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 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स को 350 से ज्यादा नोटिस जारी; 3,000 से ज्यादा छापेमारी, कई सिलेंडर जब्त: सरकार

नई दिल्ली। सरकार ने गैस की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए सख्ती बढ़ा दी है और देश भर में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 350 से अधिक शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं। सरकार ने शुक्रवार को बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगातार कार्रवाई जारी है, जिसके तहत 3,000 से ज्यादा छापेमारी की गई है और 1,500 से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं।सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने भी देश भर में 1,500 से अधिक रिटेल आउटलेट्स और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर अचानक निरीक्षण (सरप्राइज इंस्पेक्शन) किए हैं। यह जानकारी पश्चिम एशिया के हालात पर हुई अंतर-मंत्रालयी बैठक के बाद जारी बयान में दी गई।
सरकार ने कहा कि वह घरेलू एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है, साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाया गया है, बुकिंग के अंतराल में बदलाव किया गया है और सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर बांटा जा रहा है।
बयान में कहा गया है कि राज्यों को घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में मदद करने की सलाह दी गई है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें, अफवाहों से बचें।
सरकार ने लोगों को पीएनजी, इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है और रोजमर्रा के जीवन में ऊर्जा की बचत करने की अपील की है। सरकार ने यह भी कहा कि सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में कोई कमी नहीं है।
घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले दिन में, मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई थी, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपए प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर 29.5 रुपए प्रति लीटर का शुल्क भी लगाया है, ताकि घरेलू स्तर पर पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। इसके अलावा घरेलू रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्यात किए जाने वाले पेट्रोल का 50 प्रतिशत और डीजल का 30 प्रतिशत घरेलू बाजार में उपलब्ध कराएं, ताकि देश में ईंधन की कमी न हो।
 

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