सरकार मोतियाबिंद सर्जरी के 1.02 करोड़ लंबित मामलों के लिए अभियान चलाएगी
नयी दिल्ली.केंद्र सरकार देश में कोविड महामारी के कारण पिछले दो वर्षों के दौरान मोतियाबिंद सर्जरी के लंबित 1.02 करोड़ मामलों के मद्देनजर एक जून से विशेष अभियान चलाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इन लंबित मामलों के हल का है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आधार पर एक अनुमान के अनुसार, मोतियाबिंद के कारण अंधेपन की सर्जरी के 49 लाख मामले लंबित हैं जबकि मोतियाबिंद के कारण दृष्टि के गंभीर रूप से प्रभावित होने के 53.63 लाख मामले लंबित है। आधिकारिक सूत्र ने कहा, "देश में कोविड महामारी की स्थिति के कारण लंबित मामलों की संख्या बढ़ गयी। अगले तीन वित्त वर्षों में उपरोक्त श्रेणियों के रोगियों की कुल संख्या 2.05 करोड़ होगी।" मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2022-23 में देश भर में होने वाली मोतियाबिंद सर्जरी की संख्या को बढ़ाकर 75 लाख, 2023-24 में 90 लाख और 2024-25 में 1.05 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यक्रम के तहत राज्यों को धन मुहैया कराया जाएगा। वित्त वर्ष 2017-18 में मोतियाबिंद के 64 लाख ऑपरेशन किए गए जबकि 2018-19 में 66 लाख और 2019-20 में 64 लाख ऑपरेशन किए गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कोविड अवधि में 2020-21 के दौरान देश भर में मोतियाबिंद की 36 लाख सर्जरी की गईं जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में 57 लाख ऐसी सर्जरी की गईं।









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