रायगढ़ में आंधी, बारिश, ब्लैकआउट के बीच अनिकेत को देखने पहुंचे 500 रंगप्रेमी
-- ‘मैं अनिकेत हूं’ के सफलतम मंचन के बाद मुख्य अतिथि एसएसपी शशि मोहन ने कहा- नाटकों के प्रति लोगों का प्रेम अभी भी जिंदा है
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सुपरहिट हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ ने रायगढ़ में भयंकर आंधी, बारिश और ब्लैक आउट के बीच रायगढ़ के पांच सौ से अधिक रंगप्रेमी दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। हाल ही में रायगढ़ के जिंदल ऑडिटोरियम में मंचित नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ ने दर्शकों के मन में यह सवाल छोड़ दिया कि कोर्ट रूम में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा सामने खडे हुआ जले चेहरे वाला वह व्यक्ति आखिर कौन है? अनिकेत है या शशिकांत जाधव।
नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ के निर्देशक शशि वरवंडकर ने अनिकेत की केंद्रीय भूमिका में जान फूंक दी है। कोर्ट रूम में जज के सामने अनिकेत अपने पहले ही संवाद ‘ये मेरी जिंदगी को बर्बाद करने की यह सुनियोजित और घृणित साजिश है। दो महीने पहले हुई ट्रेन दुर्घटना में बुरी तरह घायल होने के कारण मैं अपने ही लोगों के लिए करीब-करीब लापता था। इस वाक्या का फायदा उठाते हुए, जो लोग मुझे जिंदा नहीं देखना चाहते थे, उन्होंने मेरे अस्तित्व की संभावनाओं को नकारते हुए यह अफवाह फैलाई कि अब मैं इस दुनिया में नहीं रहा। मैं अनिकेत शर्मा, अगर लौट आने पर अपने ही घर में जाता हूं तो इसमें मेरा अपराध क्या है’ से दर्शकों पूरी तरह नाटक से जोड़ लेते हैं। सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी भूमिका में शशि वरवंडकर अपनी अभिनय क्षमता से दर्शकों को पूरे 80 मिनट तक नाटक के हर एक फ्रेम में बांधे रखते हैं।
वकील भारद्वाज के रोल में चेतन दंडवते, अनिकेत की पत्नी मीनाक्षी के रोल में डॉ. अनुराधा दुबे, जज के किरदार में दिलीप लांबे और डॉ. गजानन ब्रह्रमानंद शिरोडकर के रूप में रंजन मोड़क अपने सधे व संतुलित अभिनय से अनिकेत के साथ नाटक में अपनी सामूहिक पकड़ को मजबूत करते हैं। रविंद्र ठेंगड़ी, भारती पलसोदकर, प्रकाश खांडेकर, समीर टल्लू, डॉ. प्रीता लाल, डॉ. अभया जोगलेकर, डॉ. शुचिता देशमुच, श्याम सुंदर खंगन, पंकज सराफ और विनोद राखुंडे अपने पात्रों के साथ न्याय करते हुए नाटक की गति को लगातार बनाए रखते हैं। मंच सज्जा से लेकर प्रकाश व ध्वनि व्यवस्था में अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर, प्रकाश गुरव की मेहनत नाटक में दिखाई देती है।
नाटक शुरू होने से पहले रायगढ़ के एसएसपी शशिमोहन सिंह, विशिष्ट अतिथि और रोटरी स्टील सिटी के अस्टिटेंट गवर्नर विजय अग्रवाल, डिस्ट्रिक 3261 के डीएसजी सुशील रामदास अग्रवाल, जिंदल स्कूल के प्राचार्य आरके त्रिवेदी, जिंदल स्टील के ईवीपी संजीव चौहान ने दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम शुरू किया। कार्यक्रम के पूर्व दर्शकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एसएसपी शशिमोहन सिंह ने कहा कि तेज अंधड़ और बारिश के चलते पूरे शहर की लाइट गुल है। उसके बाद भी आडिटोरियम में लोगों की इतनी अधिक उपस्थिति यह बता रही है कि रायगढ़ में रंगमंच और नाटकों के प्रति लोगों का प्रेम अभी भी जिंदा है। तमाम विशिष्ट अतिथियों ने भी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ की जमकर प्रशंसा करते हुए इसे अभूतपूर्व और अकल्पनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह नाटक स्थानीय नाट्य प्रतिभाओं को भी प्रेरित कर रंगमंच की ओर लौटने में सहायक होगा।












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