सरस्वती धानेश्वर का प्रथम काव्य संग्रह लम्हों का आईना विमोचित
भिलाई नगर। समाज सेविका और लेखिका सरस्वती धानेश्वर का प्रथम काव्य संग्रह 'लम्हों का आईना' का शनिवार को सांसद विजय बघेल ने अपने निवास पर विमोचन किया। सरस्वती धानेश्वर पिछले एक दशक से अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ जुड़कर शांति एवं मानवता के लिए सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के रूप मेंअपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं, साथ ही वे लेखिका और कवियत्री भी हैं। विदित हो कि सम सामयिक विषयों पर उनके लेख और कविताएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। श्री नर्मदा प्रकाशन, लखनऊ के सौजन्य से प्रकाशित उनके पहले काव्य संग्रह 'लम्हों का आईना' में जीवन के अलग-अलग भावों और विषयों को समेटा गया है।
इनकी कविताएं समाज को सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ उम्मीद की किरण भी दिखाती हैं। इसके अलावा ये कविताएं व्यक्ति, परिवार, समाज व राष्ट्र के लिए एक सही दिशा भी देती हैं। अब तक वे 13 बार सम्मानित हो चुकी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से दुर्गा सम्मान, आदर्श कवि, अतुल्य नारी शक्ति, शक्ति स्वरूपा, नारी सम्मान, बेटी दिवस सम्मान, नारी शक्ति सम्मान तथा तेजस्विनी एवार्ड शामिल हैं। पुस्तक विमोचन के इस अवसर पर रजनी बघेल, आदर्श एकता मंच के अध्यक्ष संतोष किचलू, सुनील सन्नी पसीने, जयश्री पवार, शेखर सिंह पवार, कल्पना सिंह, रविन्द्र कुमार धानेश्वर और अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।




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