मौत हो गई जबकि आठ लोग घायल हो गये।'' उन्होंने बताया कि घायलों के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघुशर्मा आमेर में बिजली गिरने से हुए हादसे में घायलों के उपचार का जायला लेने सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल पंहुचे। मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी, विधायक अमीन कागजी भी मौजूद रहे। उन्होंने घायलों के उपचार के लिये आवश्यक निर्देश दिये। झालावाड़ जिले के कंवास थानाधिकारी ने बताया कि गरडा गांव में बिजली गिरने से एक पेड़ के नीचे अपने पशुओं के साथ खड़े राधे बंजारा ऊर्फ बावला (12), पुखराज बंजारा (16), विक्रम (16) और उसके भाई अखराज (13) की मौत मौके पर ही हो गई। घटना में एक गाय और करीब 10 बकरियों की भी मौत हो गई। थानाधिकारी ने बताया कि घायल बच्चों राहुल, विक्रम, राकेश और मानसिंह और फूलीबाई को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताया जा रही है। सुनेल थाना क्षेत्र के लालगांव में इसी तरह की घटना में बिजली की चपेट में आने से 23 वर्षीय चरवाहा तारासिंह भील की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में दो भैंसों की भी मौत हो गई। सुनेल थाना क्षेत्र के चाचाना गांव में दो नाबालिग युवतियां बिजली गिरने से घायल हो गईं। धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड क्षेत्र के कुदिन्ना गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो सगे भाईयों सहित तीन बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि हादसा उस समय हुआ,जब गांव के कुछ बच्चे जंगल में बकरियां चरा रहे थे। उन्होंने बताया कि बिजली की चपेट में आने से लवकुश (15), विपिन (10), और भोलू (8) की मौत हो गई।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि पर दुख व्यकत करते हुए कहा कि कोटा, धौलपुर, झालावाड़, जयपुर और बारां में आज बिजली गिरने से हुई जनहानि बेहद दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रभावितों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, ईश्वर उन्हें सम्बल प्रदान करें। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों को शीघ्र सहायता उपलब्ध करवाएं। राज्यपाल कलराज मिश्र ने आकाशीय बिजली गिरने से कोटा के कनवास गांव में चार एवं बाड़ी(धौलपुर) के कूदिन्ना गांव में तीन बच्चों की मृत्यु की हृदयविदारक दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने आमेर के वाच टावर में सेल्फी लेने के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से लोगों की दर्दनाक मौत को भी गंभीरता से लेते हुए शोक संवेदना प्रकट की है। राज्यपाल ने बारिश के मौसम को देखते हुए लोगों से जान-माल की सुरक्षा के लिए सावधानी और सतर्कता बरतने की अपील भी की है।
- गुवाहाटी/आइजोल। असम के कछार जिले में निष्कासन अभियान के दौरान मिजोरम के कथित शरारती तत्वों द्वारा संदिग्ध 'आईईडी' धमाका करने के एक दिन बाद रविवार को मिजोरम की सीमा में एक के बाद एक दो धमाके हुए। असम पुलिस के सूत्रों ने यह जानकारी दी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व सरमा ने मिजोरम के अपने समकक्ष जोरामथांगा को नयी दिल्ली में दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक के कुछ दिन बाद हुई घटनाओं की जानकारी दी है।जिले के खुलीचेरा इलाके में तनाव व्याप्त है और खबर है कि कुछ दिन पहले मिजोरम के कुछ लोग असम की सीमा में साढ़े छह किलोमीटर अंदर आ गए जिसके बाद असम पुलिस और नागरिक प्रशासन ने निष्कासन अभियान शुरू किया। असम पुलिस के सूत्र ने बताया, ''मिजोरम की सीमा से तड़के 2.40 बजे और 2.43 बजे दो धमाकों की आवाज सुनी गई। खुलीचेरा के प्वांइट-दो पर तटस्थ बल के रूप में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों से मिजोरम की सीमा में हुए संदिग्ध धमाकों का पता लगाने को कहा गया है।'' उन्होंने बताया कि स्थिति सामान्य है लेकिन अब भी तनाव बना हुआ है। सीमावर्ती इलाकों में असम पुलिस के जवान सतर्क हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीमा) हरमीत सिंह मौके पर डेरा डाले हुए हैं।
- पुरी। पुरी में लगातार दूसरी बार बिना श्रद्धालुओं की उपस्थिति के भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकलने जा रही है। जिला प्रशासन ने रविवार रात आठ बजे से दो दिन के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया है। पवित्र रथों को आज अपराह्न तीन बजे रवाना किया जाएगा।प्रशासन ने श्री जगन्नाथ मंदिर से श्री गुंडिचा मंदिर के बीच तीन किलोमीटर लंबे ग्रांड रोड पर प्रतिबंध लागू किया है जहां चिकित्सा आपातकाल के अलावा अन्य सभी गतिविधियों पर रोक रहेगी। कोविड महामारी के वर्तमान हालात के मद्देनजर इस वार्षिक धार्मिक आयोजन के सहज संचालन के लिए कम से कम 65 दस्तों की तैनाती की गई है। प्रत्येक दस्ते में 30 जवान शामिल हैं। पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने कहा कि लोगों से अपील की गई है कि वे कर्फ्यू की अवधि के दौरान मंगलवार रात आठ बजे तक घरों से नहीं निकलें और ग्रांड रोड पर भीड़ एकत्र नहीं करें। उन्होंने कहा कि लोग अपने टीवी पर इस उत्सव का आनंद ले सकते हैं और सरकार ने इस बाबत प्रबंध किए हैं। file photo---
- ह्यूस्टन। एयरोनॉटिकल इंजीनियर शिरिषा बांदला रविवार को अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की तीसरी महिला बन गई। उन्होंने न्यू मैक्सिको से ब्रिटिश अरबपति रिचर्ड ब्रानसन सहित वर्जिन गैलेक्टिक के पूर्ण चालक दल सदस्य के साथ उपकक्षीय परीक्षण उड़ान भरी। वर्जिन गैलेक्टिक वीएसएस यूनिटी अंतरिक्ष यान है जिसने खराब मौसम की वजह से करीब 90 मिनट की देरी से 1.5 घंटे की उड़ान न्यू मैक्सिको के ऊपर भरी। बांदला, ब्रानसन और पांच अन्य लोगों के साथ वर्जिन गैलेक्टिक अंतरिक्ष यान पर सवार हुईं और न्यू मैक्सिकों से उड़ान भरी। उड़ान भरने से पहले बांदला ने ट्वीट किया, ‘‘ यूनिटी 22 के शानदार चालक दल का सदस्य और कंपनी का हिस्सा बनाकर अभूतपूर्व तरीके से सम्मानित किया है जिसका मिशन अंतरिक्ष को सभी के लिए मुहैया कराना है।'' उन्होंने छह जुलाई को वर्जिन गैलेक्टिक के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया था, ‘‘जब मैंने सुना कि मुझे यह अवसर मिल रहा है, तब मैं ... निशब्द हो गई। मैं मानती हूं कि संभवत: सही हुआ। यह अलग-अलग पृष्ठभूमि, भौगोलिक क्षेत्र, समुदाय के लोगों के अंतरिक्ष में होने का अभूतपूर्व अवसर है।'' यूनिटी 22 का प्राथमिक उ्द्देश्य वर्जिन गैलेक्टिक द्वारा भविष्य की यात्री उड़ानों के लिए परीक्षण करना है। बता दें कि बांदला का जन्म आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में हुआ है जबकि उनकी परवरिश ह्यूस्टन में हुई है। अंतरिक्ष यात्री के तौर पर उनका बैज संख्या 004 है और उड़ान में उनकी भूमिका अनुसंधान करने की है। अन्य चालक दल सदस्यों में दो पायलट और अरबपति ब्रानसन सहित तीन अन्य लोग हैं। ब्रानसन एक हफ्ते में 71 साल के हो जाएंगे। बांदला अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की तीसरी महिला बन गई हैं। उनसे पहले कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष का सफर कर चुकी हैं। हालांकि, भारतीय नागरिक के तौर पर अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले एक मात्र विंग कमांडर राकेश शर्मा हैं। वायुसेना के पूर्व पायलट शर्मा तीन अप्रैल 1984 को सोवियत इंटरकोस्मोस कार्यक्रम के तहत सोयुज टी-11 से अंतरिक्ष में गए थे। बांदला जब चार साल की थीं तब अमेरिका चली गई थीं और वर्ष 2011 में पुर्डे यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एयरोनॉटिक्स से विज्ञान में स्नातक किया। उन्होंने वर्ष 2015 में जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की।
- मधुबनी (बिहार)। जिला के पंडौल थाना क्षेत्र के रुचौल गांव में रविवार को एक पोखर से प्रेमी युगल का शव पुलिस ने बरामद किया है। पंडौल थाना अध्यक्ष शंकर शरण दास ने बताया कि मृतकों की पहचान रुचौल गांव निवासी रामवृक्ष पासवान के पुत्र अक्षय पासवान (20) और रामदेव पासवान की पुत्री हेमा कुमारी (19) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों ने शवों पोस्टमार्टम नहीं करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद उन्हें सौंप दिए गए। मृतकों के परिजनों ने अपने आवेदन में बताया है कि अक्षय और हेमा के बीच प्रेम प्रसंग का मामला चल रहा था। दोनों दो दिन पहले अपने-अपने घर के लोगों को बिना बताए कहीं चले गए थे। परिजनों ने उनकी तलाश की पर वे नहीं मिले। रविवार को दोनों का शव झामदास पोखर में तैरता हुआ ग्रामीणों ने देखा था।
- नयी दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को बताया कि दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई स्थानों पर सोमवार सुबह तक मूसलाधार बारिश होने की संभावना है, लेकिन पूरे दिन गर्मी और उमस से मामूली राहत मिली क्योंकि दक्षिण पश्चिम मॉनसून अबतक क्षेत्र के बाकी बचे इलाकों तक नहीं पहुंचा है। आईएमडी ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून को दिल्ली सहित उत्तर भारत में 10 जुलाई तक दस्तक देना था, लेकिन रविवार शाम तक ऐसा नहीं हुआ। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि दिल्ली के ऊपर मॉनसून के सक्रिय होने की अनुकूल परिस्थितियां हैं, क्योंकि पूर्वी हवाओं की वजह से हवा में आर्द्रता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से भी मॉनसून को गति मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम रविवार को हल्की बारिश और सोमवार को अच्छी बारिश होने की उम्मीद कर रहे हैं।''आईएमडी ने कहा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना, तटीय और आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान है।'' मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों को अलर्ट जारी किया है जबकि तटीय महाराष्ट्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। बुलेटिन में संकेत दिया गया है कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्तिस्तान और मुजफ्फराबाद, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, बिहार, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, ओडिशा, अंडमान-निकोबार , सौराष्ट्र और कच्छ, मराठवाड़ा, रायलसीमा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।'' आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, अंडमान-निकोबार और तेलंगाना में गरज चमक के साथ तेज हवाएं (30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा) चल सकती हैं।
- नयी दिल्ली। नवनियुक्त रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को अहमदाबाद और मुंबई के बीच महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना की समीक्षा की। वह पिछले कुछ दिनों से रेलवे की उच्च प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की स्थिति जानने के लिए परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। एक समीक्षा बैठक के दौरान, मंत्री को बुलेट ट्रेन कार्यान्वयन एजेंसी, नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के प्रबंध निदेशक ने परियोजना की स्थिति से अवगत कराया। वैष्णव ने ट्वीट किया, “एनएचएसआर के प्रबंध निदेशक श्री सतीश अग्निहोत्री के साथ अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड लाइन के कार्यान्वयन की समीक्षा की।” अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लिए जरूरी कुल 1,396 हेक्टेयर भूमि में से अब तक, 1,035 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अब तक 74 फीसदी भूमि अधिग्रहण हुआ है जिसमें से 96 प्रतिशत गुजरात में और 25 फीसदी महाराष्ट्र में अधिग्रहित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र शासित प्रदेश दादर नगर हवेली से परियोजना के लिए जरूरी भूमि में से 96 प्रतिशत का अधिग्रहण कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि संरेखण के 92 प्रतिशत (351 किलोमीटर में से 325 किलोमीटर) और पांच स्टेशनों के निर्माण के लिए सिविल कार्य के ठेके गुजरात और दादरा नगर हवेली में दिए गए हैं और क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जहां करीब 2000 लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 90 प्रतिशत भूमि, निर्माण के लिए ठेकेदारों को पहले ही सौंपी जा चुकी है। अधिकारियों ने कहा कि उम्मीद है कि गुजरात में शेष आठ प्रतिशत संरेखण और शेष तीन स्टेशनों के लिए ठेके इस वर्ष के अंत तक दे दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि साबरमती रोलिंग स्टॉक डिपो के लिए ठेका अगले साल की शुरुआत में दिया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया, “महामारी और महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण की धीमी प्रक्रिया से एमएएचएसआर (मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल) परियोजना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पूरी परियोजना पर महामारी के सटीक प्रभाव का पता लगाने के बाद संशोधित समयसीमा पर काम किया जाएगा।
- धौलपुर (राजस्थान) ।धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड क्षेत्र के कुदिन्ना गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो सगे भाईयों सहित तीन बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि हादसा उस समय हुआ, जब गांव के कुछ बच्चे जंगल में अपनी बकरियां चरा रहे थे। उन्होंने बताया कि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से लवकुश (15), विपिन (10), और भोलू (8) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिये सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया है।file photo
- मुजफ्फरनगर । मुजफ्फरनगर के तीन लोग उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी में डूब गए। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि ऋषिकेश गए पांच लोगों ने शनिवार शाम गंगा में स्नान करने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि गंगा में स्नान करते समय दीपक शर्मा (34), राजीव शर्मा (32) और आदित्य देव (34) उसमें डूब गए। दीपक और राजीव भाई थे। उन्होंने बताया कि दीपक और राजीव के शव बरामद कर लिए गए हैं, लेकिन आदित्य का अभी पता नहीं चला है। पुलिस ने कहा कि तलाश अभियान जारी है।-file photo
- नोएडा। थाना दनकौर क्षेत्र के गांव में जमीनी विवाद में एक युवक की रविवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। थाना दनकौर के प्रभारी निरीक्षक अरविंद पाठक ने बताया कि रविवार सुबह थाना दनकौर पुलिस को सूचना मिली कि गांव गढ़ी आजमपुर में संदीप नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक को कई गोलियां लगी हैं। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि जमीनी विवाद को लेकर युवक की हत्या की गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक के परिजनों ने कुछ लोगों पर हत्या की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।-file photo
- नांदेड। महाराष्ट्र के यवतमाल जिले और आसपास के इलाकों में रविवार को 4.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पड़ोसी नांदेड़ जिले के जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर ने राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केन्द्र से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि भूकंप के झटके सुबह आठ बजकर 33 मिनट पर महसूस किए गए और भूकंप का केन्द्र यवतमाल जिले के साधुनगर में था। उन्होंने बताया कि भूकंप के झटके नांदेड़ में भी महसूस किए गए। आधिकारिक बयान के अनुसार नांदेड़ के जिलाधिकारी पड़ोसी जिले के अधिकारियों के संपर्क में हैं और उन्होंने लोगों से भयभीत नहीं होने का अनुरोध किया है।
- नयी दिल्ली। भारत ने अफगानिस्तान में सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति और कंधार के आस-पास के नए इलाकों पर तालिबाल के कब्जे के मद्देनजर इस दक्षिणी अफगान शहर में अपने वाणिज्य दूतावास से करीब 50 राजनयिकों और सुरक्षा कर्मियों को वापस बुला लिया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस कर्मियों के एक समूह समेत भारतीय राजनयिकों, अधिकारियों और अन्य कर्मियों को स्वदेश लाने के लिए भारतीय वायुसेना के एक विशेष विमान को शनिवार को भेजा गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि कंधार शहर के पास जबरदस्त लड़ाई को देखते हुए भारतीय कर्मियों को वापस लाया जा रहा है। भारतीय कर्मियों की वापसी को अस्थायी कदम बताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने कहा कि स्थानीय कर्मियों की मदद से वाणिज्य दूतावास में कामकाज चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान में सुरक्षा की बदलती स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है। बागची ने कहा, ‘‘हमारे कर्मियों की रक्षा और सुरक्षा सर्वोपरि है। कंधार में भारत के महावाणिज्य दूतावास को बंद नहीं किया गया है। कंधार शहर के पास भीषण लड़ाई के कारण भारतीय कर्मियों को कुछ समय के लिए वापस लाया गया है।'' बागची इस मुद्दे पर मीडियाकर्मियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह बताना चाहता हूं कि स्थिति के सुधरने तक यह एक अस्थायी कदम है। हमारे स्थानीय कर्मियों के जरिए वाणिज्य दूतावास में कामकाज चलता रहेगा।'' बागची ने कहा कि काबुल में भारतीय दूतावास के जरिए वीजा एवं दूतावास मदद संबंधी सेवाएं चलती रहें यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अफगानिस्तान का अहम सहयोगी होने के नाते भारत एक शांतिपूर्ण, संप्रभु और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।'' क्षेत्र में कई अहम इलाकों पर तालिबान के तेजी से कब्जा जमाने और पश्चिम अफगानिस्तान में सुरक्षा की बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर भारत ने कंधार में वाणिज्य दूतावास अस्थायी रूप से बंद करने का कदम उठाया है। काबुल में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को कहा था कि कंधार और मजार-ए-शरीफ में दूतावास और वाणिज्य दूतावासों को बंद करने की कोई योजना नहीं है। दो दिन पहले विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह अफगानिस्तान में बिगड़ती स्थिति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर इसके प्रभाव को लेकर नजर रखे हुए है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ‘‘हम स्थिति के अनुसार कदम उठाएंगे।'' अफगानिस्तान में करीब दो दशक तक अपने सैनिकों की मौजूदगी के बाद अमेरिका अगस्त अंत तक अपने सुरक्षा बलों की वापसी की प्रक्रिया पूरा करना चाहता है। वहीं, अमेरिकी सुरक्षा बलों की वापसी के बीच पिछले कुछ सप्ताह से अफगानिस्तान में कई आतंकवादी हमले हुए हैं। क्षेत्र में हिंसा बढ़ने के मद्देनजर कम से कम दो विदेशी मिशन ने उत्तरी बाल्ख प्रांत की राजधानी मजार-ए-शरीफ में अपना संचालन बंद कर दिया है। अफगानिस्तान में बिगड़ती स्थिति को लेकर भारत में बढ़ती चिंताओं के बीच, अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुंदजे ने मंगलवार को विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला को अफगानिस्तान में स्थिति से अवगत कराया। भारतीय दूतावास ने अफगानिस्तान की यात्रा करने वाले, वहां रहने और काम करने वाले सभी भारतीयों से पिछले हफ्ते कहा था कि वे अपनी सुरक्षा के संबंध में पूरी सावधानी बरतें और देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर सभी प्रकार की गैर-जरूरी यात्रा से बचें। एक परामर्श में दूतावास ने कहा कि अफगानिस्तान में सुरक्षा की स्थिति ‘‘खतरनाक'' बनी हुई है और आतंकवादी समूहों ने नागरिकों को निशाना बनाने सहित कई खतरनाक हमले किए हैं और भारतीय नागरिकों को अपहरण का अतिरिक्त ‘‘गंभीर खतरा'' है। भारत अफगानिस्तान के नेतृत्व, स्वामित्व और नियंत्रण वाली एक राष्ट्रीय शांति और सुलह प्रक्रिया का समर्थन करता रहा है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद हनीफ अतमार ने मार्च में भारत का दौरा किया था। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उन्हें शांतिपूर्ण, संप्रभु और स्थिर अफगानिस्तान के लिए भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता से अवगत कराया था।
- कौशांबी ।उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शनिवार रात एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया जिससे ट्रैक्टर में सवार दो युवकों की मौत हो गई तथा एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, करारी थाना क्षेत्र के म्यौहर गांव का रहने वाला अजय (22) अपने गांव के ही लौटन (25) तथा पड़ोस के गांव बड़े तालाब के रहने वाले राजेश के साथ रात लगभग 10 बजे खेत जोतने के बाद घर वापस लौट रहा था। वापसी में बड़े तालाब गांव के पास ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया जिससे अजय और लौटन की मौके पर ही मौत हो गई जबकि राजेश गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि गंभीर रूप से घायल राजेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
- इंदौर ।कोविड-19 के प्रकोप का असर सरकार के परिवार नियोजन कार्यक्रम पर भी पड़ा है। इसका अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि नसबंदियों के विश्व कीर्तिमान का दावा करने वाले प्रसिद्ध सर्जन डॉ. ललित मोहन पंत के किए गए इन ऑपरेशनों की तादाद गुजरे वित्त वर्ष में 84 फीसद घटकर महज 2,500 पर सिमट गई। इंदौर में रहनेवाले पंत ने रविवार को विश्व जनसंख्या दिवस पर कहा, "कोविड-19 के प्रकोप से पहले मैं हर साल औसतन 16,000 नसबंदी ऑपरेशन करता था। लेकिन महामारी से बुरी तरह प्रभावित वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान मैं केवल 2,500 नसबंदी ऑपरेशन कर सका।" उन्होंने बताया कि लॉकडाउन और कोविड-19 संबंधी अन्य बंदिशों के कारण गुजरे वित्त वर्ष में जहां नसबंदी शिविर कम लगे, वहीं महामारी के डर के कारण लोगों में भी परिवार नियोजन ऑपरेशन को लेकर हिचक दिखाई दी। पंत ने कहा, "कई लोग ऐसे भी थे जो नसबंदी ऑपरेशन से पहले कराई गई जांच में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। लिहाजा हमने एहतियात के तौर पर इन संक्रमितों के नसबंदी ऑपरेशन नहीं किए।" उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन ऑपरेशन पर कोविड-19 का असर अब भी कायम है और एक अप्रैल से शुरू हुए मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान उन्होंने ऐसे केवल 300 ऑपरेशन किए हैं। सर्जन ने बताया कि मई में उनका पूरा परिवार कोरोना वायरस से संक्रमित हो गया था और वह स्वयं 16 दिन तक एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती रहे थे। उन्होंने कहा, "गुजरे 39 वर्षों के दौरान मैंने महिलाओं और पुरुषों की कुल 3.90 लाख नसबंदियां की हैं। दुनियाभर में किसी भी सर्जन ने इतने नसबंदी ऑपरेशन नहीं किए हैं।" यह 65 वर्षीय सर्जन प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग में नसबंदी के प्रमुख प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा, "भारतीय परिप्रेक्ष्य में मोटा अनुमान लगाया जाए, तो मेरे द्वारा किए गए 3.90 लाख नसबंदी ऑपरेशनों से 13 लाख से ज्यादा संभावित जन्म रुके हैं।" पंत, "दूरबीन वाले बाबा" के रूप में मशहूर हैं। इसका कारण यह है कि महिला नसबंदी की जिस पद्धति में उन्हें महारत हासिल है, उसके साथ "दूरबीन" का आमफहम शब्द जुड़ा है। उन्होंने कहा कि "बिना चीरा, बिना टांका, बिना दर्द" पद्धति के कारण पिछले वर्षों में नसबंदी को लेकर पुरुषों की मानसिकता हालांकि बदली है। लेकिन नसबंदी ऑपरेशनों में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की भागीदारी बेहद कम बनी हुई है। पंत ने कहा, "मैंने अब तक जो कुल 3.90 लाख नसबंदी कीं, उनमें पुरुषों के केवल 13,600 परिवार नियोजन ऑपरेशन शामिल हैं। परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़नी ही चाहिए।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने आधिकारिक आवास पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिवों के साथ बैठक की और इस दौरान पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा भी मौजूद थे। मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान भारतीय जनता पार्टी के लगभग सभी राष्ट्रीय सचिव मौजूद थे। पार्टी के महासचिव (संगठन) बी एल संतोष ने भी बैठक में हिस्सा लिया। इससे पहले दिन में नड्डा की अध्यक्षता में पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय सचिवों की बैठक हुई, जो करीब एक घंटा चली थी। पिछले महीने भी प्रधानमंत्री ने भाजपा के महासचिवों और विभिन्न प्रकोष्ठ के अध्यक्षों के साथ अपने आवास पर ऐसी ही बैठकें की थीं। ये बैठकें करीब पांच घंटे तक चली थीं और इस दौरान व्यापक राजनीतिक चर्चा हुई थी। बैठकों के दौरान मुख्य तौर पर हाल में संपन्न एवं आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा हुई थी।


























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