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डब्ल्यूएचओ की सीमा से ओजोन का स्तर बढ़ने से हृदय रोगों का खतरा: अध्ययन

नयी दिल्ली। एक नए अध्ययन के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सीमा से ओजोन का स्तर अधिक होने से हृदयाघात और आघात (स्ट्रोक) से पीड़ित मरीजों की अस्पतालों में भर्ती होने की संख्या बढ़ी है। इस बारे में पहला प्रमाण ‘यूरोपियन हार्ट जर्नल' में प्रकाशित हुआ है।

अध्ययन में कहा गया है कि डब्ल्यूएचओ के अधिकतम स्तर से कम ओजोन का स्तर भी खराब स्वास्थ्य से जुड़ा है। चीन के शीआन जियाओतोंग विश्वविद्यालय के अध्ययन लेखक प्रोफेसर शाओवेई वू कहा, ‘‘इस तीन वर्षीय अध्ययन के दौरान, हृदय रोगियों की अस्पतालों में बढ़ती संख्या के लिए ओजोन जिम्मेदार कारक है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे नतीजों से संकेत मिलता है कि बुजुर्ग लोग विशेष रूप से ओजोन के प्रतिकूल हृदय संबंधी प्रभावों के प्रति संवेदनशील होते हैं, जिसका मतलब है कि जलवायु परिवर्तन के साथ ओजोन प्रदूषण और वैश्विक आबादी की तेजी से उम्र बढ़ने से भविष्य में हृदय रोग के और भी अधिक जोखिम पैदा हो सकते हैं।''

ओजोन एक गैस है और मुख्य वायु प्रदूषक है। ओजोन प्रदूषण ओजोन परत से भिन्न है, जो सूर्य के पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करती है। ओजोन प्रदूषण तब बनता है जब अन्य प्रदूषक सूर्य के प्रकाश में प्रतिक्रिया करते हैं। ये अन्य प्रदूषक वाष्पशील कार्बनिक यौगिक और नाइट्रोजन ऑक्साइड हैं जो मोटर वाहनों, बिजली संयंत्रों, औद्योगिक बॉयलरों, रिफाइनरियों, रासायनिक संयंत्रों और बायोमास और जीवाश्म ईंधन जलाने से उत्सर्जित होते हैं।

पिछले अध्ययनों से पता चला है कि ओजोन प्रदूषण हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन हृदय रोगों के खतरे पर इसके प्रभाव के बारे में सीमित और अनिर्णायक सबूत हैं। अध्ययन में कहा गया है कि परिवेशी ओजोन प्रदूषण और हृदय रोग के लिए अस्पताल में भर्ती होने के जुड़े होने के बारे में जांच की गई। चीन के 70 शहरों में 2015 से 2017 के दौरान हृदय रोग से पीड़ित प्रतिदिन अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों के आंकड़े दो मुख्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा तंत्र से एकत्र किए गए थे।

अध्ययन अवधि के दौरान, 70 शहरों में हृदय रोग के लिए 64,44,441 लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे और औसत दैनिक आठ घंटे की अधिकतम ओजोन सांद्रता 79.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर (यूजी/एम3) थी। अध्ययन के अनुसार हृदय संबंधी बीमारियों के लिए अस्पताल में भर्ती होने का संबंध ओजोन से जुड़ा था।

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