इन जगहों पर परिवार संग मनाएं दिवाली, मिलेगी रोशनी और खुशियों की सौगात
भारत में दिवाली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भावनाओं और रिश्तों को जोड़ने का अवसर है। रोशनी, मिठास और पारिवारिक मेलजोल से सजी यह रात हर किसी के जीवन में खुशी भर देती है। अगर आप इस दिवाली परिवार के साथ यात्रा करने का सोच रहे हैं, तो देश के कुछ शहर ऐसे हैं जो दिवाली के उत्सव को दोगुना कर देते हैं। चाहे बनारस की गंगा आरती हो, जयपुर की जगमगाती हवेलियां, अमृतसर का स्वर्ण मंदिर या अयोध्या की दीपोत्सव की भव्यता हर जगह दिवाली का जादू अलग और अविस्मरणीय होता है। इन खास जगहों पर दिवाली मनाना जीवन का यादगार अनुभव बन सकता है।
अयोध्या
अयोध्या में दिवाली का महत्व सबसे खास है क्योंकि यह भगवान राम की जन्मभूमि है। हर साल यहां लाखों दीपों से राम की पैड़ी और सरयू तट जगमगा उठते हैं। दीपोत्सव का यह नजारा विश्वभर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। रंग-बिरंगी झांकियां, रामलीला और आतिशबाजी इस दिवाली को अविस्मरणीय बना देती हैं। परिवार संग यहां जाना आध्यात्मिकता और उत्सव का अनोखा अनुभव देता है।
वाराणसी
वाराणसी की दिवाली जगमगाती गलियों और घाटों के कारण बेहद प्रसिद्ध है। खासकर देव दीपावली के समय गंगा तट लाखों दीयों से चमक उठते हैं। गंगा आरती का दिव्य दृश्य, आतिशबाजी और घाटों पर सजावट मन को भाव-विभोर कर देती है। यहां दिवाली पर रहना परिवार के साथ जीवनभर की यादें संजोने जैसा है। दीपावली के बाद यहां देव दीपावली का भव्य आयोजन भी होता है।
जयपुर
जयपुर की दिवाली अपने शाही अंदाज और रोशनी के लिए मशहूर है। चौड़ी सड़कों, हवेलियों और बाजारों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। जोहरी बाजार और हवा महल के आस-पास की जगमगाहट देखने लायक होती है। यहां खरीदारी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक मिठाइयां दिवाली को यादगार बना देती हैं।
अमृतसर
अमृतसर का स्वर्ण मंदिर दिवाली पर दीपों और रोशनी से ऐसा जगमगाता है मानो स्वर्ग धरती पर उतर आया हो। इस दिन गुरुनानक जयंती भी पास-पास होती है, जिससे पूरे शहर में अद्भुत उमंग रहती है। मंदिर के सरोवर में जलते दीयों का प्रतिबिंब मन को शांति और सुकून देता है। परिवार संग यहां दिवाली मनाना आध्यात्मिक और भावनात्मक अनुभव होता है।



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