महाविद्यालयों में भगवद् गीता पढ़ाने की योजना
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार महाविद्यालयों में भगवद् गीता पढ़ाने की योजना बना रही है। चौहान ने कहा कि "योग और ध्यान में तनाव का सामना करने की सामर्थ्य विकसित करने की क्षमता विद्यमान है। हम भगवद् गीता पढ़ाने की योजना बना रहे हैं। ‘श्रीमद् भगवद गीता का सामाजिक संदर्भ' (स्नातक पाठ्यक्रम में) द्वितीय वर्ष में पढ़ाया जाएगा।'' उन्होंने कहा कि ‘‘गीता अद्भुत ग्रंथ है। मैंने बचपन से गीता पढ़ी है। गीता कहती है कि कर्म करो, परिणाम की चिंता मत करो। इसको निष्काम कर्मयोग कहते है।'' चौहान ने कहा, ‘‘यह कर्म करने और फल की चिंता नहीं करने का संदेश देती है। इस ज्ञान को आत्मसात कर निरंतर प्रयास करने से जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।" मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में विद्यार्थियों के साथ युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।


.jpg)






.jpg)
Leave A Comment