संयुक्त अरब अमीरात भारत में एकीकृत फूड पार्क विकसित करने के लिए दो अरब डॉलर निवेश करेगा, अमरीका और इस्राइल प्रौद्योगिकी प्रदान करेंगे
नई दिल्ली। भारत, अमरीका, इस्राइल और संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि आई 2 यू 2 सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा संकट और स्वच्छ ऊर्जा पर ध्यान केंदित किया गया। एक संयुक्त बयान में आई 2 यू 2 नेताओं ने कहा कि उन्होंने अनाज उत्पादन और खाद्य वितरण प्रणालियों में अधिक विविधता लाने के लिए दीर्घावधि के उपाय सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया। इसका लक्ष्य वैश्विक खाद्य संकट से बेहतर ढंग से निपटना है।
संयुक्त अरब अमीरात ने घोषणा की कि वह भारत में एकीकृत फूड पार्को की श्रृंखला विकसित करने के लिए दो अरब डॉलर निवेश करेगा। इन पार्को में अत्याधुनिक और जलवायु की दृष्टि से स्मार्ट प्रौद्योगिकी इस्तेमाल की जाएगी ताकि खाद्य पदार्थों की बर्बादी और उन्हें खराब होने से बचाने में मदद की जा सके। भारत इस परियोजना के लिए समुचित भूमि प्रदान करेगा और किसानों को फूड पार्को से जोड़ने में सहायता करेगा। इस परियोजना में विशेषज्ञता और नवाचार समाधान के लिए अमरीका और इस्राइल को आमंत्रित किया जाएगा। इस दिशा में निवेश से फसल पैदावार अधिकतम बढ़ाने और दक्षिण एशिया तथा मध्य पूर्व में खाद्य असुरक्षा से निपटने में मदद मिलेगी। इससे पहले आई 2 यू 2 सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस समूह के फ्रेमवर्क के अंतर्गत भारत-इस्राइल-संयुक्त अरब अमीरात और अमरीका जल, ऊर्जा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के उपाय कर रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि आई-टू यू-टू ने पहले शिखर सम्मेलन से ही सकारात्मक रूपरेखा तय कर दी है और यह समूह मिलकर मानवता की भलाई के लिए कार्य कर सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आई-टू यू-टू देश खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर कार्य करेंगे और विश्व में विकास कार्यों को बढ़ावा देंगे। श्री मोदी ने कहा कि कई क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की पहचान कर ली गई है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा भी तैयार की गई है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में यह मिलकर काम करने का बढ़िया मॉडल है। श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि आई-टू यू-टू ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक वृद्धि की दिशा में उल्लेखनीय योगदान करेगा।
नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने समूह के अन्य नेताओं के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने पर विशेष रूप से चर्चा की। श्री क्वात्रा ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का सकारात्मक, रचनात्मक और स्पष्ट एजेंडा था, जिसमें विशेष संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर चर्चा शामिल थी।


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