कलेक्टर ने ली बालोद विकासखण्ड के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक
0- आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कराने हेतु पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने के दिए निर्देश
0- बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी का किया जाएगा सम्मान
बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बालोद विकासखंड के स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं की मैपिंग कर आम नागरिकों को बेहतर से बेहतर लाभ मुहैया कराने पर जोर दिया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके सहित स्वास्थ्य के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद विकासखंड अंतर्गत संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, प्राथमिक, सामुदायिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संस्थागत प्रसव के अलावा टीकाकरण अभियान, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, और कुष्ठ रोग नियंत्रण के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। श्रीमती ने स्वास्थ्य केेन्द्रवार संस्थागत प्रसव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी सभी बालिकाओं का सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु शत-प्रतिशत टीकाकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिसके अंतर्गत शिक्षक-पालक समिति की बैठकों में स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए पालकों को जागरूक करने को कहा गया।
साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों एवं आम नागरिकों के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर, मानसिक स्वास्थ्य और अन्य बीमारियों की नियमित स्क्रीनिंग व जांच की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि बिना किसी ठोस और वाजिब चिकित्सीय कारण के मरीजों को अन्य बड़े अस्पतालों के लिए बिल्कुल भी रेफर न किया जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा से जुड़े कर्मचारी सीधे तौर पर आम जनजीवन से जुड़ा होने के कारण अत्यंत सम्मानीय एवं आदर्श है, इसलिए हर एक मरीज को बेहतर से बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक समीक्षा बैठक के अलावा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने बालोद जिले को टीबी मुक्त बनाने हेतु टीबी की दृष्टि से प्रत्येक संदेहास्पद व्यक्तियों का नियमित रूप से सैम्पल जांच करने के अलावा अन्य जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।


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