धैर्य के साथ पढ़ें प्रश्नपत्र: मनीष गोवर्धन
- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्राचार्य ने परीक्षार्थियों को दिए कई अहम टिप्स
रायपुर। परीक्षा हाॅल में प्रवेश के साथ धैर्य रखना बेहद जरूरी है। प्रश्न पत्र हाथ में आने पर पहले धैर्य के साथ इसे पूरा पढ़ें। फिर सरल प्रश्नों को पहले साल्व करें। परीक्षा हाल में उत्तर पुस्तिका लिखने के सही ढंग और क्रम मूल्यांकनकर्ता को जांच के दौरान सहायक होते हैं। इसलिए प्रश्नों के क्रम के अनुसार ही उत्तर का क्रम होना चाहिए। कोई प्रश्न अगर नहीं बन रहा है, तो उनकी निर्धारित शब्द सीमा के अनुसार स्थान छोड़ दें और बाद में उसका उत्तर लिखें।
उक्त बातें महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य और माध्यमिक शिक्षा मंडल की विषय समिति के संयोजक मनीष गोवर्धन ने अपने 32 वर्षों के अनुभव के आधार पर कहीं। उन्होंने कहा कि परीक्षा हाॅल में प्रश्न पत्र मिलने पर पहले 10 मिनट पेपर अच्छे से पढ़ें, ताकि आप यह मार्क कर सकें कि आपको कौन-कौन से प्रश्नों को उत्तर बहुत अधिक अच्छे से याद हैं। प्रश्न पत्र हल करने का क्रम प्रारंभ से अंतिम यानी जिस क्रम में प्रश्न दिया उसी क्रम में उत्तर लिखना चाहिए। क्योंकि मूल्यांकन कर्ता को उत्तर पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर अंक प्रविष्ठ करना होता है, अतः क्रम बदलने नहीं चाहिए।
प्राचार्य ने आगे कहा कि पहले चरण में आसानी से बनने वाले या यूं कहें कि उन प्रश्नों को हल कीजिए, जो आपको बहुत अच्छे से याद है। प्रथम चरण के बाद बच्चों में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है, उसके बाद उन प्रश्नों के हल करना प्रारंभ कीजिए, जो आपका याद है। लेकिन समय का विशेष ध्यान रखें। दोनों चरणों के बाद बचे समय में उन प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें, जिसके लिए आपने स्थान छोड़ा है।
मनीष ने आगे कहा कि उत्तर क्रमांक और आवंटित अंक का उल्लेख सभी प्रश्नों पर शीर्षक के रूप में अंकित करना चाहिए, ताकि मूल्यांकनकर्ता को नंबर देने में आसानी हो। वहीं हर प्रश्न को हल करने के बाद दो लाइन छोड़कर ही अगला प्रश्न लिखे। पृष्ठ के अंतिम लाइन या काफी नीचे से नये प्रश्न का उत्तर लिखना बिल्कुल भी शुरू न करें। पूरा प्रश्न पत्र हल करने के बाद एक बार उसका निरीक्षण अवश्य करें, तभी पेपर जमा करें।









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