ब्रेकिंग न्यूज़

 तिल और लौंग के तेल के हैं जादुई फायदे .. ऐसे करें इस्तेमाल ... होंगी कई बीमारियां दूर....
 तिल और लौंग के तेल का इस्तेमाल लोग कई कारणों से करते हैं। इस मिश्रण का इस्तेमाल मालिश करने, जोड़ों के दर्द और मुंह की सफाई आदि के लिए भी किया जाता है। तिल का तेल तिल के बीजों की मदद से बनाया जाता है। तिल एक बहुत ही बेहतरीन सामग्री है, जिसका इस्तेमाल खाने में एवं त्वचा से सम्बंधित कई कारणों के लिए किया जाता है।
 वहीं, लौंग को एक जबरदस्त औषधि के रूप में जाना जाता है। लौंग को रसोई के अलावा सौंदर्य उत्पादों के तौर पर करते हैं और कई बीमारियों में लौंग के तेल का इस्तेमाल भी कई काम में करते हैं। आइए जानते हैं इन्हें इस्तेमाल करने के फायदे।
 कान के दर्द को दूर करे
 कान का दर्द कई कारणों से हो सकता है।  सिरदर्द या जुकाम जैसी  बीमारी होने पर कान का दर्द होता है। ऐसे में   लौंग के तेल का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। इसके लिए 2 चम्मच तिल का तेल और 3-4 बूंद लौंग के तेल की मिलाएं और इसे थोड़ा गर्म करें। इस मिश्रण को धीरे-धीरे कान में लगाएं और थोड़ी देर के लिए रहने दें। इससे  तुरंत आराम मिलेगा।
 झाइयां दूर करें
तिल के तेल को लौंग के तेल में मिलाकर इस्तेमाल करने से चेहरे और त्वचा की झाइयां दूर हो जाती हैं।  इसके लिए थोड़ा सा तिल का तेल लें। इसमें  कुछ बूंदें नींबू की डालें। अब  इससे निर्धारित जगह की मालिश करें। इससे खऱाब कोशिकाएं साफ़ होंगी और  त्वचा चमकदार बनेगी।
 लौंग बालों के झडऩे को रोके
यदि आप बाल झडऩे के उपाय ढूंढ रहे हैं, तो आपको लौंग के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। लौंग का तेल बालों को मजबूत बनाता है और बालों का झडऩा रोकता है। लौंग का तेल बालों के गंजेपन की समस्या से भी राहत दिलाता है। इसे उन जगहों पर लगाएं जहां आपके बाल गिर रहे हैं। लौंग का तेल खोपड़ी में मौजूद रक्त के प्रवाह को तेज करता है, जिससे बाल मजबूत बनते हैं।
 दांतों के लिए
 दांत के दर्द में  तिल का तेल इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।  ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप दांत का इलाज कराते हैं, तब दर्द से बचने में तिल का तेल मददगार साबित होता है। दांतों के दर्द के लिए लौंग का इस्तेमाल भी किया जाता है। आप सीधे लौंग को चबा सकते हैं, या शहद के साथ इसका सेवन कर सकते हैं। तिल के तेल और लौंग में ऐसे प्राकृतिक गुण होते हैं, जो दर्द को भीतर से दूर करते हैं। दांतों में किसी भी प्रकार की समस्या के लिए तिल के तेल को मुंह में डालें और इससे कुछ देर के लिए कुल्ला करें।
 तिल का तेल और लौंग संक्रमण दूर करे
लौंग का इस्तेमाल काफी समय से संक्रमण और कीटाणुओं को दूर करने में किया जाता है। इसका इस्तेमाल कटे पर, छीलने पर, कीड़ा काटने पर और सूजन आदि पर किया जाता है। यदि आप किसी प्रकार के संक्रमण से पीडि़त हैं, तो तिल के तेल को लौंग के साथ लें।  लौंग के तेल को तिल के साथ मिला कर प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं।
 ध्यान रखें: यदि आपकी त्वचा सेंसिटिव है, तो आप लौंग के तेल का इस्तेमाल ना करें। इससे त्वचा में लाल निशान पड़ सकते हैं और सूजन आ सकती है।
 

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).