गैर-संचारी रोगों से लड़ना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता: नड्डा
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि देश में गैर-संचारी रोग (Non-Communicable Diseases – NCDs) से निपटना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है, क्योंकि ये कुल मौतों का लगभग 60 प्रतिशत कारण बन रहे हैं।
18वें सिविल सेवा दिवस के दौरान आयोजित एक सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार ने NCDs से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई है, जिसमें रोकथाम (preventive), उपचार (curative), जागरूकता (promotive) और पुनर्वास (rehabilitative) जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि 2017 में लाई गई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को समग्र रूप से मजबूत करने पर जोर दिया गया। साथ ही, संक्रामक रोगों में देश ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन NCDs के मामलों में लंबे समय तक परिणाम आने और जागरूकता की कमी के कारण अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
सरकार के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, शुरुआती जांच (early detection), बीमारी प्रबंधन और समय पर रेफरल पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले छह वर्षों में 1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं, जो देश की बड़ी आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का पहला संपर्क बिंदु बन चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि स्क्रीनिंग अभियान के तहत बड़े स्तर पर जांच की जा रही है:
41.5 करोड़ लोगों की हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) के लिए जांच, जिनमें 7.1 करोड़ मरीज पाए गए
41.3 करोड़ लोगों की डायबिटीज के लिए स्क्रीनिंग, जिनमें 4.7 करोड़ मरीज मिले
35.3 करोड़ लोगों की ओरल कैंसर के लिए जांच, जिनमें 2.3 लाख मामलों की पहचान हुई
16.5 करोड़ से अधिक महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग
इसके अलावा, देश में 107 जिला स्तर के NCD क्लीनिक और 233 कार्डियक केयर यूनिट्स स्थापित किए गए हैं। सरकार ने हर जिले में डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने की भी घोषणा की है।
नड्डा ने जोर देकर कहा कि शुरुआती पहचान और समय पर इलाज से ही इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और भारत को स्वस्थ बनाया जा सकता है।
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