चौहान ने छह करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने के लिए 'जोर शोर' से काम करने का निर्देश दिया
नयी दिल्ली. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को अधिकारियों को ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत छह करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने के संशोधित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए "जोर शोर" से काम करने का निर्देश दिया। चौहान ने उन्हें 10 करोड़ महिलाओं को वित्तीय समावेशन पहल से जोड़ने के लिए समयबद्ध योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए चौहान ने मिशन की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन विस्तारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक केंद्रित रणनीति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए महिलाओं के बीच बैंक संपर्क, ऋण तक पहुंच, बीमा कवरेज और वित्तीय साक्षरता का विस्तार करना आवश्यक होगा। उन्होंने जोर दिया कि स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों की आजीविका को मजबूत करने और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय समावेशन महत्वपूर्ण है। मंत्री ने कहा, ''छह करोड़ लखपति दीदी बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय की विभिन्न वित्तीय समावेशन पहल से कम से कम 10 करोड़ महिलाओं को जोड़ना होगा।" उन्होंने अधिकारियों को इन लक्ष्यों की कामयाबी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों के साथ करीबी समन्वय में काम करने का निर्देश दिया। चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कोष का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में प्रदर्शन या व्यय अपेक्षा से कम है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, सहायता और प्रोत्साहन प्रदान किया जाना चाहिए। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस मिशन के तहत अब तक लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की बैंक-संबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, करीब पांच करोड़ लोगों को वित्तीय साक्षरता पहल से जोड़ा गया है और लगभग सात करोड़ लाभार्थियों को बीमा कवरेज प्रदान किया गया है।









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