सपने बड़े देखो लेकिन उसे पाने के लिए कर्म भी करोः काले
- 'माय भारत- युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम' में पहुंचे गुजरात के युवाओं को महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष ने किया संबोधित
रायपुर। कुछ मोटीवेशन स्पीकर कहते हैं कि सपने बड़े देखो। मैं कहता हूं कि सपने बड़े देखो लेकिन उसे पाने के लिए वैसा बड़ा कर्म भी करो। अपने सपनों को पाने के लिए मेहनत करो, तभी सफलता मिलेगी। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने नेहरू युवा केंद्र के माय भारत के युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में गुजरात से आए युवाओं से कहीं।
काले ने कहा कि रायपुर में आपने अभी जो पांच दिन गुजारे हैं, वो समय आपके जीवन में दोबारा नहीं आ सकते। यहां जो आपने सीखा, जो जाना उसे अपने जीवन में आत्मसात करना जरूरी है। उन्होंने प्रसिद्ध फुटबाल खिलाड़ी जेम की कहानी बताते हुए कहा कि जेम ने जब अपने जीवन की पहली स्पर्धा खेली और पांच लाख डालर जीतकर स्टेडियम से बाहर आए, तो एक भिखारी ने उनसे अपनी मां के बीमार होने का हवाला दिया और पैसे मांगे। इस पर जेम ने पूरे पांच लाख डालर उसे दे दिए। फिर पूरे उत्साह के साथ दूसरी स्पर्धा भी खेली और जीती भी। इसमें उन्होंने 10 लाख डालर जीते। इस पर उनके दोस्तों ने उनसे पूछा कि तुमने पहले मैच में मिले पांच लाख डालर का क्या किया, तो जेम ने अपने दोस्तों को सारी बात बताई। जेम की बात सुन दोस्तों ने कहा वह बहुत बड़ा फ्राॅड है। उसकी मां बीमार नहीं है। दोस्तों की बात सुन जेम ने कहा कि शुक्र है कि उसकी मां बीमार नहीं है। उसकी जगह कोई दूसरा होता तो उसे गाली देता। उसके मन में नकारात्मक भाव आते।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए माय भारत कार्यक्रम के डिप्टी डायरेक्टर अर्पित तिवारी ने 25 फरवरी से 28 फरवरी से तक युवाओं के पूरे कार्यक्रम और भ्रमण का ब्यौरा रखा। उन्होंने बताया कि माय भारत युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत गुजरात के आणंद, महिसागर, नडियाल, दहोद और गोधरा जिले से युवा आए हैं। वहीं कार्यक्रम में पहुंचीं दुर्गा कालेज की प्रोफेसर सुनीता चंसोरिया ने बच्चों से उनके छत्तीसगढ़ के अनुभव पर चर्चा की। कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर भी मंचस्थ थे।







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