महाराष्ट्र मंडल के कर्मियों ने सीखा कैसे बुझाए आग
0- फायर मॉक ड्रिल के साथ ट्रेनिंग में अध्यक्ष, मुख्य समन्वयक व सचेतक भी रहे साथ
रायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के मुख्य सामाजिक भवन में लगातार विविध गतिविधियां और आयोजन होते रहते हैं और यहां आमजनों सहित सभासदों की अच्छी खासी भीड़ रहती है। इन परिस्थितियों में भवन में आग लगने जैसी दुर्घटना हुई, तो उससे कैसे निपटा जाए, यही दिखाने, बताने व समझाने के लिए मंडल भवन में फायर मॉक ड्रिल के साथ फायर फाइटिंग ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। इसमें मंडल के उच्च पदाधिकारियों सहित तमाम कर्मचारियों- अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान सभी ने तय नियमों के अनुसार आग बुझाने का प्रशिक्षण भी लिया।
महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि मंडल भवन की सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता करने के लिए स्थानीय फायर फाइटर्स ने अग्निशमन का प्रदर्शन किया। साथ ही अग्निशमन यंत्र के उपयोग के बारे में प्रयोगात्मक जानकारी दी। सबसे पहले भवन में आग ही न लगे, इसके बारे में बुनियादी सावधानियां बरतने कहा गया। फायर फायटर्स ने गैस सिलेंडर में आग लगने, खुले मैदान में आग लगने पर आग बुझाने और आग लगने पर बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में बताया गया।
अग्निशमन टीम के एक्सपर्ट ने बताया कि आग लगने पर लोगों को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि संयम बरतते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास करना चाहिए। कार्यस्थल पर काम खत्म होने के बाद बिजली संबंधित हर उपकरणों को बंद कर देना चाहिए, ताकि शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका लगभग पूरी तरह खत्म हो जाए। सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी ने कहा कि समय-समय पर फायर माकड्रिल करने से मंडल के कर्मचारी आग बुझाने के गुर को अच्छी तरह सीख जाएंगे। आपात स्थिति में निपटने में कर्मचारी खुद ही सक्षम होंगे। इस अवसर पर विशेष रूप से अध्यक्ष अजय मधुकर काले, प्रबंधक बी. नंदिनी नायडू, मेस प्रभारी मंजरी भखाडे़, श्रद्धा जोशी, प्रकाश गुरुव, सनत यदु, किशोर साहू, तेजनारायण साहू सहित अनेक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।









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