भारत नवाचार सूचकांक का तीसरा संस्करण जारी, कर्नाटक, मणिपुर और चंडीगढ़ अपने अपने वर्ग में शीर्ष स्थान पर
नई दिल्ली। नीति आयोग के तीसरे नवाचार सूचकांक में कर्नाटक, मणिपुर और चंडीगढ़ अपने-अपने वर्ग में शीर्ष स्थान पर रहे हैं। आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने आज आयोग के सदस्य डॉ वी के सारस्वत और मुख्य कार्यकारी अधिकारी परमेश्वरन अय्यर की उपस्थिति में सूचकांक जारी किया। यह सूचकांक नवाचार क्षमताओं और पारिस्थितिक तंत्र की जांच करने के साथ ही नवाचार को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नवाचार के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए रैंक जारी किये जाते हैं जिससे उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनता है।
प्रमुख राज्यों की श्रेणी में कर्नाटक ने शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र और पहाडी राज्यों की श्रेणी में मणिपुर सबसे आगे है और केन्द्रशासित प्रदेशों और शहरों की श्रेणी में चंडीगढ़ शीर्ष स्थान पर रहा है।
इस अवसर पर श्री बेरी ने देश में एक नवाचार संस्कृति बनाने की वकालत करते हुए कहा कि विभिन्न हितधारकों का बड़ा निवेश प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बढ़ते जीवन स्तर उत्पादकता पर निर्भर करते हैं और इसे केवल नवाचार के साथ बढ़ाया जा सकता है, क्योंकि नवाचार संस्कृति राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के विकास में मदद करती है। श्री बेरी ने कहा कि कई देशों के सामने विभिन्न पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए नवाचार महत्वपूर्ण हैं। इस मौके पर आयोग के सदस्य डॉ सारस्वत ने कहा कि नवाचार सतत और समावेशी विकास की कुंजी है और यह लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाल सकता है। यह आजीविका के अवसर पैदा कर एक आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।


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