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वाशिंगटन. हार्डवेयर की दुकान पर आसानी से मिलने वाले सामान से बने वायु फिल्टर भी न केवल लोगों को विषाणुओं के संक्रमण से बचा सकते हैं बल्कि रासायनिक प्रदूषकों से भी रक्षा कर सकते हैं। यह दावा एक नवीनतम अध्ययन में किया गया है। अध्ययन के मुताबिक कोर्सी रोसेंथल बॉक्स या घन नामक इस फिल्टर को हार्डवेयर पर आसानी से मिलने वाले एमईआरवी-13 फिल्टर, डक्ट टेप, 20 इंच के बॉक्स पंखे और कार्डबोर्ड के डिब्बों की मदद से बनाया जा सकता है। अध्ययन के मुख्य अनुसंधानकर्ता और अमेरिका स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर जोसफ ब्राउन ने बताया, ‘‘अध्ययन से साबित हुआ है कि सस्ते और आसानी से बनाए जाने वाले डिब्बानुमा इस फिल्टर से न केवल विषाणुओं से बल्कि रासायनिक प्रदूषकों से भी बचाव हो सकता है।
ब्राउन ने बयान में कहा, जन स्वास्थ्य में सहायक यह सहज फिल्टर, सामुदायिक समूहों को वायु गुणवत्ता और उनका स्वास्थ्य सुधारने के लिए कदम उठाने हेतु सशक्त करेगा।'' परियोजना के तहत इन डिब्बों को विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिसर के सदस्यों ने बनाया और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ और संस्थान की अन्य इमारतों में लगाया गया।'' रासायनिक कणों के स्तर को हवा में न्यूनतम करने के लिए इस घन आकार के डिब्बों का प्रभाव जानने के उद्देश्य से ब्राउन और उनकी टीम ने कमरे में डिब्बे रखने से पहले और बाद में वाष्प रूप में मौजूद रासायनिक कणों की सघनता जांची। अध्ययन के परिणामों को जर्नल ‘‘एनवायरनमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी'' में प्रकाशित किया गया है, जिसके मुताबिक रोसेंथन बॉक्स के इस्तेमाल से 17 कमरों में उल्लेखनीय रूप से कई पीएफएएस और फाथलेट्स कणों के स्तर में कमी आई। यह प्रयोग फरवरी और मार्च 2022 के दौरान किया गया। गौरतलब है कि पीएफएएस कृत्रिम रसायन होता है जो क्लीनर, कपड़ा और तारों के ऊपर लगे कुचालक में मिलता है और इस बॉक्स की मदद से इनके स्तर में 40 से 60 प्रतिशत की कमी आई। फाथलेट्स आमतौर पर निर्माण सामग्री और निजी देखभाल की सामग्री में मिलता है और इन डिब्बों से इनके स्तर में 30 से 60 प्रतिशत कमी लाने में मदद मिली। ब्राउन ने बताया कि पीएफएएस और फाथलेट्स से दमा, टीकों का असर कम होने, जन्म के समय कम वजन, बच्चों के दिमागी विकास में अवरोध सहित कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती है।
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वाशिंगटन. विदेश से आने वाले यात्रियों की हवाई अड्डे पर ‘रैंडम' आरटी-पीसीआर जांच करने के भारत के कदम से उनकी चिंता बढ़ी है, लेकिन प्रवासी भारतीयों समेत छुट्टी मनाने के लिए आने वालों की यात्रा योजनाओं पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। भारतीय समुदाय के सदस्यों ने रविवार को यह बात कही। भारत सरकार ने शनिवार को कहा था कि चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और थाईलैंड से भारत आने वाले यात्रियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का पता लगाने के लिए अनिवार्य रूप से उनकी आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी। कोविड-19 के मामलों में कमी और व्यापक टीकाकरण के बाद भारत ने नवंबर से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अनिवार्य आरटी-पीसीआर जांच बंद कर दी थी। अमेरिका में रहने वाली डॉ सम्पत शिवांगी चार जनवरी को इंदौर में आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस में हिस्सा लेने वाली हैं। वह हैदराबाद में एक अन्य कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। शिवांगी ने कहा कि चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों और मौतों की खबरों के बीच भारत कोविड से जुड़ी स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में, हम भारत सरकार की सराहना करते हैं जिसने सफलतापूर्वक कोविड से लड़ाई लड़ी और इस तरह के किसी भी खतरे से निपटने की योजना बनाई है। इंदौर में प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित एक वक्ता के रूप में, मैं अपनी भागीदारी को लेकर उत्सुक हूं।'' फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन के प्रमुख अंकुर वैद्य ने कोविड सतर्कता के मद्देनजर भारत द्वारा की गई पहल की सराहना की। हालांकि, उन्होंने कहा कि आगामी प्रवासी भारतीय दिवस पर भी विचार करने की आवश्यकता है, जिसके लिए विदेश मंत्रालय ने व्यापक तैयारियां की हैं। वैद्य ने कहा, ‘‘जिन्होंने विदेश मंत्रालय के आश्वासन पर प्रीमियम किराया टिकट खरीदे हैं, वे एक निश्चित स्थिति में होंगे। उदाहरण के लिए, मैंने बेहतर योजना के लिए उस एयरलाइन को फोन किया, जिसके साथ मुझे यात्रा करनी है। वर्तमान में, कोविड को लेकर टिकट रद्द करने की (कंपनी की) कोई नीति नहीं हैं, इसलिए इसके सामान्य शुल्क लागू होंगे।'' उन्होंने कहा कि स्थिति की समीक्षा के दौरान सरकार को अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।
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नई दिल्ली। चीन ने कोविड के बढ़ते संक्रमण के बीच दैनिक आधार पर कोविड के मामले प्रकाशित करने पर रोक लगा दी है। एक लीक हुए दस्तावेज के अनुसार, इस महीने के पहले सप्ताह में जीरो कोविड नीति में ढील दिए जाने के बाद केवल 20 दिनों में लगभग 25 करोड़ लोगों में कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई है। दस्तावेज के अनुसार, पहली से 20 दिसंबर तक 24 करोड़ 80 लाख लोग संक्रमित हुए। यह चीन की कुल आबादी का 17 दशमलव छह पांच प्रतिशत है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने अब फैसला किया है कि कोविड संबंधी दैनिक आंकड़े प्रकाशित नहीं किए जाएंगे। चीन में अस्पताल और शव गृह खचाखच भरे हैं। इस बीच विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की है कि अगले वर्ष चीन में कोविड से 20 लाख से अधिक लोगों की मौत हो सकती है। चीन में कोविड का नया रूप बीएफ 7 तेजी से फैल रहा है।
- वॉशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति जो. बाइडन ने भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक रिचर्ड आर. वर्मा को अमरीकी सीनेट विभाग में प्रबंधन और संसाधन मामलों का विदेश उप-मंत्री नियुक्त किया है। श्री वर्मा फिलहाल मुख्य विधिक अधिकारी और मास्टर कार्ड में वैश्विक लोक नीति के प्रमुख हैं। वे ओबामा के कार्यकाल में भारत में अमरीका के राजदूत और विधायी मामलों के सहायक मंत्री के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।इससे पूर्व, श्री वर्मा अमरीकी सीनेट हैरी रीड के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, डेमोक्रेटिक सचेतक, अल्पसंख्यक नेता और अमरीकी सीनेट में मेजोरिटी नेता भी रहे हैं।श्री रिचर्ड वर्मा अमरीकी वायु सेना में कार्यरत रहे हैं और उन्हें प्रतिष्ठित सेवा पदक सहित कई पदकों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने राष्ट्रपति के सतकर्ता सलाहकार बोर्ड में भी अपनी सेवाएं दी हैं और वे सामूहिक विनाश तथा आतंकवाद निवारण आयोग के सदस्य भी रहे हैं। श्री वर्मा फोर्ड फाउंडेशन सहित कई अन्य बोर्ड के ट्रस्टी हैं। इनमें नेशनल एंडोमेंट फॉर डेमोक्रेसी एण्ड लेहिग यूनिवर्सिटी भी शामिल है।
- जिनेवा । विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है। साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कल डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसू ने कहा कि चीन में जोखिम के आकलन के लिए उनके संगठन को स्थ्रिति की गंभीरता, अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या और आईसीयू की जरूरतों पर विस्तृत जानकारी चाहिये। उन्होंने चीन से अनुरोध किया है कि वो संगठन को सभी आंकड़े उपलब्ध कराए। उन्होंने देश में सबसे ज्यादा जोखिम वाले लोगों के टीकाकरण पर जोर देने और स्वास्थ्य सुविधा तथा नैदानिक उपचार उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के विरुद्ध पिछले साल की तुलना में हम बेहतर स्थिति में हैं, हालाकि श्री टेड्रोस ने कहा कि महामारी की समाप्ति की घोषणा के लिए अभी भी अनिश्चितता की स्थिति है।
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काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन ने विश्वविद्यालयों में लड़कियों के शिक्षा लेने पर राष्ट्र व्यापी प्रतिबंध लगा दिया है। पिछले वर्ष सत्ता पर काबिज होने के बाद कट्टरवादी इस्लामिक संगठन तालिबान ने अफगानिस्तान में उदारवादी शासन देने के वायदे के बावजूद महिलाओं के शिक्षा और स्वतंत्रता के अधिकार को कुचलना जारी रखा है। अफगानिस्तान के शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में विश्वविद्यालय में महिलाओं की शिक्षा पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है और यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा। यह तालिबानी आदेश ऐसे समय में आया है जब अगले तीन महीने से कम समय में हजारों महिलाओं और लड़कियों को विश्वविद्यालय की परीक्षाएं देनी हैं और कई छात्राएं शिक्षक और डॉक्टर बनने के सपने देख रही हैं। न्यूयॉर्क में अफगानिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में अमरीका और ब्रिटेन ने तालिबान के इस निर्णय की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्टीफान दुजारिक ने बताया कि यह आदेश साफ बताता है कि तालिबान ने अपना एक और वायदा तोड़ा है।
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कराची. पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक गैस सिलेंडर में विस्फोट होने से लगी भीषण आग में 12 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 25 अन्य घायल हो गए। ‘डॉन' अखबार के मुताबिक, सोमवार को दक्षिण-पश्चिमी प्रांत के लासबेला जिले में एक दुकान में गैस सिलेंडर भरते वक्त विस्फोट हो गया। दुकान में रखे अन्य सिलेंडर भी आग की जद में आ गये। पास की दुकानों में भी आग फैल गई। दुकान के आसपास खड़ी करीब 24 मोटरसाइकिल भी जल कर खाक हो गई। ‘जियो न्यूज' ने पुलिस के हवाले से बताया कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आग में कम से कम 25 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें कराची के डॉ रूथ फाउ सिविल हॉस्पिटल भेजा गया है। एक चिकित्सक के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर है और वे 70 से 90 प्रतिशत तक झुलस गये हैं।
पुलिस ने कहा कि घटना में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। लासबेला के उपायुक्त मुराद कासी ने कहा कि आग पूरे बाजार में फैल सकती थी लेकिन दमकलकर्मियों के प्रयासों से इस पर काबू पा लिया गया। उन्होंने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। -
वाशिंगटन. ट्विटर प्रमुख एलन मस्क ने ट्विटर उपयोगकर्ताओं से इसको लेकर एक सर्वेक्षण में वोट करने के लिए कहा है कि उन्हें सोशल मीडिया साइट के प्रमुख का पद छोड़ देना चाहिए या नहीं। मस्क ने लोगों से यह अपील ऐसे समय की है जब सोशल मीडिया कंपनी के विवादास्पद नीतिगत बदलावों के परिणामस्वरूप कंपनी के भीतर व्यापक उथल-पुथल मची हुई है। मस्क ने अपने 12.2 करोड़ फॉलोअर्स से इस विषय पर सर्वेक्षण में शामिल होने की अपील करते हुए रविवार को ट्वीट किया, "क्या मुझे ट्विटर के प्रमुख के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए? मैं इस सर्वेक्षण के परिणामों का पालन करूंगा।'' मस्क ने बाद में एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘आप वोट करते समय सावधानी बरतें क्योंकि आप जो चाहते हैं वह आपको प्राप्त हो सकता है।'' 44 अरब अमरीकी डालर में ट्विटर को खरीदने और अक्टूबर के अंत में इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में पदभार संभालने के बाद से, 51 वर्षीय उद्योगपति के कदमों से एक के बाद विवाद उत्पन्न हुए हैं। मस्क ने ट्विटर पर यह भी घोषणा की कि आगे बढ़ने के विषय पर बड़े नीतिगत बदलावों पर भी सर्वेक्षण किया जाएगा। ‘बीबीसी' ने बताया कि यह सर्वेक्षण ऐसे समय सामने आया है जब ट्विटर का कहना है कि वह ऐसे अकाउंट को बंद कर देगा जो केवल अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के लिए बनाये गए हैं।
- काहिरा । ईरान के अधिकारियों ने देश की सबसे प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक को देश भर में हो रहे प्रदर्शनों के बारे में झूठ फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी ‘इरना' की खबर में कहा गया है कि ऑस्कर विजेता फिल्म ‘द सेल्समैन' की अभिनेत्री तारानेह अलीदूस्ती को शनिवार को हिरासत में लिया गया। एक हफ्ते पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया था जिसमें विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित रूप से किए गए अपराधों के लिए हाल में मृत्युदंड पाने वाले पहले व्यक्ति के साथ एकजुटता व्यक्त की गई थी। सरकारी मीडिया के आधिकारिक टेलीग्राम पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सरकार विरोधी प्रदर्शनों का खुलकर समर्थन करने को लेकर मशहूर हस्तियों की गिरफ्तारी की श्रृंखला में यह नयी घोषणा है, जिसमें फुटबॉल खिलाड़ी, अभिनेता और प्रभावशाली लोग शामिल हैं। सरकारी मीडिया के आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर प्रकाशित खबर के अनुसार, अलीदूस्ती को गिरफ्तार कर लिया गया है क्योंकि उन्होंने ‘‘अपने दावों के अनुरूप कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।'' उसने कहा कि कई अन्य ईरानी हस्तियों को भी भड़काऊ सामग्री प्रकाशित करने के लिए न्यायपालिका ने समन भेजा था और इनमें से कुछ को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, इसमें कोई और विवरण नहीं दिया गया। अपने पोस्ट में, 38 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा था, ‘‘उसका नाम मोहसिन शेखरी था। हर अंतरराष्ट्रीय संगठन जो इस खूनखराबे को देख रहा है और कार्रवाई नहीं कर रहा है, मानवता के लिए एक अपमान है।'' शेखरी को नौ दिसंबर को ईरान की एक अदालत ने तेहरान में एक सड़क को अवरुद्ध करने और देश के सुरक्षा बलों के एक सदस्य पर हथियार से हमला करने के आरोप में मृत्युदंड सुनाया था। नवंबर में दो अन्य प्रसिद्ध ईरानी अभिनेत्रियों हेंगामेह ग़जियानी और कातायुन रियाही को अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के कारण गिरफ्तार किया था। ईरानी फ़ुटबॉल खिलाड़ी वोरिया गफौरी को भी पिछले महीने ‘राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम का अपमान करने और सरकार के ख़िलाफ प्रचार करने' के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, तीनों को रिहा कर दिया गया है।
- सियोल। उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट पर एक बैलिस्टिक मिसाइल छोड़ी है। दक्षिण कोरिया ने यह जानकारी दी। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा कि मिसाइल रविवार छोड़ी गयी। उन्होंने और कोई जानकारी नहीं दी। यह मिसाइल ऐसे वक्त में छोड़ी गयी है जब तीन दिन पहले उत्तर कोरिया ने कहा था कि उसने एक नया सामरिक हथियार ‘हाई-थ्रस्ट सॉलिड-फ्यूल मोटर' का परीक्षण किया है। उत्तर कोरिया, अमेरिका के मुख्य भूभाग पर हमला करने के लिए एक बैलिस्टिक मिसाइल बनाने के मकसद से आगे बढ़ रहा है। हाल के महीनों में उत्तर कोरिया ने परमाणु संपन्न बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया है जिनमें पिछले महीने उसकी लंबी दूरी की हवासोंग-17 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) शामिल है।
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नई दिल्ली। चीन के एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, चीन इस सर्दी में कोविड संक्रमण की तीन संभावित लहरों में से पहली लहर का सामना कर रहा है। इस महीने की शुरुआत में सबसे गंभीर प्रतिबंध हटाए जाने के बाद से देश में कोविड मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। कोविड जांच में कमी के कारण नवीनतम आधिकारिक आंकड़े नए दैनिक मामलों की कम संख्या दिखाते हैं। अब तक सरकार ने रविवार को केवल 2,097 नए दैनिक मामले दर्ज किए। महामारी विज्ञानी वू ज़ुन्यो ने कहा है कि उनका मानना है कि संक्रमण में मौजूदा बढ़त जनवरी के मध्य तक चलेगी, जबकि दूसरी लहर 21 जनवरी के आसपास शुरू होगी। इस समय परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए आमतौर पर लाखों लोग यात्रा करते हैं। तीसरी लहर फरवरी के अंत से मार्च के मध्य तक रहेगी।
डॉक्टर वू की यह टिप्पणी अमेरिका के एक प्रतिष्ठित शोध संस्थान की इस सप्ताह की शुरुआत में आई रिपोर्ट के बाद आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में 2023 में कोविड के मामलों में भयंकर बढोत्तरी होने से दस लाख से अधिक लोगों की मौत हो सकती है। - नई दिल्ली। अमरीका की खुफिया एजेंसी-सी.आई.ए. के निदेशक बिल बर्न्स ने कहा है कि यूक्रेन में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल रोकने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर अपने प्रभाव का उपयोग किया। पी.बी.एस. टी.वी. नेटवर्क के साथ बातचीत में श्री बर्न्स ने कहा कि परमाणु हथियारों पर प्रधानमंत्री मोदी के विचारों का रूसी नेतृत्व पर प्रभाव पड़ा और यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में एक वैश्विक आपदा टल गई। भारत ने यूक्रेन में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ बार-बार चेतावनी दी है और कहा है कि इस संघर्ष को संवाद और कूटनीति से खत्म किया जाना चाहिए। श्री मोदी रूसी राष्ट्रपति पुतिन से इस संघर्ष को खत्म करने के लिये बार-बार कहते आ रहे हैं। सी.आई.ए. प्रमुख की यह टिप्पणी इस मायने में महत्वपूर्ण है कि श्री पुतिन ने पहले परमाणु हमले की धमकी दी थी। श्री पुतिन ने कहा था कि रूस युद्ध में हर उपलब्ध तरीका अपनाएगा। सी.आई.ए. प्रमुख के बयान को यूक्रेन संघर्ष में भारत के रुख पर सहमति के रूप में जा रहा है।
- वाशिंगटन। अटलांटा में भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक मीनल पटेल को मेडिकेयर स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम से धोखाधड़ी कर आनुवंशिक जांच के 44.75 करोड़ डॉलर के घोटाले में दोषी ठहराया गया है। संघीय अभियोजकों ने बताया कि लैबसॉल्यूशंस एलएलसी की मालिक पटेल ने मरीजों के ब्रोकर, टेलीमेडिसिन कंपनियों और कॉल सेंटरों के साथ साजिश रच कर मेडिकेयर बीमा के लाभार्थियों को फोन करके झूठ बोला कि वे अपने बीमा के तहत कैंसर की महंगी आनुवंशिक जांच भी करा सकते हैं। न्याय विभाग ने बताया कि जब मेडिकेयर के लाभार्थी जांच कराने के लिए राजी हो जाते तो पटेल टेलीमेडिसिन कंपनियों से जांच की मंजूरी देने वाले डॉक्टर के हस्ताक्षर वाले पर्चे हासिल करने के लिए मरीजों के ब्रोकर को रिश्वत देती थी। फ्लोरिडा में एक संघीय अदालत ने पटेल को स्वास्थ्य देखभाल धोखाधड़ी, अमेरिका से धोखाधड़ी करने के लिए साजिश रचने, स्वास्थ्य देखभाल संबंधी रिश्वत लेने और देने तथा धनशोधन की साजिश रचने के आरोपों में दोषी ठहराया गया है। एक मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, पटेल को सात मार्च 2023 को सजा सुनायी जाएगी और उसे अधिकतम 20 साल की जेल की सजा हो सकती है।
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नई दिल्ली। भा्रतीय मूल के लियो वराडकर दूसरी बार आयरलैंड के प्रधानमंत्री चुने गए हैं। देश की मध्य मार्गी गठबंधन सरकार के साथ बारी बारी से सत्ता संभालने के समझौते के तहत वराडकर ने प्रधानमंत्री का पद संभाला है। सांसदों ने आयरलैंड के निचले सदन डाइल में हुए विशेष सत्र में प्रधानमंत्री पद पर माइकल मार्टिन के स्थान पर वराडकर के नामांकन को मंजूरी दी। आयरलैंड के राष्ट्रपति डी. हिगिन्स के कार्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद वराडकर की नियुक्ति की पुष्टि हुई। अपने पहले कार्यकाल में लियो वराडकर 2017 से 2020 तक आयरलैंड के प्रधानमंत्री रहे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आयरलैंड के प्रधानमंत्री का पद संभालने पर श्री वराडकर को बधाई दी है। एक ट्वीट में श्री मोदी ने कहा कि भारत और आयरलैंड के बीच ऐतिहासिक संबंधों, साझा संवैधानिक मूल्यों और बहुमुखी सहयोग का वह सम्मान करते हैं। श्री मोदी ने कहा कि उन्हें दोनों गतिशीत अर्थव्यवस्थाओं की पूरी क्षमता के उपयोग के लिये मिलकर काम करने का इंतजार रहेगा। - वारसॉ। पोलैंड के एकमात्र अंतरिक्ष यात्री जनरल मिरोस्लाव हेर्मस्जेवस्की का निधन हो गया है। वह 81 साल के थे । उन्होंने 1978 में सोवियत अंतरिक्ष यान के जरिये पहली बार धरती की परिक्रमा की थी। हेर्मस्जेवस्की के दामाद रिजार्ड जारनेकी ने सोमवार को ट्विटर के माध्यम से सेवानिवृत्त वायुसेना के पायलट के निधन की जानकारी दी थी। यूरोपीय संसद के सदस्य जारनेकी ने बाद में पोलैंड की मीडिया को बताया कि हेर्मस्जेवस्की की मृत्यु वारसॉ के एक अस्पताल में सुबह हुयी उनकी सर्जरी से उत्पन्न जटिलताओं के कारण हुयी। अंतरिक्ष की यात्रा करने के लिए उन्हें राष्ट्रीय नायक माना जाने लगा था। 1978 की जून और जुलाई में नौ दिनों में उन्होंने और सोवियत अंतरिक्ष यात्री प्योत्र क्लिमुक ने सोयूज 30 अंतरिक्ष यान में पृथ्वी की परिक्रमा की थी ।
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बीजिंग |चीन के कुछ विश्वविद्यालयों ने कहा है कि वे जनवरी में नव वर्ष की छुट्टियों के दौरान कोविड-19 का प्रकोप और बढ़ने की आशंका को देखते हुए छात्रों को घर से पढ़ाई करते हुए सेमेस्टर पूरा करने की अनुमति देंगे। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने स्कूल ऐसा करेंगे लेकिन शंघाई और आसपास के शहरों में विश्वविद्यालयों ने कहा कि छात्रों को या तो जल्दी घर लौटने या परिसर में रहने और हर 48 घंटे पर जांच कराने का विकल्प दिया जाएगा। इस बार चंद्र नव वर्ष 22 जनवरी को आ रहा है जो पारंपरिक रूप से चीन में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। विश्वविद्यालयों ने यह घोषणा ऐसे वक्त में की है जब चीन ने अपनी सख्त ‘‘जीरो कोविड'' नीति में छूट देते हुए हल्के लक्षण वाले लोगों को पृथकवाास केंद्रों में भेजे जाने के बजाय घर पर रहने की मंजूरी दी है। साथ ही उसने व्यापक प्रदर्शनों के बाद नीति में कई और बदलाव भी किए हैं। चीन ने मंगलवार से उस स्मार्टफोन ऐप को बंद कर दिया जिसके तहत निवासियों के आने-जाने पर नजर रखी जाती थी। एपी गोला नरेश
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लंदन. ब्रिटेन चाहता है कि ब्राजील, जापान, जर्मनी और अफ्रीकी प्रतिनिधित्व के साथ भारत भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नए स्थायी सदस्यों में शामिल हो। ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने सोमवार को यह बात कही। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के नेतृत्व वाली सरकार में पदभार ग्रहण करने के बाद से विदेश नीति संबंधी अपने पहले प्रमुख भाषण में जेम्स क्लेवरली ने यह बात कही। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को स्पष्ट रूप से युद्ध-विरोधी संदेश देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा भी की। ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने जी-20 समूह की अध्यक्षता के दौरान भारत के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्धता भी जताई। लंदन में विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) में 'ब्रिटिश विदेश नीति और कूटनीति' शीर्षक से अपने मुख्य भाषण में जेम्स क्लेवरली ने कहा, ‘‘ ब्रिटेन स्थायी अफ्रीकी प्रतिनिधित्व के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में ब्राजील, भारत, जापान और जर्मनी का स्वागत करना चाहता है। हमारा उद्देश्य एक ऐतिहासिक साझा उपलब्धि को बनाए रखना है जिससे सभी को लाभ हो।
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सिडनी. (360इन्फो) स्कैन में प्राय: पीठ की समस्या से पीड़ित लोगों को कोई नुकसान नहीं दिखता, लेकिन डॉक्टरों को इस बात पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ता है कि वे दर्द से कैसे निपटें। जब हम अचानक दर्द का अनुभव करते हैं तो कारण की तलाश करना और इसे खत्म करना स्वाभाविक हो जाता है। यदि हमारे पैर में कांटा लगने से दर्द होता है, तो हम उसे आसानी से दूर कर देते हैं। यदि दर्द अधिक समय तक बना रहता है, तो हम पैरासिटामोल ले सकते हैं, या आइस-पैक का उपयोग कर सकते हैं। आमतौर पर ऐसे तरीके काम करते हैं। लेकिन कभी-कभी दर्द दूर नहीं होता। जब दर्द तीन महीने से अधिक समय तक बना रहता है, तो इसे पुराना दर्द कहा जाता है तथा कहानी और अधिक जटिल हो जाती है। लगभग 20 प्रतिशत वयस्क किसी न किसी प्रकार के पुराने दर्द का अनुभव करते हैं। कई लोगों के लिए परेशान करने वाला हो सकता है। दर्द निवारक (एनाल्जेसिक) या सर्जरी से पुराने दर्द से शायद ही कभी राहत मिलती है - हालांकि यह इन विकल्पों को आजमाने से लोगों को नहीं रोकता है। जब कोई दर्द बना रहता है, तो उपचार योग्य या प्रबंधनीय विशिष्ट कारणों की पहचान करने या उनका पता लगाने के लिए एक संपूर्ण चिकित्सा परीक्षण होना महत्वपूर्ण है। कुछ प्रकार का पुराना दर्द किसी अंतर्निहित बीमारी या स्थिति के कारण हो सकता है, जैसे गठिया या ट्यूमर। लेकिन अन्य पुराने दर्द में, अधिकांश पीठ दर्द की तरह, किसी विशिष्ट शारीरिक कारण की पहचान नहीं हो पाती। भले ही स्पाइनल स्कैन में अपकर्षक परिवर्तन पाए जाते हैं, यह दर्द का कारण नहीं हो सकता: कई अध्ययनों में ऐसे लोगों की रीढ़ की हड्डी में बदलाव पाया गया है जिन्हें दर्द नहीं होता, वहीं ऐसा भी होता है कि पीठ दर्द से पीड़ित अन्य लोगों की रीढ़ की हड्डी में कोई बदलाव न दिखे। यह आश्चर्य की बात नहीं है कि पुराने दर्द से पीड़ित कई लोगों के लिए यह विश्वास करना कठिन होता है कि आधुनिक चिकित्सा और शल्य चिकित्सा उनके दर्द को ठीक नहीं कर सकती। वे अकसर घबराहट की भावना और अपने स्वास्थ्य पेशेवरों से निराश होने की बात कहते हैं। सिर्फ पुराने दर्द से पीड़ित लोग ही लगातार दर्द से परेशान और निराश नहीं रहे हैं। 1982 में, सिएटल में वाशिंगटन विश्वविद्यालय के अमेरिकी न्यूरोसर्जन डॉक्टर जॉन लोसर ने एक सर्जन के रूप में अपने रोगियों को पीठ दर्द से विश्वसनीय रूप से छुटकारा दिलाने में विफल रहने पर निराशा व्यक्त की थी। यह समझने के अपने प्रयासों में कि वह कहाँ गलत हैं, डॉक्टर लोसर को यह एहसास हुआ कि पीठ दर्द का जवाब पीठ में नहीं है। उनकी जांच और सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श के परिणाम को दर्द के "बायोसाइकोसोशल मॉडल" के रूप में जाना जाने लगा। यह कहता है कि लगातार दर्द मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और जैविक कारकों के बीच गतिशील कारकों का परिणाम है। दूसरे शब्दों में, पुराने पीठ दर्द से पीड़ित अधिकतर लोगों को पीठ की जांच जारी रखने से मदद नहीं मिलती। केवल अनुमानित जैविक, या 'पैथोफिजियोलॉजिकल' समस्या पर लक्षित उपचार के पर्याप्त होने की संभावना नहीं है। इसके बजाय, लोसर (और अन्य) ने महसूस किया कि उन्हें इस बात की बेहतर समझ प्राप्त करने की आवश्यकता है कि पीठ के बाहर के कारक (या जहां भी पुराने दर्द महसूस हो रहा हो) प्रत्येक रोगी के दर्द की समस्याओं के लिए कुछ न कुछ कारक जिम्मेदार रहे हैं और उन्हें किसी उपचार योजना में शामिल किया जा सकता है। वर्ष 1982 के बाद से 40 साल में, कई देशों के अनुसंधानकर्ताओं ने पुष्टि की है कि स्कैन या शारीरिक परीक्षण प्राय: रोगियों द्वारा बताए गए दर्द के अनुभव और प्रभाव से बहुत कम या कोई संबंध नहीं रखते हैं। यहां तक कि जब घायल या संवेदनशील ऊतक का सबूत होता है, तो ऐसे परिवर्तनों के प्रभाव को लेकर रोगियों के बीच अकसर काफी भिन्नता होती है। इसके साथ ही ये सबूत बढ़ गए हैं कि मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाएं, जैसे कि ध्यान, दर्द के बारे में राय, और व्यक्ति की वर्तमान मनोदशा, साथ ही साथ व्यवहार पैटर्न भी दर्द के अनुभव और प्रभाव में योगदान कर सकते हैं। दर्द को दूर करने के लिए किसी मरीज के पैर से कांटा निकालने की साधारण स्थिति के विपरीत, लोगों के लिए उपचार जहां जैविक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारकों की एक श्रृंखला को व्यक्ति के दर्द के कारण का जिम्मेदार माना जाता है, इन कारकों के यथासंभव समाधान का प्रयास किया जाना चाहिए। ऐसा करने में विफलता का जोखिम रहता है जिसने डॉ लोसर को बहुत निराश किया। हम डॉ. लोसर की निराशा से काफी आगे निकल आए हैं। अब हम जानते हैं कि अधिक व्यापक दृष्टिकोण, जो लगातार दर्द के जैविक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारकों का समाधान करता है, उन उपचारों की तुलना में अधिक प्रभावी होता है जो शरीर के सिर्फ दर्द से पीड़ित हिस्सों को लक्षित करते हैं।
- इस्लामाबाद। एक शादी को निभाने और एक बच्चे को पालने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं, ऐसे में यदि कोई शख्स छह-छह शादी निभा ले जाए और 54 बच्चों का पिता बन बैठे तो लोग आश्चर्य तो करेंगे ही। ऐसे ही शख्स का नाम हैं 75 साल के अब्दुल मजीद जो पाकिस्तान में रहते थे। अब वे इस दुनिया में नहीं हैं। पिछले हफ्ते ही हार्ट अटैक से उनकी मौत हो चुकी है।अब्दुल मजीद को छह शादियां से पैदा हुए 54 बच्चे और इन सभी का खर्च वे ट्रक चलाकर होने वाली कमाई से करते थे। आर्थिक तंगी की वजह से परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई। अब्दुल मजीद अपने भरे पूरे परिवार के कारण वे हमेशा चर्चा में रहते थे।75 साल के अब्दुल पाकिस्तान के नौशकी जिले में रहते थे। अब्दुल के बेटे शाह वली के अनुसार बताया उनके पिता मौत से पांच दिन पहले तक ट्रक चलाते रहे। वली ने कहा कि हममें से कई पढ़े-लिखे हैं , लेकिन हमें रोजगार नहीं मिला। इसलिए हम पिता का ठीक से इलाज भी नहीं करा पाए। हमारा घर भी बाढ़ में बर्बाद हो गया था।अब्दुल ने अपनी पूरी जिंदगी ट्रक चलाते हुए ही गुजार दी। वह महीने में सिर्फ 15 से 25 हजार पाकिस्तानी रुपए ही कमा पाते थे। अब्दुल के सबसे बड़े बेटे 37 साल के अब्दुल वली अपने पिता की तरह ट्रक चलाते हैं। अब्दुल 2017 की जनगणना के दौरान सुर्खियों में आए थे। पाकिस्तान में तब जनगणना 19 साल बाद हुई थी। टीम ने पाया कि अब्दुल अपनी 4 पत्नियों और 42 बच्चों के साथ रह रहे हैं। उनकी 2 पत्नियों और 12 बच्चों की मौत हो चुकी थी। अब्दुल की पहली शादी 18 साल की उम्र में हुई थी। उनके 22 बेटे और 20 बेटियां उनके सात कमरों के घर में एक साथ रहते हैं। इनमें ज्यादातर बच्चों की उम्र 15 साल से कम है। उनकी सबसे छोटी बेटी की उम्र सिर्फ 7 साल है। 2017 के एक इंटरव्यू में अब्दुल ने बताया था कि उनके पास पैसे नहीं हैं। इस वजह से उनके बच्चों को दूध नहीं मिल पाता। लिहाजा उनके कई बच्चों की मौत हो चुकी है। शुरुआत में उन्होंने कड़ी मेहनत करके अपने कुछ बच्चों को पढ़ाया-लिखाया लेकिन जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती गई, अब्दुल की काम करने की क्षमता भी कम होती चली गई।अब्दुल की एक पत्नी और एक बच्चे की मौत एक साथ हो गई थी। अब्दुल बताते हैं कि उनकी पत्नी बहुत बीमार थी वह उसका इलाज नहीं करा पाए। फीस के पैसे न होने की वजह से अब्दुल के 10 बच्चे स्कूल नहीं जा पाए।
- केप केनावेरल (अमेरिका) । अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का ओरियन कैप्सूल (यान) रविवार को मैक्सिको के समीप प्रशांत महासागर में उतरा। यह यान गुआडालुपे द्वीप के समीप मैक्सिको के बाजा कैलिफोर्निया के पश्चिम में समुद्र में उतरा। वायुमंडल में प्रवेश के समय उसकी रफ्तार ध्वनि की गति से 32 गुणा अधिक थी। ‘नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन' (नासा) को इसके सफलतापूर्वक उतरने की इसलिए जरूरत थी ताकि वह अपनी ओरियन उड़ान की दिशा में आगे बढ़ सके जो 2024 में होगी। चार अंतरिक्ष यात्री इस उड़ान पर जायेंगे। इससे पहले 50 साल पहले अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर गये थे। ओरियन ने 16 नवंबर को नासा के ‘कैनेडी स्पेस सेंटर' से चंद्रमा के लिए उड़ान भरी थी और धरती पर लौटने से पहले उसने लगभग एक सप्ताह चंद्रमा की कक्षा में बिताया।
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न्यूयॉर्क (अमेरिका) .ट्विटर एक बार फिर अपनी ‘ब्लू चेकमार्क' सेवा शुरू करने की कोशिश कर रहा है। एक महीने पहले उसकी यह कोशिश नाकाम रही थी। सोशल मीडिया कंपनी ने शनिवार को कहा कि वह उपयोगकर्ताओं को सोमवार से ट्विटर ब्लू का सब्सक्रिप्शन खरीदने देगी ताकि वे ब्लू वेरिफाइड अकाउंट और विशेष फीचर हासिल कर सकें। ब्लू चेकमार्क मूलत: ऐसी कंपनियों, हस्तियों, सरकारी संस्थाओं और पत्रकारों को दिया जाता है जो ट्विटर द्वारा सत्यापित होते हैं। एलन मस्क ने अक्टूबर में 44 अरब डॉलर में ट्विटर खरीदने के बाद प्रति माह आठ डॉलर के शुल्क पर किसी को भी ब्लू टिक देने की सेवा शुरू की थी, लेकिन कुछ फर्जी उपयोगकर्ताओं ने भी ब्लू टिक हासिल कर लिया था जिसके कारण टि्वटर ने इस सेवा को निलंबित कर दिया था। अब फिर से शुरू हो रही इस सेवा के लिए वेब उपयोगकर्ताओं को प्रति माह आठ डॉलर तथा आईफोन उपयोगकर्ताओं को प्रति माह 11 डॉलर का शुल्क देना होगा। ट्विटर ने कहा कि सब्सक्राइबर्स को कम विज्ञापन दिखेंगे, वे लंबी वीडियो पोस्ट कर पाएंगे और उनके ट्वीट्स को प्रमुखता से दिखाया जाएगा।
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ब्रसेल्स। यूक्रेन में रूस के युद्ध, हैती में अराजकता और मेक्सिको में आपराधिक समूहों की बढ़ती हिंसा के चलते वर्ष 2022 में रिपोर्टिंग के दौरान जान गंवाने वाले मीडियाकर्मियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। शुक्रवार को जारी एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। ब्रसेल्स स्थित अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संघ (आईएफजे) द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल दुनियाभर में अब तक कम से कम 67 पत्रकार और मीडियाकर्मी मारे जा चुके हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 47 थी। आईएफजे के अनुसार, इस साल दुनियाभर में कम से कम 375 पत्रकारों को उनके काम के चलते गिरफ्तार किया गया है। हांगकांग, चीन, म्यांमा और तुर्किये में सबसे ज्यादा संख्या में पत्रकारों को सलाखों के पीछे धकेला गया है। पिछले साल काम के चलते गिरफ्तार किए जाने वाले पत्रकारों की 365 बताई गई थी। काम के दौरान जान गंवाने वाले मीडियाकर्मियों की संख्या में वृद्धि के मद्देनजर आईएफजे और अन्य मीडिया अधिकार समूहों ने सरकारों से पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता सुनिश्चित करने के लिए अधिक ठोस कदम उठाने का आह्वान किया है। आईएफजे महासचिव एंथोनी बेलंगर ने एक बयान में कहा, ‘‘मीडियाकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफलता केवल उन लोगों को बढ़ावा देगी, जो सूचनाओं का मुक्त प्रवाह रोकने की कोशिश करते हैं और अपने नेताओं को जवाबदेह ठहराने की लोगों की क्षमता को कम करते हैं।'' संगठन के अनुसार, इस वर्ष किसी भी अन्य देश की तुलना में यूक्रेन में युद्ध की रिपोर्टिंग करने वाले मीडियाकर्मियों की मौत के सबसे ज्यादा 12 मामले दर्ज किए गए। मरने वाले मीडियाकर्मियों में अधिकतर यूक्रेनी थे, लेकिन इनमें अमेरिकी वृत्तचित्र फिल्म निर्माता ब्रेंट रेनॉड जैसे अन्य देशों के पत्रकार भी शामिल थे।
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न्यूयॉर्क। भारतीय मूल के निहार मालवीय को न्यूयॉर्क स्थित अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन समूह पेंगुइन रैंडम हाउस का अंतरिम सीईओ बनाया जाएगा। कंपनी के वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्कस डोहले ने पद के हटने की घोषणा की, जिसके बाद मालवीय को अंतरिम सीईओ बनाया गया। मालवीय 2019 से पेंगुइन रैंडम हाउस अमेरिका के अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हैं। वह एक जनवरी 2023 से अंतरिम सीईओ बनेंगे। प्रकाशक की मूल कंपनी बर्टेल्समैन ने एक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी। मालवीय बर्टेल्समैन के सीईओ थॉमस राबे के प्रति जवाबदेह होंगे और बर्टेल्समैन की समूह प्रबंधन समिति (जीएमसी) में शामिल होंगे। इसके साथ ही वह पेंगुइन रैंडम हाउस की वैश्विक कार्यकारी समिति के सदस्य बने रहेंगे। बयान में कहा गया है, ''मालवीय की नियुक्ति के बाद, जीएमसी में आठ विभिन्न राष्ट्रीयता वाले 20 शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।'' बयान के मुताबिक पेंगुइन रैंडम हाउस के अंतरिम सीईओ के रूप में मालवीय ''नए प्रतिस्पर्धी लाभों को हासिल करने के लिए नेतृत्व करेंगे, ताकि कंपनी को भविष्य में वृद्धि के लिए मजबूती मिल सके।'' अध्यक्ष और सीओओ के अपने वर्तमान उत्तरदायित्व में मालवीय अमेरिका में आपूर्ति श्रृंखला से लेकर प्रौद्योगिकी तथा डेटा और ग्राहक सेवाओं तक सभी प्रकाशन कार्यों के लिए जिम्मेदार थे।
- सिंगापुर । सिंगापुर में भारतीय मूल के 30 वर्षीय युवक को अपनी पूर्व प्रेमिका की शादी से पहले उसके मंगेतर के घर के बाहर आग लगाने के जुर्म में छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई है।‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ की शुक्रवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, सुरेनथिरन सुगुमारन को इस साल अक्टूबर में यह जानते हुए आग लगाने के जुर्म में दोषी ठहराया गया था कि इससे संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है।खबर के मुताबिक, सुगुमारन अपनी पूर्व प्रेमिका की शादी के बारे में पता चलने के बाद आग बबूला हो गया था। उसने गुस्से में आकर उस अपार्टमेंट के बाहर आग लगा दी थी, जहां उसकी पूर्व प्रेमिका का मंगेतर रहता था।खबर के अनुसार, सुगुमारन को 11 मार्च को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिये पता चला था कि उसकी पूर्व प्रेमिका अगले दिन मोहम्मद अजली मोहम्मद सालेह नाम के युवक से शादी करने वाली है।खबर के मुताबिक, सुगुमारन ने अजली के फ्लैट के दरवाजे पर ताला लगा दिया और उसे असुविधा पहुंचाने के इरादे से उसके घर के सामने आग लगा दी। डिस्ट्रिक्ट जज यूजीन टो ने शुक्रवार को सुगुमारन को सजा सुनाते हुए कहा, ‘‘ऐसे अपराध फ्लैट में रहने वाले लोगों के लिए बहुत खतरनाक हैं।’’(प्रतीकात्मक फोटो)
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संयुक्त राष्ट्र । संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) ने चीन, रूस तथा भारत सहित कई देशों की आपत्तियों के बावजूद नौ गैर-सरकारी संगठनों को विशेष सलाहकार का दर्जा देने के पक्ष में मतदान किया है। संयुक्त राष्ट्र की छह प्रमुख निकायों में से एक ईसीओएसओसी आर्थिक और सामाजिक मुद्दों से संबंधित निकाय है। ईसीओएसओसी ने नौ समूहों को विशेष सलाहकार का दर्जा देते हुए बुधवार को आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के साथ ‘एपलिकेशन्स ऑफ नॉन-गर्वमेंट ऑर्गनाइजेशन फॉर कंसल्टेटिव स्टेटस' पर अमेरिका के मसौदे पर मतदान किया। इन गैर-सरकारी संगठनों में इंटरनेशनल दलित सॉलिडेरिटी नेटवर्क (आईडीएसएन), अरब यूरोपियन सेंटर ऑफ ह्यूमन राइट्स एंड इंटरनेशनल लॉ, बहरीन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स, कॉप्टिक सॉलिडेरिटी गल्फ सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स, अंतर्क्षेत्रीय गैर-सरकारी मानवाधिकार संगठन मैन एंड लॉ, द एंड्री रिलकोव फाउंडेशन फॉर हेल्थ एंड सोशल जस्टिस, द वर्ल्ड यूनियन ऑफ कोसैक एटामैन्स और वर्ल्ड विदाउट जेनोसाइड शामिल हैं। मतदान में मसौदे के पक्ष में 24 मत पड़े, जबकि इसके खिलाफ 17 वोट आए। वहीं 12 सदस्य मतदान के समय मौजूद नहीं थे। ‘ह्यूमन राइट्स वॉच' (एचआरडब्ल्यू) में संयुक्त राष्ट्र के निदेशक लुई चार्बोनियू ने मंगलवार को एक बयान में कहा था कि आर्थिक एवं सामाजिक परिषद में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को ‘‘नौ मानवाधिकारों और अन्य नागरिक संगठनों को मान्यता देने के लिए मतदान करना चाहिए, जिनके संयुक्त राष्ट्र के आवेदन चीन, रूस और भारत सहित कई देशों द्वारा मान्यता प्रक्रिया में बाधा डालने के कारण अटके हुए हैं।'' चार्बोनियू ने कहा, ‘‘ आईडीएसएन को मान्यता देने में सबसे बड़ी बाधा भारत ने पेश की है, आईडीएसएन दुनिया भर में जातिगत भेदभाव व अन्य प्रकार के भेदभाव को खत्म किए जाने की वकालत करता है।'' चार्बोनियू ने कहा कि इन नौ समूहों को मान्यता देने से संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को संयुक्त राष्ट्र में नागरिक संगठनों के महत्व के बारे में एक ‘‘कड़ा संकेत'' जाएगा।













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